युवती की मौत पर बवाल, परिजनों ने किया चक्काजाम:सड़क पर बैठी महिलाएं बोलीं-खून के बदले खून चाहिए, कार्रवाई के आश्वासन पर खोला जाम

सागर के जरुआखेड़ा-बांदरी रोड पर सड़क दुर्घटना में हुई युवती की मौत के मामले में शनिवार को परिजन ने चक्काजाम कर दिया। महिला और पुरुष सड़क पर बैठ गए। वे वर्ग विशेष के युवक पर आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। साथ ही पीड़ित परिवार को सहायता राशि दिलाने की मांग की। चक्काजाम की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश देकर लोगों को शांत कराया। दरअसल, शुक्रवार शाम जरुआखेड़ा-बांदरी रोड पर मूड़रा के पास तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग से टकरा गई। दुर्घटना में बाइक सवार युवती की मौत हो गई। वहीं बाइक चला रहे युवक को कोई भी गंभीर चोट नहीं आई। मामला सामने आते ही परिजन ने जिला अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया। उन्होंने युवक पर मृतका को ब्लैकमेल कर परेशान करने का आरोप लगाया है। परिजन ने बताया कि युवती की 21 अप्रैल को शादी होने वाली थी। परिवार के सदस्य रिश्तेदारों में कार्ड बांट रहे थे। इसी बीच यह घटना हो गई। परिवार का आरोप है कि साजिश के तरह बेटी को मारा गया है। मामले में शनिवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजन को सौंप दिया। 50 लाख परिवार को सहायता राशि दिलाने की मांग परिजन शव लेकर जरुआखेड़ा पहुंचे और सागर-खुरई रोड पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। महिला और पुरुष बड़ी संख्या में सड़क पर बैठ गए। चक्काजाम में बैठी महिलाओं ने कहा कि हमें खून के बदले खून चाहिए। घटना हुई तो परिवार के आने से पहले मृतका को क्यों उठाया गया। चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। समझाइश देकर लोगों को शांत कराया। लेकिन वे मामले में युवक पर कार्रवाई करने की बात पर अड़े रहे। परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए इसी बीच चक्काजाम कर रहे लोगों ने प्रशासन के सामने मांगें रखी। उन्होंने मृतका के परिवार में एक सदस्य को सरकारी नौकरी, चार एकड़ जमीन और 50 लाख रुपए की सहयोग राशि, बंदूक का लाइसेंस, आरोपी का मकान गिराने और पीड़ित परिवार को पक्का आवास दिलाने की मांग की। साथ ही घटना की निष्पक्ष जांच कार्रवाई की बात कही। पुलिस ने मामले के सभी बिंदुओं पर जांच कर सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद परिजन माने और चक्काजाम खोला गया। इस दौरान करीब ढाई घंटे सागर-खुरई मार्ग पर यातायात बाधित रहा।
भोपाल में चलती कार से महिला को फेंका:सीने में चुभे थे स्टेप्लर पिन, खून से लथपथ मिली; अस्पताल में 22 घंटे से बेहोश

मध्य प्रदेश के भोपाल में लहारपुर ब्रिज के पास अज्ञात कार सवारों ने 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला को चलती कार से बाहर फेंक दिया। सीने में स्टेप्लर की पिन चुभी हुई थीं। खून से लथपथ थी। तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 22 घंटे से बेहोश है। मामला बाग सेवनिया थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब ढाई बजे एक तेज रफ्तार कार लहारपुर ब्रिज के पास नाले के किनारे पहुंची। कार की रफ्तार धीमी करते ही आरोपियों ने बुजुर्ग महिला को बाहर फेंक दिया। कार को तेजी से लेकर फरार हो गए। चश्मदीद महिला ने देखी पूरी घटना इस पूरी घटना को एक स्थानीय महिला ने देखा। उसने तुरंत आसपास के लोगों को जानकारी दी। इसके बाद मोहल्ले के लोगों ने एक स्वयंसेवी संस्था ‘चित्रांश ह्यूमन वेलफेयर’ को सूचना दी, ताकि घायल महिला की मदद की जा सके। बेहोशी में सिर्फ ‘सलकनपुर’ बोल पा रही महिला महिला बेहोशी की हालत में है और अपना नाम नहीं बता पा रही है। वह केवल “सलकनपुर” शब्द ही बोल पा रही है। उसके हाथ पर नाम गुदा हुआ मिला है। हालांकि, वह कहां की रहने वाली है और उसकी पहचान क्या है। यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है। संस्था और पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाई गई सूचना मिलते ही संस्था के मोहन सोनी और पारस मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस की मदद से घायल महिला को तत्काल हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। रास्तों पर लगे CCTV कैमरे खंगाल रहे पुलिस पुलिस का कहना है कि महिला के बयान सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपियों का पता लगाया जा सके। फिलहाल कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिला के होश में आने और बयान दर्ज होने के बाद ही इस पूरी घटना की सच्चाई सामने आ सकेगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच में जुटी हुई है। इस मामले में अभी तक पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। ………………………………. यह खबर भी पढ़ें सागर में कार में पत्नी को जलाने के बाद साथियों के साथ देखता रहा डॉक्टर पति सागर में एक डॉक्टर ने पत्नी की हत्या की साजिश रची और 2-2 लाख रुपए का लालच देकर अपने दो किरायेदारों को शामिल किया। पत्नी को कार में जलाकर देखता रहा। फिर वारदात को हादसा साबित करने की कोशिश की, लेकिन अपनी ही कहानी में फंस गया। पढ़ें पूरी खबर…
