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Anant Nag Honored With Dada Saheb Phalke Award 2026

Anant Nag Honored With Dada Saheb Phalke Award 2026

6 मिनट पहले कॉपी लिंक PM मोदी ने अनंत नाग को पुरस्कार मिलने पर बधाई दी है। दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए दादा साहेब फाल्के पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया जाएगा। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने बुधवार को इसकी घोषणा की। 22 सितंबर को गुजरात के केवडिया में आयोजित होने वाले 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में अनंत नाग को पुरस्कार दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोस्ट करके अनंत नाग को बधाई दी। उन्होंने लिखा- कई दशकों तक उनके सहज अभिनय, बेहतरीन बहुमुखी प्रतिभा ने भारतीय सिनेमा, खासकर कन्नड़ सिनेमा पर एक मजबूत छाप छोड़ी है। 300 से ज्यादा फिल्मों में कर चुके हैं काम 4 सितंबर 1948 को जन्मे अनंत नाग (अनंत नागरकट्टे) कन्नड़ सिनेमा के सबसे सम्मानित और दिग्गज अभिनेताओं में से एक हैं। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया है, जिनमें 250 से ज्यादा कन्नड़ फिल्में शामिल हैं। कन्नड़ के अलावा उन्होंने हिंदी, तेलुगु, तमिल, मराठी, मलयालम और अंग्रेजी भाषाओं की फिल्मों में भी अपनी अदाकारी का जादू चलाया है। कन्नड़ सुपरस्टार यश की ब्लॉकबस्टर फिल्म KGF के दोनों पार्ट में वह नजर आए थे। ‘मालगुडी डेज’ से घर-घर में मिली पहचान फिल्मों के अलावा अनंत नाग को आरके नारायण की कहानियों पर आधारित दूरदर्शन के लोकप्रिय सीरियल ‘मालगुडी डेज’ से घर-घर में पहचान मिली थी। वे अब तक 5 बार कर्नाटक राज्य फिल्म पुरस्कार जीत चुके हैं। 2025 में मिला था ‘पद्म भूषण’ सम्मान सिनेमा और कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत सरकार ने साल 2025 में अनंत नाग को देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से नवाजा था। दादा साहेब फाल्के पुरस्कार को भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है, जो भारतीय सिनेमा के विकास और प्रगति में किसी व्यक्ति के विशेष योगदान के लिए दिया जाता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

स्वीपर की नौकरी तक नहीं मिलेगी:राखी सावंत पर भड़कीं कंगना रनोट, नरेंद्र मोदी पर दिए विवादित बयान पर जमकर लगाई फटकार

स्वीपर की नौकरी तक नहीं मिलेगी:राखी सावंत पर भड़कीं कंगना रनोट, नरेंद्र मोदी पर दिए विवादित बयान पर जमकर लगाई फटकार

एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनोट, राखी सावंत के बयान पर भड़क गई हैं। राखी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक आपत्तिजनक कमेंट किया, जिस पर कंगना ने उन्हें फटकारते हुए कहा है कि ऐसे बयान देने वालों को कोई स्वीपर की नौकरी तक नहीं देगा। कंगना रनोट ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, “सिर्फ यही (राखी) नहीं, बल्कि ज्यादातर नाकाम और जलने वाले लोग किसी कामयाब महिला के कैरेक्टर पर कीचड़ उछालकर अपनी जलन, ईर्ष्या, नाकामी और घटिया सोच को सही ठहराने की कोशिश करते हैं। लेकिन अब बहुत हो गया। ऐसी बार-बार और जानबूझकर की जाने वाली चरित्र हत्या और पब्लिक में बदनाम करने की कोशिशों को सहना बंद करना होगा। खुद को बेवजह अपमानित और आहत महसूस करना बंद करो और हर बात पर सफाई देना भी बंद करो।” आगे कंगना ने लिखा, “सफलता के लिए तुम भले ही अपना सबकुछ दांव पर लगा दो, लेकिन असली मजेदार बात तो ये है कि किसी को तुमसे कुछ चाहिए ही नहीं। तुम्हारे किए हुए सारे एहसान और सिफारिशें जोड़ लो, फिर भी तुम्हें स्वीपर की नौकरी तक नहीं मिलेगी क्योंकि उस नौकरी में भी थोड़ी काबिलियत और टैलेंट की जरूरत होती है। इसलिए ज्यादा खुशफहमी में मत रहो। एहसान करो या एहसान मत करो, तुम कहीं नहीं पहुंचने वालीं। अब चुपचाप बैठो, मेरी रील्स देखो और रोते रहो।” क्या था नरेंद्र मोदी पर राखी का बयान राखी सावंत ने हाल ही में कहा था कि वो प्रधानमंत्री के लिए वो कर सकती हैं, जो राखी सावंत और स्मृति ईरानी करती हैं। राखी सावंत ने हाल ही में मोहसिन खान के पॉडकास्ट एम.के.टॉक्स में कहा, “मोदी जी इधर-उधर क्यों देख रहे हैं? कंगना से उन्हें हड्डियों के अलावा और क्या मिलेगा? मोदी जी, स्मृति, कंगना और इन सभी महिलाओं ने आपको ऐसा क्या दिया कि आपने उन्हें मंत्री बना दिया? तो जो भी उन्होंने आपको दिया है, मैं भी आपको दे सकती हूं।” कंगना-राखी का पहले भी हुआ विवाद राखी सावंत और कंगना रनौत के बीच विवाद काफी पुराना है। दोनों के बीच पहली बार तब तकरार देखने को मिली थी, जब कंगना ने एक पुराने बयान में खुद की तुलना राखी सावंत से करने से इनकार किया था। दरअसल, उस समय कंगना से मीका सिंह के साथ किसिंग सीन को लेकर सवाल किया गया था। कंगना ने कथित तौर पर कहा था कि वह राखी सावंत नहीं हैं, जो इस तरह का सीन करेंगी। कंगना का यह बयान राखी को बिल्कुल पसंद नहीं आया। इसके बाद राखी ने कंगना को जवाब देते हुए कहा था कि अगर कंगना को इतनी ही पब्लिसिटी चाहिए थी, तो वह मीका को किस कर लेतीं, लेकिन उनका नाम लेकर पब्लिसिटी लेने की जरूरत नहीं थी। साल 2020 में कंगना और महाराष्ट्र सरकार के बीच विवाद के दौरान भी राखी सावंत ने कंगना पर निशाना साधा था। इसके बाद भी दोनों के बीच समय-समय पर बयानबाजी होती रही। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट के समय भी राखी ने कंगना के बयानों की आलोचना की थी।

