Saturday, 08 Aug 2026 | 10:02 AM

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Dabur Products Ban Lifted | USA Becomes Top LPG Supplier to India

Dabur Products Ban Lifted | USA Becomes Top LPG Supplier to India

नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर मेटा से जुड़ी रही। सरकार ने मेटा को जरूरी बदलाव करने और कंटेंट मॉडरेशन को मजबूत करने के सख्त निर्देश दिए हैं। वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने साल 2015 के मैगी विवाद में दुकानदारों के खिलाफ दर्ज सभी केस रद्द कर दिए हैं। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार आज शनिवार की छुट्‌टी के चलते बंद रहेगा। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. सरकार बोली- Meta डीपफेक और प्रोपेगैंडा कंटेंट तेजी से हटाए: कंपनी ने माना उनके सिस्टम में कमियां, काम के तरीके में बदलाव की जरूरत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा को जरूरी बदलाव करने और कंटेंट मॉडरेशन को मजबूत करने के सख्त निर्देश दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कंपनी से एक डिटेल्ड रोडमैप भी मांगा है। इस रोडमैप में कंपनी को यह स्पष्ट करना होगा कि वह अपने प्लेटफॉर्म्स से प्रोपेगैंडा, डीपफेक और अवैध कंटेंट को वायरल होने से रोकने के लिए क्या कदम उठाने जा रही है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. डाबर के ‘100% प्योर’ दावे वाले प्रोडक्ट्स पर बैन टला: FSSAI के बिक्री रोकने वाले आदेश पर हाईकोर्ट का स्टे; डाबर हनी-घी बिकते रहेंगे दिल्ली हाईकोर्ट ने डाबर को अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने FSSAI के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें ‘100% प्योर’, ‘100% नेचुरल’ और ‘100% ऑर्गेनिक’ जैसे दावों वाले उत्पादों की बिक्री तुरंत रोकने को कहा था। जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने केंद्र और FSSAI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जब तक मामले में अगली सुनवाई नहीं होती, तब तक FSSAI का बैन ऑर्डर सस्पेंड रहेगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. मैगी विवाद में दुकानदारों पर लगे सभी क्रिमिनल केस हटे: हाईकोर्ट बोला- लैब जांच में लेड लिमिट में मिला, अब केस का कोई आधार नहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने साल 2015 के मैगी विवाद में दुकानदारों के खिलाफ दर्ज सभी केस रद्द कर दिए हैं। यह सभी क्रिमिनल केस मैगी में लेड और मोनोसोडियम ग्लूटामेट की ज्यादा मात्रा पाए जाने के आरोपों के बाद दर्ज किए गए थे। जस्टिस मधु जैन की बेंच ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट और सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (CFTRI) की जांच में मैगी के सैंपल सुरक्षित पाए जा चुके हैं, तो दुकानदारों पर मुकदमा चलाना उनके साथ अन्याय होगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. अमेरिका भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बना: सबसे ज्यादा LNG भी US से आ रही; कतर से सप्लाई 91% घटी अमेरिका अब भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बन गया है। होर्मुज संकट के बाद भारत की जरूरत की लगभग 67% कुकिंग गैस यानी LPG अमेरिका से ही आ रही। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के कार्यक्रम में शुक्रवार को यह बात कही है। मिडिल ईस्ट संकट और होर्मुज स्ट्रैट में सप्लाई प्रभावित होने के बाद भारत की एनर्जी सिक्योरिटी पॉलिसी में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। वहीं इक्विरस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका कतर को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) सप्लायर भी हो गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. आम ग्राहकों के लिए UPI फ्री ही रहेगा: विवाद पर वित्त मंत्री की सफाई; ₹2,000 से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर मर्चेंट चार्ज संभव भारत में रोजाना फल-सब्जी खरीदने से लेकर कैब के किराए तक के लिए करोड़ों लोग यूपीआई (UPI) का इस्तेमाल करते हैं। हाल ही में संसद में पेश हुए नए बिल के बाद एक बहस शुरू हो गई है कि क्या भविष्य में यूपीआई पेमेंट करने पर ग्राहकों को शुल्क देना होगा। इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने स्थिति साफ की है। वित्त मंत्री ने कहा है कि आम ग्राहकों को डरने की कोई जरूरत नहीं है, यूपीआई उनके लिए फ्री ही रहेगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Dabur Products Ban Lifted | USA Becomes Top LPG Supplier to India

