Gold Silver Rates Fall | India Bullion Prices April 24 2026

नई दिल्ली35 मिनट पहले कॉपी लिंक सोना-चांदी के दाम में आज यानी 22 अप्रैल को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 105 रुपए गिरकर 1,52,250 रुपए पर आ गया है। इससे पहले 21 अप्रैल को इसकी कीमत 1,52,355 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं एक किलो चांदी 836 रुपए गिरकर 2,49,677 रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले मंगलवार को इसकी कीमत 2,50,513 रुपए प्रति किलो थी। अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: एक शहर से दूसरे शहर सोना ले जाने में ईंधन और सुरक्षा खर्च जुड़ता है, जिससे दूरी बढ़ने पर दाम बढ़ते हैं। खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में ज्यादा खपत (करीब 40%) के कारण ज्वेलर्स बड़ी खरीद करते हैं, लेकिन छूट का फायदा सीमित रहता है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: राज्य और शहर के ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग-सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स का खरीदी रेट तय करता है कि वे ग्राहकों को कितनी कीमत में बेचेंगे। सोना इस साल 19 हजार और चांदी 20 हजार रुपए महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 19 हजार रुपए और चांदी 20 हजार रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.52 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.50 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। विदेशी जेवर मंगाने के लिए लाइसेंस लेना होगा सरकार ने सोने-चांदी और प्लेटिनम के गहनों को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया है। इसका सीधा असर बाजार की सप्लाई पर दिख रहा है, जिससे सोना-चांदी की कीमतें बढ़ रही हैं। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब इन कीमती धातुओं से बनी ज्वेलरी किसी भी देश से मंगाने के लिए सरकार से विशेष लाइसेंस या परमिशन लेना होगा। सरकार ने यह कदम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
India Fertilizer Production Drops 25% Due to Iran War

Hindi News Business India Fertilizer Production Drops 25% Due To Iran War | User Payment Control नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर RBI से जुड़ी रही। अब आप नेटफ्लिक्स और यूट्यूब जैसे विदेशी एप के सब्सक्रिप्शन के लिए ऑटोमैटिक पेमेंट कभी भी रोक सकेंगे। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने विदेशी कंपनियों को किए जाने वाले ऑटोमैटिक पेमेंट के नियम बदल दिए हैं। वहीं, अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से भारत का उर्वरक उत्पादन यानी फर्टिलाइजर प्रोडक्शन मार्च में करीब एक चौथाई घट गया। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, मार्च 2026 में उर्वरक उत्पादन मार्च 2025 के मुकाबले 24.6% घटा है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. विदेशी ऑटो-पेमेंट पर 24 घंटे पहले नोटिफिकेशन मिलेगा :यूजर चाहे तो भुगतान रोक सकेगा, RBI ने ई-मेंडेट के नियम बदले अब आप नेटफ्लिक्स और यूट्यूब जैसे विदेशी एप के सब्सक्रिप्शन के लिए ऑटोमैटिक पेमेंट कभी भी रोक सकेंगे। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने विदेशी कंपनियों को किए जाने वाले ऑटोमैटिक पेमेंट के नियम बदल दिए हैं। अब अगर आप अपने कार्ड या UPI से किसी विदेशी सर्विस के लिए ई-मेंडेट यानी हर महीने पैसे कटने वाला सिस्टम (ई-मैन्डेट) सेट करते हैं, तो आपको पेमेंट से 24 घंटे पहले नोटिफिकेशन मिलेगा। इसके लिए बैंकों को एडिशनल फैक्टर ऑथेंटिकेशन (AFA) यानी OTP से वेरिफिकेशन करना होगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. ईरान-जंग की वजह से भारत में उर्वरक उत्पादन 25% घटा: जानें- प्रोडक्शन घटने के क्या कारण हैं और इसका देश पर क्या असर होगा? अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से भारत का उर्वरक उत्पादन यानी फर्टिलाइजर प्रोडक्शन मार्च में करीब एक चौथाई घट गया। