Lalit Modi India Return | IPL FEMA Case ED Penalty Quashed Statement

8 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL के संस्थापक ललित मोदी 16 साल बाद भारत लौटने की तैयारी में हैं। एक अपीलीय ट्रिब्यूनल ने 16 जुलाई को IPL 2009 के दक्षिण अफ्रीका आयोजन से जुड़े FEMA मामले में फैसला सुनाया था। इसमें मोदी को राहत देते हुए ED के लगाए गए जुर्माने को रद्द कर दिया था। फैसले के बाद ललित मोदी ने कहा कि अब उनकी भारत वापसी का रास्ता साफ हो गया है और वह इस साल के आखिर या अगले साल की शुरुआत में भारत लौट सकते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी अक्टूबर में बच्चे को जन्म देने वाली है, जिसके बाद वह भारत आने की योजना बना रहे हैं। भारत से दक्षिण अफ्रीका पैसे भेजने का मामला था यह मामला 2009 में IPL को भारत से दक्षिण अफ्रीका ले जाने से जुड़ा है। उस समय लोकसभा चुनाव के कारण सुरक्षा कारणों से टूर्नामेंट भारत से दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट किया गया था। इसके आयोजन के लिए BCCI ने दक्षिण अफ्रीका में करीब 243.45 करोड़ रुपए भेजे थे। बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आरोप लगाया कि यह रकम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की पूर्व मंजूरी के बिना विदेश भेजी गई, जिससे विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) का उल्लंघन हुआ। ED ने 2011 में नोटिस जारी किया और 2018 में ललित मोदी समेत BCCI के कुछ पूर्व अधिकारियों पर जुर्माना लगाया था। ट्रिब्यूनल बोली- ललित व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार नहीं अपीलीय ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में कहा कि दक्षिण अफ्रीका भेजी गई रकम ‘करंट अकाउंट ट्रांजैक्शन’ थी, न कि ‘कैपिटल अकाउंट ट्रांजैक्शन’। इसलिए इसके लिए RBI की पहले से मंजूरी लेना जरूरी नहीं था। ट्रिब्यूनल ने यह भी माना कि ललित मोदी BCCI की ओर से FEMA नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं थे। इसके आधार पर ट्रिब्यूनल ने ED के ज्यादातर निष्कर्ष और ललित मोदी पर लगाया गया जुर्माना रद्द कर दिया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
चीन बोला- भारत ने हमारे 12 नाविकों को बचाया:ये एहसान कभी नहीं भूलेंगे; 1 साल पहले केरल के पास जहाज में आग लगी थी

भारत में चीन के नए मिलिट्री डिप्लोमैट यू जियान ने भारतीय सेना का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि भारत ने केरल तट के पास आग लगने वाले मालवाहक जहाज से 12 चीनी नागरिकों को बचाया था। चीन यह एहसान कभी नहीं भूलेगा। यू जियान ने यह बात मंगलवार को नई दिल्ली में चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की स्थापना की 99वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के नेताओं की कोशिशों से भारत-चीन संबंध फिर से सुधार की राह पर लौटे हैं। दरअसल, 9 जून 2025 को सिंगापुर के झंडे वाला कंटेनर जहाज एमवी वान हाई 503 केरल के अझिक्कल तट से करीब 44 समुद्री मील दूर आग लगने के बाद विस्फोट का शिकार हो गया था। यह जहाज कोलंबो से न्हावा शेवा जा रहा था और उस पर 22 चालक दल के सदस्य सवार थे। जहाज में आग लगने और बचाव से जुड़ी 5 तस्वीरें कोलंबो से मुंबई जा रहा था जहाज जहाज श्रीलंका की राजधानी कोलंबो से मुंबई जा रहा था। रास्ते में जहाज के एक कंटेनर में विस्फोट हुआ, जिसके बाद उसमें आग लग गई। जहाज पर कुल 22 क्रू मेंबर्स सवार थे। भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए 18 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था। बचाए गए लोगों में से 5 लोग घायल हुए थे, जिनमें 2 गंभीर रूप से झुलसे थे। 4 लोग लापता हो गए थे, जिन्हें मृत मान लिया गया। जहाज पर चीन और ताइवान के कुल 14 लोग सवार थे। इनमें 8 चीन के और 6 ताइवान के थे। बचाव कार्य के लिए कोस्ट गार्ड के 5 जहाज, 2 विमान और 1 हेलिकॉप्टर तैनात किए गए थे।
China Thanks India for Rescuing Sailors Near Kerala Coast

