Saturday, 01 Aug 2026 | 08:46 AM

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इंडिगो को चौथी तिमाही में ₹2,536 करोड़ का घाटा हुआ:पिछले साल ₹3,068 करोड़ का मुनाफा हुआ था; महंगे फ्यूल से कंपनी का नुकसान बढ़ा

इंडिगो को चौथी तिमाही में ₹2,536 करोड़ का घाटा हुआ:पिछले साल ₹3,068 करोड़ का मुनाफा हुआ था; महंगे फ्यूल से कंपनी का नुकसान बढ़ा

इंडिगो एयरलाइन की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने 29 मई 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4FY26) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी को ₹2,536 करोड़ का नेट लॉस (शुद्ध घाटा) हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹3,068 करोड़ का नेट प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा) हुआ था। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इस समय कई तरह की चुनौतियों से जूझ रही है। कंपनी को यह घाटा मुख्य रूप से डोमेस्टिक कैपसिटी पर लगी पाबंदियों, भारतीय रुपए में आई गिरावट और हवाई ईंधन यानी फ्यूल की बढ़ती कीमतों के कारण हुआ है। इसके अलावा इस तिमाही में कंपनी पर ₹250 करोड़ का वन-टाइम चार्ज यानी एकमुश्त शुल्क भी लगा है। सालाना आधार पर घाटे के बावजूद कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू में थोड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में इंडिगो का रेवेन्यू मामूली रूप से बढ़कर ₹22,438 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष (Q4FY25) की समान तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹22,152 करोड़ था। 450 मिलियन डॉलर की प्रीपेमेंट को मंजूरी मिली इंडिगो के बोर्ड ने कंपनी के फाइनेंस लीज ऑब्लिगेशंस (लीज देनदारियों) के आंशिक प्रीपेमेंट को मंजूरी दे दी है। यह भुगतान एक या अधिक किश्तों में कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ‘इंटरग्लोब एविएशन फाइनेंशियल सर्विसेज IFSC प्राइवेट लिमिटेड’ को किया जाएगा। इसकी कुल रकम लगभग 450 मिलियन डॉलर तक होगी। इस फंड का इस्तेमाल सहायक कंपनी विमान, विमान के इंजन और पार्ट्स खरीदने के लिए करेगी, जिससे एयरलाइन को खुद के एविएशन एसेट्स के मालिकाना हक मिलेंगे। कुल इनकम 6% से ज्यादा बढ़ी है: कंपनी के MD कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) राहुल भाटिया ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 बिजनेस के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण माहौल वाला रहा, जिसने हमारे मुनाफे को काफी प्रभावित किया है। इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बिजनेस का बुनियादी प्रदर्शन मजबूत बना रहा। इस साल हमारी क्षमता (कैपसिटी) में 9.5% की बढ़ोतरी हुई और कुल इनकम 6% से ज्यादा बढ़ी है। अगर हम विदेशी मुद्रा (फॉरेन एक्सचेंज) के उतार-चढ़ाव और एकमुश्त मदों के प्रभाव को हटा दें, तो इंडिगो ने ₹7,500 करोड़ का मुनाफा कमाया है। हम लगातार उतार-चढ़ाव के बीच एक मजबूत बैलेंस शीट और पर्याप्त नकदी (लिक्विडिटी) बनाए रखने में सफल रहे हैं। मिडिल ईस्ट संकट और लेबर लॉ का असर पैसेंजर्स और लोड फैक्टर में गिरावट कंपनी की स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, इस तिमाही में इंडिगो के यात्रियों की संख्या में 1.1% की मामूली गिरावट आई है, जो घटकर 31.6 मिलियन रह गई। प्रति किलोमीटर कमाई (यील्ड) भी 2.2% घटकर ₹5.20 हो गई। इसके साथ ही पैसेंजर लोड फैक्टर में 1.7% की कमी आई है और यह घटकर 85.8% पर आ गया है। क्या होता है ASKs और लोड फैक्टर?

इंडिगो को चौथी तिमाही में ₹2,536 करोड़ का घाटा हुआ:पिछले साल ₹3,068 करोड़ का मुनाफा हुआ था; महंगे फ्यूल का बोझ यात्रियों पर डालेगी एयरलाइन

इंडिगो को चौथी तिमाही में ₹2,536 करोड़ का घाटा हुआ:पिछले साल ₹3,068 करोड़ का मुनाफा हुआ था; महंगे फ्यूल से कंपनी का नुकसान बढ़ा

