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जैस्मीन भसीन बोलीं-सड़क पार करने से भी डर लगता था:खतरों के खिलाड़ी में नजर आएंगी; कहा- खुद को कमजोर साबित होने से बचाना है

जैस्मीन भसीन बोलीं-सड़क पार करने से भी डर लगता था:खतरों के खिलाड़ी में नजर आएंगी; कहा- खुद को कमजोर साबित होने से बचाना है

जैस्मीन भसीन टीवी इंडस्ट्री का वो चेहरा हैं, जिन्होंने अपने ‘अनफिल्टर्ड’ अंदाज से हर घर में अपनी जगह बनाई है। ‘खतरों के खिलाड़ी’ के पिछले सीजन में उनके रोने और डरने के बावजूद स्टंट पूरे करने के जज्बे को दर्शकों ने खूब सराहा था। अब जैस्मीन एक बार फिर ‘डर के नए दौर’ में कदम रखने जा रही हैं। दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में जैस्मीन ने अपनी जिंदगी के उन पन्नों को पलटा, जहां कभी वह सड़क पार करने से भी घबराती थीं। उन्होंने बताया कि कैसे एक प्रोटेक्टिव माहौल से निकलकर उन्होंने अपनी पहचान बनाई और आज उन्हें किस बात का सबसे बड़ा खौफ सताता है। साथ ही, अली गोनी के उस ‘गुरु मंत्र’ का भी जिक्र किया जो इस बार उनकी ढाल बनेगा। सवाल: जैस्मीन, आप एक बार फिर ‘डर के नए दौर’ के लिए तैयार हैं। एक्साइटमेंट ज्यादा है या एंग्जायटी? जवाब: सच कहूंतो दोनों ही चरम पर हैं। मैं एक्साइटेड तो हूं, पर उतनी ही डरी हुई भी हूं। ‘खतरों के खिलाड़ी’ कोई छोटा खेल नहीं है। यहाँ हर बार खतरे नए होते हैं और चुनौतियां पहले से कहीं ज्यादा कठिन। मेरे पिछले सीजन में सबने देखा था कि मुझे डर बहुत ज्यादा लगता है, इसलिए अब जैसे-जैसे शो करीब आ रहा है, एंग्जायटी बढ़ती जा रही है। सवाल: जब आप पहली बार इस शो का हिस्सा बनी थीं, तब आपके फोबिया क्या थे? और इस बार क्या कुछ बदला है? जवाब: ऑनेस्टली कहूंतो जब मैं पहली बार गई थी, तब मैं सड़क पार करने तक से डरती थी। मैं बहुत ही प्रोटेक्टिव एनवायरमेंट में पली-बढ़ी हूं, जहाँ हर चीज के लिए कोई न कोई साथ होता था। उस समय हर चीज नई और डरावनी थी। आज भी हाइट और पानी के अंदर बिना ऑक्सीजन के रहने से डर लगता है। फोबिया खत्म नहीं हुए हैं, बस मैं उम्मीद कर रही हूं कि इस बार मैं उनसे बेहतर तरीके से निपट पाऊँगी। सवाल: डर वही है, लेकिन आप फिर से जा रही हैं। क्या आप खुद को मेंटली ज्यादा स्ट्रॉन्ग महसूस कर रही हैं? जवाब: बिल्कुल। यह शो आपको एक अलग इंसान बना देता है। जब आप अपने डर का सामना करते हैं, तो आप अंदर से ज्यादा कॉन्फिडेंट होकर बाहर निकलते हैं। मुझे लगता है कि इस बार भी मुझे उस कॉन्फिडेंस की जरूरत है। मैं एक बार फिर खुद को परखना चाहती हूं। सवाल: फैंस जानना चाहते हैं कि अली गोनी ने आपको इस बार क्या खास टिप्स दिए हैं? जवाब: ली ने बस एक ही बात कही है कि अपने आप पर भरोसा रखना। उन्होंने कहा, “तुम जितनी खुद को समझती हो, उससे कहीं ज्यादा स्ट्रॉन्ग हो।” बस यही एक टिप मेरे लिए काफी है। सवाल: आपकी एक ‘अनफिल्टर्ड’ इमेज है, आप जो सोचती हैं बोल देती हैं। क्या इस बार कोई फिल्टर लगाने की कोशिश करेंगी? जवाब: बिल्कुल नहीं। मैं जैसी हूं वैसी ही रहूंगी। मैं अपनी राय रखने और अपनी