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‘एसवी एल्वरसबर्ग’ पहली बार ‘बुंदेसलीगा’ के लिए क्वालिफाई:1907 में बना एल्वरसबर्ग जर्मन लीग में खेलने वाला सबसे छोटा और कुल 59वां क्लब बनेगा

‘एसवी एल्वरसबर्ग’ पहली बार ‘बुंदेसलीगा’ के लिए क्वालिफाई:1907 में बना एल्वरसबर्ग जर्मन लीग में खेलने वाला सबसे छोटा और कुल 59वां क्लब बनेगा

जर्मनी के एक बेहद छोटे से कस्बे एल्वरसबर्ग ने फुटबॉल की दुनिया में एक बड़ा चमत्कार कर दिखाया है। महज 13 हजार लोगों की आबादी वाले इस इलाके की टीम ‘एसवी एल्वरसबर्ग’ ने पहली बार जर्मनी की सबसे बड़ी और मशहूर फुटबॉल लीग ‘बुंदेसलीगा’ के लिए क्वालिफाई किया है। इसके साथ ही एल्वरसबर्ग बुंदेसलीगा में पहुंचने वाला सबसे छोटा क्लब और यह टॉप लीग खेलने वाली जर्मनी की 59वीं टीम बन गई है। क्वालिफिकेशन के एक अहम मुकाबले में एल्वरसबर्ग ने प्रूसेन मुंस्टर को 3-0 से करारी शिकस्त दी और पॉइंट टेबल में दूसरा स्थान पक्का कर लिया। मैच के शुरुआती 15 मिनट में ही बंबासे कोंटे और डेविड मोकवा ने गोल दागकर टीम को मजबूत स्थिति में ला दिया था। दूसरे हाफ में मोकवा ने एक और गोल कर टीम की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित कर दी। 1907 में बनी यह टीम 2021-22 तक जर्मनी की चौथी लीग (फोर्थ टियर) में खेलती थी। पिछले 5 सालों में यह उनका तीसरा प्रमोशन है। पिछले सीजन (2024-25) में भी वे बुंदेसलीगा में जाने के बेहद करीब थे, लेकिन प्लेऑफ के 95वें मिनट में हीडेनहाइम से गोल खाकर उनका दिल टूट गया था। उस झटके के बाद उनके सफल कोच होर्स्ट स्टीफन और 5 प्रमुख खिलाड़ी टीम छोड़कर चले गए थे। लेकिन नए हेड कोच विन्सेंट वैगनर ने हार नहीं मानी। उन्होंने हॉफेनहाइम से लोन पर आए बंबासे कोंटे, विंगर लुकास पेटकोव (13 गोल, 7 असिस्ट) और जनवरी में 16 करोड़ में खरीदे गए स्ट्राइकर डेविड मोकवा जैसे युवा खिलाड़ियों के दम पर नया इतिहास रच दिया। शहर में कोई रेलवे स्टेशन नहीं, सिर्फ तीन बेकरियां स्पाइसन-एल्वरसबर्ग की कुल आबादी 13,000 है, लेकिन मूल एल्वरसबर्ग गांव में सिर्फ 7,000 लोग रहते हैं। इस कस्बे में कोई रेलवे स्टेशन नहीं है और गिनती की सिर्फ तीन बेकरियां हैं। दिलचस्प बात यह है कि यहां के स्टेडियम की क्षमता (10,000) कस्बे की आबादी से भी ज्यादा है। अब बुंदेसलीगा के कड़े नियमों के तहत 2027 तक इस क्लब के स्टेडियम की क्षमता को बढ़ाकर 15,000 किया जा रहा है, ताकि तय मानक पूरे हो सकें।

