Wednesday, 22 Apr 2026 | 06:33 PM

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किसानों की समस्या नहीं सुलझी तो आंदोलन करेंगे विधायक:विदिशा में उपार्जन केंद्रों की अव्यवस्था, तुलाई में देरी; 7 दिन का दिया अल्टीमेटम हिमाचल में 4000 फीट ऊंचाई पर उगती ये बूटी, पेट खराब हो या बावासीर…चुटकियों में आराम रितेश-जेनेलिया के छोटे बेटे का एक्टिंग डेब्यू:फिल्म 'राजा शिवाजी' में बाल शिवाजी बने 10 साल के राहिल देशमुख रतलाम में चलती कार में लगी आग, VIDEO:इंदौर से आ रहा था, आलोट-जावरा मार्ग पर हादसा; आगे का हिस्सा जलकर राख एनीमिया और कृमि रोग से बचाव के लिए 24 अप्रैल को बच्चों को यहां दी जाएगी स्वर्णप्राशन ड्रॉप शिमला में लेंसकार्ट विवाद में हिंदू संघर्ष समिति का प्रदर्शन:स्टोर के भीतर हनुमान चालीसा का पाठ पढ़ा; कर्मचारियों को राखी बांध लगाया तिलक
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उज्जैन में सिंहस्थ के निर्माण काम में मजदूर की मौत:सड़क चौड़ीकरण के दौरान लगा करंट; परिजनों ने किया चक्काजाम, ठेकेदार पर FIR की मांग

उज्जैन में सिंहस्थ के निर्माण काम में मजदूर की मौत:सड़क चौड़ीकरण के दौरान लगा करंट; परिजनों ने किया चक्काजाम, ठेकेदार पर FIR की मांग

उज्जैन में सिंहस्थ से जुड़े निर्माण काम के दौरान करंट लगने से एक श्रमिक की मौत के बाद शनिवार सुबह चरक अस्पताल के सामने हंगामा हो गया। मृतक के परिजनों और समाज के लोगों ने आगर रोड पर चक्काजाम कर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई और आर्थिक सहायता की मांग की। मृतक की पहचान राकेश सूर्यवंशी (42) पिता रामचंद्र सूर्यवंशी, निवासी ग्राम खड़ोतिया के रूप में हुई है। शुक्रवार शाम कोयला फाटक से निजातपुरा मार्ग पर चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान वह इलेक्ट्रिक का काम कर रहे थे। पाइप रिपेयरिंग के दौरान ग्राइंडर मशीन चलाते समय वे करंट की चपेट में आ गए। साथी मजदूर उन्हें तुरंत चरक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के पीएम रूम में रखवाया गया। परिजनों और संगठनों ने किया सड़क जाम शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद परिजन, शिवसेना और भीम आर्मी के पदाधिकारी और सूर्यवंशी समाज के लोग चरक अस्पताल के सामने इकट्‌ठा हुए। उन्होंने आगर रोड पर चक्काजाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। करीब एक घंटे तक पीएम रूम परिसर के बाहर हंगामा चलता रहा। प्रदर्शनकारियों ने ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, परिवार को आर्थिक सहायता देने और मृतक के बेटे को नगर निगम में आउटसोर्स के माध्यम से नौकरी देने की मांग की। परिवार ने घटना की सूचना देर से मिलने का लगाया आरोप बेटे अभिषेक सूर्यवंशी ने बताया कि वह पेट्रोल पंप पर काम करता है। उसे एक मित्र के फोन से घटना की जानकारी मिली। जब वह अस्पताल पहुंचा तो पिता का शव पोस्टमार्टम रूम में रखा मिला। परिजनों का आरोप है कि उन्हें घटना की जानकारी समय पर नहीं दी गई। एसडीएम ने जांच और राहत का दिया आश्वासन मामले में एसडीएम ने कहा कि परिजनों की मांगों को सुना गया है और थाना प्रभारी को जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नियमानुसार मिलने वाली राहत राशि पीड़ित परिवार को दिलाई जाएगी।

पन्ना टाइगर रिजर्व में हिरण के शिकार का VIDEO:बाघ के जबड़े में दबा छटपटाता रहा, मोर ने भागकर बचाई जान