इंडिगो एयरलाइन की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने 29 मई 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4FY26) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी को ₹2,536 करोड़ का कॉन्सोलिडेटेड नेट लॉस (शुद्ध घाटा) हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹3,068 करोड़ का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा) हुआ था। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इस समय कई तरह की चुनौतियों से जूझ रही है। कंपनी को यह घाटा मुख्य रूप से डोमेस्टिक कैपसिटी पर लगी पाबंदियों, भारतीय रुपए में आई गिरावट और हवाई ईंधन यानी फ्यूल की बढ़ती कीमतों के कारण हुआ है। इसके अलावा इस तिमाही में कंपनी पर ₹250 करोड़ का वन-टाइम चार्ज यानी एकमुश्त शुल्क भी लगा है। सालाना आधार पर घाटे के बावजूद कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू में थोड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में इंडिगो का रेवेन्यू मामूली रूप से बढ़कर ₹22,438 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष (Q4FY25) की समान तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹22,152 करोड़ था। फ्यूल के बढ़े हुए खर्च का बोझ यात्रियों पर डालेंगे: इंडिगो नतीजों के साथ ही इंडिगो ने घोषणा की है कि वह घरेलू और इंटरनेशनल दोनों रूटों पर फ्यूल के बढ़े हुए खर्च का बोझ यात्रियों पर डालेगी। मिडिल ईस्ट संकट की वजह से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव आ रहा है। इसके कारण एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल की लागत बढ़ गई है, जिससे निपटने के लिए कंपनी अब किरायों में बढ़ोतरी करने जा रही है। फ्यूल हेजिंग के विकल्प पर विचार कर रही कंपनी कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए इंडिगो अब ‘फ्यूल हेजिंग’ की रणनीति अपनाने पर विचार कर रही है। कंपनी के एक टॉप एग्जीक्यूटिव के मुताबिक, जोखिम कम करने के उपाय पर काम किया जा रहा है। दुनिया की कई ग्लोबल एयरलाइंस तेल की कीमतों में आने वाले तेज उछाल से अपने मार्जिन को सुरक्षित रखने के लिए इस रणनीति का इस्तेमाल करती हैं। एयरलाइन मैनेजमेंट का कहना है कि एविएशन सेक्टर के लिए फ्यूल प्राइस सबसे बड़ा वेरिएबल बना हुआ है, इसलिए बाजार के हालातों को देखते हुए किरायों को एडजस्ट किया जाता रहेगा। 450 मिलियन डॉलर की प्रीपेमेंट को मंजूरी मिली इंडिगो के बोर्ड ने कंपनी के फाइनेंस लीज ऑब्लिगेशंस (लीज देनदारियों) के आंशिक प्रीपेमेंट को मंजूरी दे दी है। यह भुगतान एक या अधिक किश्तों में कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ‘इंटरग्लोब एविएशन फाइनेंशियल सर्विसेज IFSC प्राइवेट लिमिटेड’ को किया जाएगा। इसकी कुल रकम लगभग 450 मिलियन डॉलर तक होगी। इस फंड का इस्तेमाल सहायक कंपनी विमान, विमान के इंजन और पार्ट्स खरीदने के लिए करेगी, जिससे एयरलाइन को खुद के एविएशन एसेट्स के मालिकाना हक मिलेंगे। कुल इनकम 6% से ज्यादा बढ़ी है: कंपनी के MD कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) राहुल भाटिया ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 बिजनेस के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण माहौल वाला रहा, जिसने हमारे मुनाफे को काफी प्रभावित किया है। इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बिजनेस का बुनियादी प्रदर्शन मजबूत बना रहा। इस साल हमारी क्षमता (कैपसिटी) में 9.5% की बढ़ोतरी हुई और कुल इनकम 6% से ज्यादा बढ़ी है। अगर हम विदेशी मुद्रा (फॉरेन एक्सचेंज) के उतार-चढ़ाव और एकमुश्त मदों के प्रभाव को हटा दें, तो इंडिगो ने ₹7,500 करोड़ का मुनाफा कमाया है। हम लगातार उतार-चढ़ाव के बीच एक मजबूत बैलेंस शीट और पर्याप्त नकदी (लिक्विडिटी) बनाए रखने में सफल रहे हैं। मिडिल ईस्ट संकट और लेबर लॉ का असर पैसेंजर्स और लोड फैक्टर में गिरावट कंपनी की स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, इस तिमाही में इंडिगो के यात्रियों की संख्या में 1.1% की मामूली गिरावट आई है, जो घटकर 31.6 मिलियन रह गई। प्रति किलोमीटर कमाई (यील्ड) भी 2.2% घटकर ₹5.20 हो गई। इसके साथ ही पैसेंजर लोड फैक्टर में 1.7% की कमी आई है और यह घटकर 85.8% पर आ गया है। 6 महीने में 17.13% गिरा इंडिगो का शेयर तिमाही के नतीजों के पहले इंटरग्लोब एविएशन का शेयर आज 3.28% गिरकर 4,420 रुपए के स्तर पर बंद हुआ। कंपनी का शेयर 5 दिन में 2.3% गिरा और एक महीने में 1.72% चढ़ा है। वहीं शेयर बीते 6 महीने में 24% और एक साल में 17% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.71 लाख करोड़ रुपए है। भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन है इंडिगो मार्केट शेयर के लिहाज से इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है। भारतीय एयरलाइन मार्केट में कंपनी का मार्केट शेयर करीब 60% है। इसकी स्थापना 2006 में राहुल भाटिया और राकेश गंगवाल ने की थी। एयरलाइन की 400 से ज्यादा एयरक्राफ्ट की फ्लीट है। इसके 50 करोड़ से ज्यादा कस्टमर हैं। क्या होता है ASKs और लोड फैक्टर? अवेलेबल सीट किलोमीटर (ASKs): इसका मतलब होता है कि एयरलाइन के पास कुल कितनी सीटें उपलब्ध थीं और उन्होंने कितने किलोमीटर की दूरी तय की। यह एयरलाइन की कुल पैसेंजर क्षमता को मापने का पैमाना है। लोड फैक्टर: इससे पता चलता है कि उड़ान के दौरान एयरलाइन की कितनी प्रतिशत सीटें भरी हुई थीं। जितना ज्यादा लोड फैक्टर होगा, एयरलाइन की क्षमता का उतना ही बेहतर इस्तेमाल माना जाता है।

