Thursday, 23 Apr 2026 | 09:44 AM

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भाजपा नेता के भाई ने दलित बस्ती पर हमला किया:जान बचाने पहली मंजिल से कूदी महिला; पत्थरबाजी में एक घायल

भाजपा नेता के भाई ने दलित बस्ती पर हमला किया:जान बचाने पहली मंजिल से कूदी महिला; पत्थरबाजी में एक घायल

नीमच जिले के काली कोटड़ी गांव में गुरुवार दोपहर भाजपा नेता उमराव सिंह गुर्जर के भाई गोपाल गुर्जर और उनके करीब 60 साथियों ने दलित बस्ती पर हमला कर दिया। इस दौरान हमलावरों ने घरों में तोड़फोड़ की और महिलाओं से मारपीट की। हमले में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि एक अन्य महिला ने अपनी जान बचाने के लिए घर की पहली मंजिल से छलांग लगा दी। गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे लोडिंग टेंपो और पांच कारों में सवार होकर आए हमलावरों ने मनीष नायक, पुष्कर और अर्जुन नायक के घरों को निशाना बनाया। उन्होंने घरों में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। मनीष नायक की पत्नी पूजा मेघवाल पर पत्थर से हमला किया गया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। यहां से शुरू हुआ विवाद यह विवाद 24 फरवरी की रात को शुरू हुआ था, जब दीपेश गुर्जर ने अपनी बिना नंबर की थार गाड़ी से मनीष नायक की बाइक को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में मनीष घायल हो गए थे। पीड़ितों का आरोप है कि मेडिकल जांच के बावजूद पुलिस ने प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर उन्हें ही झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी थी। हमसे टकराने का अंजाम बुरा होगा पीड़ितों के अनुसार, गोपाल गुर्जर, सरदार सिंह, दीपेश और उनके साथियों ने जातिगत गालियां देते हुए धमकी दी कि “इस इलाके में हमारा आतंक है और हमसे टकराने का अंजाम बुरा होगा।” घटना के बाद डरे-सहमे पीड़ित परिवार शाम को नीमच पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। दहशत में परिवार ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि आरोपी मछली पालन के बड़े ठेकेदार हैं और उनके राजनीतिक रसूख के कारण पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है। पीड़ितों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई और उन्हें सुरक्षा नहीं मिली, तो उनके परिवार की जान को खतरा बना रहेगा।

आशा कार्यकर्ताओं ने मानदेय न मिलने पर किया प्रदर्शन:पन्ना कलेक्ट्रेट में धरना, मुख्यमंत्री से मांगों पर कार्रवाई की मांग

आशा कार्यकर्ताओं ने मानदेय न मिलने पर किया प्रदर्शन:पन्ना कलेक्ट्रेट में धरना, मुख्यमंत्री से मांगों पर कार्रवाई की मांग

पन्ना जिले में आशा और आशा पर्यवेक्षक कार्यकर्ताओं ने महीनों से रुके मानदेय और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। गुरुवार, 26 फरवरी को म.प्र. आशा/ऊषा सहयोगी श्रमिक संघ के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी की और धरने पर बैठ गईं। प्रदर्शन के बाद, संघ ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को विस्तार से रखा। ज्ञापन में बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ मानी जाने वाली ये कार्यकर्ता आर्थिक तंगी का सामना कर रही हैं। पूर्व में घोषित 1000 रुपये की वार्षिक वृद्धि और केंद्र सरकार द्वारा जारी 1500 रुपये की राशि का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें महीनों तक मानदेय नहीं मिलता, और जब मिलता है तो वह अधूरा होता है। कार्यकर्ताओं ने यह भी बताया कि रक्षाबंधन, दशहरा और दीपावली जैसे त्योहारों पर भी उन्हें बकाया भुगतान नहीं मिला। इतनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद, उन्हें न्यूनतम वेतन, पेंशन, ग्रेच्युटी और सामाजिक सुरक्षा जैसे लाभों से वंचित रखा गया है। आशा कार्यकर्ता करुणा गौतम ने कहा कि शासन-प्रशासन मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए उनकी तारीफ तो करता है, लेकिन जब उनके हक के पैसे देने की बात आती है, तो फाइलें दबा ली जाती हैं। उन्होंने अपनी खराब आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि बच्चों की पढ़ाई, इलाज और घर का किराया देना भी मुश्किल हो रहा है। यूनियन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मानदेय का नियमित भुगतान और अन्य अनियमितताओं को दूर नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा।

