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EPFO Portal Down | Amazon India Invests ₹1.23 Lakh Crore; Gold, Silver Prices Plummet

EPFO Portal Down | Amazon India Invests ₹1.23 Lakh Crore; Gold, Silver Prices Plummet

Hindi News Business EPFO Portal Down | Amazon India Invests ₹1.23 Lakh Crore; Gold, Silver Prices Plummet नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर सोने-चांदी से जुड़ी रही। 1 किलो चांदी 5,494 रुपए घटकर 2.17 लाख रुपए पर आ गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,305 रुपए गिरकर 1.40 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले यह 1.42 लाख पर था। EPFO का ऑनलाइन क्लेम प्रोसेसिंग पोर्टल 26 से 28 जून तक बंद रहेगा। इसके अलावा 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना महंगा हो जाएगा। वहीं अमेजन भारत में 13 बिलियन डॉलर यानी करीब 1.23 लाख करोड़ रुपए का नया निवेश करेगी। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… आज मुहर्रम की छुट्‌टी के कारण शेयर बाजार बंद रहेगा। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। 1. चांदी कल ₹5,494 सस्ती हुई, 3 दिन में 21 हजार गिरी:सोना ₹2,305 गिरकर ₹1.40 लाख पर आया, इस महीने ₹16 हजार सस्ता हुआ सोने-चांदी की कीमतों में 25 जून को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 1 किलो चांदी आज चांदी 5,494 रुपए घटकर 2.17 लाख रुपए पर आ गई है। चांदी 3 दिन में ही 21 हजार रुपए सस्ती हो चुकी है। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोना आज 2,305 रुपए गिरकर 1.40 लाख रुपए आ गया है। पूरी खबर पढ़ें… 2. EPFO पोर्टल 26-28 जून तक बंद रहेगा:सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन के कारण क्लेम प्रोसेस नहीं होंगे, जल्द UPI-ATM से पैसा निकालने की सुविधा EPFO का ऑनलाइन क्लेम प्रोसेसिंग पोर्टल 26 से 28 जून तक बंद रहेगा। इसकी वजह सिस्टम माइग्रेशन और सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन है। इस दौरान पीएफ विड्रॉल, ई पासवबुक सर्विस और अन्य डिजिटल सर्विस बंद रहेंगी। पूरी खबर पढ़ें… 3. 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा:नॉर्मल कैटेगरी पासपोर्ट ₹2,500 और तत्काल ₹5,000 में बनेगा, खोने या डैमेज होने पर ₹8,500 तक फीस 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना या री-इश्यू कराना महंगा हो जाएगा। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट की फीस बढ़ाने का फैसला किया है। 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 1,500 रुपए से बढ़कर 2,500 रुपए हो जाएगी। वहीं, तत्काल पासपोर्ट के लिए अब 5,000 रुपए देने होंगे, जो पहले 3,500 रुपए थी। पूरी खबर पढ़ें… 4. अमेजन भारत में ₹1.23 लाख करोड़ का निवेश करेगी:PM मोदी से मिले CEO एंडी जेसी; AI-क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार होगा, 38 लाख नौकरियां मिलेंगी अमेजन भारत में 13 बिलियन डॉलर यानी करीब 1.23 लाख करोड़ रुपए का नया निवेश करेगी। इस राशि का इस्तेमाल देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करने के लिए किया जाएगा। इससे देश में करीब 38 लाख लोगों को नौकरी मिल सकेगी। कंपनी ने CEO एंडी जेसी ने भारत यात्रा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद इसकी घोषणा की। पूरी खबर पढ़ें… 5. केंद्र ने कॉमर्शियल LPG कोटा 70% से बढ़ाकर 100% किया:इंडस्ट्रीज को भी पहले की खपत का 50% मिलेगा, LPG सप्लाई में सुधार के बाद फैसला केंद्र सरकार ने राज्यों को एक बार फिर LPG सप्लाई बढ़ाने का निर्देश दिया है। सरकार ने 25 जून को कॉमर्शियल LPG सिलेंडर सप्लाई पर लगी सभी सेक्टर-वाइज पाबंदियां हटा दीं। गैस संकट को देखते हुए सरकार ने कॉमर्शियल LPG सिलेंडर सप्लाई में कटौती की थी। पूरी खबर पढ़ें… 6. डे हाई से 703 अंक टूटकर बंद हुआ सेंसेक्स:निफ्टी 24,050 के करीब बंद; आईटी और मेटल शेयरों में बिकवाली 25 जून को सेंसेक्स अपने डे हाई से 703 अंक टूट गया, वहीं निफ्टी भी 24,100 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 109 अंक (0.14%) की बढ़त के साथ 77,100 पर और निफ्टी 34 अंक (0.14%) बढ़कर 24,056 पर बंद हुआ। पूरी खबर पढ़ें… 7. हवाई सफर 25% तक महंगा हो सकता है:मैकिंजी रिपोर्ट में दावा, ज्यादातर देश रिजर्व भरने में जुटे; इससे जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ेंगी आने वाले दिनों में हवाई सफर 25% तक महंगा हो सकता है। दुनियाभर में चल रहे जियो पॉलिटिकल तनाव और रिफाइनरी प्रोडक्शन में कमी के चलते जेट फ्यूल की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे एयरलाइंस कंपनियों की लागत बढ़ गई है। कंपनियों पर बढ़े इसी आर्थिक बोझ का सीधा असर अब आम यात्रियों की जेब पर पड़ सकता है। पूरी खबर पढ़ें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Shreyas Iyer Captaincy Debut; Vaibhav Surwanshi India Entry?

Shreyas Iyer Captaincy Debut; Vaibhav Surwanshi India Entry?

