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गोंद जैसा दिखने वाला ये देसी फल है पोषण का पावरहाउस, अचार से लेकर सेहत तक हर चीज में है सुपरहिट

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Last Updated:May 11, 2026, 23:08 IST लसोड़ा एक ऐसा देसी फल है, जिसे गांवों में सालों से अचार और सब्जी के रूप में खाया जाता रहा है. दिखने में साधारण लगने वाला यह छोटा-सा फल पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है और आयुर्वेद में भी इसका खास महत्व बताया गया है. यही वजह है कि अब लोग फिर से इस पारंपरिक फल की तरफ ध्यान देने लगे हैं. ख़बरें फटाफट गांव-कस्बों में पाए जाने वाला लसोड़ा एक ऐसा फल है, जिसे आज की नई पीढ़ी धीरे-धीरे भूलती जा रही है. हालांकि पुराने समय में यह लोगों की रसोई और घरेलू नुस्खों का अहम हिस्सा माना जाता था. लसोड़ा का पेड़ गर्म और सूखे इलाकों में आसानी से उग जाता है और ज्यादा देखभाल की जरूरत भी नहीं पड़ती. इसे कई जगहों पर “इंडियन चेरी” के नाम से भी जाना जाता है. इसका फल आकार में छोटा होता है, लेकिन स्वाद और पोषण के मामले में काफी खास माना जाता है. खासकर ग्रामीण इलाकों में लोग इसका अचार, सब्जी और कई पारंपरिक व्यंजनों में इस्तेमाल करते आए हैं. स्वाद के साथ सेहत का भी खजानालसोड़ा देखने में भले साधारण लगे, लेकिन इसमें कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार इसमें फाइबर, कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस और जिंक जैसे तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. यही वजह है कि पुराने समय में लोग इसे सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि सेहत को बेहतर रखने के लिए भी अपनी डाइट का हिस्सा बनाते थे. इसका कच्चा फल हल्का कसैला और चिपचिपा होता है, जबकि पकने के बाद इसमें हल्की मिठास आ जाती है. गांवों में आज भी कई घरों में इसका अचार बड़े चाव से खाया जाता है. वहीं कुछ जगहों पर इसकी मसालेदार सब्जी भी बनाई जाती है, जिसका स्वाद काफी अलग माना जाता है. पाचन के लिए क्यों माना जाता है अच्छा?लसोड़ा को पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद फाइबर पेट को साफ रखने और पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. यही वजह है कि जिन लोगों को कब्ज या पेट से जुड़ी समस्याएं रहती हैं, उनके लिए इसे उपयोगी माना जाता है. ग्रामीण इलाकों में पुराने समय से लोग इसे खाने के साथ-साथ घरेलू उपायों में भी इस्तेमाल करते रहे हैं. माना जाता है कि यह शरीर को अंदर से ताकत देने और कमजोरी कम करने में मदद कर सकता है. आयुर्वेद में भी बताया गया खासआयुर्वेद में लसोड़ा के फल, पत्तियों और बीजों तक का उपयोग बताया गया है. कई जगहों पर इसकी पत्तियों का इस्तेमाल सूजन और त्वचा संबंधी समस्याओं में भी किया जाता रहा है. वहीं कुछ लोग इसके गूदे को पारंपरिक घरेलू नुस्खों में शामिल करते हैं. हालांकि हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि किसी भी चीज का औषधि की तरह इस्तेमाल बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं करना चाहिए. हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, इसलिए किसी भी आयुर्वेदिक उपयोग से पहले योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी माना जाता है. गांवों से शहरों तक फिर बढ़ रही लोकप्रियताएक समय था जब लसोड़ा लगभग हर गांव में आसानी से मिल जाता था, लेकिन अब शहरों में बहुत कम लोग इसके बारे में जानते हैं. हालांकि पिछले कुछ वर्षों में पारंपरिक और देसी फूड्स की बढ़ती लोकप्रियता के कारण लोग फिर से ऐसे फलों की तरफ ध्यान देने लगे हैं. कई लोग अब ऑर्गेनिक और देसी खानपान को अपनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें लसोड़ा जैसे पारंपरिक फल भी शामिल हो रहे हैं. खासतौर पर इसका अचार आज भी कई लोगों की पसंद बना हुआ है. छोटा फल, बड़े फायदेलसोड़ा भले ही दिखने में साधारण लगे, लेकिन इसके अंदर पोषण और पारंपरिक स्वाद दोनों छिपे हैं. गांवों में सालों से इस्तेमाल होने वाला यह फल आज भी लोगों की थाली और घरेलू परंपराओं का हिस्सा बना हुआ है. सही मात्रा और सही तरीके से सेवन करने पर यह शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व देने में मदद कर सकता है. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi

सेहत का खजाना ये जंगली फल, पेट से लेकर हड्डियों तक के लिए फायदेमंद, इंडियन चेरी के नाम से फेमस

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Last Updated:May 10, 2026, 23:08 IST Lasoda Health Benefits: लसोड़ा एक ऐसा फल है जो स्वाद और सेहत दोनों के लिए अच्छा माना जाता है. इसे इंडियन चेरी भी कहा जाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर नियमित रूप से लसोड़े का सेवन किया जाए, तो शरीर को प्राकृतिक रूप से कई जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं. ख़बरें फटाफट आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग जल्दी बनने वाले खाने को ज्यादा पसंद करने लगे हैं. फास्ट फूड और पैकेट वाले खाद्य पदार्थ भले ही स्वादिष्ट लगते हों, लेकिन ये सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. इसके बावजूद लोग इनका खूब सेवन करते हैं. वहीं, प्रकृति ने हमें कई ऐसे फल और सब्जियां दी हैं जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होती हैं. इन्हीं में से एक है लसोड़ा, जिसे गोंदी या इंडियन चेरी भी कहा जाता है. बिहार के वन एवं पर्यावरण विभाग ने भी इसके फायदों के बारे में जानकारी दी है. यह एक तेजी से बढ़ने वाला पेड़ होता है, जिसकी ऊंचाई लगभग 10 से 20 मीटर तक हो सकती है. इसका वैज्ञानिक नाम कॉर्डिया डाइकोटोमा है. इस पेड़ के फल, पत्ते और बीज सभी औषधीय गुणों से भरपूर माने जाते हैं. लसोड़े के फायदे लसोड़े में कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसमें प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन और जिंक अच्छी मात्रा में मौजूद होते हैं. यही कारण है कि इसे सेहत के लिए काफी लाभकारी माना जाता है. – पका हुआ लसोड़ा खाने में मीठा और स्वादिष्ट लगता है. वहीं, कच्चे लसोड़े का इस्तेमाल कई तरह से किया जाता है. गांवों में इसकी सब्जी बनाई जाती है और इसका अचार भी काफी पसंद किया जाता है. इसके अलावा कच्चे फल के गूदे का उपयोग गोंद की तरह भी किया जाता है. – लसोड़ा शरीर को कई स्वास्थ्य लाभ देता है. इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता है. इसका सेवन करने से कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है. जिन लोगों को पेट से जुड़ी दिक्कतें रहती हैं, उनके लिए यह फल फायदेमंद माना जाता है. – इसके अलावा लसोड़े में आयरन अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर में खून की कमी को दूर करने में मदद करता है. एनीमिया से परेशान लोगों के लिए इसका सेवन लाभकारी हो सकता है. इसमें मौजूद कैल्शियम और फॉस्फोरस हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं. – लसोड़े में एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद करते हैं. इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी मजबूत होती है. आयुर्वेद में भी इसके पत्तों और बीजों का इस्तेमाल कई घरेलू उपचारों में किया जाता है. सेवन का तरीकागर्मियों के मौसम में लसोड़ा आसानी से बाजार में मिल जाता है. इसे ताजा फल के रूप में खाया जा सकता है. इसके अलावा लोग इसका अचार, चटनी और सब्जी बनाकर भी खाते हैं. स्वाद के साथ-साथ यह शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद करता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.