Apple & Tesla Files Stolen, Says Company

नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का डेटा डार्क वेब पर लीक हो गया है। इस साइबर अटैक में हैकर्स ने डार्क वेब पर कंपनी की 2 लाख से ज्यादा सिक्रेंट फाइलें लीक कर दी हैं। इनमें टाटा के दो सबसे बड़े क्लाइंट्स- एपल और टेस्ला के कंपोनेंट डिजाइन, स्पेसिफिकेशन पेपर्स और सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स शामिल हैं। हालांकि, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने साफ किया है कि इस घटना से उनके बिजनेस ऑपरेशन्स पर कोई असर नहीं पड़ा है और सभी काम सामान्य रूप से चल रहे हैं। वर्ल्ड लीक्स गैंग ने ली जिम्मेदारी, 630 GB डेटा चोरी साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स के मुताबिक, ‘वर्ल्ड लीक्स’ नाम के रैनसमवेयर ग्रुप ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सिस्टम से चुराया गया डेटा डार्क वेब पर पोस्ट किया है। इस ग्रुप ने पहले नाइकी के सिस्टम पर साइबर अटैक का दावा किया था। डार्क नेट पर पब्लिश की गई वेबसाइट के अनुसार, इस लीक में कुल 630 गीगाबाइट (GB) का डेटा शामिल है, जिसमें 2 लाख से ज्यादा फाइलें और फोल्डर्स हैं। एपल और टेस्ला के ‘ट्रेड सीक्रेट्स’ लीक हुए लीक हुए डेटाबेस में एपल के कई फोल्डर्स मिले हैं, जिनमें से कुछ का नाम “com.apple.factorydata” है और कुछ में मटेरियल स्पेसिफिकेशन की जानकारी है। इसके अलावा, एक 52 पेज का डॉक्यूमेंट भी मिला है, जिसमें आईफोन के सर्किट बोर्ड कंपोनेंट्स के क्वालिटी इंस्पेक्शन स्टैंडर्ड्स की डिटेल है। वहीं टेस्ला के पुर्जों से जुड़ा एक फोल्डर “NV36 Chargeport Controller – North America” नाम से मिला है, जो टेस्ला की अपग्रेडेड मॉडल Y SUV का माना जा रहा है। टेस्ला का साल 2023 का एक और डॉक्यूमेंट मिला है जिस पर ‘ट्रेड सीक्रेट’ लिखा है, यह उसकी रीवैम्प्ड मॉडल 3 सिडान (प्रोजेक्ट हाइलैंड) का असेंबली डॉक्यूमेंट है। कर्मचारियों के पासपोर्ट और ईमेल भी डार्क वेब पर भारतीय साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर राजशेखर राजहरिया ने इन फाइलों का रिव्यू करने के बाद बताया कि इस डेटा डार्क वेब पर सिर्फ डिजाइन ही नहीं, बल्कि कई सालों के ईमेल, इवेंट लॉग्स और विदेशी नागरिकों सहित टाटा के कर्मचारियों के पासपोर्ट की कॉपियां भी मौजूद हैं। दूसरे रिसर्चर राकेश कृष्णन के अनुसार, यह डेटा डार्क वेब पर कम से कम 10 जून से ही अवेलेबल है। टाटा को मिली रैनसम डिमांड, एपल कर रहा जांच मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि इस साइबर हमले के बाद टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स को फिरौती के लिए भी कॉल या मैसेज मिला है। एपल इस डेटा ब्रीच की जांच कर रहा है और इसका पूरा एनालिसिस किया जा रहा है। हालांकि, इस फिरौती की मांग पर टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है, वहीं एपल और टेस्ला की तरफ से भी इस पर कोई बयान नहीं आया है। भारत सरकार की साइबर एजेंसी CERT-In ने भी अभी इस पर कोई कमेंट नहीं किया है। टाटा के होसुर प्लांट की 33 फाइलें लीक हुईं डेटा लीक में तमिलनाडु के होसुर में स्थित टाटा के मुख्य आईफोन असेंबली प्लांट से जुड़े सर्च टर्म की 33 फाइलें और फोल्डर्स मिले हैं। टाटा ने पिछले हफ्ते ही अपने आईफोन असेंबली ऑपरेशन्स से जुड़े कुछ कर्मचारियों को इस डेटा ब्रीच की जानकारी दे दी थी। आपको बता दें कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भारत में एपल के कुल आईफोन प्रोडक्शन का करीब एक-तिहाई (33%) हिस्सा बनाती है, जबकि बाकी का हिस्सा फॉक्सकॉन तैयार करती है। एपल की सप्लाई चेन के लिए नया सिरदर्द भारत में एपल की सप्लाई चेन के लिए यह घटना एक और नया झटका मानी जा रही है। इससे पहले होसुर में आईफोन पार्ट्स बनाने वाले एक प्लांट के पास की कृषि भूमि के प्रदूषित होने के आरोपों को लेकर भी टाटा की जांच चल रही है। भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का पावरहाउस बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत, टाटा चीन से बाहर एपल का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण पार्टनर बनकर उभर रहा है। इससे पहले पिछले साल टाटा ग्रुप की ब्रिटिश कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) पर भी साइबर अटैक हुआ था, जिससे 6 हफ्ते तक प्रोडक्शन ठप रहा था। क्या होता है डार्क वेब और रैनसमवेयर अटैक? डार्क वेब: इंटरनेट का वह छिपा हुआ हिस्सा जो सामान्य गूगल या बिंग जैसे सर्च इंजनों पर दिखाई नहीं देता। इसे एक्सेस करने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर (जैसे टॉर ब्राउजर) की जरूरत होती है। अक्सर इसका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों और डेटा बेचने के लिए किया जाता है। रैनसमवेयर: यह एक तरह का खतरनाक डिजिटल वायरस (मालवेयर) होता है, जो किसी कंपनी या व्यक्ति के कंप्यूटर सिस्टम को लॉक या हैक कर लेता है। इसके बाद हैकर्स डेटा को डिलीट या लीक करने की धमकी देकर मोटी फिरौती मांगते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Youtuber Uk Rider 07 Anurag Dobhal Again puts Allegation on parents, claim parent files an fir on the day of his accident

