Andhra Pradesh Storm Alert | Shimla Coldest April Night in 46 Yrs

भोपाल/लखनऊ/शिमला/देहरादून47 मिनट पहले कॉपी लिंक देशभर में गर्मी बढ़ने लगी है। शुक्रवार को राजस्थान के बाड़मेर में दिन का तापमान 37.5°C तक पहुंचा। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में अगले दो दिन में दिन का तापमान 40°C के पार जा सकता है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग में दिन का तापमान 42°C से ज्यादा जा सकता है। यहां हीटवेव की स्थिति बन सकती है। दिन के साथ ही रात का तापमान भी तेजी से बढ़ेगा। मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश थमते ही गर्मी बढ़ने लगी है। शुक्रवार को ज्यादातर शहरों में दिन के पारे में 1°C से 5.4°C तक बढ़ोतरी हुई। रतलाम में सबसे ज्यादा 5.4°C की बढ़ोतरी हुई। हालांकि हीटवेव का अलर्ट नहीं है। इधर, आंध्र प्रदेश में 5 दिन समुद्री तूफान का अलर्ट है। क्योंकि उत्तर से दक्षिण की ओर बनी ट्रफ लाइन बनी रही, जो ओडिशा से गल्फ ऑफ मन्नार तक फैली हुई है। इसका असर तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना पर भी रहेगा अगले दो दिन के मौसम का हाल 12 अप्रैल: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अधिकतम तापमान 6-8°C तक बढ़ सकता है। बिहार में 5-7°C और छत्तीसगढ़ में 3-5°C तक बढ़ोतरी का अनुमान है। इन सभी राज्यों में मौसम साफ रहेगा, बारिश की संभावना नहीं है। 13 अप्रैल: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल में तापमान बढ़ेगा। बिहार में भी गर्मी बढ़ी रहेगी, जबकि छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में हीटवेव चलने की संभावना है। ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ और गर्म रहेगा। राज्यों के मौसम का हाल… मध्य प्रदेश: राज्य में 1°C से 5.4°C तक दिन का तापमान बढ़ा, इंदौर, उज्जैन-ग्वालियर पर ज्यादा असर मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर थमते ही गर्मी बढ़ने लगी है। शुक्रवार को ज्यादातर शहरों में दिन के पारे में 1°C से 5.4°C तक की बढ़ोतरी हुई। इंदौर, ग्वालियर-उज्जैन में भी पारा चढ़ा, जबकि भोपाल, रतलाम में भी तापमान बढ़ गया। रतलाम में सबसे ज्यादा 5.4°C डिग्री की बढ़ोतरी हुई। पूरी खबर पढ़ें… राजस्थान: राज्य में बादल छा सकते हैं, दिन में 3°C तापमान बढ़ा राजस्थान के कुछ शहरों में आज बादल छा सकते हैं। बारिश की संभावना कम है। अगले सप्ताह तक कुछ शहरों में दिन का तापमान 40°C तक पहुंच सकता है। शुक्रवार को जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, जालोर समेत अधिकांश शहरों का अधिकतम तापमान 3°C तक चढ़ गया। सबसे ज्यादा गर्मी बाड़मेर में रही। पूरी खबर पढ़ें… उत्तराखंड: राज्य के 5 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले में आज बारिश का अलर्ट है। 3800 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की भी संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले एक सप्ताह तक कोई भी ‘स्ट्रॉन्ग सिस्टम’ सक्रिय नहीं है। पूरी खबर पढ़ें… हिमाचल प्रदेश: राज्य के 5 जिलों में आज आंधी का अलर्ट, 15 से बारिश के आसार, 24 घंटे में 3.2°C बढ़ा टेंपरेचर हिमाचल प्रदेश आज से दोबारा मौसम बदल सकता है। मौसम विभाग ने कांगड़ा, कुल्लू समेत 5 जिलों में आंधी-तूफान का यलो अलर्ट जारी किया है। राज्य में 13 और 14 अप्रैल को मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा। इन दो दिनों के दौरान अच्छी धूप खिलेगी और ठंड से राहत मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Andhra Pradesh Truck Bus Accident Fire Tragedy Video Update

Hindi News National Andhra Pradesh Truck Bus Accident Fire Tragedy Video Update | Rayavaram News 2 घंटे पहले कॉपी लिंक डंपर से टक्कर के बाद बस पूरी तरह से जल गई। पैंसजर्स को बस से बाहर निकलने का समय भी नहीं मिला। आंध्र प्रदेश के मरकापुरम जिले में रायवरम के पास गुरुवार को एक सड़क हादसा हुआ। एक प्राइवेट ट्रैवल बस और डंपर में टक्कर हो गई। टक्कर लगते ही बस में आग लग गई। बस में सवार 13 यात्री जिंदा जल गए। हालांकि पहले पुलिस की तरफ से पहले 14 मौतों की जानकारी दी गई थी। बाद में सीएम ऑफिस ने मौत का आंकड़े में आफिशियल कंफर्मेशन दिया। अधिकारियों ने बताया कि हरिकृष्णा ट्रैवल्स की बस तेलंगाना के निर्मल से नेल्लोर जा रही थी। हादसा सुबह 6:00 बजे के करीब हुआ। आग पर करीब तीन घंटे में काबू पाया गया। मरकापुरम के SP वी हर्षवर्धन राजू ने कहा, डंपर ड्राइवर समेत 22 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बस में 35 यात्री सवार थे। घटना की पूरी जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने लोगों की मौत पर दुख जताया। PMNRF से आर्थिक मदद का एलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के मार्कपुरम जिले में हुए भीषण बस हादसे पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये व घायलों के लिए 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि की घोषणा की है। हादसे से जुड़ी 5 तस्वीरें… आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, आग को बुझाया। आग के चलते बस पूरी तरह से राख हो गई। यह विजुअल घटना के तुरंत बाद का है। बस की आग बुझा दी गई लेकिन डंपर में आग लगी रही थी। बस में आग लगने के बाद डंपर ने भी आग पकड़ ली। ड्राइवर अस्पताल में भर्ती है। अधिकारियों ने बताया कि डंपर में गिट्टी लदी हुई थी। बस और डंपर में आमने-सामने टक्कर हुई। बस हादसे से जुड़ी पिछली घटनाएं… 25 दिसंबर 2025: कर्नाटक में स्लीपर बस में आग, 6 जिंदा जले; 30 से ज्यादा यात्री सवार थे कर्नाटक के चित्रदुर्ग में स्लीपर बस में टक्कर के बाद आग लग गई। हादसे में बस में सवार 6 से ज्यादा लोग जिंदा जल गए। मरने वालों में 4 महिलाएं, एक बच्चा और लॉरी का ड्राइवर भी शामिल था। रात 2.30 बजे तेज रफ्तार लॉरी डिवाइडर तोड़कर दूसरी तरफ से जा रही प्राइवेट कंपनी की सीबर्ड ट्रांसपोर्ट की बस से टकरा गई। बस में तुरंत आग लग गई। उस समय यात्री सो रहे थे। इस कारण उन्हें खुद को बचाने का मौका नहीं मिला। 