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दिलजीत दोसांझ का घर समझ लिखे खालिस्तानी नारे:पड़ोसी बोला- मुंह बांधकर आए 4-5 लोग, स्प्रे की स्मेल आने पर मेरी नींद खुली

दिलजीत दोसांझ का घर समझ लिखे खालिस्तानी नारे:पड़ोसी बोला- मुंह बांधकर आए 4-5 लोग, स्प्रे की स्मेल आने पर मेरी नींद खुली

पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ के गांव दोसांझ कलां में कुछ लोगों ने एक घर की दीवार पर ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लिख दिए। बाद में पता चला कि जिस घर की दीवार पर नारे लिखे गए, वह दिलजीत दोसांझ का नहीं, बल्कि उनके पड़ोसी का है। घटना से नाराज पड़ोसी ने कहा कि बिना किसी वजह के उसकी दीवार खराब कर दी। पड़ोसी मुख्तियार ने बताया बुधवार देर रात करीब डेढ़ बजे चार-पांच आदमी दीवार पर कुछ लिख रहे थे, स्प्रे की स्मेल आने पर मेरी नींद खुली, जब मैंने उन्हें डांटा, तो भाग गए। मामले में पुलिस का कहना है कि यह घर मुख्तियार का है। सीसीटीवी कैमरे चेक करवाए जा रहे हैं। इसके बारे में अभी कुछ कन्फर्म नहीं है। कैमरों की जांच करके फिर पूरा पता लगेगा। दीवार पर खालिस्तान वगैरह कुछ लिखा हुआ था मुख्तियार ने कहा कि स्प्रे की स्मेल अंदर तक आ गई। मेरी नींद खुली तो मैंने उन्हें डांटा। उन्होंने मुंह बांधे हुए थे। इसके बाद वे लोग यहां से निकल गए। जब मैं उठकर देखने गया तो दीवार पर खालिस्तान वगैरह कुछ लिखा हुआ था। नीचे उन्होंने दिलजीत दोसांझ का नाम मेंशन किया हुआ था। उन्हें शायद यह पता नहीं था कि यह दिलजीत का घर नहीं है। पांच से सात हजार रुपए का नुकसान हो गया उन्होंने कहा कि मैं दिहाड़ी करने वाला आदमी हूं। ये लोग मेरी दीवार खराब करके चले गए हैं। इस वजह से मेरा पांच से सात हजार रुपए का नुकसान हो गया है। उन्होंने कहा कि दिलजीत का घर अगली ओर रोड पर है। उन्होंने बताया कि गुरुवार सुबह पुलिस आई थी और पूछताछ करके चली गई। दिलजीत और खालिस्तानी समर्थकों से जुड़े विवाद… ************* ये खबर भी पढ़ें: लुधियाना में DIG ऑफिस के बाहर फायरिंग का दावा: कार के शीशे तोड़े, CCTV में दिखे 3 लोग; ACP बोले- गोली नहीं चली, सिविल सूट का मामला लुधियाना में DIG ऑफिस के ठीक सामने युवकों ने एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला कर दिया। उसने दावा किया कि आरोपियों ने पहले उसके साथ मारपीट की, फिर कार के शीशे तोड़ दिए। इसके बाद हवाई फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गए। (पढ़ें पूरी खबर)