Malaysia PM Anwar Ibrahim Viral Bollywood Playlist At BRICS Summit

Malaysia PM Anwar Ibrahim Viral Bollywood Playlist At BRICS Summit

2 मिनट पहले कॉपी लिंक मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने PM मोदी के साथ वीडियो पर दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे फिल्म का गाना लगाया। 18वें BRICS समिट के बाद मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की बॉलीवुड प्लेलिस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा में है। उन्होंने भारत दौरे की अलग-अलग तस्वीरों और वीडियो के साथ बॉलीवुड के मशहूर गाने लगाए हैं। हर तस्वीर के लिए चुना गया गाना उसके मौके से जुड़ा नजर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दूसरे नेताओं के साथ अपनी रील पर अनवर इब्राहिम ने शाहरुख खान और काजोल की फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ का गाना ‘तुझे देखा तो ये जाना सनम’ लगाया। मोदी के साथ एक दूसरी तस्वीर पर शाहरुख खान, माधुरी दीक्षित और करिश्मा कपूर की फिल्म ‘दिल तो पागल है’ का टाइटल सॉन्ग इस्तेमाल किया। पुतिन के साथ ‘चले चलो’ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ फोटो पर अनवर इब्राहिम ने आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ का ‘चले चलो’ गाना लगाया। इस गाने के जरिए भी साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। अपनी तस्वीरों पर ‘हर दिल जो प्यार करेगा’ BRICS समिट को संबोधित करते हुए अपनी तस्वीरों के साथ अनवर ने सलमान खान, रानी मुखर्जी और प्रीति जिंटा की फिल्म ‘हर दिल जो प्यार करेगा’ का गाना लगाया। भारत से विदाई के वीडियो में उन्होंने फिल्म ‘लक्ष्य’ का ‘कंधों से मिलते हैं कंधे’ गाना इस्तेमाल किया। दोनों गाने साथ आने और एकजुटता का संदेश देते हैं। राहुल और प्रियंका गांधी के साथ ‘ऐसा देश है मेरा’ भारत दौरे के दौरान अनवर इब्राहिम ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से भी मुलाकात की। उनके साथ भोजन की तस्वीरें शेयर करते हुए उन्होंने फिल्म ‘वीर-जारा’ का ‘ऐसा देश है मेरा’ गाना लगाया। यह गाना भारत की सांस्कृतिक विविधता को दिखाता है। ईरानी राष्ट्रपति के साथ ‘साथी हाथ बढ़ाना’ ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ मुलाकात की तस्वीर पर अनवर ने 1957 की फिल्म ‘नया दौर’ का ‘साथी हाथ बढ़ाना’ गाना लगाया। यह गाना साथ मिलकर आगे बढ़ने का संदेश देता है। BRICS डिनर में किशोर-मनोज के गाने गाए अनवर इब्राहिम ने 12 सितंबर को BRICS समिट के डिनर में किशोर कुमार का मशहूर गाना ‘ख्वाब हो तुम या कोई हकीकत…’ गाया था। साथ ही उन्होंने मुकेश का गीत दोस्त दोस्त ना रहा… भी गुनगुनाया। अनवर ने इसका वीडियो अपने सोशल मीडिया X के अकाउंट पर शेयर किया।उन्होंने लिखा- गुरु, थोड़ा सा गाने की इजाजत है? वीडियो करीब डेढ़ मिनट का है। ख्वाब हो या तुम कोई हकीकत… गाने के दौरान झूमते हुए भी नजर आए। अनवर किशोर कुमार के फैन हैं, पहले भी यह गाना गुनगुना चुके मलेशिया के पीएम पहले भी किशोर कुमार के फैन होने की बात कह चुके हैं। उन्होंने 2024 में भारत में एक इंटरव्यू के दौरान भी यही गीत गुनगुनाया था। इसके अलावा, फरवरी 2026 में पीएम मोदी की मलेशिया यात्रा के दौरान उन्होंने एक आधिकारिक वीडियो मोंटाज साझा किया था। इसमें ‘कभी खुशी कभी गम’ का लोकप्रिय गाना ‘बोले चूड़ियां’ इस्तेमाल किया गया था। पीएम मोदी इस साल 8 फरवरी को मलेशिया दौरे पर पहुंचे थे। तब अनवर इब्राहिम उनका स्वागत करने खुद एयरपोर्ट पहुंचे थे। मलेशिया में 27 लाख लोग भारतीय मूल के, बॉलीवुड और तमिल मूवी लोकप्रिय विदेश मंत्रालय के अनुसार मलेशिया में करीब 27.5 लाख भारतीय मूल के लोग हैं, जो देश की आबादी का लगभग 9% हैं। इनमें करीब 20 लाख लोग तमिल बोलते हैं। यहां बॉलीवुड और तमिल मूवी काफी देखी जाती हैं। शाहरुख खान की ‘दिलवाले’ ने मलेशिया में करीब 29 करोड़ रुपए की कमाई की थी। वहीं ‘जवान’ ने करीब 22 करोड़ और ‘पठान’ ने करीब 9 करोड़ रुपए का कारोबार किया था। तमिल फिल्मों का भी यहां बड़ा बाजार है। 2025 में रिलीज हुई रजनीकांत की ‘कुली’ ने मलेशिया में करीब ₹26-27 करोड़, जबकि अजित कुमार की ‘ गुड बैड अग्ली’ ने करीब ₹22 करोड़ का कारोबार किया था। 2026 की सूर्या स्टारर ‘ करुप्पु’ भी करीब ₹22 करोड़ के कलेक्शन के साथ मलेशिया की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्मों में शामिल है। वहीं, विजय की ‘गोट’ ने करीब ₹32 करोड़ और शिवकार्तिकेयन की ‘अमरन’ ने करीब ₹26 करोड़ का कारोबार किया था। डिप्टी पीएम भी रह चुके हैं अनवर अनवर इब्राहिम मलेशिया के 10वें प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने 24 नवंबर 2022 को पदभार ग्रहण किया था। इससे पहले वे 1993 में मलेशिया के 7वें डिप्टी पीएम बने थे। 1998 में, अनवर को तत्कालीन प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद ने सभी सरकारी पदों से हटा दिया गया था। उन्हें अप्रैल 1999 में भ्रष्टाचार और समलैंगिकता के आरोपों में जेल भेज दिया गया था और 2004 में उनकी सजा पलटने के बाद रिहा कर दिया गया था। इसके बाद अनवर 2008 से 2015 तक विपक्ष के नेता रहे। 2022 के आम चुनावों में जीत के बाद प्रधानमंत्री बने। ————— ये खबरें भी पढ़ें… BRICS समिट- दिल्ली में मोदी की डिनर पार्टी:पनीर के साथ सूखी सब्जी, चुकंदर का रायता; मिठाई में फ्रूट क्रीम विद जलेबी पीएम मोदी ने शनिवार को भारत मंडपम में BRICS सदस्य देशों के नेताओं के लिए डिनर पार्टी को होस्ट किया। मेन्यू में पनीर के साथ सूखी सब्जी, चुकंदर का रायता और मिलेट्स का पुलाव रखा गया है। मिठाई में फ्रूट क्रीम विद जलेबी मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

