भोपाल के अवधपुरी में शराब दुकान का विरोध:रहवासी सड़क पर उतरे; बोले-ठेके की वजह से अपराध बढ़े

भोपाल में शराब दुकानों की शिफ्टिंग के मामले तूल पकड़ रहे हैं। कोलार रोड के मंदाकिनी चौराहे, ईंटखेड़ी और सेमराकलां के बाद अब अवधपुरी में शराब दुकान का विरोध शुरू हो गया है। रविवार शाम 7 बजे कई लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि शराब का ठेका खुलने से इलाके में अपराधिक बढ़ गए हैं। अवधपुरी में ऋषिपुरम् के 80 फीट रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास संचालित शराब दुकान को हटाने की मांग की गई। इसे लेकर ही स्थानीय रहवासियों ने विरोध-प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि दुकान के कारण इलाके का माहौल बिगड़ रहा है और आए दिन आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगता है रहवासी रमन तिवारी ने बताया कि मोहल्ले के लोग लंबे समय से इस दुकान को हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि शराब दुकान के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल बन गया है। रहवासियों ने आरोप लगाया कि यहां से गुजरने वाली महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इसके अलावा झगड़े और अन्य अपराध भी बढ़ गए हैं। जिससे आम लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। पुलिस भी मौके पर पहुंचे लोगों ने करीब एक घंटे तक प्रदर्शन किया। इसके चलते अवधपुरी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। लोगों ने मांग की कि जल्द इस शराब दुकान को हटाया जाए। ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल बहाल हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे और बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस अवसर पर सोहन सिंह राजपूत, सारिका दिवाकर, अरुण सिंह, दिलीप कुमार दिवाकर, कमलेश सोलंकी आदि रहवासी मौजूद थे। कोलार रोड की दुकान को लेकर अफसरों से मिलेंगे लोग कोलार रोड के मंदाकिनी चौराहा स्थित शराब दुकान को लेकर लोग सोमवार को कलेक्टर और आबकारी अधिकारी से मिलेंगे। कोलार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल दुकान हटाने की मांग करेगा। अध्यक्ष राहुल सिंह राठौड़ ने बताया कि जिस जगह पर दुकान शिफ्ट की गई है, उसके ठीक पीछे जैन मंदिर और आसपास रहवासी इलाके हैं। इसके चलते ही लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
रीवा के बेला बायपास पर 3 घंटे तक जाम:कई किलोमीटर रेंगते रहे वाहन, गर्मी में यात्री परेशान हुए; चोरहटा पुलिस नदारद रही

रीवा के बेला बायपास पर रविवार को जाम की समस्या ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। करीब 3 घंटे तक सड़क पर जाम और स्लो मूविंग ट्रैफिक की स्थिति बनी रही, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान छोटे-बड़े सभी वाहन लंबी कतारों में फंसे नजर आए और कई जगहों पर वाहन रेंग-रेंग कर चलते रहे। जानकारी के अनुसार, बायपास पर अचानक बढ़े ट्रैफिक दबाव और अव्यवस्थित डायवर्शन के कारण हालात बिगड़ गए। पुलिया निर्माण कार्य के चलते रास्ता संकरा हो गया है, लेकिन वहां ट्रैफिक को व्यवस्थित करने के लिए कोई ठोस इंतजाम नजर नहीं आया। नतीजतन, कुछ ही देर में जाम की स्थिति बन गई और देखते ही देखते वाहनों की कतार कई किलोमीटर तक पहुंच गई। तेज गर्मी से ज्यादा तकलीफ हुई स्थानीय लोगों का कहना है कि बेला बायपास पर यह समस्या नई नहीं है, लेकिन रविवार को हालात ज्यादा खराब रहे। कई वाहन चालकों ने जल्दी निकलने के चक्कर में गलत दिशा से गाड़ियां निकालनी शुरू कर दीं, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। जाम में फंसे यात्रियों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे, जिन्हें तेज गर्मी और देरी के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ट्रक चालक राजेश पटेल ने बताया कि डायवर्शन काफी संकरा है, जिससे बड़े वाहनों को निकालने में दिक्कत होती है। उन्होंने कहा कि आगे-पीछे से वाहन घुस जाते हैं, जिससे रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो जाता है। उनके अनुसार, मौके पर पुलिस की मौजूदगी नहीं होने से ट्रैफिक कंट्रोल नहीं हो पाता और जाम लंबा खिंच जाता है। कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आया हैरानी की बात यह रही कि चोरहटा थाना की दूरी महज कुछ ही मीटर होने के बावजूद मौके पर कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आया। लोगों का आरोप है कि घंटों तक जाम लगा रहा, लेकिन थाने का कोई भी जवान स्थिति संभालने नहीं पहुंचा। करीब तीन घंटे बाद किसी तरह ट्रैफिक धीरे-धीरे सामान्य हो सका, लेकिन तब तक सैकड़ों लोग परेशान हो चुके थे। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बेला बायपास पर स्थायी ट्रैफिक प्रबंधन की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या से राहत मिल सके।
बकस्वाहा में अधूरा डिवाइडर बना हादसों की वजह:4 महीने से NH पर निर्माण अधूरा; डिवाइडर से टकराकर फंस रहे वाहन