सीधी में भू-अर्जन कर्मचारी 1 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार:लोकायुक्त टीम ने पकड़ा, 27 लाख मुआवजे पर मांगी थे 13 लाख

सीधी में भू-अर्जन कर्मचारी 1 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार:लोकायुक्त टीम ने पकड़ा, 27 लाख मुआवजे पर मांगी थे 13 लाख

मध्य प्रदेश के सीधी जिले में लोकायुक्त पुलिस रीवा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भू-अर्जन शाखा के कर्मचारी भूपेंद्र पांडेय को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गुरुवार के दिन गिरफ्तार किया है। यह दूसरी बार है जब आरोपी को लोकायुक्त पुलिस ने ट्रैप में पकड़ा है, जिससे विभागीय तंत्र में हड़कंप मच गया है। शिकायतकर्ता शिवबहोर तिवारी, जो ग्राम सदना के निवासी हैं, ने लोकायुक्त को शिकायत दी थी। उनकी नौ डिसमिल जमीन हाईवे परियोजना में प्रभावित हुई थी, जिसके लिए उन्हें 27 लाख रुपये का मुआवजा स्वीकृत हुआ था। आरोप है कि इस मुआवजा राशि को जारी कराने के लिए कर्मचारी भूपेंद्र पांडेय ने उनसे 13 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने पहले भी मजबूरी में 1 लाख रुपये की राशि दी थी। तय योजना के तहत, गुरुवार को वह दूसरी किस्त के रूप में 1 लाख रुपये देने पहुंचे थे, जबकि शेष राशि पांच दिन बाद देने की बात हुई थी। इसी दौरान उन्होंने लोकायुक्त एसपी से शिकायत की, जिसके बाद सत्यापन कर ट्रैप की रणनीति बनाई गई। लोकायुक्त टीम को मिली सूचना का विधिवत सत्यापन किया गया। आरोप सही पाए जाने पर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया। जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, टीम ने उसे तत्काल रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान आवश्यक साक्ष्य और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की गई। लोकायुक्त थाना प्रभारी एस. आर. मरावी ने बताया कि शिकायत के सत्यापन में तथ्य सही पाए जाने पर गुरुवार को आरोपी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आरोपी भूपेंद्र पांडेय के विरुद्ध पूर्व में भी लोकायुक्त पुलिस द्वारा आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जा चुका है।

सिंगरौली के आमो गांव में आधी रात चोर पकड़ाया:ग्रामीणों ने खंभे से बांध; जियावान पुलिस को सौंपा

सिंगरौली के आमो गांव में आधी रात चोर पकड़ाया:ग्रामीणों ने खंभे से बांध; जियावान पुलिस को सौंपा

सिंगरौली जिले के जियावान थाना क्षेत्र के आमो गांव में बुधवार देर रात चोरी की घटना सामने आई। एक घर में घुसे चोर को मकान मालिक ने रंगे हाथों पकड़ लिया। ग्रामीणों ने चोर को खंभे से बांधकर पुलिस को सौंप दिया। यह घटना रात करीब 1 बजे की है। गुरुवार को पुलिस ने मामला दर्ज किया है पीड़ित गृहस्वामी राम रती केवट ने बताया कि रात में उनके घर और किराने की दुकान से कुछ आहट सुनाई दी, जिससे उनकी नींद खुल गई। बाहर निकलने पर उन्होंने देखा कि कुछ लोग दुकान के अंदर घुसे हुए थे। उन्होंने तुरंत शोर मचाया, जिससे गांव के अन्य लोग और उनका बेटा भी मौके पर पहुंच गए। भगदड़ के दौरान राम रती केवट और उनके बेटे ने भागते हुए एक चोर को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम लवकुश बताया। वह घर की बहू के बैग से एक सोने का लॉकेट और किराने की दुकान से कुछ सामान चुराकर भागने की कोशिश कर रहा था। राम रती केवट के अनुसार, उनकी दुकान में यह चौथी चोरी की घटना है। इससे पहले भी तीन बार चोरी हो चुकी है। ग्रामीणों ने चोर को खंभे से बांधकर जियावान थाना पुलिस को सूचना दी। चोर को पकड़कर थाने लाए जियावान थाना प्रभारी डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रामीणों से सूचना मिलते ही पुलिस टीम रात में मौके पर पहुंची। ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए चोर को थाने लाया गया है और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

