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दिल्ली: बुद्ध विहार में साली पर हमला, आरोपी जय प्रकाश यादव गिरफ्तार | delhi police arrested coaching teacher for attacked sister in law from rohini budh vihar west mega mall

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होमताजा खबरDelhi दिल्ली के रोहिणी में सनसनीखेज वारदात, जीजा ने सगी साली का रेत दिया गला Last Updated:February 16, 2026, 19:05 IST Delhi Crime News: दिल्ली के बुद्ध विहार इलाके में एक सिरफिरे जीजा ने अपनी साली पर जानलेवा हमला कर दिया. वेस्ट मेगा मॉल के पास आरोपी ने कटर से महिला का गला रेत दिया. दिल्ली पुलिस ने बहादुरी दिखाते हुए आरोपी टीचर को बगल की इमारत की छत से दबोच लिया. पारिवारिक विवाद के चलते इस खूनी खेल को अंजाम दिया गया. दिल्ली में जीजा ने साली का गला रेता नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-24 स्थित बुद्ध विहार इलाके में आज दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक शख्स ने अपनी ही साली का गला कटर से रेत दिया. यह घटना वेस्ट मेगा मॉल के पास पॉकेट-17 में हुई. घायल महिला को खून से लथपथ हालत में तुरंत बाबा साहेब अंबेडकर (BSA) अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. दिल्ली पुलिस ने आरोपी जीजा को गिरफ्तार कर लिया है, जो वारदात के बाद पास की ही एक बिल्डिंग की छत पर छिपा हुआ था. दिल्ली पुलिस ने बताया कि दोपहर करीब 12:21 बजे बुद्ध विहार थाने में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई, जिसमें बताया गया कि एक महिला का गला काट दिया गया है और वह गंभीर रूप से घायल है. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. जांच में पता चला कि घायल महिला एक थेरेपी सेंटर में काम करती है और वह अपनी ड्यूटी पर थी जब उस पर यह जानलेवा हमला हुआ. छत से दबोचा गया आरोपी टीचर वारदात को अंजाम देकर भाग रहे आरोपी को पकड़ने के लिए बुद्ध विहार थाने के एसआई साहिल, हेड कॉन्स्टेबल विकास सांगवान, कुलदीप, गणेश, मनदीप और कॉन्स्टेबल अजय व परमिंदर की टीम ने मोर्चा संभाला. पुलिस टीम ने आसपास की इमारतों की सघन तलाशी ली और बहादुरी का परिचय देते हुए आरोपी जय प्रकाश यादव को पास की एक इमारत की छत से धर दबोचा. आरोपी जय प्रकाश यादव नजफगढ़ के जनता विहार का रहने वाला है और वह एक कोचिंग सेंटर में शिक्षक है. पारिवारिक कलह दिल्ली पुलिस के पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. आरोपी जय प्रकाश का अपनी पत्नी जो खुद भी एक टीचर है और उसके परिवार के साथ अप्रैल 2025 से विवाद चल रहा था. इसी रंजिश के चलते उसने अपनी साली को निशाना बनाया. हमले के लिए उसने कटर ब्लेड का इस्तेमाल किया था, जिसे पुलिस ने मौके से बरामद कर लिया है. दिल्ली पुलिस घटना स्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं. घायल महिला फिलहाल बयान देने की स्थिति में नहीं है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है. पुलिस ने आरोपी जय प्रकाश यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) हत्या का प्रयास के तहत मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस हमले में कोई और भी शामिल था या आरोपी ने अकेले ही इस साजिश को अंजाम दिया. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें First Published : February 16, 2026, 19:05 IST

1000 CCTV फुटेज खंगालने के बाद ड्राइवर की गद्दारी का हुआ पर्दाफाश, वैभव गांधी हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा | delhi police bawana businessman murder case solved five arrested mastermind encounter after scanning 1000 cctv footage

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नई दिल्ली. दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र में 9 फरवरी 2026 को दिनदहाड़े एक कारोबारी वैभव गांधी की हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए मास्टरमाइंड सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने एक आरोपी अरुण को मुठभेड़ के बाद दबोचा, जिसने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर गोलियां भी चलाई थीं. इस मामले में पुलिस ने .32 बोर की पिस्तौल, चोरी की बाइक और कारतूस बरामद किए हैं. दिल्ली पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ है, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. इस हत्याकांड की नींव ‘गद्दारी’ पर टिकी थी. पुलिस के अनुसार, आरोपी रविंदर उर्फ रवि, जो पहले एक अन्य व्यवसायी के पास ड्राइवर के रूप में काम करता था, वह पैसों के लेनदेन के सिलसिले में अक्सर वैभव गांधी के कार्यालय जाता था. रवि को जानकारी थी कि वैभव के पास भारी मात्रा में नकदी रहती है. फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है वैभव गांधी हत्याकांड की कहानी रवि ने यह जानकारी अपने साथी और खूंखार अपराधी संजय उर्फ ‘ताऊ’ को दी. 54 वर्षीय संजय उर्फ ताऊ पर दिल्ली और यूपी में हत्या और लूट के 60 से अधिक मामले दर्ज हैं. ताऊ ने वैभव को लूटने की साजिश रची और इसमें गाजियाबाद के रहने वाले अरुण उर्फ ‘पागल’ और संदीप पुजारी को शामिल किया. रेकी के बाद सरेआम बरसाईं गोलियां साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने जनवरी और फरवरी के महीने में तीन बार बवाना स्थित फैक्ट्री के पास रेकी की. 9 फरवरी को सुबह करीब 11:45 बजे जैसे ही वैभव गांधी अपनी कार से सेक्टर-4, DSIIDC पहुंचे, हथियारों से लैस बदमाशों ने उन्हें घेर लिया. बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ दो राउंड फायरिंग की, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. हत्या के बाद बदमाश कार से तीन बैग छीनकर फरार हो गए, जिनमें लैपटॉप, फोन और डायरियां थीं. पुलिस को गुमराह करने के लिए इस दौरान सोशल मीडिया पर अमेरिका स्थित गैंगस्टरों रणदीप मलिक और अनिल पंडित के नाम से पोस्ट भी डाली गई, ताकि जांच की दिशा बदली जा सके. मुठभेड़ और गिरफ्तारी का घटनाक्रम दिल्ली पुलिस के डीसीपी हरेश्वर स्वामी की देखरेख में गठित विशेष टीमों ने दिल्ली-एनसीआर के लगभग 1000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की मदद से पुलिस सबसे पहले मास्टरमाइंड संजय उर्फ ताऊ और मुखबिर रविंदर तक पहुंची. उनकी निशानदेही पर संदीप पुजारी और हरीश कुमार उर्फ सोनू को भी गिरफ्तार कर लिया गया. मुख्य शूटर अरुण की गिरफ्तारी के लिए 14 फरवरी की रात करीब 11:30 बजे पुलिस ने जाल बिछाया. बिना नंबर की बाइक पर आ रहे अरुण ने खुद को घिरा देख पुलिस पर दो राउंड फायर कर दिए. पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें अरुण घायल हो गया और उसे दबोच लिया गया. पकड़े गए आरोपियों के नाम और प्रोफाइल 1-संजय उर्फ ताऊ (54 वर्ष): सुल्तानपुरी का निवासी, 60 से अधिक केस दर्ज, साजिश का मास्टरमाइंड. 2-अरुण उर्फ पागल (37 वर्ष): गाजियाबाद निवासी, मुख्य हमलावर, 6 केस दर्ज. 3- संदीप पुजारी (28 वर्ष): सुल्तानपुरी निवासी, हमलावर. 4- रविंदर उर्फ रवि (42 वर्ष): रोहिणी निवासी, मुख्य मुखबिर और पूर्व ड्राइवर. 5- हरीश उर्फ सोनू (45 वर्ष): लूटे गए सामान का रिसीवर.