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नई दिल्ली12 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर मेटा से जुड़ी रही। सरकार ने मेटा को जरूरी बदलाव करने और कंटेंट मॉडरेशन को मजबूत करने के सख्त निर्देश दिए हैं। वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने साल 2015 के मैगी विवाद में दुकानदारों के खिलाफ दर्ज सभी केस रद्द कर दिए हैं। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार आज शनिवार की छुट्‌टी के चलते बंद रहेगा। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. सरकार बोली- Meta डीपफेक और प्रोपेगैंडा कंटेंट तेजी से हटाए: कंपनी ने माना उनके सिस्टम में कमियां, काम के तरीके में बदलाव की जरूरत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा को जरूरी बदलाव करने और कंटेंट मॉडरेशन को मजबूत करने के सख्त निर्देश दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कंपनी से एक डिटेल्ड रोडमैप भी मांगा है। इस रोडमैप में कंपनी को यह स्पष्ट करना होगा कि वह अपने प्लेटफॉर्म्स से प्रोपेगैंडा, डीपफेक और अवैध कंटेंट को वायरल होने से रोकने के लिए क्या कदम उठाने जा रही है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. डाबर के ‘100% प्योर’ दावे वाले प्रोडक्ट्स पर बैन टला: FSSAI के बिक्री रोकने वाले आदेश पर हाईकोर्ट का स्टे; डाबर हनी-घी बिकते रहेंगे दिल्ली हाईकोर्ट ने डाबर को अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने FSSAI के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें ‘100% प्योर’, ‘100% नेचुरल’ और ‘100% ऑर्गेनिक’ जैसे दावों वाले उत्पादों की बिक्री तुरंत रोकने को कहा था। जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने केंद्र और FSSAI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जब तक मामले में अगली सुनवाई नहीं होती, तब तक FSSAI का बैन ऑर्डर सस्पेंड रहेगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. मैगी विवाद में दुकानदारों पर लगे सभी क्रिमिनल केस हटे: हाईकोर्ट बोला- लैब जांच में लेड लिमिट में मिला, अब केस का कोई आधार नहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने साल 2015 के मैगी विवाद में दुकानदारों के खिलाफ दर्ज सभी केस रद्द कर दिए हैं। यह सभी क्रिमिनल केस मैगी में लेड और मोनोसोडियम ग्लूटामेट की ज्यादा मात्रा पाए जाने के आरोपों के बाद दर्ज किए गए थे। जस्टिस मधु जैन की बेंच ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट और सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (CFTRI) की जांच में मैगी के सैंपल सुरक्षित पाए जा चुके हैं, तो दुकानदारों पर मुकदमा चलाना उनके साथ अन्याय होगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. अमेरिका भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बना: सबसे ज्यादा LNG भी US से आ रही; कतर से सप्लाई 91% घटी अमेरिका अब भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बन गया है। होर्मुज संकट के बाद भारत की जरूरत की लगभग 67% कुकिंग गैस यानी LPG अमेरिका से ही आ रही। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के कार्यक्रम में शुक्रवार को यह बात कही है। मिडिल ईस्ट संकट और होर्मुज स्ट्रैट में सप्लाई प्रभावित होने के बाद भारत की एनर्जी सिक्योरिटी पॉलिसी में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। वहीं इक्विरस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका कतर को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) सप्लायर भी हो गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. आम ग्राहकों के लिए UPI फ्री ही रहेगा: विवाद पर वित्त मंत्री की सफाई; ₹2,000 से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर मर्चेंट चार्ज संभव भारत में रोजाना फल-सब्जी खरीदने से लेकर कैब के किराए तक के लिए करोड़ों लोग यूपीआई (UPI) का इस्तेमाल करते हैं। हाल ही में संसद में पेश हुए नए बिल के बाद एक बहस शुरू हो गई है कि क्या भविष्य में यूपीआई पेमेंट करने पर ग्राहकों को शुल्क देना होगा। इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने स्थिति साफ की है। वित्त मंत्री ने कहा है कि आम ग्राहकों को डरने की कोई जरूरत नहीं है, यूपीआई उनके लिए फ्री ही रहेगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Arunachal Pradesh Map Update | India Counters China Border Naming Move

Arunachal Pradesh Map Update | India Counters China Border Naming Move

5 घंटे पहले कॉपी लिंक भारत सरकार ने शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं को सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शे पर दर्ज किया। यह कदम चीन की ओर से सीमावर्ती राज्य की जगहों के नाम बदलने की कोशिशों के बीच उठाया गया है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, यह काम अरुणाचल प्रदेश सरकार से सलाह लेकर किया गया है। इसका मकसद इन जगहों की सही पहचान सुनिश्चित करना और आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। मंत्रालय ने बयान में कहा, “भारत सरकार ने अरुणाचल प्रदेश की राज्य सरकार से सलाह लेकर राज्य में स्थित कुल 27 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं को सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शे पर उनके मानक नामों के साथ दर्ज किया है।” बयान में कहा गया कि इन जगहों को आधिकारिक नक्शे पर दर्ज करने का उद्देश्य उनकी सटीक पहचान आसान बनाना और आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। चीन अरुणाचल की जगहों के नाम जारी करता रहा है चीन समय-समय पर अरुणाचल प्रदेश की जगहों के लिए नामों की सूची जारी करता रहा है। वह अरुणाचल प्रदेश को जांगनान कहता है। भारत ने चीन की इन कोशिशों को लगातार खारिज किया है। भारत का कहना है कि इनका भारत की राज्य पर संप्रभुता पर कोई असर नहीं पड़ता। लॉन्गजू में 1959 में चीनी सेना पहुंची थी सर्वे ऑफ इंडिया के नक्शे पर औपचारिक रूप से दर्ज जगहों में वास्तविक नियंत्रण रेखा(LAC) के पास स्थित लॉन्गजू भी शामिल है। 1959 में चीनी सेना के इस इलाके में घुसने के बाद लॉन्गजू भारत-चीन सीमा तनाव के शुरुआती केंद्रों में से एक बना था। अपर सुबनसिरी जिले का पास का माजा गांव भी इन जगहों में शामिल है। जयरामपुर सुरक्षा बलों के लिए लॉजिस्टिक्स हब चांगलांग जिले का जयरामपुर भी पहचानी गई जगहों में शामिल है। यह एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स हब है, जो पूर्वी अरुणाचल प्रदेश और म्यांमार सीमा की ओर सुरक्षा बलों की आवाजाही में मदद करता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Arunachal Pradesh Map Update | India Counters China Border Naming Move

