love triangle bloody end : friendship illicit relationship | husband wife woh | delhi police mystery suspicion of extra marital affairs | पति, पत्नी और वो… दोस्ती या अवैध संबंध? जानें दिल्ली में दिल दहला देने वाली वारदात की इनसाइड स्टोरी

नई दिल्ली. कहते हैं कि शक एक ऐसा जहर है जो हंसते-खेलते परिवार को नरक बना देता है. दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके में एक ऐसी घटना घटी है, जो सोचने को मजबूर कर दिया है कि क्या किसी महिला को मदद करना भी गुनाह है? क्या शादी के बाद अगर कोई महिला किसी मर्द के साथ दोस्ती करता है तो उसे अवैध रिश्ता ही माना जाएगा? दिल्ली में एक ऐसी घटना घटी है, जो सोचने को मजबूर कर रहा है कि शादीशुदा महिला किसी गैरमर्द के साथ एक कमरे में दोस्त बनकर क्या रह सकता है? क्या गोकुलपुरी में हुई दिल दहला देने वाली घटना के बाद दिल्ली पुलिस की जांच महिला के अवैध संबंध के एंगल पर भी होगी? पढ़ें दिल्ली में पति, पत्नी और वो की एक ऐसी कहानी, जिसका क्लाइमेक्स धीरे-धीरे बाहर आने लगा है और जिसका अंत रोंगटे खड़े कर देने वाला था. पति ने पत्नी के दोस्त की हत्या कर दी है. हत्या के बाद पत्नी ने दिल्ली पुलिस को बयान दिया है कि उसके पति ने एक ऐसे शख्स की बेरहमी से हत्या कर दी, जो उसके बुरे वक्त में बच्चों के लिए फरिश्ता बनकर आया था. कहानी की शुरुआत होती है करीब 10 महीने पहले. मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया की रहने वाली 35 वर्षीय महिला का पति गौरी शंकर यादव गंभीर रूप से बीमार होकर अस्पताल में भर्ती था. घर में खाने के लाले पड़े थे और बच्चों का भविष्य अंधकार में था. उस वक्त रवि नाम का युवक महिला के जीवन में सहारा बनकर आया. कहानी पति, पत्नी और वो की महिला के मुताबिक रवि ने न केवल महिला की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कीं, बल्कि उसे आत्मनिर्भर भी बनाया. रवि की मदद से ही महिला ने गोकुलपुरी में एक फूड स्टॉल शुरू किया, ताकि वह अपने बच्चों को पाल सके. जब महिला के सामने रहने का संकट आया तो रवि ने ही उसे एक कमरा किराए पर दिलाया और उसकी ढाल बनकर साथ खड़ा रहा. पति के लौटने के बाद क्या हुआ? लेकिन 6 फरवरी को गौरी शंकर यादव सूरत से दिल्ली वापस लौटा तो उसे अचानक दोनों के संबंध को लेकर शक होने लगा. एक ही घर में रवि की मौजूदगी उसे खटकने लगी. गौरी शंकर को लगने लगा कि उसकी पत्नी और रवि के बीच अवैध संबंध हैं. उसे यह अहसान नहीं दिखा कि उसकी गैरमौजूदगी में रवि ने ही उसके परिवार को बिखरने से बचाया था. 7 फरवरी की रात को रवि को लेकर पति-पत्नी के बीच जमकर झगड़ा हुआ. विवाद इतना बढ़ गया कि डरी हुई पत्नी ने मामला शांत करने के लिए रवि को छत पर सोने के लिए भेज दिया. उसे लगा कि सुबह तक गुस्सा ठंडा हो जाएगा, लेकिन उसे क्या पता था कि रवि के लिए वह रात आखिरी साबित होगी. अगली सुबह का वो खौफनाक मंजर अगली सुबह जब महिला ऊपर पहुंची, तो उसकी चीख निकल गई. रवि खून से लथपथ पड़ा था. पास ही लकड़ी की एक मोटी छड़ी पड़ी थी, जो रवि के सिर पर वार करने की वजह से दो टुकड़ों में टूट चुकी थी. चारों तरफ खून ही खून था. रवि को तुरंत जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी गौरी शंकर यादव को हिरासत में ले लिया. कड़ी पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने बताया कि वह शक की आग में इतना अंधा हो गया था कि उसने गुस्से में रवि के सिर पर डंडे से कई वार किए. पुलिस ने महिला का बयान दर्ज किया है, जिसमें उसने रवि के ‘एहसानों’ और पति के ‘क्रूर’ व्यवहार की पूरी कहानी सुनाई है.