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, मार्च 2026 में उर्वरक उत्पादन मार्च 2025 के मुकाबले 24.6% घटा है। दरअसल, उर्वरक बनाने में इस्तेमाल होने वाली नैचुरल गैस की सप्लाई मिडिल ईस्ट के युद्ध के कारण प्रभावित हुई है। नैचुरल गैस का इस्तेमाल यूरिया बनाने में होता है, जो भारत की खेती के लिए बेहद जरूरी खाद है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. ट्रम्प के ऐलान से पहले दांव लगाकर करोड़ों कमाए: बयान से कुछ मिनट पहले ट्रेडिंग में अचानक तेज उछाल, इनसाइडर ट्रेडिंग का शक गहराया अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल के दौरान एक दिलचस्प और विवादित ट्रेंड देखने को मिला है। कई ट्रेडर्स (शेयर बाजार में दांव लगाने वाले लोग) बड़े ऐलान से ठीक पहले करोड़ों डॉलर के दांव लगाते दिखे हैं। BBC ने अलग-अलग फाइनेंशियल मार्केट के ट्रेड डेटा का विश्लेषण किया और उसे ट्रम्प के बड़े बयानों और घोषणाओं के समय से मिलाया। इसमें एक पैटर्न सामने आया कि कई बार उनके बयान आने से कुछ घंटे या मिनट पहले ही ट्रेडिंग में अचानक तेज उछाल दिखा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. टिम कुक के बाद जॉन टर्नस संभालेंगे एपल की कमान: 15 साल बाद बदल रहा कंपनी का CEO; कुक अब एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनेंगे टिम कुक की जगह अब जॉन टर्नस एपल के नए CEO होंगे। वे 1 सितंबर 2026 से कंपनी की कमान संभालेंगे। कुक अब कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे। बोर्ड ने सर्वसम्मति से इस योजना को मंजूरी दे दी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
India Fertilizer Production Drops 25% Due to Iran War

Hindi News Business India Fertilizer Production Drops 25% Due To Iran War | User Payment Control नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर RBI से जुड़ी रही। अब आप नेटफ्लिक्स और यूट्यूब जैसे विदेशी एप के सब्सक्रिप्शन के लिए ऑटोमैटिक पेमेंट कभी भी रोक सकेंगे। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने विदेशी कंपनियों को किए जाने वाले ऑटोमैटिक पेमेंट के नियम बदल दिए हैं। वहीं, अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से भारत का उर्वरक उत्पादन यानी फर्टिलाइजर प्रोडक्शन मार्च में करीब एक चौथाई घट गया। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, मार्च 2026 में उर्वरक उत्पादन मार्च 2025 के मुकाबले 24.6% घटा है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. विदेशी ऑटो-पेमेंट पर 24 घंटे पहले नोटिफिकेशन मिलेगा :यूजर चाहे तो भुगतान रोक सकेगा, RBI ने ई-मेंडेट के नियम बदले अब आप नेटफ्लिक्स और यूट्यूब जैसे विदेशी एप के सब्सक्रिप्शन के लिए ऑटोमैटिक पेमेंट कभी भी रोक सकेंगे। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने विदेशी कंपनियों को किए जाने वाले ऑटोमैटिक पेमेंट के नियम बदल दिए हैं। अब अगर आप अपने कार्ड या UPI से किसी विदेशी सर्विस के लिए ई-मेंडेट यानी हर महीने पैसे कटने वाला सिस्टम (ई-मैन्डेट) सेट करते हैं, तो आपको पेमेंट से 24 घंटे पहले नोटिफिकेशन मिलेगा। इसके लिए बैंकों को एडिशनल फैक्टर ऑथेंटिकेशन (AFA) यानी OTP से वेरिफिकेशन करना होगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. ईरान-जंग की वजह से भारत में उर्वरक उत्पादन 25% घटा: जानें- प्रोडक्शन घटने के क्या कारण हैं और इसका देश पर क्या असर होगा? अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से भारत का उर्वरक उत्पादन यानी फर्टिलाइजर प्रोडक्शन मार्च में करीब एक चौथाई घट गया। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, मार्च 2026 में उर्वरक उत्पादन मार्च 2025 के मुकाबले 24.6% घटा है। दरअसल, उर्वरक बनाने में इस्तेमाल होने वाली नैचुरल गैस की सप्लाई मिडिल ईस्ट के युद्ध के कारण प्रभावित हुई है। नैचुरल गैस का इस्तेमाल यूरिया बनाने में होता है, जो भारत की खेती के लिए बेहद जरूरी खाद है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. ट्रम्प के ऐलान से पहले दांव लगाकर करोड़ों कमाए: बयान से कुछ मिनट पहले ट्रेडिंग में अचानक तेज उछाल, इनसाइडर ट्रेडिंग का शक गहराया अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल के दौरान एक दिलचस्प और विवादित ट्रेंड देखने को मिला है। कई ट्रेडर्स (शेयर बाजार में दांव लगाने वाले लोग) बड़े ऐलान से ठीक पहले करोड़ों डॉलर के दांव लगाते दिखे हैं। BBC ने अलग-अलग फाइनेंशियल मार्केट के ट्रेड डेटा का विश्लेषण किया और उसे ट्रम्प के बड़े बयानों और घोषणाओं के समय से मिलाया। इसमें एक पैटर्न सामने आया कि कई बार उनके बयान आने से कुछ घंटे या मिनट पहले ही ट्रेडिंग में अचानक तेज उछाल दिखा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. टिम कुक के बाद जॉन टर्नस संभालेंगे एपल की कमान: 15 साल बाद बदल रहा कंपनी का CEO; कुक अब एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनेंगे टिम कुक की जगह अब जॉन टर्नस एपल के नए CEO होंगे। वे 1 सितंबर 2026 से कंपनी की कमान संभालेंगे। कुक अब कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे। बोर्ड ने सर्वसम्मति से इस योजना को मंजूरी दे दी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
World Bank Ajay Banga & Nikhil Kamath Discuss Youth DQ Success Mantra India

