Thursday, 17 Sep 2026 | 03:13 AM

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Trump Targets Iran on Social Media

Trump Targets Iran on Social Media

वॉशिंगटन डीसी15 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने रविवार को ईरान के खिलाफ सोशल मीडिया पर करीब 1 घंटे में एक के बाद एक 7 पोस्ट किए। इन पोस्ट में उन्होंने ईरान की कमजोर अर्थव्यवस्था, गिरते तेल निर्यात और कमजोर होती करेंसी को निशाना बनाया। ट्रम्प ने ईरान के नक्शे पर अपनी तस्वीर लगाकर भी पोस्ट किया। सबसे ज्यादा ध्यान खार्ग द्वीप से जुड़ी AI तस्वीर ने खींचा, जिसमें तेल ठिकानों पर बमबारी होती दिखाई गई और लिखा था- बाय-बाय खार्ग। ट्रम्प की सातों पोस्ट को सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए… 1. ईरान के नक्शे को ट्रम्प के चेहरे की शक्ल दी तस्वीर को दो हिस्सों में बांटा गया है: पहले: ऊपर ईरान का सामान्य नक्शा दिखाया गया है। बाद में: नीचे उसी नक्शे की सीमा को जानबूझकर बदलकर एक अलग आकृति बनाई गई है। नीचे वाले नक्शे में ईरान का आकार ट्रम्प के साइड प्रोफाइल जैसा बनाया गया है। 2. होर्मुज से तेल का प्रवाह फिर बढ़ा ट्रम्प ने एक ग्राफिक शेयर कर दावा किया कि होर्मुज से अब करीब 1.8 करोड़ बैरल तेल रोज गुजर रहा है, जबकि पहले यह आंकड़ा करीब 2 करोड़ बैरल प्रतिदिन था। 3. ईरान का तेल निर्यात बर्बाद हुआ ट्रम्प ने ईरान के तेल निर्यात का ग्राफिक शेयर किया। इसमें दावा किया गया कि 2025 की शुरुआत में करीब 20 लाख बैरल प्रतिदिन का निर्यात 2026 में गिरकर लगभग शून्य तक पहुंच गया है। ग्राफिक में बीच में कुछ सुधार दिखाया गया है, लेकिन तीसरी तिमाही में निर्यात फिर बेहद कम स्तर पर आता नजर आ रहा है। 4. महंगाई पर निशाना- ‘ईरान में बहुत ज्यादा महंगाई’ इसके बाद ट्रम्प ने ईरान की महंगाई को लेकर ग्राफिक शेयर किया। इस पर लिखा था- ईरान हैज हाइपरइन्फ्लेशन। हाइपरइन्फ्लेशन का मतलब ऐसी स्थिति से है, जब किसी देश में चीजों के दाम बहुत तेजी से बढ़ने लगते हैं और उसकी करेंसी की कीमत तेजी से गिरती है। ग्राफिक में ईरान की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को दिखाने की कोशिश की गई। ट्रम्प ने इसके जरिए यह बताने की कोशिश की कि ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव सिर्फ तेल कारोबार तक सीमित नहीं है। 5. रियाल की गिरती कीमत दिखाई- ‘करेंसी बर्बाद हो गई’ ट्रम्प ने ईरानी करेंसी रियाल को लेकर एक और ग्राफिक शेयर किया। इस पर लिखा था- ईरान करेंसी इज डेस्ट्रोएड। ग्राफिक के मुताबिक, 2025 की शुरुआत में एक डॉलर की कीमत करीब 9 लाख ईरानी रियाल थी। दिखाए गए ताजा आंकड़ों में यह बढ़कर 22.7 लाख रियाल से ज्यादा हो गई। 4. ईरान के नक्शे पर दिखे ट्रम्प- तेहरान को दिया सीधा संदेश ट्रम्प ने ईरान के नक्शे वाला एक ग्राफिक भी शेयर किया। इसमें ईरान के नक्शे पर उनकी अपनी तस्वीर लगाई गई थी। इस पोस्ट के जरिए ट्रम्प ने ईरान पर अपने दबाव और वहां अमेरिकी कार्रवाई को लेकर अपना संदेश और आक्रामक अंदाज में रखा। 6. खार्ग पर बमबारी की AI तस्वीर- ‘बाय-बाय खार्ग’ ट्रम्प की सबसे आक्रामक पोस्ट खार्ग द्वीप को लेकर थी। उन्होंने एक AI तस्वीर शेयर की, जिसमें लड़ाकू विमान ईरान के तेल ठिकाने की तरफ बढ़ता और आसपास धमाके होते दिखाई दे रहे थे। तस्वीर पर लिखा था- बाय-बाय खार्ग खार्ग ईरान का प्रमुख तेल निर्यात केंद्र है। देश के कच्चे तेल के बड़े हिस्से का निर्यात ऐतिहासिक रूप से इसी द्वीप के जरिए होता रहा है। ऐसे में खार्ग के तेल ढांचे को नुकसान होने पर ईरान की कमाई पर बड़ा असर पड़ सकता है। 7. ईरान को फॉलिंग नेशन बताया ट्रम्प ने अपनी पोस्ट की आखिरी कड़ी में ईरान का नक्शा शेयर किया और लिखा कि ईरान एक नाकाम देश बनता जा रहा है। ट्रम्प का कहना है कि ईरान की अर्थव्यवस्था और देश की व्यवस्था बुरी तरह कमजोर हो रही है और सरकार हालात संभालने में नाकाम हो रही है। इस तरह करीब एक घंटे में की गई 7 पोस्ट में ट्रम्प ने ईरान की तेल अर्थव्यवस्था, महंगाई, करेंसी और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। साथ ही होर्मुज को लेकर भी दबाव बनाए रखा। ————————— यह खबर भी पढ़ें… 2 दिन बाद अमेरिका का ईरान पर फिर मिसाइल हमला:19 की मौत, 68 घायल; जवाब में जॉर्डन-बहरीन के अमेरिकी मिलिट्री बेस पर ईरानी स्ट्राइक अमेरिका ने 2 दिन बाद फिर ईरान पर हमला किया है। इन हमलों में 19 लोगों की मौत हुई है, जबकि 68 लोग घायल