tarn taran law college classroom shooting video: लॉ कॉलेज के क्लासरूम में 2 कत्ल, एकतरफा प्यार या कुछ और? जानें तरन तारन कांड की इनासइड स्टोरी | sandeep kaur prince raj love story | punjab police investigation

पंजाब के तरन तारन जिले के ऊसमा गांव स्थित एक लॉ कॉलेज में सोमवार को वह हुआ, जिसकी कल्पना शायद फिल्म के खौफनाक सीन में भी नहीं की जाती है. दो सेकेंड में ही दो जिंदगियां खत्म हो गईं. सुबह का वक्त था, लेक्चर शुरू होने ही वाला था, लेकिन किताबों के पन्नों की जगह वहां खून की छीटें बिखर गईं. कानून की पढ़ाई करने आए एक छात्र ने अपनी ही सहपाठी की जान ले ली और फिर खुद को भी मौत के घाट उतार लिया. यह पूरी घटना छोटी उम्र के ‘इश्क’ या ‘सनक’ का सबसे काला चेहरा पेश करती है. आखिर इस खौफनाक कहानी के पीछे की कहानी क्या है? आइए जानते हैं कैसे एक लड़के ने अपनी ही दोस्त की हत्या कर दी. जिस कॉलेज में रोज की तरह सुबह-सुबह छात्र-छात्राएं आपस में बात करते हैं और फिर अपनी-अपनी क्लासरूम में बैठ जाते हैं. सोमवार को भी यही हुआ लेकिन, फर्स्ट ईयर के क्लास में अचानक ही कुछ ऐसा हुआ, जिससे पूरा कॉलेज सन्न रह गदया. जैसे ही पढ़ाई शुरू हुई, अचानक गोलियों की आवाज से पूरा कॉलेज परिसर दहल उठा. किसी को समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर आने के साथ ही ऐसा क्या हुआ कि छात्र बाहर निकल कर भाग रहे हैं. लेकिन सच ये था कि महज दो सेकेंड के भीतर ही कॉलेज में पढ़ने वाली दो जिंदगियां अब इस दुनिया में नहीं रहा. तरन तारन कांड की इनसाइड स्टोरी तरनतारन पुलिस के मुताबिक आरोपी छात्र की पहचान प्रिंस राज के रूप में हुई है, जो इसी कॉलेज में कानून (Law) के प्रथम वर्ष का छात्र है. सोमवार सुबह जैसे ही छात्र क्लासरूम में इकट्ठा हुए, प्रिंस अचानक अपनी सीट से उठा. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उसने अपनी जेब से एक पिस्तौल निकाली और अपनी क्लासमेट संदीप कौर के करीब जाकर उसके सिर में गोली मार दी. गोली चलते ही क्लासरूम में सन्नाटा पसर गया और अगले ही पल प्रिंस ने वही पिस्तौल अपनी कनपटी पर रखी और ट्रिगर दबा दिया. संदीप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रिंस को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया है, जहां उसकी भी मौत हो गई. सीसीटीवी में कैद हुआ खूनी खेल कॉलेज में लगे सीसीटीवी फुटेज ने इस वारदात की भयावहता को साफ कर दिया है. फुटेज में दिख रहा है कि कुछ छात्र अपनी डेस्क पर बैठे हैं और लेक्चर शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं. तभी प्रिंस एक डेस्क के पास खड़ा होता है, हैंडगन निकालता है और पास बैठी संदीप पर फायरिंग कर देता है. गोली चलते ही पूरी क्लास में भगदड़ मच गई और छात्र जान बचाकर बाहर की तरफ भागते नजर आए. क्या ‘एकतरफा प्यार’ था वजह? डीएसपी जगबीर सिंह ने बताया कि दोनों छात्र एक ही बैच में थे. शुरुआती जांच में पुलिस इसे ‘एकतरफा प्यार’ या ‘रिश्ते में कड़वाहट’ के एंगल से देख रही है. हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी तक हमले के पीछे के असली मकसद का पता नहीं चला है. पुलिस के सामने कई सवाल खड़े हैं. पहला, क्या संदीप ने प्रिंस के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था? प्रिंस के पास यह अवैध हथियार कहां से आया? क्या वह पिछले कई दिनों से इस वारदात की योजना बना रहा था? जांच और फॉरेंसिक सबूत पुलिस ने मौके से वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्तौल को जब्त कर लिया है. फॉरेंसिक टीम ने क्लासरूम से फिंगरप्रिंट और खून के नमूने इकट्ठा किए हैं. कॉलेज के स्टाफ और छात्रों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या इन दोनों के बीच पहले कभी कोई विवाद हुआ था. इस घटना ने पंजाब के शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. एक छात्र कॉलेज के अंदर हथियार लेकर कैसे दाखिल हो गया? क्या कॉलेज गेट पर कोई चेकिंग नहीं थी? छोटी उम्र में भावनाओं पर काबू न रख पाना और छोटी-छोटी बातों पर हिंसक कदम उठाना युवाओं में बढ़ती गंभीर समस्या है. जिन छात्रों ने अपनी आंखों के सामने यह मंजर देखा, वे गहरे सदमे में हैं.
बिस्तर के नीचे से निकला खजाना, 30 लाख के गहने और नकदी लेकर नौकरानी हुई थी रफूचक्कर, ऐसे हुई गिरफ्तार | treasure found under the bed maid arrest with jewellery and cash worth rs 30 lakh how she was arrested by delhi police

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने द्वारका में घर में काम करने वाली नौकरानी द्वारा की गई एक बड़ी चोरी की गुत्थी को सुलझा लिया है. द्वारका सेक्टर-23 थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए न केवल आरोपी महिला को गिरफ्तार किया, बल्कि चोरी किया गया माल भी बरामद कर लिया है. पकड़ी गई महिला के पास से करीब 30 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण बरामद हुए हैं, जिसको वह अपने बिस्तर के नीचे छुपा रखी थी. दिल्ली पुलिस ने नौकरानी को कैसे पकड़ा? घटना 1 फरवरी 2026 की है. द्वारका सेक्टर-23 निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि उनके घर से भारी मात्रा में सोने के गहने और नकदी गायब है. उन्हें अपनी महिला नौकरानी पर शक था, जो वारदात के बाद से ही लापता थी. शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया. पुलिस टीम और ‘ऑपरेशन इस्सापुर खेड़ा’ डीसीपी द्वारका अंकित सिंह के निर्देश पर एसएचओ सेक्टर-23 के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम बनाई गई. इस टीम में एएसआई कर्मवीर, हेड कांस्टेबल मुकेश, अनिल कुमार, महिला एएसआई भगवती और कांस्टेबल अलका शामिल थीं पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और अपने खुफिया तंत्र को सक्रिय किया. जल्द ही पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि संदिग्ध महिला कापसहेड़ा इलाके के गांव इस्सापुर खेड़ा बमनोली में छिपी हुई है. छापेमारी और भारी बरामदगी पुलिस टीम ने बिना समय गवाए बताए गए पते पर दबिश दी. महिला पुलिसकर्मियों की मदद से आरोपी महिला को काबू किया गया. घर की तलाशी लेने पर पुलिस की आंखें फटी रह गई. नौकरानी ने चोरी किए गए सारे गहने एक जगह छिपा कर रखे थे. बिस्तर के नीचे से सोने की 4 चूड़ियां, जिसका वजन लगभग 80 ग्राम, सोने की 2 कड़े, जिसका वजन लगभग 50 ग्राम, सोने की एक चेन, जिसका वजन लगभग 25 ग्राम, एक सोना और प्लेटिनम ब्रेसलेट, जिसका वजन लगभग 20 ग्राम, सोने की 3 अंगूठियां ,जिसका वजन लगभग 18 ग्राम, एक जोड़ी कान के झुमके, जिसका वजन लगभग 5 ग्राम, चांदी के 2 सिक्के, जिसका वजन लगभग 20 ग्राम और 18000 रुपये नकद बरामद हुए. दिल्ली पुलिस ने कहा है कि बरामद सोने की वजन 190 ग्राम है, जिसकी बाजार में कीमत करीब 30 लाख रुपये है. गिरफ्तार की गई महिला की उम्र 38 वर्ष है और वह मूल रूप से इस्सापुर खेड़ा, दिल्ली की रहने वाली है. पूछताछ में उसने कबूल किया कि लालच में आकर उसने इस वारदात को अंजाम दिया और उसे लगा था कि वह गांव में छिपकर पुलिस की नजरों से बच जाएगी. दिल्ली पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है.
