PM Modi Appeal Hurts Jewellery Shares 10%; 2026 Skoda Kodiaq Launch

नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर पेट्रोल-डीजल और LPG से जुड़ी रही। सरकार ने सोमवार को नागरिकों को आश्वासन दिया कि देश में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान के बाद 11 मई को ज्वेलरी कंपनियों के शेयर 10% तक लुढ़क गए। पीएम मोदी ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम में नागरिकों से अपील की कि वे एक साल तक सोना न खरीदें। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. सरकार ने कहा- पेट्रोल-डीजल और LPG की कमी नहीं: एक दिन पहले PM मोदी ने कहा था- इनका इस्तेमाल कम करें पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच सरकार ने देश में ईंधन की कमी की खबरों को खारिज किया है। सरकार ने सोमवार को नागरिकों को आश्वासन दिया कि देश में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रविवार को ईंधन पर निर्भरता कम करने और बचत करने की अपील के एक दिन बाद आया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. पीएम मोदी की अपील के बाद ज्वेलरी शेयर 10% टूटे: एक साल सोना न खरीदने को कहा; डिमांड 10% तक घट सकती है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान के बाद 11 मई को ज्वेलरी कंपनियों के शेयर 10% तक लुढ़क गए। पीएम मोदी ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान नागरिकों से अपील की है कि वे एक साल तक सोना न खरीदें। इस बयान के बाद निवेशकों में घबराहट है। कल्याण ज्वेलर्स और सेन्को गोल्ड के शेयर 10-10% तक टूट गए। वहीं, देश की सबसे बड़ी ज्वेलरी कंपनी टाइटन के शेयर में 7% की गिरावट है। इसके अलावा पीएन गाडगिल 8%, थंगमयिल ज्वेलरी 6% और अन्य छोटे ज्वेलरी शेयरों में भी कमजोरी आई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. अडाणी बोले- एनर्जी-इंटेलिजेंस को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाना होगा: अडाणी ग्रुप भारत में डेटा सेंटर्स के लिए 9.52 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगा अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने कहा कि आज के दौर में एनर्जी और इंटेलिजेंस एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और इन्हें राष्ट्रीय प्राथमिकता के तौर पर देखा जाना चाहिए। सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित CII एनुअल बिजनेस समिट 2026 में अडाणी ने भारत की भविष्य की जरूरतों पर यह बात कही है। अडाणी ने मिडिल ईस्ट के संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि एनर्जी सिक्योरिटी और डिजिटल सिक्योरिटी अब अलग-अलग नहीं रह गए हैं। ये दोनों ही अब किसी देश की राष्ट्रीय शक्ति के आधार हैं। उन्होंने कहा कि जो देश शांति के समय अपनी क्षमता नहीं बनाता, उसे संकट के समय इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ती है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. सेंसेक्स 1,313 अंक गिरकर 76,015 पर बंद: निफ्टी भी 360 अंक टूटा, ऑटो और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली रही शेयर बाजार में 11 मई को गिरावट रही। सेंसेक्स 1,313 अंक की गिरावट के साथ 76,015 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 360 अंक की गिरावट रही, ये 23,815 पर बंद हुआ। आज ऑटो, बैंकिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी शेयर्स में ज्यादा गिरावट रही। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. 2026 स्कोडा कोडिएक लॉन्च, शुरुआती कीमत ₹36.99 लाख: ₹3 लाख तक सस्ती हुई SUV, 14.86kmpl का माइलेज के साथ सेफ्टी के लिए लेवल-2 ADAS स्कोडा ऑटो इंडिया ने प्रीमियम फुल साइज SUV स्कोडा कोडिएक का 2026 मॉडल भारत में लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने अपडेटेड मॉडल में सबसे बड़ा बदलाव सेफ्टी को लेकर किया है, जिसमें अब लेवल-2 ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) फीचर शामिल किया गया है। कंपनी का दावा है कि कार 14.86kmpl का माइलेज देती है। अपडेटेड मॉडल की एक्स-शोरूम शुरुआती कीमत 36.99 लाख रुपए रखी गई है। खास बात यह है कि इसके बेस वैरिएंट ‘लाउंज’ की कीमत 3 लाख रुपए घटाई गई है। हालांकि, अन्य वैरिएंट्स नए फीचर्स जुड़ने से महंगे हुए हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
हिमंता दूसरी बार असम के सीएम पद की शपथ लेंगे:4 मंत्री भी बनेंगे, पीएम मोदी समेत NDA के कई बड़े नेता शामिल होंगे

