Wednesday, 22 Apr 2026 | 08:13 PM

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बालाघाट में विवाहिता ने की खुदकुशी:पिता बोले- पढ़ी-लिखी थी ऐसा नहीं कर सकती, लगाया प्रताड़ना का आरोप

बालाघाट में विवाहिता ने की खुदकुशी:पिता बोले- पढ़ी-लिखी थी ऐसा नहीं कर सकती, लगाया प्रताड़ना का आरोप

बालाघाट के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक विवाहिता महिला का शव उसके बेडरूम में फांसी पर लटका मिला है। मृतका की पहचान तरूणा पति नवनीत वराडे (34) के रूप में हुई है। मायके पक्ष ने पति पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है, जिसके कारण तरूणा ने कथित तौर पर आत्महत्या की। पुलिस ने वार्ड क्रमांक 02 स्थित पंप हाउस गली से शव बरामद किया। गुरुवार को जिला अस्पताल में मृतक के मायके पक्ष की मौजूदगी में शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। तरूणा के पिता सदाराम ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी पढ़ी-लिखी थी और दो मासूम बच्चों को छोड़कर ऐसा कदम नहीं उठा सकती। उन्होंने बताया कि तरूणा का विवाह आठ साल पहले हुआ था और उसका मायका छिंदवाड़ा में है। पिता के अनुसार, तरूणा ने पहले भी घरेलू विवादों की जानकारी दी थी, लेकिन उन्हें समझाया गया था कि यह परिवार में सामान्य बात है। मामले की मर्ग कार्यवाही कर रहे एएसआई भुनेश ठाकरे ने बताया कि महिला का शव पंखे से साड़ी के फंदे में लटका मिला था। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि महिला के पति करीब एक साल से बेरोजगार थे, जबकि तरूणा घरेलू काम के साथ पतंग बनाने का काम भी करती थी। एएसआई ठाकरे ने यह भी बताया कि मृतिका के मायके पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों की गहन जांच की जाएगी। फिलहाल, पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में ससुराल पक्ष ने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया है।

घंटों फंसी रही बराता, एम्बुलेंस और वाहन:मुरैना में नेशनल हाईवे, ओवरब्रिज बाइपास पर जाम; लोग होते रहे परेशान

घंटों फंसी रही बराता, एम्बुलेंस और वाहन:मुरैना में नेशनल हाईवे, ओवरब्रिज बाइपास पर जाम; लोग होते रहे परेशान

शहर में आज शाम करीब 8 बजे के बाद कई प्रमुख सड़कों पर भीषण जाम लग गया। जौरा रोड नेशनल हाईवे-552, बैरियल चौराहा नेशनल हाईवे-44, ऋषिगावल रोड, अंबाह ओवरब्रिज, बायपास और अन्य मार्गों पर वाहन घंटों तक फंसे रहे। जाम के कारण एम्बुलेंस और बारातें भी रास्ते में अटक गईं, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जौरा रोड पर जाम के दौरान दो मरीजों को लेकर जा रही एम्बुलेंस भी लंबे समय तक फंसी रही। लोगों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील समय में भी पुलिस या ट्रैफिक पुलिस मौके पर नजर नहीं आई। स्थिति यह रही कि जाम में फंसे लोगों ने खुद ही सड़कों पर उतरकर धीरे-धीरे यातायात को व्यवस्थित किया, तब जाकर रास्ता खुल सका। शादी समारोहों के कारण बढ़ी भीड़ बताया जा रहा है कि 11 मार्च को शहर में बड़ी संख्या में विवाह समारोह होने के कारण सड़कों पर वाहनों की संख्या अचानक बढ़ गई। बारातों और निजी वाहनों की भीड़ के चलते कई मार्गों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। लोगों ने पुलिस व्यवस्था पर उठाए सवाल महापुर रोड निवासी रेनू तोमर ने बताया कि वह एक शादी में शामिल होने बाइक से जौरा रोड जा रहे थे। वहां दोनों ओर लंबा जाम लगा था। ऋषिगावल रोड पर भी वाहनों की लंबी कतारें लगी थीं और लोग घंटों जाम में फंसे रहे। उन्होंने बताया कि जाम में एम्बुलेंस भी मरीजों के साथ खड़ी रही, लेकिन कहीं भी पुलिस या ट्रैफिक पुलिस नजर नहीं आई। लोगों का कहना है कि जब शहर में अधिक शादियां होती हैं तो पुलिस को पहले से यातायात व्यवस्था करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसी कोई व्यवस्था देखने को नहीं मिली। घंटों बाद स्थानीय लोगों की मदद से धीरे-धीरे जाम खुल सका।

