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National CCTV Audit | Pakistan Spy Racket

National CCTV Audit | Pakistan Spy Racket

Hindi News National National CCTV Audit | Pakistan Spy Racket | Hack Proof Cameras From April 26 मिनट पहले कॉपी लिंक दिल्ली से सटे गाजियाबाद में पाकिस्तान से जुड़े जासूसी रैकेट के खुलासे के बाद CCTV सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। जांच में सामने आया कि संवेदनशील जगहों पर लगाए गए कैमरों की लाइव फुटेज सीमा पार पाकिस्तान भेजी जा रही थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने देशभर में CCTV नेटवर्क की जांच का फैसला लिया है। सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने आईबी और दूसरी एजेंसियों के साथ मिलकर देशभर के CCTV नेटवर्क का ऑडिट शुरू करने की तैयारी में है। वहीं 1 अप्रैल से सिर्फ वही कैमरे बिक सकेंगे, जो सरकारी सुरक्षा जांच (STQC सर्टिफिकेशन) पास करेंगे। इसका मतलब है कि कैमरे की जांच सरकारी लैब में होगी। अगर कैमरा हैक नहीं किया जा सकता, तभी उसे बेच सकेंगे। भारत में भी 80% कैमरे चीन के हैं, जिनसे डेटा चोरी का खतरा बना रहता है। फिलहाल 7 कंपनियों के 53 मॉडल ही ऐसे हैं, जिन्हें सर्टिफाइड और सुरक्षित माना गया है। कई देशों में चीनी कैमरें बैन अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षा कारणों से चीनी CCTV कैमरों पर प्रतिबंध है। भारत में नियम क्या कहते हैं IT Act, 66E: निजी जगहों (बाथरूम/बेडरूम) की बिना अनुमति रिकॉर्डिंग या शेयरिंग पर कार्रवाई हो सकती है। IT Rules, 2011: कैमरा लगाने वाले की जिम्मेदारी है कि फुटेज सुरक्षित रखी जाए। आर्टिकल 21: निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है, किसी के घर के अंदर निगरानी नहीं की जा सकती। सबसे बड़ी चुनौती- देश में CCTV की जांच के लिए सिर्फ 15 लैब हैं, जहां कई आवेदन लंबित हैं। कौन से कैमरे सुरक्षित- फिलहाल 7 कंपनियों के 53 मॉडल ही STQC सर्टिफाइड हैं। लोगों की प्राइवेसी पर भी खतरा CCTV सिस्टम से निजी डेटा लीक होने के मामले भी सामने आए हैं। इजरायल की ओर से ईरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर वीआईपी मूवमेंट ट्रैक करने का उदाहरण सामने आ चुका है। वहीं, सोनीपत रेलवे स्टेशन पर एक व्यक्ति ने निगरानी सिस्टम में घुसपैठ कर कैमरों की लाइव फीड एक्सेस की और यात्रियों की फुटेज रिकॉर्ड कर उसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शेयर किया। यह सीधे तौर पर निजता का उल्लंघन है। 2023 के डेटा प्रोटेक्शन कानून के तहत किसी व्यक्ति की पहचान उजागर करने वाली फुटेज का गलत इस्तेमाल गैरकानूनी है। सुप्रीम कोर्ट के वकील और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ विराग गुप्ता के मुताबिक, सिर्फ सुरक्षित कैमरे बेचना काफी नहीं है। डेटा के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त कानून और भारी जुर्माने की जरूरत होगी। भारत से पाकिस्तान कैसे भेजा जा रहे थे फुटेज दरअसल, हाल ही में यूपी के गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके में एक बीट कांस्टेबल की सूचना के बाद जासूसी का मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि सोलर पावर से चलने वाले छोटे कैमरे संवेदनशील इलाकों के आसपास लगाए गए थे। ये कैमरे इंटरनेट के जरिए विदेशी सर्वर से जुड़े थे। उनकी लाइव फीड सीधे पाकिस्तान भेजी जा रही थी, जिससे देश की आंतरिक सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ। इस मामले में अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नेटवर्क में महिलाएं और नाबालिग भी शामिल थे। कई कैमरे और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। स्टैंटर्ड प्रोटोकॉल की कमी जांच में यह भी सामने आया कि देशभर में CCTV अलग-अलग एजेंसियों द्वारा लगाए गए हैं, लेकिन कोई एकीकृत डेटाबेस या स्पष्ट नियंत्रण प्रणाली नहीं है। यही वजह है कि कई जगह निगरानी तंत्र में खामियां बनी हुई हैं, जो अब सुरक्षा जोखिम बन चुकी हैं। ऑडिट रिपोर्ट के बाद सरकार यूनिक रजिस्ट्रेशन, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और साइबर सुरक्षा मानकों के साथ एकीकृत नेटवर्क सिस्टम लागू कर सकती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

National CCTV Audit | Pakistan Spy Racket

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Hindi News National National CCTV Audit | Pakistan Spy Racket | Hack Proof Cameras From April 17 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत में 80% कैमरे चीन के लगे हैं। