Thursday, 30 Jul 2026 | 07:57 PM

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Donald Trump Tariffs Vs India China; US White House Internal Tension

Donald Trump Tariffs Vs India China; US White House Internal Tension

वॉशिंगटन डीसी7 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत और चीन पर लगने वाले टैरिफ को लेकर एक मीटिंग में अपने ही अधिकारियों पर भड़क गए थे। एक नई किताब के मुताबिक, ट्रम्प को लगता था कि भारत अमेरिकी सामानों पर सरकारी आंकड़ों से कहीं ज्यादा टैक्स (टैरिफ) लगाता है। न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकार मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान की किताब ‘रिजीम चेंज: इनसाइड द इम्पीरियल प्रेसिडेंसी ऑफ डोनाल्ड ट्रम्प’ में दावा किया गया है कि ट्रम्प ने वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक से कहा था कि उन्हें भारत और चीन के टैरिफ को लेकर सही जानकारी नहीं दी जा रही। किताब के अनुसार, जब लुटनिक ने आधिकारिक आंकड़े दिखाए, तो ट्रम्प ने उन्हें भी खारिज कर दिया। उनका कहना था कि यह आंकड़े बकवास हैं। भारत अमेरिकी सामानों पर कम से कम 175% टैरिफ लगाता है। रिजीम चेंज किताब के लेखक मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान है। भारत का औसत टैरिफ 16% विश्व व्यापार संगठन (WTO) के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में भारत का औसत ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ टैरिफ 15.8% था। यानी कि अगर भारत 100 तरह के सामान आयात करता है, तो उन सभी पर लगने वाले टैरिफ का औसत लगभग 16% बैठता है। वहीं 2023 में व्यापार-भारित औसत टैरिफ करीब 12% रहा। इसमें उन सामानों को ज्यादा महत्व दिया जाता है जिनका व्यापार अधिक होता है। यानी वास्तविक व्यापार में भारत पर आने वाला औसत टैरिफ लगभग 12% के आसपास पड़ता है। यही वजह है कि WTO और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) की रिपोर्टों में भारत को उच्च टैरिफ वाला देश तो कहा जाता है, लेकिन कभी पूरे भारतीय टैरिफ इन्फ्रा के लिए 175% का आंकड़ा नहीं दिया गया है। हावर्ड लुटनिक, जो ट्रम्प की टैरिफ नीति के प्रमुख समर्थकों में रहे हैं, उन्होंने जनवरी 2025 में सीनेट में अपनी पुष्टि सुनवाई के दौरान भी भारत और चीन का उदाहरण दिया था। उनका तर्क था कि ऊंचे टैरिफ का मतलब हमेशा महंगाई नहीं होता, क्योंकि भारत और चीन में टैरिफ ज्यादा होने के बावजूद महंगाई नियंत्रित रही है। किताब के मुताबिक, बाद में लुटनिक ऐसी स्थिति में फंस गए जहां एक तरफ ट्रम्प राजनीतिक रूप से टैरिफ के बड़े दावे कर रहे थे और दूसरी तरफ सरकारी आंकड़े उन दावों से मेल नहीं खा रहे थे। ट्रम्प ने यूक्रेन जंग को लेकर कहा था- भारत नहीं मानेगा किताब में भारत का जिक्र केवल व्यापार विवाद तक सीमित नहीं है। इसमें एक और दिलचस्प दावा किया गया है कि ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के कुछ दिनों बाद यूक्रेन युद्ध को लेकर हुई एक बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भारत का नाम संभावित शांति सेना भेजने वाले देशों में शामिल किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, 30 जनवरी 2025 को ओवल ऑफिस में हुई बैठक में ट्रम्प के रूस-यूक्रेन दूत कीथ केलॉग ने यूक्रेन युद्ध खत्म करने का एक प्रस्ताव पेश किया था। इस दौरान अमेरिका में यूक्रेन में शांति सैनिक भेजने को लेकर एक बैठक चल रही थी। बैठक में जब फ्रांस, ब्रिटेन और नीदरलैंड जैसे नाटो (NATO) देशों के सैनिक भेजने का प्रस्ताव आया, तो जेडी वेंस ने इस पर चिंता जताई। वेंस का मानना था कि नाटो सैनिकों को यूक्रेन भेजने से रूस नाराज हो सकता है और अमेरिका भी सीधे युद्ध में फंस सकता है। इसके बाद जेडी वेंस ने सुझाव दिया कि क्यों न गैर-यूरोपीय देशों से मदद ली जाए। वेंस ने इस काम के लिए सऊदी अरब और भारत का नाम आगे बढ़ाया। किताब में दावा किया गया है कि वेंस का सुझाव सुनते ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प हंस पड़े थे। उन्होंने कहा, ‘भारतीय ऐसा कभी नहीं करेंगे। वो इस तरह की किसी चीज के लिए अपनी जेब से पैसा खर्च नहीं करेंगे।’ मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान की किताब रिजीम चेंज। ट्रम्प ने कहा था- मोदी मुझे बहुत पसंद करते हैं किताब में यह भी दावा किया गया कि ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कहा था कि वे उन्हें बहुत पसंद करते हैं। और उनसे मिलने अमेरिका आना चाहते हैं। ट्रम्प ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर भी निशाना साधा। उन्होंने जेलेंस्की को एक ‘खराब वार्ताकार’ बताया। उन्होंने कहा कि जेलेंस्की ने सही ढंग से बातचीत न करके अपने पूरे देश को बर्बाद कर दिया, लेकिन वो बाइडन सरकार से चीजें हासिल करने में बहुत अच्छे थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

