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₹5000 Pension After 60, Know Details

₹5000 Pension After 60, Know Details

नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक अटल पेंशन योजना (APY) को आज यानी 9 मई को 11 साल हो गए हैं। ये स्कीम मई 2015 में शुरू की गई थी। इस योजना के तहत 60 साल का होने पर हर महीने 1,000 से लेकर 5,000 रुपए की पेंशन मिलती है। हम आपको अटल पेंशन योजना के बारे में बता रहे हैं… 20 साल के लिए करना होता है निवेश अटल पेंशन योजना के तहत 60 साल का होने पर हर महीने 1000 से लेकर 5000 रुपए की पेंशन मिलती है। इसमें 18 साल से 40 साल तक का व्यक्ति इसमें निवेश कर सकता है। कोई शख्स इस स्कीम को लेता है तो उसे कम से कम 20 साल निवेश करना होगा। आपकी पेंशन के हिसाब से तय होगा निवेश का अमाउंट इस योजना में निवेश के लिए आपके अमाउंट से कितना कटेगा यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आप रिटायरमेंट के बाद कितनी पेंशन चाहते हैं। 1 से 5 हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन लेने के लिए सब्स्क्राइबर को 42 से लेकर 210 रुपए प्रतिमाह तक भुगतान करना होगा। यह 18 साल की उम्र में स्कीम लेने पर होगा। वहीं, यदि कोई सब्स्क्राइबर 40 साल की उम्र में स्कीम लेता है तो उसे 291 से लेकर 1,454 रुपए प्रतिमाह तक का कॉन्ट्रीब्यूशन करना होगा। सब्स्क्राइबर जितना ज्यादा कॉन्ट्रीब्यूशन करेगा, उसे रिटायरमेंट के बाद उतनी ही ज्यादा पेंशन मिलेगी। यहां देखें अटल पेंशन योजना में कितने पैसे जमा करने पर कितनी पेंशन मिलेगी अगर 18 साल का कोई व्यक्ति हर महीने… 42 रुपए जमा करें, तो उसे 60 साल के बाद हर महीने 1000 रुपए पेंशन मिलेगी। 84 रुपए जमा करें, तो 2000 रुपए पेंशन मिलेगी। 126 रुपए जमा करें, तो 3000 रुपए पेंशन मिलेगी। 168 रुपए जमा करें, तो 4000 रुपए पेंशन मिलेगी। 210 रुपए जमा करें, तो 5000 रुपए पेंशन मिलेगी। अगर 40 साल का कोई व्यक्ति हर महीने… 291 रुपए जमा करे, तो उसे 60 साल के बाद हर महीने 1000 रुपए पेंशन मिलेगी। 582 रुपए जमा करे, तो 2000 रुपए पेंशन मिलेगी। 873 रुपए जमा करे, तो 3000 रुपए पेंशन मिलेगी। 1164 रुपए जमा करे, तो 4000 रुपए पेंशन मिलेगी। 1454 रुपए जमा करे, तो 5000 रुपए पेंशन मिलेगी। नोट: 19 से 39 साल के लोगों के लिए भी अलग-अलग अमाउंट तय किया गया है, आप इसे ऑनलाइन या बैंक जाकर पता कर सकते हैं। अपनी सुविधा के हिसाब से दे सकते हैं किस्त इस योजना के तहत इन्वेस्टर्स मंथली, क्वाटरली या सेमी-एनुअल यानी 6 माह की अवधि में निवेश कर सकते हैं। कॉन्ट्रीब्यूशन ऑटो-डेबिट हो जाएगा, यानी आपके अकाउंट से तय राशि अपने आप कट जाएगी और आपके पेंशन खाते में जमा हो जाएगी। सब्सक्राइबर की मृत्यु के बाद उसके जीवनसाथी को मिलेगी पेंशन सब्सक्राइबर की मृत्यु के बाद उसके स्पाउस (जीवनसाथी) को समान पेंशन का भुगतान किया जाएगा और सबस्क्राइबर और स्पाउस दोनों के निधन पर 60 साल की आयु तक जमा की गई पेंशन राशि नॉमिनी को वापस कर दी जाएगी। वहीं अगर 60 साल से पहले ग्राहक की मृत्यु के मामले में उसका जीवनसाथी APY खाते में योगदान जारी रख सकता है। ग्राहक का पति या पत्नी वही पेंशन राशि प्राप्त करने का हकदार होगा जो ग्राहक को मिलनी थी। वहीं अगर वो चाहे तो ऐसा न करके APY खाते में जमा पूरा पैसा निकाल सकता है। टैक्सपेयर को नहीं मिलता योजना का लाभ अटल पेंशन योजना टैक्सपेयर्स के लिए नहीं है। यानी की अगर आप इनकम टैक्स चुकाते हैं तो इस योजना में अकाउंट नहीं खोल सकेंगे। ये नियम सरकार ने 1 अक्टूबर 2022 से लागू किया है। अटल पेंशन योजना से जुड़े सवाल-जवाब सवाल 1: क्या सेविंग्स अकाउंट के बिना भी APY अकाउंट खोल सकते हैं? जवाब: नहीं, इस स्कीम के लिए सेविंग्स बैंक अकाउंट होना जरूरी है। सवाल 2: मंथली कॉन्ट्रिब्यूशन की तारीख कैसे तय होती है? जवाब: पहली इन्वेस्टमेंट की तारीख के आधार पर यह तय होती है। सवाल 3: क्या सब्सक्राइबर्स को नॉमिनी रखना जरूरी है? जवाब: हां, नॉमिनी रखना जरूरी है। सवाल 4: अटल पेंशन योजना के कितने अकाउंट खोल सकते हैं? जवाब: अटल पेंशन योजना का एक ही अकाउंट खोलने की इजाजत है। सवाल 5: अगर अकाउंट में मंथली कॉन्ट्रीब्यूशन के लिए बैलेंस नहीं है तो क्या होगा? जवाब: मंथली कॉन्ट्रीब्यूशन करने के लिए आपके अकाउंट में बैलेंस नहीं होने पर जुर्माना लगेगा। योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

