Monday, 10 Aug 2026 | 05:07 PM

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Border Actor Sudesh Berry Statement On PM Modi

Border Actor Sudesh Berry Statement On PM Modi

4 मिनट पहले कॉपी लिंक सुदेश बेरी ने ‘बॉर्डर’, ‘घायल’, ‘रिफ्यूजी’, ‘एलओसी कारगिल’ और ‘टैंगो चार्ली’ जैसी कई फिल्मों में काम किया है। एक्टर सुदेश बेरी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने उन्हें भगवान विष्णु का अवतार बताया और कहा कि अगर मौका मिला, तो वह उनके पैर धोकर उनका पानी पीना चाहेंगे। वहीं, उन्होंने CJP पार्टी पर भी निशाना साधा। सुदेश बेरी ने कहा कि जंतर-मंतर पर बैठी CJP देश को आगे नहीं, बल्कि पीछे खींच रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस पार्टी का नाम तक ठीक से नहीं पता। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता एजीपी, सीजीपी… मैं तो इन लोगों को पहचानता भी नहीं हूं। मैं सिर्फ इतना जानता हूं कि ये देश को पीछे खींच रहे हैं।’ CJP पर निशाना साधते हुए सुदेश बेरी ने कहा, ‘ये सब बेकार लोग हैं। इनके पास देश के लिए कोई काम नहीं है। अगर सच में समाज की सेवा करनी है, तो बच्चों के लिए गार्डन बनाएं, बुजुर्गों के लिए ओल्ड एज होम बनाएं और लोगों का इलाज कराएं। सिर्फ जंतर-मंतर पर बैठकर विरोध करने से कुछ नहीं होगा।’ उन्होंने पार्टी के नाम पर भी तंज कसा। सुदेश बेरी ने कहा, ‘कुछ अजीब से जानवर का नाम लेकर पार्टी बना दी। लकड़बग्घा पार्टी क्यों नहीं बनाते?’ सुदेश बेरी का सबसे चर्चित रोल फिल्म ‘बॉर्डर’ में सूबेदार मथुरा दास का था। सुदेश बेरी ने मोदी की जमकर तारीफ की इंटरव्यू में सुदेश बेरी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘नरेन्द्र मोदी ने बेचारे ने क्या बिगाड़ा है? उनको चाय बेचने दो। वो पूरी दुनिया में चाय बेचकर आए हैं।’ बातचीत के दौरान इंटरव्यूअर ने सुदेश बेरी को याद दिलाया कि उन्होंने पहले अपनी मां के चरण धोकर उनका जल पिया था। इस पर उन्होंने कहा, ‘अब मुझे मोदी जी के पैर धोकर पीना है। अगर आप मुझे मोदी जी से मिला दें। मैं तो उनसे मिला नहीं, मैं उनको जानता नहीं हूं। जैसे हमने ईश्वर को देखा नहीं है, फिर भी उनकी पूजा करते हैं, तो मैं भी उतनी ही इज्जत मोदी जी की करता हूं। तो इसमें कोई बुरी बात नहीं है। कोई बुरी बात तो नहीं है? करता हूं तो करता हूं। पार्टियों से परे, राजनीति से परे, एक इंसान के तौर पर।’ रामराज्य आने का भी दावा किया सुदेश बेरी ने यह भी कहा कि उनके मुताबिक देश में ‘रामराज्य आ चुका है।’ जब उनसे पूछा गया कि ऐसा कैसे, तो उन्होंने जवाब दिया, ‘रामराज्य आ चुका है। जो मैं देख सकता हूं, वो आप नहीं देख पा रहे हैं। शब्दों में नहीं बता सकते, ये महसूस करने वाली बात है।’ इंटरव्यू में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये लोग देश के लिए काम कर रहे हैं और इनके खिलाफ बिना वजह बोलना ठीक नहीं है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Border Actor Sudesh Berry Statement On PM Modi

