Petrol-Diesel, Gold-Silver Prices Surge in India

नई दिल्ली56 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर पेट्रोल-डीजल से जुड़ी रही। तेल कंपनियों ने 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.12 और डीजल की कीमत ₹95.20 हो गई है। वहीं, सोने-चांदी के दाम में आज यानी 25 मई को बढ़त रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने के दाम 740 रुपए बढ़कर 1.59 लाख रुपए हो गया। 1 किलो चांदी की कीमत 5,100 रुपए बढ़कर 2.71 लाख रुपए पर पहुंच गई है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. पेट्रोल-डीजल के दाम इस महीने चौथी बार बढ़े: दिल्ली में पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा हुआ तेल कंपनियों ने 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.12 और डीजल की कीमत ₹95.20 हो गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. चांदी ₹5,100 बढ़कर ₹2.71 लाख किलो हुई: इस साल ₹41 हजार महंगी हो चुकी; सोना ₹740 बढ़ा, 10 ग्राम की कीमत ₹1.59 लाख सोने-चांदी के दाम में आज यानी 25 मई को बढ़त रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने के दाम 740 रुपए बढ़कर 1.59 लाख रुपए हो गया है। वहीं, 1 किलो चांदी की कीमत 5,100 रुपए बढ़कर 2.71 लाख रुपए पर पहुंच गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. सेंसेक्स 1074 अंक चढ़कर 76,489 पर बंद: निफ्टी में भी 312 अंकों की तेजी, 24,032 पर पहुंचा, ऑटो और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी सेंसेक्स 25 मई को 1074 अंक (1.42%) की तेजी के साथ 76,489 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 312 अंकों (1.32%) की तेजी रही, ये 24,032 के स्तर पर बंद हुआ। आज के कारोबार में ऑटो, बैंकिंग और रियल्टी शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही, जबकि निफ्टी FMCG में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. वित्त-मंत्री ने कहा- फ्यूल, फर्टिलाइजर और फॉरेक्स पर फोकस करें: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने से सरकार को ₹1 लाख करोड़ का घाटा होगा पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार (25 मई) को कहा कि मौजूदा ग्लोबल परिस्थितियों को देखते हुए हमें 3Fs यानी फ्यूल, फर्टिलाइजर और फॉरेक्स (विदेशी मुद्रा भंडार) पर फोकस करने की जरूरत है। मुंबई में सिडबी (SIDBI) के 37वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने यह बात कही। वित्त मंत्री ने उन आलोचकों पर कड़ा निशाना साधा जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील के बाद देश में निगेटिव माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत डर का माहौल बनाना बर्दाश्त नहीं कर सकता है और इस समय लोगों को भरोसा देना बेहद जरूरी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… सोमवार के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
ध्रुव राठी पर भड़कीं अनुपमा फेम एक्ट्रेस:PM मोदी पर दिए बयान पर नाराजगी जताई; कहा- देश को विदेश में बैठे यूट्यूबर की जरूरत नहीं

टीवी सीरियल ‘अनुपमा’ फेम एक्ट्रेस रूपाली गांगुली ने यूट्यूबर ध्रुव राठी की एक पोस्ट पर कड़ी आपत्ति जताई है। ध्रुव राठी ने 19 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां भी जाएं, उन्हें हर जगह शर्मिंदा किया जाना चाहिए। इस बयान के छह दिन बाद सोमवार को बीजेपी नेता और एक्ट्रेस रूपाली गांगुली ने ध्रुव राठी पर निशाना साधते हुए एक लंबा नोट लिखा। उन्होंने पीएम मोदी को दुनिया का सबसे सम्मानित नेता बताया और कहा कि भारत को विदेश में बैठकर देश का मजाक उड़ाने वाले यूट्यूबर की जरूरत नहीं है। बोलीं- पीएम मोदी को दुनिया से मिला सम्मान रूपाली गांगुली ने अपने पोस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के चुने हुए नेता हैं। वे पिछले 25 सालों से लगातार चुनाव जीत रहे हैं, पहले मुख्यमंत्री और अब प्रधानमंत्री के रूप में। दुनियाभर के देश उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाज चुके हैं। भारत के करोड़ों लोग उनसे बेहद प्यार और सम्मान करते हैं। ऐसे सम्मानित नेता के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना स्वीकार्य नहीं है। ध्रुव राठी ने लिखा- मोदी को शर्मिंदा करें यूट्यूबर ध्रुव राठी ने 19 मई को एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर किया था। इसमें उन्होंने लिखा था कि मोदी जहां भी जाएं, उन्हें हर जगह शर्मिंदा किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले 12 साल में उन्होंने एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। ध्रुव राठी ने आगे लिखा कि वे दूसरे देशों के विदेशी पत्रकारों से भी कहेंगे कि वे पीएम मोदी से जहां भी मिलें, उनसे सवाल जरूर पूछें। उन्हें लोगों के सामने जवाब देने के लिए मजबूर करें। ध्रुव राठी के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई थी। पत्रकार के वीडियो के बाद शुरू हुआ विवाद यह पूरा विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे के बाद शुरू हुआ। ओस्लो में नॉर्वे की पत्रकार हेले लेंग ने प्रधानमंत्री से भारत में मानवाधिकारों और लोकतंत्र को लेकर सवाल पूछने की कोशिश की थी। इस दौरान पीएम मोदी बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए थे। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया था, जिसके बाद ध्रुव राठी ने पत्रकार के समर्थन में यह पोस्ट लिखा था। विदेश में बैठकर प्रोपेगैंडा चलाने का लगाया आरोप एक्ट्रेस ने ध्रुव राठी पर निशाना साधते हुए आगे लिखा कि भारत की प्रगति का फैसला करने के लिए देश के 140 करोड़ नागरिक पूरी तरह सक्षम हैं। देश को विदेश में रहने वाले किसी ऐसे यूट्यूबर की सलाह की जरूरत नहीं है, जो भारत की जमीनी हकीकत से पूरी तरह दूर है। उन्होंने आरोप लगाया कि ध्रुव राठी का पूरा ऑनलाइन करियर भारत की आलोचना करने, उसका मजाक उड़ाने और लोगों के बीच डर फैलाने पर ही टिका हुआ है। साल 2024 में बीजेपी में शामिल हुई थीं एक्ट्रेस रूपाली गांगुली एक्टिंग के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय हैं। वे साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हुई थीं। 1 मई 2024 को दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली थी। उस समय उन्होंने कहा था कि वे पीएम मोदी के विकास कार्यों और उनके व्यक्तित्व से प्रभावित होकर राजनीति में आ रही हैं। एक्ट्रेस गुल पनाग भी कर चुकीं आलोचना इससे पहले एक्ट्रेस गुल पनाग भी ध्रुव राठी के इस पोस्ट की आलोचना कर चुकी हैं। गुल पनाग ने ध्रुव राठी के पोस्ट पर लिखा कि आप किसी प्रधानमंत्री को नापसंद कर सकते हैं, सरकार से असहमत हो सकते हैं, डिबेट कर सकते हैं और अलग तरह से वोट कर सकते हैं। यही लोकतंत्र है। लेकिन भारत के प्रधानमंत्री के ऑफिस और विदेश में वे जिसे रिप्रेजेंट करते हैं, उसका विदेशी धरती पर मजाक बनाना सही नहीं है। यह विरोध का सही तरीका नहीं है, बल्कि इससे हमारा ही नुकसान होता है।
ध्रुव राठी पर भड़कीं अनुपमा फेम एक्ट्रेस:PM मोदी पर दिए बयान पर नाराजगी जताई; कहा- देश को विदेश में बैठे यूट्यूबर की जरूरत नहीं

टीवी सीरियल ‘अनुपमा’ फेम एक्ट्रेस रूपाली गांगुली ने यूट्यूबर ध्रुव राठी की एक पोस्ट पर कड़ी आपत्ति जताई है। ध्रुव राठी ने 19 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां भी जाएं, उन्हें हर जगह शर्मिंदा किया जाना चाहिए। इस बयान के छह दिन बाद सोमवार को बीजेपी नेता और एक्ट्रेस रूपाली गांगुली ने ध्रुव राठी पर निशाना साधते हुए एक लंबा नोट लिखा। उन्होंने पीएम मोदी को दुनिया का सबसे सम्मानित नेता बताया और कहा कि भारत को विदेश में बैठकर देश का मजाक उड़ाने वाले यूट्यूबर की जरूरत नहीं है। बोलीं- पीएम मोदी को दुनिया से मिला सम्मान रूपाली गांगुली ने अपने पोस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के चुने हुए नेता हैं। वे पिछले 25 सालों से लगातार चुनाव जीत रहे हैं, पहले मुख्यमंत्री और अब प्रधानमंत्री के रूप में। दुनियाभर के देश उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाज चुके हैं। भारत के करोड़ों लोग उनसे बेहद प्यार और सम्मान करते हैं। ऐसे सम्मानित नेता के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना स्वीकार्य नहीं है। ध्रुव राठी ने लिखा- मोदी को शर्मिंदा करें यूट्यूबर ध्रुव राठी ने 19 मई को एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर किया था। इसमें उन्होंने लिखा था कि मोदी जहां भी जाएं, उन्हें हर जगह शर्मिंदा किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले 12 साल में उन्होंने एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। ध्रुव राठी ने आगे लिखा कि वे दूसरे देशों के विदेशी पत्रकारों से भी कहेंगे कि वे पीएम मोदी से जहां भी मिलें, उनसे सवाल जरूर पूछें। उन्हें लोगों के सामने जवाब देने के लिए मजबूर करें। ध्रुव राठी के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई थी। पत्रकार के वीडियो के बाद शुरू हुआ विवाद यह पूरा विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे के बाद शुरू हुआ। ओस्लो में नॉर्वे की पत्रकार हेले लेंग ने प्रधानमंत्री से भारत में मानवाधिकारों और लोकतंत्र को लेकर सवाल पूछने की कोशिश की थी। इस दौरान पीएम मोदी बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए थे। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया था, जिसके बाद ध्रुव राठी ने पत्रकार के समर्थन में यह पोस्ट लिखा था। विदेश में बैठकर प्रोपेगैंडा चलाने का लगाया आरोप एक्ट्रेस ने ध्रुव राठी पर निशाना साधते हुए आगे लिखा कि भारत की प्रगति का फैसला करने के लिए देश के 140 करोड़ नागरिक पूरी तरह सक्षम हैं। देश को विदेश में रहने वाले किसी ऐसे यूट्यूबर की सलाह की जरूरत नहीं है, जो भारत की जमीनी हकीकत से पूरी तरह दूर है। उन्होंने आरोप लगाया कि ध्रुव राठी का पूरा ऑनलाइन करियर भारत की आलोचना करने, उसका मजाक उड़ाने और लोगों के बीच डर फैलाने पर ही टिका हुआ है। साल 2024 में बीजेपी में शामिल हुई थीं एक्ट्रेस रूपाली गांगुली एक्टिंग के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय हैं। वे साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हुई थीं। 1 मई 2024 को दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली थी। उस समय उन्होंने कहा था कि वे पीएम मोदी के विकास कार्यों और उनके व्यक्तित्व से प्रभावित होकर राजनीति में आ रही हैं। एक्ट्रेस गुल पनाग भी कर चुकीं आलोचना इससे पहले एक्ट्रेस गुल पनाग भी ध्रुव राठी के इस पोस्ट की आलोचना कर चुकी हैं। गुल पनाग ने ध्रुव राठी के पोस्ट पर लिखा कि आप किसी प्रधानमंत्री को नापसंद कर सकते हैं, सरकार से असहमत हो सकते हैं, डिबेट कर सकते हैं और अलग तरह से वोट कर सकते हैं। यही लोकतंत्र है। लेकिन भारत के प्रधानमंत्री के ऑफिस और विदेश में वे जिसे रिप्रेजेंट करते हैं, उसका विदेशी धरती पर मजाक बनाना सही नहीं है। यह विरोध का सही तरीका नहीं है, बल्कि इससे हमारा ही नुकसान होता है।