Mika Singh Controversy | Diljit Dosanjh Border 2 Promotion Statement

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3 मिनट पहले कॉपी लिंक सिंगर मीका सिंह ने दिलजीत दोसांझ पर बॉलीवुड फिल्मों के प्रमोशन को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि दिलजीत ने ‘बॉर्डर 2’ को ज्यादा प्रमोट नहीं किया। मीका के मुताबिक, दिलजीत ने अपनी उस फिल्म के बारे में पोस्ट किया, जिसमें पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर थीं। हालांकि, दिलजीत ने ‘बॉर्डर 2’ का फर्स्ट लुक, ट्रेलर और कुछ प्रमोशनल वीडियो शेयर किए थे। टाइम्स नाउ से बातचीत में मीका ने कहा कि उन्हें दिलजीत से जलन नहीं है। वह उनकी कामयाबी से खुश हैं और उन्होंने मुश्किल समय में दिलजीत का साथ भी दिया। मीका ने कहा, “मुझे दिलजीत से जलन क्यों होगी? मुझे उस पर गर्व है। दलेर पाजी के बाद अगर पगड़ी पहनकर किसी ने सिंगर के तौर पर पहचान बनाई है, तो वह दिलजीत है। वह बहुत अच्छा काम कर रहा है।” इसके बाद मीका ने ‘बॉर्डर 2’ का जिक्र किया। मीका ने कहा, “मैं गलत हो सकता हूं, लेकिन मुझे लगता है कि ‘बॉर्डर 2’ आने पर दिलजीत पाजी ने उसका एक प्रतिशत भी प्रमोशन नहीं किया। उन्होंने सनी पाजी को एक प्रतिशत भी धन्यवाद नहीं दिया।” ‘बॉर्डर 2’ में दिलजीत ने सनी देओल, वरुण धवन और अहान शेट्टी के साथ काम किया था। अनुराग सिंह के निर्देशन में बनी यह फिल्म ‘बॉर्डर’ का सीक्वल थी। मीका ने कहा कि उन्होंने दिलजीत को कभी सार्वजनिक तौर पर सनी देओल के साथ काम करने की अहमियत बताते नहीं देखा। उन्होंने कहा, “मैंने दिलजीत को कभी यह कहते नहीं देखा कि सनी देओल के साथ मेरी फिल्म आ रही है, यह बड़ी बात है। उन्होंने ‘बॉर्डर 2’ के बारे में कभी बात नहीं की। फिल्म आने के बाद भी मैंने उन्हें इसके बारे में पोस्ट करते नहीं देखा।” मीका ने कहा, “‘मैं वापस आऊंगा’ भी रिलीज हुई, लेकिन उन्होंने उस पर कोई पोस्ट नहीं किया। उन्होंने सिर्फ उस फिल्म के बारे में पोस्ट किया, जिसमें एक पाकिस्तानी कलाकार था।” हालांकि, दिलजीत ने ‘बॉर्डर 2’ के प्रमोशन से जुड़ा कंटेंट शेयर किया था। उन्होंने दिसंबर 2025 में फिल्म से अपना फर्स्ट लुक जारी किया था। दिलजीत ने फिल्म की शूटिंग से जुड़े कुछ बिहाइंड द सीन वीडियो भी शेयर किए थे। ‘बॉर्डर 2’ से जुड़ा यह कंटेंट अभी भी दिलजीत के इंस्टाग्राम पर मौजूद है। दिलजीत दोसांझ ने इंस्टाग्राम पर फिल्म ‘बॉर्डर 2’ के सेट का एक वीडियो व्लॉग शेयर किया था। मीका ने बॉलीवुड फिल्मों के प्रमोशन पर सवाल उठाया मीका ने दिलजीत के बॉलीवुड प्रोजेक्ट्स को लेकर कहा, “जब आप बॉलीवुड में काम करते हैं, तो उसका प्रमोशन क्यों नहीं करते? फिर कहते हैं कि मुझे बॉलीवुड की जरूरत नहीं है, लेकिन आप बॉलीवुड में काम करते हैं।” उन्होंने कहा, “मैं ये बातें उसे भाई की तरह कह रहा हूं। ‘बॉर्डर 2’ हमारे देश की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक है। यह हिंदुस्तान के बारे में फिल्म है। आप इसके बारे में पोस्ट क्यों नहीं करते?” मीका ने आगे कहा, “आप उसका इंस्टाग्राम देख सकते हैं और बता सकते हैं कि क्या वहां ‘बॉर्डर 2’ को प्रमोट करते हुए एक भी वीडियो है।” ‘सरदार जी 3’ पर भी बोले मीका मीका ने दिलजीत की फिल्म ‘सरदार जी 3’ का भी जिक्र किया। इस फिल्म में दिलजीत और नीरू बाजवा के साथ पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर थीं। मीका ने कहा, “उन्होंने सिर्फ अपनी उस फिल्म के बारे में पोस्ट किया, जिसमें पाकिस्तानी हीरोइन थी। उस फिल्म में नीरू बाजवा भी हैं, लेकिन नीरू बाजवा का कोई जिक्र नहीं था। मुझे लगता है कि आपको हर चीज का प्रमोशन करना चाहिए।” हानिया आमिर की वजह से ‘सरदार जी 3’ साल 2025 में विवादों में आ गई थी। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने पर फिल्म में उनकी मौजूदगी पर सवाल उठे थे। फिल्म संगठनों के कड़े विरोध के कारण केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने फिल्म को सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया था। फिल्म भारत में सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हुई। इसे 27 जून 2025 को विदेशों में रिलीज किया गया। फिल्म को भारतीय निर्माताओं ने बनाया था। यह फिल्म साल 2025 में भारत-पाकिस्तान संबंध खराब होने से पहले बन चुकी थी। पिछले साल जब फिल्म को लेकर विवाद सामने आया था, उस समय भी मीका सिंह ने पाकिस्तानी एक्ट्रेस के साथ काम करने को लेकर दिलजीत दोसांझ की क्लास लगाई थी। मीका सिंह ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर लिखा था, दोस्तों देश पहले, जैसा कि हम सब जानते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते फिलहाल ठीक नहीं चल रहे हैं। इसके बावजूद कुछ लोग लापरवाही से बर्ताव कर रहे हैं। सरहद पार के किसी आर्टिस्ट के साथ काम करने से पहले उन्हें दो बार सोचना चाहिए, खासकर जब इसमें हमारे देश की गरिमा की बात हो। आगे मीका सिंह ने लिखा था, ‘एक फिल्म थी, जिसमें फवाद खान (पाकिस्तानी एक्टर) और वाणी कपूर थीं, हम सबने मिलकर उसका विरोध किया था, लेकिन लगता है अब भी कुछ लोगों को सबक नहीं मिला है। सबसे ज्यादा शॉक की बात ये है कि एक फेक सिंगर जिसने भारत में 10 शोज किए, जिसमें हजारों फैंस ने उनके टिकट्स खरीदे, अब गायब हो चुका है। वो फैंस को धोखा देकर असहाय छोड़कर चला गया। दिलजीत शुरुआती दिनों में मीका से मिलने आए थे मीका ने दिलजीत के बॉलीवुड प्रोजेक्ट्स पर सवाल उठाने के बावजूद कहा कि उन्होंने आलोचना के समय उनका साथ दिया था। उन्होंने कहा, “जब खालिस्तानी लोग उसके पीछे पड़े थे, तब भी मैं उसके साथ था। मैंने कहा था कि नहीं, वह हमारा सरदार लड़का है।” मीका ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि खालिस्तानियों को उसे परेशान करना चाहिए। वह हमारे देश का नाम रोशन कर रहा है और पंजाबी म्यूजिक को अगले स्तर पर ले जा रहा है। उसके साथ ऐसा नहीं होना चाहिए।” मीका ने दिलजीत से अपनी निजी पहचान भी याद की। उन्होंने कहा कि दिलजीत अपने शुरुआती दिनों में उनसे मिलने आए थे। मीका ने कहा, “शुरुआत में वह मेरे पास आया और उसने बटर चिकन खाया। मुझे लगता है कि अब वह शाकाहारी है।” उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने दिलजीत की टीम को रिकॉर्डिंग