5 नवंबर 2025: राजस्थान में AC बस में आग, 20 यात्री जिंदा जले; 15 लोग झुलसे राजस्थान के जैसलमेर में जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर एसी स्लीपर बस में आग लगी थी। हादसे में 20 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई थी। हादसा शॉर्ट सर्किट से ही हुआ था। बस रोजाना की तरह दोपहर करीब 3 बजे जैसलमेर से जोधपुर के लिए रवाना हुई थी। करीब 20 किलोमीटर दूर रास्ते में थईयात गांव के पास अचानक बस के पिछले हिस्से में धुआं उठने लगा। ————————– ये खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश में बस नदी में गिरी, 23 की मौत: 11 लोगों ने तैरकर जान बचाई बांग्लादेश में एक यात्री बस पद्मा नदी में गिर गई। हादसे में अब तक 23 लोगों की मौत हो गई है। 11 यात्रियों ने तैरकर अपनी जान बचा ली। बस में करीब 40 लोग सवार थे। हादसा बुधवार शाम को हुआ। तब सिर्फ 2 लोगों की मौत की खबर आई थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Madhya Pradesh Gang Rape | Victim Thrown in Drain After Brutal Assault

मध्य प्रदेश क्राइम फाइल के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि हबीबगंज जैसे भोपाल के सबसे व्यस्त इलाके में हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। . 31 अक्टूबर 2017 की रात करीब साढ़े दस बजे, आरपीएफ थाने में तैनात पुलिसकर्मियों के सामने एक युवती बदहवास हालत में पहुंची। उसके कपड़े कीचड़ से सने और फटे हुए थे, चेहरा खौफ से भरा था, और वह ठीक से बोल भी नहीं पा रही थी। थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर चार आरोपियों ने उसके साथ गैंगरेप किया था।अगली सुबह जब परिवार एफआईआर दर्ज कराने पहुंचा, तो पुलिस सिस्टम की गंभीर लापरवाही सामने आई। इलाके की सीमा को लेकर एमपी नगर, हबीबगंज और जीआरपी थानों के बीच जिम्मेदारी टाली जाती रही। अब सबसे बड़े सवाल खड़े थे कि आखिर भीड़भाड़ वाले इलाके में इतनी बड़ी वारदात कैसे हुई? आरोपी कौन थे? और पुलिस उन तक आखिर कैसे पहुंची? इन सवालों के जवाब पार्ट 2 में पढ़िए… 31 अक्टूबर की रात रिया के साथ रेलवे के आउटर में गैंगरेप हुआ। उसके हालात भी साफ बयां कर रहे थे, लेकिन रिपोर्ट लिखने में पुलिस को 24 घंटे लग गए। अगले दिन दिनभर एक से दूसरे थाने भटकने के बाद आखिरकार शाम आठ बजे जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने लड़की के बयान दर्ज करना शुरू किया। जब रिया ने घटना के बारे में विस्तार से बताया, तो पुलिस भी सिहर उठी। करीब सात बजे रिया जोन-2 स्थित कोचिंग से हबीबगंज रेलवे स्टेशन की ओर आउटर से जा रही थी। जैसे ही वह सुनसान रेलवे ट्रैक के पास पहुंची, अचानक एक युवक उसके सामने आकर खड़ा हो गया। सुनसान पटरी के नीचे नाले के पास ले गए लड़की ने हिम्मत दिखाते हुए एक आरोपी को लात मारी, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया। हालांकि इससे पहले कि वह संभल पाती, दूसरा युवक गोलू वहां आ पहुंचा। उसने पीछे से उसका हाथ पकड़कर खींचा और दोनों उसे जबरदस्ती पटरी के नीचे की तरफ घसीट ले गए। नीचे गटर का गंदा नाला था, कीचड़ और बदबू से भरा हुआ। दोनों आरोपियों ने उसके साथ झूमा-झटकी शुरू कर दी। रिया खुद को बचाने की कोशिश करती रही, लेकिन वे उसे घसीटते हुए उसी नाले में ले गए, जहां वह गिर पड़ी। कीचड़ में सनी हुई, डरी हुई रिया लगातार छूटने की कोशिश करती रही, लेकिन दोनों ने उसे मजबूती से पकड़ रखा था। पत्थर से पीठ पर वार, फिर दरिंदगी रिया ने हिम्मत नहीं हारी। उसने पास पड़ा पत्थर उठाकर अमर को मारा। इससे गुस्से में आकर अमर ने उसके दोनों हाथ पीछे की तरफ कसकर पकड़ लिए। इसके बाद दोनों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। पत्थर से उसकी पीठ पर वार किए, जिससे वह दर्द से कराह उठी। इसके बाद अमर ने उसके कपड़े फाड़ दिए और बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। पहचान छिपाने की कोशिश आरोपियों ने उससे उसके माता-पिता के बारे में पूछा। खुद को बचाने के लिए रिया ने सही जानकारी छिपाते हुए बताया कि उसके पिता कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करते हैं और उसकी मां टेलर हैं। इस दौरान आरोपियों ने उसकी टाइटन की घड़ी और मोबाइल भी छीन लिया। अमर ने कहा कि उसे रात दो-ढाई बजे तक छोड़ेंगे और उसके हाथ-पैर बांध दिए। इसी बीच गोलू कपड़े लेकर आया। इसके बाद दोनों उसे टनल पार कर प्लेटफॉर्म नंबर-6 की तरफ ले गए, जहां उनके दो अन्य साथी रमेश और राजेश भी आ पहुंचे। लूटपाट, मारपीट के बाद हत्या की साजिश राजेश ने उसे थप्पड़ मारे और उसके कान की बाली भी छीन ली। लगातार मारपीट से वह बुरी तरह कमजोर हो चुकी थी, लेकिन आरोपियों का अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा था। इसके बाद चारों आरोपी आपस में चर्चा करने लगे कि उसे मार दिया जाए या छोड़ दिया जाए। गोलू और अमर का कहना था कि पिछली बार भी एक लड़की को छोड़ चुके हैं, इसे भी छोड़ देते हैं। रमेश ने