उमरिया में मधुमक्खियों ने किसान पर किया हमला, मौत:खेत में गेहूं काटने के लिए गए थे बुजुर्ग, बोझा बांधते समय हादसा

उमरिया के इंदवार थाना क्षेत्र के पनपथा गांव में मधुमक्खियों के हमले से एक बुजुर्ग किसान की मौत हो गई। वे खेत में गेहूं कटाई का काम कर रहा था। मृतक की पहचान गोविंद जायसवाल (65) के रूप में हुई है। वे अपने घर से कुछ दूरी पर स्थित सोसायटी के पास खेत में गेहूं कटाई के बाद बोझा बांध रहे थे। मधुमक्खियों के हमले से किसान की हुई मौत इसी दौरान खेत के पास एक बरगद के पेड़ पर लगे मधुमक्खियों के बड़े छत्ते से अचानक झुंड बाहर निकला और गोविंद जायसवाल पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों ने उनके पूरे शरीर को घेर लिया। मधुमक्खियों के लगातार डंक मारने से उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। ग्राम पंचायत पनपथा के सरपंच मूलचंद ने बताया कि यह हादसा गेहूं कटाई के बाद बोझा बांधते समय हुआ।
15 किसानों को 40 लाख की चपत लगाकर व्यापारी फरार:MSP से ज्यादा दाम का लालच; 1 महीने की उधारी पर गेहूं-चना खरीदकर परिवार समेत भागा

पिपलोद थाना क्षेत्र के ग्राम जलकुआं (सिंगोट) में 15 किसानों को सरकारी खरीदी से ज्यादा भाव का लालच देकर 40 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। गांव का ही व्यापारी एक महीने की उधारी में किसानों से गेहूं और चना खरीदकर अपने परिवार समेत फरार हो गया है। वर्तमान में किसान दौलतसिंह राजपूत सहित अन्य किसानों की शिकायत पर पिपलोद पुलिस ने आरोपी व्यापारी शंकर बलाही के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और पिछले 21 दिनों से गायब आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। 40 लाख की उपज खरीदी, पिकअप-गाड़ियां लेकर फरार जलकुआं निवासी किसान दौलतसिंह ने बताया कि उन्होंने 80 क्विंटल चना और 90 क्विंटल गेहूं मंडी में बेचने की बजाय व्यापारी शंकर को बेचा था। शंकर ने सरकारी खरीदी से भी ज्यादा भाव लगाते हुए गेहूं 2700 रुपए और चना 6500 रुपए प्रति क्विंटल में खरीदा था। उपज का पैसा एक महीने के भीतर देने की बात तय हुई थी। दौलतसिंह के अलावा गांव के 15 अन्य किसानों ने भी शंकर को ही अपनी उपज बेची थी। सभी किसानों का कुल हिसाब-किताब करीब 40 लाख रुपए का है। उपज खरीदने के बाद आरोपी अपनी पिकअप गाड़ियां और परिवार लेकर गांव से गायब हो गया है। 3 साल से कर रहा था खरीदी, भरोसा जीतकर दिया धोखा किसानों ने बताया कि शंकर गांव का ही रहने वाला है, इसलिए उन्होंने उस पर भरोसा किया। गांव में शंकर की किराना व साड़ी की दुकान है और उसके पास पिकअप गाड़ियां हैं। वह पिछले 3 सालों से अनाज खरीदी का काम करता आ रहा था। पहले वह किसानों से एक महीने का वक्त लेता था और तय समय पर पूरा पैसा चुकता कर देता था, जिससे उस पर किसानों का भरोसा बढ़ गया था। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए उसने इस बार धोखा दिया। पिछले 21 दिनों से किसान शंकर की तलाश में जुटे थे, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर अब उन्होंने पुलिस की शरण ली है।
एक किलोमीटर दूर से ला रहे पीने का पानी:पन्ना के रहुनियां गांव में नल-जल योजना फेल, पाइप बिछाए, लेकिन सप्लाई नहीं