नई दिल्ली13 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत में चीन के नए मिलिट्री डिप्लोमैट यू जियान ने भारतीय सेना का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि भारत ने केरल तट के पास आग लगने वाले मालवाहक जहाज से 12 चीनी नागरिकों को बचाया था। चीन यह एहसान कभी नहीं भूलेगा। यू जियान ने यह बात मंगलवार को नई दिल्ली में चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की स्थापना की 99वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के नेताओं की कोशिशों से भारत-चीन संबंध फिर से सुधार की राह पर लौटे हैं। दरअसल, 9 जून 2025 को सिंगापुर के झंडे वाला कंटेनर जहाज एमवी वान हाई 503 केरल के अझिक्कल तट से करीब 44 समुद्री मील दूर आग लगने के बाद विस्फोट का शिकार हो गया था। यह जहाज कोलंबो से न्हावा शेवा जा रहा था और उस पर 22 चालक दल के सदस्य सवार थे। जहाज में आग लगने और बचाव से जुड़ी 5 तस्वीरें केरल के अझिक्कल तट से करीब 44 नॉटिकल मील दूर सिंगापुर के झंडे वाले कंटेनर शिप एमवी वैन हई 503 में विस्फोट के बाद आग लग गई थी। एमवी वान हाई 503 जहाज में 2,128 टन ईंधन और सैकड़ों कंटेनर लदे थे। जहाज के कुछ कंटेनरों में खतरनाक रसायन और अन्य जोखिम वाला सामान भी था। भारतीय कोस्ट गार्ड ने जहाज को रस्सी से बांधकर तट से दूर खींचा। इंडियन कोस्टगार्ड ने जहाज पर लगी आग पर काबू पाने और लापता लोगों की खोच के लिए बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया था। बचाव कार्य के दौरान हेलिकॉप्टर से लोगों का रेस्क्यू किया गया था। कोलंबो से मुंबई जा रहा था जहाज जहाज श्रीलंका की राजधानी कोलंबो से मुंबई जा रहा था। रास्ते में जहाज के एक कंटेनर में विस्फोट हुआ, जिसके बाद उसमें आग लग गई। जहाज पर कुल 22 क्रू मेंबर्स सवार थे। भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए 18 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था। बचाए गए लोगों में से 5 लोग घायल हुए थे, जिनमें 2 गंभीर रूप से झुलसे थे। 4 लोग लापता हो गए थे, जिन्हें मृत मान लिया गया। जहाज पर चीन और ताइवान के कुल 14 लोग सवार थे। इनमें 8 चीन के और 6 ताइवान के थे। बचाव कार्य के लिए कोस्ट गार्ड के 5 जहाज, 2 विमान और 1 हेलिकॉप्टर तैनात किए गए थे। चीन ने भारतीय कोस्ट गार्ड को शुक्रिया कहा था उस समय भारत की मदद के लिए चीन के दूतावास ने भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल का धन्यवाद किया था। सिंगापुर के उच्चायुक्त ने भी भारत की तारीफ की थी। बचाव अभियान के बाद भी भारतीय एजेंसियों ने कई दिनों तक जहाज में लगी आग बुझाने और उसे सुरक्षित स्थान तक ले जाने का अभियान चलाया। 13 जून को भारतीय नौसेना ने हेलिकॉप्टर से बचाव दल को जहाज पर उतारा था। तटरक्षक बल, नौसेना और वायुसेना ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि जहाज बहकर केरल तट तक न पहुंचे। 2020 के बाद बिगड़े थे भारत-चीन के रिश्ते भारत और चीन के रिश्तों में 2020 में उस समय बड़ी खटास आ गई, जब पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच तनाव बढ़ गया। उसी साल जून में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय और 4 चीनी सैनिकों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद भारत ने साफ कहा था कि जब तक सीमा पर शांति और स्थिरता बहाल नहीं होगी, तब तक दोनों देशों के संबंध सामान्य नहीं हो सकते। अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं रिश्ते करीब चार साल तक जारी तनाव के बाद अक्टूबर 2024 में दोनों देशों के बीच देपसांग और डेमचोक में गश्त को लेकर समझौता हुआ। इसके बाद दोनों देशों की सेनाओं ने पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी की। इसी के बाद रूस के कजान में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच औपचारिक द्विपक्षीय बैठक हुई। इसके बाद अगस्त 2025 में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) में दोनों नेताओं की फिर मुलाकात हुई। यह प्रधानमंत्री मोदी की सात साल बाद चीन की पहली यात्रा थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच पांच साल से बंद सीधी उड़ानें दोबारा शुरू हुईं। साथ ही कैलाश मानसरोवर यात्रा भी फिर से बहाल कर दी गई। —————————– चीन से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… चीन में डिलीवरी बॉय को सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मान मिला:ग्राहक की फटकार के बाद लेखक बने, खाना पहुंचाते हुए कई कविताएं लिखीं चीन में फूड डिलीवरी का काम करने वाले 56 वर्षीय वांग जिबिंग को देश के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मानों में से एक लू शुन साहित्य पुरस्कार मिला है। वे खाना पहुंचाने के बीच मिले खाली समय में कागज के छोटे-छोटे टुकड़ों पर कविताएं लिखते थे। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Indigo Market Share Surge | Air India Capacity Cut & Record Engine Deal