कहा कि ऐसे छोड़ने पर शक हो जाएगा। इसी दौरान रमेश और गोलू ने उसका गला दबा दिया और उसे बेरहमी से पीटा। उन्हें लगा कि वह मर जाएगी। उसके हाथ-पैर बंधे थे। वह बाहर नहीं निकल पाएगी। यह सोचकर आरोपी उसे पुल के नीचे अधमरी हालत में छोड़कर वहां से फरार हो गए। होश आया तो हिम्मत जुटाकर थाने पहुंची करीब 5-10 मिनट बाद टनल के ऊपर से ट्रेन गुजरी, जिसकी आवाज से रिया को हल्का होश आया। उसे एहसास हुआ कि वह खुद को छुड़ा सकती है। रात लगभग साढ़े दस बजे उसने बंधे हुए हाथों की रस्सी किसी तरह खोल ली, फिर अपने पैर भी छुड़ाए और कपड़े पहनकर बाहर निकल आई। शहर में मचा हड़कंप, एक आरोपी की शिनाख्त घटना की जानकारी मिलते ही मामला आग की तरह पूरे शहर में फैल गया। शहर के बीचों-बीच यूपीएससी की तैयारी कर रही एक पुलिसकर्मी की बेटी के साथ हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। मामला दर्ज होने और बयान लेने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। रिया आरोपियों को पहले से नहीं जानती थी। पुलिस को शक था कि आरोपी रेलवे ट्रैक पर काम करने वाले, ट्रेन में सामान बेचने वाले वेंडर या आसपास की झुग्गियों में रहने वाले हो सकते हैं। घटनास्थल से लौटते समय रिया ने एक आरोपी गोलू को पहचान लिया था। पहले गोलू की गिरफ्तारी, फिर बाकी तीनों को पकड़ा पुलिस ने सबसे पहले गोलू को गिरफ्तार किया। इसके बाद अमर भी ट्रैक के पास ही घूमता हुआ मिल गया। पूछताछ के बाद पुलिस ने अन्य दो आरोपी राजेश और रमेश को भी गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों की उम्र 25 से 30 साल के बीच थी। रिया ने सभी की पहचान कर दी। लापरवाही पर बड़ा एक्शन, पुलिसकर्मी सस्पेंड रिपोर्ट दर्ज करने में देरी को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए। 5 नवंबर को हबीबगंज, एमपी नगर और जीआरपी थाने के टीआई समेत दो एसआई को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं एमपी नगर के सीएसपी को भी हटाकर पीएचक्यू अटैच कर दिया गया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान कुल 28 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
Uttar Pradesh Varanasi Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand Saraswati ‘Chaturangini’ army Live photo Video update

वाराणसी5 घंटे पहलेलेखक: अनुज तिवारी कॉपी लिंक वाराणसी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सोमवार को चतुरंगिणी सेना बनाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा- चतुरंगिणी सेना में 2 लाख 18 हजार 700 सैनिक होंगे। इसमें देशभर से लोग भर्ती होंगे। उन्होंने बताया- यह सेना गोरक्षा, धर्म रक्षा, शास्त्र रक्षा और मंदिर रक्षा का कार्य करेगी। उनकी ड्रेस पीली होगी। हाथ में परशु (फरसा) होगा। अविमुक्तेश्वरानंद ने चतुरंगिणी सेना बनाने के लिए श्रीशंकराचार्य चतुरंगिणी सभा का गठन किया है। इसमें 27 सदस्य होंगे। इसका अध्यक्ष वे खुद होंगे। शंकराचार्य ने अपनी सेना के काम करने के तरीके बताए। उन्होंने कहा- पहले टोको, यानी टोकेंगे। कहो कि यह गलत हो रहा है। नहीं माने तो रोको। भाई, आपको रुकना पड़ेगा। नहीं तो फिर ठोको। ठोको का मतलब सीधे प्रहार करना नहीं है। मुकदमा करना, शिकायत करना और पंचायत करना भी ठोको में आएगा। ये सभी संवैधानिक तरीके अपनाते हुए काम करेंगी। चतुरंगिणी सेना यानी हाथी-घोड़े, रथ और पैदल सेना शंकराचार्य बोले- एक टीम में 10 लोग होंगे शंकराचार्य ने कहा- 1 पत्ती (टीम) में 10 लोग होंगे। 21 हजार 870 टीमें बनेंगी तो सेना तैयार हो जाएगी। भारत में अभी करीब 800 जिले हैं। अगर हर जिले में 27 टीमें, यानी 270 लोग तैयार हो गए, तो 2 लाख 16 हजार लोग तैयार हो जाएंगे। ‘धार्मिक परिसर में वही लोग जाएं, जो उस धर्म को मानते हैं’ उत्तराखंड के बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक के मामले में शंकराचार्य ने कहा- मक्का-मदीना में 40 किलोमीटर पहले ही दूसरे धर्म के लोगों को रोक दिया जाता है। वह गलत नहीं है। ठीक है। वैसे ही हमारे भी धर्म स्थल हैं। हमें भी अपनी पवित्रता चाहिए। हमें भी अपने ढंग से पूजा-पाठ करना है। वहां दूसरा क्यों जाएगा। हमारे यहां परंपरा है कि धार्मिक परिसरों में वही लोग जा सकते हैं, जो उस धर्म को मानते हैं। शंकराचार्य ने बताया- चतुरंगिणी सेना की एक टीम में 10 लोग होंगे। शंकराचार्य को चतुरंगिणी सेना बनाने की जरूरत क्यों पड़ी आदि शंकराचार्य ने आठवीं सदी में 13 अखाड़े बनाए थे। इन अखाड़ों का गठन हिंदू धर्म और वैदिक संस्कृति की रक्षा के लिए किया गया था। धर्म की रक्षा के लिए नागा साधुओं की एक सेना की तर्ज पर ही अखाड़ों को तैयार किया गया था। जिसमें उन्हें योग, अध्यात्म के साथ शस्त्रों की भी शिक्षा दी जाती है। इन अखाड़ों को शंकराचार्य की सेना भी कहा जाता था। आजादी के बाद 1954 में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (ABAP) का गठन हुआ था। 1954 के प्रयाग (इलाहाबाद) कुंभ में मची भगदड़ के बाद, व्यवस्था सुधारने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पहल पर, 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने मिलकर इस संस्था की स्थापना की। ऐसा माना जाता है कि अखाड़ा परिषद बनने के बाद इनकी कमान परिषद के अध्यक्ष के हाथ में आ गई और धीरे-धीरे शंकराचार्यों का कमांड इन पर से कम हो गया। 