एक फोन कॉल पर 10 करोड़ की कोठी कर ली अपने नाम, इस शख्स ने किस गैंगस्टर का नाम लेकर किया यह ‘कमाल’ | delhi police arrested vikas vicky fake gangster mansion worth 10 crore rupees property in rohini name of himanshu bhau

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नई दिल्ली. दिल्ली में गैंगस्टर संस्कृति के बढ़ते प्रभाव का फायदा उठाकर अब ‘सोलो परफॉर्मर’ अपराधी भी बड़े गिरोहों का नाम लेकर रंगदारी वसूलने की कोशिश कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस की नॉर्थ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट टीम ने एक ऐसे ही शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को कुख्यात ‘हिमांशु भाऊ गैंग’ का गुर्गा बताकर एक कारोबारी से 10 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी हड़पने की कोशिश की थी. आरोपी की पहचान 32 वर्षीय विकास उर्फ विक्की के रूप में हुई है, जो नरेला के बांकर गांव का रहने वाला है. जानिए कैसे इसने आईफोन से कारोबारी को फोनकर धमकाया. फिर कारोबारी कैसे प्रॉपर्टी देते-देते पुलिस के पास पुहंच गया. क्या था पूरा मामला? इस सनसनीखेज मामले की शुरुआत 26 नवंबर 2025 को हुई, जब अशोक विहार निवासी कारोबारी रजत गुप्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. रजत ने बताया कि उन्हें लगातार अलग-अलग इंटरनेशनल व्हाट्सएप नंबरों से कॉल आ रहे हैं. कॉल करने वाला व्यक्ति खुद को हिमांशु भाऊ गैंग का सदस्य बता रहा था और जान से मारने की धमकी दे रहा था. धमकी देने वाले का मकसद रोहिणी सेक्टर-23 में स्थित एक आलीशान प्रॉपर्टी को अपने नाम करवाना था. इस प्रॉपर्टी की बाजार में कीमत करीब 10 करोड़ रुपये है, जिसे जून 2022 में रजत की पत्नी मेघा और साली निधि ने प्रवीण कुमार नामक व्यक्ति से खरीदा था. दिल्ली पुलिस ने ऐसे दबोचा जांच में खुली साजिश की परतें मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी रणजीत ढाका और एएटीएस प्रभारी इंस्पेक्टर जितेंद्र तिवारी की देखरेख में एसआई रवि सैनी के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इसी प्रॉपर्टी को लेकर बेगमपुर थाने में एक और एफआईआर दर्ज है, जो हरियाणा के यमुनानगर निवासी नवनीत गर्ग ने दर्ज कराई थी. इससे पुलिस को हिंट मिला कि यह मामला केवल रंगदारी का नहीं बल्कि प्रॉपर्टी विवाद का है, जिसका फायदा उठाकर अपराधी डरा-धमकाने का काम कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस ने बरामद किया, वह आईफोन जिससे कॉल किया था टेक्निकल एनालिसिस और जमीनी खुफिया जानकारी की मदद से पुलिस की सुई विकास उर्फ विक्की पर जाकर टिकी. 4 फरवरी 2026 को पुलिस ने एक सटीक जाल बिछाकर विकास को नरेला के बांकर गांव से धर दबोचा. उसके पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया आईफोन (iPhone) भी बरामद कर लिया गया है. विकास ने किया गुनाह कबूल गैंगस्टर बनने का नाटक और ‘सोलो’ खेल पूछताछ के दौरान विकास ने अपना गुनाह कबूल कर लिया. उसने बताया कि वह विवादित संपत्तियों के धंधे में शामिल है. साल 2022 में उसके सहयोगियों धर्मपाल और नरेंद्र ने उसे रोहिणी के इस प्लॉट का मामला सौंपा था. जब कानूनी तरीके से वह इस जमीन पर कब्जा नहीं कर पाया और रजत गुप्ता ने इसे छोड़ने से इनकार कर दिया, तो विकास ने खौफ का रास्ता चुना. विकास ने अपने एक और साथी नितिन डबास के साथ मिलकर साजिश रची कि अगर हिमांशु भाऊ जैसे बड़े गैंगस्टर का नाम लिया जाएगा, तो कारोबारी डरकर प्रॉपर्टी उसके हवाले कर देगा. उसने कुछ लोगों को काम पर लगाया जो फर्जी तरीके से गैंग मेंबर बनकर इंटरनेशनल नंबरों से कॉल करते थे. हैरान करने वाली बात यह है कि विकास का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वह ग्रेजुएट है, लेकिन दौलत के लालच में उसने खौफनाक साजिश रच डाली. दिल्ली पुलिस के एडिशनल कमिश्नर (नॉर्थ-वेस्ट) भीष्म सिंह ने बताया कि आरोपी ने केवल डर पैदा करने के लिए भाऊ गैंग का नाम इस्तेमाल किया था, जबकि हकीकत में उसका उस गैंग से कोई सीधा संबंध नहीं मिला. पुलिस अब विकास के फरार साथियों धर्मपाल, नरेंद्र और नितिन डबास की तलाश कर रही है. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या विकास ने पहले भी किसी अन्य कारोबारी को इस तरह से चूना लगाया है.