PM Shram Yogi Mandhan: Rs 55 Mein 3000 Pension

PM Shram Yogi Mandhan: Rs 55 Mein 3000 Pension

नई दिल्ली9 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्र सरकार देश के असंगठित क्षेत्र के श्रमिक को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए ‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना’ चलाई जा रही है। इस स्कीम में 60 साल के बाद हर महीने 3000 रुपए पेंशन मिलती है। इसके जरिए बुढ़ापे में मासिक आय का सोर्स बन सकता है। हम आपको इस योजना के बारे में बता रहें हैं… हर महीने 3 हजार रुपए की पेंशन का फायदा इस स्कीम में मजदूरों को हर महीने 3000 रुपए की पेंशन का फायदा मिलता है। इसमें रेहड़ी-पटरी लगाने वाले, रिक्शा चालक, कंस्ट्रक्शन क्षेत्र और ऐसे ही असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूर शामिल होते हैं। अगर आप भी असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं और अब तक कोई पेंशन प्लान नहीं लिया है तो प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का प्लान ले सकते हैं। इस योजना के तहत किसे मिलेगी पेंशन? ये योजना असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के लिए है। इनमें घर में काम करने वाले, रेहड़ी लगाने वाले दुकानदार, ड्राइवर, प्लम्बर, दर्जी, मिड-डे मील वर्कर, रिक्शा चालक, निर्माण कार्य करने वाले मजदूर, कूड़ा बीनने वाले, बीड़ी बनाने वाले, हथकरघा, कृषि कामगार, मोची, धोबी, चमड़ा कामगार को शामिल किया गया है। पूरी लिस्ट देखने के लिए यहां क्लिक करें क्या हैं नियम: योजना के लिए असंगठित क्षेत्र के मजदूर की इनकम 15,000 रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। सेविंग्स बैंक अकाउंट या फिर जन-धन अकाउंट की पासपोर्ट और आधार नंबर होना चाहिए। उम्र 18 साल से कम और 40 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। पहले से केंद्र सरकार की किसी अन्य पेंशन स्कीम का फायदा नहीं उठाया रहा हो। क्या हैं शर्तें? अपने हिस्से का योगदान (किश्त) करने में चूक होने पर पात्र सदस्य को ब्याज के साथ बकाए का भुगतान करके कंट्रीब्यूशन को फिर शुरू कर सकेंगे। यह ब्याज सरकार तय करेगी। योजना से जुड़ने की तारीख से 10 साल के अंदर स्कीम से निकलना चाहें तो तो केवल आपके हिस्से का योगदान सेविंग बैंक की ब्याज दर पर उसे लौटाया जाएगा। अगर पेंशनभोगी स्कीम से 10 साल बाद लेकिन 60 साल की उम्र से पहले निकलता है तो उसे पेंशन स्कीम में कमाए गए ब्याज के साथ उसके हिस्से का योगदान लौटाया जाएगा। किसी कारण से सदस्य की मौत हो जाने पर जीवनसाथी के पास स्कीम को चलाने का विकल्प होगा। इसके लिए उसे नियमित योगदान करना होगा। इसके अलावा अगर इस योजना के तहत पेंशन पाने वाली की 60 साल के बाद मौत हो जाती हैं तो उसके नॉमिनी को 50% पेंशन मिलेगी। किस उम्र के व्यक्ति को हर महीने देना होगा कितना कॉन्ट्रिब्यूशन? आवेदक की उम्र मंथली कॉन्ट्रिब्यूशन 18 साल 55 रुपए 19 साल 58 रुपए 20 साल 61 रुपए 21 साल 64 रुपए 22 साल 68 रुपए 23 साल 72 रुपए 24 साल 76 रुपए 25 साल 80 रुपए 26 साल 85 रुपए 27 साल 90 रुपए 28 साल 95 रुपए 29 साल 100 रुपए 30 साल 105 रुपए 31 साल 110 रुपए 32 साल 120 रुपए 33 साल 130 रुपए 34 साल 140 रुपए 35 साल 150 रुपए 36 साल 160 रुपए 37 साल 170 रुपए 38 साल 180 रुपए 39 साल 190 रुपए 40 साल 200 रुपए इस योजना में शामिल होने के लिए कौन पात्र नहीं हैं? इस योजना के तहत कोई भी कर्मचारी जो किसी भी वैधानिक सामाजिक सुरक्षा योजना जैसे NPS, ESIC और EPFO के अंतर्गत आता हो, उसे इस योजना का फायदा नहीं मिलेगा। इसके अलावा इनकम टैक्स के दायरे में आने वाले टैक्सपेयर्स को भी इस योजना में शामिल नहीं किया गया है। कैसे ले सकते हैं योजना का लाभ? प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना में रजिस्ट्रेशन के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) सेंटर पर जाना होगा। इसके बाद वहां आधार कार्ड और बचत खाता या जनधन खाता जो भी उसकी जानकारी देनी होगी। खाता खोलते समय ही आप नॉमिनी भी दर्ज करा सकते हैं। एक बार आपकी डिटेल कंप्यूटर में दर्ज होने के बाद मंथली कांट्रीब्यूशन की जानकारी खुद मिल जाएगी। इसके बाद आपको अपना शुरुआती योगदान कैश के रूप में देना होगा। इसके बाद आपका खाता खुल जाएगा और श्रम योगी कार्ड मिल जाएगा। आप इस योजना की जानकारी 1800 267 6888 टोल फ्री नंबर पर ले सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