Brands vie for tennis stars, as courts become fashion’s new runway

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Hindi News Sports Brands Vie For Tennis Stars, As Courts Become Fashion’s New Runway न्यूयॉर्क11 मिनट पहले कॉपी लिंक टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका।- फाइल फोटो दुनिया की नंबर-1 महिला टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका जब इटैलियन ओपन टूर्नामेंट के दौरान हाथ में नई लॉन्च हुई गुच्ची पापरात्सो बैग लेकर कोर्ट पर उतरीं, तो साफ हो गया कि लग्जरी फैशन अब टेनिस जगत में भी गहराई से उतर चुका है। गुच्ची ने जनवरी में सबालेंका को ब्रांड एंबेसडर बनाया था। इससे पहले वह जुलाई 2022 में पुरुषों के नंबर-1 खिलाड़ी यानिक सिनर को साइन कर चुका है। इसके बाद कई लग्जरी ब्रांड्स टेनिस खिलाड़ियों के साथ जुड़ गए। लुई वीटन ने स्पेन के टेनिस खिलाड़ी कार्लोस अल्कराज को साइन किया। डियोर ने चीन की झेंग छिनवेन को जोड़ा। बरबरी ने ब्रिटेन के जैक ड्रेपर को लिया। मियू मियू ने कोको गॉफ और न्यू बैलेंस के साथ टेनिस कलेक्शन बनाया और फिर बाद में गॉफ को साइन भी कर लिया। बोटेगा वेनेटा ने इटली के लोरेंजो मुसेत्ती को जोड़ा। इस साल टेनिस देखने वाले दर्शकों में 39 फीसदी बढ़े अमेरिकी टेनिस संघ यूएसटीए के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में 2025 में टेनिस खेलने वालों की संख्या 16 लाख बढ़ी। 2019 के मुकाबले यह 54% ज्यादा है। टेनिस चैनल ने इस साल इंडियन वेल्स में अब तक की सबसे ज्यादा व्यूअरशिप देखी, इसमें 39% बढ़ोतरी हुई। सब्सक्रिप्शन साइन-अप्स भी पिछले साल के मुकाबले 150% बढ़े हैं। ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट्स में भीड़ बढ़ी है। गुच्ची ने जनवरी में सबालेंका को ब्रांड एंबेसडर बनाया था।- फाइल फोटो खिलाड़ियों के परिवार तक पहुंचा ब्रांड्स का फोकस लग्जरी ब्रांड्स अब खिलाड़ियों के अलावा टेनिस के पूरे माहौल पर ध्यान दे रहे हैं। मैचों में खिलाड़ियों की पत्नियां, परिवार, प्रेमिकाएं और सोशल मीडिया प्रभावशालियों की मौजूदगी बहुत बढ़ गई है। रचनात्मक रणनीति एजेंसी ‘एफआरएम’ के मुताबिक, अब इन महिलाओं की पहचान बदल चुकी है। इंटरनेट पर इनका खुद का एक स्वतंत्र मुकाम है। युवा फैंस तक पहुंचने की कोशिश में लग्जरी ब्रांड गुच्ची का कहना है कि टेनिस एक्सक्लूसिव जरूर हो सकता है, लेकिन इसकी ग्लोबल अपील है। विंबलडन, मियामी और यूएस ओपन जैसे टूर्नामेंट अलग तरह के दर्शकों को खींचते हैं। ब्रांड्स समझ चुके हैं कि ग्रोथ के लिए उन्हें सिर्फ अल्ट्रा-रिच तक सीमित नहीं रहना है। टेनिस उन्हें अमीर खरीदारों और युवा फैंस, दोनों तक पहुंचने का मौका देता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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Hindi News Sports Brands Vie For Tennis Stars, As Courts Become Fashion’s New Runway न्यूयॉर्क30 मिनट पहले कॉपी लिंक टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका।- फाइल फोटो दुनिया की नंबर-1 महिला टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका जब इटैलियन ओपन टूर्नामेंट के दौरान हाथ में नई लॉन्च हुई गुच्ची पापरात्सो बैग लेकर कोर्ट पर उतरीं, तो साफ हो गया कि लग्जरी फैशन अब टेनिस जगत में भी गहराई से उतर चुका है। गुच्ची ने जनवरी में सबालेंका को ब्रांड एंबेसडर बनाया था। इससे पहले वह जुलाई 2022 में पुरुषों के नंबर-1 खिलाड़ी यानिक सिनर को साइन कर चुका है। इसके बाद कई लग्जरी ब्रांड्स टेनिस खिलाड़ियों के साथ जुड़ गए। लुई वीटन ने स्पेन के टेनिस खिलाड़ी कार्लोस अल्कराज को साइन किया। डियोर ने चीन की झेंग छिनवेन को जोड़ा। बरबरी ने ब्रिटेन के जैक ड्रेपर को लिया। मियू मियू ने कोको गॉफ और न्यू बैलेंस के साथ टेनिस कलेक्शन बनाया और फिर बाद में गॉफ को साइन भी कर लिया। बोटेगा वेनेटा ने इटली के लोरेंजो मुसेत्ती को जोड़ा। इस साल टेनिस देखने वाले दर्शकों में 39 फीसदी बढ़े अमेरिकी टेनिस संघ यूएसटीए के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में 2025 में टेनिस खेलने वालों की संख्या 16 लाख बढ़ी। 2019 के मुकाबले यह 54% ज्यादा है। टेनिस चैनल ने इस साल इंडियन वेल्स में अब तक की सबसे ज्यादा व्यूअरशिप देखी, इसमें 39% बढ़ोतरी हुई। सब्सक्रिप्शन साइन-अप्स भी पिछले साल के मुकाबले 150% बढ़े हैं। ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट्स में भीड़ बढ़ी है। गुच्ची ने जनवरी में सबालेंका को ब्रांड एंबेसडर बनाया था।- फाइल फोटो खिलाड़ियों के परिवार तक पहुंचा ब्रांड्स का फोकस लग्जरी ब्रांड्स अब खिलाड़ियों के अलावा टेनिस के पूरे माहौल पर ध्यान दे रहे हैं। मैचों में खिलाड़ियों की पत्नियां, परिवार, प्रेमिकाएं और सोशल मीडिया प्रभावशालियों की मौजूदगी बहुत बढ़ गई है। रचनात्मक रणनीति एजेंसी ‘एफआरएम’ के मुताबिक, अब इन महिलाओं की पहचान बदल चुकी है। इंटरनेट पर इनका खुद का एक स्वतंत्र मुकाम है। युवा फैंस तक पहुंचने की कोशिश में लग्जरी ब्रांड गुच्ची का कहना है कि टेनिस एक्सक्लूसिव जरूर हो सकता है, लेकिन इसकी ग्लोबल अपील है। विंबलडन, मियामी और यूएस ओपन जैसे टूर्नामेंट अलग तरह के दर्शकों को खींचते हैं। ब्रांड्स समझ चुके हैं कि ग्रोथ के लिए उन्हें सिर्फ अल्ट्रा-रिच तक सीमित नहीं रहना है। टेनिस उन्हें अमीर खरीदारों और युवा फैंस, दोनों तक पहुंचने का मौका देता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