भावनाओं को जाहिर करने में कभी पीछे नहीं रहती। जो लोग मुझे जानते हैं और जो शो देख रहे हैं, वो मुझे मेरे असली रूप के लिए ही पसंद करते हैं। अब किसी और की तरह दिखने या बनने का कोई शौक नहीं है। ‘आई लव द वे आई एम’। सवाल: इस बार आपके साथ कई पुराने खिलाड़ी और वेटरन्स भी जा रहे हैं। कॉम्पिटिशन कितना कड़ा होने वाला है? जवाब: कॉम्पिटिशन बहुत जबरदस्त होने वाला है क्योंकि सब पूरी तैयारी के साथ आ रहे हैं। सब बहुत स्ट्रॉन्ग हैं। लेकिन मेरी कोशिश यही रहेगी कि माहौल को थोड़ा हल्का रखा जाए। जब आप स्टंट करते हैं, तो दिमाग पर बहुत प्रेशर होता है, ऐसे में बाकी समय हँसते-खेलते और प्यार-मोहब्बत से बीत जाए तो अच्छा है। सवाल: संघर्ष के दिनों की बात करें, तो जब आप घर छोड़कर इस इंडस्ट्री में आईं, तब मन में सबसे बड़ा खौफ क्या था? जवाब: उस वक्त सबसे बड़ा खौफ ‘फेलियर’ का था। मैंने घर छोड़ा, बहुत रिस्क लिए और स्ट्रगल किया। मन में हमेशा यह बात रहती थी कि अगर मैं कुछ नहीं अचीव कर पाई, तो मेरे उन सैक्रिफाइसेज का क्या होगा? मुझे खुद से ज्यादा बुरा अपने पेरेंट्स के लिए लगता था क्योंकि उन्होंने मुझ पर बहुत भरोसा किया था। मैं उन्हें नीचा नहीं दिखाना चाहती थी। सवाल: आज जब आप सफल हैं, तो क्या आज भी कोई डर बाकी है? जवाब: आज डर बदल गया है। आज खौफ है उस पहचान और इज्जत को खो देने का, जिसे कमाने में सालों लग गए। आज के दौर में सोशल मीडिया जिस तरह काम करता है, डर लगता है कि कोई छोटी सी गलती आपका सब कुछ छीन न ले। अपनी स्किल्स और मेहनत से जो मुकाम पाया है, उसे बरकरार रखना आज का सबसे बड़ा चैलेंज है। सवाल: जब आपने घर पर बताया कि आप दोबारा खतरों से खेलने जा रही हैं, तो मम्मी का क्या रिएक्शन था? जवाब: मम्मी तो घबरा गई थीं। जब मैंने कहा कि मैं फिर जा रही हूं, तो वो चिंता में पड़ गईं। दोस्तों को यह सब बहुत कूल और ‘वाओ’ लगता है, लेकिन जो जाता है, असल में वही जानता है कि वहाँ क्या हालत होती है। सवाल: इस सीजन में आप खुद में क्या बदलाव देखना चाहती हैं? जवाब: मैं नहीं चाहती कि इस बार भी लोग मुझे ‘कमजोर’ समझें। अक्सर मुझे बहुत वल्नरेबल समझा जाता है। इस बार मैं एक स्ट्रॉन्गर वर्जन के रूप में बाहर आना चाहती हूं। मैं चाहती हूं कि लोग देखें कि जैस्मीन अंदर से बहुत मजबूत है।

जैस्मीन भसीन बोलीं-सड़क पार करने से भी डर लगता था:खतरों के खिलाड़ी में नजर आएंगी; कहा- खुद को कमजोर साबित होने से बचाना है

जैस्मीन भसीन बोलीं-सड़क पार करने से भी डर लगता था:खतरों के खिलाड़ी में नजर आएंगी; कहा- खुद को कमजोर साबित होने से बचाना है

जैस्मीन भसीन टीवी इंडस्ट्री का वो चेहरा हैं, जिन्होंने अपने ‘अनफिल्टर्ड’ अंदाज से हर घर में अपनी जगह बनाई है। ‘खतरों के खिलाड़ी’ के पिछले सीजन में उनके रोने और डरने के बावजूद स्टंट पूरे करने के जज्बे को दर्शकों ने खूब सराहा था। अब जैस्मीन एक बार फिर ‘डर के नए दौर’ में कदम रखने जा रही हैं। दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में जैस्मीन ने अपनी जिंदगी के उन पन्नों को पलटा, जहां कभी वह सड़क पार