6 मिनट पहले कॉपी लिंक 8 मार्च 2026 में परिवार पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर सुसाइड की कोशिश करने वाले राइडर अनुराग डोभाल ने फिर एक बार परिवार पर संगीन आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि परिवार उनके खिलाफ साजिश रच रहा है। उन्होंने ये भी दावा किया है कि जिस दिन उनका एक्सीडेंट हुआ था, उस दिन भी पिता ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। अनुराग डोभाल ने अपने यूट्यूब चैनल पर नया व्लॉग शेयर किया है। इसमें उन्होंने कहा कि जिस दिन उनका एक्सीडेंट हुआ, उस दिन उन्हें उम्मीद थी कि उनके परिवार वाले भी पहुंचेगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब हाल ही में काम के सिलसिले में देहरादून गए अनुराग को पता चला है कि 8 मार्च को जिस दिन उनका एक्सीडेंट हुआ, उसी समय उनके पिता ने उनके खिलाफ 50 पन्नों की शिकायत दर्ज करवाई। अनुराग के खिलाफ जांच भी होती रही और अब जाकर उन्हें इसकी जानकारी मिली। अनुराग ने कहा कि एक्सीडेंट के बाद रिकवरी का एक महीना बेहद दर्दनाक था। उन्हें डायपर यूज करने पड़े, लेकिन उनके परिवार से कोई आगे नहीं आया। उल्टा उनके खिलाफ शिकायत कर दी। उनका कहना है कि कोई भी मां-बाप अपने सगे बच्चे के साथ कभी ऐसा नहीं कर सकते। 8 मार्च 2026 को अनुराग डोभाल ने आत्महत्या की कोशिश की थी। शिकायत में मां ने लिखा, अनुराग के दोस्तों से डर लगता है अनुराग डोभाल ने बताया है कि उनके खिलाफ दर्ज हुई शिकायत में ये भी लिखा गया है कि मां को उनके घर आने वाले दोस्तों से डर लगता था। जबकि राइडर ने दावा किया है कि जब भी उनके दोस्त घर आए, उनकी मां खुद उन्हें खाना खिलाती थीं। शिकायत में ये भी आरोप- राइडर के खिलाफ दर्ज हुई शिकायत के अनुसार, अनुराग ने घर आकर मां-बाप को धमकी दी और जबरदस्ती पेरेंट्स से पेपर में साइन करवाए। बता दें कि दोनों पक्षों में प्रॉपर्टी को लेकर भी विवाद है। अनुराग का कहना है कि उनके दादा जी, जिनका निधन 2022 में हुआ है, उनकी प्रॉपर्टी में उनका भी हिस्सा है। लेकिन उनके पेरेंट्स ने नोटिस जारी कर उन्हें घर और प्रॉपर्टी से बेदखल कर दिया है। अनुराग का कहना है कि पेरेंट्स अपनी प्रॉपर्टी से बेदखल करने का हक रखते हैं, लेकिन दादाजी की नहीं। आखिर में अनुराग ने कहा- मेरे खिलाफ क्या क्या साजिशें हो रही हैं, अगर मैं आपको बताऊं तो आपको यकीन नहीं होगा। लेकिन में समय पर सब बताऊंगा, क्योंकि मैं गलत नहीं हूं। क्या है अनुराग डोभाल और पेरेंट्स का विवाद विवाद मार्च के पहले हफ्ते में शुरू हुआ था जब अनुराग ने अपने माता-पिता और भाई कलम इंक (अतुल डोभाल) पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। अनुराग डोभाल (UK07) ने यूट्यूबर पर दो घंटे का एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने बताया कि इंटरकास्ट मैरिज के चलते उनके परिवार वाले उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। उनकी पत्नी भी छोड़कर चली गई है। रोते हुए वो बार-बार आत्महत्या की बातें कर रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद से ही अनुराग को जमकर ट्रोल किया जा रहा था। इसके बाद शनिवार को अनुराग इंस्टाग्राम पर लाइव आए, उन्होंने कार ड्राइव करते हुए लाइव स्ट्रीमिंग में कहा- “मम्मी अगले जन्म आऊं तो प्यार दे देना बस… बहुत जरूरत थी प्यार की। लोग ही नहीं बचे, किसको फोन करूं।” इसके बाद उन्होंने कहा, “लेट्स गो फॉर द फाइनल ड्राइव।” लाइव में दिखाई देता है कि अनुराग कार में एक अंग्रेजी गाना लगाते हैं और तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने लगते हैं। कुछ ही देर में स्पीड करीब 144 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच जाती है। इसी दौरान वह अचानक स्टीयरिंग घुमाते नजर आते हैं, जैसे गाड़ी को डिवाइडर से टकराने की कोशिश की हो। हालांकि उसी समय इंस्टाग्राम लाइव अचानक बंद हो जाता है। हादसे में उनकी गर्दन और पीछे के हिस्से में गहरी चोटें आई हैं। घटना के बाद उन्हें मेरठ के शुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दूसरी तरफ, उनके भाई कलम इंक ने इन आरोपों को गलत बताया और दावा किया कि अनुराग के दावों की वजह से उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Youtuber Uk Rider 07 Anurag Dobhal Again puts Allegation on parents, claim parent files an fir on the day of his accident

32 मिनट पहले कॉपी लिंक 8 मार्च 2026 में परिवार पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर सुसाइड की कोशिश करने वाले राइडर अनुराग डोभाल ने फिर एक बार परिवार पर संगीन आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि परिवार उनके खिलाफ साजिश रच रहा है। उन्होंने ये भी दावा किया है कि जिस दिन उनका एक्सीडेंट हुआ था, उस दिन भी पिता ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। अनुराग डोभाल ने अपने यूट्यूब चैनल पर नया व्लॉग शेयर किया है। इसमें उन्होंने कहा कि जिस दिन उनका एक्सीडेंट हुआ, उस दिन उन्हें उम्मीद थी कि उनके परिवार वाले भी पहुंचेगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब हाल ही में काम के सिलसिले में देहरादून गए अनुराग को पता चला है कि 8 मार्च को जिस दिन उनका एक्सीडेंट हुआ, उसी समय उनके पिता ने उनके खिलाफ 50 पन्नों की शिकायत दर्ज करवाई। अनुराग के खिलाफ जांच भी होती रही और अब जाकर उन्हें इसकी जानकारी मिली। अनुराग ने कहा कि एक्सीडेंट के बाद रिकवरी का एक महीना बेहद दर्दनाक था। उन्हें डायपर यूज करने पड़े, लेकिन उनके परिवार से कोई आगे नहीं आया। उल्टा उनके खिलाफ शिकायत कर दी। उनका कहना है कि कोई भी मां-बाप अपने सगे बच्चे के साथ कभी ऐसा नहीं कर सकते। 8 मार्च 2026 को अनुराग डोभाल ने आत्महत्या की कोशिश की थी। शिकायत में मां ने लिखा, अनुराग के दोस्तों से डर लगता है अनुराग डोभाल ने बताया है कि उनके खिलाफ दर्ज हुई शिकायत में ये भी लिखा गया है कि मां को उनके घर आने वाले दोस्तों से डर लगता था। जबकि राइडर ने दावा किया है कि जब भी उनके दोस्त घर आए, उनकी मां खुद उन्हें खाना खिलाती थीं। शिकायत में ये भी आरोप- राइडर के खिलाफ दर्ज हुई शिकायत के अनुसार, अनुराग ने घर आकर मां-बाप को धमकी दी और जबरदस्ती पेरेंट्स से पेपर में साइन करवाए। बता दें कि दोनों पक्षों में प्रॉपर्टी को लेकर भी विवाद है। अनुराग का कहना है कि उनके दादा जी, जिनका निधन 2022 में हुआ है, उनकी प्रॉपर्टी में उनका भी हिस्सा है। लेकिन उनके पेरेंट्स ने नोटिस जारी कर उन्हें घर और प्रॉपर्टी से बेदखल कर दिया है। अनुराग का कहना है कि पेरेंट्स अपनी प्रॉपर्टी से बेदखल करने का हक रखते हैं, लेकिन दादाजी की नहीं। आखिर में अनुराग ने कहा- मेरे खिलाफ क्या क्या साजिशें हो रही हैं, अगर मैं आपको बताऊं तो आपको यकीन नहीं होगा। लेकिन में समय पर सब बताऊंगा, क्योंकि मैं गलत नहीं हूं। क्या है अनुराग डोभाल और पेरेंट्स का विवाद विवाद मार्च के पहले हफ्ते में शुरू हुआ था जब अनुराग ने अपने माता-पिता और भाई