govt stated that ethanol blending was not achieved overnight; it is a tested, scientific, and step-by-step process

Hindi News Business Govt Stated That Ethanol Blending Was Not Achieved Overnight; It Is A Tested, Scientific, And Step by step Process नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने को लेकर हो रहे विरोध के बीच शनिवार को सरकार ने कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग का काम रातों-रात नहीं हुआ, बल्कि यह एक जांचा-परखा, साइंटेफिक और स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस है। इसे पेट्रोल में मिलाने की ग्लोबल प्रैक्टिस अपनाई है और टॉप एजेंसियां भी इसका टेस्ट कर चुकीं हैं। एथेनॉल ब्लेंडिंग पर दिल्ली में हुई इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की ओर से शामिल एक्सपर्ट वर्तिका शुक्ला ने यह बात कही। वर्तिका शुक्ला ने बताया कि देश में साल 2013 और 2014 के दौरान पेट्रोल में सिर्फ 1.5% एथेनॉल मिलाया जा रहा था। अब इस प्रोग्राम के तहत पेट्रोल में 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग (E20) की जा रही है। 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग के टारगेट को तय समय से पांच साल पहले यानी दिसंबर 2025 तक ही पूरा कर लिया गया है। भारत में क्यों हो रहा है E20 पेट्रोल का विरोध? भारत में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल के इस मिश्रण यानी E20-पेट्रोल का विरोध हो रहा है। खासकर 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के मालिक परेशान हैं। उनका दावा है कि इस फ्यूल से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा, मेंटेनेंस का खर्च बढ़ गया और इंजन के पार्ट्स जल्दी खराब हो रहे हैं। हालांकि, भारत सरकार का कहना है कि एथेनॉल से माइलेज में मामूली कमी जरूर आती है, लेकिन इससे गाड़ी का पिकअप और इंजन परफॉर्मेंस बेहतर होता है। टॉप एजेंसियां इसकी टेस्टिंग कर चुकीं एक्सपर्ट शुक्ला ने बताया कि विशेष रूप से साल 2018 में एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम (EBP) को एक स्ट्रक्चर्ड यानी व्यवस्थित तरीके से सभी स्टेकहोल्डर्स के सामने चर्चा और विचार-विमर्श के लिए रखा गया था। यह पूरा प्रोग्राम साइंटिफिक एविडेंस पर बेस्ड है। एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम को ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरर्स और उन्हें सपोर्ट करने वाली मुख्य एजेंसियों का पूरा सपोर्ट है। ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) और सियाम जैसी टॉप एजेंसियां इसकी बड़े लेवल पर टेस्टिंग कर चुकी हैं। वर्तिका शुक्ला के अनुसार, पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने का यह प्रोग्राम दुनिया भर में अपनाई जाने वाली ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिसेस के बिल्कुल अनुरूप है। इसके जरिए फॉसिल फ्यूल यानी जीवाश्म ईंधन को ‘ग्रीन’ बनाया जा रहा है, ताकि पर्यावरण में कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम किया जा सके। ये खबर भी पढ़ें… भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल लेने से मना किया: गाड़िया खराब होने का खतरा बताया, कहा- जब तक मिल रहा; नॉर्मल पेट्रोल ही दें भारत सरकार के E20 यानी 20% एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल के फैसले पर जहां देश में विवाद और विरोध चल रहा है, वहीं पड़ोसी देश भूटान ने भारतीय ऑयल कंपनियों (OMCs) के E20 पेट्रोल लेने से मना कर दिया है। भूटानी मीडिया ‘द भूटानीज’ की रिपोर्ट के मुताबिक, भूटान ने भारत से अनुरोध किया है कि जब तक भारतीय बाजार में नॉर्मल पेट्रोल उपलब्ध है, तब तक उन्हें बिना मिलावट वाला पुराना पेट्रोल ही सप्लाई किया जाए। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Ethanol Petrol Controversy; Fuel Blending Scientific Process

Hindi News Business Ethanol Petrol Controversy; Fuel Blending Scientific Process | Petroleum Ministry नई दिल्ली3 घंटे पहले कॉपी लिंक 2013 और 2014 के दौरान पेट्रोल में 1.5% एथेनॉल मिलाया जा रहा था। अब 20% ब्लेंडिंग की जा रही। पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने को लेकर हो रहे विरोध के बीच शनिवार को सरकार ने कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग का काम रातों-रात नहीं हुआ। यह एक जांची-परखी, साइंटिफिक और स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस है। इसे पेट्रोल में मिलाने की ग्लोबल प्रैक्टिस अपनाई है और टॉप एजेंसियां भी इसका टेस्ट कर चुकीं हैं। एथेनॉल ब्लेंडिंग पर दिल्ली में हुई इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की ओर से शामिल एक्सपर्ट वर्तिका शुक्ला ने यह बात कही। वर्तिका शुक्ला ने बताया कि देश में साल 2013 और 2014 के दौरान पेट्रोल में सिर्फ 1.5% एथेनॉल मिलाया जा रहा था। अब इस प्रोग्राम के तहत पेट्रोल में 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग (E20) की जा रही है। 