RPSC Warning: Legal Action Against Misleading Social Media Posts

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने परीक्षाओं और परिणामों को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। . आयोग के सचिव रामनिवास मेहता ने अपने कार्यकाल के आखिरी दिन जारी आदेश में चेतावनी दी है कि फर्जी या भ्रामक पोस्ट करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने अभ्यर्थियों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील भी की है। दरअसल, शुक्रवार को आयोग की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि कुछ अभ्यर्थी और अन्य व्यक्ति अधिकृत सूचना के बिना परीक्षा परिणामों का विश्लेषण कर भ्रामक तथ्य और आंकड़े सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं, जिससे अभ्यर्थियों और आमजन में भ्रम की स्थिति बन रही है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ आयोग कड़ा रुख अपनाएगा। आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने कहा कि आयोग के संज्ञान में आया है कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर परीक्षा परिणाम घोषित होने से पहले ही कई तरह के दावे और विश्लेषण साझा किए जा रहे हैं। इससे न केवल अभ्यर्थियों में भ्रम फैल रहा है, बल्कि आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करने का प्रयास किया जा रहा है। आयोग की अधिकृत सूचना पर ही भरोसा करें अभ्यर्थी आयोग ने सभी अभ्यर्थियों और आमजन से अपील की है कि वे केवल आयोग की अधिकृत सूचना पर ही भरोसा करें। आज सचिव रामनिवास मेहता का आखिरी दिन राजस्थान लोक सेवा आयोग के सचिव रामनिवास मेहता का शुक्रवार को कार्यकाल का आखिरी दिन रहा। रिटायर होने से पहले उन्होंने यह महत्वपूर्ण प्रेस नोट जारी कर अभ्यर्थियों को आगाह किया। इसके साथ ही आयोग के सदस्य डॉ. अशोक कलवार का कार्यकाल भी शुक्रवार को पूरा हो गया। आयोग में तीन सदस्य पद होंगे रिक्त डॉ. अशोक कलवार के कार्यकाल समाप्त होने और पहले से रिक्त एक सदस्य पद को मिलाकर अब आयोग में तीन सदस्य पद खाली हो जाएंगे। इन पदों पर नई नियुक्तियों का इंतजार रहेगा।
World News Updates; US Iran Israel Pakistan Breaking NewsFrance Social Media Ban

5 मिनट पहले कॉपी लिंक फ्रांस की संसद ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने वाला बिल पास कर दिया है। इसके साथ ही फ्रांस ऐसा कानून बनाने वाला EU का पहला देश बन गया है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बिल का समर्थन किया है और इसे सितंबर से लागू करने की तैयारी है। कानून लागू कराने की जिम्मेदारी डिजिटल रेगुलेटर Arcom की होगी। हालांकि, बच्चों की उम्र की जांच कैसे होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। फ्रांस के बाद ब्रिटेन, स्पेन, ग्रीस और डेनमार्क भी सोशल मीडिया के लिए न्यूनतम उम्र तय करने की तैयारी में हैं। फ्रांस के कई माता-पिता ने फैसले का स्वागत किया है, जबकि कुछ किशोरों को एजुकेशनल कंटेंट और दोस्तों से संपर्क प्रभावित होने की चिंता है। शिक्षा मंत्री और एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी कहा है कि सिर्फ बैन काफी नहीं होगा, बच्चों को डिजिटल दुनिया के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में शिक्षित करना भी जरूरी है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Delhi Student Protest | International Media Coverage NYT Guardian

नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में सोमवार को दिल्ली में जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई बार झड़प हुई। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान पथराव भी हुआ। दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए। न्यूयॉर्क टाइम्स, द गार्जियन, बीबीसी समेत कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने इस आंदोलन को प्रमुखता से कवर किया है। पढ़िए, भारत के इस युवा आंदोलन पर विदेशी मीडिया ने क्या लिखा… न्यूयॉर्क टाइम्स: प्रदर्शनकारियों का खून बहा, लेकिन वे अडिग अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि शिक्षा व्यवस्था और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे हजारों युवा पुलिस कार्रवाई के बावजूद पीछे नहीं हटे। अखबार के मुताबिक, संसद मार्च के दौरान हुई झड़प और पुलिस कार्रवाई के अगले ही दिन बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी फिर जंतर-मंतर पहुंच गए और सरकार से जवाबदेही की मांग पर डटे रहे। अखबार ने लिखा कि संसद की ओर मार्च के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी मांगों पर सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिला। न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा कि प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे समूहों के अनुसार, सोमवार की झड़प में 150 प्रदर्शनकारी घायल हुए। वहीं, दिल्ली पुलिस ने 118 पुलिसकर्मियों के घायल होने और करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की बात कही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस कार्रवाई के बावजूद आंदोलनकारियों ने प्रदर्शन जारी रखने का फैसला किया। द गार्डियन: प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं ब्रिटिश अखबार द गार्डियन ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि दिल्ली में शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शुरू हुआ युवा आंदोलन पुलिस कार्रवाई के बाद भी थमता नहीं दिख रहा है। अखबार के मुताबिक, सोमवार को हुई झड़प के अगले दिन भी हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर डटे रहे और आंदोलन जारी रखने की बात कही। रिपोर्ट में कहा गया कि सोमवार को 50 हजार से ज्यादा लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। अखबार के अनुसार, इसके लिए बैरिकेडिंग की गई, इंटरनेट सेवाएं बंद की गईं और बाद में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े तथा लाठीचार्ज किया। द गार्जियन ने प्रदर्शनकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से लिखा कि पुलिस ने महिलाओं और बच्चों पर भी बल प्रयोग किया। रिपोर्ट में दावा किया गया कि करीब 60 लोग घायल हुए, जबकि एक प्रदर्शनकारी की हालत गंभीर होने पर उसे आईसीयू में वेंटिलेटर पर भर्ती कराया गया। अखबार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग से आगे बढ़कर बड़ी संख्या में युवाओं के असंतोष की अभिव्यक्ति बनता नजर आ रहा है। वहीं, पुलिस का कहना है कि उसने प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों के जवाब में कार्रवाई की। अल जजीरा: पुलिस कार्रवाई के अगले दिन छात्र फिर सड़कों पर अल जजीरा ने लिखा कि संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई के बावजूद छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के अगले ही दिन बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी फिर जंतर-मंतर लौट आए और आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। रिपोर्ट में कहा गया कि संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा छात्र घायल हुए। अल जजीरा ने घटनास्थल पर टूटे बैरिकेड, बिखरे सामान और संघर्ष के निशानों का भी जिक्र किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रवेश परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और मूल्यांकन में गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर युवाओं में पिछले दो महीनों से नाराजगी है। अखबार ने यह भी लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक आंदोलन पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आवाज उठाई। विश्लेषकों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि इस आंदोलन ने सरकार की जवाबदेही