Hindi News Business World Bank Ajay Banga & Nikhil Kamath Discuss Youth DQ Success Mantra India नई दिल्ली12 मिनट पहले कॉपी लिंक वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट अजय बंगा ने कहा कि विकासशील देशों में गरीबी मिटानी है तो नौकरियां देनी होंगी। उन्होंने पीपल बाय डब्ल्यूटीएफ पर ब्रोकरेज फर्म जीरोधा के सीईओ निखिल कामथ के साथ बातचीत में ग्लोबल इकोनॉमी, भारत की प्रगति और युवाओं के भविष्य को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर में आए बदलावों की तारीफ की, तो वहीं देश में पर्यटन की कम संख्या पर चिंता भी जताई। बंगा ने अपने करियर के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि कैसे एक ‘आर्मी ब्रैट’ से लेकर वर्ल्ड बैंक के शीर्ष पद तक का उनका सफर लचीलेपन और सही फैसलों पर टिका रहा। पढ़िए इस बातचीत के संपादित अंश… सवाल: आप भारत की वर्तमान आर्थिक स्थिति और भविष्य को कैसे देखते हैं? जवाब: मैं भारत के भविष्य को लेकर बहुत आशावादी हूं। पिछले 20-25 सालों में भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर-चाहे वो सड़कें हों, पोर्ट्स हों या बिजली-पानी-पूरी तरह बदल गया है। जब लोगों के पास बुनियादी सुविधाएं होती हैं और वे भविष्य को लेकर सकारात्मक होते हैं, तो खपत बढ़ती है। भारत अभी उसी दौर में है जहां मध्यम वर्ग का दायरा बढ़ रहा है। समृद्धि के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और शिक्षा ही सबसे मजबूत स्तंभ हैं और भारत सही दिशा में है। सवाल: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए टूरिज्म सेक्टर की क्या भूमिका हो सकती है? जवाब: भारत के पास पहाड़ों से लेकर समुद्र तट, बेहतरीन खाना और समृद्ध संस्कृति है। इसके बावजूद यहां साल भर में 2 करोड़ (20 मिलियन) से भी कम पर्यटक आते हैं। यह भारत की असली क्षमता के मुकाबले बहुत कम है। अगर हम टूरिज्म पर सही से फोकस करें, तो यह अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। सवाल: आपने सफलता के लिए IQ और EQ के साथ DQ की बात की है, यह ‘DQ’ क्या है? जवाब: पहले लोग सिर्फ बुद्धिमानी (IQ) को देखते थे, फिर टीम वर्क और भावनाओं (EQ) को समझने का दौर आया। लेकिन आज के दौर में ‘DQ’ यानी Decency Quotient (शालीनता का स्तर) सबसे जरूरी है। इसका मतलब है कि आप कितने शालीन और ईमानदार इंसान हैं। क्या लोग आपके साथ काम करना चाहते हैं? क्या आप दूसरों को आगे बढ़ने का फेयर चांस देते हैं? सादगी और दूसरों के प्रति सम्मान ही आज की सबसे बड़ी लीडरशिप स्किल है। सवाल: नौकरी को लेकर आपके पास क्या आंकड़े हैं? जवाब: यह एक गंभीर चुनौती है। अगले 15 सालों में उभरते बाजारों में करीब 120 करोड़ युवा कामकाजी उम्र (18 साल) के हो जाएंगे। लेकिन, वर्तमान स्थिति के हिसाब से हम सिर्फ 40 करोड़ नौकरियां ही पैदा कर पाएंगे। यह 80 करोड़ नौकरियों का जो गैप है, वह दुनिया में अस्थिरता और हिंसा का कारण बन सकता है। इसीलिए वर्ल्ड बैंक का पूरा फोकस अब ‘आशा और अवसर’ पैदा करने पर है। सवाल: वर्ल्ड बैंक कैसे काम करती है? जवाब: वर्ल्ड बैंक सिर्फ पैसे देने वाला बैंक नहीं, बल्कि एक ‘नॉलेज बैंक’ है जिसके पास 80 साल का अनुभव है। इसके पांच मुख्य अंग हैं। IBRD मध्यम आय वाले देशों को लोन देता है, जबकि IDA सबसे गरीब देशों को अनुदान देता है। IFC प्राइवेट सेक्टर में निवेश बढ़ाता है और MIGA राजनीतिक जोखिमों का बीमा करता है। हम हर साल लगभग 120 बिलियन डॉलर बाजार में लगाते हैं। हमारी ‘ट्रिपल-A’ रेटिंग की वजह से हम बाजार से सस्ता पैसा जुटा पाते हैं। सवाल: गरीबी दूर करने के लिए आप किस मॉडल को सबसे प्रभावी मानते हैं? जवाब: गरीबी को खत्म करने का सबसे अचूक हथियार ‘नौकरी’ है। मेरा मानना है कि अमीरों से छीनकर गरीबों को देने के बजाय हमें ‘नदी का जल स्तर’ बढ़ाना चाहिए ताकि सभी नावें ऊंची उठ सकें। सरकार का काम सही नियम और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना है, जबकि नौकरियां पैदा करना प्राइवेट सेक्टर, खासकर छोटे और मध्यम उद्योगों का काम है। नौकरी से सिर्फ पैसा नहीं आता, व्यक्ति में आत्मविश्वास और उम्मीद भी जगती है। सवाल: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आने से क्या नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है? जवाब: विकसित देशों में ‘Big AI’ सर्विस सेक्टर और कोडिंग के लिए चुनौती हो सकता है, लेकिन भारत जैसे देशों के लिए ‘स्माॉल AI’ वरदान बनेगा। ऐसा AI जो फोन पर बिना इंटरनेट के किसान को कीटनाशक की जानकारी दे सके या डॉक्टर को बीमारी पहचानने में मदद करे, वह असली बदलाव लाएगा। अगर हम युवाओं को सही स्किल्स दें, तो तकनीक बोझ नहीं, बल्कि तरक्की का रास्ता बनेगी। सवाल: भारतीय मूल के CEO दुनिया की बड़ी कंपनियों को लीड कर रहे हैं, इसका राज क्या है? जवाब: इसके तीन मुख्य कारण