दिलजीत दोसांझ के शो से खालिस्तानी धक्के मारकर निकाले:टोरंटो के कॉन्सर्ट में झंडे लेकर पहुंचे, पुलिस ने भीड़ से खींच-खींचकर पकड़े

पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ के 31 मई की रात टोरंटो कॉन्सर्ट में खालिस्तानी झंडे लेकर पहुंच गए। कनाडा के टोरंटो स्थित फेमस रॉजर्स सेंटर स्टेडियम में शो के बीच कुछ दर्शकों ने खालिस्तानी झंडे लहराए और शो को खराब करने की कोशिश की। घटना पर इस बार पहले से तैयार पुलिस टीम ने भीड़ में घुसकर खालिस्तानियों को धक्के देकर बाहर निकाल दिया। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें साफ दिख रहा है कि सुरक्षाकर्मी स्टेडियम की भीड़ से गुजरते हुए झंडा लहराने वालों को धक्का देकर बाहर निकाल रहे हैं। घटना उस समय हुई जब दिलजीत परफॉर्म कर रहे थे और हजारों फैंस उनका उत्साह बढ़ा रहे थे। आयोजकों और लोकल पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया, जिससे शो बिना ज्यादा रुकावट के जारी रहा। इस घटना ने सोशल मीडिया पर खालिस्तानियों को लेकर बहस छेड़ दी है। फैंस दिलजीत के स्टैंड की तारीफ कर रहे हैं तो दूसरी तरफ प्रो-खालिस्तान एक्टिविस्ट्स इसे मुद्दा बना रहे हैं। 3 पॉइंट में जानिए शो के दौरान क्या हुआ… दिलजीत कह चुके, हुड़दंगियों को बाहर निकालें इस घटना से पहले दिलजीत ने 11 मई 2026 को इंस्टाग्राम स्टोरीज पर खालिस्तानियों और उनके शो में हुड़दंग करने वालों को लेकर लिखा था कि बाहर प्रोटेस्ट करना किसी का भी अधिकार है, लेकिन अंदर आकर मेरे फैंस को हरास करना बर्दाश्त नहीं होगा। अगर कोई बैनर या झंडा लेकर आता है तो वह सपोर्ट दिखाने के लिए हो सकता है, लेकिन अगर बाहर गाली-गलौज कर रहे हैं और अंदर भी वही ड्रामा करेंगे तो नहीं चलेगा। मैंने सिक्योरिटी को कहा है कि जो प्रोग्राम खराब करे, उसे उठाकर बाहर फेंक दो। मैं किसी झंडे या बैनर के खिलाफ नहीं हूं, फेक नैरेटिव न फैलाएं। जानें कब-कब खालिस्थानी डाल चुके खलल ***************** ये खबर भी पढ़ें: पंजाबी सिंगर दिलजीत नहीं लड़ेंगे चुनाव: बोले-मैं नि:स्वार्थ सेवा करता हूं, वोट नहीं चाहिए; बचपन के दोस्त को भी करवाया रूबरू पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ ने कनाडा के शो में अपने दोस्त तजिंदर सिंह कोहली को लोगों के रू-ब-रू करवाया। दिलजीत ने कहा कि ये वो लड़ता है जिसने पंजाब में बाढ़ के दिनों में काम किया। ये 6 महीने तक अपने घर नहीं गया। मैंने इलेक्शन नहीं लड़ता है और न ही किसी से वोट लेने हैं। (पढ़ेंं पूरी खबर)
Khalistan Army Threatens Diljit Dosanjh

लुधियाना की मेयर और दिलजीत दोसांझ। लुधियाना शहर में उस वक्त भारी सनसनी फैल गई जब लुधियाना नगर निगम के उच्च अधिकारियों को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। ईमेल में लुधियाना के मेयर ऑफिस और मशहूर पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के घर को बम से उड़ाने की सीधी धमकी दी गई है। यह ईमेल सोमवार, 25 मई क . क्या लिखा है धमकी भरे ईमेल में? सुबह करीब 7:28 बजे आई ईमेल आईडी का विषय “B”0mb Blast – Mayor Office Ludhiana!” रखा गया है। ईमेल में धमाकों का समय भी निर्धारित किया गया है। दोपहर 1:11 बजे लुधियाना मेयर पर हमले की धमकी दी गई है। इसके साथ ही रात 9:11 बजे दिलजीत दोसांझ के लुधियाना स्थित घर पर धमाके की चेतावनी दी है। हमलावरों ने स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि “कोई भी मदद दिलजीत दोसांझ करेगा, मारा जाएगा।” लुधियाना में भेजा गया धमकी भरा मेल। 1984 के दंगों का जिक्र, 6 जून तक का अल्टीमेटम ईमेल में 1984 के सिख दंगों का हवाला देते हुए “खून का बदला खून” की बात लिखी गई है। धमकी देने वालों ने लिखा है कि 6 जून तक बम धमाकों के जरिए निशाना बनाया जाएगा। किसने भेजी है यह धमकी? ईमेल के अंत में इसे ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ (KHALISTAN National ARMY) की तरफ से भेजा गया बताया गया है। इसमें भेजने वालों के रूप में दो नाम लिखे गए हैं: 1. इंजीनियर गुरनख सिंह (रुकन शाहवाला) 2. डॉ. गुरनिरवैर सिंह (खान राजादा) पुलिस महकमा और साइबर सेल पूरी तरह अलर्ट धमकी के बाद पुलिस महकमा और साइबर सेल पूरी तरह अलर्ट पर है। ईमेल के आईपी एड्रेस और सेंडर को ट्रेस करने की त्वरित जांच शुरू कर दी गई है। मेयर कार्यालय और महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा कड़ी किए जाने की संभावना है।
रॉकस्टार का सीक्वल नहीं बनाएंगे इम्तियाज अली:कहा- जिसे पसंद हो, वो बनाए, अपकमिंग फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में अधूरा प्यार और बिछड़ने का दर्द दिखेगा