और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर बहस तेज कर दी है। BBC: पुलिस कार्रवाई के अगले दिन भी हजारों प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंचे BBC ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि पुलिस कार्रवाई के अगले दिन भी हजारों प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जुटे और आंदोलन जारी रखा। रिपोर्ट के मुताबिक, एक दिन पहले संसद मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था, जिसमें कम से कम 60 लोग घायल हुए। वहीं, दिल्ली पुलिस ने अपने 118 जवानों के घायल होने और 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की बात कही। रिपोर्ट में कहा गया कि पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर बना मंच और अस्थायी टेंट भी हटा दिए। कई प्रदर्शनकारियों ने BBC को बताया कि पुलिस कार्रवाई में महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया। हालांकि, पुलिस और केंद्र सरकार ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल पर कोई टिप्पणी नहीं की। BBC ने अपनी रिपोर्ट में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान का भी जिक्र किया। रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल ने छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से जवाब मांगा और कांग्रेस सांसदों के साथ प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकाला। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Singer Kaka Slams System & Media at Jantar Mantar Protest latest update

जंतर-मंतर पर CJP प्रोटेस्ट में पहुंचे सिंगर काका। देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक, परीक्षा में धांधली और बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर युवाओं का विरोध प्रदर्शन जारी है। CJP प्रोटेस्ट (कॉकरोच जनता पार्टी) के नाम से चल रहे इस आंदोलन को अब मनोरंजन जगत से भी समर्थन मिलने लगा है। . युवाओं की आवाज को समर्थन देने मशहूर पंजाबी सिंगर काका जंतर-मंतर पहुंचे। मंच से उन्होंने युवाओं का हौसला बढ़ाया और अपने खास अंदाज में कविता/गाना पेश किया। इसके जरिए उन्होंने मौजूदा व्यवस्था, रुपये की गिरती कीमत, चाटुकारिता और मीडिया को लेकर तीखे सवाल उठाए। ‘बग्गे-बिल्ले की बात मत करो, आज माहौल कुछ और है’ मंच पर पहुंचते ही सिंगर काका का तालियों के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान भीड़ ने उनके मशहूर गाने ‘बग्गे-बग्गे बिल्ले-बिल्ले…’ की फरमाइश शुरू कर दी। इस पर काका ने उन्हें रोकते हुए कहा, “कमेंट्स में बोल देना, वो आ जाएंगे। अरे बग्गे-बिल्ले की बात मत करो, आज माहौल कुछ और है।” माहौल को देखते हुए कुछ अलग पेश करना चाहते हैं उन्होंने कहा कि वह ज्यादातर पंजाबी गाने लिखते हैं, लेकिन आज के माहौल को देखते हुए कुछ अलग पेश करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि कुछ पंक्तियों की मांग की गई थी और वह भी पहले से सोचकर आए थे कि इस मौके पर क्या बेहतर रहेगा। जंतर-मंतर धरने पर पहुंचे सिंगर काका। सिस्टम पर तंज- ‘ये बंदे बंदा खा जांदे, डकार नहीं लैंदे’: सिंगर काका ने अपनी दमदार आवाज में सत्ता और व्यवस्था पर तंज कसते हुए कुछ पंक्तियां पेश कीं, जिससे वहां मौजूद युवाओं में जोश भर गया। उन्होंने अपने अंदाज में मौजूदा हालात, चापलूसी और मीडिया को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने गाया- “रोज रुपये वांगु डॉलर अगे गिर जांदी, चापलूसियां ना कहिए तां दस फिर की कहिए। तारीफ तेरी विच खबरां सारियां झूठियां लिखदा ए, ऐसे करके आपां कोई अखबार नहीं लैंदे। हाले मैं चिट्टे खाकी रंग तो बचके चल रिहा हां, एह बंदे बंदा खा जांदे, डकार नहीं लैंदे।” मजाकिया लहजे में बोले- ‘मेरी मंजी मत कुटवा देना’ सिस्टम और मीडिया पर तंज कसने के बाद काका ने माहौल को हल्का करने के लिए मजाकिया अंदाज में आयोजकों और