हैं। पहला- विविधता: भारत में हम अलग-अलग धर्मों और संस्कृतियों के बीच पलते हैं, जिससे हम हर तरह के लोगों के साथ काम करना सीख जाते हैं। दूसरा- जुगाड़ (लचीलापन): इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों के बीच हमने हमेशा ‘प्लान-बी’ और ‘प्लान-सी’ तैयार रखना सीखा है। तीसरा- रिस्क लेने की क्षमता: सफलता 50% किस्मत है और 50% इस पर निर्भर है कि आप मिले हुए मौके पर कितना बड़ा रिस्क लेते हैं। सवाल: युवाओं के लिए आपकी क्या विशेष सलाह है? जवाब: हमेशा फ्लेक्सिबल और अडॉप्टेबल रहें। कभी भी ‘आर्मचेयर क्रिटिक’ न बनें, यानी बाहर बैठकर सिर्फ बुराई न करें, बल्कि मैदान में उतरकर बदलाव का हिस्सा बनें। और सबसे जरूरी बात-हमेशा आशावादी रहें। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Hospital Costs Out-of-Pocket | Health Insurance India 2026

नई दिल्ली36 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रतीकात्मक फोटो। देश में हाल के वर्षों में हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज तेजी से बढ़ा है। सरकार का दावा है कि यह बीमा सुरक्षा देश की करीब आधी आबादी तक पहुंच चुकी है। लेकिन इलाज का बोझ आम परिवारों की जेब पर अब भी भारी पड़ रहा है। एनएसएस हेल्थ सर्वे 2025 के मुताबिक, देश में एक अस्पताल में भर्ती होने पर अब भी औसतन 34,064 रुपए जेब से खर्च करने पड़ते हैं। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक हाल के वर्षों में बीमारी रिपोर्ट करने वाले दोगुने हो गए हैं। 2017-18 में 15 दिनों के भीतर 7.5% लोग बीमार पड़ते थे। 2025 में यह संख्या 13.1% हो गई। यह बढ़ोतरी सिर्फ ज्यादा बीमारियों का नहीं, बल्कि बढ़ती जागरूकता, बढ़ती पहुंच और डायबिटीज-हाइपरटेंशन जैसी गैर-संक्रामक बीमारियां बढ़ने का भी संकेत है। प्रतीकात्मक फोटो। निजी अस्पतालों में औसत खर्च 8 गुना तक ज्यादा सरकारी अस्पतालों में जेब से औसत खर्च ₹~6,631 है। आधे मामलों में ₹~1,100 या उससे भी कम है। निजी अस्पतालों में यही औसत ₹~50,508 है। करीब आठ गुना का अंतर है। प्रसव के मामले में भी सरकारी अस्पताल में औसत खर्च ~₹2,299, जबकि सभी अस्पतालों में ~14,775 है। निजी अस्पतालों में प्रति इलाज औसत खर्च ₹50,508 अस्पताल औसत मीडियन सरकारी ₹6,631 ₹1,100 चैरिटी, ट्रस्ट, NGO ₹39,530 ₹10,000 प्राइवेट ₹50,508 ₹24,000 सभी ₹34,064 ₹11,285 नोट: मीडियन मतलब आधे मामलों में औसत खर्च, स्रोत: एनएसएस हेल्थ सर्वे 2025 47% से ग्रामीण, 44% शहरी को हेल्थ कवर स्वास्थ्य बीमा के मोर्चे पर काफी कामयाबी मिली है। ग्रामीण कवरेज 2017-18 के 14.1% से बढ़कर 2025 में 47.4% और शहरी कवरेज 19.1% से बढ़कर 44.3% पहुंच गया। ग्रामीण इलाकों में 45.5% और शहरी क्षेत्रों में 31.8% लोग सरकारी बीमा से कवर हैं। इसके बावजूद बीमा होने का मतलब पूरी आर्थिक सुरक्षा नहीं है, क्योंकि दवाएं, जांच और फॉलो-अप खर्च अक्सर जेब से ही भरने पड़ते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Hospital Costs Out-of-Pocket | Health Insurance India 2026

नई दिल्ली4 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रतीकात्मक फोटो। देश में हाल के वर्षों में हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज तेजी से बढ़ा है। सरकार का दावा है कि यह बीमा सुरक्षा देश की करीब आधी आबादी तक पहुंच चुकी है। लेकिन इलाज का बोझ आम परिवारों की जेब पर अब भी भारी पड़ रहा है। एनएसएस हेल्थ सर्वे 2025 के मुताबिक, देश में एक अस्पताल में भर्ती होने पर अब भी औसतन 34,064 रुपए जेब से खर्च करने पड़ते हैं। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक हाल के वर्षों में बीमारी रिपोर्ट करने वाले दोगुने हो गए हैं। 2017-18 में 15 दिनों के भीतर 7.5% लोग बीमार पड़ते थे। 2025 में यह संख्या 13.1% हो गई। यह बढ़ोतरी सिर्फ ज्यादा बीमारियों का नहीं, बल्कि बढ़ती जागरूकता, बढ़ती पहुंच और डायबिटीज-हाइपरटेंशन जैसी गैर-संक्रामक बीमारियां बढ़ने का भी संकेत है। प्रतीकात्मक फोटो। निजी अस्पतालों में औसत खर्च 8 गुना तक ज्यादा सरकारी अस्पतालों में जेब से औसत खर्च ₹~6,631 है। आधे मामलों में ₹~1,100 या उससे भी कम है। निजी अस्पतालों में यही औसत ₹~50,508 है। करीब आठ गुना का अंतर है। प्रसव के मामले में भी सरकारी अस्पताल में औसत खर्च ~₹2,299, जबकि सभी अस्पतालों में ~14,775 है। निजी अस्पतालों में प्रति इलाज औसत खर्च ₹50,508 अस्पताल औसत मीडियन सरकारी ₹6,631 ₹1,100 चैरिटी, ट्रस्ट, NGO ₹39,530 ₹10,000 प्राइवेट ₹50,508 ₹24,000 सभी ₹34,064 ₹11,285 नोट: मीडियन मतलब आधे मामलों में औसत खर्च, स्रोत: एनएसएस हेल्थ सर्वे 2025 47% से ग्रामीण, 44% शहरी को हेल्थ कवर स्वास्थ्य बीमा के मोर्चे पर काफी कामयाबी मिली है। ग्रामीण कवरेज 2017-18 के 14.1% से बढ़कर 2025 में 47.4% और शहरी कवरेज 19.1% से बढ़कर 44.3% पहुंच गया। ग्रामीण इलाकों में 45.5% और शहरी क्षेत्रों में 31.8% लोग सरकारी बीमा से कवर हैं। इसके बावजूद बीमा होने का मतलब पूरी आर्थिक सुरक्षा नहीं है, क्योंकि दवाएं, जांच और फॉलो-अप खर्च अक्सर जेब से ही भरने पड़ते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
