West Bengal & Tamil Nadu Elections Voting Today

Hindi News National West Bengal & Tamil Nadu Elections Voting Today | 152 Seats Bengal First Phase कोलकाता/चेन्नई13 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में आज वोटिंग है। बंगाल में फर्स्ट फेज के 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर चुनाव होंगे। वोटिंग सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। बंगाल में TMC और BJP के बीच मुख्य मुकाबला है। यहां के सभी बूथों पर वेबकास्टिंग (लाइव मॉनीटरिंग) होगी। राज्य की बाकी 142 सीटों पर दूसरे फेज में 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। रिजल्ट 4 मई को आएंगे। तमिलनाडु में DMK+ कांग्रेस और AIADMK+ BJP के बीच मुकाबला है। तमिल एक्टर थलापति विजय की नई पार्टी TVK इस लड़ाई को त्रिकोणीय बना रही है। महाराष्ट्र की बारामती सीट पर भी उपचुनाव है। यह सीट महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद से खाली है। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के खिलाफ विपक्षी ‘महा विकास अघाड़ी’ (MVA) की ओर से कोई भी उम्मीदवार मैदान में नहीं है। चुनाव तैयारी से जुड़ी 2 तस्वीरें… पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में महिला कर्मचारी ईवीएम लेकिन पोलिंग बूथ पहुंची है। पश्चिम बंगाल के बालुरघाट में चुनाव कर्मचारी ने धूप से बचने के लिए अपना सिर ढंक लिया। पश्चिम बंगाल: कुल 6.80 करोड़ वोटर्स, 5.23 लाख पहली बार मतदान करेंगे पश्चिम बंगाल में कुल 294 सीटे हैं। जिसमें 210 जनरल सीटें हैं। वहीं 68 सीटें एससी और 10 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं। राज्य में कुल 6.8 करोड़ वोटर्स हैं। पांच लाख से ज्यादा लोग पहली बार वोट डालेंगे। वहीं 3.79 लाख वोटर्स 85 से ज्यादा उम्र के हैं। फर्स्ट फेज में 16 जिलों की 152 सीटों पर वोटिंग होगी। 44,376 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। पश्चिम बंगाल: 3 बार से ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री बंगाल में 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं। ममता ने 34 साल का लेफ्ट शासन खत्म किया, 15 साल से सत्ता में आजादी के बाद शुरुआती दौर (1947–1967) में कांग्रेस का वर्चस्व रहा और राज्य में स्थिर सरकारें रहीं। 1967 के बाद कांग्रेस कमजोर हुई और राजनीतिक अस्थिरता का दौर शुरू हुआ, कई गठबंधन सरकारें बनीं। 1977 में वाम मोर्चा (लेफ्ट फ्रंट) सत्ता में आया और ज्योति बसु मुख्यमंत्री बने। 1977 से 2011 तक करीब 34 साल तक लेफ्ट फ्रंट का लगातार शासन रहा। 2000 के दशक में औद्योगीकरण (सिंगूर, नंदीग्राम) को लेकर विवाद हुआ, जिससे लेफ्ट की पकड़ कमजोर हुई। ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने किसान आंदोलनों के जरिए बड़ा जनसमर्थन हासिल किया। 2011 में TMC ने लेफ्ट को हराकर सत्ता हासिल की, 34 साल का लेफ्ट शासन खत्म हुआ। 2016 और 2021 में TMC ने दोबारा जीत दर्ज की और ममता बनर्जी का दबदबा कायम रहा। वर्तमान में राजनीति TMC vs BJP के बीच मुख्य मुकाबले में बदल गई है, जबकि कांग्रेस-लेफ्ट सीमित भूमिका में हैं। तमिलनाडु- 12.51 लाख वोटर्स पहली बार वोटिंग करेंगे तमिलनाडु- कांग्रेस 60 साल से यहां सत्ता में नहीं आ सकी आजादी के बाद लगभग दो दशक तक यहां कांग्रेस की सरकार रही। 1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई और इसके साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। 1967 के बाद से तमिलनाडु की राजनीति मुख्य रूप से AIADMK और DMK के बीच घूमती रही है। फिलहाल तमिलनाडु में एमके स्टालिन की अगुवाई में DMK की सरकार है, जो 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आई। पार्टी ने कांग्रेस, वीसीके और वामपंथी दल के साथ गठबंधन किया है। बीजेपी ने कई चुनावों में AIADMK जैसे दलों के साथ गठबंधन जरूर किया, लेकिन राज्य में उसकी अपनी सरकार नहीं रही। 