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग के टारगेट को तय समय से पांच साल पहले यानी दिसंबर 2025 तक ही पूरा कर लिया गया है। भारत में क्यों हो रहा है E20 पेट्रोल का विरोध? भारत में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल के इस मिश्रण यानी E20-पेट्रोल का विरोध हो रहा है। खासकर 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के मालिक परेशान हैं। उनका दावा है कि इस फ्यूल से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा, मेंटेनेंस का खर्च बढ़ गया और इंजन के पार्ट्स जल्दी खराब हो रहे हैं। हालांकि, भारत सरकार का कहना है कि एथेनॉल से माइलेज में मामूली कमी जरूर आती है, लेकिन इससे गाड़ी का पिकअप और इंजन परफॉर्मेंस बेहतर होता है। टॉप एजेंसियां इसकी टेस्टिंग कर चुकीं एक्सपर्ट शुक्ला ने बताया कि विशेष रूप से साल 2018 में एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम (EBP) को एक स्ट्रक्चर्ड यानी व्यवस्थित तरीके से सभी स्टेकहोल्डर्स के सामने चर्चा और विचार-विमर्श के लिए रखा गया था। यह पूरा प्रोग्राम साइंटिफिक एविडेंस पर बेस्ड है। एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम को ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरर्स और उन्हें सपोर्ट करने वाली मुख्य एजेंसियों का पूरा सपोर्ट है। ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) और सियाम जैसी टॉप एजेंसियां इसकी बड़े लेवल पर टेस्टिंग कर चुकी हैं। वर्तिका शुक्ला के अनुसार, पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने का यह प्रोग्राम दुनिया भर में अपनाई जाने वाली ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिसेस के बिल्कुल अनुरूप है। इसके जरिए फॉसिल फ्यूल यानी जीवाश्म ईंधन को ‘ग्रीन’ बनाया जा रहा है, ताकि पर्यावरण में कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम किया जा सके। ये खबर भी पढ़ें… भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल लेने से मना किया: गाड़िया खराब होने का खतरा बताया, कहा- जब तक मिल रहा; नॉर्मल पेट्रोल ही दें भारत सरकार के E20 यानी 20% एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल के फैसले पर जहां देश में विवाद और विरोध चल रहा है, वहीं पड़ोसी देश भूटान ने भारतीय ऑयल कंपनियों (OMCs) के E20 पेट्रोल लेने से मना कर दिया है। भूटानी मीडिया ‘द भूटानीज’ की रिपोर्ट के मुताबिक, भूटान ने भारत से अनुरोध किया है कि जब तक भारतीय बाजार में नॉर्मल पेट्रोल उपलब्ध है, तब तक उन्हें बिना मिलावट वाला पुराना पेट्रोल ही सप्लाई किया जाए। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
RPSC APP Recruitment: Apply Soon, Age Limit & Selection Process

राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से निकाली गई सहायक अभियोजन अधिकारी-एपीपी (गृह विभाग-अभियोजन) के 371 पदों पर भर्ती के लिए कल से आवेदन शुरू होंगे। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की 7 जुलाई लास्ट डेट है। . इस भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 2 सितंबर को किया जाना प्रस्तावित है। आयु सीमा 1 जनवरी 2027 को न्यूनतम 21 साल और अधिकतम 40 साल से कम होनी चाहिए। आयोग द्वारा यह पद 2024 में विज्ञापित किए गए थे। इसके बाद आयु की गणना 1 जनवरी 2025 को आधार मानकर की गई। इसके बाद इन पदों के लिए कोई विज्ञापन जारी नहीं किया। इसलिए अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में एक साल की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। अभ्यर्थियों का सिलेक्शन प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षा दो चरणों में प्रारम्भिक परीक्षा व मुख्य परीक्षा के रूप में ली जाएगी। यह रहेगा परीक्षा शुल्क सामान्य (अनारक्षित) और राजस्थान के क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग के आवेदक के लिए 600 रुपए। राजस्थान के नॉन क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और दिव्यांग के लिए 400 रुपए। अब जानिए आरपीएससी की इन भर्तियों के बारे में भी…. आरएएस-2026 का आवेदन प्रोसेस जारी, 3 जुलाई लास्ट डेट राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से निकाली गई राजस्थान राज्य और अधीनस्थ सेवाएं (RAS) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2026 के 607 पदों के लिए आवेदन 4 जून से जारी है। इच्छुक अभ्यर्थी 3 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा 29 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। इस भर्ती में राज्य सेवा के 192 पद और अधीनस्थ सेवा के 415 पद शामिल हैं। 1 जनवरी 2027 को अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। लेक्चरर (विशेष शिक्षा) के 121 पदों पर भर्ती प्रोसेस जारी राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने माध्यमिक शिक्षा विभाग में लेक्चरर (विशेष शिक्षा) के 121 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन जारी हैं। कैंडिडेट्स 30 जून 2026 की रात 12 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कैंडिडेट की उम्र 1 जनवरी 2027 को 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। ऑफलाइन आवेदन मान्य नहीं होंगे। कैंडिडेट का सिलेक्शन एग्जाम के माध्यम से होगा। परीक्षा तिथि और परीक्षा केंद्रों की जानकारी बाद में अलग से जारी की जाएगी। 11 जून से कर सकेंगे आवेदन, 3 डिवीजन में भर्ती राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी के कुल 3 पदों पर भर्ती होगी। इसमें टॉक्सिकोलॉजी, फिजिक्स और बैलिस्टिक्स डिवीजन में 1-1 पद शामिल हैं। ऑनलाइन आवेदन 11 जून से शुरू होकर 10 जुलाई 2026 रात 12 बजे तक कर सकेंगे। खास बात ये है कि अगर कोई अभ्यर्थी एक से ज्यादा डिवीजन के लिए आवेदन करना चाहता है तो उसे प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग फॉर्म भरना होगा। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं होंगे। परीक्षा तिथि बाद में घोषित होगी। शैक्षणिक योग्यता व वर्गवार जानकारी आयोग की वेबसाइट http://rpsc.rajasthan.gov.in पर देखी जा सकती है। ………. पढें ये खबर भी…. SI भर्ती री-एग्जाम- पेपरलीक रोकने के लिए 8 बड़े बदलाव:2.30 लाख अभ्यर्थियों ने किनारा किया, 3 की जगह सिर्फ 1 दिन में ही होगी परीक्षा पेपर लीक को लेकर चर्चित रही एसआई भर्ती-2021 का री-एग्जाम अब सिर्फ 1 दिन में होगा। पहले यह परीक्षा 3 दिन में हुई थी। इसका कारण इस एग्जाम में शामिल होने के लिए रुचि दिखाने वाले कैंडिडेट्स की संख्या का अब केवल करीब एक लाख 53 हजार ही होना है। पूरी खबर पढें