Border Actor Sudesh Berry Statement On PM Modi

21 मिनट पहले कॉपी लिंक सुदेश बेरी ने ‘बॉर्डर’, ‘घायल’, ‘रिफ्यूजी’, ‘एलओसी कारगिल’ और ‘टैंगो चार्ली’ जैसी कई फिल्मों में काम किया है। एक्टर सुदेश बेरी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने उन्हें भगवान विष्णु का अवतार बताया और कहा कि अगर मौका मिला, तो वह उनके पैर धोकर उनका पानी पीना चाहेंगे। वहीं, उन्होंने CJP पार्टी पर भी निशाना साधा। सुदेश बेरी ने कहा कि जंतर-मंतर पर बैठी CJP देश को आगे नहीं, बल्कि पीछे खींच रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस पार्टी का नाम तक ठीक से नहीं पता। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता एजीपी, सीजीपी… मैं तो इन लोगों को पहचानता भी नहीं हूं। मैं सिर्फ इतना जानता हूं कि ये देश को पीछे खींच रहे हैं।’ CJP पर निशाना साधते हुए सुदेश बेरी ने कहा, ‘ये सब बेकार लोग हैं। इनके पास देश के लिए कोई काम नहीं है। अगर सच में समाज की सेवा करनी है, तो बच्चों के लिए गार्डन बनाएं, बुजुर्गों के लिए ओल्ड एज होम बनाएं और लोगों का इलाज कराएं। सिर्फ जंतर-मंतर पर बैठकर विरोध करने से कुछ नहीं होगा।’ उन्होंने पार्टी के नाम पर भी तंज कसा। सुदेश बेरी ने कहा, ‘कुछ अजीब से जानवर का नाम लेकर पार्टी बना दी। लकड़बग्घा पार्टी क्यों नहीं बनाते?’ सुदेश बेरी का सबसे चर्चित रोल फिल्म ‘बॉर्डर’ में सूबेदार मथुरा दास का था। सुदेश बेरी ने मोदी की जमकर तारीफ की इंटरव्यू में सुदेश बेरी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘नरेन्द्र मोदी ने बेचारे ने क्या बिगाड़ा है? उनको चाय बेचने दो। वो पूरी दुनिया में चाय बेचकर आए हैं।’ बातचीत के दौरान इंटरव्यूअर ने सुदेश बेरी को याद दिलाया कि उन्होंने पहले अपनी मां के चरण धोकर उनका जल पिया था। इस पर उन्होंने कहा, ‘अब मुझे मोदी जी के पैर धोकर पीना है। अगर आप मुझे मोदी जी से मिला दें। मैं तो उनसे मिला नहीं, मैं उनको जानता नहीं हूं। जैसे हमने ईश्वर को देखा नहीं है, फिर भी उनकी पूजा करते हैं, तो मैं भी उतनी ही इज्जत मोदी जी की करता हूं। तो इसमें कोई बुरी बात नहीं है। कोई बुरी बात तो नहीं है? करता हूं तो करता हूं। पार्टियों से परे, राजनीति से परे, एक इंसान के तौर पर।’ रामराज्य आने का भी दावा किया सुदेश बेरी ने यह भी कहा कि उनके मुताबिक देश में ‘रामराज्य आ चुका है।’ जब उनसे पूछा गया कि ऐसा कैसे, तो उन्होंने जवाब दिया, ‘रामराज्य आ चुका है। जो मैं देख सकता हूं, वो आप नहीं देख पा रहे हैं। शब्दों में नहीं बता सकते, ये महसूस करने वाली बात है।’ इंटरव्यू में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये लोग देश के लिए काम कर रहे हैं और इनके खिलाफ बिना वजह बोलना ठीक नहीं है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

कंगना रनोट को उनकी पार्टी भी सीरियसली नहीं लेती:CJP स्पोक्सपर्सन सौरभ दास के बयान पर भड़कीं एक्ट्रेस, कहा- बेरोजगार, तुम्हारी उम्र में 2 नेशनल अवॉर्ड थे

कंगना रनोट को उनकी पार्टी भी सीरियसली नहीं लेती:CJP स्पोक्सपर्सन सौरभ दास के बयान पर भड़कीं एक्ट्रेस, कहा- बेरोजगार, तुम्हारी उम्र में 2 नेशनल अवॉर्ड थे

लगातार स्टूडेंट प्रोटेस्ट की आलोचना कर रहीं एक्ट्रेस और सासंद कंगना रनोट कॉकरोच जनता पार्टी के स्पोक्सपर्सन सौरव दास के बयान पर भड़क गईं। दरअसल, कंगना के प्रोटेस्ट विरोधी बयानों पर सौरव ने कहा कि उन्हें उनकी पार्टी तक सीरियसली नहीं लेती है, तो बाकी लोगों को भी नहीं लेना चाहिए। सौरव के बयान पर कंगना भड़क गईं और जवाब में उन्हें बेरोजगार और बेकार कहा। कंगना रनोट के विरोधी बयानों पर बात करते हुए सौरव ने एएनआई से कहा, ‘देखिए, कंगना रनोट जी को उनकी पार्टी वाले ही उन्हें नहीं पूछते, ज्यादा सीरियसली नहीं लेते, तो हम क्यों लें। मुझे नहीं लगता कि जेन जी में या जेन अल्फा में या कोई यंगर जनरेशन में उन्हें कोई सीरियसली नहीं लेता।’ आगे सौरव ने कहा, ‘वो पॉलिटिशियन हैं, नेता भी बन गई हैं। उनके तो कुछ वीडियो भी हैं, जब वो मंडी गई थीं। उन्होंने कहा था कि मैंने तो सोचा था कि थोड़ा बहुत काम करना पड़ेगा, यहां तो सांसद बनकर इतना काम करना पड़ता है। ये उनकी सीरियसनेस दिखाता है। वो हमें अनसीरियस बोल रही हैं, उन्होंने खुद को ही एक्सपोज कर दिया था। इस पर मैं ज्यादा कुछ बोलूंगा नहीं। शब्दावली सही नहीं है। शब्दावली संभाल लेना चाहिए नेताओं को। पद की गरिमा बनाकर रखना चाहिए। आपसे कहीं गुना ज्यादा जेन जी ने देश के लिए किया और कर रहे हैं। देश के लोकतंत्र पर भरोसा जगाने का काम जेन जी ने किया है, आपने नहीं।’ सौरव दास का बयान सामने आने पर कंगना रनोट भड़क गईं और सोशल मीडिया पर लिखा, “मैंने गुगल किया है, ये लड़का 28 साल का है, ये खुद को स्टूडेंट कैसे बोल रहा है, समझ नहीं आता। हां मैं पिछले 2 साल से राजनीति में हूं, लेकिन पिछले 20 साल से पब्लिक लाइफ जी रही हूं। उसकी उम्र तक आते-आते मैं 2 नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी थी। हां, एक नई सांसद के तौर पर मैं काम के बोझ से अभिभूत हो गई थी, क्योंकि मैं एक फिल्ममेकर, परफॉर्मिंग आर्टिस्ट, प्रोड्यूसर, स्क्रीनराइटर, आंत्रप्रन्योर भी हूं। आगे कंगना ने लिखा, ‘जो व्यक्ति पूरी तरह बेकार और बेरोजगार हो, वह कभी नहीं समझ सकता कि किसी भी उम्र में हर समय इतनी ज्यादा डिमांड में रहने का क्या मतलब होता है। डियर सौरव दास, तुम्हारी प्रॉब्लम पर्सनल हैं। तुम स्टूडेंट नहीं हो, तुम सिर्फ बेकार हो। चलो स्किल्स सीखने से शुरू करते हैं, शुरुआत करने के लिए यह एक अच्छी जगह है।’ सौरव दास ने कंगना की पोस्ट पर दिया था रिएक्शन दरअसल, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद से ही कंगना रनोट लगातार सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी और स्टूडेंट प्रोटेस्ट के खिलाफ बयान दे रही हैं। मंगलवार को कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘प्रोटेस्टर्स जो सड़कों पर आम लोगों द्वारा पीटे जा रहे हैं और गाली खा रहे हैं, उनकी घटिया और अब्यूसिव रील की वजह से, उन्हें समझना चाहिए कि जब बोलते हो तो सुनना भी पड़ेगा, अगर तुमको देश और लीडरशिप से प्रॉब्लम है और तुमने पब्लिकली खूब गंदी गंदी गालियां दी तो अब उनकी सुनो जो देश से प्यार करते हैं और इस सरकार को वोट की पावर से लेकर आए हैं, क्योंकि बोलने का हक उनको भी है। अब रोने की कोई बात नहीं।’