हिमंता बिस्वा सरमा आज 11 बजे दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ 4 और विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे। समारोह में पीएम मोदी सहित कई NDA शासित राज्यों के सीएम भी शामिल होंगे। कार्यक्रम के लिए गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में सोमवार को ही तैयारियां शुरू हो गईं। रविवार को असम में बीजेपी की विधायक दल की बैठक हुई, इसमें हिमंता को फिर विधायक दल का नेता चुना गया। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार रात ही पहुंच गए। सीएम के साथ 4 मंत्री शपथ लेंगे हिमंता ने सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नेओग मेरे साथ मंत्री पद की शपथ लेंगे। इसके अलावा रंजीत दास असम विधानसभा के स्पीकर होंगे। इससे पहले हिमंता ने रविवार को कहा था कि मंत्रिमंडल में लगभग 18-19 मंत्री हो सकते हैं, लेकिन हम नए चेहरों को शामिल करेंगे या अनुभवी लोगों को बनाए रखेंगे, यह हमें मिलने वाले मार्गदर्शन पर निर्भर करेगा। असम में तीसरी बार भाजपा सरकार असम में भी हिमंता सरकार की वापसी हुई है। भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। BJP ने यहां अकेले ही 82 सीटें जीतीं, जो बहुमत के आंकड़े से 18 ज्यादा है। मौजूदा भाजपा सरकार का कोई भी मंत्री चुनाव नहीं हारा। ऐसा देश में पहली बार हुआ। पूर्वोत्तर में हिमंता भाजपा का चेहरा पूर्वोत्तर भारत में भाजपा और NDA की बढ़ती ताकत के पीछे हिमंत बिस्वा सरमा महत्वपूर्ण रणनीतिकार माना जाता है। कांग्रेस से भाजपा में आने के बाद, उन्होंने ‘नॉर्थ-ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस’ (NEDA) के संयोजक के रूप में पूरे क्षेत्र में क्षेत्रीय दलों को एक साझा मंच पर लाने में बड़ी भूमिका निभाई। सरमा की जमीनी स्तर पर पकड़ और कठिन से कठिन राजनीतिक परिस्थितियों में गठबंधन बनाने की क्षमता ने पूर्वोत्तर में भाजपा के लिए ‘अजेय’ द्वार खोल दिए हैं। पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों (असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, नगालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा और सिक्किम) में भाजपा या एनडीए समर्थित गठबंधन की सरकारें हैं। नई विधानसभा में 7 महिलाएं, भाजपा 92.1% स्ट्राइक रेट असम में BJP की जीत के 4 बड़े फैक्टर 1. परिसीमन के बाद 36% मुस्लिम बहुल सीटें घटीं- 2023 में असम में परिसीमन हुआ और विधानसभा सीटों की बाउंड्री दोबारा तय की गई। ST, SC की रिजर्व सीटें और बोडोलैंड ट्राइबल रीजन की सीटें बढ़ीं, लेकिन मुस्लिम बहुल सीटें 41 से घटकर 26 रह गईं। राजनीतिक विश्लेषक अशोक मलिक के मुताबिक, ‘नई सीमाओं ने मुस्लिम बहुल इलाकों के प्रभाव को सीमित कर दिया। साथ ही उन सीटों को भी फिर से व्यवस्थित किया जहां असमिया मुसलमान कम हो रहे थे। इससे हिमंत को उन सीटों पर बढ़त मिली जहां पहले भाजपा कमजोर थी।’ 2. कांग्रेस और AIUDF के मुस्लिम वोट बंटे, बीजेपी को फायदा- 2021 में कांग्रेस और बदरुद्दीन अजमल की AIUDF ने साथ चुनाव लड़ा था। उन्हें बंगाली मुसलमानों के 89% तो असमी मुसलमानों के 65% वोट मिले थे। 2026 में यह दोनों धड़े अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषक डॉ. जयदीप बरुआ के मुताबिक, ‘हिमंता मुस्लिम समुदाय के भीतर दो गुट पैदा करने में सफल रहे हैं। पहले उन्होंने बांग्लादेश से आए ‘मियां मुसलमानों’ को असमी मुसलमानों के लिए खतरा बताया। फिर असमी मुसलमानों को विशेष दर्जा देकर, उन्हें अपने पाले में सुरक्षित कर लिया।’ 3. हिमंता बिस्व सरमा की पॉपुलैरिटी और हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण- हिमंता बिस्वा सरमा की रैलियों में उमड़ने वाली भीड़ वोट में कन्वर्ट हो गई। उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा उठाया। इससे असमी संस्कृति, परंपरा और भाषा को खतरा बताया। उन्होंने दावा किया कि हर हफ्ते 35-40 बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस भेज रहे हैं। इससे हिंदू वोटों में बीजेपी की पकड़ मजबूत होती चली गई। पॉलिटिकल एक्सपर्ट अदिप फुकन के मुताबिक, असम में पहली बार पूरा चुनाव हिमंता के चेहरे पर लड़ा गया। वे अपने तीखे बयानों से खुद को योगी जैसे कट्टर नेता के तौर पर स्थापित करने में सफल हुए। 4. कांग्रेस के सीनियर नेता बीजेपी में आए- चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के दो सीनियर नेता भूपेन कुमार बोराह और प्रद्युत बोरदोलोई ने बीजेपी जॉइन कर ली। इससे कांग्रेस का अंदरूनी कलह और राजनीतिक कमजोरी सामने आई। कांग्रेस ने इस बार पूर्व सीएम तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई की लीडरशिप में चुनाव लड़ा। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि मई 2025 में असम कांग्रेस अध्यक्ष बने गौरव हिमंता के सामने खुद को स्थापित नहीं कर पाए। ——————————————–
हिमंता दूसरी बार असम के सीएम पद की शपथ लेंगे:4 मंत्री भी बनेंगे, पीएम मोदी समेत NDA के कई बड़े नेता शामिल होंगे

हिमंता बिस्वा सरमा आज 11 बजे दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ 4 और विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे। समारोह में पीएम मोदी सहित कई NDA शासित राज्यों के सीएम भी शामिल होंगे। कार्यक्रम के लिए गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में सोमवार को ही तैयारियां शुरू हो गईं। रविवार को असम में बीजेपी की विधायक दल की बैठक हुई, इसमें हिमंता को फिर विधायक दल का नेता चुना गया। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार रात ही पहुंच गए। सीएम के साथ 4 मंत्री शपथ लेंगे हिमंता ने सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नेओग मेरे साथ मंत्री पद की शपथ लेंगे। इसके अलावा रंजीत दास असम विधानसभा के स्पीकर होंगे। इससे पहले हिमंता ने रविवार को कहा था कि मंत्रिमंडल में लगभग 18-19 मंत्री हो सकते हैं, लेकिन हम नए चेहरों को शामिल करेंगे या अनुभवी लोगों को बनाए रखेंगे, यह हमें मिलने वाले मार्गदर्शन पर निर्भर करेगा। असम में तीसरी बार भाजपा सरकार असम में भी हिमंता सरकार की वापसी हुई है। भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। BJP ने यहां अकेले ही 82 सीटें जीतीं, जो बहुमत के आंकड़े से 18 ज्यादा है। मौजूदा भाजपा सरकार का कोई भी मंत्री चुनाव नहीं हारा। ऐसा देश में पहली बार हुआ। पूर्वोत्तर में हिमंता भाजपा का चेहरा पूर्वोत्तर भारत में भाजपा और NDA की बढ़ती ताकत के पीछे हिमंत बिस्वा सरमा महत्वपूर्ण रणनीतिकार माना जाता है। कांग्रेस से भाजपा में आने के बाद, उन्होंने ‘नॉर्थ-ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस’ (NEDA) के संयोजक के रूप में पूरे क्षेत्र में क्षेत्रीय दलों को एक साझा मंच पर लाने में बड़ी भूमिका निभाई। सरमा की जमीनी स्तर पर पकड़ और कठिन से कठिन राजनीतिक परिस्थितियों में गठबंधन बनाने की क्षमता ने पूर्वोत्तर में भाजपा के लिए ‘अजेय’ द्वार खोल दिए हैं। पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों (असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, नगालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा और सिक्किम) में भाजपा या एनडीए समर्थित गठबंधन की सरकारें हैं। नई विधानसभा में 7 महिलाएं, भाजपा 92.1% स्ट्राइक रेट असम में BJP की जीत के 4 बड़े फैक्टर 1. परिसीमन के बाद 36% मुस्लिम बहुल सीटें घटीं- 2023 में असम में परिसीमन हुआ और विधानसभा सीटों की बाउंड्री दोबारा तय की गई। ST, SC की रिजर्व सीटें और बोडोलैंड ट्राइबल रीजन की सीटें बढ़ीं, लेकिन मुस्लिम बहुल सीटें 41 से घटकर 26 रह गईं। राजनीतिक विश्लेषक अशोक मलिक के मुताबिक, ‘नई सीमाओं ने मुस्लिम बहुल इलाकों के प्रभाव को सीमित कर दिया। साथ ही उन सीटों को भी फिर से व्यवस्थित किया जहां असमिया मुसलमान कम हो रहे थे। इससे हिमंत को उन सीटों पर बढ़त मिली जहां पहले भाजपा कमजोर थी।’ 2. कांग्रेस और AIUDF के मुस्लिम वोट बंटे, बीजेपी को फायदा- 2021 में कांग्रेस और बदरुद्दीन अजमल की AIUDF ने साथ चुनाव लड़ा था। उन्हें बंगाली मुसलमानों के 89% तो असमी मुसलमानों के 65% वोट मिले थे। 2026 में यह दोनों धड़े अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषक डॉ. जयदीप बरुआ के मुताबिक, ‘हिमंता मुस्लिम समुदाय के भीतर दो गुट पैदा करने में सफल रहे हैं। पहले उन्होंने बांग्लादेश से आए ‘मियां मुसलमानों’ को असमी मुसलमानों के लिए खतरा बताया। फिर असमी मुसलमानों को विशेष दर्जा देकर, उन्हें अपने पाले में सुरक्षित कर लिया।’ 3. हिमंता बिस्व सरमा की पॉपुलैरिटी और हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण- हिमंता बिस्वा सरमा की रैलियों में उमड़ने वाली भीड़ वोट में कन्वर्ट हो गई। उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा उठाया। इससे असमी संस्कृति, परंपरा और भाषा को खतरा बताया। उन्होंने दावा किया कि हर हफ्ते 35-40 बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस भेज रहे हैं। इससे हिंदू वोटों में बीजेपी की पकड़ मजबूत होती चली गई। पॉलिटिकल एक्सपर्ट अदिप फुकन के मुताबिक, असम में पहली बार पूरा चुनाव हिमंता के चेहरे पर लड़ा गया। वे अपने तीखे बयानों से खुद को योगी जैसे कट्टर नेता के तौर पर स्थापित करने में सफल हुए। 4. कांग्रेस के सीनियर नेता बीजेपी में आए- चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के दो सीनियर नेता भूपेन कुमार बोराह और प्रद्युत बोरदोलोई ने बीजेपी जॉइन कर ली। इससे कांग्रेस का अंदरूनी कलह और राजनीतिक कमजोरी सामने आई। कांग्रेस ने इस बार पूर्व सीएम तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई की लीडरशिप में चुनाव लड़ा। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि मई 2025 में असम कांग्रेस अध्यक्ष बने गौरव हिमंता के सामने खुद को स्थापित नहीं कर पाए। ——————————————–
Fuel Shortage Denied, 1.26 Cr LPG Cylinders Distributed

नई दिल्ली1 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच केंद्र सरकार ने देश में ईंधन की कमी की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार ने सोमवार को नागरिकों को आश्वासन दिया कि देश में पेट्रोल, डीजल या रसोई गैस (LPG) की कोई कमी नहीं है। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रविवार को ईंधन पर निर्भरता कम करने और बचत करने की अपील के एक दिन बाद आया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और तेल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावट जरूर आई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। हालांकि, भारत सरकार ने आम उपभोक्ताओं को बिना किसी असुविधा के ईंधन की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। क्रूड इन्वेंट्री पर्याप्त, रिफाइनरीज में काम जारी सुजाता शर्मा ने जानकारी दी कि भारत के पास कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का पर्याप्त भंडार है। उन्होंने बताया कि हमारी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और इनमें कोई रुकावट नहीं है। देश के किसी भी पेट्रोल पंप या एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर स्टॉक खत्म होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घरों में खाना पकाने के लिए एलपीजी की सप्लाई निरंतर की जा रही है। 