नदी में मिला चार दिन से लापता बुजुर्ग का शव:मैहर के गुढ़वा में घर से बिना बताए निकले; मानसिक रूप से अस्वस्थ थे

मैहर जिले के गुढ़वा गांव में गुरुवार सुबह एक बुजुर्ग का शव नदी में मिला। मृतक की पहचान 75 वर्षीय रामस्वरूप पटेल के रूप में हुई है, जो पिछले चार दिनों से लापता थे। परिजनों ने 18 मार्च को रामनगर थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मानसिक अस्वस्थता के चलते घर से निकले थे परिजनों ने बताया कि रामस्वरूप पिछले एक वर्ष से मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहे थे। वे अक्सर बाणसागर डूब क्षेत्र में स्थित अपने पुराने पुश्तैनी मकान पर जाने की जिद करते थे। 16 मार्च की शाम को वे बिना बताए घर से कहीं चले गए थे, जिसके बाद काफी तलाश करने पर भी उनका कोई सुराग नहीं लगा था। मगरमच्छ के हमले की थी आशंका परिजनों ने पुलिस को दी सूचना में आशंका जताई थी कि बुजुर्ग नदी की ओर गए होंगे और वहां मगरमच्छों का शिकार हो गए होंगे। हालांकि, गुरुवार सुबह 7 बजे जब शव नदी में मिला, तो प्रारंभिक जांच में शरीर पर किसी जलीय जीव के हमले के निशान नहीं पाए गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पंचनामा तैयार किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, जांच में जुटी पुलिस रामनगर थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल मर्ग कायम कर मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
हिटेजी कंपनी में पदस्थ चालक ने की आत्महत्या:गाड़ी से टकरा गया था बाइक चालक, पुलिस ने दर्ज की थी एफआईआर, डर में खा लिया जहर

हिटेजी कंपनी जो कि एटीएम मशीन में केस लोड करने का काम करती है। इसी कंपनी में पदस्थ एक वाहन चालक ने सोमवार की रात को जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक का नाम शिवा प्रजापित (35) है, जो बेलखाड़ू का रहने वाला था। बीते एक साल से कंपनी में ड्राइवर के पद पर पदस्थ शिवा की गाड़ी जो बलदेवबाग में खड़ी थी। 3 मार्च को रात करीब डेढ़ बजे एक बाइक सवार युवक खड़ी गाड़ी से टकरा गया, जिसके चलते मौके पर ही उसकी मौत हो गई। जानकारी लगते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गाड़ी को जब्त कर लिया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वाहन को शिवा प्रजापति चलाया करता था, जिसने बलदेवबाग में सड़क किनारे गाड़ी खड़ा कर दिया था और एक्सीडेंट हुआ। पुलिस ने शिवा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी। कंपनी से नहीं मिली मदद खड़ी गाड़ी से बाइक सवार के टकराने पर पुलिस ने शिवा प्रजापति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। इस बीच जब उसे जानकारी लगी तो उनसे कंपनी के अधिकारियों से फोन पर बात की, जिस पर उसे यह कहा गया कि अपना लाईसेंस लेकर आ जाओ। इस पर शिवा ने कहा कि पुलिस कार्रवाई करती है, कोर्ट जाना पड़ेगा, तो उसका खर्चा कौन देगा। कंपनी पैसा देगी तो वह कुछ काम का नहीं। इस पर कंपनी की और से कहा गया कि तुम जमानतदार ढ़ूढ कर रखो। शिवा ने कहा कि जो भी व्यक्ति जमानत लेगा तो पैसे मांगेगा। हमारे पास जमीन नहीं है। कंपनी तुम्हारी जमानत करवा रही है, पर पैसे तुम्हें देने होंगे। शिवा को जब लगने लगा कि कंपनी से मदद नहीं मिल रही है, तो उसने कहा कि आप कंपनी की लिस्ट से मेरा नाम काट दो, अब हम गाड़ी नहीं चलाएंगे। कल से नहीं आएंगे। इस पर कंपनी की और से उससे फोन पर कहा गया कि अगर नाम कट गया तो 6 माह तक जेल में ही पड़े रहोगे, इतना सुनने के बाद शिवा ने कहा कि कोई परेशानी नहीं हम देख लेगें। इतना कहने के बाद शिवा ने फोन बंद कर लिया और घर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने किया प्रदर्शन मंगलवार को मेडिकल कालेज में शिवा का पीएम करवाया गया। इसके बाद परिवार वाले शव लेकर हिटेजी कंपनी के आफिस पहुंचे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि पीड़ित के परिवार वालों की कंपनी मदद करे, क्योंकि टेंशन के कारण ही उसने आत्महत्या की है। शिवा के दोस्त रोहित शर्मा का कहना था कि सुपरवाइजर संतोष नाम के शख्स से वो परेशान था, उसे धमकाया जा रहा था। ताला लगाकर अधिकारी हुए गायब शिवा के छोटे भाई अरुण का कहना था कि 3 मार्च को बलदेवबाग आफिस के सामने गाड़ी खड़ी करके गांव आ गए थे, जिससे कोई अंजान बाइक सवार टकरा गया और उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद शिवा ने फौरन कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की तो सुपरवाइजर संतोष ने बात की। अरुण का कहना था कि सुपरवाइजर ने कहा कि 6 साल की सजा होगी, आपकी जमानत नहीं होगी। जिस पर शिवा ने कहा कि जमीन नहीं है, और बिना इसके कौन जमानत लेगा। इतना सब होने के बाद शिवा ड़र गया और आत्महत्या कर ली। मंगलवार को परिजन जब शव लेकर कंपनी पहुंचे तो वहां पर ताला लगा हुआ था। आरोप है कि प्रताड़ना के कारण ही उन्होंने आत्महत्या की है। शिवा अपने पीछे पत्नी और दो बच्चे 7 और 4 साल के है। छोटा भाई है जो कि मानसिक रूप से स्वास्थ्य नहीं है। घर चलाने वाला एक मात्र शिवा ही था, जिसने कि आत्महत्या कर ली। हम मदद कर रहे हैं आत्महत्या करने से पहले शिवा ने सुपरवाइजर संतोष से बात किया था, जिस पर उसे आश्वासन देते हुए मदद करने की बात कही, पर जब मृतक को पता चला कि उसे मदद नहीं मिल रही है, उल्टा एफआईआर हो गई है, और अब जेल जाना होगा, जिस पर से वह डर गया। इधर हंगामे की जानकारी लगते ही तिलवारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और विवाद को शांत करवाया। पुलिस का कहना था कि घटना कोतवाली थाने की है, शिवा ने आत्महत्या अपने गांव बेलखाड़ू में लगाया है, इसलिए आगे की जांच वहीं पर होगी।