कलम इंक (अतुल डोभाल) पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। अनुराग डोभाल (UK07) ने यूट्यूबर पर दो घंटे का एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने बताया कि इंटरकास्ट मैरिज के चलते उनके परिवार वाले उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। उनकी पत्नी भी छोड़कर चली गई है। रोते हुए वो बार-बार आत्महत्या की बातें कर रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद से ही अनुराग को जमकर ट्रोल किया जा रहा था। इसके बाद शनिवार को अनुराग इंस्टाग्राम पर लाइव आए, उन्होंने कार ड्राइव करते हुए लाइव स्ट्रीमिंग में कहा- “मम्मी अगले जन्म आऊं तो प्यार दे देना बस… बहुत जरूरत थी प्यार की। लोग ही नहीं बचे, किसको फोन करूं।” इसके बाद उन्होंने कहा, “लेट्स गो फॉर द फाइनल ड्राइव।” लाइव में दिखाई देता है कि अनुराग कार में एक अंग्रेजी गाना लगाते हैं और तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने लगते हैं। कुछ ही देर में स्पीड करीब 144 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच जाती है। इसी दौरान वह अचानक स्टीयरिंग घुमाते नजर आते हैं, जैसे गाड़ी को डिवाइडर से टकराने की कोशिश की हो। हालांकि उसी समय इंस्टाग्राम लाइव अचानक बंद हो जाता है। हादसे में उनकी गर्दन और पीछे के हिस्से में गहरी चोटें आई हैं। घटना के बाद उन्हें मेरठ के शुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दूसरी तरफ, उनके भाई कलम इंक ने इन आरोपों को गलत बताया और दावा किया कि अनुराग के दावों की वजह से उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Bhiwani Lawyer Files Complaint Against Singer Masoom Sharma

10 अप्रैल को देहरादून में शो के दौरान मासूम शर्मा ने स्टेज से गालियां दी थीं। हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के देहरादून में शो के दौरान स्टेज से गालियां देने पर विवाद बढ़ता जा रहा है। भिवानी के एडवोकेट अशोक आर्य ने बहल थाने में मासूम के खिलाफ शिकायत दी है। . उन्होंने मांग की है कि स्टेज से अश्लील शब्दों का प्रयोग करने पर मासूम शार्म के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही सोशल मीडिया से इन वीडियो को डिलीट कराया जाए। स्टेज से गालियां देने के बाद मासूम शर्मा सोशल मीडिया पर भी जमकर ट्रोल हो रहे हैं। कोई यूजर उन्हें गुंडा कह रहा है तो कोई मासूम शर्मा की गिरफ्तारी की मांग करते हुए 10 साल तक सजा देने की मांग कर रहा है। फेसबुक पर मासूम शर्मा के खिलाफ कमेंट… जानिए एडवोकेट ने अपनी शिकायत में क्या कहा… मंच से अश्लील गांलियां और हिंसक बयानबाजी बहल के रहने वाले एडवोकेट अशोक आर्य ने अपनी शिकायत में कहा कि रविवार सुबह वह अपनी फेसबुक आईडी चला रहा था। इसी दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसमें हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा मंच पर बहुत अश्लील गालियां और हिंसक बयानबाजी कर रहा था। यह समाज में अत्यधिक अश्लीलता फैलाने वाला व गैरकानूनी है। बहुत सी फेसबुक आईडी पर मासूम का वह वीडियो चल रहा है। सोशल मीडियो से रील्स डिलीट करवाई जाएं एडवोकेट ने आगे कहा कि फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर मासूम शर्मा की रील्स को जल्दी डिलीट कराया जाए और मासूम शर्मा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि समाज में फैल रही अश्लीलता पर अंकुश लगे और मासूम शर्मा जैसे सिंगर भविष्य में इस तरह की हरकत न दोहराए। एडवोकेट अशोक आर्य ने भिवानी के बहल पुलिस थाने में मासूम शर्मा के खिलाफ शिकायत दी है।-फाइल फोटो SHO बोले- संबंधित थाने में भेजेंगे शिकायत बहल थाने के SHO संजय कुमार ने कहा कि एडवोकेट अशोक आर्य ने मासूम शर्मा के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। जांच के बाद शिकायत को संबंधित थाने में भेज दी जाएगी। आगे की कार्रवाई संबंधित थाने द्वारा ही की जाएगी। विवाद के बाद मासूम शर्मा ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर माफी मांगी थी। देहरादून के शो में बदमाश को गालियां दी थीं यह मामला 10 अप्रैल से शुरू हुआ। मासूम शर्मा देहरादून के DAV कॉलेज में एक शो करने पहुंचे थे। यहां मंच से उन्होंने एक बदमाश को गालियां दीं। बाद में, मासूम ने वीडियो जारी कर माफी मांगी। मासूम ने बताया कि एक बदमाश होटल में हथियार लेकर आया था और वह उनका पीछा कर रहा था। उसने अमेरिका में रह रहे चचेरे भाई को भी फोन करके धमकी दी थी। इसी बात का तनाव शो में निकल गया। इस विवाद के बाद देहरादून पुलिस ने मासूम शर्मा को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है। वहीं, हरियाणा महिला आयोग ने भी मासूम को नोटिस जारी किया है। मासूम को 18 अप्रैल की सुबह 11 बजे आयोग के ऑफिस में पेश होने के लिए कहा गया है। —————————— ये खबर भी पढ़ें :- दावा- मासूम शर्मा को स्टेज पर मारने की धमकी मिली:देहरादून पुलिस ने गालियां देने पर जवाब मांगा; हरियाणा महिला आयोग का भी नोटिस हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के देहरादून शो में स्टेज पर गालियां देने के मामले में खुलासा हुआ है। इवेंट ऑर्गेनाइज कराने वाली टीम के एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर दैनिक भास्कर को बताया कि शो से पहले मासूम शर्मा को धमकी दी गई थी। एक बदमाश ने कहा था कि अगर शो किया तो स्टेज पर ही मार देंगे। पढ़ें पूरी खबर…
Rahul Gandhi Slams PM Modi on Epstein Files, Trade Deal