PM Shram Yogi Mandhan: Rs 55 Mein 3000 Pension

PM Shram Yogi Mandhan: Rs 55 Mein 3000 Pension

नई दिल्ली22 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्र सरकार देश के असंगठित क्षेत्र के श्रमिक को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए ‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना’ चलाई जा रही है। इस स्कीम में 60 साल के बाद हर महीने 3000 रुपए पेंशन मिलती है। इसके जरिए बुढ़ापे में मासिक आय का सोर्स बन सकता है। हम आपको इस योजना के बारे में बता रहें हैं… हर महीने 3 हजार रुपए की पेंशन का फायदा इस स्कीम में मजदूरों को हर महीने 3000 रुपए की पेंशन का फायदा मिलता है। इसमें रेहड़ी-पटरी लगाने वाले, रिक्शा चालक, कंस्ट्रक्शन क्षेत्र और ऐसे ही असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूर शामिल होते हैं। अगर आप भी असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं और अब तक कोई पेंशन प्लान नहीं लिया है तो प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का प्लान ले सकते हैं। इस योजना के तहत किसे मिलेगी पेंशन? ये योजना असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के लिए है। इनमें घर में काम करने वाले, रेहड़ी लगाने वाले दुकानदार, ड्राइवर, प्लम्बर, दर्जी, मिड-डे मील वर्कर, रिक्शा चालक, निर्माण कार्य करने वाले मजदूर, कूड़ा बीनने वाले, बीड़ी बनाने वाले, हथकरघा, कृषि कामगार, मोची, धोबी, चमड़ा कामगार को शामिल किया गया है। पूरी लिस्ट देखने के लिए यहां क्लिक करें क्या हैं नियम: योजना के लिए असंगठित क्षेत्र के मजदूर की इनकम 15,000 रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। सेविंग्स बैंक अकाउंट या फिर जन-धन अकाउंट की पासपोर्ट और आधार नंबर होना चाहिए। उम्र 18 साल से कम और 40 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। पहले से केंद्र सरकार की किसी अन्य पेंशन स्कीम का फायदा नहीं उठाया रहा हो। क्या हैं शर्तें? अपने हिस्से का योगदान (किश्त) करने में चूक होने पर पात्र सदस्य को ब्याज के साथ बकाए का भुगतान करके कंट्रीब्यूशन को फिर शुरू कर सकेंगे। यह ब्याज सरकार तय करेगी। योजना से जुड़ने की तारीख से 10 साल के अंदर स्कीम से निकलना चाहें तो तो केवल आपके हिस्से का योगदान सेविंग बैंक की ब्याज दर पर उसे लौटाया जाएगा। अगर पेंशनभोगी स्कीम से 10 साल बाद लेकिन 60 साल की उम्र से पहले निकलता है तो उसे पेंशन स्कीम में कमाए गए ब्याज के साथ उसके हिस्से का योगदान लौटाया जाएगा। किसी कारण से सदस्य की मौत हो जाने पर जीवनसाथी के पास स्कीम को चलाने का विकल्प होगा। इसके लिए उसे नियमित योगदान करना होगा। इसके अलावा अगर इस योजना के तहत पेंशन पाने वाली की 60 साल के बाद मौत हो जाती हैं तो उसके नॉमिनी को 50% पेंशन मिलेगी। किस उम्र के व्यक्ति को हर महीने देना होगा कितना कॉन्ट्रिब्यूशन? आवेदक की उम्र मंथली कॉन्ट्रिब्यूशन 18 साल 55 रुपए 19 साल 58 रुपए 20 साल 61 रुपए 21 साल 64 रुपए 22 साल 68 रुपए 23 साल 72 रुपए 24 साल 76 रुपए 25 साल 80 रुपए 26 साल 85 रुपए 27 साल 90 रुपए 28 साल 95 रुपए 29 साल 100 रुपए 30 साल 105 रुपए 31 साल 110 रुपए 32 साल 120 रुपए 33 साल 130 रुपए 34 साल 140 रुपए 35 साल 150 रुपए 36 साल 160 रुपए 37 साल 170 रुपए 38 साल 180 रुपए 39 साल 190 रुपए 40 साल 200 रुपए इस योजना में शामिल होने के लिए कौन पात्र नहीं हैं? इस योजना के तहत कोई भी कर्मचारी जो किसी भी वैधानिक सामाजिक सुरक्षा योजना जैसे NPS, ESIC और EPFO के अंतर्गत आता हो, उसे इस योजना का फायदा नहीं मिलेगा। इसके अलावा इनकम टैक्स के दायरे में आने वाले टैक्सपेयर्स को भी इस योजना में शामिल नहीं किया गया है। कैसे ले सकते हैं योजना का लाभ? प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना में रजिस्ट्रेशन के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) सेंटर पर जाना होगा। इसके बाद वहां आधार कार्ड और बचत खाता या जनधन खाता जो भी उसकी जानकारी देनी होगी। खाता खोलते समय ही आप नॉमिनी भी दर्ज करा सकते हैं। एक बार आपकी डिटेल कंप्यूटर में दर्ज होने के बाद मंथली कांट्रीब्यूशन की जानकारी खुद मिल जाएगी। इसके बाद आपको अपना शुरुआती योगदान कैश के रूप में देना होगा। इसके बाद आपका खाता खुल जाएगा और श्रम योगी कार्ड मिल जाएगा। आप इस योजना की जानकारी 1800 267 6888 टोल फ्री नंबर पर ले सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

