अरब सागर में भारतीय-पाकिस्तानी जहाज टकराए:तेज रफ्तार में आ रहे पाकिस्तानी जहाज ने गलत दिशा में मोड़ा रास्ता, दिल्ली में PAK हाईकमिश्नर तलब

अरब सागर में भारतीय और पाकिस्तानी नौसेना के जहाजों की टक्कर हुई। भारत के मुताबिक, तेज रफ्तार में आ रहे पाकिस्तानी जहाज ने अचानक गलत दिशा में मोड़ लिया, जिससे वह भारतीय नौसेना की यूनिट से टकरा गया। हादसे में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इसके बाद भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के चार्ज डी’अफेयर्स को तलब कर कड़ा विरोध जताया। भारत ने पाकिस्तानी नौसेना के इस व्यवहार को गैर-पेशेवर और अस्वीकार्य बताया। 35 साल पुराने समझौते का उल्लंघन बताया भारत ने कहा कि पाकिस्तानी नौसेना के जहाज का व्यवहार अप्रैल 1991 में दोनों देशों के बीच हुए समझौते के आर्टिकल 10 का सीधा उल्लंघन है। इस समझौते के तहत दोनों देशों को सैन्य अभ्यास, युद्धाभ्यास और सैनिकों की आवाजाही की पहले से जानकारी देनी होती है। भारत और पाकिस्तान पहले भी समुद्र में हुई घटनाओं के मामलों में इस समझौते के आर्टिकल 10 का हवाला दे चुके हैं। भारत बोला- समुद्र में सैन्य यूनिट्स पूरी सावधानी बरतें भारत ने पाकिस्तान से ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही, पाकिस्तानी चार्ज डी’अफेयर्स से कहा गया कि वे अपने संबंधित अधिकारियों को सभी सैन्य यूनिट्स को समुद्र में पूरी सावधानी बरतने की सलाह दें। भारत ने दोनों देशों के बीच हुए संबंधित समझौतों के प्रावधानों का पालन करने पर भी जोर दिया। खबर अपडेट हो रही है…
BRICS 2026 New Delhi Summit

Hindi News Career BRICS 2026 New Delhi Summit | India France Space Technology Partnership 5 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. BRICS समिट आज से नई दिल्ली में शुरू होगी 12 सितंबर को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में ब्रिक्स (BRICS) 2026 समिट शुरू होगी। इससे पहले कल पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भारत मंडप्पम में मुलाकात की। भारत चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। इससे पहले भारत ने 2012, 2016 और 2021 में इसकी अध्यक्षता की थी। इस बार ब्रिक्स की थीम ‘बिल्डिंग फॉर रेसिलेंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सन्सटेनिबलिटी’ है। साल 2026 में ब्रिक्स की स्थापना के 20 साल पूरे हो रहे हैं। इस सम्मेलन में ब्रिक्स के सभी 11 मुख्य सदस्य देश हिस्सा ले रहे हैं ब्रिक्स में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भाग ले रहे हैं। ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों में भारत, ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शामिल हैं। ब्रिक्स के भागीदार देशों में बेलारूस, क्यूबा, बोलीविया, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तिरुक्कुरल किताब की रूसी भाषा में अनुवाद की एक प्रति भेंट की। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 2. भारत-मलेशिया नौसैन्य अभ्यास ‘समुद्र लक्ष्मण 2026’ शुरू 11 सितंबर को भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS मैसूर (INS Mysore) मलेशिया के लुमुत बंदरगाह पहुंचा। INS मैसूर की ये यात्रा भारत और मलेशिया के बीच होने वाले द्विपक्षीय नौसैन्य अभ्यास ‘समुद्र लक्ष्मण’ के चौथे संस्करण से जुड़ी है। भारत और मलेशिया का संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू हुआ। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाना है। इसमें दोनों नौसेनाएं समुद्री संचालन, संचार और सामरिक अभ्यास के जरिए अपनी क्षमताओं को मजबूत करने पर काम करेंगी। ये अभ्यास भारत की एक्स ईस्ट पॉलिसी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग को मजबूत करने के प्रयासों से भी जुड़ा है। भारत और मलेशिया के बीच रक्षा सहयोग में नौसैनिक अभ्यास, सैन्य प्रशिक्षण और समुद्री सुरक्षा महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। INS मैसूर भारतीय नौसेना का एक निर्देशित मिसाइल विनाशक युद्धपोत है इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह अभ्यास महत्वपूर्ण है। 