रॉकस्टार का सीक्वल नहीं बनाएंगे इम्तियाज अली, लेकिन उनकी आगामी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में एक बार फिर अधूरे प्यार, बिछड़ने और लौटकर आने की कसक देखने को मिलेगी। दिलजीत दोसांझ, शरवरी, वेदांग रैना और नसीरुद्दीन शाह स्टारर यह फिल्म सिर्फ लव स्टोरी नहीं, बल्कि यादों, माइग्रेशन और इमोशनल टूटन की कहानी है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में इम्तियाज अली ने बताया कि वह ‘रॉकस्टार’ का सीक्वल क्यों नहीं बनाना चाहते। वहीं उन्होंने दिलजीत दोसांझ, ए.आर. रहमान और अपनी फिल्मों में बार-बार दिखने वाले दर्द व बिछड़ने के एहसास पर भी खुलकर बात की। शरवरी और वेदांग ने भी फिल्म से अपने भावनात्मक जुड़ाव और किरदारों की तैयारी के अनुभव साझा किए। सवाल: आपकी फिल्मों में इश्क मिलने से ज्यादा बिछड़ने में दिखता है। क्या ये आपकी निजी सोच से आता है? जवाब/इम्तियाज अली: जब मैं फिल्म बनाता हूं, तब अपने बारे में नहीं सोच रहा होता। शायद मैं कहानियां बनाकर खुद से भागने की कोशिश करता हूं। लेकिन ये सच है कि जब आप किसी शहर को छोड़ रहे होते हैं, तभी उसकी सबसे ज्यादा याद आती है। मुझे याद है, जब मैं दिल्ली और जमशेदपुर के बीच ट्रेन से सफर करता था, तो अपना शहर सबसे खूबसूरत तब लगता था जब उसे छोड़ रहा होता था। कहते हैं, “A city looks most beautiful from the light of the burning bridge.” यानी जब वापसी का रास्ता खत्म हो जाता है, तब उस जगह के लिए प्यार और बढ़ जाता है। सवाल: वेदांग, ‘मैं वापस आऊंगा’ आपके लिए क्या मायने रखती है? जवाब/वेदांग रैना: शुरुआत में मेरे लिए सबसे बड़ी बात सिर्फ इम्तियाज सर के साथ काम करना था। लेकिन जब स्क्रिप्ट आगे बढ़ी, तब महसूस हुआ कि यह कहानी मुझसे बहुत जुड़ी हुई है, क्योंकि मैं भी कश्मीरी पंडित हूं। मेरी फैमिली ने माइग्रेशन देखा है। इसलिए इस फिल्म से मेरा भावनात्मक जुड़ाव हो गया। ये सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। सवाल: शरवरी, आपके लिए इस फिल्म का मतलब क्या है? जवाब/शरवरी: ये एक सिंपल लव स्टोरी है। प्यार सिर्फ किसी इंसान से नहीं, अपनी मिट्टी और अपनेपन से भी हो सकता है। इस कहानी की सबसे बड़ी ताकत उसका प्यार है। एक एक्टर के तौर पर भी ये मेरे लिए नया अनुभव था। इस किरदार को निभाते हुए मैंने खुद को भी थोड़ा और समझा। सवाल: इम्तियाज, आपके लिए इश्क क्या है? क्या आप ‘लव एट फर्स्ट साइट’ में भरोसा करते हैं? जवाब/इम्तियाज अली: जैसे-जैसे मैं बड़ा हो रहा हूं, प्यार को लेकर और कन्फ्यूज होता जा रहा हूं। शायद फिल्मों के जरिए ही उसे समझने की कोशिश करता हूं। मुझे लगता है प्यार कुछ भी हो सकता है। पहली नजर में भी हो सकता है, बार-बार भी हो सकता है और सिर्फ एक बार भी हो सकता है। जैसे भगवान को हर इंसान अपने तरीके से समझता है, वैसे ही प्यार भी है। सवाल: आपकी फिल्मों में टूटना, बिछड़ना और फिर लौटकर आना बार-बार क्यों दिखता है? जवाब/इम्तियाज अली: ये सब बचपन की यादों और लोगों की कहानियों से आता है। पंजाब में शूटिंग के दौरान कई बुजुर्गों ने मुझे पार्टिशन के किस्से सुनाए। किसी ने बताया कि उनके बुजुर्ग वाघा बॉर्डर तक पहुंच गए थे और कह रहे थे, “मुझे लाहौर जाना है,” क्योंकि उन्हें याद नहीं था कि पार्टिशन हो चुका है। किसी ने वीडियो कॉल पर अपने बचपन की जगह का रास्ता समझाया, जहां वो खुद नहीं जा सकते थे। ऐसी कई छोटी-छोटी बातें मेरे दिमाग में जमा होती गईं और फिर इस फिल्म की कहानी बन गई। सवाल: वेदांग, आपके लिए इश्क क्या है? जवाब/वेदांग रैना: अगर प्यार को सिर्फ रोमांटिक तरीके से ना देखें, तो कोई चीज आपको बहुत गहराई से छू जाए, वो भी प्यार हो सकता है। मुझे नहीं पता कि मुझे ‘लव एट फर्स्ट साइट’ हुआ है या नहीं, लेकिन किसी चीज से गहराई से प्रभावित होना शायद प्यार ही है। सवाल: क्या आपका दिल टूटा है? जवाब/वेदांग रैना: हां, जरूर टूटा है। शायद उस वक्त लगा था कि दिल टूट गया है, लेकिन अब मैच्योर नजरिए से देखूं तो शायद वो कुछ और था। लेकिन वो एहसास मैंने महसूस किया है। सवाल: दिल टूटने ने आपको कितना बदला? जवाब/वेदांग रैना: हर अनुभव इंसान को बदलता है और दिल टूटना जिंदगी का बड़ा मोड़ होता है। उसके बाद लोगों, रिश्तों और दुनिया को देखने का नजरिया बदल जाता है। शायद वही चीज इंसान को और समझदार बनाती है। सवाल: शरवरी, आपके लिए प्यार क्या है? जवाब/शरवरी: हम सब जिंदगी भर प्यार को समझते रहते हैं। बचपन से लेकर परिवार और रिश्तों तक, हर जगह प्यार मौजूद होता है। मेरे लिए प्यार का मतलब एक वादा है, एक सच्चाई है। हमारी फिल्म भी इसी भावना पर बनी है, एक ऐसा प्यार जो बहुत प्योर है। सवाल: क्या कभी दिल टूटा? और उससे कैसे बाहर निकलीं? जवाब/शरवरी: जब मैं इम्तियाज सर की फिल्में देखती हूं, तो उनमें दर्द के साथ एक खूबसूरती भी दिखती है। मैं मानती हूं कि कोई रिश्ता कभी पूरी तरह खत्म नहीं होता। शायद उनकी फिल्मों ने मुझे यही सिखाया है। सवाल: इम्तियाज अली के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब/ शरवरी: हमने शूटिंग से पहले उनके साथ रेकी