EPFO Pension Hike ₹7500 & E-Prapti Portal Launch

EPFO Pension Hike ₹7500 & E-Prapti Portal Launch

नई दिल्ली2 मिनट पहले कॉपी लिंक कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के लाखों सब्सक्राइबर्स और पेंशनर्स के लिए दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। लंबे समय से कम पेंशन की शिकायत कर रहे लोगों की मांग पर सरकार अब एंप्लॉई पेंशन स्कीम (EPS-95) के तहत मिनिमम पेंशन बढ़ाने पर विचार कर रही है। इसके साथ ही, EPFO ने उन लोगों के लिए ‘ई-प्राप्ति’ नाम का एक नया पोर्टल लाने की घोषणा की है, जिनके पुराने PF अकाउंट्स बंद हैं या इन-एक्टिव पड़े हैं। इस पोर्टल की मदद से बिना UAN नंबर वाले लोग भी अपना फंसा हुआ पैसा निकाल सकेंगे। ₹7500 तक हो सकती है मंथली पेंशन, कमेटी ने दी सिफारिश वर्तमान में EPS-95 स्कीम के तहत रिटायरमेंट के बाद मेंबर्स को मिनिमम ₹1000 प्रति महीना पेंशन मिलती है। पेंशनर्स एसोसिएशन और लेबर यूनियंस का कहना है कि आज की महंगाई के दौर में यह रकम बेहद कम है। इनकी मांग है कि इसे बढ़ाकर कम से कम ₹7500 किया जाए। ईपीएफओ सूत्रों के मुताबिक, एक पार्लियामेंट्री कमेटी ने भी पेंशन बढ़ाने की सिफारिश दी है। सरकार इस पर जल्द ही बड़ा फैसला ले सकती है, जिससे लाखों बुजुर्गों को आर्थिक सहारा मिलेगा। आधार से ढूंढ पाएंगे पुराने PF अकाउंट्स, नया पोर्टल आएगा प्रोविडेंट फंड से जुड़ी दूसरी बड़ी राहत उन लोगों के लिए है, जिनके पास पुराने PF अकाउंट्स तो हैं, लेकिन उनका रिकॉर्ड नहीं है। नया पोर्टल ‘ई-प्राप्ति’ यानी ‘EPF आधार बेस्ड एक्सेस पोर्टल फॉर ट्रैकिंग इन-ऑपरेटिव अकाउंट्स’ पेश किया जाएगा। यह पोर्टल उन लोगों की मदद करेगा जिनके पास यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) नहीं है या जिनके अकाउंट पुराने समय के ‘फिजिकल मोड’ में थे। इसमें आधार कार्ड के जरिए पहचान सुरक्षित तरीके से वेरीफाई की जाएगी। 31.8 लाख अकाउंट्स बंद, 22% तो 20 साल से इन-ऑपरेटिव केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि EPFO के पास फिलहाल कुल 31.8 लाख इन-ऑपरेटिव अकाउंट्स हैं। डेटा के मुताबिक: 41% अकाउंट्स: पिछले 5 से 10 साल से इनएक्टिव हैं। 22% अकाउंट्स: 20 साल से भी ज्यादा समय से वैसे ही पड़े हुए हैं। नया पोर्टल इन पुराने अकाउंट्स को ट्रैक करने, उन्हें मौजूदा यूएएन से जोड़ने और बैलेंस एक्टिवेट करने में मदद करेगा। इससे अब घर का कोई भी सदस्य अपना पुराना पैसा आसानी से निकाल पाएगा। ₹1,000 से कम बैलेंस का होगा ‘ऑटो-सेटलमेंट’ EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने एक और अहम फैसला लिया है। जिन PF अकाउंट्स में ₹1000 या उससे कम की राशि है, उन्हें अब किसी लंबी कागजी कार्यवाही की जरूरत नहीं होगी। ऐसे छोटे अमाउंट्स को ‘ऑटो-सेटलमेंट’ के जरिए सीधे खाताधारक के लिंक्ड बैंक अकाउंट में भेज दिया जाएगा। कब ‘इन-ऑपरेटिव’ माना जाता है आपका अकाउंट? नियमों के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति 55 साल की उम्र के बाद रिटायर हो गया है और उसके पीएफ अकाउंट में लगातार 3 साल तक कोई पैसा जमा नहीं हुआ है, तो उसे ‘इन-ऑपरेटिव’ मान लिया जाता है। इसके बाद उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है। हालांकि, अगर उम्र 55 साल से कम है और कोई नया कंट्रीब्यूशन नहीं आ रहा, तो भी 58 साल की उम्र होने तक उस बैलेंस पर ब्याज मिलता रहता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

EPFO Pension Hike ₹7500 & E-Prapti Portal Launch

EPFO Pension Hike ₹7500 & E-Prapti Portal Launch

नई दिल्ली28 मिनट पहले कॉपी लिंक कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के लाखों सब्सक्राइबर्स और पेंशनर्स के लिए दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। लंबे समय से कम पेंशन की शिकायत कर रहे लोगों की मांग पर सरकार अब एंप्लॉई पेंशन स्कीम (EPS-95) के तहत मिनिमम पेंशन बढ़ाने पर विचार कर रही है। इसके साथ ही, EPFO ने उन लोगों के लिए ‘ई-प्राप्ति’ नाम का एक नया पोर्टल लाने की घोषणा की है, जिनके पुराने PF अकाउंट्स बंद हैं या इन-एक्टिव पड़े हैं। इस पोर्टल की मदद से बिना UAN नंबर वाले लोग भी अपना फंसा हुआ पैसा निकाल सकेंगे। मंथली पेंशन ₹1000 से बढ़कर ₹7500 तक हो सकती है वर्तमान में EPS-95 स्कीम के तहत रिटायरमेंट के बाद मेंबर्स को मिनिमम ₹1000 प्रति महीना पेंशन मिलती है। पेंशनर्स एसोसिएशन और लेबर यूनियंस का कहना है कि आज की महंगाई के दौर में यह रकम बेहद कम है। इनकी मांग है कि इसे बढ़ाकर कम से कम ₹7500 किया जाए। EPFO सूत्रों के मुताबिक, एक पार्लियामेंट्री कमेटी ने भी पेंशन बढ़ाने की सिफारिश दी है। सरकार इस पर जल्द ही बड़ा फैसला ले सकती है, जिससे लाखों बुजुर्गों को आर्थिक सहारा मिलेगा। आधार से ढूंढ पाएंगे पुराना PF अकाउंट्स, नया पोर्टल आएगा प्रोविडेंट फंड से जुड़ी दूसरी बड़ी राहत उन लोगों के लिए है, जिनके पास पुराने PF अकाउंट्स तो हैं, लेकिन उनका रिकॉर्ड नहीं है। नया पोर्टल ‘ई-प्राप्ति’ यानी ‘EPF आधार बेस्ड एक्सेस पोर्टल फॉर ट्रैकिंग इन-ऑपरेटिव अकाउंट्स’ पेश किया जाएगा। यह पोर्टल उन लोगों की मदद करेगा जिनके पास यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) नहीं है या जिनके अकाउंट पुराने समय के ‘फिजिकल मोड’ में थे। इसमें आधार कार्ड के जरिए पहचान सुरक्षित तरीके से वेरीफाई की जाएगी। 31.8 लाख अकाउंट्स बंद, 22% तो 20 साल से इन-ऑपरेटिव केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि EPFO के पास फिलहाल कुल 31.8 लाख इन-ऑपरेटिव अकाउंट्स हैं। डेटा के मुताबिक: 41% अकाउंट्स: पिछले 5 से 10 साल से इनएक्टिव हैं। 22% अकाउंट्स: 20 साल से भी ज्यादा समय से वैसे ही पड़े हुए हैं। नया पोर्टल इन पुराने अकाउंट्स को ट्रैक करने, उन्हें मौजूदा UAN से जोड़ने और बैलेंस एक्टिवेट करने में मदद करेगा। इससे अब घर का कोई भी सदस्य अपना पुराना पैसा आसानी से निकाल पाएगा। ₹1,000 से कम बैलेंस का होगा ‘ऑटो-सेटलमेंट’ EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने एक और अहम फैसला लिया है। जिन PF अकाउंट्स में ₹1000 या उससे कम की राशि है, उन्हें अब किसी लंबी कागजी कार्यवाही की जरूरत नहीं होगी। ऐसे छोटे अमाउंट्स को ‘ऑटो-सेटलमेंट’ के जरिए सीधे खाताधारक के लिंक्ड बैंक अकाउंट में भेज दिया जाएगा। कब ‘इन-ऑपरेटिव’ माना जाता है आपका अकाउंट? नियमों के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति 55 साल की उम्र के बाद रिटायर हो गया है और उसके पीएफ अकाउंट में लगातार 3 साल तक कोई पैसा जमा नहीं हुआ है, तो उसे ‘इन-ऑपरेटिव’ मान लिया जाता है। इसके बाद उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है। हालांकि, अगर उम्र 55 साल से कम है और कोई नया कंट्रीब्यूशन नहीं आ रहा, तो भी 58 साल की उम्र होने तक उस बैलेंस पर ब्याज मिलता रहता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