Delhi-NCR becoming a hub of Adhoris and Tantriks?: delhi ncr secret world of aghoris and tantriks | occult crimes cases burari peeragarhi flyover | kamruddin baba cases delhi police | क्या अघोरियों और तांत्रिकों की गुप्त दुनिया बन गई दिल्ली-NCR? यहां हैं कई कमरुद्दीन की कहानियां, हिल जाएंगे आप

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नई दिल्ली. पीरागढ़ी ट्रिपल मर्डर केस में ढोंगी तांत्रिक कमरुद्दीन से जुड़ी एक के बाद एक सच्चाइयां सामने आ रही हैं. ढोंगी तांत्रिक कमरुद्दीन दो लाख रुपये को पांच करोड़ में बदलने का दावा कर रहा था, वह भी राजधानी में बैठकर. क्या दिल्ली पुलिस और गाजियाबाद पुलिस को कमरुद्दीन बाबा की सच्चाई नहीं पता थी? क्या कमरुद्दीन बाबा को पुलिस प्रशासन का समर्थन प्राप्त था? ये कुछ ऐसे सवाल हैं जो हर कोई जानना चाहता है. क्या दिल्ली-एनसीआर हाल के वर्षों में अघोरियों और तांत्रिकों का गुप्त ठिकाना बनता जा रहा है? हाल के वर्षों में राजधानी में ऐसे-ऐसे कारनामे हुए हैं, जो कहीं न कहीं इसी ओर संकेत कर रहे हैं. बुराड़ी में एक ही घर में 11 लाशें मिलना, छोटी-छोटी बच्चे-बच्चियों की बलि और अब पीरागढ़ी में 2 लाख रुपये को 5 करोड़ में बदलने का खेल, क्या संकेत दे रहा है? कुछ साल पहले दिल्ली के बुराड़ी इलाके में एक ही परिवार का 11 सदस्य अपने ही घर में रहस्यमयी हालात में मृत पाये गए थे. 10 लोग एक ही कमरे में लटक रहे थे, उनके हाथ-पैर बंधे, आंखों पर पट्टी और मुंह पर टेप लगा हुआ था, जबकि एक 77-साल की बुजुर्ग महिला उसी घर के अलग कमरे में चारपाई पर पाई गई. दिल्ली पुलिस ने शुरुआत में इसे सामूहिक आत्महत्या माना, लेकिन घर से मिले दर्जनों डाइरी पन्नों में कुछ ऐसे निर्देश मिले, जिनमें ‘मुक्ति’ और ‘रूहानी अभ्यास’ जैसे शब्द लिखे थे. डायरी में लिखे नोट्स का स्वरूप इतना अजीब था कि शुरुआती जांच में पुलिस ने बताया कि ये आध्यात्मिक या रहस्यवादी प्रथाओं से जुड़े हो सकते हैं. लोग खुद सोचने लगे कि परिवार किसी तांत्रिक या रहस्यवादी विश्वास में फंसा हुआ था. हालांकि बाद में पुलिस ने इसे विशेष प्रकार के मानसिक असर से जुड़ा मामला बताया. आज भी इस रहस्य से पर्दा नहीं उठा है. AI Photo: तांत्रिकों का जाल क्यों बढ़ता ही जा रहा है? क्या अघोरियों और तांत्रिकों की गुप्त दुनिया बन गई दिल्ली-NCR? अभी कुछ दिन पहले दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में एक कार के अंदर तीन शव मिले. एक महिला और दो पुरुष. शुरुआती जांच में पुलिस को शक हुआ कि ये आत्महत्या का मामला है. लेकिन जैसे-जैसे पुलिस जांच आगे बढ़ी तंत्र-मंत्र से जुड़ा मामला सामने आया. पुलिस ने एक तांत्रिक बाबा कमरुद्दीन को खोजना शुरू किया, जो गाजियाबाद के लोनी में मिला. उससे पूछताछ में खुलासा हुआ कि अंधविश्वास पर आधारित ‘धनवर्षा’ का झांसा देकर लोगों को मौत का घाट उतार दिया. ‘बरगद पूजा’ से ‘वशीकरण मंत्र’ तक इस तांत्रिक पर आरोप है कि उसने धनवर्षा के नाम पर लोगों को जहरीले लड्डू और पेय दिया और तीन की हत्या कर दी. आरोप के मुताबिक उसने पहले भी दो लोगों की हत्या में नाम रहा है. यह मामला बताता है कि तंत्र-मंत्र-आधारित झूठे वादों के चक्कर में लोग कितने आसानी से दिल्ली-एनसीआर में फंस रहे हैं. ai photo: वशीकरण, धन कमाने का झांसा या मानसिक त्रासदी के चलते कई मौतें हुई हैं. ‘संतान प्राप्ति के लिए बलि’ दिल्ली में पिछले कुछ सालों से वशीकरण, धन कमाने का झांसा या मानसिक त्रासदी के चलते कई मौतें हुई हैं. यहां ऐसे कई केस सामने आ रहे हैं जहां लोग अंधविश्वास या भ्रम में फंस रहे हैं और इससे जानें भी जा रही हैं. आधुनिकता की चमक के पीछे छिपा अंधकार कहने को दिल्ली देश का दिल है और तकनीक व शिक्षा का केंद्र है, लेकिन इसी चकाचौंध के पीछे अंधविश्वास का एक ऐसा काला बाजार फल-फूल रहा है, जो लोगों की जान का दुश्मन बन चुका है. दिल्ली-एनसीआर में दौलत और मोक्ष के लिए भागते लोग हाल के वर्षों में दिल्ली-एनसीआर में ऐसी कई वारदातें हुई हैं जिन्होंने साबित कर दिया है कि यहां तांत्रिकों और स्वयंभू बाबाओं का जाल बहुत गहरा है. अमीर से लेकर गरीब तक, हर कोई अपनी समस्याओं के ‘चमत्कारी’ समाधान के चक्कर में इन खूनी तांत्रिकों के हत्थे चढ़ रहा है. मासूमों की बलि और सुसाइड पैक्ट सिर्फ बुराड़ी ही नहीं, सितंबर 2024 में वसंत कुंज के रंगपुरी इलाके में एक पिता और उसकी चार दिव्यांग बेटियों की लाशें मिलीं. शुरुआत में इसे भी तंत्र-मंत्र से जोड़ा गया था क्योंकि लाशों के हाथ-पैर में लाल धागे कलावा बंधे थे और कमरे का माहौल अजीब था. बाद में इसे आर्थिक तंगी से जोड़कर देखा गया. वहीं, रोहिणी और नॉर्थ दिल्ली के इलाकों में कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं जहां संतान प्राप्ति के लिए तांत्रिकों के कहने पर पड़ोस के बच्चों की हत्या या ‘बलि’ दे दी गई. ai photo: दिल्ली-एनसीआर में तांत्रिकों के पैर पसारने के पीछे कई मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारण हैं. NCR क्यों बनता जा रहा है तांत्रिकों का गढ़? दिल्ली-एनसीआर में तांत्रिकों के पैर पसारने के पीछे कई मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारण हैं. भीड़भाड़ वाले शहरों में बढ़ता तनाव, वित्तीय असुरक्षा और रिश्तों में कड़वाहट लोगों को कमजोर बना देती है. इसी कमजोरी का फायदा उठाते हैं गाजियाबाद के लोनी, दिल्ली के जेजे क्लस्टर और सीमावर्ती इलाकों में छिपे ये ठग. ये बाबा खुद को ‘मसीहा’ बताते हैं और ‘वशीकरण’ या ‘दुश्मन का नाश’ जैसे विज्ञापनों से लोगों को फंसाते हैं. पीरागढ़ी केस का आरोपी कमरुद्दीन सालों से लोनी में अपना केंद्र चला रहा था और पुलिस की नजरों से बचकर लोगों की जान ले रहा था. दिल्ली के हालिया केस स्टडीज यह चीख-चीख कर कह रहे हैं कि कोई भी पूजा या तांत्रिक आपके पैसे दोगुना नहीं कर सकता और न ही मुर्दे आपसे बात कर सकते हैं. जब तक समाज में इन ‘शॉर्टकट’ समाधानों की मांग रहेगी, तब तक ये खूनी तांत्रिक दिल्ली की गलियों में अपनी दुकानें चलाते रहेंगे.