करने से भी घबराती थीं। उन्होंने बताया कि कैसे एक प्रोटेक्टिव माहौल से निकलकर उन्होंने अपनी पहचान बनाई और आज उन्हें किस बात का सबसे बड़ा खौफ सताता है। साथ ही, अली गोनी के उस ‘गुरु मंत्र’ का भी जिक्र किया जो इस बार उनकी ढाल बनेगा। सवाल: जैस्मीन, आप एक बार फिर ‘डर के नए दौर’ के लिए तैयार हैं। एक्साइटमेंट ज्यादा है या एंग्जायटी? जवाब: सच कहूंतो दोनों ही चरम पर हैं। मैं एक्साइटेड तो हूं, पर उतनी ही डरी हुई भी हूं। ‘खतरों के खिलाड़ी’ कोई छोटा खेल नहीं है। यहाँ हर बार खतरे नए होते हैं और चुनौतियां पहले से कहीं ज्यादा कठिन। मेरे पिछले सीजन में सबने देखा था कि मुझे डर बहुत ज्यादा लगता है, इसलिए अब जैसे-जैसे शो करीब आ रहा है, एंग्जायटी बढ़ती जा रही है। सवाल: जब आप पहली बार इस शो का हिस्सा बनी थीं, तब आपके फोबिया क्या थे? और इस बार क्या कुछ बदला है? जवाब: ऑनेस्टली कहूंतो जब मैं पहली बार गई थी, तब मैं सड़क पार करने तक से डरती थी। मैं बहुत ही प्रोटेक्टिव एनवायरमेंट में पली-बढ़ी हूं, जहाँ हर चीज के लिए कोई न कोई साथ होता था। उस समय हर चीज नई और डरावनी थी। आज भी हाइट और पानी के अंदर बिना ऑक्सीजन के रहने से डर लगता है। फोबिया खत्म नहीं हुए हैं, बस मैं उम्मीद कर रही हूं कि इस बार मैं उनसे बेहतर तरीके से निपट पाऊँगी। सवाल: डर वही है, लेकिन आप फिर से जा रही हैं। क्या आप खुद को मेंटली ज्यादा स्ट्रॉन्ग महसूस कर रही हैं? जवाब: बिल्कुल। यह शो आपको एक अलग इंसान बना देता है। जब आप अपने डर का सामना करते हैं, तो आप अंदर से ज्यादा कॉन्फिडेंट होकर बाहर निकलते हैं। मुझे लगता है कि इस बार भी मुझे उस कॉन्फिडेंस की जरूरत है। मैं एक बार फिर खुद को परखना चाहती हूं। सवाल: फैंस जानना चाहते हैं कि अली गोनी ने आपको इस बार क्या खास टिप्स दिए हैं? जवाब: ली ने बस एक ही बात कही है कि अपने आप पर भरोसा रखना। उन्होंने कहा, “तुम जितनी खुद को समझती हो, उससे कहीं ज्यादा स्ट्रॉन्ग हो।” बस यही एक टिप मेरे लिए काफी है। सवाल: आपकी एक ‘अनफिल्टर्ड’ इमेज है, आप जो सोचती हैं बोल देती हैं। क्या इस बार कोई फिल्टर लगाने की कोशिश करेंगी? जवाब: बिल्कुल नहीं। मैं जैसी हूं वैसी ही रहूंगी। मैं अपनी राय रखने और अपनी भावनाओं को जाहिर करने में कभी पीछे नहीं रहती। जो लोग मुझे जानते हैं और जो शो देख रहे हैं, वो मुझे मेरे असली रूप के लिए ही पसंद करते हैं। अब किसी और की तरह दिखने या बनने का कोई शौक नहीं है। ‘आई लव द वे आई एम’। सवाल: इस बार आपके साथ कई पुराने खिलाड़ी और वेटरन्स भी जा रहे हैं। कॉम्पिटिशन कितना कड़ा होने वाला है? जवाब: कॉम्पिटिशन बहुत जबरदस्त होने वाला है क्योंकि सब पूरी तैयारी के साथ आ रहे हैं। सब बहुत स्ट्रॉन्ग हैं। लेकिन मेरी कोशिश यही रहेगी कि माहौल को थोड़ा हल्का रखा जाए। जब आप स्टंट करते हैं, तो दिमाग पर बहुत प्रेशर होता है, ऐसे में बाकी समय हँसते-खेलते और प्यार-मोहब्बत से बीत जाए तो अच्छा है। सवाल: संघर्ष के दिनों की बात करें, तो जब आप घर छोड़कर इस इंडस्ट्री में आईं, तब मन में सबसे बड़ा खौफ क्या था? जवाब: उस वक्त सबसे बड़ा खौफ ‘फेलियर’ का था। मैंने घर छोड़ा, बहुत रिस्क लिए और स्ट्रगल किया। मन में हमेशा यह बात रहती थी कि अगर मैं कुछ नहीं अचीव कर पाई, तो मेरे उन सैक्रिफाइसेज का क्या होगा? मुझे खुद से ज्यादा बुरा अपने पेरेंट्स के लिए लगता था क्योंकि उन्होंने मुझ पर बहुत भरोसा किया था। मैं उन्हें नीचा नहीं दिखाना चाहती थी। सवाल: आज जब आप सफल हैं, तो क्या आज भी कोई डर बाकी है? जवाब: आज डर बदल गया है। आज खौफ है उस पहचान और इज्जत को खो देने का, जिसे कमाने में सालों लग गए। आज के दौर में सोशल मीडिया जिस तरह काम करता है, डर लगता है कि कोई छोटी सी गलती आपका सब कुछ छीन न ले। अपनी स्किल्स और मेहनत से जो मुकाम पाया है, उसे बरकरार रखना आज का सबसे बड़ा चैलेंज है। सवाल: जब आपने घर पर बताया कि आप दोबारा खतरों से खेलने जा रही हैं, तो मम्मी का क्या रिएक्शन था? जवाब: मम्मी तो घबरा गई थीं। जब मैंने कहा कि मैं फिर जा रही हूं, तो वो चिंता में पड़ गईं। दोस्तों को यह सब बहुत कूल और ‘वाओ’ लगता है, लेकिन जो जाता है, असल में वही जानता है कि वहाँ क्या हालत होती है। सवाल: इस सीजन में आप खुद में क्या बदलाव देखना चाहती हैं? जवाब: मैं नहीं चाहती कि इस बार भी लोग मुझे ‘कमजोर’ समझें। अक्सर मुझे बहुत वल्नरेबल समझा जाता है। इस बार मैं एक स्ट्रॉन्गर वर्जन के रूप में बाहर आना चाहती हूं। मैं चाहती हूं कि लोग देखें कि जैस्मीन अंदर से बहुत मजबूत है।

Avika Gaur Back on TV for Khatron Ke Khiladi

Avika Gaur Back on TV for Khatron Ke Khiladi

13 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘बालिका वधू’ बनकर घर-घर में अपनी पहचान बनाने वाली अविका गौर एक बार फिर छोटे पर्दे पर वापसी कर रही हैं। वह रोहित शेट्टी के स्टंट बेस्ड रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ में अपने डर का सामना करती नजर आएंगी। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अविका ने अपनी जिंदगी के सबसे बड़े खौफ, टीनेज के दौरान आए मानसिक बदलाव और खुद को संभालने की अपनी अनोखी तकनीक पर खुलकर बात की। अविका ने स्वीकार किया कि एक दौर ऐसा था जब वह खुद को नापसंद करने लगी थीं और आईना देखने से भी कतराती थीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी ‘रियल इमेज’ को लेकर भी दिलचस्प खुलासे किए। अविका गौर 7 साल की उम्र से काम करना शुरू कर दिया था। सवाल: आप एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आने वाली हैं, क्या अब आप पूरी तरह ‘फियरलेस’ हो गई हैं? जवाब: सच कहूं तो मुझे इस ‘फियरलेस’ टैग से ही डर लगता है। मुझे बहुत सारी चीजों से डर लगता है। यह एक ऐसा शो है जहां आपको हाइट, पानी, कीड़े-मकोड़े हर तरह के डर का सामना करना पड़ता है। मैं बस यह उम्मीद कर रही हूं कि इस बार इन सबका सामना अच्छे से कर पाऊं। सवाल: आप पहले भी इस शो का हिस्सा रही हैं, क्या उस अनुभव से पुराने डर खत्म हुए? जवाब: कुछ भी खत्म नहीं हुआ, बल्कि मेरे डर और बढ़ गए हैं। सीजन-9 में जब मैं गई थी, तब मुझे लगता था कि मैं किसी चीज से नहीं