Saturday, 01 Aug 2026 | 09:04 PM

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RSS Mohan Bhagwat Update; India Vishwaguru

RSS Mohan Bhagwat Update; India Vishwaguru

Hindi News National RSS Mohan Bhagwat Update; India Vishwaguru | Rashtriya Swayamsevak Sangh नागपुर14 घंटे पहले कॉपी लिंक राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि भारत निश्चित रूप से विश्वगुरु बनेगा और इस पर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक समय था, जब लोग अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण को लेकर संशय में रहते थे। इसे असंभव मानते थे। लेकिन आज वह मंदिर सबके सामने साक्षात खड़ा है। ठीक उसी प्रकार, भारत का विश्वगुरु के रूप में पुनरुत्थान भी पूरी तरह निश्चित है और इस यात्रा को रोका नहीं जा सकता। भागवत ने यह बात नागपुर में नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट परिसर में बनने वाले भारत दुर्गा शक्ति स्थल मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में कही। इस मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज, स्वामी मित्रानंदजी महाराज, साध्वी ऋतंभरा और धीरेन्द्र शास्त्री सहित कई धार्मिक नेता भी मौजूद थे। नागपुर में नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट में हुए कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेत कई धार्मिक नेता मौजूद रहे। भारत के भविष्य पर संदेह न करें- भागवत RSS चीफ ने कहा- देश के भविष्य को लेकर कोई संदेह न रखें और साहस व आत्मनिर्भरता के साथ जीवन जीएं। उनके मुताबिक, अगर लोग अपने संकल्प के अनुसार कदम-दर-कदम आगे बढ़ें, तो भारत मजबूत और नैतिक रूप से सशक्त बनेगा। उन्होंने कहा कि भारत के विश्वगुरु बनने का सपना निरंतर प्रयासों और सामूहिक अनुशासन के माध्यम से साकार होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह का परिवर्तन वर्तमान पीढ़ी में देखा जा सकता है। उन्होंने कहा- भारत के भविष्य पर संदेह न करें। साहस और आत्मनिर्भरता के साथ जीएं और इन मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं। भारत मजबूत होगा और दुनिया का मार्गदर्शन करेगा। लोगों को संदेह था कि राम मंदिर बनेगा या नहीं, लेकिन यह बन गया। उसी प्रकार भारत का विश्वगुरु बनना निश्चित है। पश्चिमी चश्मे को उतार फेंकने की जरूरत- भागवत डॉक्टर भागवत ने कहा कि भारत को यदि वास्तव में समझना है, तो इसे इसकी अपनी सभ्यता और सनातन मूल्यों की दृष्टि से देखना होगा। उन्होंने कहा कि पिछले 150 वर्षों में विकसित हुई पश्चिमी सोच से भारत को नहीं समझा जा सकता। नागरिकों को इस विदेशी विचारधारा की परतों को उतार फेंकना होगा। यदि हम अपने संकल्प के अनुसार कदम दर कदम आगे बढ़ें, तो भारत मजबूत, सदाचारी और वैश्विक मार्गदर्शक बनेगा। भागवत ने कहा कि भारत को सही मायने में समझने के लिए, लोगों को पहले भारत को गहराई से समझना होगा और फिर उसे अपने दैनिक जीवन में उतारना शुरू करना होगा। भागवत ने नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट परिसर में मल्टी नेशनल हॉस्पिटल का भी शिलान्यास किया। पश्चिमी सोच को त्यागकर भारतीय परंपराओं से जुड़ें- भागवत आरएसएस प्रमुख ने नागरिकों से पश्चिमी सोच को त्यागने और विचार एवं व्यवहार में भारतीय परंपराओं से दोबार जुड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन दैनिक जीवन में छोटे, लेकिन सार्थक बदलावों से शुरू होगा, जैसे कि भाषा, पहनावा, खान-पान की आदतें और सांस्कृतिक प्रथाएं। भारत को जानना, स्वीकार करना और दैनिक जीवन में जीना जरूरी है। इस बात पर जोर देते हुए कि आत्म-साक्षात्कार की ऐसी प्रक्रिया के माध्यम से ही एक मजबूत और आत्मविश्वासी भारत की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। भागवत के पिछले 3 बड़े बयान… 7 फरवरी: मुंबई में भागवत बोले- भारत में रहने वाले सभी हिंदू, संघ किसी के खिलाफ नहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 साल पूरे होने पर मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान भी शामिल हुए। वे फिल्ममेकर सुभाष घई और गीतकार प्रसून जोशी के साथ मंच के सामने बैठे और RSS प्रमुख मोहन भागवत का भाषण सुना। इस कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत में हिंदू ही है और कोई है ही नहीं। किसी खास रस्म या प्रार्थना से जुड़े धर्म को नहीं दिखाता, न ही यह किसी समुदाय का नाम है। पूरी खबर पढ़ें… 26 दिसंबर: सनातन धर्म को जिंदा करने का समय आ गया भागवत ने हैदराबाद में कहा- भारत को एक बार फिर ‘विश्वगुरु’ बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। यह कोई बड़ी महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अब सनातन धर्म को फिर से जिंदा करने का समय आ गया है। करीब 100 साल पहले योगी अरविंद ने कहा था कि सनातन धर्म को फिर से जिंदा करना भगवान की मर्जी है और हिंदू राष्ट्र का उदय सनातन धर्म को फिर से जिंदा करने के लिए है। पूरी खबर पढ़ें… 16 नवंबर: पहले लोग संघ के काम पर हंसते थे, आज डंका बज रहा भागवत ने कहा- पहले लोग संघ के काम पर हंसते थे। डॉ. हेडगेवार पर भी हंसते थे, कहते थे नाक साफ नहीं कर सकते। ऐसे बच्चों को लेकर यह राष्ट्र निर्माण करने चले हैं। इस तरह का उपहास होता था। विचार भी अमान्य था। लोग कहते थे हिंदू संगठन मेंढक तोलने जैसी बात है, हो नहीं सकता है। हिंदू को काहे जगा रहे हो, मृत जाति है। काम करने के लिए शरीर चले, इसकी भी व्यवस्था नहीं थी। पूरी खबर पढ़ें… ——————- मोहन भागवत से जु़ड़ी ये खबर भी पढ़ें… हिंदू समाज में एकता की कमी:ये बार-बार गुलामी की बड़ी वजह; हेडगेवार ने एकता और आजादी के लिए RSS बनाया था राष्ट्रीय स्वयं सेवक (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि केशव बलिराम हेडगेवार ने देश को विदेशी शासन से आजाद कराने और हिंदुओं के बीच फूट को खत्म करने के मकसद से RSS की स्थापना की थी। हेडगेवार का मानना था कि समाज में एकता की कमी ही बार-बार गुलामी की बड़ी वजह रही। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