कंगना रनोट को उनकी पार्टी भी सीरियसली नहीं लेती:CJP स्पोक्सपर्सन सौरभ दास के बयान पर भड़कीं एक्ट्रेस, कहा- बेरोजगार, तुम्हारी उम्र में 2 नेशनल अवॉर्ड थे

कंगना रनोट को उनकी पार्टी भी सीरियसली नहीं लेती:CJP स्पोक्सपर्सन सौरभ दास के बयान पर भड़कीं एक्ट्रेस, कहा- बेरोजगार, तुम्हारी उम्र में 2 नेशनल अवॉर्ड थे

लगातार स्टूडेंट प्रोटेस्ट की आलोचना कर रहीं एक्ट्रेस और सासंद कंगना रनोट कॉकरोच जनता पार्टी के स्पोक्सपर्सन सौरव दास के बयान पर भड़क गईं। दरअसल, कंगना के प्रोटेस्ट विरोधी बयानों पर सौरव ने कहा कि उन्हें उनकी पार्टी तक सीरियसली नहीं लेती है, तो बाकी लोगों को भी नहीं लेना चाहिए। सौरव के बयान पर कंगना भड़क गईं और जवाब में उन्हें बेरोजगार और बेकार कहा। कंगना रनोट के विरोधी बयानों पर बात करते हुए सौरव ने एएनआई से कहा, ‘देखिए, कंगना रनोट जी को उनकी पार्टी वाले ही उन्हें नहीं पूछते, ज्यादा सीरियसली नहीं लेते, तो हम क्यों लें। मुझे नहीं लगता कि जेन जी में या जेन अल्फा में या कोई यंगर जनरेशन में उन्हें कोई सीरियसली नहीं लेता।’ आगे सौरव ने कहा, ‘वो पॉलिटिशियन हैं, नेता भी बन गई हैं। उनके तो कुछ वीडियो भी हैं, जब वो मंडी गई थीं। उन्होंने कहा था कि मैंने तो सोचा था कि थोड़ा बहुत काम करना पड़ेगा, यहां तो सांसद बनकर इतना काम करना पड़ता है। ये उनकी सीरियसनेस दिखाता है। वो हमें अनसीरियस बोल रही हैं, उन्होंने खुद को ही एक्सपोज कर दिया था। इस पर मैं ज्यादा कुछ बोलूंगा नहीं। शब्दावली सही नहीं है। शब्दावली संभाल लेना चाहिए नेताओं को। पद की गरिमा बनाकर रखना चाहिए। आपसे कहीं गुना ज्यादा जेन जी ने देश के लिए किया और कर रहे हैं। देश के लोकतंत्र पर भरोसा जगाने का काम जेन जी ने किया है, आपने नहीं।’ सौरव दास का बयान सामने आने पर कंगना रनोट भड़क गईं और सोशल मीडिया पर लिखा, “मैंने गुगल किया है, ये लड़का 28 साल का है, ये खुद को स्टूडेंट कैसे बोल रहा है, समझ नहीं आता। हां मैं पिछले 2 साल से राजनीति में हूं, लेकिन पिछले 20 साल से पब्लिक लाइफ जी रही हूं। उसकी उम्र तक आते-आते मैं 2 नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी थी। हां, एक नई सांसद के तौर पर मैं काम के बोझ से अभिभूत हो गई थी, क्योंकि मैं एक फिल्ममेकर, परफॉर्मिंग आर्टिस्ट, प्रोड्यूसर, स्क्रीनराइटर, आंत्रप्रन्योर भी हूं। आगे कंगना ने लिखा, ‘जो व्यक्ति पूरी तरह बेकार और बेरोजगार हो, वह कभी नहीं समझ सकता कि किसी भी उम्र में हर समय इतनी ज्यादा डिमांड में रहने का क्या मतलब होता है। डियर सौरव दास, तुम्हारी प्रॉब्लम पर्सनल हैं। तुम स्टूडेंट नहीं हो, तुम सिर्फ बेकार हो। चलो स्किल्स सीखने से शुरू करते हैं, शुरुआत करने के लिए यह एक अच्छी जगह है।’ सौरव दास ने कंगना की पोस्ट पर दिया था रिएक्शन दरअसल, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद से ही कंगना रनोट लगातार सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी और स्टूडेंट प्रोटेस्ट के खिलाफ बयान दे रही हैं। मंगलवार को कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘प्रोटेस्टर्स जो सड़कों पर आम लोगों द्वारा पीटे जा रहे हैं और गाली खा रहे हैं, उनकी घटिया और अब्यूसिव रील की वजह से, उन्हें समझना चाहिए कि जब बोलते हो तो सुनना भी पड़ेगा, अगर तुमको देश और लीडरशिप से प्रॉब्लम है और तुमने पब्लिकली खूब गंदी गंदी गालियां दी तो अब उनकी सुनो जो देश से प्यार करते हैं और इस सरकार को वोट की पावर से लेकर आए हैं, क्योंकि बोलने का हक उनको भी है। अब रोने की कोई बात नहीं।’ कौन हैं सौरव दास