PG Diploma Courses Replaced by MD, MS Degrees

PG Diploma Courses Replaced by MD, MS Degrees

3 मिनट पहले कॉपी लिंक राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने देश में सभी PG डिप्लोमा मेडिकल कोर्स को बंद करने और उनकी जगह MD(डॉक्टर ऑफ मेडिसिन) और MS (मास्टर ऑफ सर्जरी) जैसे पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री कोर्स शुरू करने का फैसला किया है। इस कदम का उद्देश्य देश में पीजी मेडिकल एजुकेशन को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना है। सीधे डिग्री कोर्स में एडमिशन का मौका जो सीटें अब तक PG डिप्लोमा प्रोग्राम के लिए तय थीं, उन्हें MD और MS सीटों में बदला जाएगा। इससे छात्रों को डिप्लोमा के बजाय सीधे डिग्री कोर्स में एडमिशन का अवसर मिलेगा। NMC का मानना है कि इससे विशेषज्ञ डॉक्टरों की गुणवत्ता और प्रशिक्षण स्तर में सुधार होगा। साथ ही छात्रों को बेहतर करियर अवसर भी मिलेंगे। जल्द शुरू होगी MD, MS सीटों में बदलने की प्रोसेस इस बदलाव को लागू करने के लिए पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड (PGMEB) ने सभी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश जारी किए हैं। कॉलेजों को अपनी डिप्लोमा सीटों को MD और MS सीटों में बदलने की प्रक्रिया जल्द शुरू करनी होगी। इस प्रक्रिया के लिए उन्हें मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) के पास आवेदन करना होगा। प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए मेडिकल एसेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) जल्द ही एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च करने वाला है, जिसके माध्यम से संस्थान आवेदन कर सकेंगे। क्यों जरूरी माना गया यह फैसला? NMC का मानना है कि देश में पोस्टग्रेजुएट मेडिकल शिक्षा के स्तर को एक समान बनाना समय की जरूरत है। वर्तमान में कुछ मेडिकल कॉलेजों में एक ही विषय में डिप्लोमा और डिग्री दोनों कोर्स चल रहे हैं। जबकि कई संस्थानों में केवल डिप्लोमा प्रोग्राम ही है। आयोग का तर्क है कि जिन संस्थानों में डिप्लोमा कोर्स चल रहे हैं, वहां पहले से ही पर्याप्त फैकल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर और मरीजों की उपलब्धता मौजूद है। ऐसे में इन रिर्सोसेस का उपयोग करके सीटों को MD और MS प्रोग्राम में बदला जा सकता है। इससे मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी और देश को अधिक प्रशिक्षित स्पेशलिस्ट डॉक्टर मिल सकेंगे। यह खबर भी पढ़ें अंडरगारमेंट्स में मोबाइल लेकर NEET एग्जाम देने पहुंची छात्रा:MBBS स्टूडेंट्स एग्जाम देते अरेस्ट; 9 पसलियां टूटने के बाद भी सृष्टि ने दी परीक्षा रविवार 21 जून यानी को NEET का दोबारा एग्जाम हुआ। इस दौरान जहां बिहार में एक बड़े सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश हुआ। वहीं एक छात्रा अंडरगारमेंट्स में मोबाइल के साथ एग्जाम हॉल में पकड़ी गई। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Tonk Jay Mundra Plays for Ireland Cricket vs India

Tonk Jay Mundra Plays for Ireland Cricket vs India

टोंक के तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा का आयरलैंड क्रिकेट टीम में चयन हुआ है। राजस्थान के जय मूंदड़ा का चयन आयरलैंड की क्रिकेट टीम में हुआ है। टोंक के रहने वाले जय 26 जून से होने वाली T20 सीरीज में भारत के खिलाफ खेलेंगे। . 28 साल के जय 2021 में एम.टेक की पढ़ाई करने स्टूडेंट वीजा पर आयरलैंड गए थे। इसी दौरान वहां नौकरी की और साल 2025 में उन्हें आयरलैंड की नागरिकता मिल गई। आक्रामक बॉलिंग और शानदार बैटिंग के लिए उनका आयरलैंड की क्रिकेट टीम में सिलेक्शन हुआ है। टोंक शहर में रहने वाले उनका परिवार इस अचीवमेंट पर बहुत खुश है। उनकी मां ने कहा- बेटे ने उनका सपना सच किया है। जय के भाई भी स्वीडन की टीम के लिए खेलते हैं। जय की इस उपलब्धि पर भास्कर एप रिपोर्टर ने उनके परिवार से बातचीत की। पढ़िए यह रिपोर्ट… तस्वीर आयरलैंड की है, नेशनल टीम में उनके सिलेक्शन के बाद उन्होंने साथियों के साथ मिलकर जश्न मनाया। मां बोलीं- बेटे ने पिता का सपना पूरा कर दिया फैमिली बिजनेस संभालने वाली जय की मां विद्या ने कहा- जय के पिता गिरिराज मूंदड़ा का निधन हो चुका है। अब बेटा आयरलैंड की क्रिकेट टीम में खेल रहा है। देश में उसकी चर्चा हो रही है, यह हमारे लिए गर्व का पल है। जय के पापा का सपना था कि वह बड़ा क्रिकेटर बने। आज उनका सपना पूरा हो गया है। अगर वे आज हमारे बीच होते तो अपने बेटे की सफलता पर बेहद गर्व महसूस करते। भारत की जगह आयरलैंड से खेल रहा है, लेकिन खुशी इस बात की है कि उसकी मेहनत को पहचान मिली और उसे राष्ट्रीय टीम में जगह मिली। टोंक शहर में जैन नसियां में परिवार की पुश्तैनी इंजन पार्ट्स की दुकान है, जिसे पिता के देहांत के बाद जय की मां और बहन संभालती हैं। बहन बोली- बचपन में खूब करते थे शरारत छोटी बहन मानसी ने बताया- आयरलैंड की नेशनल क्रिकेट टीम में भाई के सिलेक्शन की खबर पर हम सब खुशी से झूम उठे। भैया बचपन में बहुत शरारती थे। कई बार मुझे डांट देते थे तो मैं रोने लगती थी और फिर पापा उन्हें डांटते थे। हम दोनों ने बचपन में खूब मस्ती की है। अब वे विदेश में रहते हैं तो उनकी बहुत याद आती है। भाई स्वीडन की क्रिकेट टीम से खेलता है जय के ताऊ कन्हैयालाल मूंदड़ा ने बताया- परिवार में पहले कोई पेशेवर क्रिकेटर नहीं है। भतीजे जय और मेरे बेटे अजय मूंदड़ा को बचपन से क्रिकेट का जुनून था। परिवार ने उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें आगे बढ़ने का पूरा अवसर दिया। जय ने कोरोना काल से पहले बेंगलुरु में भी क्रिकेट की ट्रेनिंग ली थी। कन्हैयालाल ने बताया कि जय आयरलैंड की तरफ से खेल रहा है, वहीं उनका बेटा अजय स्वीडन क्रिकेट टीम की ओर से खेलता है। माता-पिता, बहन के साथ जय मूंदड़ा। (फाइल फोटो) चाचा बोले- जुनूनू ने इंटरनेशनल स्टार बना दिया चाचा अशोक कुमार का कहना है- जय पढ़ाई में होशियार होने के साथ-साथ क्रिकेट के भी दीवाना है। घर और गली में घंटों क्रिकेट खेलता था। कई बार उसकी गेंद से घर के लोगों को भी चोट लग जाती थी, जिसके बाद उसको डांट पड़ती थी। आज उसी जुनून ने उसे इंटरनेशनल क्रिकेट के मंच तक पहुंचा दिया है। आज वह इंटरनेशनल स्टार है। पढ़ाई के लिए क्रिकेट से बनाई दूरी, फिर लौटे मैदान पर जय मूंदड़ा बताते हैं- एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने पढ़ाई को फोकस करने के लिए क्रिकेट से दूरी बना ली थी। कॉलेज के दिनों में केवल शौक के तौर पर क्रिकेट खेलता था। टेनिस बॉल से मध्यम गति की गेंदबाजी करते-करते लेदर बॉल से क्रिकेट खेलना शुरू किया, फिर धीरे-धीरे गेंदबाजी में रफ्तार बढ़ती गई। अब 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करता हूं। 2019 में कॉलेज पूरा होने के बाद लगा कि यदि कॉर्पोरेट नौकरी कर ली तो क्रिकेट का सपना अधूरा रह जाएगा। इसके कारण आयरलैंड में इंटेल कंपनी में लगी जॉब छोड़कर पूरा फोकस क्रिकेट पर किया। जय की मां विद्या मूंदड़ा ने कहा- बेटे की इस उपलब्धि की जानकारी के बाद दूर-दूर लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं। वे काफी गर्व महसूस कर रही हैं। पहले लोकल क्रिकेट क्लब से जुड़े थे। जय ने बताया आयरलैंड में शुरुआत में वे डबलिन के फेमस क्रिकेट क्लब लेनस्टर से खेलते थे। फिर साल 2023 में आयरिश सीनियर कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहा। यह अनुभव जिंदगी की सबसे यादगार उपलब्धि रही। जय ने कहा- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना हमेशा मेरा सपना रहा है। आयरलैंड की तरफ से मुझे यह मौका मिला। भारत के खिलाफ खेलना अलग ही अनुभव रहेगा। दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करना मेरे लिए बेहद खास रहेगा। राजस्थान की टीम का भी रह चुके हैं हिस्सा बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा टोंक में पढ़ाई के दौरान टोंक और राजस्थान अंडर-14 टीम का हिस्सा रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने राजस्थान में कई राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिताओं में भी भाग लिया है। …. राजस्थान के क्रिकेटर्स से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान के मानव डेब्यू-टेस्ट में प्लेयर ऑफ द मैच बने:पिता बोले- नाम रोशन कर दिया; मां ने कहा- भगवान से दुआ, बेटा वर्ल्ड कप खेले हाल ही में न्यू चंडीगढ़ में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच श्रीगंगानगर के मानव सुथार प्लेयर ऑफ द मैच बने थे। मानव ने अपने डेब्यू मैच में शानदार गेंदबाजी की। पूरी खबर पढ़िए…