18 जनवरी (मौनी अमावस्या) को शंकराचार्य प्रयागराज माघ मेले में अपने शिविर से पालकी में सवार होकर संगम स्नान के लिए रवाना हुए। पालकी को संगम नोज तक ले जाने को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद शंकराचार्य धरने पर बैठ गए, लेकिन किसी भी अखाड़े ने उनका समर्थन नहीं किया। उस वक्त अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने कहा था- मुख्यमंत्री को लेकर शंकराचार्य की कड़े शब्दों में की गई टिप्पणियां गलत हैं। 10 दिन बाद 28 जनवरी को शंकराचार्य बिना स्नान किए काशी लौट गए। इसके बाद वे यूपी सरकार पर लगातार हमलावर रहे। उन्होंने ‘गो-प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ यात्रा का ऐलान किया और साधु-संतों से साथ आने की अपील की। 7 मार्च को काशी से शुरू हुई यात्रा 11 मार्च को लखनऊ पहुंची। यहां शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गोरक्षा अभियान का शंखनाद किया, लेकिन साधु-संतों की भागीदारी सीमित दिखी। 11 मार्च को शंकराचार्य ने कहा था कि साधु समाज में विकृति आ गई है। एक लकीर खिंच गई है। उन्होंने सभी अखाड़ों को पत्र लिखकर यह पूछने की बात कही कि वे किसके साथ हैं। —————- शंकराचार्य से जुड़ी हुई ये खबर भी पढ़ें- लखनऊ में शंकराचार्य से मिले अखिलेश, बोले- नकली संत अब बेनकाब होंगे सपा मुखिया अखिलेश यादव ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से गुरुवार को मुलाकात की। एक घंटे तक बातचीत हुई। इस दौरान अखिलेश जमीन पर बैठे नजर आए। बाहर निकलने पर अखिलेश ने मीडियाकर्मियों से कहा- शंकराचार्य से मिलकर आ रहा हूं। उनके आशीर्वाद से अब नकली संतों का अंत होगा। अब वे लोग भी बेनकाब होंगे, जो धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह करते हैं। सबका सच सामने आएगा। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Gudi Padwa Maharashtra | Navratri Uttar Pradesh PM Modi Hindu New Year

3 मिनट पहले कॉपी लिंक देशभर में नवरात्रि का उत्सव मनाया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर के कटरा में बारिश के बीच भक्त दर्शन करने पहुंचे। वहीं यूपी में भी बड़े मंदिरों में भीड़ नजर आ रही है। उधर महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा उत्सव मनाया जा रहा है। नागपुर में सीएम देवेंद्र फडणवीस भी हिंदू नव वर्ष के कार्यक्रम में शामिल हुए। उधर पीएम ने देशवासियों को नवरात्रि और नव वर्ष पर 9 अलग-अलग तरह से पोस्ट कर बधाई दी। देशभर के मंदिरों में नवरात्रि उत्सव… दिल्ली के झंडेवालान मंदिर में नवरात्रि के पहले दिन देवी मां की आरती की गई। महाराष्ट्र में मुंबा देवी मंदिर में नवरात्रि पर पूजा-अर्चना की गई। दिल्ली में छतरपुर के कात्यायनी शक्तिपीठ मंदिर में आरती की गई। जम्मू-कश्मीर के कटरा में बारिश के बावजूद लोग माता के दर्शन करने पहुंचे। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में चंद्रिका देवी मंदिर में आरती की गई। तमिलनाडु में पेरूमल मंदिर में उगडी पर्व पर पूजा-अर्चना की गई। पीएम की अलग-अलग भाषाओं में बधाई… ——————- ये खबर भी पढ़ें… चैत्र नवरात्रि आज से, घट स्थापना के लिए 8 मुहूर्त: जानिए नौ दिनों की आसान पूजन विधि आज से चैत्र नवरात्रि शुरू हो गई है। नवरात्रि 19 से 27 मार्च तक रहेगी। पहले दिन घट स्थापना के लिए 8 मुहूर्त रहेंगे। वसंत ऋतु में आने से इसे वासंती नवरात्र भी कहते हैं। हिंदू नववर्ष के साथ शुरू होने के कारण ये साल की पहली नवरात्रि होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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अभिजीत सिंह | गोरखपुर23 मिनट पहले कॉपी लिंक गोरखपुर का प्यार हमेशा याद रहेगा। आपसे मिलकर बहुत खुशी हो रही है। आप की आंखों में एक प्यार झलक रहा है। यह देखकर मुझे अपनी ही फिल्म का डॉयलाग याद आ रहा है…देखा है पहली बार गोरखपुर की आंखों में प्यार। चूंकि मैं पहली आ रही हूं और आप सभी से मिलकर बहुत आनंद और खुशी मिल रही है। जब नजर की बात होती है तो मुझे याद आता है मेरा डॉयलाग। यूं नजर की बात की और दिल चुरा गए। हम तो समझे थे बुद्ध आप तो धड़कन सुना गए। ये बातें रविवार को गोरखपुर पहुंची बॉलीवुड एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित ने कही। वह एक ज्वैलरी शॉप का उद्घाटन करने पहुंचीं थीं। इस दौरान सांसद और अभिनेता रवि किशन ने माधुरी दीक्षित को गोरखपुर शहर के बारे में बताया। कहा कि यह शहर संस्कृति और परंपरा से जुड़ा हुआ है। 3 तस्वीरें देखिए… माधुरी दीक्षित ने कहा कि मुझे हमेशा यहां के लोग याद रहेंगे। धक-धक करने लगा गाने पर झूमे फैंस ज्वैलरी शॉप के उद्घाटन के समय जब माधुरी दीक्षित पहुंचीं तो उनका ‘धक-धक करने लगा’ गाने से स्वागत किया गया। इस दौरान फैंस भी माधुरी-माधुरी चिल्लाने लगे। उन्हें देखने के लिए फैंस की भीड़ जुट गई। लोग आसपास के घरों की छतों पर चढ़ गए। इस दौरान हॉस्टल के छत पर छात्राएं पहुंच गई और वहां से अपने मोबाइल के फ्लैश लाइट जलाकर स्वागत किया। माधुरी दीक्षित के पहुंचने पर आसपास के छतों से लोगों ने उनका स्वागत किया। सांसद रवि किशन बोले- पहले भोजपुरी के हिरोइन भी नहीं आना चाहती थीं सांसद और एक्टर रवि किशन ने कहा- बहुत अच्छा लगल सब लोगन के। पूज्य महाराज जी के दिल से धन्यवाद। ई बा गोरखपुर। एके कहल जा ला सरकार। जहां भोजपुरी के हिरोइन आवे के तैयार ना रहनि। आज ईहां के आवत बा माधुरी दीक्षित जी सुपर स्टार। सांसद और एक्टर रवि किशन ने कहा- माधुरी मैम के बारे में सुनते ही मेरे पास फोन आने लगे कि मैम से हमे मिलवा दीजिए। रवि किशन बोले- माधुरी मैम के साथ मेरी आ रही फिल्म सांसद और एक्टर रवि किशन ने कहा- माधुरी मैम के बारे में सुनते ही मेरे पास फोन आने लगे कि मैम से हमे