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में पाकिस्तान से जुड़े जासूसी रैकेट के खुलासे के बाद CCTV सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। जांच में सामने आया कि संवेदनशील जगहों पर लगाए गए कैमरों की लाइव फुटेज सीमा पार पाकिस्तान भेजी जा रही थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने देशभर में CCTV नेटवर्क की जांच का फैसला लिया है। सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने आईबी और दूसरी एजेंसियों के साथ मिलकर देशभर के CCTV नेटवर्क का ऑडिट शुरू करने की तैयारी में है। वहीं 1 अप्रैल से सिर्फ वही कैमरे बिक सकेंगे, जो सरकारी सुरक्षा जांच (STQC सर्टिफिकेशन) पास करेंगे। इसका मतलब है कि कैमरे की जांच सरकारी लैब में होगी। अगर कैमरा हैक नहीं किया जा सकता, तभी उसे बेच सकेंगे। भारत में 80% कैमरे चीन के हैं, जिनसे डेटा चोरी का खतरा बना रहता है। फिलहाल 7 कंपनियों के 53 मॉडल ही ऐसे हैं, जिन्हें सर्टिफाइड और सुरक्षित माना गया है। लोगों की प्राइवेसी पर भी खतरा CCTV सिस्टम से निजी डेटा लीक होने के मामले भी सामने आए हैं। इजरायल की ओर से ईरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर वीआईपी मूवमेंट ट्रैक करने का उदाहरण सामने आ चुका है। वहीं, सोनीपत रेलवे स्टेशन पर एक व्यक्ति ने निगरानी सिस्टम में घुसपैठ कर कैमरों की लाइव फीड एक्सेस की और यात्रियों की फुटेज रिकॉर्ड कर उसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शेयर किया। यह सीधे तौर पर निजता का उल्लंघन है। 2023 के डेटा प्रोटेक्शन कानून के तहत किसी व्यक्ति की पहचान उजागर करने वाली फुटेज का गलत इस्तेमाल गैरकानूनी है। भारत से पाकिस्तान कैसे भेजा जा रहे थे फुटेज दरअसल, हाल ही में यूपी के गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके में एक बीट कांस्टेबल की सूचना के बाद जासूसी का मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि सोलर पावर से चलने वाले छोटे कैमरे संवेदनशील इलाकों के आसपास लगाए गए थे। ये कैमरे इंटरनेट के जरिए विदेशी सर्वर से जुड़े थे। उनकी लाइव फीड सीधे पाकिस्तान भेजी जा रही थी, जिससे देश की आंतरिक सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ। इस मामले में अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नेटवर्क में महिलाएं और नाबालिग भी शामिल थे। कई कैमरे और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। स्टैंटर्ड प्रोटोकॉल की कमी जांच में यह भी सामने आया कि देशभर में CCTV अलग-अलग एजेंसियों द्वारा लगाए गए हैं, लेकिन कोई एकीकृत डेटाबेस या स्पष्ट नियंत्रण प्रणाली नहीं है। यही वजह है कि कई जगह निगरानी तंत्र में खामियां बनी हुई हैं, जो अब सुरक्षा जोखिम बन चुकी हैं। ऑडिट रिपोर्ट के बाद सरकार यूनिक रजिस्ट्रेशन, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और साइबर सुरक्षा मानकों के साथ एकीकृत नेटवर्क सिस्टम लागू कर सकती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Pakistan Tops List, Afghanistan Improves, India Sees 43% Drop

Pakistan Tops List, Afghanistan Improves, India Sees 43% Drop

Hindi News National Global Terrorism Index 2026: Pakistan Tops List, Afghanistan Improves, India Sees 43% Drop नई दिल्ली38 मिनट पहले कॉपी लिंक AI Generated भारत में पिछले एक साल में आतंकी घटनाओं में 43% की कमी दर्ज की गई है। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 की सूची में भारत 13वें स्थान पर आ गया है। पिछले साल के मुकाबले भारत दो प्वाइंट नीचे आ गया है। इससे पहले भारत 11वें स्थान पर था। वहीं, सूची के अनुसार दक्षिण एशिया लगातार दसवें वर्ष आतंकवाद से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र बना हुआ है। पहली बार पाकिस्तान इस लिस्ट में टॉप पर है और आतंकवाद से सबसे अधिक प्रभावित देश बन गया है। अफगानिस्तान में हालात में सुधार हुआ है और यह अब शीर्ष दस देशों की सूची से बाहर आ गया है। दुनियाभर में 2025 में आतंकवाद से होने वाली मौतों में 28% की कमी आई है। आतंकी हमलों की संख्या भी लगभग 22% गिरकर 2,944 हो गई है। कुल मिलाकर इस साल 81 देशों में स्थिति सुधरी है, जबकि 19 देशों में स्थिति खराब हुई। पश्चिम देशों में मौतें में 280% की बढ़ोतरी पश्चिमी देशों में आतंकवाद से होने वाली मौतों में लगभग 280% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई। साथ ही यूरोपियन यूनियन की रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में 14 ईयू देशों में कुल 58 आतंकी हमले दर्ज हुए। इनमें फ्रांस (14 हमले) और जर्मनी (6 हमले) प्रमुख रहे। इसके अलावा 20 ईयू देशों में आतंकवाद से जुड़े मामलों में 449 लोगों की गिरफ्तारी हुई। ब्रिटेन में 3000 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं। 6 फैक्टर प्रोपोगेंडा से युवाओं को एक हफ्ते में बना रहे कट्टरपंथी हिंसा को लेकर डर करते हैं खत्म- चरमपंथी विचारधारा को ‘कूल’ या आधुनिक बनाकर पेश करते हैं। हिंसक घटनाओं को मजाकिया मीम्स में बदल दिया जाता है, जिससे युवाओं के मन में हिंसा का डर खत्म हो जाता है । गेमिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग- डिस्कॉर्ड, ट्विच, रॉबलॉक्स और फोर्टनाइट जैसे गेमिंग प्लेटफॉर्म पर अलग-थलग महसूस करने वाले किशोरों के साथ दोस्ती करते हैं और दिनों या घंटों के भीतर उनका विश्वास जीत लेते हैं। गेमिफिकेशन- आतंकवाद को एक खेल की तरह पेश किया जा रहा है। ऑनलाइन समूहों में किल काउंट (मौतों की संख्या) के लिए स्कोरबोर्ड बनाए जाते हैं, जो युवाओं को हिंसा के लिए प्रेरित करते हैं। फनल रणनीति- कट्टरपंथी नेटवर्क पहले सोशल मीडिया पर युवाओं को पहचानते हैं और फिर उन्हें टेलीग्राम या सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड चैट रूम में ले जाते हैं। यहां उनका ब्रेनवॉश किया जाता है। किशोरों की संवेदनशीलता- किशोरों के मस्तिष्क का आवेग नियंत्रण के लिए जिम्मेदार हिस्सा विकसित नहीं होता। वे प्रोपेगेंडा से प्रभावित हो बिना सोचे समझे हिंसक कदम उठा लेते हैं। भर्ती का नया तरीका- अब भर्ती के लिए बड़े नेता की जरूरत नहीं पड़ती। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर युवा खुद अपने साथियों को कट्टरपंथी बना रहे हैं। ——— ये खबर भी पढ़ें… देश की पहली आतंकवाद-विरोधी नीति ‘प्रहार’ जारी:कहा- आतंकी इंटरनेट के जरिए भर्तियां और जिहाद का महिमामंडन करते हैं गृह मंत्रालय ने 23 फरवरी को भारत की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी नीति जारी की। इसका नाम है प्रहार- PRAHAAR। आठ पेज की इस नीति में आतंकी हमलों को रोकने पर खास जोर दिया गया है। साथ ही खतरे के मुताबिक तेज और संतुलित कार्रवाई की बात कही गई है। केंद्र ने पहले पेज पर इंट्रोडक्शन और PRAHAAR का फुल फॉर्म बताया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Pakistan Tops List, Afghanistan Improves, India Sees 43% Drop

Pakistan Tops List, Afghanistan Improves, India Sees 43% Drop

Hindi News National Global Terrorism Index 2026: Pakistan Tops List, Afghanistan Improves, India Sees 43% Drop नई दिल्ली43 मिनट पहले कॉपी लिंक फोटो- AI जनरेटेड भारत में पिछले एक साल में आतंकी घटनाओं में 43% की कमी दर्ज की गई है। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 की सूची में भारत 13वें स्थान पर आ गया है। पिछले साल के मुकाबले भारत दो पॉइंट नीचे आ गया है। इससे पहले भारत 11वें स्थान पर था। वहीं, सूची के अनुसार दक्षिण एशिया लगातार दसवें वर्ष आतंकवाद से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र बना हुआ है। पहली बार पाकिस्तान इस लिस्ट में टॉप पर है और आतंकवाद से सबसे अधिक प्रभावित देश बन गया है। अफगानिस्तान में हालात में सुधार है और यह अब टॉप 10 देशों की लिस्ट से बाहर आ गया है। दुनियाभर में 2025 में आतंकवाद से होने वाली मौतों में 28% की कमी आई है। आतंकी हमलों की संख्या भी लगभग 22% गिरकर 2,944 हो गई है। कुल मिलाकर इस साल 81 देशों में स्थिति सुधरी है, जबकि 19 देशों में स्थिति खराब हुई है। पश्चिम देशों में मौतें में 280% की बढ़ोतरी पश्चिमी देशों में आतंकवाद से होने वाली मौतों में लगभग 280% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई। साथ ही यूरोपियन यूनियन की रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में 14 यूरोपीय यूनियन (ईयू) देशों में कुल 58 आतंकी हमले दर्ज हुए। इनमें फ्रांस (14 हमले) और जर्मनी (6 हमले) प्रमुख रहे। इसके अलावा 20 ईयू देशों में आतंकवाद से जुड़े मामलों में 449 लोगों की गिरफ्तारी हुई। ब्रिटेन में 3000 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं। 6 फैक्टर प्रोपेगेंडा से युवाओं को एक हफ्ते में बना रहे कट्टरपंथी हिंसा को लेकर डर खत्म करते हैं- चरमपंथी विचारधारा को ‘कूल’ या आधुनिक बनाकर पेश करते हैं। हिंसक घटनाओं को मजाकिया मीम्स में बदल दिया जाता है, जिससे युवाओं के मन में हिंसा का डर खत्म हो जाता है । गेमिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल- डिस्कॉर्ड, ट्विच, रॉबलॉक्स और फोर्टनाइट जैसे गेमिंग प्लेटफॉर्म पर अलग-थलग महसूस करने वाले किशोरों के साथ दोस्ती करते हैं और दिनों या घंटों के भीतर उनका विश्वास जीत लेते हैं। गेमिफिकेशन- आतंकवाद को एक खेल की तरह पेश किया जा रहा है। ऑनलाइन समूहों में किल काउंट (मौतों की संख्या) के लिए स्कोरबोर्ड बनाए जाते हैं, जो युवाओं को हिंसा के लिए प्रेरित करते हैं। फनल स्ट्रैटजी- कट्टरपंथी नेटवर्क पहले सोशल मीडिया पर युवाओं को पहचानते हैं और फिर उन्हें टेलीग्राम या सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड चैट रूम में ले जाते हैं। यहां उनका ब्रेनवॉश किया जाता है। किशोरों की संवेदनशीलता- किशोरों के मस्तिष्क का आवेग नियंत्रण के लिए जिम्मेदार हिस्सा विकसित नहीं होता। वे प्रोपेगेंडा से प्रभावित हो बिना सोचे समझे हिंसक कदम उठा लेते हैं। भर्ती का नया तरीका- अब भर्ती के लिए बड़े नेता की जरूरत नहीं पड़ती। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर युवा खुद अपने साथियों को कट्टरपंथी बना रहे हैं। ————— ये खबर भी पढ़ें… देश की पहली आतंकवाद-विरोधी नीति ‘प्रहार’ जारी:कहा- आतंकी इंटरनेट के जरिए भर्तियां और जिहाद का महिमामंडन करते हैं गृह मंत्रालय ने 23 फरवरी को भारत की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी नीति जारी की। इसका नाम है प्रहार- PRAHAAR। आठ पेज की इस नीति में आतंकी हमलों को रोकने पर खास जोर दिया गया है। साथ ही खतरे के मुताबिक तेज और संतुलित कार्रवाई की बात कही गई है। केंद्र ने पहले पेज पर इंट्रोडक्शन और PRAHAAR का फुल फॉर्म बताया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Pakistan Army Chief Asim Munir & Shia Community Iran Controversy

Pakistan Army Chief Asim Munir & Shia Community Iran Controversy