RPSC RAS 2026 Recruitment | Application Process & Vacancy Details

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने राजस्थान राज्य और अधीनस्थ सेवाएं (RAS) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2026 के तहत 607 पदों के लिए भर्ती निकाली है। . राज्य सेवा के 192 पद और अधीनस्थ सेवा के 415 पद हैं। कैंडिडेट की आयु 1 जनवरी 2027 को न्यूनतम 21 साल और अधिकतम 40 साल होनी चाहिए। 17 अप्रैल को आयोग ने आरएएस-2024 का रिजल्ट जारी किया था। इससे पहले राज्य सरकार ने जनवरी में एक लाख भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया था। इसमें जानकारी दी गई थी कि आरएएस भर्ती 2026 करीब 500 पदों पर होगी। इस भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा के लिए 3 मई की तारीख प्रस्तावित की थी, लेकिन वैकेंसी नहीं निकली। यह रहेगा परीक्षा शुल्क सामान्य (अनारक्षित) और राजस्थान के क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग के आवेदक के लिए 600 रुपए। राजस्थान के नॉन क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और दिव्यांग के लिए 400 रुपए। ऐसे करें अप्लाई अभ्यर्थियों को आयोग की वेबसाइट https://rpsc.rajasthan.gov.in पर अप्लाई ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करना होगा या SSO पोर्टल https://sso.rajasthan.gov.in से लॉगिन करना होगा। इसके बाद सिटीजन एप (G2C) में रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) करना होगा। पहली बार OTR करने के लिए अभ्यर्थी का नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि, लिंग, सेकेंडरी/समकक्ष परीक्षा, आधार कार्ड/पैन कार्ड/वोटर कार्ड/ड्राइविंग लाइसेंस में से किसी एक आई.डी. प्रूफ की डिटेल और डॉक्युमेंट अपलोड करना जरूरी है। लॉगिन कर सिटीजन एप में उपलब्ध रिक्रूटमेंट का चयन कर अपने OTR नंबर के आधार पर ऑनलाइन आवेदन करें। वन टाइम रजिस्ट्रेशन करने के बाद ओटीआर प्रोफाइल में किसी भी प्रकार का परिवर्तन किया जाना संभव नहीं होगा। —– यह खबर भी पढ़िए… RAS में आधा नंबर से टॉपर बने दिनेश विश्नोई:9वें स्थान पर रहे भूपेन्द्र के इन्टरव्यू में सबसे ज्यादा नंबर; पहले प्रयास में 23 साल की शालू सिलेक्ट राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा-2024 का रिजल्ट आरपीएससी ने जारी कर दिया। वैकेंसी निकालने से लेकर फाइनल रिजल्ट तक के सफर में इस बार महज 1 साल 7 महीने और 17 दिन का ही समय लगा। पढ़ें पूरी खबर…
Download Free E-Aadhaar Card | UIDAI Process

नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक आधार हमारे देश में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। कई बार हम इसके खोने या खराब होने के डर के कारण इसे अपने साथ नहीं रखते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि आप इसकी वर्चुअल कॉपी (PDF फाइल) भी डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए आपको कोई फीस नहीं देनी होती और यह सभी जगह मान्य भी है। आधार कार्ड जारी करने वाली संस्था UIDAI के अनुसार वर्चुअल आधार या ई आधार भी आधार कार्ड की तरह सभी जगह मान्य होता है। हम इसे डाउनलोड करने की प्रोसेस बता रहे हैं। ये है इसे डाउनलोड करने की प्रोसेस सबसे पहले UIDAI की वेबसाइट पर जाएं। इसके बाद My Aadhaar सेक्शन में जाकर Download Aadhaar पर क्लिक करें। इसके बाद आपको अगले पेज पर भर Download Aadhaar का ऑप्शन मिलेगा। इस पर क्लिक करें। इसके बाद आधार नंबर और कैप्चा एंटर करें और फिर सेंड ओटीपी बटन पर क्लिक कर दें। मोबाइल पर UIDAI की तरफ से एक ओटीपी भेजी जाएगी। जिसे संबंधित बॉक्स में दर्ज कर दें और फिर डाउनलोड आधार पर क्लिक करें। आधार डाउनलोड होने के बाद नाम के शुरुआती चार अक्षर और जन्म का साल दर्ज करके पीडीएफ फाइल ओपन करें। खराब होने पर बनवा सकते हैं नया आधार अगर आपका आधार कार्ड वहीं गुम हो गया है या पुराना आधार कार्ड खराब तो गया है तो आप आसानी से घर बैठे ही नया आधार कार्ड मंगवा सकते हैं। इतना ही नहीं आप PVC आधार कार्ड भी मंगवा सकते हैं। पॉलिविनाइल क्लोराइड कार्ड्स को PVC कार्ड के नाम से जाना जाता है। यह एक तरह का प्लास्टिक कार्ड होता है, जिस पर आधार कार्ड की जानकारियों को प्रिंट किया जाता है। ये है PVC आधार कार्ड बनवाने की प्रोसेस? इसके लिए आपको UIDAI की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इस वेबसाइट पर जाकर आपको अपने आधार का 12 डिजिट का नंबर डालना होगा। इसके बाद आपको सिक्योरिटी कोड या कैप्चा भरना होगा। ओटीपी के लिए Send OTP पर क्लिक करें। इसके बाद रजिस्टर्ड मोबाइल पर प्राप्त OTP को दी गई खाली जगह में भरें और सबमिट करें। इसके बाद ‘My Aadhaar’ सेक्शन में जाकर ‘Order Aadhaar PVC Card’ पर