नई दिल्ली9 मिनट पहले कॉपी लिंक देश के एविएशन सेक्टर में इंडिगो की हिस्सेदारी और मजबूत हो गई है। जून महीने में इंडिगो ने 66.3% का अब तक का अपना सबसे बड़ा मार्केट शेयर हासिल किया है। DGCA के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, यह तेजी ऐसे समय आई है जब प्रतिस्पर्धी एयरलाइन एअर इंडिया ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों रूटों पर अपनी क्षमता में कटौती की है। मार्केट में अपनी बढ़त को बनाए रखने के लिए इंडिगो ने एयरबस फ्लीट के लिए 1,000 से ज्यादा सीएफएम लीप इंजनों की खरीद के लिए एक ऐतिहासिक समझौता (MoU) भी किया है। जून में 89.2 लाख यात्रियों ने इंडिगो से यात्रा की जून के आंकड़ों के अनुसार, इंडिगो ने 89.2 लाख यात्रियों को उनके डेस्टिनेशन तक पहुंचाया। इससे पहले मई में इंडिगो से 99 लाख और अप्रैल में 89.7 लाख यात्रियों ने सफर किया था। इंडिगो अपनी मजबूत फ्लीट और नेटवर्क के दम पर लगातार नंबर वन पर बनी हुई है। एअर इंडिया 32 लाख यात्रियों के साथ इस साल के सबसे निचले स्तर पर टाटा ग्रुप द्वारा संचालित एअर इंडिया का प्रदर्शन जून में कमजोर रहा। एअर इंडिया ने जून में 32 लाख पैसेंजर्स को सर्विसेज दीं, जो इस साल का इसका सबसे कम आंकड़ा है। इससे पहले जनवरी में एअर इंडिया ने इस साल का अपना उच्चतम स्तर 40 लाख पैसेंजर्स का छुआ था। एअर इंडिया को वित्त वर्ष 2025 में ₹26,000 करोड़ से ज्यादा का घाटा एअर इंडिया ने वित्त वर्ष 2024-25 में ₹26,000 करोड़ से ज्यादा का रेवेन्यू लॉस दर्ज किया। भारी नुकसान के बाद एयरलाइन ने अगस्त के अंत तक अपने ऑपरेशन्स को छोटा करने और नेटवर्क राशनलाइजेशन का फैसला लिया है। एअर इंडिया के चीफ कॉमर्शियल एंड ट्रांसफॉर्मेशन ऑफिसर निपुण अग्रवाल ने कहा कि एयरलाइन सितंबर से अपनी सस्पेंड की गई डोमेस्टिक और इंटरनेशनल कैपेसिटी को फिर से शुरू करने का प्लान बना रही है। हालांकि, विमानों की उपलब्धता में कमी (एयरक्राफ्ट अवेलेबिलिटी इश्यूज) के कारण शिकागो और वॉशिंगटन के लिए उड़ानों का संचालन फिलहाल स्थगित ही रहने की उम्मीद है। अकासा एयर का भी रिकॉर्ड प्रदर्शन, मार्केट शेयर 6.4% पर पहुंचा अकासा एयर ने भी जून में अपना अब तक का सबसे बेहतरीन 6.4% मार्केट शेयर दर्ज किया है। यह एयरलाइन सबसे तेजी से आगे बढ़ रही है। पश्चिम एशिया संघर्ष से पैदा हुई चुनौतियों के बावजूद कंपनी अपने ऑपरेशन्स के लिए ₹10,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। अकासा एयर ने जून में देश में सबसे ज्यादा 92.2% का पैसेंजर लोड फैक्टर (सीट ऑक्यूपेंसी) दर्ज किया। मिडिल ईस्ट तनाव का एविएशन सेक्टर पर असर भू-राजनीतिक तनाव और मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण भारतीय एयरलाइंस को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मार्च और अप्रैल में मिडिल ईस्ट रूट की उड़ानों में भारी कटौती करनी पड़ी थी। भारतीय एयरलाइंस के कुल रेवेन्यू में खाड़ी देशों का बड़ा हिस्सा है। एयर इंडिया एक्सप्रेस और स्पाइसजेट की 90% से ज्यादा इंटरनेशनल कैपेसिटी गल्फ रीजन में ही तैनात रहती है। इंडिगो ने 510 एयरबस विमानों के लिए 1,000+ लीप इंजन ऑर्डर किए ग्लोबल एयरलाइन बनने की राह पर अग्रसर इंडिगो ने CFM इंटरनेशनल के साथ 510 एयरबस A320neo फैमिली एयरक्राफ्ट को पावर देने के लिए 1,000 से ज्यादा LEAP-1A इंजनों की खरीद के लिए एक MoU साइन किया है। रिकॉर्ड डील: यह सीएफएम इंटरनेशनल के इतिहास में किसी एक एयरलाइन द्वारा LEAP इंजनों के लिए दिया गया अब तक का सबसे बड़ा सिंगल ऑर्डर है। MRO फैसिलिटी में मदद: इस समझौते के तहत CFM इंडिगो की आगामी इंजन मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल (MRO) फैसिलिटी स्थापित करने में भी मदद करेगा। स्पेयर पार्ट्स: इसके अलावा एक लॉन्ग-टर्म मटेरियल सर्विसेज एग्रीमेंट भी शामिल है जो स्पेयर पार्ट्स की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करेगा। 10 साल से मजबूत है इंडिगो और CFM की साझेदारी इंडिगो और CFM इंटरनेशनल के बीच सहयोग का इतिहास एक दशक पुराना है। 2016: इंडिगो ने अपने एयरबस A320ceo फ्लीट के लिए CFM56-5B इंजनों का इस्तेमाल शुरू किया। 