Canada PM Visit India | Trade Deal Focus; Crime Statement

नई दिल्ली/ओटावा20 मिनट पहले कॉपी लिंक कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी आज 4 दिन के दौरे पर भारत पर पहुंच रहे हैं। इस दौरे का मकसद भारत और कनाडा के बीच व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और रक्षा जैसे क्षेत्रों में नए साझेदारी को मजबूत करने पर फोकस करना है। प्रधानमंत्री के तौर पर मार्क कार्नी का यह पहला भारत दौरा है। कनाडा में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कार्नी मुंबई में बिजनेस लीडर्स से मुलाकात करेंगे। इस दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन एनर्जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में निवेश पर चर्चा होगी। कार्नी की भारत यात्रा से पहले कनाडा के अधिकारी अब भारत पर लगाए गए कुछ गंभीर आरोपों से पीछे हटते नजर आ रहे हैं। पहले कनाडा ने आरोप लगाया था कि भारत उसकी जमीन पर हस्तक्षेप कर रहा है और सीमापार दबाव जैसी गतिविधियों में शामिल है। सीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ कनाडाई अधिकारी ने कहा कि अगर कनाडा को लगता कि भारत उसकी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में दखल दे रहा है, तो प्रधानमंत्री भारत की यात्रा नहीं करते। दक्षिण अफ्रीका के जोहांसबर्ग में पिछले साल G20 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की मुलाकात हुई थी। 2 मार्च को नई दिल्ली में मोदी से मिलेंगे कार्नी कार्नी 1 मार्च को नई दिल्ली पहुंचेंगे और 2 मार्च को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसका मुख्य एजेंडा में कंप्रीहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) की वार्ताओं को शुरू करना शामिल है, जो लंबे समय से रुकी हुई है। इसके अलावा, सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर चर्चा होगी। साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद कार्नी ऑस्ट्रेलिया और जापान की यात्रा पर रवाना होंगे। पूरा दौरा 27 फरवरी से शुरू होकर 7 मार्च तक चलेगा। इसका यात्रा का मकसद कनाडा का अमेरिका पर आर्थिक निर्भरता कम करना और नए व्यापारिक रास्ते खोलना है। भारत में निवेश को बढ़ावा दे रहा कनाडा भारत इस समय दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। कनाडा के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार 21 अरब डॉलर से ज्यादा है। भारत में 600 से ज्यादा कनाडाई कंपनियां काम कर रही हैं। भारत से कनाडा को मुख्य निर्यात में दवाइयां, रत्न-आभूषण और समुद्री उत्पाद शामिल हैं। कनाडा के बड़े पेंशन फंड पहले से ही भारत में रियल एस्टेट और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में बड़ा निवेश कर चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने भारत में 100 बिलियन डॉलर (करीब 8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) का निवेश किया है। अब कनाडा इस निवेश को और बढ़ाना चाहता है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का कहना है कि दोनों देशों के बीच कभी-कभी राजनीतिक मतभेद रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कनाडा भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का भरोसेमंद साझेदार बना रहेगा। क्लीन एनर्जी और महत्वपूर्ण खनिजों पर सहयोग की संभावना इस दौरे में एनर्जी सबसे अहम मुद्दा है। दोनों देश यूरेनियम सप्लाई समझौते पर बात कर रहे हैं, जिससे भारत के न्यूक्लिय पावर प्लांट को ईंधन मिल सके। इसके अलावा क्लीन एनर्जी (स्वच्छ ऊर्जा) और एनर्जी ट्रांजिशन (ऊर्जा परिवर्तन ) के लिए जरूरी महत्वपूर्ण खनिजों पर भी सहयोग बढ़ाने की चर्चा है। कनाडा प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध देश है, जबकि भारत को तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए भरोसेमंद और जलवायु-अनुकूल ऊर्जा स्रोतों की जरूरत है। इसलिए यह क्षेत्र दोनों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। LNG (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) और अन्य स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने की योजना है। 