युवाओं से एक बात कही। उन्होंने हंसते हुए कहा कि मेरी ना मंजी कुटवा दियो छेती-छेती (कहीं मेरी जल्दी से खटिया मत खड़ी करवा देना/पिटवा मत देना)। सिंगर की इस बात को सुनकर वहां मौजूद भीड़ हंस पड़ी और माहौल कुछ देर के लिए हल्का हो गया। आंदोलनकारियों का जोश हुआ दोगुना मंच संभाल रहे आंदोलन के अगुआ और युवाओं के बीच लोकप्रिय चेहरों का समर्थन करते हुए काका ने प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाया। युवाओं की भारी भीड़ के बीच काका की मौजूदगी से आंदोलनकारियों में उत्साह बढ़ गया। उन्होंने मंच से युवाओं के संघर्ष और उनकी मांगों को जायज बताते हुए उनका समर्थन किया। वहीं, धरने पर बैठे छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती और रोजगार को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक जंतर-मंतर से उनकी आवाज उठती रहेगी। बड़े कलाकारों के समर्थन से इस आंदोलन को अब राष्ट्रीय स्तर पर भी ज्यादा चर्चा मिल रही है।
Nifty 76,650 Rally | Auto & Media Shares Surge

मुंबई2 मिनट पहले कॉपी लिंक शेयर बाजार में आज यानी 1 जुलाई को बढ़त है। सेंसेक्स करीब 150 अंक ऊपर 76,650 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी करीब 50 अंक की बढ़त है। ये 23,900 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। ऑटो और मीडिया शेयर्स में ज्यादा खरीदारी है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज कोस्पी (साउथ कोरिया) 8365 -162 -1.94% निक्केई (जापान) 70247 +184 +0.26% हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) 22881 -146 -0.63% अमेरिकी बाजार में कल बढ़त रही इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज डाउ जोन्स 52319 +136 +0.26% नैस्डैक 26214 +394 +1.52% S&P 500 7499 +59 +0.79% विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में 2,810 करोड़ के शेयर बेचे कैटेगरी लेटेस्ट बीते 7 दिन बीते 30 दिन DII +6,842 +15,392 +80,691 FII/FPI -2,557 -3,523 -45,117 नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में रही थी गिरावट शेयर बाजार में कल यानी 30 जून को गिरावट रही। सेंसेक्स 250 अंक की गिरावट के साथ 76,479 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में भी 81 अंक की गिरावट रही। ये 23,866 पर बंद हुआ था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Nifty 76,650 Rally | Auto & Media Shares Surge

मुंबई30 मिनट पहले कॉपी लिंक शेयर बाजार में आज यानी 1 जुलाई को बढ़त है। सेंसेक्स करीब 150 अंक ऊपर 76,650 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी करीब 50 अंक की बढ़त है। ये 23,900 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। ऑटो और मीडिया शेयर्स में ज्यादा खरीदारी है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज कोस्पी (साउथ कोरिया) 8365 -162 -1.94% निक्केई (जापान) 70247 +184 +0.26% हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) 22881 -146 -0.63% अमेरिकी बाजार में कल बढ़त रही इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज डाउ जोन्स 52319 +136 +0.26% नैस्डैक 26214 +394 +1.52% S&P 500 7499 +59 +0.79% विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में 2,810 करोड़ के शेयर बेचे कैटेगरी लेटेस्ट बीते 7 दिन बीते 30 दिन DII +6,842 +15,392 +80,691 FII/FPI -2,557 -3,523 -45,117 नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में रही थी गिरावट शेयर बाजार में कल यानी 30 जून को गिरावट रही। सेंसेक्स 250 अंक की गिरावट के साथ 76,479 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में भी 81 अंक की गिरावट रही। ये 23,866 पर बंद हुआ था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Ludhiana Nihang Protest Social Media Video Controversy

