PM मोदी के इंडोनेशिया दौरे का आज दूसरा दिन:यहां के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन जाएंगे, ब्रह्मोस डील पर मुहर लगने की संभावना

Hindi News International Indonesia Visit PM Modi Arrives Monday. Follow Latest Updates On BrahMos Missile Deal, Meeting President Prabowo. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया दौरे पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात करेंगे और प्रम्बानन मंदिर भी जाएंगे,जो इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है। जकार्ता12 मिनट पहले कॉपी लिंक जकार्ता एयरपोर्ट पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने पीएम मोदी का स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे का आज दूसरा दिन है। वे सोमवार को पहुंचे थे, एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच आज द्विपक्षीय बैठक होगी। जिसमें करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल डील पर मुहर लगने की संभावना है। मोदी इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन भी जाएंगे। 9वीं शताब्दी में बना यह मंदिर भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित है और यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। पीएम इंडोनेशिया के बिजनेसमैन के साथ राउंडटेबल मीटिंग करेंगे और जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। इसके बाद न्यूजीलैंड के लिए रवाना हो जाएंगे। इंडोनेशिया दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन उसकी सांस्कृतिक विरासत पर हिंदू-बौद्ध सभ्यता की गहरी छाप दिखाई देती है। यहां रामलीला होती है, गरुड़ एयरलाइन है और नोट पर भगवान गणेश की तस्वीर भी छप चुकी है। आखिर यहां भारतीय संस्कृति कैसे पहुंची? पढ़िए खबर के आखिर में भास्कर नॉलेज। मोदी की इंडोनेशिया दौरे से जुड़ी 3 तस्वीरें… पीएम मोदी के विमान के इंडोनेशिया के एयरस्पेस में एंट्री करते ही वहां की एयरफोर्स ने उसे एस्कॉर्ट किया। पीएम मोदी का जकार्ता में गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत किया गया। जकार्ता एयरपोर्ट पर पीएम नरेंद्र मोदी का सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ स्वागत हुआ। इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट भारत के लिए अहम इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के बेहद करीब है। भारत और इंडोनेशिया ने 2018 में प्रधानमंत्री मोदी की जकार्ता यात्रा के दौरान साबंग पोर्ट और आसपास समुद्री सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। इसके तहत पोर्ट के विकास, समुद्री संपर्क, लॉजिस्टिक सहयोग और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया गया। इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस खरीदने वाला दूसरा देश बन सकता है भारत और इंडोनेशिया के बीच करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम की संभावित डील इस यात्रा का सबसे अहम एजेंडा मानी जा रही है। अगर समझौते पर मुहर लगती है तो फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दूसरा विदेशी ग्राहक बन सकता है। ब्रह्मोस मिसाइल का विकास भारत के DRDO और रूस की ‘एनपीओ मशिनोस्ट्रोयेनिया’ के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने किया है। यह दुनिया की सबसे तेज ऑपरेशनल सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है। भास्कर नॉलेज इंडोनेशिया 2000 साल से भारतीय संस्कृति से जुड़ा भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों की बात करें, तो ये करीब 2,000 साल पुराने माने जाते हैं। प्राचीन काल से भारतीय व्यापारियों, हिंदू और बौद्ध संस्कृति का इंडोनेशिया पर गहरा प्रभाव रहा है। आज भी इंडोनेशिया के बाली और जावा में रामायण और महाभारत पर आधारित नृत्य-नाटक और सांस्कृतिक परंपराएं प्रचलित हैं। वहां 85% मुस्लिम आबादी होने के बाद भी 20 हजार रुपिया के नोट पर भगवान गणेश की फोटो छपी थी। इसके अलावा भी कई ऐसे प्रतीक है, जिसमें भारतीय संस्कृति की छाप मिलती है। भारत का इंडोनेशिया पर कभी शासन नहीं रहा, फिर भी पहुंची संस्कृति PM मोदी का 102वां विदेश दौरा, तीसरी बार इंडोनेशिया पहुंचे पीएम मोदी का यह 102 वां विदेश दौरा है। वहीं वह तीसरी बार इंडोनेशिया पहुंचे हैं। उनका पहला दौरा मई 2018 में हुआ था। इसके बाद मोदी सितंबर 2023 में जकार्ता में आयोजित 20वीं आसियान (ASEAN)-भारत और 18वीं ईस्ट एशिया समिट में शामिल होने इंडोनेशिया पहुंचे थे। ———————– ये भी पढ़ें… मोदी को सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान, संसद को संबोधित किया:बोले- सेशेल्स से हमारा 256 साल पुराना रिश्ता, 5 भारतीयों से हुई इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही मोदी को अब तक 34 देशों का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुका है। सम्मान मिलने पर PM मोदी ने सेशेल्स की जनता, सरकार और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी का आभार जताया। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा 91 वर्ष के हुए:धर्मशाला-लद्दाख में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, पीएम मोदी का बधाई संदेश- विश्व शांति के लिए उनकी प्रतिबद्धता सराहनीय

