Priyanka Gandhi Vs Himanta Sarma; Assam Election Politics

Hindi News National Priyanka Gandhi Vs Himanta Sarma; Assam Election Politics | Gaurav Gogoi गुवाहाटी16 घंटे पहले कॉपी लिंक कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी दो दिन के असम दौरे पर हैं। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने शुक्रवार को कहा कि गौरव गोगोई और उनके परिवार को ‘पाकिस्तान लिंक’ के आरोपों में घसीटना गलत राजनीति है। प्रियंका ने कहा कि असम के सीएम चुनाव से पहले डर गए हैं, इसलिए इस तरह के आरोप लगा रहे हैं। उन्हें निजी आरोपों की बजाय राज्य के विकास पर बात करनी चाहिए। प्रियंका बोली- गौरव जी और उनके परिवार को जिस तरह निशाना बनाया जा रहा है, उससे साफ है कि यह गलत राजनीति है। असम की जनता जानती है कि दूसरी तरफ के लोग उनसे घबराए हुए हैं। वह सही रास्ते पर चल रहे हैं। यह उनके लिए सम्मान की बात है। प्रियंका गांधी का आज असम दौरे का दूसरा दिन है। सुबह वह गुवाहाटी के पास सोनापुर पहुंचीं। गायक जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की। प्रियंका की बातों के तीन बड़े पॉइंट्स… मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि उन्होंने असम के विकास के लिए क्या किया है। असम की युवा पीढ़ी को नौकरी और रोजगार की जरूरत है। जहां-जहां भाजपा की सरकार है, वहां चुनाव से पहले महिलाओं को पैसा दिया जाता है, लेकिन क्या उन्हें पांच साल सुरक्षा मिली? कितनी महिलाओं को रोजगार मिला और कितनों को आत्मनिर्भर बनाया गया? राज्य की संपत्ति जनता के हाथ से निकलकर ‘एक परिवार’ के पास जा रही है और योजनाओं का इस्तेमाल सिर्फ चुनावी फायदा लेने के लिए किया जा रहा है। हिमंता के CM नहीं बनाने पर भी तंज प्रियंका गांधी ने हिमंता के उस बयान का भी जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के लिए कई कारक तय करते हैं। अगर वे दस साल बाद भी मुख्यमंत्री नहीं बनने देने कि बात पर रो रहे हैं, तो मुझे और कुछ कहने की जरूरत नहीं है। असम सरकार के खिलाफ 20 पॉइंट्स की चार्जशीट जारी प्रियंका गांधी ने असम विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार के खिलाफ 20 पॉइंट्स की चार्जशीट जारी की। यह चार्जशीट असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से तैयार की गई है। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि प्रियंका गांधी असम की जनता की भावनाएं समझने आई हैं और कांग्रेस पार्टी आगामी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। असम की राजनीति में हाल के तीन बड़े घटनाक्रम… 18 फरवरी: गौरव गोगोई बोले- CM हिमंता असम के जिन्ना, नेताओं को ‘हिंदू सर्टिफिकेट’ देना बंद करें असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- हिमंता ने बोरा को कांग्रेस का आखिरी हिंदू नेता बताया है। हिमंता ‘असम के जिन्ना’ हैं, उन्हें नेताओं को ‘हिंदू सर्टिफिकेट’ देना बंद करना चाहिए। गोगोई ने ये भी कहा- भाजपा में शामिल होने वाले नेता अपनी पार्टी के लिए गैरजरूरी हो जाते हैं। ऐसा ही हाल असम कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा का होगा। पूरी खबर पढ़ें… 17 फरवरी: असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने पार्टी छोड़ी, भाजपा जॉइन करेंगे असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा के भाजपा जॉइन करने की अटकलों पर मुहर लगी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बोरा के घर जाकर उनसे मुलाकात की। इसके बाद CM ने बोरा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि वे 22 फरवरी को पार्टी की