PM Modi Bilateral Talks Liechtenstein

Hindi News Career PM Modi Bilateral Talks Liechtenstein | Current Affairs 28 October 17 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं नेशनल (NATIONAL) 1. भारत और लिकटेंस्टीन के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई 27 अक्टूबर को पीएम नरेंद्र मोदी और लिकटेंस्टीन के कार्यवाहक राष्ट्राध्यक्ष और प्रिंस एलोइस के बीच हैदराबाद हाउस में हाईलेवल वार्ता हुई। इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच मुख्य रूप से व्यापार और निवेश, विज्ञान, टेक्नोलॉजी पर बात हुई। इसके साथ ही रीजनल और ग्लोबल मुद्दों पर भी दोनों प्रमुखों ने बातचीत की और इसमें पीपुल-टू-पीपुल एक्सचेंज बढ़ाने पर चर्चा हुई। प्रिंस एलोइस ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रपति मुर्मू से भी मुलाकात की। प्रिंस अपनी वाइफ युवरानी सोफी और टॉप इंडस्टरलिस्ट व ऑफिसर्स के एक हाई लेवल प्रतिनिधिमंडल के साथ चार दिन की यात्रा पर भारत आए हैं। लिकटेंस्टीन पश्चिमी यूरोप में स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया के बीच स्थित एक बेहद छोटा और समृद्ध जमीन से घिरा एक लैंडलॉक देश है। प्रिंस एलोइस इससे पहले फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित ‘AI इम्पैक्ट समिट’ में हिस्सा लेने भारत आए थे। प्रिंस एलोइस की ये भारत यात्रा यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) देशों के बीच द्विपक्षीय आर्थिक एवं रणनीतिक संबंधों को समझने के लिए महत्वपूर्ण भारत और लिकटेंस्टीन के बीच 1993 से डिप्लोमेटस रिलेशन हैं। 2. पीएम मोदी ने ESTIC 2026 का उद्घाटन किया 27 अक्टूबर को पीएम मोदी ने दिल्ली के भारत मंडपम में इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC 2026) का उद्घाटन किया। ESTIC दो दिन तक चलेगा। ये साइंस-इनोवेशन से जुड़ी एक नेशनल समिट है। इसकी शुरुआत 2025 में की गई थी। इसमें एडवांस्ड मैन्यूफैक्चरिंग, एनर्जी टेकनीक, मेरीटाइम टेकनीक जैसे टॉपिक पर बात होगी। इसमें तीन नोबेल विजेता मेडिसिन में नोबेल (1993) पाने वाले सर रिचर्ड जे राबर्ट्स, फिजिक्स में नोबेल (2010) पाने वायलर सर कॉन्सटेंटिव और केमिस्ट्री में क्रायो-इलेक्ट्रॉन के लिए नोबेल (2017) पाने वाले प्रो जोआखिम फ्रेंक इसमें स्पीकर होंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) कर रही है। इसमें 13 मंत्रालय भी शामिल हैं। स्पोर्ट्स 3. हैरी केन, एलेक्सिया पुतेलास ‘बैलन डी’ओर अवार्ड’ 2026 जीते 26 अक्टूबर को इंग्लैंड के कप्तान और बायर्न म्यूनिख के स्टार स्ट्राइकर हैरी केन ने 2026 का बैलन डी’ओर अवार्ड जीता। हैरी ये अवॉर्ड हासिल करने वाले पहले इंग्लिश फुटबॉलर बने हैं। 25 साल बाद ये अवार्ड इंग्लैंड को मिला है। वोटिंग में हैरी ने फ्रांस के किलियान एम्बापे, स्पेन के लेमिन यामल, 2024 के विजेता रोड्री और रिकॉर्ड 8 बार के विजेता लियोनेल मेसी को पीछे छोड़ा। इसके साथ ही यामल लगातार तीसरे साल बेस्ट यंग प्लेयर चुने। वर्ल्ड कप में भी केन का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने 6 गोल किए और इंग्लैंड के लिए वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल किए थे। पहली बार बैलन डी’ओर लंदन में आयोजित किया गया और 1956 में पहला बैलन डी’ओर जीतने वाले इंग्लैंड के स्टेनली मैथ्यूज को भी सम्मान दिया गया। हैरी ने पिछले सीजन क्लब और देश के लिए 73 गोल किए। वे यूरोप के टॉप स्कोरर रहे। 4. विमेंस कैटेगरी में एलेक्सिया पुतेलास की तीसरी बार जीतीं स्पेन की मिडफील्डर एलेक्सिया पुतेलास ने विमेंस बैलन डी’ओर का खिताब तीसरी बार अपने नाम किया। पुतेलास ने इससे पहले 2021 और 2022 में लगातार दो बार यह अवॉर्ड जीता था। पुतेलास ने पिछले सीजन अपनी पूर्व टीम बार्सिलोना को विमेंस चैंपियंस लीग सहित कई खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। 32 साल की पुतेलास ने स्पेन की अपनी साथी एताना बोनमाटी के लगातार तीन साल के दबदबे को खत्म किया। बोनमाटी ने 2023, 2024 और 2025 में यह अवॉर्ड जीता था, लेकिन पैर में फ्रैक्चर के कारण इस बार शॉर्टलिस्ट में जगह नहीं बना सकीं। 32 साल की पुतेलास ने स्पेन की अपनी साथी एताना बोनमाटी के लगातार तीन साल के दबदबे को खत्म किया। पॉलिसी 5. रेलवे ने 45 पैसे ऑप्शनल बीमा योजना का विस्तार 27 अक्टूबर को इंडियन रेलवे ने अपनी ऑप्शनल बीमा स्कीम (OTIS) का विस्तार किया और पूरे देश में लागू किया है। अब रेलवे स्टेशन के आरक्षण (PRS) काउंटरों से कंफर्म या RAC टिकट लेने वाले यात्रियों को भी 45 पैसे प्रति यात्री में 10 लाख रुपए तक का बीमा कवर दिया जाएगा। इसके तहत अगर यात्रा के दौरान कोई रेल दुर्घटना होती है, तो यात्री को ₹10 लाख तक का बीमा कवर मिलेगा। हादसे में मौत होने या हमेशा के लिए अपाहिज होने पर भी परिवार को ₹10 लाख मिलेंगे। इसमें अगर शरीर का कोई एक हिस्सा खराब होता है तो ₹7.50 लाख तक की मदद दी जाएगी। साथ ही इस स्कीम में दुर्घटना में घायल होने पर अस्पताल में इलाज और भर्ती के खर्च के लिए ₹2 लाख मिलेंगे। इसके साथ ही यदि यात्री की मृत्यु होती है तो शव को घर तक ले जाने के लिए ₹10,000 अलग से दिए जाएंगे। सबसे जरूरी बात ये है कि बीमा का फायदा तभी मिलेगा जब आप काउंटर पर टिकट के पैसे UPI, QR कोड या कार्ड से डिजिटल पेमेंट करेंगे, नकद देने पर यह बीमा नहीं मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट के 6 अक्टूबर 2026 के आदेश के बाद रेलवे ने यह फैसला लिया है, ताकि ऑफलाइन टिकट लेने वालों को भी ऑनलाइन टिकट जैसी सुरक्षा मिल सके। निधन (DEATH) चित्रकार और राज्यसभा पूर्व सदस्य जोगेन चौधरी का निधन 26 अक्टूबर को मशहूर चित्रकार और राज्यसभा के पूर्व सदस्य जोगेन चौधरी का निधन हो गया। वे 87 साल के थे। चौधरी भारत के सबसे प्रतिष्ठित समकालीन कलाकारों में से एक थे। वे 2014 से 2020 तक तृणमूल कांग्रेस के सदस्य रहे और राज्यसभा में पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व किया। चौधरी कोलकाता के गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट से पढ़ाई की थी इसके बाद पेरिस से पढ़ाई की। चौधरी को 2001 में ‘कालिदास सम्मान’ से नवाजा गया था। वे उन्होंने राष्ट्रपति भवन में ‘कीपर ऑफ आर्ट’ और शांतिनिकेतन स्थित विश्व-भारती यूनिवर्सिटी के ‘कला भवन’ में प्रोफेसर भी रहे। चौधरी आधुनिक भारतीय चित्रकला में अपनी अनूठी शैली और रेखांकन के लिए प्रसिद्ध थे चौधरी को 2012 में पश्चिम बंगाल सरकार ने उन्हें ‘बंग विभूषण’ से सम्मानित किया। मिसलीनियस केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव आर्मेनिया
Kangana Ranaut Statement | PM Modi Leadership & Kolkata Stampede News