India Women Beat England in 1st T20

India Women Beat England in 1st T20

Hindi News Sports Cricket India Women Beat England In 1st T20 | Jemimah, Yastika Fifty, Nandini Sharma Debut 3 Wickets 18 मिनट पहले कॉपी लिंक चेम्सफोर्ड में खेले गए पहले टी-20 में भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड को 38 रन से हरा दिया। भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। हरमनप्रीत कौर को आराम दिया गया था और स्मृति मंधाना कप्तानी कर रही थीं। भारत ने 7 विकेट पर 188 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड 8 विकेट पर 150 रन ही बना सकी। भारत की ओर से जेमिमा रोड्रिग्स ने 69 और यास्तिका भाटिया ने 54 रन बनाए। डेब्यू मैच खेल रहीं नंदनी शर्मा ने 3 विकेट लिए। शुरुआती झटकों के बाद यास्तिका और जेमिमा ने संभाली पारी टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही। लॉरेन बेल ने पहले ओवर में स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा को आउट कर भारत का स्कोर 7 रन पर 2 विकेट कर दिया। इसके बाद दो साल बाद टी-20 इंटरनेशनल में लौटीं यास्तिका भाटिया और जेमिमा रोड्रिग्स ने पारी संभाली। जेमिमा और यास्तिका ने तीसरे विकेट के लिए 76 गेंदों में 126 रन की पार्टनरशिप की। दो साल बाद लौटीं यास्तिका ने 31 बॉल में बनाई फिफ्टी अप्रैल 2024 के बाद पहला मैच खेल रहीं यास्तिका भाटिया ने आक्रामक बल्लेबाजी की। उन्होंने इसी वोंग के ओवर में 4 चौकों समेत 27 रन बटोरे और सोफी एसलस्टोन पर सिक्स भी लगाया। यास्तिका ने 31 गेंदों में फिफ्टी पूरी की। जेमिमा और यास्तिका ने तीसरे विकेट के लिए 76 गेंदों में 126 रन जोड़कर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। यास्तिका भाटिया ने 40 गेंदों में 54 रन बनाए। लॉरेन बेल ने शुरुआती सफलता दिलाई लॉरेन बेल ने इंग्लैंड को शुरुआती सफलताएं दिलाईं। हालांकि, खराब फील्डिंग से भारतीय बल्लेबाजों को रन लेने के मौके मिले। टिली कॉर्टिन-कोलमैन के थ्रो पर यास्तिका रन आउट हुईं, जबकि जेमिमा चार्ली डीन की गेंद पर आउट हो गईं। आखिरी ओवरों में ऋचा घोष और भारती फुलमाली जल्दी आउट हुईं, लेकिन दीप्ति शर्मा की 22 रन की पारी से भारत ने बड़ा स्कोर बनाया। एमी जोन्स की फिफ्टी भी इंग्लैंड को नहीं बचा सकी 189 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही और टीम 37 रन पर 2 विकेट गंवा चुकी थी। इसके बाद एमी जोन्स और हीथर नाइट ने 64 रन की साझेदारी की। एमी जोन्स ने 48 गेंदों में 67 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से साथ नहीं मिला। हीथर नाइट इंग्लैंड की ओर से सभी फॉर्मेट में सबसे ज्यादा 310 मैच खेलने वाली खिलाड़ी बन गईं। डेब्यू मैच में नंदनी शर्मा ने पहले ही ओवर में 3 विकेट लिए डेब्यू कर रहीं नंदनी शर्मा ने अपने पहले ओवर में 3 विकेट लिए। उन्होंने एमी जोन्स और डैनी गिब्सन को लगातार गेंदों पर शेफाली वर्मा के हाथों कैच कराया। नंदनी हैट्रिक पर थीं, लेकिन चार्ली डीन ने अगली गेंद रोक ली। इसके दो गेंद बाद नंदनी ने इसी वोंग को बोल्ड कर मैच भारत के पक्ष में कर दिया। इंग्लैंड इसके बाद वापसी नहीं कर सकी और भारत ने 38 रन से मैच जीत लिया। नंदिनी शर्मा ने 4 ओवर में 34 रन देकर 3 विकेट लिए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

India Women Beat England in 1st T20

India Women Beat England in 1st T20

Hindi News Sports Cricket India Women Beat England In 1st T20 | Jemimah, Yastika Fifty, Nandini Sharma Debut 3 Wickets 1 घंटे पहले कॉपी लिंक चेम्सफोर्ड में खेले गए पहले टी-20 में भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड को 38 रन से हरा दिया। भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। हरमनप्रीत कौर को आराम दिया गया था और स्मृति मंधाना कप्तानी कर रही थीं। भारत ने 7 विकेट पर 188 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड 8 विकेट पर 150 रन ही बना सकी। भारत की ओर से जेमिमा रोड्रिग्स ने 69 और यास्तिका भाटिया ने 54 रन बनाए। डेब्यू मैच खेल रहीं नंदनी शर्मा ने 3 विकेट लिए। शुरुआती झटकों के बाद यास्तिका और जेमिमा ने संभाली पारी टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही। लॉरेन बेल ने पहले ओवर में स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा को आउट कर भारत का स्कोर 7 रन पर 2 विकेट कर दिया। इसके बाद दो साल बाद टी-20 इंटरनेशनल में लौटीं यास्तिका भाटिया और जेमिमा रोड्रिग्स ने पारी संभाली। जेमिमा और यास्तिका ने तीसरे विकेट के लिए 76 गेंदों में 126 रन की पार्टनरशिप की। दो साल बाद लौटीं यास्तिका ने 31 बॉल में बनाई फिफ्टी अप्रैल 2024 के बाद पहला मैच खेल रहीं यास्तिका भाटिया ने आक्रामक बल्लेबाजी की। उन्होंने इसी वोंग के ओवर में 4 चौकों समेत 27 रन बटोरे और सोफी एसलस्टोन पर सिक्स भी लगाया। यास्तिका ने 31 गेंदों में फिफ्टी पूरी की। जेमिमा और यास्तिका ने तीसरे विकेट के लिए 76 गेंदों में 126 रन जोड़कर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। यास्तिका भाटिया ने 40 गेंदों में 54 रन बनाए। लॉरेन बेल ने शुरुआती सफलता दिलाई लॉरेन बेल ने इंग्लैंड को शुरुआती सफलताएं दिलाईं। हालांकि, खराब फील्डिंग से भारतीय बल्लेबाजों को रन लेने के मौके मिले। टिली कॉर्टिन-कोलमैन के थ्रो पर यास्तिका रन आउट हुईं, जबकि जेमिमा चार्ली डीन की गेंद पर आउट हो गईं। आखिरी ओवरों में ऋचा घोष और भारती फुलमाली जल्दी आउट हुईं, लेकिन दीप्ति शर्मा की 22 रन की पारी से भारत ने बड़ा स्कोर बनाया। एमी जोन्स की फिफ्टी भी इंग्लैंड को नहीं बचा सकी 189 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही और टीम 37 रन पर 2 विकेट गंवा चुकी थी। इसके बाद एमी जोन्स और हीथर नाइट ने 64 रन की साझेदारी की। एमी जोन्स ने 48 गेंदों में 67 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से साथ नहीं मिला। हीथर नाइट इंग्लैंड की ओर से सभी फॉर्मेट में सबसे ज्यादा 310 मैच खेलने वाली खिलाड़ी बन गईं। डेब्यू मैच में नंदनी शर्मा ने पहले ही ओवर में 3 विकेट लिए डेब्यू कर रहीं नंदनी शर्मा ने अपने पहले ओवर में 3 विकेट लिए। उन्होंने एमी जोन्स और डैनी गिब्सन को लगातार गेंदों पर शेफाली वर्मा के हाथों कैच कराया। नंदनी हैट्रिक पर थीं, लेकिन चार्ली डीन ने अगली गेंद रोक ली। इसके दो गेंद बाद नंदनी ने इसी वोंग को बोल्ड कर मैच भारत के पक्ष में कर दिया। इंग्लैंड इसके बाद वापसी नहीं कर सकी और भारत ने 38 रन से मैच जीत लिया। नंदिनी शर्मा ने 4 ओवर में 34 रन देकर 3 विकेट लिए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