India Beats Canada 3-1, Lakshya Sen Loses, Doubles Win

India Beats Canada 3-1, Lakshya Sen Loses, Doubles Win

Hindi News Sports Thomas Cup: India Beats Canada 3 1, Lakshya Sen Loses, Doubles Win स्पोर्ट्स डेस्क20 मिनट पहले कॉपी लिंक सात्विक-चिराग जोड़ी ने जीत हासिल की। भारत ने थॉमस कप बैटमिंटन टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत करते हुए शुक्रवार को कनाडा को 3-1 से हरा दिया। इस मुकाबले में भारतीय डबल्स के सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने जीत दर्ज की। वहीं एकमात्र हार लक्ष्य सेन के नाम रही। पहले मैच में लक्ष्य सेन हारे मैच की शुरुआत भारत के लिए अच्छी नहीं रही। पहले सिंगल्स मुकाबले में लक्ष्य सेन को कनाडा के विक्टर लाई के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। लक्ष्य ने पहला गेम 21-18 से जीता, लेकिन इसके बाद विक्टर लाई ने शानदार वापसी करते हुए 21-19, 21-10 से मैच जीत लिया। लक्ष्य को विक्टर लाई के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। सात्विक और चिराग ने वापसी कराई भारत की स्टार डबल्स जोड़ी सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने टीम को बराबरी दिलाई। उन्होंने कनाडाई जोड़ी को एकतरफा मुकाबले में 21-10, 21-11 से हराया। यह मैच सिर्फ 29 मिनट में खत्म हो गया। तीसरे सिंगल्स मुकाबले में आयुष शेट्टी ने ब्रायन यांग को 21-13, 21-17 से हराकर भारत को बढ़त दिलाई। दूसरे डबल्स ने भारत की जीत पक्की की दूसरे डबल्स और में हरिहरन और एमआर अर्जुन की जोड़ी ने 21-7, 21-15 से मैच जीतकर 3-1 की निर्णायक बढ़त दिलाई। 5वें मैच में किदांबी श्रीकांत ने 21-17 और 21-12 से जीत हासिल की। भारत ने 4-1 से मैच जीतकर टूर्नामेंट की विजयी शुरुआत की है। भारत का दूसरा मुकाबला 27 अप्रैल को ऑस्ट्रेलिया और तीसरा मैच 29 अप्रैल को चीन से होगा। ——————————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… ओलिंपिक-कॉमनवेल्थ के बाद अब 2038 एशियन गेम्स की तैयारी:भारत ने प्रस्ताव भेजा; अहमदाबाद होगा मुख्य सेंटर, OCA की टीम जल्द करेगी दौरा 2036 ओलिंपिक की मजबूत दावेदारी और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) की मेजबानी हासिल करने के बाद अब भारत की नजरें 2038 के एशियन गेम्स पर हैं। भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) ने आधिकारिक तौर पर इसके लिए अपनी इच्छा जाहिर की है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