मिलवा दीजिए। वहां कहां रूकी हैं। मैम को देखकर लोग पागल हो गए हैं। उन्होंने कहा- हम लोगों की एक फिल्म भी आ रही है मां- बहन। ………………….. ये खबर भी पढ़िए- खाना नहीं दिया तो सौतेली मां को मार डाला, सिर पर हथौड़े से किए ताबड़तोड़ वार, आरोपी बेटा गिरफ्तार संभल में युवक ने अपनी सौतेली मां के सिर पर हथौड़े से ताबड़तोड़ वार कर मार डाला। वह खाना देर से मिलने से नाराज था। चीखने की आवाज सुनकर जब पिता किचन में पहुंचे तो महिला जमीन पर पड़ी तड़प रही थी। चारों ओर खून बिखरा पड़ा था। पास ही हथौड़ा पड़ा हुआ था। अस्पताल ले जाने के पहले ही महिला ने दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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गाजियाबाद के राज एंपायर सोसाइटी की 13वीं मंजिल। साधारण से फ्लैट के कमरे में मेडिकल बेड पर हरीश (31) बेसुध लेटा है। पेट में पैग सेट पाइप और नाक में ऑक्सीजन पाइप लगा है। घर में परिजन, जानने वाले, अनजान, सरकारी अधिकारी व मीडियावालों का तांता लगा है। . पिता अशोक राणा भरे गले से बता रहे हैं कि हमारी साढ़े बारह साल की सेवाओं का हिसाब-किताब अब पूरा हो रहा है, इसलिए यह फैसला आ गया। पिता बोले- हम जानते हैं उसे , आखिरी बार बिस्तर से क्यों उठा रहे हैं… उसे भगवान की गोद में छोड़ रहे हैं। हरीश की मां ने एक दिन कहा कि अब तो हम भी बूढ़े हो रहे हैं, इसकी देखभाल कौन करेगा? राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से गुहार लगानी चाहिए। अशोक राणा ने कहा- कोई भी माता-पिता अपने बेटे के लिए ऐसा नहीं चाहेंगे, लेकिन मजबूरी में हमें यह फैसला लेना पड़ा। ब्रह्मकुमारी परिवार से जुड़ा राणा परिवार ब्रह्मकुमारी परिवार से जुड़े राणा परिवार ने अपना दर्द दीदी से साझा किया तो उन्होंने एक वकील भेजा। राणा कहते हैं, ‘हाईकोर्ट ने तो हमारी याचिका खारिज ही कर दी थी, पर सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी देकर हरीश पर बड़ा उपकार किया, हमसे उसकी पीड़ा देखी नहीं जाती, बेबसी ये है कि वह बता भी नहीं पाता कि उसे कहां-क्या तकलीफ है। हमारा तो बच्चा है, सेवा कर रहे हैं और जब तक सामर्थ्य है करते ही रहेंगे। कोर्ट के फैसले के बाद एम्स ने सभी तैयारी कर ली है। बस हमें तय करना है कि उसे आखिरी बार इस बिस्तर से उठाकर कब एम्स ले चलें। हम तो इसे पैसिव यूथेनेशिया भी नहीं बोलना चाहते। हम इसे भगवान की गोद में छोड़ रहे है। हम उसे ऐसे अनुभवी चिकित्सकों के पास छोड़ रहे हैं जो उसे घातक इंजेक्शन नहीं देंगे बल्कि प्राकृतिक रूप से जीवन छोड़ने का रास्ता सुगम करेंगे। एम्स में अनुभवी डॉक्टरों की निगरानी में सिर्फ फूड पाइप हटाएंगे। हम उसे पानी पिलाते रहेंगे जैसे कोई व्रत करता है। और जब हरीश प्राण त्याग देगा तो बहुत गौरव व सम्मान से घर लाएंगे और अंतिम विदाई देंगे। ये गाजियाबाद में राज एम्पायर सोसायटी है, यहां फ्लैट A1314 में हरीश राणा के मां-पिता रहते हैं। कौन मां-बाप अपने बच्चे को इस स्थिति में ले जाना चाहेगा मां चुप हैं, एकदम भावशून्य चेहरा, न खुशी कि बच्चे को मुक्ति मिल रही है और न गम कि आखिरी घड़ी आ पहुंची। हालांकि कुछ बोलते ही फफक पड़ती हैं… कौन मां-बाप अपने बच्चे को इस स्थिति में ले जाना चाहेगा। जिसे जन्म दिया, पाल-पोसकर बड़ा किया। फिर से अबोध की तरह उसकी देखभाल करनी पड़ी तो उसमें मां को कष्ट कैसा। दुख तो बस इस बात का रहा कि इसने तो अपनी पीड़ा भी नहीं बताई। सुबह-शाम जब उसकी मालिश करती तो मैं उसे घर के किस्से सुनाती आज क्या-क्या हुआ? कई बार घंटों तक बस इंतजार करती कि एक बार बस पलक झपके ताकि मुझे लगे कि उसने सब सुन लिया। कभी उबासी लेता, कभी छींक आती या आंखों के आसपास की त्वचा फड़कती तो हमें उसी से उसके जिंदा होने का सुकून होता था। हरीश अपनी मां निर्मला राणा के साथ। परिवार ने बताया- बेटे के इलाज के लिए अपनी संपत्ति तक बेच दी, लेकिन अब आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। बेटे की तकलीफ भी नहीं देखी जाती। 2013 में रक्षा बंधन के दिन चंडीगढ़ में उसके चार मंजिल से गिरने की खबर मिली थी। रात को ही हम पहुंचे तो इसे अचेत पाया। पहले 10 दिन वहीं पीजीआई में रहा, फिर एम्स दिल्ली में एक महीने वेंटिलेटर पर रहा। अगले कुछ महीने कभी अपोलो, कभी मेदांता और कई अस्पतालों में रहा। डॉक्टरों ने बताया कि वह लाइलाज स्थिति में पहुंच गया, सिर्फ दुआ और सेवा ही बची है। हम घर ले आए। अब पढ़िए इच्छामृत्यु के लिए दूसरी संघर्ष की कहानियां 1. कर्नाटकः 30 साल से गरिमापूर्ण मृत्यु की जंग लड़ रही हैं कैंसर पीड़ित करिबासम्मा कनार्टक के दावनगरे की 86 वर्षीय पूर्व शिक्षिका एचबी करिबासम्मा 3 दशकों से गरिमापूर्ण मृत्यु के हक के लिए संघर्षरत हैं। 1996 में स्लिप डिस्क की असहनीय पीड़ा के बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमिला नेसरगी के सहयोग से 1998 में उन्होंने कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस मुद्दे पर कानूनी मोड़ दिया। कैंसर से जूझ रही करिबासम्मा आश्रय ओल्ड एज होम में रहती हैं। 2025 में कर्नाटक सरकार ने पैसिव यूथनेशिया पर सर्कुलर जारी किया, लेकिन स्पष्ट गाइडलाइंस नहीं है। उनकी मांग है कि सरकारी अस्पतालों में विशेष वार्ड और पारदर्शी प्रक्रिया तय हो ताकि करीब मरीजों को राहत मिले। करिबासम्मा का मानना है कि सम्मानजनक मौत न केवल मरीज, बल्कि उसकी सेवा करने वालों की गरिमा के लिए भी जरूरी है। 2. मध्य प्रदेशः 5 साल से डॉक्टर बेटा कोमा में, माता-पिता कर रहे सेवा, 20 लाख उधार हुआ मध्य प्रदेश के बड़वानी के होम्योपैथिक डॉक्टर हरीश गोले पिछले 5 वर्षों से कोमा में हैं। 