India-China Border Peace Pact | PM Modi & Xi Jinping Meeting Statement

India-China Border Peace Pact | PM Modi & Xi Jinping Meeting Statement

बीजिंग14 मिनट पहले कॉपी लिंक PM मोदी 18वें BRICS समिट से पहले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भारत मंडपम में स्वागत करते हुए। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शी जिनपिंग से मुलाकात के दौरान भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की बात कही। चीन के मुताबिक, PM मोदी ने कहा कि भारत अपनी जमीन का इस्तेमाल चीन विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होने देगा। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने सोमवार को कहा कि जिनपिंग और मोदी के बीच दिल्ली में हुई बैठक में सबसे अहम सहमति यह बनी कि चीन और भारत को प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार बने रहना चाहिए। वांग के मुताबिक, दोनों नेताओं ने सीमा से लगे इलाकों में शांति बनाए रखने पर भी सहमति जताई। दोनों नेताओं की यह बैठक 12-13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स सम्मेलन से इतर हुई थी। वांग बोले- दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ रहा है वांग ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है और लोगों के बीच संपर्क भी पहले से ज्यादा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि चीन और भारत की 2.8 अरब से ज्यादा आबादी के लिए दोनों देशों के रिश्तों में सुधार अच्छी खबर है। साथ ही, यह ग्लोबल साउथ के देशों के बीच सहयोग मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। दोनों देशों के नेताओं की रणनीतिक दिशा में चीन-भारत संबंध धीरे-धीरे खराब दौर से बाहर निकले हैं। अब दोनों देशों के रिश्ते फिर से शुरू होने के बाद एक नए स्तर पर पहुंच रहे हैं। ‘सीमा विवाद को पूरे रिश्ते के संदर्भ में देखना चाहिए’ वांग ने कहा कि सीमा विवाद को चीन-भारत के पूरे रिश्ते के बड़े संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बातचीत और सहयोग दोनों देशों के रिश्तों की मुख्य दिशा बनी रहनी चाहिए। उन्होंने दोनों देशों से अपने विकास और राष्ट्रीय प्रगति को तेज करने की अपील की। साथ ही कहा कि चीन और भारत को मिलकर क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और साझा समृद्धि में योगदान देना चाहिए। खबर लगातार अपडेट हो रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