Fake IPS Officer Digital Arrest: delhi police crime branch | whatsapp video call | woman of 40 lakh arrested | व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रोजाना हाजिरी, फर्जी IPS ने महिला से ऐसे हड़प लिए 40 लाख रुपये, अब हुआ गिरफ्तार

होमताजा खबरDelhi व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रोजाना हाजिरी, फर्जी IPS ने महिला से हड़प लिए 40 लाख Last Updated:February 09, 2026, 13:54 IST Fake IPS Officer Digital Arrest: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है. आरोपियों ने एक महिला को फर्जी IPS बनकर 3 महीने तक कैद में रखा और उसके जीवन भर की जमा पूंजी 40 लाख रुपये ठग लिए. लेकिन मामला जब दिल्ली पुलिस के पास पहुंचा तो तहकीकात में आरोपियों के बैंक खातों का संबंध 100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और 190 साइबर शिकायतों से पाया गया है. जानें कैसे दिल्ली पुलिस ने 100 करोड़ कमाने वाले इस गिरोह का भंडाफोड़ किया है. नई दिल्ली. देश में डिजिटल अरेस्ट की एक से बढ़कर एक घटनाएं सामने आ रही हैं. डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर ठग अब आपके बैंक खाते के साथ-साथ अब आपके दिमाग पर भी कब्जा कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल (Cyber Cell) ने एक ऐसे ही रूह कंपा देने वाले स्कैम का पर्दाफाश किया है, जिसकी कहानी सुनकर हिल जाएंगे आप. दिल्ली पुलिस ने दो आरोपियों अनीश और मनी सिंह को गिरफ्तार किया है. लेकिन दोनों ने किस तरह घर में रह रही एक अकेली महिला को जाल में फंसाया और कैसे उससे 40 लाख रुपये तीन महीने में उड़ा लिए इसकी कहानी जानकर हैरान हो जाएंगे. दिल्ली की एक हाउसवाइफ को 15 अक्टूबर 2025 को एक कॉल आई. फोन करने वाले ने खुद को आईपीएस राघव मित्तल साइबर सेल, मुंबई बताया. उसने महिला पर आरोप लगाया कि उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में हुआ है. उस फर्जी आईपीएस ने महिला को इतना डरा दिया गया कि वह 12 दिसंबर 2025 तक यानी करीब 3 महीने तक अपने ही घर में डिजिटल कैद में रही. उसे आदेश दिया गया था कि वह किसी से बात न करे, वर्ना उसके इंजीनियर बेटे और पति को जेल भेज दिया जाएगा. ठग उसे रोजाना व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर हाजिरी देने और यह सुनिश्चित करने के लिए मजबूर करते थे कि वह चुप है. महिला से तीन महीने में 40 लाख उड़ाए डर के इस माहौल में महिला ने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई 40 लाख रुपये ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए. ठगों ने उसे यह तक विश्वास दिला दिया था कि उसके घर के बाहर पुलिस तैनात है और जरा सी गलती उसे तबाह कर देगी. हर पेमेंट के बाद उसे चैट और कॉल लॉग डिलीट करने का आदेश दिया जाता था ताकि कोई सबूत न बचे. 4 लेयर के फंड फ्लो ने खोला 100 करोड़ का राज जब इस घटना में महिला के 40 लाख लूट गए तो पति और बेटा को इसकी जानकारी दी. पति और बेटे को समझ में आ गया कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हो गया है. महिला ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और पूरी कहानी बताई. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने इंस्पेक्टर संदीप सिंह और तकनीकी विशेषज्ञ हेड कांस्टेबल अक्षय कुमार की टीम ने इस जटिल मामले की कमान संभाली. महिला द्वारा डिलीट किए गए डेटा के बावजूद, टीम ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए एक बैंक खाते का पता लगाया जो M/s Vrindakart Skyline Shoppers Private Limited के नाम पर था. इस गिरोह के खातों का विश्लेषण करने पर पता चला कि देशभर में इनके खिलाफ 190 साइबर शिकायतें दर्ज हैं और करीब 100 करोड़ रुपये का फ्रॉड इन खातों के जरिए किया गया है. आरोपी अनीश और मनी सिंह ‘वृंदाकार्ट’ जैसी शेल कंपनियां बनाकर पैसा रूट करते थे. ये दोनों आरोपी पहले भी फरीदाबाद पुलिस द्वारा इसी तरह के मामले में पकड़े जा चुके थे. एसीपी अनिल शर्मा की देखरेख में इंस्पेक्टर विनय कुमार, एसआई राकेश मलिक और अन्य जवानों की टीम ने दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में छापेमारी कर इन ठगों को दबोचा. इनके पास से फर्जी सिम कार्ड और जाली दस्तावेज बरामद हुए हैं. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi First Published : February 09, 2026, 13:54 IST
Delhi Police Caught Chines Agent: मोबाइल तोड़ा, चेक बुक जलाये, फिर भी नहीं बच सका गिरफ्तारी से, ऐसे दबोचे गए 3 चीनी एजेंट | delhi police busts international stock market scam cyber fraud racket 3 chines agent held