विश्व प्रसिद्ध बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा सोमवार को 91 वर्ष के हो गए हैं। इस विशेष अवसर पर हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित उनके अस्थायी निवास स्थान के मुख्य तिब्बती मंदिर ‘त्सुगलाखंग प्रांगण’ में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) और स्थानीय तिब्बती समुदाय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देश-विदेश से आए सैकड़ों बौद्ध अनुयायियों, पर्यटकों और स्थानीय भारतीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। दलाई लामा के बारे में जानें- नोबेल शांति पुरस्कार मिल चुका है जन्म: 6 जुलाई 1935 को पूर्वोत्तर तिब्बत के ताकत्सेर गांव में हुआ। भारत आगमन: वर्ष 1959 में तिब्बत पर चीनी आक्रमण के बाद वे भारत आए और तब से धर्मशाला को अपना निवास स्थान बनाकर विश्व को शांति का संदेश दे रहे हैं। वैश्विक सम्मान: विश्व शांति और अहिंसा के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1989 में प्रतिष्ठित नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी दीर्घायु की शुभकामनाएं दलाई लामा के जन्मदिन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर पोस्ट कर उन्हें बधाई दी। पीएम मोदी ने लिखा कि दलाई लामा को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। शांति और सद्भाव का उनका संदेश दुनिया भर के लोगों के लिए एक मार्गदर्शक शक्ति रहा है। उनकी नैतिक और आध्यात्मिक शक्ति तथा वैश्विक कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सराहनीय है। मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।” राष्ट्रगान और विशेष प्रार्थना से हुई कार्यक्रम की शुरुआत धर्मशाला में आयोजित इस समारोह में कांगड़ा के उपायुक्त (डीसी) हेमराज बैरवा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत भारत और तिब्बत के राष्ट्रगान के साथ की गई। इसके बाद दलाई लामा की लंबी उम्र और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया और केक काटा गया। मुख्य अतिथि का संबोधन: दलाई लामा शांति और करुणा के जीवंत प्रतीक मुख्य अतिथि डीसी हेमराज बैरवा ने राज्य सरकार की ओर से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दलाई लामा केवल एक वैश्विक आध्यात्मिक गुरु नहीं, बल्कि संघर्ष और विभाजन से त्रस्त इस आधुनिक विश्व में शांति, करुणा और सार्वभौमिक उत्तरदायित्व के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि असली सुख भौतिकता में नहीं, बल्कि दयालु हृदय और क्षमा में है। इसके साथ ही डीसी ने क्षेत्र के पर्यटन और अर्थव्यवस्था में तिब्बती समुदाय के योगदान की सराहना की। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और आधिकारिक संदेशों का वाचन समारोह के दौरान तिब्बती स्कूलों और ‘तिब्बती प्रदर्शन कला संस्थान’ के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समां बांधा। इस मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद के उपाध्यक्ष खेनपो सोनम टेनफेल और कार्यवाहक सिक्योंग त्सेग्याल चुक्या द्रानी ने क्रमशः संसद और काशाग (कैबिनेट) का आधिकारिक संदेश पढ़ा। इसके अतिरिक्त, उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सीटीए के कई सिविल सेवकों को भी सम्मानित किया गया।
PM मोदी इंडोनेशिया रवाना, सबसे बड़े हिंदू मंदिर जाएंगे:राष्ट्रपति सुबियांतो से ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस डील पर करार संभव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया दौरे पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात करेंगे और प्रम्बानन मंदिर भी जाएंगे,जो इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है। साथ ही राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय बैठक में करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल डील पर मुहर लगने की संभावना है। इसके अलावा रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, डिजिटल सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों नेता कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर भी कर सकते हैं। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी और समुद्री सुरक्षा में सहयोग लगातार बढ़ा है। इस यात्रा का उद्देश्य रणनीतिक साझेदारी को नई गति देना माना जा रहा है। मोदी का इंडोनेशिया का यह तीसरा दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले दो बार इंडोनेशिया का दौरा कर चुके हैं। पहला दौरा मई 2018 में हुआ था। इस दौरान दोनों देशों ने संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया। रक्षा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, व्यापार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और कनेक्टिविटी समेत 15 से अधिक समझौतों पर सहमति बनी। इसी यात्रा में दोनों देशों ने साझा समुद्री दृष्टिकोण को भी आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इसके बाद मोदी सितंबर 2023 में जकार्ता में आयोजित 20वें आसियान (ASEAN)-भारत और 18वें ईस्ट एशिया समिट में शामिल होने इंडोनेशिया पहुंचे थे। इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस खरीदने वाला दूसरा देश बन सकता है भारत और इंडोनेशिया के बीच करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम की संभावित डील इस यात्रा का सबसे अहम एजेंडा मानी जा रही है। अगर समझौते पर मुहर लगती है तो फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दूसरा विदेशी ग्राहक बन सकता है। यह सौदा भारत के रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के साथ इंडोनेशिया की तटीय और समुद्री सुरक्षा क्षमता को भी मजबूत करेगा। ब्रह्मोस मिसाइल का विकास भारत के DRDO और रूस की ‘एनपीओ मशिनोस्ट्रोयेनिया’ के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने किया है। यह दुनिया की सबसे तेज ऑपरेशनल सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है। इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट भारत के लिए अहम इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के बेहद करीब स्थित है। यह मलक्का स्ट्रेट के प्रवेश द्वार के पास होने के कारण रणनीतिक रूप से जरूरी माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का समुद्री व्यापार इसी मार्ग से गुजरता है। भारत और इंडोनेशिया ने 2018 में प्रधानमंत्री मोदी की जकार्ता यात्रा के दौरान साबंग पोर्ट और आसपास समुद्री सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। इसके तहत पोर्ट के विकास, समुद्री संपर्क, लॉजिस्टिक सहयोग और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया गया। साबंग पोर्ट भारतीय नौसैनिक जहाजों के लिए ईंधन, मरम्मत और लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है। इससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री पहुंच और निगरानी क्षमता मजबूत हो सकती है। इंडोनेशिया का सबसे बड़ा मंदिर भगवान शिव, विष्णु, ब्रह्मा को समर्पित राजधानी जकार्ता से करीब 400 किमी दूर मध्य जावा प्रांत में स्थित प्रम्बानन मंदिर भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित हैं। यह भारत और इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक भी माना जाता है। प्रम्बानन परिसर में कुल 240 मंदिर हैं। इनमें सबसे ऊंचा और प्रमुख मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जिसकी ऊंचाई करीब 47 मीटर (154 फीट) है। इंडोनेशिया दुनिया का सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन उसकी सांस्कृतिक विरासत पर हिंदू-बौद्ध सभ्यता की गहरी छाप आज भी दिखाई देती है। प्रम्बानन मंदिर उसी साझा विरासत का प्रमुख प्रतीक माना जाता है।