7 मिनट पहले कॉपी लिंक बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने रविवार को विपक्ष के सरकार बदलने वाले बयानों पर तंज कसा है। रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि विपक्ष की निम्न स्तर की हरकतें देश को बार-बार याद दिला रही हैं कि भारत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे मजबूत नेतृत्व की जरूरत है। कंगना ने फ्रांस में हुई हिंसा और तीसरे विश्व युद्ध के मंडराते खतरे का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में देश की कमान मजबूत हाथों में होना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने कोलकाता में दुर्गा पूजा पांडाल में हुई भगदड़ पर भी दुख व्यक्त किया। फ्रांस की हिंसा का दिया हवाला, कहा- वहां सब जला दिया विपक्ष की ओर से सरकार बदलने और रेजीम चेंज की मांगों पर सवाल पूछे जाने पर कंगना रनोट ने कहा कि ऐसी हरकतें देश की जनता को जागरूक कर रही हैं। उन्होंने फ्रांस का उदाहरण देते हुए कहा कि शनिवार रात फ्रांस में क्या हुआ, यह सबने देखा है। वहां ऐतिहासिक इमारतों को आग के हवाले कर दिया गया, संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया और लूटपाट हुई। कंगना ने कहा कि दुनिया भर में चल रही अस्थिरता और तीसरे विश्व युद्ध की आशंका के बीच विपक्ष रोज यह साबित कर रहा है कि देश को पीएम मोदी के नेतृत्व की आवश्यकता क्यों है। रायपुर में कंगना ने मीडिया से बातचीत की। वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूत नेतृत्व की जरूरत कंगना रनोट ने अपनी बातचीत में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव और वैश्विक संघर्षों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब दुनिया भर के देशों में आंतरिक अशांति और युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं, तब भारत को एक स्थिर और मजबूत सरकार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश की जनता समझदार है और वह देख रही है कि किस तरह की बयानबाजी की जा रही है। कंगना ने उम्मीद जताई कि नागरिक देश की सुरक्षा और स्थिरता को प्राथमिकता देंगे। कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ पर जताया दुख, भीड़ से बचने की सलाह दी मीडिया से बातचीत के दौरान कंगना रनोट ने कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पांडाल में हुई भगदड़ की घटना पर दुख जताया। शनिवार शाम बारिश के दौरान उत्तरी कोलकाता के पांडाल में अचानक भीड़ बढ़ने से मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हो गए। बारिश के बीच पंडाल में एकसाथ भीड़ घुस गई। भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई। कंगना ने इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए नागरिकों से अपील की कि वे त्योहारों के दौरान अत्यधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके। पुलिस ने पूजा कमेटी के सचिव और उपाध्यक्ष समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। उन पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। भीड़ के कारण संकरे रास्ते में फंसे लोग ठीक से खड़े होने के लिए जूझते दिखे। ये खबर भी पढ़ें कोलकाता पंडाल में भगदड़ का VIDEO:बारिश में सैकड़ों लोग दौड़कर अंदर घुसे, संकरे रास्ते में दबे, महिलाएं-बच्चे चीखने लगे; 19 मौतें, 5 ICU में भर्ती कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार रात भगदड़ के दो वीडियो सामने आए हैं। 27 सेकेंड के एक वीडियो में बारिश के बीच सैकड़ों लोग दौड़ते हुए पंडाल में घुसते दिख रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Kangana Ranaut Statement | PM Modi Leadership & Kolkata Stampede News

23 मिनट पहले कॉपी लिंक बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने रविवार को विपक्ष के सरकार बदलने वाले बयानों पर तंज कसा है। रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि विपक्ष की निम्न स्तर की हरकतें देश को बार-बार याद दिला रही हैं कि भारत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे मजबूत नेतृत्व की जरूरत है। कंगना ने फ्रांस में हुई हिंसा और तीसरे विश्व युद्ध के मंडराते खतरे का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में देश की कमान मजबूत हाथों में होना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने कोलकाता में दुर्गा पूजा पांडाल में हुई भगदड़ पर भी दुख व्यक्त किया। फ्रांस की हिंसा का दिया हवाला, कहा- वहां सब जला दिया विपक्ष की ओर से सरकार बदलने और रेजीम चेंज की मांगों पर सवाल पूछे जाने पर कंगना रनोट ने कहा कि ऐसी हरकतें देश की जनता को जागरूक कर रही हैं। उन्होंने फ्रांस का उदाहरण देते हुए कहा कि शनिवार रात फ्रांस में क्या हुआ, यह सबने देखा है। वहां ऐतिहासिक इमारतों को आग के हवाले कर दिया गया, संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया और लूटपाट हुई। कंगना ने कहा कि दुनिया भर में चल रही अस्थिरता और तीसरे विश्व युद्ध की आशंका के बीच विपक्ष रोज यह साबित कर रहा है कि देश को पीएम मोदी के नेतृत्व की आवश्यकता क्यों है। रायपुर में कंगना ने मीडिया से बातचीत की। वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूत नेतृत्व की जरूरत कंगना रनोट ने अपनी बातचीत में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव और वैश्विक संघर्षों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब दुनिया भर के देशों में आंतरिक अशांति और युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं, तब भारत को एक स्थिर और मजबूत सरकार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश की जनता समझदार है और वह देख रही है कि किस तरह की बयानबाजी की जा रही है। कंगना ने उम्मीद जताई कि नागरिक देश की सुरक्षा और स्थिरता को प्राथमिकता देंगे। कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ पर जताया दुख, भीड़ से बचने की सलाह दी मीडिया से बातचीत के दौरान कंगना रनोट ने कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पांडाल में हुई भगदड़ की घटना पर दुख जताया। शनिवार शाम बारिश के दौरान उत्तरी कोलकाता के पांडाल में अचानक भीड़ बढ़ने से मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हो गए। बारिश के बीच पंडाल में एकसाथ भीड़ घुस गई। भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई। कंगना ने इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए नागरिकों से अपील की कि वे त्योहारों के दौरान अत्यधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके। पुलिस ने पूजा कमेटी के सचिव और उपाध्यक्ष समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। उन पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। भीड़ के कारण संकरे रास्ते में फंसे लोग ठीक से खड़े होने के लिए जूझते दिखे। ये खबर भी पढ़ें कोलकाता पंडाल में भगदड़ का VIDEO:बारिश में सैकड़ों लोग दौड़कर अंदर घुसे, संकरे रास्ते में दबे, महिलाएं-बच्चे चीखने लगे; 19 मौतें, 5 ICU में भर्ती कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार रात भगदड़ के दो वीडियो सामने आए हैं। 27 सेकेंड के एक वीडियो में बारिश के बीच सैकड़ों लोग दौड़ते हुए पंडाल में घुसते दिख रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Anupam Kher Statement on CJP Protest & PM Modi