Last Updated:February 09, 2026, 12:40 IST Delhi Police Caught Chines Agent: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के तार चीन से जुड़े हैं और ये ठगी के पैसों को क्रिप्टोकरेंसी (USDT) के जरिए विदेश भेजते थे. दिल्ली पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 42.5 लाख की ठगी का मामला सुलझाया है. दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन नई दिल्ली. दिल्ली में साइबर ठगों ने अब सीधे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जड़ें जमा ली हैं. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ‘Cy-Hawk’ ऑपरेशन के तहत एक हाई-प्रोफाइल साइबर धोखाधड़ी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. यह गिरोह न केवल भारतीय नागरिकों को स्टॉक मार्केट के नाम पर ठग रहा था, बल्कि ठगी की रकम को चीनी हैंडलर्स की मदद से क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेज रहा था. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अबतक तीन साइबर ठगों को गिरप्तार किया है. उत्तम नगर के 56 साल के शख्स रंजन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने बताया कि स्टॉक मार्केट में निवेश कर भारी मुनाफे का लालच देकर उनसे करीब 42.5 लाख रुपये की ठगी की गई है. क्राइम ब्रांच ने 17 दिसंबर 2025 को मामला दर्ज कर जांच शुरू की. जांच और पहली गिरफ्तारी क्राइम ब्रांच की टीम ने जब पैसों के लेन-देन (Money Trail) का पीछा किया, तो पता चला कि ठगी की रकम 36 अलग-अलग बैंक खातों में भेजी गई थी. इनमें से एक खाता सब्बीर अहमद निवासी मुनिरका के नाम पर था, जिसमें यूको बैंक के जरिए साढ़े तीन लाख से ज्यादा रुपये आए थे और उसी दिन चेक के जरिए निकाल लिए गए थे. इसके बाद होने लगी ताबड़तोड़ गिरफ्तारी पुलिस ने 21 जनवरी 2026 को सब्बीर को धर दबोचा. पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वह महज 2% कमीशन के लिए 9-10 बैंक खाते खुलवाकर उनकी किट दूसरे गैंग को सौंप चुका है. सब्बीर की निशानदेही पर पुलिस ने 5 फरवरी 2026 को बाटला हाउस से दो और आरोपियों मो. सरफराज और मो. दिलशाद को गिरफ्तार किया. इन दोनों ने पूछताछ में कबूल किया कि उनके सीधे संबंध चीनी हैंडलर्स के साथ हैं. क्रिप्टोकरेंसी से पैसे भेजते थे ये आरोपी ठगी के पैसों का इस्तेमाल चीनी नागरिकों को USDT (क्रिप्टोकरेंसी) बेचने के लिए करते थे, जिससे पैसा आसानी से अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार चला जाता था. ये बैंक अधिकारियों से साठगांठ कर डमी उम्मीदवारों के नाम पर फर्जी खाते खुलवाते थे. सब्बीर की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही इन्होंने चेक बुक जला दी और सिम कार्ड तोड़ दिए, ताकि पुलिस को कोई सबूत न मिले. हालांकि, पुलिस ने उस मोबाइल हैंडसेट को बरामद कर लिया है जिससे यह पूरा खेल संचालित हो रहा था. पकड़े गए तीनों आरोपी आदतन अपराधी हैं. इससे पहले सितंबर 2025 में भी इन्हें दिल्ली की ‘साइबर वेस्ट’ पुलिस ने ठगी के एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया था. जेल से बाहर आते ही इन्होंने फिर से अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के लिए काम करना शुरू कर दिया. डीसीपी पंकज कुमार ने बताया कि यह मॉड्यूल बहुत ही संगठित तरीके से काम कर रहा था. पुलिस अब उन बैंक अधिकारियों और चीनी एजेंटों की तलाश कर रही है जो इस मनी-लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का हिस्सा हैं. ऐसे में किसी भी अनजान व्हाट्सएप ग्रुप या टेलीग्राम चैनल पर मिले ‘स्टॉक मार्केट टिप्स’ पर भरोसा न करें. निवेश के लिए केवल सेबी (SEBI) द्वारा अधिकृत प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi First Published : February 09, 2026, 12:40 IST
Peeragarhi flyover 3 death body | पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर कार में 3 लाश, एक महिला संग 2 पुरुष कौन थे, सॉफ्ट ड्रिंक खोलेगा रहस्य, अब तक क्या पता चला? | Peeragarhi flyover 3 death body in car 1 woman 2 men who were those how they killed soft drink bottle mystery what police found

Peeragarhi Flyover Death Mystery: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार को पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर एक कार के अंदर तीन लोग मृत पाए गए. मृतकों की पहचान रंधीर, शिवनरेश और लक्ष्मी के रूप में हुई है. इनमें से एक वाहन का मालिक भी था. दोपहर बाद करीब 3:50 बजे PCR कॉल मिली, जिसमें बताया गया कि फ्लाईओवर की सर्विस लेन के पास एक कार में बैठे तीन लोग बेहोश पड़े हैं. दिल्ली पुलिस ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि बाहरी दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर दो पुरुष और एक महिला के शव मिले हैं. पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह खुद ही जान देने का मामला लगता है. बाहरी जिला के पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने बताया कि मामले की जांच जारी है. डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि हमें एक कार में तीन शव होने की सूचना मिली थी. उन्होंने बताया कि ऐसा नहीं लगता कि कोई जोर-जबरदस्ती हुई है. पुलिस अभी जांच कर रही है. पुलिस ने बताया कि शवों पर किसी प्रकार की चोट के स्पष्ट निशान नहीं हैं. इस घटना से जुड़ी हर डिटेल इस तरह से है -: घटना कहां हुई?