3. भारत और फ्रांस के बीच स्पेस से जुड़े 3 MoU हुए 11 सितंबर को भारत और फ्रांस ने स्पेस सेक्टर में सहयोग बढ़ाने के लिए 3 MoU पर साइन किए। इनकी घोषणा पेरिस में हुए इंटरनेशनल स्पेस समिट के दौरान की गई। ये MoU भारत की ISRO और फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी सीएनईएस (CNES) के बीच हुआ है। इन MoU का मुख्य उद्देश्य सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, स्पेस रिसर्च और जॉइंट प्रोग्रामों पर केंद्रित है। भारत की प्रस्तावित 52-सैटेलाइट स्पेस सर्विलांस कंसल्टेशन में इन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा। इस कंसल्टेशन के तहत सैटेलाइट्स को 2027–2030 के बीच इसे पूरा किया जाएगा। ये समझौते भारत की स्वदेशी और रणनीतिक अंतरिक्ष क्षमताओं को मजबूत करने में मदद करेंगे। भारत और फ्रांस का अंतरिक्ष सहयोग पांच दशकों से ज्यादा पुराना है और रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। नए MoU कमर्शियल स्पेस टेक्नोलॉजी एक्टिविटीज और साइंटिफिक डेटा शेयरिंग को बढ़ावा देना है। फ्रांस यूरोप में भारत का एक प्रमुख रणनीतिक और हाई टेक्नोलॉजी पार्टनर है। निधन (DEATH) 4. पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री भगत चुन्नी लाल का निधन 11 सितंबर को पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता भगत चुन्नी लाल का निधन हो गया। वे 94 वर्ष के थे। भगत चुन्नी लाल जालंधर की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे। उन्होंने 1997, 2007 और 2012 में विधायक चुने गए। चुन्नी लाल 2011 में पंजाब विधानसभा के उपाध्यक्ष बने और 2012 में प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व वाली SAD-BJP सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। चुन्नी लाल के पास स्थानीय निकाय, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान, श्रम तथा वन एवं वन्यजीव जैसे विभाग रहे। चुन्नी लाल ने 2017 में चुनावी राजनीति से संन्यास लिया था। मिसलीनियस 5. TRAI ने 12 मिनट एडवर्टाइजमेंट के फैसले को रद्द किया 10 सितंबर को टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) द्वारा टीवी विज्ञापनों पर 12 मिनट की सीमा का नियम रद्द किया। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने 2012 के टीवी विज्ञापन नियमों को निरस्त किया। ट्राई द्वारा निरस्त किए गए नियम के तहत प्रति घंटे टीवी पर अधिकतम 12 मिनट के विज्ञापन की सीमा को अब हटा दिया गया है। 22 अगस्त को सरकार ने टेलीविजन चैनलों के लिए 12 मिनट की विज्ञापन अवधि सीमा को हटाने का नोटिफिकेशन जारी किया था। मंत्रालय का मानना है कि टेलीविजन उद्योग और डिजिटल मीडिया के बीच पर्याप्त प्रतिस्पर्धा मौजूद है। टेलीविजन के लिए एडवर्टाइज की टाइम लिमिट साल 2006 में केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 के तहत लागू की गई थी। हालांकि अब टीवी चैनल बढ़ गए हैं 2006 में इनकी संख्या 62 थी जो अब बढ़कर 900 हो गई है। उस समय, टीवी चैनलों को प्रसारित करने के मुख्य माध्यम केबल टीवी की प्रसारण क्षमता सीमित थी और उपभोक्ताओं के पास बहुत कम विकल्प थे। केबल टीवी क्षेत्र के डिजिटलीकरण के बाद, डीटीएच, एच.आई.एस.टी. और आई.पी.टीवी. सहित सभी प्लेटफॉर्म अब डिजिटल हैं। ट्राई (TRAI) भारत में दूरसंचार और प्रसारण (Broadcasting) सेवाओं का नियामक निकाय है। आज का इतिहास 1931 में महात्मा गांधी सेकेंड गोलमेज सम्मेलन में हिस्सा लेने लंदन पहुंचे। 1959 में सोवियत संघ का अंतरिक्ष यान ‘लूना-2’ चंद्रमा की सतह पर पहुंचा था। यह चंद्रमा पर पहुँचने वाली पहली मानव निर्मित वस्तु थी। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… 11 सितंबर के करेंट अफेयर्स:शी जिनपिंग BRICS में हिस्सा लेने भारत आएंगे, पैरा आर्चर शीतल देवी ने गोल्ड जीता आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
BRICS Summit New Delhi | Modi, Putin & Jinping Meet After 10 Years

नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक BRICS समिट शनिवार से नई दिल्ली में शुरू होने जा रहा है। भारत में होने वाले BRICS समिट में 10 साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक साथ नजर आएंगे। तीनों नेता इससे पहले 2016 में गोवा में हुए BRICS समिट में एक साथ शामिल हुए थे। समिट में BRICS के 11 सदस्य देशों के अलावा 10 पार्टनर देशों के नेता भी शामिल होंगे। BRICS की ताकत को सिर्फ सदस्य देशों की संख्या से नहीं, बल्कि उनकी आबादी और अर्थव्यवस्था से भी समझा जा सकता है। 