नई दिल्ली25 मिनट पहले कॉपी लिंक राहुल गांधी ने X पर 1 मिनट 50 सेकेंड का वीडियो जारी किया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया X पर एक वीडियो शेयर किया। इसमें उन्होंने कहा- मोदी जी एपस्टीन फाइल्स में आपका नाम आया, शर्म आपको आनी चाहिए। आपने अमेरिका से ट्रेड डील करके देश को ट्रंप के हाथों बेच दिया। पूरा देश जानता है, अडानी पर अमेरिका में चल रहे केस ने आपकी रातों की नींद उड़ा रखी है, क्योंकि वो BJP और आपके फाइनेंशियल आर्किटेक्चर पर केस है। दरअसल, पीएम मोदी ने कल उत्तर प्रदेश के मेरठ में कहा था कि दिल्ली में आयोजित AI समिट में कांग्रेसियों को नंगा होने की जरूरत नहीं थी। कांग्रेसी पहले से ही नंगे हैं। 20 फरवरी को इंडियन यूथ कांग्रेस के 11 सदस्यों ने भारत मंडपम में घुसकर AI समिट के दौरान शर्टलैस होकर PM मोदी की फोटो वाली टी-शर्ट लहराई थी। इस दौरान पीएम मोदी कॉम्प्रोमाइज्ड के नारे लगाए थे। 1 मिनट 50 सेकेंड के वीडियो में राहुल की 4 बड़ी बातें… यूएस से ट्रेड डील में देश को कुछ नहीं मिला, किसानों को बर्बाद कर दिया, डेटा बेच दिया। एपस्टीन फाइल्स में आपका और आपके मंत्रियों का नाम आया, ये शर्म की बात है। अपने मित्रों जैसे के अनिल अंबानी के लिए आप जो कर सकते हैं आप करें। हम देश की रक्षा करेंगे, देश के किसानों की रक्षा करेंगे, डेटा की रक्षा करेंगे। मोदी ने कहा था- कांग्रेस नंगों की पार्टी रविवार को मेरठ में रैपिड रेल और मेट्रो के उद्घाटन के दौरान मंच से पीएम ने AI समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन के खिलाफ जमकर बोला। पीएम ने कांग्रेस को नंगों की पार्टी कहते हुए सीधे अटैक किया। उन्होंने कहा कि पाप कांग्रेस करती है और खामियाजा विपक्षी दलों को उठाना पड़ता है। पीएम मोदी ने रविवार को मेरठ में जनसभा को संबोधित किया था। पीएम ने जनता से पूछा था- AI सम्मेलन पर क्या कहोगे पीएम ने पूरे भाषण में केवल कांग्रेस पार्टी का नाम लिया था। अन्य दलों का नाम उनके 36 मिनट के भाषण में कहीं नहीं था। उन्होंने सीधे कहा- मेरठ वालों बताओं ये AI सम्मेलन से आपको गर्व हुआ या नहीं? आपका माथा ऊंचा हुआ या नहीं। ये काम भारत के लिए हुआ या नहीं। भारत के भाग्य को बदलने के लिए हुआ या नहीं? पूरा देश गर्व से भर गया। लेकिन, कांग्रेस और इनके इको सिस्टम ने क्या किया? कांग्रेस ने भारत के वैश्विक आयोजन को अपनी गंदी और नंगी राजनीति का अखाड़ा बना दिया। समारोह स्थल पर विदेशी अतिथियों के सामने कांग्रेस के नेता कपड़े उतार कर पहुंच गए। मैं कांग्रेस वालों से पूछता हूं- देश तो जानता है कि आप पहले से नंगे हो। फिर कपड़े उतारने की जरूरत क्यों पड़ी? कहा कि कांग्रेस करती है और खामियाजा विपक्षी दल उठाते हैं। AI समिट में हंगामा, पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन मामले में दिल्ली पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। सोमवार को पुलिस ने इंडियन यूथ कांग्रेस के दिल्ली अध्यक्ष उदय भानु चिब से भी पूछताछ की है। ग्वालियर से हिरासत में लिए गए दो लोगों ने राजा गुर्जर और अजय कुमार के नाम शामिल हैं। आरोप है कि ये सभी शर्टलैस प्रदर्शन में शामिल थे। वीडियो के जरिए इनकी पहचान की गई है। दिल्ली की तिलक नगर थाना ने यह एक्शन लिया है। सभी को दिल्ली लाया गया है। इस मामले में पुलिस गैर जमानती धाराओं में FIR दर्ज की है। 21 फरवरी को पटियाला कोर्ट ने पहले से गिरफ्तार 4 आरोपियों को 5 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा था। पूरी खबर पढ़ें… यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता हाथ में टी-र्शट लेकर स्टेज पर चढ़ गए। इस दौरान कुछ लोग प्रदर्शनकारियों के हाथ से टी-शर्ट लेकर फेंकते दिखे। दिल्ली पुलिस प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को अपने साथ ले गई। ————————————————– ये खबर भी पढ़ें… AI समिट में हंगामे के विरोध में राहुल के घर के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन AI समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद 20 फरवरी की शाम को बड़ी संख्या में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता दिल्ली में राहुल गांधी के घर के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘राहुल गांधी मुर्दाबाद’ और ‘राहुल गांधी हाय-हाय’ के नारे लगाए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल के पोस्टर भी जलाए। काफी हंगामे के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया गया था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Bill Gates Epstein Files Row; India AI Summit Speech

नई दिल्ली2 दिन पहले कॉपी लिंक माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स नई दिल्ली में चल रही AI समिट में अपना मुख्य भाषण नहीं देंगे। गेट्स फाउंडेशन ने इसकी जानकारी दी। फाउंडेशन ने कहा कि यह फैसला काफी सोच-विचार के बाद लिया गया है ताकि समिट का पूरा ध्यान अपनी प्राथमिकताओं पर बना रहे। फाउंडेशन ने बताया कि समिट में बिल गेट्स की जगह अब अंकुर वोरा फाउंडेशन का पक्ष रखेंगे। अंकुर वोरा गेट्स फाउंडेशन के अफ्रीका और भारत कार्यालयों के प्रेसिडेंट हैं। वे आज समिट के एक सत्र में अपनी बात रखेंगे। अंकुर वोरा फाउंडेशन के कामों को लंबे समय से देख रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर और गेट्स फाउंडेशन के चेयरमैन बिल गेट्स एक्सपो में शामिल होने के लिए 16 फरवरी को भारत आ चुके हैं। एपस्टीन केस से जुड़े दस्तावेजों में नाम आने पर हटे गेट्स बिल गेट्स के समिट से हटने से वजह अमेरिकी अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में आए उनके नाम को बताया जा रहा है। इन गुप्त दस्तावेजों को हाल ही में जारी किया गया है। एपस्टीन पर यौन अपराधों और नाबालिगों की तस्करी के गंभीर आरोप थे। 2019 में आत्महत्या के बाद, उससे जुड़े कई क्लासीफाइड दस्तावेज सार्वजनिक किए गए हैं। इन फाइलों में दावा किया गया है कि एपस्टीन और गेट्स के बीच गहरे संबंध थे। एपस्टीन ने गेट्स के एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर्स और अन्य निजी गतिविधियों में मदद की थी। बिल गेट्स ने एक इंटरव्यू में इन मुलाकातों पर अफसोस जताया है। उन्होंने कहा कि मैंने एपस्टीन के साथ जो भी समय बिताया, मुझे उसका पछतावा है और मैं इसके लिए माफी मांगता हूं। एनवीडिया CEO ने भी भारत दौरा टाला इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और ओपन-एआई के सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गज शामिल हो रहे हैं। इसमें एनवीडिया के CEO जेंसेन हुआंग भी शामिल होने वाले थे, लेकिन उन्होंने कार्यक्रम रद्द कर दिया है। कयास थे कि उनके हटने की वजह बिल गेट्स की मौजूदगी हो सकती है। हालांकि कंपनी ने