Pakistan Army Chief Conspires War Against India

Pakistan Army Chief Conspires War Against India

12 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत ने सिंधु नदी का पानी रोक कर पाकिस्तान को तरसा दिया है। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में छेड़े ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सिंधु का पानी रोकने से पाक की कमर टूट गई है। पानी के लिए अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में भी मुंह की खाने के बाद जहां पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ जंग छेड़ने की भभकियां दे रहे हैं। वहीं, जंग का मंसूबा पाले आर्मी चीफ आसिम मुनीर साजिश रचने में जुटे हैं। एलओसी (नियंत्रण रेखा) पर पाक सेना की 8 ब्रिगेड ने 35 एंटी ड्रोन यूनिट तैनात की हैं। पाक ने एआई फेंसिंग भी की है। इसके तहत टारगेटिंग और सर्विलांस को तेज किया गया है। पाकिस्तान ने हाल में इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और काउंटर ड्रोन ग्रिड भी तैयार किया है। सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से जुड़ी अपनी सीमाओं से 5 बटालियन को इस महीने की शुरुआत में ही मूव करा कर एलओसी के रावलाकोट, कोटली और भीम्बर सेक्टर में तैनात किया है। बता दें कि इन्हीं जगहों से पाक भारत में आतंकियों की घुसपैठ भी करता रहा है। चीन 5वीं जेनरेशन का फाइटर जेट देगा ऑपरेशन सिंदूर के बाद चीन ने पाक को 36 मल्टी रोल जे-सीरीज फाइटर जेट की सप्लाई की है। पेंटागन की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी एफ-35 जेट का चीनी वर्जन जे-35 भी साल के अंत तक पाकिस्तान को मिलने वाला है। इस जेट की टेस्ट फ्लाइट्स हो चुकी हैं। तुर्किये ड्रोन प्लांट लगा रहा है, MILGEM सबमरीन भी देगा पाक को ड्रोन सप्लाई करने के बाद अब तुर्किये कराची के पास साझा कॉम्बैट ड्रोन असेंबली प्लांट भी लगाया है। यहां हर साल 700 ड्रोन बनेंगे। पाकिस्तान ने इन ड्रोन को बांग्लादेश को एक्सपोर्ट करने का एमओयू भी किया है। तुर्किये पाक के लिए मिलजैम क्लास पनडुब्बी भी बना रहा है। पाकिस्तान को इस पनडुब्बी की साल के अंत तक डिलीवरी भी मिल जाएगी। दो दिन पहले पाकिस्तानी रक्षामंत्री बोले थे- भारत के खिलाफ जंग छेड़ सकते हैं पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सिंधु जल संधि स्थगित रहने को लेकर भारत को धमकी दी थी। पाकिस्तानी चैनल ARY न्यूज से बातचीत में आसिफ ने कहा कि अगर पाकिस्तान को लगा कि उसकी जल सुरक्षा खतरे में है, तो वह भारत के खिलाफ जंग छेड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत पाकिस्तान के हिस्से के पानी के प्रवाह में दखल दे रहा है और रणनीतिक हथियार के तौर पर इसका इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिछले एक साल में इस मामले में क्या नए घटनाक्रम हुए हैं, इसकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं है। अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक संधि बहाल नहीं की जाएगी। भारत-पाकिस्तान के बीच का सिंधु जल समझौता क्या है? सिंधु नदी प्रणाली में कुल 6 नदियां हैं- सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज। इनके किनारे का इलाका करीब 11.2 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इसमें 47% जमीन पाकिस्तान, 39% जमीन भारत, 8% जमीन चीन और 6% जमीन अफगानिस्तान में है। इन सभी देशों के करीब 30 करोड़ लोग इन इलाकों में रहते हैं। 1947 में भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के पहले से ही भारत के पंजाब और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच नदियों के पानी के बंटवारे का झगड़ा शुरू हो गया था। 1947 में भारत और पाक के इंजीनियरों के बीच ‘स्टैंडस्टिल समझौता’ हुआ। इसके तहत दो मुख्य नहरों से पाकिस्तान को पानी मिलता रहा। ये समझौता 31 मार्च 1948 तक चला। 1 अप्रैल 1948 को जब समझौता लागू नहीं रहा तो भारत ने दोनों नहरों का पानी रोक दिया। इससे पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की 17 लाख एकड़ जमीन पर खेती बर्बाद हो गई। दोबारा हुए समझौते में भारत पानी देने को राजी हो गया। इसके बाद 1951 से लेकर 1960 तक वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में भारत पाकिस्तान में पानी के बंटवारे को लेकर बातचीत चली और आखिरकार 19 सितंबर 1960 को कराची में भारत के PM नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के बीच दस्तखत हुए। इसे इंडस वाटर ट्रीटी या सिंधु जल संधि कहा जाता है। ———————————– ये खबर भी पढ़ें… भारत बोला- PAK राष्ट्रपति का बयान नफरत फैलाने वाला: हमारे मामलों में दखल न दें पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के भारत की मस्जिद को लेकर दिए भड़काऊ बयान पर भारत ने रिएक्शन दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर कमेंट करने का कोई अधिकार नहीं है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Pakistan Army Chief Conspires War Against India