1967 में पहली बार DMK ने कांग्रेस को हराया, द्रविड़ विचारधारा पर राजनीति आजादी के बाद (1947–1967) तक राज्य में कांग्रेस का वर्चस्व रहा, के. कामराज प्रमुख नेता थे। इसी दौर में पेरियार के नेतृत्व में द्रविड़ आंदोलन शुरू हुआ, जिसमें सामाजिक न्याय और हिंदी विरोध मुख्य मुद्दे थे। 1967 में DMK ने कांग्रेस को हराकर पहली बार क्षेत्रीय राजनीति को सत्ता में स्थापित किया। सी.एन. अन्नादुरई पहले द्रविड़ मुख्यमंत्री बने, यहीं से द्रविड़ राजनीति का दौर शुरू हुआ। उनके बाद एम. करुणानिधि ने DMK को मजबूत किया और संस्कृति-भाषा आधारित राजनीति को आगे बढ़ाया। 1972 में एम.जी. रामचंद्रन (MGR) ने AIADMK बनाई, जिससे दो-दलीय राजनीति (DMK vs AIADMK) स्थापित हुई। 1970 के दशक से 2010 तक DMK और AIADMK बारी-बारी से सत्ता में आती रहीं। जयललिता के दौर में AIADMK ने ‘अम्मा स्कीम्स’ के जरिए वेलफेयर पॉलिटिक्स को मजबूत किया। 2016 के बाद जयललिता और करुणानिधि के निधन से नेतृत्व परिवर्तन का दौर शुरू हुआ। 2021 के बाद एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में DMK सत्ता में है, और आज भी राज्य की राजनीति द्रविड़ विचारधारा पर आधारित है। ————————– राज्यों में चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… इलेक्शन एक्सप्लेनर: मुस्लिम बहुल 6 जिले ममता को बनाते हैं अजेय, TMC की आधी सीटें यहीं से; क्या ममता के ‘चिकन नेक’ पर शिकंजा कसेगी बीजेपी हवा का रुख: तमिलनाडु में BJP का खाता खुलना मुश्किल, 120-140 सीटों के साथ स्टालिन की वापसी के आसार, थलापति विजय को 5 से 15 सीटें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
बंगाल झालमुड़ी स्नैक रेसिपी: घर पर मिनटों में पीएम मोदी वाली बंगाल की झालमुरी, बच्चों से लेकर बड़े तक हो जाएं आपके फैन

झालमुरी पश्चिम बंगाल का एक बहुत ही लोकप्रिय स्ट्रीट फूड है। इसे मुरमुरे और चिप्स के साथ मिलाकर बनाया जाता है। इसमें कच्चे तेल के मसाले और मसालों का स्वाद बहुत काम आता है। छवि: एआई आवश्यक सामग्री: 2 कप मुरमुरे, 1 प्याज, 1 लाल आलू, 1 टमाटर, 2-3 हरी मिर्च, ½ कप भूरी मूंगफली, ½ काली मिर्च पाउडर, ½ काली मिर्च पाउडर, ½ काली मिर्च पाउडर, ½ काली मिर्च का मसाला, ½ काली मिर्च का मसाला, 1 काली मिर्च का तेल, धनिया, 1 मसाले का रस छवि: सोशल मीडिया सबसे पहले एक बड़ा बाउल लेन और इसमें मुरमुरे शामिल थे। अब इसमें टमाटर, टमाटर, आलू और हरी मिर्च डालें। इसके बाद मॉयुअल नोबेल से वॉल्व। छवि: सोशल मीडिया अब इसमें लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला और काला नमक डालें। ऊपर से हल्दी का तेल और नींबू का रस डालें। सभी बेकार को अच्छी तरह से करें। फाइनल में हरा धनिया मॉड्यूल तुरंत सर्व करें। छवि: एआई मुरमुरे के बाद तुरंत सर्व करें, अन्यथा ये प्राकृतिक हो जायेंगे। सरसों का तेल जरूर डालें, इससे असली बैलर का स्वाद आता है। आप यात्रा कर सकते हैं तो इसमें सेव या स्टेटस भी मिला सकते हैं। छवि: सोशल मीडिया झालमुरी न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि रसायन भी है। इसमें ज्यादा तेल नहीं होता और यह असरदार होता है, जिसे आप भी कभी खा सकते हैं। शाम की चाय के साथ या बच्चों के टिफ़िन में। छवि: सोशल मीडिया अगर आप घर पर कुछ अलग और टेस्टी बनाना चाहते हैं, तो बंगाल की झालमुरी जरूर ट्राई कर सकते हैं। इसे बनाना बहुत ही आसान है, इसका स्वाद ही लाजवाब है। एक बार देखें, हर कोई आपका सितारा है। छवि: सोशल मीडिया छवि: सोशल मीडिया (टैग्सटूट्रांसलेट)बंगाली झालमुरी रेसिपी(टी)पीएम मोदी(टी)झालमुरी रेसिपी(टी)शाम के नाश्ते की रेसिपी(टी)मसालेदार स्नैक(टी)इंस्टेंट स्नैक रेसिपी(टी)हेल्दी स्नैक(टी)बच्चों के लिए झालमुड़ी रेसिपी(टी)बंगाली स्टाइल झालमुरी रेसिपी(टी)झालमुरी नमकीन
