Monday, 10 Aug 2026 | 05:05 PM

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Australia Khalistani and BJP Supporter Face-off Over Satluj Movie

Australia Khalistani and BJP Supporter Face-off Over Satluj Movie

ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तान समर्थक और बीजेपी सपोर्टर सिखों में बहस होती हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान मेलबर्न में खालिस्तान समर्थक और भाजपा समर्थक सिख भिड़ गए। खालिस्तानी पीएम को अपशब्द बोलते सुनाई दिए। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। . वीडियो को भाजपा समर्थक सिख जगविंदर विर्क ने 15 जुलाई की सुबह अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया। वायरल वीडियो में कुछ खालिस्तान समर्थक प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां के साथ “खालिस्तान जिंदाबाद” के नारे लगाते दिखाई दे रहे हैं। बहस ‘सतलुज’ फिल्म पर लगे बैन को लेकर शुरू हुई, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग कर मामला शांत कराया। इस खालिस्तानी युवक ने बहस के दौरान दी पीएम को गाली। अब 4 प्वाइंट्स में पढ़ें पूरा मामला:- PM के कार्यक्रम के विरोध के लिए जा रहे थेः वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि खालिस्तान समर्थक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम का विरोध करने जा रहे थे। इसी दौरान एक युवक ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए। ‘सतलुज’ फिल्म पर शुरू हुई बहसः बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत ‘सतलुज’ फिल्म पर लगे प्रतिबंध को लेकर हुई। प्रदर्शनकारी फिल्म से प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहे थे। इसी दौरान उनकी भाजपा समर्थक सिख जगविंदर विर्क से बहस हो गई। मोदी से नजदीकी है तो बैन हटवाकर दिखाओः वीडियो के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सिखों को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल नहीं होना चाहिए। जब जगविंदर विर्क ने इसका विरोध किया तो उनसे कहा गया कि अगर उनकी प्रधानमंत्री तक पहुंच है, तो ‘सतलुज’ फिल्म पर लगा प्रतिबंध हटवाकर दिखाएं। जगविंदर विर्क ने सोशल मीडिया पर दिया जवाबः बहस का वीडियो साझा करते हुए विर्क ने कहा कि अलगाववादी समूहों का दबाव उनके विचार नहीं बदल सकता। उन्होंने लिखा कि उन्हें अपनी भारतीय पहचान पर गर्व है और वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी धमकी या विरोध भारत की एकता और अखंडता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को नहीं बदल सकता। सड़क पर बढ़ा तनाव, पुलिस ने कराया शांतः दोनों पक्षों के बीच बहस इतनी तेज हो गई कि सड़क पर काफी देर तक नारेबाजी और तीखी बहस होती रही। मौके पर मौजूद पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस की मौजूदगी में लगे नारेः वीडियो में दावा किया गया है कि बहस शांत होने के बाद भी कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़क किनारे खड़े होकर “खालिस्तान जिंदाबाद” के नारे लगाए। हालांकि, इस घटना को लेकर स्थानीय पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। 3 दिन के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थे PM मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रहे। इस दौरान 9 जुलाई को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम सहयोग को लेकर अहम समझौते पर सहमति बनी। मेलबर्न में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के बीच बैठक के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, अंतरिक्ष और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने से जुड़े समझौतों की घोषणा की। प्रधानमंत्री मोदी ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर ऑस्ट्रेलिया की नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत बच्चों के लिए सुरक्षित ऑनलाइन वातावरण तैयार करने के ऑस्ट्रेलिया के प्रयासों से सीख रहा है। दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मेलबर्न में करीब 30 हजार भारतीय समुदाय के लोगों को भी संबोधित किया। —————— ‘सतलुज’ के मेकर्स को मंत्री बिट्टू की चुनौती:बोले- 25 हजार शवों के रिकॉर्ड दिखाओ, वर्ना एक्शन लेंगे; दिलजीत दोसांझ की फिल्म पूरी तरह बैन केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाबी एक्टर और सिंगर दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज के मेकर्स को खुली चुनौती दी है। बिट्टू ने मेकर्स को कहा कि उन 25,000 लापता या अवैध रूप से दाह संस्कार किए गए शवों के पुख्ता दस्तावेजी सबूत, आधिकारिक रिकॉर्ड पेश करें, जो फिल्म में दिखाए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