रंजीत कौर ने दिलजीत दोसांझ के साथ उनकी फिल्म जट एंड जूलियट 3 में काम किया है। पंजाबी सिंगर एवं एक्टर दिलजीत दोसांझ के साथ फिल्म जट एंड जूलियट-3 में काम कर चुकीं रंजीत कौर भाभी चुम्मेवाली सोशल मीडिया पर अपनी रील्स को लेकर विवाद में हैं। . हर रील के अंत में आंख मारते हुए वह किसी न किसी का नाम लेकर आई लव यू बोलती हैं और फ्लाइंग किस करते हुए कहती हैं, ‘वीरवार है या जुम्मां ले, चक्क भाभी दा चुम्मा’। रंजीत कौर भाभी की यही तुकबंदी अब उनके लिए परेशानी का सबब बन रही है। रंजीत कौर की इस तुकबंदी पर निहंगों ने आपत्ति जताते हुए उनके घर पर धावा बोल दिया। बठिंडा से लुधियाना आए निहंग जत्थे ने उन्हें सख्त चेतावनी दी कि इस तरह की तुकबंदी और अश्लीलता वाली रील सोशल मीडिया पर डाली तो इसके परिणाम खतरनाक होंगे। भाभी चुम्मेवाली निहंगों के सामने गिड़गिड़ाती रही और कहती रही कि इसमें कहां अश्लीलता है, लेकिन निहंग नहीं माने। आखिर में भाभी चुम्मेवाली ने निहंगों को लिखकर दिया और माफी मांगी कि वह भविष्य में ऐसा नहीं बोलेंगी। रंजीत कौर के घर निहंग सिंह पहुंचे। उन्होंने वहां रंजीत कौर को काफी डांट लगाई। निहंग जत्थे और भाभी चुम्मेवाली के बीच हुई बहस… सोशल मीडिया पर गंद परोस रहे: बठिंडा से आए निहंग जत्थे के मुखी मनप्रीत सिंह खालसा का कहना है कि रंजीत कौर भाभी चुम्मेवाली के नाम से सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो डाल रही हैं। उन्हें कई बार समझाया, लेकिन वह नहीं मानीं। मजबूर होकर हमें बठिंडा से लुधियाना आना पड़ा। घर के बाहर चला 15 मिनट ड्रामा: निहंग सिंह मनप्रीत सिंह खालसा और उनका जत्था रंजीत कौर के घर पहुंचा। जत्थे ने घर के बाहर और अंदर जाकर भाभी चुम्मेवाली को उसकी हरकतों का आईना दिखाया। करीब 15 मिनट तक दोनों पक्षों के बीच तीखी और गंभीर बातचीत हुई। पाखंड पर निहंग सिंह का कड़ा रुख: निहंग सिंह मनप्रीत सिंह खालसा ने घर के अंदर बने मंदिर को देखकर गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि एक तरफ तो घर में धार्मिक आस्था के प्रतीक मौजूद हैं और दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर सरेआम गंदगी और अश्लीलता परोसी जा रही है। उन्होंने रंजीत कौर को फटकार लगाते हुए कहा कि धर्म के नाम पर ऐसा पाखंड और समाज में ऐसी फूहड़ता सिख कौम और समाज बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा। अश्लीलता क्या है, इससे अपना पेट पाल रही: रंजीत कौर ने निहंग सिंहों को कहा कि सोशल मीडिया पर लोग अश्लील कपड़े पहनकर व अश्लील बातें बोलकर रील्स डाल रहे हैं। वो तो सिर्फ तुकबंदी करती है और लोग उसे पसंद करते हैं। तुकबंदी में अश्लीलता नहीं है। उनका कहना है कि इस तरह की रील बनाकर वह अपना पेट पाल रही हैं। अगर यह अश्लील होता तो वह अपनी बेटी के साथ ऐसी वीडियो नहीं बनाती। रंजीत कौर ने निहंगों से हाथ जोड़कर माफी मांगी। रंजीत कौर के तर्क पर भड़के निहंग: निहंगों ने जब रंजीत कौर के तर्क सुने तो वह भड़क गए और उन्होंने उन्हें दो टूक कह दिया कि अगर अब ऐसे तुकबंदी की तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उनका कहना है कि ऐसी गंदी रील्स से सोसाइटी पर गलत असर पड़ रहा है। मनप्रीत सिंह खालसा ने साफ शब्दों में हिदायत दी कि पैसों के लिए समाज की इज्जत और युवा पीढ़ी का भविष्य नीलाम नहीं किया जा सकता। उन्होंने रंजीत कौर को अल्टीमेटम दिया कि वह इंटरनेट से अपने सभी विवादित और अश्लील वीडियो तुरंत प्रभाव से डिलीट कर दे। अगर भविष्य में दोबारा ऐसी कोई हरकत की गई या वैसी कोई रील सामने आई, तो उसे इसके बेहद गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। सिखों को एक लिखित माफीनामा सौंप दिया: निहंगों ने रंजीत कौर से माफीनामा लिखवाया। इस माफीनामे में उसने स्पष्ट रूप से लिखा है कि वह भविष्य में कभी भी सोशल मीडिया पर ऐसी कोई भी फूहड़ या अश्लील गतिविधि नहीं करेगी और न ही कोई ऐसा वीडियो अपलोड करेंगी, जिससे समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचे। लिखित में गारंटी मिलने और इंटरनेट से विवादित सामग्री हटाने के वादे के बाद निहंग सिंह मनप्रीत सिंह खालसा का जत्था वहां से लौटा। रंजीत कौर ने निहंगों को लिखित में दिया कि वह अब अश्लील कंटेंट नहीं बनाएंगी। रंजीत कौर से भाभी चुम्मे वाली तक का सफर, जानिए… सोशल मीडिया पर रील्स बनाने लगी: कोरोना काल में लुधियाना की रंजीत कौर ने सोशल मीडिया पर रील्स बनानी शुरू की। वह कॉमेडी रील्स बना रही थीं, लेकिन उसे कोई पसंद नहीं कर रहा था। वह काफी रील्स बना चुकी थीं, लेकिन रील वायरल नहीं हुई। रील में एक फॉलोअर को फ्लाइंग किश किया: रंजीत कौर का कहना है कि वह रील्स बना रही थीं, तो एक फॉलोअर को रील में उसका नाम लेकर फ्लाइंग किश किया तो कॉमेंट में लोगों ने भाभी चुम्मेवाली लिखना शुरू कर दिया। उसके बाद माइंड में आया कि इसी को अपना टैग बना देती हूं। उसके बाद शुरू की तुकबंदी: रंजीत कौर ने फिर अपने नाम के साथ भाभी चुम्मेवाली का टैग लगा दिया और फिर उसने रील्स बनाते हुए फॉलोअर्स के नाम लेकर तुकबंदी करनी शुरू कर दी। उसके बाद लोगों ने उसे बहुत पसंद किया। शूटिंग के दौरान दिलजीत दोसांझ के साथ खड़ी रंजीत कौर। दिलजीत दोसांझ की फिल्म में मिला काम: रंजीत कौर भाभी चुम्मेवाली का कहना है कि जब लोगों ने उसकी रील्स को पसंद किया तो फिर दिलजीत दोसांझ ने उन्हें अपनी फिल्म जट एंड जूलियट-3 में एक छोटा सा रोल दिया। उसके बाद वह बहुत फेमस हो गईं। दिलजीत पर भी तुकबंदी की थी: रंजीत कौर का कहना है कि जो तुकबंदी वह अपने फॉलोअर्स का नाम लेकर करती हैं, वही तुकबंदी उन्होंने दिलजीत दोसांझ के लिए भी की थी। जब उन्होंने दिलजीत दोसांझ को आई लव यू बोला तो उन्होंने भी रिप्लाई में आई लव यू बोलकर गले लगाया। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… निहंग की हत्या, फिर सुसाइड की कोशिश, गुरदासपुर में 2 पक्षों में 15 राउंड फायरिंग गुरदासपुर के बटाला में गाड़ी क्रॉस करने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। बहसबाजी के दौरान दोनों ओर से
Nifty, Sensex Fall; IT, Media Shares Dip

मुंबई10 मिनट पहले कॉपी लिंक आज यानी 18 जून को सेंसेक्स 50 अंक की गिरावट के साथ 77,100 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 20 अंकों की गिरावट है, ये 24,050 के स्तर पर आ गया है। आज के कारोबार में IT और मीडिया शेयर्स में ज्यादा गिरावट है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज कोस्पी (साउथ कोरिया) 8943 +79 +1.01% निक्केई (जापान) 71052 +1150 +1.65% हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) 23844 -468 -1.88% कल अमेरिकी बाजार में रही गिरावट इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज डाउ जोन्स 51493 -507 -0.98% नैस्डैक 26022 -355 -1.34% S&P 500 7420 -91 -1.21% विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में 1,530 करोड़ के शेयर बेचे कैटेगरी लेटेस्ट बीते 7 दिन बीते 30 दिन DII 1,561 10,092 98,966 FII/FPI 102 -1,530 -78,542 नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में रही थी गिरावट इससे पहले कल यानी 17 जून को बाजार में बढ़त रही थी। सेंसेक्स 347 अंक की तेजी के साथ 77,156 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 97 अंक की बढ़त रही, ये 24,086 पर बंद हुआ था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
UK to Ban Social Media for Children Under 16, New Rules Expected by 2027