कोई आधिकारिक कारण नहीं दिया है। PM मोदी ने AI इम्पैक्ट समिट का उद्घाटन किया था PM मोदी ने 16 फरवरी को दुनिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट में से एक ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का उद्घाटन किया था। इसके बाद उन्होंने इवेंट में शामिल हुए स्टार्टअप्स के पवेलियंस में जाकर उनके इनोवेशंस की जानकारी ली थी। ये इवेंट 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में चलेगा। समिट के साथ-साथ ‘इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ का भी आयोजन किया गया है। यहां दुनियाभर की कंपनियों ने अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस को दुनिया के सामने पेश किया है। यहां आम लोग देख सकते हैं कि एआई असल जिंदगी में कैसे काम करता है और भविष्य में AI से खेती, सेहत और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में क्या बदलाव लाने वाला है। ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की थीम पर समिट इस समिट की थीम राष्ट्रीय विजन ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’, यानी सभी का कल्याण, सभी का सुख पर आधारित है। इसका उद्देश्य मानवता के लिए AI के वैश्विक सिद्धांत को बढ़ावा देना है। समिट में 110 से ज्यादा देश और 30 अंतरराष्ट्रीय संगठन हिस्सा ले रहे हैं। इसमें लगभग 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 45 से ज्यादा मंत्री शामिल होने पहुंचे हैं। तीन ‘सूत्रों’ पर टिका है समिट का विजन इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 तीन मुख्य स्तंभों (सूत्रों) पर आधारित है – पीपल (लोग), प्लैनेट (ग्रह) और प्रोग्रेस (प्रगति)। पीपल: ह्यूमन-सेंट्रिक AI को बढ़ावा देना जो लोगों के अधिकारों की रक्षा करे। प्लैनेट: पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ AI विकास सुनिश्चित करना। प्रोग्रेस: समावेशी आर्थिक और तकनीकी प्रगति पर जोर देना, ताकि समाज के हर वर्ग को लाभ मिले। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- अगली पीढ़ी के लिए सही AI छोड़ना जरूरी: AI इम्पैक्ट समिट में गूगल CEO पिचाई ने कहा दिल्ली के भारत मंडपम में ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ का आज चौथा दिन है। आज के सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- AI का उपयोग मानव कल्याण के लिए होना चाहिए। इस पर किसी की मोनापॉली यानी एकाधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि AI में रफ्तार और पैमाना अकल्पनीय है। हमें इस क्षेत्र में बड़े सपने देखने होंगे, लेकिन जिम्मेदारी के साथ। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Epstein Files Sex Scandal Controversy; Hyatt Hotels Chairman

न्यूयॉर्क2 दिन पहले कॉपी लिंक हयात होटल्स के कार्यकारी अध्यक्ष अरबपति थॉमस प्रित्जकर 2018 से जेफ्री एपस्टीन के संपर्क में थे। अमेरिका के यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ संबंधों का खुलासा होने के बाद दुनियाभर में इस्तीफों का दौर जारी है। ताजा इस्तीफा अमेरिकी होटल चेन हयात होटल्स के कार्यकारी अध्यक्ष अरबपति थॉमस प्रित्जकर का है। वे इस पद पर 1999 से थे। अमेरिकी न्याय विभाग की फाइल से पता चला है कि 2008 से एपस्टीन और प्रित्जकर लगातार संपर्क में थे। 2018 में एपस्टीन ने प्रित्जकर से अपनी प्रेमिका की दक्षिण-पूर्व एशिया यात्रा की व्यवस्था में मदद का अनुरोध किया था। 2015 का एक अन्य ईमेल बताता है कि एपस्टीन ने दुबई में निवेश बढ़ाने के लिए डीपी वर्ल्ड के सीईओ बिन सुलेयम और प्रित्जकर को जोड़ने की कोशिश की थी। उसने सुलेयम और जेस स्टेली के बीच कारोबारी संबंध बढ़ाने की भी कोशिश की, जो उस समय जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी में वरिष्ठ कार्यकारी थे। हयात होटल्स के कार्यकारी चेयरमैन थॉमस जे. प्रित्जकर। हयात होटल्स के उत्तराधिकारियों में दूसरे सबसे धनी हैं प्रित्जकर थॉमस जे. प्रित्जकर, परिवार के 13 अरबपति होटल उत्तराधिकारियों में दूसरे सबसे धनी हैं। संपत्ति 6.2 अरब डॉलर है। 1999 से हयात के अध्यक्ष और 1999 से 2006 तक सीईओ रहे। एपस्टीन विवाद में अब तक ये छोड़ चुके पद एपस्टीन फाइल्स में नाम आने के बाद 10 देशों के 15 प्रोफेशनल्स, नेता और बैंकर्स इस्तीफा दे चुके हैं। इनमें प्रमुख हैं… वर्ल्ड की टॉप लॉजिस्टिक्स कंपनियों में से एक डीपी वर्ल्ड के सीईओ बिन सुलेयम गोल्डमैन सैक्स की शीर्ष वकील कैथी रुएमलर अमेरिकी लॉ फर्म पॉल वीस के चेयरमैन ब्रैड कार्प हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष लैरी समर्स नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री थोरब्योर्न जगलैंड नॉर्वे की राजनयिक मोना जुउल और उनके पति पूर्व राजनयिक टेर्जे रोड-लार्सन अमेरिका में ब्रिटेन के पूर्व राजदूत पीटर मेंडेलसन ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय के छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू फुटबॉल टीम न्यूयॉर्क जायंट्स के सह-मालिक स्टीव टिस्क यूएनएचसीआर की स्वीडन की अध्यक्ष जोआना रुबिनस्टीन कौन था जेफ्री एपस्टीन? जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी। उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया। उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली। उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है। एपस्टीन केस की पूरी कहानी क्या है इसकी शुरुआत 2005 में तब हुई जब फ्लोरिडा में एक 14 साल की लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसमें कहा गया कि एपस्टीन के आलीशान घर में उसकी बेटी को ‘मसाज’ के बहाने बुलाया गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उस पर सेक्स का दबाव डाला गया। जब उसने घर लौटकर यह बात अपने माता-पिता को बताई, तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत की। तब पहली बार जेफ्री एपस्टीन के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज हुई। पुलिस जांच के दौरान यह सामने आया कि यह अकेला मामला नहीं है। धीरे-धीरे करीब 50 नाबालिग लड़कियों की पहचान हुई, जिन्होंने