छतरपुर जिले के बकस्वाहा में छतरपुर-दमोह नेशनल हाईवे पर बन रहा डिवाइडर हादसों का कारण बन रहा है। नगर परिषद द्वारा यातायात सुधार के लिए शुरू किया गया यह निर्माण कार्य अधूरा है और सुरक्षा इंतजामों की कमी के चलते लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। छोटी पुलिया से पुराने बस स्टैंड तक लाखों की लागत से बन रहे इस डिवाइडर के कारण अब तक 8 से 10 वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। रविवार सुबह आगरा से जबलपुर जा रहा एक पत्थर से लदा ट्रक डिवाइडर में घुस गया और क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन ट्रक को भारी नुकसान पहुंचा। ट्रक चालक गोविंद कुशवाहा ने बताया कि रात के समय रोशनी की कमी के कारण डिवाइडर स्पष्ट दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि वे सड़क समझकर आगे बढ़ रहे थे, तभी अचानक ट्रक डिवाइडर से टकराकर फंस गया। न तो रेडियम, न ही रिफ्लेक्टर स्थानीय निवासियों के अनुसार, डिवाइडर पर न तो रेडियम, न ही रिफ्लेक्टर और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। सड़क का निर्माण भी पूरी तरह से अधूरा है, जिससे वाहन चालकों को आगे डिवाइडर होने का अनुमान नहीं लग पाता। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष संजय दुबे ने इस स्थिति को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक डिवाइडर आ जाने से दुर्घटनाएं हो रही हैं। दुबे ने इसे ‘मौत का डिवाइडर’ करार देते हुए चेतावनी दी कि किसी भी बड़ी दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद की होगी। इंजीनियर बोले- ठेकेदार को नोटिस जारी करेंगे इस संबंध में तहसीलदार भरत पांडे ने बताया कि डिवाइडर का निर्माण पिछले चार महीनों से अधूरा पड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर काम पूरा नहीं हुआ या इससे यातायात बाधित होता रहा, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं नगर परिषद के सब इंजीनियर श्रीकांत खरे ने बताया कि ठेकेदार को नोटिस जारी कर जल्द कार्य पूर्ण करने, साइन बोर्ड लगाने और सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार हो रहे हादसों के बाद नगरवासियों में आक्रोश है और उन्होंने जल्द समाधान की मांग की है।
अटल बस्ती में 25 लाख से बनी सीसी रोड:नपा अध्यक्ष ने किया निरीक्षण, बोलीं- अब पट्टे देकर पक्के मकान बनवाएंगे

नीमच के किलेश्वर मंदिर रोड स्थित अटल बस्ती की सूरत अब बदलने लगी है। नगर पालिका ने यहां सालों से फैली कीचड़ और गंदगी की समस्या को खत्म करते हुए लगभग 25.50 लाख की लागत से 480 मीटर लंबी सीसी रोड का निर्माण करा दिया है। रविवार को नगरपालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने पार्षदों के साथ मिलकर नई बनी सड़क का जायजा लिया। उन्होंने ठेकेदार को सख्त हिदायत दी कि सड़क की क्वालिटी में कोई कमी नहीं होनी चाहिए, वरना कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बस्ती की हालत देख भावुक हुईं अध्यक्ष निरीक्षण के दौरान स्वाति चोपड़ा पुरानी यादें साझा करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि जब वह पहली बार यहां आई थीं, तो बच्चों को कीचड़ में खेलते देख उन्हें बहुत दुख हुआ था। तभी उन्होंने ठान लिया था कि इस बस्ती का विकास करना ही है। अब यहां न सिर्फ सड़कें बन गई हैं, बल्कि 700 मीटर लंबी नाली का काम भी चल रहा है। पक्के मकान और पट्टों की जगी उम्मीद बस्ती के लोगों ने पानी और बिजली की समस्या भी बताई, जिस पर अध्यक्ष ने जल्द समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि जल्द ही पात्र परिवारों को जमीन के पट्टे दिए जाएंगे। इन पट्टों की मदद से लोग प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ ले सकेंगे। अब झुग्गी-झोपड़ियों की जगह लोग अपने पक्के मकानों में सम्मान के साथ रह पाएंगे। अध्यक्ष ने साफ किया कि अटल बस्ती की तरह शहर की अन्य पिछड़ी बस्तियों में भी इसी तरह बारी-बारी से विकास कार्य किए जाएंगे ताकि कोई भी इलाका सुविधाओं से पीछे न रहे।
दतिया के 25 गांवों में ओले-बारिश से फसल चौपट:रविवार को भी दिनभर बादल छाए रहे, नुकसान के आकलन के लिए सर्वे टीम बनाई