Mika Singh Controversy | Diljit Dosanjh Border 2 Promotion Statement

Mika Singh Controversy | Diljit Dosanjh Border 2 Promotion Statement

19 मिनट पहले कॉपी लिंक मीका सिंह और दिलजीत दोसांझ ने अब तक एक साथ मिलकर किसी भी गाने में अपनी आवाज नहीं दी है। सिंगर मीका सिंह ने दिलजीत दोसांझ पर बॉलीवुड फिल्मों के प्रमोशन को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि दिलजीत ने ‘बॉर्डर 2’ को ज्यादा प्रमोट नहीं किया। मीका के मुताबिक, दिलजीत ने अपनी उस फिल्म के बारे में पोस्ट किया, जिसमें पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर थीं। हालांकि, दिलजीत ने ‘बॉर्डर 2’ का फर्स्ट लुक, ट्रेलर और कुछ BTS वीडियो शेयर किए थे। टाइम्स नाउ से बातचीत में मीका ने कहा कि उन्हें दिलजीत से जलन नहीं है। वह उनकी कामयाबी से खुश हैं। मीका ने कहा, “मुझे दिलजीत से जलन क्यों होगी? मुझे उस पर गर्व है। दलेर पाजी के बाद अगर पगड़ी पहनकर किसी ने सिंगर के तौर पर पहचान बनाई है, तो वह दिलजीत है। वह बहुत अच्छा काम कर रहा है।” इसके बाद मीका ने ‘बॉर्डर 2’ का जिक्र किया। मीका ने कहा, “मैं गलत हो सकता हूं, लेकिन मुझे लगता है कि ‘बॉर्डर 2’ आने पर दिलजीत पाजी ने उसका एक प्रतिशत भी प्रमोशन नहीं किया। उन्होंने सनी पाजी को एक प्रतिशत भी धन्यवाद नहीं दिया।” ‘बॉर्डर 2’ में दिलजीत ने सनी देओल, वरुण धवन और अहान शेट्टी के साथ काम किया था। अनुराग सिंह के निर्देशन में बनी यह फिल्म ‘बॉर्डर’ का सीक्वल थी। मीका ने कहा कि उन्होंने दिलजीत को कभी सार्वजनिक तौर पर सनी देओल के साथ काम करने की अहमियत बताते नहीं देखा। उन्होंने कहा, “मैंने दिलजीत को कभी यह कहते नहीं देखा कि सनी देओल के साथ मेरी फिल्म आ रही है, यह बड़ी बात है। उन्होंने ‘बॉर्डर 2’ के बारे में कभी बात नहीं की। फिल्म आने के बाद भी मैंने उन्हें इसके बारे में पोस्ट करते नहीं देखा।” मीका ने कहा, “‘मैं वापस आऊंगा’ भी रिलीज हुई, लेकिन उन्होंने उस पर कोई पोस्ट नहीं किया। उन्होंने सिर्फ उस फिल्म के बारे में पोस्ट किया, जिसमें एक पाकिस्तानी कलाकार था।” हालांकि, दिलजीत ने ‘बॉर्डर 2’ के प्रमोशन से जुड़ा कंटेंट शेयर किया था। उन्होंने दिसंबर 2025 में फिल्म से अपना फर्स्ट लुक जारी किया था। दिलजीत ने फिल्म की शूटिंग से जुड़े कुछ बिहाइंड द सीन वीडियो भी शेयर किए थे। ‘बॉर्डर 2’ से जुड़ा यह कंटेंट अभी भी दिलजीत के इंस्टाग्राम पर मौजूद है। दिलजीत दोसांझ ने इंस्टाग्राम पर फिल्म ‘बॉर्डर 2’ के सेट का एक वीडियो व्लॉग शेयर किया था। मीका ने बॉलीवुड फिल्मों के प्रमोशन पर सवाल उठाया मीका ने दिलजीत के बॉलीवुड प्रोजेक्ट्स को लेकर कहा, “जब आप बॉलीवुड में काम करते हैं, तो उसका प्रमोशन क्यों नहीं करते? फिर कहते हैं कि मुझे बॉलीवुड की जरूरत नहीं है, लेकिन आप बॉलीवुड में काम करते हैं।” उन्होंने कहा, “मैं ये बातें उसे भाई की तरह कह रहा हूं। ‘बॉर्डर 2’ हमारे देश की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक है। यह हिंदुस्तान के बारे में फिल्म है। आप इसके बारे में पोस्ट क्यों नहीं करते?” मीका ने आगे कहा, “आप उसका इंस्टाग्राम देख सकते हैं और बता सकते हैं कि क्या वहां ‘बॉर्डर 2’ को प्रमोट करते हुए एक भी वीडियो है।” ‘सरदार जी 3’ पर भी बोले मीका मीका ने दिलजीत की फिल्म ‘सरदार जी 3’ का भी जिक्र किया। इस फिल्म में दिलजीत और नीरू बाजवा के साथ पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर थीं। मीका ने कहा, “उन्होंने सिर्फ अपनी उस फिल्म के बारे में पोस्ट किया, जिसमें पाकिस्तानी हीरोइन थी। उस फिल्म में नीरू बाजवा भी हैं, लेकिन नीरू बाजवा का कोई जिक्र नहीं था। मुझे लगता है कि आपको हर चीज का प्रमोशन करना चाहिए।” गौरतलब है कि हानिया आमिर की वजह से पिछले साल फिल्म ‘सरदार जी 3’ विवादों में आ गई थी। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने पर फिल्म में उनकी मौजूदगी को लेकर सवाल उठे थे। फिल्म संगठनों के कड़े विरोध के कारण केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने फिल्म को सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया था। फिल्म भारत में सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हुई। इसे 27 जून 2025 को विदेशों में रिलीज किया गया। पिछले साल जब फिल्म को लेकर विवाद सामने आया था, उस समय भी मीका सिंह ने पाकिस्तानी एक्ट्रेस के साथ काम करने को लेकर दिलजीत दोसांझ की क्लास लगाई थी। मीका सिंह ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर लिखा था, दोस्तों देश पहले, जैसा कि हम सब जानते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते फिलहाल ठीक नहीं चल रहे हैं। इसके बावजूद कुछ लोग लापरवाही से बर्ताव कर रहे हैं। सरहद पार के किसी आर्टिस्ट के साथ काम करने से पहले उन्हें दो बार सोचना चाहिए, खासकर जब इसमें हमारे देश की गरिमा की बात हो। आगे मीका सिंह ने लिखा था, ‘एक फिल्म थी, जिसमें फवाद खान (पाकिस्तानी एक्टर) और वाणी कपूर थीं, हम सबने मिलकर उसका विरोध किया था, लेकिन लगता है अब भी कुछ लोगों को सबक नहीं मिला है। सबसे ज्यादा शॉक की बात ये है कि एक फेक सिंगर जिसने भारत में 10 शोज किए, जिसमें हजारों फैंस ने उनके टिकट्स खरीदे, अब गायब हो चुका है। वो फैंस को धोखा देकर असहाय छोड़कर चला गया। दिलजीत शुरुआती दिनों में मीका से मिलने आए थे मीका ने दिलजीत के बॉलीवुड प्रोजेक्ट्स पर सवाल उठाने के बावजूद कहा कि उन्होंने आलोचना के समय उनका साथ दिया था। उन्होंने कहा, “जब खालिस्तानी लोग उसके पीछे पड़े थे, तब भी मैं उसके साथ था। मैंने कहा था कि नहीं, वह हमारा सरदार लड़का है।” मीका ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि खालिस्तानियों को उसे परेशान करना चाहिए। वह हमारे देश का नाम रोशन कर रहा है और पंजाबी म्यूजिक को अगले लेवल पर ले जा रहा है। उसके साथ ऐसा नहीं होना चाहिए।” मीका ने कहा कि दिलजीत करियर के अपने शुरुआती दिनों में उनसे मिलने आए थे। मीका ने कहा, “शुरुआत में वह मेरे पास आया और उसने बटर चिकन खाया। मुझे लगता है कि अब वह शाकाहारी है।” उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने दिलजीत की टीम को रिकॉर्डिंग की सुविधा दी थी। मीका ने कहा, “कई बार उसकी मैनेजर सोनाली फोन करके

दिलजीत ने फैन की टी-शर्ट से हटवाया अपना नाम:बोले- ‘इक ओंकार’ पवित्र है; इसके साथ मेरा नाम मत लिखो, विदेशी फैन ने मांगी माफी

दिलजीत ने फैन की टी-शर्ट से हटवाया अपना नाम:बोले- ‘इक ओंकार’ पवित्र है; इसके साथ मेरा नाम मत लिखो, विदेशी फैन ने मांगी माफी