BRICS Summit Finale | PM Modi To Meet 4 Global Leaders In India

BRICS Summit Finale | PM Modi To Meet 4 Global Leaders In India

नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक ब्रिक्स समिट के दौरान शनिवार को PM मोदी, पुतिन और जिनपिंग का हाथ थामे नजर आए। BRICS समिट का आज आखिरी दिन है। आज ओपन मीटिंग होगी, जिसमें सदस्य देशों के नेता और दूसरे आमंत्रित देशों के प्रमुख शामिल होंगे। बैठक में BRICS से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके बाद PM मोदी 4 देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। समिट के पहले दिन भारत ने साफ कर दिया कि फिलहाल BRICS देशों की अपनी कोई साझा करेंसी बनाने का प्रस्ताव नहीं है। हालांकि, विदेश मंत्रालय ने कहा कि BRICS में स्थानीय करेंसी में आपसी व्यापार और भुगतान को बढ़ावा देने पर चर्चा जरूर चल रही है। इसका मकसद देशों के बीच व्यापार को आसान बनाना और लेन-देन की लागत कम करना है। BRICS देशों ने नई दिल्ली डेक्लरेशन को मंजूरी दी BRICS देशों ने शनिवार को समिट के दौरान नई दिल्ली डेक्लरेशन को मंजूरी दी। इसमें कई मुद्दों पर साझा बयान जारी किया गया। डेक्लरेशन में रूस और चीन समेत BRICS देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की। देशों ने कहा कि आतंकियों को पनाह देने वालों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, आतंकियों तक पहुंचने वाली फंडिंग रोकने और उन्हें सुरक्षित ठिकाने देने वालों पर कार्रवाई करने पर भी सहमति बनी। BRICS देशों के बीच संयुक्त बयान जारी करने पर सहमति ऐसे समय में बनी है, जब पश्चिम एशिया में तनाव है और ईरान, सऊदी अरब और UAE के कई मुद्दों पर अलग-अलग रुख हैं। ब्रिक्स समिट में PM मोदी के बयान की 5 अहम बातें अगले 20 साल का नया एजेंडा बनाएं: BRICS के अगले 20 साल के लिए नया एजेंडा और फैसलों पर अमल की स्थायी व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव। ग्लोबल साउथ नियम बनाने में हिस्सा ले: AI, साइबरस्पेस, अंतरिक्ष और बायोटेक्नोलॉजी के नियम तय करने में विकासशील देशों की बराबर भागीदारी पर जोर। युवाओं को तैयार करें: युवा राजनयिकों और नीति-निर्माताओं को बातचीत और कानून की ट्रेनिंग देने का सुझाव। नाविकों के लिए इमरजेंसी नेटवर्क बने: मुसीबत में फंसे नाविकों को इलाज, परिवार से संपर्क और सुरक्षित निकालने के लिए देशों के बीच नेटवर्क बनाने की बात। भविष्य सबका, फैसला भी सबका: मोदी ने कहा- दुनिया का भविष्य साझा है तो उसे तय करने का अधिकार भी सभी देशों के पास होना चाहिए। PM मोदी ने शनिवार को BRICS समिट 2026 के औपचारिक शुरुआत की घोषणा की। तनाव के बीच ईरान-UAE राष्ट्रपतियों ने बातचीत की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने BRICS समिट से इतर UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात की। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है और कई क्षेत्रीय मुद्दों पर दोनों देशों के रुख अलग हैं। हालांकि, ईरान और UAE पिछले कुछ सालों से रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में यह मुलाकात तनाव के बीच दोनों देशों के बातचीत का रास्ता खुला रखने का संकेत है। पश्चिमी देशों के लिए BRICS की बढ़ती चुनौती BRICS देश अब आपस में कारोबार करते समय डॉलर का इस्तेमाल कम करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए वे एक-दूसरे की अपनी-अपनी करेंसी में लेन-देन बढ़ाना चाहते हैं। साथ ही, अलग-अलग देशों के ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ने पर भी काम हो रहा है। हालांकि, अभी BRICS का अपना कोई एक पेमेंट सिस्टम या एक साझा करेंसी नहीं है। इस साल भारत की अध्यक्षता में होने वाले BRICS समिट में भी अपनी करेंसी में कारोबार और आसान ऑनलाइन पेमेंट पर जोर दिया जाएगा। भारत चाहता है कि BRICS देशों के डिजिटल पेमेंट सिस्टम और उनकी डिजिटल करेंसी को आपस में जोड़ा जाए। इससे एक देश से दूसरे देश में पैसे भेजना आसान हो सकता है और हर बार डॉलर की जरूरत कम हो सकती है। एक बैंक की रिपोर्ट से निकला BRICS का नाम BRICS की शुरुआत किसी सरकार ने नहीं, बल्कि एक बैंक की रिपोर्ट से हुई थी। 2001 में अमेरिकी निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्री जिम ओ’नील ने अपनी रिपोर्ट में BRIC शब्द इस्तेमाल किया। उन्होंने ब्राजील, रूस, भारत और चीन को तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाएं बताया। तब BRIC कोई संगठन नहीं था। 2006 में चारों देश साथ आए और BRIC समूह बना। 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में इसकी पहली आधिकारिक बैठक हुई। 2010 में दक्षिण अफ्रीका के जुड़ने के बाद इसका नाम BRICS हो गया। पिछले साल ईरान, मिस्र और इथियोपिया भी पूर्ण सदस्य बने। आज BRICS दुनिया के बड़े आर्थिक मंचों में शामिल है। इसके सदस्य देशों की ग्लोबल GDP में हिस्सेदारी 27% से ज्यादा है, जबकि यूरोपियन यूनियन की करीब 14% है। ———————- BRICS से जुड़ी यह खबरें भी पढ़ें… 1. BRICS के साझा बयान में पहलगाम हमले की निंदा: टेरर फंडिंग रोकने पर जोर; कहा- आतंकियों को पनाह देने वालों पर मिलकर एक्शन लेंगे रूस और चीन समेत BRICS देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की है। देशों ने कहा कि आतंकियों को पनाह देने वालों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई की जाएगी। पूरी खबर पढ़ें… 2. पुतिन का अमेरिका-यूरोप पर तंज:कमजोर देश खुद को G7 क्यों कहते हैं; मोदी बोले- ब्रिक्स देशों में दुनिया की 40% GDP प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत ब्रिक्स लीडर्स ने शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम में ग्लोबल ट्रेड पर बात की। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