हुए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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वॉशिंगटन डीसी4 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ सोशल मीडिया पर करीब 1 घंटे में एक के बाद एक 7 पोस्ट किए। इन पोस्ट में उन्होंने ईरान की कमजोर अर्थव्यवस्था, गिरते तेल निर्यात और कमजोर होती करेंसी को निशाना बनाया। ट्रम्प ने रविवार रात ईरान के नक्शे पर अपनी तस्वीर लगाकर भी पोस्ट किया। सबसे ज्यादा ध्यान खार्ग द्वीप से जुड़ी AI तस्वीर ने खींचा, जिसमें तेल ठिकानों पर बमबारी होती दिखाई गई और लिखा था- बाय-बाय खार्ग। ट्रम्प की सातों पोस्ट को सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए… 1. ईरान के नक्शे को ट्रम्प के चेहरे की शक्ल दी तस्वीर को दो हिस्सों में बांटा गया है: पहले: ऊपर ईरान का सामान्य नक्शा दिखाया गया है। बाद में: नीचे उसी नक्शे की सीमा को जानबूझकर बदलकर एक अलग आकृति बनाई गई है। नीचे वाले नक्शे में ईरान का आकार ट्रम्प के साइड प्रोफाइल जैसा बनाया गया है। 2. होर्मुज से तेल की सप्लाई फिर बढ़ी ट्रम्प ने एक ग्राफिक शेयर कर दावा किया कि होर्मुज से अब करीब 1.8 करोड़ बैरल तेल रोज गुजर रहा है, जबकि पहले यह आंकड़ा करीब 2 करोड़ बैरल प्रतिदिन था। 3. ईरान का तेल निर्यात बर्बाद हुआ ट्रम्प ने ईरान के तेल निर्यात का ग्राफिक शेयर किया। इसमें दावा किया गया कि 2025 की शुरुआत में करीब 20 लाख बैरल प्रतिदिन का निर्यात 2026 में गिरकर लगभग शून्य तक पहुंच गया है। ग्राफिक में बीच में कुछ सुधार दिखाया गया है, लेकिन तीसरी तिमाही में निर्यात फिर बेहद कम स्तर पर आता नजर आ रहा है। 4. महंगाई पर निशाना- ‘ईरान में बहुत ज्यादा महंगाई’ इसके बाद ट्रम्प ने ईरान की महंगाई को लेकर ग्राफिक शेयर किया। इस पर लिखा था- ईरान हैज हाइपरइन्फ्लेशन। हाइपरइन्फ्लेशन का मतलब ऐसी स्थिति से है, जब किसी देश में चीजों के दाम बहुत तेजी से बढ़ने लगते हैं और उसकी करेंसी की कीमत तेजी से गिरती है। ग्राफिक में ईरान की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को दिखाने की कोशिश की गई। ट्रम्प ने इसके जरिए यह बताने की कोशिश की कि ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव सिर्फ तेल कारोबार तक सीमित नहीं है। 5. रियाल की गिरती कीमत दिखाई- ‘करेंसी बर्बाद हो गई’ ट्रम्प ने ईरानी करेंसी रियाल को लेकर एक और ग्राफिक शेयर किया। इस पर लिखा था- ईरान करेंसी इज डेस्ट्रोएड। ग्राफिक के मुताबिक, 2025 की शुरुआत में एक डॉलर की कीमत करीब 9 लाख ईरानी रियाल थी। दिखाए गए ताजा आंकड़ों में यह बढ़कर 22.7 लाख रियाल से ज्यादा हो गई। 4. ईरान के नक्शे पर दिखे ट्रम्प- तेहरान को दिया सीधा संदेश ट्रम्प ने ईरान के नक्शे वाला एक ग्राफिक भी शेयर किया। इसमें ईरान के नक्शे पर उनकी अपनी तस्वीर लगाई गई थी। इस पोस्ट के जरिए ट्रम्प ने ईरान पर अपने दबाव और वहां अमेरिकी कार्रवाई को लेकर अपना संदेश और आक्रामक अंदाज में रखा। 6. खार्ग पर बमबारी की AI तस्वीर- ‘बाय-बाय खार्ग’ ट्रम्प की सबसे आक्रामक पोस्ट खार्ग द्वीप को लेकर थी। उन्होंने एक AI तस्वीर शेयर की, जिसमें लड़ाकू विमान ईरान के तेल ठिकाने की तरफ बढ़ता और आसपास धमाके होते दिखाई दे रहे थे। तस्वीर पर लिखा था- बाय-बाय खार्ग खार्ग ईरान का प्रमुख तेल निर्यात केंद्र है। देश के कच्चे तेल के बड़े हिस्से का निर्यात ऐतिहासिक रूप से इसी द्वीप के जरिए होता रहा है। ऐसे में खार्ग के तेल ढांचे को नुकसान होने पर ईरान की कमाई पर बड़ा असर पड़ सकता है। 7. ईरान को फॉलिंग नेशन बताया ट्रम्प ने अपनी पोस्ट की आखिरी कड़ी में ईरान का नक्शा शेयर किया और लिखा कि ईरान एक नाकाम देश बनता जा रहा है। ट्रम्प का कहना है कि ईरान की अर्थव्यवस्था और देश की व्यवस्था बुरी तरह कमजोर हो रही है और सरकार हालात संभालने में नाकाम हो रही है। इस तरह करीब एक घंटे में की गई 7 पोस्ट में ट्रम्प ने ईरान की तेल अर्थव्यवस्था, महंगाई, करेंसी और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। साथ ही होर्मुज को लेकर भी दबाव बनाए रखा। ————————— यह खबर भी पढ़ें… 2 दिन बाद अमेरिका का ईरान पर फिर मिसाइल हमला:19 की मौत, 68 घायल; जवाब में जॉर्डन-बहरीन के अमेरिकी मिलिट्री बेस पर ईरानी स्ट्राइक अमेरिका ने 2 दिन बाद फिर ईरान पर हमला किया है। इन हमलों में 19 लोगों की मौत हुई है, जबकि 68 लोग घायल हुए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Kriti Sanon Controversy | Rakshabandhan Ad Statement & Social Media Reply