Pakistan Army Chief Conspires War Against India

2 घंटे पहले कॉपी लिंक भारत ने सिंधु नदी का पानी रोक कर पाकिस्तान को तरसा दिया है। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में छेड़े ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सिंधु का पानी रोकने से पाक की कमर टूट गई है। पानी के लिए अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में भी मुंह की खाने के बाद जहां पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ जंग छेड़ने की भभकियां दे रहे हैं। वहीं, जंग का मंसूबा पाले आर्मी चीफ आसिम मुनीर साजिश रचने में जुटे हैं। एलओसी (नियंत्रण रेखा) पर पाक सेना की 8 ब्रिगेड ने 35 एंटी ड्रोन यूनिट तैनात की हैं। पाक ने एआई फेंसिंग भी की है। इसके तहत टारगेटिंग और सर्विलांस को तेज किया गया है। पाकिस्तान ने हाल में इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और काउंटर ड्रोन ग्रिड भी तैयार किया है। सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से जुड़ी अपनी सीमाओं से 5 बटालियन को इस महीने की शुरुआत में ही मूव करा कर एलओसी के रावलाकोट, कोटली और भीम्बर सेक्टर में तैनात किया है। बता दें कि इन्हीं जगहों से पाक भारत में आतंकियों की घुसपैठ भी करता रहा है। चीन 5वीं जेनरेशन का फाइटर जेट देगा ऑपरेशन सिंदूर के बाद चीन ने पाक को 36 मल्टी रोल जे-सीरीज फाइटर जेट की सप्लाई की है। पेंटागन की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी एफ-35 जेट का चीनी वर्जन जे-35 भी साल के अंत तक पाकिस्तान को मिलने वाला है। इस जेट की टेस्ट फ्लाइट्स हो चुकी हैं। तुर्किये ड्रोन प्लांट लगा रहा है, MILGEM सबमरीन भी देगा पाक को ड्रोन सप्लाई करने के बाद अब तुर्किये कराची के पास साझा कॉम्बैट ड्रोन असेंबली प्लांट भी लगाया है। यहां हर साल 700 ड्रोन बनेंगे। पाकिस्तान ने इन ड्रोन को बांग्लादेश को एक्सपोर्ट करने का एमओयू भी किया है। तुर्किये पाक के लिए मिलजैम क्लास पनडुब्बी भी बना रहा है। पाकिस्तान को इस पनडुब्बी की साल के अंत तक डिलीवरी भी मिल जाएगी। दो दिन पहले पाकिस्तानी रक्षामंत्री बोले थे- भारत के खिलाफ जंग छेड़ सकते हैं पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सिंधु जल संधि स्थगित रहने को लेकर भारत को धमकी दी थी। पाकिस्तानी चैनल ARY न्यूज से बातचीत में आसिफ ने कहा कि अगर पाकिस्तान को लगा कि उसकी जल सुरक्षा खतरे में है, तो वह भारत के खिलाफ जंग छेड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत पाकिस्तान के हिस्से के पानी के प्रवाह में दखल दे रहा है और रणनीतिक हथियार के तौर पर इसका इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिछले एक साल में इस मामले में क्या नए घटनाक्रम हुए हैं, इसकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं है। अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक संधि बहाल नहीं की जाएगी। भारत-पाकिस्तान के बीच का सिंधु जल समझौता क्या है? सिंधु नदी प्रणाली में कुल 6 नदियां हैं- सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज। इनके किनारे का इलाका करीब 11.2 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इसमें 47% जमीन पाकिस्तान, 39% जमीन भारत, 8% जमीन चीन और 6% जमीन अफगानिस्तान में है। इन सभी देशों के करीब 30 करोड़ लोग इन इलाकों में रहते हैं। 1947 में भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के पहले से ही भारत के पंजाब और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच नदियों के पानी के बंटवारे का झगड़ा शुरू हो गया था। 1947 में भारत और पाक के इंजीनियरों के बीच ‘स्टैंडस्टिल समझौता’ हुआ। इसके तहत दो मुख्य नहरों से पाकिस्तान को पानी मिलता रहा। ये समझौता 31 मार्च 1948 तक चला। 1 अप्रैल 1948 को जब समझौता लागू नहीं रहा तो भारत ने दोनों नहरों का पानी रोक दिया। इससे पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की 17 लाख एकड़ जमीन पर खेती बर्बाद हो गई। दोबारा हुए समझौते में भारत पानी देने को राजी हो गया। इसके बाद 1951 से लेकर 1960 तक वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में भारत पाकिस्तान में पानी के बंटवारे को लेकर बातचीत चली और आखिरकार 19 सितंबर 1960 को कराची में भारत के PM नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के बीच दस्तखत हुए। इसे इंडस वाटर ट्रीटी या सिंधु जल संधि कहा जाता है। ———————————– ये खबर भी पढ़ें… भारत बोला- PAK राष्ट्रपति का बयान नफरत फैलाने वाला: हमारे मामलों में दखल न दें पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के भारत की मस्जिद को लेकर दिए भड़काऊ बयान पर भारत ने रिएक्शन दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर कमेंट करने का कोई अधिकार नहीं है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Telecom Ban Lifted, Telegram Message Edit Restricted Till June 30