11 सदस्य देशों में दुनिया की करीब 49.5% आबादी रहती है। यानी दुनिया के लगभग हर दो में से एक व्यक्ति BRICS देशों में रहता है। अर्थव्यवस्था की बात करें तो PPP यानी खरीदने की क्षमता के आधार पर BRICS देशों की कुल अर्थव्यवस्था दुनिया की करीब 39% है। यह अमेरिका की अर्थव्यवस्था के मुकाबले करीब 3 गुना है। गोवा में ब्रिक्स समिट से पहले 15 अक्टूबर 2016 को चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग, प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन भारतीय अंदाज के कपड़ों में नजर आए थे। PM मोदी 4 वर्ल्ड लीडर्स से मिलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को कई विदेशी नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। सुबह 10 बजे- हैदराबाद हाउस में इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली। सुबह 10:30 बजे- मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम। सुबर 11 बजे- अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद। सुबह 11:30 बजे- वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग। शाम 6 से 7 बजे*- भारत मंडपम में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक होने की उम्मीद है। जिनपिंग का गलवान हिंसा के बाद पहला भारत दौरा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 7 साल बाद भारत आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात 2020 के गलवान संघर्ष के बाद भारत में पहली आमने-सामने की बैठक होगी। गलवान के बाद करीब 4 साल तक LAC पर दोनों देशों के बीच तनाव रहा। अब भारत और चीन LAC से लेकर कारोबार तक 6 बड़े मुद्दों पर काम कर रहे हैं। इनमें सीमा विवाद सबसे अहम मुद्दा है। दोनों देश सीमा विवाद पर एक विशेषज्ञ समूह बनाने पर सहमत हुए हैं। इसके अलावा सीमा पर 2 अतिरिक्त सैन्य संपर्क केंद्र और पूर्वी व मध्य सेक्टर में 2 सैन्य हॉटलाइन बनाने पर भी सहमति बनी है। अब इन फैसलों को दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी मिलनी है। दूसरा बड़ा मुद्दा दोनों देशों के बीच कारोबार है। 2025-26 में भारत ने चीन से करीब 11.4 लाख करोड़ रुपए का सामान आयात किया। इससे भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा 8.6 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा रहा। प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग 11 अक्टूबर, 2019 को तमिलनाडु के महाबलीपुरम में ‘कृष्णाज बटर बॉल’ पर। यह जिनपिंग की आखिरी भारत यात्रा थी। पश्चिमी देशों के लिए BRICS की बढ़ती चुनौती BRICS देश अब आपस में कारोबार करते समय डॉलर का इस्तेमाल कम करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए वे एक-दूसरे की अपनी-अपनी करेंसी में लेन-देन बढ़ाना चाहते हैं। साथ ही, अलग-अलग देशों के ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ने पर भी काम हो रहा है। हालांकि, अभी BRICS का अपना कोई एक पेमेंट सिस्टम या एक साझा करेंसी नहीं है। इस साल भारत की अध्यक्षता में होने वाले BRICS समिट में भी अपनी करेंसी में कारोबार और आसान ऑनलाइन पेमेंट पर जोर दिया जाएगा। भारत चाहता है कि BRICS देशों के डिजिटल पेमेंट सिस्टम और उनकी डिजिटल करेंसी को आपस में जोड़ा जाए। इससे एक देश से दूसरे देश में पैसे भेजना आसान हो सकता है और हर बार डॉलर की जरूरत कम हो सकती है। ब्रिक्स तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं का संगठन BRICS 11 देशों का ऐसा समूह है, जिसमें दुनिया की बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, UAE, सऊदी अरब और इंडोनेशिया शामिल हैं। BRICS का मकसद सदस्य देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक सहयोग बढ़ाना है। शुरुआत में इसमें 4 देश थे और इसे BRIC कहा जाता था। BRIC नाम 2001 में गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्री जिम ओ’नील ने दिया था। बाद में दूसरे देश जुड़ते गए और इसका नाम BRICS हो गया। भारत 2026 में BRICS समिट की अध्यक्षता कर रहा है। एक बैंक की रिपोर्ट से निकला BRICS का नाम BRICS की शुरुआत किसी सरकार ने नहीं, बल्कि एक बैंक की रिपोर्ट से हुई थी। 2001 में अमेरिकी निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्री जिम ओ’नील ने अपनी रिपोर्ट में BRIC शब्द इस्तेमाल किया। उन्होंने ब्राजील, रूस, भारत और चीन को तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाएं बताया था। तब BRIC कोई संगठन नहीं था। लेकिन बाद में ये चारों देश एक साथ आने लगे। 2006 में BRIC समूह बना और 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में इसकी पहली आधिकारिक बैठक हुई। 