Kriti Sanon Controversy | Rakshabandhan Ad Statement & Social Media Reply

10 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस कृति सेनन ने अपने हालिया रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट को लेकर हुई ट्रोलिंग पर चुप्पी तोड़ी है। इस एड में रिवीलिंग ड्रेस और पालतू कुत्ते (पेट डॉग) को राखी बांधने पर सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना हुई थी। इस विवाद पर मंगलवार को इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए प्रतिक्रिया देते हुए कृति ने लिखा कि त्योहारों का असली मतलब पहनावे में नहीं, बल्कि परंपराओं के प्रति भावनाओं में होता है। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं के कपड़ों पर सवाल उठाने वालों को भी कड़ा जवाब दिया है। लोगों ने इस एड पर त्योहार के गलत चित्रण और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगाया। ‘संस्कृति दिल में होती है, नेकलाइन में नहीं’ कृति सेनन ने अपने पोस्ट में लिखा कि एथनिक फैशन में समय के साथ बदलाव आया है, लेकिन आज भी महिलाओं के अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान को सिर्फ उनके कपड़ों से नापा जाता है। एक्ट्रेस ने सवाल उठाया कि समाज महिलाओं को क्या पहनना चाहिए, यह बताना कब बंद करेगा? उन्होंने कहा कि संस्कृति और परंपराएं इंसान के दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं। ‘बहन और पेट डॉग्स को भी बांधती हूं राखी’ रक्षाबंधन पर बात करते हुए कृति ने कहा कि यह त्योहार सुरक्षा और प्यार के रिश्ते का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वे और उनकी बहन नूपुर सेनन एक-दूसरे को राखी बांधती हैं, क्योंकि वे दोनों एक-दूसरे की सुरक्षा किसी भाई से कम नहीं करती हैं। कृति ने आगे लिखा कि यही प्यार पेट डॉग्स के लिए भी है, क्योंकि वे भी उनके परिवार का ही हिस्सा हैं। एड में पहनावे और पेट डॉग को लेकर हुआ था विवाद यह पूरा विवाद जीवा (GIVA) ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन एड के सामने आने के बाद शुरू हुआ था। एडवर्टाइजमेंट में कृति इंडो-वेस्टर्न ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज में नजर आई थीं और वीडियो में वे एक पालतू कुत्ते को भी राखी बांधती दिखी थीं। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति का अपमान बताते हुए एक्ट्रेस के कपड़ों को लेकर नाराजगी जताई थी और शिकायत दर्ज करने की मांग की थी। धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इस एडवर्टाइजमेंट को हिंदू धर्म और त्योहारों के प्रति असंवेदनशील करार दिया। एक यूजर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार के गलत चित्रण और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में एक्ट्रेस के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए। लोगों ने इस एड पर त्योहार के गलत चित्रण और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगाया। विवाद बढ़ने के बाद कृति सेनन के बचाव में भी कई लोग आगे आए हैं। सपोर्ट करने वाले यूज़र्स का कहना है कि कृति का आउटफिट किसी भी तरह से आपत्तिजनक नहीं है और लोगों को दूसरों के कपड़ों को जज करना बंद करना चाहिए। ‘कॉकटेल 2’ में नजर आई थीं कृति सेनन कृति सेनन के वर्कफ्रंट की बात करें तो उन्हें हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘कॉकटेल 2’ में देखा गया था। होमी अदजानिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म में कृति के साथ शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिका में थे। ‘कॉकटेल 2’ में शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना के साथ कृति भी मुख्य भूमिका में थीं। यह फिल्म 2012 में आई सैफ अली खान और दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘कॉकटेल’ का सीक्वल थी, जिसे बॉक्स ऑफिस पर मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला था। ये खबर भी पढ़ें हिट फिल्म के बाद भी 15 महीने बेरोजगार रहीं कृति:स्टारकिड्स ने छीने बड़े रोल, जिस किरदार पर सवाल उठे, उसी ने दिलाया नेशनल अवॉर्ड कृति सेनन बॉलीवुड की सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उनके नाम नेशनल अवॉर्ड, कई सुपरहिट फिल्में और अपना प्रोडक्शन हाउस है। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का रास्ता रिजेक्शन, अकेलेपन, तानों और आत्मविश्वास की लड़ाई से होकर गुजरा है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Donald Trump Media TMTG Loss