2038 Asian Games, India Bid, Ahmedabad, OCA Visit, Indian Olympic Association, OCA Executive Board

2038 Asian Games, India Bid, Ahmedabad, OCA Visit, Indian Olympic Association, OCA Executive Board

Hindi News Sports 2038 Asian Games, India Bid, Ahmedabad, OCA Visit, Indian Olympic Association, OCA Executive Board स्पोर्ट्स डेस्क4 मिनट पहले कॉपी लिंक पिछला एशियन गेम्स 2022 में चीन में हुआ था। 2036 ओलिंपिक की मजबूत दावेदारी और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) की मेजबानी हासिल करने के बाद अब भारत की नजरें 2038 के एशियन गेम्स पर हैं। भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) ने आधिकारिक तौर पर इसके लिए अपनी इच्छा जाहिर की है। गुरुवार को चीन के सान्या में ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) की एग्जीक्यूटिव बोर्ड की बैठक हुई। इसमें भारत के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। बोर्ड ने फैसला लिया है कि भारत की तैयारियों का जायजा लेने के लिए जल्द ही एक इवैल्यूएशन टीम देश का दौरा करेगी। 2038 के स्लॉट के लिए भारत के अलावा साउथ कोरिया और मंगोलिया ने भी अपनी रुचि दिखाई है। पहला एशियन गेम्स 1951 में भारत में हुआ था। अहमदाबाद बनेगा खेलों का हब 2036 ओलिंपिक और 2030 CWG की तरह 2038 एशियन गेम्स का केंद्र भी अहमदाबाद ही रहेगा। गुजरात सरकार ने इसके लिए बड़े स्तर पर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण शुरू कर दिया है। सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव: नरेंद्र मोदी स्टेडियम के पास 355 एकड़ में फैला यह इलाका मुख्य केंद्र होगा। यहां एक्वेटिक्स, टेनिस सेंटर और इंडोर एरेना बनाए जा रहे हैं। कराई स्पोर्ट्स हब: गांधीनगर में 143 एकड़ में एथलेटिक्स स्टेडियम, शूटिंग कॉम्प्लेक्स और अन्य वेन्यू तैयार किए जा रहे हैं। 56 साल बाद भारत में वापसी की कोशिश भारत ने 1951 में पहले एशियन गेम्स की मेजबानी की थी। इसके बाद आखिरी बार 1982 में ये खेल भारत में हुए थे। दोनों ही बार मेजबानी दिल्ली ने की थी। अगर भारत 2038 की बिड जीतता है, तो यह 56 साल बाद देश में एशियन गेम्स की वापसी होगी। कम लागत में होगा बड़ा आयोजन IOA के अधिकारियों का मानना है कि 2038 एशियन गेम्स की मेजबानी भारत के लिए ‘लॉजिकल स्टेप’ है। 2030 CWG और 2036 ओलिंपिक के लिए अहमदाबाद में इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से ही तैयार होगा, ऐसे में एशियन गेम्स के आयोजन की लागत काफी कम हो जाएगी। यदि भारत को 2036 ओलिंपिक की मेजबानी मिलती है, तो एशियन गेम्स के लिए वही वेन्यू इस्तेमाल हो सकेंगे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

2038 Asian Games, India Bid, Ahmedabad, OCA Visit, Indian Olympic Association, OCA Executive Board

2038 Asian Games, India Bid, Ahmedabad, OCA Visit, Indian Olympic Association, OCA Executive Board

Hindi News Sports 2038 Asian Games, India Bid, Ahmedabad, OCA Visit, Indian Olympic Association, OCA Executive Board स्पोर्ट्स डेस्क58 मिनट पहले कॉपी लिंक पिछला एशियन गेम्स 2022 में चीन में हुआ था। 2036 ओलिंपिक की मजबूत दावेदारी और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) की मेजबानी हासिल करने के बाद अब भारत की नजरें 2038 के एशियन गेम्स पर हैं। भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) ने आधिकारिक तौर पर इसके लिए अपनी इच्छा जाहिर की है। गुरुवार को चीन के सान्या में ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) की एग्जीक्यूटिव बोर्ड की बैठक हुई। इसमें भारत के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। बोर्ड ने फैसला लिया है कि भारत की तैयारियों का जायजा लेने के लिए जल्द ही एक इवैल्यूएशन टीम देश का दौरा करेगी। 2038 के स्लॉट के लिए भारत के अलावा साउथ कोरिया और मंगोलिया ने भी अपनी रुचि दिखाई है। पहला एशियन गेम्स 1951 में भारत में हुआ था। अहमदाबाद बनेगा खेलों का हब 2036 ओलिंपिक और 2030 CWG की तरह 2038 एशियन गेम्स का केंद्र भी अहमदाबाद ही रहेगा। गुजरात सरकार ने इसके लिए बड़े स्तर पर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण शुरू कर दिया है। सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव: नरेंद्र मोदी स्टेडियम के पास 355 एकड़ में फैला यह इलाका मुख्य केंद्र होगा। यहां एक्वेटिक्स, टेनिस सेंटर और इंडोर एरेना बनाए जा रहे हैं। कराई स्पोर्ट्स हब: गांधीनगर में 143 एकड़ में एथलेटिक्स स्टेडियम, शूटिंग कॉम्प्लेक्स और अन्य वेन्यू तैयार किए जा रहे हैं। 56 साल बाद भारत में वापसी की कोशिश भारत ने 1951 में पहले एशियन गेम्स की मेजबानी की थी। इसके बाद आखिरी बार 1982 में ये खेल भारत में हुए थे। दोनों ही बार मेजबानी दिल्ली ने की थी। अगर भारत 2038 की बिड जीतता है, तो यह 56 साल बाद देश में एशियन गेम्स की वापसी होगी। कम लागत में होगा बड़ा आयोजन IOA के अधिकारियों का मानना है कि 2038 एशियन गेम्स की मेजबानी भारत के लिए ‘लॉजिकल स्टेप’ है। 2030 CWG और 2036 ओलिंपिक के लिए अहमदाबाद में इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से ही तैयार होगा, ऐसे में एशियन गेम्स के आयोजन की लागत काफी कम हो जाएगी। यदि भारत को 2036 ओलिंपिक की मेजबानी मिलती है, तो एशियन गेम्स के लिए वही वेन्यू इस्तेमाल हो सकेंगे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