2010 में दक्षिण अफ्रीका के जुड़ने के बाद BRIC का नाम BRICS हो गया। पिछले साल ईरान, मिस्र और इथियोपिया भी इसके पूर्ण सदस्य बने। इसके साथ BRICS का दायरा और बढ़ गया। आज BRICS दुनिया के बड़े आर्थिक मंचों में शामिल है। इसके सदस्य देशों की ग्लोबल GDP में हिस्सेदारी 27% से ज्यादा है, जबकि यूरोपियन यूनियन की करीब 14% है। पाकिस्तान के चाहने के बावजूद BRICS में नहीं मिली एंट्री BRICS के विस्तार के बाद कई देशों ने इसमें शामिल होने की कोशिश की। इनमें पाकिस्तान और तुर्किये भी थे। पाकिस्तान ने 2023 में सदस्यता के लिए आधिकारिक आवेदन किया था। उसे चीन और रूस का समर्थन भी मिला, लेकिन अब तक BRICS में उसकी एंट्री नहीं हो पाई है। तुर्किये ने भी सदस्यता की कोशिश की, लेकिन उसे भी सफलता नहीं मिली। इससे सवाल उठा कि दोनों देशों की एंट्री क्यों अटकी। कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत पाकिस्तान और तुर्की को BRICS में शामिल करने के पक्ष में नहीं था। नए सदस्य को शामिल करने के लिए सभी मौजूदा सदस्यों की सहमति जरूरी होती है। यानी किसी एक देश की आपत्ति से सदस्यता रुक सकती है। हालांकि, भारत ने आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान की सदस्यता रोकने की बात नहीं कही है। ——————- यह खबर
रणवीर सिंह बने BMW इंडिया के नए ब्रांड एंबेसडर:नई दिल्ली में नई 7 सीरीज रेंज लॉन्च हुई, डिलीवरी अक्टूबर 2026 से शुरू होगी

नई दिल्ली में BMW इंडिया ने शुक्रवार को अपनी नई BMW 7 सीरीज रेंज लॉन्च की। इस खास मौके पर बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह को BMW इंडिया का नया ब्रांड एंबेसडर के तौर पर पेश किया गया। लॉन्च इवेंट में नई BMW 7 सीरीज रेंज से पर्दा रणवीर सिंह ने उठाया। इस मौके पर BMW की फ्लैगशिप 7 सीरीज और रणवीर सिंह की मौजूदगी एक साथ देखने को मिली। रणवीर सिंह ने ब्रांड एंबेसडर के तौर पर इस लॉन्च में हिस्सा लिया। BMW के मुताबिक, यह साझेदारी एक्सीलेंस, एम्बिशन और कुछ असाधारण करने की चाह को दर्शाती है। BMW की फ्लैगशिप सेडान पेट्रोल और पूरी तरह इलेक्ट्रिक पावरट्रेन के साथ उपलब्ध होगी। पूरी तरह इलेक्ट्रिक परफॉर्मेंस मॉडल BMW i7 M70 भी भारत में ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगा। BMW i7 M70 अब तक की सबसे पावरफुल BMW 7 सीरीज होगी। इन कारों की बुकिंग BMW इंडिया की डीलरशिप पर की जा सकती है, जबकि डिलीवरी अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। रणवीर इससे पहले स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड फेस थे। फरवरी 2025 में स्कोडा ने उन्हें अपना पहला ‘ब्रांड सुपरस्टार’ घोषित किया था। कंपनी ने रणवीर को अपनी नई ब्रांड स्ट्रेटेजी और कायलाक SUV के प्रमोशनल कैंपेन में शामिल किया था। हालांकि रणवीर का कार कंपनियों से जुड़ाव सिर्फ स्कोडा तक सीमित नहीं रहा है। वह पहले मारुति सुजुकी नेक्सा के भी ब्रांड एंबेसडर रह चुके हैं। 2014 में उन्हें नेक्सा रेंज का चेहरा बनाया गया था। खास बात यह है कि रणवीर खुद भी महंगी और लग्जरी कारों के शौकीन हैं। उनके कार कलेक्शन में फेरारी 296 जीटीबी, जीएमसी हमर ईवी 3एक्स, रेंज रोवर ऑटोबायोग्राफी और मर्सिडीज-मेबैक जीएलएस 600 जैसी गाड़ियां शामिल हैं। यह बॉलीवुड सितारे भी कार कंपनियों के ब्रांड एंबेसडर रहे हैं शाहरुख खान: शाहरुख खान लंबे समय से हुंडई मोटर इंडिया का चेहरा हैं। हुंडई के साथ उनकी साझेदारी 1998 में सैंट्रो के विज्ञापन से शुरू हुई थी। इसके बाद वह कंपनी के कई प्रचार अभियानों में नजर आए हैं। विक्की कौशल: विक्की कौशल टाटा मोटर्स के यात्री इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़े ब्रांड फेस रहे हैं। वह टाटा कर्व के प्रचार अभियान में भी नजर आ चुके हैं। कार्तिक आर्यन: कार्तिक आर्यन को मारुति सुजुकी की ब्रेजा के प्रचार अभियान से जोड़ा गया है। वह कंपनी के ‘मोर पावर टू योर प्ले’ अभियान का हिस्सा रहे हैं। रणबीर कपूर: रणबीर कपूर लंबे समय से रेनॉल्ट इंडिया से जुड़े रहे हैं। वह कंपनी की कई कारों के प्रचार अभियानों में नजर आ चुके हैं। आयुष्मान खुराना- आयुष्मान खुराना को टोयोटा इंडिया के साथ ब्रांड पार्टनर के तौर पर जोड़ा गया है। वह कंपनी के प्रचार अभियानों का हिस्सा रहे हैं।
BRICS के लिए भारत आ सकते हैं चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग:गलवान हिंसा के बाद भारत में पहली द्विपक्षीय बैठक करेंगे

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आ सकते हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। अगर यह बैठक होती है, तो जून 2020 में हुई गलवान हिंसा के बाद दोनों नेताओं की भारत में यह पहली आमने-सामने द्विपक्षीय बातचीत होगी। करीब 7 साल बाद जिनपिंग भारत आएंगे। हालांकि, दोनों देशों ने अभी तक बैठक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। शी की यात्रा से पहले दोनों देशों में बढ़ी बातचीत शी जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले दोनों देशों के बीच बातचीत बढ़ी है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल 24 अगस्त को चीन गए थे। वहां 25 अगस्त को उन्होंने चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ सीमा विवाद समेत कई मुद्दों पर बातचीत की थी। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