खालिस्तान समर्थक ने भारतीय उच्चायुक्त का काफिला रोका:गाड़ी के सामने तिरंगा फाड़ा, पैरों से रौंदने की कोशिश; कनाडा पुलिस ने खदेड़ा

खालिस्तान समर्थक ने भारतीय उच्चायुक्त का काफिला रोका:गाड़ी के सामने तिरंगा फाड़ा, पैरों से रौंदने की कोशिश; कनाडा पुलिस ने खदेड़ा

कनाडा में एक बार फिर खालिस्तान समर्थकों ने भारत विरोधी हरकत की है। प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) से जुड़े खालिस्तानी कार्यकर्ता इंदरजीत सिंह गोसल ने कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक का काफिला रोक दिया। इतना ही नहीं, खालिस्तानी समर्थक ने पुलिस घेरा तोड़कर उनके सामने भारतीय तिरंगे को फाड़ दिया और उसे पैरों तले रौंदने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने भारत विरोधी नारे लगाए। साथ ही उसने आरोप लगाया कि पटनायक ने उसकी हत्या की सुपारी दी है। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें खालिस्तानी समर्थक की पूरी हरकत दिख रही है। इस घटना के बाद कनाडा सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। वैंकूवर में घटना, कार्यक्रम में जा रहे थे उच्चायुक्त यह घटना 26 मई को तब हुई जब वैंकूवर में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक काफिला के साथ एक कार्यक्रम में जा रहे थे। उनके कार्यक्रम की जानकारी खालिस्तानियों को पहले से थी, इसलिए वे प्रदर्शन करने के लिए पहले ही जमा हो गए थे। जैसे ही उन्होंने उच्चायुक्त के काफिले को देखा तो इनमें से एक इंदरजीत सिंह गोसल सुरक्षा घेरा तोड़कर गाड़ियों के सामने आ गया। भारत विरोधी नारेबाजी की गई उच्चायुक्त पटनायक की गाड़ी के सामने खड़े होकर गोसल ने भारतीय ध्वज को फाड़ दिया और उसे पैरों तले रौंदने की कोशिश की। इस दौरान वहां मौजूद भीड़ ने भारतीय आतंकवादी वापस जाओ के भड़काऊ नारे लगाए। प्रदर्शनकारी लगातार हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का मुद्दा उठा रहे थे और चिल्ला रहे थे कि निज्जर को किसने मारा? भारतीय सरकार ने। गोसल ने उच्चायुक्त पर सुपारी देने का आरोप लगाया इंदरजीत सिंह गोसल वही शख्स है जिसे कनाडाई पुलिस ने हाल ही में थ्रेट टू लाइफ के तहत गवाह सुरक्षा की पेशकश की थी। तिरंगा फाड़ने के बाद अपने कृत्य को सही ठहराते हुए गोसल ने एक गंभीर आरोप लगाया। उसने कहा कि उसने भारतीय झंडा इसलिए फाड़ा क्योंकि पटनायक ने उसे जान से मारने के लिए किसी को 50,000 डॉलर की सुपारी दी थी। कनाडाई सरकार का कोई रिएक्शन नहीं इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारतीय समुदाय और राजनयिक हलकों में भारी आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि एक देश के शीर्ष राजनयिक को कनाडाई धरती पर न्यूनतम सुरक्षा भी क्यों नहीं मिल पा रही है? कनाडाई पुलिस की मौजूदगी में एक चरमपंथी सुरक्षा घेरा तोड़कर उच्चायुक्त की गाड़ी तक कैसे पहुंच गया? उच्चायुक्त के इंटरव्यू पर मचा बवाल मंगलवार को ही कनाडा के एक मीडिया प्लेटफॉर्म द ग्लोब एंड मेल ने एक कथित इंटरव्यू पब्लिश किया, जिसमें दावा किया गया कि भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने कनाडा सरकार को चैलेंज किया है। इसमें कहा गया कि पटनायक ने कनाडाई धरती पर अपराधों में भारत सरकार की संलिप्तता के दावों को खारिज किया। साथ ही उन्होंने निज्जर केस से जुड़े आरोपों को कोरी कल्पना करार देते हुए कहा कि कनाडा की खुफिया एजेंसी खालिस्तानी अलगाववादियों के प्रभाव में आ चुकी है। पटनायक ने आरोप लगाया कि कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (CSIS) के कुछ हिस्से