इस्लामाबाद2 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने गुरुवार को शिया धर्मगुरुओं से कहा कि जो लोग ईरान से इतना प्यार करते हैं, वे वहां चले जाएं। उनके इस बयान को शिया समुदाय के नेताओं ने अपमानजनक और भड़काऊ बताया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुनीर ने रावलपिंडी में एक इफ्तार कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा कि वे किसी को भी, किसी दूसरे देश के लिए अपनी वफादारी की वजह से, पाकिस्तान में अफरा-तफरी फैलाने की इजाजत नहीं देंगे।” इससे पहले उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि किसी दूसरे देश की घटनाओं के आधार पर पाकिस्तान में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बयान के बाद शिया समुदाय का कहना है कि यह उनकी देश भक्ति पर सवाल उठाने जैसा है। उनका मानना है कि यह बयान उनकी धार्मिक भावनाओं और पहचान को गलत तरीके से पेश करता है। कराची में अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में 1 मार्च को प्रदर्शन करते प्रदर्शनकारियों को रोकती हुई पुलिस। अचानक कार्यक्रम छोड़ गए मुनीर रिपोर्ट्स के मुताबिक बैठक के बाद उलेमाओं से कहा गया था कि डिनर के बाद फिर से बातचीत होगी। लेकिन जनरल मुनीर अचानक कार्यक्रम छोड़कर चले गए। इससे शिया नेताओं को लगा कि उनके साथ न सिर्फ औपचारिक बल्कि व्यक्तिगत तौर पर भी अपमान किया गया है। शिया समुदाय के नेताओं ने इस विवाद के बाद कहा कि उनकी वफादारी पाकिस्तान और इस्लाम दोनों के प्रति है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पाकिस्तान के निर्माण में शिया समुदाय का अहम योगदान रहा है। देश के कई बड़े नेता और संसाधन इस समुदाय से जुड़े रहे हैं। शिया नेताओं का कहना है कि मक्का, मदीना, इराक और ईरान जैसे धार्मिक स्थलों से उनका जुड़ाव उनकी आस्था का हिस्सा है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उनकी देशभक्ति कम है। उन्होंने साफ कहा कि धार्मिक संबंधों को देशभक्ति से जोड़कर देखना गलत है। पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शनों से मुनीर नाराज शिया धर्मगुरुओं का कहना है कि मुनीर के बयान से ऐसा लगा कि वे ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में हुए विरोध प्रदर्शनों के लिए शिया समुदाय को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। बैठक में मौजूद शिया नेताओं ने कहा कि मुनीर ने गिलगित-बाल्टिस्तान में हुई अशांति को सीधे शिया लीडरशिप से जोड़ दिया और पूरे समुदाय को जिम्मेदार ठहराया। शिया धर्मगुरु मोहम्मद शिफा नजफी ने कहा कि उन्होंने वहीं पर मुनीर की बात का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सभी शियाओं को इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है और सभी को एक ही नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। नजफी ने यह भी बताया कि पाकिस्तान की सेना में भी शिया मौजूद हैं और देश के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना भी शिया थे। उनके मुताबिक, जब उन्होंने यह बात उठाई तो मुनीर के रवैये में थोड़ा बदलाव आया, लेकिन फिर भी उन्होंने कहा कि “अगर आप ईरान से इतना प्यार करते हैं, तो वहां चले जाएं, दरवाजे खुले हैं।” ईरान के विरोधियों से दोस्ती साध रहा पाकिस्तान मुनीर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान अपनी विदेश नीति में संतुलन बदलता हुआ दिख रहा है। पहले वह ईरान और खाड़ी देशों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश करता था, लेकिन अब वह सऊदी अरब और उसके सहयोगियों के करीब जाता दिख रहा है। हालांकि, मुनीर के शिया समुदाय के साथ हुई इफ्तार पार्टी को लेकर पाकिस्तान सेना के आधिकारिक बयान में अलग तस्वीर पेश की गई। सेना ने कहा कि मुनीर ने धार्मिक नेताओं से राष्ट्रीय एकता बनाए रखने और सांप्रदायिक तनाव से बचने की अपील की। पाकिस्तान में 15% शिया समुदाय की आबादी पाकिस्तान में ईरान के बाद सबसे बड़ी शिया आबादी रहती है, जो कुल जनसंख्या का करीब 15 फीसदी (3.77 करोड़) मानी जाती है। यह विवाद उस समय सामने आया है जब मार्च में खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कई शहरों में प्रदर्शन शुरू हो गए थे। कराची में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास परिसर में घुसने की कोशिश की, जहां अमेरिकी मरीन ने फायरिंग की और कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। इस्लामाबाद में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। वहीं स्कार्दू में एक संयुक्त राष्ट्र के दफ्तर को आग लगा दी गई। गिलगित-बाल्टिस्तान में भी कई लोगों की मौत की खबरें आईं। —————————————- पाकिस्तान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान की अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक, 400 की मौत:250 घायल; तालिबान का आरोप- PAK ने नशा मुक्ति सेंटर पर बम गिराए पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक की है। पाकिस्तानी एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने राजधानी काबुल के कई इलाकों को निशाना बनाया, जिनमें एक हॉस्पिटल भी है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इसमें 400 लोगों की मौत हो गई, वहीं 250 से ज्यादा घायल हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Pakistan Cricket Toxic Environment; Coach Gary Kirsten Exposure

Pakistan Cricket Toxic Environment; Coach Gary Kirsten Exposure

