US H-1B Visa Rules Tighten

वॉशिंगटन डीसी20 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका का ट्रम्प प्रशासन नए इमिग्रेशन नियमों की तैयारी कर रहा है, जिससे एच-1बी वीजा, रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड और छात्र वीसा की प्रक्रिया पहले से अधिक सख्त हो सकती है। प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर भारतीय पेशेवरों, छात्रों और अमेरिकी कंपनियों के लिए नियमों का पालन करना अधिक कठिन और महंगा हो सकता है। ये प्रस्ताव अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग, श्रम विभाग और विदेश विभाग के एकीकृत रेगुलेटरी एजेंडा में शामिल हैं। इसके लिए अगस्त में बदलाव का प्रस्ताव आ सकता है। अगस्त में आ सकता है प्रस्ताव एच-1बी: विश्वविद्यालयों और कुछ शोध संस्थानों को मिलने वाली एच-1बी कैप छूट सीमित की जा सकती है। कई ऐसे प्रस्ताव हैं जिनसे कंपनियों की लागत बढ़ सकती है। ग्रीन कार्ड: एच-1बी व ग्रीन कार्ड के लिए लागू न्यूनतम वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव है। साथ ही भर्ती नियमों, अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी से जुड़े प्रावधानों और भेदभाव-रोधी उपायों में बदलाव प्रस्तावित हैं। छात्र वीसा: प्रस्ताव के तहत विदेशी छात्रों के लिए मौजूदा ‘ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस’ व्यवस्था खत्म कर निश्चित अवधि का प्रवास तय किया जा सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने 19 सितंबर 2025 को H-1B वीजा को लेकर नियमों में बदलाव से जुड़े ऑर्डर पर साइन किया था। जयशंकर ने भी उठाया था मुद्दा विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसी साल मई में यह मामला अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के सामने उठाया था। रूबियो ने माना था कि नए इमिग्रेशन सिस्टम में बदलाव के दौरान कुछ दिक्कतें और तनाव हो सकते हैं। हालांकि, रूबियो ने कहा था कि अमेरिका इमिग्रेशन सिस्टम को ज्यादा प्रभावी बनाने की कोशिश कर रहा है और लंबे समय में इसका फायदा सभी पक्षों को मिलेगा। रूबियो ने यह भी कहा था कि यह कदम खासतौर पर भारत को निशाना बनाकर नहीं उठाया गया। उनके मुताबिक अमेरिका पिछले कुछ सालों में बड़े पैमाने पर अवैध प्रवासियों की समस्या से जूझ रहा है। 2 करोड़ से ज्यादा लोग गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में दाखिल हुए और उसी चुनौती से निपटने के लिए यह बदलाव किए जा रहे हैं। —————————————– ये खबर भी पढ़ें… H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर वसूलने का आदेश रद्द:कोर्ट बोला- ट्रम्प फीस के नाम पर टैक्स नहीं ले सकते; भारतीयों को सबसे ज्यादा राहत अमेरिकी फेडरल कोर्ट ने 9 जून को ट्रम्प के H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर (करीब 95 लाख रुपए) फीस वसूलने वाली नीति को रद्द कर दिया था। बॉस्टन कोर्ट ने कहा कि यह फीस नहीं बल्कि एक टैक्स है और इसे लागू करने के लिए राष्ट्रपति नहीं, बल्कि संसद की मंजूरी जरूरी थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
US H-1B Visa Rules Tighten

वॉशिंगटन डीसी2 घंटे पहले कॉपी लिंक अमेरिका का ट्रम्प प्रशासन नए इमिग्रेशन नियमों की तैयारी कर रहा है, जिससे एच-1बी वीजा, रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड और छात्र वीसा की प्रक्रिया पहले से अधिक सख्त हो सकती है। प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर भारतीय पेशेवरों, छात्रों और अमेरिकी कंपनियों के लिए नियमों का पालन करना अधिक कठिन और महंगा हो सकता है। ये प्रस्ताव अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग, श्रम विभाग और विदेश विभाग के एकीकृत रेगुलेटरी एजेंडा में शामिल हैं। इसके लिए अगस्त में बदलाव का प्रस्ताव आ सकता है। अगस्त में आ सकता है प्रस्ताव एच-1बी: विश्वविद्यालयों और कुछ शोध संस्थानों को मिलने वाली एच-1बी कैप छूट सीमित की जा सकती है। कई ऐसे प्रस्ताव हैं जिनसे कंपनियों की लागत बढ़ सकती है। ग्रीन कार्ड: एच-1बी व ग्रीन कार्ड के लिए लागू न्यूनतम वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव है। साथ ही भर्ती