Shweta Tiwari Questions Punjab Education Minister Resignation; Praises Dharmendra Pradhan

Shweta Tiwari Questions Punjab Education Minister Resignation; Praises Dharmendra Pradhan

3 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस श्वेता तिवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके से सवाल पूछा है। शनिवार को उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में अभिजीत दिपके का एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में अभिजीत दिपके कहते हुए सुनाई देते हैं, “अब जब धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया है, अगर हम सरकार के खिलाफ झुकेंगे नहीं, तो अच्छे-अच्छों का इस्तीफा ले सकते हैं।” इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए श्वेता तिवारी ने लिखा, “अब पंजाब के शिक्षा मंत्री कब इस्तीफा दे रहे हैं? और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’, तुम वहां कब विरोध-प्रदर्शन कर रहे हो?” श्वेता तिवारी की पोस्ट। हरजोत बैंस से इस्तीफे की मांग उठी बता दें कि पंजाब में हाल ही में हुई फार्मेसी भर्ती परीक्षा में कथित धांधली/नकल और पिछले कुछ सालों में हुए कई पेपर लीक मामलों को लेकर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस का इस्तीफा मांगा जा रहा है। वहीं, हरजोत सिंह बैंस ने विपक्ष की इस्तीफे की मांग का जवाब देते हुए कहा कि अगर उनके पद छोड़ने से राज्य की शिक्षा व्यवस्था बेहतर होती है, तो वह आज ही इस्तीफा देने को तैयार हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…. प्रधान के इस्तीफे पर रणवीर शौरी ने भी प्रतिक्रिया दी वहीं, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक्टर रणवीर शौरी ने X पर एक GIF शेयर करते हुए लिखा, “और एक ही झटके में मोदी सरकार अपने किसी भी दुश्मन को तो नहीं हरा पाई, लेकिन अपने कई समर्थकों को जरूर नाराज कर दिया। #मास्टरस्ट्रोक” रणवीर शौरी की पोस्ट। एक X यूजर के सवाल पर रणवीर ने कहा कि उनके मुताबिक धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए था, लेकिन यह फैसला सड़कों पर हालात बिगड़ने से पहले लिया जाना चाहिए था। उन्होंने लिखा कि अब ऐसा लगता है कि समर्थकों की बजाय विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों की बात सुनी गई। वहीं, एक्ट्रेस तारा देशपांडे ने जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू की एक X पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने लंबे कार्यकाल में कई विभागों की जिम्मेदारी संभाली और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को लागू करने में अहम भूमिका निभाई, जिससे कम आय वाले परिवारों तक LPG कनेक्शन पहुंचे। तारा देशपांडे ने ‘इस रात की सुबह नहीं’, ‘बॉम्बे बॉयज’ और ‘स्टाइल’ जैसी फिल्मों में काम किया है। तारा ने आगे लिखा कि उन्होंने LPG सब्सिडी के लिए PAHAL डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन एंड लाइसेंसिंग पॉलिसी (HELP) जैसे सुधारों की देखरेख की। उन्होंने यह भी कहा कि महामारी के दौरान स्टील उद्योग को संभालने और शिक्षा क्षेत्र में NEET पेपर लीक मामले को छोड़कर किए गए कार्यों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दिया। प्रधान के इस्तीफे लिए दीपके ने CJI सूर्यकांत का शुक्रिया अदा किया। दीपके बोले- अगर आपने हमें कॉकरोच न कहा होता, तो युवा सड़कों पर नहीं होते। प्रधान ने इस्तीफा न दिया होता। पूरी खबर यहां पढ़ें…. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आलिया भट्ट, प्रियंका चोपड़ा, शबाना आजमी, प्रकाश राज, स्वरा भास्कर और भूमि पेडनेकर समेत कई सेलेब्स ने प्रतिक्रिया दी। पूरी खबर यहां पढ़ें…. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Shweta Tiwari Questions Punjab Education Minister Resignation; Praises Dharmendra Pradhan

Shweta Tiwari Questions Punjab Education Minister Resignation; Praises Dharmendra Pradhan