डरती। वहां जाकर पता चला कि मुझे हाइट और पानी से बहुत डर लगता है। मैं बहुत ज्यादा ओवरकॉन्फिडेंस में थी और शायद इसीलिए पहली ही एलिमिनेशन में बाहर हो गई थी। सवाल: इस बार आपकी क्या तैयारी है? जवाब: इस बार मैं खुद को ज्यादा मैच्योर महसूस कर रही हूं। मेरी स्ट्रैटेजी बस इतनी है कि मैं ईमानदार रहूंगी। मैं यह सोचकर नहीं जाऊंगी कि सब कुछ आसान है। अगर मुझे डर लगेगा, तो मैं खुलकर बोलूंगी कि मुझसे नहीं हो रहा। मैं अपने डर का सामना एक ओपन माइंडसेट के साथ करना चाहती हूं। सवाल: आपने महज 7 साल की उम्र से काम करना शुरू कर दिया था, इतनी छोटी उम्र में कामयाबी के साथ क्या कोई खौफ भी आया? जवाब: शुरुआत से मेरे मन में बस एक ही डर था, मेरी जिंदगी में जो हो रहा है, वह सही है या गलत? 10 साल की उम्र में ‘बालिका वधू’ के बाद सब कुछ बदल गया। मैं हमेशा इस डर में रहती थी कि क्या मैं सच में एक्टिंग करना चाहती हूं या यह सब बस हो रहा है। सालों बाद मुझे समझ आया कि यही मेरा पैशन है। सवाल: आपने अपनी टीनेज के मुश्किल दौर का जिक्र किया था, वह क्या था? जवाब: हां, एक वक्त ऐसा था जब मैं खुद को बिल्कुल पसंद नहीं करती थी। मैं उस फेज से गुजर रही थी जहां मुझे आईने में खुद को देखना भी अच्छा नहीं लगता था। वह ‘सेल्फ-हेट’ का दौर था। लेकिन जैसे-जैसे मैं बड़ी हुई, मुझे समझ आया कि वह सिर्फ एक फेज था। मैंने खुद का ध्यान रखना शुरू किया और धीरे-धीरे मैं खुद को पसंद आने लगी। सवाल: आप खुद को मेंटली और इमोशनली कैसे बैलेंस रखती हैं? जवाब: मैंने एक बहुत अच्छी तकनीक अपनाई है। मैं दिन में 5 मिनट का एक टाइमर लगाती हूं। उस 5 मिनट में मुझे जिस चीज के बारे में शिकायत करनी होती है, रोना होता है या दुखी होना होता है, मैं कर लेती हूं। जैसे ही टाइमर बजता है, दुख वहीं खत्म। मैं फिर से नॉर्मल होकर काम पर लग जाती हूं। सवाल: क्या इतनी कम उम्र से पब्लिक आई में रहना किसी तरह का नुकसान भी पहुंचाता है? जवाब: बेशक, लोग आपको शुरुआत से देख रहे हैं तो आपकी हर चीज की स्क्रूटनी होती है। लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं। खासकर शो ‘पति पत्नी और पंगा’ के बाद, जहां मेरी लाइफ की पर्सनल चीजें भी सामने आ गईं। मुझे लगा कि अब जब सबको सब पता ही है, तो फिल्टर लगाने का क्या फायदा? अब मैं इंटरव्यू में भी वैसी ही रहती हूं जैसी असल जिंदगी में हूं। सवाल: इस बार जब आपने दोबारा शो पर जाने का फैसला लिया, तो घर वालों और आपके पार्टनर का क्या रिएक्शन था? जवाब: मेरे पापा को लगा कि मैं पागल हो गई हूं। वो सोच रहे थे कि पिछली बार जब चोट लगी थी, जिसके स्कार्स आज भी मेरे पैर पर हैं, तो मैं वापस वहां क्यों जाना चाहती हूं? लेकिन मेरे पार्टनर (मिलिंद) को मुझ पर मुझसे ज्यादा भरोसा था। उन्होंने मुझसे कहा कि तू कितना भी ड्रामा कर ले कि तुझे नहीं जाना, लेकिन तू जाएगी जरूर। और बिल्कुल वैसा ही हुआ। सवाल: इस सीजन में पुराने और नए खिलाड़ियों का कॉम्बिनेशन है, आप किसे लेकर ज्यादा एक्साइटेड हैं? जवाब: मैं पुराने लोगों को तो जानती हूं, जैसे विशाल, रुबीना, करण वाही