पीएम की अपील के बाद घरेलू पर्यटन में वृद्धि:कश्मीर से लक्षद्वीप तक बुकिंग बढ़ीं, विदेश यात्रा की पूछ कम

पीएम की अपील के बाद घरेलू पर्यटन में वृद्धि:कश्मीर से लक्षद्वीप तक बुकिंग बढ़ीं, विदेश यात्रा की पूछ कम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचने की अपील का असर देश के ट्रैवल सेक्टर में दिखाई दे रहा है। कश्मीर, लक्षद्वीप, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, केरल और उत्तर बंगाल जैसे घरेलू पर्यटन स्थलों की मांग तेजी से बढ़ी है, जबकि विदेशी यात्राओं से जुड़ी पूछताछ में गिरावट दर्ज की गई है। इंटरसिटी स्मार्टबस के डेटा के मुताबिक देहरादून, मनाली, गोवा, तिरुपति और उज्जैन जैसे प्रमुख पर्यटन और तीर्थयात्रा मार्गों पर बुकिंग में करीब 30-35% की वृद्धि दर्ज हुई है। स्काईस्कैनर की ‘स्मार्टर समर रिपोर्ट’ के अनुसार 90% यात्री चाहते हैं कि छुट्टियों पर किया गया खर्च छोटे व्यवसायों और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं का समर्थन करे। क्लियरट्रिप, मेकमाईट्रिप और ईजमाई बुकिंग जैसे ट्रैवल प्लेटफॉर्म के अनुसार, इस गर्मी में भारतीय परिवार अब कम अवधि की घरेलू छुट्टियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के अध्यक्ष रवि गोसाईं के मुताबिक इस सीजन में अंतरराष्ट्रीय पूछताछ और बुकिंग में 10%-15% तक गिरावट आई है। पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में घरेलू पर्यटक यात्राएं बढ़कर 413 करोड़ तक पहुंच गईं, जो दर्शाता है कि घरेलू पर्यटन अब भारतीय ट्रैवल इंडस्ट्री की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है। लक्षद्वीप में 4 साल में 17 गुना बढ़े पर्यटक पर्यटन मंत्रालय के ताजे डेटा के अनुसार, 2020 में लक्षद्वीप में 3,875 पर्यटक पहुंचे थे। 2024 में यह संख्या रिकॉर्ड 68,328 तक पहुंच गई। 2023 से 24 के बीच पर्यटकों की संख्या 47% बढ़ी। माना जा रहा है कि जनवरी 2024 में प्रधानमंत्री की यात्रा और फिर सोशल मीडिया प्रचार ने इस उछाल को गति दी। लक्षद्वीप – 2023-24 के बीच 47% बढ़े सैलानी वर्ष – संख्या – वृद्धि 2020 – 3875 – —- 2023 – 46,551- 1,101% 2024 – 68,328 – 47% (स्रोत- पर्यटन मंत्रालय) पहाड़ी इलाके डिमांड में पिछले कुछ हफ्तों में देश के पहाड़ी इलाके बुकिंग के लिहाज से तेजी से बढ़ते गंतव्य बनकर उभरे हैं। लोग घरेलू यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं। – राजेश मागो, सीईओ, मेकमाई ट्रिप

पीएम की अपील के बाद घरेलू पर्यटन में वृद्धि:कश्मीर से लक्षद्वीप तक बुकिंग बढ़ीं, विदेश यात्रा की पूछ कम

पीएम की अपील के बाद घरेलू पर्यटन में वृद्धि:कश्मीर से लक्षद्वीप तक बुकिंग बढ़ीं, विदेश यात्रा की पूछ कम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचने की अपील का असर देश के ट्रैवल सेक्टर में दिखाई दे रहा है। कश्मीर, लक्षद्वीप, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, केरल और उत्तर बंगाल जैसे घरेलू पर्यटन स्थलों की मांग तेजी से बढ़ी है, जबकि विदेशी यात्राओं से जुड़ी पूछताछ में गिरावट दर्ज की गई है। इंटरसिटी स्मार्टबस के डेटा के मुताबिक देहरादून, मनाली, गोवा, तिरुपति और उज्जैन जैसे प्रमुख पर्यटन और तीर्थयात्रा मार्गों पर बुकिंग में करीब 30-35% की वृद्धि दर्ज हुई है। स्काईस्कैनर की ‘स्मार्टर समर रिपोर्ट’ के अनुसार 90% यात्री चाहते हैं कि छुट्टियों पर किया गया खर्च छोटे व्यवसायों और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं का समर्थन करे। क्लियरट्रिप, मेकमाईट्रिप और ईजमाई बुकिंग जैसे ट्रैवल प्लेटफॉर्म के अनुसार, इस गर्मी में भारतीय परिवार अब कम अवधि की घरेलू छुट्टियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के अध्यक्ष रवि गोसाईं के मुताबिक इस सीजन में अंतरराष्ट्रीय पूछताछ और बुकिंग में 10%-15% तक गिरावट आई है। पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में घरेलू पर्यटक यात्राएं बढ़कर 413 करोड़ तक पहुंच गईं, जो दर्शाता है कि घरेलू पर्यटन अब भारतीय ट्रैवल इंडस्ट्री की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है। लक्षद्वीप में 4 साल में 17 गुना बढ़े पर्यटक पर्यटन मंत्रालय के ताजे डेटा के अनुसार, 2020 में लक्षद्वीप में 3,875 पर्यटक पहुंचे थे। 2024 में यह संख्या रिकॉर्ड 68,328 तक पहुंच गई। 2023 से 24 के बीच पर्यटकों की संख्या 47% बढ़ी। माना जा रहा है कि जनवरी 2024 में प्रधानमंत्री की यात्रा और फिर सोशल मीडिया प्रचार ने इस उछाल को गति दी। लक्षद्वीप – 2023-24 के बीच 47% बढ़े सैलानी वर्ष – संख्या – वृद्धि 2020 – 3875 – —- 2023 – 46,551- 1,101% 2024 – 68,328 – 47% (स्रोत- पर्यटन मंत्रालय) पहाड़ी इलाके डिमांड में पिछले कुछ हफ्तों में देश के पहाड़ी इलाके बुकिंग के लिहाज से तेजी से बढ़ते गंतव्य बनकर उभरे हैं। लोग घरेलू यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं। – राजेश मागो, सीईओ, मेकमाई ट्रिप