कनाडा से काम कर रहे खालिस्तानी अलगाववादी समूहों के प्रभाव में हैं। हालांकि, बाद में उच्चायुक्त ने आर्टिकल के ये दावे खारिज कर दिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा- आज ‘ग्लोब एंड मेल’ के लेख में लगाए गए आरोपों से मैं निराश हूं। भारत ने कनाडा की कानून प्रवर्तन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ, खासकर पिछले एक साल में, बहुत अच्छा सहयोग बनाया है। हमें कनाडा की संस्थाओं पर पूरा भरोसा है और हम इन भ्रामक आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हैं। कनाडा सरकार ने पलटवार किया कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री गैरी आनंदसंगारी ने भारतीय दूत के दावों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि CSIS के कॉम्प्रोमाइज्ड होने का दावा झूठा है और यह कनाडाई सुरक्षाकर्मियों के काम को कमतर आंकता है। सिख फॉर जस्टिस और इसके समर्थक गोसल के बारे में जानिए… गुरपतवंत सिंह पन्नू ने बनाया संगठन सिख फॉर जस्टिस अमेरिका आधारित एक चरमपंथी और अलगाववादी संगठन है, जो भारत के पंजाब राज्य को अलग कर खालिस्तान नामक एक स्वतंत्र देश बनाने की वकालत करता है। भारत सरकार ने इसे देश की संप्रभुता और अखंडता के लिए खतरा मानते हुए एक गैरकानूनी और आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है। इस संगठन की शुरुआत वर्ष 2009 में अमेरिका में हुई थी। इसका मुख्य संचालक गुरपतवंत सिंह पन्नू है, जो पेशे से वकील है और अमेरिका-कनाडा की दोहरी नागरिकता रखता है। भारत सरकार ने पन्नू को व्यक्तिगत रूप से भी आतंकवादी घोषित किया हुआ है। यह संगठन कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में बसे सिख प्रवासियों के बीच कथित खालिस्तान के समर्थन के लिए गैर-बाध्यकारी जनमत संग्रह कराता रहता है। हालांकि, इन आयोजनों की कोई कानूनी या कूटनीतिक मान्यता नहीं होती। SFJ सोशल मीडिया से पंजाब के युवाओं को भड़काने और कट्टरपंथी बनाने का प्रयास करता है। खालिस्तान समर्थक है इंदरजीत सिंह गोसल इंदरजीत सिंह गोसल कनाडा में सक्रिय एक प्रमुख खालिस्तान समर्थक और चरमपंथी है। वह भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित संगठन SFJ का मुख्य कनाडाई समन्वयक और आयोजक है। उसे घोषित आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू का बेहद करीबी और राइट हैंड माना जाता है। जून 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया में खालिस्तानी चरमपंथी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद, गोसल ने कनाडा में SFJ के संचालन और कमान की मुख्य जिम्मेदारी संभाली। वह कनाडा में कथित खालिस्तान जनमत संग्रह आयोजित कराने का मुख्य चेहरा बन गया। वह पन्नू के निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) के रूप में भी काम कर चुका है। नवंबर 2024 में कनाडा के ब्रैम्पटन में एक हिंदू मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं पर हुए हिंसक हमले और विरोध प्रदर्शनों में गोसल मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल था। कनाडाई पुलिस (पील रीजनल पुलिस) ने हिंदू-कनाडाई नागरिकों को डराने-धमकाने और हिंसा फैलाने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में वह शर्तों पर रिहा हो गया। सितंबर 2025 में ओंटारियो पुलिस ने गोसल को उसके साथियों के साथ बिना लाइसेंस के अवैध हथियार रखने के आरोप में दोबारा गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और उनके कनाडाई समकक्ष के बीच हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक के ठीक बाद