ये सब बहुत अच्छा खेलते हैं। लेकिन मैं उन लोगों को जानने के लिए ज्यादा एक्साइटेड हूं जिन्हें मैं नहीं जानती, जैसे ओरी, हर्ष या रूहानिका। नए दोस्त बनाना और उनका माइंडसेट समझना मेरे लिए दिलचस्प होगा। सवाल: अक्सर लड़कियों को शारीरिक रूप से कमजोर माना जाता है, आप इस परसेप्शन को कैसे तोड़ेंगी? जवाब: पिछले सीजन्स में तेजू (तेजस्वी प्रकाश), निया शर्मा और जन्नत जुबैर ने साबित किया है कि लड़कियां किसी से कम नहीं हैं। उन्हें देखकर मुझे बहुत इंस्पिरेशन मिलता है। मैं इस बार जीत-हार के बारे में नहीं सोच रही, बस इतना चाहती हूं कि स्टंट के दौरान कॉकरोच मेरे सामने न आएं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Avika Gaur Back on TV for Khatron Ke Khiladi

Avika Gaur Back on TV for Khatron Ke Khiladi

40 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘बालिका वधू’ बनकर घर-घर में अपनी पहचान बनाने वाली अविका गौर एक बार फिर छोटे पर्दे पर वापसी कर रही हैं। वह रोहित शेट्टी के स्टंट बेस्ड रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ में अपने डर का सामना करती नजर आएंगी। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अविका ने अपनी जिंदगी के सबसे बड़े खौफ, टीनेज के दौरान आए मानसिक बदलाव और खुद को संभालने की अपनी अनोखी तकनीक पर खुलकर बात की। अविका ने स्वीकार किया कि एक दौर ऐसा था जब वह खुद को नापसंद करने लगी थीं और आईना देखने से भी कतराती थीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी ‘रियल इमेज’ को लेकर भी दिलचस्प खुलासे किए। अविका गौर 7 साल की उम्र से काम करना शुरू कर दिया था। सवाल: आप एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आने वाली हैं, क्या अब आप पूरी तरह ‘फियरलेस’ हो गई हैं? जवाब: सच कहूं तो मुझे इस ‘फियरलेस’ टैग से ही डर लगता है। मुझे बहुत सारी चीजों से डर लगता है। यह एक ऐसा शो है जहां आपको हाइट, पानी, कीड़े-मकोड़े हर तरह के डर का सामना करना पड़ता है। मैं बस यह उम्मीद कर रही हूं कि इस बार इन सबका सामना अच्छे से कर पाऊं। सवाल: आप पहले भी इस शो का हिस्सा रही हैं, क्या उस अनुभव से पुराने डर खत्म हुए? जवाब: कुछ भी खत्म नहीं हुआ, बल्कि मेरे डर और बढ़ गए हैं। सीजन-9 में जब मैं गई थी, तब मुझे लगता था कि मैं किसी चीज से नहीं डरती। वहां जाकर पता चला कि मुझे हाइट और पानी से बहुत डर लगता है। मैं बहुत ज्यादा ओवरकॉन्फिडेंस में थी और शायद इसीलिए पहली ही एलिमिनेशन में बाहर हो गई थी। सवाल: इस बार आपकी क्या तैयारी है? जवाब: इस बार मैं खुद को ज्यादा मैच्योर महसूस कर रही हूं। मेरी स्ट्रैटेजी बस इतनी है कि मैं ईमानदार रहूंगी। मैं यह सोचकर नहीं जाऊंगी कि सब कुछ आसान है। अगर मुझे डर लगेगा, तो मैं खुलकर बोलूंगी कि मुझसे नहीं हो रहा। मैं अपने डर का सामना एक ओपन माइंडसेट के साथ करना चाहती हूं। सवाल: आपने महज 7 साल की उम्र से काम करना शुरू कर दिया था, इतनी छोटी उम्र में कामयाबी के साथ क्या कोई खौफ भी आया? जवाब: शुरुआत से मेरे मन में बस एक ही डर