2024 में कनाडा के कुल ऊर्जा निर्यात में भारत को केवल 761.5 मिलियन डॉलर का हिस्सा मिला। जबकि भारत से आयात 206 मिलियन डॉलर था, लेकिन अब इसे बढ़ाने पर जोर है। यह दौरा दोनों देशों के संबंधों को रीसेट करेगा भारत के कनाडा में उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने ओटावा में एक इंटरव्यू में बताया कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों को पूरी तरह रीसेट करेगी और नए व्यापार के बड़े अवसर खोलेगी। यूरेनियम सप्लाई डील: यात्रा के दौरान लगभग 10-साल के लिए 2.8 अरब कनाडाई डॉलर का यूरेनियम सौदा होने की संभावना है, जो भारत की बढ़ती परमाणु ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करेगा। यह समझौता देश के ऊर्जा और नागरिक न्यूक्लियर कार्यक्रम को समर्थन देगा। ऊर्जा सहयोग: भारत भारी क्रूड ऑयल, लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) और अन्य ऊर्जा उत्पादों में कनाडा के साथ सहयोग बढ़ाने में रुचि रखता है। कनाडा भी अमेरिका पर अपनी ऊर्जा निर्यात निर्भरता कम करने के लिए भारत जैसे विविध साझेदार ढूँढ रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा: दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने पहले ही उच्च-स्तरीय वार्ता की है, जिसमें कूटनीतिक और कानून-प्रवर्तन संपर्क अधिकारी नियुक्त करने पर सहमति बनी है, ताकि सुरक्षा सहयोग को मजबूती दी जा सके। तकनीकी, शिक्षा और संस्कृति: AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, शोध एवं शिक्षा में साझेदारी पर समझौते की संभावना है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार के अलावा सामाजिक-वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग भी बढ़ेगा। व्यापार और निवेश वार्ता: बातचीत में आर्थिक साझेदारी समझौता(CEPA) को आधिकारिक रूप से शुरू करने की तैयारी है, जो वस्त्र, सेवाएं, निवेश, कृषि और डिजिटल वाणिज्य जैसे क्षेत्रों को कवर करेगा। पिछले साल कार्नी और मोदी ने जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की थी, जिसमें दोनों ने CEPA को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई थी। दोनों देशों का लक्ष्य है कि यह व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता अगले लगभग 12 महीनों के भीतर पूरा हो सके, जिससे द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक लगभग 50-70 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। खास डील्स की उम्मीद: भारत कनाडा के भारी कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा उत्पाद खरीदना चाहता है। साथ ही, पाइपलाइन और टर्मिनल जैसी इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की बात चल रही है। कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश के पटनायक ने कहा कि भारत-कनाडा अपने रिश्तों को सुधारने पर काम कर रहे हैं। भारत-कनाडा के बीच तनाव एक साल पहले संबंध बहुत खराब थे। पूर्व पीएम जस्टिन ट्रूडो ने 2023 में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ होने का आरोप लगाया था। 2024 में कनाडा ने छह भारतीय अधिकारियों को निकाला और आरोप लगाया कि भारत सरकार से जुड़े
Rahul Gandhi Vs PM Modi; Congress Shirtless Protest Arrest Case

Hindi News National Rahul Gandhi Vs PM Modi; Congress Shirtless Protest Arrest Case | North Korea Dictator नई दिल्ली2 मिनट पहले कॉपी लिंक संसद में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया X पर यूथ कांग्रेस मेंबर्स के खिलाफ एक्शन पर राहुल ने PM की आलोचना की। उन्होंने अपनी पार्टी के यूथ विंग के सदस्यों के खिलाफ शर्टलेस प्रोटेस्ट को लेकर पुलिस एक्शन पर कमेंट किया। उन्होंने कहा कि प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी की सरकार और नॉर्थ कोरिया के तानाशाही शासन एक जैसा है। उन्होंने कहा कि ये इंडिया है, नॉर्थ कोरिया नहीं। राहुल ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट डेमोक्रेसी की आत्मा है। यह कोई अपराध नहीं है। राहुल ने पूछा… जब आदिवासी अपने जल, जंगल, जमीन के हक के लिए खड़े हुए, तो उन पर भी शक की नजर डाली गई। यह कैसा लोकतंत्र है, जहां PM सवालों से डरते है? जहां असहमति को कुचलना शासन का स्वभाव बनता जा रहा है? दरअसल, दिल्ली में आयोजित AI समिट के दौरान यूथ कांग्रेस मेंबर्स ने शर्ट उतार कर प्रोटेस्ट किया था। इस संबंध में दिल्ली पुलिस 3 सदस्यों को गिरफ्तार करने शिमला पहुंची थी। इसके बाद हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस को उन्हें ले जाने से रोक लिया था। राहुल ने ये बातें गिरफ्तार तीन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली वापस लाने की इजाजत मिलने के बाद कही। राहुल ने अपनी पोस्ट में और क्या कहा… सोचिए मुद्दा कोई भी हो, अगर आप सत्ता के खिलाफ संवैधानिक तरीके से आवाज उठाते हैं, तो लाठी, मुकदमा और जेल, यह लगभग तय है। पेपर लीक से त्रस्त युवाओं ने अपने भविष्य के लिए आवाज उठाई, जवाब मिला लाठियों से। देश की गौरवशाली महिला पहलवानों ने BJP के प्रभावशाली नेता पर लगे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनकी पुकार को बदनाम किया गया, आंदोलन को कुचला गया, और उन्हें सड़कों से जबरन हटाया गया। एक बलात्कार पीड़ित के समर्थन में इंडिया गेट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुआ। न्याय की मांग को व्यवस्था के