विदेशी पेमेंट पर 24 घंटे पहले नोटिफिकेशन मिलेगा:यूजर चाहे तो भुगतान रोक सकेगा, इससे इंटरनेशनल एप मनमर्जी से सब्सक्रिप्शन चार्ज नहीं ले पाएंगे

अब आप नेटफ्लिक्स और यूट्यूब जैसे विदेशी एप के सब्सक्रिप्शन के लिए ऑटोमैटिक पेमेंट कभी भी रोक सकेंगे। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने विदेशी कंपनियों को किए जाने वाले ऑटोमैटिक पेमेंट के नियम बदल दिए हैं। अब अगर आप अपने कार्ड या UPI से किसी विदेशी सर्विस के लिए ई-मेंडेट यानी हर महीने पैसे कटने वाला सिस्टम (ई-मैन्डेट) सेट करते हैं, तो आपको पैमेंट से 24 घंटे पहले नोटिफिकेशन मिलेगा। इसके लिए बैंकों को एडिशनल फैक्टर ऑथेंटिकेशन (AFA) यानी OTP से वेरिफिकेशन करना होगा। इसका मकसद यूजर को डिजिटल फ्रॉड से बचाना और उन्हें अपने ट्रांजैक्शन पर ज्यादा कंट्रोल देना है। इससे इंटरनेशनल एप मनमर्जी से सब्सक्रिप्शन चार्ज नहीं ले पाएंगे। ट्रांजैक्शन लिमिट: ₹15,000 तक बिना एक्स्ट्रा ऑथेंटिकेशन के पेमेंट RBI ने ई-मैन्डेट ट्रांजैक्शन के लिए लिमिट भी तय की है। ग्राहक यह तय कर सकेंगे कि हर बार एक निश्चित राशि कटे या फिर एक मैक्सिमम लिमिट तय कर सकते हैं। अगर आप वेरिएबल लिमिट चुनते हैं, तो बैंक को यूजर से मैक्सिमम वैल्यू पूछनी होगी। इसके अलावा, ई-मेंडेट में किसी भी तरह के बदलाव या उसे वापस लेने के लिए बैंक को यूजर से दोबारा वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। RBI के ई-मैन्डेट नियम इन पेमेंट्स पर लागू होंगे इन सभी पेमेंट्स में ₹15,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर एडिशनल वेरिफिकेशन जरूरी होगा। कार्ड एक्सपायर होने या दोबारा इश्यू होने पर पुराने मैन्डेट अपने आप नए कार्ड पर ट्रांसफर हो जाएंगे। गलत ट्रांजैक्शन की 3 दिन में रिपोर्टिंग पर पूरा रिफंड मिलेगा गलत ट्रांजैक्शन के मामले में ग्राहकों की जवाबदेही तय करने वाले RBI के नियम ई-मैन्डेट पर भी लागू होंगे। कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं, फ्री मिलेगी ई-मेंडेट सुविधा RBI ने साफ किया है कि बैंक रिकरिंग ट्रांजैक्शन के लिए ई-मेंडेट सुविधा देने पर ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं ले सकते। साथ ही, अगर आपका कार्ड एक्सपायर होने के बाद दोबारा जारी (Reissue) होता है, तो पुराने ई-मेंडेट नए कार्ड पर मैप किए जा सकेंगे। ————- ये खबर भी पढ़ें… फूड-एप से 12 ऑर्डर पर ₹900 एक्स्ट्रा खर्च हो रहे: जोमैटो, स्विगी की प्लेटफॉर्म फीस 3 साल में 9 गुना बढ़ी, यहां दाम भी 15% तक ज्यादा ऑनलाइन ऑर्डर के जरिये खाना मंगवाना, OTT देखना, 10 मिनट में किराना- ये सुविधाएं अब पहले से महंगी हो चुकी हैं। प्लेटफॉर्म फीस, डिलीवरी चार्ज और छुपे हुए खर्च मिलकर हर महीने हजारों रुपए यूं ही खर्च हो रहे हैं। यदि आप महीने में 12 बार भी फूड डिलीवरी एप से ऑर्डर करते हैं तो अनजाने में करीब 900 रुपए अतिरक्ति खर्च कर रहे हैं। इसमें 180 रुपए प्लेटफॉर्म फीस और 720 रुपए डिलीवरी चार्ज शामिल है। यह रकम हर साल बढ़ रही है। पूरी खबर पढ़ें…
India Fertilizer Production Crisis Reason; Iran War – LNG Supply

Hindi News Business India Fertilizer Production Crisis Reason; Iran War LNG Supply | Hormuz Strait नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग की वजह से भारत का उर्वरक उत्पादन यानी फर्टिलाइजर प्रोडक्शन मार्च में करीब एक चौथाई घट गया। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, मार्च 2026 में उर्वरक उत्पादन मार्च 2025 के मुकाबले 24.6% घटा है। दरअसल, उर्वरक बनाने में इस्तेमाल होने वाली नैचुरल गैस की सप्लाई मिडिल ईस्ट के युद्ध के कारण प्रभावित हुई है। नैचुरल गैस का इस्तेमाल यूरिया बनाने में होता है, जो भारत की खेती के लिए बेहद जरूरी खाद है। इसके लिए भारत पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों और सप्लाई पर निर्भर रहता है। जंग की वजह से होर्मुज रूट में आवाजाही लगभग बंद है। इसी रास्ते से ऊर्जा और उर्वरक से जुड़े कच्चे माल की सप्लाई होती है। रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज बंद होने की वजह से खाड़ी देशों से आने वाली लिक्विफाइड नेचुरल गैस की खेप भारत नहीं पहुंच पा रही है। भारत अपनी जरूरत की करीब 60% LNG और 40% यूरिया के लिए इन्हीं देशों पर निर्भर है। वहीं दुनिया के करीब एक-तिहाई उर्वरक भी इसी समुद्री रास्ते से गुजरते हैं। इस रुकावट के बाद विशेषज्ञों और कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा खाद्य उत्पादन पर असर को लेकर कई चेतावनियां दी जा चुकी हैं। भारत में खेती छोटे-छोटे खेतों में होती है और अक्सर बहुत ज्यादा उत्पादन नहीं होता है, लेकिन देश की 45% से ज्यादा आबादी खेती पर निर्भर है। इस खबर में हम बता रहे हैं कि फर्टिलाइजर प्रोडक्शन घटने के क्या कारण हैं? इसका भारत पर क्या असर होगा और देश के पास इस संकट से निपटने के क्या-क्या विकल्प हैं? 