की थी। वहीं हमें समझ आया कि फिल्म क्या है और किरदार कैसे सोचते हैं। पंजाब में शूटिंग के दौरान वहां के लोगों और खाने से भी बहुत प्यार मिला। सवाल: रेकी के दौरान की क्या खास यादें है? जवाब/वेदांग रैना: हम लोग लोकेशन पर सिर्फ साथ घूम रहे थे और समझ रहे थे कि फिल्म कैसे बनती है। तभी एहसास हुआ कि असली मेहनत डायरेक्टर और उनकी टीम करती है। सवाल: पंजाब शूट के दौरान सबसे मजेदार चीज क्या रही? जवाब/शरवरी: हमने रेकी के दौरान खूब स्टफ्ड कुलचे खाए। मुझे अभी भी पनीर-छोले याद हैं। वहां का खाना और लोग दोनों बेहद प्यारे थे। उसी दौरान हमने फिल्म और किरदारों को बेहतर तरीके से समझा। सवाल: आपकी फिल्मों में ट्रेन का सफर हमेशा खास क्यों होता है? जवाब/इम्तियाज अली: मुझे ट्रेन में शूटिंग और सफर करना हमेशा अच्छा लगता है। इस फिल्म के लिए हमने रेवाड़ी से पुराना
रॉकस्टार का सीक्वल नहीं बनाएंगे इम्तियाज अली:कहा- जिसे पसंद हो, वो बनाए, अपकमिंग फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में अधूरा प्यार और बिछड़ने का दर्द दिखेगा

रॉकस्टार का सीक्वल नहीं बनाएंगे इम्तियाज अली, लेकिन उनकी आगामी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में एक बार फिर अधूरे प्यार, बिछड़ने और लौटकर आने की कसक देखने को मिलेगी। दिलजीत दोसांझ, शरवरी, वेदांग रैना और नसीरुद्दीन शाह स्टारर यह फिल्म सिर्फ लव स्टोरी नहीं, बल्कि यादों, माइग्रेशन और इमोशनल टूटन की कहानी है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में इम्तियाज अली ने बताया कि वह ‘रॉकस्टार’ का सीक्वल क्यों नहीं बनाना चाहते। वहीं उन्होंने दिलजीत दोसांझ, ए.आर. रहमान और अपनी फिल्मों में बार-बार दिखने वाले दर्द व बिछड़ने के एहसास पर भी खुलकर बात की। शरवरी और वेदांग ने भी फिल्म से अपने भावनात्मक जुड़ाव और किरदारों की तैयारी के अनुभव साझा किए। सवाल: आपकी फिल्मों में इश्क मिलने से ज्यादा बिछड़ने में दिखता है। क्या ये आपकी निजी सोच से आता है? जवाब/इम्तियाज अली: जब मैं फिल्म बनाता हूं, तब अपने बारे में नहीं सोच रहा होता। शायद मैं कहानियां बनाकर खुद से भागने की कोशिश करता हूं। लेकिन ये सच है कि जब आप किसी शहर को छोड़ रहे होते हैं, तभी उसकी सबसे ज्यादा याद आती है। मुझे याद है, जब मैं दिल्ली और जमशेदपुर के बीच ट्रेन से सफर करता था, तो अपना शहर सबसे खूबसूरत तब लगता था जब उसे छोड़ रहा होता था। कहते हैं, “A city looks most beautiful from the light of the burning bridge.” यानी जब वापसी का रास्ता खत्म हो जाता है, तब उस जगह के लिए प्यार और बढ़ जाता है। सवाल: वेदांग, ‘मैं वापस आऊंगा’ आपके लिए क्या मायने रखती है? जवाब/वेदांग रैना: शुरुआत में मेरे लिए सबसे बड़ी बात सिर्फ इम्तियाज सर के साथ काम करना था। लेकिन जब स्क्रिप्ट आगे बढ़ी, तब महसूस हुआ कि यह कहानी मुझसे बहुत जुड़ी हुई है, क्योंकि मैं भी कश्मीरी पंडित हूं। मेरी फैमिली ने माइग्रेशन देखा है। इसलिए इस फिल्म से मेरा भावनात्मक जुड़ाव हो गया। ये सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। सवाल: शरवरी, आपके लिए इस फिल्म का मतलब क्या है? जवाब/शरवरी: ये एक सिंपल लव स्टोरी है। प्यार सिर्फ किसी इंसान से नहीं, अपनी मिट्टी और अपनेपन से भी हो सकता है। इस कहानी की सबसे बड़ी ताकत उसका प्यार है। एक एक्टर के तौर पर भी ये मेरे लिए नया अनुभव था। इस किरदार को निभाते हुए मैंने खुद को भी थोड़ा और समझा। सवाल: इम्तियाज, आपके लिए इश्क क्या है? क्या आप ‘लव एट फर्स्ट साइट’ में भरोसा करते हैं? जवाब/इम्तियाज अली: जैसे-जैसे मैं बड़ा हो रहा हूं, प्यार को लेकर और कन्फ्यूज होता जा रहा हूं। शायद फिल्मों के जरिए ही उसे समझने की कोशिश करता हूं। मुझे लगता है प्यार कुछ भी हो सकता है। पहली नजर में भी हो सकता है, बार-बार भी हो सकता है और सिर्फ एक बार भी हो सकता है। जैसे भगवान को हर इंसान अपने तरीके से समझता है, वैसे ही प्यार भी है। सवाल: आपकी फिल्मों में टूटना, बिछड़ना और फिर लौटकर आना बार-बार क्यों दिखता है? जवाब/इम्तियाज अली: ये सब बचपन की यादों और लोगों की कहानियों से आता है। पंजाब में शूटिंग के दौरान कई बुजुर्गों ने मुझे पार्टिशन के किस्से सुनाए। किसी ने बताया कि उनके बुजुर्ग वाघा बॉर्डर तक पहुंच गए थे और कह रहे थे, “मुझे लाहौर जाना है,” क्योंकि उन्हें याद नहीं था कि पार्टिशन हो चुका है। किसी ने वीडियो कॉल पर अपने बचपन की जगह का रास्ता समझाया, जहां वो खुद नहीं जा सकते थे। ऐसी कई छोटी-छोटी बातें मेरे दिमाग में जमा होती गईं और फिर इस फिल्म की कहानी बन गई। सवाल: वेदांग, आपके लिए इश्क क्या है? जवाब/वेदांग रैना: अगर प्यार को सिर्फ रोमांटिक तरीके से ना देखें, तो कोई चीज आपको बहुत गहराई से छू जाए, वो भी प्यार हो सकता है। मुझे नहीं पता कि मुझे ‘लव एट फर्स्ट साइट’ हुआ है या नहीं, लेकिन किसी चीज से