क्रिस्टीज ने एक रात में बेचीं 10642 करोड़ की कलाकृतियां:नीलामी घर के 259 साल के इतिहास की सबसे बड़ी ऑक्शन

क्रिस्टीज ने एक रात में बेचीं 10642 करोड़ की कलाकृतियां:नीलामी घर के 259 साल के इतिहास की सबसे बड़ी ऑक्शन

न्यूयॉर्क के ऑक्शन हाउस ‘क्रिस्टीज’ ने इतिहास रच दिया। सोमवार शाम महज 40 मिनट की नीलामी में 6095 करोड़ से अधिक की कलाकृतियां बिक गईं। नीलामी घर ने एक ही शाम में 1.1 अरब डॉलर(10,642 करोड़ रुपए) से अधिक की कलाकृतियाँ बेचकर जैक्सन पोलॉक, कॉन्स्टेंटिन ब्रांकुसी और मार्क रोथको की कृतियों के लिए नए रिकॉर्ड स्थापित किए। इस ऐतिहासिक नीलामी में दिवंगत मीडिया दिग्गज एसआई न्यू हाउस के कलेक्शन से जुड़ी 16 दुर्लभ कलाकृतियों को पेश किया गया। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, शाम भर में अधिकांश बोलियाँ 10 लाख डॉलर के गुणकों में लगाई गईं। एलिस नील की 1967 की पेंटिंग ‘मदर एंड चाइल्ड (नैन्सी और ओलिविया)’ छह मिनट की बोली के बाद अपने उच्चतम अनुमान (18 लाख डॉलर) से तीन गुना अधिक कीमत पर बिकी और 57 लाख डॉलर के विक्रय मूल्य पर कलाकार के लिए एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया। जैक्सन पोलॉक का रिकॉर्ड एब्सट्रैक्ट पेंटर जैक्सन पोलॉक की एक बड़ी ड्रिप पेंटिंग रिकॉर्ड 1753 करोड़ रुपए में बिकी, जिसने उनके 2021 के 592 करोड़ के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। ब्रैंकुसी और निकोल किडमैन का जादू मूर्तिकार कॉन्सटेंटिन ब्रैंकुसी की सुनहरी प्रतिमा डानाइडे 1041 करोड़ में बिकी। इसका प्रमोशन हॉलीवुड स्टार निकोल किडमैन ने किया था।

492 climbers from 55 countries are eager to create history; 109 are from China and 61 from India.