1. फर्टिलाइजर प्रोडक्शन घटने के मुख्य कारण कच्चे माल की कमी: यूरिया बनाने के लिए नेचुरल गैस (प्राकृतिक गैस) सबसे जरूरी ‘फीडस्टॉक’ है। भारत अपनी जरूरत की काफी गैस आयात करता है, जिसकी सप्लाई युद्ध के कारण बाधित हुई है। होर्मुज रूट का संकट: यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है। यहां आवाजाही बंद होने से खाड़ी देशों से आने वाले कच्चे माल के जहाज भारत नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऊर्जा की कीमतों में उछाल: युद्ध की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस और तेल के दाम बढ़ जाते हैं। इससे उत्पादन की लागत इतनी बढ़ गई है कि कई प्लांट अपनी पूरी क्षमता पर काम नहीं कर पा रहे हैं। लॉजिस्टिक और बीमा लागत: युद्ध क्षेत्र के पास से गुजरने वाले जहाजों का बीमा यानी इंश्योरेंस महंगा हो गया है, जिससे माल मंगाना न केवल मुश्किल बल्कि बेहद खर्चीला हो गया है। 2. उर्वरक उत्पादन घटने का भारत और किसानों पर असर भारत की 45% आबादी खेती पर निर्भर है, इसलिए फर्टिलाइजर प्रोडक्शन घटने का असर ज्यादा हो सकता है… खाद्य सुरक्षा को खतरा: उर्वरक कम होने से प्रति हेक्टेयर पैदावार 10% से 15% तक घट सकती है। इससे देश में अनाज की कमी और महंगाई बढ़ने का खतरा है। किसानों की आय में कमी: खाद की कमी या उसकी कालाबाजारी से खेती की लागत बढ़ जाएगी, जिससे छोटे किसानों का मुनाफा कम हो जाएगा। सरकारी खजाने पर बोझ: सरकार किसानों को सस्ते दाम पर खाद देने के लिए भारी सब्सिडी देती है। अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ने से सरकार को करोड़ों रुपए अतिरिक्त खर्च करने होंगे, जिससे देश का राजकोषीय घाटा बढ़ सकता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मंदी: खेती से जुड़ी आय कम होने पर ग्रामीण बाजारों में मांग घटती है, जो पूरी अर्थव्यवस्था के लिए निगेटिव हो सकता है। 3. भारत के पास अब क्या विकल्प हैं? ऐसी संकट वाली स्थिति में भारत सरकार और उद्योग जगत यह कदम उठा सकते हैं… 1. शॉर्ट-टर्म ऑप्शंस सप्लाई चेन का डायवर्सिफिकेशन: भारत अब मिडिल ईस्ट के बजाय रूस, कनाडा, ओमान या अफ्रीकी देशों से फर्टिलाइजर और कच्चे माल के लिए लॉन्ग-टर्म डील्स करने की कोशिश करेगा। बफर स्टॉक का उपयोग: सरकार ने जो इमरजेंसी स्टॉक जमा कर रखा है, उसे बाजार में रिलीज किया जाएगा, ताकि बुवाई के समय किल्लत न हो। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT): सब्सिडी का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना ताकि खाद की बर्बादी और तस्करी रोकी जा सके। 2. लॉन्ग-टर्म ऑप्शंस नैनो यूरिया को बढ़ावा: भारत नैनो यूरिया के प्रोडक्शन में सबसे आगे है। पारंपरिक यूरिया के बजाय इसके इस्तेमाल को तेज किया जाएगा, क्योंकि इसमें नेचुरल गैस की खपत बहुत कम होती है। कोल गैसीफिकेशन: भारत के पास कोयले का बड़ा भंडार है। प्राकृतिक गैस पर निर्भरता कम करने के लिए कोयले से यूरिया बनाने वाले प्लांट (जैसे तालचर प्लांट) को तेजी से सक्रिय किया जाएगा। ग्रीन अमोनिया: भविष्य में रिन्यूएबल एनर्जी का उपयोग करके ‘ग्रीन अमोनिया’ बनाने पर जोर दिया जाएगा, ताकि विदेशों से आने वाली गैस की जरूरत ही खत्म हो जाए। विदेशों में निवेश: भारत उन देशों (जैसे मोरक्को या सेनेगल) में फर्टिलाइजर प्लांट्स में हिस्सेदारी खरीद सकता है, जहां कच्चा माल ज्यादा मात्रा में उपलब्ध है। उर्वरक के लिए भारत की आयात पर भारी निर्भरता भारत दुनिया के सबसे बड़े उर्वरक उपभोक्ताओं में है, लेकिन जरूरत का बड़ा हिस्सा बाहर से आता है। देश की कुल फर्टिलाइजर जरूरत का करीब 30–35% सीधे आयात होता है। यूरिया में भारत आत्मनिर्भरता के करीब है, फिर भी कच्चे माल (गैस) के लिए आयात पर निर्भर है। डाय-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) और पोटाश जैसे उर्वरकों में 80–90% तक आयात पर निर्भरता है। होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना अहम? होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह सिर्फ 33 किमी चौड़ा समुद्री रास्ता है, लेकिन यहां से दुनिया के करीब 20% तेल और LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) की सप्लाई गुजरती है। वहीं खाड़ी देशों (कतर, सऊदी अरब, UAE) से आने वाली गैस और फर्टिलाइजर का बड़ा हिस्सा भी इसी रास्ते से भारत समेत एशिया तक पहुंचता है। यही गैस यूरिया उत्पादन का मुख्य कच्चा माल है। यानी यह रास्ता बंद हुआ तो खाद फैक्ट्री का फीडस्टॉक ही रुक जाता है। वहीं दुनिया के करीब एक-तिहाई फर्टिलाइजर भी इसी रूट से गुजरते हैं। वहीं यहां से सप्लाई बंद होने पर यूरोप, चीन, जापान जैसे बड़े आयातक भी प्रभावित होते हैं। इसलिए होर्मुज में रुकावट का असर सीधे ग्लोबल खाद्य उत्पादन और महंगाई पर पड़ता है। आर्थिक