2019: साझेदारी को विस्तार देते हुए A320neo और A321neo फ्लीट के लिए LEAP-1A इंजनों को चुना गया। दुनिया भर में अब तक 10,000 से अधिक LEAP इंजनों की डिलीवरी की जा चुकी है। भारत CFM का तीसरा सबसे बड़ा मार्केट है। यहां 5 भारतीय एयरलाइंस 400 से ज्यादा लीप-पावर्ड विमानों का संचालन कर रही हैं और लगभग 2,000 इंजनों के ऑर्डर पाइपलाइन में हैं। क्या होता है MRO फैसिलिटी और LEAP इंजन? MRO: यह एविएशन सेक्टर का वह इंफ्रास्ट्रक्चर है, जहां हवाई जहाजों के पार्ट्स, इंजनों और पूरे ढांचे की नियमित जांच, मरम्मत और ओवरहालिंग की जाती है। भारत में MRO बनने से एयरलाइंस को मरम्मत के लिए विमानों को विदेश भेजने की जरूरत नहीं पड़ती और भारी लागत बचती है। लीप इंजन: यह ‘लीडिंग एज एविएशन प्रोपेल्शन’ का छोटा रूप है। इसे CFM इंटरनेशनल (GE और सफरान का संयुक्त उद्यम) द्वारा बनाया जाता है। यह इंजन आधुनिक कमर्शियल विमानों में ईंधन की खपत को 15-20% तक घटाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए जाना जाता है। ये खबर भी पढ़ें… अडाणी एनर्जी का मुनाफा 124% बढ़कर ₹1,149 करोड़: पहली तिमाही में रेवेन्यू 42% चढ़ा; कंपनी का शेयर 1,737 रुपए पर पहुंचा अडाणी ग्रुप की कंपनी अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दोगुना से ज्यादा यानी 124% बढ़कर 1,149 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Indigo Market Share Surge | Air India Capacity Cut & Record Engine Deal

नई दिल्ली2 मिनट पहले कॉपी लिंक देश के एविएशन सेक्टर में इंडिगो की हिस्सेदारी और मजबूत हो गई है। जून महीने में इंडिगो ने 66.3% का अब तक का अपना सबसे बड़ा मार्केट शेयर हासिल किया है। DGCA के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, यह तेजी ऐसे समय आई है जब प्रतिस्पर्धी एयरलाइन एअर इंडिया ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों रूटों पर अपनी क्षमता में कटौती की है। मार्केट में अपनी बढ़त को बनाए रखने के लिए इंडिगो ने एयरबस फ्लीट के लिए 1,000 से ज्यादा सीएफएम लीप इंजनों की खरीद के लिए एक ऐतिहासिक समझौता (MoU) भी किया है। जून में 89.2 लाख यात्रियों ने इंडिगो से यात्रा की जून के आंकड़ों के अनुसार, इंडिगो ने 89.2 लाख यात्रियों को उनके डेस्टिनेशन तक पहुंचाया। इससे पहले मई में इंडिगो से 99 लाख और अप्रैल में 89.7 लाख यात्रियों ने सफर किया था। इंडिगो अपनी मजबूत फ्लीट और नेटवर्क के दम पर लगातार नंबर वन पर बनी हुई है। एअर इंडिया 32 लाख यात्रियों के साथ इस साल के सबसे निचले स्तर पर टाटा ग्रुप द्वारा संचालित एअर इंडिया का प्रदर्शन जून में कमजोर रहा। एअर इंडिया ने जून में 32 लाख पैसेंजर्स को सर्विसेज दीं, जो इस साल का इसका सबसे कम आंकड़ा है। इससे पहले जनवरी में एअर इंडिया ने इस साल का अपना उच्चतम स्तर 40 लाख पैसेंजर्स का छुआ था। एअर इंडिया को वित्त वर्ष 2025 में ₹26,000 करोड़ से ज्यादा का घाटा एअर इंडिया ने वित्त वर्ष 2024-25 में ₹26,000 करोड़ से ज्यादा का रेवेन्यू लॉस दर्ज किया। भारी नुकसान के बाद एयरलाइन ने अगस्त के अंत तक अपने ऑपरेशन्स को छोटा करने और नेटवर्क राशनलाइजेशन का फैसला लिया है। एअर इंडिया के चीफ कॉमर्शियल एंड ट्रांसफॉर्मेशन ऑफिसर निपुण अग्रवाल ने कहा कि एयरलाइन सितंबर से अपनी सस्पेंड की गई डोमेस्टिक और इंटरनेशनल कैपेसिटी को फिर से शुरू करने का प्लान बना रही है। हालांकि, विमानों की उपलब्धता में कमी (एयरक्राफ्ट अवेलेबिलिटी इश्यूज) के कारण शिकागो और वॉशिंगटन के लिए उड़ानों का संचालन फिलहाल स्थगित ही रहने की उम्मीद है। अकासा एयर का भी रिकॉर्ड प्रदर्शन, मार्केट शेयर 6.4% पर पहुंचा अकासा एयर ने भी जून में अपना अब तक का सबसे बेहतरीन 6.4% मार्केट शेयर दर्ज किया है। यह एयरलाइन सबसे तेजी से आगे बढ़ रही है। पश्चिम एशिया संघर्ष से पैदा हुई चुनौतियों के बावजूद कंपनी अपने ऑपरेशन्स के लिए ₹10,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। अकासा एयर ने जून में देश में सबसे ज्यादा 92.2% का पैसेंजर लोड फैक्टर (सीट ऑक्यूपेंसी) दर्ज किया। मिडिल ईस्ट तनाव का एविएशन सेक्टर पर असर भू-राजनीतिक तनाव और मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण भारतीय एयरलाइंस को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मार्च और अप्रैल में मिडिल ईस्ट रूट की उड़ानों में भारी कटौती करनी पड़ी थी। भारतीय एयरलाइंस के कुल रेवेन्यू में खाड़ी देशों का बड़ा हिस्सा है। एयर इंडिया एक्सप्रेस और स्पाइसजेट की 90% से ज्यादा इंटरनेशनल कैपेसिटी गल्फ रीजन में ही तैनात रहती है। इंडिगो ने 510 एयरबस विमानों के लिए 1,000+ लीप इंजन ऑर्डर किए ग्लोबल एयरलाइन बनने की राह पर अग्रसर इंडिगो ने CFM इंटरनेशनल के साथ 510 एयरबस A320neo फैमिली एयरक्राफ्ट को पावर देने के लिए 1,000 से ज्यादा LEAP-1A इंजनों की खरीद के लिए एक MoU साइन किया है। रिकॉर्ड डील: यह सीएफएम इंटरनेशनल के इतिहास में किसी एक एयरलाइन द्वारा LEAP इंजनों के लिए दिया गया अब तक का सबसे बड़ा सिंगल ऑर्डर है। MRO फैसिलिटी में मदद: इस समझौते के तहत CFM इंडिगो की आगामी इंजन मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल (MRO) फैसिलिटी स्थापित करने में भी मदद करेगा। स्पेयर पार्ट्स: इसके अलावा एक लॉन्ग-टर्म मटेरियल सर्विसेज एग्रीमेंट भी शामिल है जो स्पेयर पार्ट्स की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करेगा। 