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Hindi News International 492 Climbers From 55 Countries Are Eager To Create History; 109 Are From China And 61 From India. काठमांडू15 मिनट पहले कॉपी लिंक पर्वतारोही और शेरपा गाइडों को मिलाकर करीब 1,000 लोग चोटी की ओर बढ़ रहे हैं। नेपाल के सोलुखुम्बु जिले (एवरेस्ट रीजन) में माउंट एवरेस्ट फतह करने का जुनून इन दिनों चरम पर है। इस सीजन कुल 55 देशों के रिकॉर्ड 492 पर्वतारोही एवरेस्ट फतह करने की कोशिश में हैं। इनमें सबसे ज्यादा चीन के 109 तो भारत के 61 पर्वतारोही शामिल हैं। इस बार रिकॉर्ड 101 महिला पर्वतारोही भी इस चुनौती का हिस्सा हैं। इस साल 17 से 21 मई के बीच पांच दिनों में बेस कैम्प से शिखर तक का सफर पूरा करना है। पर्वतारोही और शेरपा गाइडों को मिलाकर करीब 1,000 लोग चोटी की ओर बढ़ रहे हैं। चीन के तिब्बत वाले उत्तरी रूट के बंद होने से इस बार नेपाल रूट पर दबाव और बढ़ गया है। इस साल सीजन की शुरुआत में खुम्बू आइसफॉल में विशाल हिमखंड ने चढ़ाई रोकी थी, लेकिन रास्ता खुलते ही अभियान तेज हो गया। इसी भीड़ के बीच 56 वर्षीय कामी रीता शेरपा ने 32वीं बार एवरेस्ट फतह कर अपना ही विश्व रिकॉर्ड तोड़ा। वहीं 52 वर्षीय लख्पा शेरपा ने 11वीं बार शिखर छूकर किसी महिला द्वारा सर्वाधिक एवरेस्ट चढ़ाई का रिकॉर्ड और मजबूत किया। बता दें कि नेपाल सरकार हर साल औसतन 400 से ज्यादा परमिट जारी करती है। नेपाल ने इस बार विदेशी पर्वतारोही के परमिट की फीस में 36% की बढ़ोतरी की है। इस साल करीब 9 लाख रुपए फीस है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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Hindi News International 492 Climbers From 55 Countries Are Eager To Create History; 109 Are From China And 61 From India. काठमांडू31 मिनट पहले कॉपी लिंक पर्वतारोही और शेरपा गाइडों को मिलाकर करीब 1,000 लोग चोटी की ओर बढ़ रहे हैं। नेपाल के सोलुखुम्बु जिले (एवरेस्ट रीजन) में माउंट एवरेस्ट फतह करने का जुनून इन दिनों चरम पर है। इस सीजन कुल 55 देशों के रिकॉर्ड 492 पर्वतारोही एवरेस्ट फतह करने की कोशिश में हैं। इनमें सबसे ज्यादा चीन के 109 तो भारत के 61 पर्वतारोही शामिल हैं। इस बार रिकॉर्ड 101 महिला पर्वतारोही भी इस चुनौती का हिस्सा हैं। इस साल 17 से 21 मई के बीच पांच दिनों में बेस कैम्प से शिखर तक का सफर पूरा करना है। पर्वतारोही और शेरपा गाइडों को मिलाकर करीब 1,000 लोग चोटी की ओर बढ़ रहे हैं। चीन के तिब्बत वाले उत्तरी रूट के बंद होने से इस बार नेपाल रूट पर दबाव और बढ़ गया है। इस साल सीजन की शुरुआत में खुम्बू आइसफॉल में विशाल हिमखंड ने चढ़ाई रोकी थी, लेकिन रास्ता खुलते ही अभियान तेज हो गया। इसी भीड़ के बीच 56 वर्षीय कामी रीता शेरपा ने 32वीं बार एवरेस्ट फतह कर अपना ही विश्व रिकॉर्ड तोड़ा। वहीं 52 वर्षीय लख्पा शेरपा ने 11वीं बार शिखर छूकर किसी महिला द्वारा सर्वाधिक एवरेस्ट चढ़ाई का रिकॉर्ड और मजबूत किया। बता दें कि नेपाल सरकार हर साल औसतन 400 से ज्यादा परमिट जारी करती है। नेपाल ने इस बार विदेशी पर्वतारोही के परमिट की फीस में 36% की बढ़ोतरी की है। इस साल करीब 9 लाख रुपए फीस है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