जीवाजी विश्वविद्यालय में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर प्रतिबंध:नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन

जीवाजी विश्वविद्यालय में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर प्रतिबंध:नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन

ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय ने परिसर में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है और चेतावनी दी है कि नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह कदम शहर में बढ़ते डॉग बाइट के मामलों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मद्देनजर उठाया गया है। विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर एक आदेशात्मक बैनर लगाया गया है। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि कोई भी व्यक्ति परिसर के अंदर आवारा कुत्तों को भोजन वितरित करते पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रबंधन ने इस निर्णय को सर्वोच्च न्यायालय में आवारा कुत्तों के हमलों से संबंधित याचिका पर आए आदेश का अनुपालन बताया है। 7-8 लोग डॉग बाइट के शिकार हुए थे दरअसल, ग्वालियर में प्रतिदिन 250 से अधिक डॉग बाइट के मामले सामने आ रहे हैं। हाल ही में, विश्वविद्यालय परिसर में ही एक आवारा कुत्ते ने एक ही दिन में 7 से 8 लोगों को काट लिया था। इस घटना के बाद छात्र-छात्राओं, प्रोफेसरों और सुबह टहलने आने वाले लोगों में दहशत फैल गई थी। विश्वविद्यालय परिसर में लड़कों और लड़कियों के छात्रावास, प्रोफेसरों के आवास सहित अन्य आवासीय क्षेत्र हैं। यहां प्रतिदिन लगभग पांच हजार लोग सुबह-शाम टहलने आते हैं। ऐसे में सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता स्वाभाविक है। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. विमलेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि प्रबंधन ने सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों को भोजन न देने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिपालन में यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि परिसर में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए यह निर्णय आवश्यक हो गया था।

आधी रात को फोन कर बुलाया, युवक को मारी गोली:पन्ना में ककरहाई हत्याकांड का खुलासा, खाने-पीने पर हुए विवाद में किया मर्डर; आरोपी गिरफ्तार

आधी रात को फोन कर बुलाया, युवक को मारी गोली:पन्ना में ककरहाई हत्याकांड का खुलासा, खाने-पीने पर हुए विवाद में किया मर्डर; आरोपी गिरफ्तार