गहराई से प्रभावित होना शायद प्यार ही है। सवाल: क्या आपका दिल टूटा है? जवाब/वेदांग रैना: हां, जरूर टूटा है। शायद उस वक्त लगा था कि दिल टूट गया है, लेकिन अब मैच्योर नजरिए से देखूं तो शायद वो कुछ और था। लेकिन वो एहसास मैंने महसूस किया है। सवाल: दिल टूटने ने आपको कितना बदला? जवाब/वेदांग रैना: हर अनुभव इंसान को बदलता है और दिल टूटना जिंदगी का बड़ा मोड़ होता है। उसके बाद लोगों, रिश्तों और दुनिया को देखने का नजरिया बदल जाता है। शायद वही चीज इंसान को और समझदार बनाती है। सवाल: शरवरी, आपके लिए प्यार क्या है? जवाब/शरवरी: हम सब जिंदगी भर प्यार को समझते रहते हैं। बचपन से लेकर परिवार और रिश्तों तक, हर जगह प्यार मौजूद होता है। मेरे लिए प्यार का मतलब एक वादा है, एक सच्चाई है। हमारी फिल्म भी इसी भावना पर बनी है, एक ऐसा प्यार जो बहुत प्योर है। सवाल: क्या कभी दिल टूटा? और उससे कैसे बाहर निकलीं? जवाब/शरवरी: जब मैं इम्तियाज सर की फिल्में देखती हूं, तो उनमें दर्द के साथ एक खूबसूरती भी दिखती है। मैं मानती हूं कि कोई रिश्ता कभी पूरी तरह खत्म नहीं होता। शायद उनकी फिल्मों ने मुझे यही सिखाया है। सवाल: इम्तियाज अली के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब/ शरवरी: हमने शूटिंग से पहले उनके साथ रेकी की थी। वहीं हमें समझ आया कि फिल्म क्या है और किरदार कैसे सोचते हैं। पंजाब में शूटिंग के दौरान वहां के लोगों और खाने से भी बहुत प्यार मिला। सवाल: रेकी के दौरान की क्या खास यादें है? जवाब/वेदांग रैना: हम लोग लोकेशन पर सिर्फ साथ घूम रहे थे और समझ रहे थे कि फिल्म कैसे बनती है। तभी एहसास हुआ कि असली मेहनत डायरेक्टर और उनकी टीम करती है। सवाल: पंजाब शूट के दौरान सबसे मजेदार चीज क्या रही? जवाब/शरवरी: हमने रेकी के दौरान खूब स्टफ्ड कुलचे खाए। मुझे अभी भी पनीर-छोले याद हैं। वहां का खाना और लोग दोनों बेहद प्यारे थे। उसी दौरान हमने फिल्म और किरदारों को बेहतर तरीके से समझा। सवाल: आपकी फिल्मों में ट्रेन का सफर हमेशा खास क्यों होता है? जवाब/इम्तियाज अली: मुझे ट्रेन में शूटिंग और सफर करना हमेशा अच्छा लगता है। इस फिल्म के लिए हमने रेवाड़ी से पुराना
दिलजीत बोले- राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं:पोस्ट शेयर कर अफवाहों का खंडन किया, कहा- म्यूजिक और फिल्मों पर ही पूरा फोकस रहेगा

पंजाबी सिंगर और एक्टरदिलजीत दोसांझ ने राजनीति में आने की खबरों पर सोशल मीडिया के जरिए सफाई दी है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ऐसी चर्चाएं चल रही थीं कि दिलजीत पंजाब की राजनीति में एंट्री कर सकते हैं। अब उन्होंने इन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। दिलजीत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “कदे वी नहीं।” यानी उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने साफ किया कि वे सिर्फ एक कलाकार हैं और उनका फोकस म्यूजिक, फिल्मों और एंटरटेनमेंट पर ही है। दरअसल, हाल ही में सोशल मीडिया पर दिलजीत को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। इसकी वजह यह थी कि वे लगातार इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर पंजाब और पंजाबी संस्कृति को प्रमोट करते नजर आ रहे हैं। कई यूजर्स उन्हें पंजाब की नई आवाज और संभावित राजनीतिक चेहरा बताने लगे थे। दिलजीत दोसांझ को दूसरा थलापति विजय कहने लगे। हालांकि दिलजीत ने अपने पोस्ट के जरिए साफ कर दिया कि वे राजनीति से दूर ही रहना चाहते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनका पूरा ध्यान अपने काम और फैंस को एंटरटेन करने पर है। दिलजीत इससे पहले भी कई मुद्दों पर सोशल मीडिया के जरिए अपनी राय रखते रहे हैं। हाल के महीनों में वे पंजाब, पंजाबी भाषा और संस्कृति को लेकर खुलकर बात करते नजर आए थे। यही वजह रही कि सोशल मीडिया पर उनके राजनीति में आने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। वर्कफ्रंट की बात करें तो दिलजीत इन दिनों अपने म्यूजिक टूर और अपकमिंग प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं। वे लगातार इंटरनेशनल कॉन्सर्ट्स कर रहे हैं और पंजाबी म्यूजिक को ग्लोबल लेवल पर पहचान दिलाने में जुटे हैं।
दिलजीत बोले- राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं:पोस्ट शेयर कर अफवाहों का खंडन किया, कहा- म्यूजिक और फिल्मों पर ही पूरा फोकस रहेगा

पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ ने राजनीति में आने की खबरों पर सोशल मीडिया के जरिए सफाई दी है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ऐसी चर्चाएं चल रही थीं कि दिलजीत पंजाब की राजनीति में एंट्री कर सकते हैं। अब उन्होंने इन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। दिलजीत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “कदे वी नहीं।” यानी उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने साफ किया कि वे सिर्फ एक कलाकार हैं और उनका फोकस म्यूजिक, फिल्मों और एंटरटेनमेंट पर ही है। दरअसल, हाल ही में सोशल मीडिया पर दिलजीत को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। इसकी वजह यह थी कि वे लगातार इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर पंजाब और पंजाबी संस्कृति को प्रमोट करते नजर आ रहे हैं। कई यूजर्स उन्हें पंजाब की नई आवाज और संभावित राजनीतिक चेहरा बताने लगे थे। दिलजीत दोसांझ को दूसरा थलापति विजय कहने लगे। हालांकि दिलजीत ने अपने पोस्ट के जरिए साफ कर दिया कि वे राजनीति से दूर ही रहना चाहते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनका पूरा ध्यान अपने काम और फैंस को एंटरटेन करने पर है। दिलजीत इससे पहले भी कई मुद्दों पर सोशल मीडिया के जरिए अपनी राय रखते रहे हैं। हाल के महीनों में वे पंजाब, पंजाबी भाषा और संस्कृति को लेकर खुलकर बात करते नजर आए थे। यही वजह रही कि सोशल मीडिया पर उनके राजनीति में आने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। वर्कफ्रंट की बात करें तो दिलजीत इन दिनों अपने म्यूजिक टूर और अपकमिंग प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं। वे लगातार इंटरनेशनल कॉन्सर्ट्स कर रहे हैं और पंजाबी म्यूजिक को ग्लोबल लेवल पर पहचान दिलाने में जुटे हैं।
पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ को आतंकी पन्नू की धमकी:कहा- कनाडा के बाद अमेरिका में करेंगे विरोध, तेरा ये घमंड ही तेरा दुश्मन है

पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ का वर्ल्ड टूर ऑरा-2026 विवादों में आ गया। कनाडा में लगातार खालिस्तान समर्थक दिलजीत दोसांझ के लाइस कॉन्सर्ट में विरोध कर रहे हैं। दिलजीत भी शो के दौरान ही खालिस्तान समर्थकों को जवाब दे रहे हैं। अब सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख व आंतकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने दिलजीत को धमकी दी है और कहा है कि कनाडा में तेरा विरोध हो रहा है और जब अमेरिका आएगा यहां भी विरोध किया जाएगा। आतंकी पन्नू ने वीडियो मैसेज जारी करके दिलजीत दोसांझ को धमकी दी है। दिलजीत दोसांझ के मेरा भारत महान कहने और अमिताभ बच्चन के पैर छूने पर आतंकी पन्नू को एतराज है। पन्नू ने दिलजीत को अहंकारी कहा और कहा कि तेरा ये घमंड ही तेरा दुश्मन है। पन्नू ने कहा कि दिलजीत दोसांझ का जमीर मर चुका है। आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने दिलजीत दोसांझ के लिए कही ये दो अहम बातें.. 1.अभी सिर्फ झंडे दिखे हैं डंडा नहीं, तुम्हारा घमंड ही तुम्हें ले डूबेगा दिलजीत ने शो के दौरान उपद्रव मचाने वाले खालिस्तान समर्थकों को बाहर निकालने की बात कही थी जिस पर आतंकी पन्नू तिलमिला गया। उसने दिलजीत दोसांझ को धमकी देते हुए कहा कि “जो खालिस्तान के झंडे खालिस्तान समर्थक आए थे, तुमने अपने अहंकार में उन्हें ‘बाहर मारो’ कहा। याद रखना, उन झंडों में अभी सिर्फ कपड़ा था, डंडा नहीं। अभी तुम्हारे शो कनाडा और अमेरिका में होने हैं। वक्त बताएगा कि तुम्हारा यह घमंड और अहंकार ही तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन बन चुका है। इसी के नीचे तुम दबाए जाओगे।” 2.अमिताभ बच्चन के पैर छूने पर उठाए सवाल आतंकी पन्नू ने दिलजीत दोसांझ को ‘भारतीय दोसांझ’ कहकर संबोधित किया। पन्नू ने पुरानी बातों को कुरेदते हुए कहा कि दिलजीत का जमीर उसी दिन मर या था, जिस दिन उसने अमिताभ बच्चन के पैर छुए थे। पन्नू का तर्क है कि 1984 के दंगों के दौरान बच्चन ने कथित तौर पर भड़काऊ नारे लगाए थे। पन्नू ने वीडियो में कहा, “दोसांझ का भारत महान! वही भारत जिसने दरबार साहिब पर हमला किया और सिखों की नस्लकुशी की।” आतंकी पन्नू ने दिलजीत को चेतावनी देते हुए कहा कि अभी तो सिर्फ खालिस्तानी झंडे दिखे हैं, अमेरिका और कनाडा के आगामी शोज में उसका घमंड उसे भारी पड़ेगा। जानें क्या है दिलजीत दोसांझ और खालिस्तान समर्थकों का पूरा विवाद… दिलजीत को लेकर पहले भी कंट्रोवर्सी हुई 1. KBC में अमिताभ बच्चन के पैर छूना: साल 2025 का सबसे बड़ा विवाद तब शुरू हुआ जब दिलजीत दोसांझ ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) के सेट पर पहुंचे और उन्होंने अमिताभ बच्चन के पैर छुए व उनका आशीर्वाद लिया। आतंकी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) और गुरपतवंत सिंह पन्नू ने इसकी कड़ी निंदा की। आरोप लगाया कि दिलजीत उन लोगों का सम्मान कर रहे हैं, जिनका नाम 1984 के सिख दंगों के दौरान विवादों में आया था। इसके बाद से ही पन्नू ने दिलजीत को ‘टारगेट’ करना शुरू किया। 