क्लिक करना होगा। इसके बाद यहां आपको आपकी जानकारी दिखाई देगी। यहां नेक्स्ट के ऑप्शन पर क्लिक करें। इसके बाद आपको नीचे दिए गए पेमेंट ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। जहां आपको क्रेडिट/डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग और UPI के विकल्प मिलेंगे। इसके बाद आपको पेमेंट पेज पर भेजा जाएगा। आपको यहां 75 रुपए की फीस जमा करनी होगी। पेमेंट पूरा करने के बाद आपके आधार PVC कार्ड का ऑर्डर प्रोसेस पूरा हो जाएगा। पूरी प्रोसेस पूरी हो जाने के बाद UIDAI 5 से 7 दिन के अंदर आधार प्रिंट करके भारतीय डाक को सुपुर्द कर देगा। इसके बाद डाक विभाग स्पीड पोस्ट के जरिए उसे आपके घर तक पहुंचा देगा। ऑफलाइन भी बनवा सकते हैं नया कार्ड अगर आप ऑनलाइन नहीं बनवाना चाहते तो आप इसे ऑफलाइन भी बनवा सकते हैं। इसके लिए आपको आधार केंद्र जाना होगा। वहां जाकर आप आसानी से अपना नया आधार कार्ड बनवा सकते हैं। देना होता है 50 रुपए का चार्ज नया PVC कार्ड बनवाने के लिए 75 रुपए का फीस देना होगा। इस कार्ड में सिक्योर QR कोड, होलोग्राम, माइक्रो टेक्स्ट, कार्ड जारी करने और प्रिंट करने की तारीख और अन्य जानकारियां होती हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Dream Home Easy Process, Low Docs Needed

11 मिनट पहले कॉपी लिंक घर का मालिक होना सिर्फ एक आर्थिक निवेश नहीं है; यह एक ऐसे स्थान के बारे में है जो वास्तव में आपका अपना महसूस हो। लेकिन बढ़ती हुई संपत्ति की कीमतों के कारण, घर खरीदना कई लोगों के लिए अक्सर मुश्किल हो जाता है। यहीं पर सही वित्तीय सहायता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, जो सपनों और वहनीयता के बीच की दूरी को कम करने में मदद करती है। सस्ते होम लोन की मदद से, घर खरीदना समाज के एक बड़े वर्ग के लिए अब एक प्राप्त करने योग्य लक्ष्य बनता जा रहा है। किफायती होम लोन क्या है? किफायती होम लोन को इस तरह तैयार किया गया है कि आसान पात्रता नियमों, कम दस्तावेज़ों और सरल आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से हर व्यक्ति के लिए हाउसिंग फाइनेंस तक पहुंच आसान बन सके। शहरी भारत में किफायती होम लोन क्यों महत्वपूर्ण हैं शहरी भारत लगातार विस्तार कर रहा है और नए आवासीय अवसर पैदा कर रहा है। आय के विभिन्न स्रोतों को देखते हुए, जहां कई लोग छोटे व्यवसाय, स्वरोजगार या नकद आधारित काम से कमाई करते हैं, पारंपरिक लोन प्रणाली हमेशा ऐसे प्रोफाइल को आसानी से स्वीकार नहीं कर पाती। किफायती होम लोन इस अंतर को कम करने का काम करते हैं, क्योंकि इनकी लोन संरचना को लोगों की वास्तविक आय परिस्थितियों के अनुरूप बनाया जाता हैं। यह बदलाव धीरे-धीरे हाउसिंग फाइनेंस को अधिक समावेशी और आधुनिक आर्थिक जरूरतों के अनुरूप बना रहा है। समावेशी गृहस्वामित्व को बढ़ावा देने में संभव होम लोन की भूमिका किफायती होम लोन में एक महत्वपूर्ण विकास ऐसे समाधानों की शुरुआत है, जो विशेष रूप से वंचित या असंगठित वर्ग की जरूरतों को पूरा करते हैं। बजाज हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड का संभव होम लोन इसी तरह का एक विकल्प है। संभव होम लोन को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि यह असंगठित क्षेत्र के लोगों को भी आवास वित्त की सुविधा प्रदान कर सके, जिनमें सूक्ष्म उद्यमी, छोटे व्यवसायी और स्वरोज़गार करने वाले पेशेवर शामिल हैं। इसमें केवल वेतन पर्ची (सैलरी स्लिप) या आयकर रिटर्न जैसे औपचारिक दस्तावेजों पर निर्भर रहने के बजाय,पात्रता का मूल्यांकन वास्तविक आय क्षमता और समग्र वित्तीय स्थिति के आधार पर किया जाता है, जिसे आवश्यक मूल्यांकन के बाद निर्धारित किया जाता है। यह तरीका उन लोगों को घर खरीदने का अवसर देता है जिनकी आय अलग-अलग या अनियमित होती है—एक ऐसा अवसर जो पारंपरिक ऋण प्रणाली के माध्यम से आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता। संभव होम लोन कैसे किफायतीपन और पहुंच को बेहतर बनाते हैं संभव होम लोन लचीलापन और व्यावहारिकता को एक साथ जोड़ता है, जिससे यह आज के घर खरीदने वालों के लिए अधिक प्रासंगिक बन जाता है। यह सुविधा अलग-अलग आय वाले लोगों के लिए उपयोगी है, जिसमें नकद आधारित वेतन या अनौपचारिक स्रोतों से कमाई करने वाले लोग भी शामिल हैं। योग्य आवेदक PMAY-U 2.0 के तहत उपलब्ध ब्याज सब्सिडी योजना का भी लाभ उठा सकते हैं, जिससे लोन लेने की कुल लागत कम हो सकती है। संभव होम लोन: अलग-अलग आवासीय आवश्यकताओं के अनुसार फ्लेक्सिबिलिटी संभव होम लोन को विभिन्न प्रकार की घर खरीदने की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे यह अलग-अलग आवासीय जरूरतों को पूरा करने में सक्षम बनता है। इसे आमतौर पर इन कार्यों के लिए उपयोग किया जा सकता है: रहने के लिए तैयार या निर्माणाधीन संपत्ति खरीदने के लिए रीसेल (पुराना घर) खरीदने के लिए अपने स्वामित्व वाले प्लॉट पर घर बनाने के लिए जमीन खरीदकर उस पर घर निर्माण करने के लिए मौजूदा घर की मरम्मत या विस्तार करने के लिए संभव होम लोन की मुख्य विशेषताएं संभव होम लोन वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए उपयुक्त है, जैसे कि नकद वेतन प्राप्त करने वाले कर्मचारी, वर्ग IV सरकारी कर्मचारी, तथा प्रोप्राइटरशिप या पार्टनरशिप फर्मों में कार्यरत लोग। यह स्वरोजगार करने वाले व्यक्तियों को भी वित्तीय सहायता प्रदान करता है, जिसमें छोटे व्यापारी, दुकान मालिक और व्यवसाय संचालक शामिल हैं। यह उन मामलों में भी उपलब्ध हो सकता है जहाँ औपचारिक लाइसेंस मौजूद न हों, बशर्ते आय का उचित मूल्यांकन किया जाए। अलग-अलग आय संरचना वाले इच्छुक घर खरीदारों के लिए तैयार किया गया, संभव होम लोन निम्नलिखित लाभ प्रदान करता है: अलग-अलग आय संरचना वाले इच्छुक घर खरीदारों के लिए डिज़ाइन किया गया पात्रता का निर्धारण केवल वेतन पर्ची या ITR पर नहीं, बल्कि वास्तविक आय के आधार पर किया जाता है यदि ITR नियमित न हो या उपलब्ध न हो, तब भी आवेदन पर विचार किया जा सकता है नकद आधारित आय का भी मूल्यांकन किया जा सकता है परिवार की संयुक्त आय, जिसमें नकद आय भी शामिल हो सकती है, को भी ध्यान में रखा जा सकता है आवेदन करने के लिए, व्यक्तियों को मूल पहचान और KYC दस्तावेज़ जमा करने होते हैं, जिनमें PAN कार्ड या फॉर्म 60 अनिवार्य होता है, इसके साथ ही संपत्ति से संबंधित दस्तावेज़, जैसे टाइटल डीड और अलॉटमेंट लेटर भी आवश्यक होते हैं। आवेदक की प्रोफ़ाइल के अनुसार, चाहे वह वेतनभोगी हो या स्वयं-नियोजित, अतिरिक्त आय या व्यवसाय से संबंधित दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं। किफ़ायती होम लोन का व्यापक प्रभाव किफायती होम लोन का प्रभाव केवल व्यक्तिगत उधारकर्ताओं तक सीमित नहीं है। अधिक लोगों को घर का मालिक बनने में सक्षम बनाकर, ये वित्तीय समाधान समग्र आर्थिक विकास और सामाजिक प्रगति में योगदान देते हैं। संभव होम लोन जैसे समाधान वास्तविक जीवन की वित्तीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस प्रणाली को और मजबूत बनाते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Dream Home Easy Process, Low Docs Needed

45 मिनट पहले कॉपी लिंक घर का मालिक होना सिर्फ एक आर्थिक निवेश नहीं है; यह एक ऐसे स्थान के बारे में है जो वास्तव में आपका अपना महसूस हो। लेकिन बढ़ती हुई संपत्ति की कीमतों के कारण, घर खरीदना कई लोगों के लिए अक्सर मुश्किल हो जाता है। यहीं पर सही वित्तीय सहायता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, जो सपनों और वहनीयता के बीच की दूरी को कम करने में मदद करती है। सस्ते होम लोन की मदद से, घर खरीदना समाज के एक बड़े वर्ग के लिए अब एक प्राप्त करने योग्य लक्ष्य बनता जा रहा है। किफायती होम लोन क्या है? किफायती होम लोन को इस तरह तैयार किया गया है कि आसान पात्रता नियमों, कम दस्तावेज़ों और सरल आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से हर व्यक्ति के लिए हाउसिंग फाइनेंस तक पहुंच आसान बन सके। शहरी भारत में किफायती होम लोन क्यों महत्वपूर्ण हैं शहरी भारत लगातार विस्तार कर रहा है और नए आवासीय अवसर पैदा कर रहा है। आय के विभिन्न स्रोतों को देखते हुए, जहां कई लोग छोटे व्यवसाय, स्वरोजगार या नकद आधारित काम से कमाई करते हैं, पारंपरिक लोन प्रणाली हमेशा ऐसे प्रोफाइल को आसानी से स्वीकार नहीं कर पाती। किफायती होम लोन इस अंतर को कम करने का काम करते हैं, क्योंकि इनकी लोन संरचना को लोगों की वास्तविक आय परिस्थितियों के अनुरूप बनाया जाता हैं। यह बदलाव धीरे-धीरे हाउसिंग फाइनेंस को अधिक समावेशी और आधुनिक आर्थिक जरूरतों के अनुरूप बना रहा है। समावेशी गृहस्वामित्व को बढ़ावा देने में संभव होम लोन की भूमिका किफायती होम लोन में एक महत्वपूर्ण विकास ऐसे समाधानों की शुरुआत है, जो विशेष रूप से वंचित या असंगठित वर्ग की जरूरतों को पूरा करते हैं। बजाज हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड का संभव होम लोन इसी तरह का एक विकल्प है। संभव होम लोन को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि यह असंगठित क्षेत्र के लोगों को भी आवास वित्त की सुविधा प्रदान कर सके, जिनमें सूक्ष्म उद्यमी, छोटे व्यवसायी और स्वरोज़गार करने वाले पेशेवर शामिल हैं। इसमें केवल वेतन पर्ची (सैलरी स्लिप) या आयकर रिटर्न जैसे औपचारिक दस्तावेजों पर निर्भर रहने के बजाय,पात्रता का मूल्यांकन वास्तविक आय क्षमता और समग्र वित्तीय स्थिति के आधार पर किया जाता है, जिसे आवश्यक मूल्यांकन के बाद निर्धारित किया जाता है। यह तरीका उन लोगों को घर खरीदने का अवसर देता है जिनकी आय अलग-अलग या अनियमित होती है—एक ऐसा अवसर जो पारंपरिक ऋण प्रणाली के माध्यम से आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता। संभव होम लोन कैसे किफायतीपन और पहुंच को बेहतर बनाते हैं संभव होम लोन लचीलापन और व्यावहारिकता को एक साथ जोड़ता है, जिससे यह आज के घर खरीदने वालों के लिए अधिक प्रासंगिक बन जाता है। यह सुविधा अलग-अलग आय वाले लोगों के लिए उपयोगी है, जिसमें नकद आधारित वेतन या अनौपचारिक स्रोतों से कमाई करने वाले लोग भी शामिल हैं। योग्य आवेदक PMAY-U 2.0 के तहत उपलब्ध ब्याज सब्सिडी योजना का भी लाभ उठा सकते हैं, जिससे लोन लेने की कुल लागत कम हो सकती है। संभव होम लोन: अलग-अलग आवासीय आवश्यकताओं के अनुसार फ्लेक्सिबिलिटी संभव होम लोन को विभिन्न प्रकार की घर खरीदने की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे यह अलग-अलग आवासीय जरूरतों को पूरा करने में सक्षम बनता है। इसे आमतौर पर इन कार्यों के लिए उपयोग किया जा सकता है: रहने के लिए तैयार या निर्माणाधीन संपत्ति खरीदने के लिए रीसेल (पुराना घर) खरीदने के लिए अपने स्वामित्व वाले प्लॉट पर घर बनाने के लिए जमीन खरीदकर उस पर घर निर्माण करने के लिए मौजूदा घर की मरम्मत या विस्तार करने के लिए संभव होम लोन की मुख्य विशेषताएं संभव होम लोन वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए उपयुक्त है, जैसे कि नकद वेतन प्राप्त करने वाले