एपस्टीन पर ऐसे ही आरोप लगाए। पाम बीच पुलिस डिपार्टमेंट ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कई महीनों तक छानबीन की। इसके बाद एपस्टीन के खिलाफ क्रिमिनल जांच शुरू हुई। मामले की जांच से पता चला कि एपस्टीन के पास मैनहट्टन और पाम बीच में शानदार विला है। एपस्टीन यहां हाई-प्रोफाइल पार्टियां करता था, जिसमें कई बड़ी हस्तियां शामिल होती थीं। एपस्टीन अपने निजी जेट ‘लोलिता एक्सप्रेस’ से पार्टियों में कम उम्र की लड़कियां लेकर आता था। वह लड़कियों को पैसों-गहनों का लालच और धमकी देकर मजबूर करता था। इसमें एपस्टीन की गर्लफ्रेंड और पार्टनर गिस्लीन मैक्सवेल उसका साथ देती थी। हालांकि शुरुआती जांच के बाद भी एपस्टीन को लंबे समय तक जेल नहीं हुई। उसका रसूख इतना था कि 2008 में उसे सिर्फ 13 महीने की सजा सुनाई गई, जिसमें वह जेल से बाहर जाकर काम भी कर सकता था। मी टू मूवमेंट की लहर में डूबा एपस्टीन साल 2009 में जेल से आने के बाद एपस्टीन लो प्रोफाइल रहने लगा। ठीक 8 साल बाद अमेरिका में मी टू मूवमेंट शुरू हुआ। साल 2017 में अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने हॉलीवुड प्रोड्यूसर हार्वे वाइंस्टीन के खिलाफ कई रिपोर्ट्स छापीं। इसमें बताया गया कि वाइंस्टीन ने दशकों तक अभिनेत्रियों, मॉडल्स और कर्मचारियों का यौन शोषण किया। इस घटना ने पूरी दुनिया में सनसनी पैदा कर दी। 80 से ज्यादा महिलाओं ने वाइंस्टीन के खिलाफ सोशल मीडिया पर मी टू (मेरे साथ भी शोषण हुआ) के आरोप लगाए। इसमें एंजेलीना जोली, सलमा हायेक, उमा थरमन और एश्ले जुड जैसे बड़े नाम थे। इसके बाद लाखों महिलाओं ने सोशल मीडिया पर ‘#MeToo’ लिखकर अपने शोषण की कहानियां शेयर कीं। इसमें वर्जीनिया ग्रिफे नाम की युवती भी थी। उसने एप्सटीन के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए। उसने दावा किया कि उसके साथ 3 साल तक यौन शोषण हुआ था। इसके बाद करीब 80 महिलाओं ने उसके खिलाफ शिकायत की। —————- ये खबर भी पढ़ें… अपनी नर्सरी में धतूरे का पौधा उगाता था जेफ्री एपस्टीन:नशे में इस्तेमाल होता है, भगवान शिव से जुड़ा है इसका फूल हाल ही में जारी हुए एपस्टीन फाइल्स के ईमेल्स में यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की जहरीले पौधों में दिलचस्पी को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इन ईमेल्स में खास तौर पर ‘ट्रम्पेट प्लांट्स’ (धतुरा का पौधा) का जिक्र है। ईमेल्स में ऐसे लेख फॉरवर्ड किए गए थे, जिनमें कोलंबिया में इसके इस्तेमाल का जिक्र था। बताया गया कि इसके असर में व्यक्ति को कहीं भी ‘ले जाया’ जा सकता है, क्योंकि वह पूरी तरह आज्ञाकारी और भ्रमित हो जाता है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
The ‘Zombie’ Flower In Epstein Files

वॉशिंगटन डीसी4 दिन पहले कॉपी लिंक हाल ही में जारी हुए एपस्टीन फाइल्स के ईमेल्स में यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की जहरीले पौधों में दिलचस्पी को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इन ईमेल्स में खास तौर पर ‘ट्रम्पेट प्लांट्स’ (धतुरा का पौधा) का जिक्र है। ईमेल्स में ऐसे लेख फॉरवर्ड किए गए थे, जिनमें कोलंबिया में इसके इस्तेमाल का जिक्र था। बताया गया कि इसके असर में व्यक्ति को कहीं भी ‘ले जाया’ जा सकता है, क्योंकि वह पूरी तरह आज्ञाकारी और भ्रमित हो जाता है। हिंदू परंपरा में धतूरा भगवान शिव से जुड़ा हुआ है। पौराणिक कथाओं के मुताबिक, समुद्र मंथन के दौरान जब विष निकला, तो शिव ने संसार की रक्षा के लिए उसे पी लिया। शिव मंदिरों में धतूरा के फूल और फल चढ़ाए जाते हैं। एपस्टीन फाइल्स में ‘जॉम्बी फ्लावर’ क्या है? ईमेल के स्क्रीनशॉट से पता चलता है कि उसके फाइनेंसर ने ऐसे पौधों में रुचि दिखाई थी। धतुरा के पौधों से स्कोपोलामीन नाम का एक रसायन निकलता है, जो दिमाग पर गहरा असर डालता है। स्कोपोलामीन याददाश्त कमजोर कर सकता है, व्यक्ति को भ्रम की स्थिति में डाल सकता है। इसी वजह से कुछ विशेषज्ञ इसे ‘जॉम्बी ब्रीथ’ भी कहते हैं। इसमें बताया गया था कि यह दवा लोगों को बहुत ज्यादा असर डालती है और उन्हें आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। ईमेल्स से पता चलता है कि एपस्टीन धतुरा के पौधे के बारे में पूछताछ कर रहा था। हालांकि यह साफ नहीं है कि उसने इनका इस्तेमाल किया या नहीं। वहीं, 2022 के एक अन्य ईमेल में एक पीड़ित के बयान का जिक्र है, जिसमें स्कोपोलामीन के संपर्क में आने की बात कही गई। इन दस्तावेजों से यह साफ होता है कि एपस्टीन ऐसे पौधों से जुड़ा था, जिनमें दिमाग को प्रभावित करने की ताकत होती है। ईमेल्स में 3 बार इस पौधे का जिक्र पहला ईमेल (3 मार्च 2014): यह ईमेल सीधे एपस्टीन ने ‘एन रोड्रिगेज’ नाम के एक व्यक्ति को भेजा था। ईमेल में उन्होंने लिखा था कि नर्सरी में लगे उनके ट्रम्पेट पौधों के बारे में क्रिस से पूछो। इससे साफ संकेत मिलता है कि एपस्टीन की नर्सरी में ट्रम्पेट प्लांट यानी धतूरा के पौधे लगे हुए थे। दूसरा ईमेल (27 जनवरी 2015): बताया जाता है कि यह ईमेल फ्रांसीसी फैशन फोटोग्राफर एंटोनी वेरग्लास की ओर से आगे भेजा गया था। ईमेल्स में जिस “जॉम्बी फ्लावर” का जिक्र है, वह दरअसल ट्रम्पेट आकार वाले पौधे हैं। फॉरवर्ड किए गए एक मैसेज का शीर्षक था- “स्कोपोलामीन: कोलंबिया के जंगलों में उगने वाली एक शक्तिशाली दवा, जो इंसान की चेतना को खत्म कर देती है।” यह मैसेज डेली मेल और वाइस की एक रिपोर्ट से जुड़ा था। रिपोर्ट में स्कोपोलामीन को ऐसा पदार्थ बताया गया था, जिसके असर में व्यक्ति बेहद आज्ञाकारी हो सकता है। लेख की कुछ पंक्तियों को खास तौर पर चिन्हित किया गया था। उनमें कहा गया था कि इस नशे के प्रभाव में व्यक्ति को कहीं भी ले जाया जा सकता है और वह छोटे बच्चे की तरह व्यवहार करने लगता है। तीसरा ईमेल (7 फरवरी 2022): तीसरा दस्तावेज सीधे एपस्टीन के साथ बातचीत नहीं है। यह गिलेरमो फारिनास नाम के व्यक्ति द्वारा जुआन एंटोनियो गोंजालेज को भेजा गया एक ईमेल बताया गया है, जिसकी कॉपी जोसेफ मंजारो को भी भेजी गई थी। फिलहाल यह साफ नहीं है कि ये लोग कौन हैं। इसमें मंजारो ने दिसंबर 