एसटी आयोग के हस्तक्षेप से 24 आदिवासी मजदूर मुक्त:तमिलनाडु से बैतूल पहुंचे, कलेक्टर ने स्टेशन पर किया स्वागत

एसटी आयोग के हस्तक्षेप से 24 आदिवासी मजदूर मुक्त:तमिलनाडु से बैतूल पहुंचे, कलेक्टर ने स्टेशन पर किया स्वागत

तमिलनाडु के ईरोड जिले में बंधुआ मजदूरी की स्थिति में फंसे भीमपुर ब्लॉक के 24 आदिवासी मजदूरों को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग के हस्तक्षेप के बाद मुक्त कराकर मध्यप्रदेश लाया गया। बुधवार को सभी मजदूर बैतूल पहुंचे, जहां प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें रिसीव किया गया और देर रात बस से उनके गांव भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार भीमपुर क्षेत्र के ये मजदूर पिछले चार-पांच महीनों से तमिलनाडु के मोडाकुरिची क्षेत्र के ओलापालयम में बंधुआ मजदूरी की स्थिति में काम कर रहे थे। मामले की जानकारी सामाजिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग तक पहुंची। इसके बाद आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हस्तक्षेप किया। आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के निर्देश पर आयोग के सलाहकार और पूर्व जिला न्यायाधीश प्रकाश उइके ने तमिलनाडु के डीजीपी, मुख्य सचिव और बैतूल एसपी को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कराई। इसके बाद तमिलनाडु पुलिस सक्रिय हुई और ईरोड जिले में कार्रवाई करते हुए सभी 24 मजदूरों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। रेस्क्यू के बाद मजदूरों को दो दिन तक मोडाकुरिची के कम्युनिटी हॉल में रखा गया, जहां श्रम विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की। इसके बाद 10 मार्च 2026 को शाम 5:15 बजे उन्हें राप्तीसागर एक्सप्रेस (12512) से मध्यप्रदेश के लिए रवाना किया गया। यात्रा के दौरान पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी भी उनके साथ रहे। बुधवार को मजदूर बैतूल रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी, एसपी वीरेंद्र जैन, एएसपी कमला जोशी, एसडीएम अभिजीत सिंह, लेबर ऑफिसर धम्मदीप भगत सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मजदूरों से बातचीत कर उनकी स्थिति की जानकारी ली। मुक्त कराए गए मजदूरों में 4 महिलाएं, 5 नाबालिग लड़कियां, 1 बच्चा और 14 पुरुष शामिल हैं। प्रशासन ने सभी के भोजन और अन्य व्यवस्थाएं कराते हुए देर रात बस के माध्यम से उन्हें उनके गांव रवाना कर दिया। इनमें।चार मजदूर हरदा जिले के भी शामिल है। मजदूर संगीता ने बताया कि उनसे सुबह 7 बजे से रात 12 बजे तक गन्ना कटवाया जाता था। करीब 16 घंटे तक काम कराया जाता था, जबकि खाने में सिर्फ चावल दिए जाते थे। उन्होंने बताया कि वहां किसी से बात करने, फोन पर संपर्क करने या कहीं आने-जाने की मनाही थी। ठेकेदार के लोग पूरे समय उनकी निगरानी करते रहते थे। मजदूर अल्लू ने बताया कि उन्हें पहले महाराष्ट्र के शोलापुर ले जाया गया था और वहां से तमिलनाडु भेज दिया गया। उन्हें पहले दिवाली और फिर होली पर घर भेजने का वादा किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें वापस आने नहीं दिया जा रहा था। इस पूरे रेस्क्यू अभियान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और वनवासी कल्याण आश्रम से जुड़े कार्यकर्ताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनकी पहल से मामला संबंधित अधिकारियों और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग तक पहुंच सका।