लिए असुविधा मानकर हटा दिया गया। युवा कांग्रेस ने देश का अहित करने वाले US ट्रेड डील का शांतिपूर्ण विरोध किया तो उन्हें देशविरोधी बताकर गिरफ्तार कर लिया। जब आम लोग जहरीली हवा के खिलाफ खड़े हुए, तो पर्यावरण की चिंता को भी राजनीति कहकर दबा दिया गया। जब किसानों ने अपने अधिकारों के लिए आंदोलन किया, तो उन्हें देशविरोधी करार दिया गया। आंसू गैस, रबर की गोलियां, पानी की बौछारें और लाठियां, यही संवाद का माध्यम बना। शिमला के शोघी में शिमला पुलिस ने दिल्ली पुलिस को रोका और पूछताछ की। अब समझिए हिमाचल में क्या हुआ… दिल्ली में AI समिट में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने के आरोप में 3 यूथ कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर बुधवार को हिमाचल और दिल्ली पुलिस में टकराव हो गया। दिल्ली पुलिस ने शिमला के एक होटल से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के 3 नेताओं को गिरफ्तार किया, लेकिन हिमाचल पुलिस ने उन्हें आधे रास्ते में रोक लिया और दिल्ली नहीं ले जाने दिया। हिमाचल पुलिस का तर्क था कि इस बारे में दिल्ली पुलिस ने कोई औपचारिक सूचना नहीं दी। हिमाचल में सादे कपड़ों में आकर मेहमानों को उठाया गया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान भी दोनों पुलिस में बहस होती रही। इसके बाद जज ने फाइल तैयार करने को कहा तो दिल्ली पुलिस फिर बिना कागजी कार्रवाई के तीनों नेताओं को ले गई। इसका पता चलते ही हिमाचल पुलिस ने फिर उन्हें रोक लिया। इसके बाद तीनों नेताओं को कोर्ट में पेश कर दिल्ली पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड पर लिया। करीब 18 घंटे तक दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच ड्रामा चलता रहा। फिर गुरुवार सुबह करीब पौने 6 बजे दिल्ली पुलिस तीनों नेताओं को लेकर चली गई। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Delhi HC: Refuse Marriage Post-Physical Relation Offence

Hindi News National Delhi HC: Refuse Marriage Post Physical Relation Offence | BNS Section 69 नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि फिजिकल रिलेशन के बाद शादी मना करना एक अपराध है। कोर्ट ने ये बात एक व्यक्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई को दौरान कही। कोर्ट ने कहा कि कुंडली मेल न खाने की वजह से शादी से मना करने पर भारतीय न्याय संहिता(BNS) का सेक्शन 69 लग सकता है, जो धोखे से सेक्सुअल इंटरकोर्स को अपराध मानता है। जज ने कहा कि आरोपी ने प्रॉसिक्यूटर को बार-बार भरोसा दिलाया था कि उनकी शादी में कोई रुकावट नहीं है, जिसमें कुंडली मैच करना भी शामिल है। आरोपी ने इस आधार पर बेल मांगी कि रिश्ता आपसी सहमति से था, और दोनों एक-दूसरे को आठ साल से जानते थे। वकील ने कहा- रेप का मामला नहीं बनता आवेदक के वकील ने कहा था कि शादी का झूठा बहाना बनाकर रेप करने का मामला नहीं बनता और उसे रेगुलर बेल मिलनी चाहिए। 17 फरवरी को दिए गए अपने ऑर्डर में, कोर्ट ने कहा कि प्रॉसिक्यूटर ने पहली कंप्लेंट नवंबर 2025 में दर्ज कराई थी। कोर्ट ने कहा कि आरोपी और उसके परिवार द्वारा कथित तौर पर शादी का भरोसा दिए जाने पर ही वापस ले ली गई थी, और बाद में कुंडली न मिलने के आधार पर शादी करने से मना कर दिया गया था। मौजूदा FIR जनवरी 2026 में IPC के सेक्शन 376 (रेप) और BNS के सेक्शन 69 के तहत अपराधों के लिए दर्ज की गई थी। कोर्ट ने कहा कि घटनाओं के क्रम से पता चलता है कि यह सिर्फ रिश्ते खराब होने का मामला नहीं था, बल्कि आवेदक को कुंडली मिलाने पर उसके परिवार के जोर देने के बारे में पता होने के बावजूद बार-बार शादी का भरोसा दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ इसलिए क्रिमिनल लॉ नहीं लगाया जा सकता क्योंकि कोई रिश्ता टूट जाता है या शादी नहीं हो पाती। हालांकि, इस स्टेज पर मौजूदा केस एक अलग लेवल पर है। दिल्ली हाइकोर्ट की पिछली मुख्य सुनवाई… 29 जनवरी: शादी के बाद साथ नहीं रहे तो रजिस्ट्रेशन औपचारिकता, तलाक से इनकार करने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं हो सकता दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि शादी के बाद अगर पति पत्नी साथ नहीं रह रहे हैं तो शादी की रजिस्ट्रेशन एक औपचारिकता से ज्यादा कुछ भी नहीं है। जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रेनू भटनागर की डिवीजन बेंच ने कहा कि इसका इस्तेमाल एक साल में तलाक लेने से इनकार करने के लिए नहीं किया जा सकता। हाइकोर्ट 29 जनवरी को एक महिला की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। महिला ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें शादी की तारीख से एक साल पूरा होने से पहले आपसी सहमति से तलाक के लिए ज्वाइंट याचिका पेश करने की अनुमति खारिज कर दी गई थी। पूरी खबर पढ़ें… 25 नवंबर: पत्नी प्रेग्नेंसी को ढाल नहीं बना सकती, शुरुआत से पति को मानसिक प्रताड़ना दी दिल्ली हाईकोर्ट ने एक केस में पति को तलाक की परमिशन देते हुए कहा कि प्रेग्नेंसी को पति पर हुई क्रूरता के खिलाफ ढाल नहीं बनाया जा सकता है। कोर्ट ने