PM मोदी इंडोनेशिया रवाना, सबसे बड़े हिंदू मंदिर जाएंगे:राष्ट्रपति सुबियांतो से ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस डील पर करार संभव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया दौरे पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात करेंगे और प्रम्बानन मंदिर भी जाएंगे,जो इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है। साथ ही राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय बैठक में करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल डील पर मुहर लगने की संभावना है। इसके अलावा रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, डिजिटल सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों नेता कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर भी कर सकते हैं। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी और समुद्री सुरक्षा में सहयोग लगातार बढ़ा है। इस यात्रा का उद्देश्य रणनीतिक साझेदारी को नई गति देना माना जा रहा है। मोदी का इंडोनेशिया का यह तीसरा दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले दो बार इंडोनेशिया का दौरा कर चुके हैं। पहला दौरा मई 2018 में हुआ था। इस दौरान दोनों देशों ने संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया। रक्षा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, व्यापार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और कनेक्टिविटी समेत 15 से अधिक समझौतों पर सहमति बनी। इसी यात्रा में दोनों देशों ने साझा समुद्री दृष्टिकोण को भी आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इसके बाद मोदी सितंबर 2023 में जकार्ता में आयोजित 20वें आसियान (ASEAN)-भारत और 18वें ईस्ट एशिया समिट में शामिल होने इंडोनेशिया पहुंचे थे। इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस खरीदने वाला दूसरा देश बन सकता है भारत और इंडोनेशिया के बीच करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम की संभावित डील इस यात्रा का सबसे अहम एजेंडा मानी जा रही है। अगर समझौते पर मुहर लगती है तो फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दूसरा विदेशी ग्राहक बन सकता है। यह सौदा भारत के रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के साथ इंडोनेशिया की तटीय और समुद्री सुरक्षा क्षमता को भी मजबूत करेगा। ब्रह्मोस मिसाइल का विकास भारत के DRDO और रूस की ‘एनपीओ मशिनोस्ट्रोयेनिया’ के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने किया है। यह दुनिया की सबसे तेज ऑपरेशनल सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है। इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट भारत के लिए अहम इंडोनेशिया का साबंग पोर्ट अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के बेहद करीब स्थित है। यह मलक्का स्ट्रेट के प्रवेश द्वार के पास होने के कारण रणनीतिक रूप से जरूरी माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का समुद्री व्यापार इसी मार्ग से गुजरता है। भारत और इंडोनेशिया ने 2018 में प्रधानमंत्री मोदी की जकार्ता यात्रा के दौरान साबंग पोर्ट और आसपास समुद्री सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। इसके तहत पोर्ट के विकास, समुद्री संपर्क, लॉजिस्टिक सहयोग और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया गया। साबंग पोर्ट भारतीय नौसैनिक जहाजों के लिए ईंधन, मरम्मत और लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है। इससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री पहुंच और निगरानी क्षमता मजबूत हो सकती है। इंडोनेशिया का सबसे बड़ा मंदिर भगवान शिव, विष्णु, ब्रह्मा को समर्पित राजधानी जकार्ता से करीब 400 किमी दूर मध्य जावा प्रांत में स्थित प्रम्बानन मंदिर भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित हैं। यह भारत और इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक भी माना जाता है। प्रम्बानन परिसर में कुल 240 मंदिर हैं। इनमें सबसे ऊंचा और प्रमुख मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जिसकी ऊंचाई करीब 47 मीटर (154 फीट) है। इंडोनेशिया दुनिया का सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन उसकी सांस्कृतिक विरासत पर हिंदू-बौद्ध सभ्यता की गहरी छाप आज भी दिखाई देती है। प्रम्बानन मंदिर उसी साझा विरासत का प्रमुख प्रतीक माना जाता है।
दावा- ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले PM मोदी को धमकी:मेलबर्न में होने वाले प्रोग्राम की फेसबुक पोस्ट में कमेंट कर धमकाया, 9 जुलाई को है प्रोग्राम