SC ने कहा- ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर 28% GST सही:राज्यों को मनी गेम्स पर बैन लगाने का हक मिला, गेमिंग कंपनियों की याचिकाएं खारिज

SC ने कहा- ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर 28% GST सही:राज्यों को मनी गेम्स पर बैन लगाने का हक मिला, गेमिंग कंपनियों की याचिकाएं खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को जारी किए गए गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिसों को पूरी तरह से वैध ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि गेमिंग प्लेटफॉर्म पर जमा की जाने वाली कुल राशि (फुल वैल्यू ऑफ डिपॉजिट) पर 28% टैक्स वसूलना संवैधानिक रूप से सही है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने डेल्टा कॉर्प और अन्य गेमिंग कंपनियों की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें पिछली तारीख से (रिट्रोस्पेक्टिव) 28% GST लगाने के फैसले को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने साफ किया कि ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी एक्टिविटीज GST एक्ट के तहत एक्शन एबल क्लेम्स के दायरे में आती हैं, इसलिए इन पर टैक्स वसूलना बिल्कुल सही है। राज्यों को मनी गेम्स पर बैन लगाने का हक मिला सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकारों को ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाने का पूरा अधिकार है। भले ही उन खेलों में स्किल की जरूरत क्यों न होती हो, राज्य सरकारें उन्हें पूरी तरह बैन या रेगुलेट कर सकती हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने तमिलनाडु और कर्नाटक सरकार की अपीलों को स्वीकार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट और कर्नाटक हाई कोर्ट के उन पुराने फैसलों को रद्द कर दिया है, जिन्होंने ऑनलाइन गेमिंग पर दांव लगाने (स्टेक्स) को बैन या रेगुलेट करने वाले राज्य के कानूनों को असंवैधानिक बताकर खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा गेमिंग कंपनियों को दी गई अंतरिम राहत को भी पूरी तरह से हटा दिया है। कंपनियां टैक्स नोटिस पर दे सकती हैं जवाब सुप्रीम कोर्ट ने अब GST अथॉरिटीज को निर्देश दिया है कि वे कानून के मुताबिक इन कारण बताओ नोटिसों पर आगे की प्रोसेसिंग शुरू करें। हालांकि, इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा है कि प्रभावित ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां GST अथॉरिटीज द्वारा जारी किए गए इन शो-कॉज नोटिसों पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं। 2.5 लाख करोड़ के टैक्स नोटिस पर था विवाद सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अगस्त 2025 में रियल-मनी गेमिंग (RMG) प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ जारी किए गए करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए के रिट्रोस्पेक्टिव टैक्स नोटिस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस पूरे विवाद की मुख्य वजह टैक्स कैलकुलेशन के तरीके को लेकर अलग-अलग व्याख्या होना था। फुल डिपॉजिट बनाम ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू का गणित टैक्स विभाग की मांग थी कि कंपनियों को यूजर्स द्वारा प्लेटफॉर्म पर जमा की जाने वाली पूरी रकम (फुल फेस वैल्यू ऑफ डिपॉजिट) पर 28% की दर से टैक्स चुकाना होगा। दूसरी तरफ, गेमिंग कंपनियों का तर्क था कि उन्हें केवल टूर्नामेंट होस्ट करने के बदले ली जाने वाली कमीशन राशि पर ही टैक्स देना चाहिए, जिसे ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू (GGR) कहा जाता है। कंपनियों के मुताबिक, यह कमीशन कुल जमा राशि का केवल 5% से 15% ही होता है। कंपनियों के बंद होने और नौकरियों पर संकट गेमिंग कंपनियों ने कोर्ट के सामने यह दलील भी दी थी कि टैक्स विभाग द्वारा मांगी गई GST की कुल रकम इन कंपनियों की कुल कमाई से भी कई गुना ज्यादा है। अगर यह टैक्स वसूला गया, तो कंपनियों को आखिरकार अपना पूरा कामकाज बंद करना पड़ेगा। नया ऑनलाइन गेमिंग कानून और संकट अगस्त 2025 में जब सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था, उसके करीब दो हफ्ते बाद ही भारत सरकार ने एक नया ऑनलाइन गेमिंग कानून बनाया था, जिसे ‘प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट’ (PROGA) नाम दिया गया। यह कानून उन सभी ऑनलाइन मनी गेम्स को प्रतिबंधित करता है जहां कोई यूजर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस उम्मीद के साथ पैसे जमा करता है कि उसे उस डिपॉजिट पर जीत की रकम (विनिंग्स) मिलेगी। 3.5 बिलियन डॉलर की इंडस्ट्री को नुकसान इस नए कानून के लागू होने से देश की करीब 3.5 बिलियन डॉलर की रियल-मनी गेमिंग इंडस्ट्री अचानक संकट में आ गई। कमाई पूरी तरह रुक जाने के कारण कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और उन्होंने बड़े पैमाने पर खर्चों में कटौती शुरू कर दी। इस वजह से गेमिंग कंपनियों को 3,000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकालना पड़ा। गेमिंग इंडस्ट्री से जुड़े ये नए नियम आधिकारिक तौर पर 1 मई 2026 से प्रभावी हो चुके हैं। क्या होता है रिट्रोस्पेक्टिव टैक्स और एक्शनएबल क्लेम? ये खबर भी पढ़ें… हुंडई की कारें ₹12,800 तक महंगी होंगी: नई कीमतें 1 जून 2026 से लागू की जाएंगी, कंपनी ने इनपुट कॉस्ट बढ़ने के चलते फैसला किया हुंडई मोटर इंडिया की कारें 1 जून 2026 से महंगी होने जा रही हैं। कंपनी ने अपनी कारों की कीमतों में 12,800 रुपए तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। नई कीमतें अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के आधार पर तय की जाएंगी। पूरी खबर पढ़ें…

SC ने कहा- ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर 28% GST सही:राज्यों को मनी गेम्स पर बैन लगाने का हक मिला, गेमिंग कंपनियों की याचिकाएं खारिज