Bihar JEE Main Topper Shubham Secures 100 Percentile, All India Rank 6

गयाजी9 मिनट पहले कॉपी लिंक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने JEE मेन 2026 (सेशन-1 और सेशन-2) का संयुक्त परिणाम जारी कर दिया है। इस परीक्षा में गया के शुभम कुमार ने बिहार टॉप किया है। शुभम ने 100 पर्सेंटाइल हासिल करते हुए पूरे देश में छठा स्थान प्राप्त किया है। पहले सेशन में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा था, और अब फाइनल रिजल्ट में उन्होंने कमाल कर दिखाया है। शुभम कुमार अब अपने अगले लक्ष्य JEE Advanced की तैयारी में जुट गए हैं। उनका सपना IIT मुंबई से कंप्यूटर साइंस में दाखिला लेना है। कुल 26 कैंडिडेट्स ने 100 परसेंटाइल हासिल किया है लेकिन इसमें एक भी महिला कैंडिडेट शामिल नहीं हैं। सभी फुल स्कोरर्स लड़के हैं। NTA ने ये भी बताया है कि कुल 2,50,182 छात्र JEE Advanced के लिए योग्य हुए हैं। माता-पिता के साथ शुभम कुमार(फाइल तस्वीर) परिवार का बहुत सहयोग मिला गया के शुभम कुमार ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल के छात्र रहे हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों को दिया। शुभम ने बताया कि रिजल्ट देखने के बाद सबसे पहले उन्होंने यह खुशखबरी अपने माता-पिता को दी। उनके पिता शिव कुमार हार्डवेयर व्यवसाय से जुड़े हैं, जबकि मां कंचन देवी गृहिणी हैं। परिवार का भरोसा और सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा। उन्होंने अपनी तैयारी को पूरी तरह कॉन्सेप्ट आधारित बताया। शुभम के अनुसार, वे नियमित टाइम-टेबल के अनुसार पढ़ाई करते थे और कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान देते थे। तैयारी के दौरान मॉक टेस्ट और लगातार रिवीजन उनकी प्रमुख रणनीति रही। वे रोजाना करीब 10 से 12 घंटे पढ़ाई करते थे। उन्होंने कहा, “24 घंटे पढ़ने की जरूरत नहीं होती, बल्कि सही रणनीति और निरंतर अभ्यास जरूरी है। बीच-बीच में ब्रेक लेकर खुद को तरोताजा रखते थे।” उन्हें कोचिंग संस्थान की ओर से 100% स्कॉलरशिप भी मिली थी। CM सम्राट ने दी बधाई शुभम के बिहार टॉपर बनने के बाद CM सम्राट ने बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा, गयाजी जिले के शुभम कुमार द्वारा JEE मेन 2026 में राज्य में शीर्ष स्थान प्राप्त करना पूरे बिहार के लिए गर्व का क्षण है। उनकी यह उपलब्धि समर्पण, कठोर परिश्रम और उत्कृष्टता का प्रतीक है। शुभम कुमार सहित सभी सफल विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं। आप सभी की यह सफलता नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है, आप यूं ही प्रदेश और राष्ट्र का नाम रोशन करते रहें। NTA स्कोर के आधार पर रिजल्ट NTA के अनुसार, पेपर-1 के लिए कुल 16,04,854 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 15,38,468 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। NTA ने JEE मेन के फाइनल रिजल्ट के साथ ही JEE Advanced 2026 के लिए कैटेगरी-वाइज कट-ऑफ भी जारी कर दी है। दोनों सेशन में शामिल अभ्यर्थियों के बेस्ट NTA स्कोर के आधार पर फाइनल रिजल्ट तैयार किया गया है। कट-ऑफ के मुताबिक, सामान्य वर्ग के लिए 93.41 पर्सेंटाइल तय की गई है। इस आधार पर 96,873 अभ्यर्थी JEE Advanced के लिए योग्य घोषित किए गए हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) में 82.41 पर्सेंटाइल पर 25,009, ओबीसी वर्ग में 80.92 पर्सेंटाइल पर 67,597 अभ्यर्थियों ने क्वालिफाई किया है। SC कैटेगरी के लिए 63.91 पर्सेंटाइल पर 37,522 और ST कैटेगरी के लिए 52.01 पर्सेंटाइल पर 18,790 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। वहीं, दिव्यांग श्रेणी में 0.0023 पर्सेंटाइल के साथ 4,391 अभ्यर्थियों को पात्र माना गया है। सभी श्रेणियों को मिलाकर कुल 2,50,182 अभ्यर्थी JEE Advanced 2026 के लिए योग्य घोषित किए गए हैं। NTA ने स्पष्ट किया है कि तय कट-ऑफ के भीतर आने वाले अभ्यर्थी ही एडवांस्ड परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे। एडवांस्ड में सफल अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर देश के प्रमुख भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) में दाखिला मिलेगा। दोनों सेशंस मिलाकर कुल 26 टॉपर्स दोनों सेशंस में मिलाकर कुल 26 स्टूडेंट्स ने 100 पर्सेंटाइल स्कोर किया है। 