UP Pension Fraud | Brazil Snake Island; Delhi Bus Conductor Compensation Khabar Hatke

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एक ऐसा आइलैंड, जहां इंसानों की हड्डी गला देने वाले सांप रहते है। वहीं उत्तर प्रदेश में एक शख्स पैसे कमाने के लिए मरी हुई मां को 7 सालों तक जिंदा बताता रहा। उधर 5 पैसे घूस लेने के आरोप में एक सरकारी बस कंडक्टर की नौकरी चली गई। . आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

MP Pension Offices Closing; SBI Takes Over Payment Process From April 2026

MP Pension Offices Closing; SBI Takes Over Payment Process From April 2026

मध्य प्रदेश सरकार राज्य के लगभग साढ़े चार लाख पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए पेंशन भुगतान की व्यवस्था में बदलाव करने वाली है। नई व्यवस्था के तहत, अब किसी भी बैंक में खाता रखने वाले सरकारी कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद सीधे अपने उसी खाते में पेंशन . राज्य शासन ने इस प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के मकसद से भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को एकमात्र ‘एग्रीगेटर बैंक’ के रूप में नियुक्त किया है। यह महत्वपूर्ण बदलाव 1 अप्रैल, 2026 से पूरे प्रदेश में प्रभावी होगा। बता दें कि एमपी में पेंशन की मौजूदा व्यवस्था में कई समस्याएं हैं इसकी वजह से पेंशन भुगतान की प्रक्रिया में अक्सर देरी होती है। साथ ही तकनीकी बाधाओं की वजह से भी पेंशन मिलने में दिक्कत होती है। सरकार ने जिला पेंशन कार्यालयों को भी बंद करने का फैसला किया है। आखिर क्या है नईे व्यवस्था? इसका कितना फायदा होगा और दूसरे बैंकों की भूमिका क्या रहेगी। पढ़िए रिपोर्ट मौजूदा व्यवस्था की 4 प्रमुख समस्याएं मौजूदा पेंशन प्रणाली कई जटिलताएं और चुनौतियां हैं। इसकी वजह से पेंशनर्स को अक्सर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रमुख रूप से 4 समस्याएं हैं… बैंक बदलने की मजबूरी: कई मामलों में, पेंशनभोगियों को पेंशन लेने के लिए उन्हीं बैंकों में अकाउंट बनाए रखना पड़ता था, जहां उनका सैलरी अकाउंट था। तकनीकी असमानता: महंगाई भत्ते (DA) में वृद्धि या वेतनमान में संशोधन जैसी स्थितियों में पेंशन राशि को अपडेट करने की प्रक्रिया जटिल है। यह कार्य सेंट्रलाइज्ड पेंशन प्रोसेसिंग सेल (CPPC) के माध्यम से किया जाता है, और यह सुविधा केवल 4 प्रमुख बैंकों में ही उपलब्ध है। जिन बैंकों में यह सिस्टम नहीं है, वहां पेंशन अपडेट होने में काफी समय लगता है, जिससे पेंशनर्स को एरियर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। PPO हस्तांतरण में देरी: सेवानिवृत्ति से पहले कर्मचारी का पेंशन अदायगी आदेश (PPO) संबंधित बैंक को भेजा जाता है। इस प्रक्रिया में काफी समय लगता है और समन्वय की कमी के कारण अक्सर सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद पेंशन शुरू होने में देरी होती है। वेतनमान फिक्सेशन की त्रुटियां: कर्मचारियों के वेतनमान फिक्सेशन (Pay Fixation) में फिट-मेंट फैक्टर, मूल वेतन या महंगाई भत्ते की गणना में हुई मामूली गलती भी पेंशन प्रक्रिया को रोक देती है, जिसे सुधारने में महीनों लग जाते है। पेंशनर्स का आरोप- कर्मचारी रिश्वत लेते हैं पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गणेशदत्त जोशी इन समस्याओं के अलावा एक और मुद्दे पर ध्यान दिलाते हैं। उनके मुताबिक अभी पेंशन प्रकरणों का काम जिला और संभागीय पेंशन दफ्तरों के पास है। जैसे ही कोई कर्मचारी रिटायर होता है और उसका प्रकरण जब पेंशन कार्यालय में जाता है तो वहां मौजूद कर्मचारी एक ही प्रकार की कई आपत्तियां लगाते हैं। इन आपत्तियों को वो बार बार लगाकर कर्मचारी के संबंधित कार्यालय को भेजते हैं। जोशी के मुताबिक वो ऐसा इसलिए करते हैं ताकि रिटायर्ड कर्मचारी उनकी सेवा करें( रिश्वत) और इसके बदले वो उनका पीपीओ जारी करें। मौजूदा व्यवस्था में क्या बदलाव होगा पूरी प्रोसेस को सेंट्रलाइज्ड किया जा रहा है। राज्य सरकार पेंशन की पूरी राशि केवल भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को हस्तांतरित करेगी, जिसमें राज्य सरकार का मुख्य खाता है। SBI एक नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करते हुए, प्रदेश के सभी पेंशनभोगियों के बैंक खातों में पेंशन की राशि वितरित करेगा, चाहे उनका खाता किसी भी बैंक में क्यों न हो। अब तक जो क्लेम और कमीशन 11 अलग-अलग बैंकों को मिलता था, वह अब केवल SBI को मिलेगा, क्योंकि पेंशन वितरण का पूरा प्रबंधन और क्लेम भेजने की जिम्मेदारी सिर्फ SBI की होगी। प्रशासनिक स्तर पर बदलाव: बंद होंगे जिला पेंशन कार्यालय इस सुधार प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के सभी जिलों में स्थित पेंशन कार्यालयों को बंद किया जाएगा। हालांकि, संभागीय मुख्यालयों में स्थित कार्यालय पहले की तरह काम करते रहेंगे। पेंशन निर्धारण की पूरी प्रक्रिया अब भोपाल स्थित मुख्यालय से केंद्रीकृत रूप से संचालित होगी। इस प्रणाली की सबसे खास बात इसकी पारदर्शिता और सीक्रेसी है। अब किसी भी कर्मचारी को यह पता नहीं चलेगा कि उसकी पेंशन का निर्धारण कौन-सा अधिकारी कर रहा है। उदाहरण के लिए, भिंड में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी की पेंशन फाइल का निर्धारण जबलपुर में बैठा कोई भी डिप्टी डायरेक्टर कर सकता है। सरकार का मानना है कि इस कदम