कर्मचारी, वर्ग IV सरकारी कर्मचारी, तथा प्रोप्राइटरशिप या पार्टनरशिप फर्मों में कार्यरत लोग। यह स्वरोजगार करने वाले व्यक्तियों को भी वित्तीय सहायता प्रदान करता है, जिसमें छोटे व्यापारी, दुकान मालिक और व्यवसाय संचालक शामिल हैं। यह उन मामलों में भी उपलब्ध हो सकता है जहाँ औपचारिक लाइसेंस मौजूद न हों, बशर्ते आय का उचित मूल्यांकन किया जाए। अलग-अलग आय संरचना वाले इच्छुक घर खरीदारों के लिए तैयार किया गया, संभव होम लोन निम्नलिखित लाभ प्रदान करता है: अलग-अलग आय संरचना वाले इच्छुक घर खरीदारों के लिए डिज़ाइन किया गया पात्रता का निर्धारण केवल वेतन पर्ची या ITR पर नहीं, बल्कि वास्तविक आय के आधार पर किया जाता है यदि ITR नियमित न हो या उपलब्ध न हो, तब भी आवेदन पर विचार किया जा सकता है नकद आधारित आय का भी मूल्यांकन किया जा सकता है परिवार की संयुक्त आय, जिसमें नकद आय भी शामिल हो सकती है, को भी ध्यान में रखा जा सकता है आवेदन करने के लिए, व्यक्तियों को मूल पहचान और KYC दस्तावेज़ जमा करने होते हैं, जिनमें PAN कार्ड या फॉर्म 60 अनिवार्य होता है, इसके साथ ही संपत्ति से संबंधित दस्तावेज़, जैसे टाइटल डीड और अलॉटमेंट लेटर भी आवश्यक होते हैं। आवेदक की प्रोफ़ाइल के अनुसार, चाहे वह वेतनभोगी हो या स्वयं-नियोजित, अतिरिक्त आय या व्यवसाय से संबंधित दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं। किफ़ायती होम लोन का व्यापक प्रभाव किफायती होम लोन का प्रभाव केवल व्यक्तिगत उधारकर्ताओं तक सीमित नहीं है। अधिक लोगों को घर का मालिक बनने में सक्षम बनाकर, ये वित्तीय समाधान समग्र आर्थिक विकास और सामाजिक प्रगति में योगदान देते हैं। संभव होम लोन जैसे समाधान वास्तविक जीवन की वित्तीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस प्रणाली को और मजबूत बनाते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Raisen Collector Census 2027 | Self-Enumeration Process

रायसेन जिले में रविवार को कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने सिंधी कैंप, बिनेका और बाड़ी सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्वगणना कार्य का निरीक्षण किया। 42 डिग्री तापमान के बीच उन्होंने चौपाल लगाकर नागरिकों से संवाद किया और जनगणना-2027 के तहत स्वगणना प्रक्र . निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नागरिकों को मोबाइल के माध्यम से स्वयं स्वगणना फॉर्म भरने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चौपाल के माध्यम से जागरूकता अभियान को तेज किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग स्वगणना में भाग ले सकें। नागरिकों से समय पर अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने की अपील की गई। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि जनगणना का कार्य महत्वपूर्ण है और इसमें नागरिकों की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि स्वगणना की सुविधा से लोग घर या कार्यालय से ही सुरक्षित तरीके से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं, जिससे समय की बचत और डेटा की सटीकता सुनिश्चित होती है। जनगणना-2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और गणना का कार्य 1 मई से 30 मई 2026 तक किया जाएगा। इसके पहले 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्वगणना के लिए पोर्टल पर सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जनगणना का द्वितीय चरण, जिसमें जनसंख्या गणना की जाएगी, फरवरी 2027 में संपन्न होगा।
Summer Skincare Routine Guide; Dry Oily Skin Care Process

Hindi News Lifestyle Summer Skincare Routine Guide; Dry Oily Skin Care Process | Cleansing Sunscreen 34 मिनट पहलेलेखक: गौरव तिवारी / अदिति ओझा कॉपी लिंक गर्मियों में कपड़े-खानपान के साथ स्किन की जरूरतें भी बदल जाती हैं। तेज धूप, पसीना और पॉल्यूशन स्किन पर सीधा असर डालते हैं। ऐसे में अगर आप सर्दियों वाला ही स्किन केयर रूटीन फॉलो करते हैं तो स्किन ऑयली, डल या एक्ने-प्रोन हो सकती है। दरअसल, गर्मियों में UV (अल्ट्रा वॉयलेट) किरणें और ह्यूमिडिटी स्किन बैरियर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इससे टैनिंग, पिग्मेंटेशन और इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में जानेंगे कि- गर्मियों में स्किन केयर रूटीन कैसा होना चाहिए? कौन-सी गलतियां स्किन को नुकसान पहुंचाती हैं? गर्मियों में स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग कैसे रखें? एक्सपर्ट: डॉ. संदीप अरोड़ा, सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली सवाल- गर्मियों में स्किन केयर रूटीन बदलना क्यों जरूरी है? जवाब- ये सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि साइंस बेस्ड जरूरत है। इन कारणों से गर्मियों में स्किन केयर रूटीन बदलना जरूरी है- ज्यादा स्वेटिंग: गर्मी में ज्यादा पसीना आता है। इससे स्किन के पोर्स ब्लॉक होने लगते हैं और पिंपल्स, रैशेज बढ़ते हैं। UV रेज: गर्मी में धूप ज्यादा होती है। UV रेज डायरेक्ट स्किन पर पड़ती हैं। इससे टैनिंग, सनबर्न और पिग्मेंटेशन का रिस्क ज्यादा होता है। डिहाइड्रेशन: तेज गर्मी और पसीने की वजह से भी शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे स्किन ड्राई और डल होती है। सवाल- क्या हर स्किन टाइप के लिए स्किन केयर रूटीन अलग होता है? जवाब- हां, हर स्किन की जरूरत अलग होती है। हर स्किन की प्रॉब्लम अलग होती है। वह