2 मार्च 2021 को क्लिनिक जाते समय सड़क दुर्घटना में उनके सिर और रीढ़ में गंभीर चोटें आई। लंबा इलाज और सर्जरी के बाद भी वे होश में नहीं आ सके। तब से 46 वर्षीय हरीश घर के बिस्तर पर हैं। उनके बुजुर्ग पिता सोहनलाल और मां बीना बाई ही उनकी देखभाल कर रहे हैं। ट्यूब के जरिए दूध, जूस और दवाएं दी जाती हैं। पिता रोज उन्हें करवट दिलाते हैं, मालिश करते हैं और शरीर की सफाई करते हैं। इलाज और घर के खर्च ने परिवार को आर्थिक संकट में डाल दिया है। करीब 20 लाख रु. उधार हो चुके हैं। 3. महाराष्ट्रः ब्रेन डेड श्रेया का चेहरा 4 साल से ऐसे ही, पिता को उम्मीद अब भी ठीक हो जाएगी बेटी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली की 28 वर्षीय श्रेया सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने का सपना देखती थीं। श्रेया ने पुणे के डीवाई पाटील कॉलेज से एमसीए किया और फाइनल में टॉप किया था। 3 फरवरी 2022 की रात घर लौटते समय हुई दुर्घटना ने उनकी जिंदगी बदल दी। उनके मस्तिष्क को चोट लगी। डॉक्टरों के अनुसार यह सामान्य स्थिति में लौट पाएंगी या नहीं, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है। पिछले 4 वर्षों से श्रेया बिस्तर पर हैं। 2022 में
Congress AI Summit Protest Row; Himachal Pradesh Vs Delhi Police

दिल्ली पुलिस के हिमाचल में गिरफ्तार किए गए यूथ कांग्रेस के 3 नेताओं को कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया जा रहा है। दिल्ली में AI समिट में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने के आरोप में 3 यूथ कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर बुधवार को हिमाचल और दिल्ली पुलिस में टकराव हो गया। दिल्ली पुलिस ने शिमला के एक होटल से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के 3 नेताओं को गिरफ्तार किया, . हिमाचल पुलिस का तर्क था कि इस बारे में दिल्ली पुलिस ने कोई औपचारिक सूचना नहीं दी। हिमाचल में सादे कपड़ों में आकर मेहमानों को उठाया गया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान भी दोनों पुलिस में बहस होती रही। इसके बाद जज ने फाइल तैयार करने को कहा तो दिल्ली पुलिस फिर बिना कागजी कार्रवाई के तीनों नेताओं को ले गई। इसका पता चलते ही हिमाचल पुलिस ने फिर उन्हें रोक लिया। इसके बाद तीनों नेताओं को कोर्ट में पेश कर दिल्ली पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड लिया। करीब 18 घंटे तक दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच ड्रामा चलता रहा। फिर गुरुवार सुबह करीब पौने 6 बजे दिल्ली पुलिस तीनों नेताओं को लेकर चली गई। दरअसल, 20 फरवरी को इंडियन यूथ कांग्रेस के 11 सदस्यों ने भारत मंडपम में घुसकर AI समिट के दौरान शर्टलैस होकर PM मोदी की फोटो वाली टी-शर्ट लहराई थी। इस दौरान पीएम मोदी कॉम्प्रोमाइज्ड के नारे लगाए थे। दिल्ली में AI समिट के दौरान टी शर्ट उतारकर प्रदर्शन करते हुए युवा कांग्रेस कार्यकर्ता- फाइल फोटो। सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला… दिल्ली पुलिस सिविल वर्दी में पहुंची, होटल से 3 नेता अरेस्ट किए दिल्ली पुलिस के 18 कर्मचारियों की टीम सिविल वर्दी में बुधवार, 25 फरवरी सुबह 3 गाड़ियों में सवार होकर शिमला से लगभग 120 किलोमीटर दूर रोहड़ू के चिड़गांव पहुंची। दिल्ली पुलिस को इनपुट था कि AI समिट में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने वाले मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के रहने वाले यूथ कांग्रेस के 3 नेता रोहड़ू के चांशल होटल में ठहरे हैं। जिनके नाम अरबाज, सौरव और सिद्धार्थ हैं। दिल्ली पुलिस ने यहां आकर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। सबूत के लिए होटल से सीसीटीवी की डीवीआर और रजिस्टर भी कब्जे में लिया। हिमाचल पुलिस ने 3 जगह नाका लगाकर रोका, नेताओं को छुड़ाया दिल्ली पुलिस तीनों को गिरफ्तार कर ले जाने लगी, तभी हिमाचल पुलिस को इसकी भनक लगी कि उन्हें सूचना दिए बगैर पूरी कार्रवाई की जा रही है। हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस को रोकने के लिए शिमला बस स्टैंड, शोघी और सोलन के धर्मपुर में नाकाबंदी कर दी। इसके बाद एक गाड़ी बस स्टैंड शिमला, दूसरी शोघी और 2 गाड़ियां सोलन के धर्मपुर में रोक दी गईं। हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस के गिरफ्तार किए यूथ कांग्रेस के तीनों नेताओं को छुड़ाकर अपनी कस्टडी में ले लिया और शिमला में चक्कर कोर्ट लेकर पहुंच गई। कोर्ट में चली बहस, हिमाचल पुलिस बोली- प्रॉपर इन्फॉर्मेशन नहीं दी हिमाचल पुलिस के पीछे-पीछे दिल्ली पुलिस की टीम भी शिमला की चक्कर कोर्ट पहुंच गई। बुधवार शाम पौने 5 बजे उन्हें कोर्ट में पेश किया गया और 6 बजे तक सुनवाई चलती रही। सुनवाई के दौरान हिमाचल पुलिस ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली पुलिस ने स्टेट पुलिस को सूचना दिए बगैर यह पूरी कार्रवाई की। प्रॉपर इन्फॉर्मेशन न होने की वजह से दिल्ली पुलिस को रोका गया। दोनों पुलिस के बीच कोर्ट में बहस होती रही। इस पर कोर्ट ने इस मामले की पूरी फाइल तैयार करने को कहा। शिमला के शोघी में शिमला पुलिस ने दिल्ली पुलिस को रोका और पूछताछ की। बिना कोर्ट के आदेश के दिल्ली पुलिस फिर ले गई, हिमाचल पुलिस ने फिर रोके इसके बाद हिमाचल पुलिस के सीनियर अधिकारी लौट गए। फिर वहां जिला कोर्ट में ही दिल्ली और हिमाचल पुलिस में बातचीत चलती रही। इसके बाद बुधवार शाम करीब 7.25 