पंजाबी सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ के इटली के मिलान कॉन्सर्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह एक विदेशी फैन की टी-शर्ट देखकर उसे रोकते नजर आए। टी-शर्ट पर सिख धर्म के पवित्र शब्द ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा था। उन्होंने फैन को समझाया कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं जोड़ा जाना चाहिए। इसे बेहद पवित्र और अनमोल बताते हुए उन्होंने कहा कि शायद फैन को इसकी जानकारी नहीं थी। इसके बाद फैन ने स्टेज पर हाथ जोड़कर माफी मांगी। दिलजीत ने दर्शकों से भी उसे माफ करने की अपील की। मिलान कॉन्सर्ट में फैन को स्टेज पर बुलाया दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने इंटरनेशनल कॉन्सर्ट्स में व्यस्त हैं। मिलान कॉन्सर्ट के दौरान उन्होंने एक विदेशी फैन को स्टेज पर बुलाया। फैन ने सफेद रंग की कस्टम-प्रिंटेड टी-शर्ट पहन रखी थी। उस पर ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा हुआ था। दिलजीत की नजर टी-शर्ट पर पड़ते ही उन्होंने फैन को समझाना शुरू किया। उन्होंने बताया कि ‘इक ओंकार’ सिख धर्म का बेहद पवित्र शब्द है और इसे उनके नाम के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। बोले- इसके साथ मेरा नाम मत लिखो वायरल वीडियो में दिलजीत फैन की टी-शर्ट की ओर इशारा करते हुए समझाते दिखाई देते हैं कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे पवित्र और अनमोल बताया और कहा कि वह फैन की भावनाओं की कद्र करते हैं। दिलजीत ने फैन को डांटने या नाराज होने के बजाय शांत तरीके से बात समझाई। उन्होंने माना कि फैन की तरफ से ऐसा जानबूझकर नहीं किया गया होगा। दिलजीत ने दर्शकों से कहा- इसे माफ कर दें फैन को समझाने के बाद दिलजीत उसे स्टेज के बीच में लेकर आए। उन्होंने दर्शकों से फैन को माफ करने की अपील की। दिलजीत ने कहा कि संभव है कि फैन को ‘इक ओंकार’ के महत्व की जानकारी नहीं रही हो। इसके बाद फैन ने स्टेज पर ही हाथ जोड़कर माफी मांगी। इस दौरान दिलजीत का अंदाज शांत और समझाने वाला रहा। फैन ने कमेंट में भी मांगी माफी वीडियो वायरल होने के बाद फैन ने सोशल मीडिया के कमेंट सेक्शन में भी सफाई दी। उसने कहा कि टी-शर्ट बनवाते समय उसे अंदाजा नहीं था कि दिलजीत का नाम ‘इक ओंकार’ के इतने करीब आ जाएगा। उसने स्पष्ट किया कि उसका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। फैन ने बताया कि वह नियमित रूप से गुरुद्वारे जाता रहा है और इस वजह से हुई किसी भी असुविधा के लिए माफी मांगता है। सोशल मीडिया पर दिलजीत की तारीफ वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दिलजीत के व्यवहार की तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने धार्मिक भावना से जुड़े मुद्दे को गुस्से या विवाद में बदलने के बजाय प्यार और सम्मान के साथ समझाया। दिलजीत का यह अंदाज उनके फैंस को पसंद आ रहा है। खास तौर पर विदेशी फैन को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के बजाय समझाने और बाद में दर्शकों से उसे माफ करने की अपील की चर्चा हो रही है।

दिलजीत ने फैन की टी-शर्ट से हटवाया अपना नाम:बोले- ‘इक ओंकार’ पवित्र है; इसके साथ मेरा नाम मत लिखो, विदेशी फैन ने मांगी माफी

दिलजीत ने फैन की टी-शर्ट से हटवाया अपना नाम:बोले- ‘इक ओंकार’ पवित्र है; इसके साथ मेरा नाम मत लिखो, विदेशी फैन ने मांगी माफी

पंजाबी सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ के इटली के मिलान कॉन्सर्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह एक विदेशी फैन की टी-शर्ट देखकर उसे रोकते नजर आए। टी-शर्ट पर सिख धर्म के पवित्र शब्द ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा था। उन्होंने फैन को समझाया कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं जोड़ा जाना चाहिए। इसे बेहद पवित्र और अनमोल बताते हुए उन्होंने कहा कि शायद फैन को इसकी जानकारी नहीं थी। इसके बाद फैन ने स्टेज पर हाथ जोड़कर माफी मांगी। दिलजीत ने दर्शकों से भी उसे माफ करने की अपील की। मिलान कॉन्सर्ट में फैन को स्टेज पर बुलाया दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने इंटरनेशनल कॉन्सर्ट्स में व्यस्त हैं। मिलान कॉन्सर्ट के दौरान उन्होंने एक विदेशी फैन को स्टेज पर बुलाया। फैन ने सफेद रंग की कस्टम-प्रिंटेड टी-शर्ट पहन रखी थी। उस पर ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा हुआ था। दिलजीत की नजर टी-शर्ट पर पड़ते ही उन्होंने फैन को समझाना शुरू किया। उन्होंने बताया कि ‘इक ओंकार’ सिख धर्म का बेहद पवित्र शब्द है और इसे उनके नाम के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। बोले- इसके साथ मेरा नाम मत लिखो वायरल वीडियो में दिलजीत फैन की टी-शर्ट की ओर इशारा करते हुए समझाते दिखाई देते हैं कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे पवित्र और अनमोल बताया और कहा कि वह फैन की भावनाओं की कद्र करते हैं। दिलजीत ने फैन को डांटने या नाराज होने के बजाय शांत तरीके से बात समझाई। उन्होंने माना कि फैन की तरफ से ऐसा जानबूझकर नहीं किया गया होगा। दिलजीत ने दर्शकों से कहा- इसे माफ कर दें फैन को समझाने के बाद दिलजीत उसे स्टेज के बीच में लेकर आए। उन्होंने दर्शकों से फैन को माफ करने की अपील की। दिलजीत ने कहा कि संभव है कि फैन को ‘इक ओंकार’ के महत्व की जानकारी नहीं रही हो। इसके बाद फैन ने स्टेज पर ही हाथ जोड़कर माफी मांगी। इस दौरान दिलजीत का अंदाज शांत और समझाने वाला रहा। फैन ने कमेंट में भी मांगी माफी वीडियो वायरल होने के बाद फैन ने सोशल मीडिया के कमेंट सेक्शन में भी सफाई दी। उसने कहा कि टी-शर्ट बनवाते समय उसे अंदाजा नहीं था कि दिलजीत का नाम ‘इक ओंकार’ के इतने करीब आ जाएगा। उसने स्पष्ट किया कि उसका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। फैन ने बताया कि वह नियमित रूप से गुरुद्वारे जाता रहा है और इस वजह से हुई किसी भी असुविधा के लिए माफी मांगता है। सोशल मीडिया पर दिलजीत की तारीफ वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दिलजीत के व्यवहार की तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने धार्मिक भावना से जुड़े मुद्दे को गुस्से या विवाद में बदलने के बजाय प्यार और सम्मान के साथ समझाया। दिलजीत का यह अंदाज उनके फैंस को पसंद आ रहा है। खास तौर पर विदेशी फैन को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के बजाय समझाने और बाद में दर्शकों से उसे माफ करने की अपील की चर्चा हो रही है।

कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन, पंजाबी एक्टर-सिंगर बंटे:बब्बू मान बोले- हर बार हम ही क्यों लाठी खाएं; सोनम बाजवा ने टूटे दिल की इमोजी लगाई

कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन, पंजाबी एक्टर-सिंगर बंटे:बब्बू मान बोले- हर बार हम ही क्यों लाठी खाएं; सोनम बाजवा ने टूटे दिल की इमोजी लगाई