कांग्रेस ने पीएम के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस का दिया:लोकसभा स्पीकर को लिखा लेटर; कहा- सांसदों के वोट पर टिप्पणी नियमों के खिलाफ

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लेटर लिखकर कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम संबोधन में विपक्षी सांसदों के वोट और उनके इरादों पर सवाल उठाए, जो नियमों के खिलाफ है। वेणुगोपाल ने अपने पत्र में लिखा कि 17 अप्रैल 2026 को संविधान (131वां संशोधन) विधेयक लोकसभा में पास नहीं हो सका। इसके अगले दिन 18 अप्रैल को प्रधानमंत्री ने टीवी पर देश को संबोधित किया। लेटर के मुताबिक प्रधानमंत्री ने करीब 29 मिनट के संबोधन में विपक्षी दलों पर बिल रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने सांसदों के वोटिंग पैटर्न पर सीधे सवाल उठाए और उनके फैसलों के पीछे की मंशा पर भी टिप्पणी की। वेणुगोपाल ने नियम 222 के तहत यह नोटिस दिया है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले को लोकसभा की विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए और प्रधानमंत्री के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाए। स्पीकर को लिखे लेटर की चार मुख्य बातें… जयराम रमेश बोले- पीएम ने कांग्रेस पर 59 बार टारगेट किया कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन आमतौर पर देश को जोड़ने और भरोसा बढ़ाने के लिए होता है। इस बार संबोधन में खुलकर राजनीतिक बात हुई। कांग्रेस पर 59 बार निशाना साधा गया। इसे प्रधानमंत्री के रिकॉर्ड पर एक और दाग माना जाएगा। क्या है विशेषाधिकार हनन? संसद के सांसदों और समितियों को कुछ खास अधिकार दिए जाते हैं, ताकि वे बिना दबाव के अपना काम कर सकें। अगर कोई सांसद या कोई बाहरी व्यक्ति इन अधिकारों में दखल देता है या उन्हें नुकसान पहुंचाता है, तो इसे विशेषाधिकार हनन माना जाता है। ऐसे मामले में कोई भी सांसद सदन में इसके खिलाफ प्रस्ताव ला सकता है और कार्रवाई की मांग कर सकता है। —————
कांग्रेस का पीएम के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस:आरोप- राष्ट्र के नाम संबोधन में विपक्षी सांसदों के वोट पर सवाल उठाए, कार्रवाई की मांग

कांग्रेस ने पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लेटर लिखकर कहा कि पीएम ने ‘राष्ट्र के नाम संबोधन’ में विपक्षी सांसदों के वोट और उनके इरादों पर सवाल उठाए थे। यह नियमों के खिलाफ है। वेणुगोपाल ने लिखा कि पीएम ने करीब 29 मिनट के संबोधन में विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण बिल रोकने का आरोप लगाया। सांसदों के वोटिंग पैटर्न पर सवाल उठाए। उनके फैसलों के पीछे की मंशा पर भी टिप्पणी की। कांग्रेस सांसद ने मांग की है कि इस मामले को लोकसभा की विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए और प्रधानमंत्री के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाए। स्पीकर को लिखे लेटर की चार मुख्य बातें… जयराम रमेश बोले- पीएम ने कांग्रेस पर 59 बार टारगेट किया कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन आमतौर पर देश को जोड़ने और भरोसा बढ़ाने के लिए होता है। इस बार संबोधन में खुलकर राजनीतिक बात हुई। कांग्रेस पर 59 बार निशाना साधा गया। इसे प्रधानमंत्री के रिकॉर्ड पर एक और दाग माना जाएगा। PM ने कहा था- विपक्ष ने आधी आबादी का अधिकार छीना, उन्हें इस पाप की सजा मिलेगी पीएम नरेंद्र मोदी ने 18 अप्रैल को देश को संबोधित किया था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके जैसे विपक्षी दल इस भ्रूणहत्या के गुनहगार हैं। ये देश के संविधान के अपराधी हैं। नारी शक्ति के अपराधी हैं। जिन लोगों ने आधी आबादी का अधिकार छीना, उन्हें इस पाप की सजा मिलेगी। दरअसल, लोकसभा में 17 अप्रैल को महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) बिल