पन्ना टाइगर रिजर्व में हिरण के शिकार का VIDEO:बाघ के जबड़े में दबा छटपटाता रहा, मोर ने भागकर बचाई जान

मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व (PTR) में एक बाघ ने हिरण के शावक का शिकार किया। यह घटना 13 मार्च, शुक्रवार शाम 5 बजे हुई, जिसे सफारी पर गए पर्यटकों ने अपने कैमरों में कैद कर लिया। इस घटना का वीडियो अब सामने आया है। वीडियो में नजर आ रहा है कि एक ढलान वाली जगह के पीछे बाघ घात लगाए बैठा है। इतने में वहां एक मोर हिरण का शावक आ जाते हैं। बाघ छलांग लगाते हुए दोनों के पीछे भागता है। मोर तो चिल्लाते हुए भाग जाता है, लेकिन हिरण के शावक को बाघ दबोच लेता है। इसके बाद बाध शावक को जबड़े में दबाकर इधर-उधर देखता है। शावक छटपटाता रहता है। तस्वीरें देखिए… टूरिस्ट ने बनाया वीडियो सफारी में मौजूद पर्यटक इस अचानक हुए हमले को देखकर हैरान रह गए। उन्होंने इस दुर्लभ दृश्य को रिकॉर्ड किया। पन्ना टाइगर रिजर्व में इन दिनों पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है और बाघों की बढ़ती संख्या के कारण अक्सर बाघों के दीदार होते रहते हैं। हालांकि, लाइव शिकार देखना एक दुर्लभ अनुभव माना जाता है।

दिल्ली में युवक की हत्या पर एमपी में विरोध:धार में समाज जन बोले- दोषियों को फांसी दी जाए, परिवार को मिले मुआवजा

दिल्ली में युवक की हत्या पर एमपी में विरोध:धार में समाज जन बोले- दोषियों को फांसी दी जाए, परिवार को मिले मुआवजा

दिल्ली के उत्तमनगर में होली के दिन दलित युवक तरुण खटीक की हत्या के विरोध में धार में प्रदर्शन किया गया। क्षत्रिय मालवा खटीक सेना धार के नेतृत्व में समाज के लोगों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर डिप्टी कलेक्टर आशा परमार को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। समाजजनों ने बताया कि होली जैसे पावन पर्व पर हुई इस घटना से समाज में चिंता का माहौल है। समाजजनों ने मांग की कि इस हत्या के सभी दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। उनके खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कठोरतम दंड, यानी फांसी की सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके अतिरिक्त, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता के तौर पर एक करोड़ रुपए का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की गई। यह मांग परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से की गई है। ज्ञापन में दोषियों की अवैध संपत्तियों और घरों पर बुलडोजर चलाने की भी मांग शामिल थी। ज्ञापन के माध्यम से सरकार से इस गंभीर घटना का संज्ञान लेने और पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया। यह ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम संबोधित था। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के लोग और विभिन्न संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे।

शाजापुर में वाहन की टक्कर से दो युवक गंभीर घायल:दोनों ग्राम बड़ागांव के रहने वाले, बाइक से सफर कर रहे थे

शाजापुर में वाहन की टक्कर से दो युवक गंभीर घायल:दोनों ग्राम बड़ागांव के रहने वाले, बाइक से सफर कर रहे थे

शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया थाना क्षेत्र में गुरुवार रात करीब 9:15 बजे वाहन की टक्कर से दो बाइक सवार युवक बुरी तरह घायल हो गए। यह हादसा ग्राम मोहना जोड़ के पास हुआ, जिसके बाद डायल 112 की टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि टक्कर किस वाहन ने मारी है। पुलिस वाहन चालक की तलाश कर रही है। हादसे में घायल हुए युवकों की पहचान जितेंद्र (22 वर्ष) और पवन (27 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों ग्राम बड़ागांव के रहने वाले हैं। सूचना मिलते ही डायल 112 के पायलट जगदीश चंद्र सोनी और पुलिस टीम के विजय गवली और केशव शर्मा ने घायलों को तुरंत मोहन बड़ोदिया स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालत गंभीर, जिला अस्पताल रेफर अस्पताल में मौजूद डॉक्टर अक्षत डोडिया ने बताया कि एक युवक के सिर में गहरी चोट आई है, वहीं दूसरे युवक का पैर बुरी तरह जख्मी हुआ है। प्राथमिक इलाज के बाद दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए रात करीब 10:20 बजे उन्हें बेहतर इलाज के लिए शाजापुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

Mandala BA Students Fail | History Class Lacking, No Books

Mandala BA Students Fail | History Class Lacking, No Books

मंडला के सरकारी महिला कॉलेज में बीए सेकंड ईयर के सप्लीमेंट्री रिजल्ट के बाद हंगामा खड़ा हो गया है। करीब 17-18 छात्राएं फेल हो गई हैं, जिनमें से 9 छात्राएं इतिहास विषय की हैं। कुछ छात्राओं को तो जीरो नंबर मिले हैं, जिससे कॉलेज की पढ़ाई और कॉपियां चेक कर . फेल हुई छात्राओं ने कॉपियों की जांच को गलत बताया है। उनका कहना है कि कॉलेज में इतिहास की क्लास ही नहीं लगती और न ही उन्हें पढ़ने के लिए जरूरी किताबें या नोट्स दिए गए। छात्राओं का आरोप है कि ठीक से पढ़ाई न होने की वजह से उनके नंबर ऐसे आए हैं और यह उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। कॉलेज के प्रिंसिपल की सफाई कॉलेज के प्रिंसिपल शरदनारायण खरे का कहना है कि कॉलेज में सभी विषयों की पढ़ाई रेगुलर होती है। उन्होंने बताया कि इस साल करीब 250 छात्राओं ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 91 की सप्लीमेंट्री आई थी। अब सप्लीमेंट्री परीक्षा में इतिहास की 9 छात्राओं समेत कुल 17-18 छात्राएं फेल हुई हैं। इनमें से केवल 3-4 छात्राएं ही ऐसी हैं जिन्हें जीरो नंबर मिले हैं। छात्राओं अपने रिजल्ट को लेकर परेशान हैं। यूनिवर्सिटी भेजी जाएंगी शिकायतें प्रिंसिपल ने साफ किया कि कॉपियां चेक करना और रिजल्ट निकालना यूनिवर्सिटी का काम है। जिन छात्राओं को अपने रिजल्ट पर शक है, उनके आवेदन ले लिए गए हैं। इन आवेदनों को यूनिवर्सिटी भेजा जा रहा है ताकि कॉपियों की दोबारा जांच हो सके। अगर जांच में कोई गलती मिलती है, तो उसे ठीक किया जाएगा। फिलहाल कॉलेज मैनेजमेंट ने इसकी जानकारी अफसरों को दे दी है और छात्राओं को मन लगाकर पढ़ने की सलाह दी है। अब देखना होगा कि यूनिवर्सिटी की जांच में क्या निकलकर आता है।

मुरैना में एक लाख दो हजार की अवैध शराब जब्त:लकड़ी की गुमठी से हो रही थी बिक्री, एक गिरफ्तार

मुरैना में एक लाख दो हजार की अवैध शराब जब्त:लकड़ी की गुमठी से हो रही थी बिक्री, एक गिरफ्तार

कैलारस थाना पुलिस ने बुधवार रात क्वारी बिलगांव के पास सड़क किनारे एक लकड़ी की गुमठी पर छापा मारकर 1 लाख 2 हजार रुपए की अवैध शराब (देशी और अंग्रेजी) जब्त की है। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो इस गुमठी में शराब का स्टॉक रखकर ग्रामीण इलाकों में बेच रहा था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। कैलारस पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि क्वारी बिलगांव में सड़क किनारे रखी एक लकड़ी की गुमठी में अवैध शराब का भारी मात्रा में भंडारण किया गया है। इसी गुमठी से इलाके में शराब की बिक्री भी की जा रही है। सूचना की तस्दीक करने के बाद पुलिस ने बुधवार रात मौके पर जाकर चेकिंग की। जब पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो आरोपी उसी गुमठी पर बैठा हुआ था। गुमठी की तलाशी लेने पर वहां से बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई। आरोपी पर पहले से दर्ज हैं कई अपराध पुलिस ने मौके से क्वारी बिलगांव निवासी आरोपी अरविंद कुशवाह पुत्र दीवान सिंह कुशवाह को गिरफ्तार कर लिया है। अवैध शराब भंडारण के मामले में पकड़े गए इस आरोपी पर शराब तस्करी के पहले भी कई अपराध दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी अरविंद कुशवाह इससे पहले भी कई बार अवैध शराब की तस्करी करने और उसे बेचने के आरोप में पकड़ा जा चुका है। टीआई बोले- अवैध शराब जब्त कर आरोपी को पकड़ा कैलारस थाना प्रभारी सतेंद्र कुशवाह ने बताया, “पुलिस को सूचना मिली कि जो क्वारी बिलगांव के पास सड़क किनारे लकड़ी की गुमठी है उसमें शराब का भंडारण किया गया है।” उन्होंने आगे कहा, “शराब वही से बेची जा रही है। इस पर कार्यवाही करते हुए हमने अवैध शराब जब्त की है, आरोपी को भी गिरफ्तार किया है।”