BRICS Summit New Delhi | PM Modi Putin Bilateral Meeting Visit

नई दिल्ली/मॉस्को4 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 31 अगस्त को बिश्केक में SCO समिट के दौरान मुलाकात की थी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS समिट में शामिल होने के लिए भारत आएंगे। 11 सितंबर को नई दिल्ली में BRICS नेताओं की बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन की द्विपक्षीय बैठक होगी। रूस के राष्ट्रपति ऑफिस क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस मुलाकात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि भारत को रूस अपना रणनीतिक साझेदार मानता है और दोनों देशों के रिश्ते उसके लिए बेहद अहम हैं। उन्होंने बताया कि भारत और रूस के बीच ज्यादातर भुगतान अब दोनों देशों की अपनी-अपनी करेंसी में हो रहा है। दोनों देशों के बीच सुरक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा, परिवहन, विज्ञान और तकनीक जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ रहा है। व्यापार और आर्थिक सहयोग पर चर्चा होगी मोदी और पुतिन की बैठक में व्यापार और आर्थिक सहयोग पर भी बात होगी। दोनों देश आपसी कारोबार बढ़ाने और अपनी कंपनियों के लिए नए मौके तलाशने पर चर्चा कर सकते हैं। भारतीय कंपनियां रूस के बाजार में कारोबार बढ़ाने में रुचि दिखा रही हैं। वहीं रूस भी भारत में अपनी कंपनियों और उत्पादों की पहुंच बढ़ाना चाहता है। दोनों देशों के बीच परिवहन और इससे जुड़ी अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं पर भी बात हो सकती है। यूक्रेन युद्ध और खाड़ी संकट भी बातचीत का मुद्दा बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध और मौजूदा हालात पर भी चर्चा हो सकती है। दोनों नेता युद्ध की स्थिति और उसके असर पर बात कर सकते हैं। फारस की खाड़ी में जारी तनाव भी बातचीत का हिस्सा बन सकता है। रूस का कहना है कि खाड़ी में चल रही घटनाओं का असर दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। ऐसे में दोनों नेता इसके आर्थिक और रणनीतिक असर पर भी चर्चा कर सकते हैं। BRICS क्या है? BRICS 11 प्रमुख उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों का एक समूह है। इनमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, UAE, सऊदी अरब और इंडोनेशिया शामिल हैं। इसका मकसद इन देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक सहयोग को बढ़ावा देना है। इसमें शुरुआत में 4 देश थे, जिसे BRIC कहा जाता था। यह नाम 2001 में गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्री जिम ओ’नील ने दिया था। भारत 2026 में BRICS समिट की अध्यक्षता कर रहा है। 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने जा रही है। खबर अपडेट हो रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
शी जिनपिंग सात साल बाद भारत आ सकते हैं:चीनी राष्ट्रपति के साथ 400 अधिकारी होंगे; BRICS समिट में शामिल होने की उम्मीद

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले महीने नई दिल्ली में होने वाले BRICS समिट में शामिल हो सकते हैं। यह उनका करीब 7 साल बाद भारत का पहला दौरा होगा। भारत 12-13 सितंबर को BRICS सम्मेलन की मेजबानी करेगा। रॉयटर्स के मुताबिक, जिनपिंग के साथ करीब 400 अधिकारियों का बड़ा प्रतिनिधिमंडल आ सकता है। जिनपिंग आखिरी बार 2019 में भारत आए थे। तब उनके साथ 200 से कम अधिकारी थे। खबर लगातार अपडेट की जा रही है।
'रामायण' ट्रेलर लॉन्च इवेंट:रणबीर ने सनी देओल के पैर छुए; बाबा रामदेव ने ₹4000 करोड़ के बजट पर ली चुटकी, मंच पर किया योग

फिल्म ‘रामायण: प्रथम संकल्प’ का ट्रेलर शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इवेंट में लॉन्च किया गया। इस मौके पर डायरेक्टर नितेश तिवारी, प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा और फिल्म की स्टार कास्ट मौजूद रही। मेकर्स ने घोषणा की कि ट्रेलर 24 जुलाई को दुनियाभर में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगा। इवेंट में भगवान राम की भूमिका निभा रहे रणबीर कपूर, साई पल्लवी, यश, सनी देओल, रवि दुबे, विवेक ओबेराय सहित अन्य कलाकार शामिल हुए। इवेंट के दौरान रणबीर कपूर ने सनी देओल के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। करीब चार मिनट के ट्रेलर में फिल्म के भव्य विजुअल्स, बड़े