दतिया के सेवढ़ा क्षेत्र में शनिवार शाम हुई तेज ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। शुरुआती आकलन में करीब 25 गांवों में फसलों को लगभग 100 प्रतिशत नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। सबसे ज्यादा असर गेहूं की तैयार खड़ी फसल पर पड़ा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ना तय है। सेवढ़ा एसडीएम अशोक अवस्थी ने बताया कि, नुकसान के आकलन के लिए सर्वे दल गठित कर दिए गए हैं। टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं और तीन दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपी जाएगी। उधर, रविवार को भी दिनभर बादल छाए रहे और मौसम में नमी बनी रही, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, रात में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान कृषि विज्ञान केंद्र दतिया के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विश्वनाथ कंसाना ने बताया कि इस समय हो रही बारिश से अब फसलों को कोई फायदा नहीं है, बल्कि नुकसान ही बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि जहां केवल बारिश हुई है, वहां गेहूं की कटाई में देरी होगी, लेकिन जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई है, वहां दाने झड़ने की स्थिति बन गई है। तेज हवा और पानी के कारण फसल जमीन पर लेट गई है, जिससे दानों की गुणवत्ता प्रभावित होगी। डॉ. कंसाना के अनुसार, लगातार नमी और धूप की कमी के कारण गेहूं के दाने कमजोर पड़ेंगे और उनकी चमक खत्म हो जाएगी। इसका सीधा असर मंडियों में मिलने वाले भाव पर पड़ेगा। अनुमान है कि गेहूं के दाम में करीब 100 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट आ सकती है। सेवढ़ा के यह गांव हुए प्रभावित जोरी, रामपुरा, नहला, दाबनी, सिरसा, अटरा, बड़ोखरी, मलियापुरा, खंजापुरा, बस्तुरी, चीना, दिगुवा, देभई, मंगरोल, कसेरुआ, रुहेरा, किटाना, बघावली, थरेट, भगुवापुरा, डिरोलीपार, ग्यारा एवं सेवढ़ा से लगे इलाके शामिल है।
चेक बाउंस केस में महिला को 6 माह की सजा:हरदा में मुख्यमंत्री आवास योजना के लोन भुगतान में हुई थी चूक

हरदा जिले के नांदरा गांव की एक महिला को चैक बाउंस मामले में छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई है। यह सजा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लिए गए ऋण का भुगतान न करने और चैक बाउंस होने के कारण दी गई। न्यायालय ने शनिवार को यह फैसला सुनाया। अधिवक्ता शिव विलास सराफ ने बताया कि अभियुक्त सुनीता पति बृजलाल सोलंकी निवासी नांदरा ने शासकीय योजना मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 1 लाख रुपए का ऋण लिया था। महिला द्वारा ऋण राशि का भुगतान नहीं किया गया, जिसके कारण उनके खाते में 86 हजार 740 रुपए बकाया हो गए थे। सुनीता सोलंकी ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की अबगांवखुर्द शाखा के बचत खाते का एक हस्ताक्षरित चैक दिया था। खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण यह चैक बाउंस हो गया। इसके बाद बैंक ने महिला के खिलाफ धारा 138 के तहत प्रकरण दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में चालान कोर्ट में पेश किया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी प्रेमदीप शाह ने अभियुक्त महिला को चैक बाउंस के अपराध में दोषी पाया। न्यायालय ने उन्हें 6 माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त, न्यायालय ने सुनीता सोलंकी को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की हरदा शाखा को प्रतिकर के रूप में 93 हजार 865 रुपए का भुगतान करने का आदेश दिया। यदि महिला यह राशि अदा नहीं करती है, तो उन्हें छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
ट्रक की टक्कर से 3 गायों की मौत:बैल मृत साथियों को उठाने का प्रयास करता दिखा, वीडियो वायरल

शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में तीन गायों की मौत हो गई। स्टेशन रोड पर तेज रफ्तार ट्रक ने इन गायों को कुचल दिया। इस घटना के बाद एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक बैल मृत गायों को उठाने का प्रयास करता दिख रहा है, जिसने लोगों को भावुक कर दिया। बदरवास निवासी ऋषि भारती (25) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह करीब 7 बजे स्टेशन रोड पर ट्रक क्रमांक UP78CN7825 के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए तीन गायों को टक्कर मार दी। हादसे में तीनों गायों की मौके पर ही मौत हो गई। निखिल बैरागी, अमित जैन और अमित यादव सहित कई प्रत्यक्षदर्शियों ने इस घटना को देखा। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने पशु अस्पताल को सूचित किया। इसी बीच, घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसने कई लोगों को भावुक कर दिया। वीडियो में एक बैल मृत पड़ी गायों के पास खड़ा दिखाई देता है और उन्हें बार-बार उठाने की कोशिश करता है। यह दृश्य ऐसा प्रतीत होता है मानो वह अपने साथियों को जीवित करने का प्रयास कर रहा हो। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
इंदौर में कलेक्टोरेट पर किसानों का कल जमावड़ा:भूमि अधिग्रहण में बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देने की मांग, 4 मांगों को लेकर प्रदर्शन