Donald Trump Media TMTG Loss

2 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मीडिया कंपनी ट्रम्प मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप (TMTG) को अप्रैल-जून 2026 में 2,261 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। इस दौरान कंपनी की कुल कमाई सिर्फ 16.15 करोड़ रुपए रही। जनवरी से जून 2026 के बीच TMTG का कुल नेट लॉस 6,118 करोड़ रुपए रहा। इस दौरान कंपनी की कुल कमाई सिर्फ 23.75 करोड़ रुपए थी। यानी छह महीने में कंपनी का घाटा उसकी कुल कमाई से करीब 258 गुना रहा। कंपनी ने अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) को दी रिपोर्ट में बताया कि तीन महीने का घाटा पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले काफी बढ़ा है। वहीं, कमाई में 89% की बढ़ोतरी हुई है। 1800 करोड़ रुपए का नुकसान डिजिटल एसेट्स से कंपनी के मुताबिक, उसके घाटे का सबसे बड़ा कारण डिजिटल एसेट्स, उन्हें गिरवी रखकर किए गए निवेश और शेयरों से जुड़ा नुकसान रहा। इनसे जुड़े 1,809 करोड़ रुपए के बिना बिके नुकसान को कंपनी ने दर्ज किया। इसके अलावा करीब 111 करोड़ रुपए का ब्याज और 77 करोड़ रुपए का स्टॉक-बेस्ड पेमेंट भी कंपनी के खर्च में जुड़ा। कमाई कहां से आई? TMTG की लगभग पूरी कमाई उसके मीडिया कारोबार से हुई। इसमें करीब 13.6 करोड़ रुपए विज्ञापन और 1.7 करोड़ रुपए सब्सक्रिप्शन से मिले। कंपनी का मुख्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल है। इसके अलावा वह वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस ट्रुथ+ और फिनटेक ब्रांड ट्रुथ.Fi चलाती है। कंपनी ने पिछले एक साल में क्रिप्टोकरेंसी कारोबार में भी विस्तार किया है। नई सर्विस ट्रुथ API से कंपनियों को ट्रम्प की पोस्ट तक तेज पहुंच 1 अगस्त से TMTG ने ट्रुथ API नाम की सर्विस शुरू की है। यह निवेशकों और कंपनियों को ट्रुथ सोशल पर प्रकाशित पोस्ट तक तेजी से पहुंच देती है। कंपनी के अंतरिम CEO केविन मैकगर्न ने बताया कि अब तक 10 कंपनियां इस सर्विस की ग्राहक बन चुकी हैं। वे हर महीने करीब 57 लाख से 95 लाख रुपए तक फीस दे रही हैं। हालांकि, इस सर्विस को लेकर हितों के टकराव की चिंता भी जताई गई है। इसकी वजह यह है कि ट्रम्प की ट्रुथ सोशल पोस्ट का वित्तीय बाजारों पर असर पड़ सकता है। ट्रुथ सोशल की विजिट एक तिहाई से ज्यादा घटी ट्रुथ सोशल को 2022 में लॉन्च किया गया था, लेकिन यह X और फेसबुक जैसे बड़े प्लेटफॉर्म से काफी पीछे है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने ऑनलाइन ट्रैकिंग कंपनी सिमिलरवेब के आंकड़ों के हवाले से बताया कि जुलाई 2026 में ट्रुथ सोशल की विजिट पिछले साल के जुलाई के मुकाबले एक तिहाई से ज्यादा कम हो गईं। TMTG अमेरिकी शेयर बाजार नैस्डैक पर DJT नाम से सूचीबद्ध है। सोमवार को कारोबार खत्म होने तक कंपनी के शेयरों में करीब 8% की गिरावट आई। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Donald Trump Media TMTG Loss