10 साल से मजबूत है इंडिगो और CFM की साझेदारी इंडिगो और CFM इंटरनेशनल के बीच सहयोग का इतिहास एक दशक पुराना है। 2016: इंडिगो ने अपने एयरबस A320ceo फ्लीट के लिए CFM56-5B इंजनों का इस्तेमाल शुरू किया। 2019: साझेदारी को विस्तार देते हुए A320neo और A321neo फ्लीट के लिए LEAP-1A इंजनों को चुना गया। दुनिया भर में अब तक 10,000 से अधिक LEAP इंजनों की डिलीवरी की जा चुकी है। भारत CFM का तीसरा सबसे बड़ा मार्केट है। यहां 5 भारतीय एयरलाइंस 400 से ज्यादा लीप-पावर्ड विमानों का संचालन कर रही हैं और लगभग 2,000 इंजनों के ऑर्डर पाइपलाइन में हैं। क्या होता है MRO फैसिलिटी और LEAP इंजन? MRO: यह एविएशन सेक्टर का वह इंफ्रास्ट्रक्चर है, जहां हवाई जहाजों के पार्ट्स, इंजनों और पूरे ढांचे की नियमित जांच, मरम्मत और ओवरहालिंग की जाती है। भारत में MRO बनने से एयरलाइंस को मरम्मत के लिए विमानों को विदेश भेजने की जरूरत नहीं पड़ती और भारी लागत बचती है। लीप इंजन: यह ‘लीडिंग एज एविएशन प्रोपेल्शन’ का छोटा रूप है। इसे CFM इंटरनेशनल (GE और सफरान का संयुक्त उद्यम) द्वारा बनाया जाता है। यह इंजन आधुनिक कमर्शियल विमानों में ईंधन की खपत को 15-20% तक घटाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए जाना जाता है। ये खबर भी पढ़ें… अडाणी एनर्जी का मुनाफा 124% बढ़कर ₹1,149 करोड़: पहली तिमाही में रेवेन्यू 42% चढ़ा; कंपनी का शेयर 1,737 रुपए पर पहुंचा अडाणी ग्रुप की कंपनी अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दोगुना से ज्यादा यानी 124% बढ़कर 1,149 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
India Crude Oil Price Hike

नई दिल्ली9 मिनट पहले कॉपी लिंक ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखी जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल आज 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। तेल की बढ़ती कीमतों ने भारत में महंगाई और एनर्जी शॉक के जोखिम को बढ़ा दिया है। इससे भारतीय रुपए और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) के फ्लो पर असर पड़ने की संभावना है। दूसरी ओर, कच्चे तेल के महंगे होने से भारत की ऑइल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के रिटेल फ्यूल मार्जिन पर भारी दबाव पड़ा है, जिससे डीजल पर कंपनियों को प्रति लीटर 20.4 रुपए का घाटा हो रहा है। हालांकि, रिफाइनिंग मार्जिन में भारी उछाल के कारण कंपनियों का ओवरऑल मुनाफा फिलहाल संभला हुआ है। 1. ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर के पार, एक हफ्ते में 16% उछला अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2.69 डॉलर (3.05%) बढ़कर 90.79 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो 11 जून के बाद का उच्चतम स्तर है। बीते एक हफ्ते में ब्रेंट क्रूड में 16% की तेजी आई है, जो अप्रैल के बाद किसी एक हफ्ते की सबसे बड़ी बढ़त है। अभी ब्रेंट क्रूड 88.43 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी WTI क्रूड 82.40 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं इंडियन क्रूड बास्केट 81 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। 2. एक्सपर्ट्स बोले- भारत पर एनर्जी शॉक और रुपए का खतरा जीओजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार ने कहा कि मार्केट के सामने अभी नियर-टर्म में कई चुनौतियां हैं। सबसे बड़ा दबाव अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड का 90 डॉलर के पार जाना है। अगर यह ट्रेंड जारी रहता है, तो भारत में एनर्जी शॉक का खतरा फिर उभरेगा। इसका सीधा नकारात्मक असर रुपए की चाल और FPI फ्लो पर पड़ सकता है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी अपनी रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से वैश्विक स्तर पर ‘महंगाई की चिंताएं’ फिर से उभर आई हैं। 3. अमेरिका में फिर बढ़ सकती हैं ब्याज दरें: रेट हाइक की संभावना 52% बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट के अनुसार, क्लीवलैंड फेड अध्यक्ष के बयान के बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा सितंबर 2026 की मीटिंग में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना बढ़ गई है। फेड रेट हाइक की संभावना: सितंबर 2026 की बैठक में ब्याज दर बढ़ने की संभावना 16 जुलाई 2026 के 47% से बढ़कर अब 52.4% हो गई है। US इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन: अमेरिका में मई 2026 के दौरान इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में महीने-दर-महीने आधार पर 0.1% की मामूली बढ़त दर्ज हुई है। करेंसी मार्केट पर असर: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ब्रिटिश पाउंड में सबसे ज्यादा गिरावट आई। वहीं रुपया अन्य एशियाई मुद्राओं की तर्ज पर कमजोर हुआ है। 