पन्ना के अमानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम ककरहाई 22 फरवरी को गोली मारकर एक युवक की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी दीपेंद्र सिंह बुन्देला को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने युवक बलीराम चौधरी (22) की हत्या के आरोप में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उसके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया अवैध हथियार भी बरामद कर लिया गया है। तलाशी के दौरान लावारिश हालत में मिली बाइक पुलिस के अनुसार, मृतक बलीराम चौधरी 22 फरवरी की रात करीब 2 बजे एक फोन आने के बाद अपनी बाइक से घर से निकला था। सुबह तक वापस न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान बलीराम की बाइक ग्राम खिरवा हार में लावारिस मिली। दाहिनी आंख में गोली लगने के मिले निशान बाइक के पास ही अमान सिंह बुन्देला के खेत की झोपड़ी के बाहर बलीराम का शव बरामद हुआ। मृतक की दाहिनी आंख में गोली लगने के निशान थे। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उप निरीक्षक रवि सिंह जादौन के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। खाने-पीने को लेकर दोनों में हुआ विवाद, दोस्त ने मारी गोली जांच के दौरान पुलिस ने डॉग स्क्वॉड और फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों की मदद ली। गहन छानबीन के बाद पुलिस ने आरोपी दीपेंद्र सिंह बुन्देला को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने बलीराम को आधी रात को फोन कर बुलाया था। खाने-पीने को लेकर हुए विवाद के बाद उसने बलीराम की आंख में गोली मार दी। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए किया था चक्काजाम हत्या की जानकारी मिलने के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने अमानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर सैकड़ों की संख्या में एकत्र होकर चक्काजाम किया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने मृतक की पत्नी के लिए जीवन निर्वाह भत्ते की भी मांग की, क्योंकि बलीराम चौधरी ही अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस के आश्वासन पर मामला शांत हुआ। झाड़ियों में छिपाकर रखा गया देसी कट्टा भी जब्त पुलिस को सूचना मिली कि घटना के समय संदेही दीपेंद्र सिंह बुंदेला को घटनास्थल के आसपास देखा गया था। जब संदेही को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। ​आरोपी की निशानदेही पर झाड़ियों में छिपाकर रखा गया 12 बोर का देसी कट्टा और खाली खोखे बरामद किए गए। ​मृतक के अनुसूचित जाति वर्ग से होनी की वजह से पुलिस ने हत्या (धारा 103(1) BNS) के साथ-साथ SC/ST एक्ट और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। ​एएसपी बोली खाने-गुस्से में आकर किया मर्डर जब इस पूरे मामले पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह चौहान से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मृतक बलिराम चौधरी और आरोपी दीपेंद्र सिंह बुंदेला के बीच खाने-पीने की किसी बात को लेकर विवाद हुआ था जिसके बाद आरोपी ने आवेश में आ कर बलिराम की हत्या कर दी थी।

छतरपुर में सिलेंडर फटने से घर में आग:लाखों का सामान और कैश जला, खाना बनाते समय हादसा

छतरपुर में सिलेंडर फटने से घर में आग:लाखों का सामान और कैश जला, खाना बनाते समय हादसा

छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र के ग्राम कुर्राहा में बुधवार शाम एक मकान में सिलेंडर फटने से आग लग गई। इस घटना में घर का लाखों का सामान और नकदी जलकर राख हो गई। हालांकि, परिवार के सदस्यों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। पीड़ित परिवार को करीब ढाई से तीन लाख रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। यह घटना कुर्राहा निवासी सफीक खान के घर में शाम लगभग 6:30 से 7:00 बजे के बीच हुई। सफीक खान की पत्नी रसोई में खाना बना रही थीं, तभी अचानक गैस सिलेंडर में आग लग गई। घर में मौजूद महिलाओं ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई। कुछ ही देर में सिलेंडर में जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद पूरे मकान में आग फैल गई। दो लाख का नुकसान हुआ धमाके की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और परिवार के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। आग की लपटों ने घर के अंदर रखे सभी सामान को अपनी चपेट में ले लिया। परिवार के अनुसार, इस अग्निकांड में लगभग दो लाख रुपए नकद, फ्रिज, टीवी, पलंग, गोदरेज अलमारी और दैनिक उपयोग का अन्य सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। घटना की सूचना तत्काल डायल 112 पर दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।

उज्जैन में महाकाल लोक के सामने होटल में भीषण आग:यात्रियों को सुरक्षित निकाला, दो दमकल ने दो घंटे में पाया आग पर काबू

उज्जैन में महाकाल लोक के सामने होटल में भीषण आग:यात्रियों को सुरक्षित निकाला, दो दमकल ने दो घंटे में पाया आग पर काबू