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3 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मीडिया कंपनी ट्रम्प मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप (TMTG) को अप्रैल-जून 2026 में 2,261 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। इस दौरान कंपनी की कुल कमाई सिर्फ 16.15 करोड़ रुपए रही। जनवरी से जून 2026 के बीच TMTG का कुल नेट लॉस 6,118 करोड़ रुपए रहा। इस दौरान कंपनी की कुल कमाई सिर्फ 23.75 करोड़ रुपए थी। यानी छह महीने में कंपनी का घाटा उसकी कुल कमाई से करीब 258 गुना रहा। कंपनी ने अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) को दी रिपोर्ट में बताया कि तीन महीने का घाटा पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले काफी बढ़ा है। वहीं, कमाई में 89% की बढ़ोतरी हुई है। 1800 करोड़ रुपए का नुकसान डिजिटल एसेट्स से कंपनी के मुताबिक, उसके घाटे का सबसे बड़ा कारण डिजिटल एसेट्स, उन्हें गिरवी रखकर किए गए निवेश और शेयरों से जुड़ा नुकसान रहा। इनसे जुड़े 1,809 करोड़ रुपए के बिना बिके नुकसान को कंपनी ने दर्ज किया। इसके अलावा करीब 111 करोड़ रुपए का ब्याज और 77 करोड़ रुपए का स्टॉक-बेस्ड पेमेंट भी कंपनी के खर्च में जुड़ा। कमाई कहां से आई? TMTG की लगभग पूरी कमाई उसके मीडिया कारोबार से हुई। इसमें करीब 13.6 करोड़ रुपए विज्ञापन और 1.7 करोड़ रुपए सब्सक्रिप्शन से मिले। कंपनी का मुख्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल है। इसके अलावा वह वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस ट्रुथ+ और फिनटेक ब्रांड ट्रुथ.Fi चलाती है। कंपनी ने पिछले एक साल में क्रिप्टोकरेंसी कारोबार में भी विस्तार किया है। नई सर्विस ट्रुथ API से कंपनियों को ट्रम्प की पोस्ट तक तेज पहुंच 1 अगस्त से TMTG ने ट्रुथ API नाम की सर्विस शुरू की है। यह निवेशकों और कंपनियों को ट्रुथ सोशल पर प्रकाशित पोस्ट तक तेजी से पहुंच देती है। कंपनी के अंतरिम CEO केविन मैकगर्न ने बताया कि अब तक 10 कंपनियां इस सर्विस की ग्राहक बन चुकी हैं। वे हर महीने करीब 57 लाख से 95 लाख रुपए तक फीस दे रही हैं। हालांकि, इस सर्विस को लेकर हितों के टकराव की चिंता भी जताई गई है। इसकी वजह यह है कि ट्रम्प की ट्रुथ सोशल पोस्ट का वित्तीय बाजारों पर असर पड़ सकता है। ट्रुथ सोशल की विजिट एक तिहाई से ज्यादा घटी ट्रुथ सोशल को 2022 में लॉन्च किया गया था, लेकिन यह X और फेसबुक जैसे बड़े प्लेटफॉर्म से काफी पीछे है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने ऑनलाइन ट्रैकिंग कंपनी सिमिलरवेब के आंकड़ों के हवाले से बताया कि जुलाई 2026 में ट्रुथ सोशल की विजिट पिछले साल के जुलाई के मुकाबले एक तिहाई से ज्यादा कम हो गईं। TMTG अमेरिकी शेयर बाजार नैस्डैक पर DJT नाम से सूचीबद्ध है। सोमवार को कारोबार खत्म होने तक कंपनी के शेयरों में करीब 8% की गिरावट आई। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Sheikh Hasina Media Event | India Statement On Bangladesh Request