SC ने कहा- ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर 28% GST सही:राज्यों को मनी गेम्स पर बैन लगाने का हक मिला, गेमिंग कंपनियों की याचिकाएं खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को जारी किए गए गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिसों को पूरी तरह से वैध ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि गेमिंग प्लेटफॉर्म पर जमा की जाने वाली कुल राशि (फुल वैल्यू ऑफ डिपॉजिट) पर 28% टैक्स वसूलना संवैधानिक रूप से सही है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने डेल्टा कॉर्प और अन्य गेमिंग कंपनियों की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें पिछली तारीख से (रिट्रोस्पेक्टिव) 28% GST लगाने के फैसले को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने साफ किया कि ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी एक्टिविटीज GST एक्ट के तहत एक्शन एबल क्लेम्स के दायरे में आती हैं, इसलिए इन पर टैक्स वसूलना बिल्कुल सही है। राज्यों को मनी गेम्स पर बैन लगाने का हक मिला सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकारों को ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाने का पूरा अधिकार है। भले ही उन खेलों में स्किल की जरूरत क्यों न होती हो, राज्य सरकारें उन्हें पूरी तरह बैन या रेगुलेट कर सकती हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने तमिलनाडु और कर्नाटक सरकार की अपीलों को स्वीकार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट और कर्नाटक हाई कोर्ट के उन पुराने फैसलों को रद्द कर दिया है, जिन्होंने ऑनलाइन गेमिंग पर दांव लगाने (स्टेक्स) को बैन या रेगुलेट करने वाले राज्य के कानूनों को असंवैधानिक बताकर खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा गेमिंग कंपनियों को दी गई अंतरिम राहत को भी पूरी तरह से हटा दिया है। कंपनियां टैक्स नोटिस पर दे सकती हैं जवाब सुप्रीम कोर्ट ने अब GST अथॉरिटीज को निर्देश दिया है कि वे कानून के मुताबिक इन कारण बताओ नोटिसों पर आगे की प्रोसेसिंग शुरू करें। हालांकि, इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा है कि प्रभावित ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां GST अथॉरिटीज द्वारा जारी किए गए इन शो-कॉज नोटिसों पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं। 2.5 लाख करोड़ के टैक्स नोटिस पर था विवाद सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अगस्त 2025 में रियल-मनी गेमिंग (RMG) प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ जारी किए गए करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए के रिट्रोस्पेक्टिव टैक्स नोटिस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस पूरे विवाद की मुख्य वजह टैक्स कैलकुलेशन के तरीके को लेकर अलग-अलग व्याख्या होना था। फुल डिपॉजिट बनाम ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू का गणित टैक्स विभाग की मांग थी कि कंपनियों को यूजर्स द्वारा प्लेटफॉर्म पर जमा की जाने वाली पूरी रकम (फुल फेस वैल्यू ऑफ डिपॉजिट) पर 28% की दर से टैक्स चुकाना होगा। दूसरी तरफ, गेमिंग कंपनियों का तर्क था कि उन्हें केवल टूर्नामेंट होस्ट करने के बदले ली जाने वाली कमीशन राशि पर ही टैक्स देना चाहिए, जिसे ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू (GGR) कहा जाता है। कंपनियों के मुताबिक, यह कमीशन कुल जमा राशि का केवल 5% से 15% ही होता है। कंपनियों के बंद होने और नौकरियों पर संकट गेमिंग कंपनियों ने कोर्ट के सामने यह दलील भी दी थी कि टैक्स विभाग द्वारा मांगी गई GST की कुल रकम इन कंपनियों की कुल कमाई से भी कई गुना ज्यादा है। अगर यह टैक्स वसूला गया, तो कंपनियों को आखिरकार अपना पूरा कामकाज बंद करना पड़ेगा। नया ऑनलाइन गेमिंग कानून और संकट अगस्त 2025 में जब सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था, उसके करीब दो हफ्ते बाद ही भारत सरकार ने एक नया ऑनलाइन गेमिंग कानून बनाया था, जिसे ‘प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट’ (PROGA) नाम दिया गया। यह कानून उन सभी ऑनलाइन मनी गेम्स को प्रतिबंधित करता है जहां कोई यूजर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस उम्मीद के साथ पैसे जमा करता है कि उसे उस डिपॉजिट पर जीत की रकम (विनिंग्स) मिलेगी। 3.5 बिलियन डॉलर की इंडस्ट्री को नुकसान इस नए कानून के लागू होने से देश की करीब 3.5 बिलियन डॉलर की रियल-मनी गेमिंग इंडस्ट्री अचानक संकट में आ गई। कमाई पूरी तरह रुक जाने के कारण कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और उन्होंने बड़े पैमाने पर खर्चों में कटौती शुरू कर दी। इस वजह से गेमिंग कंपनियों को 3,000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकालना पड़ा। गेमिंग इंडस्ट्री से जुड़े ये नए नियम आधिकारिक तौर पर 1 मई 2026 से प्रभावी हो चुके हैं। क्या होता है रिट्रोस्पेक्टिव टैक्स और एक्शनएबल क्लेम? ये खबर भी पढ़ें… हुंडई की कारें ₹12,800 तक महंगी होंगी: नई कीमतें 1 जून 2026 से लागू की जाएंगी, कंपनी ने इनपुट कॉस्ट बढ़ने के चलते फैसला किया हुंडई मोटर इंडिया की कारें 1 जून 2026 से महंगी होने जा रही हैं। कंपनी ने अपनी कारों की कीमतों में 12,800 रुपए तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। नई कीमतें अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के आधार पर तय की जाएंगी। पूरी खबर पढ़ें…