14 मिनट पहले कॉपी लिंक अभिनेता अनुपम खेर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की जा रही टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी है। अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो मैसेज जारी किया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना और विरोध प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है, लेकिन प्रधानमंत्री और उनकी मां के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना और पुलिसकर्मियों से बदसलूकी करना बिल्कुल गलत है। अनुपम ने प्रदर्शनकारियों से वोट चोरी के दावों के कानूनी सबूत देने की मांग की है। ‘गाली-गलौज से नहीं बनती विरोध की बात’ अनुपम खेर ने कहा कि वे प्रधानमंत्री के खिलाफ इस्तेमाल की जा रही अभद्र भाषा से काफी आहत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के प्रधानमंत्री पद का सम्मान होना चाहिए। अनुपम के अनुसार, किसी भी मुद्दे पर असहमति और विरोध का अपना स्थान होता है, लेकिन अपनी बात रखने के लिए गाली-गलौज का सहारा लेना सही नहीं है। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मियों के साथ की गई बदसलूकी, अभद्र व्यवहार और उकसावे वाली हरकतों पर भी कड़ा एतराज जताया। ‘वोट चोरी के आरोप हैं तो सबूत पेश करें’ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों पर बोलते हुए अनुपम खेर ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में आरोपों को साबित करने के लिए सबूत जरूरी होते हैं। उन्होंने कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों को चुनाव प्रक्रिया या चुनाव आयोग पर कोई शक है, तो उन्हें कानूनी और संवैधानिक रास्तों का इस्तेमाल करते हुए सबूत पेश करने चाहिए। अनुपम ने कहा कि वे पिछले 12 सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामों को देखकर उनके नेतृत्व पर पूरा भरोसा रखते हैं और देश के करोड़ों लोगों की इस आस्था का भी सम्मान होना चाहिए। ‘भीगा हुआ आदमी बारिश से नहीं डरता’ सोशल मीडिया पर खुद को ‘अंधभक्त’ या ट्रोल किए जाने की आशंका पर अनुपम खेर ने अपने दादाजी की एक सीख को याद किया। उन्होंने बताया कि जब वे बॉलीवुड में काम की तलाश में संघर्ष कर रहे थे और रेलवे प्लेटफॉर्म पर सोते थे, तब उनके दादाजी ने उनसे कहा था कि ‘भीगा हुआ आदमी कभी बारिश से नहीं डरता’। अनुपम ने कहा कि अगर कुछ कलाकार प्रदर्शन के समर्थन में खड़े हो सकते हैं, तो सरकार के समर्थक भी अपनी बात खुलकर रख सकते हैं। वे किसी को खुश करने के लिए अपनी राय नहीं छिपाएंगे। CJP प्रदर्शन से जुड़ा है पूरा मामला यह विवाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बुलाए गए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के बाद शुरू हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) में धांधली और वोट चोरी के आरोप लगाते हुए चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की थी। दिल्ली के जंतर-मंतर और मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान समेत कई जगहों पर हुए इन प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस हुई थी। मुंबई में प्रदर्शन के दौरान अभिनेता इमरान खान समेत कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया था, जिसके बाद से इस मुद्दे पर बयानबाजी जारी है। ये खबर भी पढ़ें अनुपम खेर@71; चेहरे पर लकवा मारा, फिर भी शूटिंग की:प्रोजेक्ट्स फ्लॉप हुए तो सिर्फ 400 रुपए बचे थे, रिकॉर्ड फिल्मफेयर अवॉर्ड जीते एक लड़का, जिसने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से अभिनय की तालीम हासिल की और बड़े ख्वाबों के साथ मुंबई पहुंचा। उसे एक फिल्म में शानदार किरदार मिला और उसने छह महीने तक पूरी लगन और मेहनत से उसकी तैयारी की। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
PM Modi Inauguration Ceremony & India Air Exercise

Hindi News Career PM Modi Inauguration Ceremony & India Air Exercise | Current Affairs 2026 12 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं नेशनल (NATIONAL) 1. पीएम मोदी ने ₹13,000 करोड़ परियोजनाओं का उद्घाटन किया 11 अक्टूबर को पीएम मोदी ने चेन्नई में चेन्नई में ₹13,000 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इन प्रोजेक्ट में लगभग ₹4,900 करोड़ की लागत से निर्मित चेन्नई मेट्रो रेल का शुभारंभ भी शामिल है। साथ ही पीएम ने चेन्नई मेट्रो के फेज-2 प्रोजेक्ट के 14.6 किमी लंबे पूनमल्ली-वडापालानी रूट का उद्घाटन भी किया। पीएम मोदी ने पोरूर बाईपास स्टेशन से पूनमल्ली बाईपास स्टेशन तक मेट्रो में यात्रा की। पीएम मोदी ने इसके साथ ही ब्रिटिश दौर के बहाल वेल्लोर कैंटोनमेंट रेलवे स्टेशन का वर्चुअली उद्घाटन भी किया। ये स्टेशन वेल्लोर शहर में 16वीं सदी के किले के पास स्थित है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मोदी चेन्नई से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्टेशन का उद्घाटन भी किया। वेल्लोर कैंटोनमेंट स्टेशन तिरुवन्नामलाई और तिरुपति जैसे दो तीर्थस्थलों के बीच स्थित है। अधिकारियों के मुताबिक, बहाली के बाद लंबी दूरी के यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। पीएम मोदी ने मेट्रो का टिकट लिया और ट्रेन में सफर किया। 2. इंडियन एयरफोर्स का तरंग शक्ति 2026′ आज पूरा होगा 12 अक्टूबर को इंडियन एयर फोर्स की मल्टीनेशनल एयर एक्सरसाइज ‘तरंग शक्ति 2026’ पूरी हुई। ये एक्सरसाइज एयर फोर्स स्टेशन, जोधपुर और आस-पास के एयर बेस पर आयोजित की गई थी। इस एक्सरसाइज में ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, श्रीलंका, UAE और USA जैसे आठ मित्र देश अपने एयर एसेट्स के साथ शामिल हुए। जबकि 32 देशों ने ऑब्जर्वर के तौर पर हिस्सा लिया। एक्सरसाइज के बारे में प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए, वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने कहा कि ‘तरंग शक्ति 2026’ एक-दूसरे से सीखने, एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने और भविष्य की हवाई युद्ध चुनौतियों के लिए तैयार होने के बारे में है। इस एक्सरसाइज में काउंटर-एयर, एयर डिफेंस और फोर्स कॉम्बैट से लेकर रेकी, एयरलिफ्ट, हवा में ईंधन भरने (एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग) और दूसरे बहुत जटिल मिशन शामिल हैं। इस एक्सरसाइज से हमारे पार्टनर देशों को भारतीय एयर स्पेस की बढ़ती क्षमताओं और इसके स्वतंत्र इतिहास को देखने का मौका भी मिलता है। ये एक्सरसाइज अलग-अलग देशों की वायु सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने, संयुक्त हवाई अभियानों की योजना बनाने और उनका अभ्यास करने के लिए किया गया। इस एक्सरसाइज से सभी देश आधुनिक युद्ध की रणनीतियों और तकनीकों से सीखने में मदद मिली। इस एक्सरसाइज का उद्देश्य हवाई रक्षा, लड़ाकू विमान संचालन और हवा में ईंधन भरने जैसी क्षमताओं का अभ्यास करना और भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक और वायु शक्ति को प्रदर्शित करना। तरंग शक्ति 2026 एक्सरसाइज का पहला संस्करण से 2024 में आयोजित हुआ था। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 3. डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार साइप्रस, ग्रीस का दौरा करेंगे 12 अक्टूबर को डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार सिंह साइप्रस और ग्रीस का दौरा करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के साथ रक्षा संबंधों को मजबूत करना है। बातचीत में समुद्री सुरक्षा, रक्षा तकनीक और रक्षा उद्योग से जुड़े सहयोग पर ध्यान रहेगा। साइप्रस के राष्ट्रपति ने मई 2026 में भारत का दौरा किया था। ग्रीस के रक्षा मंत्री ने फरवरी 2026 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी। भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह का साइप्रस और ग्रीस दौरा रक्षा कूटनीति, समुद्री सुरक्षा और रक्षा उद्योग में सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ग्रीस के राष्ट्रपति ने मई 2026 में भारत का दौरा किया था। स्पोर्ट्स (SPORTS) 4. पुतुल सोनोवाल वर्ल्ड बॉल्स चैंपियनशिप 2026 में ब्रॉन्ज जीता 10 अक्टूबर को असम के लॉन बाउल्स प्लेयर पुतुल सोनोवाल ने ऑस्ट्रेलिया में आयोजित वर्ल्ड बॉल्स चैंपियनशिप 2026 में ब्रॉन्ज मेडल जीता। ये टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलिया के बरहम में चल रहा है और ये इस टूर्नामेंट में भारत का पहला मेडल है। 43 वर्षीय सोनोवाल ने पुरुषों के सिंगल्स इवेंट के सेमीफाइनल में पहुंचकर ये रिकॉर्ड हासिल किया। सोनोवाल असम पुलिस के मेंबर हैं और भारत के प्रमुख लॉन बॉल्स खिलाड़ियों में से एक बनकर उभरे हैं। ग्लासगो में हुए 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में, सोनोवाल ने पुरुषों के सिंगल्स इवेंट में कनाडा के रयान बेस्टर को हराया था। सोनोवाल असम पुलिस में हवलदार हैं। इससे पहले वे किकबॉक्सिंग और बॉक्सिंग में भी सक्रिय रहे हैं। लॉन बाउल्स – एक घास के मैदान पर खेला जाने वाला सटीक निशानेबाजी का खेल है, जिसमें खिलाड़ियों को अपनी बड़ी गेंद (बाउल) को एक छोटी सफेद या पीले रंग की गेंद (जैक) के जितना हो सके करीब पहुंचाना होता है। सोनोवाल असम पुलिस में हवलदार हैं। 5. क्रिस्टियानो रोनाल्डो को पुर्तगाल फुटबॉल फेडरेशन ने सस्पेन्ड किया 11 अक्टूबर को स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो को पुर्तगाल फुटबॉल फेडरेशन ने टीम का साथ छोड़ने पर सस्पेन्ड कर दिया। इसके साथ ही रोनाल्डो के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही भी शुरू की गई। महासंघ ने कहा, मामले को अनुशासनात्मक जांच समिति के पास भेज दिया गया है। 41 वर्षीय रोनाल्डो ने आरोप लगाया था कि नॉर्वे के खिलाफ मैच में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। दरअसल तीन मैच में रोनाल्डो या तो मैदान पर नहीं उतरे या टीम में शामिल नहीं थे, उनमें पुर्तगाल ने जीत दर्ज की। पुर्तगाल फुटबॉल फेडरेशन ने मामले में अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की और इसे जांच समिति को सौंप दिया। रोनाल्डो सबसे ज्यादा गोल करने वाले क्लब में शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने पुर्तगाल के लिए कुल 980 से ज्यादा गोल किए हैं। रोनाल्डो सबसे ज्यादा इंटरनेशनल गोल करने वाले खिलाड़ी हैं, जिनके नाम 234 मैचों में 146 इंटरनेशनल गोल दर्ज हैं। रोनाल्डो लगातार 6 फीफा विश्व कप (2006, 2010, 2014, 2018, 2022 और 2026) में गोल करने वाले दुनिया के पहले फुटबॉलर हैं। रोनाल्डो ने आरोप लगाया कि उनको नए कोच जॉर्ज जीसस ने खेलने का मौका नहीं दिया। आज का इतिहास 1492 में इटली के खोजकर्ता क्रिस्टोफर कोलंबस के जहाजों ने कैरिबियाई सागर में स्थित बहामास के द्वीप (सैन सल्वाडोर) पर पहली बार कदम रखा, जिसे ‘नई दुनिया’ की खोज माना जाता है। 1864 में ब्रिटिश भारत की पहली महिला ग्रेजुएट और प्रमुख बंगाली
PM Modi 25 Years of Political Journey

Hindi News Career PM Modi 25 Years Of Political Journey | Responsibility & Governance कुछ ही क्षण पहलेलेखक: सुनील बंसल कॉपी लिंक लेखक सुनील बंसल भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री हैं। भारत के राजनीतिक इतिहास में कुछ ऐसे व्यक्तित्व रहे हैं, जिनकी यात्रा केवल सत्ता के गलियारों तक सीमित नहीं रही। उन्होंने संगठन निर्माण, विचारधारा, जनसेवा और राष्ट्र निर्माण की एक लंबी प्रक्रिया से गुजरते हुए अपनी राजनीतिक पहचान बनाई। नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा को भी इसी व्यापक दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। यह यात्रा एक ऐसे स्वयंसेवक की यात्रा है, जिसने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा से जनसेवा का संस्कार पाया, भारतीय जनता पार्टी के संगठन में काम करते हुए अपनी पहचान बनाई, गुजरात का नेतृत्व किया और प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में स्वयं को स्थापित किया। 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। 2026 में वे सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे कर रहे हैं। इस अवधि में लोगों के जीवन स्तर में सुधार और देश की प्रगति के लिए उनके निरंतर प्रयास और योगदान रहे हैं। लेकिन नरेंद्र मोदी की कहानी 2001 से शुरू नहीं होती। इस लंबी यात्रा के पीछे दशकों का संगठनात्मक जीवन, अनुशासन और वैचारिक प्रशिक्षण रहा है। आरएसएस के स्वयंसेवक से देश के सेवक तक नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन का विकास राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ गहराई से जुड़ा रहा है। उनका संगठनात्मक जीवन अहमदाबाद से शुरू हुआ। बाद में उन्होंने प्रचारक के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व की पृष्ठभूमि को समझने के लिए आरएसएस के स्वयंसेवक के रूप में उनकी भूमिका को समझना महत्वपूर्ण है। स्वयंसेवकों के जीवन में संगठन, अनुशासन, राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता और समाज के बीच लगातार काम करने पर जोर दिया जाता है। इसके बाद वे भारतीय जनता पार्टी के संगठन में सक्रिय हुए। विभिन्न स्तरों पर संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाते हुए वे राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़े। इसलिए नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा की एक महत्वपूर्ण बुनियाद संगठन निर्माण और कार्यकर्ता-केंद्रित राजनीतिक संस्कृति रही है। 7 अक्टूबर 2001 को जब नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री का पद संभाला, तब राज्य एक कठिन दौर से गुजर रहा था। 2001 में कच्छ सहित गुजरात के बड़े हिस्से में विनाशकारी भूकंप आया था। इससे पहले सूखा और चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाएं भी राज्य को प्रभावित कर चुकी थीं। मोदी ने अपने विभिन्न वक्तव्यों में इन चुनौतियों का उल्लेख किया है। इसके बाद उन्होंने गुजरात में सुशासन का ऐसा मॉडल विकसित करने का प्रयास किया, जिसमें बुनियादी ढांचे का निर्माण, निवेश, बिजली, कृषि, प्रशासनिक सुधार और समग्र विकास प्राथमिकता बने। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी ने 13 वर्ष तक जिम्मेदारी संभाली। यह उनके प्रशासनिक अनुभव की महत्वपूर्ण नींव बनी, जिसने बाद में उनकी राष्ट्रीय भूमिका को भी आकार दिया। भाजपा नेता से प्रधानमंत्री तक 2014 का लोकसभा चुनाव भारतीय राजनीति में एक निर्णायक मोड़ था। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को लोकसभा में पूर्ण बहुमत मिला। 26 मई 2014 को उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। 2019 में भाजपा को एक बार फिर पूर्ण बहुमत मिला। 2024 में नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इस यात्रा का एक विशेष रूप से उल्लेखनीय पक्ष यह है कि एक सामान्य संगठनात्मक कार्यकर्ता देश के सर्वोच्च निर्वाचित प्रशासनिक पद तक पहुंचा। 2014 के बाद नरेंद्र मोदी ने अपने साथ ‘प्रधान सेवक’ की अवधारणा को जोड़ा। उनके समर्थकों के लिए यह शब्द उनकी राजनीतिक शैली का प्रतीक बन गया। इस शैली का मूल विचार है कि सत्ता कोई विशेषाधिकार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। ‘सबका साथ, सबका विकास’ से ‘विकसित भारत’ तक प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी का शासन बड़े पैमाने पर जनकल्याण और विकासोन्मुखी योजनाओं के लिए जाना जाता है। इनमें जनधन योजना, स्वच्छ भारत अभियान, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण जैसी योजनाएं शामिल हैं, जिनके माध्यम से लाखों लाभार्थियों तक पहुंचने का प्रयास किया गया। गरीबों का कल्याण सरकार की प्राथमिकताओं में प्रमुख रहा है। आवास, स्वच्छता, बैंकिंग, रसोई गैस, स्वास्थ्य सेवाओं और खाद्य सुरक्षा जैसी बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार की गईं। इन कार्यक्रमों का मूल उद्देश्य गरीबों और समाज के कमजोर वर्गों तक बुनियादी सुविधाएं और आर्थिक अवसर पहुंचाना रहा है। ‘सबका साथ, सबका विकास’ की राजनीतिक अवधारणा आगे बढ़ते हुए ‘सबका प्रयास’ से जुड़ी और ‘विकसित भारत’ के व्यापक राष्ट्रीय लक्ष्य तक पहुंची। डिजिटल इंडिया : शासन की बदली हुई तस्वीर मोदी युग की एक महत्वपूर्ण विशेषता भारत के सार्वजनिक जीवन का तेजी से डिजिटल होना है। डिजिटल भुगतान, यूपीआई, आधार आधारित सेवाएं, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे ने नागरिकों और सरकार के बीच संवाद और सेवाओं के स्वरूप को बदल दिया है। भारत की डिजिटल क्षमता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी महत्व मिला। 2023 में भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, ग्लोबल साउथ और समावेशी विकास पर विशेष जोर दिया गया। यह बदलाव केवल तकनीकी परिवर्तन नहीं था। इसके साथ शासन को अधिक प्रत्यक्ष, तेज और नागरिक-केंद्रित बनाने का व्यापक प्रयास भी जुड़ा रहा। महत्वपूर्ण फैसलों के जरिए नेतृत्व प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में ऐसे कई महत्वपूर्ण फैसले हुए, जिनका भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव पड़ा। इनमें 2016 की नोटबंदी, 2017 में जीएसटी की शुरुआत, 2019 में जम्मू-कश्मीर से जुड़े संवैधानिक बदलाव, नागरिकता संशोधन कानून तथा नए रेलवे और आपराधिक कानूनों में किए गए बदलाव शामिल हैं। इन फैसलों को जहां समर्थन मिला, वहीं उनकी आलोचना भी हुई। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में यह स्वाभाविक है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय की वास्तविक परीक्षा उसके दीर्घकालिक प्रभाव, नागरिकों के अनुभव और संस्थागत असर से होती है। विश्व मंच पर नया भारत पिछले एक दशक में विश्व मंच पर भारत की भूमिका नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की एक महत्वपूर्ण पहचान बनी है। क्वाड, जी20, ग्लोबल साउथ, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर भारत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 2023 में जी20 की भारतीय अध्यक्षता विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही। नई दिल्ली में हुए जी20 शिखर सम्मेलन में अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्य बनाया गया। यह भारत
नाना पाटेकर को पीएम मोदी की श्रद्धांजलि:बोले- तिरंगे की आन, बान और शान के लिए समर्पित रहा जीवन, फिल्मों से व्यवस्था पर किया प्रहार

नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। गोवा में कार्डियक अरेस्ट के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई लोगों ने नाना को श्रद्धांजलि दी। इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दूसरे दिन पीएम मोदी ने कहा कि नाना असाधारण कलाकार थे, जिन्होंने अलग-अलग किरदारों के जरिए दर्शकों के दिलों में जगह बनाई। PM मोदी ने कहा कि नाना पाटेकर जी का जीवन तिरंगे की आन, बान और शान के लिए समर्पित रहा। वह बंधनों में नहीं रहे, परिंदे की तरह फिल्मों के आसमान में उड़े। उन्होंने समाज में व्याप्त व्यवस्था पर अपनी फिल्मों के माध्यम से करारा प्रहार किया। उन्होंने आगे कहा कि वे एक ऐसे क्रांतिवीर थे, जिन्होंने बुराइयों के विरुद्ध काम किया। उनकी वाणी जितनी तेज थी, उनकी खामोशी भी उतनी ही प्रभावी थी। वह देश विरोधियों पर निरंतर अंकुश के समर्थक थे। मैं नाना पाटेकर जी को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनके परिवारजनों और चाहने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। अक्षय कुमार बोले- यकीन करना मुश्किल है कि आप चले गए अक्षय कुमार ने नाना के साथ (वेलकम) और हाल ही में (हाउसफुल 5) में काम किया था। उन्होंने कहा कि नाना उन दुर्लभ कलाकारों में थे, जिन्हें दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत नहीं थी। अक्षय ने उनकी आवाज, इंटेंसिटी और हर परफॉर्मेंस में ईमानदारी को याद किया। उन्होंने लिखा कि नाना की कमी को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। रितेश देशमुख बोले- एक युग का अंत रितेश देशमुख ने नाना के निधन पर कहा कि उनके पास शब्द नहीं हैं और यह खबर सुनकर ऐसा लगा जैसे उन पर ट्रक चढ़ गया हो। रितेश ने उन्हें बेमिसाल अभिनेता बताया। उन्होंने (ब्लफमास्टर) और (हाउसफुल 5) में नाना के साथ काम किया था। रितेश ने कहा कि नाना के साथ मराठी फिल्म में काम करना उनकी अधूरी इच्छा रह गई। मेहुल कुमार बोले- नाना पाटेकर हमेशा जमीन से जुड़े इंसान रहे दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में डायरेक्टर मेहुल कुमार ने नाना पाटेकर को याद करते हुए कहा कि उनके साथ तिरंगा, क्रांतिवीर और कोहराम जैसी तीन यादगार फिल्में कीं। उन्होंने बताया कि नाना बेहद जमीन से जुड़े और सच्चाई के साथ चलने वाले इंसान थे। फिल्मों की सफलता और कई अवॉर्ड मिलने के बाद भी उनका व्यवहार कभी नहीं बदला। मेहुल कुमार ने बताया कि नाना ने किसी और डायरेक्टर के साथ तीन फिल्में नहीं की थीं। क्रांतिवीर को लेकर दिलीप कुमार ने भी कहा था कि नाना को लोग हमेशा इस किरदार के नाम से याद रखेंगे। उन्होंने बताया कि कोहराम के दौरान अमिताभ बच्चन को शुरुआत में नाना के साथ काम करने में थोड़ा संकोच था, लेकिन नाना और अमिताभ की बाद में अच्छी दोस्ती हो गई। वहीं (तिरंगा) के