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खालिस्तान समर्थक ने भारतीय उच्चायुक्त का काफिला रोका:गाड़ी के सामने तिरंगा फाड़ा, पैरों से रौंदने की कोशिश; कनाडा पुलिस ने खदेड़ा

खालिस्तान समर्थक ने भारतीय उच्चायुक्त का काफिला रोका:गाड़ी के सामने तिरंगा फाड़ा, पैरों से रौंदने की कोशिश; कनाडा पुलिस ने खदेड़ा

कनाडा में एक बार फिर खालिस्तान समर्थकों ने भारत विरोधी हरकत की है। प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) से जुड़े खालिस्तानी कार्यकर्ता इंदरजीत सिंह गोसल ने कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक का काफिला रोक दिया। इतना ही नहीं, खालिस्तानी समर्थक ने पुलिस घेरा तोड़कर उनके सामने भारतीय तिरंगे को फाड़ दिया और उसे पैरों तले रौंदने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने भारत विरोधी नारे लगाए। साथ ही उसने आरोप लगाया कि पटनायक ने उसकी हत्या की सुपारी दी है। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें खालिस्तानी समर्थक की पूरी हरकत दिख रही है। इस घटना के बाद कनाडा सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। वैंकूवर में घटना, कार्यक्रम में जा रहे थे उच्चायुक्त यह घटना 26 मई को तब हुई जब वैंकूवर में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक काफिला के साथ एक कार्यक्रम में जा रहे थे। उनके कार्यक्रम की जानकारी खालिस्तानियों को पहले से थी, इसलिए वे प्रदर्शन करने के लिए पहले ही जमा हो गए थे। जैसे ही उन्होंने उच्चायुक्त के काफिले को देखा तो इनमें से एक इंदरजीत सिंह गोसल सुरक्षा घेरा तोड़कर गाड़ियों के सामने आ गया। भारत विरोधी नारेबाजी की गई उच्चायुक्त पटनायक की गाड़ी के सामने खड़े होकर गोसल ने भारतीय ध्वज को फाड़ दिया और उसे पैरों तले रौंदने की कोशिश की। इस दौरान वहां मौजूद भीड़ ने भारतीय आतंकवादी वापस जाओ के भड़काऊ नारे लगाए। प्रदर्शनकारी लगातार हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का मुद्दा उठा रहे थे और चिल्ला रहे थे कि निज्जर को किसने मारा? भारतीय सरकार ने। गोसल ने उच्चायुक्त पर सुपारी देने का आरोप लगाया इंदरजीत सिंह गोसल वही शख्स है जिसे कनाडाई पुलिस ने हाल ही में थ्रेट टू लाइफ के तहत गवाह सुरक्षा की पेशकश की थी। तिरंगा फाड़ने के बाद अपने कृत्य को सही ठहराते हुए गोसल ने एक गंभीर आरोप लगाया। उसने कहा कि उसने भारतीय झंडा इसलिए फाड़ा क्योंकि पटनायक ने उसे जान से मारने के लिए किसी को 50,000 डॉलर की सुपारी दी थी। कनाडाई सरकार का कोई रिएक्शन नहीं इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारतीय समुदाय और राजनयिक हलकों में भारी आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि एक देश के शीर्ष राजनयिक को कनाडाई धरती पर न्यूनतम सुरक्षा भी क्यों नहीं मिल पा रही है? कनाडाई पुलिस की मौजूदगी में एक चरमपंथी सुरक्षा घेरा तोड़कर उच्चायुक्त की गाड़ी तक कैसे पहुंच गया? उच्चायुक्त के इंटरव्यू पर मचा बवाल मंगलवार को ही कनाडा के एक मीडिया प्लेटफॉर्म द ग्लोब एंड मेल ने एक कथित इंटरव्यू पब्लिश किया, जिसमें दावा किया गया कि भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने कनाडा सरकार को चैलेंज किया है। इसमें कहा गया कि पटनायक ने कनाडाई धरती पर अपराधों में भारत सरकार की संलिप्तता के दावों को खारिज किया। साथ ही उन्होंने निज्जर केस से जुड़े आरोपों को कोरी कल्पना करार देते हुए कहा कि कनाडा की खुफिया एजेंसी खालिस्तानी अलगाववादियों के प्रभाव में आ चुकी है। पटनायक ने आरोप लगाया कि कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (CSIS) के कुछ हिस्से कनाडा से काम कर रहे खालिस्तानी अलगाववादी समूहों के प्रभाव में हैं। हालांकि, बाद में उच्चायुक्त ने आर्टिकल के ये दावे खारिज कर दिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा- आज ‘ग्लोब एंड मेल’ के लेख में लगाए गए आरोपों से मैं निराश हूं। भारत ने कनाडा की कानून प्रवर्तन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ, खासकर पिछले एक साल में, बहुत अच्छा सहयोग बनाया है। हमें कनाडा की संस्थाओं पर पूरा भरोसा है और हम इन भ्रामक आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हैं। कनाडा सरकार ने पलटवार किया कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री गैरी आनंदसंगारी ने भारतीय दूत के दावों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि CSIS के कॉम्प्रोमाइज्ड होने का दावा झूठा है और यह कनाडाई सुरक्षाकर्मियों के काम को कमतर आंकता है। सिख फॉर जस्टिस और इसके समर्थक गोसल के बारे में जानिए… गुरपतवंत सिंह पन्नू ने बनाया संगठन सिख फॉर जस्टिस अमेरिका आधारित एक चरमपंथी और अलगाववादी संगठन है, जो भारत के पंजाब राज्य को अलग कर खालिस्तान नामक एक स्वतंत्र देश बनाने की वकालत करता है। भारत सरकार ने इसे देश की संप्रभुता और अखंडता के लिए खतरा मानते हुए एक गैरकानूनी और आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है। इस संगठन की शुरुआत वर्ष 2009 में अमेरिका में हुई थी। इसका मुख्य संचालक गुरपतवंत सिंह पन्नू है, जो पेशे से वकील है और अमेरिका-कनाडा की दोहरी नागरिकता रखता है। भारत सरकार ने पन्नू को व्यक्तिगत रूप से भी आतंकवादी घोषित किया हुआ है। यह संगठन कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में बसे सिख प्रवासियों के बीच कथित खालिस्तान के समर्थन के लिए गैर-बाध्यकारी जनमत संग्रह कराता रहता है। हालांकि, इन आयोजनों की कोई कानूनी या कूटनीतिक मान्यता नहीं होती। SFJ सोशल मीडिया से पंजाब के युवाओं को भड़काने और कट्टरपंथी बनाने का प्रयास करता है। खालिस्तान समर्थक है इंदरजीत सिंह गोसल इंदरजीत सिंह गोसल कनाडा में सक्रिय एक प्रमुख खालिस्तान समर्थक और चरमपंथी है। वह भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित संगठन SFJ का मुख्य कनाडाई समन्वयक और आयोजक है। उसे घोषित आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू का बेहद करीबी और राइट हैंड माना जाता है। जून 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया में खालिस्तानी चरमपंथी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद, गोसल ने कनाडा में SFJ के संचालन और कमान की मुख्य जिम्मेदारी संभाली। वह कनाडा में कथित खालिस्तान जनमत संग्रह आयोजित कराने का मुख्य चेहरा बन गया। वह पन्नू के निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) के रूप में भी काम कर चुका है। नवंबर 2024 में कनाडा के ब्रैम्पटन में एक हिंदू मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं पर हुए हिंसक हमले और विरोध प्रदर्शनों में गोसल मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल था। कनाडाई पुलिस (पील रीजनल पुलिस) ने हिंदू-कनाडाई नागरिकों को डराने-धमकाने और हिंसा फैलाने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में वह शर्तों पर रिहा हो गया। सितंबर 2025 में ओंटारियो पुलिस ने गोसल को उसके साथियों के साथ बिना लाइसेंस के अवैध हथियार रखने के आरोप में दोबारा गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और उनके कनाडाई समकक्ष के बीच हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक के ठीक बाद हुई थी, जिसे भारत के कूटनीतिक दबाव का असर माना गया। हालांकि, इसके कुछ ही समय बाद उसे कनाडाई अदालत से जमानत मिल गई। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… कनाडा में नवजन्मा बच्चा जंगल में फेंका, पंजाबी दंपती गिरफ्तार कनाडा में जन्म के बाद बच्चा जंगल में मिली तो पुलिस ने पंजाबी दंपती को गिरफ्तार कर लिया। इसका खुलासा तब हुआ, जब बच्चे को जन्म देने के बाद महिला गंभीर हालत में अस्पताल पहुंची। यहां डॉक्टरों को पता चल गया कि बच्चा गायब है। पढ़ें पूरी खबर…