मंदसौर में लहसुन वाहनों को टोकन के बावजूद रोका:पिपलियामंडी में किसानों के विरोध के बाद कांग्रेस नेता के हस्तक्षेप से मिला प्रवेश

मंदसौर में लहसुन वाहनों को टोकन के बावजूद रोका:पिपलियामंडी में किसानों के विरोध के बाद कांग्रेस नेता के हस्तक्षेप से मिला प्रवेश

एशिया की प्रसिद्ध लहसुन मंडियों में शुमार मन्दसौर जिले की पिपलिया कृषि उपज मंडी में अव्यवस्थाओं के चलते बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। मंडी प्रशासन द्वारा टोकन जारी किए जाने के बावजूद लहसुन से भरे वाहनों को मंडी परिसर में प्रवेश नहीं दिए जाने से किसान नाराज हो गए। देर रात लगभग 12:45 बजे कांग्रेस नेता एवं मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा के हस्तक्षेप के बाद किसानों के वाहनों को मंडी में प्रवेश दिया गया। टोकन होने के बावजूद रोके गए वाहन जानकारी के अनुसार इन दिनों लहसुन की बम्पर आवक के कारण मंडी में दूर-दराज क्षेत्रों से किसान अपने वाहन लेकर पहुंच रहे हैं। मंडी प्रशासन द्वारा वाहनों के प्रवेश के लिए किसानों को विधिवत टोकन जारी किए गए थे। इसके बावजूद बुधवार रात कई टोकनधारी वाहनों को मंडी गेट पर रोक दिया गया। किसानों का कहना था कि वे पिछले चार-पांच दिनों से मंडी में अपनी उपज बेचने के लिए परेशान हो रहे हैं। टोकन मिलने के बाद भी मंडी में प्रवेश नहीं दिया जा रहा, जबकि मंडी परिसर में पर्याप्त जगह उपलब्ध है। किसानों के बुलावे पर पहुंचे कांग्रेस नेता आक्रोशित किसानों ने देर रात कांग्रेस नेता अनिल शर्मा को मंडी बुलाया। किसानों ने उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया कि जितने टोकन जारी किए गए हैं, उतने वाहनों को अंदर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। अनिल ने मंडी गेट पर तैनात कर्मचारियों से चर्चा की। इस दौरान कुछ समय तक गहमा-गहमी भी रही। शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराते हुए कहा कि जब मंडी परिसर में पर्याप्त जगह है तो टोकनधारी वाहनों को रोका जाना उचित नहीं है और उन्हें तुरंत प्रवेश दिया जाना चाहिए। इसके बाद लहसुन से भरे वाहनों को मंडी परिसर में प्रवेश दिया गया। लहसुन की बम्पर आवक को देखते हुए मंडी में रात्रि के समय भी किसी जिम्मेदार अधिकारी की ड्यूटी लगाई जानी चाहिए, ताकि गेट पर तैनात कर्मचारी मनमानी न कर सकें और इस तरह के विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। मनासा मार्ग पर लग रहा जाम कांग्रेस नेता ने मंडी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लापरवाही के कारण मनासा मार्ग पर लहसुन से भरे वाहन सड़कों के दोनों ओर अव्यवस्थित खड़े रहते हैं, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। कई बार इस जाम में एम्बुलेंस भी फंस जाती है, जिससे मरीजों को परेशानी होती है। मंडी प्रशासन को चाहिए कि कृषि उपज मंडी के पीछे उपलब्ध खाली स्थान पर लहसुन से भरे वाहनों को व्यवस्थित रूप से खड़ा कराया जाए, ताकि सड़क पर जाम की समस्या न बने।