पन्ना के ग्राम पंचायत रहुनियां में ग्रामीण जल संकट का सामना कर रहे हैं। यहां के हैंडपंपों से सफेद पानी की जगह लाल रंग का पानी निकल रहा है, जो पीने या कपड़े धोने लायक नहीं है। ग्रामवासी कमल सिंह ने बताया कि पीएचई विभाग द्वारा गांव में पांच हैंडपंप लगाए गए हैं, लेकिन वे ग्रामीणों की प्यास बुझाने में असमर्थ हैं। इन हैंडपंपों से निकलने वाला पानी कुछ ही देर में लाल हो जाता है। सपना बाई नामक ग्रामीण ने बताया कि यह पानी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और कपड़ों को भी खराब कर रहा है। सरकारी हैंडपंपों के अनुपयोगी होने के कारण ग्रामीणों को निजी खेतों में बने कुओं का सहारा लेना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में महिलाएं सिर पर बर्तन रखकर लगभग एक किलोमीटर दूर से पीने का पानी लाने को विवश हैं। ग्रामवासी पप्पू सिंह के अनुसार माध्यमिक शाला में भी पानी की गंभीर समस्या है। यहां लगा हैंडपंप कई साल से खराब है। जल जीवन मिशन के तहत बिछाई गई पाइपलाइन की मोटर भी खराब हो चुकी है, जिससे स्कूल में पानी की आपूर्ति बाधित है। गांव में एक जल टंकी का निर्माण किया गया है, लेकिन यह केवल ढांचा बनकर रह गई है। इसमें न तो पाइपलाइन बिछाई गई है, न नल कनेक्शन दिए गए हैं और न ही पानी के मुख्य स्रोत से इसे जोड़ा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन की योजनाएं रहुनियां में प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो पाई हैं। मामले में जगदीश आदिवासी, पंचायत सहायक सचिव, रहुनियां से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पंचायत का एक सार्वजनिक कुआं है पर पानी कम है। हैंडपंपों के लाल पानी की जांच पीएचई से कराई जाएगी। टंकी बन चुकी है, जल्द ही योजना पूरी होगी और समस्या खत्म हो जाएगी।
मक्सी में सड़क हादसा, दो युवक घायल:तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित हुई, सड़क की दरार में फंसी

शाजापुर जिले के मक्सी क्षेत्र में शनिवार रात करीब 9 बजे एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल शाजापुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद एक युवक को इंदौर रेफर कर दिया गया। दूसरे युवक का इलाज शाजापुर में ही चल रहा है। दोनों घायल युवक शाजापुर के निवासी हैं। वे शनिवार को मोबाइल खरीदने के लिए इंदौर गए थे और वापस लौट रहे थे। मक्सी के पास लौटते समय, सड़क के बीच बनी एक दरार में उनकी बाइक का पहिया फंस गया। इसके कारण बाइक अनियंत्रित हो गई और दोनों युवक सड़क पर गिरकर घायल हो गए। हादसे में बाइक चला रहे बलराम को सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके कारण उन्हें इंदौर रेफर किया गया है। दूसरे युवक गणेश को अपेक्षाकृत कम चोटें आई हैं और उनका इलाज शाजापुर जिला अस्पताल में जारी है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों की मदद की और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। इस दुर्घटना के बाद सड़क की खराब स्थिति को लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी भी देखी जा रही है।
मंदसौर में यू-टर्न लेते समय पलटी कार, चालक सुरक्षित:रास्ता भटकने के बाद वापस मोड़ते समय हादसा, लोगों ने मिलकर वाहन को सीधा किया

मंदसौर शहर के वायडी नगर थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक कार अनियंत्रित होकर पलट गई। यह हादसा महू-नीमच हाईवे स्थित जैन कॉलेज के सामने रात करीब 12:00 बजे हुआ, जब एक टोयोटा ग्लांजा कार (क्रमांक RJ 17 CB 6995) अचानक संतुलन खो बैठी। जानकारी के अनुसार, कार में केवल एक व्यक्ति सवार था, जिसकी पहचान लोकेश राठौर निवासी भवानी मंडी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि लोकेश भवानी मंडी से मंदसौर आए थे और उन्हें रामटेकरी की ओर जाना था, लेकिन रास्ता भटक जाने के कारण वे आगे निकल गए। जब लोकेश को अपनी गलती का अहसास हुआ, तो उन्होंने कार को यू-टर्न करने का प्रयास किया। इसी दौरान तेज रफ्तार के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया और डिवाइडर से टकराकर सड़क के बीचों-बीच पलट गया। घटना के तुरंत बाद वायडी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से पलटी हुई कार को सीधा कर साइड में किया गया, जिससे यातायात बाधित नहीं हुआ। पुलिस ने चालक लोकेश को थाने लाकर कागज़ी कार्रवाई शुरू की है। शराब के नशे में होने की आशंका हादसे में चालक को कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह शराब के नशे में प्रतीत हो रहा था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और चालक के मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
पुलिस आरक्षक-अधिवक्ता का हुआ विवाद:दोनों में मारपीट का CCTV, वकील का आरोप- पुलिस नहीं दर्ज हो रही है FIR