ravi kana noida scrap mafia: ravi kana criminal history : mafia ravi kana millionaire girlfriend kajal jha news : up police | कौन है गैंगस्टर रवि काना, जरायम की दुनिया का नया बादशाह? जानें माफिया और उसकी करोड़पति गर्लफ्रेंड की अनकही कहानी

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नोएडा. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अपराध जगत में रवि काना एक ऐसा नाम बन गया है, जिसने पुलिस और प्रशासन की नींद उड़ा रखी है. बांदा जेल से 29 जनवरी को विवादित रिहाई के बाद काना फिर चर्चा में है. नोएडा पुलिस उसे टॉर्च लेकर ढूंढ ही रही थी कि उसने अदालत से अग्रिम जमानत ले ली. अब यूपी पुलिस के सामने चुनौती यह है कि रवि काना को कैसे फिर से सलाखों के पीछे पहुंचाया जाए? रवि काना, जिसका असली नाम रविंद्र नागर है, ग्रेटर नोएडा के दादरी इलाके के बादलपुर गांव का रहने वाला है. कभी वह अपने भाई हरेंद्र प्रधान के साये में रहकर छोटे-मोटे काम करता था, लेकिन भाई की हत्या के बाद रवि ने अपराध की दुनिया में ऐसा मुकाम हासिल किया, जिसकी कल्पना भी मुश्किल है. जानिए रवि काना कबाड़ के धंधे से कैसे करोड़पति बन गया? कैसे काना ने 500 करोड़ का विशाल साम्राज्य खड़ा कर लिया? और उसकी कथित गर्लफ्रेंड काजल झा अब कहां है, जिसके साथ वह थाईलैंड भागा था? रवि काना पिछले कुछ दिनों से अचानक फिर से चर्चा में आ गया है. बुधवार को ही रवि काना मामले में नोएडा पुलिस को बड़ा झटका लगा है. ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में स्थित जनपद न्यायालय ने रवि काना को अग्रिम जमानत दे दी है. रवि काना को अग्रिम जमानत मिलने से नोएडा कमिश्नरेट पुलिस को बहुत बड़ा झटका लगा है. जिला न्यायालय से अग्रिम जमानत मिलने के बाद रवि काना की गिरफ्तारी पर संशय पैदा हो गया है. क्योंकि गैंगस्टर रवि काना ने बांदा जेल से 29 जनवरी को रिहा होने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी. कबाड़ के धंधे से रवि काना कैसे बना करोड़पति? रवि काना का उदय 8-10 साल पहले नोएडा और ग्रेटर नोएडा की बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों से निकलने वाले लोहे और अन्य स्क्रैप के ठेकों से हुआ. वह बड़ी कंपनियों को डरा-धमकाकर स्क्रैप यानी कबाड़ के ठेके औने-पौने दामों पर लेता था. अगर कोई कंपनी उसे ठेका देने से मना करती, तो उसकी गाड़ियों को रास्ते में रोक लिया जाता या उसके मैनेजरों को जान से मारने की धमकी दी जाती. धीरे-धीरे उसने कई फर्जी कंपनियां बनाईं और अपनी अवैध कमाई को सफेद करने लगा. कैसे आई काजल झा रवि काना के संपर्क में? जो लड़की नौकरी मांगने आई थी, वही बन गई गर्लफ्रेंड इस बीच रवि काना के संपर्क में काजल झा नाम की एक लड़की आई. कबाड़ से करोड़पति बनने के सफर में काना की सबसे विश्वस्त सहयोगी बन गई काजल झा. इस दौरान काना के कई नेताओं से संबंध बने. अपनी भाभी बेबन नागर को काना ने इलेक्शन में भी खड़ा किया. लेकिन काना के जिंदगी में काजल झा के आने के बाद अचानक सितारा बुलंद होने लगा. कहा जाता है कि दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स कॉलनी में रहने वाली काजल झा कभी नौकरी के लिए काना के पास आई थी. बाद में काजल झा रवि काना की इनती भरोसेमंद हो गई कि वह पार्टनर बन गई. काजल और रवि की नजदीकियां परिवार को सही नहीं लग रही थी. काजल रवि के काले धंधे पर सलाह देने लगी. बाद में वह भी काले कारनामों में काना की साझेदार बन गई. नोएडा पुलिस के चार्जशीट में इस बात का जिक्र है. रवि काना के खिलाफ कितने मामले? रवि काना के खिलाफ दर्जनों मामले दर्ज हैं. रवि काना पर गैंगरेप का भी मामला नोएडा के सेक्टर 39 थाने में दर्ज हो रखा है. दो साल पहले एक लड़की ने रवि काना और उसके 6 साथी पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था. काना की गिरफ्तारी के बाद नोएडा पुलिस ने गैंगस्टर की गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर औऱ दिल्ली के करीब 350 करोड़ रुपये की संपत्ति सील की है. उत्तर प्रदेश के बुलंद शहर में काना ने 40 बीघे जमीन अवैध कमाई से खरीदी थी, उसे भी सील कर दिया गया है. कबाड़ कारोबारी कैसे बना करोड़पति? काजल और काना की जोड़ी क्या अभी भी साथ है? काजल केवल रवि की साथी नहीं थी, बल्कि उसके पूरे साम्राज्य की फाइनेंशियल ब्रेन थी. वह रवि के बेनामी निवेश, पैसों का लेन-देन और कंपनियों के कागजी कामकाज संभालती थी. दिल्ली की रहने वाली काजल रवि के इतने करीब थी कि माफिया ने उसे करोड़ों का आलीशान बंगला और लग्जरी गाड़ियां तोहफे में दे रखी थीं. जब यूपी पुलिस ने रवि पर शिकंजा कसा, तो काजल ही वह शख्स थी जो उसे बचाने के लिए दांव-पेच खेल रही थी. काजल को पुलिस ने लेडी डॉन का नाम दिया क्योंकि वह गिरोह के पुरुषों को भी निर्देश देती थी. साल 2024 की शुरुआत में नोएडा पुलिस ने रवि काना और उसके 16 गुर्गों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया. जब पुलिस ने उसकी संपत्तियों को कुर्क करना शुरू किया तो रवि काना अपनी गर्लफ्रेंड काजल झा के साथ देश छोड़कर भाग गया. वह गर्लफ्रेंड के साथ बैंकॉक में में छिपकर रह रहा था और वहीं से अपना धंधा ऑपरेट करने की कोशिश कर रहा था. हालांकि, नोएडा पुलिस और इंटरपोल के बढ़ते दबाव के चलते उसे और काजल झा को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया.