Sheikh Hasina Media Event | India Statement On Bangladesh Request

नई दिल्ली2 मिनट पहले कॉपी लिंक शेख हसीना 11 जनवरी 2024 को पांचवीं बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद संबोधित करतीं हुईं। भारत सरकार ने कहा है कि 5 अगस्त को बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के ऑनलाइन संबोधन से उसका कोई संबंध नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, यह कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्था आयोजित कर रही है। भारत सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है। इस मंच पर रखे जाने वाले किसी भी विचार का सरकार समर्थन भी नहीं करती। दरअसल, शेख हसीना ने ऐलान किया है कि वह 5 अगस्त को नई दिल्ली स्थित ‘फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया (FCCSA)’ के कार्यक्रम में वीडियो लिंक के जरिए शामिल होंगी। अगस्त 2024 में बांग्लादेश छोड़ने के बाद यह पहली बार होगा, जब वह किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आएंगी। बांग्लादेश ने भारत से भाषण रोकने की अपील की थी फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया (FCCSA) नई दिल्ली स्थित पत्रकारों का एक पेशेवर संगठन है। इसकी स्थापना 1958 में हुई थी। शेख हसीना इसी संगठन के कार्यक्रम में वीडियो लिंक के जरिए शामिल होंगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कार्यक्रम शाम 6 बजे से 7:30 बजे तक चलेगा। बांग्लादेश ने कल सोमवार को भारत से अपील की थी कि शेख हसीना या प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े किसी भी व्यक्ति को भारत की जमीन से राजनीतिक भाषण देने या ऐसी गतिविधियां करने की अनुमति न दी जाए, जिससे बांग्लादेश में अस्थिरता फैल सकती हो। यह मुद्दा सोमवार को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर और ढाका में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी की मुलाकात के दौरान भी उठाया गया था। शेख हसीना ने 5 अगस्त का दिन ही क्यों चुना 5 अगस्त 2024 को ही छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना को बांग्लादेश छोड़ना पड़ा था। प्रदर्शनकारी उनके सरकारी आवास तक पहुंच गए थे। इसके बाद वह इस्तीफा देकर सेना के विमान से भारत आ गई थीं। यानी, जिस दिन उन्हें सत्ता छोड़नी पड़ी थी, उसी दिन वह दो साल बाद फिर लोगों के सामने आ रही हैं। माना जा रहा है कि वह इसी दिन अपनी राजनीतिक वापसी का संदेश देना चाहती हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Sunny Deol Controversy | Actor Statement Pakistan Mausi Social Media Trolling

Sunny Deol Controversy | Actor Statement Pakistan Mausi Social Media Trolling

13 मिनट पहले कॉपी लिंक सनी देओल की फिल्म ‘बंटवारा 1947’ 14 अगस्त 2026 को रिलीज होगी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ की रिलीज से पहले सनी देओल अपने एक बयान को लेकर विवादों में आ गए। पटना में फिल्म के प्रमोशन के दौरान उन्होंने अपने पिता धर्मेंद्र के एक पुराने बयान का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को मौसी बताया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उन्हें ट्रोल किया। दरअसल सनी से सवाल किया गया कि यह मूवी, जो पाकिस्तान में शूट की गई है, तो आप पाकिस्तान को एक देश या माहौल के तौर पर कैसे देखते हैं? क्या आप कुछ बताना चाहेंगे? इस पर सनी ने बताया कि फिल्म की शूटिंग पाकिस्तान में नहीं हुई, बल्कि फिल्म हिंदुस्तान में ही शूट हुई है। उन्होंने आगे कहा, “हम कोई ऐसी बातें नहीं करते, क्योंकि पूरा देश एक ही था। जैसे पापा ने कहा था कि मेरी मां (भारत) तो वो मेरी मौसी (पाकिस्तान) है, जो आप लोग अच्छी तरह से समझते हैं। हम सब एक तरह से हैं, तो कहीं न कहीं से जुड़े हुए हैं।” सनी देओल के इस बयान पर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी। कुछ यूजर्स ने उनके बयान की आलोचना की। एक यूजर ने लिखा, “सनी देओल हर नए वीडियो से अपनी छवि को और नुकसान पहुंचा रहे हैं।” दूसरे ने कहा, “मुझे यह व्यक्ति बिल्कुल पसंद नहीं है।” वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, “पूरे परिवार को बर्बाद करने वाली मौसी वाली बात सही है।” फिल्म के ट्रेलर में सनी देओल दमदार एक्शन करते नजर आ रहे हैं। ‘बंटवारा 1947’ विभाजन की कहानी पर आधारित है बता दें कि सनी देओल की अपकमिंग फिल्म ‘बंटवारा 1947’ भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म की कहानी हिंसा, विस्थापन और पारिवारिक संघर्ष से जूझ रहे एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में सनी देओल के साथ शबाना आजमी, प्रीति जिंटा, अली फजल और अभिमन्यु सिंह भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म की रिलीज से पहले सनी देओल रविवार देर शाम पटना में स्थित तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब पहुंचे। यहां उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह जी के जन्मस्थान पर मत्था टेककर आशीर्वाद लिया। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के पदाधिकारियों ने सनी देओल का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। उन्हें सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया और गुरु घर की परंपराओं से अवगत कराया गया। इसके बाद उन्होंने फिल्म के प्रमोशन में हिस्सा लिया। देखें तस्वीरें… पटना साहिब गुरुद्वारे में बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल। हाथ जोड़कर लिया आशीर्वाद। पटना साहिब गुरुद्वारे में सनी देओल को सम्मानित किया गया। गुरु इतिहास की जानकारी के साथ पूरा गुरुद्वारा घूमा सनी देओल लगभग 20 मिनट तक गुरुद्वारा परिसर में रहे। इस दौरान उन्होंने तख्त श्री हरमंदिर साहिब के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण किया, गुरु इतिहास की जानकारी ली और श्रद्धालुओं के साथ समय बिताया। उन्होंने गुरु का पावन प्रसाद भी ग्रहण किया। दर्शन के बाद सनी देओल ने कहा कि गुरु के दरबार में आकर उन्हें अद्भुत शांति और आत्मिक सुकून का अनुभव हुआ। उन्होंने बताया, “मेरा हमेशा से मन था कि जब भी बिहार आऊं, सबसे पहले तख्त श्री हरिमंदिर साहिब में मत्था टेककर गुरु महाराज का आशीर्वाद जरूर लूं। आज मेरा यह सपना पूरा हो गया।” सनी देओल को सम्मानित किया गया। …………………. सनी देओल से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पिता धर्मेन्द्र को याद कर रो पड़े सनी देओल:’बंटवारा 1947′ के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में छलके आंसू; करण देओल, शबाना आजमी-जावेद अख्तर भी नजर आए फिल्म ‘बंटवारा 1947’ का ट्रेलर लॉन्च इवेंट में सनी देओल रो पड़े। इवेंट के दौरान डायरेक्टर राजकुमार संतोषी ने दिवंगत अभिनेता धर्मेन्द्र पर बात की जिसे सुनकर सनी देओल की आंखों में आंसू आ गए। संतोषी ने कहा की धर्मेन्द्र जी ने आखिरी फिल्म भी बटवारा देखी थी। उन्होंने कहा था ये फिल्म हिट होगी। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Kangana Ranaut Slams Hrithik Roshan Over Social Media Controversy