जबलपुर में मामूली विवाद को लेकर जिला न्यायालय के अधिवक्ता और पुलिस आरक्षक के बीच जमकर लड़ाई हुई। हंगामा होते देख आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए और लड़ाई को शांत करवाया। जानकारी लगते ही अधिवक्ता के साथी मौके पर पहुंचे और फिर थोड़ी देर बाद सिविल लाइन थाने पहुंचकर पुलिस आरक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इधर, पुलिस आरक्षक ने भी अधिवक्ता पर मारपीट का आरोप लगाया है। जानकारी लगते ही पुलिस अधिकारी थाने पहुंचे और घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। मामला सिविल लाइन स्थित समीक्षा टाउन का है, जहां शनिवार रात को बच्चों के बीच हुए विवाद पर बड़े आमने-सामने आ गए। विवाद और मारपीट का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। रात तीन घंटे तक थाने में वह बैठे रहे जिला न्यायालय में पैरवी करने वाले पकंज कुमार शर्मा का कहना है कि शनिवार शाम को कैंपस में बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान उनकी किसी बात को लेकर लड़ाई हो गई। बच्चों की आवाज सुनने के बाद पकंज और पुलिस आरक्षक साकेत तिवारी जो कि मदनमहल थाने मे पदस्थ है, वह भी बाहर निकल आया, जिसके बाद दोनों के बीच जमकर हाथापाई हुई। अधिवक्ता का आरोप है कि पुलिस आरक्षक साकेत तिवारी जो कि पड़ोस में ही प्रकाश सराठे के घर पर किराए से रहते हैं, उन्होंने मामूली बात पर उके साथ मारपीट की है। अधिवक्ता का कहना है कि रात तीन घंटे तक थाने में वह बैठे रहे, पर उनकी तरफ से एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। गाली-गलौच करते हुए मारपीट करना शुरू कर दिया पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि विवाद शाम करीब साढ़े 6 बजे हुआ था। अचानक ही पुलिस आरक्षक साकेत तिवारी सामने आया और गाली-गलौच करते हुए मारपीट करना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने बचाने की कोशिश की, इसके बाद भी वह मारता रहा। अधिवक्ता का कहना है कि जब वह शिकायत दर्ज कराने के लिए सिविल लाइन थाने पहुंचा, तो वहां पर मौजूद पुलिसकर्मीयों ने एफआईआर ना दर्ज करते हुए समझौता करने का दवाब बनाया। उनका कहना है कि थाने में जो पुलिसकर्मी की ड्यूटी एफआईआर करने की होती है, उसे भी वहां से इसलिए अलग कर दिया गया कि वह शिकायत ना लिख सके। अधिवक्ता पकंज कुमार शर्मा की और से पुलिस को सीसीटीवी भी सौंपे गए है। जिसमें कि विवाद हो रहा है। अधिवक्ता के साथ मारपीट की जानकारी लगते ही उनके साथी भी सिविल लाइन थाने पहुंच गए। सीएसपी सोनू कुर्मी का का कहना है कि दोनों और से शिकायत दी गई है। घटना के सीसीटीवी फुटेज भी मिले है। जांच करवाई जा रही है।
MP High Court Nursing Recruitment Contradiction

मप्र हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने नर्सिंग ऑफिसर और सिस्टर ट्यूटर पदों की भर्ती से जुड़ी याचिका पर महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित किया है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया पाया कि भर्ती विज्ञापन में स्पष्ट विरोधाभास है, जिससे प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण प्रतीत होती है। . जस्टिस जय कुमार पिल्लई ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं को नर्सिंग ऑफिसर और सिस्टर ट्यूटर श्रेणी में आवेदन करने की अनुमति दी जाए और संबंधित विभाग उनके आवेदन स्वीकार करे। साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इन पदों पर होने वाला कोई भी चयन अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि विज्ञापन के एक भाग में पुरुष और महिला दोनों अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जबकि अन्य भाग में आरक्षण संबंधी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। इस विरोधाभास को देखते हुए कोर्ट ने अंतरिम राहत प्रदान की। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि यदि ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा होती है, तो याचिकाकर्ताओं के आवेदन ऑफलाइन माध्यम से भी स्वीकार किए जाएं। प्रकरण में प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए चार हफ्ते जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नियत समय में जवाब प्रस्तुत नहीं होने की स्थिति में याचिका स्वतः निरस्त मानी जाएगी। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट जीतेन्द्र वर्मा ने पैरवी की। ये खबर भी पढ़ें… इंस्टाग्राम चैट प्राइवेट नहीं रहेगी… इंदौर हाईकोर्ट में लगी याचिका मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में 8 मई से समाप्त हो रही इंस्टाग्राम की एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सेवा को लेकर एक जनहित याचिका लगी है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि इससे उपभोक्ता की निजता का हनन हो सकता है।पूरी खबर पढ़ें
बच्चों को बचाने में बाइक फिसली, युवक घायल:डायल-112 ने पहुंचाया अस्पताल, बहुती स्कूल के सामने हादसा