2 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस श्वेता तिवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके से सवाल पूछा है। शनिवार को उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में अभिजीत दिपके का एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में अभिजीत दिपके कहते हुए सुनाई देते हैं, “अब जब धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया है, अगर हम सरकार के खिलाफ झुकेंगे नहीं, तो अच्छे-अच्छों का इस्तीफा ले सकते हैं।” इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए श्वेता तिवारी ने लिखा, “अब पंजाब के शिक्षा मंत्री कब इस्तीफा दे रहे हैं? और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’, तुम वहां कब विरोध-प्रदर्शन कर रहे हो?” श्वेता तिवारी की पोस्ट। हरजोत बैंस से इस्तीफे की मांग उठी बता दें कि पंजाब में हाल ही में हुई फार्मेसी भर्ती परीक्षा में कथित धांधली/नकल और पिछले कुछ सालों में हुए कई पेपर लीक मामलों को लेकर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस का इस्तीफा मांगा जा रहा है। वहीं, हरजोत सिंह बैंस ने विपक्ष की इस्तीफे की मांग का जवाब देते हुए कहा कि अगर उनके पद छोड़ने से राज्य की शिक्षा व्यवस्था बेहतर होती है, तो वह आज ही इस्तीफा देने को तैयार हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…. प्रधान के इस्तीफे पर रणवीर शौरी ने भी प्रतिक्रिया दी वहीं, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक्टर रणवीर शौरी ने X पर एक GIF शेयर करते हुए लिखा, “और एक ही झटके में मोदी सरकार अपने किसी भी दुश्मन को तो नहीं हरा पाई, लेकिन अपने कई समर्थकों को जरूर नाराज कर दिया। #मास्टरस्ट्रोक” रणवीर शौरी की पोस्ट। एक X यूजर के सवाल पर रणवीर ने कहा कि उनके मुताबिक धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए था, लेकिन यह फैसला सड़कों पर हालात बिगड़ने से पहले लिया जाना चाहिए था। उन्होंने लिखा कि अब ऐसा लगता है कि समर्थकों की बजाय विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों की बात सुनी गई। वहीं, एक्ट्रेस तारा देशपांडे ने जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू की एक X पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने लंबे कार्यकाल में कई विभागों की जिम्मेदारी संभाली और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को लागू करने में अहम भूमिका निभाई, जिससे कम आय वाले परिवारों तक LPG कनेक्शन पहुंचे। तारा देशपांडे ने ‘इस रात की सुबह नहीं’, ‘बॉम्बे बॉयज’ और ‘स्टाइल’ जैसी फिल्मों में काम किया है। तारा ने आगे लिखा कि उन्होंने LPG सब्सिडी के लिए PAHAL डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन एंड लाइसेंसिंग पॉलिसी (HELP) जैसे सुधारों की देखरेख की। उन्होंने यह भी कहा कि महामारी के दौरान स्टील उद्योग को संभालने और शिक्षा क्षेत्र में NEET पेपर लीक मामले को छोड़कर किए गए कार्यों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दिया। प्रधान के इस्तीफे लिए दीपके ने CJI सूर्यकांत का शुक्रिया अदा किया। दीपके बोले- अगर आपने हमें कॉकरोच न कहा होता, तो युवा सड़कों पर नहीं होते। प्रधान ने इस्तीफा न दिया होता। पूरी खबर यहां पढ़ें…. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आलिया भट्ट, प्रियंका चोपड़ा, शबाना आजमी, प्रकाश राज, स्वरा भास्कर और भूमि पेडनेकर समेत कई सेलेब्स ने प्रतिक्रिया दी। पूरी खबर यहां पढ़ें…. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

स्वरा भास्कर भड़ककर बोलीं- सरकार बेशर्मी में नंगी है:CJP प्रोटेस्ट से दूर सेलेब्स पर कहा-मेरे साथ जो हुआ, उन्हें उसका डर, सेलिब्रिटीज पर भरोसा मत करो

स्वरा भास्कर भड़ककर बोलीं- सरकार बेशर्मी में नंगी है:CJP प्रोटेस्ट से दूर सेलेब्स पर कहा-मेरे साथ जो हुआ, उन्हें उसका डर, सेलिब्रिटीज पर भरोसा मत करो

एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने हाल ही में जंतर-मंतर पहुंचकर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट और सोनम वांगचुक के अनशन को समर्थन दिया है। इसी बीच एक्ट्रेस ने मौजूदा सरकार पर जमकर गुस्सा निकाला। उन्होंने ये भी कहा कि कई सेलेब्स इस डर से इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि उनके साथ भी वही होगा, जो स्वरा के साथ हुआ। जंतर-मंतर में लल्लनटॉप से बातचीत करते हुए स्वरा ने सेलेब्स के न पहुंचने पर कहा, ‘वो मेरी हालत देखकर नहीं आ रहा है। उनको पता है ज्यादा बोलने से स्वरा भास्कर के साथ जो हुआ, वो हम सबके साथ होगा। 2010-2011 की बात अलग थी। जो सरकार केंद्र में थी वो अलग सरकार थी। हां उन्होंने भी भ्रष्टाचार किया होगा। गलत चीजें की होंगी, लेकिन किस हद तक ये सरकार चली जाती है। उन्होंने इतने सालों तक बिना किसी वजह के जेल में नहीं सड़ाया था इतने लोगों को, एक्टिविस्ट को, स्टूडेंट को। बिना बेल के, बिना केस के।’ आगे स्वरा ने कहा, ‘ये ऐसी सरकार है कि 84 साल के फादर स्टेन स्वामी जेल मैं मर गए। कौन जिम्मेदार होगा। वो दौर अलग था, जैसा भी करप्शन था, सिटिजन को इतना हक था कि वो मांग रख सकें, बिना ऐसी नाजायज सजा के। ये सरकार मैं कहती हूं निर्लज है, नंगी है अपने अहंकार में, नंगी है अपनी बेशर्मी में।’ सेलिब्रिटीज की चुप्पी पर स्वरा ने कहा है, ‘मैं कोई बॉलीवुड की क्लास मॉनिटर तो हूं नहीं। लेकिन मैं एक बात कहना चाहूंगी। सेलिब्रिटीज पर इतना भरोसा मत करो। सेलिब्रिटी जरूरी नहीं है। वजह अपने आप में ही जरूरी है। ये जो सारे लोग जो मेहनत कर रहे हैं, ये अपने आप में जरूरी हैं। इन्हें सेलिब्रिटी की जरुरत नहीं है। मैं यहां सेलिब्रिटी के रूप में नहीं आई हूं। मैं यहां एक नागरिक और मां के रूप में आई हूं, क्योंकि मुझे लगता है कि ये जो प्रोटेस्ट है, ये मेरी बेटी के लिए भी जरूरी है। मैं मजबूरी में गोल्डन वीजा लेकर दुबई शिफ्ट नहीं होना चाहती। मेरी बेटी इस देश में पले और बढ़े और उसे वो मौका मिले, जो मुझे मिला।’ प्रोटेस्ट में शामिल हो चुके हैं ये सेलेब्स स्वरा भास्कर के अलावा, पॉपुलर एक्टर प्रकाश राज और रोडीज होस्ट रघु भी कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में शामिल हो चुके हैं। इनके अलावा कई सेलेब्स सोशल मीडिया के जरिए प्रोटेस्ट को समर्थन दे रहे हैं। सोनाक्षी सिन्हा, जीनत अमान, ओमी वैद्य, सोनी राजदान, समय रैना समेत कई सेलेब्स ने प्रोटेस्ट पर पोस्ट शेयर की है। आमिर खान बोले- उनके लिए चिंतित हूं लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल में फिल्म लगान की स्क्रीनिंग के दौरान आमिर खान से सोनम वांगचुक के अनशन पर बात करते हुए चिंता व्यक्त की है। किरण राव ने किया कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन आमिर खान से पहले उनकी पूर्व पत्नि किरण राव ने सोनम वांगचुक का सपोर्ट किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है, ‘मैं सोनम वांगचुक, अभिजीत डिपके, CJP और इस देश के उन सभी नागरिकों, युवा और बुजुर्ग, के साथ एकजुटता से खड़ा हूं, जो हमारे छात्रों के अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं। सोनम जी, नेहा, मनीष, अमीन और उन सभी लोगों को मेरा सलाम, जिन्होंने न्याय सुनिश्चित करने के लिए भूख हड़ताल शुरू की है। हमें इस बात का एहसानमंद होना चाहिए कि आपने हमें हमारी उदासीनता से जगाया और याद दिलाया कि हर आवाज मायने रखती है।’ 3 इडियट्स में चतुर बने ओमी वैद्य बोले- नहीं चाहता वो मरें सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के 16वें दिन ‘3 इडियट्स’ में चतुर रामलिंगम का किरदार निभा चुके ओमी वैद्य ने एक वीडियो जारी कर कहा, ‘मैं अक्सर ऐसे वीडियो नहीं बनाता, इसलिए मेरी बात ध्यान से सुनिए। क्या आपको पता है कि 3 इडियट्स में आमिर खान का किरदार फुंसुख वांगडू असल जिंदगी के लद्दाख के इंजीनियर, इनोवेटर, शिक्षक और समाज सुधारक सोनम वांगचुक से प्रेरित था? मैं उनसे मिल चुका हूं। वह बहुत ही दिलचस्प और सादगी पसंद इंसान हैं। उन्होंने अपनी जिंदगी में कई बेहतरीन काम किए हैं। इसलिए मैं आपसे कहूंगा कि उनके बारे में जानिए और देखिए कि इस समय वह क्या कर रहे हैं। फिलहाल सोनम वांगचुक लंबे समय से भूख हड़ताल पर हैं। कई हफ्ते बीत चुके हैं और उनका ब्लड शुगर काफी कम हो गया है।’ ‘यह बहुत गंभीर मामला है। वह भूख हड़ताल क्यों कर रहे हैं? क्योंकि उन्हें भारत की शिक्षा व्यवस्था, लद्दाख से जुड़े कुछ मुद्दों और पर्यावरण की चिंता है। आप उनकी बात से सहमत हों या नहीं, लेकिन मैं इतना जरूर कहना चाहता हूं कि मैं नहीं चाहता कि यह इंसान मर जाए। मेरे लिए वह एक प्रेरणादायक व्यक्ति हैं और मैं चाहता हूं कि वह सुरक्षित रहें और जिंदा रहें।’ सोनाक्षी बोलीं- अब चुप रहना संभव नहीं एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि देश के युवा अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन इस मुद्दे पर संवाद शुरू नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि वह भी देश की युवा हैं और देश का भला चाहती हैं, इसलिए उन्होंने अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखने का फैसला किया। उन्होंने यह भी कहा, “मैं बस यह पूछना चाहती हूं कि यह कब काफी होगा? जब ये लोग मर जाएंगे, तब क्या आप जागेंगे? और इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? जो हो रहा है, वह सही नहीं है। मैं बस यही कहना चाहती हूं।” शत्रुघ्न सिन्हा ने की नरेंद्र मोदी से अपील सोनाक्षी का वीडियो सामने आने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने उनके खुलकर बोलने की तारीफ की और पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे पर बात करने की अपील की है। उन्होंने लिखा है, ‘पिछले कुछ दिनों में देश और विदेश के कई राजनीतिक नेताओं, राजनीतिक दलों, जानी-मानी हस्तियों, कलाकारों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनके समर्थन में आवाज उठाई है। सोनम वांगचुक की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए सरकार, संबंधित अधिकारियों, हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से अपील है कि वे तुरंत हस्तक्षेप करें, उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई करें और जल्द से जल्द इस आंदोलन का समाधान निकालें। वांगचुक को बचाइए!’ आगे सोनाक्षी