भिंड में NH-719 पर 2 KM लंबा जाम:दबोहा पुलिया के पास बारातों के कारण फंसे सैकड़ों वाहन, एंबुलेंस भी घंटों जाम में अटकी

भिंड में NH-719 पर 2 KM लंबा जाम:दबोहा पुलिया के पास बारातों के कारण फंसे सैकड़ों वाहन, एंबुलेंस भी घंटों जाम में अटकी

भिंड में नेशनल हाईवे-719 पर बुधवार रात करीब 9 बजे के बाद अचानक जाम के हालात बन गए। दबोहा पुलिया के पास करीब 2 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें सैकड़ों वाहन फंस गए। जाम में एंबुलेंस तक के फंसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार ग्वालियर-भिंड-इटावा नेशनल हाईवे-719 पर बुधवार रात दबोहा पुलिया के पास यातायात व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई। रात करीब 9 बजे के बाद यहां धीरे-धीरे वाहनों की लंबी कतार लगनी शुरू हुई और कुछ ही देर में जाम करीब दो किलोमीटर तक फैल गया। जाम में दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहन फंस गए, जिससे लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। स्थानीय लोगों के मुताबिक शास्त्री कॉलोनी से लेकर दबोहा पुलिया तक करीब एक दर्जन मैरिज गार्डन स्थित हैं। इन दिनों शादी समारोहों का सीजन चल रहा है, जिसके चलते लगातार बारातें निकल रही हैं। बारातों के दौरान सड़क पर डीजे, बैंड और नाचते बारातियों के कारण यातायात रुक-रुक कर चलता रहा, जिससे जाम की स्थिति बन गई। नेशनल हाईवे होने के कारण इस मार्ग पर रोजाना भारी वाहनों का भी अधिक दबाव रहता है। ऐसे में जब एक साथ कई बारातें सड़क पर निकलती हैं तो यातायात पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। जाम में कई एंबुलेंस भी फंस गईं, जिससे मरीजों को ले जा रहे परिजनों को परेशानी उठानी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि शादी के सीजन में इस क्षेत्र में हर साल इसी तरह के हालात बनते हैं। हाईवे के किनारे कई मैरिज गार्डन होने के कारण बारातें सीधे सड़क पर निकलती हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है। लोगों ने प्रशासन से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।

कटनी में ट्रक घर में घुसा:बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त; कोई घायल नहीं, ड्राइवर नशे में धुत था

कटनी में ट्रक घर में घुसा:बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त; कोई घायल नहीं, ड्राइवर नशे में धुत था