बालाघाट में विवाहिता ने की खुदकुशी:पिता बोले- पढ़ी-लिखी थी ऐसा नहीं कर सकती, लगाया प्रताड़ना का आरोप

बालाघाट में विवाहिता ने की खुदकुशी:पिता बोले- पढ़ी-लिखी थी ऐसा नहीं कर सकती, लगाया प्रताड़ना का आरोप

बालाघाट के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक विवाहिता महिला का शव उसके बेडरूम में फांसी पर लटका मिला है। मृतका की पहचान तरूणा पति नवनीत वराडे (34) के रूप में हुई है। मायके पक्ष ने पति पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है, जिसके कारण तरूणा ने कथित तौर पर आत्महत्या की। पुलिस ने वार्ड क्रमांक 02 स्थित पंप हाउस गली से शव बरामद किया। गुरुवार को जिला अस्पताल में मृतक के मायके पक्ष की मौजूदगी में शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। तरूणा के पिता सदाराम ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी पढ़ी-लिखी थी और दो मासूम बच्चों को छोड़कर ऐसा कदम नहीं उठा सकती। उन्होंने बताया कि तरूणा का विवाह आठ साल पहले हुआ था और उसका मायका छिंदवाड़ा में है। पिता के अनुसार, तरूणा ने पहले भी घरेलू विवादों की जानकारी दी थी, लेकिन उन्हें समझाया गया था कि यह परिवार में सामान्य बात है। मामले की मर्ग कार्यवाही कर रहे एएसआई भुनेश ठाकरे ने बताया कि महिला का शव पंखे से साड़ी के फंदे में लटका मिला था। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि महिला के पति करीब एक साल से बेरोजगार थे, जबकि तरूणा घरेलू काम के साथ पतंग बनाने का काम भी करती थी। एएसआई ठाकरे ने यह भी बताया कि मृतिका के मायके पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों की गहन जांच की जाएगी। फिलहाल, पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में ससुराल पक्ष ने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया है।

घंटों फंसी रही बराता, एम्बुलेंस और वाहन:मुरैना में नेशनल हाईवे, ओवरब्रिज बाइपास पर जाम; लोग होते रहे परेशान

घंटों फंसी रही बराता, एम्बुलेंस और वाहन:मुरैना में नेशनल हाईवे, ओवरब्रिज बाइपास पर जाम; लोग होते रहे परेशान

शहर में आज शाम करीब 8 बजे के बाद कई प्रमुख सड़कों पर भीषण जाम लग गया। जौरा रोड नेशनल हाईवे-552, बैरियल चौराहा नेशनल हाईवे-44, ऋषिगावल रोड, अंबाह ओवरब्रिज, बायपास और अन्य मार्गों पर वाहन घंटों तक फंसे रहे। जाम के कारण एम्बुलेंस और बारातें भी रास्ते में अटक गईं, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जौरा रोड पर जाम के दौरान दो मरीजों को लेकर जा रही एम्बुलेंस भी लंबे समय तक फंसी रही। लोगों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील समय में भी पुलिस या ट्रैफिक पुलिस मौके पर नजर नहीं आई। स्थिति यह रही कि जाम में फंसे लोगों ने खुद ही सड़कों पर उतरकर धीरे-धीरे यातायात को व्यवस्थित किया, तब जाकर रास्ता खुल सका। शादी समारोहों के कारण बढ़ी भीड़ बताया जा रहा है कि 11 मार्च को शहर में बड़ी संख्या में विवाह समारोह होने के कारण सड़कों पर वाहनों की संख्या अचानक बढ़ गई। बारातों और निजी वाहनों की भीड़ के चलते कई मार्गों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। लोगों ने पुलिस व्यवस्था पर उठाए सवाल महापुर रोड निवासी रेनू तोमर ने बताया कि वह एक शादी में शामिल होने बाइक से जौरा रोड जा रहे थे। वहां दोनों ओर लंबा जाम लगा था। ऋषिगावल रोड पर भी वाहनों की लंबी कतारें लगी थीं और लोग घंटों जाम में फंसे रहे। उन्होंने बताया कि जाम में एम्बुलेंस भी मरीजों के साथ खड़ी रही, लेकिन कहीं भी पुलिस या ट्रैफिक पुलिस नजर नहीं आई। लोगों का कहना है कि जब शहर में अधिक शादियां होती हैं तो पुलिस को पहले से यातायात व्यवस्था करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसी कोई व्यवस्था देखने को नहीं मिली। घंटों बाद स्थानीय लोगों की मदद से धीरे-धीरे जाम खुल सका।