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Hindi News Business NEET Exam: Telecom Ban Lifted, Telegram Message Edit Restricted Till June 30 नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक इंस्टेंट मैसेजिंग एप टेलीग्राम 7 दिन बाद भारत में फिर से चालू हो गया है। नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के नकली और लीक पेपर सर्कुलेट होने के विवाद के बाद केंद्र सरकार ने एप और उससे जुड़ी वेब सर्विसेज को 22 जून तक ब्लॉक कर दिया था। 21 जून को NEET री-एग्जाम होने के बाद एप पर लगा अस्थायी प्रतिबंध खत्म हो गया है। इसके बाद 23 जून की सुबह से एप गूगल प्ले स्टोर पर दोबारा दिखने तो लगा, लेकिन कई यूजर्स ने एप डाउनलोड नहीं हो पाने की शिकायत की। वहीं, कुछ यूजर्स ने कहा कि ‘एप डाउनलोड करने के बाद वे साइन अप नहीं कर पा रहे हैं या चैट एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। कुछ मामलों में यह समस्या जियो और एयरटेल दोनों नेटवर्क के यूजर्स हुई। वहीं, आईफोन यूजर्स के लिए टेलीग्राम एप स्टोर पर अवेलेबल नहीं था। हालांकि, मंगलवार देर रात कंपनी ने पोस्ट कर सभी तरह की सर्विस चालू होने की जानकारी दी। यूजर्स 30 जून तक मैसेज एडिट नहीं कर पाएंगे भले ही टेलीग्राम की भारत में वापसी हो गई है, लेकिन सरकार ने कंपनी को आगामी 30 जून तक अपने प्लेटफॉर्म पर ‘मैसेज-एडिटिंग’ फीचर की सुविधा बंद रखने के निर्देश दिए हैं। यानी यूजर भेजे गए मैसेज में कोई बदलाव नहीं कर पाएंगे। सरकार ने टेलीग्राम को ब्लॉक क्यों किया? केंद्र सरकार ने टेलीग्राम और उससे जुड़ी वेब सर्विसेज पर 22 जून तक के लिए ब्लंकेट ब्लॉक यानी पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था। सरकार का आरोप था कि यह प्लेटफॉर्म नीट परीक्षा से जुड़े लीक और फर्जी पेपर्स, भ्रामक कंटेंट और परीक्षा में धोखाधड़ी से जुड़ी अन्य गतिविधियों को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहा था। यह प्रतिबंध 21 जून को हुई नीट की दोबारा परीक्षा के समय लागू रखा गया, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके। अधिकारियों के मुताबिक, इस री-एग्जामिनेशन के दौरान किसी भी गड़बड़ी की खबर सामने नहीं आई है। दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा मामला, सरकार के फैसले को सही माना सरकार के ऑर्डर को टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि, पिछले हफ्ते मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार के प्रतिबंध को सही ठहराया। अदालत ने कहा कि देश के इतने बड़े नेशनल-लेवल मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम की गरिमा और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सरकार की पाबंदियां जरूरी हैं। कोर्ट ने टेलीग्राम की उस दलील को भी खारिज कर दिया, जिसमें कंपनी ने कहा था कि बैन लगाने में तय कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। टेलीग्राम बैन किया तो वॉट्सएप क्यों नहीं? टेलीग्राम पर अपराधियों को पहचान छिपाने और लाखों का ग्रुप बनाने की आजादी मिलने के कारण, इस पर अस्थायी प्रतिबंध लगाना पड़ा। वहीं, वॉट्सएप भारतीय नियमों को मानता है। यहां यूजर को ट्रैक करना आसान है… वॉट्सएप टेलीग्राम मोबाइल नंबर जरूरी ‘यूजरनेम’ से पहचान छिपती है वॉट्सएपम में चैट डिफॉल्ट एन्क्रिप्टेड और ग्रुप मेंबर्स सीमित (1,024) हैं टेलीग्राम में असीमित लोग जुड़ सकते हैं, जिससे पेपर जल्दी वायरल होते हैं भारत में ऑफिस। एआई से निगरानी होती है वहीं टेलीग्राम में इसकी कमी है —————— ये भी पढ़ें… टेलीग्राम पर NEET का फर्जी पेपर बेचने वाला गिरफ्तार: राजस्थान में अमेरिकी नेटवर्क यूज कर रहा था; दिल्ली हाईकोर्ट बोला- टेलीग्राम पर रोक जारी रहेगी टेलीग्राम पर रोक के बाद भी राजस्थान के भीलवाड़ा से NEET का फर्जी पेपर बेचने की कोशिश की गई है। इस मामले में पुलिस एक स्टूडेंट को हिरासत में लिया है। आरोपी टेलीग्राम का इस्तेमाल अमेरिका के वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) के जरिए कर रहा था। उसके टेलीग्राम चैनल का नाम पेपर माफिया है। उधर, टेलीग्राम पर NEET री-एग्जाम तक रोक जारी रहेगी। दिल्ली हाईकोर्ट ने टेलीग्राम की केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ लगाई याचिका खारिज कर दी। केंद्र ने 16 जून को टेलीग्राम पर 22 जून तक रोक लगाने का आदेश दिया था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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Hindi News Business NEET Exam: Telecom Ban Lifted, Telegram Message Edit Restricted Till June 30 नई दिल्ली4 घंटे पहले कॉपी लिंक इंस्टेंट मैसेजिंग एप टेलीग्राम 7 दिन बाद भारत में फिर से चालू हो गया है। नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के नकली और लीक पेपर सर्कुलेट होने के विवाद के बाद केंद्र सरकार ने एप और उससे जुड़ी वेब सर्विसेज को 22 जून तक ब्लॉक कर दिया था। 21 जून को NEET री-एग्जाम होने के बाद एप पर लगा अस्थायी प्रतिबंध खत्म हो गया है। इसके बाद 23 जून की सुबह से एप गूगल प्ले स्टोर पर दोबारा दिखने तो लगा, लेकिन कई यूजर्स ने एप डाउनलोड नहीं हो पाने की शिकायत की। वहीं, कुछ यूजर्स ने कहा कि ‘एप डाउनलोड करने के बाद वे साइन अप नहीं कर पा रहे हैं या चैट एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। कुछ मामलों में यह समस्या जियो और एयरटेल दोनों नेटवर्क के यूजर्स हुई। वहीं, आईफोन यूजर्स के लिए टेलीग्राम एप स्टोर पर अवेलेबल नहीं था। हालांकि, मंगलवार देर रात कंपनी ने पोस्ट कर सभी तरह की सर्विस चालू होने की जानकारी दी। यूजर्स 30 जून तक मैसेज एडिट नहीं कर पाएंगे भले ही टेलीग्राम की भारत में वापसी हो गई है, लेकिन सरकार ने कंपनी को आगामी 30 जून तक अपने प्लेटफॉर्म पर ‘मैसेज-एडिटिंग’ फीचर की सुविधा बंद रखने के निर्देश दिए हैं। यानी यूजर भेजे गए मैसेज में कोई बदलाव नहीं कर पाएंगे। सरकार ने टेलीग्राम को ब्लॉक क्यों किया? केंद्र सरकार ने टेलीग्राम और उससे जुड़ी वेब सर्विसेज पर 22 जून तक के लिए ब्लंकेट ब्लॉक यानी पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था। सरकार का आरोप था कि यह प्लेटफॉर्म नीट परीक्षा से जुड़े लीक और फर्जी पेपर्स, भ्रामक कंटेंट और परीक्षा में धोखाधड़ी से जुड़ी अन्य गतिविधियों को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहा था। यह प्रतिबंध 21 जून को हुई नीट की दोबारा परीक्षा के समय लागू रखा गया, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके। अधिकारियों के मुताबिक, इस री-एग्जामिनेशन के दौरान किसी भी गड़बड़ी की खबर सामने नहीं आई है। दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा मामला, सरकार के फैसले को सही माना सरकार के ऑर्डर को टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि, पिछले हफ्ते मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार के प्रतिबंध को सही ठहराया। अदालत ने कहा कि देश के इतने बड़े नेशनल-लेवल मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम की गरिमा और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सरकार की पाबंदियां जरूरी हैं। कोर्ट ने टेलीग्राम की उस दलील को भी खारिज कर दिया, जिसमें कंपनी ने कहा था कि बैन लगाने में तय कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। टेलीग्राम बैन किया तो वॉट्सएप क्यों नहीं? टेलीग्राम पर अपराधियों को पहचान छिपाने और लाखों का ग्रुप बनाने की आजादी मिलने के कारण, इस पर अस्थायी प्रतिबंध लगाना पड़ा। वहीं, वॉट्सएप भारतीय नियमों को मानता है। यहां यूजर को ट्रैक करना आसान है… वॉट्सएप टेलीग्राम मोबाइल नंबर जरूरी ‘यूजरनेम’ से पहचान छिपती है वॉट्सएपम में चैट डिफॉल्ट एन्क्रिप्टेड और ग्रुप मेंबर्स सीमित (1,024) हैं टेलीग्राम में असीमित लोग जुड़ सकते हैं, जिससे पेपर जल्दी वायरल होते हैं भारत में ऑफिस। एआई से निगरानी होती है वहीं टेलीग्राम में इसकी कमी है —————— ये भी पढ़ें… टेलीग्राम पर NEET का फर्जी पेपर बेचने वाला गिरफ्तार: राजस्थान में अमेरिकी नेटवर्क यूज कर रहा था; दिल्ली हाईकोर्ट बोला- टेलीग्राम पर रोक जारी रहेगी टेलीग्राम पर रोक के बाद भी राजस्थान के भीलवाड़ा से NEET का फर्जी पेपर बेचने की कोशिश की गई है। इस मामले में पुलिस एक स्टूडेंट को हिरासत में लिया है। आरोपी टेलीग्राम का इस्तेमाल अमेरिका के वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) के जरिए कर रहा था। उसके टेलीग्राम चैनल का नाम पेपर माफिया है। उधर, टेलीग्राम पर NEET री-एग्जाम तक रोक जारी रहेगी। दिल्ली हाईकोर्ट ने टेलीग्राम की केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ लगाई याचिका खारिज कर दी। केंद्र ने 16 जून को टेलीग्राम पर 22 जून तक रोक लगाने का आदेश दिया था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Petrol Ethanol Sugar Rumour Fake Video