3 दिन में 1.26 करोड़ एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी एलपीजी सप्लाई के आंकड़े साझा करते हुए शर्मा ने बताया कि देश भर में डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क सामान्य रूप से काम कर रहा है। पिछले तीन दिनों में 1.14 करोड़ एलपीजी बुकिंग के मुकाबले 1.26 करोड़ घरों में सिलेंडर पहुंचाए गए। इसके अलावा पिछले तीन दिनों में 17,000 टन से ज्यादा कॉमर्शियल एलपीजी की बिक्री हुई। इसी अवधि में 762 टन से ज्यादा ऑटो एलपीजी बेची गई। पिछले तीन दिनों में 1,400 से ज्यादा (5 किलो वाले) छोटे सिलेंडर भी बेचे गए। 52 हजार उपभोक्ताओं ने छोड़ा रसोई गैस कनेक्शन गैस सप्लाई और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर शर्मा ने बताया कि अब तक करीब 52,300 पीएनजी (PNG) उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने 93 कैंप आयोजित किए, जिनमें 2,100 से अधिक सिलेंडर बेचे गए। वर्तमान में 6.7 लाख पीएनजी कनेक्शनों में गैस चालू की जा चुकी है और 2.68 लाख कनेक्शनों के लिए शुरुआती इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। 7.29 लाख से ज्यादा नए ग्राहकों ने पीएनजी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। नियम तोड़ने वाले 76 डिस्ट्रीब्यूटर्स सस्पेंड किए गए सरकार ने ईंधन की कालाबाजारी और नियमों के उल्लंघन पर भी सख्ती दिखाई है। पिछले तीन दिनों में करीब 1,500 छापेमारी और निरीक्षण किए गए हैं। इसके आधार पर तेल कंपनियों ने 382 डिस्ट्रीब्यूटर्स पर जुर्माना लगाया है, जबकि 76 डिस्ट्रीब्यूटर्स को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा, 1 मई से अब तक पेट्रोकेमिकल और फार्मा इंडस्ट्री के लिए 4,600 टन प्रोपलीन और 1,700 टन ब्यूटाइल एक्रिलेट की बिक्री की गई है। पीएम मोदी की अपील- ईंधन का इस्तेमाल कम करें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों के सावधानीपूर्वक उपयोग का सुझाव दिया था। पीएम ने कहा था कि आज समय की मांग है कि पेट्रोल, गैस और डीजल का उपयोग बहुत संयम से किया जाए। हमें आयातित पेट्रो उत्पादों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा बचेगी, बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव भी कम होंगे। भारत ने सौर ऊर्जा और इथेनॉल में प्रगति की प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत सोलर एनर्जी प्रोडक्शन में दुनिया के लीडिंग देशों में शामिल हो गया है। साथ ही पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग में भी जरूरी ग्रोथ हासिल की है। सरकार एलपीजी कवरेज बढ़ाने, पाइप्ड गैस सप्लाई के विस्तार और सीएनजी बेस्ड सिस्टम को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। इन्हीं प्रयासों के कारण भारत दुनिया के बड़े ऊर्जा संकट से निपटने में सक्षम है। मेट्रो और इलेक्ट्रिक व्हीकल का इस्तेमाल बढ़े सरकार ने नागरिकों से पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता धीरे-धीरे कम करने का आग्रह किया है। संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सुझाव दिया कि जहां भी संभव हो, लोगों को मेट्रो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा कारपूलिंग, माल ढुलाई के लिए रेलवे और व्यक्तिगत उपयोग के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि देश पर आर्थिक बोझ कम हो सके। क्या होता है इथेनॉल ब्लेंडिंग और पीएनजी? इथेनॉल ब्लेंडिंग: पेट्रोल में गन्ने या अनाज से बने इथेनॉल को मिलाना। इससे कच्चे तेल का आयात कम होता है और प्रदूषण भी घटता है। भारत तेजी से 20% ब्लेंडिंग के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। पीएनजी (PNG): पाइप्ड नेचुरल गैस, यह रसोई गैस (LPG) की तरह सिलेंडर में नहीं आती, बल्कि पाइप के जरिए सीधे किचन तक पहुंचती है। यह एलपीजी के मुकाबले सुरक्षित और किफायती मानी जाती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Fuel Shortage Denied, 1.26 Cr LPG Cylinders Distributed