दिल्ली के पश्चिमी इलाके में पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास एक कार में तीन शव मिलने से सनसनी फैल गई. यह कार सर्विस लेन के पास खड़ी थी. दिल्ली पुलिस को सूचना कैसे मिली?करीब 3:50 बजे PCR कॉल मिली कि कार में बैठे लोग प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं और बेहोश लग रहे हैं. मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने क्या पाया?पुलिस ने कार खोलकर देखा तो अंदर तीनों लोग मृत मिले और वाहन में जहरीले पदार्थ की तेज गंध थी. कार से सॉफ्ट ड्रिंक का बोतल बरामद किया गया है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. क्या मृतकों की पहचान हुई है?मृतकों की पहचान 76 वर्षीय रंधीर सिंह, 47 वर्षीय शिव नरेश सिंह और 40 वर्षीय लक्ष्मी देवी के रूप में हुई है. मृतक कहां के रहने वाले थे?रंधीर सिंह और शिव नरेश सिंह बापरोला गांव के निवासी थे, जबकि लक्ष्मी देवी का पता अभी स्पष्ट नहीं है. कार में उनकी स्थिति कैसी थी?रंधीर सिंह ड्राइविंग सीट पर थे, जबकि शिव नरेश और लक्ष्मी देवी पीछे की सीट पर बैठे मिले. सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजहों का पता चल सकेगा. कार किसकी थी?पुलिस के अनुसार कार मृतकों में से एक की ही थी. क्या शरीर पर चोट के निशान थे?पुलिस ने बताया कि किसी भी शव पर बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं. मौके से क्या-क्या बरामद हुआ?कार से मोबाइल फोन, नकदी और महिला के पहने हुए गहने सुरक्षित मिले हैं. सॉफ्ट ड्रिंक का बोतल भी मिला है. क्या कोई संदिग्ध वस्तु मिली?फॉरेंसिक टीम को कार में एक सॉफ्ट ड्रिंक की बोतल मिली है, जिसे जांच के लिए भेजा गया है. पुलिस की शुरुआती जांच क्या कहती है?पुलिस की मानें तो प्राथमिक जांच में यह मामला सामूहिक आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है. हत्या की आशंका पर क्या कहा गया?फिलहाल जबरन कार्रवाई के कोई संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन सभी पहलुओं की जांच जारी है. परिजनों से संपर्क कैसे हुआ?दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने रंधीर सिंह के परिजनों से संपर्क किया और एक रिश्तेदार मौके पर पहुंचा. लक्ष्मी देवी का अन्य दो से क्या संबंध था?परिजन उनके संबंध के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके हैं. शवों का क्या किया गया है?तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. फिलहाल रिपोर्ट का इंतजार है, ताकि मौत की वजहों का पता चल सके. मौत के कारणों की पुष्टि कैसे होगी?पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही सही कारणों का पता चलेगा. पुलिस अधिकारियों ने क्या बयान दिया?डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा कि मामला संदिग्ध नहीं लग रहा, लेकिन जांच जारी है. इलाके में क्या कदम उठाए गए?पुलिस ने घटनास्थल को घेर लिया और फॉरेंसिक टीम के साथ साक्ष्य जुटाए. क्या कोई लूटपाट या संघर्ष के संकेत मिले?नहीं, सभी कीमती सामान सुरक्षित मिले हैं और संघर्ष के कोई निशान नहीं पाए गए. आगे की कार्रवाई क्या होगी?फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तय करेगी.
Delhi Gangster: 4500 KM तक पीछा, 100 होटलों में रेड, फिर मिली दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी | delhi police special cell chase 4500 km and caught two dreaded sharpshooters kapil sangwan alias nandu gang kolhapur maharashtra

Last Updated:February 08, 2026, 19:22 IST दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 4500 किलोमीटर के फिल्मी पीछा के बाद कुख्यात कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग के दो खूंखार शार्पशूटरों, सौरभ और योगेश को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार किया है. हरियाणा के संदीप हत्याकांड के मुख्य आरोपी इन बदमाशों ने 100 से अधिक होटलों में छिपने की कोशिश की, लेकिन पुलिस के फंदे से नहीं बच सके. नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बेहद चुनौतीपूर्ण और साहसिक ऑपरेशन को अंजाम देते हुए कुख्यात गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग के दो मुख्य शार्पशूटरों को गिरफ्तार कर लिया है. इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस की टीम ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश होते हुए महाराष्ट्र तक 4500 किलोमीटर का लंबा सफर तय किया. इन्हें कोल्हापुर के श्री टेम्बलई मंदिर के पास से धर दबोचा गया. सौरभ लाकड़ा और योगेश शर्मा की तलाश पुलिस को 17 जुलाई 2025 को हरियाणा के बादली में हुए सनसनीखेज संदीप उर्फ बबलू हत्याकांड में थी. संदीप जब अपने दोस्त के साथ कार में जा रहा था, तभी इन हमलावरों ने कपिल सांगवान उर्फ नंदू के इशारे पर उन पर अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसमें संदीप की मौत हो गई थी. स्पेशल सेल के डीसीपी आलाप पटेल के अनुसार, इंस्पेक्टर पवन कुमार और सुमित कादयान की टीम को जनवरी के आखिरी हफ्ते में इन बदमाशों के महाराष्ट्र में होने की सूचना मिली थी. 