टेनिस खिलाड़ी ने 82 की उम्र में हासिल की डिग्री:बिली जीन किंग ने पूरी की अधूरी पढ़ाई, कहा- सीखने की कोई उम्र नहीं

टेनिस खिलाड़ी ने 82 की उम्र में हासिल की डिग्री:बिली जीन किंग ने पूरी की अधूरी पढ़ाई, कहा- सीखने की कोई उम्र नहीं

टेनिस कोर्ट पर दुनिया की दिग्गजों को धूल चटाने वाली और महिला अधिकारों की वैश्विक प्रतीक बिली जीन किंग ने सोमवार को इतिहास रच दिया। इस बार उन्होंने हाथ में टेनिस रैकेट लेकर नहीं, बल्कि दीक्षांत समारोह के मंच पर अपनी डिग्री थामकर हवा में हाथ लहराया। 82 वर्ष की उम्र में किंग ने कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी, लॉस एंजिलिस से इतिहास विषय में बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री पूरी कर ली है। उन्होंने इसी यूनिवर्सिटी में 1961 में पहली बार एडमिशन लिया था। डिग्री लेने के बाद भावुक अमे​रिकी खिलाड़ी किंग ने कहा, ‘आपकी उम्र चाहे जो हो, आपकी क्षमताएं चाहे जो हों- पढ़ाई और सपनों को पूरा करने के लिए कभी बहुत देर नहीं होती। अगर आप कुछ चाहते हैं, तो उसके लिए जरूर आगे बढ़ें। सीखने की कोई उम्र नहीं होती। यह डिग्री मेरे लिए मेरी उम्मीद से कहीं ज्यादा मायने रखती है। मुझे बेहद खुशी है कि मैंने इसे पूरा किया। मेरी अब यही उम्मीद है कि मुझे देखकर कम से कम कोई एक व्यक्ति वापस स्कूल या कॉलेज जाने का फैसला करे।’ किंग ने अपने पुराने दिनों के संघर्ष को याद किया। उन्होंने बताया, ‘1961 में महिलाओं के लिए खेल के आधार पर कोई वित्तीय सहायता या स्कॉलरशिप उपलब्ध नहीं थी। जबकि मेरे पुरुष मित्र आर्थर ऐश और स्टैन स्मिथ को यूनिवर्सिटी टीमों में खेलने के लिए पूरी स्कॉलरशिप मिली हुई थी।’ इसी भेदभाव ने किंग को जीवन भर समानता के लिए लड़ने की प्रेरणा दी। बिली जीन किंग ने 1961 में कॉलेज में दाखिला लिया था। दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी बनने और 39 ग्रैंड स्लैम जीतने के सफर के कारण उन्हें पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। उन्होंने 1973 के ऐतिहासिक ‘बैटल ऑफ द सेक्सेस’ मैच में बॉबी रिग्स को हराकर महिला टेनिस को नई पहचान दी थी। बिली जीन किंग के ग्रेजुएशन गाउन पर लिखा था ‘G.O.A.T.’ दीक्षांत समारोह के दौरान बिली जीन किंग का ब्लैक ग्रेजुएशन गाउन खास था। उनके एक करीबी दोस्त ने उनके लिए एक गोल्ड ग्रेजुएशन स्टोल तैयार किया था। इसके एक तरफ उनके नाम के शुरुआती अक्षरों के साथ ‘G.O.A.T.’ (ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम) लिखा था, जबकि दूसरी तरफ एक रंग-बिरंगा टेनिस रैकेट कढ़ाई से उकेरा गया था। किंग ने 2 साल पहले संकल्प लिया था कि वह अपनी अधूरी पढ़ाई उसी कॉलेज से पूरी करेंगी, जहां फिजिकल एजुकेशन बिल्डिंग के बाहर उनकी कांस्य की आदमकद मूर्ति लगी हुई है। वह अपने परिवार की पहली ऐसी सदस्य हैं, जिन्होंने कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है।