नई दिल्ली14 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच सरकार ने देश में ईंधन की कमी की खबरों को खारिज किया है। सरकार ने सोमवार को नागरिकों को आश्वासन दिया कि देश में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रविवार को ईंधन पर निर्भरता कम करने और बचत करने की अपील के एक दिन बाद आया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावट जरूर आई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। हालांकि, भारत सरकार ने आम उपभोक्ताओं को बिना किसी असुविधा के ईंधन की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। क्रूड इन्वेंट्री पर्याप्त, रिफाइनरीज में काम जारी सुजाता शर्मा ने जानकारी दी कि भारत के पास कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का पर्याप्त भंडार है। उन्होंने बताया कि हमारी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और इनमें कोई रुकावट नहीं है। देश के किसी भी पेट्रोल पंप या एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर स्टॉक खत्म होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घरों में खाना पकाने के लिए एलपीजी की सप्लाई निरंतर की जा रही है। 3 दिन में 1.26 करोड़ एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी एलपीजी सप्लाई के आंकड़े साझा करते हुए शर्मा ने बताया कि देश भर में डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क सामान्य रूप से काम कर रहा है। पिछले तीन दिनों में 1.14 करोड़ एलपीजी बुकिंग के मुकाबले 1.26 करोड़ घरों में सिलेंडर पहुंचाए गए। इसके अलावा पिछले तीन दिनों में 17,000 टन से ज्यादा कॉमर्शियल एलपीजी की बिक्री हुई। इसी अवधि में 762 टन से ज्यादा ऑटो एलपीजी बेची गई। पिछले तीन दिनों में 1,400 से ज्यादा (5 किलो वाले) छोटे सिलेंडर भी बेचे गए। 52 हजार उपभोक्ताओं ने छोड़ा रसोई गैस कनेक्शन गैस सप्लाई और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर शर्मा ने बताया कि अब तक करीब 52,300 पीएनजी (PNG) उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने 93 कैंप आयोजित किए, जिनमें 2,100 से अधिक सिलेंडर बेचे गए। वर्तमान में 6.7 लाख पीएनजी कनेक्शनों में गैस चालू की जा चुकी है और 2.68 लाख कनेक्शनों के लिए शुरुआती इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। 7.29 लाख से ज्यादा नए ग्राहकों ने पीएनजी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। नियम तोड़ने वाले 76 डिस्ट्रीब्यूटर्स सस्पेंड किए गए सरकार ने ईंधन की कालाबाजारी और नियमों के उल्लंघन पर भी सख्ती दिखाई है। पिछले तीन दिनों में करीब 1,500 छापेमारी और निरीक्षण किए गए हैं। इसके आधार पर तेल कंपनियों ने 382 डिस्ट्रीब्यूटर्स पर जुर्माना लगाया है, जबकि 76 डिस्ट्रीब्यूटर्स को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा, 1 मई से अब तक पेट्रोकेमिकल और फार्मा इंडस्ट्री के लिए 4,600 टन प्रोपलीन और 1,700 टन ब्यूटाइल एक्रिलेट की बिक्री की गई है। पीएम मोदी की अपील- ईंधन का इस्तेमाल कम करें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों के सावधानीपूर्वक उपयोग का सुझाव दिया था। पीएम ने कहा था कि आज समय की मांग है कि पेट्रोल, गैस और डीजल का उपयोग बहुत संयम से किया जाए। हमें आयातित पेट्रो उत्पादों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा बचेगी, बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव भी कम होंगे। भारत ने सौर ऊर्जा और इथेनॉल में प्रगति की प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत सोलर एनर्जी प्रोडक्शन में दुनिया के लीडिंग देशों में शामिल हो गया है। साथ ही पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग में भी जरूरी ग्रोथ हासिल की है। सरकार एलपीजी कवरेज बढ़ाने, पाइप्ड गैस सप्लाई के विस्तार और सीएनजी बेस्ड सिस्टम को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। इन्हीं प्रयासों के कारण भारत दुनिया के बड़े ऊर्जा संकट से निपटने में सक्षम है। मेट्रो और इलेक्ट्रिक व्हीकल का इस्तेमाल बढ़े सरकार ने नागरिकों से पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता धीरे-धीरे कम करने का आग्रह किया है। संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सुझाव दिया कि जहां भी संभव हो, लोगों को मेट्रो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा कारपूलिंग, माल ढुलाई के लिए रेलवे और व्यक्तिगत उपयोग के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि देश पर आर्थिक बोझ कम हो सके। क्या होता है इथेनॉल ब्लेंडिंग और पीएनजी? इथेनॉल ब्लेंडिंग: पेट्रोल में गन्ने या अनाज से बने इथेनॉल को मिलाना। इससे कच्चे तेल का आयात कम होता है और प्रदूषण भी घटता है। भारत तेजी से 20% ब्लेंडिंग के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। पीएनजी (PNG): पाइप्ड नेचुरल गैस, यह रसोई गैस (LPG) की तरह सिलेंडर में नहीं आती, बल्कि पाइप के जरिए सीधे किचन तक पहुंचती है। यह एलपीजी के मुकाबले सुरक्षित और किफायती मानी जाती है। ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 1,313 अंक गिरकर 76,015 पर बंद: निफ्टी भी 360 अंक टूटा, ऑटो और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली रही शेयर बाजार में आज यानी 11 मई को गिरावट रही। सेंसेक्स 1,313 अंक की गिरावट के साथ 76,015 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 360 अंक की गिरावट रही, ये 23,815 पर बंद हुआ। आज ऑटो, बैंकिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी शेयर्स में ज्यादा गिरावट रही। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