पीएम मोदी कल वर्ल्ड लीडर्स के साथ करेंगे डिनर:मेन्यू में यूपी के गलौटी कबाब, महाराष्ट्र की भाकरवड़ी और राजस्थान की कचौड़ी शामिल

पीएम मोदी कल वर्ल्ड लीडर्स के साथ करेंगे डिनर:मेन्यू में यूपी के गलौटी कबाब, महाराष्ट्र की भाकरवड़ी और राजस्थान की कचौड़ी शामिल

नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को 18वां BRICS लीडर्स समिट होगा। यह आयोजन भारत मंडपम में किया जाएगा। कल पीएम मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग समेत कई वर्ल्ड लीडर्स को होस्ट करेंगे। डिनर के मेन्यू में यूपी के गलौटी कबाब, महाराष्ट्र की भाकरवड़ी और राजस्थान की कचौड़ी शामिल हैं। वहीं, लग्ज़री होटलों में मेहमानों के स्वागत की तैयारी कई हफ्तों से चल रही है। इसमें क्षेत्रीय भारतीय खान-पान, खास मेन्यू, पारंपरिक उपहार और कस्टमाइज्ड व्यक्तिगत सुविधाएं शामिल हैं। ITC मौर्या में रूस के राष्ट्रपति पुतिन और ताज पैलेस में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के ठहरने की उम्मीद है। वहीं, UAE के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल द लीला पैलेस और मिस्र का प्रतिनिधिमंडल शेरेटन नई दिल्ली में ठहरेगा। खबर अपडेट हो रही है…

PM Modi & Vladimir Putin Car Diplomacy in Delhi

PM Modi & Vladimir Putin Car Diplomacy in Delhi

9 मिनट पहले कॉपी लिंक पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दिल्ली में द्विपक्षीय बातचीत के बाद साथ यात्रा की। दोनों नेता पुतिन की बख्तरबंद ऑरस सीनेट कार से भारत मंडपम पहुंचे। दोनों ने INNOPROM प्रदर्शनी में हिस्सा लिया। यह यात्रा 11 सदस्यीय BRICS समिट से एक दिन पहले हुई। पुतिन की इस कार को अक्सर ‘पहियों वाला किला’ कहा जाता है। यह वही कार है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी पिछले साल चीन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट के दौरान पुतिन के साथ सवार हुए थे। वहीं, इसी साल किर्गिस्तान में SCO समिट में भी मोदी और पुतिन 31 अगस्त को एक कार में बैठे थे। पीएम मोदी 2014 के बाद 12 बार अलग-अलग वर्ल्ड लीडर्स के साथ कार में बैठ चुके हैं। इसमें ओबामा, इमैनुएल मैक्रों जैसे लीडर्स शामिल हैं। मोदी 11 बार वर्ल्ड लीडर्स के साथ एक काम में बैठे 30 सितंबर 2014 बराक ओबामा के साथ पीएम के तौर पर मोदी की पहली विदेश यात्रा। वाशिंगटन डी.सी. में अमेरिकी मोटरकेड के जरिए मार्टिन लूथर किंग जूनियर मेमोरियल तक एक साथ यात्रा की। 4 जुलाई 2017 बेंजामिन नेतन्याहू के साथ तेल अवीव में इजराइली पीएम नेतन्याहू ने बेन गुरियन हवाई अड्डे पर मोदी का स्वागत किया और वे एक साथ कार में बैठे। सितंबर 2025 पुतिन के साथ तियानजिन, चीन: एससीओ (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बैठक के लिए पुतिन और मोदी ने एक ही कार में यात्रा की। अक्टूबर 2025 कीर स्टार्मर के साथ लंदन: राजनयिक यात्रा के दौरान पीएम मोदी और ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर एक कार में बैठे। दिसंबर 2025 पुतिन के साथ नई दिल्ली, भारत: मोदी ने पालम हवाई अड्डे पर पुतिन का स्वागत किया और वे एक साथ प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास तक गए। 16 दिसंबर 2025 इथियोपियाई पीएम के साथ अदीस अबाबा, इथियोपिया: इथियोपियाई पीएम ने हवाई अड्डे पर मोदी का स्वागत किया और खुद कार चलाकर उन्हें विज्ञान संग्रहालय ले गए। 12 जनवरी 2026 जर्मन चांसलर के साथ गुजरात, भारत: जर्मन चांसलर की यात्रा के दौरान मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर उनके साथ एक ही कार में यात्रा की। 31 अगस्त 2026 पुतिन के साथ बिश्केक, किर्गिस्तान: छठे विश्व नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में एक ही कार से पहुंचे। 11 सितंबर 2026 पुतिन के साथ नई दिल्ली, भारत: द्विपक्षीय वार्ता के बाद भारत मंडपम में आयोजित ‘इनोप्रोम’ (INNOPROM) प्रदर्शनी के लिए एक साथ कार में गए। क्या होती है कार डिप्लोमेसी कार डिप्लोमेसी का सीधा सा मतलब है जब दो देशों के शीर्ष नेता कूटनीतिक औपचारिकताओं (प्रोटोकॉल) को किनारे रखकर एक साथ एक ही कार में सफर करते हैं। यह कोई आम सफर नहीं होता, बल्कि दुनिया को यह दिखाने का तरीका होता है कि दोनों नेताओं और उनके देशों के बीच बहुत गहरी व्यक्तिगत दोस्ती, सहजता और अटूट भरोसा है। —————————– ये खबर भी पढ़ें… BRICS में मेहमानों को गिफ्ट में गुडी बैग दिया:इसमें बिहार का सत्तू, ओडिशा की कॉफी और गुजराती दुपट्टा; मकसद भारतीय संस्कृति से परिचित कराना BRICS समिट में शामिल होने आए प्रतिनिधियों और मेहमानों को खास गुडी बैग गिफ्ट किया जा रहा है। इसमें बिहार का सत्तू व मखाना पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