Kangana Ranaut Slams Hrithik Roshan Over Social Media Controversy

15 मिनट पहले कॉपी लिंक कंगना रनोट ने ऋतिक रोशन से उनके नाम का इस्तेमाल कर उन्हें ट्रोल करने वालों की आलोचना करने की अपील की और कहा कि आग में घी डालने और अपनी पार्टनर को शर्मिंदा करने से बचना चाहिए। हाल ही में सोशल मीडिया पर ‘द वर्ल्ड ओज एन अपोलॉजी टू ऋतिक रोशन’ ट्रेंड सामने आया। यह ट्रेंड उस बयान के बाद चर्चा में आया, जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरभ दास ने बरखा दत्त के साथ बातचीत में कहा था, “मेरे दोस्त भी मुझे मैसेज कर रहे थे कि अब वो तुम्हारे पीछे क्यों पड़ी है? उनमें से एक ने कहा कि मैं थोड़ा-बहुत यंग ऋतिक रोशन जैसा दिखता हूं।” पूरी खबर यहां पढ़ें… इस ट्रेंड के बीच कई सोशल मीडिया यूजर्स ने कंगना रनोट को ट्रोल करते हुए यही हैशटैग इस्तेमाल किया। इस पर ऋतिक रोशन ने प्रतिक्रिया देते हुए टिप्पणी कहा था मेरे दोस्त, सिर्फ इसलिए किसी ‘A’ का पक्ष लेना क्योंकि अब आप ‘B’ को पसंद नहीं करते, हमारे समाज को नुकसान पहुंचाने वाली एक बड़ी प्रणालीगत समस्या का एक छोटा सा हिस्सा है। मैं तब तक इंतजार करूंगा, जब तक इसके पीछे का संदर्भ सही न हो और वह तथ्यों से प्रेरित न हो। वह सही होगा, लेकिन फिर से, अब किसे परवाह है, है ना? ऋतिक के इस रिएक्शन के बाद कंगना रनोट ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, “प्रिय ऋतिक, मुझे खुशी है कि आपको अपना परफेक्ट पार्टनर मिल गया है। सबा आजाद के साथ आपकी जोड़ी बहुत अच्छी लगती है और आप दोनों एक गंभीर रिश्ते में हैं।” कंगना ने आगे कहा कि ऐसे में किसी महिला को इस तरह चिढ़ाना या उसका मजाक उड़ाना आपको शोभा नहीं देता। इसके बजाय, आपको उन लोगों की निंदा करनी चाहिए, जो आपके नाम का इस्तेमाल करके मुझे परेशान कर रहे हैं और बुली कर रहे हैं। अपनी पोस्ट के अंत में कंगना ने लिखा, “कृपया आग में घी डालने जैसा व्यवहार बंद करें और अपने पार्टनर को भी इस तरह शर्मिंदा न करें। उम्मीद है कि आप समझदारी से काम लेंगे और इस तरह की अनुचित टिप्पणियां करना बंद करेंगे।” गौरतलब है कि कंगना और ऋतिक के बीच विवाद कई वर्षों से चर्चा में रहा है। कंगना ने ऋतिक को पिंकविला को दिए इंटरव्यू में अपना सिली एक्स कहा था। वहीं, ऋतिक ने सार्वजनिक रूप से किसी भी रिलेशनशिप से इनकार किया और अभिनेत्री को लीगल नोटिस भेजा था। कंगना और ऋतिक ने दो बॉलीवुड फिल्मों काइट्स (2010) और कृष 3 (2013) में एक साथ काम किया है। एक्टर का दावा था कि उनके नाम से एक फर्जी ईमेल आईडी बनाकर कंगना से बातचीत की गई थी, जबकि कंगना का कहना था कि वह ईमेल आईडी स्वयं ऋतिक ने उन्हें उपलब्ध कराई थी। कंगना से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… ‘फिल्मों के किरदार से मुझे जज मत करो’:Gen Z विवाद पर कंगना रनोट का पलटवार, बोलीं- रील और रियल लाइफ में फर्क समझिए Gen Z को लेकर दिए गए बयान पर घिरीं कंगना रनोट ने अब ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है। सोशल मीडिया पर उनकी फिल्मों के किरदारों की क्लिप्स शेयर कर उन्हें निशाने पर लेने वालों पर कंगना ने पलटवार करते हुए कहा कि फिल्मों में निभाए गए किरदार और असल जिंदगी के विचारों की तुलना करना गलत है। उन्होंने लोगों से रील और रियल लाइफ का फर्क समझने की अपील की। पूरी खबर यहां पढ़ें… ‘अभी तो उसको एक थप्पड़ पड़ा है’:संजय सिंह ने कंगना रनोट पर साधा निशाना, बोले- जेपी नड्डा जी अपनी सांसद को समझाइए संसद में गुरुवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा सांसद कंगना रनोट का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा। संजय सिंह ने सदन में कहा, “इनकी एक सांसद हैं। उन्होंने किसान आंदोलन में किसानों को गालियां दीं। नौजवानों के आंदोलन में नौजवानों के लिए इतनी भद्दी टिप्पणी की, मान्यवर, इस सदन के अंदर मैं कह नहीं सकता।” पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