100 से ज्यादा होटल: पुलिस टीम ने कोल्हापुर और आसपास के इलाकों में 100 से अधिक होटलों और गेस्ट हाउसों की तलाशी ली. 28-29 जनवरी की दरम्यानी रात को पुलिस ने ऊंचगांव रोड पर घेराबंदी कर दोनों को काबू किया. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उन्होंने प्रतिद्वंद्वी गिरोहों से खतरे के कारण मध्य प्रदेश से हथियार खरीदे थे. पुलिस ने दिल्ली में उनकी निशानदेही पर छापेमारी कर 02 पिस्टल और 02 कारतूस बरामद किए हैं. गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू का खौफकपिल सांगवान उर्फ नंदू फिलहाल विदेश में बैठकर अपना गैंग चला रहा है. वह दिल्ली के नजफगढ़ और हरियाणा के इलाकों में रंगदारी और वर्चस्व की लड़ाई के लिए जाना जाता है. योगेश और सौरभ जैसे शार्पशूटर उसके सबसे भरोसेमंद गुर्गे हैं, जो सुपारी लेकर हत्याओं को अंजाम देते हैं. कानूनी कार्रवाई और साइड इफेक्ट्सपुलिस ने इन दोनों के खिलाफ BNSS (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है. इस गिरफ्तारी से नंदू गैंग को बड़ा झटका लगा है और दिल्ली-हरियाणा के व्यापारियों ने राहत की सांस ली है. पुलिस अब इनके अन्य सहयोगियों और हथियारों के सप्लायरों की तलाश में जुटी है. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : Delhi Cantonment,New Delhi,Delhi First Published : February 08, 2026, 19:22 IST
ghaziabad triple sisters suicide case: ghaziabad police six questions to father list | three wives why extra marital affairs | गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस में पिता से पुलिस के ये 6 सवाल, तीन बीवियां फिर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स क्यों?

Ghaziabad Triple Sisters Suicide Case: गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी की 9वीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली तीन सगी बहनों के पिता चेतन को लेकर सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं. 12, 14 और 16 साल की तीन सगी बहनों निशिका, प्राची और पाखी की आत्महत्या की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, गाजियाबाद पुलिस को डरावने सच से सामना हो रहा है. हर दिन नए-नए सुराग हाथ लग रहे हैं. जांच में जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई है, वह है पिता चेतन कुमार का निजी जीवन. गाजियाबाद पुलिस के अनुसार चेतन ने तीन सगी बहनों सुजाता, हीना और टीना से शादी की. फिर बाद में एक पत्नी की सहेली से भी उसके संबंध हो गए, जिसकी वजह से परिवार में अक्सर झगड़े होते रहते थे. उस लिव इन पार्टनर की भी साल 2018 में तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी. पुलिस ने उस वक्त हादसा बताया था, लेकिन अब उस केस की भी फाइल फिर से खुल गई है. चेतन की पहली पत्नी सुजाता से संतान न होने पर उसने उसकी छोटी बहन हीना से शादी हुई. बाद में दो पत्नियों की तीसरी बहन टीना को भी पत्नी बनाकर घर ले आया. तीन बेटियों की मौत के बाद अब एक 13 साल का एक दिव्यांग बेटा और टीना से जन्मी चार साल की एक बेटी बची है. मरने वाली बच्चियों में एक सुजाता की और दो हीना की बेटी थी. पहले कहा गया था कि सुजाता से बच्चा नहीं होने पर परिवार ने ही उसकी बहन से शादी करवा दी. लेकिन बाद में सुजाता से बच्चा फिर कैसे हो गया? अब गाजियाबाद पुलिस ने कई सवालों के साथ चेतन और तीन पत्नियों के साथ-साथ अन्य संबंधियों से पूछताछ कर रही है. आइए जानते हैं कि गाजियाबाद ने चेतन और उसके पत्नियों से क्या-क्या सवाल पूछे? गाजियाबाद पुलिस का पिता चेतन से छह सवाल 1-बच्चियों को स्कूल क्यों नहीं भेजा? बच्चियों ने कोरोना के समय में स्कूल जाना बंद कर दिया था. इसके बाद कई बार स्कूल भेजने की कोशिश की, लेकिन तीनों नहीं गए. बेटियां की निगरानी क्यों नहीं कर पाए? तीनों बेटियां एक साथ खाती, रहतीं और टॉयलेट जाती थीं. तीनों हमारे साथ सोती थीं, लेकिन मुझको नींद आते ही मोबाइल लेकर तीनों दूसरे कमरे में जाकर देखने लगती थीं. आपकी कितनी महिलाओं से संबंध रहे? पहली पत्नी सुजाता है, जिसके संतान न होने पर परिवार की मर्जी से साली हिना से शादी कर ली. सीलमपुर में ससुराल के पड़ोस में रहने वाली तब्बू से संबंध हो गए. उसे नौ साल पहले राजेंद्रनगर वाले फ्लैट में साथ रहने के लिए लाया तो घर पर झगड़े होने लगे. 