पास नहीं हो सका था। बिल में लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव था। बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जबकि इसे पास करने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी। क्या है विशेषाधिकार हनन? संसद के सांसदों और समितियों को कुछ खास अधिकार दिए जाते हैं, ताकि वे बिना दबाव के अपना काम कर सकें। अगर कोई सांसद या कोई बाहरी व्यक्ति इन अधिकारों में दखल देता है या उन्हें नुकसान पहुंचाता है, तो इसे विशेषाधिकार हनन माना जाता है। ऐसे मामले में कोई भी सांसद सदन में प्रस्ताव ला सकता है और कार्रवाई की मांग कर सकता है। ———————————– ये खबर भी पढ़ें… लोकसभा सीटें बढ़ाने का बिल 54 वोट से गिरा:पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298; मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम लोकसभा में सीटें बढ़ाने के लिए लाया गया संविधान का 131वां संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। लोकसभा में बिल पर 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। उपस्थित 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। पूरी खबर पढ़ें…
Tamil Nadu West Bengal Election 2026 News Updates PM Modi Mamata Banerjee Election Commission

Hindi News National Tamil Nadu West Bengal Election 2026 News Updates PM Modi Mamata Banerjee Election Commission कोलकाता/चेन्नई42 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने रविवार पीएम मोदी पर राजनीतिक प्रचार के लिए सरकारी मशीनरी का ‘गलत इस्तेमाल’ करने का आरोप लगाया। हुगली जिले के तारकेश्वर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, ममता ने कहा कि मोदी ने महिला आरक्षण बिल के संबंध में राष्ट्र के नाम अपने संबोधन के जरिए भाजपा का प्रचार किया। हम चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराएंगे। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को होसुर में एक चुनावी रैली के दौरान कहा कि तमिलनाडु में DMK के नेतृत्व वाला गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और आगामी चुनावों में भाजपा को हराने की ताकत रखता है। उधर पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के बिष्णुपुर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा- तृणमूल सरकार ने बंगाल की बेटियों को धोखा दिया है। महिलाएं आने वाले विधानसभा चुनावों में इसकी सजा जरूर देंगी। उन्होंने झाड़ग्राम में भी रैली की। इस दौरान रास्ते में वह एक दुकान पर रुके और झालमुड़ी खाई। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा आज बंगाल के बहरामपुर, कांथी और बिष्णुपुर जिले में रोड शो और जनसभा करेंगे। वहीं, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन तमलुक, एगरा और केशियाड़ी में रोड शो करेंगे। पीएम मोदी पश्विम बंगाल के झाड़ग्राम में एक नमकीन की दुकान पर गए। वहां उन्होंने झालमूड़ी खाई। चुनाव से जुड़े रविवार के 4 अपडेट्स… पीएम मोदी ने आज बंगाल में बिष्णुपुर, पुरुलिया, झाड़ग्राम और मेदिनीपुर में चार रैलियां कीं। 2021 विधानसभा में बांकुरा-बिष्णुपुर बेल्ट में भाजपा ने कई सीटें जीतीं थीं। पीएम ने कहा कि मैं टीएमसी के लोगों को आखिरी मौका दे रहा हूं अपने अपने थाने में आत्मसमर्पण कर दो। क्योंकि 4 मई के बाद कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा। असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, भारतीय मुसलमान हमें बड़ी संख्या में वोट देते हैं। मुझे लगता है कि पश्चिम बंगाल में BJP ‘दोहरा शतक’ लगाएगी और असम में ‘शतक’। भिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी TVK ने, हाई-प्रोफाइल एडप्पाडी विधानसभा सीट पर एक निर्दलीय उम्मीदवार को आधिकारिक तौर पर अपना समर्थन दिया है। चुनावी राज्यों से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Tamil Nadu West Bengal Election 2026 News Updates PM Modi Mamata Banerjee Election Commission