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खालिस्तान समर्थक ने भारतीय उच्चायुक्त का काफिला रोका:गाड़ी के सामने तिरंगा फाड़ा, पैरों से रौंदने की कोशिश; कनाडा पुलिस ने खदेड़ा

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कनाडा में एक बार फिर खालिस्तान समर्थकों ने भारत विरोधी हरकत की है। प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) से जुड़े खालिस्तानी कार्यकर्ता इंदरजीत सिंह गोसल ने कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक का काफिला रोक दिया। इतना ही नहीं, खालिस्तानी समर्थक ने पुलिस घेरा तोड़कर उनके सामने भारतीय तिरंगे को फाड़ दिया और उसे पैरों तले रौंदने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने भारत विरोधी नारे लगाए। साथ ही उसने आरोप लगाया कि पटनायक ने उसकी हत्या की सुपारी दी है। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें खालिस्तानी समर्थक की पूरी हरकत दिख रही है। इस घटना के बाद कनाडा सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। वैंकूवर में घटना, कार्यक्रम में जा रहे थे उच्चायुक्त यह घटना 26 मई को तब हुई जब वैंकूवर में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक काफिला के साथ एक कार्यक्रम में जा रहे थे। उनके कार्यक्रम की जानकारी खालिस्तानियों को पहले से थी, इसलिए वे प्रदर्शन करने के लिए पहले ही जमा हो गए थे। जैसे ही उन्होंने उच्चायुक्त के काफिले को देखा तो इनमें से एक इंदरजीत सिंह गोसल सुरक्षा घेरा तोड़कर गाड़ियों के सामने आ गया। भारत विरोधी नारेबाजी की गई उच्चायुक्त पटनायक की गाड़ी के सामने खड़े होकर गोसल ने भारतीय ध्वज को फाड़ दिया और उसे पैरों तले रौंदने की कोशिश की। इस दौरान वहां मौजूद भीड़ ने भारतीय आतंकवादी वापस जाओ के भड़काऊ नारे लगाए। प्रदर्शनकारी लगातार हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का मुद्दा उठा रहे थे और चिल्ला रहे थे कि निज्जर को किसने मारा? 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