शेख हसीना बोलीं- दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी:कोर्ट में सरेंडर करूंगी, हत्या हो जाए तो भी मंजूर, देश की मिट्टी पर मरना चाहती हूं

शेख हसीना बोलीं- दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी:कोर्ट में सरेंडर करूंगी, हत्या हो जाए तो भी मंजूर, देश की मिट्टी पर मरना चाहती हूं

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि वह दिसंबर में भारत से बांग्लादेश देश लौटेंगी और कोर्ट में सरेंडर करेंगी। रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, वे मुझे गिरफ्तार कर सकते हैं, मेरी हत्या भी कर सकते हैं, लेकिन मुझे लौटना ही होगा। अगर मौत भी आए, तो मैं अपने देश की मिट्टी पर मरना चाहती हूं, जहां मेरे माता-पिता दफन हैं। हसीना 2024 में सरकार विरोधी आंदोलन के बाद बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं। इसके बाद उन्हें छात्र आंदोलन पर कार्रवाई से जुड़े मामले में मौत की सजा सुनाई गई। वह इन आरोपों से इनकार करती रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके साथ अवामी लीग के कई वरिष्ठ नेता भी बांग्लादेश लौटकर अदालत में आत्मसमर्पण करेंगे। हालांकि, उन्होंने वापसी की सटीक तारीख नहीं बताई। हसीना बोलीं- पार्टी नेताओं पर दमन हो रहा है हसीना ने कहा कि अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लगातार कार्रवाई हो रही है। उनके मुताबिक, लगभग सभी बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं और कई लोग छिपकर रहने को मजबूर हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल समेत अवामी लीग के कुछ अन्य निर्वासित नेता भी उनके साथ लौटने की तैयारी में हैं। कमाल पर भी मौत की सजा सुनाई जा चुकी है। हसीना बोलीं- वापसी को लेकर सरकार से कोई बात नहीं की हसीना ने कहा कि उन्होंने अपनी वापसी को लेकर बांग्लादेश सरकार से कोई बातचीत नहीं की है। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र, मतदान का अधिकार, अवामी लीग के राजनीतिक अधिकार और न्याय ऐसे विषय नहीं हैं जिन पर गुप्त बातचीत हो।” उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश सरकार उन्हें वापस लाने के लिए भारत को लगातार पत्र भेज रही है। उन्होंने कहा, “मैं खुद ही लौटूंगी।” बांग्लादेश सरकार ने हसीना के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस मामले पर टिप्पणी नहीं की। हालांकि अप्रैल में भारत ने कहा था कि वह बांग्लादेश के प्रत्यर्पण अनुरोध पर विचार कर रहा है और नई सरकार के साथ रचनात्मक तरीके से संबंध मजबूत करना चाहता है। ‘अगर हमने गलत किया है तो फैसला जनता करे’ हसीना ने कहा कि उन्हें जेल जाने का डर नहीं है क्योंकि वह पहले भी कई बार गिरफ्तार हो चुकी हैं। 1981 में निर्वासन से लौटने के बाद सैन्य शासन के खिलाफ आंदोलनों के दौरान उन्हें कई बार हिरासत में लिया गया था। 2007 में भी उन्हें भ्रष्टाचार के मामलों में जेल भेजा गया था। बाद में रिहा होने के बाद उन्होंने 2008 का चुनाव जीता था। उन्होंने कहा, “कोई भी सरकार लंबे समय तक सत्ता में रहती है तो उससे गलतियां हो सकती हैं। लेकिन किसी सरकार के सही या गलत होने का फैसला जनता को करना चाहिए।” रॉयटर्स के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में 2024 के छात्र आंदोलन पर कार्रवाई में करीब 1,400 लोगों की मौत होने की बात कही गई है। इसी कार्रवाई से जुड़े मामले में शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई गई थी। हसीना ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि अदालत की कार्रवाई शुरू होने पर लोग खुद देखेंगे कि मामला कितना निष्पक्ष है।

ध्रुव राठी बोले- मोदी जहां भी जाएं, उन्हें शर्मिंदा करें:भड़कीं एक्ट्रेस गुल पनाग; बोलीं- विदेशी धरती पर प्रधानमंत्री पद का मजाक उड़ाना गलत

ध्रुव राठी बोले- मोदी जहां भी जाएं, उन्हें शर्मिंदा करें:भड़कीं एक्ट्रेस गुल पनाग; बोलीं- विदेशी धरती पर प्रधानमंत्री पद का मजाक उड़ाना गलत