कटनी के कैमोर-मैहर मुख्य मार्ग पर बुधवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एसीसी कॉलोनी के पास संडे मार्केट इलाके में एक तेज रफ्तार ट्रक बेकाबू होकर सीधे एक घर में जा घुसा और पलट गया। इस टक्कर से मकान की बाउंड्री वॉल पूरी तरह टूट गई। राहत की बात यह रही कि जिस वक्त ट्रक घर की दीवार तोड़कर अंदर घुसा, वहां कोई मौजूद नहीं था। अगर उस हिस्से में कोई होता, तो बड़ी जानहानि हो सकती थी। हादसे के बाद मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई। नशे में धुत था ड्राइवर वहां मौजूद लोगों ने ट्रक के केबिन में फंसे ड्राइवर को बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि ड्राइवर शराब के नशे में बुरी तरह धुत था और इसी वजह से वह ट्रक पर कंट्रोल नहीं रख पाया। ट्रक की रफ्तार भी बहुत ज्यादा थी। लोगों में नाराजगी और आंदोलन की चेतावनी हादसे के बाद इलाके के लोगों ने प्रशासन के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया। उनका कहना है कि इस रोड पर ओवरलोड गाड़ियां बहुत तेज चलती हैं, जिससे हमेशा डर बना रहता है। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर नशेड़ी ड्राइवरों और बेलगाम गाड़ियों पर जल्द ही रोक नहीं लगाई गई, तो वे चक्काजाम और आंदोलन करेंगे।

कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर, अभिनेत्री निधि अग्रवाल ने किए महाकाल दर्शन:उज्जैन में पूजा-अर्चना कर मांगी सुख-समृद्धि की कामना

कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर, अभिनेत्री निधि अग्रवाल ने किए महाकाल दर्शन:उज्जैन में पूजा-अर्चना कर मांगी सुख-समृद्धि की कामना

कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर और फिल्म अभिनेत्री निधि अग्रवाल ने उज्जैन में भगवान महाकालेश्वर के दर्शन किए। दोनों ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उनका स्वागत और सत्कार किया गया। दर्शन के बाद कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि महाकाल के दरबार में आकर उन्हें अद्भुत शांति मिली। उन्होंने भगवान महाकाल से सभी के लिए सुख, समृद्धि, सद्बुद्धि और भक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। ठाकुर ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि प्रत्येक सनातनी को जीवन में कम से कम एक बार उज्जैन आकर महाकाल के दर्शन अवश्य करने चाहिए। उन्होंने बच्चों को भी सनातन परंपराओं से जोड़ने और मंदिरों में आने की प्रेरणा देने पर जोर दिया। उन्होंने महाकाल लोक की व्यवस्थाओं की भी सराहना की और अंत में “हर-हर महादेव” का जयघोष किया। फिल्म अभिनेत्री निधि अग्रवाल ने भी ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर के दर्शन किए। उन्होंने नंदी गृह से भगवान से हाथ जोड़कर मनोकामना मांगी और पंडितों के मंत्रोच्चार के साथ जल अर्पित किया। इस दौरान वह महाकाल की भक्ति में लीन दिखाई दीं। निधि अग्रवाल एक भारतीय फिल्म अभिनेत्री और डांसर हैं, जो मुख्य रूप से तेलुगु, तमिल और हिंदी फिल्मों में काम करती हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में टाइगर श्रॉफ के साथ फिल्म ‘मुन्ना माइकल’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ महिला डेब्यू का जी सिने पुरस्कार मिला था। इसके बाद उन्होंने ‘इस्मार्ट शंकर’ और ‘ईस्वरन’ जैसी फिल्मों में भी अभिनय किया है।

नवजात को छह दिन बाद मिली मां की गोद:परिजन नहीं पहुंचे तो डॉक्टरों ने संभाली जिम्मेदारी, कम वजन के कारण हुई थी भर्ती

नवजात को छह दिन बाद मिली मां की गोद:परिजन नहीं पहुंचे तो डॉक्टरों ने संभाली जिम्मेदारी, कम वजन के कारण हुई थी भर्ती