Govt loses 1 lakh crore excise duty cut fuel

नई दिल्ली20 मिनट पहले कॉपी लिंक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार (25 मई) को बताया कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) कम करने से सरकार को ₹1 लाख करोड़ के रेवेन्यू का नुकसान होगा। इसके साथ ही उन्होंने भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ को लेकर बनाए जा रहे निराशाजनक माहौल को खारिज किया और देश की आर्थिक स्थिति का बचाव किया। वित्त मंत्री ने यह बात मुंबई में स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) के 37वें स्थापना दिवस समारोह में कही। तेल कंपनियों ने 10 दिन में चौथी बार दाम बढ़ाए देश में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने सोमवार को पिछले 10 दिनों में चौथी बार ईंधन की दरों में बढ़ोतरी की है। 15 मई को एक लंबे अंतराल के बाद पहली बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया गया था। तब से लेकर आज चौथी बढ़ोतरी तक, पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमत करीब ₹7.5 प्रति लीटर तक बढ़ चुकी हैं। एक्साइज ड्यूटी घटने से आम जनता को मिली राहत सरकार की एक्साइज ड्यूटी में की गई कटौती से देश भर के उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल के पंपों पर कम कीमतें चुकानी पड़ रही हैं। यह कदम ऐसे समय में परिवारों और व्यवसायों को सीधी राहत देता है, जब पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार गहरे दबाव में बना हुआ है। भारत की चुनौतियां मुख्य रूप से बाहरी वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर जो भी दबाव दिख रहा है, उसके लिए भारत की अपनी नीतियां नहीं बल्कि देश की सीमाओं के बाहर के मुख्य कारण जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है। कई हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स यह साबित करते हैं कि देश में औद्योगिक मांग और आर्थिक रफ्तार लगातार मजबूत बनी हुई है। वित्त मंत्री ने कहा कि हमारे सामने चुनौतियां आंतरिक से ज्यादा बाहरी हैं। हमें सोना, ईंधन और फर्टिलाइजर (उर्वरक) के आयात के लिए विदेशी मुद्रा की जरूरत होती है। ये तीनों चीजें वैश्विक कमोडिटी साइकिल और करेंसी के उतार-चढ़ाव से प्रभावित होती हैं। अर्थव्यवस्था पर गलत नैरेटिव बनाना सही नहीं निर्मला सीतारमण ने मुंबई के मंच से उन लोगों को सीधा जवाब दिया जो बाहरी दबावों के इस दौर में भारत की आर्थिक उपलब्धियों पर संदेह जताने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ग पश्चिम एशिया संकट से पैदा हुई चुनौतियों के बीच हमारी अपनी उपलब्धियों की निंदा करना चाहते हैं। उन्होंने इस तरह की टिप्पणियों को पूरी तरह से गलत और अनुचित बताया। वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर एक निराशाजनक नैरेटिव (माहौल) बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो कि बिल्कुल सही नहीं है। घरेलू मोर्चे पर आलोचनाओं का सामना वित्त मंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब देश में भारत की विकास दर और उसकी क्वालिटी को लेकर बहस चल रही है। आलोचक लगातार घरेलू खपत पर बढ़ते दबाव, महंगाई और करेंसी में हो रहे उतार-चढ़ाव को लेकर सरकार पर निशाना साध रहे हैं। सरकारी कंपनियों को सख्त निर्देश व्यापक अर्थव्यवस्था और ईंधन की कीमतों पर बात करने के साथ ही वित्त मंत्री ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs/सरकारी कंपनियों) को एक कड़ा और सीधा संदेश दिया। उन्होंने सरकारी कंपनियों से कहा कि वे माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) को किए जाने वाले भुगतानों के लिए तय की गई 45 दिनों की अनिवार्य समय-सीमा का पूरी तरह पालन करें और उनका बकाया समय पर क्लियर करें। पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटाई थी वहीं सरकार ने 27 मार्च को पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखने के लिए स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में ₹10-10 की कटौती की थी। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 प्रति लीटर से घटाकर ₹3, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई थी। केंद्र सरकार की ओर से एक लीटर पेट्रोल पर कुल ₹21.90 एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती थी। स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्टूटी घटने के बाद यह ₹11.90 रह गई थी। इसी तरह, एक लीटर डीजल पर कुल सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी ₹17.8 से घटकर ₹7.8 पर आ गई थी। सरकार का ये फैसला पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए था। इस निर्णय की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े थे। पूरी खबर पढ़ें… क्या होती है एक्साइज ड्यूटी? यह केंद्र सरकार द्वारा देश के भीतर बनने वाले या बिकने वाले उत्पादों (जैसे पेट्रोल-डीजल) पर लगाया जाने वाला एक अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) है। इसमें कटौती से ग्राहकों को तो राहत मिलती है, लेकिन सरकार के खजाने (राजस्व) को सीधा नुकसान होता है। MSME के लिए 45 दिन का नियम क्या है? सरकार के नियमों के मुताबिक, किसी भी बड़ी या सरकारी कंपनी को छोटे उद्योगों (MSME) से सामान या सर्विस लेने के 45 दिनों के भीतर उनका पेमेंट करना अनिवार्य होता है, ताकि छोटे बिजनेस में कैश की कमी न हो। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Govt loses 1 lakh crore excise duty cut fuel