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नई दिल्ली5 घंटे पहले कॉपी लिंक सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो है, जिसमें एथेनॉल की वजह से फ्यूल टैंक के पास चींटियां लगने का दावा किया गया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एथेनॉल फ्यूल को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को खारिज कर दिया। मंत्रालय ने मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम सांइटिफिक रूप से प्रमाणित है और इसकी लगातार निगरानी की जा रही है। हाल में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वाहन के फ्यूल टैंक के पास चींटियां दिखाई गई थीं। इस पर भारत पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ईंधन ग्रेड एथेनॉल में कोई शर्करा (चीनी) नहीं होती। मंत्रालय के अनुसार, कुछ लोग पुराने वीडियो और तस्वीरों को सोशल मीडिया पर दोबारा शेयर कर जनता में भ्रम फैला रहे हैं। सरकार ने कहा कि E20 पेट्रोल डालने के बाद इंजन खराब होने की कोई रिपोर्ट अभी तक सामने नहीं आई है। E20 पेट्रोल से वाहन बीमा पर कोई असर नहीं केंद्र सरकार ने यह भी साफ किया है कि E20 पेट्रोल (20% एथेनॉल फ्लेक्स ईंधन) के इस्तेमाल से वाहन बीमा (इंश्योरेंस) की वैधता पर कोई असर नहीं पड़ता। सरकार ने कहा कि इस तरह की आशंकाएं गलत हैं और संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद इन्हें खारिज कर दिया गया है। सरकार के अनुसार, अमेरिका, ब्राजील और जापान जैसे देशों में एथेनॉल मिश्रित ईंधन का सफलतापूर्वक उपयोग हो रहा है। ब्राजील में तो E27 लंबे समय से ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। एथेनॉल के इस्तेमाल से सरकार ने 3 फायदे गिनाए 1.4 लाख करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा बची: सरकार ने बताया कि एथेनॉल प्रोग्राम की वजह से कच्चे तेल के आयात में कमी आई है। जिससे देश को अब तक 1.4 लाख करोड़ रुपए से अधिक की विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिली है। किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को फायदा: सरकार ने कहा कि एथेनॉल उत्पादन के लिए इस्तेमाल होने वाली कृषि उपज की मांग बढ़ने से किसानों की आय को समर्थन मिला है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। ऊर्जा सुरक्षा और पॉल्यूशन कंट्रोल में मदद: बयान के मुताबिक, एथेनॉल फ्यूल देश की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने में मदद कर रहा है और कार्बन उत्सर्जन कम कर रहा है। क्या होता है एथेनॉल? एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जो स्टार्च और शुगर के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में इको-फ्रैंडली फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जाता है। एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस से होता है, लेकिन स्टार्च कॉन्टेनिंग मटेरियल्स जैसे मक्का, सड़े आलू, कसावा और सड़ी सब्जियों से भी एथेनॉल तैयार किया जा सकता है। फर्स्ट जनरेशन एथेनॉल : फर्स्ट जनरेशन एथेनॉल गन्ने के रस, मीठे चुकंदर, सड़े आलू, मीठा ज्वार और मक्का से बनाया जाता है। सेकेंड जनरेशन एथेनॉल : सेकेंड जनरेशन एथेनॉल सेल्युलोज और लिग्नोसेल्यूलोसिक मटेरियल जैसे- चावल की भूसी, गेहूं की भूसी, कॉर्नकॉब (भुट्टा), बांस और वुडी बायोमास से बनाया जाता है। थर्ड जनरेशन बायोफ्यूल : थर्ड जनरेशन बायोफ्यूल को एलगी से बनाया जाएगा। अभी इस पर काम चल रहा है। 15 दिन पहले लॉन्च हुआ था E85 फ्यूल, बायोफ्यूल पर सरकार का फोकस 15 दिन पहले सरकार ने फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए E85 ईंधन पेश किया था। दिल्ली में E85 फ्यूल की कीमत ₹82.12 प्रति लीटर तय की गई। यह दिल्ली में बिक रहे रेगुलर E20 पेट्रोल से पूरे ₹20 कम है। यह ईंधन एक ऐसा मिश्रण है जिसमें 85% तक इथेनॉल और 15% पेट्रोल मिलाया जाता है। अब 100% इथेनॉल को मंजूरी मिलने से देश में ग्रीन एनर्जी और बायोफ्यूल के सेक्टर में एक नया चैप्टर शुरू हो गया है। अभी बाजार में 4 तरह के फ्लेक्स-फ्यूल बिक रहे हैं। सिर्फ इन चुनिंदा गाड़ियों में इस्तेमाल किया जा सकेगा E85 फ्यूल को सामान्य पेट्रोल गाड़ियों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। इसके लिए गाड़ियों का इंजन खास तौर पर ‘फ्लेक्स-फ्यूल’ तकनीक पर आधारित होना चाहिए। मारुति सुजुकी वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल: यह भारत की पहली पैसेंजर कार है, जिसे E100 (100% एथेनॉल) तक के ब्लेंड पर चलने के लिए तैयार किया गया है, जो E85 के लिए पूरी तरह सही है। हीरो स्प्लेंडर+ और HF डीलक्स: हीरो मोटोकॉर्प ने देश के मास-मार्केट 100cc सेगमेंट में पहली फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिल पेश की है। ये बाइक्स E20 से लेकर E85 तक के फ्यूल पर चल सकती हैं और दिल्ली और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में जुलाई 2026 से इनकी बिक्री शुरू होगी। सुजुकी जिक्सर SF: यह बाइक भी इस सूची में शामिल है जो हाई-एथेनॉल फ्यूल को सपोर्ट करती है। ————————– ये खबर भी पढ़ें… 100% इथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां, सरकार ने दी मंजूरी: गडकरी बोले- प्रदूषण और पेट्रोल खर्च घटेगा केंद्र सरकार ने देश में 100% शुद्ध इथेनॉल को बतौर ईंधन इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार, 