था, मेरी जिंदगी में जो हो रहा है, वह सही है या गलत? 10 साल की उम्र में ‘बालिका वधू’ के बाद सब कुछ बदल गया। मैं हमेशा इस डर में रहती थी कि क्या मैं सच में एक्टिंग करना चाहती हूं या यह सब बस हो रहा है। सालों बाद मुझे समझ आया कि यही मेरा पैशन है। सवाल: आपने अपनी टीनेज के मुश्किल दौर का जिक्र किया था, वह क्या था? जवाब: हां, एक वक्त ऐसा था जब मैं खुद को बिल्कुल पसंद नहीं करती थी। मैं उस फेज से गुजर रही थी जहां मुझे आईने में खुद को देखना भी अच्छा नहीं लगता था। वह ‘सेल्फ-हेट’ का दौर था। लेकिन जैसे-जैसे मैं बड़ी हुई, मुझे समझ आया कि वह सिर्फ एक फेज था। मैंने खुद का ध्यान रखना शुरू किया और धीरे-धीरे मैं खुद को पसंद आने लगी। सवाल: आप खुद को मेंटली और इमोशनली कैसे बैलेंस रखती हैं? जवाब: मैंने एक बहुत अच्छी तकनीक अपनाई है। मैं दिन में 5 मिनट का एक टाइमर लगाती हूं। उस 5 मिनट में मुझे जिस चीज के बारे में शिकायत करनी होती है, रोना होता है या दुखी होना होता है, मैं कर लेती हूं। जैसे ही टाइमर बजता है, दुख वहीं खत्म। मैं फिर से नॉर्मल होकर काम पर लग जाती हूं। सवाल: क्या इतनी कम उम्र से पब्लिक आई में रहना किसी तरह का नुकसान भी पहुंचाता है? जवाब: बेशक, लोग आपको शुरुआत से देख रहे हैं तो आपकी हर चीज की स्क्रूटनी होती है। लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं। खासकर शो ‘पति पत्नी और पंगा’ के बाद, जहां मेरी लाइफ की पर्सनल चीजें भी सामने आ गईं। मुझे लगा कि अब जब सबको सब पता ही है, तो फिल्टर लगाने का क्या फायदा? अब मैं इंटरव्यू में भी वैसी ही रहती हूं जैसी असल जिंदगी में हूं। सवाल: इस बार जब आपने दोबारा शो पर जाने का फैसला लिया, तो घर वालों और आपके पार्टनर का क्या रिएक्शन था? जवाब: मेरे पापा को लगा कि मैं पागल हो गई हूं। वो सोच रहे थे कि पिछली बार जब चोट लगी थी, जिसके स्कार्स आज भी मेरे पैर पर हैं, तो मैं वापस वहां क्यों जाना चाहती हूं? लेकिन मेरे पार्टनर (मिलिंद) को मुझ पर मुझसे ज्यादा भरोसा था। उन्होंने मुझसे कहा कि तू कितना भी ड्रामा कर ले कि तुझे नहीं जाना, लेकिन तू जाएगी जरूर। और बिल्कुल वैसा ही हुआ। सवाल: इस सीजन में पुराने और नए खिलाड़ियों का कॉम्बिनेशन है, आप किसे लेकर ज्यादा एक्साइटेड हैं? जवाब: मैं पुराने लोगों को तो जानती हूं, जैसे विशाल, रुबीना, करण वाही ये सब बहुत अच्छा खेलते हैं। लेकिन मैं उन लोगों को जानने के लिए ज्यादा एक्साइटेड हूं जिन्हें मैं नहीं जानती, जैसे ओरी, हर्ष या रूहानिका। नए दोस्त बनाना और उनका माइंडसेट समझना मेरे लिए दिलचस्प होगा। सवाल: अक्सर लड़कियों को शारीरिक रूप से कमजोर माना जाता है, आप इस परसेप्शन को कैसे तोड़ेंगी? जवाब: पिछले सीजन्स में तेजू (तेजस्वी प्रकाश), निया शर्मा और जन्नत जुबैर ने साबित किया है कि लड़कियां किसी से कम नहीं हैं। उन्हें देखकर मुझे बहुत इंस्पिरेशन मिलता है। मैं इस बार जीत-हार के बारे में नहीं सोच रही, बस इतना चाहती हूं कि स्टंट के दौरान कॉकरोच मेरे सामने न आएं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