पीएम मोदी की अपील के बाद ज्वेलरी शेयर 10% टूटे:एक साल सोना न खरीदने को कहा; डिमांड 10% तक घट सकती है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान के बाद आज 11 मई को ज्वेलरी कंपनियों के शेयर 10% तक लुढ़क गए। पीएम मोदी ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान नागरिकों से अपील की है कि वे एक साल तक सोना न खरीदें। इस बयान के बाद निवेशकों में घबराहट है। कल्याण ज्वेलर्स और सेन्को गोल्ड के शेयर 10-10% तक टूट गए। वहीं, देश की सबसे बड़ी ज्वेलरी कंपनी टाइटन के शेयर में 7% की गिरावट है। इसके अलावा पीएन गाडगिल 8%, थंगमयिल ज्वेलरी 6% और अन्य छोटे ज्वेलरी शेयरों में भी कमजोरी आई है। पीएम मोदी ने क्यों की ऐसी अपील? हैदराबाद में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए ये अपील की है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। उन्होंने इस कार्यक्रम में तीन सुझाव दिए… 1. एक साल तक सोना न खरीदे। 2. वर्क फ्रॉम होम कल्चर अपनाए। 3. अनावश्यक यात्राओं और अंतरराष्ट्रीय दौरों से बचे गोल्ड इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती है सरकार सेन्को गोल्ड के सुवंकर सेन ने CNBC से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री की टिप्पणी के बाद इस बात की संभावना बढ़ गई है कि सरकार सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती है। अगर ऐसा होता है, तो सोने की डिमांड में 10% से 12% तक की कमी आ सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि ज्वेलरी एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंगलवार को प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। 30 साल के निचले स्तर पर पहुंच सकता है आयात रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में भारत का सोना आयात पिछले तीन दशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच सकता है। बैंकों पर अचानक 3% इंटीग्रेटेड GST की मांग आने के बाद उन्होंने शिपमेंट रोक दी है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड कंज्यूमर है। वित्त वर्ष 2026 में भारत ने हर महीने औसतन 60 टन सोना आयात किया है। इस पर हर महीने करीब 6 बिलियन डॉलर यानी करीब 57 हजार करोड़ रुपए का खर्च आया है। नॉलेज पार्ट: इम्पोर्ट ड्यूटी: दूसरे देशों से सामान मंगाने पर सरकार जो टैक्स लगाती है, उसे इम्पोर्ट ड्यूटी कहते हैं। सोने पर यह टैक्स बढ़ने से देश में सोने की कीमतें बढ़ जाती हैं।
Rahul Gandhi Slams PM Modi Over Economic Failures

Hindi News National Rahul Gandhi Slams PM Modi Over Economic Failures | Taunts Renunciation Calls नई दिल्ली8 मिनट पहले कॉपी लिंक राहुल गांधी ने सोमवार को पश्चिम एशिया में चल रहे संकट से निपटने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की हालिया ‘सात अपीलों’ पर पलटवार किया और उन्हें उपदेश कहने के बजाय नाकामियां करार दिया। X पर एक पोस्ट में राहुल ने लिखा- मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे। ये उपदेश नहीं, ये नाकामी के सबूत हैं। 12 साल में देश को इस मुकाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है- क्या खरीदे क्या नहीं। कहां जाए, कहां नहीं। दरअसल, रविवार को सिकंदराबाद में एक जनसभा में पीएम मोदी ने आयात पर निर्भरता कम करने की जरूरत पर जोर दिया था, ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो सके और पर्यावरण की रक्षा हो सके। पीएम ने कहा था- भारत में तेल के कुएं नहीं, पेट्रोल कम यूज करें पीएम मोदी रविवार को तेलंगाना दौरे पर थे, जहां उन्होंने कहा था कि आज के समय में पेट्रोल, गैस और डीजल का इस्तेमाल कम करना होगा। पड़ोस में चल रहे युद्ध के असर से दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल के दाम कई गुना बढ़ गए हैं। भारत पर इस वैश्विक संकट का असर ज्यादा है, हमारे पास तेल के बड़े कुएं नहीं हैं। आज हमें वर्क फ्रॉम होम जैसे उपायों की जरूरत है। जिन शहरों में मेट्रो है, वहां लोग मेट्रो का इस्तेमाल करें। PM मोदी ने जनता से ये अपीलें कीं एक साल तक सोना न खरीदने की अपील- सोने के आयात में बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। देशहित में लोगों को एक साल तक सोना खरीदने और दान करने से बचना चाहिए। पेट्रोल-डीजल बचाएं, कारपूलिंग करें- अनावश्यक वाहन उपयोग कम करें, मेट्रो में सफर और कारपूलिंग करें। ज्यादा से ज्यादा लोगों को उसमें बिठाकर ले जाएं। खाद्य तेल की खपत कम करने पर जोर- हर परिवार अगर खाने के तेल का इस्तेमाल थोड़ा कम करे, तो इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और लोगों की सेहत भी बेहतर रहेगी। रासायनिक खाद की जगह प्राकृतिक खेती अपनाएं- देश को रासायनिक उर्वरकों की खपत आधी करने का लक्ष्य रखना चाहिए और तेजी से प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना चाहिए। विदेश यात्राएं टालने की अपील- वैश्विक हालात और महंगे ईंधन के कारण भारत पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में शादियों, छुट्टियों और अन्य कारणों से विदेश यात्रा कुछ समय के लिए टालना देशहित में होगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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Hindi News National Rahul Gandhi Slams PM Modi Over Economic Failures | Taunts Renunciation Calls नई दिल्ली2 मिनट पहले कॉपी लिंक राहुल गांधी ने सोमवार को पश्चिम एशिया में चल रहे संकट से निपटने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की हालिया ‘सात अपीलों’ पर पलटवार किया। उन्होंने इसे नाकामियां करार दिया। कहा कि अब देश चलाना प्रधानमंत्री के बस में नहीं रह गया है। X पर एक पोस्ट में राहुल ने लिखा, ‘कल मोदी जी ने जनता से त्याग मांगा। सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम इस्तेमाल करो, खाद और खाने के तेल का उपयोग घटाओ, मेट्रो से चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं हैं। ये विफलता हैं।’ उन्होंने कहा कि 12 साल में देश को इस मुकाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है। क्या खरीदें क्या नहीं। कहां जाए, कहां नहीं।’ दरअसल, रविवार को सिकंदराबाद में एक जनसभा में पीएम मोदी ने आयात पर निर्भरता कम करने की जरूरत पर जोर दिया था, ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो सके और पर्यावरण की रक्षा हो सके। पीएम ने कहा था- भारत में तेल के कुएं नहीं, पेट्रोल कम यूज करें पीएम मोदी रविवार को कहा था, ‘आज के समय में पेट्रोल, गैस और डीजल का इस्तेमाल कम करना होगा। पड़ोस में चल रहे युद्ध के असर से दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल के दाम कई गुना बढ़ गए हैं। भारत पर इस वैश्विक संकट का असर ज्यादा है, हमारे पास तेल के बड़े कुएं नहीं हैं।’ पेट्रोल, गैस और डीजल बचाने के लिए हमें वर्क फ्रॉम होम जैसे उपायों की जरूरत है। अनावश्यक वाहन उपयोग कम करें। मेट्रो में सफर और कारपूलिंग करें। ज्यादा से ज्यादा लोगों को उसमें बिठाकर ले जाएं। हर परिवार अगर खाने के तेल का इस्तेमाल थोड़ा कम करे, तो इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और लोगों की सेहत भी बेहतर रहेगी। देश को रासायनिक उर्वरकों की खपत आधी करने का लक्ष्य रखना चाहिए और तेजी से प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना चाहिए। शादियों, छुट्टियों और अन्य कारणों से विदेश यात्रा कुछ समय के लिए टालना देशहित में होगा। सोने के आयात में बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। देशहित में लोगों को एक साल तक सोना खरीदने और दान करने से बचना चाहिए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
PM से जुड़े फर्जी वीडियो को रीट्वीट करना पड़ा भारी:राइटर मधु किश्वर और सिद्दीकी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, चंडीगढ़ कोर्ट ने जताई नाराजगी

देश के प्रधानमंत्री से जुड़े कथित फर्जी और भ्रामक वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर शेयर करने के मामले में फेमस राइटर मधु किश्वर को चंडीगढ़ पुलिस इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन करने के लिए दूसरा नोटिस भेज चुकी है, लेकिन वह अब तक पेश नहीं हुई हैं। वहीं, मधु किश्वर पुलिस के सामने पेश होने के बजाय चंडीगढ़ कोर्ट पहुंच गईं। मधु किश्वर ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई के बाद अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसी मामले में हैदराबाद निवासी 44 वर्षीय हसन मोहिउद्दीन सिद्दीकी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी इस समय जेल में बंद है और उसकी जमानत अर्जी भी अदालत ने खारिज कर दी है। मामले के अनुसार, हसन सिद्दीकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वायरल वीडियो को री-ट्वीट किया था। पुलिस का कहना है कि इस पोस्ट के जरिए भ्रामक वीडियो को और फैलाया गया। बताया जा रहा है कि आरोपी पहले फूड डिलीवरी का काम करता था और पिछले कुछ समय से पैनक्रियास संबंधी बीमारी से जूझ रहा था। इसी दौरान चंडीगढ़ पुलिस की टीम तेलंगाना पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार हाल ही में चंडीगढ़ के एडवोकेट अभय जोशी और तुनीष नागर ने जिला अदालत में उसकी जमानत याचिका दायर की थी। बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि आरोपी ने वीडियो न तो बनाया और न ही उसमें कोई छेड़छाड़ की। उसने केवल यह पूछते हुए पोस्ट साझा की थी कि वीडियो असली है या नहीं। हालांकि एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सोनाली सिंह ने ये दलीलें स्वीकार नहीं कीं और जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया मामले में बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराएं लागू होती हैं। कोर्ट ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ मानहानिकारक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और पोस्ट को इंटरनेट मीडिया पर सनसनीखेज बनाने की कोशिश की गई। अदालत ने कहा कि बोलने की आजादी का मतलब यह नहीं है कि कोई भी व्यक्ति बिना जिम्मेदारी के कुछ भी पोस्ट या टिप्पणी कर दे। कोर्ट में याचिका दायर कर FIR की कॉपी मांगी मधु किश्वर ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि उन्हें उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर की कॉपी नहीं दी गई। उन्होंने अदालत से मांग की कि पुलिस को एफआईआर की कॉपी देने के निर्देश दिए जाएं। इस पर कोर्ट ने चंडीगढ़ पुलिस से जवाब