Hindi News Sports Cricket Pakistan Cricket Toxic Environment; Coach Gary Kirsten Exposure | PCB Political Interference स्पोर्ट्स डेस्क5 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व हेड कोच गैरी कर्स्टन ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने खुलासा किया कि टीम के भीतर लगातार दखलअंदाजी और खराब माहौल के कारण काम करना बेहद मुश्किल हो गया था। कर्स्टन ने छह महीने में ही पाकिस्तान के कोच पद से इस्तीफा दे दिया था। कर्स्टन ने कहा, PCB में बाहरी हस्तक्षेप बहुत ज्यादा था, जिससे टीम के फैसलों और प्रदर्शन पर निगेटिव असर पड़ता था। उन्होंने कहा, ऐसे टॉक्सिक माहौल में किसी भी कोच के लिए सफल होना लगभग असंभव है। गैरी कर्स्टन ने टॉकस्पोर्ट क्रिकेट से बताया, मेरे लिए सबसे हैरान करने वाली चीज लगातार होने वाला बाहरी हस्तक्षेप था। इस वजह से कोच के तौर पर टीम के साथ सही तरीके से काम करना बेहद मुश्किल हो जाता है। कर्स्टन ने आगे कहा, टीम के खराब प्रदर्शन के बाद माहौल और भी तनावपूर्ण हो जाता था। पाकिस्तान क्रिकेट में खराब प्रदर्शन का ठीकरा सबसे पहले कोच के सिर फोड़ा जाता है। पाकिस्तानी कोच का पद बीच में छोड़ा कर्स्टन अप्रैल 2024 में पाकिस्तान टीम के व्हाइट बॉल कोच बने थे, लेकिन बोर्ड और खिलाड़ियों के साथ मतभेद के कारण उन्होंने 6 महीने में ही पद छोड़ दिया था। श्रीलंका के नए हेड कोच बने फिलहाल, पूर्व साउथ अफ्रीकी ओपनर कर्स्टन श्रीलंका के नए हेड कोच बन गए हैं। 9 मार्च को श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने इसका ऐलान किया। वे 15 अप्रैल 2026 से टीम की जिम्मेदारी संभालेंगे। कर्स्टन को दो साल के कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त किया गया है। वे सनथ जयसूर्या की जगह लेंगे, जिन्होंने हाल ही में खत्म हुए टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम के सुपर-8 से बाहर होने के बाद पद छोड़ दिया था। 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक साथ रहेंगे श्रीलंका के साथ उनके दो साल के कार्यकाल में सबसे बड़ा टूर्नामेंट 2027 का वनडे वर्ल्ड कप होगा, जो दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा। टीम की कोशिश उस टूर्नामेंट के लिए सीधे क्वालिफाई करने की होगी। 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीता था कोचिंग में कर्स्टन का अच्छा रिकॉर्ड रहा है। उनके मार्गदर्शन में भारत ने 2011 का वनडे वर्ल्ड कप जीता था। इसके बाद टीम ने टेस्ट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और रैंकिंग में नंबर-1 बना था। इसके बाद उन्होंने दो साल तक साउथ अफ्रीका की टीम को भी कोचिंग दी। 2011 में वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने गैरी कर्स्टन को कंधे पर उठाकर विक्ट्री लैप लगाई थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Russia, China, N. Korea; Pakistan Missiles to Reach US

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वॉशिंगटन डीसी26 मिनट पहले कॉपी लिंक सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी की वैश्विक खतरे से संबंधित सुनवाई में तुलसी गबार्ड ने जवाब दिया। अमेरिका की खुफिया एजेंसी की प्रमुख तुलसी गबार्ड ने कहा है कि पाकिस्तान ऐसी लंबी दूरी की मिसाइलें बना रहा है जो भविष्य में अमेरिका तक हमला कर सकती हैं। उन्होंने वॉशिंगटन DC में एक मीटिंग के दौरान बताया कि आने वाले समय में दुनिया में खतरनाक मिसाइलों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ सकती है। इंटेलिजेंस कम्यूनिटी (IC) का आंकलन है कि अभी करीब 3,000 मिसाइलें ऐसी हैं जो अमेरिका तक हमला कर सकती हैं, लेकिन 2035 तक ये बढ़कर 16,000 से ज्यादा हो सकती हैं। गबार्ड के मुताबिक, रूस, चीन, नॉर्थ कोरिया, ईरान और पाकिस्तान जैसे देश नई-नई मिसाइल तकनीक और हथियार बना रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान ऐसी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) बना सकता है, जो बहुत दूर तक मार कर सकती है। वहीं ईरान भी 2035 से पहले ऐसी मिसाइल बना सकता है। गबार्ड बोलीं- रूस और चीन अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम भेद सकते हैं गबार्ड ने चीन और रूस को सबसे बड़ा और लगातार खतरा बताया। उनके मुताबिक, ये देश ऐसी उन्नत तकनीक विकसित कर रहे हैं जो अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भेद सकती हैं। उन्होंने उत्तर कोरिया के साइबर खतरे का भी जिक्र किया और कहा कि 2025 में उसने क्रिप्टोकरेंसी चोरी के जरिए करीब 2 बिलियन डॉलर जुटाए, जिससे उसके हथियार कार्यक्रम को फंड मिला। सुनवाई के दौरान ईरान के साथ संभावित युद्ध और पहले दी गई खुफिया जानकारी पर गबार्ड ने सवालों का सीधा जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे आंतरिक चर्चाओं का खुलासा नहीं कर सकतीं। साथ ही यह भी चिंता जताई गई कि अगर ईरान पर हमला होता है तो वह होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर सकता है, जो वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का अहम मार्ग है। गबार्ड के जवाब से डेमोक्रेट नाराज तुलसी गबार्ड ने रिपब्लिकन राष्ट्रपति को दी गई खुफिया जानकारी के बारे में पूछे गए सवालों को बार-बार टाल दिया। इससे डेमोक्रेट नाराज हो गए। सीनेट खुफिया समिति के शीर्ष डेमोक्रेट, वर्जीनिया के सीनेटर मार्क वार्नर ने गबार्ड से पूछा कि क्या उन्होंने ट्रंप