बॉलीवुड एक्ट्रेस गुल पनाग ने सोशल मीडिया पर यूट्यूबर ध्रुव राठी के एक पोस्ट की आलोचना की है। ध्रुव राठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक पोस्ट लिखा था, जिसमें उन्होंने पीएम को विदेशी धरती पर शर्मिंदा करने की बात कही थी। इस पर जवाब देते हुए गुल पनाग ने कहा कि सरकार से असहमत होना और विरोध करना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन विदेश में देश के प्रधानमंत्री और उनके पद का मजाक बनाना ठीक नहीं है। एक्ट्रेस के मुताबिक, ऐसा करने से देश की संस्थाएं और खुद भारतीय कमजोर होते हैं। ध्रुव राठी ने लिखा- मोदी को शर्मिंदा करें यूट्यूबर ध्रुव राठी ने 19 मई को एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर किया था। इसमें उन्होंने लिखा था कि मोदी जहां भी जाएं, उन्हें हर जगह शर्मिंदा किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले 12 साल में उन्होंने एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। ध्रुव राठी ने आगे लिखा कि वे दूसरे देशों के विदेशी पत्रकारों से भी कहेंगे कि वे पीएम मोदी से जहां भी मिलें, उनसे सवाल जरूर पूछें। उन्हें लोगों के सामने जवाब देने के लिए मजबूर करें। ध्रुव राठी के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई थी। पत्रकार के वीडियो के बाद शुरू हुआ विवाद यह पूरा विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे के बाद शुरू हुआ। ओस्लो में नॉर्वे की पत्रकार हेले लेंग ने प्रधानमंत्री से भारत में मानवाधिकारों और लोकतंत्र को लेकर सवाल पूछने की कोशिश की थी। इस दौरान पीएम मोदी बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए थे। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया था, जिसके बाद ध्रुव राठी ने पत्रकार के समर्थन में यह पोस्ट लिखा था। विरोध करना अलग, लेकिन यह तरीका सही नहीं ध्रुव राठी के इस पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए गुल पनाग ने लिखा कि आप किसी प्रधानमंत्री को नापसंद कर सकते हैं, सरकार से असहमत हो सकते हैं, डिबेट कर सकते हैं और अलग तरह से वोट कर सकते हैं। यही लोकतंत्र है। लेकिन भारत के प्रधानमंत्री के ऑफिस और विदेश में वे जिसे रिप्रेजेंट करते हैं, उसका विदेशी धरती पर मजाक बनाना सही नहीं है। यह विरोध का सही तरीका नहीं है, बल्कि इससे हमारा ही नुकसान होता है। राजनीति में भी सक्रिय रह चुकी हैं एक्ट्रेस गुल पनाग एक्टिंग के साथ-साथ राजनीति और सामाजिक कार्यों से भी जुड़ी रही हैं। साल 2014 के आम चुनाव में उन्होंने चंडीगढ़ लोकसभा सीट से आम आदमी पार्टी (AAP) के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जहां वे तीसरे स्थान पर रही थीं। बाद में उन्होंने खुद को राजनीतिक गतिविधियों से अलग कर लिया और जून 2021 में आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया। वे एक एनजीओ भी चलाती हैं जो शिक्षा और लैंगिक समानता के लिए काम करता है।

NEET पेपर लीक पर BJP बोली- राहुल भ्रम फैला रहे:कांग्रेस 22 लाख छात्रों के भविष्य पर राजनीति कर रही, हमने तुरंत कार्रवाई की

NEET पेपर लीक पर BJP बोली- राहुल भ्रम फैला रहे:कांग्रेस 22 लाख छात्रों के भविष्य पर राजनीति कर रही, हमने तुरंत कार्रवाई की

BJP के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रमुख एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ संजय मयूख ने NEET पेपर लीक मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, संवेदनहीन और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। डॉ. मयूख ने कहा कि राहुल गांधी आखिर कब तक सिर्फ खोखले आरोपों और भ्रम फैलाने की राजनीति करते रहेंगे? यह समय देश के लाखों मेधावी छात्रों की पीड़ा को समझने और उनके भविष्य को लेकर संवेदनशील होने का है, न कि इस दुखद परिस्थिति पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का। डॉ. मयूख ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस पूरे मामले में अपनी जवाबदेही निभाते हुए तुरंत CBI जांच, प्रभावित छात्रों के लिए री-एग्जाम और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने जैसे कई निर्णायक कदम उठाए हैं। ऐसे समय में विपक्ष से एक जिम्मेदार भूमिका की उम्मीद थी। उन्होंने आगे कहा, ​”अगर सरकार री-NEET और CBI जांच का फैसला नहीं लेती, तो यही लोग सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाते। अब जब सरकार ने त्वरित, ईमानदार और सख्त निर्णय लिए हैं, तो राहुल गांधी की राजनीति का आधार ही कमजोर पड़ गया है।” भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रमुख ने कांग्रेस को आईना दिखाते हुए कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले राहुल गांधी को अपने और अपनी पार्टी के कार्यकाल के दौरान हुए अनगिनत पेपर लीक और परीक्षा घोटालों पर देश को जवाब देना चाहिए। कांग्रेस का इतिहास युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का रहा है जैसे यूपीए शासनकाल में हुए AIPMT पेपर लीक, ​SSC घोटाले, ​CBSE पेपर लीक। डॉ. मयूख ने साफ किया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है- छात्रों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं होगा। पेपर लीक माफियाओं पर “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत देशव्यापी कार्रवाई की जा रही है, जो इस बात का प्रमाण है कि सरकार इस मामले को दबा नहीं रही, बल्कि जड़ से खत्म कर रही है। कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमें संलिप्त ​बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा मंधारे को सलाखों के पीछे भेजा गया है। ​जयपुर, गुरुग्राम, नासिक सहित देश के कई स्थानों से जुड़े ऑपरेटिव्स और संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा, “यह लीपापोती नहीं है। यह चुप्पी नहीं है। यह धरातल पर दिखती हुई सख्त कार्रवाई है। राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रमुख ने कहा कि इस संवेदनशील समय में देश के छात्रों और युवाओं को किसी राजनीतिक एजेंडे या भटकाव की नहीं, बल्कि सहयोग, संवेदनशीलता, विश्वास और समर्थन की सबसे अधिक आवश्यकता है। ​मोदी सरकार देश के हर एक ईमानदार और परिश्रमी छात्र के साथ चट्टान की तरह मजबूती से खड़ी है। सरकार की यह लड़ाई देश के युवाओं के हक के लिए है, और किसी भी पेपर लीक माफिया या राजनीतिक अवसरवादी को बख्शा नहीं जाएगा।