2014 की एक कथित घटना का जिक्र किया है। उनका दावा है कि उन्हें स्कोपोलामीन नाम के नशीले पदार्थ के जरिए बेहोश किया गया। यह पदार्थ कुछ खास पौधों से बनता है, जिनमें ट्रम्पेट प्लांट यानी धतूरा भी शामिल है। बयान में साफ तौर पर स्कोपोलामीन का नाम लिया गया है। मंजारो का आरोप है कि उन्हें ले जा रहे दो लोगों में से एक ने कहा था, “मैंने उसे काफी मात्रा में स्कोपोलामीन दे दिया है।” इसके बाद उसने याददाश्त खोने और बेहद ज्यादा नींद आने जैसी हालत का दावा किया है। हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है धतूरे का फूल हिंदू परंपरा में बिगुल जैसे आकार वाला धतूरा फूल पवित्र माना जाता है। यह भगवान शिव से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को भगवान शिव ने पिया था, जिससे सृष्टि की रक्षा हुई। धतूरा उसी विष से जुड़ा प्रतीक माना जाता है। भारत में कई मंदिरों में, खासकर महाशिवरात्रि के समय, धतूरा के फूल और फल चढ़ाए जाते हैं। हालांकि यह पौधा जहरीला होता है, फिर भी इसे आध्यात्मिक शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। हालांकि इस धार्मिक महत्व का एपस्टीन फाइल्स में बताए गए संदर्भ से कोई सीधा संबंध नहीं है। भारतीय लड़की भी यौन अपराधी एपस्टीन का शिकार हुई, नई फाइल्स में खुलासा यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी नई फाइलों में खुलासा हुआ है कि एक भारतीय लड़की भी उसका शिकार हुई थी। दस्तावेजों के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने उसे पीड़ित मुआवजा फंड से भुगतान दिलाने के लिए भारत में तलाश शुरू की थी। 13 जनवरी 2020 की एक ईमेल में अमेरिकी अधिकारियों के बीच हुई बातचीत सामने आई है। इसमें भारत में मौजूद पीड़िता का पता और जानकारी जुटाने को कहा गया है, ताकी भारत स्थित अमेरिकी दूतावास के जरिए उससे संपर्क किया जा सके। यह ईमेल एपस्टीन की अगस्त 2019 में जेल में हुई मौत के बाद की है। रिलीज दस्तावेजों में इस मेल का टाइटल ‘एपस्टीन विक्टिम्स’ है, हालांकि अधिकारियों के नाम और कुछ जानकारियां छुपाई गई हैं। कौन था जेफ्री एपस्टीन? जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी। उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया। उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली। उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और
Bill Gates Out of India AI Summit After Epstein Files Mention; Govt Stands With Victims

Hindi News Business Bill Gates Out Of India AI Summit After Epstein Files Mention; Govt Stands With Victims नई दिल्ली4 दिन पहले कॉपी लिंक बिल गेट्स 16 फरवरी को भारत आ चुके हैं। -फाइल फोटो माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स के ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ में शामिल होने को लेकर बनी असमंजस की स्थिति अब साफ हो गई है। गेट्स फाउंडेशन के प्रवक्ता के अनुसार, बिल गेट्स तय कार्यक्रम के मुताबिक समिट में हिस्सा लेंगे और अपना कीनोट एड्रेस देंगे। आज 17 फरवरी को वेबसाइट पर गेस्ट की लिस्ट में उनका नाम नहीं था। ऐसे में खबरें चल रही थीं कि सरकार ने उनका निमंत्रण रद्द कर दिया है। इसकी वजह अमेरिकी अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े विवादित दस्तावेजों में आए उनके नाम को बताया गया था। 16 फरवरी से दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हुई समिट 20 फरवरी तक चलेगी। समिट के साथ-साथ ‘इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ का भी आयोजन किया गया है। यहां दुनियाभर की कंपनियों ने अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस दुनिया के सामने पेश किए है। माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर और गेट्स फाउंडेशन के चेयरमैन बिल गेट्स एक्सपो में शामिल होने के लिए 16 फरवरी को भारत आ चुके हैं। गेट्स बोले- एपस्टीन से मुलाकात करना मेरी बड़ी गलती थी जेफ्री एपस्टीन एक अमेरिकी फाइनेंसर था, जिस पर यौन अपराधों और नाबालिगों की तस्करी के गंभीर आरोप थे। 2019 में जेल में उसकी आत्महत्या के बाद, हाल ही में उससे जुड़े कई क्लासीफाइड दस्तावेज सार्वजनिक किए गए हैं। इसमें बिल गेट्स का भी नाम था। इन फाइलों में दावा किया गया है कि एपस्टीन और गेट्स के बीच गहरे संबंध थे। एपस्टीन ने कथित रूप से गेट्स के एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर्स और अन्य निजी गतिविधियों में मदद की थी। बिल गेट्स ने हाल ही में एक इंटरव्यू में इन मुलाकातों पर अफसोस जताया है। उन्होंने कहा कि मैंने एपस्टीन के साथ जो भी समय बिताया, मुझे उसका पछतावा है और मैं इसके लिए माफी मांगता हूं। गेट्स पहले भी कह चुके हैं कि उन्होंने एपस्टीन से केवल चैरिटी और फंडरेजिंग के सिलसिले में मुलाकात की थी, लेकिन अब वो इसे एक बड़ी गलती मानते हैं। एनवीडिया CEO ने भारत दौरा टाला इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में गूगल के सीईओ सुंदर पिचई और ओपन-एआई के सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गज शामिल हो रहे हैं। इसमें एनवीडिया के CEO जेंसेन हुआंग भी शामिल होने वाले थे, लेकिन उन्होंने कार्यक्रम रद्द कर दिया है। कयास थे कि उनके हटने की वजह बिल गेट्स की मौजूदगी हो सकती है। हालांकि कंपनी ने कोई आधिकारिक कारण नहीं दिया है। ———————————– समिट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… PM मोदी ने AI इम्पैक्ट समिट का उद्घाटन किया, जियो इंटेलिजेंस जैसे AI मॉडल्स को जाना भारत में आज 16 फरवरी से दुनिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट में से एक ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका औपचारिक उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने इवेंट में शामिल हुए स्टार्टअप्स के पवेलियंस में जाकर उनके इनोवेशंस की जानकारी ली। पूरा खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Epstein Files: US Seeks Indian Victim for Compensation