पीएम मोदी को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जान से मारने की धमकी मिली है। ऑस्ट्रेलिया की फेडरल पुलिस मोदी को दी गई धमकी की जांच कर रही है। द ऑस्ट्रेलिया टुडे की रिपोर्ट में दावा किया गया कि धमकी फेसबुक पर “मेलबर्न मीट्स मोदी” कार्यक्रम के प्रचार से जुड़ी एक पोस्ट के नीचे लिखी गई थी। पोस्ट के नीचे अबू मुस्तफा नाम के फेसबुक अकाउंट से लिखा गया, “स्टेडियम की छत कार्यक्रम के दौरान बंद रहनी चाहिए, नहीं तो वह ऑस्ट्रेलिया अपनी मौत के लिए आएगा।” जांच एजेंसियों ने उस पोस्ट से जुड़े आईपी एड्रेस की पहचान कर ली है। मोदी 8 जुलाई से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया में रहेंगे। “मेलबर्न मीट्स मोदी” कार्यक्रम 9 जुलाई को मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में होना है। मोदी के इसमें शामिल होने की संभावना है। धमकी सामने आते ही जानकारी ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस को दे दी गई थी। अबतक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई अब तक पुलिस ने धमकी पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। पुलिस किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में ऑस्ट्रेलिया की फेडरल पुलिस, राज्य पुलिस और विशेष सुरक्षा इकाइयों समेत कई एजेंसियां मिलकर काम करेंगी। इससे पहले भी मोदी को धमकी मिल चुकी 2022: पंजाब में PM मोदी की सुरक्षा में चूक 5 जनवरी 2022 को पंजाब में पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक हुई थी। हुसैनीवाला जाते समय प्यारेआणा ब्रिज (फ्लाईओवर) पर प्रदर्शनकारी किसानों ने रास्ता जाम कर दिया था। इस वजह से पीएम का काफिला लगभग 15-20 मिनट तक फंसा रहा था। इसके बाद पीएम बिना रैली किए बठिंडा एयरपोर्ट वापस लौट गए थे। 2026: पंजाब दौरे से पहले ब्लास्ट की धमकी मिली थी PM नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे से एक दिन पहले 31 जनवरी को जालंधर के 4 स्कूलों में बम ब्लास्ट की धमकी मिली थी। कैंब्रिज स्कूल, केएमवी संस्कृति स्कूल, ब्रिटिश ओलिवा स्कूल और सीजेएस पब्लिक स्कूल को धमकी भरा ईमेल भेजा गया था। हालांकि जांच के इस दौरान कुछ नहीं मिला था। खबर लगातर अपडेट की जा रही है…
जापान की PM ताकाइची राष्ट्रपति भवन पहुंची:गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत; आज मोदी से निवेश और सुरक्षा सहयोग द्विपक्षीय चर्चा होगी

जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची का गुरुवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्वागत समारोह में मौजूद रहे। ताकाइची आज प्रधानमंत्री मोदी के साथ भारत-जापान की 16वीं वार्षिक शिखर बैठक में हिस्सा लेंगी। दोनों नेताओं के बीच निवेश, व्यापार, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। यह प्रधानमंत्री बनने के बाद ताकाइची का पहला भारत दौरा है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने पर भी बातचीत होने की उम्मीद है। भारत-जापान में डॉलर के बिना व्यापार की तैयारी भारत और जापान व्यापार में अमेरिकी डॉलर की भूमिका कम करने की तैयारी कर रहे हैं। निक्की एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश ऐसी व्यवस्था बनाने पर काम कर रहे हैं, जिससे कारोबार का भुगतान सीधे भारतीय रुपए और जापानी येन में हो सके। इस प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की नई दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद ऐलान किया जा सकता है। साने ताकाइची आज 3 दिन के भारत दौरे पर आ रही हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। दोनों नेताओं के बीच होने वाले 16वें भारत-जापान सलाना शिखर सम्मेलन में व्यापार, निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल, सप्लाई चेन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। डॉलर पर निर्भरता घटेगी, स्पेशल अकाउंट के जरिए सीधे पेमेंट अगर भारत और जापान के बीच भुगतान से जुड़ा ये प्रस्ताव लागू होता है तो दोनों देशों के बीच पहली बार स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को लेकर औपचारिक व्यवस्था बनेगी। इस योजना के तहत जापानी कंपनियां भारत के बैंकों में विशेष खाते खोलकर सीधे रुपए और येन में लेनदेन कर सकेंगी। यानी लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर या किसी तीसरे देश के बैंक की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस व्यवस्था से विदेशी मुद्रा बदलने का खर्च कम होगा, पैसे भेजने की लागत घटेगी और भुगतान पहले के मुकाबले जल्दी हो सकेगा। दोनों देशों को उम्मीद है कि इससे व्यापार करना आसान होगा और कंपनियों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। 2025 में बनी थी सहमति, अब लागू करने की तैयारी स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए जापान का वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ एक सहयोग समझौता (MoC ) करने की तैयारी में है। यह प्रस्ताव पूरी तरह नया नहीं है। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों के लिए साझा विजन दस्तावेज जारी किया था। उसमें भी पेमेंट सिस्टम और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की बात कही गई थी। अब उसी योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। भारत भी पिछले कुछ वर्षों से रुपए में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। जुलाई 2022 में RBI ने ‘स्पेशल रुपी वोस्त्रो अकाउंट’ शुरू किया था, ताकि दूसरे देशों के साथ रुपए में व्यापार हो सके। बाद में इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाया गया और विदेशी बैंकों को इन खातों में जमा अतिरिक्त रकम भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करने की भी अनुमति दी गई। भारत पहले से बढ़ा रहा रुपए में कारोबार संसद में सरकार ने बताया था कि अब तक 30 देशों के 123 विदेशी बैंकों के लिए भारत के 26 बैंकों में 156 विशेष रुपया वोस्त्रो खाते खोले जा चुके हैं। RBI का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में मजबूत विदेशी मुद्राओं पर निर्भरता कम होगी और रुपए का वैश्विक इस्तेमाल बढ़ेगा। जापान भी एशिया के दूसरे देशों के साथ स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। दिसंबर 2025 में उसने इंडोनेशिया के साथ भी ऐसा ही समझौता किया था, जिससे दोनों देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में सभी तरह के लेनदेन को बढ़ावा दिया जा सके। भारत में बढ़ रहा जापानी निवेश भारत और जापान के आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच 27.5 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच जापान ने भारत में 3.2 अरब डॉलर का निवेश किया। वहीं जापान अगले 10 वर्षों में भारत में 61 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश करने का लक्ष्य भी तय कर चुका है। फिलहाल भारत में करीब 1,400 जापानी कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें लगभग आधी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी हैं। जापान मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना समेत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भी निवेश कर रहा है। हाल ही में जापानी कंपनी ने यस बैंक में 20% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 1.6 अरब डॉलर का निवेश भी किया है। दोनों नेता इस दौरे के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा क्वाड, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत-जापान व्यापार की 5 खास बातें जापान भारत में निवेश करने वाला पांचवां सबसे बड़ा देश है। मार्च 2026 तक उसका कुल निवेश ₹4.58 लाख करोड़ पहुंच चुका था। भारत-जापान ने साल 2025 में अगले 10 साल के लिए 10 ट्रिलियन जापानी येन (₹5.84 लाख करोड़) के जापानी निजी निवेश का टारगेट तय किया। यह निवेश मुख्य रूप से सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी और हाई-टेक डिफेंस उद्योगों में होगा। एक सर्वे के मुताबिक, जापानी कंपनियों के लिए भारत दुनिया का सबसे पसंदीदा और भरोसेमंद निवेश देश है। भारत में व्यापार कर रही 75% से अधिक जापानी कंपनियां मुनाफे में हैं। चीन पर वैश्विक निर्भरता को कम करने के लिए भारत और जापान ने सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे लिथियम, कोबाल्ट की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए 2025 में एक विशेष रणनीतिक डायलॉग शुरू किया है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट पूरी तरह जापानी शिनकानसेन तकनीक और जापानी लोन की मदद से आगे बढ़ रहा है, जो दोनों देशों के सहयोग का सबसे बड़ा प्रतीक है। ———————————— जापान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जापान में पहली बार महिला प्रधानमंत्री बनी:मजबूत सेना और संविधान में संशोधन की समर्थक हैं, मोदी-ट्रम्प ने दी बधाई साने ताकाइची जापान की प्रधानमंत्री चुनी गई हैं। वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। ताकाइची को संसद के निचले सदन में
जापान की PM ताकाइची राष्ट्रपति भवन पहुंची:गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत; आज मोदी से निवेश और सुरक्षा सहयोग द्विपक्षीय चर्चा होगी

जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची का गुरुवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्वागत समारोह में मौजूद रहे। ताकाइची आज प्रधानमंत्री मोदी के साथ भारत-जापान की 16वीं वार्षिक शिखर बैठक में हिस्सा लेंगी। दोनों नेताओं के बीच निवेश, व्यापार, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। यह प्रधानमंत्री बनने के बाद ताकाइची का पहला भारत दौरा है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने पर भी बातचीत होने की उम्मीद है। भारत-जापान में डॉलर के बिना व्यापार की तैयारी भारत और जापान व्यापार में अमेरिकी डॉलर की भूमिका कम करने की तैयारी कर रहे हैं। निक्की एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश ऐसी व्यवस्था बनाने पर काम कर रहे हैं, जिससे कारोबार का भुगतान सीधे भारतीय रुपए और जापानी येन में हो सके। इस प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की नई दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद ऐलान किया जा सकता है। साने ताकाइची आज 3 दिन के भारत दौरे पर आ रही हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। दोनों नेताओं के बीच होने वाले 16वें भारत-जापान सलाना शिखर सम्मेलन में व्यापार, निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल, सप्लाई चेन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। डॉलर पर निर्भरता घटेगी, स्पेशल अकाउंट के जरिए सीधे पेमेंट अगर भारत और जापान के बीच भुगतान से जुड़ा ये प्रस्ताव लागू होता है तो दोनों देशों के बीच पहली बार स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को लेकर औपचारिक व्यवस्था बनेगी। इस योजना के तहत जापानी कंपनियां भारत के बैंकों में विशेष खाते खोलकर सीधे रुपए और येन में लेनदेन कर सकेंगी। यानी लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर या किसी तीसरे देश के बैंक की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस व्यवस्था से विदेशी मुद्रा बदलने का खर्च कम होगा, पैसे भेजने की लागत घटेगी और भुगतान पहले के मुकाबले जल्दी हो सकेगा। दोनों देशों को उम्मीद है कि इससे व्यापार करना आसान होगा और कंपनियों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। 2025 में बनी थी सहमति, अब लागू करने की तैयारी स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए जापान का वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ एक सहयोग समझौता (MoC ) करने की तैयारी में है। यह प्रस्ताव पूरी तरह नया नहीं है। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों के लिए साझा विजन दस्तावेज जारी किया था। उसमें भी पेमेंट सिस्टम और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की बात कही गई थी। अब उसी योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। भारत भी पिछले कुछ वर्षों से रुपए में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। जुलाई 2022 में RBI ने ‘स्पेशल रुपी वोस्त्रो अकाउंट’ शुरू किया था, ताकि दूसरे देशों के साथ रुपए में व्यापार हो सके। बाद में इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाया गया और विदेशी बैंकों को इन खातों में जमा अतिरिक्त रकम भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करने की भी अनुमति दी गई। भारत पहले से बढ़ा रहा रुपए में कारोबार संसद में सरकार ने बताया था कि अब तक 30 देशों के 123 विदेशी बैंकों के लिए भारत के 26 बैंकों में 156 विशेष रुपया वोस्त्रो खाते खोले जा चुके हैं। RBI का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में मजबूत विदेशी मुद्राओं पर निर्भरता कम होगी और रुपए का वैश्विक इस्तेमाल बढ़ेगा। जापान भी एशिया के दूसरे देशों के साथ स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। दिसंबर 2025 में उसने इंडोनेशिया के साथ भी ऐसा ही समझौता किया था, जिससे दोनों देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में