बेलफास्टकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक भारत और आयरलैंड के बीच टी-20 सीरीज का पहला मैच आज शाम 6 बजे बेलफास्ट में खेला जाएगा। इससे श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टी-20 टीम के नए दौर की शुरुआत होगी। टीम 2028 ओलिंपिक गेम्स और टी-20 वर्ल्ड कप की तैयारियां शुरू करेगी। यह सीरीज 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के चयन के कारण भी खास है। वे 15 साल 71 दिन की उम्र में टीम इंडिया के लिए चुने गए सबसे युवा क्रिकेटर हैं। वैभव आज इंटरनेशनल डेब्यू कर सकते हैं। प्रीव्यू रिपोर्ट पढ़िए… मैच में खास वैभव के पास सबसे कम उम्र में डेब्यू का मौका वैभव के पास सबसे कम उम्र में इंडिया डेब्यू का मौका है। डेब्यू कैप मिलने पर वैभव महिला क्रिकेटर शेफाली वर्मा (15 साल 239 दिन) का रिकॉर्ड तोड़ देंगे। सचिन ने 16 साल 205 दिन की उम्र में डेब्यू किया था। श्रेयस भारतीय टी-20 टीम के 15वें कप्तान श्रेयस अय्यर पहली बार भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे। वे टी-20 में टीम इंडिया के 15वें कप्तान बने हैं। उनसे पहले धोनी, रोहित, कोहली और सूर्यकुमार यादव टीम की कमान संभाल चुके हैं। श्रेयस ने पिछला टी-20 इंटरनेशनल 2023 में खेला था। वैभव का डेब्यू आसान नहीं, टॉप ऑर्डर में जगह नहीं वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 में शामिल करना टीम मैनेजमेंट के लिए आसान नहीं होगा। इसके लिए किसी अनुभवी खिलाड़ी को बाहर बैठाना होगा या बल्लेबाजी क्रम बदलना पड़ेगा। भारत के मौजूदा टॉप ऑर्डर में संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन शामिल हैं। तीनों ने टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ फिफ्टी लगाई थी। संजू ने ओपनर के तौर पर 28 पारियों में 926 रन बनाए हैं, जिसमें तीन शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं। अभिषेक ने 43 पारियों में 1414 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 192.38 है। वैभव के लिए क्या हो सकता है विकल्प? अगर वैभव को मौका देना है, तो सैमसन या अभिषेक को नीचे भेजना होगा। चौथे और 5वें नंबर पर श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा खेल सकते हैं। ऐसे में वैभव के लिए छठा स्थान ही बचता है। आमतौर पर छठा नंबर ऑलराउंडर के लिए रखा जाता है। भारत के पास शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर और सूर्यांश शेडगे के रूप में विकल्प हैं। इसलिए टीम संयोजन में बदलाव आसान नहीं होगा। गेंदबाजी में युवा खिलाड़ियों के पास मौका जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और वरुण चक्रवर्ती इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं। ऐसे में हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा और प्रिंस यादव के पास खुद को साबित करने का मौका है। प्रसिद्ध कृष्णा ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे में 5 विकेट लिए थे। चोट से वापसी कर रहे हर्षित राणा भी दावेदार हैं। दोनों टीमों के बीच नौवां टी-20 इंटरनेशनल भारत और आयरलैंड के बीच अब तक कुल 8 मुकाबले खेले गए हैं और सभी मैचों में भारतीय टीम ने जीत दर्ज की है। दोनों टीमों के बीच आखिरी टी-20 मुकाबला 2024 में खेला गया था। ईशान ने इस साल सबसे ज्यादा रन बनाए ईशान किशन और वरुण चक्रवर्ती इस साल भारत के टॉप परफॉर्मर रहे हैं। ईशान ने 13 मैचों में 532 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 207 का रहा है, जबकि उन्होंने 1 शतक और 4 अर्धशतक लगाए हैं। वहीं, अर्शदीप सिंह ने 12 मैचों में 17 विकेट लिए हैं। लॉरकन आयरलैंड के टॉप स्कोरर आयरलैंड के लिए इस साल लॉरकन टकर बल्लेबाजी में अहम खिलाड़ी हैं। उन्होंने 8 मैचों में 250 रन बनाए हैं। उन्होंने 1 अर्धशतक लगाया है। वहीं, गेंदबाजी में मैथ्यू हम्फ्रीज ने शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने 8 मैचों में 13 विकेट लिए हैं। मैच के दिन 84% बारिश के आसार बेलफास्ट में होने वाले इस मैच में बारिश खलल डाल सकती है। मौसम वेबसाइड एक्यूवेदर के अनुसार बेलफास्ट में मैच के दिन 84% बारिश के आसार हैं। इस मैदान 33 टी-20 मैच खेले गए हैं। इनमें से 13 मैच पहले बैटिंग करने वाली टीम ने जीते हैं। जबकि, 19 मैच पहले गेंदबाजी करने वाली टीम ने जीते हैं। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम गेंदबाजी चुन सकती है। यहां पहली पारी का एवरेज स्कोर 127 और दूसरी पारी का औसत स्कोर 112 रन है। पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, अक्षर पटेल/वॉशिंगटन सुंदर, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा। आयरलैंड: टिम टेक्टर, रॉस एडायर, हैरी टेक्टर, लॉरकन टकर (विकेटकीपर/कप्तान), गैरेथ डेलानी, स्टीफन डोहेनी, जॉर्ज डॉकरेल, बेन कैलिट्ज, मैथ्यू हम्फ्रीज, रूबेन विल्सन और गेविन होए। —————————– भारतीय क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… भारत-आयरलैंड मुकाबले अब शाम 6 बजे से, विमेंस वर्ल्ड कप से क्लैश बनी वजह वैभव सूर्यवंशी को भारत-आयरलैंड टी-20 सीरीज में इंटरनेशनल डेब्यू का मौका मिल सकता है। इस बीच 26 और 28 जून को होने वाले दोनों मैचों की टाइमिंग बदल दी गई है। दोनों मुकाबले शाम 7 बजे की बजाय एक घंटा पहले 6 बजे से शुरु होंगे। आयरलैंड क्रिकेट बोर्ड ने इसकी जानकारी दी है। इस फैसले की वजह विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप से मैचों का टकराव है। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Canada admits Khalistanis planted bomb on Air India Kanishka Flight 182