Hindi News National Tamil Nadu West Bengal Election 2026 News Updates PM Modi Mamata Banerjee Election Commission कोलकाता/चेन्नई1 घंटे पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने रविवार पीएम मोदी पर राजनीतिक प्रचार के लिए सरकारी मशीनरी का ‘गलत इस्तेमाल’ करने का आरोप लगाया। हुगली जिले के तारकेश्वर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, ममता ने कहा कि मोदी ने महिला आरक्षण बिल के संबंध में राष्ट्र के नाम अपने संबोधन के जरिए भाजपा का प्रचार किया। हम चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराएंगे। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को होसुर में एक चुनावी रैली के दौरान कहा कि तमिलनाडु में DMK के नेतृत्व वाला गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और आगामी चुनावों में भाजपा को हराने की ताकत रखता है। उधर पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के बिष्णुपुर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा- तृणमूल सरकार ने बंगाल की बेटियों को धोखा दिया है। महिलाएं आने वाले विधानसभा चुनावों में इसकी सजा जरूर देंगी। उन्होंने झाड़ग्राम में भी रैली की। इस दौरान रास्ते में वह एक दुकान पर रुके और झालमुड़ी खाई। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा आज बंगाल के बहरामपुर, कांथी और बिष्णुपुर जिले में रोड शो और जनसभा करेंगे। वहीं, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन तमलुक, एगरा और केशियाड़ी में रोड शो करेंगे। पीएम मोदी पश्विम बंगाल के झाड़ग्राम में एक नमकीन की दुकान पर गए। वहां उन्होंने झालमूड़ी खाई। चुनाव से जुड़े रविवार के 4 अपडेट्स… पीएम मोदी ने आज बंगाल में बिष्णुपुर, पुरुलिया, झाड़ग्राम और मेदिनीपुर में चार रैलियां कीं। 2021 विधानसभा में बांकुरा-बिष्णुपुर बेल्ट में भाजपा ने कई सीटें जीतीं थीं। पीएम ने कहा कि मैं टीएमसी के लोगों को आखिरी मौका दे रहा हूं अपने अपने थाने में आत्मसमर्पण कर दो। क्योंकि 4 मई के बाद कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा। असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, भारतीय मुसलमान हमें बड़ी संख्या में वोट देते हैं। मुझे लगता है कि पश्चिम बंगाल में BJP ‘दोहरा शतक’ लगाएगी और असम में ‘शतक’। भिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी TVK ने, हाई-प्रोफाइल एडप्पाडी विधानसभा सीट पर एक निर्दलीय उम्मीदवार को आधिकारिक तौर पर अपना समर्थन दिया है। चुनावी राज्यों से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
पश्चिम बंगाल में पीएम ने झालमूड़ी खाई; VIDEO:दुकानदार को ₹10 दिए; उसने पूछा- प्याज खाते हैं, मोदी बोले- प्याज खाता हूं, दिमाग नहीं

पीएम मोदी रविवार को पश्चिम बंगाल के दौरे पर थे। झाड़ग्राम में उन्होंने रैली की। इस दौरान रास्ते में वह एक दुकान पर रुके और झालमूड़ी खाई। झालमूड़ी बनाते हुए दुकानदार ने पूछा कि आप प्याज खाते हैं। पीएम ने जवाब दिया- हां प्याज खाता हूं बस दिमाग नहीं। यह सुनकर दुकानदार हंसने लगा। पीएम ने दुकानदार से इस मुलाकात का करीब 40 सेकेंड का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया। साथ ही कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं। अब पढ़िए दुकानदार और मोदी के बीच बातचीत… पीएम मोदी: भाई, हमें अपने यहां का झालमूड़ी खिलाओ। दुकानदार: आइए सर बिल्कुल। पीएम मोदी: कितने का होता है झालमूड़ी दुकानदार: आप कितने का खाएंगे। मोदी: नहीं, नहीं, अच्छा वाला कितने का होता है? दुकानदार: 10 रुपए का और 20 रुपए का। मोदी: जो भी है बना दो। दुकानदार: ठीक है मोदी: (जेब