RPSC Warning: Legal Action Against Misleading Social Media Posts

RPSC Warning: Legal Action Against Misleading Social Media Posts

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने परीक्षाओं और परिणामों को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। . आयोग के सचिव रामनिवास मेहता ने अपने कार्यकाल के आखिरी दिन जारी आदेश में चेतावनी दी है कि फर्जी या भ्रामक पोस्ट करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने अभ्यर्थियों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील भी की है। दरअसल, शुक्रवार को आयोग की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि कुछ अभ्यर्थी और अन्य व्यक्ति अधिकृत सूचना के बिना परीक्षा परिणामों का विश्लेषण कर भ्रामक तथ्य और आंकड़े सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं, जिससे अभ्यर्थियों और आमजन में भ्रम की स्थिति बन रही है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ आयोग कड़ा रुख अपनाएगा। आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने कहा कि आयोग के संज्ञान में आया है कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर परीक्षा परिणाम घोषित होने से पहले ही कई तरह के दावे और विश्लेषण साझा किए जा रहे हैं। इससे न केवल अभ्यर्थियों में भ्रम फैल रहा है, बल्कि आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करने का प्रयास किया जा रहा है। आयोग की अधिकृत सूचना पर ही भरोसा करें अभ्यर्थी आयोग ने सभी अभ्यर्थियों और आमजन से अपील की है कि वे केवल आयोग की अधिकृत सूचना पर ही भरोसा करें। आज सचिव रामनिवास मेहता का आखिरी दिन राजस्थान लोक सेवा आयोग के सचिव रामनिवास मेहता का शुक्रवार को कार्यकाल का आखिरी दिन रहा। रिटायर होने से पहले उन्होंने यह महत्वपूर्ण प्रेस नोट जारी कर अभ्यर्थियों को आगाह किया। इसके साथ ही आयोग के सदस्य डॉ. अशोक कलवार का कार्यकाल भी शुक्रवार को पूरा हो गया। आयोग में तीन सदस्य पद होंगे रिक्त डॉ. अशोक कलवार के कार्यकाल समाप्त होने और पहले से रिक्त एक सदस्य पद को मिलाकर अब आयोग में तीन सदस्य पद खाली हो जाएंगे। इन पदों पर नई नियुक्तियों का इंतजार रहेगा।

World News Updates; US Iran Israel Pakistan Breaking NewsFrance Social Media Ban

World News Updates; US Iran Israel Pakistan Breaking NewsFrance Social Media Ban

5 मिनट पहले कॉपी लिंक फ्रांस की संसद ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने वाला बिल पास कर दिया है। इसके साथ ही फ्रांस ऐसा कानून बनाने वाला EU का पहला देश बन गया है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बिल का समर्थन किया है और इसे सितंबर से लागू करने की तैयारी है। कानून लागू कराने की जिम्मेदारी डिजिटल रेगुलेटर Arcom की होगी। हालांकि, बच्चों की उम्र की जांच कैसे होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। फ्रांस के बाद ब्रिटेन, स्पेन, ग्रीस और डेनमार्क भी सोशल मीडिया के लिए न्यूनतम उम्र तय करने की तैयारी में हैं। फ्रांस के कई माता-पिता ने फैसले का स्वागत किया है, जबकि कुछ किशोरों को एजुकेशनल कंटेंट और दोस्तों से संपर्क प्रभावित होने की चिंता है। शिक्षा मंत्री और एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी कहा है कि सिर्फ बैन काफी नहीं होगा, बच्चों को डिजिटल दुनिया के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में शिक्षित करना भी जरूरी है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