ट्रम्प ने भारत को नरक का द्वार बताया:कहा- भारतीय अमेरिका में बच्चों को जन्म देकर नागरिकता लेते हैं, फिर परिवार को बुलाते हैं

ट्रम्प ने भारत को नरक का द्वार बताया:कहा- भारतीय अमेरिका में बच्चों को जन्म देकर नागरिकता लेते हैं, फिर परिवार को बुलाते हैं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत और चीन को हेल होल (नरक का द्वार) बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक चिट्ठी पोस्ट की है जिसमें जन्म के आधार पर नागरिकता देने की आलोचना की गई है और भारत-चीन समेत कई देशों पर विवादित टिप्पणी की गई है। इस पत्र में उन्होंने कैलिफोर्निया के टेक सेक्टर में भारत और चीन के लोगों के दबदबे का दावा किया। उन्होंने कहा कि जन्म के आधार पर नागरिकता से प्रवासी अपने बच्चों को नागरिकता दिलाते हैं। फिर पूरा परिवार अमेरिका आ जाता है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि इस मुद्दे का फैसला अदालतों या वकीलों को नहीं, बल्कि देशव्यापी वोटिंग से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक सोशल मीडिया सर्वे (पोल) में ज्यादातर लोगों ने यह राय दी कि जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता को सीमित करना चाहिए। उन्होंने यह भी इशारा किया कि उन्हें अदालतों और कानूनी संस्थाओं पर भरोसा नहीं है कि वे इस मुद्दे पर सही फैसला लें। ट्रम्प बोले- कैलिफोर्निया में भारत-चीन का दबदबा ट्रम्प ने चिट्ठी में कैलिफोर्निया के टेक सेक्टर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हाई-टेक नौकरियों में भारत और चीन के लोगों का बहुत ज्यादा असर है। उसके मुताबिक, वहां की कंपनियों में भर्ती का माहौल ऐसा बन गया है कि बाकी लोगों के लिए मौके बहुत कम रह गए हैं। इन जगहों पर नौकरी पाने के लिए योग्यता से ज्यादा यह मायने रखता है कि आप किस देश से हैं, और उसके अनुसार सिस्टम इस तरह काम कर रहा है कि भारतीय और चीनी लोगों को प्राथमिकता मिलती है। यानी उसके हिसाब से भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है, बल्कि कुछ खास समूहों के पक्ष में झुकी हुई है। प्रवासियों के लिए काम करने वाले संगठन पर नाराजगी जताई उन्होंने चिट्ठी में लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम करने वाली अमेरिकन सिविल लिबर्टी यूनियन पर भी निशाना साधा गया। कहा कि यह संगठन अवैध प्रवासियों को फायदा पहुंचाने वाली नीतियों का समर्थन करता है। ट्रम्प ने कहा कि इस संगठन पर संगठित अपराध जैसे कड़े कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। ट्रम्प ने यह भी आरोप लगाया कि प्रवासी स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सरकारी सुविधाओं का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, जिसका खर्च करदाताओं पर पड़ता है। उन्होंने कैलिफोर्निया जैसे राज्यों में कथित वेलफेयर धोखाधड़ी और प्रवास से सांस्कृतिक व भाषाई पहचान पर असर पड़ने की बात भी कही गई। उन्होंने कहा कि अब अस्पतालों में प्रवासी ज्यादा इलाज कराते हैं और सिस्टम का गलत फायदा उठा रहे हैं। ट्रम्प ने आरोप लगाया कि छोटी बीमारी पर भी बहुत बड़ा खर्च दिखाया जाता है। 157 साल पहले मिला जन्मजात नागरिकता का अधिकार दुनिया में दो तरह से बच्चों को नागरिकता मिलती है। पहला- राइट ऑफ सॉइल यानी कि बच्चे का जहां जन्म हुआ हो, वह अपने आप वहां का नागरिक बन जाता है। दूसरा राइट ऑफ ब्लड यानी कि बच्चे के मां-बाप जहां के नागरिक हों, बच्चे वहीं के नागरिक माने जाएंगे। अमेरिका में जन्म के आधार पर नागरिकता (राइट ऑफ सॉइल) मिलती है। 1865 में गृहयुद्ध खत्म होने के बाद, जुलाई 1868 में संसद में 14वें संशोधन को मंजूरी दी गई थी। इसमें कहा गया था कि देश में पैदा हुए सभी अमेरिकी नागरिक हैं। इस संशोधन का मकसद गुलामी के शिकार अश्वेत लोगों को अमेरिकी नागरिकता देना था। हालांकि, इस संशोधन की व्याख्या इस प्रकार की गई है कि इसमें अमेरिका में जन्में सभी बच्चों को शामिल किया जाएगा, चाहे उनके माता-पिता का इमिग्रेशन स्टेट्स कुछ भी हो। इस कानून का फायदा उठाकर गरीब और युद्धग्रस्त देशों से आए लोग अमेरिका आकर बच्चों को जन्म देते हैं। ये लोग पढ़ाई, रिसर्च, नौकरी के आधार पर अमेरिका में रुकते हैं। बच्चे का जन्म होते ही उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है। नागरिकता के बहाने माता-पिता को अमेरिका में रहने की कानूनी वजह भी मिल जाती है। अमेरिका में यह ट्रेंड काफी लंबे समय से जोरों पर है। आलोचक इसे बर्थ टूरिज्म कहते हैं। प्यू रिसर्च सेंटर की 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक 16 लाख भारतीय बच्चों को अमेरिका में जन्म लेने की वजह से नागरिकता मिली है। कोर्ट में बर्थडे सिटीजनशिप पर सुनवाई जारी ट्रम्प ने 20 जनवरी 2025 को आदेश जारी कर जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता (बर्थराइट सिटिजनशिप) पर रोक लगाने की कोशिश की थी। इसके कुछ ही दिन बाद फेडरल कोर्ट ने इस पर अस्थायी रोक (पहले 14 दिन) लगा दी। इसके बाद अदालतों में इस आदेश को चुनौती दी गई और कई जगहों पर कोर्ट ने इसे लागू होने से रोका हुआ है। मामला अभी भी कानूनी लड़ाई में है और अलग-अलग अदालतों में सुनवाई चल रही है।