दतिया जिला अस्पताल में छह दिनों से भर्ती 15 दिन की एक नवजात बच्ची आखिरकार मंगलवार को अपनी मां की गोद में पहुंच गई। बच्ची को 4 मार्च को कम वजन और सांस लेने में परेशानी के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ समय बाद परिजन घर चले गए और कई दिनों तक अस्पताल नहीं पहुंचे। इस दौरान डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने ही बच्ची की देखभाल की। डॉक्टरों की निगरानी में रखा जानकारी के अनुसार संध्या पत्नी आशीष की नवजात बेटी को जन्म के बाद स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बच्ची का वजन सामान्य से कम था और उसे सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। इसी वजह से डॉक्टरों ने उसे विशेष निगरानी में रखा। कई दिनों तक अस्पताल नहीं पहुंचे परिजन भर्ती के बाद कुछ समय तक परिजन अस्पताल में मौजूद रहे, लेकिन बाद में वे घर चले गए और कई दिनों तक वापस नहीं आए। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ लगातार बच्ची की जांच करते रहे और उसे जरूरी इलाज देते रहे। अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों से संपर्क करने की भी कोशिश की, ताकि वे बच्ची के पास आ सकें। पिता के आने के बाद मां को बुलाया गया सोमवार शाम बच्ची के पिता आशीष अस्पताल पहुंचे थे। उस समय अस्पताल स्टाफ ने उन्हें बताया कि नवजात को मां की देखभाल की जरूरत है। इसके बाद उन्हें मां को भी अस्पताल लाने के लिए कहा गया। मंगलवार शाम बच्ची की मां संध्या जिला अस्पताल पहुंची। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने नवजात को उसकी मां को सौंप दिया। डॉक्टरों ने मां को बच्ची की देखभाल और नियमित रूप से दूध पिलाने की सलाह दी। डॉक्टरों का कहना है कि जन्म के बाद कम वजन वाले नवजातों को विशेष देखभाल की जरूरत होती है। ऐसे बच्चों के लिए मां की मौजूदगी बहुत जरूरी होती है, क्योंकि मां के दूध और देखभाल से बच्चे की सेहत में जल्दी सुधार होता है। फिलहाल बच्ची की हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टर उसकी निगरानी कर रहे हैं।

रंगपंचमी की सुबह स्कॉर्पियो ने मारी थी टक्कर:100 से ज्यादा कैमरे देखने के बाद पकड़ाया आरोपी ड्राइवर

रंगपंचमी की सुबह स्कॉर्पियो ने मारी थी टक्कर:100 से ज्यादा कैमरे देखने के बाद पकड़ाया आरोपी ड्राइवर

छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में रंगपंचमी की सुबह तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की टक्कर से एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। मामले में पुलिस ने फरार स्कॉर्पियो चालक को मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी चकमा देने के लिए अलग-अलग जगह से गाड़ी को भगाकर ले गया था। दो दिन तक लगातार सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंची है। छत्रीपुरा पुलिस के मुताबिक रंगपंचमी की अलसुबह सिलावटपुरा गणेश मंदिर के पास तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने सड़क किनारे खड़े तनवीर खान (19) और उसके दोस्त फैजान मंसूरी (22) को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल यूनिक अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान तनवीर की मौत हो गई थी। वहीं फैजान घायल था। इस मामले में पुलिस ने स्कॉर्पियो के ड्राइवर शाहरुख पुत्र सलीम लोहार निवासी ग्रीन पार्क कॉलोनी को मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया कि रमजान के चलते सेहरी के समय कई युवक घर के बाहर खड़े थे। इसी दौरान तेज रफ्तार स्कॉर्पियो वहां से गुजरी और दो युवकों को टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया था। खुद भी सेहरी के लिए पहुंचा था शाहरुख ने पूछताछ में बताया कि वह ग्रीन पेलेस कॉलोनी में रहने वाली व्यक्ति की गाड़ी चलाता है। रविवार को वह दो लोगों को लेकर सेहरी के लिए बंबई बाजार आया था। यहां से वापस जाते समय उसे नींद का झोंका आ गया। वह हादसे के बाद घबरा गया। इसके बाद स्कॉर्पियो को भगाकर वहां से ले गया। दोस्त ने किया था पीछा,100 से ज्यादा फुटेज देखे हादसे के बाद तनवीर ओर फैजान के दोस्त इरफान ने गगवाल,फूटी कोठी,महूनाका से होते हुए फूटी कोठी और चंदन नगर चौराहे तक पीछा किया था। इसके बाद आरोपी ने स्कॉर्पियो धार रोड की तरफ मोड़ दी थी। इरफान हादसे के बाद गाड़ी के नंबर नहीं देख पाया था। पुलिस के जवान धमेन्द्र,भूपेन्द्र और अरूण ने करीब 100 से ज्यादा कैमरो के फुटेज देखे ओर आरोपी को दबोच लिया। पुलिस ने टक्कर मारने वाली स्कॉर्पियो भी जब्त कर ली है।