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन पर पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री बंट गई है। एक तरफ दिलजीत दोसांझ और सोनू सूद ने लाठीचार्ज पर सवाल उठाए। उन्होंने छात्रों के अधिकारों और उनकी मांगों को जायज ठहराया है। वहीं बब्बू मान ने आंदोलन के समर्थन से इनकार कर दिया। बब्बू मान ने तो सीधे सवाल उठाया कि जब 2020 में दिल्ली में किसान आंदोलन हुआ तो CJP बनाने वाले अभिजीत दीपके वहां आए थे क्या?। पंजाबी हर बार लाठियां खाने के लिए आगे नहीं आ सकते। वहीं जसबीर जस्सी ने सभी पार्टियों को अपील की कि इस मामले को संवेदनशीलता से देखा जाए। इसका राजनीतिकरण न किया जाए। एक्ट्रेस सोनम बाजवा ने इंस्टाग्राम पर टूटे हुए दिल की इमोजी लगाई। जानिए, CJP के आंदोलन पर किसने क्या कहा… दिलजीत दोसांझ बोले- स्टूडेंट्स की बात सुनी जाए दिलजीत दोसांझ ने कहा- आज जो हुआ, बहुत बुरा हुआ। स्टूडेंट्स के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए था। मेरी अधिकारियों से गुजारिश है कि स्टूडेंट्स की मांगों को सुना जाए। लोगों की आवाज रब की आवाज होती है। मुझ पर पहले ही एंटी नेशनलिस्ट का टैग बहुत बार लग चुका है। अब भी मुझे एंटी नेशनलिस्ट कहा जाएगा। किसान आंदोलन के बाद मुझे काफी कानूनी दिक्कतें आईं, जिनके बारे में मैं डिस्कस भी नहीं कर सकता। दिलजीत की पोस्ट.. जस्सी जसबीर बोले- प्यार से बात करना चाहिए ‘दिल ले गई कुड़ी गुजरात दी’ फेम पंजाबी सिंगर जस्सी जसबीर ने सोशल मीडिया पर लिखा- छात्र आखिरकार हमारे अपने बच्चों की तरह हैं। इसलिए उनसे प्यार और सम्मान के साथ बात की जानी चाहिए। उनकी बात और उनकी चिंताओं को भी गंभीरता से सुना जाना चाहिए। इस पूरे मामले में किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। जस्सी ने आगे कहा- छात्रों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक नजरिए से नहीं, बल्कि संवेदनशीलता के साथ देखा जाना चाहिए। इस पोस्ट के साथ उन्होंने भाजपा, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, अभिनेता विजय, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आज तक, राष्ट्रपति भवन और शिक्षा मंत्रालय समेत कई प्रमुख नेताओं, राजनीतिक दलों और संस्थानों को भी टैग किया है। सोनू सूद ने लाठीचार्ज पर सवाल उठाए पंजाब में मोगा के रहने वाले बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस की लाठियों की नहीं, बल्कि गले लगाने वाले प्यार भरे हाथों और सहानुभूति की ज़रूरत है। सोनू सूद ने शासन और प्रशासन से अपील की कि वे छात्रों के मुद्दों को आक्रामकता के बजाय संवेदनशीलता और बातचीत के साथ हल करने का प्रयास करें। सोनम बाजवा बोलीं- सवाल करना कब से गलत हो गया पंजाबी एक्ट्रेस सोनम बाजवा ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक भावुक पोस्ट साझा किया है। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, सवाल करना कब से इतना गलत हो गया?” इसके साथ उन्होंने टूटे हुए दिल का इमोजी भी लगाया। हालांकि पोस्ट में उन्होंने किसी व्यक्ति, घटना या विवाद का नाम नहीं लिया, लेकिन इसे CJP के आंदोलन में हुए लाठीचार्ज से जोड़कर देखा जा रहा है। बब्बू मान बोले- हर बार पंजाबी ही लाठियां क्यों खाएं मशहूर पंजाबी सिंगर बब्बू मान ने कहा कि 1947 के विभाजन से लेकर 1984 और हालिया किसान आंदोलन तक, पंजाबियों ने हर संघर्ष में सबसे आगे रहकर बहुत कुछ सहा और खोया है। जब किसान आंदोलन चल रहा था, तब क्या CJP प्रमुख अभिजीत दीपके उनके समर्थन में आए थे?। मान ने कहा- अगर वे तब साथ नहीं खड़े थे, तो पंजाबियों को अब बिना सोचे-समझे उनके समर्थन में क्यों जाना चाहिए?। पंजाबियों की भी अपनी जिंदगी है और वे हमेशा ही लाठियां खाने के लिए आगे नहीं आ सकते। इसी वजह से कई पंजाबी और वे खुद इस प्रदर्शन का समर्थन नहीं कर रहे हैं।

दिलजीत की फिल्म सतलुज पूरी तरह बैन:ZEE5 ग्लोबल कैटेगरी से भी हटाई, सेंट्रल कमेटी ने रिपोर्ट सौंपी; अब आगे क्या? जानिए सवाल-जवाब में सबकुछ

दिलजीत की फिल्म सतलुज पूरी तरह बैन:ZEE5 ग्लोबल कैटेगरी से भी हटाई, सेंट्रल कमेटी ने रिपोर्ट सौंपी; अब आगे क्या? जानिए सवाल-जवाब में सबकुछ