से पैसे निकालते हुए) कितना 10 रुपए देना है, ये लो दुकानदार: अरे नहीं सर (फिर पीएम के कहने पर उसने ले लिए) दुकानदार: प्याज खाते हैं पीएम: हां प्याज खाता हूं, बस किसी का दिमाग नहीं। बंगाल में पीएम की स्पीच की 4 बड़ी बातें; कहा- टीएमसी ने छल-प्रपंच किया, उन्हें सजा दो ————————– ये खबर भी पढ़ें… ममता बोलीं- पीएम ने राष्ट्र संबोधन में चुनाव प्रचार किया: चुनाव आयोग से शिकायत करेंगे पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर राजनीतिक प्रचार के लिए सरकारी मशीनरी का ‘गलत इस्तेमाल’ करने का आरोप लगाया। हुगली जिले के तारकेश्वर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, ममता ने कहा कि मोदी ने महिला आरक्षण बिल के संबंध में राष्ट्र के नाम अपने संबोधन के जरिए भाजपा का प्रचार किया। हम चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराएंगे। पूरी खबर पढ़ें…
चारधाम यात्रा के पहले दिन खुलेंगे गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट:खरशाली से विदा हुई मां यमुना की डोली; कैलाश के लिए तैयार बाबा केदार

उत्तराखंड में आज से चारधाम यात्रा शुरू हो रही है। इसकी शुरुआत गंगोत्री धाम के कपाट खुलने से होगी, जबकि यमुनोत्री धाम के कपाट भी आज ही श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे। आज सुबह 8 बजे उत्तरकाशी जिले के शीतकालीन गद्दी स्थल खरशाली से मां यमुना की उत्सव डोली, समेश्वर देवता की अगुवाई में यमुनोत्री धाम के लिए रवाना हुई। इस दौरान ग्रामीणों ने नम आंखों और जयकारों के साथ अपनी आराध्य देवी को विदा किया। केदारनाथ के लिए रवाना हो रही है बाबा की डोली बाबा केदारनाथ के दर्शनों का इंतजार खत्म होने वाला है। आज रुद्रप्रयाग जिले के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली कैलाश (केदारनाथ धाम) के लिए रवाना हो रही है। भक्तिमय माहौल और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों के बीच डोली अपने प्रथम रात्रि पड़ाव के लिए प्रस्थान करेगी और आज शाम विश्राम के लिए फाटा पहुंचेगी। विभिन्न पड़ावों से होते हुए यह डोली पैदल यात्रा कर 21 अप्रैल की शाम तक केदारनाथ धाम पहुंचेगी। इसके बाद 22 अप्रैल की सुबह शुभ मुहूर्त पर बाबा के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। गंगोत्री में पीएम मोदी के नाम होगी पहली पूजा गंगोत्री धाम में पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की जाएगी। इस दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी भी मंदिर में मौजूद रहेंगे। तय मुहूर्त के अनुसार, दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इससे पहले मां गंगा की डोली मंदिर पहुंचेगी, जहां हवन और भोग के बाद दर्शन शुरू होंगे। वहीं, यमुनोत्री धाम के कपाट दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर खुलेंगे। मां यमुना की उत्सव डोली अपने पारंपरिक पैदल मार्ग से होते हुए धाम पहुंचेगी, जिसके बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कपाट खोले जाएंगे। प्रशासन और मंदिर समिति ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। गंगोत्री में चरणबद्ध तरीके से पूरी होगी प्रक्रिया गंगोत्री धाम में कपाट खुलने की प्रक्रिया परंपराओं के अनुसार चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। मां गंगा की उत्सव डोली भैरव घाटी से सुबह 8 बजे धाम के लिए रवाना होगी और मंदिर पहुंचने से पहले परिसर में तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी। मंदिर समिति के सचिव और जिला प्रशासन के प्रतिनिधि के रूप में भटवाड़ी के एसडीएम की निगरानी में मंदिर के पिछले द्वार को खोलकर सफाई व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद तीर्थ पुरोहितों द्वारा हवन और देवी स्थापना की प्रक्रिया शुरू होगी। डोली पहुंचते ही मुख्य द्वार खुलेगा, फिर दर्शन शुरू