Bhopal Big Pond Encroachment Found During NGT Survey

Bhopal Big Pond Encroachment Found During NGT Survey

भोपाल के बड़ा तालाब पर अतिक्रमण किया गया है। अब अतिक्रमणकारियों पर प्रशासन ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्राइबल) की फटकार से अफसर हरकत में आए और सर्वे शुरू किया। सेवनिया गौंड में मिले 11 अतिक्रमण मंगलवार को टीम सेवनिया गौंड इलाक . कई रसूखदारों के फॉर्म हाउस भी भदभदा, बिसनखेड़ी, गौरागांव, बील गांव, सेवनिया गौंड और सूरजनगर में बड़ी बिल्डिंग, फॉर्म हाउस, रिसोर्ट भी देखने को मिले। बड़ा तालाब रामसर साइट भी है। बावजूद सालों से सिर्फ फाइलों में ही कब्जे हटे हैं। मंगलवार को टीम जिस इलाके में सीमांकन करने पहुंची, वहां पर भास्कर टीम ने भी दौरा किया। सूरजनगर, सेवनिया गौंड में तो जिस जगह पर रामसर साइट है और नगर निगम की मुनार लगी है। मौके पर एफटीएल बताने वाली 5 तरह की मुनारें लगी हुई मिली। इनमें से एक में बीएमसी यानी, भोपाल म्युनसिपल कॉरपोर्रेशन लिखा है। बाकी पर सफेद रंग है। लिखा कुछ नहीं है। इन्हीं फर्जी मुनारों के आसपास अतिक्रमण और अवैध निर्माण है। इसलिए सीमांकन शुरू किया करीब पांच महीने पहले बड़ा तालाब के अतिक्रमण पर एनजीटी सख्त हुआ था। तब कार्रवाई की सिर्फ रस्म अदा की गई थी। फरवरी में सांसद आलोक शर्मा ने जिम्मेदारों की बैठक लेकर फटकार लगा दी। इसके बाद फिर से सर्वे शुरू किया गया। बड़ा तालाब में अतिक्रमण को लेकर एनजीटी में एक याचिका पर्यावरणविद् राशिद नूर ने लगाई थी। ये खबर भी पढ़ें… भोपाल के बड़ा तालाब का सीमांकन दोबारा शुरू होली के बाद राजधानी में बड़ा तालाब के किनारे 50 मीटर क्षेत्र का सीमांकन करने की कार्रवाई सोमवार से फिर शुरू कर दी गई। टीटी नगर एसडीएम कार्यालय की टीम ने नगर निगम के साथ मिलकर यह अभियान भदभदा स्थित सेवनिया गौंड क्षेत्र से शुरू किया। मंगलवार को भी टीम सीमांकन करेगी।पूरी खबर पढ़ें

भोपाल के 3 डॉक्टरों के खिलाफ जिला कोर्ट में परिवाद:लिंग जांच से जुड़े नियमों की अनदेखी, स्वास्थ्य विभाग पहुंचा कोर्ट; एक डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक भी शामिल

भोपाल के 3 डॉक्टरों के खिलाफ जिला कोर्ट में परिवाद:लिंग जांच से जुड़े नियमों की अनदेखी, स्वास्थ्य विभाग पहुंचा कोर्ट; एक डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक भी शामिल