नई दिल्ली41 मिनट पहले कॉपी लिंक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार (25 मई) को बताया कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) कम करने से सरकार को ₹1 लाख करोड़ के रेवेन्यू का नुकसान होगा। इसके साथ ही उन्होंने भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ को लेकर बनाए जा रहे निराशाजनक माहौल को खारिज किया और देश की आर्थिक स्थिति का बचाव किया। वित्त मंत्री ने यह बात मुंबई में स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) के 37वें स्थापना दिवस समारोह में कही। तेल कंपनियों ने 10 दिन में चौथी बार दाम बढ़ाए देश में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने सोमवार को पिछले 10 दिनों में चौथी बार ईंधन की दरों में बढ़ोतरी की है। 15 मई को एक लंबे अंतराल के बाद पहली बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया गया था। तब से लेकर आज चौथी बढ़ोतरी तक, पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमत करीब ₹7.5 प्रति लीटर तक बढ़ चुकी हैं। एक्साइज ड्यूटी घटने से आम जनता को मिली राहत सरकार की एक्साइज ड्यूटी में की गई कटौती से देश भर के उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल के पंपों पर कम कीमतें चुकानी पड़ रही हैं। यह कदम ऐसे समय में परिवारों और व्यवसायों को सीधी राहत देता है, जब पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार गहरे दबाव में बना हुआ है। भारत की चुनौतियां मुख्य रूप से बाहरी वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर जो भी दबाव दिख रहा है, उसके लिए भारत की अपनी नीतियां नहीं बल्कि देश की सीमाओं के बाहर के मुख्य कारण जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है। कई हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स यह साबित करते हैं कि देश में औद्योगिक मांग और आर्थिक रफ्तार लगातार मजबूत बनी हुई है। वित्त मंत्री ने कहा कि हमारे सामने चुनौतियां आंतरिक से ज्यादा बाहरी हैं। हमें सोना, ईंधन और फर्टिलाइजर (उर्वरक) के आयात के लिए विदेशी मुद्रा की जरूरत होती है। ये तीनों चीजें वैश्विक कमोडिटी साइकिल और करेंसी के उतार-चढ़ाव से प्रभावित होती हैं। अर्थव्यवस्था पर गलत नैरेटिव बनाना सही नहीं निर्मला सीतारमण ने मुंबई के मंच से उन लोगों को सीधा जवाब दिया जो बाहरी दबावों के इस दौर में भारत की आर्थिक उपलब्धियों पर संदेह जताने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ग पश्चिम एशिया संकट से पैदा हुई चुनौतियों के बीच हमारी अपनी उपलब्धियों की निंदा करना चाहते हैं। उन्होंने इस तरह की टिप्पणियों को पूरी तरह से गलत और अनुचित बताया। वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर एक निराशाजनक नैरेटिव (माहौल) बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो कि बिल्कुल सही नहीं है। घरेलू मोर्चे पर आलोचनाओं का सामना वित्त मंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब देश में भारत की विकास दर और उसकी क्वालिटी को लेकर बहस चल रही है। आलोचक लगातार घरेलू खपत पर बढ़ते दबाव, महंगाई और करेंसी में हो रहे उतार-चढ़ाव को लेकर सरकार पर निशाना साध रहे हैं। सरकारी कंपनियों को सख्त निर्देश व्यापक अर्थव्यवस्था और ईंधन की कीमतों पर बात करने के साथ ही वित्त मंत्री ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs/सरकारी कंपनियों) को एक कड़ा और सीधा संदेश दिया। उन्होंने सरकारी कंपनियों से कहा कि वे माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) को किए जाने वाले भुगतानों के लिए तय की गई 45 दिनों की अनिवार्य समय-सीमा का पूरी तरह पालन करें और उनका बकाया समय पर क्लियर करें। पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटाई थी वहीं सरकार ने 27 मार्च को पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखने के लिए स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में ₹10-10 की कटौती की थी। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 प्रति लीटर से घटाकर ₹3, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई थी। केंद्र सरकार की ओर से एक लीटर पेट्रोल पर कुल ₹21.90 एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती थी। स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्टूटी घटने के बाद यह ₹11.90 रह गई थी। इसी तरह, एक लीटर डीजल पर कुल सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी ₹17.8 से घटकर ₹7.8 पर आ गई थी। सरकार का ये फैसला पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए था। इस निर्णय की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े थे। पूरी खबर पढ़ें… क्या होती है एक्साइज ड्यूटी? यह केंद्र सरकार द्वारा देश के भीतर बनने वाले या बिकने वाले उत्पादों (जैसे पेट्रोल-डीजल) पर लगाया जाने वाला एक अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) है। इसमें कटौती से ग्राहकों को तो राहत मिलती है, लेकिन सरकार के खजाने (राजस्व) को सीधा नुकसान होता है। MSME के लिए 45 दिन का नियम क्या है? सरकार के नियमों के मुताबिक, किसी भी बड़ी या सरकारी कंपनी को छोटे उद्योगों (MSME) से सामान या सर्विस लेने के 45 दिनों के भीतर उनका पेमेंट करना अनिवार्य होता है, ताकि छोटे बिजनेस में कैश की कमी न हो। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Trump Calls Modi Great Friend, Says India Can Trust US 100%

वॉशिंगटन/नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक यह फोटो 13 फरवरी 2025 की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में मुलाकात की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पीएम मोदी को अपना महान दोस्त बताया और कहा कि वे मोदी के बहुत बड़े फैन हैं। ट्रम्प ने कहा कि भारत अमेरिका पर 100% भरोसा कर सकता है। अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में ट्रम्प ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर को फोन करके लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा- मुझे भारत से प्यार है। आपको (एम्बेसडर गोर) हमारे देश के प्रतिनिधि के तौर पर अच्छी स्पीच देनी होगी। मैं सबको गुड इवनिंग कहना चाहता हूं। मुझे प्रधानमंत्री से प्यार है। PM मोदी महान हैं, वह मेरे दोस्त हैं। मोदी को हैलो कहो। मैं उनका बहुत बड़ा फैन हूं। ट्रम्प ने कहा- हम पहले कभी इंडिया के इतने करीब नहीं रहे। इंडिया मुझ पर और अमेरिका पर 100% भरोसा कर सकता है। अगर उन्हें कभी मदद की जरूरत पड़ी, तो उन्हें पता है कि कहां कॉल करना है। वे यहीं कॉल करते हैं। ट्रम्प की तारीफ के कूटनीतिक मायने ट्रम्प ने मोदी को महान दोस्त और खुद को उनका बड़ा फैन बताया। यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के बीच ट्रेड डील और टैरिफ को लेकर बातचीत चल रही है। QUAD, इंडो-पैसिफिक, रक्षा और टेक्नोलॉजी जैसे मुद्दों पर भारत-अमेरिका सहयोग दोनों देशों के रिश्तों में अहम बना हुआ है। ट्रेड डील पर भी सकारात्मक संकेत ट्रम्प के इस बयान को भारत-अमेरिका ट्रेड डील से भी जोड़कर देखा जा रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो पहले ही कह चुके हैं कि दोनों देशों के बीच जल्द व्यापार समझौता हो सकता है। ट्रम्प का ये कहना ‘भारत अमेरिका पर 100% भरोसा कर सकता है’ निवेश, टेक्नोलॉजी और व्यापार सहयोग को लेकर भरोसे का संदेश माना जा रहा है। अमेरिका हाल के महीनों में कई भारतीय प्रोडक्ट्स पर टैरिफ बढ़ा चुका है, लेकिन इसके बावजूद दोनों देश रक्षा, AI, सेमीकंडक्टर और ऊर्जा सेक्टर में सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। फरवरी में अमेरिका ने भारत पर लगाए 50% टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया था। ट्रम्प पहले भी मोदी की तारीफ कर चुके सितंबर 2019 में अमेरिका के ह्यूस्टन में हुए ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में ट्रम्प ने मोदी को भारत के सबसे सम्मानित नेताओं में से एक बताया था। फरवरी 2020 में अहमदाबाद के ‘नमस्ते ट्रम्प’ कार्यक्रम में उन्होंने मोदी को टफ नेगोशिएटर और असाधारण नेता कहा था। 2024 के अमेरिकी चुनाव प्रचार के दौरान ट्रम्प ने कहा था कि मोदी उनके बहुत अच्छे दोस्त हैं और भारत-अमेरिका रिश्ते उनके कार्यकाल में मजबूत हुए। अमेरिकी राजदूत बोले- ट्रम्प हमेशा मोदी के बारे में पूछते हैं भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प जब भी उनसे बात करते हैं, तो पीएम मोदी के बारे में जरूर पूछते हैं। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका रिश्ते मजबूत भरोसे और साझा हितों पर आधारित हैं। गोर ने कहा कि दोनों देश अब ‘साझा सफलता के नए दौर’ में पहुंच चुके हैं। भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते का ढांचा तैयार हो गया है और जल्द इस पर साइन हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने इस साल अमेरिका में 20.5 अरब डॉलर के निवेश लाने में मदद की है। उनके मुताबिक दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश सहयोग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। अमेरिकी विदेश मंत्री बोले- भारत-अमेरिका ट्रेड डील जल्द ट्रम्प ने विदेश मंत्री मार्को रूबियो की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें अमेरिका के इतिहास के सबसे महान विदेश मंत्रियों में याद किया जाएगा। भारत दौरे पर आए रूबियो ने कहा कि भारत-अमेरिका के रिश्तों की रफ्तार धीमी नहीं पड़ी है। दोनों देशों के बीच जल्द ट्रेड डील होगी। रूबियो का दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब ट्रम्प की टैरिफ नीति को लेकर दोनों देशों के बीच आर्थिक और कूटनीतिक तनाव बढ़ा है। अमेरिका ने कई भारतीय उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाया है, लेकिन इसके बावजूद दोनों देश ट्रेड डील को आगे बढ़ाने की कोशिश में हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्क रूबियो शनिवार को भारत