अलग तरीके से रिएक्ट करती है। इसलिए एक ही प्रोडक्ट और तरीका सब पर काम नहीं करता। नीचे ग्राफिक में देखें कि किस स्किन टाइप में कौन सी प्रॉब्लम ज्यादा होती है- सवाल- समर स्किन केयर रूटीन के कॉमन बेसिक स्टेप्स क्या हैं, जो हर स्किन टाइप पर अप्लाई होते हैं? जवाब- समर स्किन केयर रूटीन के बेसिक स्टेप्स नीचे ग्राफिक में देखें- सवाल- हर स्किन टाइप के हिसाब से गर्मियों का कंप्लीट स्किन केयर रूटीन क्या होना चाहिए? जवाब- नीचे स्टेप-बाय-स्टेप पूरा प्रोसेस देखें- 1. ऑयली स्किन सुबह फेसवॉश से मुंह धोएं। फेसवॉश जेल बेस्ड होना चाहिए। एल्कोहल फ्री टोनर लगाएं। ऑयल फ्री मॉइश्चराइजर लगाएं। SPF 30+ सनस्क्रीन लगाएं। रात सोने से पहले फेसवॉश से मुंह धोएं। ऑयल कंट्रोल सीरम लगाएं। मॉइश्चराइजर लगाएं। वीकली 2 से 3 बार क्ले मास्क लगाएं। ये ऑयल एब्जॉर्ब करता है। 1–2 बार स्क्रब करें। ड्राई स्किन सुबह फेस वॉश से मुंह धोएं। फेस वॉश क्रीम बेस्ड होना चाहिए। हाइड्रेटिंग टोनर लगाएं। उसके बाद मॉइश्चराइजर लगाएं। मॉइश्चराइजर सेरामाइड/हाइलूरोनिक एसिड बेस्ड होना चाहिए। हाइड्रेटिंग सनस्क्रीन लगाएं। रात फेस वॉश से मुंह धोएं। हाइड्रेटिंग सीरम लगाएं। नाइट क्रीम लगाएं। वीकली 1-2 बार हाइड्रेटिंग मास्क लगाएं। 1-2 बार चेहरे को स्क्रब करें। बहुत ज्यादा स्क्रब करने से बचें। कॉम्बिनेशन स्किन सुबह माइल्ड फेसवॉश से मुंह धोएं। लाइट वेट मॉइश्चराइजर लगाएं। उसके बाद सनस्क्रीन लगाएं। सनस्क्रीन ग्रीसी नहीं होना चाहिए। T-जोन पर ऑयल कंट्रोल सीरम लगाएं। रात फेसवॉश से मुंह धोएं। हल्का हाइड्रेटिंग सीरम लगाएं। मॉइश्चराइजर लगाएं। वीकली T-जोन पर ऑयल कंट्रोल क्ले मास्क लगाएं। गालों पर हाइड्रेटिंग क्ले मास्क लगाएं। 1-2 बार स्क्रब करें। सेंसिटिव स्किन सुबह जेंटल फेस वॉश से मुंह धोएं। फेस वॉश फ्रेग्रेंस फ्री होना चाहिए। एलोवेरा बेस्ड मॉइश्चराइजर लगाएं। मिनरल बेस्ड सनस्क्रीन लगाएं। सनस्क्रीन में जिंक ऑक्साइड हो। रात फेस वॉश करें। एलोवेरा बेस्ड मॉइश्चराइजर लगाएं। वीकली सूदिंग फेस मास्क लगाएं। चेहरा स्क्रब न करें। सवाल- गर्मियों में स्किन ज्यादा ऑयली क्यों हो जाती है? जवाब- जवाब नीचे पॉइंटर्स में देखें- स्किन में सेबेसियस ग्लैंड्स होते हैं, जो सीबम यानी ऑयल बनाते हैं। गर्मी में तापमान बढ़ने से ये ग्लैंड ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं। गर्मी में ज्यादा पसीना होता है। ऑयल और पसीना मिलने से स्किन चिपचिपी हो जाती है। गर्मी में ह्यूमिडिटी भी होती है, जिससे ऑयल उड़ नहीं पाता और स्किन से चिपका रहता है। इसलिए स्किन के पोर्स भी जल्दी ब्लॉक हो जाते हैं। हॉर्मोन भी ऑयल प्रोडक्शन पर असर डालते हैं। सवाल- क्या सर्दियों वाला स्किनकेयर रूटीन गर्मियों में फॉलो करना नुकसानदायक हो सकता है? जवाब- हां, क्योंकि दोनों मौसम में स्किन की जरूरत बिल्कुल अलग होती है। इसके लिए नीचे ग्राफिक से पहले सर्दी और गर्मी में स्किन की जरूरत की फर्क समझें- हर मौसम में स्किन की जरूरत अलग होती है। इसलिए जरूरत और प्रॉब्लम के मुताबिक केयर रूटीन भी बदलना जरूरी है। सवाल- गलत स्किनकेयर रूटीन अपनाने से किस तरह की स्किन प्रॉब्लम्स हो सकती हैं? जवाब- गलत स्किन केयर रूटीन कई तरीकों से स्किन को डैमेज कर सकता है। अगर आप सर्दियों वाला रूटीन गर्मियों में भी जारी रखते हैं तो इससे पिंपल्स से लेकर पिग्मेंटेशन तक की समस्या बढ़ सकती है। बाकी डिटेल नीचे ग्राफिक में देखें– समर स्किन केयर रूटीन से जुड़े कॉमन सवाल और जवाब सवाल– स्किन केयर रूटीन में लोग कॉमन गलतियां क्या करते हैं? जवाब– कॉमन गलतियां नीचे ग्राफिक में देखें– सवाल- दिन में कितनी बार फेस वॉश से मुंह धोना चाहिए? जवाब- दिन में दो बार मुंह धोना चाहिए। सुबह उठने के बाद और रात में सोने से पहले। सवाल- क्या दिन में 3-4 बार भी फेसवॉश से मुंह धो सकते हैं? जवाब- नहीं। ज्यादा मुंह धोने से- स्किन ड्राई हो सकती है। नेचुरल ऑयल बैलेंस बिगड़ता है। ऑयल प्रोडक्शन बढ़ सकता है। सवाल- क्या समर में टोनर लगाना जरूरी है? जवाब- यह एकदम अनिवार्य नहीं है। लेकिन मुंह धोने के बाद एल्कोहल फ्री टोनर लगाना स्किन के लिए फायदेमंद होता है। सवाल- मॉइश्चराइजर गर्मियों में भी लगाना चाहिए या नहीं? जवाब- हां, गर्मियों में भी मॉइश्चराइजर लगाना जरूरी है। यह हर स्किन टाइप के लिए जरूरी है क्योंकि- यह स्किन को हाइड्रेट रखता है। स्किन बैरियर को मजबूत करता है। ऑयल प्रोडक्शन को बैलेंस करता है। ड्राइनेस और इरिटेशन से बचाता है। मॉइश्चराइजर न लगाने पर स्किन ज्यादा ऑयल प्रोड्यूस करती है। सवाल- गर्मियों में कितने SPF का सनस्क्रीन लगाना चाहिए? जवाब- सनस्क्रीन चुनते हुए अपनी डेली एक्टिविटी का ध्यान रखें- इनडोर जॉब (जो घर/ऑफिस में ज्यादातर समय बिताते हैं)- SPF30 सनस्क्रीन आउटडोर जॉब (जो धूप
MP Pension Offices Closing; SBI Takes Over Payment Process From April 2026