पैमाने पर तैयार की गई दुनिया और प्रमुख किरदारों की पहली विस्तृत झलक दिखाई गई। बता दें कि रामायण: पार्ट 1 दिवाली 2026 पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जबकि रामायण: पार्ट 2 दिवाली 2027 में रिलीज की जाएगी। कार्यक्रम में बाबा रामदेव और कुमार विश्वास भी थे। इवेंट में बाबा रामदेव ने मंच पर योग भी करके दिखाया। वहीं, बाबा रामदेव ने हंसते हुए कहा कि जब उन्होंने पहली बार सुना कि इस फिल्म का बजट 4000 करोड़ रुपये है, तो यह सुनकर उनकी समाधि लग गई। इस पर मंच पर मौजूद कवि कुमार विश्वास ने चुटकी लेते हुए कहा, “स्वामी जी, आपका खुद का पतंजलि साम्राज्य तो 2 लाख करोड़ रुपए का है।” कुमार विश्वास की इस बात पर रणबीर कपूर समेत पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा। वहीं, बाबा रामदेव ने अपने खास अंदाज में योग और अध्यात्म से जुड़ी बातें भी साझा कीं, जिन्हें सुनकर रणबीर कपूर मुस्कुराते नजर आए। इवेंट के दौरान रणबीर कपूर और साई पल्लवी ने मंच पर जाकर बाबा रामदेव का अभिवादन किया और उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। इवेंट के दौरान रणबीर कपूर ने काला चश्मा पहना हुआ था। इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा, “सबसे पहले मैं एक चीज कहना चाहूंगा कि ये काला चश्मा पहनने के लिए मैं आप सब से क्षमा मांगता हूं। मेरी आंखों में इन्फेक्शन हुआ है, पर आज इस शुभ अवसर पर मेरे दिल में सिर्फ अफेक्शन (प्यार) है।” सनी देओल ने कहा, ‘मैं वाहेगुरु जी का शुक्रिया करता हूं कि मुझे हनुमान जी के किरदार को निभाने का मौका मिला। मैं पूरी कोशिश करूंगा कि मैं सही तरह से इसे निभा सकूं, क्योंकि हनुमान जी का किरदार निभाना आसान नहीं है, लेकिन मजा बहुत आएगा, क्योंकि वो नटखट, मासूम, ताकतवर हैं, आप सबके प्यारे हैं और राम जी के भक्त हैं।’ फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें- फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण के रोल में नजर आएंगे। 1987 के टीवी शो ‘रामायण’ में राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल इस फिल्म में राजा दशरथ की भूमिका में दिखेंगे। फिल्म का कुल बजट लगभग 4,000 करोड़ रुपए बताया जा रहा है, जो इसे भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में शामिल करता है। फिल्म को नितेश तिवारी डायरेक्ट कर रहे हैं, जिन्होंने सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म दंगल बनाई थी। फिल्म का म्यूजिक ऑस्कर विनर ए.आर. रहमान और हॉलीवुड कंपोजर हैंस जिमर तैयार कर रहे हैं। फिल्म को नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज, DNEG और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स बना रहे हैं। फिल्म IMAX पर रिलीज होगी। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) का काम ऑस्कर विनर स्टूडियो DNEG और प्राइम फोकस संभाल रहे हैं। फिल्म को दो भाग में रिलीज किया जाएगा। पहला भाग दिवाली 2026 और दूसरा भाग दिवाली 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज होगा।
'रामायण' ट्रेलर लॉन्च इवेंट:रणबीर ने सनी देओल के पैर छुए; बाबा रामदेव ने ₹4000 करोड़ के बजट पर ली चुटकी, मंच पर किया योग

फिल्म ‘रामायण: प्रथम संकल्प’ का ट्रेलर शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इवेंट में लॉन्च किया गया। इस मौके पर डायरेक्टर नितेश तिवारी, प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा और फिल्म की स्टार कास्ट मौजूद रही। मेकर्स ने घोषणा की कि ट्रेलर 24 जुलाई को दुनियाभर में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगा। इवेंट में भगवान राम की भूमिका निभा रहे रणबीर कपूर, साई पल्लवी, यश, सनी देओल, रवि दुबे, विवेक ओबेराय सहित अन्य कलाकार शामिल हुए। इवेंट के दौरान रणबीर कपूर ने सनी देओल के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। करीब चार मिनट के ट्रेलर में फिल्म के भव्य विजुअल्स, बड़े पैमाने पर तैयार की गई दुनिया और प्रमुख किरदारों की पहली विस्तृत झलक दिखाई गई। बता दें कि रामायण: पार्ट 1 दिवाली 2026 पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जबकि रामायण: पार्ट 2 दिवाली 2027 में रिलीज की जाएगी। कार्यक्रम में बाबा रामदेव और कुमार विश्वास भी थे। इवेंट में बाबा रामदेव ने मंच पर योग भी करके दिखाया। वहीं, बाबा रामदेव ने हंसते हुए कहा कि जब उन्होंने पहली बार सुना कि इस फिल्म का बजट 4000 करोड़ रुपये है, तो यह सुनकर उनकी समाधि लग गई। इस पर मंच पर मौजूद कवि कुमार विश्वास ने चुटकी लेते हुए कहा, “स्वामी जी, आपका खुद का पतंजलि