Arunachal Pradesh Map Update | India Counters China Border Naming Move

2 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत सरकार ने शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं को सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शे पर दर्ज किया। यह कदम चीन की ओर से सीमावर्ती राज्य की जगहों के नाम बदलने की कोशिशों के बीच उठाया गया है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, यह काम अरुणाचल प्रदेश सरकार से सलाह लेकर किया गया है। इसका मकसद इन जगहों की सही पहचान सुनिश्चित करना और आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। मंत्रालय ने बयान में कहा, “भारत सरकार ने अरुणाचल प्रदेश की राज्य सरकार से सलाह लेकर राज्य में स्थित कुल 27 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं को सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शे पर उनके मानक नामों के साथ दर्ज किया है।” बयान में कहा गया कि इन जगहों को आधिकारिक नक्शे पर दर्ज करने का उद्देश्य उनकी सटीक पहचान आसान बनाना और आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। चीन अरुणाचल की जगहों के नाम जारी करता रहा है चीन समय-समय पर अरुणाचल प्रदेश की जगहों के लिए नामों की सूची जारी करता रहा है। वह अरुणाचल प्रदेश को जांगनान कहता है। भारत ने चीन की इन कोशिशों को लगातार खारिज किया है। भारत का कहना है कि इनका भारत की राज्य पर संप्रभुता पर कोई असर नहीं पड़ता। लॉन्गजू में 1959 में चीनी सेना पहुंची थी सर्वे ऑफ इंडिया के नक्शे पर औपचारिक रूप से दर्ज जगहों में वास्तविक नियंत्रण रेखा(LAC) के पास स्थित लॉन्गजू भी शामिल है। 1959 में चीनी सेना के इस इलाके में घुसने के बाद लॉन्गजू भारत-चीन सीमा तनाव के शुरुआती केंद्रों में से एक बना था। अपर सुबनसिरी जिले का पास का माजा गांव भी इन जगहों में शामिल है। जयरामपुर सुरक्षा बलों के लिए लॉजिस्टिक्स हब चांगलांग जिले का जयरामपुर भी पहचानी गई जगहों में शामिल है। यह एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स हब है, जो पूर्वी अरुणाचल प्रदेश और म्यांमार सीमा की ओर सुरक्षा बलों की आवाजाही में मदद करता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Tewolde Gebremariam Named Air India CEO