से स्थानीय स्तर पर होने वाले भ्रष्टाचार और अनावश्यक दबाव पर पूरी तरह से रोक लगेगी। SBI ने शुरू की तैयारी, 2 लाख PPO होंगे ट्रांसफर इस नई व्यवस्था को धरातल पर उतारने के लिए SBI ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। वर्तमान में लगभग 4 लाख 46 हजार पेंशनर्स हैं, और इस साल 22 हजार और कर्मचारी सेवानिवृत्त होंगे। SBI ने अन्य 10 बैंकों से 2 लाख से अधिक PPO वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बड़े पैमाने के कार्य को पूरा होने में 3 से 4 महीने लगने का अनुमान है। ये खबर भी पढ़ें…. MP के 22 लाख पेंशनर्स को झटका:केंद्र का सहायता राशि बढ़ाने से इनकार, नीति आयोग की सिफारिश के बावजूद वृद्धि नहीं मध्य प्रदेश के करीब 22.5 लाख बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग पेंशनर्स के लिए दिल्ली से निराशाजनक खबर है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राज्यसभा में स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत दी जाने वाली पेंशन राशि में बढ़ोतरी करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। केंद्र सरकार के इस फैसले का सीधा असर उन लाखों लोगों पर पड़ेगा, जो महंगाई के इस दौर में आर्थिक मदद बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठे थे। पूरी खबर पढ़ें….

Soldiers Disability Pension Not Blocked for Lifestyle Disorder

Soldiers Disability Pension Not Blocked for Lifestyle Disorder

Hindi News National Delhi HC: Soldiers Disability Pension Not Blocked For Lifestyle Disorder नई दिल्ली12 मिनट पहले कॉपी लिंक दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि सशस्त्र बलों के कर्मियों की दिव्यांगता पेंशन को सिर्फ यह कहकर नहीं रोका जा सकता कि बीमारी ‘लाइफस्टाइल डिसऑर्डर’ है या वह पीस एरिया में तैनाती के दौरान हुई। हाई कोर्ट ने कहा कि गैर-ऑपरेशनल क्षेत्रों में भी सैन्य सेवा तनावपूर्ण होती है और इससे गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। बता दें कि सेना में ‘पीस पोस्टिंग’ का मतलब है कि सैनिक या अधिकारी की पोस्टिंग बॉर्डर पर नहीं बल्कि शांत और सुरक्षित शहरों या छावनियों में होती है। जस्टिस वी. कामेश्वर राव और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की डिवीजन बेंच ने आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल (AFT) के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड अधिकारी की दिव्यांग पेंशन याचिका खारिज कर दी गई थी। वे हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) और कोरोनरी आर्टरी डिजीज से पीड़ित हैं। कोर्ट ने साफ कहा कि यह मायने नहीं रखता कि बीमारी फील्ड एरिया में हुई या पीस पोस्टिंग में। असली सवाल यह है कि क्या बीमारी का सेवा परिस्थितियों से संबंध है। इस केस में रिलीज मेडिकल बोर्ड यह ठीक से नहीं बता सका कि अफसर की बीमारियां सेवा से जुड़ी नहीं थीं या सेवा के कारण नहीं बढ़ीं। कोर्ट ने बताया कि सैन्य जीवन में कड़ा अनुशासन, लंबे वर्किंग आवर्स, बार-बार तबादले, परिवार से दूर रहना और हर समय तैनाती की तैयारी जैसे कारणों से शारीरिक और मानसिक तनाव होता है, जो स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। कोर्ट ने साफ कहा कि बिना किसी ठोस वजह के बीमारी को सिर्फ ‘लाइफस्टाइल डिसऑर्डर’ कहना कानूनन सही नहीं है। कोर्ट ने यह भी बताया कि मेडिकल बोर्ड ने खुद माना था कि यह बीमारी अधिकारी की किसी लापरवाही या गलत आदतों की वजह से नहीं हुई। कोर्ट ने मोटापा, धूम्रपान या शराब से जुड़े तर्क भी खारिज कर दिए, क्योंकि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में इन्हें कारण नहीं बताया गया था। सिर्फ वजन ज्यादा होना, हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोग को खुद से पैदा हुई बीमारी साबित नहीं करता। कोर्ट ने यह भी कहा कि AFT ने बिना मेडिकल सबूत के वजन और लाइफस्टाइल के आधार पर निष्कर्ष निकाले। कोर्ट ने हृदय रोग को लेकर मेडिकल बोर्ड की दलीलों को भी कमजोर बताया और कहा कि बीमारी को सिर्फ पिछले 14 दिनों की ड्यूटी से जोड़ना तर्कसंगत नहीं है। अफसर ने 40 साल से ज्यादा सेवा दी, अब 50% दिव्यांग याचिकाकर्ता रिटायर्ड अफसर ने भारतीय वायुसेना में 40 साल से अधिक सेवा दी थी। ज्वाइनिंग के समय वह मेडिकल रूप से फिट थे। 1999 में उन्हें हाईपरटेंशन हुआ और 2016 में गंभीर कोरोनरी आर्टरी डिजीज के कारण ओपन-हार्ट सर्जरी करानी पड़ी। उनकी दिव्यांगता 50% आंकी गई थी, फिर भी पेंशन से वंचित कर दिया गया। हाईकोर्ट ने याचिका मंजूर करते हुए 50% आजीवन दिव्यांग पेंशन देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने रिटायरमेंट की तारीख से बकाया भुगतान 8 सप्ताह के भीतर जारी करने को कहा है। देरी होने पर 12% सालाना ब्याज देना होगा। ……………….. यह खबर भी पढ़ें हाइकोर्ट बोला-फिजिकल रिलेशन के बाद शादी से मना करना अपराध दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि फिजिकल रिलेशन के बाद शादी मना करना एक अपराध है। कोर्ट ने ये बात एक व्यक्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई को दौरान कही। कोर्ट ने कहा कि कुंडली मेल न खाने की वजह से शादी से मना करने पर भारतीय न्याय संहिता(BNS) का सेक्शन 69 लग सकता है, जो धोखे से सेक्सुअल इंटरकोर्स को अपराध मानता है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