सभी तरह के लेनदेन को बढ़ावा दिया जा सके। भारत में बढ़ रहा जापानी निवेश भारत और जापान के आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच 27.5 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच जापान ने भारत में 3.2 अरब डॉलर का निवेश किया। वहीं जापान अगले 10 वर्षों में भारत में 61 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश करने का लक्ष्य भी तय कर चुका है। फिलहाल भारत में करीब 1,400 जापानी कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें लगभग आधी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी हैं। जापान मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना समेत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भी निवेश कर रहा है। हाल ही में जापानी कंपनी ने यस बैंक में 20% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 1.6 अरब डॉलर का निवेश भी किया है। दोनों नेता इस दौरे के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा क्वाड, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत-जापान व्यापार की 5 खास बातें जापान भारत में निवेश करने वाला पांचवां सबसे बड़ा देश है। मार्च 2026 तक उसका कुल निवेश ₹4.58 लाख करोड़ पहुंच चुका था। भारत-जापान ने साल 2025 में अगले 10 साल के लिए 10 ट्रिलियन जापानी येन (₹5.84 लाख करोड़) के जापानी निजी निवेश का टारगेट तय किया। यह निवेश मुख्य रूप से सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी और हाई-टेक डिफेंस उद्योगों में होगा। एक सर्वे के मुताबिक, जापानी कंपनियों के लिए भारत दुनिया का सबसे पसंदीदा और भरोसेमंद निवेश देश है। भारत में व्यापार कर रही 75% से अधिक जापानी कंपनियां मुनाफे में हैं। चीन पर वैश्विक निर्भरता को कम करने के लिए भारत और जापान ने सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे लिथियम, कोबाल्ट की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए 2025 में एक विशेष रणनीतिक डायलॉग शुरू किया है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट पूरी तरह जापानी शिनकानसेन तकनीक और जापानी लोन की मदद से आगे बढ़ रहा है, जो दोनों देशों के सहयोग का सबसे बड़ा प्रतीक है। ———————————— जापान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जापान में पहली बार महिला प्रधानमंत्री बनी:मजबूत सेना और संविधान में संशोधन की समर्थक हैं, मोदी-ट्रम्प ने दी बधाई साने ताकाइची जापान की प्रधानमंत्री चुनी गई हैं। वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। ताकाइची को संसद के निचले सदन में
ईरान बोला- होर्मुज हमारी सबसे बड़ी ताकत, पीछे नहीं हटेंगे:टोल में 60 दिन की छूट अस्थायी, इस पर हमारा अधिकार रहेगा

ईरान ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट उसकी सबसे बड़ी ताकत है और इस पर उसका अधिकार बना रहेगा। ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद बाकर गालीबाफ ने कहा कि अमेरिका के साथ हुए समझौता ज्ञापन (MoU) में समुद्री सेवाओं के टोल में 60 दिनों की छूट सिर्फ अस्थायी व्यवस्था है। ईरानी सरकारी मीडिया से बातचीत में गालीबाफ ने कहा कि होर्मुज ईरान के क्षेत्रीय जल का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका यह कहकर विवाद पैदा नहीं कर सकता कि ईरान ने इस स्ट्रेट का सैन्यीकरण कर दिया है। गालीबाफ ने कहा, “ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपना अधिकार नहीं छोड़ा है। इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। हम किसी भी परिस्थिति में अपने इस रुख से पीछे नहीं हटेंगे।” उन्होंने होर्मुज को युद्ध के दौरान ईश्वर का दिया उपहार बताया। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. होर्मुज में फिर बढ़ी जहाजों की आवाजाही: समुद्री निगरानी करने वाली कंपनी केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को होर्मुज से कुल 40 जहाज गुजरे। इनमें से 16 जहाजों ने ईरान के समुद्री मार्ग का इस्तेमाल किया। 2. ईरान की शर्त- पहले फंसे 6 अरब डॉलर दो: ईरान चाहता है कि विदेशों में फंसी उसकी करीब 6 अरब डॉलर (करीब 57 हजार करोड़ रुपए) की संपत्ति पहले जारी की जाए। इसके बाद ही वह शांति समझौते के अगले चरण पर आगे बढ़ेगा। 3. पजशकियान बोले- समझौता सुप्रीम लीडर की मंजूरी से हुआ: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि अमेरिका के साथ हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) ईरान के सुप्रीम लीडर की मंजूरी से हुआ है। 4. खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा इंतजाम: ईरान अपने सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए अब तक की सबसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर रहा है। ईरान पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
Ben Stokes Announces Retirement | PM Modi Launches Ambulance Tracking

Hindi News Career Ben Stokes Announces Retirement | PM Modi Launches Ambulance Tracking 8 मिनट पहले कॉपी लिंक 1. पीएम मोदी ने सेशेल्स डेवलपमेंट प्रोजेक्ट शुरू किए 29 जून को पीएम मोदी ने सेशेल्स में 19 बड़े समझौतों और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का ऐलान किया। इन प्रोजेक्ट्स में UPI बेस्ड डिजिटल पेमेंट शुरू करना, 1,250 करोड़ रुपए की लाइन ऑफ क्रेडिट (लोन), साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, अंतरिक्ष और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना शामिल है। इसके साथ ही भारत ने सेशेल्स को एक फास्ट पेट्रोल वेसल, 10 यूटिलिटी व्हीकल, 5 नाव, 6 एम्बुलेंस, 500 मीट्रिक टन चावल और 8,500 मीट्रिक टन सीमेंट भी सौंपा। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर ये समझौते किए गए हैं। इससे पहले मोदी ने रविवार को सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया था। पीएम मोदी सेशेल्स के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने वाले पहले भारतीय पीएम हैं। इस साल सेशेल्स की आजादी और भारत-सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष भी पूरे हुए हैं। पीएम मोदी 27 जून को 3 दिन की यात्रा पर सेशेल्स पहुंचे थे। स्पोर्ट्स (SPORTS) 2. दीप्ति शर्मा इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली प्लेयर बनी 28 जून को दीप्ति शर्मा ने महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। दीप्ति के तीनों फॉर्मेट मिलाकर 356 इंटरनेशनल विकेट हो गए हैं। दीप्ति ने टेस्ट में 22, वनडे में 166 और टी-20 इंटरनेशनल में 168 विकेट हासिल किए हैं। दीप्ति ने झूलन गोस्वामी के 355 विकेट के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। इस उपलब्धि के साथ दीप्ति शर्मा महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज बन गई हैं। दीप्ति ने 31 जनवरी 2016 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ T-20 इंटरनेशनल (T20I)से डेब्यू किया। 2018 में बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया ने दीप्ति को जगमोहन डालमिया ट्रॉफी से सम्मानित किया। 2025 में दीप्ति महिला ODI वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुनी गईं। दिसंबर 2025 में महिला T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज बनीं थीं। दीप्ति मार्च 2024 में WPL में हैट्रिक लेने वाली पहली भारतीय गेंदबाज बनीं। 3. क्रिकेटर बेन स्टोक्स ने संन्यास का ऐलान किया 28 जून को इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया। बेन का न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रहा तीसरा टेस्ट आखिरी मैच होगा। 15 साल के करियर में बेन स्टोक्स ने इंग्लैंड के लिए कई यादगार पारियां खेली। स्टोक्स ने 2019 वर्ल्ड कप फाइनल हो, 2019 का ऐतिहासिक एशेज टेस्ट बनाया। इंग्लैंड 2019 ODI में स्टोक्स ने विश्व कप जिताने में निर्णायक भूमिका निभाई थी। स्टोक्स 2022 में T20 वर्ल्ड कप के विनर रहे। टेस्ट क्रिकेट में 7,000+ रन और 250+ विकेट लेने वाले चुनिंदा ऑलराउंडरों में शामिल। स्टोक्स ने टेस्ट डेब्यू 2013-14 में एशेज सीरीज में किया था और वे अप्रैल 2022 से इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान रहे हैं। स्टोक्स ने इंग्लैंड के लिए कुल 122 टेस्ट खेले। इनमें 44 मैचों में उन्होंने कप्तानी की। निधन (DEATH) 4. तमिल एक्टर के. भाग्यराज का निधन 28 जून को तमिल एक्टर, डायरेक्टर और स्क्रीनराइटर के. भाग्यराज का चेन्नई में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। वे 73 साल के थे। कृष्णस्वामी भाग्यराज तमिल सिनेमा के सबसे प्रभावशाली फिल्ममेकर्स में से एक माना जाते थे। कृष्णस्वामी को उनके खास स्क्रीनराइटिंग स्टाइल के लिए स्क्रीनप्ले किंग भी कहा जाता था। 1994 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘राजा बाबू’ का स्क्रीनप्ले और कहानी कृष्णस्वामी ने लिखी थी। कृष्णस्वामी ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत डायरेक्टर भारतीराजा के असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर की थी। कृष्णस्वामी बाद में वे तमिल सिनेमा के जाने-माने लेखकों और डायरेक्टरों में से एक बन गए। कृष्णस्वामी ने इसके साथ-साथ 75 से ज्यादा फिल्मों में एक्टिंग की और 25 से ज्यादा फिल्मों का निर्देशन किया। फिल्म मुंडनई मुदिचू में कृष्णस्वामी को उनके रोल के लिए फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर अवॉर्ड मिला था। भाग्यराज ने अमिताभ बच्चन स्टारर फिल्म आखिरी रास्ता का निर्देशन किया था। कृष्णस्वामी ने 75 से ज्यादा फिल्मों में एक्टिंग भी की। 5. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ग्रीस और ब्रिटेन यात्रा पर पहुंचे 29 जून को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल यूनाइटेड किंगडम और ग्रीस की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे हैं। यात्रा के पहले दिन पीयूष गोयल ब्रिटेन में अपनी बैठकों के बाद ग्रीस की राजधानी एथेंस पहुंच गए हैं। इस यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल एथेंस चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसीसीआई) में भारतीय और ग्रीक इंडस्टलिस्ट के साथ चर्चा भी करेगा। इस यात्रा का उद्देश्य भारत के साथ दोनों देशों के व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करना है। ब्रिटेन यात्रा के दौरान पीयूष गोयल भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते (FTA/CETA) के 15 जुलाई से लागू होने से पहले तैयारियों की समीक्षा भी करेंगे। वे इस यात्रा के दौरान ब्रिटेन के व्यापार एवं व्यवसाय मंत्री के साथ उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। पीयूष ने इससे पहले ‘यूके-इंडिया वीक 2026’ में हिस्सा लिया था। भारत और ग्रीस के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने के लिए नए समझौतों पर चर्चा होगी। ये यात्रा भारत की ‘यूरोपीय संघ’ (EU) के साथ आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की नीति का हिस्सा है। इस यात्रा के दौरान ग्रीस के साथ समुद्री व्यापार और लॉजिसटिक पर भी बातचीत होगी। इस यात्रा के दौरान स्टार्टअप इकोसिस्टम के आदान-प्रदान के लिए एक विशेष समझौता होने की उम्मीद है। ये यात्रा भारत-ग्रीस के बीच व्यापार, निवेश और रणनीतिक आर्थिक सहयोग को नई गति देने के उद्देश्य से की जा रही है। ये यात्रा भारत और ग्रीस के बीच आर्थिक संबंधों को और गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। 6. नेशनल एम्बुलेंस सेवाओं (NAS) के नए नियम जारी 29 जून को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवाओं (NAS) के नए नियम जारी किए। स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने 29 जून 2026 को SUMAN (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन) रोडमैप 2030 जारी किया। यह ऐलान 16वें केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण परिषद (CCHFW) सम्मेलन में किया गया। अब दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और अस्पतालों की GIS आधारित मैपिंग होगी, जिससे सबसे नजदीकी और उपयुक्त अस्पताल
India Seychelles 19 Deals Signed

