Tuesday, 21 Apr 2026 | 11:37 AM

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डेगरहट जंगल में दिखा बाघ, मुख्य मार्ग 45 मिनट बंद:वन विभाग ने सुरक्षित पार कराया, ग्रामीण डरे

डेगरहट जंगल में दिखा बाघ, मुख्य मार्ग 45 मिनट बंद:वन विभाग ने सुरक्षित पार कराया, ग्रामीण डरे

सतना जिले के मझगवां वन परिक्षेत्र के डेगरहट जंगल में मंगलवार शाम एक बाघ दिखा। बाघ के मूवमेंट के कारण मुख्य मार्ग को लगभग 45 मिनट तक बंद रखना पड़ा। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से बाघ को सुरक्षित जंगल के दूसरी ओर पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, बाघ पुलिया के पास से निकलकर सड़क पार कर जंगल के दूसरे हिस्से में जाने का प्रयास कर रहा था। हालांकि, सड़क पर लगातार वाहनों की आवाजाही के कारण वह झाड़ियों के पास ही बैठा रहा। ग्रामीणों ने बाघ को देखकर तत्काल वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। डीएफओ मयंक चांदीवाल ने बताया कि यह लगभग 4 से 5 वर्ष का नर बाघ है। उसने हाल ही में क्षेत्र में एक बैल का शिकार किया था और अपने निर्धारित क्षेत्र की ओर लौट रहा था। लोगों की आवाजाही से असहज महसूस करने के कारण वह सड़क पार नहीं कर पा रहा था। स्थिति को देखते हुए, डीएफओ के निर्देश पर मुख्य मार्ग को लगभग 45 मिनट तक बंद कराया गया। रास्ता खाली होते ही बाघ सुरक्षित रूप से सड़क पार कर जंगल के दूसरी ओर चला गया। बाघ की मौजूदगी से आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। वन विभाग लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रहा है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। मझगवां रेंज में वर्तमान में लगभग 30 बाघ और 4 बाघिनों की मौजूदगी बताई जा रही है। वर्ष 2016 से इस क्षेत्र को वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है। यह इलाका पन्ना नेशनल पार्क और उत्तर प्रदेश के रानीपुर अभयारण्य को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण वन्यजीव कॉरिडोर है, जिससे इसकी पारिस्थितिकीय अहमियत बढ़ जाती है।

जेल में हर कैदी पर CCTV से निगरानी:15 मार्च को शाजापुर जेल से कैदी हुआ था फरार; लापरवाही से जेल प्रहरी सस्पेंड

जेल में हर कैदी पर CCTV से निगरानी:15 मार्च को शाजापुर जेल से कैदी हुआ था फरार; लापरवाही से जेल प्रहरी सस्पेंड