India 6th in World Stock Market; Neelam Meena Appointed Chief Election Officer

India 6th in World Stock Market; Neelam Meena Appointed Chief Election Officer

Hindi News Career India 6th In World Stock Market; Neelam Meena Appointed Chief Election Officer 6 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. क्वाड देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क पर MoU साइन किया 26 मई को नई दिल्ली में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक खत्म हुई। बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री शामिल हुए। अमेरिका की ओर से मार्को रूबियो, जापान से तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पेनी वोंग मौजूद रहे। भारत और अमेरिका ने क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ सप्लाई सिक्योरिटी के लिए एक MoU साइन किया। ये MoU भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग बढ़ाने में मदद करेगा। क्वाड देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क शुरू करने को मंजूरी दी। इसके साथ ही खनन, प्रोसेसिंग, रीसाइक्लिंग और सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए मिलकर निवेश और सहयोग करने पर मंजूरी दी। क्वाड देशों ने इंडो-पैसिफिक में एनर्जी सिक्योरिटी बढ़ाने के लिए भी पहल की है, जिसके तहत फ्यूल सिक्योरिटी फोरम और रीजनल एनर्जी सिक्योरिटी को आगे बढ़ाया जाएगा। हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री निगरानी बढ़ाने के लिए क्वाड देश सैटेलाइट डेटा साझा करेंगे, जिससे तस्करी, अवैध मछली पकड़ने और आपदा राहत में मदद मिलेगी। क्वाड देशों ने फिजी में ‘पोर्ट्स ऑफ द फ्यूचर’ प्रोजेक्ट शुरू करने का फैसला भी किया है, जिसके तहत पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और रीजनल कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही क्वाड देशों ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े संकट पर भी बात की। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 2. ताइवान दुनिया का 5वां सबसे बड़ा शेयर मार्केट बना 25 मई को ब्लूमबर्ग की जारी रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को पीछे छोड़ ताइवान दुनिया का 5वां सबसे बड़ा शेयर मार्केट बन गया है। ताइवान का कुल मार्केट कैप 4.95 ट्रिलियन हुआ, जबकि भारत का मार्केट कैप 4.92 ट्रिलियन है। ताइवान के शेयर मार्केट में आए इस उछाल का मुख्य कारण ताइवानी सेमीकंडक्टर और एआई (AI) इंडस्ट्री की बढ़ती मांग है। ताइवान के मार्केट में आई इस तेजी की सबसे बड़ी वजह चिप निर्माता कंपनी Taiwan Semiconductor Manufacturing Company यानी TSMC रही है। कंपनी के शेयर इस साल करीब 49 प्रतिशत बढ़े हैं। भारत अब ग्लोबल शेयर मार्केट रैंकिंग में छठे नंबर पर आ गया है। दुनिया के सबसे बड़े शेयर मार्केट अमेरिका, चीन, जापान और हांगकांग के हैं। शेयर मार्केट रैंकिंग के मामले में ताइवान भारत से आगे है, लेकिन अर्थव्यवस्था के आकार में भारत अब भी काफी बड़ा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुमान के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था करीब 4.15 ट्रिलियन डॉलर की है और यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। वहीं, ताइवान का ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट यानी, GDP करीब 977 अरब डॉलर है। 3. भारत और कनाडा ने ‘CEPA 2030’ लक्ष्य तय किया 25 मई को भारत और कनाडा ने साल 2026 के आखिर तक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) पूरा करने का लक्ष्य तय किया। कनाडा के पीएम मार्क कॉर्नी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के बीच ओटावा में हुई बैठक में इस बात की जानकारी दी। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, CEPA का उद्देश्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को $50 बिलियन (लगभग 4 लाख करोड़ रुपए) तक करना है। कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने इस समझौते को दोनों देशों के लिए ‘गेम चेंजर’ बताया है। ये MoU सर्विस, इंवेस्टमेंट और ह्यूमन रिसोर्स से संबंधित है। इसके साथ ही दोनों देश एनर्जी, एग्रीकल्चर और हायर एजुकेशन जैसे सेक्टर्स में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। इस MoU से भारतीय निर्यातकों को कनाडा के बाजार में बेहतर पहुंच मिल सकेगी। ये CEPA भारत की ‘एक्ट वेस्ट’ और कनाडा की ‘इंडो-पैसिफिक’ रणनीति का हिस्सा है। इस MoU के पूरा होने पर फार्मास्युटिकल्स, टेक्सटाइल और IT प्रोफेशनल्स को फायदा मिलेगा। भारत और कनाडा के बीच व्यापार वार्ता की अगली बैठक जुलाई 2026 में ओटावा में आयोजित की जाएगी। अपॉइंटमेंट (APPOINTMENT) 4. नीलम मीणा चीफ इलेक्शन ऑफिसर अपॉइंट हुईं 26 मई को 1998 बैच की IAS नीलम मीणा ने पश्चिम बंगाल की नई चीफ इलेक्शन ऑफिसर (CEO) का पद संभाला। IAS नीलम की नियुक्ति पूर्व CEO मनोज कुमार अग्रवाल को राज्य का मुख्य सचिव बनाए जाने के बाद की गई है। नीलम हुगली जिले की मजिस्ट्रेट भी रह चुकी हैं। साथ ही सिलीगुड़ी जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण (SJDA) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी रहीं। नीलम पश्चिम बंगाल सरकार के युवा सेवा और पर्यावरण विभाग में वरिष्ठ पदों पर रह चुकी हैं। इसके साथ ही नीलम चाय बोर्ड और ग्रामीण विकास मंत्रालय में भी काम कर चुकी हैं। फरवरी 2024 में नीलम पश्चिम बंगाल के कंज्यूमर डिपार्टमेंट की सेक्रेटरी बनाई गई थीं और अब तक वे इस पद पर थीं। इससे साथ ही नीलम कई सारे डिपार्टमेंट में प्रिंसिपल सेक्रेटरी, डायरेक्टर, सेक्रेटरी, डिप्टी चेयरमैन, प्राइवेट सेक्रेटरी, जिला कलेक्टर एवं मजिस्ट्रेट, जॉइंट सेक्रेटरी, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर समेत कई पदों पर काम कर चुकी हैं। नीलम कई डिपार्टमेंट में प्रिंसिपल सेक्रेटरी, डायरेक्टर और डिप्टी चेयरमैन रह चुकी हैं। मिसलीनियस (MISCELLENEOUS) 5. बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह पर FWICE ने बैन लगाया 25 मई को बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह पर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने बैन लगाया। ये बैन अचानक फिल्म छोड़ने की वजह से लगाया गया है। एक्टर-डायरेक्टर फरहान अख्तर ने रणवीर सिंह के अचानक फिल्म ‘डॉन 3’ से बाहर होने की शिकायत FWICE में की थी। फरहान ने अपनी शिकायत में कहा कि फिल्म का प्री प्रोडक्शन शुरू हो गया था, इसके बाद रणवीर ने फिल्म छोड़ दी। इससे फिल्म मेकर्स को 45 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। FWICE के मुताबिक, फेडरेशन के अध्यक्ष वीएन तिवारी नेरणवीर से इस मामले में तीन बार बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने रिस्पोंस नहीं दिया। इसके बाद FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव (उनके साथ काम न करने का निर्देश) जारी कर दिया है। फरहान ने साल 2023 में फिल्म डॉन-3 की घोषणा एक्टर रणवीर सिंह के साथ की थी। 2006 में आई शाहरुख स्टारर डॉन और 2011 में आई डॉन-2 के बाद ये इस फ्रेंचाइजी की ये तीसरी फिल्म थी। फेडरेशन