भोपाल में गर्भ में बच्चे का लिंग पता लगाने पर रोक से जुड़े पीसीपीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) भोपाल और पीसीपीएनडीटी एक्ट के समुचित प्राधिकारी ने तीन डॉक्टरों और एक डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय में परिवाद दायर किया है। आरोप है कि इन लोगों ने सोनोग्राफी से जुड़े जरूरी दस्तावेजों का सही तरीके से रिकॉर्ड नहीं रखा और एक्ट के नियमों का पालन नहीं किया। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। इसके बाद पहले संबंधित केंद्रों की मान्यता निरस्त की गई और मशीनें सील की गईं। अब मामले को अदालत में ले जाकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कोर्ट के आदेश के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस चलेगा। पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत दायर परिवाद में एयरपोर्ट रोड गांधीनगर स्थित न्यू लाइफ डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक मोहम्मद दानिश अली और रेडियोलॉजिस्ट डॉ. ईशांत जाटव को आरोपी बनाया है। इसके अलावा एक अन्य मामले में मार्वल अस्पताल के संचालक डॉ. विशाल श्रीवास्तव और डॉ. कृति श्रीवास्तव को भी आरोपी बनाया है। इन सभी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कराया है। हालांकि, कोर्ट ने तीनों चिकित्सकों एवं डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक को जमानत दे दी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा परिवाद में दिए गए विवरण एवं तथ्यों के आधार पर जांच जारी रहेगी। पहले ही रद्द की जा चुकी थी मान्यता स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन संस्थानों की गतिविधियां पहले से ही संदिग्ध पाई गई थीं। जांच में एक्ट के नियमों का उल्लंघन मिलने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय ने संबंधित संस्थाओं की मान्यता पहले ही निरस्त कर दी थी। मंगलवार को सीएमएचओ भोपाल डॉ. मनीष शर्मा खुद जिला एवं सत्र न्यायालय में पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ परिवाद पत्र प्रस्तुत किया। अदालत के आदेश के बाद अब सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ेगी। निरीक्षण में मिली थीं कई गड़बड़ियां इस साल 22 जनवरी को सीएमएचओ कार्यालय की निरीक्षण टीम ने मार्वल अस्पताल में संचालित सोनोग्राफी सेंटर की जांच की थी। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। सबसे बड़ी गड़बड़ी यह मिली कि यहां फॉर्म-एफ का सही तरीके से संधारण नहीं किया जा रहा था। इसके अलावा एएनसी रजिस्टर में भी प्रविष्टियां ठीक ढंग से दर्ज नहीं की गई थीं। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए टीम ने जरूरी दस्तावेज जब्त कर लिए और सोनोग्राफी मशीन को सील कर दिया था। न्यू लाइफ डायग्नोस्टिक सेंटर में भी नियमों की अनदेखी न्यू लाइफ डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच में भी कई खामियां मिली थीं। यहां खाली एफ-फॉर्म पर रेडियोलॉजिस्ट डॉ. ईशांत जाटव के सील और साइन पाए गए। इसके अलावा एएनसीफॉर्म और एफ-फॉर्म भी अधूरे भरे हुए मिले। यह स्थिति पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन मानी गई। इसके बाद सीएमएचओ ने डॉ. ईशांत जाटव को नोटिस जारी कर उनके द्वारा सोनोग्राफी करने पर रोक लगा दी थी। साथ ही सेंटर की पीसीपीएनडीटी मान्यता भी निरस्त कर दी गई थी। लिंग चयन पर रोक के लिए सख्त कानून स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार पीसीपीएनडीटी एक्ट का उद्देश्य भ्रूण के लिंग की जांच और उसके आधार पर होने वाले भ्रूण हत्या जैसे अपराधों को रोकना है। इस कानून के तहत सोनोग्राफी से जुड़े हर परीक्षण का पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होता है। नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित डॉक्टर और संस्थान के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है।