शाजापुर जिला जेल से 15 मार्च को एक कैदी फरार हो गया था। इसके बाद से प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। फरारी के बाद अब जेल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती इतनी बढ़ा दी गई है कि हर कैदी की हर हरकत पर पैनी नजर रखी जा रही है। जेल प्रशासन अब ‘नो रिस्क’ मोड में आ गया है। कैदियों पर नजर रखने के लिए CCTV कैमरों की मॉनिटरिंग के लिए तीन जेल प्रहरियों की अलग से ड्यूटी लगाई गई है। ये प्रहरी 24 घंटे स्क्रीन पर नजर गड़ाए बैठे हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पकड़ा जा सके। 20 फीट दीवार फान कर भागे कैदी सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर 20 फीट ऊंची दीवार के बावजूद कैदी जेल से भाग कैसे गया। जांच में सामने आया कि फरार कैदी ने जेल की कैंटीन में काम करते हुए पानी के पाइप और तार का जुगाड़ कर दीवार फांद दी। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। हालांकि पुलिस ने तेजी दिखाते हुए फरार कैदी को 18 मार्च को छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार कर लिया था और 19 मार्च को शाजापुर लाकर उससे पूछताछ की गई। परिवार की मजबूरी बनी फरारी की वजह पूछताछ में कैदी ने बताया कि वह पिछले पांच महीनों से जमानत नहीं होने के कारण मानसिक तनाव में था। साथ ही उसकी पत्नी और दो छोटे बच्चे आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। परिवार से मिलने की बेचैनी ही उसे इस खतरनाक कदम तक ले गई। कैदी ने पहले किया ‘रेकी’, फिर बनाया प्लान जिला जेल अधीक्षक दुष्यंत परागे के अनुसार, कैदी ने पहले जेल प्रहरियों की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी और फिर पूरी योजना बनाकर फरार हुआ। यानी यह घटना अचानक नहीं,बल्कि सोची-समझी साजिश का नतीजा थी। घटना के बाद जेल में लगे पुराने हैलोजन सिस्टम की अंडरग्राउंड वायरिंग को बंद कर दिया गया है, ताकि किसी भी तरह के दुरुपयोग की संभावना खत्म हो सके। साथ ही जेल प्रशासन ने मुख्यालय से अतिरिक्त स्टाफ की मांग भी की है, क्योंकि वर्तमान में करीब 10 जेल प्रहरियों की कमी बनी हुई है। लापरवाही से जेल प्रहरी सस्पेंड इस पूरे मामले में लापरवाही सामने आने पर जेल प्रहरी प्रदीप वर्मा को सस्पेंड कर दिया गया है। प्रशासन अब किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। फिलहाल जिला जेल में सुरक्षा का ऐसा घेरा तैयार किया गया है, जिसमें बिना नजर आए कोई हलचल करना लगभग नामुमकिन हो गया है। CCTV, अतिरिक्त निगरानी और सख्त अनुशासन के बीच अब जेल प्रशासन हर हाल में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने में जुटा है। कुल मिलाकर, एक फरारी ने जहां सिस्टम की कमजोरी उजागर की, वहीं अब उसी ने सुरक्षा को ‘टाइट’ भी कर दिया है।

नीमच में कांग्रेस का भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन:महंगाई, जनविरोधी नीतियों पर राज्यपाल से की कार्रवाई की मांग

नीमच में कांग्रेस का भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन:महंगाई, जनविरोधी नीतियों पर राज्यपाल से की कार्रवाई की मांग

नीमच जिले के मनासा में बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों, बढ़ती महंगाई और स्थानीय प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ विशाल धरना प्रदर्शन किया। जनपद पंचायत कार्यालय के बाहर आयोजित इस प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने कहा कि वर्तमान समय में किसान, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवार परेशान हैं। उन्होंने खिमला स्थित ग्रीनको प्लांट की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए वहां हुई संदिग्ध घटनाओं की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की। महंगाई और बिजली बिलों को लेकर नाराजगी बाहेती ने बिजली बिलों में वृद्धि, रसोई गैस की कमी और पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों को आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बताया। उन्होंने स्थानीय प्रशासन पर अवैध कॉलोनियों को संरक्षण देने और विकास शुल्क में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए। साथ ही, ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा देने और सहकारी सोसायटियों में ऋण जमा करने की समय सीमा बढ़ाने की मांग भी की गई। अन्य नेताओं ने भी उठाए मुद्दे प्रदर्शन के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल चौरसिया ने ऊर्जा संकट के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। प्रदेश सचिव सोमिल नाहटा ने प्रदेश में बढ़ते कर्ज को लेकर चिंता जताई। वहीं, वरिष्ठ नेता मंगेश संघई और ब्लॉक अध्यक्ष श्याम सुरेंद्र सोनी ने किसानों की समस्याओं और नगर की मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रशासन की आलोचना की। रैली निकालकर सौंपा ज्ञापन सभा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आक्रोश रैली निकाली। नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय पहुंचे और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, किसान और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