सदस्यता लेंगे। बोरा ने एक दिन पहले कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। उन्होंने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के को अपना इस्तीफा पत्र सौंपा। पूरी खबर पढ़ें… 16 फरवरी: हिमंता बोले- कांग्रेस सांसद ने पाकिस्तान की यात्रा की, उनकी पत्नी ने भारत की जानकारी शेयर की असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई से जुड़े कथित पाकिस्तान लिंक के मामले की जांच अब केंद्र सरकार करेगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने इस मामले से जुड़े सभी सबूत केंद्र को सौंप दिए हैं और अब केंद्रीय एजेंसी इसकी जांच करेगी। मुख्यमंत्री सरमा ने आरोप लगाया कि गौरव गोगोई और उनकी पत्नी का पाकिस्तान से जुड़े कुछ लोगों से संबंध रहा है और यह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। पूरी खबर पढ़ें… —— ये खबर भी पढ़ें… असम विधानसभा चुनाव सिंगल फेज में हो सकता है:अप्रैल के पहले हफ्ते में वोटिंग संभव; BJP-कांग्रेस की EC से अपील- तारीख बिहू के आसपास हो असम विधानसभा के चुनाव अप्रैल के पहले हफ्ते में हो सकते हैं। चुनाव आयोग इसका ऐलान अगले महीने 4 से 8 मार्च के बीच कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सभी 126 सीटों के लिए एक या अधिकतम दो फेज में वोटिंग होने की संभावना है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Bangladesh Election Manipulation Allegations | PM Tarique Rahman engineer

ढाका3 दिन पहले कॉपी लिंक बांग्लादेश में विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान पर चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि तारिक रहमान चुनाव नतीजों में हेरफेर करने वाले इंजीनियर हैं। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव में ‘इंजीनियरिंग’ यानी हेरफेर की गई और इसी वजह से BNP को 200 से ज्यादा सीटें मिलीं। बांग्लादेश में करीब 20 साल बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने आम चुनाव में बड़ी जीत हासिल की। जमात ए इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन और उसकी सहयोगी पार्टी नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) ने आरोप लगाया है कि कई सीटों पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई। तारिक रहमान 12वीं पास हैं NCP नेता नसीरुद्दीन पटवारी ने सबसे पहले फेसबुक पर तारिक रहमान को ‘इंजीनियर’ कहा। उनका पोस्ट लाखों लोगों तक पहुंचा और इसके बाद सोशल मीडिया पर मीम्स और मजाक की बाढ़ आ गई। कई लोगों ने एआई से बनी तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें तारिक रहमान को इंजीनियर की हेलमेट पहने दिखाया गया। कुछ लोगों ने तंज कसते हुए लिखा कि ‘लंदन से इंजीनियर पास’, क्योंकि तारिक रहमान 17 साल तक लंदन में निर्वासन में रहे थे। एक अन्य पोस्ट में लिखा गया कि ‘बिना पढ़ाई के इंजीनियर बन गए।’ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अपने हलफनामे में तारिक रहमान ने अपनी शैक्षणिक योग्यता ‘हायर सेकेंडरी’ यानी 12वीं तक बताई है। तारिक रहमान ने 17 फरवरी को पीएम पद की शपथ ली। बांग्लादेश में 35 साल बाद कोई पुरुष प्रधानमंत्री बना।ंं चुनाव आयोग के पास शिकायत दर्ज की गई NCP नेता आसिफ महमूद ने दावा किया कि उनके पास नतीजों से छेड़छाड़ के सबूत हैं। उनका कहना था कि कुछ जगहों पर वोटों की गिनती पूरी होने से पहले ही विजेता घोषित कर दिए गए और आंकड़ों में बदलाव किया गया। जमात प्रमुख शफीकुर रहमान ने भी कहा कि वोटिंग तो ठीक हुई, लेकिन गिनती के दौरान गड़बड़ी हुई। उन्होंने 32 सीटों को लेकर चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई है। 