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Last Updated:February 12, 2026, 00:55 IST Ghaziabad Crime News: गाजियाबाद के कौशांबी इलाके के एक बड़े होटल में जिस्मफरोशी का धंधा चल रहा था. पुलिस ने इस होटल में छापा मारा था तो हैरान करने वाली तस्वीर नजर आई. एक के बाद एक कमरे से 11 महिलाएं निकलीं. गाजियाबाद के कौशांबी इलाके एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा है कि कौशाम्बी के होटल पोर्टिको के मैनेजर सहित तीन लोगों को गिरप्तार किया गया है. पुलिस जांच कर रही है कैसे इस होटल में इतना बड़ा सैक्स रैकेट का धंधा चल रहा था? क्या विदेशी लड़कियों को भी इस होटल में लाया जाता था? गाजियाबाद एक होटल में रेड. गाजियाबाद. दिल्ली से सटे गाजियाबाद में एक बड़े सैक्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है. गाजियाबाद के कौशाम्बी थाना क्षेत्र में स्थित होटल सरोवर पोर्टिको में पुलिस ने एक हाई प्रोफाइल देह व्यापार रैकेट का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने खुलासा किया है कि होटल के आड़ में जिस्मफरोशी का धंधा महीनों से चल रहा था. इस होटल में व्हाट्सएप के जरिए क्लाइंट की बुकिंग होती थी. होटल के महंगे-महंगे कमरे में हाई प्रोफाइल लोग आकर ठहरते और फिर उनको पसंद के हिसाब से लड़कियां परोसा जाता था. गाजियाबाद पुलिस ने इस रैकेट की सूचना मिलने के बाद छापेमारी कर 11 महिलाओं को बरामद किया है. फिलहाल सभी महिलाओं का मोबाइल नंबर और पता लेकर छोड़ दिया गया है, लेकिन आगे इन सभी महिलाओं और लड़कियों से गाजियाबाद पुलिस पूछताछ करेगी. इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिससे पूछताछ की जा रही है. गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि इन महिलाओं के साथ होटल मालिक देह व्यापार का धंधा कराता था. गाजियाबाद के एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 11 जनवरी को पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि कौशांबी इलाके के एक होटल में संदिग्ध और अनैतिक गतिविधियां चल रही हैं. सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तुरंत कानूनी अनुमति ली और विशेष टीम का गठन कर होटल पर धावा बोल दिया. गाजियाबाद के एक बड़े होटल में जिस्मफरोशी का धंधा अभिषेक श्रीवास्तव ने मीडिया को जानकारी दी कि इस होटल में व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों को सैकड़ों लड़कियों की तस्वीरें भेजा जाता था. ग्राहक फोटो देखकर पसंद करते थे और फिर उसे होटल में बुलाया जाता था. इसके बाद होटल के महंगे कमरों और सूट्स में इस अवैध धंधे को अंजाम दिया जाता था. पुलिस को पता चला है कि विदेशी युवतियों की तस्वीरें भी क्लाइंट्स को भेजी जाती थीं. गाजियाबाद पुलिस का सर्जिकल स्ट्राइक अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि राहुल शर्मा, अंकित चौहान और सुनील गिरफ्तार किया गया है. राहुल शर्मा इस गिरोह का संचालक और होटल में मैनेजर बताया जा रहा है. आरोपियों के कब्जे से गांजा और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है. पूछताछ में खुलासा हुआ कि महिलाओं को नौकरी और पैसों का लालच देकर इस धंधे में शामिल किया जाता था. पुलिस ने अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. सभी महिलाएं बडे घर की होने की संभावना? होटल के कमरों का क्या नजारा था? छापेमारी के दौरान जब पुलिस ने होटल के अलग-अलग कमरों की तलाशी ली, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए. पुलिस ने होटल के कमरों से कुल 11 महिलाओं को बरामद किया है. शुरुआती पूछताछ में इन महिलाओं ने बताया कि उन्हें काफी समय से इसी होटल में रखा गया था और उनसे जबरन देह व्यापार कराया जा रहा था. पुलिस अब इन महिलाओं के बैकग्राउंड की जांच कर रही है ताकि पता चल सके कि इन्हें किन परिस्थितियों में यहां लाया गया था. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : Ghaziabad,Uttar Pradesh First Published : February 12, 2026, 00:55 IST

UP Police Woman Constable MMS Video: bijnor rehar police station head constable and woman constable viral mms video | bijnaur sp abhishek jha action