माना कि पत्नी के व्यवहार से पति ने मानसिक प्रताड़ना झेली और इससे वैवाहिक संबंध भी पूरी तरह टूट गए। हाईकोर्ट की जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस रेणु भटनागर की बेंच ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें पति की तलाक याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी गई थी कि पति क्रूरता साबित नहीं कर सका। साथ ही 2019 की शुरुआत में पत्नी का मिसकैरेज यह दिखाता है कि रिश्ते सामान्य थे। कोर्ट ने साफ कहा कि यह तय करने के लिए कि किसी के साथ क्रूरता हुई या नहीं, पूरे रिश्ते और सारी घटनाओं को देखा जाता है। पूरी खबर पढ़ें… ———– ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली हाईकोर्ट बोला- बेरोजगार पत्नी आलसी नहीं, उसके काम को नजरअंदाज करना नाइंसाफी दिल्ली हाईकोर्ट ने पति-पत्नी के बीच गुजारा भत्ता से जुड़े एक मामले पर कहा कि बेरोजगार पत्नी आलसी नहीं होती। घर संभालना, बच्चों की देखभाल और परिवार की मदद करना भी काम है, भले ही वह बैंक खाते में नजर न आए। ऐसे में गुजारा भत्ता तय करते समय पत्नी के योगदान को नजरअंदाज करना गलत है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
दिल्ली में ठांय-ठांय, तिहाड़ से निकलते ही 2 गैंगस्टर ने मचाया था कोहराम, पुलिस ने ठोक दी गोली | delhi crime branch encounter nandu gang vinod vicky sanyasi bharat manni kapil sangwan arrested shooting extortion tihar jail

Last Updated:February 22, 2026, 18:42 IST Delhi Enconter News: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बिंदापुर फायरिंग मामले में वांछित दो खतरनाक अपराधियों को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया है. कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग से जुड़े इन बदमाशों ने एक कारोबारी को धमकाने के लिए दफ्तर पर गोलियां चलाई थीं. मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी है. दिल्ली पुलिस का एनकाउंटर. नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में गैंगस्टरों और उनके गुर्गों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ा और सफल ऑपरेशन अंजाम दिया है. कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग से जुड़े और जेल में बंद गैंगस्टर विनोद उर्फ विक्की संन्यासी के दो सक्रिय गुर्गों को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है. यह मुठभेड़ द्वारका के पास हुई. इस पूरे मामले की शुरुआत 20 फरवरी 2026 को हुई थी, जब आरोपियों ने बिंदापुर इलाके में एक बड़े कारोबारी के दफ्तर पर फायरिंग की थी. यह फायरिंग किसी जमीन विवाद को गैंगस्टर के हक में सुलझाने और रंगदारी वसूलने के मकसद से की गई थी. बिंदापुर थाने में मामला दर्ज होने के बाद क्राइम ब्रांच की एजीएस टीम को इन अपराधियों को पकड़ने का जिम्मा सौंपा गया. डीसीपी क्राइम हर्ष इंदोरा के नेतृत्व में इंस्पेक्टर पवन कुमार और उनकी टीम को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी भरत उर्फ मन्नी और वीराज उर्फ विरोधी किसी नई सुरक्षित जगह की तलाश में कुतुब विहार की ओर जाने वाले हैं. रात करीब 2:10 बजे पुलिस ने एक संदिग्ध स्कूटी को आते देखा जिसकी नंबर प्लेट टूटी हुई थी. दोनों का एनकाउंटर कैसे हुआ? पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो आरोपियों ने भागने की कोशिश की और अंधेरे का फायदा उठाकर झाड़ियों की ओर दौड़ते हुए पुलिस टीम पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं. आरोपी भरत उर्फ मन्नी ने हेड कांस्टेबल अमित कुमार पर सीधी फायरिंग की, जिसमें वे बाल-बाल बचे. जवाबी कार्रवाई और आत्मरक्षा में पुलिस ने 3 राउंड फायरिंग की, जिसमें एक गोली भरत के दाहिने पैर में लगी. दूसरा आरोपी वीराज भी पकड़ा गया, जिसकी पिस्तौल पुलिस पर फायरिंग के दौरान जाम हो गई थी. तिहाड़ में बनी थी खूनी साजिश जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी भरत उर्फ मन्नी (23 साल) पर पहले से ही चोरी, झपटमारी और आर्म्स एक्ट के 15 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. वह इसी साल 21 जनवरी को तिहाड़ जेल से बाहर आया था. जेल में ही उसकी मुलाकात कुख्यात गैंगस्टर विक्की संन्यासी से हुई थी. विक्की ने ही भरत को उत्तम नगर के एक प्लॉट विवाद में कारोबारी को धमकाने का काम सौंपा था. आरोपी वीराज उर्फ विरोधी, जो पहले बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था, नशे की लत के कारण भरत के साथ जुड़ गया और अपराध की दुनिया में कदम रख दिया. पुलिस ने इस मुठभेड़ के बाद 2 पिस्तौल 4 खाली कारतूस और 3 जिंदा कारतूस के साथ 1 होंडा एक्टिवा स्कूटी बरामद किया है. घायल आरोपी भरत को तुरंत द्वारका के इंदिरा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. क्राइम ब्रांच अब इस मामले में बड़ी साजिश के एंगल से जांच कर रही है कि कैसे जेल में बंद अपराधी स्थानीय अपराधियों को हायर कर शहर में दहशत फैला रहे हैं. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : Delhi Cantonment,New Delhi,Delhi First Published : February 22, 2026, 18:42 IST