जैसे ही मां गंगा की डोली मंदिर परिसर में पहुंचेगी, मंदिर के मुख्य द्वार की सील हटाई जाएगी। इसके बाद मंदिर समिति, प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में मुख्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। हवन के बाद मां गंगा को भोग अर्पित किया जाएगा और इसके बाद कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। एक दिन पहले मुखबा से निकली थी डोली उत्तरकाशी के मुखबा गांव में मां गंगा की शीतकालीन गद्दी है, 18 अप्रैल को यहीं से डोली यात्रा शुरू हो गई थी, जो आज गंगोत्री धाम में पहुंचेगी। मुखबा से गंगोत्री धाम की दूरी करीब 25 किलोमीटर है। ग्रामीणों ने नम आंखों से मां गंगा को छह महीने के प्रवास के लिए विदा किया। परंपरा के अनुसार इस दौरान मां को फाफरे का भोग लगाया गया और ‘कल्यो’ अर्पित कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की गई। डोली मुखबा से जांगला होते हुए कठिन रास्ते से भैरव घाटी पहुंची, जहां रात्रि विश्राम किया गया। यमुनोत्री में डोली के साथ खुलेगा कपाट वहीं, यमुनोत्री धाम में भी अक्षय तृतीया के दिन कपाट खोलने की परंपरा निभाई जाएगी। मंदिर समिति के अनुसार निर्धारित मुहूर्त पर कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। मां यमुना की उत्सव डोली शीतकालीन गद्दी स्थल खरशाली से आज सुबह 8 बजे धाम के लिए रवाना हुई समेश्वर देवता की अगुवाई में निकलने वाली इस डोली यात्रा के दौरान शंखनाद, ढोल-नगाड़ों और पुलिस बैंड की धुनों के बीच पूरा क्षेत्र गूंज उठा। खरशाली में परंपरा, महिलाएं देती हैं विदाई खरशाली गांव में डोली प्रस्थान के समय पारंपरिक रीति-रिवाज निभाए जाते हैं। ग्रामीण महिलाएं मां यमुना को विदा करते हुए क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और हर बार पूरे विधि-विधान के साथ निभाई जाती है। डोली के यमुनोत्री धाम पहुंचने के बाद धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मंदिर के कपाट खोले जाएंगे और श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू हो जाएंगे। इसके साथ ही चारधाम यात्रा का क्रम आगे बढ़ेगा। अब इनफोग्राफिक से दोनों धामों के बारे में जानिए… 2025 में 51 लाख लोगों ने की थी चार धाम यात्रा पिछले साल 2025 में चारधाम यात्रा में कुल मिलाकर 51 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे थे। गंगोत्री और यमुनोत्री में भी बड़ी संख्या में भक्तों ने दर्शन किए थे, हालांकि शुरुआत में मौसम और अन्य कारणों से संख्या में उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। इस साल 2026 में यात्रा शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। आंकड़ों के अनुसार गंगोत्री के लिए 3 लाख से ज्यादा और यमुनोत्री के लिए 3.7 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहले ही रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के कपाट कब खुलेंगे? चारधाम यात्रा के बाकी दो प्रमुख धामों के कपाट भी तय तारीखों पर खोले जाएंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे, जबकि बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को खोले जाएंगे। इन दोनों धामों के खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा पूरी तरह से गति पकड़ लेगी और प्रदेश में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ेगी। 22 अप्रैल से केदारनाथ के लिए हेलिकॉप्टर केदारनाथ के लिए हेलिकॉप्टर की सेवा 22 अप्रैल से शुरू हो रही है, जिसके के लिए रुद्रप्रयाग जिले के गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी से 8 हेली कंपनियां उड़ान भरेंगी। सुरक्षा के मद्देनजर उड़ानों की संख्या सीमित की गई है (गुप्तकाशी/फाटा से 24 और सिरसी से 32 शटल)। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) अधिकारी सोनप्रयाग और केदारनाथ से लाइव मॉनिटरिंग करेंगे। श्रद्धालुओं को पहली बार केदारनाथ और लिनचोली में 24 घंटे गर्म पानी की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा ‘पीरुल’ (चीड़ की पत्तियां) और ‘खच्चर की लीद’ से बने बायोमास पैलेट्स