Canada admits Khalistanis planted bomb on Air India Kanishka Flight 182

ओटावा37 मिनट पहले कॉपी लिंक कनाडा ने पहली बार आधिकारिक तौर पर माना है कि 1985 में एयर इंडिया की फ्लाइट 182 ‘कनिष्क’ में हुए बम धमाके के पीछे कनाडा में मौजूद खालिस्तानी आतंकियों का हाथ था। कनाडा की खुफिया एजेंसी कनाडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस( CSIS) ने इस घटना को ‘जघन्य आतंकवादी काम’ बताया है। 23 जून को इस घटना के 41 साल पूरे होने पर CSIS ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान एजेंसी ने लिखा, आतंकवाद के पीड़ितों की राष्ट्रीय स्मृति दिवस पर हम एयर इंडिया फ्लाइट 182 के उन 329 लोगों को याद करते हैं, जिन्होंने एक जघन्य आतंकी हमले में अपनी जान गंवाई। इस हादसे में विमान में सवार सभी 329 लोगों की मौत हुई थी। इनमें 268 कनाडाई नागरिक थे, जिनमें ज्यादातर भारतीय मूल के थे। 24 लोग भारत के नागरिक थे। कनिष्क विमान का मलबा इकठ्ठा करते आयरिश नेवल अथॉरिटी के जवान। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी दी श्रद्धांजलि 23 जून 1985 को एयर इंडिया की फ्लाइट 182 ‘कनिष्क’ मॉन्ट्रियल से लंदन होते हुए नई दिल्ली आ रही थी। लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पहुंचने से करीब 45 मिनट पहले आयरलैंड के तट के पास अटलांटिक महासागर के ऊपर विमान में जोरदार विस्फोट हुआ और विमान हवा में ही टूटकर समुद्र में गिर गया। इसमें सवार सभी लोगों की मौत हो गई। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी इस घटना को देश के इतिहास का सबसे घातक आतंकी हमला बताया है। उन्होंने कहा, “41 साल पहले एयर इंडिया फ्लाइट 182 बम धमाके में 329 निर्दोष लोगों की जान गई थी, जिनमें 268 कनाडाई नागरिक थे। यह आज भी कनाडा के इतिहास का सबसे बड़ा आतंकी हमला है। कनाडा हर तरह के हिंसक आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है।” जांच में सामने आया कि विस्फोटक एक सूटकेस में छिपाकर विमान के चेक-इन बैगेज में रखा गया था। यह सूटकेस जिस यात्री के नाम से चेक-इन हुआ था, वह खुद विमान में सवार ही नहीं हुआ। कनाडाई जांच एजेंसियों ने निष्कर्ष निकाला था कि यह हमला 1984 में हुए ऑपरेशन ब्लू स्टार के जवाब में किया गया था। ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान भारतीय सेना ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में छिपे आतंकियों के खिलाफ अभियान चलाया था। जांच के मुताबिक, इसी के प्रतिशोध में सिख अलगाववादियों ने एयर इंडिया विमान को निशाना बनाया। एयर इंडिया फ्लाइट 182 पर हुआ हमला आज भी किसी यात्री विमान पर हुआ दुनिया का सबसे घातक बम धमाका माना जाता है। हालांकि 2001 के 9/11 हमलों के बाद यह घटना वैश्विक स्तर पर कुछ हद तक चर्चा से बाहर हो गई, लेकिन कनाडा, भारत और आयरलैंड में इसे आज भी नहीं भुलाया गया है। इस तस्वीर में आयरलैंड में एयर इंडिया बॉम्बिंग के बाद शवों को निकालते हुए रेस्क्यू वर्कर्स को देखा जा सकता है। कनाडा ने यह बात कहने में 41 साल क्यों लगा दिए? भारत शुरू से कहता रहा कि इस हमले की साजिश कनाडा की जमीन से सक्रिय खालिस्तानी आतंकियों ने रची थी। लेकिन कनाडा की सरकार और सरकारी संस्थाएं कई दशकों तक सार्वजनिक तौर पर ‘खालिस्तानी’ शब्द इस्तेमाल करने से बचती रहीं। इसके पीछे कई वजह रहे हैं। 1. जांच एजेंसियों की बड़ी नाकामी 2010 में कनाडा के पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जॉन मेजर की अध्यक्षता में हुई सार्वजनिक जांच में कहा गया कि कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों की कई गंभीर गलतियों ने जांच को कमजोर कर दिया। सबसे बड़ी चूक यह थी कि CSIS ने बब्बर खालसा के नेता तलविंदर सिंह परमार की निगरानी तो की, लेकिन बाद में उसकी सैकड़ों घंटे की फोन रिकॉर्डिंग नष्ट कर दी। इससे महत्वपूर्ण सबूत खत्म हो गए और मुकदमा कमजोर पड़ गया। 2. CSIS और RCMP के बीच तालमेल की कमी कनाडा की खुफिया एजेंसी CSIS और पुलिस एजेंसी RCMP के बीच जानकारी साझा करने को लेकर मतभेद थे। इसका असर जांच पर पड़ा। 3. हमले को भारत का मामला समझा गया जांच आयोग ने कहा कि चूंकि विमान एयर इंडिया का था, इसलिए कई राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर इसे मुख्य रूप से भारत से जुड़ा मामला माना गया। जबकि मारे गए अधिकांश लोग कनाडा के नागरिक थे। इससे इस हमले को कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे के रूप में उतनी गंभीरता नहीं मिली। 4. अदालत में केस कमजोर पड़ गया मुख्य गवाहों को धमकियां मिलीं, कुछ की हत्या भी कर दी गई। सबूत कमजोर होने के कारण 2005 में मुख्य आरोपियों को अदालत ने पर्याप्त सबूत न होने के चलते बरी कर दिया। 5. सरकार ने माफी तो मांगी, लेकिन नाम लेने से बचती रही 2010 में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर ने पीड़ित परिवारों से माफी मांगी और माना कि सरकार इस मामले को संभालने में विफल रही। इसके बावजूद कई वर्षों तक कनाडा की सरकारी संस्थाएं चरमपंथी या उग्रवादी जैसे सामान्य शब्दों का इस्तेमाल करती रहीं और सीधे खालिस्तानी चरमपंथी नहीं कहा। धमाके से करीब 2 हफ्ते पहले एअर इंडिया के कनिष्क विमान की तस्वीर अब हालात कैसे बदले हाल के कुछ साल में भारत और कनाडा के बीच खालिस्तानी गतिविधियों को लेकर तनाव लगातार बढ़ा है। भारत लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि कनाडा अभिव्यक्ति की आजादी और राजनीतिक गतिविधियों के नाम पर खालिस्तान समर्थक नेटवर्क को खुलकर काम करने देता है। इसी बीच CSIS ने अपनी 2025 की वार्षिक रिपोर्ट में पहली बार कनाडा बेस्ट खालिस्तानी एक्सट्रीमिस्ट (CBKE) को कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया। रिपोर्ट में कहा गया कि ऐसे कुछ नेटवर्क कनाडा की संस्थाओं का इस्तेमाल कर धन जुटाते हैं और उसे हिंसक गतिविधियों की ओर मोड़ते हैं। यह भी कहा गया कि इनकी हिंसक गतिविधियां कनाडा और उसके हितों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का खतरा बनी हुई हैं। ———————————– कनिष्क प्लेन क्रैश से जुड़े मामले को यहां विस्तार से पढ़ें… जब खालिस्तानियों ने हवा में उड़ा दिया भारतीय विमान:329 लोग सवार थे, कोई नहीं बचा 23 जून 1985 की सुबह एअर इंडिया की फ्लाइट नंबर ‘182′ कनाडा से लंदन होते हुए भारत आ रही थी। इसमें 307 पैंसेजर्स और 22 क्रू मेंबर सवार थे। यह बोइंग 747 विमान था, जिसे एयर इंडिया ने कनिष्क नाम दिया था। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर

India Passport Fees Hike From July 1, 2026

India Passport Fees Hike From July 1, 2026

1 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत में पासपोर्ट बनवाना 1 जुलाई से महंगा हो जाएगा। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पासपोर्ट नियमों में बदलाव करते हुए अलग-अलग कैटेगरीज की फीस बढ़ाई है। मंत्रालय ने पासपोर्ट रूल्स, 1980 में संशोधन के बाद नई दरों को लेकर गजट नोटिफिकेशन जारी किया है। सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार, अब आवेदकों को नॉर्मल कैटेगरी में पासपोर्ट बनवाने के लिए 1,000 रुपए ज्यादा देने होंगे। 36 पन्नों के नॉर्मल कैटेगरी पासपोर्ट की फीस 1,500 से बढ़कर 2,500 रुपए हो गई है। तत्काल सेवा या कैटेगरी की फीस जो पहले 3,500 रुपए थी, अब 5,000 रुपए कर दी गई है। तत्काल प्रोसेसिंग के लिए 6,000 रुपए देने होंगे इसके अलावा, जो लोग ज्यादा यात्रा करते हैं और 60 पन्नों का पासपोर्ट बुकलेट चाहते हैं, उन्हें नॉर्मल कैटेगरी में 3,500 रुपए और तत्काल प्रोसेसिंग के लिए 6,000 रुपए का भुगतान करना होगा। पासपोर्ट बनवाने की फीस बढ़ी 36 पेज नॉर्मल कैटेगरी पासपोर्ट- 1,500 से बढ़कर 2,500 रुपए 36 पेज तत्काल कैटेगरी पासपोर्ट- 3,500 से बढ़कर 5,000 रुपए 60 पेज नॉर्मल कैटेगरी पासपोर्ट- 2,000 से बढ़कर 3,500 रुपए 60 पेज तत्काल कैटेगरी पासपोर्ट- 4,000 से बढ़कर 6,000 रुपए पासपोर्ट खोने या डैमेज होने पर लगेगा सबसे बड़ा चार्ज, नई दरें तय इस बदलाव में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी पासपोर्ट खो जाने या खराब (डैमेज) होने पर उसके रिप्लेसमेंट चार्ज में की गई है। अगर आपका 36 पन्नों का पासपोर्ट खो जाता है, तो नॉर्मल प्रोसेसिंग के तहत उसे दोबारा बनवाने के लिए 5,000 रुपए देने होंगे, जबकि तत्काल में यह खर्च 7,500 तक पहुंच जाएगा। इसी तरह, 60 पन्नों वाले रिप्लेसमेंट पासपोर्ट के लिए नॉर्मल कैटेगरी में 6,000 रुपए और तत्काल के लिए 8,500 रुपए की फीस तय की गई है। माइनर यानी बच्चों के रिप्लेसमेंट के लिए भी अलग नियम नाबालिग आवेदकों के मामले में भी यदि 36 पन्नों का पासपोर्ट खो जाता है या डैमेज हो जाता है, तो उसे बदलवाने के लिए नॉर्मल कैटेगरी में 4,250 रुपए खर्च करने होंगे। वहीं, अगर कोई पेरेंट्स अपने बच्चे का खोया हुआ पासपोर्ट तत्काल सर्विस के जरिए जल्द से जल्द बनवाना चाहते हैं, तो उन्हें 6,750 रुपए की फीस चुकानी होगी। पासपोर्ट की वैधता में कोई बदलाव नहीं, पहले जैसे ही रहेंगे नियम फीस बढ़ाने के साथ ही सरकार ने नियमों में वैलिडिटी की स्थिति को भी स्पष्ट किया है। वयस्क आवेदकों के लिए जारी किए गए पासपोर्ट की वैधता पहले की तरह ही अधिकतम 10 साल तक रहेगी। वहीं, नाबालिगों को जारी किए जाने वाले पासपोर्ट की वैलिडिटी 5 साल या उनके 18 साल की आयु पूरी होने तक (जो भी पहले हो) मान्य रहेगी। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