टेनिस खिलाड़ी ने 82 की उम्र में हासिल की डिग्री:बिली जीन किंग ने पूरी की अधूरी पढ़ाई, कहा- सीखने की कोई उम्र नहीं

टेनिस खिलाड़ी ने 82 की उम्र में हासिल की डिग्री:बिली जीन किंग ने पूरी की अधूरी पढ़ाई, कहा- सीखने की कोई उम्र नहीं

टेनिस कोर्ट पर दुनिया की दिग्गजों को धूल चटाने वाली और महिला अधिकारों की वैश्विक प्रतीक बिली जीन किंग ने सोमवार को इतिहास रच दिया। इस बार उन्होंने हाथ में टेनिस रैकेट लेकर नहीं, बल्कि दीक्षांत समारोह के मंच पर अपनी डिग्री थामकर हवा में हाथ लहराया। 82 वर्ष की उम्र में किंग ने कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी, लॉस एंजिलिस से इतिहास विषय में बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री पूरी कर ली है। उन्होंने इसी यूनिवर्सिटी में 1961 में पहली बार एडमिशन लिया था। डिग्री लेने के बाद भावुक अमे​रिकी खिलाड़ी किंग ने कहा, ‘आपकी उम्र चाहे जो हो, आपकी क्षमताएं चाहे जो हों- पढ़ाई और सपनों को पूरा करने के लिए कभी बहुत देर नहीं होती। अगर आप कुछ चाहते हैं, तो उसके लिए जरूर आगे बढ़ें। सीखने की कोई उम्र नहीं होती। यह डिग्री मेरे लिए मेरी उम्मीद से कहीं ज्यादा मायने रखती है। मुझे बेहद खुशी है कि मैंने इसे पूरा किया। मेरी अब यही उम्मीद है कि मुझे देखकर कम से कम कोई एक व्यक्ति वापस स्कूल या कॉलेज जाने का फैसला करे।’ किंग ने अपने पुराने दिनों के संघर्ष को याद किया। उन्होंने बताया, ‘1961 में महिलाओं के लिए खेल के आधार पर कोई वित्तीय सहायता या स्कॉलरशिप उपलब्ध नहीं थी। जबकि मेरे पुरुष मित्र आर्थर ऐश और स्टैन स्मिथ को यूनिवर्सिटी टीमों में खेलने के लिए पूरी स्कॉलरशिप मिली हुई थी।’ इसी भेदभाव ने किंग को जीवन भर समानता के लिए लड़ने की प्रेरणा दी। बिली जीन किंग ने 1961 में कॉलेज में दाखिला लिया था। दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी बनने और 39 ग्रैंड स्लैम जीतने के सफर के कारण उन्हें पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। उन्होंने 1973 के ऐतिहासिक ‘बैटल ऑफ द सेक्सेस’ मैच में बॉबी रिग्स को हराकर महिला टेनिस को नई पहचान दी थी। बिली जीन किंग के ग्रेजुएशन गाउन पर लिखा था ‘G.O.A.T.’ दीक्षांत समारोह के दौरान बिली जीन किंग का ब्लैक ग्रेजुएशन गाउन खास था। उनके एक करीबी दोस्त ने उनके लिए एक गोल्ड ग्रेजुएशन स्टोल तैयार किया था। इसके एक तरफ उनके नाम के शुरुआती अक्षरों के साथ ‘G.O.A.T.’ (ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम) लिखा था, जबकि दूसरी तरफ एक रंग-बिरंगा टेनिस रैकेट कढ़ाई से उकेरा गया था। किंग ने 2 साल पहले संकल्प लिया था कि वह अपनी अधूरी पढ़ाई उसी कॉलेज से पूरी करेंगी, जहां फिजिकल एजुकेशन बिल्डिंग के बाहर उनकी कांस्य की आदमकद मूर्ति लगी हुई है। वह अपने परिवार की पहली ऐसी सदस्य हैं, जिन्होंने कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है।