India Heatwave | UP Roads Water Spray, Delhi Schools Water Bell, Odisha Census Halt

India Heatwave | UP Roads Water Spray, Delhi Schools Water Bell, Odisha Census Halt

Hindi News National India Heatwave | UP Roads Water Spray, Delhi Schools Water Bell, Odisha Census Halt नई दिल्ली/भोपाल/जयपुर/लखनऊ53 मिनट पहले कॉपी लिंक देश के आधे से ज्यादा राज्यों में हीटवेव जारी है। बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के कई शहरों में पारा 40°C से 45°C के बीच बना हुआ है। ओडिशा का झारसुगुड़ा बुधवार को 44.6°C तापमान के साथ देश का सबसे गर्म शहर रहा। हीटवेव को देखते हुए ओडिशा सरकार ने दोपहर के समय जनगणना प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। यानी फील्ड स्टाफ अब जनगणना का काम सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के दौरान नहीं करेंगे। बौध और मयूरभंज जिले में 23 अप्रैल तक सभी स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। इधर, दिल्ली के स्कूलों में वॉटर बेल सिस्टम लागू किया जाएगा। हर 45 से 60 मिनट में घंटी बजाई जाएगी, ताकि छात्रों को पानी पीने की याद दिलाई जा सके और डिहाइड्रेशन से बचाया जा सके। देशभर से गर्मी की 5 तस्वीरें नागपुर में भीषण गर्मी के बीच लोग खुद को बचाने के लिए दुपट्टों से चेहरा ढकते नजर आए। प्रयागराज में तेज गर्मी के बीच नारियल से भरे ट्रक में एक मजदूर आराम करता दिखा। पटना में महिलाएं तपती गर्मी से बचने के लिए स्कार्फ से खुद को ढकती नजर आईं। यूपी के प्रयागराज में बुधवार को तेज गर्म हवाओं के साथ धूल से लोग परेशान रहे। पर्यटकों को गर्मी से राहत देने के लिए आगरा फोर्ट के पास पानी का छिड़काव किया गया। इस हफ्ते हीटवेव से राहत के आसार नहीं भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार को कहा कि अगले 4 से 5 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के अधिकांश हिस्सों में हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ इलाकों में 24 और 25 अप्रैल को हीटवेव चलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में 25 अप्रैल और मध्य प्रदेश में 26 अप्रैल के बीच हीटवेव की स्थिति रहेगी। महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में 24 से 27 अप्रैल, जबकि बंगाल, बिहार और झारखंड में 23 अप्रैल को हीटवेव की आशंका है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, ओडिशा और गोवा में रातें भी गर्म रह सकती हैं। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 24 अप्रैल: गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु में गर्म और उमस भरा मौसम होगा। तेलंगाना, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बिजली गिरने की संभावना है। 25 अप्रैल: छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में हीटवेव चलने की संभावना है। आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, ओडिशा और तमिलनाडु में गर्म और उमस भरा मौसम रह सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