Diljit Dosanjh Khalistani Controversy | Canada Show 2026

Diljit Dosanjh Khalistani Controversy | Canada Show 2026

कैलगरी शो में खालिस्तानियों के झंडे दिखाने पर दिलजीत दोसांझ ने थापी देकर गुस्सा दिखाया। – फाइल फोटो पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ का ऑरा वर्ल्ड टूर 2026 विवादों में घिर गया गया है। 30 अप्रैल को कनाडा में कैलगरी शो के दौरान खालिस्तानी झंडे दिखाए गए। इसके जवाब में दिलजीत ने जांघ पर थापी देकर कहा था- मैं बाहर उठाकर फेंकूंगा। . अब दिलजीत की इस थापी को लेकर खालिस्तानी चिढ़ गए हैं। इसे लेकर 3 मई को @बब्बर अकाउंट से दिलजीत को चैलेंज किया गया कि अब सामने खड़े रहना। यह थापी खालिस्तान को नहीं पंथ को मारी गई है। खालिस्तानी ने धमकाते हुए कहा- तुम्हें नत्थ डालेंगे। थापी मारकर तुमने सिख होने का मुखौटा उतार दिया है। बब्बू मान और गुरदास मान का अहंकार भी इसी तरह से तोड़ा था। खालिस्तानियों ने यह भी दावा किया कि कैलगरी में दिलजीत के खिलाफ शिकायत दी गई है। शिकायत में कहा गया है कि दिलजीत ने उठाकर बाहर फेंकने की बात कहकर ऑस्ट्रेलिया के शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने के कानून का उल्लंघन किया है। हालांकि, कैलगरी पुलिस ने इस संबंध में ऑफिशियल नोट जारी नहीं किया है। @बब्बर हैंडल से दिलजीत दोसांझ को खालिस्तानी धमकाता हुआ। खालिस्तानी ने वीडियो में ये धमकी दी… यह थापी पंथ को मारी है: खालिस्तानी हैंडल @बब्बर से शेयर वीडियो में खालिस्तानी ने कहा- दिलजीत ने जो थापी अपने शो में मारी है वह हमें नहीं सिख पंथ को मारी है। इससे पहले ऐसा ही अहंकार गुरदास मान और बब्बू मान को हुआ था। इसके बाद क्या हुआ, सब जानते हैं। अब माफियां मांगते हैं। दिलजीत का भी अहंकार इसी तरह निकालेंगे और इस थापी का जवाब देंगे। अमिताभ बच्चन के पांव क्यों छुए: खालिस्तानी ने कहा कि दिलजीत ने इससे पहले केबीसी (कौन बनेगा करोड़पति) शो में अमिताभ बच्चने के पैर छूकर गलत किया। हालांकि, दिलजीत इस मसले पर कह चुके हैं कि वह अमिताभ के शो में पंजाबियों और बाढ़ पीड़ितों के लिए फंड जुटाने गए थे, न कि अपने प्रमोशन के लिए। चमकीला को जानबूझकर बच्चे-बच्चे तक पहुंचाया: खालिस्तानी ने दिवंगत पंजाबी सिंगर अमरजीत चमकीला को लेकर बनाई गई फिल्म को लेकर भी दिलजीत दोसांझ को धमकाया। खालिस्तानी ने कहा कि जिस चमकीला का पंजाब से नाम मिटा दिया गया था, उसे दिलजीत ने फिर से बच्चे-बच्चे तक पहुंचा दिया। दिलजीत बोले- मैं तो बीच में फंस गया दिलजीत ने खालिस्तानी झंडे दिखाने को लेकर हुए विवाद पर 2 मई को एडमंटन (कनाडा) में शो के दौरान कहा- मैं तो बीच में फंस गया हूं। भारत जाता हूं तो वहां कई लोग कहते हैं कि खालिस्तानी आ गया। जब मैं विदेश में आता हूं तो ये कहते हैं कि भारत का बंदा आ गया। ऐसे में मैं क्या करूं? कभी-कभी मुझे लगता है कि मैं सही रास्ते पर चल रहा हूं। अमिताभ बच्चन के पैर छूने