4. अमेरिकी शेयर बाजारों में हलचल, 2000 अंक के उछाल पर ब्रेक एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्राइम रिसर्च हेड देवर्ष वकील ने बताया कि अमेरिकी बाजारों में इस हफ्ते भारी अस्थिरता देखने को मिली है। देवर्ष वकील के मुताबिक, अमेरिका-ईरान संघर्ष में नए हमलों, टेक सेक्टर में रोटेशन और महंगाई के आंकड़ों ने प्रमुख इंडेक्स को नीचे खींच दिया, जिससे मिड-समर की बढ़त का सिलसिला टूट गया। वीकेंड पर अमेरिका और ईरान के बीच नए हमले हुए हैं। ईरान ने कहा है कि दोनों देशों के बीच सीजफायर पूरी तरह खत्म हो चुका है, जिससे दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री तेल मार्गों में सप्लाई बाधित होने का डर बढ़ गया है। 5. तेल कंपनियों का पेट्रोल मार्जिन गिरा, डीजल पर प्रति लीटर ₹20 का घाटा इक्किरिटी सिक्योरिटीज की साप्ताहिक रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे तेल के दामों में उछाल से भारत की सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों- BPCL, HPCL, IOCL का फ्यूल रिटेलिंग मार्जिन काफी कम हो गया है। पेट्रोल मार्जिन: पेट्रोल का मार्केटिंग मार्जिन हफ्ते-दर-हफ्ते 42.1% गिरकर 4.5 रुपए प्रति लीटर रह गया है। डीजल मार्जिन: डीजल का मार्जिन भी गिरा है। पिछले हफ्ते -15.4 रुपए प्रति लीटर की तुलना में अब कंपनियों को प्रति लीटर -20.4 रुपए का घाटा हो रहा। 6. रिफाइनिंग स्प्रेड में उछाल: डीजल क्रैक 99% बढ़कर सपोर्ट दे रहा रिटेल मार्जिन में नुकसान के बावजूद तेल कंपनियों के रिफाइनिंग कारोबार में जोरदार सुधार आया है, जिससे कंपनियों की कुल इंटीग्रेटेड प्रॉफिटेबिलिटी बची हुई है। गैसोलीन (पेट्रोल) क्रैक स्प्रेड: 15.8% बढ़कर 27.3 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा, जो 1 साल के औसत से 69% ज्यादा है। गैसऑयल (डीजल) क्रैक स्प्रेड: 12.5% बढ़कर 65.2 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा, जो 1 साल के औसत से 99% ज्यादा है। रूसी एक्सपोर्ट बैन: रूस द्वारा डीजल निर्यात पर लगाए प्रतिबंधों और पश्चिम एशिया के तनाव से ग्लोबल मार्केट में रिफाइंड प्रोडक्ट्स की तंग सप्लाई बनी हुई है। 7. 1-2 तिमाही तक रिफाइनर्स को मिल सकती है राहत इक्किरिटी सिक्योरिटीज के अनुसार, भले ही रिटेल फ्यूल मार्जिन कमजोर हुआ हो, लेकिन रिफाइनिंग और मार्केटिंग के 1:1 के संयुक्त मार्जिन अभी भी ऐतिहासिक स्तरों से काफी ऊपर हैं। पेट्रोल का इंटीग्रेटेड मार्जिन 4.3% घटकर 21.0 रुपए/लीटर और डीजल का 2.5% घटकर 19.1 रुपए/लीटर पर आ गया है। हालांकि, यह 3 महीने के औसत से क्रमश: 58.7% और 34.6% अधिक है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले 1 से 2 तिमाहियों तक मजबूत डीजल क्रैक कंपनियों की कमाई को सपोर्ट देंगे। रिफाइनरी का इस्तेमाल बढ़ने और इन्वेंट्री रीबिल्ड होने के बाद ये असाधारण मार्जिन सामान्य हो जाएंगे। क्या होते हैं ‘क्रैक स्प्रेड्स’ और ‘इंटीग्रेटेड मार्जिन’? क्रैक स्प्रेड: कच्चे तेल की कीमत और उससे बनने वाले रिफाइंड प्रोडक्ट्स (जैसे पेट्रोल, डीजल, एटीएफ) के बाजार मूल्य के बीच का अंतर ही ‘क्रैक स्प्रेड’ कहलाता है। यह रिफाइनिंग कंपनियों के मुनाफे को दर्शाता है। इंटीग्रेटेड मार्जिन: जब किसी तेल कंपनी के रिफाइनिंग मार्जिन (कच्चा तेल प्रोसेस करने का मुनाफा) और मार्केटिंग मार्जिन (पेट्रोल पंप पर पेट्रोल-डीजल बेचने का फायदा/नुकसान) दोनों को 1:1 के अनुपात में मिलाकर देखा जाता है, तो उसे इंटीग्रेटेड मार्जिन कहते हैं। ये खबर भी पढ़ें… आज सोना ₹756 और चांदी ₹3493 महंगी हुई: 10 ग्राम गोल्ड ₹1.42 लाख पर और 1 किलो चांदी की कीमत ₹2.19 लाख पहुंची सोने-चांदी की कीमतों में आज तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 3,493
Gold Price Hike | Silver Rates Surge in India Bullion Market Update