Afghanistan Squad India Tour | Rashid Out, Omerzai Returns; Match in Chandigarh

Afghanistan Squad India Tour | Rashid Out, Omerzai Returns; Match in Chandigarh

Hindi News Sports Afghanistan Squad India Tour | Rashid Out, Omerzai Returns; Match In Chandigarh स्पोर्ट्स डेस्क3 मिनट पहले कॉपी लिंक राशीद खान ने अफगानिस्तान के लिए आखिरी टेस्ट जुलाई 2025 में खेला था। अफगानिस्तान ने भारत दौरे के लिए टेस्ट और वनडे टीम का ऐलान कर दिया है। भारत के खिलाफ 6 जून से न्यू चंडीगढ़ में होने वाले इकलौते टेस्ट मैच के लिए सेदीकुल्लाह अटल, रहमत शाह और ऑलराउंडर अजमतुल्लाह ओमरजई की टीम में वापसी हुई है। वहीं स्पिनर राशिद खान टेस्ट टीम से बाहर हो गए हैं। हश्मतुल्लाह शाहिदी कप्तानी करेंगे हश्मतुल्लाह शाहिदी की कप्तानी वाली 15 सदस्यीय टेस्ट टीम में अटल और ओमरजई को जगह मिली है। दोनों खिलाड़ियों ने अब तक सिर्फ एक-एक टेस्ट खेला है, जो उन्होंने 2024 में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला था। अनुभवी बल्लेबाज रहमत शाह भी टीम में लौटे हैं। उन्होंने अफगानिस्तान के 12 में से 11 टेस्ट खेले हैं और पिछला जिम्बाब्वे टेस्ट मिस किया था। हश्मतुल्लाह शाहिदी टेस्ट और वनडे दोनों टीम की कप्तानी करेंगे। राशिद खान बाहर हेड कोच रिचर्ड पाइबस ने हाल ही में राशिद खान को लंबी अवधि की फिटनेस को प्राथमिकता देने की सलाह दी थी। इसी वजह से राशिद एक बार फिर टेस्ट टीम में शामिल नहीं किए गए। उनकी गैरमौजूदगी में कायस अहमद स्पिन अटैक की अगुआई करते दिख सकते हैं। उनके साथ शराफुद्दीन अशरफ और नांगेयालिया खारोटे स्पिन विभाग संभालेंगे। न्यू चंडीगढ़ में 6 से 10 जून तक होगा इकलौता टेस्ट भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मुकाबला न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा। इसके बाद दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज होगी, जिसकी शुरुआत 14 जून से धर्मशाला में होगी। वनडे टीम में फरीद मलिक की वापसी तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए चुनी गई टीम काफी हद तक उसी स्क्वॉड जैसी है जिसने पिछले साल बांग्लादेश का क्लीन स्वीप किया किया था। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज फरीद मलिक की वापसी हुई है। उन्होंने आखिरी वनडे 2024 में खेला था। भारत के खिलाफ अफगानी टीम टेस्ट स्क्वॉड: हश्मतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अब्दुल मलिक, सेदीकुल्लाह अटल, रहमत शाह, रहमानुल्लाह गुरबाज, रहमानुल्लाह जादरान, अफसर जजई, इकराम अलीखिल, अजमतुल्लाह ओमरजई, शराफुद्दीन अशरफ, नांगेयालिया खारोटे, कायस अहमद, बिलाल सामी, जिया शरीफी, सलीम सफी। वनडे स्क्वॉड: हश्मतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज, इब्राहिम जादरान, सेदीकुल्लाह अटल, दरविश रसूली, रहमत शाह, इकराम अलीखिल, मोहम्मद नबी, अजमतुल्लाह ओमरजई, राशिद खान, नांगेयालिया खारोटे, अल्लाह गजनफर, जिया उर रहमान, फरीद मलिक, बिलाल सामी। ईशान की 3 साल बाद वापसी 19 जून को भारतीय टीम का ऐलान हुआ था। वनडे टीम में ईशान किशन की 3 साल बाद वापसी हुई थी। उन्होंने आखिरी वनडे 11 अक्टूबर 2023 को अफगानिस्तान के खिलाफ ही दिल्ली में खेला था। रोहित शर्मा और विराट कोहली भी टीम में शामिल हैं। जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा को दोनों टीमों से आराम दिया गया है। प्रिंस यादव समेत 4 खिलाड़ी पहली बार भारतीय टीम में शामिल किए गए । प्रिंस को वनडे और मानव सुथार को टेस्ट टीम में जगह मिली है। गुरनूर बरार और हर्ष दुबे को दोनों टीमों में शामिल किया गया है। वनडे टीम में रोहित शर्मा, विराट कोहली और ईशान किशन शामिल हैं। अफगानिस्तान दौरे के लिए भारतीय टीम टेस्ट टीम- शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत, देवदत्त पडिक्कल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, मानव सुथार, गुरनूर बरार, हर्ष दुबे और ध्रुव जुरेल। वनडे टीम- शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल, ईशान किशन, हार्दिक पंड्या, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बरार और हर्ष दुबे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