दिल्ली में इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट का जाल, 513 किलो नशीली दवाएं जब्त, क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन – crime branch team busted internationl drug racket sized 513 kilogram banned substance

होमताजा खबरDelhi दिल्ली में इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट का जाल, 513 किलो नशीली दवाएं जब्त Last Updated:February 22, 2026, 12:51 IST नेशनल कैपिटल दिल्ली ड्रग तस्करों का अड्डा बनता जा रहा है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इंटरनेशनल ड्रग रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 513 किलो नशीली दवाएं बरामद की हैं. इससे पहले भी दिल्ली पुलिस की टीम ने ऐसे की एक गिरोह का भंडाफोड़ किया था. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इंटरनेशनल ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है. (फाइल फोटो) नई दिल्ली. देश की राजधानी में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए 513 किलोग्राम नशीली दवाओं का बड़ा जखीरा बरामद किया है. क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई दवाओं में ट्रामाडोल ट्रेकैम, नाइट्रोजेप, अल्प्राजोलम, जोल्पिडेम और ट्रामाडोल ट्रेकेन जैसी प्रतिबंधित दवाएं शामिल हैं. ये दवाएं अवैध रूप से देश और विदेश में सप्लाई की जा रही थीं. पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा और ड्रग तस्करी के इस नेटवर्क का खुलासा किया. जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय था और बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल था. फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही और खुलासे होने की संभावना है. इससे पहले दिल्ली-एनसीआर में ‘स्मैक’ की आपूर्ति करने वाले एक अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने शनिवार को बताया था कि आरोपियों के कब्जे से करीब 60 लाख रुपये मूल्य के मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमीन खान, राशिद, बलबीर, आसिफ और इकरार के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी अमीन खान उत्तर प्रदेश के बदायूं का रहने वाला है और उसे 12 फरवरी को पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर इलाके में नोएडा लिंक रोड के पास से गिरफ्तार किया गया. वह कथित तौर पर ‘स्मैक’ की खेप पहुंचाने के लिए वहां आया था. तलाशी के दौरान उसके पास से 291 ग्राम प्रतिबंधित मादक पदार्थ बरामद किया गया. यूपी से जुड़ा था कनेक्शन पूछताछ के दौरान अमीन खान ने खुलासा किया कि वह बदायूं के सप्लायरों से स्मैक लाकर पूर्वी दिल्ली के विभिन्न इलाकों में छोटी-छोटी मात्रा में बेचता था. उसने बताया कि खोडा चौक और शशि गार्डन समेत कई क्षेत्रों में वह नियमित रूप से नशीले पदार्थ की आपूर्ति करता था. उसके बयान के आधार पर पुलिस ने आगे कार्रवाई करते हुए बदायूं से उसके दो सप्लायरों राशिद और बलबीर को गिरफ्तार किया, जिनके पास से अतिरिक्त 35.85 ग्राम स्मैक बरामद हुई. जांच के दौरान पुलिस ने अमीन खान के कॉल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया, जिससे उसके स्थानीय संपर्कों का पता चला. इसके बाद पुलिस ने त्रिलोकपुरी निवासी उसके दो सहयोगियों आसिफ और इकरार को गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी सीधे तौर पर अमीन खान के संपर्क में थे और उससे स्मैक लेकर स्थानीय स्तर पर उसकी बिक्री करते थे. पहले से थे वॉन्टेड पुलिस ने बताया कि आसिफ और इकरार पहले से ही मादक पदार्थ तस्करी के एक अन्य मामले में वांछित थे. उनके खिलाफ मयूर विहार थाने में दर्ज मामले में उद्घोषणा की कार्रवाई भी शुरू की जा चुकी थी. अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार सभी आरोपी एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा थे, जो उत्तर प्रदेश से दिल्ली-एनसीआर तक मादक पदार्थों की तस्करी करता था. जांच में यह भी सामने आया है कि अमीन खान इससे पहले मेरठ में इसी तरह के एक मामले में गिरफ्तार हो चुका है. पिछले कुछ महीनों से वह दिल्ली में किराये पर रहकर इस अवैध धंधे को संचालित कर रहा था. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और सप्लाई चेन से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा. About the Author Manish Kumar बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : February 22, 2026, 12:43 IST
Sambhal Honor Killing| Love Affair Crime Story| Muslim Girl Hindu Boy Love Story

संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जिले के मतावली पट्टी जग्गू गांव की गलियों में आज सन्नाटा है, लेकिन हवाओं में एक बेबस चीख और एक पिता के पत्थर दिल बयानों की गूंज है. यह कहानी 18 साल की रूपजहां और शिवम सैनी के उस अधूरे इश्क की है, जिसका अंत निकाह के मंडप में नहीं, बल्कि श्मशान और कब्रिस्तान के बीच नफरत की भेंट चढ़ गया. एक तरफ वो प्रेमी था जिसके साथ रूपजहां ने सात जन्मों के वादे किए थे, और दूसरी तरफ वो सगा भाई था जिसके हाथों में बहन की सुरक्षा की डोर होनी चाहिए थी, लेकिन उसने उसी दुपट्टे से रूपजहां का दम घोंट दिया जिसे वह अपनी शान समझती थी. दरअसल, भाई ने अपनी सगी बहन का गला महज इसलिए घोंट दिया क्योंकि वह एक दूसरे मजहब के लड़के से मोहब्बत करने की ‘खता’ कर बैठी थी. चारपाई पर बिछी लाश और पिता की बेखौफ बातें गुरुवार की रात करीब 11 बजे जब संभल के एसएसपी कुलदीप सिंह मतावली पट्टी गांव पहुंचे, तो मंजर रूह कंपा देने वाला था. घर के आंगन में बिछी एक चारपाई पर 18 साल की रूपजहां का बेजान शरीर पड़ा था. उसी घर के एक कोने में खड़ा उसका भाई जाने आलम और पिता नौशे आलम पुलिस को देख जरा भी विचलित नहीं थे. जाने आलम ने खुद पुलिस को फोन कर कहा था, साहब, मैंने अपनी बहन को मार डाला है, आकर मुझे ले जाओ. हैरानी की बात पुलिस के लिए यह नहीं थी कि हत्या हुई है, बल्कि हैरानी इस बात पर थी कि पिता नौशे के चेहरे पर न तो बेटी को खोने का गम था और न ही बेटे के जेल जाने का डर. नौशे ने कैमरे के सामने खड़े होकर जो कहा, वह समाज के उस काले चेहरे को उजागर करता है जिसे ‘ऑनर किलिंग’ कहा जाता है. पिता का कबूलनामा, ‘वो जिद पर अड़ी थी, मारना ही सही था’नौशे आलम की बातों में नफरत और कट्टरता का मिला-जुला स्वर था. उसने दोटूक शब्दों में कहा, मेरी बेटी शिवम सैनी नाम के लड़के से प्यार करती थी. वह उससे शादी करना चाहती थी और वह उसके साथ भाग गई थी. गांववाले मेरा मजाक उड़ा रहे थे, गलियों से गुजरना मुश्किल हो गया था. मैं परेशान था. दो दिन पहले वह शिवम के साथ भाग गई थी. हमने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी. नौशे आगे कहता है, हम मुसलमान हैं. बेटी का प्रेमी सैनी (हिंदू) है. हम ऐसी शादी कैसे कर देते? अगर हमारी बिरादरी में शादी की बात होती, तो हम करा देते. जब वह घर आई और फिर से उसी के पास जाने की जिद करने लगी, तो मेरे बेटे ने दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया. मुझे कोई पछतावा नहीं है. ऐसी लड़की को मारना ही सही है, इससे घर की इज्जत बच गई. ‘प्रधान ने मांगी घूस, पुलिस कराना चाहती थी फेरे’: चाचा का आरोपइस पूरी साजिश में एक और सनसनीखेज पहलू सामने आया है रुपयों का लेनदेन. रूपजहां के चाचा दुलारे हुसैन ने ऑन-कैमरा बताया कि इस पूरी वारदात के पीछे गांव के प्रधान और पुलिस की भूमिका भी संदेह के घेरे में है. दुलारे के मुताबिक, जब रूपजहां और शिवम थाने पहुंचे थे, तो वहां पंचायत हुई. चाचा दुलारे ने बताया, थाने के एसओ साहब दोनों के फेरे कराने को तैयार थे. उन्होंने कहा था कि लड़की बालिग है. उन्होंने हमसे अंगूठा लगवाने को कहा, तो हम वहां से भाग आए. इसके बाद प्रधान लेखराज ने बीच-बचाव किया और बेटी को वापस लाने के बदले 3 लाख रुपये मांगे. प्रधान ने कहा कि पुलिस और मामले को रफा-दफा करने के लिए पैसे लगेंगे. हमने किसी तरह 1.5 लाख रुपये दिए. परिजनों का आरोप है कि पैसे देने के बाद वे बेटी को घर तो ले आए, लेकिन उसकी ‘आजादी’ छीनने के लिए. जब घर के भीतर बंद रूपजहां ने फिर से शिवम का नाम लिया, तो भाई जाने आलम का खून खौल उठा. एक साल का इश्क और दो महीने पहले की गुप्त शादीरूपजहां और शिवम सैनी का घर एक-दूसरे से महज 400 मीटर की दूरी पर है. पिछले एक साल से दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था. शिवम के परिवार को इस रिश्ते से ऐतराज नहीं था, लेकिन रूपजहां का परिवार इसे मजहबी चश्मे से देख रहा था. इधर, शिवम की मां हरप्यारी का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने पुलिस को एक ऐसा सच बताया जिसने इस केस की दिशा बदल दी. हरप्यारी के मुताबिक, मेरे बेटे और रूपजहां ने दो महीने पहले ही चोरी-छिपे शादी कर ली थी. वे एक-दूसरे के हो चुके थे. रूपजहां हमारी बहू थी. बुधवार को जब वे घर से भागे थे, तो वे अपनी सुरक्षा की गुहार लगाने थाने गए थे. हरप्यारी ने ही अपनी ‘बहू’ की हत्या के आरोप में रूपजहां के भाई जाने आलम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. अब पुलिस इस मामले को एक पत्नी की हत्या के नजरिए से भी देख रही है. साजिश के तहत बुलाई गई मौत, अमरोहा से घर तक का सफरबुधवार को जब रूपजहां और शिवम थाने पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें बालिग होने के नाते साथ रहने की अनुमति दे दी थी. शिवम सुरक्षा के लिहाज से रूपजहां को लेकर अमरोहा में अपनी एक रिश्तेदारी में चला गया था. उसे लगा था कि वह सुरक्षित है. लेकिन घर पर पिता और भाई ने उसे वापस लाने का जाल बुना. प्रधान की मदद से उसे ‘सब ठीक हो जाएगा’ का झांसा देकर घर बुलाया गया. गुरुवार की शाम जब रूपजहां अपने घर की दहलीज पर कदम रखी, उसे नहीं पता था कि यह उसका आखिरी सफर है. रात करीब 10:30 बजे, जब परिवार के अन्य सदस्य एक शादी में गए हुए थे (जैसा कि कुछ रिपोर्ट में दावा है), घर में सिर्फ जाने आलम और रूपजहां थे. इसी दौरान विवाद हुआ और जाने आलम ने दुपट्टे का फंदा बनाकर अपनी बहन की जीवनलीला समाप्त कर दी. इस घटना ने खड़े किए कई कड़वे सवालइस हत्या के मामले में केस दर्ज हो चुका है. लेकिन इस घटना ने समाज के सामने कई कड़वे सवाल खड़े कर दिए हैं.