Tewolde Gebremariam Named Air India CEO

Hindi News Career Tewolde Gebremariam Named Air India CEO | Plastic Currency India 2027 12 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. टेवोल्डे गेब्रेमरियम एयरइंडिया के नए CEO और MD बने 5 अगस्त को एयर इंडिया ने टेवोल्डे गेब्रेमरियम को अपना नया CEO और MD अपॉइंट किया। टेवोल्डे ने एयर इंडिया के पूर्व CEO कैंपबेल विल्सन की जगह ली। उन्होंने 2024 में अपने पद से इस्तीफा दिया था। टेवोल्डे, इथियोपियन एयरलाइंस के ग्रुप CEO रहे हैं। उन्हें अफ्रीका के सबसे सफल एविएशन लीडर्स में से एक माना जाता है। टेवोल्डे ने 11 साल के कार्यकाल के दौरान इथियोपियन एयरलाइंस ने तेजी से विस्तार किया और अफ्रीका की सबसे बड़ी एयरलाइन बनाया। टेवोल्डे कार्यकाल में एयरलाइन का बेड़ा 33 एयरक्राफ्ट से बढ़कर 130 एयरक्राफ्ट हो गया। टेवोल्डे यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी कोविड-19 महामारी से पहले सालाना यात्रियों की संख्या 30 लाख से बढ़कर 1.2 करोड़ तक पहुंच गई। एयर इंडिया एयर इंडिया की स्थापना 15 अक्टूबर 1932 को हुई। 1953 में भारत सरकार ने इसका राष्ट्रीयकरण किया। जनवरी 2022 में एयर इंडिया टाटा समूह के स्वामित्व में आई है। 2. कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन का कार्यकाल बढ़ा 6 अगस्त को केंद्र सरकार ने कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन के कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ा दिया है। सोमनाथन अब 30 अगस्त 2027 तक कैबिनेट सचिव के पद पर रहेंगे। सोमनाथन 1987 बैच के तमिलनाडु कैडर के IAS ऑफिसर हैं। सोमनाथन का वर्तमान कार्यकाल 30 अगस्त 2026 को पूरा होना था। वे अगस्त 2024 में कैबिनेट सचिव बने थे। सोमनाथन ने पीएम कार्यालय में अतिरिक्त सचिव और संयुक्त सचिव के तौर पर भी काम किया है। 2011 से 2015 तक सोमनाथन वाशिंगटन डीसी में वर्ल्ड बैंक ग्रुप के में डायरेक्टर के तौर भी रहे। सोमनाथन के साथ ही केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन का कार्यकाल भी एक साल के लिए बढ़ाया गया है। वे 22 अगस्त 2027 तक पद पर रहेंगे। सोमनाथन अगस्त 2024 में कैबिनेट सचिव अपॉइंट हुए थे। 3. बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल 2026 पारित हुआ 5 अगस्त को लोकसभा ने बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल पारित किया। ये बिल पुराने बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 1891 की जगह लेगा। अब इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में मौजूद बैंक डॉक्युमेंट्स को कोर्ट में सीधे पेश किया जा सकेगा। इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखे गए बैंक रिकॉर्ड को कानूनी साक्ष्य के रूप में अधिक स्पष्ट मान्यता मिलेगी। इसका उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र में हो रहे टेक्नोलॉजी बदलावों के साथ कानूनों को अपडेट करना है। कानून में डिजिटल साइन और सर्वर डेटा को भी शामिल किया गया है। नए कानून से न्यायालयों और जांच एजेंसियों के लिए डिजिटल बैंक रिकॉर्ड प्रस्तुत करने की प्रक्रिया सरल होगी। इस कानून से डिजिटल ट्रांजैक्शन, ऑनलाइन एंट्रीज, ई-स्टेटमेंट और वर्चुअल रिकॉर्ड्स को अब अदालत में सीधे एविडेंस (सबूत) के रूप में स्वीकार किया जाएगा। इससे साइबर क्राइम, ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड और वित्तीय घोटालों के मामलों में डिजिटल सबूतों की मदद से जांच एजेंसियों को आरोपियों के खिलाफ केस मजबूत करने में मदद मिलेगी। बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट 1891 में आया था, जो एक बैंकिंग कानून है। अदालतों में बैंक के रिकॉर्ड और प्रतियों को सबूत के रूप में पेश करने के नियम तय करता है। इसके तहत बैंकों को हर मामले में मूल कागजी बहियों या दस्तावेजों को अदालत में लाने की जरूरत नहीं होती थी। बल्कि कॉपी को ही असली सुबूत मान लिया जाता था। वहीं आज 90% से ज्यादा बैंकिंग लेनदेन डिजिटल जैसे UPI, IMPS, ई-बैंकिंग हो चुके हैं। नए बिल से लीगल फ्रेमवर्क को आधुनिक टेक्नोलॉजी के हिसाब से बनाया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिल को विचार और पास कराने के लिए सदन के सामने रखा, जिसे ध्वनिमत से पारित किया गया। 4. RBI 2027 में प्लास्टिक नोट लॉन्च करेगा 6 अगस्त को RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने जानकारी दी कि साल 2027 में पॉलीमर यानी प्लास्टिक के नोट अगले लॉन्च होंगे। RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी में इसकी जानकारी दी। अप्रैल-मई के बीच ये नोट जारी किये जाएंगे। शुरुआत में कम वैल्यू के पॉलीमर करेंसी नोट जारी किए जाएंगे। इनका मार्केट में सर्कुलेशन और इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है। 