पहुंचे थे। यह उनका अमेरिकी विदेश मंत्री बनने के बाद पहला आधिकारिक भारत दौरा है। जयशंकर बोले- भारत-अमेरिका के रिश्ते नई दिशा में बढ़ रहे भारत और अमेरिका के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प ने दोनों देशों की साझेदारी को नई दिशा दी है। व्यापार, रक्षा, टेक्नोलॉजी, AI, ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों का सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। बदलती वैश्विक परिस्थितियों में यह साझेदारी और अहम हो गई है। भारत और अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम कर रहे हैं और इस मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ होना चाहिए। मार्को रूबियो 26 मई को होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे। इसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा होगी। ————————————- यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने PM मोदी को अमेरिका आने का न्योता दिया:विदेश मंत्री रूबियो दिल्ली में PM से मिले; अमेरिकी मीडिया बोली- यह डैमेज कंट्रोल की कोशिश अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सेवा तीर्थ में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तरफ से पीएम मोदी को अमेरिका आने का न्योता दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
US Secretary State Rubio Visits India Post Tariff War; 25 May Current Affairs

Hindi News Career US Secretary State Rubio Visits India Post Tariff War; 25 May Current Affairs 25 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भारत यात्रा पर आए 24 मई को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में व्यापार, ऊर्जा, क्षेत्रीय सुरक्षा और लोगों की आवाजाही के मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच ‘मिशन 500’ यानी 2030 तक व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। रूबियो ने भारत को अमेरिका का ‘सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार’ बताया। बैठक में वीजा मुद्दों और कानूनी प्रवासन की सुरक्षा पर भी बातचीत की गई। दोनों नेताओं ने भविष्य में एक बड़े व्यापार समझौते की उम्मीद जताई है। रूबियो ने भारतीय प्रधानमंत्री मोदी से ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाने पर भी चर्चा की। रुबियो 23 मई से 26 मई तक भारत में रहेंगे। वे इस दौरान कोलकाता, नई दिल्ली, आगरा और जयपुर जाएंगे। मार्को रूबियो और एस जयशंकर की बैठक भारत अमेरिका के बीच हुए टैरिफ वार के बाद पहली टॉप लेवल मीटिंग है। 2. RBI ने सरकार को रिकॉर्ड सरप्लस ट्रांसफर किया भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को 2.86 लाख करोड़ रुपये देने को मंजूरी दी है। RBI अपने मुनाफे का एक हिस्सा हर साल सरकार को लाभांश के रूप में ट्रांसफर करता है। 2.86 लाख करोड़ अब तक का सबसे बड़ा सरप्लस ट्रांसफर है। पिछले साल RBI ने 2.68 लाख करोड़ के सरप्लस फंड्स ट्रांसफर को मंजूरी दी थी। 24 मई को इस रिकॉर्ड फंड ट्रांसफर की जानकारी सार्वजनिक की गई। स्पोर्ट्स (SPORTS) 3. गुरिंदरवीर सिंह भारत के सबसे तेज धावक बने 24 मई को गुरिंदरवीर सिंह ने रांची में आयोजित फेडरेशन कप में नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया। गुरिंदरवीर सिंह 100 मीटर की दौड़ 10.09 सेकंड में पूरी करके भारत के सबसे तेज धावक बन गए। उन्होंने अनिमेष कुजूर के 10.18 सेकेंड के रिकॉर्ड को तोड़ा है। अनिमेष कुजूर ने ये रिकॉर्ड पिछले साल ओडिशा में बनाया था। 100 मी. दौड़ का वर्ल्ड रिकॉर्ड (9.58 सेकंड) जमैका के धावक उसेन बोल्ट के नाम है। ये उन्होंने 2009 में बनाया था। गुरिंदरवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है। कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफिकेशन मार्क 10.16 सेकेंड है। पंजाब के गुरिंदरवीर सिंह ने लीजेंड मिल्खा सिंह का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया। मिसलीनियस (MISCELLENEOUS) 4. भारत ने तीन अफ्रीकी देशों के लिए एडवाइजरी जारी की 24 मई को भारत सरकार ने कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की। इन देशों में इबोला वायरस के बढ़ते मामलों के कारण नागरिकों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। भारत ने अफ्रीका को आपातकालीन चिकित्सा सहायता और PPE किट्स की पहली खेप भी भेज दी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर इस सहायता की जानकारी साझा की। कांगो में अब तक इबोला संक्रमण के 867 मामले और 204 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं। हवाई अड्डों पर इन देशों से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग और निगरानी बढ़ा दी गई है। इबोला एक संक्रामक बीमारी है जो जानवरों से इंसानों में फैलती है। अभी इसकी कोई वैक्सीन या इलाज मौजूद नहीं है। इस बार इबोला का ‘बुंडीबुग्यो स्ट्रेन’ मिला है, जबकि कांगो में पहले ज्यादातर मामले ‘जायरे स्ट्रेन’ के रहे हैं। 5. 75वां ‘फिट इंडिया संडे’ और राष्ट्रमंडल खेल दिवस का आयोजन 24 मई को देशभर में 8,000 से अधिक जगहों पर ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ का आयोजन किया गया। इस साइकिलिंग मेगा इवेंट का मुख्य आयोजन अहमदाबाद में हुआ। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर इवेंट की शुरुआत की। ये ‘फिट इंडिया संडे’ इवेंट का 75वां संस्करण था। 24 मई को ही राष्ट्रमंडल खेल दिवस भी मनाया गया। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी, ओलंपिक पदक विजेता गगन नारंग और अभिनेता आयुष्मान खुराना भी इस इवेंट में शामिल हुए और फिट रहने का संदेश दिया। सरकार ने लोगों से अपील की कि वे छोटे रास्तों के लिए साइकिल का उपयोग करें। आज का इतिहास 1611 में जहांगीर और नूरजहां का निकाह हुआ। 1961 में अमेरिकी राष्ट्रपति केनेडी ने अंतरिक्ष अभियान शुरू करने की घोषणा की। 2005 में हिन्दी फिल्म अभिनेता और राजनीतिज्ञ सुनील दत्त का निधन हो गया। —————— ये खबर भी पढ़ें.. केरलम सरकार ने देश का पहला AI विभाग बनाया: मेघालय में 13 देशों का सैन्य अभ्यास PRAGATI शुरू हुआ; 22 मई के करेंट अफेयर्स आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
ट्रम्प बोले- भारत मुझ पर 100% भरोसा कर सकता है:पीएम मोदी को पता है जरूरत पर कहां फोन करना हैं, मैं और अमेरिका हमेशा खड़े

डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ करते हुए कहा है कि भारत जब भी चाहे, अमेरिका और वह खुद उसके साथ खड़े रहेंगे। नई दिल्ली में रविवार को भारत मंडपम कन्वेंशन सेंटर में अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ था। इस दौरान ट्रम्प ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर को फोनकर संबोधित किया। ट्रम्प ने कहा, “भारत मुझ पर 100 फीसदी भरोसा कर सकता है। अगर उन्हें कभी मदद की जरूरत पड़े, तो उन्हें पता है कि कहां फोन करना है। वे यहीं फोन करते हैं।” ट्रम्प ने खुद को पीएम मोदी का बहुत बड़ा फैन बताया। ट्रम्प ने मार्को रूबियो से कहा, “PM मोदी को मेरी तरफ से नमस्ते कहिए और उन्हें बताइए कि मैं उनका बहुत बड़ा प्रशंसक हूं।” ट्रम्प ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “मार्को सबसे बेहतरीन हैं। वह अमेरिका के इतिहास के सबसे महान विदेश मंत्री के रूप में याद किए जाएंगे।” अमेरिकी राजदूत बोले- ट्रम्प हमेशा मोदी के बारे में पूछते हैं अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि जब भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प उनसे बात करते हैं, तो सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी के बारे में पूछते हैं। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका का रिश्ता नया नहीं, बल्कि मजबूत भरोसे पर टिका है। गोर ने कहा कि अमेरिका फर्स्ट का मतलब सिर्फ अमेरिका नहीं है। दोनों देश मिलकर ऐसे मौके तलाश रहे हैं, जिनसे दोनों को फायदा हो। उन्होंने बताया कि भारत में अमेरिकी दूतावास ने इस साल रिकॉर्ड 20.5 अरब डॉलर का निवेश अमेरिका में लाने में मदद की है। अमेरिकी विदेश मंत्री बोले- भारत-अमेरिका में ट्रेड डील जल्द मार्को रुबियो ने रविवार को कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्तों की रफ्तार धीमी नहीं पड़ी है और दोनों देशों के बीच जल्द ही व्यापार समझौता होने की उम्मीद है। भारत दौरे के दूसरे दिन रूबियो ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बातचीत की। उन्होंने अब तक के अपने भारत दौरे को शानदार बताया। रुबियो का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक और कूटनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है। इसकी बड़ी वजह राष्ट्रपति ट्रम्प की टैरिफ नीति है, जिसके तहत कई भारतीय उत्पादों पर शुल्क बढ़ाया गया है। जयंशकर बोले- आतंकवाद के खिलाफ नरमी नहीं बरती जाए कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि आज के समय में भारत और अमेरिका के रिश्ते बहुत महत्वपूर्ण हो गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने दोनों देशों की साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा तय की है। इससे भारत और अमेरिका दोनों के लोगों को फायदा होगा और दुनिया में भी अच्छा मैसेज जाएगा। जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को लेकर “जीरो टॉलरेंस” यानी बिल्कुल भी नरमी नहीं होनी चाहिए। इसी वजह से दोनों देशों के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग बहुत अहम है। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय तेजी से बदल रही है और ऐसे दौर में भारत-अमेरिका रिश्ते और मजबूत होते जा रहे हैं। दोनों देश मिलकर वैश्विक अर्थव्यवस्था को सुरक्षित बनाने और दुनिया को ज्यादा विकल्प देने की दिशा में काम कर रहे हैं। जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों लोकतांत्रिक देश हैं। दोनों की अर्थव्यवस्था खुली है और समाज भी खुले विचारों वाला है। यही समानताएं दोनों देशों को मजबूत रणनीतिक साझेदार बनाती हैं। उन्होंने कहा कि व्यापार, रक्षा, टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऊर्जा, अंतरिक्ष, शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कृति जैसे कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
Reliance Top Gainer | Market Cap Rises for TCS, ICICI Bank; Top 10 Companies India