वॉशिंगटन डीसी/नई दिल्ली5 दिन पहले कॉपी लिंक यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी नई फाइलों में खुलासा हुआ है कि एक भारतीय लड़की भी उसका शिकार हुई थी। दस्तावेजों के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने उसे पीड़ित मुआवजा फंड से भुगतान दिलाने के लिए भारत में तलाश शुरू की थी। 13 जनवरी 2020 की एक ईमेल में अमेरिकी अधिकारियों के बीच हुई बातचीत सामने आई है। इसमें भारत में मौजूद पीड़िता का पता और जानकारी जुटाने को कहा गया है, ताकी भारत स्थित अमेरिकी दूतावास के जरिए उससे संपर्क किया जा सके। यह ईमेल एपस्टीन की अगस्त 2019 में जेल में हुई मौत के बाद की है। रिलीज दस्तावेजों में इस मेल का टाइटल ‘एपस्टीन विक्टिम्स’ है, हालांकि अधिकारियों के नाम और कुछ जानकारियां छुपाई गई हैं। दस्तावेज में अमेरिकी अधिकारियों से भारतीय लड़की और उसकी कॉन्टैक्ट डीटेल्स निकालने के लिए कहा गया है। फाइल्स में पूर्व केंद्रीय मंत्री हर्ष वर्धन का भी जिक्र नई फाइल्स में 5 जून 2014 को बिल गेट्स और एपस्टीन के बीच बातचीत की एक ईमेल शामिल है। इसमें एपस्टीन बिल गेट्स से पूछता है कि क्या डॉ. हर्ष वर्धन से 17 सितंबर को भारत में उनकी मीटिंग हैं। उस समय हर्ष वर्धन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री थे। इसके अलावा 2 अप्रैल 2017 की एक ईमेल में भारत के PR कंपनी प्रमोटर दिलीप चेरियन का भी जिक्र है। इस मेल में एपस्टीन के सहयोगी गिनो यू ने उनसे पूछा कि क्या वे दिलीप चेरियन से मिलना चाहेंगे। ईमेल में लिखा है कि दिलीप पेरिस में 3 से 6 अप्रैल तक रहेंगे और उन्होंने 160 मिलियन अमेरिकी डॉलर में अपनी विज्ञापन और पीआर कंपनी बेची है। 8 जुलाई 2010 की एक ईमेल में एक महिला ने एपस्टीन को अपने फ्लाइट अनुभव के बारे में लिखा। उसने बताया कि उसके पास बैठे एक बुजुर्ग भारतीय व्यक्ति ने शराब पी रखी थी और वह बार-बार उससे बात कर रहा था और छू रहा था। मेल में लिखा है कि वह व्यक्ति सोने के बाद जागा और उसने महिला को गले लगाते हुए कहा कि वह उससे प्यार करता है। डॉ हर्षवर्धन भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं और दो बार भारत के स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं। (फाइल फोटो) एपस्टीन से 3-4 बार मिले थे केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 11 फरवरी को बताया था कि वह यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से तीन या चार बार मिले थे। यह बातचीत पूरी तरह से प्रोफेशनल थी, जो इंडिपेंडेंट कमीशन ऑन मल्टीलेटरलिज्म और दूसरे इंटरनेशनल कामों से जुड़ी थी। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एपस्टीन के आपराधिक मामलों से अपना कोई संबंध होने के आरोपों को बेबुनियाद बताया। पुरी ने कहा, जब मैंने मई 2009 से न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत के रूप में कार्यभार संभाला था, तब से लेकर 2017 में मंत्री बनने तक की अवधि के 30 लाख ईमेल जारी किए गए हैं। इस दौरान, केवल तीन या चार बैठकों का ही जिक्र मिलता है और मेरी बातचीत पूरी तरह से पेशेवर थी। केंद्रीय मंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एपस्टीन के आपराधिक मामलों से अपना कोई संबंध होने के आरोपों को बेबुनियाद बताया। यौन अपराधी और अनिल अंबानी की चैट भी सामने आई जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में अनिल अंबानी से जुड़े खुलासे हुए हैं। ये दस्तावेज एपस्टीन और उद्योगपति अनिल अंबानी के बीच 2017 से 2019 के दौरान हुई बातचीत से जुड़े हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें कारोबार, वैश्विक मामलों और महिलाओं को लेकर चर्चा हुई। 9 मार्च 2017 की बातचीत में अनिल ने एपस्टीन से पूछा- क्या सुझाव है? इस पर एपस्टीन ने लिखा- मुलाकात ‘मजेदार’ बनाने के लिए ‘लंबी स्वीडिश ब्लॉन्ड महिला’ बेहतर होगी। इसके बाद अंबानी ने जवाब दिया, ‘इसे अरेंज करो।’ बातचीत तब की है। यह बातचीत उस समय की है, जब एप्सटीन को पहले ही 2008 में नाबालिगों से जुड़े यौन आपराध के मामले में सजा मिल चुकी थी। इसके बावजूद एप्सटीन दुनिया के कई प्रभावशाली और ताकतवर लोगों के संपर्क में बना हुआ था। रिकॉर्ड बताते हैं कि दोनों के बीच पेरिस और न्यूयॉर्क में मिलने की योजना बनीं। मई 2019 में अनिल अंबानी के न्यूयॉर्क दौरे के वक्त एपस्टीन ने उन्हें मैनहैटन स्थित अपने घर बुलाया, जहां दोनों मिले। दूसरे ईमेल्स से यह भी पता चलता है कि अंबानी और एपस्टीन के बीच अंतरराष्ट्रीय यात्राओं, बिजनेस मीटिंग्स और वैश्विक मंचों पर होने वाले कार्यक्रमों को लेकर बातचीत हुई थी। इनमें पेरिस, न्यूयॉर्क और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के कार्यक्रमों में संभावित मुलाकातों का जिक्र है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने X पर पोस्ट कर अनिल अंबानी और एपस्टीन के बीच 16 मार्च 2017 को हुई चैट का स्क्रीनशॉट शेयर किया था। कौन था जेफ्री एपस्टीन? जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी। उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया। उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली। उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है। एपस्टीन केस की पूरी कहानी क्या है इसकी शुरुआत 2005 में तब हुई जब फ्लोरिडा में एक 14 साल की लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसमें कहा गया कि एपस्टीन के आलीशान घर में उसकी बेटी को ‘मसाज’ के बहाने बुलाया गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उस पर सेक्स का दबाव डाला गया। जब उसने घर लौटकर यह बात अपने माता-पिता को बताई, तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत की। तब पहली बार जेफ्री एपस्टीन के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज हुई। पुलिस जांच के दौरान यह सामने आया कि यह अकेला मामला नहीं है। धीरे-धीरे करीब 50 नाबालिग लड़कियों की पहचान हुई, जिन्होंने एपस्टीन पर ऐसे ही आरोप लगाए। पाम बीच पुलिस डिपार्टमेंट ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कई महीनों तक छानबीन की। इसके बाद एपस्टीन के खिलाफ क्रिमिनल जांच शुरू हुई। मामले