दिव्यांग, विधावाओं को 5 हजार पेंशन देने की मांग:आवास योजना का लाभ, नौकरी और रोजगार को लोन देने अपील; जमीन पर बैठे तहसीलदार

दिव्यांग, विधावाओं को 5 हजार पेंशन देने की मांग:आवास योजना का लाभ, नौकरी और रोजगार को लोन देने अपील; जमीन पर बैठे तहसीलदार

धार जिले के सरदारपुर में विकलांग बल मध्यप्रदेश संगठन ने शुक्रवार शाम एसडीएम कार्यालय पर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इसमें दिव्यांगों की विभिन्न मांगों को पूरा करने की मांग की गई।ज्ञापन सौंपने के दौरान दिव्यांग एसडीएम कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन कर रहे थे। तहसीलदार मुकेश बामनिया ने मौके पर पहुंचकर मानवता का परिचय दिया। उन्होंने दिव्यांगों के बीच जमीन पर बैठकर उनका ज्ञापन स्वीकार किया। ज्ञापन में प्रमुख मांगों में दिव्यांगों और विधवा महिलाओं की पेंशन 600 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, दिव्यांगों और विधवा महिलाओं को आवास योजना का लाभ देने की मांग की गई। दिव्यांगों को योग्यतानुसार नौकरी और रोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। उन्हें रोजगार के लिए मंडी और सामुदायिक कार्यालयों में दुकानें उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी। इस अवसर पर विकलांग बल के जिलाध्यक्ष मुकेश चौहान और प्रदेश संगठन मंत्री भरतलाल मुनिया सहित बड़ी संख्या में दिव्यांगजन मौजूद रहे।