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Last Updated:February 11, 2026, 23:20 IST UP Police Woman Constable MMS Video: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में खाकी एक बार फिर शर्मसार हुई है. रेहड़ थाने में तैनात एक हेड कांस्टेबल और महिला सिपाही का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर लीक हो गया है. वर्दी की मर्यादा तार-तार होने पर SP अभिषेक झा ने दोनों को सस्पेंड कर दिया है. जानिए यूपी पुलिस के उन पुराने ‘MMS’ कांडों के बारे में जिन्होंने महकमे को हिला दिया था. बिजनोर एसपी अभिषेक झा (फाइल फोटो) बिजनौर. यूपी में एक बार फिर से खाकी की मर्यादा तार-तार हुई है. बिजनौर के थाना रेहड़ में तैनात एक हेड कांस्टेबल और एक महिला कांस्टेबल का कथित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो के वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. वायरल वीडियो में दोनों पुलिसकर्मियों को आपत्तिजनक स्थिति देखा जा रहा है. खास बात यह है कि महिला कांस्टेबल यूपी पुलिस की वर्दी में दिखाई दे रही हैं. जैसे ही इस बात की जानकारी जिले के एसपी अभिषेक झा को मिली. एसपी ने दोनों को अनुशासन और मर्यादा का ख्याल न रखने के आरोप में निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं. उत्तर प्रदेश पुलिस, जो प्रदेश में अनुशासन और सुरक्षा का दावा करती है, एक बार फिर अपने ही कर्मियों की करतूतों की वजह से सुर्खियों में है. बिजनौर के थाना रेहड़ का यह मामला महकमे का सिर शर्म से झुका दिया है. सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से फैलने के बाद लोगों ने इस पर कई तरह के तंज कस रहे हैं. एसपी ने पूरे मामले की गहन जांच के आदेश तो दिए ही हैं. इसके साथ यह भी जांच के आदेश दिए हैं कि वीडियो किसने वायरल किया है? यूपी पुलिस और MMS विवादों का पुराना नाता इस वायरल वीडियो को यूपी पुलिस के कई ग्रुपों में सर्कुलेट किय गया है. क्योंकि मामला पुलिस महकमे और एक महिला से जुड़ा है इसलिए यह वीडियो न्यूज 18 हिंदी दिखा नहीं रहा है. लेकिन इस वीडियो में दोनों पुलिसकर्मी कथित तौर पर बेहद आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहे हैं. सबसे ज्यादा हैरानी और नाराजगी इस बात को लेकर है कि महिला कांस्टेबल पुलिस की वर्दी में दिखाई दे रही है. यह पहली बार नहीं है जब यूपी पुलिस के सिपाहियों ने वर्दी को शर्मसार किया हो. बिजनौर की यह घटना उन पुराने जख्मों को ताजा कर गई है जब पुलिसकर्मी ड्यूटी छोड़ ‘इश्क’ और ‘अश्लीलता’ में मशगूल पाए गए थे. उन्नाव का वायरल वीडियो: कुछ समय पहले उन्नाव जिले में भी एक सिपाही का महिला मित्र के साथ आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद पूरे थाने की काफी किरकिरी हुई थी. मथुरा पुलिस कांड: मथुरा में एक दारोगा जी का कमरे के अंदर महिला के साथ वीडियो सामने आया था, जिसमें वर्दी जमीन पर पड़ी मिली थी. कानपुर की घटना: कानपुर में भी एक सिपाही ने वीडियो कॉल के दौरान अश्लील हरकतें की थीं, जो बाद में रिकॉर्ड होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं. जांच के घेरे में ‘तीसरा’ शख्स एसपी अभिषेक झा ने इस मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि यह वीडियो थाने के भीतर बनाया गया या किसी निजी स्थान पर? क्या यह वीडियो दोनों की सहमति से बना था या किसी ने ‘ब्लैकमेल’ करने के इरादे से इसे रिकॉर्ड किया? सबसे बड़ा सवाल यह वीडियो सोशल मीडिया तक कैसे पहुंचा? क्या महकमे के ही किसी शख्स ने रंजिश निकालने के लिए इसे लीक किया? पुलिस महकमे में बढ़ते सोशल मीडिया के क्रेज और रील बनाने की आदत ने पहले ही कई विवाद पैदा किए हैं. लेकिन ड्यूटी के दौरान वर्दी में ऐसी हरकतें न केवल व्यक्तिगत छवि खराब करती हैं, बल्कि पूरी ‘यूपी पुलिस’ की साख पर सवालिया निशान लगाती हैं. सोशल मीडिया पर लोग इस बात को लेकर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं कि जिस वर्दी को जनता के सम्मान के लिए पहना जाना चाहिए, उसका इस्तेमाल ऐसी हरकतों के लिए किया जा रहा है. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : Bijnor,Bijnor,Uttar Pradesh First Published : February 11, 2026, 19:38 IST

tantrik kamruddin baba : Delhi police arrested in peeragarhi case | promising convert 2 lakhs into 3 crores black magic | maulana | कौन है तांत्रिक कमरुद्दीन, जो 2 लाख को 3 करोड़ में देता था बदलने का लालच, कैसे आया दिल्ली पुलिस के रडार पर?

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नई दिल्ली. दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास बीते रविवार को एक बंद कार के भीतर मिली तीन लाशों की गुत्थी सुलझती नजर आ रही है. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने पहली गिरफ्तारी की है. दिल्ली पुलिस ने एक तांत्रिक कमरुद्दीन बाबा को गिरप्तार किया है. दिल्ली पुलिस ने इस बाबा को लेकर जो खुलासे किए हैं, वह हैरान करने वाले हैं. यह तांत्रिक इन तीनों को 2 लाख रुपये को 3 करोड़ में बदलने का सपना दिखाया था. लेकिन, इस बीच ऐसा काम कर दिया, जिससे सनसनी फैल गई. पीराढ़ी फ्लाईओवर पर बीते रविवार को 76 साल के रणधीर, 47 साल के शिव नरेश सिंह और 40 साल की लक्ष्मी की लाश एक बंद गाड़ी में मिली थी. जानिए इस राज से दिल्ली पुलिस ने कैसे पर्दा उठाया? इसके साथ ही जानिए कैसे तांत्रिक कमरुद्दीन बाबा लोगों को झांसा देता था. दिन रविवार और तारीख 8 फरवरी, दिल्ली पुलिस को एक पीसीआर कॉल मिलती है, जिसमें कहा गया कि पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर एक गाड़ी खड़ी है और उसमें तीन लोग अनकॉन्शियस हैं. जब दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंचती है तो उसमें तीन डेड बॉडी पड़ी मिलती है. इसमें दो मेल और एक फीमेल का था. बॉडी को अस्पताल पहुंचाया जाता है और उनको शिनाख्त किया जाता है. दिल्ली पुलिस ने जब फैमिली मेंबर्स से बात की तो उन्होंने किसी भी तरह के सरकमस्टेंस नहीं बताया, जिससे कि सुसाइड का कोई एंगल नजर आए. दिल्ली पुलिस की फिर टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन स्टार्ट होती है. जिसमें यह देखा जाता है कि उस दिन तीनों कहां-कहां गए और पूरे दिन का घटनाक्रम क्या रहा? ‘2 लाख रुपये लेकर आओ 3 करोड़ लेकर जाओ’ दिल्ली पुलिस को एक लीड मिलती है, जिससे कि टीम लोनी में एक बाबा के पास पहुंचती है. बाबा से पहले वहां आए लोगों से पूछताछ करने पर पता चलता है कि सपब पैसों को डबल, ट्रिपल करने के लालच के कारण बाबा के पास आते हैं. यह बाबा बताता है कि अगर आप थोड़े पैसे लाएंगे तो धन वर्षा होगी. जिस लेडी की डेड बॉडी कार मिली थी वह करीब तीन-चार महीने से इस बाबा के टच में थी. कई बार बाबा से वह हाल-फिलहाल में बात कर रही थी और आना-जाना हो रहा था. दिल्ली पुलिस ने कैसे खोजकर निकाला? महिला जहांगीरपुरी में रहने वाले एक सलीम से चट में आई. जब वह पहली बार इस तांत्रिक के पास गई तो अपने हसबैंड को ठीक करने के लिए. उसके पित को कुछ परेशानी थी. वहां पर उसने उस महिला को एक जादू टाइप दिखाया, जिसमें एक साथ से बहुत सारे पैसे निकाल कर दिखाए. जिससे कि यह महिला लालच में आ गई और उसके बाद फिर यह बोलने लगा कि अगर 2 लाख लेंगे तो उसके करोड़ बना देगा. इसी हिसाब से यह इस दिन भी लोग पैसा लेकर गए थे कि उसका मल्टीप्लाई हो जाएगा. पीरागढ़ी केस से पहले भी कर चुका है बड़ा-बड़ा खेल दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया कि कमरुद्दीन ने दो लाख को 3 करोड़ बनाने का लालच दिया और उन्हें जहर मिले लड्डू, शराब और कोल्ड ड्रिंक खिलाए-पिलाए, जिससे वे बेहोश हो गए. फिर वह 2 लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गया. शुरू में इसे आत्महत्या माना गया था, लेकिन फोरेंसिक और तकनीकी जांच से हत्या का पता चला. कार से जहर के निशान वाली बोतलें, गिलास, मोबाइल और अन्य सामान बरामद हुए थे. गाजियाबाद में तांत्रिक का अड्डा कमरुद्दीन ने तीनों को ‘धनवर्षा’ के नाम पर गाजियाबाद के लोनी में अपने तांत्रिक सेंटर पर बुलाया. वहां से वे कार में सवार हुए, जहां कमरुद्दीन ने जहर मिले लड्डू परोसे और ड्रिंक्स दीं. पीड़ित बेहोश होने के बाद वह पैसे लेकर भाग गया और कार को पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास छोड़ दिया. कमरुद्दीन की अब ऐसे कुंडली खंगालेगी दिल्ली पुलिस पुलिस की जांच ने सीसीटीवी, कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन से बाबा को पकड़ा. पूछताछ में उसने कबूल किया यह उसकी पुरानी आदत थी. कमरुद्दीन एक आदतन अपराधी है और उस पर दो हत्या के मामले पहले से दर्ज हैं, जो इसी तरह के थे. पहला मामला 2014 में राजस्थान के धौलपुर जिले के राजा खेड़ा थाने में आईपीसी की धारा 143, 363 और 302 के तहत दर्ज हुआ. दूसरा 2025 में उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के मख्खनपुर थाने में बीएनएस की धारा 103(1) और 123 के तहत. इन मामलों में वह जेल जा चुका है. दिल्ली पुलिस ने कहा है कि कम से कम दो बार वह गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है. दिल्ली पुलिस अब कमरुद्दीन से पूछताछ जारी रखेगी ताकि मौतों के पीछे का पूरा मकसद और संभावित साथी सामने आएं. जांच में अन्य संदिग्ध मौतों से उसका लिंक खंगाला जाएगा, जहां पूर्व क्लाइंट्स शामिल हों. फोरेंसिक रिपोर्ट की गहराई से जांच, कॉल डेटा, लोकेशन ट्रैकिंग और संभावित साथियों की तलाश की जाएगी. कमरुद्दीन उर्फ ‘बाबा’, फिरोजाबाद का निवासी और लोनी का तांत्रिक गुरु, सालों से लोगों को ‘धनवर्षा’ के जादू का लालच देकर फंसाता आ रहा था. उसकी आंखों में चमक थी अमीरी की, लेकिन दिल में जहर.