Hindi News Business Reliance Top Gainer | Market Cap Rises For TCS, ICICI Bank; Top 10 Companies India मुंबई18 मिनट पहले कॉपी लिंक मार्केट कैप के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 6 की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 74,111 करोड़ रुपए बढ़ गई। इस दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट वैल्यू सबसे ज्यादा बढ़ी। रिलायंस की मार्केट वैल्यू ₹24,696 करोड़ बढ़कर ₹18.33 लाख करोड़ हो गई है। वहीं TCS की मार्केट वैल्यू ₹19,338 करोड़ बढ़कर ₹8.38 लाख करोड़ पहुंच गई है। इसके अलावा ICICI बैंक, LIC, बजाज फाइनेंस और लार्सन एंड टुब्रो की मार्केट वैल्यू भी बढ़ी है। वहीं बीते हफ्ते भारती एयरटेल, HUL, SBI और HDFC बैंक की मार्केट वैल्यू घटी है। देश की टॉप-10 कंपनियों में से 6 की वैल्यू ₹74,111 करोड़ बढ़ी कंपनी हफ्ते भर में चेंज (₹ करोड़ में) मौजूदा मार्केट कैप (₹ लाख करोड़ में) रिलायंस +24,696 18.33 TCS +19,338 8.38 ICICI बैंक +14,515 9.06 LIC +9,076 5.14 बजाज फाइनेंस +3,797 5.70 L&T +2,685 5.40 एयरटेल -20,229 11.40 HUL -16,212 5.17 SBI -12,784 8.76 HDFC बैंक -2,094 11.79 सोर्स: BSE (18 मई – 22 मई, 2026) बीते हफ्ते सेंसेक्स 1,149 अंक चढ़ा था पिछले हफ्ते सेंसेक्स +1,149.65 (1.55%) अंक चढ़ा था। वहीं बीते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को सेंसेक्स 232 अंक (0.31%) की तेजी के साथ 75,415 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 65 अंकों (0.27%) की तेजी रही, ये 23,719 पर बंद हुआ। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… बढ़ने का क्या मतलब घटने का क्या मतलब शेयर की कीमत में बढ़ोतरी शेयर प्राइस में गिरावट मजबूत वित्तीय प्रदर्शन खराब नतीजे पॉजिटीव न्यूज या इवेंट नेगेटिव न्यूज या इवेंट पॉजिटीव मार्केट सेंटिमेंट इकोनॉमी या मार्केट में गिरावट हाई प्राइस पर शेयर जारी करना शेयर बायबैक या डीलिस्टिंग मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
BPCL Warns Fuel Prices May Rise Amid Energy Crisis

नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम के डायरेक्टर राज कुमार दुबे ने कहा है कि अगर वैश्विक ऊर्जा संकट इसी तरह जारी रहा, तो देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक और बढ़ोतरी तय है। भारत में 9 दिन में तीन बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ चुके हैं। कल 23 मई को 19 मई को दामों में एवरेज 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इससे पहले 15 मई दाम ₹3 बढ़े थे। अमेरिका-ईरान जंग की वजह से कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इससे निपटने के लिए नीति निर्माताओं के पास अब सीमित विकल्प बचे हैं। दुबे के मुताबिक, इस संकट से निपटने के लिए सरकार और तेल कंपनियों के सामने अभी मुख्य रूप से तीन रास्ते खुले हैं: पहला विकल्प-पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कीमतों को बढ़ा दिया जाए। दूसरा विकल्प- तेल कंपनियां खुद इस नुकसान को उठाएं और घाटे को बढ़ने दें। तीसरा विकल्प- सरकार फाइनेंसिंग के जरिए तेल कंपनियों को फंड मुहैया कराए। अमेरिका-ईरान जंग से ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा दुबे ने बताया कि शुरुआत में वैश्विक स्तर पर कीमतों में 20% से 50% तक की बढ़ोतरी को अस्थायी माना जा रहा था। लेकिन अब जिस तरह से स्थितियां बदल रही हैं, उसे देखकर लगता है कि यह संकट आगे भी जारी रहने वाला है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है। इस इंफ्रास्ट्रक्चर की तबाही को ठीक करने में ही अभी बहुत लंबा समय लगने वाला है। मौजूदा हालात को देखते हुए अगर यही स्थिति बनी रही, तो ईंधन के दामों में एक और बढ़ोतरी होना बिल्कुल तय है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि कीमतों में कुल कितनी बढ़ोतरी की जाएगी। भारत में रूस और अफ्रीका से आ रहा तेल दुबे ने कहा कि भारत ने अपनी तेल सप्लाई के स्रोतों में बदलाव किया है। अब रूसी तेल, अफ्रीका और कई अन्य जगहों से डाइवर्सिफिकेशन के जरिए तेल आ रहा है। बीपीसीएल और अन्य भारतीय ऊर्जा कंपनियों ने अपनी सोर्सिंग का काफी विस्तार किया है। पहले जहां भारत के पास केवल 20 सप्लाई पॉइंट्स थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 40 हो गई है। 28 फरवरी को शुरू हुई थी जंग, अप्रैल में सीजफायर हुआ था मिडिल ईस्ट में यह विवाद तब बढ़ा था, जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर बड़े हवाई हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने भी इजराइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए। इसके बाद अप्रैल की शुरुआत में दोनों देश युद्धविराम के लिए राजी हुए और तब से पर्दे के पीछे से शांति समझौते की बातचीत चल रही है। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से कच्चे तेल के दाम बढ़े जंग की वजह से ईरान ने हॉर्मुज बंद कर दिया था। यह समुद्री रास्ता दुनिया के लिए लाइफलाइन की तरह है। वैश्विक स्तर पर कुल तेल सप्लाई का करीब 20% हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। जब जंग शुरू हुई थी तो कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब चल रहा था। मार्च तक दाम बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए। फिर सीजफायर के ऐलान के बाद दामों में उतार-चढ़ाव रहा और ये 100 डॉलर से नीचे आ गए। अभी ब्रेंट क्रूड ऑयल 103 डॉलर के करीब है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…