नई दिल्ली12 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने-चांदी की कीमतों में आज तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 3,493 रुपए बढ़कर 2,18,967 रुपए पर पहुंच गई है, जो शुक्रवार को 2,15,474 रुपए पर थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 756 रुपए चढ़कर 1,41,915 रुपए आ गया है। इससे पहले 17 जुलाई को यह 1,41,159 पर था। सोना के दाम इस महीने 283 रुपए बढ़े हैं, जबकि चांदी के दाम 6,463 रुपए गिरावट रही। 1 जुलाई को सोना 1,41,632 रुपए की 10 ग्राम और चांदी 2,25,430 रुपए किलो थी। अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: एक शहर से दूसरे शहर सोना ले जाने में ईंधन और सुरक्षा खर्च जुड़ता है, जिससे दूरी बढ़ने पर दाम बढ़ते हैं। खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में ज्यादा खपत (करीब 40%) के कारण ज्वेलर्स बड़ी खरीद करते हैं, लेकिन छूट का फायदा सीमित रहता है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: राज्य और शहर के ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग-सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स का खरीदी रेट तय करता है कि वे ग्राहकों को कितनी कीमत में बेचेंगे। सोना-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़कर 15% हुई केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। सरकार का मकसद विदेशी खरीद कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है। अमेरिकी-ईरान जंग के बीच सरकार ने ये फैसला लिया है। सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स 15% हो गया है। इससे पहले 2024 के बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटाकर 6% की थी। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Gold Price Hike | Silver Rates Surge in India Bullion Market Update

नई दिल्ली27 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने-चांदी की कीमतों में आज तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 3,493 रुपए बढ़कर 2,18,967 रुपए पर पहुंच गई है, जो शुक्रवार को 2,15,474 रुपए पर थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 756 रुपए चढ़कर 1,41,915 रुपए आ गया है। इससे पहले 17 जुलाई को यह 1,41,159 पर था। सोना के दाम इस महीने 283 रुपए बढ़े हैं, जबकि चांदी के दाम 6,463 रुपए गिरावट रही। 1 जुलाई को सोना 1,41,632 रुपए की 10 ग्राम और चांदी 2,25,430 रुपए किलो थी। अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: एक शहर से दूसरे शहर सोना ले जाने में ईंधन और सुरक्षा खर्च जुड़ता है, जिससे दूरी बढ़ने पर दाम बढ़ते हैं। खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में ज्यादा खपत (करीब 40%) के कारण ज्वेलर्स बड़ी खरीद करते हैं, लेकिन छूट का फायदा सीमित रहता है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: राज्य और शहर के ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग-सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स का खरीदी रेट तय करता है कि वे ग्राहकों को कितनी कीमत में बेचेंगे। सोना-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़कर 15% हुई केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। सरकार का मकसद विदेशी खरीद कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है। अमेरिकी-ईरान जंग के बीच सरकार ने ये फैसला लिया है। सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स 15% हो गया है। इससे पहले 2024 के बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटाकर 6% की थी। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
India Private Rocket Launch Success

नई दिल्ली15 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर रिलायंस से जुड़ी रही। EPFO ने अब अपनी आधिकारिक वेबसाइट से यूनिवर्सल अकाउंट नंबर यानी UAN एक्टिवेशन और नया UAN जनरेट करने की सुविधा को बंद कर दिया है। अब इन दोनों सर्विसेज को ‘उमंग’ एप पर शिफ्ट कर दिया गया है। वहीं, पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल के दाम में 5.44 रुपया (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल में 31.05 रुपया प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 316.15 रुपया और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 354.35 रुपया लीटर हो गई है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार आज रविवार की छुट्टी के चलते बंद रहेगा। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. अब उमंग एप से एक्टिवेट होगा UAN: फेस ऑथेंटिकेशन भी करना होगा, यहां जानें एक्टिवेट करने की पूरी प्रोसेस कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO ने अपने करोड़ों सब्सक्राइबर्स के लिए एक बड़ा बदलाव किया है। EPFO ने अब अपनी आधिकारिक वेबसाइट से यूनिवर्सल अकाउंट नंबर यानी UAN एक्टिवेशन और नया UAN जनरेट करने की सुविधा को बंद कर दिया है। अब इन दोनों सर्विसेज को ‘उमंग’ एप पर शिफ्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन को जरूरी कर दिया गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. पाकिस्तान में पेट्रोल 5.44 और डीजल 31.05 रुपया महंगा: पेट्रोल 316.15 और हाई-स्पीड डीजल 354.35 रुपया लीटर मिल रहा, नई कीमतें 18 जुलाई से लागू पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल के दाम में 5.44 रुपया (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल में 31.05 रुपया प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 316.15 रुपया और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 354.35 रुपया लीटर हो गई है। नई कीमतें 18 जुलाई से लागू हो गई हैं। इसके अलावा सरकार ने अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें साप्ताहिक की जगह रोजाना तय करने का फैसला किया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. HDFC बैंक का मुनाफा 5% बढ़कर ₹19,060 करोड़: नेट इंटरेस्ट इनकम 6.7% बढ़ी; बैंक के नतीजे एक्सपर्ट्स के अनुमान से कम रहे HDFC बैंक लिमिटेड ने शनिवार को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस तिमाही (Q1 FY27) में बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 4.98% बढ़कर 19,059.72 करोड़ रुपए रहा। हालांकि, यह मुनाफा CNBC-TV18 पोल के 19,332 करोड़ रुपए के अनुमान से कम रहा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. ICICI बैंक का मुनाफा 16% बढ़कर ₹14,805 करोड़: पहली तिमाही में अनुमान से बेहतर रहे नतीजे, बैंक की एसेट क्वालिटी भी सुधरी ICICI बैंक लिमिटेड ने अप्रैल-जून तिमाही के लिए अपने स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल 15.95% की बढ़त दर्ज की है। यह बढ़कर 14,804.5 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। बैंक का यह मुनाफा बाजार के अनुमानों से काफी बेहतर रहा। इस निजी क्षेत्र के बड़े बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी उम्मीद से ज्यादा तेजी से बढ़ते हुए 12.7% की एनुअल ग्रोथ के साथ 24,384.35 करोड़ रुपए रही। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च कामयाब: स्काईरूट एयरोस्पेस ने खुद बनाकर अंतरिक्ष में भेजा, 2 दोस्तों ने इसरो छोड़कर बनाई थी यह कंपनी हैदराबाद की स्काईरूट एयरोस्पेस ने शनिवार 18 जुलाई को भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 लॉन्च किया। यह टेस्ट पहले ही प्रयास में कामयाब रहा। विक्रम-1 को स्काईरूट एयरोस्पेस ने तैयार किया और लॉन्चिंग भी खुद ही की। सिर्फ लॉन्चपैड इसरो का था। स्काईरूट एयरोस्पेस कंपनी की स्थापना 2018 में दो दोस्तों पवन कुमार चंदना और नागा भरत डाका ने की थी। विक्रम-1 को आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा में इसरो के सतीश धवन स्पेस सेंटर से दोपहर 12:05 बजे लॉन्च किया गया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल मार्केट बंद था तो शुक्रवार के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Gold Silver Price Drop | India Market Rates Today Update

नई दिल्ली16 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने-चांदी की कीमतों में 17 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 415 रुपए गिरकर 1,41,264 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले 16 जुलाई को यह 1,41,679 लाख पर था। वहीं, एक किलो चांदी 797 रुपए घटकर 2,16,637 रुपए पर आ गई है, जो गुरुवार को 2,17,434 लाख रुपए पर थी। सोना के दाम इस हफ्ते 2,104 रुपए और चांदी के दाम 3,753 रुपए गिरे हैं। 10 जुलाई को सोना ₹1,43,368 10 ग्राम और चांदी ₹2,20,390 किलो थी। देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत शहर 10 ग्राम 24 कैरेट दिल्ली ₹1,42,680 मुंबई ₹1,42,530 कोलकाता ₹1,42,530 चेन्नई ₹1,42,910 जयपुर ₹1,42,680 भोपाल ₹1,42,580 पटना ₹1,42,580 लखनऊ ₹1,42,680 रायपुर ₹1,42,530 अहमदाबाद ₹1,42,580 सोना-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़कर 15% हुई केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। सरकार का मकसद विदेशी खरीद कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है। अमेरिकी-ईरान जंग के बीच सरकार ने ये फैसला लिया है। सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स 15% हो गया है। इससे पहले 2024 के बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटाकर 6% की थी। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…