13 जून को नागपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो है, जिसमें एथेनॉल की वजह से फ्यूल टैंक के पास चींटियां लगने का दावा किया गया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एथेनॉल फ्यूल को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को खारिज कर दिया। मंत्रालय ने मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम सांइटिफिक रूप से प्रमाणित है और इसकी लगातार निगरानी की जा रही है। हाल में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वाहन के फ्यूल टैंक के पास चींटियां दिखाई गई थीं। इस पर भारत पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ईंधन ग्रेड एथेनॉल में कोई शर्करा (चीनी) नहीं होती। मंत्रालय के अनुसार, कुछ लोग पुराने वीडियो और तस्वीरों को सोशल मीडिया पर दोबारा शेयर कर जनता में भ्रम फैला रहे हैं। सरकार ने कहा कि E20 पेट्रोल डालने के बाद इंजन खराब होने की कोई रिपोर्ट अभी तक सामने नहीं आई है। E20 पेट्रोल से वाहन बीमा पर कोई असर नहीं केंद्र सरकार ने यह भी साफ किया है कि E20 पेट्रोल (20% एथेनॉल फ्लेक्स ईंधन) के इस्तेमाल से वाहन बीमा (इंश्योरेंस) की वैधता पर कोई असर नहीं पड़ता। सरकार ने कहा कि इस तरह की आशंकाएं गलत हैं और संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद इन्हें खारिज कर दिया गया है। सरकार के अनुसार, अमेरिका, ब्राजील और जापान जैसे देशों में एथेनॉल मिश्रित ईंधन का सफलतापूर्वक उपयोग हो रहा है। ब्राजील में तो E27 लंबे समय से ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। एथेनॉल के इस्तेमाल से सरकार ने 3 फायदे गिनाए 1.4 लाख करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा बची: सरकार ने बताया कि एथेनॉल प्रोग्राम की वजह से कच्चे तेल के आयात में कमी आई है। जिससे देश को अब तक 1.4 लाख करोड़ रुपए से अधिक की विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिली है। किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को फायदा: सरकार ने कहा कि एथेनॉल उत्पादन के लिए इस्तेमाल होने वाली कृषि उपज की मांग बढ़ने से किसानों की आय को समर्थन मिला है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। ऊर्जा सुरक्षा और पॉल्यूशन कंट्रोल में मदद: बयान के मुताबिक, एथेनॉल फ्यूल देश की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने में मदद कर रहा है और कार्बन उत्सर्जन कम कर रहा है। क्या होता है एथेनॉल? एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जो स्टार्च और शुगर के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में इको-फ्रैंडली फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जाता है। एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस से होता है, लेकिन स्टार्च कॉन्टेनिंग मटेरियल्स जैसे मक्का, सड़े आलू, कसावा और सड़ी सब्जियों से भी एथेनॉल तैयार किया जा सकता है। फर्स्ट जनरेशन एथेनॉल : फर्स्ट जनरेशन एथेनॉल गन्ने के रस, मीठे चुकंदर, सड़े आलू, मीठा ज्वार और मक्का से बनाया जाता है। सेकेंड जनरेशन एथेनॉल : सेकेंड जनरेशन एथेनॉल सेल्युलोज और लिग्नोसेल्यूलोसिक मटेरियल जैसे- चावल की भूसी, गेहूं की भूसी, कॉर्नकॉब (भुट्टा), बांस और वुडी बायोमास से बनाया जाता है। थर्ड जनरेशन बायोफ्यूल : थर्ड जनरेशन बायोफ्यूल को एलगी से बनाया जाएगा। अभी इस पर काम चल रहा है। 15 दिन पहले लॉन्च हुआ था E85 फ्यूल, बायोफ्यूल पर सरकार का फोकस 15 दिन पहले सरकार ने फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए E85 ईंधन पेश किया था। दिल्ली में E85 फ्यूल की कीमत ₹82.12 प्रति लीटर तय की गई। यह दिल्ली में बिक रहे रेगुलर E20 पेट्रोल से पूरे ₹20 कम है। यह ईंधन एक ऐसा मिश्रण है जिसमें 85% तक इथेनॉल और 15% पेट्रोल मिलाया जाता है। अब 100% इथेनॉल को मंजूरी मिलने से देश में ग्रीन एनर्जी और बायोफ्यूल के सेक्टर में एक नया चैप्टर शुरू हो गया है। अभी बाजार में 4 तरह के फ्लेक्स-फ्यूल बिक रहे हैं। सिर्फ इन चुनिंदा गाड़ियों में इस्तेमाल किया जा सकेगा E85 फ्यूल को सामान्य पेट्रोल गाड़ियों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। इसके लिए गाड़ियों का इंजन खास तौर पर ‘फ्लेक्स-फ्यूल’ तकनीक पर आधारित होना चाहिए। मारुति सुजुकी वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल: यह भारत की पहली पैसेंजर कार है, जिसे E100 (100% एथेनॉल) तक के ब्लेंड पर चलने के लिए तैयार किया गया है, जो E85 के लिए पूरी तरह सही है। हीरो स्प्लेंडर+ और HF डीलक्स: हीरो मोटोकॉर्प ने देश के मास-मार्केट 100cc सेगमेंट में पहली फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिल पेश की है। ये बाइक्स E20 से लेकर E85 तक के फ्यूल पर चल सकती हैं और दिल्ली और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में जुलाई 2026 से इनकी बिक्री शुरू होगी। सुजुकी जिक्सर SF: यह बाइक भी इस सूची में शामिल है जो हाई-एथेनॉल फ्यूल को सपोर्ट करती है। ————————– ये खबर भी पढ़ें… 100% इथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां, सरकार ने दी मंजूरी: गडकरी बोले- प्रदूषण और पेट्रोल खर्च घटेगा केंद्र सरकार ने देश में 100% शुद्ध इथेनॉल को बतौर ईंधन इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार, 13 जून को नागपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