मांगा है। वहीं, मिसलीडिंग वीडियो मामले में एफआईआर में दिखाई दे रहे दंपति ने इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन कर ली है। पूर्व पार्षद की शिकायत पर दर्ज हुआ केस मामले की शुरुआत 19 अप्रैल को हुई थी, जब पूर्व भाजपा पार्षद और एडवोकेट सतिंदर सिंह ने चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कई इंटरनेट मीडिया यूजर्स प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा आपत्तिजनक वीडियो भ्रामक कैप्शन के साथ वायरल कर रहे हैं। शिकायत में मधु किश्वर, हसन सिद्दीकी, मिर्जा बेग, सोनू सिंह, हसीबुर रहमान और साबिर अहमद समेत 6 सोशल मीडिया हैंडल्स के नाम शामिल किए गए थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, मूल वीडियो पहले अमेरिका में रहने वाले एक इंटरनेट मीडिया इन्फ्लूएंसर ने अपलोड किया था, जिसे बाद में प्रधानमंत्री मोदी से जोड़कर वायरल किया गया। इस मामले में सेक्टर-26 थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
PM Modis Gujarat Visit, Roadshow & Public Meeting

Hindi News National Somnath Temple 75th Anniversary: PM Modis Gujarat Visit, Roadshow & Public Meeting जामनगर5 मिनट पहले कॉपी लिंक सोमनाथ के 100 साल पूरे होने पर पीएम सोमनाथ पहुंचे थे। तस्वीर 11 जनवरी, 2026 की है। पीएम मोदी आज सोमनाथ मंदिर जाएंगे। वे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ 11 तीर्थों के जल से भगवान का अभिषेक करेंगे। फिर कलश और ध्वज पूजा में हिस्सा लेंगे। कलश को 90 मीटर ऊंची क्रेन के जरिए मंदिर के शिखर पर पहुंचाया जाएगा। इसके बाद पीएम महापूजा करेंगे। मंदिर के दोबारा बनने के 75 साल पूरे होने पर सोमनाथ अमृत पर्व मनाया जा रहा है। पीएम रविवार रात ही गुजरात के जामनगर पहुंच गए थे। वे सोमनाथ हेलीपैड से वीर गोहिल जी के स्टैच्यू तक करीब दो किमी का रोड शो निकालेंगे। वायुसेना की टीम सोमनाथ मंदिर के ऊपर 15 मिनट का एरोबैटिक प्रदर्शन करेगी। चेतक हेलिकॉप्टर के जरिए मंदिर के ऊपर फूल बरसाए जाएंगे। पूजा-अर्चना के बाद पीएम मोदी सोमनाथ में एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे। साल 2026 गुजरात के सोमनाथ मंदिर के लिए 2 वजहों से अहम है। साल 1026 में महमूद गजनवी ने मंदिर पर हमला कर ध्वस्त कर दिया था, जिसके 1000 साल पूरे हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, 11 मई 1951 को स्वतंत्र भारत में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के 75 साल हो गए हैं। मंदिर के ध्वस्त होने से बनने तक की तारीखें… वडोदरा में सरदार धाम-3 का उद्घाटन करेंगे इसके बाद दोपहर करीब साढ़े 3 बजे पीएम वडोदरा के लिए रवाना होंगे। वडोदरा में रोड शो के बाद 150 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सरदार धाम-3 का उद्घाटन करेंगे। शैक्षणिक और आवासीय परिसर ‘सरदारधाम-3’ वडोदरा के बाहरी इलाके में पाटीदार समुदाय द्वारा निर्मित करवाया गया है। पूरा कैंपस 4,75,000 वर्ग फीट में फैला है। इसे पाटीदार समुदाय के 2,000 छात्रों के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें 1,000 लड़कों और 1,000 लड़कियों के लिए अलग-अलग हॉस्टल की भी व्यवस्था। इस परिसर में 278 कमरे, 400 सीटों वाली ई-लाइब्रेरी, 1,000 लोगों की कैपेसिटी वाला सभागार और जीपीएससी और यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ रक्षा और न्यायिक सेवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र हैं। आउटडोर और इनडोर गेम्स की भी सुविधा है। वडोदरा के बाहरी इलाके में पाटीदार समुदाय द्वारा निर्मित ‘सरदारधाम-3’। सरदारधाम-3 में बनी विशाल डिजिटल लायब्रेरी। कैंपस में इनडोर खेल सुविधाएं भी मुहैया करवाई गई हैं। दो दिनों में पीएम का तीसरे राज्य का दौरा पिछले दो दिनों में पीएम के दौरे का गुजरात तीसरा राज्य है। इससे रविवार सुबह करीब 11 बजे वे कर्टानक के बेंगलुरु पहुंचे थे। यहां ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के 45वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए। इसके बाद दोपहर करीब 3 बजे तेलंगाना के हैदराबाद पहुंचे। यहां उन्होंने 9,400 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसके बाद रात करीब 9 बजे गुजरात के जामनगर पहुंचे। वडोदरा में कार्यक्रम के पीएम शाम को दिल्ली रवाना हो जाएंगे। बेंगलुरु में आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में नव-निर्मित मंदिर में पूजा करते हुए पीएम मोदी ———————– पीएम मोदी के रविवार दौरे के ये खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- कांग्रेस ने DMK की पीठ में छुरा घोंपा:कर्नाटक में ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के प्रोग्राम में कहा- सत्ता बदलते ही कांग्रेस पलटी बेंगलुरु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- कांग्रेस और DMK के बीच पिछले 25-30 साल से करीबी संबंध रहे हैं। DMK ने कई बार कांग्रेस को संकट से बाहर निकाला। 2014 से पहले केंद्र में 10 साल तक चली कांग्रेस सरकार भी DMK के समर्थन की वजह से ही टिकी रही। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