बजे गिरफ्तार यूथ कांग्रेस वर्करों को दिल्ली पुलिस फिर अपने साथ ले गई। दिल्ली पुलिस शिमला से रवाना हो गई। इसके बाद फिर अचानक शिमला के शोघी के पास दिल्ली पुलिस को रोक दिया गया। इसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस में बहस और बढ़ गई। हिमाचल पुलिस बोली- वैध दस्तावेज नहीं, FIR की चेतावनी दी हिमाचल पुलिस का कहना था कि दिल्ली पुलिस के पास उनके एरिया से गिरफ्तारी कर ले जाने का कोई वैध दस्तावेज नहीं है। अगर वह कोर्ट के आदेश पर ले जा रहे हैं तो उनके पास ट्रांजिट रिमांड होना चाहिए। इस वजह से वहां देर रात तक बहस चली। हिमाचल पुलिस ने चेतावनी दी कि अगर वह जबरन ले जाने की कोशिश करेंगे तो दिल्ली पुलिस पर FIR दर्ज कर दी जाएगी। इसके बाद हिमाचल पुलिस ने तीनों नेताओं को दिल्ली पुलिस की कस्टडी से अपनी हिरासत में ले लिया। इस दौरान दिल्ली पुलिस के एसीपी राहुल विक्रम ने कहा कि ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आरोपियों को दिल्ली ले जाया जा रहा था, लेकिन शिमला पुलिस कार्रवाई में बाधा डाल रही है। हालांकि हिमाचल पुलिस का कहना था कि इनके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं हैं। तीनों का मेडिकल कराया, कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया, दिल्ली ले गए इसके बाद बुधवार रात 11.30 बजे हिमाचल पुलिस गिरफ्तार कांग्रेस नेताओं को मेडिकल कराने के लिए शिमला के रिपन अस्पताल लेकर पहुंची। यहां उनका मेडिकल कराया गया। बुधवार रात 2 बजे यूथ कांग्रेस के एडवोकेट ने गिरफ्तार नेताओं से बात की। इसके बाद इन्हें चक्कर कोर्ट के CJM के घर पर पेश किया गया। जहां से उनका ट्रांजिट रिमांड लिया गया। फिर गुरुवार सुबह 5.45 बजे दिल्ली पुलिस तीनों नेताओं को लेकर दिल्ली रवाना हो गए। शिमला से लगभग 15 किलोमीटर दूर शोघी बैरियर पर देर रात मौजूद शिमला और दिल्ली पुलिस के जवान। दिल्ली पुलिस की जांच में क्या निकला दिल्ली पुलिस के सोर्सेज के मुताबिक जिन 3 नेताओं, अरबाज, सौरव और सिद्धार्थ होटल से गिरफ्तार किया गया, उन्हें लोकल कांग्रेसी नेता ने होटल में कमरा दिलाया था। ये तीनों 24 फरवरी से यहां पर गिरफ्तारी से बचने के लिए छुपे हुए थे। हालांकि कमरा किसके नाम पर बुक कराया गया था, इसके बारे में होटल के कागजात खंगाले जा रहे हैं। पुलिस CCTV फुटेज के जरिए यह भी पता लगा रही
सेहत और सुंदरता का सुपरस्टार! इस पौधे में छिपा है कई रोगों का इलाज, जानें अनेको फायदे – Uttar Pradesh News

Last Updated:February 25, 2026, 13:23 IST हर जगह दिखाई देने वाला एक ऐसा पौधा, जिसके कई गुणों की बखान आयुर्वेद में किया गया है. जी हां एलोवेरा, जिसे घृतकुमारी के नाम से भी जाना जाता है. यह न केवल त्वचा, बल्कि बाल, इम्युनिटी पॉवर और पाचन से जुड़ी समस्याओं में बहुत उपयोगी है. इसके अलावा भी यह कई रोगों से छुटकारा दिला सकता है. आगे जानिए… एलोवेरा का पौधा कई गुणों से भरपूर होता है. इसमें 90% से अधिक पानी पाए जाते है, जो त्वचा को गहराई तक नमी प्रदान करते हैं. यह सुखी त्वचा, रुखापन और खिंचाव जैसी परेशानियों में बहुत उपयोगी है. इसके सही उपयोग से त्वचा मुलायम और ताजा दिख सकती है. अब केमिकल क्रीम की जगह कई लोग इसे प्राकृतिक मॉइस्चराइजर के रूप में प्रयोग कर रहे हैं. इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो मुहांसे, कील और दाग-धब्बों को कम करने में मदद करते हैं. चेहरे पर हल्के हाथ से जेल लगाने से सूजन से भी राहत मिल सकती है. यह तैलीय त्वचा वालों के लिए भी हल्का और उपयोगी है. उसे घरेलू उपचार के रूप में साफ-सुथरी और संतुलित त्वचा के लिए भी इस्तेमाल किया जाता आ रहा है. एलोवेरा धूप से झुलसी त्वचा को भी ठंडक पहुंचाती हैं. यह मामूली जलन, कट या खरोंच में लाभकारी और गुणकारी है. इसके अलावा, इसमें ऐसे भी तत्व होते हैं, जो त्वचा की लोच बनाए रखने में सहायक हैं, इसी के कारण ही झुर्रियां और महीन रेखाएं कम नजर आ सकती हैं. इसे एंटी-एजिंग देखभाल में भी शामिल किया जा सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ वंदना तिवारी के अनुसार, एलोवेरा सीधे स्कैल्प को पोषण देकर बालों कि जड़ों को मजबूत बनाने में सहायक हो सकता है. डैंड्रफ की समस्या में भी यह उपयोगी माना जाता है. एक सप्ताह में एक-दो बार इसे लगाने से बालों में चमक और कोमलता आ सकती है. यह एक प्राकृतिक कंडीशनर से कम नहीं हैं. इसके जूस को सीमित मात्रा में सेवन करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है. यह कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं में राहत दे सकता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी पॉवर मजबूत करने में बेहद लाभकारी हैं. इसके सूजनरोधी गुण जोड़ों के दर्द में लाभ देते हैं. उन्होंने आगे कहा कि, एलोवेरा ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में भी कुछ हद तक मदद कर सकता है. हालांकि, शुगर के मरीजों को बिना डॉक्टर की सलाह के इसका सेवन नहीं करना चाहिए. यह प्राकृतिक जरूर है, लेकिन सही मात्रा और सावधानी बहुत जरूरी है. ध्यान दे कि, एलोवेरा का ताजा जेल ही त्वचा या बालों पर लगाएं. इसके जूस सुबह खाली पेट लगभग 20 मिली बराबर पानी में मिलाकर लिया जाता है. सही उपयोग से पहले पैच टेस्ट करना चाहिए. हां गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली माताएं या नियमित दवा लेने वाले लोग बगैर आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श लिए इसका सेवन न करें. First Published : February 25, 2026, 13:23 IST