27 जुलाई को केंद्र सरकार ने 10, 20 रुपए तक के प्लास्टिक नोट की टेस्टिंग को मंजूरी दी। रिजर्व बैंक टोटल 200 करोड़ पॉलिमर यानी प्लास्टिक से बने नोट छापेगी। पायलट प्रोजेक्ट के तहत 3,000 करोड़ रुपए मूल्य के पॉलीमर बैंक नोट जारी किए जाएंगे। केंद्र सरकार ने ये साफ किया है कि फिलहाल कागजी नोटों को पूरी तरह बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है। बता दें कि पॉलीमर बैंकनोट्स कागज के बजाय एक खास किस्म के प्लास्टिक मटेरियल यानी पॉलीमर सबस्ट्रेट पर छापे जाते हैं। ये छूने में तो सामान्य नोटों जैसे ही हल्के होते हैं, लेकिन पानी में भीगने पर भी नहीं गलते और लंबे समय तक चलते हैं। ये नोट पानी, धूल और गंदगी से खराब नहीं होते और आसानी से फटते नहीं है और लंबी उम्र तक चलते हैं। पॉलीमर शीट पर एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स आसानी से जोड़े जा सकते हैं, जिससे नकली नोट बनाना लगभग नामुमकिन हो जाएगा। प्लास्टिक नोटों का जीवनकाल कागजी नोटों की तुलना में ज्यादा होता है और इन्हें नकली बनाना कठिन है। भारत ने 2012 में भी पॉलिमर नोट लाने की कोशिश की थी लेकिन तकनीकी चुनौतियों के कारण योजना टल गई। ये ऐसे मुद्रा नोट होते हैं जो कागज के बजाय पॉलीमर नामक विशेष प्लास्टिक से बनाए जाते हैं। ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश है जिसने 1988 में पॉलीमर बैंक नोट जारी किए। इसके बाद कई देशों ने इन्हें अपनाया। भारत में पहली बार जनवरी 1946 में ब्रिटिश काल/आजादी से ठीक पहले तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने ₹500, ₹1000 और ₹10,000 के बड़े नोटों को बंद कर दिया था। तब काले धन और युद्ध के दौरान हुई अवैध कमाई को बाहर निकालना इसका उद्देश्य है। स्पोर्ट्स (SPORTS) 5. CWG 2026 पदक विजेताओं का अभिनंदन और नकद पुरस्कार 5 अगस्त को खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जीतने वावे एथलीटस को को सम्मानित किया। केंद्र सरकार ने खेल पुरस्कार पॉलिसी के तहत सभी

Gold Silver Price Hike | India Bullion Market Latest Update 2026

Gold Silver Price Hike | India Bullion Market Latest Update 2026

13 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने-चांदी की कीमत में आज यानी 6 अगस्त को बढ़त रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 2,735 रुपए बढ़कर 1.48 लाख रुपए पर पहुंच गया है। एक किलो चांदी की कीमत 931 रुपए बढ़कर 2.25 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस महीने यानी अगस्त में सिर्फ 6 दिन में ही सोना 5,501 और चांदी 7,198 रुपए महंगी हो चुकी है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत कैरेट भाव (रुपए/10 ग्राम) 24 ₹1,48,361 22 ₹1,35,899 18 ₹1,11,271 14 ₹86,791 देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत शहर 10 ग्राम 24 कैरेट दिल्ली ₹1,49,860 मुंबई ₹1,45,730 कोलकाता ₹1,45,730 जयपुर ₹1,49,860 भोपाल ₹1,49,760 पटना ₹1,49,760 लखनऊ ₹1,49,860 रायपुर ₹1,45,730 अहमदाबाद ₹1,49,760 सोर्स: goodreturns 6 अगस्त 2026 इस साल सोने में अब तक तेजी रही इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 15 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.48 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 5 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.25 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल तारीख सोना चांदी 31 दिसंबर 2025 ₹1,33,195 ₹2,30,420 31 जनवरी 2026 ₹1,65,795 ₹3,39,350 28 फरवरी 2026 ₹1,50,997 ₹2,66,700 31 मार्च 2026 ₹1,46,733 ₹2,30,135 30 अप्रैल 2026 ₹1,50,263 ₹2,40,331 31 मई 2026 ₹1,56,463 ₹2,63,350 30 जून 2026 ₹1,41,286 ₹2,25,425 31 जुलाई 2026 ₹1,42,860 ₹2,18,295 6 अगस्त 2026 ₹1,48,361 ₹2,25,493 नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA सोना इस साल 1.60 लाख तक जा सकता है कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। सोने-चांदी में ETF के जरिए कर सकते हैं निवेश एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सोने और चांदी के गिरते-चढ़ते भावों पर बेस्ड होते हैं। गोल्ड ETF या सिल्वर ETF की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि, इसमें आपको सोना या चांदी नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने-चांदी के भाव के बराबर पैसा मिल जाएगा। इसमें 500 रुपए से भी कम में निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। इसमें कैसे कर सकते हैं निवेश? ETF खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है। इसमें NSE पर उपलब्ध ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं। ट्रेडिंग खाते के जरिए ही ETF को बेचा जाता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Air India Appoints Tevolde Gebremariam As New CEO