सीधी जनसुनवाई में कलेक्टर खुद लोगों के बीच पहुंचे:शाम 4 बजे तक सुनीं लोगों की समस्याएं, बोले- अधिकारी शिकायतों को निराकरण करें

सीधी जनसुनवाई में कलेक्टर खुद लोगों के बीच पहुंचे:शाम 4 बजे तक सुनीं लोगों की समस्याएं, बोले- अधिकारी शिकायतों को निराकरण करें

सीधी जिला पंचायत दफ्तर में मंगलवार को हुई जनसुनवाई का नजारा बदला-बदला सा था। कलेक्टर विकास मिश्रा अपनी कुर्सी पर बैठने के बजाय खुद चलकर लोगों के पास पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं। दोपहर 12 बजे से शुरू होकर यह सिलसिला शाम 4 बजे तक चलता रहा। इससे पहले दोपहर 1 बजे तक लोगों की समस्याएं सुनी जाती थीं। कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि अगर लोग 100 किलोमीटर दूर से अपनी तकलीफ लेकर आ सकते हैं, तो एक जनसेवक होने के नाते मेरा फर्ज है कि मैं उनके पास जाकर उनकी बात सुनूं। उन्होंने इसे अपनी जिम्मेदारी बताया। बार-बार चक्कर काटने से मिलेगी मुक्ति कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि सिर्फ शिकायत सुनना काफी नहीं है, उनका समाधान होना जरूरी है। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि कई लोगों को एक ही काम के लिए 2 से 4 बार जनसुनवाई में आना पड़ता है। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाएं जिससे लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। दूर-दराज से पहुंचे ग्रामीण जनसुनवाई में रामपुर नैकिन, चुरहट, मझौली, सिहावल और बाहरी जैसे इलाकों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे थे। लोगों ने मुख्य रूप से जमीन के नामांकन (राजस्व), खराब सड़कें, बिजली कटौती और पानी की किल्लत जैसी अपनी बुनियादी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं।

तहसीलदार के फोन के बाद एएनएम टीकाकरण केंद्र पहुंची:सीधी में घंटों इंतजार करती रहीं महिलाएं, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

तहसीलदार के फोन के बाद एएनएम टीकाकरण केंद्र पहुंची:सीधी में घंटों इंतजार करती रहीं महिलाएं, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

सीधी जिले के रामपुर नैकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टीकाकरण व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई है। मंगलवार को एएनएम सुषमा सिंह के देर से पहुंचने के कारण दर्जनों महिलाओं और छोटे बच्चों को घंटों इंतजार करना पड़ा। तहसीलदार के हस्तक्षेप के बाद ही एएनएम केंद्र पर पहुंचीं। टीकाकरण के लिए सुबह 10 बजे से पहुंची महिलाएं दोपहर 12 बजे तक संबंधित एएनएम का इंतजार करती रहीं। प्रतीक्षा मिश्रा नामक एक महिला ने बताया कि सुबह 10 बजे से लगभग 15 महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ केंद्र पर मौजूद थीं, लेकिन कोई भी स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित नहीं था। महिलाओं ने बताया कि संबंधित एएनएम अक्सर दोपहर 1 बजे के बाद आती हैं और कुछ ही देर में लौट जाती हैं। इस लापरवाही से लोगों में काफी नाराजगी देखी गई। मामले की शिकायत प्रभारी बीएमओ श्वेता राजपूत और रामपुर नैकिन के तहसीलदार आशीष मिश्रा से की गई। तहसीलदार मिश्रा ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वयं एएनएम सुषमा सिंह को फोन किया, जिसके बाद वह केंद्र पर पहुंचीं। ड्यूटी याद नहीं थी एएनएम सुषमा सिंह ने अपनी सफाई में कहा कि उन्हें ड्यूटी याद नहीं थी और उन्हें लगा था कि उस दिन अवकाश है। वहीं, बीएमओ श्वेता राजपूत ने बताया कि संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और नोटिस जारी किया जाएगा। आदत पुरानी है पूर्व बीएमओ प्रेरणा पाठक ने भी स्वीकार किया कि सुषमा सिंह की यह आदत पुरानी है। उन्होंने बताया कि पहले भी कई बार वेतन काटा गया है और 7-8 बार नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ। यह मामला उच्च अधिकारियों तक भेजा जा चुका है, पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लापरवाह पर होगा एक्शन तहसीलदार आशीष मिश्रा ने स्पष्ट किया कि ऐसे लापरवाह कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सीएमएचओ को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग करने की बात कही। मिश्रा ने जोर देकर कहा कि यह जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा संवेदनशील मामला है, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