इंदौर में 6 अप्रैल को किसान अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन करेंगे। किसान संगठनों ने अपील जारी करते हुए कहा है कि वर्तमान में कई मुद्दों को लेकर किसान वर्ग परेशान है, जिनका त्वरित निराकरण आवश्यक है। किसानों की मांग है कि गेहूं की पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ दर्ज किए जा रहे प्रकरणों पर तत्काल रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में उन्हें दंडित किया जा रहा है। इसके अलावा, समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी जल्द से जल्द शुरू करने और मंडियों में तौल कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग भी की गई है, ताकि किसानों को उपज बेचने में परेशानी न हो। किसानों का कहना है कि 28 मार्च को अंतिम तारीख मानते हुए लगभग 60 प्रतिशत किसानों को डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया है। उन्होंने मांग की है कि ऋण जमा करने की अंतिम तिथि 15 मई तक बढ़ाई जाए और लगाए गए दंड व ब्याज को माफ किया जाए। किसानों ने भूमि अधिग्रहण योजनाओं में वास्तविक बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।
दमोह में अस्पताल के पास जोरदार धमाका:दहशत में आए लोग, ऑक्सीजन सिलेंडर का वाल्व टूटा

दमोह में रविवार दोपहर जिला अस्पताल के पास एक गैस वेल्डिंग की दुकान में ऑक्सीजन सिलेंडर का वाल्व टूटने से जोरदार धमाका हुआ। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, यह घटना अस्पताल के सामने संचालित ‘बबला गैस वेल्डिंग’ दुकान पर हुई। दोपहर में एक ऑटो की वेल्डिंग का काम चल रहा था, तभी अचानक ऑक्सीजन सिलेंडर का वाल्व टूट गया। वाल्व टूटते ही तेज धमाके के साथ ऑक्सीजन का तेजी से रिसाव शुरू हो गया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग दहशत में आ गए और तुरंत दुकान पर भीड़ जमा हो गई। लोगों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। दुकान संचालक ने बताया कि वाल्व टूटने के कारण धमाका हुआ और सिलेंडर की पूरी ऑक्सीजन बाहर निकल गई। दुकान के ऊपर टीन शेड लगा हुआ है, और यदि धमाका और तेज होता तो टीन शेड भी उड़ सकते थे। समय रहते ऑक्सीजन का रिसाव होने से एक बड़ा हादसा टल गया।
श्योपुर में ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलें:भाजपा जिलाध्यक्ष ने किया दौरा, किसानों ने की मुआवजे के लिए सर्वे की मांग

श्योपुर में जिले में शनिवार को हुई तेज ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। मानपुर क्षेत्र सहित कई गांवों में गेहूं की तैयार फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई गांवों में 100% तक नुकसान मानपुर क्षेत्र के बगडुआ, चिमल्का, भोगीका, जावदेश्वर, सोंठवा, रामबड़ोदा, इच्छाखेड़ी और जैनी गांवों में ओलों की मार से गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई। किसानों का कहना है कि फसल कटाई के लिए पूरी तरह तैयार थी, लेकिन ओलावृष्टि ने सब कुछ नष्ट कर दिया। कई किसानों ने 100 प्रतिशत तक नुकसान होने की बात कही है। जल्द सर्वे कराकर मुआवजे का दिया आश्वासन घटना के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक भूषण ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हालात का जायजा लिया। शशांक भूषण ने किसानों को भरोसा दिलाया कि नुकसान का जल्द सर्वे कराया जाएगा और उन्हें उचित मुआवजा दिलाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही कई समस्याओं से जूझ रहे हैं, ऐसे में यह आपदा उनके लिए और कठिनाई लेकर आई है। पूर्व जिलाध्यक्ष ने खेतों में जाकर देखी फसल नायब तहसीलदार टी.एस. लकड़ा ने बताया कि फसल के पूरी तरह सूखने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद विधिवत सर्वे शुरू किया जाएगा और रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, ताकि किसानों को राहत मिल सके। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र जाट और पूर्व विधायक ब्रजराज सिंह चौहान भी मौजूद रहे। उन्होंने खेतों में जाकर फसल की स्थिति देखी और किसानों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। ओलावृष्टि से हुए भारी नुकसान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर प्रशासन पर है कि सर्वे और मुआवजे की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है।