India Passport Fees Hike From July 1, 2026

India Passport Fees Hike From July 1, 2026

2 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत में पासपोर्ट बनवाना 1 जुलाई से महंगा हो जाएगा। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पासपोर्ट नियमों में बदलाव करते हुए अलग-अलग कैटेगरीज की फीस बढ़ाई है। मंत्रालय ने पासपोर्ट रूल्स, 1980 में संशोधन के बाद नई दरों को लेकर गजट नोटिफिकेशन जारी किया है। ये बढ़ोतरी 14 साल बाद की गई है। इससे पहले 2012 में फीस में बदलाव हुआ था। सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार, अब आवेदकों को नॉर्मल कैटेगरी में पासपोर्ट बनवाने के लिए 1,000 रुपए ज्यादा देने होंगे। 36 पन्नों के नॉर्मल कैटेगरी पासपोर्ट की फीस 1,500 से बढ़कर 2,500 रुपए हो गई है। तत्काल सेवा या कैटेगरी की फीस जो पहले 3,500 रुपए थी, अब 5,000 रुपए कर दी गई है। तत्काल प्रोसेसिंग के लिए 6,000 रुपए देने होंगे इसके अलावा, जो लोग ज्यादा यात्रा करते हैं और 60 पन्नों का पासपोर्ट बुकलेट चाहते हैं, उन्हें नॉर्मल कैटेगरी में 3,500 रुपए और तत्काल प्रोसेसिंग के लिए 6,000 रुपए का भुगतान करना होगा। नॉर्मल कैटेगरी में पासपोर्ट बनवाने की फीस ₹2,500 हुई 36 पेज नॉर्मल कैटेगरी में पासपोर्ट की फीस- 1,500 से बढ़कर 2,500 रुपए 36 पेज तत्काल कैटेगरी में पासपोर्ट की फीस- 3,500 से बढ़कर 5,000 रुपए 60 पेज नॉर्मल कैटेगरी में पासपोर्ट की फीस- 2,000 से बढ़कर 3,500 रुपए 60 पेज तत्काल कैटेगरी में पासपोर्ट की फीस- 4,000 से बढ़कर 6,000 रुपए पासपोर्ट खोने या डैमेज होने पर लगेगा सबसे बड़ा चार्ज, नई दरें तय इस बदलाव में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी पासपोर्ट खो जाने या खराब (डैमेज) होने पर उसके रिप्लेसमेंट चार्ज में की गई है। अगर आपका 36 पन्नों का पासपोर्ट खो जाता है, तो नॉर्मल प्रोसेसिंग के तहत उसे दोबारा बनवाने के लिए 5,000 रुपए देने होंगे, जबकि तत्काल में यह खर्च 7,500 तक पहुंच जाएगा। इसी तरह, 60 पन्नों वाले रिप्लेसमेंट पासपोर्ट के लिए नॉर्मल कैटेगरी में 6,000 रुपए और तत्काल के लिए 8,500 रुपए की फीस तय की गई है। माइनर यानी बच्चों के रिप्लेसमेंट के लिए भी अलग नियम नाबालिग आवेदकों के मामले में भी यदि 36 पन्नों का पासपोर्ट खो जाता है या डैमेज हो जाता है, तो उसे बदलवाने के लिए नॉर्मल कैटेगरी में 4,250 रुपए खर्च करने होंगे। वहीं, अगर कोई पेरेंट्स अपने बच्चे का खोया हुआ पासपोर्ट तत्काल सर्विस के जरिए जल्द से जल्द बनवाना चाहते हैं, तो उन्हें 6,750 रुपए की फीस चुकानी होगी। पासपोर्ट की वैधता में कोई बदलाव नहीं, पहले जैसे ही रहेंगे नियम फीस बढ़ाने के साथ ही सरकार ने नियमों में वैलिडिटी की स्थिति को भी स्पष्ट किया है। वयस्क आवेदकों के लिए जारी किए गए पासपोर्ट की वैधता पहले की तरह ही अधिकतम 10 साल तक रहेगी। वहीं, नाबालिगों को जारी किए जाने वाले पासपोर्ट की वैलिडिटी 5 साल या उनके 18 साल की आयु पूरी होने तक (जो भी पहले हो) मान्य रहेगी। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

India Vs Ireland T20 Match Timings Update; Vaibhav Sooryavanshi

India Vs Ireland T20 Match Timings Update; Vaibhav Sooryavanshi

6 मिनट पहले कॉपी लिंक 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी आयरलैंड के खिलाफ दो टी-20 मैचों की सीरीज में इंटरनेशनल डेब्यू कर सकते हैं। इस सीरीज के मुकाबलों की टाइमिंग बदल दी गई है। 26 और 28 जून को होने वाले ये मैच पहले भारतीय टाइमिंग के हिसाब से शाम 7 बजे से शुरू होने वाले थे। अब ये शाम 6 बजे ही शुरू हो जाएंगे। आयरलैंड क्रिकेट बोर्ड ने यह जानकारी दी है। टाइमिंग में ये बदलाव विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के मैच से क्लैश की वजह से किया गया है। 28 जून को भारत-आयरलैंड पुरुष टी-20 के साथ-साथ विमेंस वर्ल्ड कप में भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच भी खेला जाएगा। विमेंस मैच भी शाम 7 बजे ही शुरू होना है। आयरलैंड क्रिकेट बोर्ड की कोशिश है कि दोनों मैचों की टाइमिंग में टकराव कुछ कम किया जा सके। इसलिए भारत से होने वाली सीरीज के मैचों की टाइमिंग एक घंटा पहले कर दी गई है। इंग्लैंड सीरीज का शेड्यूल पहले ही बदल चुका है इससे पहले भारत और इंग्लैंड के बीच 1 जुलाई से शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज के मैचों के समय में भी बदलाव किया गया था। मैनचेस्टर में 4 जुलाई को और साउथम्प्टन में 11 जुलाई को होने वाले दूसरा और पांचवां टी20 भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होगा। वहीं चेस्टर-ले-स्ट्रीट, नॉटिंघम और ब्रिस्टल में होने वाले बाकी तीन मुकाबले रात 10 बजे से खेले जाएंगे। वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर रहेगी नजर आयरलैंड दौरे में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के सीनियर इंटरनेशनल डेब्यू की भी उम्मीद है। हाल ही में उन्होंने भारत ए और श्रीलंका ए के बीच त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में सिर्फ 11 गेंदों में लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक लगाया था। राजस्थान रॉयल्स के लिए आईपीएल 2026 में वैभव ने 776 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 237.31 रहा और उन्होंने एक शतक भी लगाया। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें भारतीय टी20 टीम में जगह मिली। वैभव सूर्यवंशी को अलग चेंजिंग रूम मिलेगा:परिवार भी होटल में साथ रहेगा 15 साल के क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर अलग चेंजिंग रूम मिलेगा। ECB के अधिकारी ने ब्रिटिश अखबार द गार्डियन को बताया कि उनकी फैमिली भी टीम होटल में उनके साथ ही रहेगी। हालांकि, वैभव मैचों के दौरान टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ रह सकेंगे। वे टीम मीटिंग्स में हिस्सा भी लेंगे। पूरी खबर ——————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… विमेंस टी-20 वर्ल्डकप- इंग्लैंड सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम:वेस्टइंडीज को 38 रन से हराया, कप्तान हेली मैथ्यूज के विकेट पर विवाद इंग्लैंड विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। उसने बुधवार देर रात वेस्टइंडीज को 38 रन से हराया। मैच में विंडीज कप्तान हेली मैथ्यूज के कैच आउट पर विवाद हुआ। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