राजगढ़ में खड़ी बस को ट्राले ने मारी टक्कर:सवारी उतारते वक्त हादसा, दो किशोर घायल; टक्कर मारकर भागा ड्राइवर

राजगढ़ में खड़ी बस को ट्राले ने मारी टक्कर:सवारी उतारते वक्त हादसा, दो किशोर घायल; टक्कर मारकर भागा ड्राइवर

राजगढ़ जिले के भोजपुर थाना क्षेत्र में सोमवार शाम 7:30 बजे ढाबला जोड़ पर एक सड़क हादसा हो गया। यहां सवारी उतार रही राजस्थान रोडवेज की बस को पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्राले ने टक्कर मार दी। इस हादसे में बस में सवार दो किशोर यात्री घायल हो गए। घायलों की पहचान भोपाल निवासी निकेश पिता जगदीश (15) और निकेश पिता प्रभुलाल (16) के रूप में हुई है। दोनों को प्राथमिक उपचार के लिए खिलचीपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सड़क किनारे खड़ी थी बस जानकारी के अनुसार, राजस्थान रोडवेज की बस (क्रमांक RJ14 PE 5046) कोटा से लगभग 30 सवारियां लेकर ब्यावरा की ओर जा रही थी। ढाबला जोड़ के पास कुछ यात्रियों को उतारने के लिए ड्राइवर ने बस सड़क किनारे खड़ी की थी। इसी दौरान पीछे से आ रहे ट्राले ने बस को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्राला ड्राइवर वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। दूसरी बस में बैठाकर सवारियों को रवाना किया घटना की सूचना मिलते ही टीआई उमाशंकर मुकाती ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने ढाबला क्षेत्र के सरपंच ढाबे के पास से टक्कर मारकर भाग रहे ट्राले को पकड़ लिया और उसे थाने ले आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोगों को लगा जैसे कोई विस्फोट हुआ हो। हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। क्षतिग्रस्त बस को चालक और कंडक्टर खिलचीपुर ले गए, जबकि अन्य सवारियों को दूसरी बस में बैठाकर उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। पुलिस ने मामले में शिकायत दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

रायसेन: 16 यात्री और 5 बाइक से लदी नाव पलटी:चार युवकों ने नर्मदा नदी में कूदकर सभी को बचाया; रमपुरा से रिछावर घाट जा रही थी नाव

रायसेन: 16 यात्री और 5 बाइक से लदी नाव पलटी:चार युवकों ने नर्मदा नदी में कूदकर सभी को बचाया; रमपुरा से रिछावर घाट जा रही थी नाव