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Hindi News Business Air India Appoints Tevolde Gebremariam As New CEO | Campbell Wilson Exit 6 मिनट पहले कॉपी लिंक एयर इंडिया ने टेवोल्डे गेब्रेमैरियम को अपना नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर यानी CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर यानी MD यानी नियुक्त किया है। यह फैसला पूर्व सीईओ कैंपबेल विल्सन के इस्तीफे और एयरलाइन के घाटे से उबरने की धीमी रफ्तार के बीच लिया गया है। कैंपबेल विल्सन ने जुलाई 2022 में एयर इंडिया की कमान संभाली थी। घाटे और कंपनी के सुधार में हो रही देरी के बीच उन्होंने अपने पद से 2024 में इस्तीफा दे दिया था, जिसे बोर्ड ने स्वीकार कर लिया था। विल्सन नए उत्तराधिकारी की नियुक्ति तक नोटिस पीरियड के दौरान अपने पद पर बने रहे। अफ्रीकी एविएशन इंडस्ट्री के बड़े चेहरों में गिने जाते हैं टेवोल्डे टेवोल्डे गेब्रेमैरियम एक इथियोपियन बिजनेस एग्जीक्यूटिव हैं और उन्हें अफ्रीका के सबसे सफल एविएशन लीडर्स में से एक माना जाता है। उन्होंने 2011 से 2022 तक इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप के ग्रुप चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में काम किया। टेवोल्डे गेब्रेमैरियम ने 2011 से 2022 तक इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप के ग्रुप चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में काम किया। 11 साल के कार्यकाल में 4 गुना किया एयरक्रॉफ्ट फ्लीट टेवोल्डे के 11 साल के कार्यकाल के दौरान इथियोपियन एयरलाइंस ने तेजी से विस्तार किया और अफ्रीका की सबसे बड़ी एयरलाइन बन गई: विमानों की संख्या बढ़ाना: एयरलाइन का बेड़ा 33 एयरक्राफ्ट से बढ़कर 130 एयरक्राफ्ट हो गया। यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी: कोविड-19 महामारी से पहले सालाना यात्रियों की संख्या 30 लाख से बढ़कर 1.2 करोड़ तक पहुंच गई। रेवेन्यू में बंपर उछाल: उनके नेतृत्व में एयरलाइन का सालाना रेवेन्यू लगभग 1 अरब डॉलर से बढ़कर 4.5 अरब डॉलर यानी लगभग ₹37,500 करोड़ हो गया। महामारी में बिना सरकारी मदद के एयरलाइन को फायदे में रखा कोविड-19 महामारी के दौरान जब दुनिया भर की विमानन कंपनियां दिवालिया होने की कगार पर थीं और सरकारी वित्तीय पैकेज पर निर्भर थीं, तब टेवोल्डे ने कार्गो यानी माल ढुलाई ऑपरेशन्स का तेजी से विस्तार किया। इसके दम पर उन्होंने इथियोपियन एयरलाइंस को बिना किसी सरकारी बेलआउट पैकेज के मुनाफे में बनाए रखा। मार्च 2022 में, लगभग एक साल से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझने के कारण उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अब वह एयर इंडिया की कमान संभालकर टाटा ग्रुप के एविएशन बिजनेस को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास करेंगे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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Hindi News Business Air India Appoints Tevolde Gebremariam As New CEO | Campbell Wilson Exit 38 मिनट पहले कॉपी लिंक एयर इंडिया ने टेवोल्डे गेब्रेमैरियम को अपना नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर यानी CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर यानी MD यानी नियुक्त किया है। यह फैसला पूर्व सीईओ कैंपबेल विल्सन के इस्तीफे और एयरलाइन के घाटे से उबरने की धीमी रफ्तार के बीच लिया गया है। कैंपबेल विल्सन ने जुलाई 2022 में एयर इंडिया की कमान संभाली थी। घाटे और कंपनी के सुधार में हो रही देरी के बीच उन्होंने अपने पद से 2024 में इस्तीफा दे दिया था, जिसे बोर्ड ने स्वीकार कर लिया था। विल्सन नए उत्तराधिकारी की नियुक्ति तक नोटिस पीरियड के दौरान अपने पद पर बने रहे। विल्सन नए उत्तराधिकारी की नियुक्ति तक नोटिस पीरियड के दौरान अपने पद पर बने रहे। अफ्रीकी एविएशन इंडस्ट्री के बड़े चेहरों में गिने जाते हैं टेवोल्डे टेवोल्डे गेब्रेमैरियम एक इथियोपियन बिजनेस एग्जीक्यूटिव हैं और उन्हें अफ्रीका के सबसे सफल एविएशन लीडर्स में से एक माना जाता है। उन्होंने 2011 से 2022 तक इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप के ग्रुप चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में काम किया। टेवोल्डे गेब्रेमैरियम ने 2011 से 2022 तक इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप के ग्रुप चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में काम किया। 11 साल के कार्यकाल में 4 गुना किया एयरक्रॉफ्ट फ्लीट टेवोल्डे के 11 साल के कार्यकाल के दौरान इथियोपियन एयरलाइंस ने तेजी से विस्तार किया और अफ्रीका की सबसे बड़ी एयरलाइन बन गई: विमानों की संख्या बढ़ाना: एयरलाइन का बेड़ा 33 एयरक्राफ्ट से बढ़कर 130 एयरक्राफ्ट हो गया। यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी: कोविड-19 महामारी से पहले सालाना यात्रियों की संख्या 30 लाख से बढ़कर 1.2 करोड़ तक पहुंच गई। रेवेन्यू में बंपर उछाल: उनके नेतृत्व में एयरलाइन का सालाना रेवेन्यू लगभग 1 अरब डॉलर से बढ़कर 4.5 अरब डॉलर यानी लगभग ₹37,500 करोड़ हो गया। महामारी में बिना सरकारी मदद के एयरलाइन को फायदे में रखा कोविड-19 महामारी के दौरान जब दुनिया भर की विमानन कंपनियां दिवालिया होने की कगार पर थीं और सरकारी वित्तीय पैकेज पर निर्भर थीं, तब टेवोल्डे ने कार्गो यानी माल ढुलाई ऑपरेशन्स का तेजी से विस्तार किया। इसके दम पर उन्होंने इथियोपियन एयरलाइंस को बिना किसी सरकारी बेलआउट पैकेज के मुनाफे में बनाए रखा। मार्च 2022 में, लगभग एक साल से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझने के कारण उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अब वह एयर इंडिया की कमान संभालकर टाटा ग्रुप के एविएशन बिजनेस को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास करेंगे। चेयरमैन एन चंद्रशेखरन बोले- एयरलाइन अहम दौर में प्रवेश कर रही टाटा संस और एयर इंडिया के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि कैंपबेल के मार्गदर्शन में एयरलाइन ने शुरुआती दौर की स्थिरता, एकीकरण और नए विमानों फ्लीट के सौदों को पूरा करने का काम संभाल लिया है। अब एयरलाइन एक बेहद अहम दौर में प्रवेश कर रही है, जहां योजनाओं को जमीन पर उतारने और विस्तार करने पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा आगे कहा कि बोर्ड की तरफ से, मुझे एयर इंडिया में टेवोल्डे का स्वागत करते हुए बेहद खुशी हो रही है। कैंपबेल के मार्गदर्शन में स्थिरता, एकीकरण और नए विमानों की प्रतिबद्धताओं का पहला चरण पूरा करने के बाद, एयर इंडिया अब काम को तेजी से लागू करने और विस्तार के एक बेहद महत्वपूर्ण दौर में कदम रख रही है। टाटा संस और एयर इंडिया के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि एयर इंडिया अब काम को तेजी से लागू करने और विस्तार के एक बेहद महत्वपूर्ण दौर में कदम रख रही है। एअर इंडिया के लिए आगे क्या चुनौतियां हैं? नए CEO के सामने सबसे बड़ी चुनौती पुरानी पड़ चुकी फ्लीट यानी पुराने विमानों को सुधारना और एयरलाइन के वर्क कल्चर को टाटा के मानकों के अनुरूप ढालना होगा। एअर इंडिया फिलहाल इंडिगो के साथ मार्केट शेयर की जंग लड़ रही है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय रूट पर एमिरेट्स और कतर एयरवेज जैसे बड़े खिलाड़ियों से मुकाबला करने के लिए सर्विस क्वालिटी में सुधार की जरूरत है। 2026 में एअर इंडिया को करीब 20,000 करोड़ नुकसान की आशंका भारत की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी एअर इंडिया इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में एयरलाइन को लगभग ₹20,000 करोड़ तक का नुकसान हो सकता है। नुकसान का सबसे बड़ा कारण वेस्ट में जारी तनाव है। वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के कारण एयरस्पेस प्रतिबंध लगे हैं, जिससे एयरलाइन को फ्लाइट्स के रूट बदलने और अतिरिक्त फ्यूल स्टॉप लेने पड़ रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर लॉन्ग-हॉल इंटरनेशनल रूट्स पर पड़ा है और ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ गई है। इसके साथ ही, नए विमानों की डिलीवरी में देरी से एयरलाइन की क्षमता बढ़ाने की योजना प्रभावित हो रही है, जिससे ऑपरेशंस पर दबाव बढ़ा है। इसके अलावा एअर इंडिया अभी भी पिछले साल हुए प्लेन क्रैश के असर से जूझ रही है। अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 टेक-ऑफ के तुरंत बाद क्रैश हो गई थी, जिसमें 260 लोगों की मौत हुई थी। इस घटना का असर अब भी एयरलाइन की पब्लिक इमेज और ऑपरेशनल माहौल पर दिख रहा है। इन चुनौतियों के बीच कंपनी रीस्ट्रक्चरिंग और विस्तार योजनाओं पर काम जारी रखे हुए है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