मऊगंज में एक बाइक चालक बच्चों को बचाने के प्रयास में सड़क पर फिसल गया। इस हादसे में चालक घायल हो गया। यह घटना शनिवार रात मऊगंज थाना क्षेत्र में बहुती ग्लोबल स्कूल के सामने हाईवे पर हुई। हनुमना निवासी बाइक चालक शैलेंद्र सिंह मऊगंज से अपने घर लौट रहे थे। बच्चों को बचाने के प्रयास में हादसा अचानक सड़क पर कुछ बच्चे आ गए। बच्चों को बचाने के प्रयास में शैलेंद्र ने अपनी बाइक का संतुलन खो दिया, जिससे बाइक फिसल गई और वे सड़क पर गिरकर घायल हो गए। घायल को अस्पताल भेजा घटना के तुरंत बाद, मौके पर मौजूद लोगों ने डायल-112 को सूचना दी। डायल-112 की टीम ने मौके पर पहुंचकर घायल शैलेंद्र सिंह को प्राथमिक सहायता प्रदान की और उन्हें सिविल अस्पताल मऊगंज पहुंचाया। उनका उपचार अस्पताल में जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यदि चालक समय पर ब्रेक नहीं लगाता, तो बच्चों के साथ गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। पुलिस ने इस मामले की जानकारी ली है और आगे की कार्रवाई कर रही है।
एसपी दिलीप सोनी ने नईगढ़ी थाने का निरीक्षण किया:अवैध कारोबार पर सख्ती, फरार वारंटियों की गिरफ्तारी तेज करने के निर्देश

मऊगंज जिले में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी ने शनिवार रात नईगढ़ी थाने का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने लंबित मामलों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसपी सोनी शनिवार रात करीब 8:30 बजे नईगढ़ी थाना पहुंचे। उन्होंने थाने की कार्यप्रणाली, रिकॉर्ड और लंबित प्रकरणों का गहनता से निरीक्षण किया। इस दौरान सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समय-सीमा के भीतर संतुष्टिपूर्ण निराकरण किया जाए और शिकायतकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित किया जाए। पुलिस अधीक्षक सोनी ने थाना प्रभारी ऋषि कुमार द्विवेदी को फरार वारंटियों की गिरफ्तारी में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित वारंटियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, अवैध कारोबार पर पूर्ण सख्ती बरतने और इसमें शामिल व्यक्तियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान महिला संबंधी अपराधों को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। नाबालिगों की बरामदगी के मामलों में अलग-अलग टीमों के माध्यम से लोकेशन ट्रेस कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही, साइबर टीम की मदद से तकनीकी जानकारी जुटाने पर भी बल दिया गया। एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य आम जनता के बीच विश्वास बढ़ाना और बेहतर कानून-व्यवस्था स्थापित करना है। इसके लिए सभी स्तरों पर सक्रियता बनाए रखना आवश्यक है।
TET परीक्षा के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन:बड़वारा में सीएम के नाम दिया मांग पत्र; नियुक्ति दिनांक से सेवा गणना की मांग

कटनी जिले के बड़वारा तहसील में शनिवार को शिक्षकों ने सरकार की नीतियों के विरुद्ध प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने तहसीलदार ऋषि गौतम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर नवीन संवर्ग के शिक्षकों की सेवा गणना पुरानी तिथि से करने और पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की। प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता की मांग शिक्षकों ने ज्ञापन में मांग की है कि 1 जुलाई 2018 से नियुक्त दिखाए गए अध्यापकों की सेवा अवधि की गणना उनकी वास्तविक ‘प्रथम नियुक्ति दिनांक’ से की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि IFMS पोर्टल पर दर्ज 2018 की तारीख को विलोपित कर पुरानी तिथि दर्ज की जाए, ताकि शिक्षकों को क्रमोन्नति, पदोन्नति, ग्रेच्युटी और पुरानी पेंशन का उचित लाभ मिल सके। पात्रता परीक्षा (TET) के आदेश का विरोध शिक्षकों ने 3 मार्च 2026 को जारी उस आदेश का कड़ा विरोध किया है, जिसमें कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य की गई है। शिक्षकों ने इस आदेश को तत्काल निरस्त करने और सरकार से सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर कर शिक्षकों का पक्ष मजबूती से रखने का आग्रह किया है। 5 लाख शिक्षक परिवारों पर संकट का दावा प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने सरकार को चेतावनी दी है कि परीक्षा की अनिवार्यता के कारण प्रदेश के लगभग 5 लाख शिक्षक परिवार भविष्य को लेकर मानसिक तनाव में हैं। शिक्षकों का तर्क है कि शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों को इस परीक्षा से पूर्णतः छूट दी जानी चाहिए।। उग्र आंदोलन की दी चेतावनी मोर्चा के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने उनकी वाजिब मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया, तो प्रदेश भर के शिक्षक उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे। शिक्षकों ने साफ कहा कि उनकी लड़ाई उनके सम्मान और सुरक्षित भविष्य के लिए है