को सलाह दी थी कि अगर ईरान को अमेरिकी हमलों का निशाना बनाया गया तो वह खाड़ी देशों पर हमला करेगा और होर्मूज स्ट्रेट को बंद कर देगा। इस सवाल का भी गबार्ड ने सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा- मैंने आंतरिक बातचीत का खुलासा नहीं किया है और न ही करूंगी। उन्होंने कहा, मैं यह कहना चाहूंगी कि खुफिया समुदाय में हम सभी राष्ट्रपति को उनके फैसलों में मदद करने के लिए उपलब्ध सभी बेहतरीन वस्तुनिष्ठ खुफिया जानकारी प्रदान करते रहते हैं। भारत-पाकिस्तान संबंधों से परमाणु युद्ध का खतरा बना हुआ है: अमेरिकी खुफिया एजेंसियां बुधवार को अमेरिकी सीनेट में पेश की गई अमेरिकी इंटेलिजेंस कम्यूनिटी की ‘ऐनुअल थ्रेट असेसमेंट’ रिपोर्ट के मुताबिक भारत और पाकिस्तान के संबंधों में परमाणु युद्ध का खतरा बना हुआ है। 34 पन्नों की इस रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि भारत और पाकिस्तान खुलकर युद्ध नहीं चाहते, लेकिन ऐसी परिस्थितियां मौजूद हैं जिनमें आतंकवादी तत्व लगातार संकट पैदा करने वाले हालात बना सकते हैं। भारत-पाकिस्तान संबंधों में परमाणु युद्ध का खतरा इसलिए बना हुआ है, क्योंकि अतीत में जब भी ये दोनों परमाणु-सशस्त्र देश आमने-सामने आए हैं, तो तनाव बढ़ने का खतरा पैदा हो गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के पास हुए आतंकवादी हमले ने यह दिखा दिया था कि आतंकवादी हमले किस तरह युद्ध की चिंगारी भड़का सकते हैं रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप के हस्तक्षेप से हालिया परमाणु तनाव कम हुआ था। रिपोर्ट में और क्या… दक्षिण एशिया में ISIS-K अभी भी सक्रिय है और बाहर हमले करने की योजना बना रहा है। तालिबान अपनी सुरक्षा मजबूत कर रहा है और ISIS-K के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। अफगानिस्तान में पाकिस्तान-विरोधी आतंकवादी समूहों की मौजूदगी है। 26 फरवरी को तालिबान ने पाकिस्तानी ठिकानों पर हमला किया, यह पाकिस्तान के पहले हमलों का बदला बताया गया। जवाब में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों और काबुल (राजधानी) पर बमबारी की। यह पहली बार था जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के शहरों को सीधे निशाना बनाया। 19 फरवरी: पाकिस्तानी पीएम ने ट्रम्प को ‘दक्षिण एशिया का रक्षक’ बताया था फरवरी में बोर्ड ऑफ पीस मीटिंग के दौरान ट्रम्प ने कहा था कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उनके चीफ ऑफ स्टाफ के सामने यह बात मानी थी कि उनकी पहल से भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध टल गया। ट्रम्प के मुताबिक, अगर यह टकराव नहीं रुकता तो करीब 2.5 करोड़ लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी वजह से दोनों देशों के बीच हालात काबू में आए और बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान टल गया। इस दौरान ट्रम्प ने शहबाज शरीफ से खड़े होने के लिए कहा वो खड़े हो गए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इस दौरान शहबाज शरीफ ने ट्रम्प को दक्षिण एशिया की हिफाजत करने वाला बताया। पूरी खबर पढ़ें… ———— ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प की तारीफ करने पर पाकिस्तानी-PM अपने देश में ट्रोल:लोग बोले- शरीफ को चापलूसी का नोबेल दो, हमारे नेता इतने चाटुकार क्यों पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को उनके ही देश में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का चापलूस और चाटुकार बताकर ट्रोल किया गया। कुछ सोशल मीडिया यूजर ने कहा कि अगर चापलूसी के लिए नोबेल होता, तो शरीफ सबसे बड़े दावेदार होते। दरअसल, 19 फरवरी को मिस्र में गाजा पीस समिट के दौरान शरीफ ने ट्रम्प के भारत-पाकिस्तान संघर्ष रुकवाने के दावे का समर्थन किया था। शरीफ ने ट्रम्प को नोबेल देने की मांग की थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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वॉशिंगटन डीसी42 मिनट पहले कॉपी लिंक सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी की वैश्विक खतरे से संबंधित सुनवाई में तुलसी गबार्ड ने जवाब दिया। अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने कहा है कि पाकिस्तान लंबी दूरी की ऐसी बैलिस्टिक मिसाइलें डेवलप कर रहा है, जो अमेरिका तक हमला करने में सक्षम हो सकती हैं। उन्होंने यह बयान वॉशिंगटन DC में सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी की वैश्विक खतरे से संबंधित सुनवाई में दिया। गबार्ड के मुताबिक, इंटेलिजेंस कम्यूनिटी(IC) का आकलन है कि 2035 तक अमेरिका के लिए खतरा पैदा करने वाली मिसाइलों की संख्या 3,000 से बढ़कर 16,000 से ज्यादा हो सकती है। रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान परमाणु और पारंपरिक हथियार ले जाने वाले नए मिसाइल सिस्टम डेवलप कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के मिसाइल प्रोग्राम में ऐसी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल हो सकती हैं, जिनकी मारक क्षमता अमेरिका तक है। वहीं ईरान के पास भी ऐसी तकनीक मौजूद है, जिससे वह 2035 से पहले ICBM विकसित कर सकता है। गबार्ड बोलीं- रूस और चीन अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम भेद सकते हैं गबार्ड ने चीन और रूस को