RBI Plastic Notes Launch | India Currency Update Sanjay Malhotra Statement

RBI Plastic Notes Launch | India Currency Update Sanjay Malhotra Statement

Hindi News Business RBI Plastic Notes Launch | India Currency Update Sanjay Malhotra Statement 57 मिनट पहले कॉपी लिंक RBI अगले वित्तीय वर्ष यानी 2027-28 की शुरुआत से देश में लंबे समय तक चलने वाले पॉलिमर यानी प्लास्टिक के नोट लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी, यानी MPC की तीन दिन चली बैठक के बाद गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आज 5 अगस्त को बताया कि शुरुआत में पॉलिमर नोट छोटे मूल्य यानी कम वैल्यू के करेंसी नोट जारी किए जाएंगे। इनका मार्केट में सर्कुलेशन और इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है। 30 साल तक चलते है पॉलिमर नोट प्रेस ब्रीफिंग के दौरान गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि दुनिया के कई देशों जैसे ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में पॉलिमर करेंसी नोट 30 साल से भी अधिक समय तक सफलतापूर्वक उपयोग में रहे हैं। भारत में कागजी नोट, विशेषकर ₹10, ₹20 और ₹50 के छोटे नोट, बहुत जल्द गंदे हो जाते हैं या फटने लगते हैं। पॉलिमर नोट आने से नोटों की उम्र बढ़ेगी, पानी या नमी से ये खराब नहीं होंगे और बार-बार नए नोट छापने का सरकारी खर्च भी कम होगा। सवाल-जवाब में जानें इस खबर से जुड़ी जरूरी बातें… सवाल 1: पॉलीमर नोट क्या होते हैं और सरकार इन्हें क्यों ला रही? जवाब: पॉलीमर बैंकनोट्स कागज के बजाय एक खास किस्म के प्लास्टिक मटेरियल यानी पॉलीमर सबस्ट्रेट पर छापे जाते हैं। ये छूने में तो सामान्य नोटों जैसे ही हल्के होते हैं, लेकिन पानी में भीगने पर भी नहीं गलते और लंबे समय तक चलते हैं। इन्हें लाने की मुख्य वजहें- लंबी उम्र: ये नोट पानी, धूल और गंदगी से खराब नहीं होते और आसानी से फटते भी नहीं हैं। नकली नोटों पर लगाम: पॉलीमर शीट पर एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स आसानी से जोड़े जा सकते हैं, जिससे नकली नोट बनाना लगभग नामुमकिन हो जाएगा। छपाई खर्च में बचत: कागजी नोट जल्दी खराब होते हैं, जिससे छपाई का खर्च बढ़ता है। FY25 में आरबीआई ने कागजी नोटों की छपाई पर ₹6,372.8 करोड़ खर्च किए थे। पॉलीमर नोट लंबे चलेंगे, जिससे बार-बार छापने का खर्च घटेगा। सवाल 2: क्या पुरानेकागजी नोट बंद हो जाएंगे? जवाब: बिल्कुल नहीं। सरकार और आरबीआई ने पूरी तरह साफ किया है कि पॉलीमर नोट आने से पुराने कागजी नोट चलन से बाहर नहीं होंगे। को-एग्जिस्टेंस: बाजार में पॉलीमर और पेपर दोनों ही तरह के नोट एक साथ चलते रहेंगे। फेज में बदलाव: यह बदलाव धीरे-धीरे और फेज मैनर यानी अलग-अलग चरण में किया जाएगा। सर्कुलेशन जारी रहेगा: जब तक नए नोट पूरी तरह स्थापित नहीं होते, तब तक कागजी नोट सर्कुलेशन में बने रहेंगे। सवाल 3: पॉलीमर नोट का प्रस्ताव कब आया था? जवाब: भारत ने 2012 में पहली बार नोटों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए पॉलीमर नोट लाने का प्रयास किया था, लेकिन तकनीकी वजहों से प्रोजेक्ट रुक गया था। मई-जून : मीडिया रिपोर्ट्स और आरबीआई की रिपोर्ट में शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए पॉलीमर नोटों पर विचार की बात आई। जून में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने पुष्टि की कि पॉलीमर नोटों का प्रस्ताव विचाराधीन है और इसके नफा-नुकसान का वैल्यूएशन किया जा रहा है। सवाल 4: दुनिया के किन देशों में प्लास्टिक नोट चलते हैं? दुनिया के 60 से ज्यादा देशों में पॉलीमर बैंकनोट्स चलन में शामिल किए जा चुके हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम (यूके) और न्यूजीलैंड जैसे देश शामिल हैं। सवाल 5: भारत में कब-कब नोट बदले गए? आजादी से लेकर अब तक भारत में बड़े पैमाने पर 3 बार नोटबंदी या बड़े मूल्य के नोटों को बंद करने का फैसला लिया गया है… 1. पहली बार – जनवरी 1946 (ब्रिटिश काल/आजादी से ठीक पहले): क्या हुआ: तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने ₹500, ₹1000 और ₹10,000 के बड़े नोटों को बंद कर दिया था। मकसद: काले धन और युद्ध के दौरान हुई अवैध कमाई को बाहर निकालना। बाद में: 1954 में सरकार ने ₹1,000, ₹5,000 और ₹10,000 के नोट फिर से शुरू किए थे। 2. दूसरी बार – जनवरी 1978 (मोरारजी देसाई सरकार): क्या हुआ: जनता पार्टी की सरकार ने ₹1,000, ₹5,000 और ₹10,000 के बड़े नोटों को बंद कर दिया। मकसद: चुनाव में होने वाले काले धन के इस्तेमाल और भ्रष्टाचार को रोकना। 3. तीसरी बार – 8 नवंबर 2016 (नरेंद्र मोदी सरकार): क्या हुआ: रात 8 बजे प्रधानमंत्री मोदी ने देश में चल रहे ₹500 और ₹1,000 के नोटों को रातों-रात अमान्य घोषित कर दिया। बदलाव: इनकी जगह ₹500 का नया नोट और पहली बार ₹2,000 का नया नोट जारी किया गया। ₹2000 के नोट की वापसी (मई 2023): 19 मई 2023 को RBI ने ‘क्लीन नोट पॉलिसी’ के तहत ₹2,000 के नोट को चलन (सर्कुलेशन) से वापस लेने का ऐलान किया। हालांकि इसे नोटबंदी नहीं कहा गया क्योंकि इसे बैंक में जमा करने या बदलने का समय दिया गया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