साम्राज्य तो 2 लाख करोड़ रुपए का है।” कुमार विश्वास की इस बात पर रणबीर कपूर समेत पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा। वहीं, बाबा रामदेव ने अपने खास अंदाज में योग और अध्यात्म से जुड़ी बातें भी साझा कीं, जिन्हें सुनकर रणबीर कपूर मुस्कुराते नजर आए। इवेंट के दौरान रणबीर कपूर और साई पल्लवी ने मंच पर जाकर बाबा रामदेव का अभिवादन किया और उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। इवेंट के दौरान रणबीर कपूर ने काला चश्मा पहना हुआ था। इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा, “सबसे पहले मैं एक चीज कहना चाहूंगा कि ये काला चश्मा पहनने के लिए मैं आप सब से क्षमा मांगता हूं। मेरी आंखों में इन्फेक्शन हुआ है, पर आज इस शुभ अवसर पर मेरे दिल में सिर्फ अफेक्शन (प्यार) है।” सनी देओल ने कहा, ‘मैं वाहेगुरु जी का शुक्रिया करता हूं कि मुझे हनुमान जी के किरदार को निभाने का मौका मिला। मैं पूरी कोशिश करूंगा कि मैं सही तरह से इसे निभा सकूं, क्योंकि हनुमान जी का किरदार निभाना आसान नहीं है, लेकिन मजा बहुत आएगा, क्योंकि वो नटखट, मासूम, ताकतवर हैं, आप सबके प्यारे हैं और राम जी के भक्त हैं।’ फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें- फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण के रोल में नजर आएंगे। 1987 के टीवी शो ‘रामायण’ में राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल इस फिल्म में राजा दशरथ की भूमिका में दिखेंगे। फिल्म का कुल बजट लगभग 4,000 करोड़ रुपए बताया जा रहा है, जो इसे भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में शामिल करता है। फिल्म को नितेश तिवारी डायरेक्ट कर रहे हैं, जिन्होंने सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म दंगल बनाई थी। फिल्म का म्यूजिक ऑस्कर विनर ए.आर. रहमान और हॉलीवुड कंपोजर हैंस जिमर तैयार कर रहे हैं। फिल्म को नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज, DNEG और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स बना रहे हैं। फिल्म IMAX पर रिलीज होगी। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) का काम ऑस्कर विनर स्टूडियो DNEG और प्राइम फोकस संभाल रहे हैं। फिल्म को दो भाग में रिलीज किया जाएगा। पहला भाग दिवाली 2026 और दूसरा भाग दिवाली 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज होगा।
जापान की PM ताकाइची राष्ट्रपति भवन पहुंची:गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत; आज मोदी से निवेश और सुरक्षा सहयोग द्विपक्षीय चर्चा होगी

जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची का गुरुवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्वागत समारोह में मौजूद रहे। ताकाइची आज प्रधानमंत्री मोदी के साथ भारत-जापान की 16वीं वार्षिक शिखर बैठक में हिस्सा लेंगी। दोनों नेताओं के बीच निवेश, व्यापार, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। यह प्रधानमंत्री बनने के बाद ताकाइची का पहला भारत दौरा है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने पर भी बातचीत होने की उम्मीद है। भारत-जापान में डॉलर के बिना व्यापार की तैयारी भारत और जापान व्यापार में अमेरिकी डॉलर की भूमिका कम करने की तैयारी कर रहे हैं। निक्की एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश ऐसी व्यवस्था बनाने पर काम कर रहे हैं, जिससे कारोबार का भुगतान सीधे भारतीय रुपए और जापानी येन में हो सके। इस प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की नई दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद ऐलान किया जा सकता है। साने ताकाइची आज 3 दिन के भारत दौरे पर आ रही हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। दोनों नेताओं के बीच होने वाले 16वें भारत-जापान सलाना शिखर सम्मेलन में व्यापार, निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल, सप्लाई चेन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। डॉलर पर निर्भरता घटेगी, स्पेशल अकाउंट के जरिए सीधे पेमेंट अगर भारत और जापान के बीच भुगतान से जुड़ा ये प्रस्ताव लागू होता है तो दोनों देशों के बीच पहली बार स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को लेकर औपचारिक व्यवस्था बनेगी। इस योजना के तहत जापानी कंपनियां भारत के बैंकों में विशेष खाते खोलकर सीधे रुपए और येन में लेनदेन कर सकेंगी। यानी लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर या किसी तीसरे देश के बैंक की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस व्यवस्था से विदेशी मुद्रा बदलने का खर्च कम होगा, पैसे भेजने की लागत घटेगी और भुगतान पहले के मुकाबले जल्दी हो सकेगा। दोनों देशों को उम्मीद है कि इससे व्यापार करना आसान होगा और कंपनियों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। 