नियमों, अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी से जुड़े प्रावधानों और भेदभाव-रोधी उपायों में बदलाव प्रस्तावित हैं। छात्र वीसा: प्रस्ताव के तहत विदेशी छात्रों के लिए मौजूदा ‘ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस’ व्यवस्था खत्म कर निश्चित अवधि का प्रवास तय किया जा सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने 19 सितंबर 2025 को H-1B वीजा को लेकर नियमों में बदलाव से जुड़े ऑर्डर पर साइन किया था। जयशंकर ने भी उठाया था मुद्दा विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसी साल मई में यह मामला अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के सामने उठाया था। रूबियो ने माना था कि नए इमिग्रेशन सिस्टम में बदलाव के दौरान कुछ दिक्कतें और तनाव हो सकते हैं। हालांकि, रूबियो ने कहा था कि अमेरिका इमिग्रेशन सिस्टम को ज्यादा प्रभावी बनाने की कोशिश कर रहा है और लंबे समय में इसका फायदा सभी पक्षों को मिलेगा। रूबियो ने यह भी कहा था कि यह कदम खासतौर पर भारत को निशाना बनाकर नहीं उठाया गया। उनके मुताबिक अमेरिका पिछले कुछ सालों में बड़े पैमाने पर अवैध प्रवासियों की समस्या से जूझ रहा है। 2 करोड़ से ज्यादा लोग गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में दाखिल हुए और उसी चुनौती से निपटने के लिए यह बदलाव किए जा रहे हैं। —————————————– ये खबर भी पढ़ें… H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर वसूलने का आदेश रद्द:कोर्ट बोला- ट्रम्प फीस के नाम पर टैक्स नहीं ले सकते; भारतीयों को सबसे ज्यादा राहत अमेरिकी फेडरल कोर्ट ने 9 जून को ट्रम्प के H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर (करीब 95 लाख रुपए) फीस वसूलने वाली नीति को रद्द कर दिया था। बॉस्टन कोर्ट ने कहा कि यह फीस नहीं बल्कि एक टैक्स है और इसे लागू करने के लिए राष्ट्रपति नहीं, बल्कि संसद की मंजूरी जरूरी थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Vaibhav Suryawanshi ICC Rules Separate Dressing Room England

स्पोर्ट्स डेस्क2 मिनट पहले कॉपी लिंक वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में सबसे ज्यादा 776 रन बनाए थे। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी इंग्लैंड दौरे पर टीम के बाकी खिलाड़ियों से अलग ड्रेसिंग रूम का इस्तेमाल करेंगे। सूर्यवंशी के लिए यह फैसला ICC और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) की अंडर-16 खिलाड़ियों से जुड़ी सेफगार्डिंग पॉलिसी के तहत लिया गया है। हालांकि सूर्यवंशी मैचों के दौरान भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में मौजूद रह सकेंगे और टीम मीटिंग्स का भी हिस्सा होंगे। उन्हें कपड़े बदलने के लिए अलग चेंजिंग रूम और वॉशरूम का इस्तेमाल करना होगा। यह नियम इंग्लैंड में होने वाली पांच मैचों की टी-20 सीरीज के दौरान लागू रहेगा। आयरलैंड में होने वाले दो टी-20 मुकाबलों में भी यही व्यवस्था रहेगी या नहीं, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। माता-पिता पूरे दौरे में साथ रहेंगे ECB ने ब्रिटिश अखबार द गार्डियन को बताया कि ICC इवेंट्स के दौरान उसकी सेफगार्डिंग प्रक्रियाएं लागू रहती हैं और खिलाड़ियों की सुरक्षा प्राथमिकता है। बोर्ड के हिसाब से भारतीय टीम के टीम लायजन ऑफिसर (TLO) और सभी मेजबान मैदानों के सेफगार्डिंग अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में रहकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। ECB ने यह भी कहा कि सूर्यवंशी के माता-पिता पूरे दौरे में उनके साथ रहेंगे और उसी होटल में ठहरेंगे, जहां भारतीय टीम रुकेगी। आमतौर पर ऐसा नहीं होता, लेकिन खिलाड़ी की उम्र को देखते हुए इस व्यवस्था को विशेष अनुमति दी गई है। वैभव के पिता संजीव और माता आरती सूर्यवंशी। BCCI उठाएगा माता-पिता का खर्च BCCI सचिव देवजीत सैकिया पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सूर्यवंशी के माता-पिता आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर उनके साथ रहेंगे। बोर्ड उनके यात्रा और रहने का पूरा खर्च उठाएगा। सूर्यवंशी कई सीनियर ड्रेसिंग रूम का हिस्सा रह