शेख हसीना 2 साल बाद आज नजर आएंगी:दिल्ली में भाषण, भारत का रोक लगाने से इनकार, बांग्लादेश बोला- पड़ोसी से रिश्ते बिगाड़ना नहीं चाहते

शेख हसीना 2 साल बाद आज नजर आएंगी:दिल्ली में भाषण, भारत का रोक लगाने से इनकार, बांग्लादेश बोला- पड़ोसी से रिश्ते बिगाड़ना नहीं चाहते

बांग्लादेश ने कहा है कि वह भारत के साथ अपने रिश्ते खराब नहीं करना चाहता और दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध बनाए रखना चाहता है। दरअअसल, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ऐलान किया है कि वे 5 अगस्त को एक कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करेंगी। हसीना के देश छोड़ने के बाद 2 साल में यह पहली बार शेख हसीना किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में वर्चुअल भाषण देतीं नजर आएंगी। बांग्लादेश ने इस पर रोक लगाने की मांग की थी लेकिन भारत ने मंगलवार को इससे इनकार कर दिया था। भारत ने कहा- इसके बाद बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद ने को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं। हम नहीं चाहते कि हमारे रिश्ते खराब हों या उन पर कोई असर पड़े। उम्मीद है कि भारत भी इसे समझेगा।” बांग्लादेश लौटने का ऐलान कर चुकी हैं शेख हसीना शेख हसीना का कार्यक्रम में दिल्ली में सर मार्क टली ऑडिटोरियम में होगा। इसका आयोजन फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब कर रहा है। फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया (FCCSA) नई दिल्ली स्थित पत्रकारों का संगठन है। इसकी स्थापना 1958 में हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कार्यक्रम शाम 6 बजे से 7:30 बजे तक चलेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हसीना इस कार्यक्रम में बांग्लादेश लौटने की तारीख का ऐलान कर सकती हैं। उन्होंने पिछले महीने कहा था कि वे दिसंबर में अपने देश लौटेंगी। इस दौरान उनकी हत्या भी हो जाए तो उन्हें मंजूर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हसीना अपने भाषण में देश के लिए अपना विजन भी पेश कर सकती हैं। उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय भी कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इसके अलावा अवामी लीग के कई सीनियर नेता भी इसमें हिस्सा लेंगे। शेख हसीना ने 5 अगस्त का दिन ही क्यों चुना 5 अगस्त 2024 को ही छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना को बांग्लादेश छोड़ना पड़ा था। प्रदर्शनकारी उनके सरकारी आवास तक पहुंच गए थे। इसके बाद वह इस्तीफा देकर सेना के विमान से भारत आ गई थीं। यानी जिस दिन उन्हें सत्ता छोड़नी पड़ी थी, उसी दिन वह दो साल बाद फिर लोगों के सामने आ रही हैं। माना जा रहा है कि वह इसी दिन अपनी राजनीतिक वापसी का मैसेज देना चाहती हैं। हसीना के भाषण को लेकर बांग्लादेश में क्या चर्चा है? बांग्लादेश सरकार ने इस भाषण के प्रसारित होने पर हर तरह से पाबंदी लगा दी है। प्रिंट, टीवी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को चेतावनी दी गई कि शेख हसीना का भारत से होने वाला भाषण प्रसारित या प्रकाशित नहीं किया जाए क्योंकि अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) के आदेश के तहत इस बयान के प्रसारण पर रोक है। इस पाबंदी के बाद से ही सबसे ज्यादा चर्चा में ये है कि क्या हसीना वापस या सकती हैं या नहीं? हालांकि, बांग्लादेशी मीडिया में इस बात पर चर्चा चल रही है कि हसीना की वापसी से भारत और बांग्लादेश के रिश्तों पर क्या असर होने वाला है। बांग्लादेश के बड़े अखबार प्रोथोम आलो लिखता है, ‘भारत को बांग्लादेश से अपने द्विपक्षीय रिश्तों को लेकर गंभीर नजर आना चाहिए। इस तरह की राजनीतिक गतिविधि से रिश्तों पर खराब असर हो सकता है।’ द डेली स्टार का संपादकीय भी इसी लाइन पर है कि भारत की धरती से इस तरह की राजनीतिक गतिविधियां हाल ही में सुधरते रिश्तों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इस अखबार ने बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के विरोध को भी जायज ठहराया है। उधर, बंगाली अखबार जुगांतर ने हसीना के वापस आने को लेकर विपक्षी पार्टियों के रुख को ज्यादा प्रमुखता से छापा है। सोशल मीडिया पर क्या चल रहा: बांग्लादेशी फेसबुक, यूट्यूब और एक्स (X) पर इन हैश टैग के जरिए चर्चा हो रही है- #SheikhHasina #AwamiLeague #August5 #JulyUprising #IndiaBangladesh न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश की मीडिया और सोशल मीडिया में हसीना के भाषण को लेकर तीन तरह के नैरेटिव बने हुए हैं: 1. सरकार: हसीना ‘फरार अपराधी’ हैं, उन्हें कोई राजनीतिक मंच नहीं मिलना चाहिए। 2. छात्र आंदोलन से जुड़ी पार्टियां: हसीना की वापसी नहीं होनी चाहिए। हसीना लौट कर अदालत का सामना करें। 3. अवामी लीग समर्थक: हसीना ही राजनीतिक स्थिरता का विकल्प हैं और उनके बिना चुनाव निष्पक्ष नहीं होंगे।