सेट पर नाना और राज कुमार के बीच भी अच्छी बॉन्डिंग बन गई थी। मेहुल कुमार ने कहा कि नाना सिर्फ एक स्टार नहीं थे, बल्कि अच्छे इंसान भी थे। उन्होंने गरीबों और किसानों की काफी मदद की। उनका नाम हमेशा याद रखा जाएगा। उदित नारायण बोले- नाना के निधन की खबर सुनकर हिल गया हूं दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में सिंगर उदित नारायण ने नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि सुबह-सुबह यह खबर सुनकर उन्हें यकीन ही नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि 75 साल की उम्र में नाना का जाना फिल्म इंडस्ट्री और देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है। बतौर एक्टर उनका कोई जवाब नहीं था और बतौर इंसान भी उनकी शानदार पर्सनालिटी थी। उदित ने बताया कि उन्हें नाना के साथ काम करने का मौका मिला था। एक फिल्म की रिकॉर्डिंग के दौरान नाना ने खुद माइक पर गाकर बताया था कि वह गाने को किस तरह चाहते हैं। उदित ने उनके लिए एक टेक में गाना गाया, जिसके बाद नाना ने उनकी तारीफ की थी। उन्होंने (तिरंगा) में भी नाना के साथ काम की यादें साझा कीं। जूनियर NTR बोले- हर किरदार में दिखती थी ईमानदारी साउथ स्टार जूनियर NTR ने नाना को भारतीय सिनेमा के बेहतरीन कलाकारों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि नाना के हर किरदार में एक खास ईमानदारी और इंटेंसिटी नजर आती थी। उनकी परफॉर्मेंस अभिनय जैसी नहीं, बल्कि पर्दे पर जिंदगी के सामने आने जैसी लगती थी। NTR ने कहा कि भारतीय सिनेमा में नाना का योगदान पीढ़ियों तक याद किया जाएगा। प्रकाश राज बोले- बातचीत और बहसें हमेशा याद रहेंगी एक्टर प्रकाश राज ने नाना को याद करते हुए कहा कि वह उनके साथ बिताए पलों, बातचीत, बहसों और नाना के हाथ का बना खाना हमेशा याद रखेंगे। उन्होंने नाना से मिली सीख को भी याद किया और कहा कि उनकी जिंदगी में आने के लिए वह हमेशा आभारी रहेंगे। नितिन गडकरी ने दोस्ती को किया याद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उनके और नाना पाटेकर के बेहद करीबी और दोस्ताना संबंध थे। उन्होंने नाना के पांच दशक से ज्यादा लंबे करियर और उनकी खास डायलॉग डिलीवरी को याद किया। गडकरी ने (नाम फाउंडेशन) के जरिए किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए नाना के काम को भी श्रद्धांजलि में याद किया। सुवेंदु अधिकारी बोले- भारतीय सिनेमा ने खास आवाज खो दी पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने नाना को भारतीय सिनेमा की बेबाक और खास आवाज बताया। उन्होंने (परिंदा), (क्रांतिवीर), (प्रहार) और (अब तक छप्पन) में उनके अभिनय को याद किया। उन्होंने नाना के सामाजिक काम और ग्रामीण समुदायों के लिए किए गए प्रयासों का भी जिक्र किया। नाना का करीब पांच दशक का करियर नाना पाटेकर ने 1978 में गमन से फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा के साथ थिएटर में भी काम किया। परिंदा, क्रांतिवीर, प्रहार, अब तक छप्पन, नटसम्राट, वेलकम और हाउसफुल 5 जैसी फिल्मों में उनके किरदार यादगार रहे। उन्हें तीन नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिले थे और 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
लता मंगेशकर की बर्थ एनिवर्सरी:पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, कहा- आपका योगदान युग-युगांतर तक स्मरणीय रहेगा, कभी इनका गाना सुनकर रोए जवाहरलाल नेहरू, जानिए कहानी

लीजेंड्री गायिका लता मंगेशकर की आज 97वीं बर्थ एनिवर्सरी है। लता मंगेश्कर का जन्म 28 सितंबर 1929 में हुआ था। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा है, ‘अपनी दिव्य गायन प्रतिभा से विश्व में देश का नाम रोशन करने वालीं आदरणीया लता दीदी को उनकी जयंती पर सादर नमन। उन्होंने भारतवर्ष को न केवल अपने सुमधुर सुरों से सजाया-संवारा, बल्कि देश की समृद्धि से जुड़ी हर पहल को भी सदैव प्रोत्साहित किया। भारतीय संगीत जगत में उनका अप्रतिम योगदान युग-युगांतर तक स्मरणीय रहेगा।’ लता मंगेशकर की बर्थ एनिवर्सरी पर पढ़िए, स्वरकोकिला बनने की कहानी, गानों के चुनिंदा किस्सों के साथ- 28 सितंबर 1929 को लता दीदी का जन्म इंदौर के एक सिख मोहल्ले में मौसी के घर हुआ। उन्होंने 5 साल की उम्र से ही संगीत सिखाना शुरू कर दिया था। वहीं 9 साल की उम्र से वो अपने पिता दीनानाथ मंगेशकर के साथ नाटक कंपनी में शोज करने लगीं। 1940-41 के आसपास दिल्ली में ऑल इंडिया रेडियो के बुलावे पर लता दीदी पिता के साथ पहली बार रिकॉर्डिंग के लिए गई थीं। 24 अप्रैल 1942 को पिता दीनानाथ मंगेशकर का निधन हो गया। पहले गाने के लिए मिली 25 रुपए फीस पिता के निधन के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी लता दीदी के कंधों पर आ गई थी। इसी दौरान पिता के दोस्त और फिल्ममेकर मास्टर विनायक ने उन्हें अपनी मराठी फिल्म पहिली मंगला गौर के लिए अप्रोच किया। पैसों की जरूरत थी तो उन्होंने हां कर दी और फिल्म में एक छोटा सा रोल भी किया। साथ में उन्होंने फिल्म के गाने नटली चैत्राची नवलाई गाना भी गाया। इस गाने के लिए उन्हें 25 रुपए फीस मिली थी और फिल्म में रोल के लिए कुल 300 रुपए। इसके बाद उन्होंने मास्टर विनायक की कंपनी में काम किया। अपनी बायोग्राफी में लता मंगेश्कर ने कहा, ‘13 साल की उम्र में पूरे परिवार की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर आ गई थी। ऐसे में न चाहते हुए भी मुझे फिल्मों में काम करना पड़ा। घर में मां के अलावा चार भाई-बहनों की परवरिश एक चुनौती थी, जिसके लिए फिल्मों में काम करने का रास्ता ही मुझे ठीक लगा।’ पैसों की कमी की वजह से घर खाली करने की नौबत आ गई थी दीनानाथ मंगेशकर के निधन के बाद लता दीदी पूरे परिवार को लेकर कोल्हापुर आ गई थीं। मास्टर विनायक ने उन्हें एक मकान रहने के लिए दिया। 1947 में मास्टर विनायक का निधन हो गया। इसके बाद उनके रिश्तेदारों ने लता पर घर खाली करने का दबाव डालना शुरू कर दिया। इसी बीच एक कैमरामैन लता से मिलने आए। उन्होंने कहा- एक हरिश्चंद्र बाली हैं, जो आपसे मिलकर आपका गाना सुनना चाहते हैं। अगले दिन उन्होंने जाकर उनसे मुलाकात की। उन्होंने लता को सुना और गाना गाने का मौका दिया। इसके बदले उन्होंने लता को मोटी रकम दी। उसी पैसे से लताजी ने घर का किराया चुकाया। तब जाकर उन्हें उस घर में रहने दिया गया। चाचा ने कहा- परिवार का नाम खराब कर देगी ये लड़की लता मंगेशकर की बायोग्राफी लता सुरगाथा के मुताबिक, ‘14 साल की उम्र में मैं कोल्हापुर से मुंबई एक शो में गाने के लिए अपनी मौसी के साथ गई थी। यहां मैं अपने चाचा कमलनाथ मंगेशकर के घर रुकी थी। घर पहुंचते ही मैं रियाज करने लग गई। मगर चाचाजी मुझसे नाराज थे। उन्होंने मुझे देखकर कहा, ये लड़की भाई दीनानाथ मंगेशकर का नाम खराब कर देगी। कहां वो एक सुधी गायक और कहां ये लड़की। ये लड़की ठीक से गा नहीं पाएगी और पूरे खानदान का नाम मिट्टी में मिल जाएगा। उन लोगों की ये बात सुन मैं बहुत आहत हुई और रोने लगी।’ गाना सुनकर ललिता पवार ने दीं सोने की बालियां अगले दिन लता मंगेशकर परफॉर्मेंस के लिए पहुंचीं। दर्शकों के बीच एक्ट्रेस ललिता पवार भी मौजूद थीं। लता का गाना उन्हें इतना पसंद आया कि उन्होंने खुश होकर ईनाम में सोने की बालियां दीं। जब आवाज पतली कहकर रिजेक्ट किया गया लता मंगेशकर को कुछ स्टेज शोज के बाद रिकॉर्डिंग के ऑफर मिलने लगे। एक रिकॉर्डिंग के बीच एक पठान ने उनका गाना सुना और गुलाम हैदर को उनका नाम सुझाया। पठान ने गुलाम हैदर से कहा- कोई एक नई लड़की आई है, जो बहुत ही उम्दा गाती है। आप उसे बुलाकर एक बार जरूर सुनें। मास्टर गुलाम हैदर अली ने मिलने के लिए हामी भर दी। अगले दिन लता मंगेशकर अपनी मौसेरी बहन के साथ मास्टर गुलाम हैदर अली के स्टूडियो मिलने गईं। मास्टर हैदर अली ने लता की मुलाकात प्रोड्यूसर शशधर मुखर्जी से करवाई, जो उस समय फिल्म शहीद पर काम कर रहे थे, लेकिन उन्होंने लता को काम देने से इनकार कर दिया। मुखर्जी ने कहा- इस लड़की की आवाज बहुत पतली है। इस पर मास्टर हैदर अली ने कहा- आने वाले दिनों में प्रोड्यूसर और डायरेक्टर इस लड़की के पैरों में गिरकर अपनी फिल्म में गाना गाने की विनती करेंगे। फिर मास्टर गुलाम हैदर ने ही लता को फिल्म ‘मजबूर’ के गीत ‘अंग्रेजी छोरा चला गया’ में गायक मुकेश के साथ गाने का मौका दिया। यह लता का पहला बड़ा ब्रेक था, इसके बाद उन्हें काम की कभी कमी नहीं हुई। बाद में शशधर ने अपनी गलती मानी और ‘अनारकली’, ‘जिद्दी’ जैसी फिल्मों में लता से कई गाने गवाए। जल्द ही लता मंगेशकर हिंदी सिनेमा की सबसे बेहतरीन सिंगर्स में शामिल हुईं और उन्होंने लगातार कई फिल्मों के गाने गाए। बीमार महबूब खान को फोन पर सुनाया गीत 1958 में फिल्ममेकर महबूब खान अमेरिका में ऑस्कर समारोह में गए थे। यहां पहुंचे उन्हें 2 दिन ही हुए थे कि उन्हें हार्ट अटैक आ गया। उनका हाल जानने के लिए लता दीदी ने उन्हें फोन किया। महबूब खान ने बातचीत के दौरान कहा- विदेश में तुम्हारा गाना सुनने का बहुत मन कर रहा है, लेकिन यहां कहां से तुम्हारे गानों की रिकॉर्डिंग लाऊं। लता दीदी ने जवाब दिया- आप कौन सा गीत सुनना चाहते हैं। महबूब खान की फरमाइश पर लता दीदी ने उन्हें ‘रसिक बलमा’ गीत सुनाया। उनके इस गीत से महबूब खान की तबीयत में सुधार जरूर हुआ था। जब
भजन क्लबिंग में अचानक पहुंचे थे पीएम मोदी:'हनुमान अंश' के डायरेक्टर विशाल बोले- हमारे लिए सरप्राइज था; अचानक से आने की खबर मिली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में युवाओं के ‘भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में शामिल होने अचानक पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में परफॉर्म करने पहुंचे फिल्म ‘हनुमान अंश’ के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में बताया कि पीएम मोदी का आना उनके लिए एक बड़ा सरप्राइज था। वे वहां हनुमान चालीसा और भजन गाने गए थे। अचानक पीएम मोदी के वहां पहुंचने और युवाओं के बीच बैठकर वाद्ययंत्र बजाते देखने का अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा। ‘हम गाना गाने गए थे, अचानक पीएम के आने की खबर मिली’ विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि यह भजन क्लबिंग का एक सामान्य कार्यक्रम था। वे अपनी टीम के साथ ‘पार्वती’, ‘हनुमान चालीसा’ और ‘हृदय में जिनके सीताराम’ जैसे भजन परफॉर्म करने पहुंचे थे। तभी अचानक खबर मिली कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे हैं। इस सूचना से वहां मौजूद कलाकार और युवा हैरान रह गए। विशाल के मुताबिक, पीएम मोदी ने वहां पहुंचकर खुद युवाओं के बीच बैठकर हाथ से मंजीरे जैसा वाद्ययंत्र बजाया और कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर हुआ था आयोजन नई दिल्ली में शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर आयोजित भजन क्लबिंग कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। कार्यक्रम में फिल्म ‘हनुमान अंश’ के सिंगर साधु तिवारी ने ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ भजन पेश किया। इस दौरान मोदी खंजरी बजाते नजर आए। कार्यक्रम दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित किया गया था। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में पीएम मोदी भजन सुनते और खंजरी बजाकर ताल देते दिखाई दिए। इसके बाद फिल्म ‘हनुमान अंश’ के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने भी प्रस्तुति दी और हनुमान चालीसा का पाठ किया। कौन हैं विशाल चतुर्वेदी फिल्म हनुमान अंश को 42 साल के विशाल चतुर्वेदी ने बनाया है। ये उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म है। फिल्मों में करियर शुरू करने से पहले विशाल एक डॉक्टर थे। ये उनके निर्देशन की दूसरी फिल्म है, इससे पहले उन्होंने 2012 की वॉर्निंग डायरेक्ट की थी। वह टीवी सीरीज और फिल्मों के डायलॉग राइटर के तौर पर काम कर चुके हैं। क्या है भजन क्लबिंग का नया ट्रेंड भजन क्लबिंग युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा एक नया सांस्कृतिक ट्रेंड है। इसमें जेन-जी और युवा कॉन्सर्ट जैसे माहौल में एकत्र होते हैं और पारंपरिक आध्यात्मिक भजनों को आधुनिक बीट्स के साथ गाते हैं। इसमें पारंपरिक भक्ति गीतों को हाई-एनर्जी म्यूजिक, गिटार और इलेक्ट्रॉनिक रिदम के साथ पेश किया जाता है, जिस पर युवा झूमते और तालियां बजाते हैं। एस. तिवारी ने ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ गाया ‘हनुमान अंश’ के ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ भजन को साधु एस. तिवारी ने आवाज देने के साथ इसके बोल और संगीत भी तैयार किए हैं। गाने में भगवान शिव और माता पार्वती की कथा को आसान शब्दों और देसी अंदाज में पेश किया गया है। साधु तिवारी ग्वालियर के पास करहिया गांव के रहने वाले हैं। शुरुआती पढ़ाई गांव में करने के बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए ग्वालियर आए। उन्होंने ग्वालियर के साइंस कॉलेज और कैंसर हॉस्पिटल से पढ़ाई की। संगीत की शिक्षा उन्होंने अपने गुरु संजय देवले से ली। साधु ने न्यूज नेशन को दिए इंटरव्यू में बताया कि वह पिछले करीब 15-17 साल से संगीत के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। हालांकि, उनका सफर सिर्फ संगीत तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने एक प्राइवेट कॉलेज में बायोकैमिस्ट्री के लेक्चरर के तौर पर भी काम किया। करीब चार साल तक उन्होंने छात्रों को पढ़ाया। इसके अलावा उन्होंने अलग-अलग जगहों पर प्राइवेट नौकरियां भी कीं। इसके बाद 2010 में साधु मुंबई पहुंचे। यहां उनकी मुलाकात म्यूजिक डायरेक्टर संदेश शांडिल्य से हुई। साधु ने कुछ समय तक उनके साथ असिस्टेंट के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्हें फिल्मों में काम करने के मौके मिलने लगे। साधु ने कई फिल्मों के लिए काम किया। इनमें माधुरी दीक्षित की ‘गुलाब गैंग’ भी शामिल है। उन्होंने फिल्म के लिए ‘मौज की मलारे’ गाना गाया। वह इसके वीडियो में भी नजर आए थे। इसके अलावा उन्होंने ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ के लिए भी काम किया। साधु के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी उनके पुराने दोस्त हैं। विशाल ने उन्हें गाने की सिचुएशन बताई थी। इसके बाद साधु ने उसी हिसाब से गाना तैयार किया। साधु ने बताया कि वह इससे पहले भी कई फिल्मों के लिए गाने बना चुके हैं। फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी पिछले करीब 7-8 साल से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। वह एक ऑनलाइन यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं। उनके क्लब में करीब 10 हजार लोग रोज हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। साधु के मुताबिक, विशाल का हनुमान चालीसा से लंबे समय से गहरा जुड़ाव रहा है। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की कमाई सैकनिल्क के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ ने रिलीज के 50वें दिन भारत में 3.35 करोड़ रुपए की नेट कमाई की। इस दिन फिल्म के 3,767 शोज हुए। इसके साथ भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 291.53 करोड़ रुपए हो गया है। भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 344.35 करोड़ रुपए पहुंच गया है। वहीं, ओवरसीज में 50वें दिन फिल्म ने 50 लाख रुपए कमाए। इसके साथ विदेशों में कुल ग्रॉस कलेक्शन 37 करोड़ रुपए हो गया है। सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 381.35 करोड़ रुपए हो चुका है। ‘हनुमान अंश’ दो राज्यों में टैक्स फ्री, अमित शाह से मिली थी फिल्म की टीम फिल्म ‘हनुमान अंश’ को उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री किया गया है। फिल्म बाबा नीम करोली के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर आधारित है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म देखने के बाद इसे राज्य में टैक्स फ्री करने का ऐलान किया था। फिल्म की सफलता के बीच 21 सितंबर को निर्देशक विशाल चतुर्वेदी, लीड एक्टर शोभिनव सतैया और टीम के दूसरे सदस्य दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे।
‘हनुमान अंश’ के सिंगर साधु तिवारी ने गाया भजन:पीएम मोदी ने खंजरी बजाई, डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने पढ़ी हनुमान चालीसा

नई दिल्ली में शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर आयोजित ‘भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। कार्यक्रम में फिल्म ‘हनुमान अंश’ के सिंगर साधु तिवारी ने ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ भजन पेश किया। इस दौरान मोदी खंजरी बजाते नजर आए। कार्यक्रम दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित किया गया था। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में पीएम मोदी भजन सुनते और खंजरी बजाकर ताल देते दिखाई दिए। इसके बाद फिल्म ‘हनुमान अंश’ के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने भी प्रस्तुति दी और हनुमान चालीसा का पाठ किया। ‘पार्वती’ गाने वाले साधु तिवारी कौन हैं? ‘हनुमान अंश’ के ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ भजन को साधु एस. तिवारी ने आवाज देने के साथ इसके बोल और संगीत भी तैयार किए हैं। गाने में भगवान शिव और माता पार्वती की कथा को आसान शब्दों और देसी अंदाज में पेश किया गया है। साधु तिवारी ग्वालियर के पास करहिया गांव के रहने वाले हैं। शुरुआती पढ़ाई गांव में करने के बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए ग्वालियर आए। उन्होंने ग्वालियर के साइंस कॉलेज और कैंसर हॉस्पिटल से पढ़ाई की। संगीत की शिक्षा उन्होंने अपने गुरु संजय देवले से ली। साधु ने न्यूज नेशन को दिए इंटरव्यू में बताया कि वह पिछले करीब 15-17 साल से संगीत के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। हालांकि, उनका सफर सिर्फ संगीत तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने एक प्राइवेट कॉलेज में बायोकैमिस्ट्री के लेक्चरर के तौर पर भी काम किया। करीब चार साल तक उन्होंने छात्रों को पढ़ाया। इसके अलावा उन्होंने अलग-अलग जगहों पर प्राइवेट नौकरियां भी कीं। इसके बाद 2010 में साधु मुंबई पहुंचे। यहां उनकी मुलाकात म्यूजिक डायरेक्टर संदेश शांडिल्य से हुई। साधु ने कुछ समय तक उनके साथ असिस्टेंट के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्हें फिल्मों में काम करने के मौके मिलने लगे। साधु ने कई फिल्मों के लिए काम किया। इनमें माधुरी दीक्षित की ‘गुलाब गैंग’ भी शामिल है। उन्होंने फिल्म के लिए ‘मौज की मलारे’ गाना गाया। वह इसके वीडियो में भी नजर आए थे। इसके अलावा उन्होंने ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ के लिए भी काम किया। साधु के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी उनके पुराने दोस्त हैं। विशाल ने उन्हें गाने की सिचुएशन बताई थी। इसके बाद साधु ने उसी हिसाब से गाना तैयार किया। साधु ने बताया कि वह इससे पहले भी कई फिल्मों के लिए गाने बना चुके हैं। फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी पिछले करीब 7-8 साल से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। वह एक ऑनलाइन यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं। उनके क्लब में करीब 10 हजार लोग रोज हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। साधु के मुताबिक, विशाल का हनुमान चालीसा से लंबे समय से गहरा जुड़ाव रहा है। कौन हैं विशाल चतुर्वेदी फिल्म हनुमान अंश को 42 साल के विशाल चतुर्वेदी ने बनाया है। ये उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म है। फिल्मों में करियर शुरू करने से पहले विशाल एक डॉक्टर थे। ये उनके निर्देशन की दूसरी फिल्म है, इससे पहले उन्होंने 2012 की वॉर्निंग डायरेक्ट की थी। वह टीवी सीरीज और फिल्मों के डायलॉग राइटर के तौर पर काम कर चुके हैं। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की कमाई सैकनिल्क के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ ने रिलीज के 50वें दिन भारत में 3.35 करोड़ रुपए की नेट कमाई की। इस दिन फिल्म के 3,767 शोज हुए। इसके साथ भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 291.53 करोड़ रुपए हो गया है। भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 344.35 करोड़ रुपए पहुंच गया है। वहीं, ओवरसीज में 50वें दिन फिल्म ने 50 लाख रुपए कमाए। इसके साथ विदेशों में कुल ग्रॉस कलेक्शन 37 करोड़ रुपए हो गया है। सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 381.35 करोड़ रुपए हो चुका है। ‘हनुमान अंश’ दो राज्यों में टैक्स फ्री, अमित शाह से मिली थी फिल्म की टीम फिल्म ‘हनुमान अंश’ को उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री किया गया है। फिल्म बाबा नीम करोली के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर आधारित है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म देखने के बाद इसे राज्य में टैक्स फ्री करने का ऐलान किया था। फिल्म की सफलता के बीच 21 सितंबर को निर्देशक विशाल चतुर्वेदी, लीड एक्टर शोभिनव सतैया और टीम के दूसरे सदस्य दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे।