India Vs Ireland T20 Match Timings Update; Vaibhav Sooryavanshi

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बेलफास्ट10 मिनट पहले कॉपी लिंक 15 साल के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भारत-आयरलैंड टी-20 सीरीज में इंटरनेशनल डेब्यू का मौका मिल सकता है। इस बीच, 26 और 28 जून को होने वाले दोनों मैचों की टाइमिंग बदल दी गई है।पहले ये मुकाबले भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होने थे, लेकिन अब शाम 6 बजे से खेले जाएंगे। आयरलैंड क्रिकेट बोर्ड ने इसकी जानकारी दी। बोर्ड के मुताबिक, यह बदलाव विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के मैचों से टकराव कम करने के लिए किया गया है। 28 जून को भारत-आयरलैंड पुरुष टी-20 और भारत-ऑस्ट्रेलिया महिला टी-20 वर्ल्ड कप मैच लगभग एक ही समय पर होने वाले थे। इसी वजह से सीरीज के मैच एक घंटा पहले कराने का फैसला लिया गया। इंग्लैंड सीरीज का शेड्यूल पहले ही बदल चुका है इससे पहले भारत और इंग्लैंड के बीच 1 जुलाई से शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज के मैचों के समय में भी बदलाव किया गया था। मैनचेस्टर में 4 जुलाई को और साउथम्प्टन में 11 जुलाई को होने वाले दूसरा और पांचवां टी20 भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होगा। वहीं चेस्टर-ले-स्ट्रीट, नॉटिंघम और ब्रिस्टल में होने वाले बाकी तीन मुकाबले रात 10 बजे से खेले जाएंगे। वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर रहेगी नजर आयरलैंड दौरे में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के सीनियर इंटरनेशनल डेब्यू की भी उम्मीद है। हाल ही में उन्होंने भारत ए और श्रीलंका ए के बीच त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में सिर्फ 11 गेंदों में लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक लगाया था। राजस्थान रॉयल्स के लिए आईपीएल 2026 में वैभव ने 776 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 237.31 रहा और उन्होंने एक शतक भी लगाया। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें भारतीय टी20 टीम में जगह मिली। वैभव सूर्यवंशी को अलग चेंजिंग रूम मिलेगा:परिवार भी होटल में साथ रहेगा वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड दौरे के लिए टीम इंडिया की 3 नंबर जर्सी मिली है। 15 साल के क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर अलग चेंजिंग रूम मिलेगा। ECB के अधिकारी ने ब्रिटिश अखबार द गार्डियन को बताया कि उनकी फैमिली भी टीम होटल में उनके साथ ही रहेगी। हालांकि, वैभव मैचों के दौरान टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ रह सकेंगे। वे टीम मीटिंग्स में हिस्सा भी लेंगे। पूरी खबर पहले आयरलैंड, फिर इंग्लैंड दौरा भारतीय टीम 26 और 28 जून को बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ दो टी-20 मैच खेलेगी। इसके बाद टीम इंग्लैंड दौरे पर जाएगी, जहां पांच टी-20 और तीन वनडे मुकाबले खेले जाएंगे। टी-20 सीरीज के मुकाबले चेस्टर-ली-स्ट्रीट (1 जुलाई), मैनचेस्टर (4 जुलाई), नॉटिंघम (7 जुलाई), ब्रिस्टल (9 जुलाई) और साउथैम्प्टन (11 जुलाई) में खेले जाएंगे। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी-20 टीम श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव। ——————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… विमेंस टी-20 वर्ल्डकप- इंग्लैंड सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम:वेस्टइंडीज को 38 रन से हराया, कप्तान हेली मैथ्यूज के विकेट पर विवाद इंग्लैंड विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। उसने बुधवार देर रात वेस्टइंडीज को 38 रन से हराया। मैच में विंडीज कप्तान हेली मैथ्यूज के कैच आउट पर विवाद हुआ। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

NCERT Emergency 1975-77 । Class 9th Social Science Book syllabus NEP 2020

NCERT Emergency 1975-77 । Class 9th Social Science Book syllabus NEP 2020

Hindi News National NCERT Emergency 1975 77 । Class 9th Social Science Book Syllabus NEP 2020 नई दिल्ली1 मिनट पहले कॉपी लिंक तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25 मई 1975 को देश में इमरजेंसी की घोषणा की थी। NCERT यानी नेशनल काउंसिल फॉर एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग ने पहली बार कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की किताब में 1975-77 की इमरजेंसी को शामिल किया है। नई किताब ‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’ में इमरजेंसी को भारतीय लोकतंत्र के सामने आई सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया गया है। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, NCERT के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि कक्षा 9 की किताब में पहली बार इमरजेंसी पर अलग सेक्शन जोड़ा गया है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब देश ने हाल ही में इमरजेंसी लागू होने के 50 साल पूरे होने को याद किया है। किताब में लिखा- इंदिरा सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी बढ़ी किताब में लिखा गया है कि 1970 के दशक की शुरुआत में इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी बढ़ रही थी। बेरोजगारी, महंगाई और कुप्रबंधन के आरोपों के कारण कई जगह विरोध प्रदर्शन हुए। इसके बाद जून 1975 में आंतरिक अशांति के आधार पर राष्ट्रीय इमरजेंसी लागू की गई। किताब के अनुसार, इस दौरान अधिकांश मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए, प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई और कई राजनीतिक नेताओं व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। पुस्तक में कहा गया है कि इस दौर में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ा और लोगों की स्वतंत्रता सीमित हो गई। जयप्रकाश नारायण के आंदोलन का भी जिक्र 25 जून 1975 को नई दिल्ली में रामलीला मैदान में लोगों को संबोधित करते जयप्रकाश नारायण। किताब में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की भूमिका को भी विस्तार से बताया गया है। इसमें कहा गया है कि उन्होंने छात्रों और आम लोगों को संगठित किया और बिहार तथा गुजरात में बड़े जन आंदोलन खड़े हुए। पुस्तक के मुताबिक, 1977 में इमरजेंसी खत्म होने के बाद आम चुनाव कराए गए। जनता ने मतदान के जरिए अपनी राय दी और सत्तारूढ़ सरकार चुनाव हार गई। किताब में इसे भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का उदाहरण बताया गया है। लोकतंत्र के सामने दूसरी चुनौतियां भी शामिल इमरजेंसी के अलावा किताब में लोकतंत्र के सामने मौजूद दूसरी चुनौतियों पर भी चर्चा की गई है। इनमें फेक न्यूज, गलत सूचनाएं, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, नियमों का उल्लंघन, गरीबी, क्षेत्रवाद, सामाजिक भेदभाव और लैंगिक असमानता शामिल हैं। NCERT ने पहली बार ‘डेमोक्रेसी एंड यू’ नाम का नया सेक्शन भी जोड़ा है। इसका मकसद छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भूमिका समझाना है। लोकतांत्रिक परंपराओं और मीडिया पर जोर किताब में भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और संस्थाओं पर भी खास फोकस किया गया है। इसमें बताया गया है कि भारत में लोकतांत्रिक सोच और भागीदारी की परंपरा काफी पुरानी है। मीडिया की भूमिका पर भी एक अलग सेक्शन दिया गया है। किताब में मीडिया को लोकतंत्र का ‘चौथा स्तंभ’ बताया गया है और कहा गया है कि यह जनता की आवाज उठाने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में अहम भूमिका निभाता है। भारतीय लोकतंत्र के आकार को समझाने के लिए किताब में चुनावी आंकड़े भी दिए गए हैं। इसके अनुसार, 2024 में देश में 96.8 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड वोटर्स थे। साथ ही देशभर में फैले मतदान केंद्रों के नेटवर्क का भी जिक्र किया गया है। किताब में स्थानीय स्तर पर लोकतंत्र के उदाहरण भी शामिल किए गए हैं। इसमें गुजरात की एक पंचायत और त्रिपुरा की महिला-अनुकूल पंचायत का जिक्र है। महिलाओं के मतदान अधिकार और स्थानीय निकायों में आरक्षण पर भी अलग सेक्शन दिया गया है। …………………… यह खबर भी पढ़ें… मूर्ति नग्न थी, NCERT ने ढंककर छापी: विवाद के बाद बदलने का फैसला; कांसे की प्रतिमा 1926 में मोहनजोदड़ो की खुदाई में मिली थी मोहनजोदड़ो की खुदाई में मिली कांसे की नर्तकी की मूर्ति की फोटो बदले हुए रूप में छापी गई है। NCERT की किताब में मूर्ति के ढंके धड़ वाली फोटो है। मूर्ति का रंग भी बदल दिया गया है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, नर्तकी की तस्वीर 9वीं की किताब ‘मधुरिमा’ के पहले चैप्टर ‘हिस्ट्री ऑफ आर्ट्स’ में दी गई है। तस्वीर में कंधे से नीचे का हिस्सा ढंक दिया गया है, जबकि मूल मूर्ति में यह हिस्सा खुला दिखाई देता है। 25 साल से छप रही इस कांस्य मूर्ति के मूल स्वरूप में पहले कभी बदलाव नहीं किया गया था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