उज्जैन में बुधवार देर रात महाकाल लोक के सामने स्थित एक होटल में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि समय रहते होटल में ठहरे सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि आग से होटल में भारी नुकसान हुआ है। तीसरी मंजिल पर भड़की आग घटना जयसिंहपुरा क्षेत्र स्थित संतोष पैलेस होटल की है। बुधवार रात करीब 11:30 बजे होटल की तीसरी मंजिल पर आग लग गई। आग की लपटें और धुआं उठता देख क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही चार दमकल वाहन मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों, महाकाल थाना पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग बुझाने के लिए फायर एक्सटिंगुइशर का भी उपयोग किया गया। पुलिस कर रही जांच महाकाल थाना टीआई गगन बादल ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। करीब दो घंटे में आग पर काबू पा लिया गया। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच की जाएगी। फायर अधिकारी एलपी साहू ने बताया कि चार दमकल वाहन भेजे गए थे, लेकिन दो गाड़ियों से ही आग पर नियंत्रण पा लिया गया। युवाओं ने दिखाई बहादुरी आग लगने की घटना सबसे पहले कुछ स्थानीय मुस्लिम युवाओं ने देखी। उन्होंने तुरंत होटल प्रबंधन और क्षेत्रवासियों को सूचना दी। मोहम्मद अजान, मोहम्मद सलमान और मोईन खान ने सबसे पहले मौके पर पहुंचकर पानी और आग बुझाने के यंत्रों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। उनकी सतर्कता और साहस से बड़ा हादसा टल गया।

नर्मदापुरम में बुजुर्ग ने गलत योनो एप डाउनलोड किया:6 बार में खाते से गायब हुए 4.47 लाख रुपए; पुलिस बोली- एपीके फाइल से बचे

नर्मदापुरम में बुजुर्ग ने गलत योनो एप डाउनलोड किया:6 बार में खाते से गायब हुए 4.47 लाख रुपए; पुलिस बोली- एपीके फाइल से बचे

नर्मदापुरम में 67 साल के बुजुर्ग साइबर ठगी का शिकार हो गए। उनसे यह धोखाधड़ी प्ले स्टोर से गलत योनो (एपीके फाइल) डाउनलोड करने की वजह से हुई। ठग ने उनके खाते से 4 लाख 47 हजार 268 रुपए निकाल लिए। 18 से 20 फरवरी के बीच आरोपित ने 6 बार में खाते से यह रकम निकाली। खास बात यह कि 18-19 फरवरी को एक-एक भुगतान हुआ। जिसका उन्हें एक मैसेज तक नहीं आया। जबकि 20 फरवरी को चार बार खाते से भुगतान हुआ। जिनके मैसेज उन्हें आएं। जिससे वो घबरा गए। उन्होंने बैंक से संपर्क किया तो साइबर ठगी की जानकारी मिली।। जिसकी शिकायत उन्होंने साइबर सेल और कोतवाली थाने में की। पुलिस ने मामले में पांच दिन बाद साइबर ठगी की एफआईआर की। योनो एप की जगह एपीके फाइल डाउनलोड हुई पीड़ित बुजुर्ग के मोबाइल में योनो एप नहीं था। कुछ दिन पहले बैंक कर्मचारियों ने पीड़ित को योनो एप डाउनलोड करने की सलाह दी। पीड़ित ने प्लेस्टोर से एप डाउनलोड किया। एप डाउनलोड करने के बाद जब एप को इंस्टाल किया तो प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। बाद में किसी व्यक्ति का बैंक कर्मी बनकर फोन आया और उसने कहा कि हम एक लिंक भेज रहे हैं उससे प्रक्रिया पूरी होगी और एप शुरू हो जाएगा। पीड़ित ने उसके कहे अनुसार वैसा किया। एपीके फाइल डाउनलोड करने के बाद उनका मोबाइल हैक हो गया लेकिन उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी। सही प्लेटफॉर्म से ही डाउनलोड करें, एपीके फाइल से बचे साइबर सेल प्रभारी संदीप यदुवंशी ने बताया साइबर ठग आरटीओ चालान, बिजली बिल की लिंक भेजकर, कॉल, व्हाट्सएप कॉल या गलत एप्स समेत अनेक माध्यमों से लोगों से साइबर ठगी करने का प्रयास करते है। साइबर ठग की ओर से भेजी लिंक, फाइल एपीके होती है। पहले को किसी भी एपीके फाइल को डाउनलोड न करें। यदि गलती से ऐसा हो भी जाता है तो सबसे पहले अपने मोबाइल को एरोप्लेन मोड पर डाल दें। नेटवर्क के अभाव में आपका मोबाइल हैक होने से बच सकता है। इसके बाद मैनेज एप सेटिंग में जाकर तुरंत उस एप को डिलीट कर दें। अगर हैक होने की जानकारी लग जाएं तो बैंक पहुंचकर अपने खाते को सीज करवाएं जिससे कोई लेनदेन खाते से न हो पाए।