Arunachal Pradesh Racial Abuse Video Case; Ruby Jain Delhi Police

Hindi News National Arunachal Pradesh Racial Abuse Video Case; Ruby Jain Delhi Police | Kiren Rijiju नई दिल्ली34 मिनट पहले कॉपी लिंक आरोपी महिला रूबी जैन को दिल्ली पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। पति हर्ष जैन ने ANI से बात की। अरुणाचल की 3 महिलाओं पर नस्लीय टिप्पणी करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने आरोपी महिला रूबी जैन को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी महिला को SCST Act के तहत गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले मंगलवार को मुख्य आरोपी हर्ष सिंह ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा कि हम निश्चित रूप से शर्मिंदा हैं। मैं ऐसा इंसान नहीं हूं, ये सब कुछ हीट ऑफ द मूमेंट में हो गया। हर्ष ने कहा कि मामले में हम दिल्ली पुलिस का पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं। वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि उनका ऑफिस पहले दिन से ही पीड़ितों और दिल्ली पुलिस के लगातार संपर्क में है। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना 20 जनवरी की है, आरोपी महिला की पहचान रूबी जैन के रूप में हुई थी। वायरल वीडियो में वह महिलाओं को धमकी देती दिख रही है। रिजिजू बोले- नॉर्थईस्ट के लोगों के साथ गलत व्यवहार का मामला गंभीरता से लेते हैं रिजिजू ने कहा कि मामले में गिरफ्तारियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में नॉर्थईस्ट के लोगों के खिलाफ किसी भी तरह के दुर्व्यवहार को अधिकारी गंभीरता से लेते हैं। अगर दिल्ली में नॉर्थईस्ट के किसी भी व्यक्ति के साथ कोई घटना होती है, तो हम तुरंत कार्रवाई करते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं खुद फॉलो-अप कर रहा हूं। हम सख्त कानूनी कार्रवाई करेंगे और सबक सिखाएंगे कि नॉर्थईस्ट के लोगों के साथ बुरा बर्ताव नहीं होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि नॉर्थईस्ट के बच्चों को पहले टॉर्चर किया जाता था। वे उन्हें पीटते थे और फेंक देते थे, और कोई उनसे सवाल नहीं करता था, और पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती थी। अब समझिए पूरा मामला क्या है दरअसल अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाएं दिल्ली के मालवीय नगर में किराए पर रहती हैं। इनका फ्लैट चौथी मंजिल पर है। 20 फरवरी को महिलाओं ने दोपहर करीब 3.30 बजे अपने फ्लैट में एयर कंडीशनर लगवाने के लिए एक इलेक्ट्रीशियन को बुलाया था। इस दौरान बाहरी दीवार पर ड्रिलिंग करते समय धूल और मलबा नीचे फर्स्ट फ्लोर में रहने वाले हर्ष सिंह और उनकी पत्नी रूबी की बालकनी में गिर गया। मलबा गिरने को लेकर शुरू हुई बहस जल्द ही बिगड़ गई। महिलाओं ने आरोप लगाया कि कपल ने गालियां दीं और उन्हें और नॉर्थईस्ट समुदाय को टारगेट करते हुए अपमानजनक और नस्लीय टिप्पणियां कीं। इस घटना का एक कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में, आरोपी महिला पीड़ित से कहती है कि वह 500 रुपए में मसाज पार्लर में काम करने वाली धंधेवाली है। जब झगड़ा हो रहा था, तब एक पुलिस ऑफिसर मौके पर मौजूद था। वीडियो में, पुलिसवाला बीच-बचाव करते और हालात को शांत करने की कोशिश करते हुए भी दिख रहा है। इस बीच आरोपी हर्ष सिंह महिलाओं से गाली-गलौज करने लगा। तब पीड़ित ने कहा कि इस बुड्ढे को समझा लो। इस पर पत्नी कहती है कि जिस आदमी से वह बात कर रही है वह एक “बड़े पॉलिटिशियन” का बेटा है। तुम उसको बुड्ढा कैसे कह सकती हो। फिर आरोपी महिला कहती है कि तुम (पीड़ित) उसके साथ क्यों नहीं सोती? मेरे बेडरूम में जाओ। तुम्हें पता चल जाएगा कि वह कितने साल का है।” बहस के दौरान आरोपी महिला पीड़ित के पास पहुंच गई। इस दौरान पीड़त जोर से चिल्लाने लगी। मामले पर किसने क्या कहा… अरुणाचल प्रदेश CM पेमा खांडू: हमारी तीन जवान बहनों के साथ हुई नस्लभेदी गाली-गलौज की शर्मनाक घटना की कड़ी निंदा करता हूं। ऐसा व्यवहार बिल्कुल मंज़ूर नहीं है और हमारे समाज में इसकी कोई जगह नहीं है। मैंने दिल्ली पुलिस के कमिश्नर ऑफ़ पुलिस से बात की और जल्दी और सख्त कार्रवाई की मांग की। मेघालय CM कॉनराड के संगमा: अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और आपराधिक धमकी मंज़ूर नहीं है, भारत जैसे विविधता वाले देश में अपमान का कोई बहाना नहीं है। कांग्रेस MP गौरव गोगोई: अरुणाचली महिलाओं के साथ नस्लभेदी दुर्व्यवहार गलत है, अधिकारी इसपर तुरंत कार्रवाई करें और शिकायत करने वालों को पूरी सुरक्षा दें। सिक्किम CM प्रेम सिंह तमांग: अरुणाचल की तीन महिलाओं के साथ नस्लीय भेदभाव की हालिया घटना निंदनीय है। ये घटना चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया: इस घटना से बहुत परेशान हूं। घर के एक छोटे से मामले का भेदभाव से जुड़ी गाली-गलौज और धमकी में बदल जाना बहुत शर्मनाक है। ————– ये खबर भी पढ़ें… असम-बॉयफ्रेंड के सामने 7 लोगों ने महिला का रेप किया:₹10 हजार ट्रांसफर कराए, 2 गिरफ्तार AI Generated असम के कछार जिले के सिलचर शहर के पास एक 28 साल की महिला का उसके बॉयफ्रेंड के सामने 7 लोगों ने गैंगरेप किया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले में शिकायत 19 फरवरी को दर्ज कराई गई थी। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि रेप के बाद एक आरोपी ने महिला से 10 हजार रुपए उसके खाते में ट्रांसफर कराए। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