2. ‘भारत का पोस्टर बॉय’ होने का आरोप: 2025 के टूर के दौरान कई कट्टरपंथी संगठनों ने सोशल मीडिया पर दिलजीत के खिलाफ मुहिम चलाई। उन्हें “भारत सरकार का एजेंट” और “बीजेपी-आरएसएस का समर्थक” कहा गया। संगठनों का आरोप था कि दिलजीत अपनी लोकप्रियता का इस्तेमाल विदेशों में भारत सरकार की छवि सुधारने व सिख समुदाय के बीच केंद्र सरकार की पैठ बनाने के लिए कर रहे हैं। 3. तिरंगे और राष्ट्रवाद को लेकर विवाद: पिछले टूर के कुछ शो के दौरान दिलजीत ने गर्व के साथ भारतीय तिरंगा लहराया और गर्व जताया। खालिस्तान समर्थकों ने इसे “सिख विरोधी” कृत्य करार देने की कोशिश की। उन्होंने तर्क दिया कि दिलजीत को केवल पंजाबी पहचान को प्रमोट करना चाहिए, न कि भारतीय राष्ट्रवाद को। 4. सिडनी और मेलबर्न शो के दौरान नारेबाजी: 2025 के अंत में जब दिलजीत ऑस्ट्रेलिया में परफॉर्म कर रहे थे, तब स्टेडियम के बाहर कुछ छोटे समूहों ने खालिस्तानी झंडे लेकर प्रदर्शन किया था। 5. सोशल मीडिया वॉर और धमकियां: दुनिया के कई बड़े देशों में हो रहे ‘ऑरा’ टूर के दौरान पन्नू ने कई वीडियो जारी किए। इन वीडियो में दिलजीत को चेतावनी दी गई कि वे “भारत के एजेंडे” को आगे बढ़ाना बंद करें, वरना उनके ग्लोबल शोज में खलल डाला जाएगा।
Diljit Dosanjh Khalistani Controversy | Canada Show 2026

कैलगरी शो में खालिस्तानियों के झंडे दिखाने पर दिलजीत दोसांझ ने थापी देकर गुस्सा दिखाया। – फाइल फोटो पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ का ऑरा वर्ल्ड टूर 2026 विवादों में घिर गया गया है। 30 अप्रैल को कनाडा में कैलगरी शो के दौरान खालिस्तानी झंडे दिखाए गए। इसके जवाब में दिलजीत ने जांघ पर थापी देकर कहा था- मैं बाहर उठाकर फेंकूंगा। . अब दिलजीत की इस थापी को लेकर खालिस्तानी चिढ़ गए हैं। इसे लेकर 3 मई को @बब्बर अकाउंट से दिलजीत को चैलेंज किया गया कि अब सामने खड़े रहना। यह थापी खालिस्तान को नहीं पंथ को मारी गई है। खालिस्तानी ने धमकाते हुए कहा- तुम्हें नत्थ डालेंगे। थापी मारकर तुमने सिख होने का मुखौटा उतार दिया है। बब्बू मान और गुरदास मान का अहंकार भी इसी तरह से तोड़ा था। खालिस्तानियों ने यह भी दावा किया कि कैलगरी में दिलजीत के खिलाफ शिकायत दी गई है। शिकायत में कहा गया है कि दिलजीत ने उठाकर बाहर फेंकने की बात कहकर ऑस्ट्रेलिया के शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने के कानून का उल्लंघन किया है। हालांकि, कैलगरी पुलिस ने इस संबंध में ऑफिशियल नोट जारी नहीं किया है। @बब्बर हैंडल से दिलजीत दोसांझ को खालिस्तानी धमकाता हुआ। खालिस्तानी ने वीडियो में ये धमकी दी… यह थापी पंथ को मारी है: खालिस्तानी हैंडल @बब्बर से शेयर वीडियो में खालिस्तानी ने कहा- दिलजीत ने जो थापी अपने शो में मारी है वह हमें नहीं सिख पंथ को मारी है। इससे पहले ऐसा ही अहंकार गुरदास मान और बब्बू मान को हुआ था। इसके बाद क्या हुआ, सब जानते हैं। अब माफियां मांगते हैं। दिलजीत का भी अहंकार इसी तरह निकालेंगे और इस थापी का जवाब देंगे। अमिताभ बच्चन के पांव क्यों छुए: खालिस्तानी ने कहा कि दिलजीत ने इससे पहले केबीसी (कौन बनेगा करोड़पति) शो में अमिताभ बच्चने के पैर छूकर गलत किया। हालांकि, दिलजीत इस मसले पर कह चुके हैं कि वह अमिताभ के शो में पंजाबियों और बाढ़ पीड़ितों के लिए फंड जुटाने गए थे, न कि अपने प्रमोशन के लिए। चमकीला को जानबूझकर बच्चे-बच्चे तक पहुंचाया: खालिस्तानी ने दिवंगत पंजाबी सिंगर अमरजीत चमकीला को लेकर बनाई गई फिल्म को लेकर भी दिलजीत दोसांझ को धमकाया। खालिस्तानी ने कहा कि जिस चमकीला का पंजाब से नाम मिटा दिया गया था, उसे दिलजीत ने फिर से बच्चे-बच्चे तक पहुंचा दिया। दिलजीत बोले- मैं तो बीच में फंस गया दिलजीत ने खालिस्तानी झंडे दिखाने को लेकर हुए विवाद पर 2 मई को एडमंटन (कनाडा) में शो के दौरान कहा- मैं तो बीच में फंस गया हूं। भारत जाता हूं तो वहां कई लोग कहते हैं कि खालिस्तानी आ गया। जब मैं विदेश में आता हूं तो ये कहते हैं कि भारत का बंदा आ गया। ऐसे में मैं क्या करूं? कभी-कभी मुझे लगता है कि मैं सही रास्ते पर चल रहा हूं। अमिताभ बच्चन के पैर छूने पर भी खालिस्तानियों ने खड़ी की थी कंट्रोवर्सी। जानें क्या है पूरा विवाद… 30 अप्रैल को खालिस्तानियों ने दिखाए झंडे: पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर दिलजीत दोसांझ को ऑरा वर्ल्ड टूर के दौरान कनाडा के कैलगरी में शो के दौरान खालिस्तानियों ने झंडे दिखाए। इस पर दिलजीत दिलजीत भड़क गए और पोस्टर दिखा रहे खालिस्तानी समर्थकों को स्टेज से ही जवाब दिया। अपने किसी शो में दिलजीत पहली बार इतने गुस्से में दिखे। दिलजीत ने सिद्धू मूसेवाला स्टाइल में अपनी जांघ पर थापी देते हुए कहा कि जिसने आना है, मैदान में आ जाए। मैं उठाकर बाहर फेंकूंगा। इससे खालिस्तानी भड़क गए और दिलजीत के खिलाफ ट्रोलिंग शुरू कर दी। दिलजीत बोले- हर प्लेटफॉर्म पर करता हूं पंजाब की बात: 30 अप्रैल को शो के दौरान दिलजीत ने कहा कि वह जिस भी प्लेटफॉर्म पर जाते हैं, चाहे वह राष्ट्रीय हो या