14 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब तारिक रहमान से पूछा गया कि क्या उन्होंने चुनाव जीतने के लिए ‘इंजीनियरिंग’ की, तो उन्होंने शांत लहजे में जवाब दिया कि उनकी ‘इंजीनियरिंग’ सिर्फ इतनी थी कि उन्होंने लोगों को अपने पक्ष में वोट देने के लिए मनाया। पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री के बेटे हैं तारिक रहमान तारिक रहमान पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं। उन्होंने 1988 में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) जॉइन की। 2001 के चुनाव में संगठनात्मक काम से उन्हें पहचान मिली, लेकिन 2006 के बाद उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे और 2007 में उन्हें गिरफ्तार किया गया। 2008 में इलाज के लिए वे लंदन चले गए और करीब 17 साल तक देश से बाहर रहे। इस दौरान वे पार्टी के सीनियर उपाध्यक्ष और बाद में कार्यकारी अध्यक्ष बने। उन पर कई मामले दर्ज हुए, लेकिन बाद में अदालतों ने उन्हें बरी कर दिया। पिछले साल वे बांग्लादेश लौटे और मां के निधन के बाद पार्टी की कमान संभाली। हालिया चुनाव में BNP की जीत के बाद तारिक रहमान देश के प्रधानमंत्री बने। BNP+गठबंधन ने 212 सीटें हासिल कीं बांग्लादेश में पिछले गुरुवार को हुए आम चुनाव में BNP ने बड़ी जीत दर्ज की। प्रथोम ओलो के मुताबिक BNP+गठबंधन ने 299 सीटों में से 212 सीटें हासिल की। जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन को 77 सीटें मिलीं। देश में करीब 20 साल बाद BNP की सरकार बनी। 2008 से 2024 तक वहां शेख हसीना की आवामी लीग सत्ता में थी। तारिक ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों पर जीत हासिल की है। तारिक रहमान की जीत पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें बधाई दी थी। उन्होंने कहा, ‘मेरे भाई तारिक, उनकी टीम और बाकी सभी को बधाई। बांग्लादेश में 35 साल बाद कोई पुरुष प्रधानमंत्री बना। 1988 में काजी जफर अहमद प्रधानमंत्री बने थे। इसके बाद 1991 से 2024 तक देश की राजनीति में पूर्व पीएम शेख हसीना और खालिदा जिया का दबदबा रहा। ये दोनों ही प्रधानमंत्री बनती रहीं। ——————- यह खबर भी पढ़ें… तारिक रहमान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री बने:मंत्रिमंडल में 1 हिंदू-1 बौद्ध समेत 49 मंत्री; पीएम मोदी ने भारत आने का न्योता दिया बांग्लादेश में BNP अध्यक्ष तारिक रहमान नए प्रधानमंत्री बन गए हैं। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने संसद भवन में तारिक को पीएम पद की शपथ दिलाई। तारिक रहमान पहली बार प्रधानमंत्री बने हैं। वह पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे हैं। 17 साल तक लंदन में रहने के बाद वह दो महीने पहले ही बांग्लादेश लौटे थे। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
‘द्रमुक अपनी सरकार बनाएगी’: 2026 के चुनावों से पहले कांग्रेस के साथ सीट साझा करने की चर्चा के बीच स्टालिन | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:11 फरवरी, 2026, 13:29 IST स्टालिन ने एनडीए पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि एनडीए “डबल इंजन” नहीं बल्कि “डब्बा इंजन” या एक खाली जहाज है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (फोटो: पीटीआई/फाइल) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने विश्वास जताया कि 2026 के विधानसभा चुनाव में डीएमके अपने दम पर सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि सहयोगियों के बीच दरार की चर्चा के