चुके हैं सूर्यवंशी इससे पहले भी कई सीनियर टीमों के ड्रेसिंग रूम का हिस्सा रह चुके हैं। वे घरेलू क्रिकेट में बिहार की टीम, IPL में राजस्थान रॉयल्स और हाल ही में श्रीलंका में खेली गई ट्राई सीरीज के दौरान इंडिया-ए टीम के साथ रहे हैं। सचिन का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं अगर सूर्यवंशी आयरलैंड या इंग्लैंड के खिलाफ किसी टी-20 मुकाबले में डेब्यू करते हैं, तो वे भारत के सबसे युवा मेंस इंटरनेशनल क्रिकेटर बन जाएंगे। वे 16 साल और 205 दिन की उम्र में डेब्यू करने वाले बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ देंगे। वैभव सबसे कम उम्र में टीम इंडिया में चुने गए वैभव 15 साल 71 दिन की उम्र में टीम इंडिया के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा क्रिकेटर हैं। उन्होंने इस मामले में शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। शेफाली पहली बार 15 साल 220 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुनी गई थीं, जबकि सचिन को 16 साल 194 दिन की उम्र में राष्ट्रीय टीम में मौका मिला था। पहले आयरलैंड, फिर इंग्लैंड दौरा भारतीय टीम 26 और 28 जून को बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ दो टी-20 मैच खेलेगी। इसके बाद टीम इंग्लैंड दौरे पर जाएगी, जहां पांच टी-20 और तीन वनडे मुकाबले खेले जाएंगे। टी-20 सीरीज के मुकाबले चेस्टर-ली-स्ट्रीट (1 जुलाई), मैनचेस्टर (4 जुलाई), नॉटिंघम (7 जुलाई), ब्रिस्टल (9 जुलाई) और साउथैम्प्टन (11 जुलाई) में खेले जाएंगे। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी-20 टीम श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव। ————————– वैभव से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… वैभव सूर्यवंशी के छोटे भाई ने दोबारा शतक बनाया 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के छोटे भाई आशीर्वाद ने फिर तूफानी पारी खेली। उन्होंने एक लोकल टूर्नामेंट में 119 गेंद पर 168 रन बनाए। उनकी पारी में 19 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Vaibhav Suryawanshi ICC Rules Separate Dressing Room England

स्पोर्ट्स डेस्क8 मिनट पहले कॉपी लिंक वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में सबसे ज्यादा 776 रन बनाए थे। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी इंग्लैंड दौरे पर टीम के बाकी खिलाड़ियों से अलग ड्रेसिंग रूम का इस्तेमाल करेंगे। सूर्यवंशी के लिए यह फैसला ICC और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) की अंडर-16 खिलाड़ियों से जुड़ी सेफगार्डिंग पॉलिसी के तहत लिया गया है। हालांकि सूर्यवंशी मैचों के दौरान भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में मौजूद रह सकेंगे और टीम मीटिंग्स का भी हिस्सा होंगे। उन्हें कपड़े बदलने के लिए अलग चेंजिंग रूम और वॉशरूम का इस्तेमाल करना होगा। यह नियम इंग्लैंड में होने वाली पांच मैचों की टी-20 सीरीज के दौरान लागू रहेगा। आयरलैंड में होने वाले दो टी-20 मुकाबलों में भी यही व्यवस्था रहेगी या नहीं, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। माता-पिता पूरे दौरे में साथ रहेंगे ECB ने ब्रिटिश अखबार द गार्डियन को बताया कि वैभव सूर्यवंशी की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करने के लिए भारतीय टीम के टीम लायजन ऑफिसर (TLO) और सभी मेजबान मैदानों के सेफगार्डिंग अधिकारियों के साथ कोऑर्डिनेट किया जा रहा है। TLO विदेशी दौरों के दौरान मेजबान बोर्ड और टीम के बीच संपर्क अधिकारी की भूमिका निभाता है। ECB ने यह भी कहा कि सूर्यवंशी के माता-पिता पूरे दौरे में उनके साथ रहेंगे और उसी होटल में ठहरेंगे, जहां भारतीय टीम रुकेगी। आमतौर पर खिलाड़ियों के परिवार टीम होटल में नहीं ठहरते, लेकिन उनकी कम उम्र को देखते हुए इस व्यवस्था को विशेष अनुमति दी गई है। वैभव के पिता संजीव और माता आरती सूर्यवंशी। BCCI उठाएगा माता-पिता का खर्च BCCI सचिव देवजीत सैकिया पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सूर्यवंशी के माता-पिता आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर उनके साथ रहेंगे। बोर्ड उनके