India Vs Taiwan Stock Market; AI TSMC Share Price

India Vs Taiwan Stock Market; AI TSMC Share Price

नई दिल्ली30 मिनट पहले कॉपी लिंक ताइवान ने शेयर बाजार की वैल्यू (मार्केट कैप) के मामले में भारत को पीछे छोड़ दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में दुनिया की सबसे बड़ी चिपमेकर कंपनी ‘ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी’ (TSMC) के शेयरों में आई भारी तेजी ने ताइवान को यह बढ़त दिलाई है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, सोमवार तक ताइवान का मार्केट कैप 4.95 ट्रिलियन डॉलर (करीब 415 लाख करोड़ रुपए) पहुंच गया, जबकि भारत की वैल्यू गिरकर 4.92 ट्रिलियन डॉलर (करीब 413 लाख करोड़ रुपए) रह गई है। अब दुनिया के टॉप-5 शेयर बाजारों में अमेरिका, चीन, जापान और हांगकांग के बाद ताइवान का नाम शामिल हो गया है। ताइवान की जीत के पीछे चिप कंपनी का हाथ ताइवान के शेयर बाजार की इस छलांग की सबसे बड़ी वजह TSMC कंपनी है। ताइवान के मुख्य इंडेक्स में इस अकेले कंपनी की 42% हिस्सेदारी है। इस साल अब तक कंपनी के शेयरों में 49% की बढ़त दर्ज की गई है। पूरी दुनिया में AI तकनीक के लिए इस्तेमाल होने वाले सेमीकंडक्टर्स (चिप्स) की सप्लाई में इस कंपनी का दबदबा है, जिसका फायदा ताइवान के बाजार को मिल रहा है। नए नियमों ने ताइवान को दिया बूस्ट हाल ही में ताइवान के रेगुलेटर ने निवेश के नियमों में ढील दी है। अब घरेलू फंड किसी एक बड़ी कंपनी में अपनी नेट एसेट का 25% तक निवेश कर सकते हैं, पहले यह सीमा सिर्फ 10% थी। अभी सिर्फ TSMC ही इस मापदंड को पूरा करती है। जेपी मॉर्गन के मुताबिक, इस बदलाव से ताइवान के बाजार में 6 अरब डॉलर (करीब 50 हजार करोड़ रुपए) का अतिरिक्त निवेश आ सकता है। विदेशी निवेशकों ने भारत से ₹2 लाख करोड़ निकाले भारतीय शेयर बाजार के लिए यह साल चुनौतीपूर्ण रहा है। इस साल अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से करीब 24 अरब डॉलर (करीब 2 लाख करोड़ रुपए) निकाले हैं। इसकी मुख्य वजह भारतीय शेयरों की ऊंची वैल्यूएशन और रुपए की कमजोरी रही है। इसके उलट, निवेशक ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे उन बाजारों में पैसा लगा रहे हैं जो सीधे तौर पर AI हार्डवेयर और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े हैं। इन 3 कारणों से पिछड़ा भारतीय बाजार महंगी एनर्जी और महंगाई: ऊर्जा की बढ़ती लागत ने भारत में महंगाई की चिंता बढ़ा दी है, जिससे ग्रोथ की उम्मीदों पर असर पड़ा है। AI कंपनियों की कमी: भारत में ऐसी कंपनियों की कमी है जो सीधे तौर पर ग्लोबल AI इंफ्रास्ट्रक्चर या हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी हों। कॉर्पोरेट अर्निंग में सुस्ती: भारतीय कंपनियों के मुनाफे की रफ्तार भी धीमी रही है, जिससे निवेशकों का भरोसा कम हुआ है। अर्थव्यवस्था के मामले में अब भी भारत काफी आगे शेयर बाजार की वैल्यू में भले ही ताइवान आगे निकल गया हो, लेकिन अर्थव्यवस्था के कुल आकार (GDP) में भारत का दबदबा बरकरार है। IMF के अनुमानों के मुताबिक, भारत की इकोनॉमी 4.15 ट्रिलियन डॉलर की है, जबकि ताइवान की GDP महज 977 बिलियन डॉलर है। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है। मार्केट कैप क्या होता है? किसी भी देश के शेयर बाजार की ‘मार्केट कैपिटलाइजेशन’ का मतलब वहां की सभी लिस्टेड कंपनियों के शेयरों की कुल कीमत होती है। अगर किसी देश का मार्केट कैप बढ़ रहा है, तो इसका मतलब है कि वहां की कंपनियों में निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Petrol-Diesel, Gold-Silver Prices Surge in India

Petrol-Diesel, Gold-Silver Prices Surge in India

नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर पेट्रोल-डीजल से जुड़ी रही। तेल कंपनियों ने 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.12 और डीजल की कीमत ₹95.20 हो गई है। वहीं, सोने-चांदी के दाम में आज यानी 25 मई को बढ़त रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने के दाम 740 रुपए बढ़कर 1.59 लाख रुपए हो गया। 1 किलो चांदी की कीमत 5,100 रुपए बढ़कर 2.71 लाख रुपए पर पहुंच गई है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. पेट्रोल-डीजल के दाम इस महीने चौथी बार बढ़े: दिल्ली में पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा हुआ तेल कंपनियों ने 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.12 और डीजल की कीमत ₹95.20 हो गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. चांदी ₹5,100 बढ़कर ₹2.71 लाख किलो हुई: इस साल ₹41 हजार महंगी हो चुकी; सोना ₹740 बढ़ा, 10 ग्राम की कीमत ₹1.59 लाख सोने-चांदी के दाम में आज यानी 25 मई को बढ़त रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने के दाम 740 रुपए बढ़कर 1.59 लाख रुपए हो गया है। वहीं, 1 किलो चांदी की कीमत 5,100 रुपए बढ़कर 2.71 लाख रुपए पर पहुंच गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. सेंसेक्स 1074 अंक चढ़कर 76,489 पर बंद: निफ्टी में भी 312 अंकों की तेजी, 24,032 पर पहुंचा, ऑटो और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी सेंसेक्स 25 मई को 1074 अंक (1.42%) की तेजी के साथ 76,489 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 312 अंकों (1.32%) की तेजी रही, ये 24,032 के स्तर पर बंद हुआ। आज के कारोबार में ऑटो, बैंकिंग और रियल्टी शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही, जबकि निफ्टी FMCG में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. वित्त-मंत्री ने कहा- फ्यूल, फर्टिलाइजर और फॉरेक्स पर फोकस करें: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने से सरकार को ₹1 लाख करोड़ का घाटा होगा पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार (25 मई) को कहा कि मौजूदा ग्लोबल परिस्थितियों को देखते हुए हमें 3Fs यानी फ्यूल, फर्टिलाइजर और फॉरेक्स (विदेशी मुद्रा भंडार) पर फोकस करने की जरूरत है। मुंबई में सिडबी (SIDBI) के 37वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने यह बात कही। वित्त मंत्री ने उन आलोचकों पर कड़ा निशाना साधा जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील के बाद देश में निगेटिव माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत डर का माहौल बनाना बर्दाश्त नहीं कर सकता है और इस समय लोगों को भरोसा देना बेहद जरूरी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… सोमवार के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