India Beats Pakistan 4-3 in Hockey Pro League; Abhishek, Neelkanth Score

India Beats Pakistan 4-3 in Hockey Pro League; Abhishek, Neelkanth Score

Hindi News Sports India Beats Pakistan 4 3 In Hockey Pro League; Abhishek, Neelkanth Score लंदन5 मिनट पहले कॉपी लिंक गोल करने के बाद जश्न मानते हुए भारतीय प्लेयर्स। (क्रेडिट-हॉकी इंडिया) भारतीय हॉकी टीम ने FIH प्रो लीग में पाकिस्तान को 4-3 से हरा दिया। लंदन के ली वैली हॉकी एंड टेनिस सेंटर में भारत ने 1-0 से पिछड़ने के बाद वापसी की। अभिषेक, नीलकांत शर्मा, सुखजीत सिंह और राजिंदर सिंह ने भारत के लिए गोल किए। पाकिस्तान के लिए अहमद नदीम और कप्तान अबू महमूद और शकील मोईन ने गोल किया। पिछले 10 साल में भारतीय टीम पाकिस्तान से कोई मुकाबला नहीं हारी है। दोनों टीमों के बीच पिछले 18 मुकाबलों में भारत ने 16 जीते हैं। 2 मैच ड्रॉ रहे हैं। पाकिस्तान ने आखिरी बार भारत को दिसंबर 2016 में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में हराया था। पाकिस्तान ने पहले क्वार्टर में बढ़त बनाई भारत ने मैच की शुरुआत अटैक से की, लेकिन गोल नहीं कर सका। इसके उलट पाकिस्तान ने अपने पहले ही पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दाग दिया। अहमद नदीम ने 10वें मिनट में गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। भारत ने फाउल की अपील की, लेकिन अंपायर ने गोल बरकरार रखा। अभिषेक और नीलकांत ने मैच पलटा दूसरे क्वार्टर में भारत ने दबाव बढ़ाया। दिलप्रीत सिंह के शानदार क्रॉस पर अभिषेक ने गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके तुरंत बाद भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। हरमनप्रीत सिंह की ड्रैग फ्लिक को पाकिस्तान ने रोक लिया, लेकिन रिबाउंड पर नीलकांत शर्मा ने गेंद को नेट में पहुंचाकर भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी। पहले हाफ में भारतीय टीम ने 19 बार पाकिस्तान के सर्किल में इंटर किया, जबकि पाकिस्तान केवल 2 ही कर सका। भारत को 9 पेनल्टी कॉर्नर मिले, हालांकि टीम सिर्फ एक को गोल में बदल सकी। भारत और पाकिस्तानी प्लेयर बॉल के लिए लड़ते हुए। सुखजीत ने बढ़ाई बढ़त तीसरे क्वार्टर में पाकिस्तान ने तेज शुरुआत की, लेकिन भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा ने बेहतरीन बचाव किए। इसके बाद भारत के सुखजीत सिंह ने बॉक्स के अंदर शानदार टर्न लेकर जोरदार शॉट से गोल दाग दिया। इस गोल के साथ भारत की बढ़त 3-1 हो गई। राजिंदर ने चौथा गोल किया आखिरी क्वार्टर में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। राजिंदर सिंह ने बेहतरीन ड्रैग फ्लिक लगाकर स्कोर 4-1 कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने वापसी की कोशिश की। कप्तान अबू महमूद ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किया और फिर अंतिम में एक और गोल दागकर अंतर 4-3 कर दिया, लेकिन तब तक भारत ने मुकाबला अपने नाम कर लिया। पाकिस्तान बिना कप्तान और कोच के उतरा पाकिस्तान के नियमित कप्तान अम्माद शकील बट वीजा समस्या के कारण टीम के साथ नहीं थे। उनकी जगह अबू महमूद ने कप्तानी संभाली। टीम के मुख्य कोच भी लंदन में मौजूद नहीं थे और मैनेजर ने टीम की जिम्मेदारी संभाली। ————————————— हॉकी से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… मनप्रीत सिंह बने भारत के सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले हॉकी खिलाड़ी भारतीय मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने हाल ही में 413वां अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलकर दिलीप तिर्की का रिकॉर्ड तोड़ा। इस उपलब्धि पर हॉकी इंडिया ने उन्हें सम्मानित किया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…