एसटी आयोग के हस्तक्षेप से 24 आदिवासी मजदूर मुक्त:तमिलनाडु से बैतूल पहुंचे, कलेक्टर ने स्टेशन पर किया स्वागत

एसटी आयोग के हस्तक्षेप से 24 आदिवासी मजदूर मुक्त:तमिलनाडु से बैतूल पहुंचे, कलेक्टर ने स्टेशन पर किया स्वागत

तमिलनाडु के ईरोड जिले में बंधुआ मजदूरी की स्थिति में फंसे भीमपुर ब्लॉक के 24 आदिवासी मजदूरों को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग के हस्तक्षेप के बाद मुक्त कराकर मध्यप्रदेश लाया गया। बुधवार को सभी मजदूर बैतूल पहुंचे, जहां प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें रिसीव किया गया और देर रात बस से उनके गांव भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार भीमपुर क्षेत्र के ये मजदूर पिछले चार-पांच महीनों से तमिलनाडु के मोडाकुरिची क्षेत्र के ओलापालयम में बंधुआ मजदूरी की स्थिति में काम कर रहे थे। मामले की जानकारी सामाजिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग तक पहुंची। इसके बाद आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हस्तक्षेप किया। आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के निर्देश पर आयोग के सलाहकार और पूर्व जिला न्यायाधीश प्रकाश उइके ने तमिलनाडु के डीजीपी, मुख्य सचिव और बैतूल एसपी को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कराई। इसके बाद तमिलनाडु पुलिस सक्रिय हुई और ईरोड जिले में कार्रवाई करते हुए सभी 24 मजदूरों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। रेस्क्यू के बाद मजदूरों को दो दिन तक मोडाकुरिची के कम्युनिटी हॉल में रखा गया, जहां श्रम विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की। इसके बाद 10 मार्च 2026 को शाम 5:15 बजे उन्हें राप्तीसागर एक्सप्रेस (12512) से मध्यप्रदेश के लिए रवाना किया गया। यात्रा के दौरान पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी भी उनके साथ रहे। बुधवार को मजदूर बैतूल रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी, एसपी वीरेंद्र जैन, एएसपी कमला जोशी, एसडीएम अभिजीत सिंह, लेबर ऑफिसर धम्मदीप भगत सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मजदूरों से बातचीत कर उनकी स्थिति की जानकारी ली। मुक्त कराए गए मजदूरों में 4 महिलाएं, 5 नाबालिग लड़कियां, 1 बच्चा और 14 पुरुष शामिल हैं। प्रशासन ने सभी के भोजन और अन्य व्यवस्थाएं कराते हुए देर रात बस के माध्यम से उन्हें उनके गांव रवाना कर दिया। इनमें।चार मजदूर हरदा जिले के भी शामिल है। मजदूर संगीता ने बताया कि उनसे सुबह 7 बजे से रात 12 बजे तक गन्ना कटवाया जाता था। करीब 16 घंटे तक काम कराया जाता था, जबकि खाने में सिर्फ चावल दिए जाते थे। उन्होंने बताया कि वहां किसी से बात करने, फोन पर संपर्क करने या कहीं आने-जाने की मनाही थी। ठेकेदार के लोग पूरे समय उनकी निगरानी करते रहते थे। मजदूर अल्लू ने बताया कि उन्हें पहले महाराष्ट्र के शोलापुर ले जाया गया था और वहां से तमिलनाडु भेज दिया गया। उन्हें पहले दिवाली और फिर होली पर घर भेजने का वादा किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें वापस आने नहीं दिया जा रहा था। इस पूरे रेस्क्यू अभियान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और वनवासी कल्याण आश्रम से जुड़े कार्यकर्ताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनकी पहल से मामला संबंधित अधिकारियों और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग तक पहुंच सका।