पंजाबी एक्टर और सिंगर दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज अब पूरी तरह बैन हो गई है। इसे OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 की ग्लोबल कैटेगरी से भी हटा दिया गया है। इस फिल्म को अब विदेश में भी नहीं देखा जा सकेगा। इसी के साथ फिल्म के कंटेंट की जांच के लिए गठित केंद्रीय समिति ने भी सिफारिश कर दी है कि फिल्म को बैन ही रहने दिया जाए। क्योंकि, फिल्म भारत की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ है। सरकारी सूत्रों से हवाले से यह जानकारी शनिवार को न्यूज एजेंसी PTI ने दी। सूत्रों के अनुसार, समिति ने इस बात पर जोर दिया कि IT अधिनियम की धारा 69A के तहत फिल्म पर प्रतिबंध लगाना उचित था। इसमें पाया गया कि फिल्म की कहानी संतुलित नहीं है, क्योंकि यह उग्रवादियों के कृत्यों को छिपाती है। जबकि, उग्रवाद के दौरान पंजाब में सुरक्षा बलों की ओर से की गई ज्यादतियों को उजागर करती है। यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन को दर्शाती है, जिन्होंने 1984 और 1994 के बीच पंजाब में हजारों अज्ञात शवों के दाह संस्कार की जांच की थी। 1995 में पंजाब पुलिस ने उनका अपहरण कर हत्या कर दी थी। सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 3 जुलाई को रिलीज होने के 2 दिन बाद ही इस फिल्म को भारत में ZEE5 से हटा दिया था। इसके बाद मंत्रालय ने फिल्म की विस्तृत जांच के लिए सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 के तहत एक अंतर-विभागीय समिति (आईडीसी) का गठन किया था। उसी समिति ने इसे बैन रखने की सिफारिश की है। पंजाब में यह मुद्दा राजनीतिक रंग ले चुका है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने प्रतिबंध हटाने की मांग की है और शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने राज्य भर में फिल्म प्रदर्शित करने की घोषणा की है। ऐसा क्या है इस फिल्म में, जो इस बैन किया जा रहा है, क्या यह फिल्म फिर से रिलीज होगी? सवाल-जवाब में जानते हैं सभी सवालों के जवाब। इस फिल्म में ऐसा क्या है, जिससे इसे बैन किया गया? यह फिल्म प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और संघर्ष पर आधारित है। फिल्म में खालड़ा का रोल दिलजीत दोसांझ ने निभाया है। इसमें खालड़ा द्वारा 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में उग्रवाद के दौर में पुलिस की ओर से लावारिस बताकर जलाए गए सिखों के शवों की खोज और उनके दस्तावेजीकरण की कहानी को दर्शाया गया है। फिल्म दिखाती है कि खालड़ा ने अमृतसर और तरनतारन के श्मशान घाटों से नगर निगम के रिकॉर्ड हासिल किए, जिससे साबित हुआ कि पुलिस ने हजारों युवाओं को अवैध हिरासत में लेकर मार डाला। इस दौरान साहस दिखाकर राज्य के सिस्टम के सामने खालड़ा खड़े रहे। दुनिया के सामने सच लाने के बाद सितंबर 1995 में पंजाब पुलिस ने खालड़ा की भी हत्या कर दी। फिल्म की किन चीजों पर विवाद हुआ? बैन पर राजनीतिक हुई, पार्टियों ने क्या-क्या कहा? शिरोमणि अकाली दल (SAD) SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इस बैन को अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया। उन्होंने लिखा, “यह केवल सेंसरशिप नहीं है, बल्कि हमारी सामूहिक स्मृति, सच्चाई और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर एक हमला है। पंजाब अपने अतीत का ईमानदारी से सामना करने का हकदार है, दमन से नहीं।” अकाली दल ने घोषणा की कि सरकार के इस बैन को चुनौती देने के लिए पंजाब के हर गांव और गुरुद्वारों में इस फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग करेंगे, ताकि युवा अपनी पहचान और इतिहास को जान सकें। कांग्रेस वरिष्ठ नेता व विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने केंद्र सरकार के इस कदम की निंदा की। उन्होंने कहा कि खालड़ा के अपहरण और पुलिस बर्बरता के सच को दिखाने वाली फिल्म को रोकना अन्यायपूर्ण है। पार्टी के अन्य नेताओं ने आरोप लगाया कि जब द कश्मीर फाइल्स और द केरल स्टोरी जैसी संवेदनशील नैरेटिव वाली फिल्मों को बिना किसी बाधा के अनुमति मिल सकती है, तो तथ्यों और अदालती फैसलों पर आधारित सतलुज पर प्रतिबंध लगाना केंद्र सरकार के दोहरे मापदंड को दर्शाता है। आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब की सत्ताधारी AAP ने भी फिल्म को ZEE5 से हटाने के फैसले की आलोचना की। पार्टी प्रवक्ताओं ने मांग की कि फिल्म को तुरंत बहाल किया जाना चाहिए, क्योंकि नई पीढ़ी के लिए राज्य के इस दर्दनाक और ऐतिहासिक सच को समझना बेहद जरूरी है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) सिख धार्मिक मामलों की सर्वोच्च संस्था SGPC ने फिल्म का पूरी तरह समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि जसवंत सिंह खालड़ा का बलिदान सिख कौम के लिए सर्वोच्च है और फिल्म के माध्यम से उनकी आवाज को दबाने की कोशिशें कभी कामयाब नहीं होंगी। भारतीय जनता पार्टी (BJP) केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने फिल्म की टाइमिंग और उसके नैरेटिव पर सवाल उठाए। बीजेपी का तर्क है कि चुनाव या संवेदनशील समय में ऐसी फिल्में पंजाब में दोबारा अशांति फैला सकती हैं। केंद्र ने फिल्म के खिलाफ क्या कहा? फिल्म रिलीज के बाद केंद्र सरकार ने क्या किया? 1. IT एक्ट की धारा 69A का उपयोग कर फिल्म तुरंत हटवाई फिल्म के रिलीज होने के ठीक 48 घंटे के भीतर केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने IT एक्ट की धारा 69A और IT नियम, 2021 के तहत प्राप्त आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल किया। सरकार ने सुरक्षा चिंताओं और सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देते हुए ZEE5 को तुरंत इस फिल्म को भारत में अपने प्लेटफॉर्म से हटाने का लिखित निर्देश जारी किया। 2. हाई-लेवल स्पेशल कमेटी का गठन फिल्म को केवल हटाने तक ही केंद्र नहीं रुका। इसके कंटेंट की गहराई से जांच करने के लिए केंद्र सरकार ने IT नियम 2021 के नियम 14 के तहत एक उच्च स्तरीय अंतर-विभागीय समिति बनाई। इस विशेष समिति को फिल्म के दृश्यों, नैरेटिव और उसके संभावित सामाजिक-राजनीतिक प्रभावों की समीक्षा कर सरकार को अंतिम सिफारिश सौंपने का जिम्मा दिया गया। 3. CBFC के नियमों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत केंद्र सरकार ने साफ किया कि कोई भी फिल्म प्रोड्यूसर सेंसर बोर्ड (CBFC) के सर्टिफिकेशन प्रोसेस को बायपास कर सीधे ओटीटी पर ऐसी संवेदनशील फिल्में रिलीज नहीं कर सकता। सरकार ने रुख अपनाया कि यदि फिल्म को दोबारा भारत में स्ट्रीम

दिलजीत दोसांझ से फैन ने पूछा अमेरिकी नागरिकता पर सवाल:बोले- कुछ भी बोलूंगा तो खबर बन जाएगी; डोनाल्ड ट्रंप की बेटी पर भी किया खुलासा

दिलजीत दोसांझ से फैन ने पूछा अमेरिकी नागरिकता पर सवाल:बोले- कुछ भी बोलूंगा तो खबर बन जाएगी; डोनाल्ड ट्रंप की बेटी पर भी किया खुलासा

सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ ने अपनी अमेरिकी नागरिकता के दावों पर सीधा जवाब देने से परहेज किया है। हाल ही में एक इंस्टाग्राम लाइव सेशन के दौरान जब फैंस ने उनसे यूएस ग्रीन कार्ड और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर सवाल किए, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिलजीत के पास साल 2022 से ही अमेरिकी नागरिकता होने का दावा किया जा रहा है। दिलजीत दरअसल अपनी फिल्म ‘सतलुज’ को भारत में जी5 प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के विवाद पर बात करने के लिए लाइव आए थे। ग्रीन कार्ड के सुझाव पर दिया मजाकिया जवाब इंस्टाग्राम लाइव के दौरान एक फैन ने दिलजीत को अमेरिकी ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई करने का सुझाव दिया। इस पर मुस्कुराते हुए दिलजीत ने कहा कि मैं एक कार्ड लूंगा और उस पर हरा रंग कर लूंगा। उन्होंने आगे कहा कि मैं इस पर कुछ नहीं बोल रहा हूं, नहीं तो सब कुछ छोड़कर इस पर न्यूज बन जाएगी। दुनिया का यह ड्रामा कभी खत्म नहीं होगा। दिलजीत ने कहा कि उनका मानना है कि हर किसी को बिना वीजा के किसी भी देश में जाने की इजाजत होनी चाहिए और पूरी दुनिया को एक हो जाना चाहिए। डोनाल्ड ट्रंप की बेटी को लेकर कही यह बात लाइव सेशन में ही एक दूसरे फैन ने मजाक में दिलजीत से कहा कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात करके सभी के लिए अमेरिकी नागरिकता पक्की करवा दें। इस पर हंसते हुए दिलजीत ने कहा कि आप लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं? मैं सिर्फ एक कलाकार हूं। मैं उनसे नागरिकता के मुद्दों को हल करने के लिए कैसे कह सकता हूं? उन्होंने खुलासा किया कि ट्रंप की बेटी उन्हें इंस्टाग्राम पर फॉलो करती है, लेकिन उन्होंने कभी उनसे बात नहीं की है। दिलजीत ने कहा कि वे कभी किसी से फेवर नहीं मांगते। रिपोर्ट में अमरीकी नागरिकता का दावा दिलजीत की नागरिकता को लेकर यह चर्चा कुछ महीने पहले इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुई थी। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि दिलजीत साल 2022 में अमेरिका के नागरिक बन चुके हैं और 1 सितंबर 2022 से अमेरिकी पासपोर्ट पर सफर कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उनका आखिरी भारतीय पासपोर्ट साल 2018 में मुंबई से जारी हुआ था। इसमें यह भी दावा किया गया था कि उनकी पत्नी संदीप कौर भी अमेरिकी नागरिक हैं और दिलजीत ने कैलिफोर्निया के एक पॉश इलाके में पांच बेडरूम का बंगला अपना पता बताया है। हालांकि दिलजीत ने अब तक इस पर कोई साफ बयान नहीं दिया है। फिल्म ‘सतलुज’ को हटाए जाने पर जताई चिंता दिलजीत मुख्य रूप से अपनी फिल्म ‘सतलुज’ से जुड़े विवाद पर बात करने के लिए लाइव आए थे। यह फिल्म भारत में रिलीज होने के महज 48 घंटे के भीतर ही जी5 प्लेटफॉर्म से हटा दी गई थी। इससे पहले फिल्म को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट लेने के लिए करीब तीन साल तक लंबा इंतजार करना पड़ा था। दिलजीत ने दर्शकों से इस फिल्म को देखने की अपील करते हुए इसे पंजाब और भारत के इतिहास का एक बेहद जरूरी हिस्सा बताया। सरकारी आदेश पर हटाई गई फिल्म सतलुज टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने फिल्म ‘सतलुज’ को ZEE5 से हटाने का निर्देश दिया। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह फैसला सुरक्षा संबंधी चिंताओं और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) रूल, 2021 के तहत तय दायित्वों का हवाला देते हुए लिया गया। एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक, फिल्म निर्माताओं ने 2022 में ‘पंजाब 95’ टाइटल से CBFC से सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन किया था। हालांकि, सेंसर बोर्ड द्वारा सुझाए गए 127 कट स्वीकार नहीं किए गए, जिसके बाद फिल्म की रिलीज रोक दी गई। अधिकारी ने कहा, “फिल्ममेकर्स ने सेंसर बोर्ड द्वारा सुझाए गए कट लागू नहीं किए और बाद में फिल्म का नाम बदलकर चुपचाप OTT पर रिलीज कर दिया। चूंकि OTT, CBFC के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, इसलिए मामला सरकार के संज्ञान में आने पर ZEE5 को फिल्म हटाने के लिए कहा गया।” क्यों विवादों में है फिल्म सतलुज

OTT से हटी, गुरुद्वारों में फ्री दिखेगी दिलजीत की 'सतलुज':स्पेशल स्क्रीनिंग शुरू; फिल्म में पंजाब में फर्जी मुठभेड़ में 25 हजार हत्याओं का दावा

OTT से हटी, गुरुद्वारों में फ्री दिखेगी दिलजीत की 'सतलुज':स्पेशल स्क्रीनिंग शुरू; फिल्म में पंजाब में फर्जी मुठभेड़ में 25 हजार हत्याओं का दावा