10 मिनट पहले कॉपी लिंक ब्रिटेन में 16 साल से छोटे बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर बैन लगेगा। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोमवार को इसकी घोषणा की। संबंधित नियम इस साल दिसंबर तक बन जाएंगे और 2027 मार्च- अप्रैल तक लागू होने की उम्मीद है। सरकार का तर्क है कि एल्गोरिदम आधारित प्लेटफॉर्म बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, पढ़ाई और सामाजिक विकास पर नकारात्मक असर डाल रहे हैं। प्रस्ताव के तहत सोशल मीडिया के उपयोग से पहले उम्र सत्यापन सख्ती से लागू होगा और नियम पालन कराने की जिम्मेदारी कंपनियों पर होगी। बैन एप में स्नैपचैट, टिकटॉक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म शामिल होंगे। वॉट्सएप और सिग्नल जैसी मैसेजिंग सेवाएं फिलहाल प्रतिबंध में शामिल नहीं होंगी। ब्रिटिश सरकार के एक सर्वे में 10 में से 9 अभिभावकों ने इस प्रतिबंध का स्वागत किया है। ब्रिटेन की रॉयल सोसाइटी फॉर पब्लिक हेल्थ द्वारा 14-24 वर्ष के युवाओं के बीच किए सर्वे के मुताबिक स्नैपचैट, फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम से डिप्रेशन, चिंता, अपने शरीर को लेकर हीन भावना और अकेलेपन में बढ़ोतरी होती है। अमेरिकी सर्जन जर्नल के मुताबिक रोज 3 घंटे से ज्यादा सोशल मीडिया पर बिताने वाले किशोरों में मानसिक समस्याओं का खतरा दोगुना होता है। अमेरिका में एक परीक्षण में पाया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बंद करने से युवाओं में खुशी, जीवन से संतुष्टि बढ़ी, डिप्रेशन-एंग्जाइटी में सुधार हुआ। 25 से ज्यादा देश किशोरों-बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने की पहल कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में साल भर पहले प्रतिबंध लागू किया गया था। मलेशिया, इंडोनेशिया और ब्राजील में भी इस साल की शुरुआत से प्रतिबंध लागू हो चुके हैं। नॉर्वे, फ्रांस, अमेरिका, चीन जैसे कई देशों में बच्चों के लिए सोशल मीडिया से जुड़े नियम सख्त किए जा रहे हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
UK to Ban Social Media for Children Under 16, New Rules Expected by 2027
30 मिनट पहले कॉपी लिंक ब्रिटेन में 16 साल से छोटे बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर बैन लगेगा। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोमवार को इसकी घोषणा की। संबंधित नियम इस साल दिसंबर तक बन जाएंगे और 2027 मार्च- अप्रैल तक लागू होने की उम्मीद है। सरकार का तर्क है कि एल्गोरिदम आधारित प्लेटफॉर्म बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, पढ़ाई और सामाजिक विकास पर नकारात्मक असर डाल रहे हैं। प्रस्ताव के तहत सोशल मीडिया के उपयोग से पहले उम्र सत्यापन सख्ती से लागू होगा और नियम पालन कराने की जिम्मेदारी कंपनियों पर होगी। बैन एप में स्नैपचैट, टिकटॉक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म शामिल होंगे। वॉट्सएप और सिग्नल जैसी मैसेजिंग सेवाएं फिलहाल प्रतिबंध में शामिल नहीं होंगी। ब्रिटिश सरकार के एक सर्वे में 10 में से 9 अभिभावकों ने इस प्रतिबंध का स्वागत किया है। ब्रिटेन की रॉयल सोसाइटी फॉर पब्लिक हेल्थ द्वारा 14-24 वर्ष के युवाओं के बीच किए सर्वे के मुताबिक स्नैपचैट, फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम से डिप्रेशन, चिंता, अपने शरीर को लेकर हीन भावना और अकेलेपन में बढ़ोतरी होती है। अमेरिकी सर्जन जर्नल के मुताबिक रोज 3 घंटे से ज्यादा सोशल मीडिया पर बिताने वाले किशोरों में मानसिक समस्याओं का खतरा दोगुना होता है। अमेरिका में एक परीक्षण में पाया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बंद करने से युवाओं में खुशी, जीवन से संतुष्टि बढ़ी, डिप्रेशन-एंग्जाइटी में सुधार हुआ। 25 से ज्यादा देश किशोरों-बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने की पहल कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में साल भर पहले प्रतिबंध लागू किया गया था। मलेशिया, इंडोनेशिया और ब्राजील में भी इस साल की शुरुआत से प्रतिबंध लागू हो चुके हैं। नॉर्वे, फ्रांस, अमेरिका, चीन जैसे कई देशों में बच्चों के लिए सोशल मीडिया से जुड़े नियम सख्त किए जा रहे हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