India Sends 2 Ton Life Support Medicine to Tanzania

India Sends 2 Ton Life Support Medicine to Tanzania

Hindi News Career India Sends 2 Ton Life Support Medicine To Tanzania | April 23 Current Affairs 28 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. रक्षा मंत्रालय ने 975 करोड़ रुपए के MoU साइन किए 21 अप्रैल को रक्षा मंत्रालय ने भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) और इलेक्ट्रो न्यूमेटिक्स एंड हाइड्रोलिक्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के साथ लगभग 975 करोड़ रुपए का MoU साइन किया। इस MoU के तहत T-72 और T-90 टैंकों के लिए TRAWL असेंबली इक्विपमेंट खरीदे जाएंगे। ये MoU नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में साइन हुआ। TRAWL असेंबली T-72 और T-90 टैंकों में लगाए जाने वाले इक्विपमेंट हैं, जो इंडियन आर्मी की बारूदी सुरंग भेदने की क्षमता को बढ़ाएगी। ये एंटी-टैंक बारूदी सुरंगों के जरिए गाड़ियों को निकालने के लिए एक सुरक्षित लेन बनाने के भी काम आएगी। TRAWL असेंबली एक स्वदेशी माइनफील्ड ब्रीचिंग सिस्टम है, जिसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है। TRAWL असेंबली टैंकरों में आगे लगाए जाते हैं। निधन (DEATH) 2. आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम नादेंदला भास्कर राव का निधन 22 अप्रैल को आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम एन भास्कर राव का निधन हो गया। वे 91 साल के थे। भास्कर राव पहली बार 1978 में विधायक चुने गए थे और चेन्ना रेड्डी के मंत्रिमंडल में मंत्री के तौर पर काम किया था। 1978 में, भास्कर राव ने विजयवाड़ा से चुनाव लड़ा और कांग्रेस विधायक के तौर पर जीत हासिल की। भास्कर राव बाद में तेलुगु देशम पार्टी (TDP) में शामिल हो गए, TDP की स्थापना टी एन रामाराव ने की थी। 1983 में भास्कर राव तेलुगु देशम पार्टी (TDP) से गुंटूर जिले के वेमुरु निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुने गए। 1984 में उन्होंने एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए तेलुगु देशम पार्टी के संस्थापक टी एन रामाराव के खिलाफ बगावत कर सरकार गिरा दी। 1984 में भास्कर आंध्र प्रदेश के सीएम बने थे। हालांकि, उनका कार्यकाल बहुत छोटा रहा और वे एक महीने ही इस पद पर रह पाए थे। भास्कर ने NTR, मैरी चेन्ना रेड्डी और अंजैया कैबिनेट में मंत्री रहे। 1998 में खम्मम लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए। भास्कर राव ने TDP में अपने समर्थकों के साथ और कांग्रेस के समर्थन से NTR सरकार का तख्तापलट कर दिया, जब NTR उस समय हेल्थ इमरजेंसी की वजह से अमेरिका में थे। राजनीतिक तख्तापलट के बाद, भास्कर राव 16 अगस्त, 1984 को आंध्र प्रदेश के सीएम बने। हालांकि, सिर्फ 31 दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने और 17 सितंबर 1984 तक इस पद पर रहे। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भास्कर राव ने 1985 में प्रजास्वामी तेलुगु देशम पार्टी की बनाई। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 3. भारत ने तंजानिया को लाइफ सपोर्ट मेडिसिन भेजीं 21 अप्रैल को भारत ने पूर्वी अफ्रीकी देश के तंजानिया को 2 टन लाइफ सेविंग मेडिसिन भेजी हैं। ये दवाएं तंजानिया के दार ए सलाम के श्री हिंदू मंडल हॉस्पिटल में भेजी गई हैं। ये दवाएं बेहतर स्वास्थ्य और आपसी सहयोग का हिस्सा हैं। भारत के हाई कमिश्नर बिश्वदीप डे ने हॉस्पिटल ट्रस्टी कौशिक एल. रमैया को दवाओं की खेप सौंपी है। दवाओं की इस खेप में जरूरी इक्विपमेंट जैसे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, सक्शन यूनिट, ऑक्सीमीटर, माइक्रोस्कोप और स्टेथोस्कोप के साथ-साथ इनहेलर, सीरिंज, गलब्स, पट्टियां और व्हीलचेयर जैसी जरूरी चीजें शामिल हैं। इस मेडिकल खेप से हॉस्पिटल में डायग्नोस्टिक कैपिसिटी, ट्रीटमेंट कैपविलिटी और पेशेंट केयर बेहतर होगी। ये मदद भारत- तंजानिया के आपसी सहयोग और स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए है। साथ ही ये डिप्लोमेटिक रिलेशन और डेवलपमेंट को बढ़ाने के लिए है। ये दवाएं भारत के इनिशिएटिव वैक्सीन मैत्री का हिस्सा हैं। जिसे 2021 में भारत ने शुरू किया था। भारत का तंजनियां को दवाएं भेजना भारत-अफ्रीका फोरम समिट फ्रेमवर्क का हिस्सा है। अफ्रीका भारत का एनर्जी, ट्रेड और मेरीटाइम पार्टनर है। भारत का ये कदम भारत और साउथ अफ्रीका के बीच साउथ कॉर्पोरेशन को बढ़ावा देगा। मिसलीनियस (Miscellaneous) 4. शेखा झील बर्ड सेंचुरी रामसर साइट बनी 22 अप्रैल को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने यूपी की शेखा झील बर्ड सेंचुरी को रामसर साइट बनाने का ऐलान किया। एक सोशल मीडिया पोस्ट में यादव ने कहा कि ये राज्य की 12वीं और देश की 99वीं रामसर साइट है, जो भारत को एक ऐतिहासिक सदी के करीब लाती है। रामसर साइट ऐसी आर्द्रभूमि यानी Wetlands होती है, जहां पक्षियों को संरक्षित करने के लिए बेहतर माहौल दिया जाता है। ये कन्वेंशन 1971 में भारत और ईरान के बीच हुआ था। रामसर साइट बनने से लोकल लोगों को रोजगार मिलेगा और क्लाइमेट सिक्योरिटी को भी बढ़ावा मिलेगा। इस समावेशन से स्थानीय आजीविका और वैश्विक जैव विविधता के साथ-साथ जल और जलवायु सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। सेंचुरी में सेंट्रल एशियाई फ्लाईवे हैं, जहां ठंड के मौसम में बार-हेडेड गूज, पेंटेड स्टॉर्क और कई बत्तखों जैसे प्रवासी पक्षियों का घर है। रामसर साइट ऐसी आर्द्रभूमि यानी Wetlands है जिसे इंटरनेशनल महत्व का दर्जा दिया गया है। वेटलैंड्स यानी नम जमीनों पर रामसर कन्वेंशन, सूखी जमीनों को टिकाऊ बनाने के लिए किया गया एक इंटरनेशनल एग्रीमेंट है। ये एग्रीमेंट 1971 में ईरान के रामसर में हुआ था। भारत 1 फरवरी 1982 को इस कन्वेंशन का हिस्सा बना। रामसर में शामिल होने वाले देश वेटलैंड्स को नॉमिनेट कर सकते हैं, जिन्हें रामसर साइटों के रूप में जाना जाता है, जैसे जैव विविधता, प्रवासी पक्षी, दुर्लभ प्रजातियां और हाइड्रोलॉजिकल एनवायरमेंट। रामसर नाम ईरान के रामसर शहर से आया है, यहीं ये संधि हुई थी। रामसर के तहत सभी रामसर साइटें इंटरनेशनल लेवल पर दुर्लभ प्रजातियों को संरक्षित करने के लिए काम करती हैं। 5. INS सुनयना अपने क्रू के साथ जकार्ता पहुंचा 21 अप्रैल को इंडियन नेवी का ऑफशोर पेट्रोल वेसल INS सुनयना इंडोनेशिया के जकार्ता पहुंचा है और ये INS सुनयना का तीसरा पोर्ट कॉल है। INS सुनयना हिंद महासागर में इंडियन ओशियन शिप (IOS) SAGAR इनशियेटिव के तहत इंडोनेशिया पहुंचा है। IOS- SAGAR का पूरा नाम इंडियन ओशियन शिप – सिक्योरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन है। INS सुनयना मलक्का और सिंगापुर जलडमरूमध्य जैसे प्रमुख ग्लोबल

सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी:कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट

सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी:कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट

सरकार ने एविएशन सेक्टर में प्रदूषण कम करने और महंगे कच्चे तेल के आयात को घटाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल ब्लेंडिंग को मंजूरी दे दी है। इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर ATF मार्केटिंग नियमों में बदलाव किया है। इस फैसले से न केवल हवाई यात्रा क्लीन होगी, बल्कि भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता भी कम होगी। नए नियमों के तहत फ्यूल की परिभाषा बदली मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार, अब एविएशन टर्बाइन फ्यूल की परिभाषा को अपडेट किया गया है। अब एटीएफ में हाइड्रोकार्बन के साथ-साथ सिंथेसाइज्ड कंपोनेंट्स (जैसे एथेनॉल) को भी शामिल किया जा सकेगा। यह भारतीय मानकों के अनुरूप होगा। सरकार का यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहे सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) के चलन को ध्यान में रखकर किया गया है। तेल आयात और विदेशी मुद्रा की बचत होगी भारत अपनी जरूरत का करीब 87% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण अक्सर तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहता है, जिसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। हवाई ईंधन में एथेनॉल मिलाने से कच्चे तेल की खपत कम होगी, जिससे सरकार को विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिलेगी। गडकरी बोले- 100% एथेनॉल ब्लेंडिंग का टारगेट केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत को 100% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य रखना चाहिए। हमें फॉसिल फ्यूल (जीवाश्म ईंधन) पर अपनी निर्भरता को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत है। गडकरी लंबे समय से फ्लेक्स-फ्यूल और ग्रीन हाइड्रोजन के इस्तेमाल पर जोर दे रहे हैं। CAFE III नॉर्म्स से ईवी और फ्लेक्स-फ्यूल को राहत सरकार का ध्यान केवल विमानों तक ही सीमित नहीं है। गडकरी ने कहा कि अप्रैल 2027 से लागू होने वाले ‘कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी’ (CAFE) III नॉर्म्स का इलेक्ट्रिक वाहनों और फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों पर बुरा असर नहीं पड़ेगा। इसका मतलब है कि सरकार भविष्य में पर्यावरण के अनुकूल चलने वाली गाड़ियों को बढ़ावा देना जारी रखेगी। CAFE III नॉर्म्स वाहनों के औसत ईंधन उत्सर्जन को नियंत्रित करने के मानक हैं, जो पर्यावरण सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। क्या होता है सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF)? SAF एक ऐसा वैकल्पिक ईंधन है जिसे कुकिंग ऑयल, कृषि अवशेष और कचरे से तैयार किया जा सकता है। इसमें एथेनॉल का मिश्रण भी अहम भूमिका निभाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके इस्तेमाल के लिए विमान के इंजन या मौजूदा फ्यूल सप्लाई सिस्टम में बड़े बदलाव की जरूरत नहीं होती। यह पारंपरिक जेट फ्यूल के मुकाबले कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम कर देता है। ये खबर भी पढ़ें… टेक महिंद्रा का मुनाफा 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़: चौथी तिमाही में रेवेन्यू 12.64% बढ़ा, निवेशकों को 36 रुपए डिविडेंड देगी कंपनी टेक महिंद्रा का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंसॉलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार (YoY) 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़ हो गया। एक साल पहले की समान तिमाही (Q4FY25) में कंपनी को ₹1,167 करोड़ का मुनाफा हुआ था। आज (22 अप्रैल) को कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के नतीजे जारी किए हैं। इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 36 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। पूरी खबर पढ़ें…

सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी:कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट

सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी:कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट

सरकार ने एविएशन सेक्टर में प्रदूषण कम करने और महंगे कच्चे तेल के आयात को घटाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल ब्लेंडिंग को मंजूरी दे दी है। इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर ATF मार्केटिंग नियमों में बदलाव किया है। इस फैसले से न केवल हवाई यात्रा क्लीन होगी, बल्कि भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता भी कम होगी। नए नियमों के तहत फ्यूल की परिभाषा बदली मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार, अब एविएशन टर्बाइन फ्यूल की परिभाषा को अपडेट किया गया है। अब एटीएफ में हाइड्रोकार्बन के साथ-साथ सिंथेसाइज्ड कंपोनेंट्स (जैसे एथेनॉल) को भी शामिल किया जा सकेगा। यह भारतीय मानकों के अनुरूप होगा। सरकार का यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहे सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) के चलन को ध्यान में रखकर किया गया है। तेल आयात और विदेशी मुद्रा की बचत होगी भारत अपनी जरूरत का करीब 87% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण अक्सर तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहता है, जिसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। हवाई ईंधन में एथेनॉल मिलाने से कच्चे तेल की खपत कम होगी, जिससे सरकार को विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिलेगी। गडकरी बोले- 100% एथेनॉल ब्लेंडिंग का टारगेट केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत को 100% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य रखना चाहिए। हमें फॉसिल फ्यूल (जीवाश्म ईंधन) पर अपनी निर्भरता को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत है। गडकरी लंबे समय से फ्लेक्स-फ्यूल और ग्रीन हाइड्रोजन के इस्तेमाल पर जोर दे रहे हैं। CAFE III नॉर्म्स से ईवी और फ्लेक्स-फ्यूल को राहत सरकार का ध्यान केवल विमानों तक ही सीमित नहीं है। गडकरी ने कहा कि अप्रैल 2027 से लागू होने वाले ‘कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी’ (CAFE) III नॉर्म्स का इलेक्ट्रिक वाहनों और फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों पर बुरा असर नहीं पड़ेगा। इसका मतलब है कि सरकार भविष्य में पर्यावरण के अनुकूल चलने वाली गाड़ियों को बढ़ावा देना जारी रखेगी। CAFE III नॉर्म्स वाहनों के औसत ईंधन उत्सर्जन को नियंत्रित करने के मानक हैं, जो पर्यावरण सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। क्या होता है सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF)? SAF एक ऐसा वैकल्पिक ईंधन है जिसे कुकिंग ऑयल, कृषि अवशेष और कचरे से तैयार किया जा सकता है। इसमें एथेनॉल का मिश्रण भी अहम भूमिका निभाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके इस्तेमाल के लिए विमान के इंजन या मौजूदा फ्यूल सप्लाई सिस्टम में बड़े बदलाव की जरूरत नहीं होती। यह पारंपरिक जेट फ्यूल के मुकाबले कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम कर देता है। ये खबर भी पढ़ें… टेक महिंद्रा का मुनाफा 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़: चौथी तिमाही में रेवेन्यू 12.64% बढ़ा, निवेशकों को 36 रुपए डिविडेंड देगी कंपनी टेक महिंद्रा का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंसॉलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार (YoY) 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़ हो गया। एक साल पहले की समान तिमाही (Q4FY25) में कंपनी को ₹1,167 करोड़ का मुनाफा हुआ था। आज (22 अप्रैल) को कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के नतीजे जारी किए हैं। इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 36 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। पूरी खबर पढ़ें…

Revenue Up 12.64%, Profit Jumps 16% To ₹1,354 Cr

Revenue Up 12.64%, Profit Jumps 16% To ₹1,354 Cr

Hindi News Business Tech Mahindra Q4 Results: Revenue Up 12.64%, Profit Jumps 16% To ₹1,354 Cr मुंबई5 मिनट पहले कॉपी लिंक टेक महिंद्रा का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंसॉलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार (YoY) 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़ हो गया। एक साल पहले की समान तिमाही (Q4FY25) में कंपनी को ₹1,167 करोड़ का मुनाफा हुआ था। आज (22 अप्रैल) को कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के नतीजे जारी किए हैं। इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 36 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। नतीजों के बाद टेक महिंद्रा का शेयर 2.53% गिरकर 1,462.80 रुपए पर बंद हुआ। बीते एक साल में शेयर 6.27% चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.43 लाख करोड़ रुपए है। रेवेन्यू 12.64% बढ़कर ₹15,076 करोड़ रहा टेक महिंद्रा के ऑपरेशन से रेवेन्यू में सालाना आधार पर 12.64% की बढ़ोतरी हुई है। FY26 की चौथी तिमाही में ऑपरेशन से रेवेन्यू ₹15,076 करोड़ रहा। एक साल पहले की समान तिमाही यानी FY25 की चौथी तिमाही में रेवेन्यू ₹13,384 करोड़ रहा था। चौथी तिमाही में कंपनी की टोटल इनकम सालाना आधार (YoY) पर 9.70% बढ़कर 14,871 करोड़ रुपए रही, जो पिछले साल की समान तिमाही में 13,556 करोड़ रुपए थी। वहीं तिमाही आधार पर कंपनी की टोटल इनकम 3.32% बढ़ी है। कंसॉलिडेटेड यानी पूरी कंपनी की रिपोर्ट कंपनियों के रिजल्ट दो भागों में आते हैं- स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है। जबकि, कंसॉलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…