2018 में यहां उसकी तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी. उस समय मैं घर में नहीं था. इसके बाद तब्बू की रिश्तेदार टीना से संबंध हो गए और उसके गर्भवती होने पर कोर्ट मैरिज कर ली. बच्चियों से मारपीट और शादी कराने की बात में क्या सच्चाई है? नहीं, कभी भी बच्चियों के साथ मारपीट नहीं किया. शादी कराने की बात उन्हें डराने के लिए कही थी, ताकि मोबाइल देखना छोड़ दें. बच्चियों को मोबाइल कब दिलाए? करीब छह सात महीने पहले दो मोबाइल दिलाए थे. दोनों फोन एक जानकार के कहने पर एक व्यक्ति को बेच दिए. दो फ्लैट किराये पर क्यों लिए? घर में ज्यादा सदस्य थे. कभी कोई मेहमान आता या कभी झगड़ा होता था तो उसके लिए दूसरा फ्लैट किराये पर लिया था. क्या बिजनेस में नुकसान हुआ? कोरोना के दौरान थोड़ा नुकसान हुआ, लेकिन दो करोड़ के कर्ज की बात गलत है. बच्चियों को क्या दिक्कत थी? विवाहित चेतन से क्यों शादी की? (पत्नियों से सवाल) सुजाता ने कहा कि उनकी गलती थी जो बच्चियों पर ध्यान नहीं दिया. इसीलिए अपनी बच्चियों को खो दिया. हिना ने कहा कि परिवार की मर्जी से शादी की. वहीं, टीना ने कहा कि संबंध हो जाने के कारण शादी कर ली. तीनों ने चेतन पर कोई भी आरोप नहीं लगाया. पुलिस अब क्या करेगी? गाजियाबाद पुलिस अब साल 2015 से उन पुरानी फाइलों को भी खंगाल रही है, जब चेतन ने एक बाद एक तीन शादियां की. फिर एक पूर्व लिव-इन पार्टनर की साहिबाबाद के राजेंद्र नगर में एक इमारत की छत से गिरकर संदिग्ध मौत हुई थी. उस समय पुलिस ने उसे ‘सुसाइड’ मानकर केस बंद कर दिया था, लेकिन अब तीन बेटियों की उसी अंदाज में हुई मौत ने पुलिस को उस पुराने मामले को दोबारा खोलने पर मजबूर कर दिया है. ये कहानी है गाजियाबाद के भारत सिटी सोसाइटी की, जहां एक सामान्य दिखने वाला परिवार अंदर से टूटा-बिखरा था. एक सुसाइड नोट, जिसमें लिखे थे सॉरी पापा. लेकिन ये शब्द एक गहरी साजिश, पारिवारिक उलझनों और भावनात्मक पीड़ा की कहानी छिपाए हुए थे. परिवार में तीन पत्नियां, पांच बच्चे सभी एक ही फ्लैट में रहते हैं, लेकिन ये साथ सिर्फ दिखावा था.अब पुलिस के सामने आने वाले दिनों में कई और सवाल खड़े हैं. लगभग चार साल से घर में कोई टीवी नहीं, कोई दोस्त नहीं. तीनों बहनें पूरी तरह अलग-थलग पड़ गईं. क्या सचमुच में तीनों बहनों की दुनिया कोरियन कल्चर में बस गई थी? वे सोशल मीडिया पर कोरियन नामों से एक्टिव थीं ली नो भैया, कुइना दीदी जैसे नामों से रिश्ते जोड़तीं. कोरियन टीवी सीरीज के-पॉप म्यूजिक और गेम्स उनकी जिंदगी बन गए थे. डायरी में लिखा था- वी लव कोरियन. लव, लव, लव. कोरियन वाज अवर लाइफ. लेकिन पिता चेतन को ये पसंद नहीं था. अब गाजियाबाद पुलिस जांच कर रही है कि क्या सच में सुसाइड था या फिर कुछ और?
‘पेड प्रमोशन के तहत फैलाई गई बच्चों के गायब होने की कहानी’, दिल्ली पुलिस बोली- पैनिक फैलाना है इरादा – children missing case updates delhi police claim this story circulated for paid promotion create panic personal interest

होमताजा खबरदेश पेड प्रमोशन के तहत फैलाई गई बच्चों के गायब होने की कहानी – दिल्ली पुलिस Last Updated:February 06, 2026, 11:48 IST Delhi Children Missing Case: नेशनल कैपिटल दिल्ली में सैकड़ों की तादाद में गुमशुदा हुए बच्चे का मामला गर्मा गया है. जिनके बच्चे लापता हुए हैं, वे सामने आकर अपना दुख बता रहे हैं. वहीं, इस मसले पर अब दिल्ली पुलिस का बयान सामने आया है. पुलिस ने 800 से ज्यादा बच्चों के गायब होने की खबर के पीछे बड़ी साजिश का इशारा किया है. दिल्ली में 800 से भी ज्यादा बच्चों के गुमशुदा होने के मसले पर अहम बयान दिया है. (फाइल फोटो/PTI) Delhi Children Missing Case: देश की राजधानी दिल्ली में 800 से ज्यादा बच्चों के गायब होने के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस का कहना है कि पेड प्रमोशन के तहत बच्चों के गायब होने की बात फैलाई गई. पुलिस ने एक्शन लेने की बात भी कही है. दिल्ली में कथित तौर पर बढ़ते लापता बच्चों के मामलों को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है. दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी और संयुक्त आयुक्त संजय त्यागी ने स्पष्ट किया कि राजधानी में लापता व्यक्तियों की संख्या में कोई असामान्य वृद्धि नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि जनवरी 2026 में तो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लापता मामलों की रिपोर्टिंग में कमी दर्ज की गई है, जिससे यह साफ होता है कि सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें तथ्यहीन हैं. ज्वाइंट सीपी संजय त्यागी ने कहा कि दिल्ली पुलिस अपराध की निष्पक्ष और पारदर्शी रिपोर्टिंग नीति का पालन करती है. लापता व्यक्तियों की सूचना न केवल स्थानीय पुलिस थानों में दर्ज कराई जा सकती है, बल्कि ऑनलाइन माध्यम से या ERSS-112 नंबर पर कॉल करके भी दी जा सकती है. उन्होंने बताया कि मानक परिचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत पुलिस लापता लोगों की तलाश के लिए तुरंत कार्रवाई करती है और विशेष रूप से बच्चों के मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है. दिल्ली पुलिस के अनुसार, सभी जिलों में समर्पित लापता व्यक्ति दस्ते सक्रिय हैं, जबकि अपराध शाखा में मानव तस्करी विरोधी इकाई भी कार्यरत है, ताकि ऐसे मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके. पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि अब तक किसी भी मामले में लापता बच्चों या अपहरण के पीछे किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता सामने