mathura delhi surat gujarat 11 murder mystery 48 hours : delhi police investigation theory | eyewitnesses rooms roads witchcraft | 48 घंटे में 11 मौतें, लेकिन चश्मदीद एक भी नहीं, बंद कमरे, सड़क और तंत्र-मंत्र की थ्योरी में उलझी पुलिस

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नई दिल्ली. देश में पिछले 48 घंटों में अलग-अलग राज्यों में कम से कम 11 ऐसी मौतें हुई हैं, जो आपको झकझोर देगा. खास बात यह है कि इन सभी मामलों में एक समानता यह है कि तीनों मामलों में कोई चश्मदीद सामने नहीं आया है. दिल्ली, मथुरा और सूरत से आई इन तीन तस्वीरों ने पूरे भारत को झकझोर कर रख दिया है. मथुरा में एक हंसता-खेलता परिवार खत्म हो गया, दिल्ली की सड़क पर खड़ी कार में तीन लाशें मिलीं और गुजरात में केमिकल व्यापारी, उसकी पत्नी और 12 साल के बेटे की अलग-अलग कमरे में लाश मिली. इन तीनों मामलों में पुलिस की जांच हत्या, आत्महत्या, तंत्र-मंत्र और फुड पॉयजनिंग के एंगल पर चल रही है. हालांकि, दिल्ली में कार में तीन लोगों की मौत पर एक तांत्रिक की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन बड़ा सवाल यह कि क्या ये महज इत्तेफाक है या फिर समाज के भीतर पनप रही किसी गहरी हताशा का खौफनाक नतीजा? एक घर, पांच लाशें और मौत के कारण पर सस्पेंस मथुरा के एक पॉश इलाके में पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों के शव उनके ही घर में मिले. शुरुआती जांच में यह सामूहिक आत्महत्या लग रही है, लेकिन पुलिस की थ्योरी कुछ और ही इशारा कर रही है. पुलिस को मौके से एक नोट मिला है जिसमें आर्थिक तंगी और कर्ज का जिक्र है. लेकिन कमरे का दरवाजा बाहर से बंद होना और बच्चों के शरीर पर संघर्ष के निशान मामले को मर्डर की ओर मोड़ रहे हैं. क्या पिता ने पहले बच्चों और पत्नी को जहर दिया और फिर खुद जान दी? या इसके पीछे कोई ‘तीसरा’ है? पुलिस अभी तक इस गुत्थी को सुलझा नहीं पाई है. लग्जरी कार में 3 खामोश लाशें देश की राजधानी दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में कार के अंदर तीन लोगों के शव मिलने का मामला अब और रहस्यमय होता जा रहा है. शुरुआत में इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ कई नए खुलासे सामने आने लगे हैं. सबसे चौंकाने वाला पहलू एक रहस्यमयी ‘तांत्रिक’ का सामने आना है, जिसे मौत से पहले तीनों मृतकों के साथ देखा गया था. पुलिस ने इस तांत्रिक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड की जांच से पुलिस इस मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. यह घटना रविवार दोपहर सामने आई जब पुलिस को पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास खड़ी एक कार में तीन लोगों के बेहोश होने की सूचना मिली. मौके पर पहुंची पुलिस ने कार के अंदर तीनों को मृत पाया. कार के दरवाजे अंदर से लॉक थे और शवों के पास शराब की बोतलें और डिस्पोजेबल ग्लास मिले. दो शवों के मुंह से उल्टी भी मिली, जिससे जहर या किसी रसायन के सेवन की आशंका जताई जा रही है. सूरत के बंद कमरे में तीन शव सूरत के लालगेट इलाके में एक रूह कंपा देने वाली वारदात ने खुशियों को मातम में बदल दिया है. सूरत के हरिपुरा क्षेत्र में तीन लोगों का शव मिलने से हड़कंप मच गया. मृतकों की पहचान केमिकल व्यापारी, उसकी पत्नी और 12 साल के बेटे के रूप में हुई है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. चार दिन पहले उमराह से लौटने के बाद केमिकल के बड़े कारोबारी फैयाज अहमद का पूरा परिवार एक ही रात में उजड़ गया. यह कोई साधारण मौत नहीं बल्कि एक ऐसा रहस्य है जिसने पुलिस प्रशासन और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के भी पसीने छुड़ा दिए हैं. एक संपन्न परिवार, आपस में अटूट प्रेम और भविष्य की बड़ी योजनाएं सब कुछ एक ही झटके में कैसे खाक हो गया. पुलिस जांच कर रही है कि फैयाज, उनकी पत्नी मुबीना और 13 साल का मासूम बेटा नोमान की मौत क्या गैस रिसाव की वजह से हुई या फिर इसमें कुछ और एंगल है. इन घटनाओं पर क्यों बनी हुई है मिस्ट्री? इन तीनों मामलों में पुलिस के सामने तीन मुख्य चुनौतियां हैं. पहला, कोई चश्मदीद नहीं है. तीनों ही वारदातें बंद कमरों या सुनसान जगहों पर हुईं. डिजिटल फुटप्रिंट्स: पुलिस मृतकों के मोबाइल फोन और अंतिम कॉल डिटेल्स (CDR) की जांच कर रही है, लेकिन कई डेटा डिलीट पाए गए हैं. फॉरेंसिक रिपोर्ट में देरी: बिसरा रिपोर्ट (Viscera Report) आने तक यह साफ नहीं हो पाएगा कि मौत जहर से हुई या दम घुटने से. फिलहाल मथुरा, दिल्ली और गुजरात की पुलिस इन तीनों मामलों को लेकर अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है. दिल्ली में गाड़ी में मिले तीन शव की गुत्थी सुलझा ली गई है. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एक 70 साल के तांत्रिक को गिरफ्तार किया है. 70 साल का ढोंगी तांत्रिक कमरुद्दीन कई बार जेल जा चुका है, लेकिन चतुराई से बाहर आ जाता था. दिल्ली पुलिस के डीसीपी सचिन कुमार ने बताया कि कई टेक्निकल सर्विलांस के जरिए जब जांच की गई तो बाबा पर उनका शक गहरा गया. जब बाबा को गिरफ्तार किया था तो पता चला कि वह धन वर्षा के नाम पर लोगों को बेवकूफ बनाता था और इसीलिए लक्ष्मी और दूसरे लोगों को इसने धन वर्षा के नाम पर 2 लाख रुपए को डबल करने का लालच दिया था. 2 लाख रुपए का 3 करोड़ करने का लालच देता था.