रायसेन जिले के देवरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रमपुरा घाट पर सोमवार को नर्मदा नदी में बड़ा हादसा टल गया। यहां 16 यात्रियों और 5 मोटरसाइकिलों से लदी एक नाव अचानक अनियंत्रित होकर नदी में पलट गई। नाव रमपुरा घाट से रिछावर घाट (जिला नरसिंहपुर) की ओर जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नाव में क्षमता से अधिक लोग और वाहन सवार थे, जिसके चलते यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि अधिक भार के कारण नाव संतुलन खोने लगी और उसमें धीरे-धीरे पानी भरने लगा। यात्रियों को स्थिति का अंदाजा होता, उससे पहले ही नाव डगमगाई और अचानक पलट गई। देखते ही देखते सभी यात्री और बाइक नदी में गिर गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। चार युवकों ने दिखाई बहादुरी, नदी में कूदकर बचाईं जानें हादसे के दौरान स्थानीय चार युवकों ने साहस का परिचय देते हुए बिना देर किए नर्मदा नदी में छलांग लगा दी। तेज बहाव के बीच उन्होंने एक-एक कर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। नाव में सवार लोगों में बच्चे, महिलाएं और पुरुष शामिल थे। युवकों की तत्परता और सूझबूझ के चलते सभी 16 यात्रियों की जान बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया। बाइक नदी में डूबीं, तीन निकाली गईं, बाकी की तलाश जारी हादसे में नाव पर रखी सभी 5 मोटरसाइकिलें नदी में डूब गईं। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से अब तक 3 बाइक को बाहर निकाल लिया गया है, जबकि बाकी 2 की तलाश जारी है। नदी में सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। घटना के तुरंत बाद सभी यात्रियों को देवरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। बचाने वाले युवकों का होगा सम्मान प्रशासन ने हादसे के दौरान साहस दिखाने वाले चारों युवकों को सम्मानित करने की घोषणा की है। उनकी बहादुरी और तत्परता के चलते 16 जिंदगियां सुरक्षित बच सकीं। यह है 4 बहादुर युवक… प्रशासन मौके पर पहुंचा, लिया घटनास्थल का जायजा घटना की सूचना मिलते ही देवरी तहसीलदार जयपाल उइके और थाना प्रभारी जयदीप भदोरिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद नदी में संचालित नावों की सुरक्षा व्यवस्था और ओवरलोडिंग को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटों पर क्षमता से अधिक सवारी बैठाने पर कोई सख्ती नहीं होती, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि घाटों पर नाव संचालन के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

फेसबुक पर जर्सी गाय दिखाकर युवक के पैसे हड़पे:मैहर में पीड़ित ने थाने में की शिकायत, आरोपियों ने भरोसे में लेने फर्जी दस्तावेज भेजे

फेसबुक पर जर्सी गाय दिखाकर युवक के पैसे हड़पे:मैहर में पीड़ित ने थाने में की शिकायत, आरोपियों ने भरोसे में लेने फर्जी दस्तावेज भेजे

मैहर जिले में फेसबुक के जरिए गाय बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है। ताला थाना क्षेत्र के आमीन गांव के एक युवक को सस्ती जर्सी गाय खरीदने के चक्कर में हजारों रुपए की चपत लग गई। ठगों ने गाड़ी के खर्चे और जीपीएस के नाम पर पैसे ऐंठ लिए। सोमवार को पीड़ित अक्लेन्द्र सिंह ने बताया कि उन्होंने फेसबुक पर गायों की सप्लाई से जुड़ा एक विज्ञापन देखा था। दिए गए नंबर पर बात करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को गायों का व्यापारी बताया और व्हाट्सएप पर कई फोटो भेज दीं। अक्लेन्द्र को एक जर्सी गाय पसंद आ गई। ठग ने उसकी कीमत 30 हजार रुपए बताई, लेकिन बाद में सौदा सिर्फ 15 हजार रुपए में तय हो गया। एडवांस और जीपीएस के नाम पर वसूली सौदा पक्का होते ही ठग ने गाय भेजने के लिए गाड़ी के इंतजाम के नाम पर 2,000 रुपए एडवांस मांग लिए। अक्लेन्द्र ने भरोसा करके पैसे ऑनलाइन भेज दिए। करीब चार घंटे बाद ठग का फिर फोन आया और उसने कहा कि अब जीपीएस लगाने के नाम पर 9,999 रुपए और भेजने होंगे। शक होते ही ठग ने बंद किया फोन जब ठग ने दोबारा करीब 10 हजार रुपए मांगे, तो अक्लेन्द्र को गड़बड़ी का अहसास हुआ। उन्होंने और पैसे देने से मना कर दिया। जैसे ही युवक ने इनकार किया, ठग ने फोन काट दिया और अपना नंबर बंद कर लिया। पीड़ित ने अब मुकुंदपुर चौकी में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। चौकी प्रभारी नागेश्वर मिश्रा का कहना है कि शिकायत मिल गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