PM Modi & Vladimir Putin Car Diplomacy in Delhi

PM Modi & Vladimir Putin Car Diplomacy in Delhi

3 मिनट पहले कॉपी लिंक दिल्ली में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात के बाद एक तस्वीर ने फिर ध्यान खींचा। दोनों नेता द्विपक्षीय बैठक के बाद कार में सवार होकर इनोप्रोम प्रदर्शनी तक साथ गए। ये कार पुतिन की बख्तरबंद ओरस सीनेट है। इससे पहले दोनों नेता ने 12 दिन पहले 31 अगस्त को किर्गिस्तान के बिश्केक में साथ यात्रा की थी। मोदी के पीएम बनने के बाद यह भी पहली बार नहीं है, जब वह किसी विदेशी नेता के साथ कार में बैठे हों। 2014 के बाद वह ओबामा, मैक्रों समेत कई विश्व नेताओं के साथ 11 बार कार राइड कर चुके हैं। पहले आज की कार राइड की फोटो देखें द्विपक्षीय वार्ता के बाद भारत मंडपम में आयोजित ‘इनोप्रोम’ (INNOPROM) प्रदर्शनी के लिए एक साथ कार में गए। करीब 5 मिनट यात्रा की। पुतिन-मोदी पहले भी 3 बार साथ कार में बैठ चुके मोदी 11 बार वर्ल्ड लीडर्स के साथ एक काम में बैठे 30 सितंबर 2014 बराक ओबामा के साथ पीएम के तौर पर मोदी की पहली विदेश यात्रा। वाशिंगटन डी.सी. में अमेरिकी मोटरकेड के जरिए मार्टिन लूथर किंग जूनियर मेमोरियल तक एक साथ यात्रा की। 4 जुलाई 2017 बेंजामिन नेतन्याहू के साथ तेल अवीव में इजराइली पीएम नेतन्याहू ने बेन गुरियन हवाई अड्डे पर मोदी का स्वागत किया और वे एक साथ कार में बैठे। सितंबर 2025 पुतिन के साथ तियानजिन, चीन: एससीओ (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बैठक के लिए पुतिन और मोदी ने एक ही कार में यात्रा की। अक्टूबर 2025 कीर स्टार्मर के साथ लंदन: राजनयिक यात्रा के दौरान पीएम मोदी और ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर एक कार में बैठे। दिसंबर 2025 पुतिन के साथ नई दिल्ली, भारत: मोदी ने पालम हवाई अड्डे पर पुतिन का स्वागत किया और वे एक साथ प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास तक गए। 16 दिसंबर 2025 इथियोपियाई पीएम के साथ अदीस अबाबा, इथियोपिया: इथियोपियाई पीएम ने हवाई अड्डे पर मोदी का स्वागत किया और खुद कार चलाकर उन्हें विज्ञान संग्रहालय ले गए। 12 जनवरी 2026 जर्मन चांसलर के साथ गुजरात, भारत: जर्मन चांसलर की यात्रा के दौरान मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर उनके साथ एक ही कार में यात्रा की। 31 अगस्त 2026 पुतिन के साथ बिश्केक, किर्गिस्तान: छठे विश्व नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में एक ही कार से पहुंचे। 11 सितंबर 2026 पुतिन के साथ क्या होती है कार डिप्लोमेसी कार डिप्लोमेसी का सीधा सा मतलब है जब दो देशों के शीर्ष नेता कूटनीतिक औपचारिकताओं (प्रोटोकॉल) को किनारे रखकर एक साथ एक ही कार में सफर करते हैं। यह कोई आम सफर नहीं होता, बल्कि दुनिया को यह दिखाने का तरीका होता है कि दोनों नेताओं और उनके देशों के बीच बहुत गहरी व्यक्तिगत दोस्ती, सहजता और अटूट भरोसा है। —————————– ये खबर भी पढ़ें… BRICS में मेहमानों को गिफ्ट में गुडी बैग दिया:इसमें बिहार का सत्तू, ओडिशा की कॉफी और गुजराती दुपट्टा; मकसद भारतीय संस्कृति से परिचित कराना BRICS समिट में शामिल होने आए प्रतिनिधियों और मेहमानों को खास गुडी बैग गिफ्ट किया जा रहा है। इसमें बिहार का सत्तू व मखाना पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