PM Narendra Modi Ali Khamenei Funeral Invitation; India Iran Relations

PM Narendra Modi Ali Khamenei Funeral Invitation; India Iran Relations

तेहरान/नई दिल्ली9 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2024 में 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान कजान में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात करते हुए। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का न्योता भेजा है। अयातुल्ला खामेनेई की 28 फरवरी को इजराइल-अमेरिका के हमले में मौत हो गई थी। इसके बाद 4 मार्च को उनका अंतिम संस्कार होना था लेकिन जंग की वजह से इसे टाल दिया गया था। अब इसकी शुरुआत 4 जुलाई से होगी। उनके शव को तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद 9 जुलाई को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में दफन किया जाएगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि तेहरान, कुम और मशहद में होने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में करीब 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं। ईरान के तेहरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय के पास उनकी कुर्सी और एक तस्वीर प्रदर्शित की गई थी। मोदी का ईरान जाने पर सस्पेंस ईरान ने अंतिम संस्कार समारोह के लिए दुनिया के कई देशों को निमंत्रण भेजा है। खास तौर पर पड़ोसी और मित्र देशों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे या नहीं। भारत सरकार ने अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में भारत की ओर से कौन इस समारोह में शामिल होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। ईरान के तत्कालीन राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी की मई 2024 में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत के बाद भी भारत ने उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल तेहरान भेजा था। उस समय भारत सरकार ने एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया था। तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए तेहरान पहुंचे थे और अंतिम संस्कार समारोह में शामिल हुए थे। खामेनेई मशहद में क्यों दफनाए जाएंगे खामेनेई का मुख्य अंतिम संस्कार समारोह तेहरान में होगा, जो कम से कम 24 घंटे तक चलने की उम्मीद है। इसके बाद पार्थिव शरीर को धार्मिक शहर कुम ले जाया जाएगा और फिर मशहद पहुंचाया जाएगा, जहां इमाम रजा के दरगाह परिसर में दफनाया जाएगा। मशहद ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यह देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित है और शिया मुसलमानों का सबसे प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है। शहर की सबसे बड़ी पहचान इमाम रजा की दरगाह है। इमाम रजा शिया मुस्लिम परंपरा के आठवें इमाम थे। उनका दरगाह दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां हर साल करोड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। खामेनेई को मशहद में दफनाने से उनका नाम शिया इस्लाम के सबसे सम्मानित धार्मिक नेताओं की श्रेणी में और मजबूती से जुड़ जाएगा। मशहद ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यहां इमाम रजा की दरगाह है। IRGC के पास खामेनेई के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम संस्कार में हुई देरी इस्लामी परंपरा के लिहाज से असामान्य मानी जा रही है। आमतौर पर इस्लाम में किसी व्यक्ति को मौत के एक-दो दिन के भीतर दफना दिया जाता है। हालांकि ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, भारी भीड़ की उम्मीद और युद्ध के हालात के कारण अंतिम संस्कार में देरी हुई। तेहरान नगर निगम में सामाजिक और सांस्कृतिक मामलों के उपप्रमुख मोहम्मद अली तवक्कोलीजादेह ने अंतिम संस्कार की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने सरकारी टेलीविजन से कहा कि खामेनेई के लिए तीन दिन का सार्वजनिक जनाजा आयोजित किया जाएगा। अधिकारी ने यह नहीं बताया कि जनाजा कब होगा, लेकिन कहा कि यह इस्लामी कैलेंडर के पहले महीने मुहर्रम की शुरुआत में हो सकता है, जो 21 जून के आसपास में पड़ता है। पूरे कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी IRGC के पास है। खोमैनी के जनाजे में 1 करोड़ लोग जुटे थे ईरान में इस्लामिक गणराज्य के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी के 1989 के जनाजे में करीब 1 करोड़ लोग शामिल हुए थे। यह उस समय ईरान की कुल आबादी का लगभग छठा हिस्सा था। इस कार्यक्रम को आज भी दुनिया के सबसे बड़े जनाजों में गिना जाता है। इतनी भारी भीड़ उमड़ी थी कि भगदड़ मच गई थी। इसमें कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई थी और हजारों लोग घायल हुए थे। इस बार अधिकारी इससे भी बड़ी भीड़ को संभालने और किसी हादसे से बचने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन युद्ध के प्रभाव से उबर रहे देश में इतना बड़ा आयोजन कराना बड़ी चुनौती माना जा रहा है। ईरान के नेता अयातुल्ला रूहल्ला खोमैनी का 6 जून, 1989 को तेहरान में जनाजा। शोक में लोगों की भीड़ उनके शरीर को छूने की कोशिश कर रही है। अमेरिका-इजराइल हमलों में खामेनेई की मौत हुई थी अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू किया था। इस दौरान तेहरान समेत कई रणनीतिक ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की गईं। हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के घर और उनके कार्यालय को भी निशाना बनाया गया था। खामेनेई बंकर में मौजूद थे, लेकिन लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में ईरानी सुरक्षा सूत्रों ने उनकी मौत की पुष्टि की। हमलों में खामेनेई के साथ ईरान के कई वरिष्ठ सैन्य और सुरक्षा अधिकारी भी मारे गए थे। ———————– दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