2025 में बनी थी सहमति, अब लागू करने की तैयारी स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए जापान का वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ एक सहयोग समझौता (MoC ) करने की तैयारी में है। यह प्रस्ताव पूरी तरह नया नहीं है। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों के लिए साझा विजन दस्तावेज जारी किया था। उसमें भी पेमेंट सिस्टम और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की बात कही गई थी। अब उसी योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। भारत भी पिछले कुछ वर्षों से रुपए में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। जुलाई 2022 में RBI ने ‘स्पेशल रुपी वोस्त्रो अकाउंट’ शुरू किया था, ताकि दूसरे देशों के साथ रुपए में व्यापार हो सके। बाद में इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाया गया और विदेशी बैंकों को इन खातों में जमा अतिरिक्त रकम भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करने की भी अनुमति दी गई। भारत पहले से बढ़ा रहा रुपए में कारोबार संसद में सरकार ने बताया था कि अब तक 30 देशों के 123 विदेशी बैंकों के लिए भारत के 26 बैंकों में 156 विशेष रुपया वोस्त्रो खाते खोले जा चुके हैं। RBI का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में मजबूत विदेशी मुद्राओं पर निर्भरता कम होगी और रुपए का वैश्विक इस्तेमाल बढ़ेगा। जापान भी एशिया के दूसरे देशों के साथ स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। दिसंबर 2025 में उसने इंडोनेशिया के साथ भी ऐसा ही समझौता किया था, जिससे दोनों देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में सभी तरह के लेनदेन को बढ़ावा दिया जा सके। भारत में बढ़ रहा जापानी निवेश भारत और जापान के आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच 27.5 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच जापान ने भारत में 3.2 अरब डॉलर का निवेश किया। वहीं जापान अगले 10 वर्षों में भारत में 61 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश करने का लक्ष्य भी तय कर चुका है। फिलहाल भारत में करीब 1,400 जापानी कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें लगभग आधी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी हैं। जापान मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना समेत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भी निवेश कर रहा है। हाल ही में जापानी कंपनी ने यस बैंक में 20% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 1.6 अरब डॉलर का निवेश भी किया है। दोनों नेता इस दौरे के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा क्वाड, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत-जापान व्यापार की 5 खास बातें जापान भारत में निवेश करने वाला पांचवां सबसे बड़ा देश है। मार्च 2026 तक उसका कुल निवेश ₹4.58 लाख करोड़ पहुंच चुका था। भारत-जापान ने साल 2025 में अगले 10 साल के लिए 10 ट्रिलियन जापानी येन (₹5.84 लाख करोड़) के जापानी निजी निवेश का टारगेट तय किया। यह निवेश मुख्य रूप से सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी और हाई-टेक डिफेंस उद्योगों में होगा। एक सर्वे के मुताबिक, जापानी कंपनियों के लिए भारत दुनिया का सबसे पसंदीदा और भरोसेमंद निवेश देश है। भारत में व्यापार कर रही 75% से अधिक जापानी कंपनियां मुनाफे में हैं। चीन पर वैश्विक निर्भरता को कम करने के लिए भारत और जापान ने सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे लिथियम, कोबाल्ट की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए 2025 में एक विशेष रणनीतिक डायलॉग शुरू किया है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट पूरी तरह जापानी शिनकानसेन तकनीक और जापानी लोन की मदद से आगे बढ़ रहा है, जो दोनों देशों के सहयोग का सबसे बड़ा प्रतीक है। ———————————— जापान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जापान में पहली बार महिला प्रधानमंत्री बनी:मजबूत सेना और संविधान में संशोधन की समर्थक हैं, मोदी-ट्रम्प ने दी बधाई साने ताकाइची जापान की प्रधानमंत्री चुनी गई हैं। वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। ताकाइची को संसद के निचले सदन में