विक्टोरिया5 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत और सेशेल्स ने रविवार को 19 बड़े समझौतों और विकास परियोजनाओं का ऐलान किया। प्रधानमंत्री मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की मौजूदगी में हुए इन फैसलों से रक्षा, डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य, शिक्षा, अंतरिक्ष और समुद्री सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग मजबूत होगा। सबसे बड़ी घोषणा यह रही कि अब सेशेल्स में भी भारत की UPI आधारित डिजिटल भुगतान व्यवस्था शुरू होगी। भारत ने अब तक 23 से अधिक देशों के साथ UPI को लेकर समझौते किए हैं। फिलहाल 9 देशों में UPI से भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा भारत, सेशेल्स को 1,250 करोड़ रुपए की लाइन ऑफ क्रेडिट (लोन) देगा, जिससे वहां की विकास परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा। दोनों देशों ने प्रत्यर्पण संधि, नए राष्ट्रीय अस्पताल की तैयारी और अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग जैसे अहम समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए। भारत ने सेशेल्स को एक फास्ट पेट्रोल वेसल, 10 यूटिलिटी वाहन, 5 नौकाएं, 6 एम्बुलेंस, 500 मीट्रिक टन चावल और 8,500 मीट्रिक टन सीमेंट भी सौंपा। इसके साथ ही साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी। ये घोषणाएं ऐसे समय हुई हैं, जब दोनों देश राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। PM मोदी के सेशेल्स दौरे से जुड़ी 3 तस्वीरें… प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सेशेल्स की नेशनल असेंबली के विशेष सत्र को संबोधित किया। वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। इससे पहले भारत की तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने ऐसा किया था। पीएम मोदी को राष्ट्रपति पैट्रिक ने सेशेल्स का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया। PM मोदी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम से मुलाकात की। वे भी सेशेल्स के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। मोदी गोल्डन जुबली नेशनल डे में चीफ गेस्ट प्रधानमंत्री मोदी को रविवार को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया। उन्हें अब तक 34 देशों का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुका है। मोदी आज सेशल्स की आजादी के 50 साल पूरे होने पर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। इस मौके पर भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS तरकश और हाइड्रोग्राफिक सर्वे शिप INS इक्षक भी परेड और समारोह का हिस्सा बनेंगे। इस दौरान भारतीय नौसेना की मार्चिंग टुकड़ी और नेवल बैंड भी परेड में शामिल होंगे। PM मोदी के सेशेल्स दौरे की 4 खास बातें 1. गोल्डन जुबली नेशनल डे में मुख्य अतिथि PM मोदी 29 जून को सेशल्स की आजादी के 50 साल पूरे होने पर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। इस मौके पर भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS तरकश और हाइड्रोग्राफिक सर्वे शिप INS इक्षक भी परेड और समारोह का हिस्सा बनेंगे। 2. 175 मिलियन डॉलर का आर्थिक पैकेज भारत ने सेशल्स के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर (1651 करोड़) के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। इसके अलावा भारत ने सेशेल्स को भारत में बना फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) ‘पीएस लेस्पवार’ गिफ्ट किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल PS लेस्पवार सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी को गिफ्ट किया। यह सेशेल्स की समुद्री निगरानी क्षमता को मजबूत करेगा। 3. नए समझौतों पर हस्ताक्षर भारत और सेशेल्स ने 19 अहम समझौतों और घोषणाओं का ऐलान किया। इसमें प्रत्यर्पण संधि, यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान शुरू करने, डिजिटल भुगतान आदि शामिल थे। 4. मोदी ने कोको डी मेर पौधा लगाया कोको डी मेर का पौधा और इसका फल सिर्फ सेशल्स में ही प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। इसके फल के अंदर मिलने वाला बीज दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे भारी बीज माना जाता है। एक अकेले बीज का वजन 15 से 30 किलोग्राम तक हो सकता है। कोको डी मेर के नर और मादा पेड़ अलग-अलग होते हैं। मादा फल महिला के कूल्हे जैसा दिखाई देता है। इसे ‘डबल कोकोनट’ भी कहा जाता है। वहीं, नर फूल पुरुष के जननांग जैसा दिखता है। इस अनूठी बनावट के कारण सदियों से इस पौधे को लेकर कई तरह की लोककथाएं और पौराणिक कहानियां प्रचलित हैं। इस पेड़ को वयस्क होने और फल देने में 20 से 40 साल का समय लगता है। एक फल को पूरी तरह पककर तैयार होने में 6 से 7 साल लग जाते हैं। यह पेड़ बेहद लंबी उम्र जीता है; माना जाता है कि ये 200 से 350 साल तक जीवित रह सकते हैं। प्राचीन काल में, जब यह फल समुद्र में तैरता हुआ मालदीव या भारत के तटों पर पहुंच जाता था, तो लोग सोचते थे कि यह समुद्र के तल में उगने वाले किसी जादुई पेड़ का फल है। इसी वजह से फ्रांसीसी भाषा में इसका नाम ‘कोको डी मेर’ पड़ा, जिसका अर्थ होता है समुद्र का नारियल। मोदी सेशेल्स जाने वाले सिर्फ दूसरे प्रधानमंत्री पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी साल 1976 में सेशेल्स गई थीं। उसी साल सेशेल्स आजाद हुआ था। भारत ने सेशेल्स के स्वतंत्रता समारोह में नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि भी भेजा था। इसके बाद इंदिरा गांधी ने 1981 में फिर सेशेल्स का दौरा किया था। उनकी यात्रा के बाद, लगभग 34 साल तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की यात्रा नहीं की थी। ——————————— यह खबर भी पढ़ें… मोदी को सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान, संसद को संबोधित किया:बोले- सेशेल्स से हमारा 256 साल पुराना रिश्ता, 5 भारतीयों से हुई इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही मोदी को अब तक 34 देशों का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुका है। सम्मान मिलने पर PM मोदी ने सेशेल्स की जनता, सरकार और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी का आभार जताया। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