अनूपपुर में कांग्रेस का महंगाई, ईंधन कमी पर प्रदर्शन:हाथ ठेले पर बाइक-सिलेंडर रखकर जताया विरोध, कहा- गलत नीतियों से जनता परेशान

अनूपपुर में कांग्रेस का महंगाई, ईंधन कमी पर प्रदर्शन:हाथ ठेले पर बाइक-सिलेंडर रखकर जताया विरोध, कहा- गलत नीतियों से जनता परेशान

अनूपपुर जिला मुख्यालय में सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने पेट्रोल-डीजल की कमी और बढ़ती महंगाई के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष गुड्डू चौहान की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंदिरा तिराहे से स्टेशन चौक तक रैली निकाली। प्रदर्शन के दौरान अनोखा नजारा देखने को मिला, जब कार्यकर्ताओं ने हाथ ठेले पर मोटरसाइकिल और गैस सिलेंडर रखकर केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के प्रति अपना गुस्सा जाहिर किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि सरकार की गलत नीतियों की वजह से जनता बेहाल है। महंगाई और किल्लत से जनता परेशान जिला अध्यक्ष गुड्डू चौहान ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और इनकी कमी ने लोगों की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई सातवें आसमान पर है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है। बिजली के बढ़ते बिलों पर भी घेरा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केवल पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि बिजली की बढ़ती कीमतों का भी विरोध किया। उनका कहना था कि एक तरफ तो लोग तेल और गैस के दामों से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार बिजली महंगी करके जनता पर दोहरी मार मार रही है। तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन रैली के आखिर में स्टेशन चौक पर कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा गया। इसमें मांग की गई कि पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई ठीक की जाए और बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाकर जनता को राहत दी जाए। इस मौके पर पूर्व विधायक मनोज अग्रवाल समेत कांग्रेस के कई बड़े नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

पन्ना की सकरिया हवाई पट्टी पर भीषण आग:आग बुझाते समय फायरमैन घायल; साथियों ने पहुंचाया अस्पताल

पन्ना की सकरिया हवाई पट्टी पर भीषण आग:आग बुझाते समय फायरमैन घायल; साथियों ने पहुंचाया अस्पताल

पन्ना में नेशनल हाईवे 39 स्थित सकरिया हवाई पट्टी के पास सोमवार शाम आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि लपटें और धुएं का गुबार दूर से दिखाई दे रहा था। सूचना मिलने पर नगर पालिका की दमकल टीमें आग बुझाने मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने का प्रयास जारी था। इसी दौरान, धाम मोहल्ला निवासी फायरमैन रविंद्र प्रताप सिंह (30) फायर ब्रिगेड की गाड़ी पर चढ़कर आग बुझाने में लगे थे। तभी अचानक एक तेज लपट उठी, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नीचे गिर गए। साथियों ने पहुंचाया अस्पताल इस हादसे में रविंद्र प्रताप सिंह के दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। उनके साथी जितेंद्र यादव (चालक), प्रमोद रैकवार (फायरमैन) और उत्तम सोनकर (चालक) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घायल रविंद्र को उसी फायर ब्रिगेड वाहन से पन्ना के जिला चिकित्सालय पहुंचाया। रविंद्र प्रताप सिंह, जो स्वर्गीय रणमत सिंह के पुत्र हैं, फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में हैं। समय पर उपचार मिलने से उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। घटना के बाद शहर में इस हादसे और फायरमैन के प्रयासों की चर्चा हो रही है।