100 पर्सेंटाइल स्कोर पाने वालों में सबसे ज्यादा 5-5 स्टूडेंट्स आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से हैं। इसके बाद राजस्थान से 4, दिल्ली से 3 और महाराष्ट्र और हरियाणा से 2-2 स्टूडेंट्स शामिल हैं। वहीं चंडीगढ़, बिहार, तमिलनाडु, ओडिशा और गुजरात से एक-एक छात्र ने यह उपलब्धि हासिल की है। पहले सेशन में भी 13 लाख ने परीक्षा दी एनटीए ने JEE Main सेशन 1 एग्जाम का आयोजन 21 से लेकर 29 जनवरी तक किया था। इसमें 13 लाख से अधिक स्टूडेंट्स ने भाग लिया था।स्टूडेंट्स ऑफिशियल वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर रिजल्ट चेक कर सकते हैं। परीक्षा में भाग लेने वाले छात्र एप्लीकेशन नंबर, पासवर्ड दर्ज करके स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
SA Women Beat India by 8 Wickets; Wolvaardt-Luce Ton Partnership

Hindi News Sports SA Women Beat India By 8 Wickets; Wolvaardt Luce Ton Partnership 19 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय महिला टीम को साउथ अफ्रीका के खिलाफ पांच मैचों की टी-20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा है। डरबन में खेले गए इस मुकाबले में शेफाली वर्मा के अर्धशतक के बावजूद मिडिल और लोअर ऑर्डर के फ्लॉप प्रदर्शन के कारण टीम इंडिया बड़ा स्कोर बनाने में नाकाम रही। साउथ अफ्रीका ने 148 रन का टारगेट 17.1 ओवर में केवल 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस जीत के साथ ही साउथ अफ्रीकी टीम ने सीरीज में 2-0 की मजबूत बढ़त बना ली है। साउथ अफ्रीका की ओर से कप्तान लौरा वोल्वार्ट और सुने लुस ने पहले विकेट के लिए 106 रनों की शानदार पार्टनरशिप की, जिसने भारत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। शेफाली के 57 रन, फिर 48 रन पर 8 विकेट गिरे टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी रही थी। 13वें ओवर तक टीम का स्कोर 2 विकेट पर 99 रन था और वह 160 से अधिक के स्कोर की ओर बढ़ रही थी। लेकिन इसके बाद बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। भारत ने महज 48 रन के भीतर अपने आखिरी 8 विकेट गंवा दिए। शेफाली वर्मा ने 57 रनों की पारी खेली, जबकि डेब्यू कर रही अनुष्का शर्मा ने 28 रन बनाए। इन दोनों के अलावा कोई भी भारतीय बल्लेबाज 20 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सका। शेफाली ने 100वें मैच में लगाई फिफ्टी 22 साल की शेफाली वर्मा ने इस मैच के साथ ही अपने 100 टी-20 इंटरनेशनल मैच पूरे कर लिए। उन्होंने 15 साल की उम्र में डेब्यू किया था। अपने इस माइलस्टोन मैच में उन्होंने आक्रामक बैटिंग की। शेफाली ने मैच की चौथी ही गेंद पर छक्का जड़ा और सेखुखुने के दूसरे ओवर की शुरुआती 3 गेंदों पर 14 रन बटोरे। हालांकि, उन्हें 28 के निजी स्कोर पर जीवनदान भी मिला, जिसका फायदा उठाकर उन्होंने 31 गेंदों में करियर की 15वीं फिफ्टी पूरी की। वह 57 रन बनाकर म्लाबा की गेंद पर आउट हुईं। शेफाली वर्मा ने 57 रन की पारी खेली। सेखुखुने और ट्रायोन ने 3-3 विकेट लिए साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों ने स्पिन और सीम दोनों से भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया। टुमी सेखुखुने और क्लो ट्रायोन ने 3-3 विकेट लिए। वहीं, नॉनकुलुलेको म्लाबा ने किफायती गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 17 रन देकर 1 विकेट लिया। भारतीय पारी 147 रन पर सिमट गई। लौरा वोल्वार्ट और लूस की 106 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप 148 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीकी टीम को लॉरा वोल्वार्ट और सुने लूस ने ठोस शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 106 रनों की साझेदारी की। वोल्वार्ट ने अपनी 15वीं टी-20 फिफ्टी लगाई, वहीं लूस ने पिछली 10 पारियों में अपना पहला अर्धशतक जड़ा। हालांकि, दोनों जीत से पहले आउट हो गईं, लेकिन ताजमिन ब्रिट्स और एनेरी डर्कसन ने 17 गेंद शेष रहते टीम को जीत दिला दी। ————————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… मार्करम के ओवर में 5 छक्के लगे:पंजाब ने IPL 2026 का बेस्ट स्कोर बनाया, लखनऊ ने ओपनिंग कॉम्बिनेशन बदला; मोमेंट्स IPL के 29वें मैच में पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को हरा दिया। मुल्लांपुर में PBKS ने 19वें सीजन का बेस्ट स्कोर बनाया। LSG ने ओपनिंग कॉम्बिनेशन बदला। वहीं ऐडन मार्करम ने एक ओवर में 32 रन खर्च कर दिए, उनके ओवर में प्रियांश आर्या और कूपर कोनोली ने 5 छक्के लगाए। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…