अरे बाप रे! बिना OTP के ही 38 लाख साफ, देखते ही देखते शख्स हो गया कंगाल, जामताड़ा मॉडल ने ढूंढा अब यह नया तरीका – 38 lakh rupees wiped out without an otp from bank account mobile delhi police exposed new cyber crime fraud Jamtara model

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Last Updated:February 11, 2026, 13:09 IST Jamtara Cyber Criminals News: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सिम पोर्टिंग के जरिए लाखों की ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है. ठगों ने पीड़ित का मोबाइल एक्सेस लेकर 38 लाख रुपये निकाल लिए और सिम कार्ड को जामताड़ा में पोर्ट करवा दिया. दिल्ली पुलिस ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा से मुख्य साजिशकर्ता 21 साल के आयुष शर्मा और विपुल कश्यप को गिरफ्तार किया है. इस गिरफ्तारी से दिल्ली जामताड़ा मॉडल का बैंक से पैसा गायब करने का नया तरीका पता चला है. पढ़ें कैसे साइबर ठगों ने अब अपनी रणनीति बदल ली है. बिना ओटीपी के ही बैंक अकाउंट हो रहे खाली. नई दिल्ली. केंद्र सरकार और जांच ऐजेंसियां चाहे जितना कोशिश कर ले, साइबर ठगों पर नहीं लग रहे हैं लगाम. अब तो साइबर ठगों ने ठगी का एक ऐसा खतरनाक तरीका ढूंढ निकाला है, जिसमें आपके पास कोई ओटीपी (OTP) भी नहीं आएगा और आपका बैंक खाता खाली हो जाएगा. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने सिम पोर्टिंग और डिवाइस हैकिंग के जरिए 38.10 लाख रुपये की बड़ी ठगी करने वाले एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है, जो हजारों लोगों के बैंक खाते अब तक साफ कर चुके हैं. खास बात यह है कि इस गिरोह के तार कुख्यात जामताड़ा झारखंड से जुड़े हैं. जानें कैसे जामताड़ा मॉडल ने अब साइबर ठगी का तरीका बदल लिया है. दिल्ली पुलिस ने बताया है कि शिकायतकर्ता ने शिकायत दर्ज कराई कि 30 दिसंबर 2025 से 12 जनवरी 2026 के बीच अज्ञात ठगों ने उसके साथ इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया. ठगों ने व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए पीड़ित को झांसे में लिया और धोखे से उसके मोबाइल फोन का एक्सेस हासिल कर लिया. एक बार फोन का कंट्रोल मिलते ही, ठगों ने पीड़ित के मोबाइल नंबर को अपने जामताड़ा स्थित सोर्स पर पोर्ट करवा लिया. पैसा उड़ाने का नया जामताड़ा मॉडल  सिम पोर्ट होते ही पीड़ित के फोन का सिग्नल गायब हो गया और ठगों ने बैंकिंग ऐप्स का एक्सेस लेकर IMPS, NEFT और UPI के जरिए अलग-अलग खातों में 38,10,341 रुपये ट्रांसफर कर लिए. क्राइम ब्रांच ने जब बैंक स्टेटमेंट और टेक्निकल फुटप्रिंट्स की जांच की तो एक बड़ा सुराग हाथ लगा. ठगी की रकम में से 99,999 रुपये ग्रेटर नोएडा के विपुल कश्यप के पीएनबी खाते में पहुंचे थे. पुलिस ने उसे 4 मई 2026 को धर दबोचा. 21 साल का लड़का गिरोह का मास्टर माइंड विपुल से पूछताछ के बाद पुलिस ने 21 साल के मुख्य साजिशकर्ता आयुष शर्मा को नोएडा से गिरफ्तार किया. आयुष ही इस पूरे गिरोह का संचालन कर रहा था. इस गैंग का मॉडस ऑपेरंडी इंस्टाग्राम से शुरू होता था. पूछताछ में आयुष शर्मा ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. उसने दिल्ली पुलिस कहा कि वह इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देकर लोगों को लालच देता था कि वे कमीशन के बदले अपने बैंक खाते और सिम कार्ड किराए पर दें. दिल्ली पुलिस ने ऐसे पकड़ा दिल्ली पुलिस ने राजस्थान के भिवाड़ी निवासी विशाल कुमार ने आयुष को सिम कार्ड उपलब्ध कराए थे, जिसे पुलिस ने पकड़कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. ये लोग दिल्ली-एनसीआर से बैंक खाते और सिम कार्ड इकट्ठा कर जामताड़ा के मुख्य ठगों को मुहैया कराते थे, जो वहां बैठकर ठगी को अंजाम देते थे. दिल्ली पुलिस के डीसीपी आदित्य गौतम के निर्देशन और एसीपी अनिल शर्मा की देखरेख में इंस्पेक्टर मंजीत कुमार की टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया. टीम में एसआई प्रवेश कुमार राठी और हेड कांस्टेबल सोहनपाल सहित कई तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे. पुलिस अब इस सिंडिकेट के अन्य सदस्यों और जामताड़ा में बैठे उनके आकाओं की तलाश कर रही है. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi First Published : February 11, 2026, 13:09 IST