BRICS के लिए भारत आ सकते हैं चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग:गलवान हिंसा के बाद भारत में पहली द्विपक्षीय बैठक करेंगे

BRICS के लिए भारत आ सकते हैं चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग:गलवान हिंसा के बाद भारत में पहली द्विपक्षीय बैठक करेंगे

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आ सकते हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। अगर यह बैठक होती है, तो जून 2020 में हुई गलवान हिंसा के बाद दोनों नेताओं की भारत में यह पहली आमने-सामने द्विपक्षीय बातचीत होगी। करीब 7 साल बाद जिनपिंग भारत आएंगे। हालांकि, दोनों देशों ने अभी तक बैठक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। शी की यात्रा से पहले दोनों देशों में बढ़ी बातचीत शी जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले दोनों देशों के बीच बातचीत बढ़ी है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल 24 अगस्त को चीन गए थे। वहां 25 अगस्त को उन्होंने चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ सीमा विवाद समेत कई मुद्दों पर बातचीत की थी। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…

दुनिया के सबसे ज्यादा कमाने वाले नेता की सैलरी बढ़ी:सिंगापुर के प्रधानमंत्री को हर साल ₹27 करोड़ मिलेंगे; यह PM मोदी से 135 गुना ज्यादा

दुनिया के सबसे ज्यादा कमाने वाले नेता की सैलरी बढ़ी:सिंगापुर के प्रधानमंत्री को हर साल ₹27 करोड़ मिलेंगे; यह PM मोदी से 135 गुना ज्यादा

सिंगापुर सरकार ने प्रधानमंत्री, मंत्रियों और दूसरे बड़े पदों पर बैठे अधिकारियों की सैलरी बढ़ाने का फैसला किया है। दुनिया के सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले राजनीतिक नेता और सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की सालाना कमाई में करीब 1 ₹10 करोड़) का इजाफा होगा। वोंग की मौजूदा सालाना सैलरी करीब 22 लाख सिंगापुर डॉलर (लगभग ₹16 करोड़) है। बढ़ोतरी के बाद उनका सालाना पे पैकेज करीब 36 लाख सिंगापुर डॉलर (लगभग ₹27 करोड़) हो जाएगा। यानी उनकी कमाई में 60% से ज्यादा की बढ़ोतरी होगी। यह भारत के प्रधानमंत्री मोदी की सालाना सैलरी से 135 गुना ज्यादा है। बढ़ी रकम 5 साल तक चैरिटी में दान करेंगे PM वोंग प्रधानमंत्री वोंग ने कहा है कि वह सैलरी में हुई इस बढ़ोतरी की रकम अगले 5 साल तक चैरिटी में दान करेंगे। सबसे ज्यादा कमाने वाले दुनिया के नेताओं में उनके बाद हांगकांग के चीफ एग्जीक्यूटिव जॉन ली हैं, जिन्हें सालाना करीब 7.19 लाख डॉलर मिलते हैं। स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन की सालाना कमाई करीब 6.06 लाख डॉलर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को सालाना 4 लाख डॉलर, जबकि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम को करीब 2.30 लाख डॉलर मिलते हैं। खबर लगातार अपडेट हो रही है…