Pension Fraud; Life Certificate APK Files Scam Case Explained

Pension Fraud; Life Certificate APK Files Scam Case Explained

6 दिन पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक कुछ दिनों पहले दिल्ली के एक 79 वर्षीय रिटायर्ड सिविल इंजीनियर के साथ साइबर ठगी हुई। स्कैमर्स ने फर्जी विज्ञापन के जरिए उन्हें लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट करने का झांसा दिया। इसके बाद उनके बैंक खाते से पैसे निकाल लिए। हाल ही में इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने अपने ‘एक्स’ हैंडल से ऐसी ही एक घटना का वीडियो शेयर किया है। इसमें पेंशनधारकों को लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट के नाम पर होने वाले स्कैम के बारे में सतर्क किया गया है। साइबर ठग बुजुर्गों की तकनीकी जानकारी की कमी का फायदा उठाते हैं। ऐसे में हमें अपने घर के बुजुर्गों को डिजिटल दुनिया के पीछे छिपे खतरों के बारे में बताना जरूरी है। चलिए, आज साइबर लिटरेसी कॉलम में हम इस स्कैम के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- स्कैमर पेंशनर्स को अपने जाल में कैसे फंसाते हैं? ऐसे स्कैम से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- पेंशनर लाइफ सर्टिफिकेट क्या है, ठगों ने रिटायर्ड बुजुर्ग को कैसे चूना लगाया? जवाब- यह पेंशन धारक के जीवित होने का आधिकारिक प्रमाणपत्र है। पेंशनर्स को हर साल यह सर्टिफिकेट अपने बैंक या अधिकृत पोर्टल के माध्यम से अपडेट कराना होता है। अगर यह समय पर जमा न हो तो पेंशन रुक सकती है। ठग इसी का फायदा उठाते हैं। नीचे दो अलग-अलग मामले समझिए- पहला मामला I4C द्वारा शेयर किए गए वीडियो के मुताबिक, एक रिटायर्ड पुलिस ऑफिसर को फेसबुक स्क्रॉल करते हुए पेंशनर लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट करने का एक एड दिखा। जैसे ही उन्होंने इस एड पर क्लिक किया, एक वेबपेज खुला। इसमें ऑलरेडी उनकी कुछ पर्सनल डिटेल्स ऑटो-फिल थीं। उन्होंने ज्यादा सोचा नहीं और फॉर्म सबमिट कर दिया। कुछ देर बाद उन्हें एक फोन कॉल आया और वॉट्सएप पर .apk फाइल भेजी आई। उनसे कहा गया कि ये फाइल डाउनलोड करके फॉर्म भर दीजिए। आपका पेंशनर लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट हो जाएगा। उन्होंने फॉर्म में अपना आधार नंबर, फोन नंबर दर्ज किया और ओटीपी सबमिट किया। ऐसा करते ही उनके फोन का कंट्रोल साइबर क्रिमिनल्स के पास चला गया। कुछ ही समय में उनके बैंक अकाउंट से 2.40 लाख रुपए कट गए। दूसरा मामला दूसरी घटना में रिटायर्ड सिविल इंजीनियर को फेसबुक स्क्रॉलिंग के दौरान PNB लाइफ सर्टिफिकेट का विज्ञापन दिखा। लिंक पर क्लिक करते ही उनसे नाम और मोबाइल नंबर लिया गया। कॉलर ने खुद को PNB स्टाफ बताकर वॉट्सएप पर ‘PNB Pension Life Certificate Update.apk’ भेजा और एप डाउनलोड करवाया। एप के जरिए पर्सनल व बैंक डिटेल ली गई और भरोसे के लिए 1 रुपए कटते दिखाया गया। कुछ ही घंटों में खाते से 4.15 लाख रुपए निकाल लिए गए। सवाल- रिटायर्ड बुजुर्गों की तरफ से क्या गलती हुई, जिसके कारण वे ठगी का शिकार हो गए? जवाब- दोनों रिटायर्ड बुजुर्गों ने तीन बड़ी गलतियां की थीं- उन्होंने सोशल मीडिया पर दिखे विज्ञापन पर भरोसा कर लिया। अनजान लिंक से APK फाइल डाउनलोड की, जो कभी भी बैंक या सरकारी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं होती है। अनजान एप में अपनी पर्सनल और बैंक से जुड़ी जानकारी भर दी। इन्हीं तीन गलतियों के कारण उनकी मेहनत की कमाई एक बार में उड़ गई। सवाल- पेंशनर लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट के नाम पर साइबर स्कैमर्स ठगी को कैसे अंजाम देते हैं? जवाब- स्कैमर्स पेंशनर लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट के नाम पर फर्जी एप और कॉल के जरिए बैंक डिटेल्स हासिल करते हैं। इसके बाद खाते से पैसे ऐंठ लेते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- लोग इतनी आसानी से इस तरह के स्कैम के झांसे में क्यों फंस जाते हैं? जवाब- इस स्कैम में ठग पेंशनर्स की सीमित तकनीकी जानकारी का फायदा उठाते हैं। ‘लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट’ जैसी जरूरी प्रक्रिया का नाम लेकर वे पेंशनर्स को डराते हैं कि अगर तुरंत अपडेट नहीं किया गया तो पेंशन रुक सकती है। इस डर से वे बिना जांच-पड़ताल के फर्जी लिंक पर क्लिक कर देते हैं। सवाल- इस तरह के किसी भी स्कैम से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- इसके लिए घर के बुजुर्गों को तकनीक के बारे में जागरूक करना जरूरी है। उन्हें ये बताएं कि बैंक या सरकार कभी भी APK फाइल भेजकर या फोन पर डिटेल्स मांगकर लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट नहीं कराती है। इसके साथ ही उन्हें कुछ और बुनियादी बातों की जानकारी दें। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल– पेंशनर लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट कराने या प्राप्त करने का सही तरीका क्या है? जवाब– लाइफ सर्टिफिकेट सिर्फ बैंक ब्रांच, पोस्ट ऑफिस या सरकारी jeevanpramaan.gov.in पोर्टल के जरिए ही अपडेट होता है। यह कभी भी सोशल मीडिया लिंक, कॉल या APK फाइल से नहीं होता है। सवाल- घर के बुजुर्गों को स्कैम से बचाने के लिए क्या जरूरी कदम उठाने चाहिए? जवाब- इसके लिए घर के बुजुर्गों को कुछ बातें जरूर बताएं। जैसेकि- उन्हें समझाएं कि बैंक कभी भी फोन, वॉट्सएप या लिंक से डिटेल नहीं मांगते हैं। सोशल मीडिया विज्ञापनों पर तुरंत भरोसा न करें। अनजान एप डाउनलोड न करने के लिए मना करें। अनजान कॉल, मैसेज या लिंक से इंटरैक्ट न करें। समय-समय पर उनके मोबाइल फोन चेक करते रहें। देखें कोई संदिग्ध एप तो नहीं है। उनके फोन में सिर्फ जरूरी और भरोसेमंद एप ही रखें। बैंकिंग एप में डेली ट्रांजैक्शन लिमिट सेट करें। नेट बैंकिंग और UPI पर अलर्ट/SMS नोटिफिकेशन हमेशा ऑन रखें। उनके फोन में साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 सेव करें। बैंक और परिवार के दो भरोसेमंद नंबर स्पीड डायल में डालें। समय-समय पर उनके साथ बैठकर स्कैम के नए तरीकों के बारे में बताएं। प्ले स्टोर में ‘प्ले प्रोटेक्ट’ विकल्प हमेशा ऑन रखें। किसी के कहने पर भी इसे बंद न करें। सेटिंग्स से ‘इंस्टॉलेशन फ्रॉम अननोन सोर्स’ विकल्प को हमेशा ऑफ रखें। सवाल- किसी भी स्कैम से बचने के लिए किन बुनियादी बातों का ध्यान रखना जरूरी है? जवाब- इसके लिए 6 बुनियादी बातों का खास ख्याल रखें। अगर इसे समझ लिए तो किसी भी स्कैम से बच सकते हैं। किसी भी कॉल या मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें। किसी भी अनजान लिंक पर कभी क्लिक न करें। .apk फाइल कभी भी