PM Narendra Modi Ali Khamenei Funeral Invitation; India Iran Relations

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तेहरान/नई दिल्ली25 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2024 में 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान कजान में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात करते हुए। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का न्योता भेजा है। अयातुल्ला खामेनेई की 28 फरवरी को इजराइल-अमेरिका के हमले में मौत हो गई थी। इसके बाद 4 मार्च को उनका अंतिम संस्कार होना था लेकिन जंग की वजह से इसे टाल दिया गया था। अब इसकी शुरुआत 4 जुलाई से होगी। उनके शव को तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद 9 जुलाई को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में दफन किया जाएगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि तेहरान, कुम और मशहद में होने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में करीब 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं। ईरान के तेहरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय के पास उनकी कुर्सी और एक तस्वीर प्रदर्शित की गई थी। मोदी का ईरान जाने पर सस्पेंस ईरान ने अंतिम संस्कार समारोह के लिए दुनिया के कई देशों को निमंत्रण भेजा है। खास तौर पर पड़ोसी और मित्र देशों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे या नहीं। भारत सरकार ने अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में भारत की ओर से कौन इस समारोह में शामिल होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। ईरान के तत्कालीन राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी की मई 2024 में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत के बाद भी भारत ने उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल तेहरान भेजा था। उस समय भारत सरकार ने एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया था। तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए तेहरान पहुंचे थे और अंतिम संस्कार समारोह में शामिल हुए थे। खामेनेई मशहद में क्यों दफनाए जाएंगे खामेनेई का मुख्य अंतिम संस्कार समारोह तेहरान में होगा, जो कम से कम 24 घंटे तक चलने की उम्मीद है। इसके बाद पार्थिव शरीर को धार्मिक शहर कुम ले जाया जाएगा और फिर मशहद पहुंचाया जाएगा, जहां इमाम रजा के दरगाह परिसर में दफनाया जाएगा। मशहद ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यह देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित है और शिया मुसलमानों का सबसे प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है। शहर की सबसे बड़ी पहचान इमाम रजा की दरगाह है। इमाम रजा शिया मुस्लिम परंपरा के आठवें इमाम थे। उनका दरगाह दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां हर साल करोड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। खामेनेई को मशहद में दफनाने से उनका नाम शिया इस्लाम के सबसे सम्मानित धार्मिक नेताओं की श्रेणी में और मजबूती से जुड़ जाएगा। मशहद ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यहां इमाम रजा की दरगाह है। IRGC के पास खामेनेई के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम संस्कार में हुई देरी इस्लामी परंपरा के लिहाज से असामान्य मानी जा रही है। आमतौर पर इस्लाम में किसी व्यक्ति को मौत के एक-दो दिन के भीतर दफना दिया जाता है। हालांकि ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, भारी भीड़ की उम्मीद और युद्ध के हालात के कारण अंतिम संस्कार में देरी हुई। तेहरान नगर निगम में सामाजिक और सांस्कृतिक मामलों के उपप्रमुख मोहम्मद अली तवक्कोलीजादेह ने अंतिम संस्कार की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने सरकारी टेलीविजन से कहा कि खामेनेई के लिए तीन दिन का सार्वजनिक जनाजा आयोजित किया जाएगा। अधिकारी ने यह नहीं बताया कि जनाजा कब होगा, लेकिन कहा कि यह इस्लामी कैलेंडर के पहले महीने मुहर्रम की शुरुआत में हो सकता है, जो 21 जून के आसपास में पड़ता है। पूरे कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी IRGC के पास है। खोमैनी के जनाजे में 1 करोड़ लोग जुटे थे ईरान में इस्लामिक गणराज्य के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी के 1989 के जनाजे में करीब 1 करोड़ लोग शामिल हुए थे। यह उस समय ईरान की कुल आबादी का लगभग छठा हिस्सा था। इस कार्यक्रम को आज भी दुनिया के सबसे बड़े जनाजों में गिना जाता है। इतनी भारी भीड़ उमड़ी थी कि भगदड़ मच गई थी। इसमें कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई थी और हजारों लोग घायल हुए थे। इस बार अधिकारी इससे भी बड़ी भीड़ को संभालने और किसी हादसे से बचने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन युद्ध के प्रभाव से उबर रहे देश में इतना बड़ा आयोजन कराना बड़ी चुनौती माना जा रहा है। ईरान के नेता अयातुल्ला रूहल्ला खोमैनी का 6 जून, 1989 को तेहरान में जनाजा। शोक में लोगों की भीड़ उनके शरीर को छूने की कोशिश कर रही है। अमेरिका-इजराइल हमलों में खामेनेई की मौत हुई थी अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू किया था। इस दौरान तेहरान समेत कई रणनीतिक ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की गईं। हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के घर और उनके कार्यालय को भी निशाना बनाया गया था। खामेनेई बंकर में मौजूद थे, लेकिन लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में ईरानी सुरक्षा सूत्रों ने उनकी मौत की पुष्टि की। हमलों में खामेनेई के साथ ईरान के कई वरिष्ठ सैन्य और सुरक्षा अधिकारी भी मारे गए थे। ———————– दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…