अंतरराष्ट्रीय, वे हमेशा पंजाब की बात करते हैं। टीवी चैनलों पर जाकर अपनी किसी फिल्म या गानों का प्रचार नहीं किया, बल्कि केवल पंजाब के मुद्दों को उठाने के लिए वहां गए। दिलजीत ने बताया कि वह बाढ़ पीड़ितों की मदद करने के लिए 6 महीने तक जमीन पर रहे। इसके लिए उन्होंने अपना ऑस्ट्रेलिया का टूर तक मिस कर दिया। विरोध करना है तो शौक से करें: दिलजीत ने कहा कि जब उन्हें नेशनल मीडिया ने मौका दिया कि वह पंजाब की बात रखेंगे तभी वह वहां गए ताकि पूरे भारत के लोगों तक अपनी बात पहुंचा सकें। दिलजीत ने कड़े शब्दों में कहा कि अगर पंजाब की बात करने के कारण कोई उनका विरोध करना चाहता है, तो वह शौक से करे। वह इसके लिए तैयार हैं। रोज झंडे दिखाएं, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता: दिलजीत ने कहा कि अगर कोई उनके पंजाब प्रेम के कारण उन्हें झंडे दिखाना चाहता है, तो वे रोज दिखाएं। उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके कॉन्सर्ट में बुजुर्ग और बच्चे भी आते हैं। अगर कोई वहां आकर माहौल खराब करेगा या हंगामा करेगा, तो उसे तुरंत बाहर निकाल दिया जाएगा। शो में विरोध बर्दाश्त नहीं करूंगा: सरे में शो के दौरान हुए हंगामे का जिक्र करते हुए दिलजीत ने साफ कर दिया कि वह वेन्यू पर किसी भी तरह की अनुशासनहीनता या बाधा को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनका काम किसी को खुश करना नहीं, बल्कि अपने लोगों की सेवा करना है। ॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… दिलजीत दोसांझ ने खालिस्तानियों को भगाया:अमेरिका में शो के दौरान मूसेवाला स्टाइल में थापी मारी, बोले- भागो वर्ना उठाकर बाहर मारूंगा पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर दिलजीत दोसांझ ऑरा वर्ल्ड टूर के दौरान अमेरिका के कैलगरी में शो में खालिस्तानियों पर भड़क गए। दिलजीत ने पोस्टर दिखा रहे खालिस्तानी समर्थकों को स्टेज से ही जवाब दिया। अपने किसी शो में दिलजीत पहली बार इतने गुस्से में दिखे। पढ़ें पूरी खबर…
Diljit Dosanjh Statement: Fearless of Death, Ready to Leave Body

39 मिनट पहले कॉपी लिंक कनाडा में हुए कॉन्सर्ट के दौरान पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दिलजीत स्टेज पर ऐसी बातें कहते नजर आए, जिससे फैंस की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि वह “इस दुनिया और शरीर को छोड़ चुके हैं” और उन्हें मौत से डर नहीं लगता। दिलजीत ने 30 अप्रैल को कनाडा के कैलगरी स्थित स्कोटियाबैंक सैडलडोम में ‘ऑरा वर्ल्ड टूर 2026’ के तहत परफॉर्म किया था। इसी कॉन्सर्ट का वीडियो सामने आया है। वीडियो में वह पंजाबी में फैंस से बातचीत करते नजर आए। उन्होंने कहा कि पिछले दिसंबर में वह इस शरीर से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अब शरीर छोड़ने से पहले उन्हें कुछ काम पूरे करने हैं। दिलजीत की इन बातों ने सोशल मीडिया पर हलचल बढ़ा दी है। कई फैंस उनके मानसिक और भावनात्मक हालात को लेकर चिंता जता रहे हैं। हालांकि, दिलजीत या उनकी टीम की तरफ से इस बयान पर कोई आधिकारिक सफाई नहीं दी गई है। कॉन्सर्ट के दौरान दिलजीत ने यह भी कहा कि उन्हें किसी से नफरत नहीं है और वह प्यार, सम्मान और माफी के साथ जिंदगी जीने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने पंजाब के प्रति अपना जुड़ाव जाहिर किया और कहा कि पंजाब हमेशा उनके दिल में रहेगा।इसी शो के दौरान कुछ खालिस्तान समर्थकों ने कथित तौर पर हंगामा किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ लोगों ने झंडे दिखाए और नारेबाजी की। इस पर दिलजीत ने स्टेज से कहा कि जो लोग हंगामा करेंगे, उन्हें बाहर निकाल दिया जाएगा। वर्कफ्रंट की बात करें तो दिलजीत हाल ही में फिल्म ‘बॉर्डर 2’ में नजर आए थे। आने वाले समय में वह ‘मैं वापस आऊंगा’ में दिखाई देंगे, जिसे इम्तियाज अली डायरेक्ट कर रहे हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Diljit Dosanjh Targets Khalistanis on Stage at Calgary Show

शो के दौरान बोलते हुए पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ। पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर दिलजीत दोसांझ ऑरा वर्ल्ड टूर के दौरान अमेरिका के कैलगरी में शो में खालिस्तानियों पर भड़क गए। दिलजीत ने पोस्टर दिखा रहे खालिस्तानी समर्थकों को स्टेज से ही जवाब दिया। अपने किसी शो में दिलजीत पहली बार इतने गुस्से में दिखे। . दिलजीत ने सिद्धू मूसेवाला स्टाइल में अपनी जांघ पर थापी देते हुए कहा कि जिसने आना है मैदान में आ जाए। मैं उठाकर बाहर फेंकूंगा। उन्होंने कहा कि ये जो विरोध कर रहे हैं इन्होंने पंजाब के लिए क्या किया। हमारा काम नहीं था फिर भी पंजाब में आई बाढ़ में लोगों की मदद की। उनके घर बनाए। बिना नाम लिए एक शो (KBC) का जिक्र करते हुए दिलजीत ने कहा कि हमारे लोगों की आवाज