OTT प्लेटफॉर्म से हटाई गई दिलजीत दोसांझ स्टारर फिल्म ‘सतलुज’ अब फ्री में पंजाब में गुरुद्वारों दिखाई जाएगी। यह फिल्म पंजाब में आतंकवाद के दौर यानी 90 के दशक में फर्जी मुठभेड़ में 25 हजार युवाओं की हत्या का दावा करने वाले ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट जसवंत खालड़ा की जिंदगी पर आधारित है। गुरदासपुर से गुरुद्वारों में फिल्म दिखाने की शुरूआत हो चुकी है। यहां गांव मानचोपड़ा में गुरुद्वारा साहिब से अनाउंसमेंट कर गांव के लोगों को फिल्म दिखाई गई। मोगा के गुरुद्वारे में भी फिल्म दिखाई गई। अब बुधवार और गुरुवार को पठानकोट के 2 प्रमुख गुरुद्वारों गुरुद्वारा सिंह सभा, मॉडल टाउन और गुरुद्वारा सिंह सभा सेंट्रल (रानीपुर) में इसकी स्क्रीनिंग का ऐलान कर दिया गया है। भारतीय किसान यूनियन के पंजाब यूथ अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह बैंस ने कहा कि फिल्म को पंजाब के अन्य जिलों और गांव-गांव तक ले जाया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे देख सकें। वहीं दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) ने स्कूल-कॉलेजों में भी फिल्म की स्क्रीनिंग का ऐलान कर दिया है। गुरुद्वारा प्रबंधकों का दावा- इतिहास दबाने की कोशिश हुई पठानकोट के गुरुद्वारा प्रबंधक मनप्रीत सिंह का कहना है कि फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता भाई जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और संघर्ष पर आधारित है। उनका आरोप है कि पंजाब के इतिहास के एक अहम अध्याय को लोगों तक पहुंचने से रोकने के लिए फिल्म को जानबूझकर OTT प्लेटफॉर्म से हटाया गया। उनका कहना है कि अगर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फिल्म नहीं दिखाई जाएगी तो गुरुघरों के माध्यम से इसे लोगों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी खालड़ा के संघर्ष, मानवाधिकारों की लड़ाई और उनके बलिदान से परिचित हो सके। सीनियर वकील बोले- गुरुद्वारों में स्क्रीनिंग गैरकानूनी नहीं OTT से हटाने के बावजूद इसकी सार्वजनिक स्क्रीनिंग को लेकर पठानकोट के सीनियर एडवोकेट विशाल कोहली ने कहा कि गुरुद्वारों में संगत के लिए फिल्म की स्क्रीनिंग करना किसी कानून का उल्लंघन नहीं है। उनके मुताबिक, फिल्म की सामग्री पहले ही अलग-अलग ऑनलाइन माध्यमों पर लोगों तक पहुंच चुकी है। ऐसे में सामाजिक जागरूकता के उद्देश्य से इसका प्रदर्शन करना गैरकानूनी नहीं माना जा सकता। DSGMC का ऐलान- गुरुद्वारों के साथ स्कूल-कॉलेजों में भी दिखाई जाएगी फिल्म दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (DSGMC) भी फिल्म के समर्थन में खुलकर सामने आ गई है। कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने कहा कि जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर बनी इस फिल्म को रोकना इतिहास को दबाने की कोशिश है। उन्होंने घोषणा की कि दिल्ली के गुरुद्वारों में फिल्म की सार्वजनिक स्क्रीनिंग कराई जाएगी। साथ ही स्कूलों और कॉलेजों में जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन, संघर्ष और मानवाधिकारों पर सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। सभी गुरुद्वारा कमेटियों से फिल्म को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की अपील भी की गई है। दिलजीत की फिल्म में क्या दिखाया गया, जिस पर एतराज? दिलजीत की इस फिल्म में पूर्व CM बेअंत सिंह की बम ब्लास्ट में हत्या का सीन भी दिखाया गया है। फिल्म की कहानी के लिए इस सीन को पुलिस की क्रूरता के एक टर्निंग पॉइंट के रूप में दिखाया गया है। फिल्म में यह भी दिखाया गया है कि कैसे पुलिस की क्रूरता और निर्दोष लोगों पर बढ़ते अत्याचारों के कारण एक आम आदमी अंदर से टूट जाता है और आतंकवाद या इस तरह के कदम उठाने के लिए मजबूर हो जाता है। इसमें तत्कालीन DGP केपीएल गिल को IPS बिट्‌टा के तौर पर दिखाया गया है। फिल्म में दिखाया गया है 31 अगस्त 1995 को तत्कालीन सीएम बेअंत सिंह की हत्या होती है और इस घटना के ठीक एक हफ्ते बाद यानी 6 सितंबर 1995 को जसवंत सिंह खालड़ा का भी अपहरण कर लिया जाता है। मुख्यमंत्री की मौत के बाद जब राजनीतिक माहौल बदला, तो पुलिस को डर था कि खालड़ा उनके इस 25 हजार अवैध दाह-संस्कार के काले राज को दुनिया के सामने न ले आएं, इसलिए वे खालड़ा का अपहरण करने का कदम उठाते हैं। फिल्म हटाने को लेकर केंद्र की क्या चिंता, आगे क्या फैसला लिया? केंद्र ने फिल्म हटाने को लेकर अभी औपचारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। हालांकि सरकारी सोर्सेज के जरिए मीडिया के मुताबिक फिल्म के कुछ हिस्सों का भारत विरोधी ताकतों द्वारा दुरुपयोग किए जाने की आशंका है। सूत्रों के मुताबिक, चिंता है कि फिल्म के कुछ दृश्य और सामग्री का इस्तेमाल खालिस्तान समर्थक आंदोलन के पक्ष में माहौल बनाने के लिए किया जा सकता है। खासकर पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले ऐसा हो सकता है। सरकार का मानना है कि “ऐसे मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे सबसे ऊपर होते हैं। यह राजनीति का विषय नहीं है। हालांकि केंद्र ने भाजपा के पंजाब प्रधान केवल सिंह ढिल्लों की अपील के बाद इस पर रिव्यू कमेटी बनाई है। कमेटी फिल्म की सामग्री, तथ्यों और प्रस्तुत किए गए विषयों का अध्ययन करेगी। जसवंत सिंह खालड़ा के बारे में जानिए, जिनके जीवन पर यह फिल्म बनी बैंक में काम करते थे, लावारिश लाशें खोजनी शुरू कर दीं 1990 के दशक के पंजाब के कई इलाकों में खालिस्तान की मांग जोर पकड़ रही थी। ऑपरेशन ‘ब्लू स्टार’ में 6 जून 1984 को खालिस्तान समर्थक जरनैल सिंह ‘भिंडरांवाले’ की मौत हो गई। जवाब में 31 अक्टूबर, 1984 को पीएम इंदिरा गांधी की उनके ही 2 सिख बॉडीगार्ड्स ने हत्या कर दी। इसके बाद खालिस्तान मूवमेंट को कुचलने का दौर शुरू हुआ। 1992 में बेअंत सिंह सीएम बने। तब के पंजाब पुलिस के DGP कंवर पाल सिंह गिल (केपीएस गिल) ने एंटी-टेररिज्म अभियान चलाया। पुलिस को खुली छूट थी। पंजाब के कई इलाकों से हजारों नौजवान रातोंरात गायब हो रहे थे। पुलिस पर निहत्थे लोगों को हिरासत में लेने और फर्जी एनकाउंटर के आरोप लग रहे थे। 1952 में अमृतसर जिले के खालड़ा गांव में जन्मे जसवंत सिंह, तब अमृतसर के एक बैंक में काम करते थे। जनवरी 1995 में वे शिरोमणि अकाली दल की मानवाधिकार यूनिट के महासचिव भी थे। लापता लोगों के डेथ सर्टिफिकेट न होने के चलते उनके परिवार वाले न उनकी संपत्ति पर दावा कर सकते थे और न ही बैंक में उनके खातों से पैसा निकाल पा रहे थे। ऐसे में जसवंत ने लापता लोगों, पुलिस हिरासत में हुई मौतों और श्मशानों में

पंजाब- इंसाफ के लिए 16 साल लड़ी बीबी खालड़ा:पुलिस ने न सुनी तो सुप्रीम कोर्ट गई; इन्हीं के पति पर OTT से हटी दिलजीत की फिल्म

पंजाब- इंसाफ के लिए 16 साल लड़ी बीबी खालड़ा:पुलिस ने न सुनी तो सुप्रीम कोर्ट गई; इन्हीं के पति पर OTT से हटी दिलजीत की फिल्म

पंजाबी एक्टर दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज (पंजाब 95) रिलीज के 2 ही दिन बाद OTT प्लेटफॉर्म से हटने के बाद मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा फिर चर्चा में हैं। जसवंत खालड़ा ने श्मशान घाट, नगर निगम समेत अन्य जगहों से रिकॉर्ड इकट्‌ठा कर दावा किया था कि आतंकवाद के दौर में पंजाब में पुलिस के फर्जी एनकाउंटर में 25 हजार युवकों की हत्या की गई। फिर उन्हें लावारिस की तरह फूंक दिया गया। जसवंत खालड़ा को घर के बाहर से किडनैप कर उनकी हत्या कर दी गई थी। इसके बाद उनकी पत्नी परमजीत कौर खालड़ा ने 16 साल की लंबी लड़ाई लड़ी। जिसके बाद दोषी पुलिस वालों को सजा हुई। वह पति के इंसाफ के लिए ट्रायल कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ीं। हालांकि उन्हें आज भी इस बात का मलाल है कि उन्होंने दोषियों को तो सजा दिला दी लेकिन उनके पति के साथ क्या हुआ, आज तक पता नहीं चला। घर से किडनैपिंग के बाद उनका कत्ल कैसे किया गया, किसी ने इसके बारे में राज नहीं उगला। पति को इंसाफ दिलाने के लिए बीबी खालड़ा ने क्या किया, गवाह न मुकरें, इसके लिए क्या कोशिश की, आखिर कैसे CBI जांच शुरू हुई, ये सब जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट…. पति को इंसाफ के लिए परमजीत कौर खालड़ा का संघर्ष जानिए:- *************** ये खबर भी पढ़ें… दिलजीत की 2 दिन पहले रिलीज ‘सतलुज’ OTT से हटाई:फिल्म में दावा- पंजाब में फर्जी मुठभेड़ में 25 हजार मारे; दोसांझ ने पायरेसी की अपील की पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित दिलजीत दोसांझ की फिल्म को अचानक OTT प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। खालड़ा ने आतंकवाद के दौर में पंजाब में फेक एनकाउंटर में 25 हजार युवाओं को मारने का दावा किया था। यह फिल्म 3 साल की रोक के बाद 2 दिन पहले ही नाम बदलकर रिलीज की गई थी। पहले इसका नाम ‘पंजाब 95’ था, जिसे ‘सतलुज’ नाम से OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया था (पढ़ें पूरी खबर)