सबसे बड़ा और लगातार खतरा बताया। उनके मुताबिक, ये देश ऐसी उन्नत तकनीक विकसित कर रहे हैं जो अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भेद सकती हैं। उन्होंने उत्तर कोरिया के साइबर खतरे का भी जिक्र किया और कहा कि 2025 में उसने क्रिप्टोकरेंसी चोरी के जरिए करीब 2 बिलियन डॉलर जुटाए, जिससे उसके हथियार कार्यक्रम को फंड मिला। सुनवाई के दौरान ईरान के साथ संभावित युद्ध और पहले दी गई खुफिया जानकारी पर गबार्ड ने सवालों का सीधा जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे आंतरिक चर्चाओं का खुलासा नहीं कर सकतीं। साथ ही यह भी चिंता जताई गई कि अगर ईरान पर हमला होता है तो वह होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर सकता है, जो वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का अहम मार्ग है। गबार्ड के जवाब से डेमोक्रेट नाराज तुलसी गबार्ड ने रिपब्लिकन राष्ट्रपति को दी गई खुफिया जानकारी के बारे में पूछे गए सवालों को बार-बार टाल दिया। इससे डेमोक्रेट नाराज हो गए। सीनेट खुफिया समिति के शीर्ष डेमोक्रेट, वर्जीनिया के सीनेटर मार्क वार्नर ने गबार्ड से पूछा कि क्या उन्होंने ट्रंप को सलाह दी थी कि अगर ईरान को अमेरिकी हमलों का निशाना बनाया गया तो वह खाड़ी देशों पर हमला करेगा और होर्मूज स्ट्रेट को बंद कर देगा। इस सवाल का भी गबार्ड ने सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा- मैंने आंतरिक बातचीत का खुलासा नहीं किया है और न ही करूंगी। उन्होंने कहा, मैं यह कहना चाहूंगी कि खुफिया समुदाय में हम सभी राष्ट्रपति को उनके फैसलों में मदद करने के लिए उपलब्ध सभी बेहतरीन वस्तुनिष्ठ खुफिया जानकारी प्रदान करते रहते हैं। 19 फरवरी: पाकिस्तानी पीएम ने ट्रम्प को ‘दक्षिण एशिया का रक्षक’ बताया था फरवरी में बोर्ड ऑफ पीस मीटिंग के दौरान ट्रम्प ने कहा था कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उनके चीफ ऑफ स्टाफ के सामने यह बात मानी थी कि उनकी पहल से भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध टल गया। ट्रम्प के मुताबिक, अगर यह टकराव नहीं रुकता तो करीब 2.5 करोड़ लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी वजह से दोनों देशों के बीच हालात काबू में आए और बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान टल गया। इस दौरान ट्रम्प ने शहबाज शरीफ से खड़े होने के लिए कहा वो खड़े हो गए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इस दौरान शहबाज शरीफ ने ट्रम्प को दक्षिण एशिया की हिफाजत करने वाला बताया। पूरी खबर पढ़ें… ———— ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प की तारीफ करने पर पाकिस्तानी-PM अपने देश में ट्रोल:लोग बोले- शरीफ को चापलूसी का नोबेल दो, हमारे नेता इतने चाटुकार क्यों पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को उनके ही देश में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का चापलूस और चाटुकार बताकर ट्रोल किया गया। कुछ सोशल मीडिया यूजर ने कहा कि अगर चापलूसी के लिए नोबेल होता, तो शरीफ सबसे बड़े दावेदार होते। दरअसल, 19 फरवरी को मिस्र में गाजा पीस समिट के दौरान शरीफ ने ट्रम्प के भारत-पाकिस्तान संघर्ष रुकवाने के दावे का समर्थन किया था। शरीफ ने ट्रम्प को नोबेल देने की मांग की थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Pakistan Cricket | PCB Medical Panel: Babar, Fakhar Unfit For T20 WC Selection

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कराची10 मिनट पहले कॉपी लिंक बाबर आजम (दाहिने) और फखर जमान दोनों टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान टीम में शामिल थे। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के मेडिकल पैनल ने खुलासा किया है कि बाबर आजम और फखर जमान को टी-20 वर्ल्ड कप टीम में शामिल किए जाने के समय उनकी फिटनेस पूरी तरह ठीक नहीं थी। पैनल के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाए थे, इसके बावजूद उनका चयन किया गया। इस मामले को लेकर सीनियर सेलेक्टर आकिब जावेद ने भी पिछले हफ्ते प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल उठाए थे और चयन प्रक्रिया की जांच की मांग की थी। बाबर आजम टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के 6 मैचों में 91 रन ही बना पाए थे। वर्ल्ड कप की बाद के जांच में सामने आया PCB से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, यूके के स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ डॉ जावेद मुगल ने वर्ल्ड कप के बाद दोनों खिलाड़ियों की जांच के बाद यह चिंता जताई। वे जनवरी से पाकिस्तान टीम के साथ हैं। बाबर ने डोमेस्टिक टी-20 लीग खेलने से मना किया मामला तब सामने आया जब बाबर आजम ने वर्ल्ड कप से लौटने के बाद हैमस्ट्रिंग में परेशानी बताकर नेशनल टी-20 चैंपियनशिप में खेलने से मना कर दिया। वहीं फखर जमान भी लंबे समय से इसी तरह की दिक्कत से जूझ रहे थे। सूत्र ने बताया कि जांच में बाबर की चोट शुरुआती आकलन से ज्यादा गंभीर निकली, जबकि फखर भी महीनों से इसी समस्या से परेशान हैं। बाबर आजम ने पाकिस्तान के लिए 145 मैचों में 4596 रन बनाए हैं। हमने पहले ही क्लियरेंस ली थी- सिलेक्शन पैनल सिलेक्शन कमेटी ने मेडिकल पैनल को साफ किया कि दोनों खिलाड़ियों को टीम में शामिल करने से पहले टीम के फिजियो क्लिफ डीकन से फिटनेस क्लियरेंस ली गई थी। हालांकि डीकन पर पहले भी आरोप लग चुके हैं कि उन्होंने खिलाड़ियों से करीबी रिश्तों के कारण हल्की चोट के बावजूद उन्हें खेलने की अनुमति दी। बाबर अभी रिहैब कर रहे फिलहाल बाबर आजम नेशनल क्रिकेट अकादमी में मेडिकल पैनल की निगरानी में रिहैब कर रहे हैं। उनके पाकिस्तान सुपर लीग में पेशावर जाल्मी की कप्तानी करने की उम्मीद है, जिसकी शुरुआत 26 मार्च से हो रही है। फखर वनडे सीरीज के लिए फिट नहीं थे फखर जमान हाल ही में नेशनल टी-20 कप के एक मैच में खेले। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया पर बताया कि बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज में वे पूरी तरह फिट नहीं थे, लेकिन अब टी-20 टूर्नामेंट के लिए तैयार हैं। फखर जमान टी-20 वर्ल्ड कप में 3 मैच ही खेले थे। बांग्लादेश दौरे में दोनों प्लेयर्स नहीं खेले दोनों खिलाड़ी बांग्लादेश दौरे से बाहर रहे थे, जिसमें पाकिस्तान को 1-2 से हार मिली। वहीं सूत्रों के मुताबिक, चोट की बात सामने आने से पहले ही चयनकर्ता वर्ल्ड कप में खराब फॉर्म के कारण बाबर को बाहर करने का फैसला कर चुके थे। —————————- पाकिस्तान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा चिंता खारिज की पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) को लेकर विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा और यात्रा से जुड़ी चिंताओं को खारिज कर दिया है। बोर्ड का कहना है कि सभी इंतजाम पूरे हैं और ऑस्ट्रेलिया समेत अन्य देशों के खिलाड़ी तय कार्यक्रम के अनुसार पाकिस्तान पहुंचेंगे। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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कराची2 घंटे पहले कॉपी लिंक बाबर आजम (दाहिने) और फखर जमान दोनों टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान टीम में शामिल थे। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के मेडिकल पैनल ने खुलासा किया है कि बाबर आजम और फखर जमान को टी-20 वर्ल्ड कप टीम में शामिल किए जाने के समय उनकी फिटनेस पूरी तरह ठीक नहीं थी। पैनल के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाए थे, इसके बावजूद उनका चयन किया गया। इस मामले को लेकर सीनियर सेलेक्टर आकिब जावेद ने भी पिछले हफ्ते प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल उठाए थे और चयन प्रक्रिया की जांच की मांग की थी। बाबर आजम टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के 6 मैचों में 91 रन ही बना पाए थे। वर्ल्ड कप की बाद के जांच में सामने आया PCB से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, यूके के स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ डॉ जावेद मुगल ने वर्ल्ड कप के बाद दोनों खिलाड़ियों की जांच के बाद यह चिंता जताई। वे जनवरी से पाकिस्तान टीम के साथ हैं। बाबर ने डोमेस्टिक टी-20 लीग खेलने से मना किया मामला तब सामने आया जब बाबर आजम ने वर्ल्ड कप से लौटने के बाद हैमस्ट्रिंग में परेशानी बताकर नेशनल टी-20 चैंपियनशिप में खेलने से मना कर दिया। वहीं फखर जमान भी लंबे समय से इसी तरह की दिक्कत से जूझ रहे थे। सूत्र ने बताया कि जांच में बाबर की चोट शुरुआती आकलन से ज्यादा गंभीर निकली, जबकि फखर भी महीनों से इसी समस्या से परेशान हैं। बाबर आजम ने पाकिस्तान के लिए 145 मैचों में 4596 रन बनाए हैं। हमने पहले ही क्लियरेंस ली थी- सिलेक्शन पैनल सिलेक्शन कमेटी ने मेडिकल पैनल को साफ किया कि दोनों खिलाड़ियों को टीम में शामिल करने से पहले टीम के फिजियो क्लिफ डीकन से फिटनेस क्लियरेंस ली गई थी। हालांकि डीकन पर पहले भी आरोप लग चुके हैं कि उन्होंने खिलाड़ियों से करीबी रिश्तों के कारण हल्की चोट के बावजूद उन्हें खेलने की अनुमति दी। बाबर अभी रिहैब कर रहे फिलहाल बाबर आजम नेशनल क्रिकेट अकादमी में मेडिकल पैनल की निगरानी में रिहैब कर रहे हैं। उनके पाकिस्तान सुपर लीग में पेशावर जाल्मी की कप्तानी करने की उम्मीद है, जिसकी शुरुआत 26 मार्च से हो रही है। फखर वनडे सीरीज के लिए फिट नहीं थे फखर जमान हाल ही में नेशनल टी-20 कप के एक मैच में खेले। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया पर बताया कि बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज में वे पूरी तरह फिट नहीं थे, लेकिन अब टी-20 टूर्नामेंट के लिए तैयार हैं। फखर जमान टी-20 वर्ल्ड कप में 3 मैच ही खेले थे। बांग्लादेश दौरे में दोनों प्लेयर्स नहीं खेले दोनों खिलाड़ी बांग्लादेश दौरे से बाहर रहे थे, जिसमें पाकिस्तान को 1-2 से हार मिली। वहीं सूत्रों के मुताबिक, चोट की बात सामने आने से पहले ही चयनकर्ता वर्ल्ड कप में खराब फॉर्म के कारण बाबर को बाहर करने का फैसला कर चुके थे। —————————- पाकिस्तान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा चिंता खारिज की पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) को लेकर विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा और यात्रा से जुड़ी चिंताओं को खारिज कर दिया है। बोर्ड का कहना है कि सभी इंतजाम पूरे हैं और ऑस्ट्रेलिया समेत अन्य देशों के खिलाड़ी तय कार्यक्रम के अनुसार पाकिस्तान पहुंचेंगे। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…