पर भी खालिस्तानियों ने खड़ी की थी कंट्रोवर्सी। जानें क्या है पूरा विवाद… 30 अप्रैल को खालिस्तानियों ने दिखाए झंडे: पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर दिलजीत दोसांझ को ऑरा वर्ल्ड टूर के दौरान कनाडा के कैलगरी में शो के दौरान खालिस्तानियों ने झंडे दिखाए। इस पर दिलजीत दिलजीत भड़क गए और पोस्टर दिखा रहे खालिस्तानी समर्थकों को स्टेज से ही जवाब दिया। अपने किसी शो में दिलजीत पहली बार इतने गुस्से में दिखे। दिलजीत ने सिद्धू मूसेवाला स्टाइल में अपनी जांघ पर थापी देते हुए कहा कि जिसने आना है, मैदान में आ जाए। मैं उठाकर बाहर फेंकूंगा। इससे खालिस्तानी भड़क गए और दिलजीत के खिलाफ ट्रोलिंग शुरू कर दी। दिलजीत बोले- हर प्लेटफॉर्म पर करता हूं पंजाब की बात: 30 अप्रैल को शो के दौरान दिलजीत ने कहा कि वह जिस भी प्लेटफॉर्म पर जाते हैं, चाहे वह राष्ट्रीय हो या अंतरराष्ट्रीय, वे हमेशा पंजाब की बात करते हैं। टीवी चैनलों पर जाकर अपनी किसी फिल्म या गानों का प्रचार नहीं किया, बल्कि केवल पंजाब के मुद्दों को उठाने के लिए वहां गए। दिलजीत ने बताया कि वह बाढ़ पीड़ितों की मदद करने के लिए 6 महीने तक जमीन पर रहे। इसके लिए उन्होंने अपना ऑस्ट्रेलिया का टूर तक मिस कर दिया। विरोध करना है तो शौक से करें: दिलजीत ने कहा कि जब उन्हें नेशनल मीडिया ने मौका दिया कि वह पंजाब की बात रखेंगे तभी वह वहां गए ताकि पूरे भारत के लोगों तक अपनी बात पहुंचा सकें। दिलजीत ने कड़े शब्दों में कहा कि अगर पंजाब की बात करने के कारण कोई उनका विरोध करना चाहता है, तो वह शौक से करे। वह इसके लिए तैयार हैं। रोज झंडे दिखाएं, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता: दिलजीत ने कहा कि अगर कोई उनके पंजाब प्रेम के कारण उन्हें झंडे दिखाना चाहता है, तो वे रोज दिखाएं। उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके कॉन्सर्ट में बुजुर्ग और बच्चे भी आते हैं। अगर कोई वहां आकर माहौल खराब करेगा या हंगामा करेगा, तो उसे तुरंत बाहर निकाल दिया जाएगा। शो में विरोध बर्दाश्त नहीं करूंगा: सरे में शो के दौरान हुए हंगामे का जिक्र करते हुए दिलजीत ने साफ कर दिया कि वह वेन्यू पर किसी भी तरह की अनुशासनहीनता या बाधा को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनका काम किसी को खुश करना नहीं, बल्कि अपने लोगों की सेवा करना है। ॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… दिलजीत दोसांझ ने खालिस्तानियों को भगाया:अमेरिका में शो के दौरान मूसेवाला स्टाइल में थापी मारी, बोले- भागो वर्ना उठाकर बाहर मारूंगा पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर दिलजीत दोसांझ ऑरा वर्ल्ड टूर के दौरान अमेरिका के कैलगरी में शो में खालिस्तानियों पर भड़क गए। दिलजीत ने पोस्टर दिखा रहे खालिस्तानी समर्थकों को स्टेज से ही जवाब दिया। अपने किसी शो में दिलजीत पहली बार इतने गुस्से में दिखे। पढ़ें पूरी खबर…