नेशनल मीडिया तक नहीं पहुंची थी। इसलिए वे शो में गए थे, वहां जाकर अपनी या फिल्म की प्रोमोशन नहीं की बल्कि पंजाब के भले के लिए ही फंड इकट्ठा किया। बता दें कि इन दिनों दिलजीत अमेरिका के टूर पर हैं। दिलजीत ने जिम्मी के शो का भी जिक्र करते हुए कहा कि मुझे क्या जरूरत थी यहां भी जिम्मी के शो में जाने की। मैंने वहां भी पंजाब की बात की। कामागाटामारू घटना का जिक्र किया। दिलजीत ने कहा कि कोई राजनीतिक कारणों से उनका विरोध कर रहा है, तो उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। दिलजीत ने चलते शो में कहीं अहम बातें… हर प्लेटफॉर्म पर करता हूं पंजाब की बात: 30 अप्रैल को शो के दौरान दिलजीत ने कहा कि वह जिस भी प्लेटफॉर्म पर जाते हैं, चाहे वह राष्ट्रीय हो या अंतरराष्ट्रीय, वे हमेशा पंजाब की बात करते हैं। टीवी चैनलों पर जाकर अपनी किसी फिल्म या गानों का प्रचार नहीं किया, बल्कि केवल पंजाब के मुद्दों को उठाने के लिए वहां गए। दिलजीत ने बताया कि वह बाढ़ पीड़ितों की मदद करने के लिए 6 महीने तक जमीन पर रहे और इसके लिए उन्होंने अपना ऑस्ट्रेलिया का टूर तक मिस कर दिया। विरोध करना है तो शौक से करें: दिलजीत ने कहा कि जब उन्हें नेशनल मीडिया ने मौका दिया कि वे पंजाब की बात रखेंगे तभी वे वहां गए ताकि पूरे भारत के लोगों तक अपनी बात पहुंचा सकें। दिलजीत ने कड़े शब्दों में कहा कि अगर पंजाब की बात करने के कारण कोई उनका विरोध करना चाहता है, तो वे शौक से करें। वे इसके लिए तैयार हैं। रोज झंडे दिखाएं, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता: दिलजीत ने कहा कि अगर कोई उनके पंजाब प्रेम के कारण उन्हें झंडे दिखाना चाहता है, तो वे रोज दिखाएं। उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके कॉन्सर्ट में बुजुर्ग और बच्चे भी आते हैं। अगर कोई वहां आकर माहौल खराब करेगा या हंगामा करेगा, तो उसे तुरंत बाहर निकाल दिया जाएगा। शो में विरोध बर्दाश्त नहीं करूंगा: सरे में शो के दौरान हुए हंगामे का जिक्र करते हुए दिलजीत ने साफ कर दिया कि वे वेन्यू पर किसी भी तरह की अनुशासनहीनता या बाधा को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनका काम किसी को खुश करना नहीं, बल्कि अपने लोगों की सेवा करना है। दिलजीत ने कहा कि मेरा काम अपने लोगों की सेवा करना है। दिलजीत को लेकर पहले भी कंट्रोवर्सी हुई… 1. अमिताभ बच्चन के पैर छूने पर विवाद: साल 2025 का सबसे बड़ा विवाद तब शुरू हुआ जब दिलजीत दोसांझ ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) के सेट पर पहुंचे। यहां उन्होंने अमिताभ बच्चन के पैर छुए व उनका आशीर्वाद लिया। आतंकी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) और गुरपतवंत सिंह पन्नू ने इसकी कड़ी निंदा की। आरोप लगाया कि दिलजीत उन लोगों का सम्मान कर रहे हैं, जिनका नाम 1984 के सिख दंगों के दौरान विवादों में आया था। इसके बाद से ही पन्नू ने दिलजीत को ‘टारगेट’ करना शुरू किया। 2. ‘भारत का पोस्टर बॉय’ होने का आरोप: 2025 के टूर के दौरान कई कट्टरपंथी संगठनों ने सोशल मीडिया पर दिलजीत के खिलाफ मुहिम चलाई। उन्हें “भारत सरकार का एजेंट” और “बीजेपी-आरएसएस का समर्थक” कहा गया। संगठनों का आरोप था कि दिलजीत अपनी लोकप्रियता का इस्तेमाल विदेशों में भारत सरकार की छवि सुधारने व सिख समुदाय के बीच केंद्र सरकार की पैठ बनाने के लिए कर रहे हैं। 3. तिरंगे और राष्ट्रवाद को लेकर विवाद: पिछले टूर के कुछ शो के दौरान दिलजीत ने गर्व के साथ भारतीय तिरंगा लहराया और गर्व जताया। खालिस्तान समर्थकों ने इसे “सिख विरोधी” कृत्य करार देने की कोशिश की। उन्होंने तर्क दिया कि दिलजीत को केवल पंजाबी पहचान को प्रमोट करना चाहिए, न कि भारतीय राष्ट्रवाद को। 4. सिडनी और मेलबर्न शो के दौरान नारेबाजी: 2025 के अंत में जब दिलजीत ऑस्ट्रेलिया में परफॉर्म कर रहे थे, तब स्टेडियम के बाहर कुछ लोगों ने खालिस्तानी झंडे लेकर प्रदर्शन किया था। 5. सोशल मीडिया वॉर और धमकियां: दुनिया के कई बड़े देशों में हो रहे ‘ऑरा’ टूर के दौरान पन्नू ने कई वीडियो जारी किए। इन वीडियो में दिलजीत को चेतावनी दी गई कि वे “भारत के एजेंडे” को आगे बढ़ाना बंद करें, वरना उनके ग्लोबल शो में खलल डाला जाएगा। *********** ये खबर भी पढ़ें पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के ऑस्ट्रेलिया कॉन्सर्ट में विवाद: सिख युवकों को किरपाण पहनने पर एंट्री से रोका; नाराज फैंस ने शो छोड़ा पंजाबी सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ के ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में हुए पहले स्टेडियम कॉन्सर्ट में धार्मिक चिह्न किरपाण को लेकर विवाद हो गया। कॉन्सर्ट में हजारों प्रशंसक उमड़े, लेकिन इस आयोजन में सिख श्रद्धालुओं को धार्मिक प्रतीक किरपाण लेकर अंदर न जाने देने के लिए रोक दिया गया। (पढ़ें पूरी खबर)