बीच पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ेगी। उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कांग्रेस में चुनाव के लिए सीट बंटवारे पर चर्चा अभी शुरू नहीं हुई है। एक समाचार चैनल के कार्यक्रम में बोलते हुए, स्टालिन, जो लगातार दूसरे कार्यकाल की मांग कर रहे हैं, ने डीएमके के सामने चुनौतियों, एनडीए फैक्टर और राहुल गांधी के साथ अपने समीकरण के बारे में बात की। स्टालिन ने कांग्रेस के बारे में क्या कहा? कांग्रेस के साथ तनाव की अफवाहों को खारिज करते हुए स्टालिन ने कहा कि राहुल गांधी के साथ उनका ‘भाईचारा जैसा लगाव’ है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि गठबंधन के सत्ता में लौटने पर द्रमुक कांग्रेस के साथ सत्ता साझा करेगी या नहीं। स्टालिन ने कहा, “द्रमुक अपनी सरकार बनाएगी।” उन्होंने कहा कि पार्टी 2021 की तुलना में “और भी अधिक बढ़त” बनाने के लिए आश्वस्त है। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु में डीएमके-कांग्रेस गठबंधन मजबूत है। साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। अब सरकार में सत्ता साझा करने का सवाल ही नहीं उठता।” तमिलनाडु चुनाव 2021 के विधानसभा चुनाव में डीएमके ने 234 में से 133 सीटें जीतीं और अपने दम पर सरकार बनाई। सहयोगी के रूप में चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस ने 25 में से 18 सीटें जीतीं लेकिन उसे कोई मंत्री पद नहीं दिया गया। इस बार दोनों पार्टियों के बीच तल्खी सामने आ गई है. कांग्रेस ने डीएमके पर राज्य में उसे दरकिनार करने का आरोप लगाया है और सीटों में बड़ी हिस्सेदारी की मांग कर रही है। इसने गठबंधन के दोबारा जीतने पर सत्ता साझेदारी का मुद्दा भी उठाया है। पिछले महीने राहुल गांधी ने डीएमके सांसद कनिमोझी से मुलाकात की थी. चर्चाओं में कथित तौर पर कैबिनेट पद, सीटों का बड़ा हिस्सा और राज्यसभा बर्थ शामिल थे। डीएमके ने घोषणा की है कि सीटों के बंटवारे पर औपचारिक बातचीत 22 फरवरी से शुरू होगी. स्टालिन ने एनडीए पर हमला किया, इसे ‘डब्बा इंजन’ बताया स्टालिन ने एनडीए पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि एनडीए “डबल इंजन” नहीं बल्कि “डब्बा इंजन” या एक खाली जहाज है। चुनाव को आर्यन-द्रविड़ लड़ाई का एक और चरण बताते हुए स्टालिन ने एनडीए पर चुनाव से पहले “झूठ, नफरत और सांप्रदायिक तनाव” फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “तथाकथित डबल इंजन एक खाली जहाज है। यह डबल इंजन नहीं है, बल्कि डब्बा इंजन है।” स्टालिन ने एनडीए पर लोगों को बांटने का आरोप लगाया स्टालिन ने आरोप लगाया कि एनडीए राज्य में अल्पसंख्यकों के बीच विभाजन को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के लोग एनडीए को उसके कार्यों के लिए “बड़ी निराशा” देंगे और ऐसी विभाजनकारी राजनीति के लिए राज्य में कोई जगह नहीं है। यह टिप्पणी तब आई है जब भाजपा तमिलनाडु में अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रही है। पार्टी एडप्पादी के पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली एआईएडीएमके और टीटीवी दिनाकरन की एएमएमके को एनडीए में ले आई है। पीएमके भी गठबंधन का हिस्सा है. पहले प्रकाशित: 11 फरवरी, 2026, 13:29 IST समाचार राजनीति ‘द्रमुक अपनी सरकार बनाएगी’: 2026 के चुनावों से पहले कांग्रेस के साथ सीट साझा करने की चर्चा के बीच स्टालिन अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)स्टालिन(टी)डीएमके(टी)डीएमके कांग्रेस गठबंधन(टी)तमिलनाडु में डीएमके कांग्रेस(टी)तमिलनाडु चुनाव(टी)चुनाव(टी)एनडीए(टी)बीजेपी(टी)एमके स्टालिन