नहीं आई है. साजिश की ओर इशारा दिल्ली पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि कुछ तथाकथित रिपोर्टें और सोशल मीडिया पोस्ट पेड प्रमोशन के जरिए जानबूझकर फैलाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य जनता में डर और घबराहट पैदा करना है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऐसे मामलों की जांच में यह सामने आया है कि कुछ लोग निजी लाभ के लिए गलत सूचनाएं फैलाकर माहौल खराब कर रहे हैं. संजय त्यागी ने दो टूक कहा कि इस तरह की अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी कीमत पर राजधानी में शांति व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा. इस बीच, दिल्ली से सांसद और केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने भी इन खबरों को निराधार बताते हुए कहा कि राजधानी में लोगों के गायब होने की बात पूरी तरह गलत है और इससे जनता में बेवजह भय का माहौल बनाया जा रहा है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध जानकारी की पुष्टि संबंधित अधिकारियों से करें. लोगों से खास अपील दिल्ली पुलिस ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के लापता होने की सूचना हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें और अफवाहों से बचें. पुलिस का कहना है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और लापता व्यक्तियों को जल्द से जल्द सुरक्षित ढूंढने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. बता दें कि बड़ी तादाद में बच्चों के लापता होने की सूचना से लोगों में पैनिक का आलम है. अब दिल्ली पुलिस ने हकीकत सामने लाकर इसे शांत करने की कोशिश की है. साथ ही दोषियों पर एक्शन की बात भी कही है. About the Author Manish Kumar बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : February 06, 2026, 11:24 IST
दिल्ली पुलिस ने 48 घंटे में छात्रा का मोबाइल बरामद किया: weeping girl arrived police station case solved by delhi police in 48 hours shahdara district gtb enclave

नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली के शाहदरा जिले से इंसानियत और पुलिसिया मुस्तैदी की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने खाकी के प्रति जनता के भरोसे को और मजबूत किया है. यह कहानी एक छात्रा की मेहनत, उसके आंसुओं और दिल्ली पुलिस के उस वादे की है, जिसे पुलिस ने दो दिन की मोहलत में पूरा कर दिखाया. एक छात्रा के साथ ऐसी घटना घटी, जिसने दिल्ली पुलिस के अधिकारी को दिल पसीज गया. घटना है तो बहुत छोटी, लेकिन इतनी मार्मिक है, जिसको सुनकर आपका भी दिल पसीज जाएगा. 31 जनवरी 2026 की शाम एक छात्रा रोती-बिलखती हुई जी.टी.बी. एन्क्लेव थाने पहुंची. उसके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे. उसने पुलिस को बताया कि उसने अपनी पॉकेट मनी से पाई-पाई जोड़कर एक मोबाइल फोन खरीदा था, जिसे दो मोटर साइकिल सवार लड़कों ने उससे छीन लिया. छात्रा का रो-रोकर बुरा हाल था, वह बार-बार कह रही थी कि वह अब दूसरा फोन नहीं खरीद पाएगी और उसकी परीक्षाओं पर भी इसका असर पड़ेगा. छात्रा के साथ क्या हुआ था? छात्रा की हालत देख पुलिस टीम भावुक हो गई. जीटीबी एन्क्लेव पुलिस स्टेशन की टीम ने छात्रा को दिलासा दिया और एक बड़ा वादा किया. पुलिस ने बोला- बेटी, तुम शांति से अपनी परीक्षा की तैयारी करो, तुम्हारा छीना हुआ फोन दो दिन के भीतर वापस मिल जाएगा शुरू हुआ दिल्ली पुलिस का एक्शन शाहदरा जिले के डीसीपी प्रशांत गौतम के निर्देश पर एक क्रैक टीम बनाई गई. इस टीम में हेड कांस्टेबल मनीष, मनोज, सचिन और कांस्टेबल अभिषेक शामिल थे. टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की जांच की. फुटेज में दो संदिग्ध युवक हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर झपटमारी कर भागते हुए नजर आए. पुलिस ने भागने के रास्ते पर लगे कैमरों का पीछा किया, जिससे आरोपियों के ठिकाने का अंदाजा लगा. 48 घंटे में ही पूरा हुआ ऑपरेशन 3 फरवरी 2026 को, जब क्रैक टीम गश्त पर थी, तभी एक मुखबिर से गुप्त सूचना मिली कि वारदात में शामिल संदिग्ध युवक फिर से किसी वारदात को अंजाम देने के इरादे से इलाके में घूम रहा है. पुलिस ने तुरंत घेराबंदी की और दोनों आरोपियों को दबोच लिया. पूछताछ में उन्होंने छात्रा से मोबाइल छीनने की बात कबूल कर ली. पकड़े गए दोनों आरोपी कोई नौसिखिए नहीं, बल्कि पुराने अपराधी हैं. मानसरोवर पार्क का रहने वाला राहुल पहले भी 8 आपराधिक मामलों में शामिल रह चुका है. 36 साल का राजेश कुमार सैनी मॉडर्न शाहदरा का रहने वाला 4 वारदातों में शामिल रहा है. दिल्ली पुलिस ने अपना वादा निभाया और 48 घंटे के भीतर आरोपी को पकड़कर मोबाइल बरामद कर लिया. अब छात्रा अपनी परीक्षाएं बिना किसी तनाव के दे सकेगी. डीसीपी प्रशांत गौतम ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस का काम केवल अपराधी को पकड़ना ही नहीं, बल्कि पीड़ित को न्याय दिलाना और समाज में सुरक्षा की भावना पैदा करना भी है.