Election 2026 LIVE Updates; West Bengal Tamil Nadu| mamata modi BJP TMC DMK AIMIM

07:03 AM19 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक तमिलनाडु में कल से 2 दिन चुनाव प्रचार करेंगे आंध्र प्रदेश के CM आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू सोमवार से तमिलनाडु में दो दिन के चुनावी दौरे पर जाएंगे। यह दौरा राज्य चुनावों से पहले NDA के तेज़ किए गए जनसंपर्क अभियान का हिस्सा है। पहले दिन, दौरे की शुरुआत कोयंबटूर से करेंगे। यहां वे दोपहर में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसके बाद वे होसुर जाएंगे और फिर एक जनसभा के लिए थल्ली रवाना होंगे। शाम को वे चेन्नई पहुंचेंगे और अवाडी में एक रोडशो में हिस्सा लेंगे, जहां वे लोगों और NDA समर्थकों से सीधे बातचीत करेंगे। दूसरे दिन, नायडू मदुरै जाएंगे और फिर सत्तूर के लिए रवाना होंगे। यहां वे समुदाय के नेताओं से बातचीत करेंगे और दोपहर बाद एक अहम चुनावी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
‘ओछी राजनीति कर नामांकन ने पास नहीं होने दिया बिल’, पीएम मोदी का नाम लेकर आईं महिला नॉच, कांग्रेस पर बरसे तंज

महिला मॉडल बिल नामांकन की वजह से सेक्स में नहीं मिला हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (18 अप्रैल) को कांग्रेस पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने तमिल में एक रैली में दावा करते हुए कहा कि कांग्रेस, शिक्षकों और उनके साथियों ने इसे ओछी राजनीति का शिकार बनाया। अहम बात यह भी है कि पीएम मोदी शनिवार रात 8.30 बजे देश के नाम जपने वाले हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने एक रैली में दावा करते हुए कहा, ‘आज जेलों के बीच मैं अपनी पीड़ा और अपना आक्रोश व्यक्त करना चाहता हूं। 2023 में हमने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया और इस महीने की 16 तारीख को हम संसद में महिलाओं के लिए नवीन लागू करने के लिए महत्वपूर्ण लेकर आये। मैंने सभी आवेदकों से इसका समर्थन करने की मांग की। लेकिन डीएमके, कांग्रेस और उनके साथियों ने इसे नापसंद किया और ओछी राजनीति का शिकार बनाया। अगर ये बिल पास हो जाए तो तमिलनाडु की बहुत सारी महिलाएं नौकर और नाबालिग बन जाती हैं। लेकिन डीएमके ऐसा नहीं होना चाहती.’ DMK काले कारनामे छिपने वाले नहीं -पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा, ‘डीएमके के काम अब बहुत अच्छे से एक्सपोज हो गए हैं. जनता डीएमके के काले कारनामे महान से जान पहचान है। ‘बूच फैलने से डीएमके के काले कारनामे छिपने वाले नहीं हैं।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘तमिलनाडु के लोग एक स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि ‘एनडीए इन, डीएमके आउट…’ उन्होंने कहा, ‘तमिलनाडु में महिलाएं सेफ नहीं हैं। लेकिन अब डीएमके की इस महिला-विरोधी मानसिकता का जवाब निश्चित रूप से दिया जाएगा। डीएमके की संसद में भी महिलाओं के साथ खड़ा होना नहीं था, लेकिन अब उनकी महिला-विरोधी सोच को चुनौती दी जाएगी।’ मासूम में गिरी महिला नायाब बिल बता दें कि अप्रैल में किन्हीं तीन राज्यों में महिला नंगा बिल शुक्रवार (17) को वोटिंग हुई थी, लेकिन सरकार ने इसके लिए दो-तिहाई बहुमत नहीं चुना। इसी वजह से बिल अलोकेशन में गिर गया। इसके बाद प्रमुख महिला कलाकारों ने विपक्ष के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह भी पढ़ें: राहुल गांधी के खिलाफ नहीं होगी FIR, हाईकोर्ट ने देशभक्ति मामले में रोक लगा दी (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)पीएम मोदी(टी)महिलाएं