प्यार में धोखा, 8 साल से जंजीरों में कैद युवक:छतरपुर में मानसिक विक्षिप्त को कराया मुक्त; ग्वालियर अस्पताल में होगा इलाज

प्यार में धोखा, 8 साल से जंजीरों में कैद युवक:छतरपुर में मानसिक विक्षिप्त को कराया मुक्त; ग्वालियर अस्पताल में होगा इलाज

छतरपुर के बसारी गांव में प्यार में मिले धोखे के बाद मानसिक संतुलन खो चुके एक 30 वर्षीय युवक को 8 साल बाद जंजीरों से आजादी मिली है। युवक का नाम सोनू रैकवार है, जिसे हिंसक होने के कारण उसके ही गरीब परिवार ने सालों से जंजीरों में बांध कर रखा था। अब समाजसेवी डॉ. संजय शर्मा और महिला थाना पुलिस की संयुक्त पहल से उसे मुक्त कराकर इलाज के लिए ग्वालियर के मानसिक आरोग्यशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परिजनों के मुताबिक, सोनू कुछ साल पहले दिल्ली में मजदूरी करने गया था। वहां उसे एक युवती से प्रेम हो गया, लेकिन इस रिश्ते में उसे गहरा धोखा और बेवफाई मिली। इस सदमे से वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गया। जब वह गांव लौटा, तो गुमसुम रहने लगा और उसने खाना-पीना भी छोड़ दिया। धीरे-धीरे उसकी मानसिक स्थिति इतनी बिगड़ गई कि वह हिंसक हो गया और लोगों को नुकसान पहुंचाने लगा। गरीबी के कारण नहीं हो सका इलाज, मजबूरन बांधी जंजीर सोनू के पिता हरदास रैकवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और वे भिक्षावृत्ति कर अपना जीवन यापन करते हैं। पैसे की तंगी के कारण वे अपने जवान बेटे का इलाज नहीं करा सके। सोनू खुद को या दूसरों को कोई नुकसान न पहुंचा ले, इस डर से मजबूर पिता और परिजनों ने पिछले 8 सालों से उसे लोहे की जंजीरों में जकड़ कर रखा हुआ था। संजय दत्त की करता है एक्टिंग, अब जगी ठीक होने की उम्मीद हैरानी की बात यह है कि मानसिक रूप से अस्वस्थ होने और जंजीरों में बंधे रहने के बावजूद सोनू बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त का बड़ा फैन है और अक्सर उनकी एक्टिंग (नकल) करता है। मामले की जानकारी मिलने पर समाजसेवी डॉ. संजय शर्मा ने महिला थाना प्रभारी प्रतिभा श्रीवास्तव के सहयोग से उसे जंजीरों से मुक्त कराया। जिला अस्पताल में उसका मेडिकल परीक्षण करवाया गया है और उसे ग्वालियर भेजने की तैयारी है। डॉ. शर्मा का दावा है कि सही इलाज मिलने पर सोनू पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकेगा। 1500 मानसिक रोगियों को नया जीवन दे चुके हैं डॉ. शर्मा समाजसेवी डॉ. संजय शर्मा पिछले कई सालों से मानसिक रोगियों के लिए फरिश्ता बने हुए हैं। वे अब तक 1500 से अधिक मानसिक रोगियों को इलाज के लिए ग्वालियर आरोग्यशाला भिजवा चुके हैं। इनमें से लगभग 1400 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने परिवारों के पास लौट चुके हैं। अब सोनू के पिता को भी उम्मीद है कि उनका बेटा जल्द ही ठीक होकर घर लौटेगा।