मध्य प्रदेश सरकार राज्य के लगभग साढ़े चार लाख पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए पेंशन भुगतान की व्यवस्था में बदलाव करने वाली है। नई व्यवस्था के तहत, अब किसी भी बैंक में खाता रखने वाले सरकारी कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद सीधे अपने उसी खाते में पेंशन . राज्य शासन ने इस प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के मकसद से भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को एकमात्र ‘एग्रीगेटर बैंक’ के रूप में नियुक्त किया है। यह महत्वपूर्ण बदलाव 1 अप्रैल, 2026 से पूरे प्रदेश में प्रभावी होगा। बता दें कि एमपी में पेंशन की मौजूदा व्यवस्था में कई समस्याएं हैं इसकी वजह से पेंशन भुगतान की प्रक्रिया में अक्सर देरी होती है। साथ ही तकनीकी बाधाओं की वजह से भी पेंशन मिलने में दिक्कत होती है। सरकार ने जिला पेंशन कार्यालयों को भी बंद करने का फैसला किया है। आखिर क्या है नईे व्यवस्था? इसका कितना फायदा होगा और दूसरे बैंकों की भूमिका क्या रहेगी। पढ़िए रिपोर्ट मौजूदा व्यवस्था की 4 प्रमुख समस्याएं मौजूदा पेंशन प्रणाली कई जटिलताएं और चुनौतियां हैं। इसकी वजह से पेंशनर्स को अक्सर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रमुख रूप से 4 समस्याएं हैं… बैंक बदलने की मजबूरी: कई मामलों में, पेंशनभोगियों को पेंशन लेने के लिए उन्हीं बैंकों में अकाउंट बनाए रखना पड़ता था, जहां उनका सैलरी अकाउंट था। तकनीकी असमानता: महंगाई भत्ते (DA) में वृद्धि या वेतनमान में संशोधन जैसी स्थितियों में पेंशन राशि को अपडेट करने की प्रक्रिया जटिल है। यह कार्य सेंट्रलाइज्ड पेंशन प्रोसेसिंग सेल (CPPC) के माध्यम से किया जाता है, और यह सुविधा केवल 4 प्रमुख बैंकों में ही उपलब्ध है। जिन बैंकों में यह सिस्टम नहीं है, वहां पेंशन अपडेट होने में काफी समय लगता है, जिससे पेंशनर्स को एरियर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। PPO हस्तांतरण में देरी: सेवानिवृत्ति से पहले कर्मचारी का पेंशन अदायगी आदेश (PPO) संबंधित बैंक को भेजा जाता है। इस प्रक्रिया में काफी समय लगता है और समन्वय की कमी के कारण अक्सर सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद पेंशन शुरू होने में देरी होती है। वेतनमान फिक्सेशन की त्रुटियां: कर्मचारियों के वेतनमान फिक्सेशन (Pay Fixation) में फिट-मेंट फैक्टर, मूल वेतन या महंगाई भत्ते की गणना में हुई मामूली गलती भी पेंशन प्रक्रिया को रोक देती है, जिसे सुधारने में महीनों लग जाते है। पेंशनर्स का आरोप- कर्मचारी रिश्वत लेते हैं पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गणेशदत्त जोशी इन समस्याओं के अलावा एक और मुद्दे पर ध्यान दिलाते हैं। उनके मुताबिक अभी पेंशन प्रकरणों का काम जिला और संभागीय पेंशन दफ्तरों के पास है। जैसे ही कोई कर्मचारी रिटायर होता है और उसका प्रकरण जब पेंशन कार्यालय में जाता है तो वहां मौजूद कर्मचारी एक ही प्रकार की कई आपत्तियां लगाते हैं। इन आपत्तियों को वो बार बार लगाकर कर्मचारी के संबंधित कार्यालय को भेजते हैं। जोशी के मुताबिक वो ऐसा इसलिए करते हैं ताकि रिटायर्ड कर्मचारी उनकी सेवा करें( रिश्वत) और इसके बदले वो उनका पीपीओ जारी करें। मौजूदा व्यवस्था में क्या बदलाव होगा पूरी प्रोसेस को सेंट्रलाइज्ड किया जा रहा है। राज्य सरकार पेंशन की पूरी राशि केवल भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को हस्तांतरित करेगी, जिसमें राज्य सरकार का मुख्य खाता है। SBI एक नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करते हुए, प्रदेश के सभी पेंशनभोगियों के बैंक खातों में पेंशन की राशि वितरित करेगा, चाहे उनका खाता किसी भी बैंक में क्यों न हो। अब तक जो क्लेम और कमीशन 11 अलग-अलग बैंकों को मिलता था, वह अब केवल SBI को मिलेगा, क्योंकि पेंशन वितरण का पूरा प्रबंधन और क्लेम भेजने की जिम्मेदारी सिर्फ SBI की होगी। प्रशासनिक स्तर पर बदलाव: बंद होंगे जिला पेंशन कार्यालय इस सुधार प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के सभी जिलों में स्थित पेंशन कार्यालयों को बंद किया जाएगा। हालांकि, संभागीय मुख्यालयों में स्थित कार्यालय पहले की तरह काम करते रहेंगे। पेंशन निर्धारण की पूरी प्रक्रिया अब भोपाल स्थित मुख्यालय से केंद्रीकृत रूप से संचालित होगी। इस प्रणाली की सबसे खास बात इसकी पारदर्शिता और सीक्रेसी है। अब किसी भी कर्मचारी को यह पता नहीं चलेगा कि उसकी पेंशन का निर्धारण कौन-सा अधिकारी कर रहा है। उदाहरण के लिए, भिंड में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी की पेंशन फाइल का निर्धारण जबलपुर में बैठा कोई भी डिप्टी डायरेक्टर कर सकता है। सरकार का मानना है कि इस कदम से स्थानीय स्तर पर होने वाले भ्रष्टाचार और अनावश्यक दबाव पर पूरी तरह से रोक लगेगी। SBI ने शुरू की तैयारी, 2 लाख PPO होंगे ट्रांसफर इस नई व्यवस्था को धरातल पर उतारने के लिए SBI ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। वर्तमान में लगभग 4 लाख 46 हजार पेंशनर्स हैं, और इस साल 22 हजार और कर्मचारी सेवानिवृत्त होंगे। SBI ने अन्य 10 बैंकों से 2 लाख से अधिक PPO वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बड़े पैमाने के कार्य को पूरा होने में 3 से 4 महीने लगने का अनुमान है। ये खबर भी पढ़ें…. MP के 22 लाख पेंशनर्स को झटका:केंद्र का सहायता राशि बढ़ाने से इनकार, नीति आयोग की सिफारिश के बावजूद वृद्धि नहीं मध्य प्रदेश के करीब 22.5 लाख बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग पेंशनर्स के लिए दिल्ली से निराशाजनक खबर है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राज्यसभा में स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत दी जाने वाली पेंशन राशि में बढ़ोतरी करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। केंद्र सरकार के इस फैसले का सीधा असर उन लाखों लोगों पर पड़ेगा, जो महंगाई के इस दौर में आर्थिक मदद बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठे थे। पूरी खबर पढ़ें….