यात्रा और रहने का पूरा खर्च उठाएगा। सूर्यवंशी कई सीनियर ड्रेसिंग रूम का हिस्सा रह चुके हैं सूर्यवंशी इससे पहले भी कई सीनियर टीमों के ड्रेसिंग रूम का हिस्सा रह चुके हैं। वे घरेलू क्रिकेट में बिहार की टीम, IPL में राजस्थान रॉयल्स और हाल ही में श्रीलंका में खेली गई ट्राई सीरीज के दौरान इंडिया-ए टीम के साथ रहे हैं। सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले भारतीय भी बन सकते हैं शेफाली ने 15 साल 239 दिन की उम्र में भारत के लिए पहला मैच खेल लिया था। वहीं, सचिन ने 16 साल 205 दिन की उम्र में भारत के लिए डेब्यू किया था। वैभव को अगर इंग्लैंड-आयरलैंड टूर या एशियन गेम्स में एक भी मैच खेलने का मौका मिल जाता है तो वे शेफाली और सचिन दोनों को पीछे छोड़कर भारत के लिए खेलने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन जाएंगे। वैभव सबसे कम उम्र में टीम इंडिया में चुने गए वैभव 15 साल 71 दिन की उम्र में टीम इंडिया के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा क्रिकेटर हैं। उन्होंने इस मामले में शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। शेफाली पहली बार 15 साल 220 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुनी गई थीं, जबकि सचिन को 16 साल 194 दिन की उम्र में राष्ट्रीय टीम में मौका मिला था। पहले आयरलैंड, फिर इंग्लैंड दौरा भारतीय टीम 26 और 28 जून को बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ दो टी-20 मैच खेलेगी। इसके बाद टीम इंग्लैंड दौरे पर जाएगी, जहां पांच टी-20 और तीन वनडे मुकाबले खेले जाएंगे। टी-20 सीरीज के मुकाबले चेस्टर-ली-स्ट्रीट (1 जुलाई), मैनचेस्टर (4 जुलाई), नॉटिंघम (7 जुलाई), ब्रिस्टल (9 जुलाई) और साउथैम्प्टन (11 जुलाई) में खेले जाएंगे। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी-20 टीम श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव। क्या है सेफगार्डिंग पॉलिसी अंडर-16 खिलाड़ियों के लिए सेफगार्डिंग पॉलिसी के तहत अलग नियम होते हैं। इसका उद्देश्य नाबालिग खिलाड़ियों को शारीरिक शोषण, मानसिक प्रताड़ना और किसी भी तरह के दुर्व्यवहार से सुरक्षित रखना है। इसके तहत खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ माहौल बनाया जाता है। ————————– वैभव से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… वैभव सूर्यवंशी के छोटे भाई ने दोबारा शतक बनाया 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के छोटे भाई आशीर्वाद ने फिर तूफानी पारी खेली। उन्होंने एक लोकल टूर्नामेंट में 119 गेंद पर 168 रन बनाए। उनकी पारी में 19 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
NEET UG 2026 Re-Exam Advisory: Dress Code & Entry Rules

5 मिनट पहले कॉपी लिंक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से 21 जून 2026 को होने जा रही NEET UG री-एग्जाम के लिए एडवाइजरी जारी हो चुकी है। परीक्षा केंद्रों पर किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने और सुरक्षा के लिए NTA ने 20 जून को सभी सेंटर्स पर मॉक ड्रिल के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा छात्रों के लिए ड्रेस कोड और जरूरी नियमों की लिस्ट जारी की है जो इस तरह है : एग्जाम से संबंधित किसी भी तरह के डाउट या जानकारी के लिए छात्र एनटीए के हेल्पलाइन नंबर 011-40759000 या ईमेल neetug2026@nta.ac.in पर संपर्क कर सकते हैं। पहली बार दिए जाएंगे अतिरिक्त 15 मिनट Re-NEET 2026 परीक्षा की अवधि 15 मिनट बढ़ा दी गई है। इस बदलाव का उद्देश्य उम्मीदवारों को अतिरिक्त समय उपलब्ध कराना है। NTA ने निर्देश पढ़ने, फोटो लगाने या सिग्नेचर करने की वजह से होने वाली देर को को कम करने के लिए 15 मिनट टाइम बढ़ाया है। एग्जाम सेंटर पर ले जाने वाले जरूरी डॉक्यूमेंट्स : री-नीट एडमिट कार्ड पासपोर्ट आकार फोटो वैलिड फोटो पहचान पत्र PwD/PwBD प्रमाणपत्र (यदि लागू हो) एग्जाम सेंटर पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन होगा परीक्षा के दिन सुरक्षा जांच (फ्रिस्किंग) पूरी होने के बाद सभी उम्मीदवारों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराना होगा। इसमें फिंगरप्रिंट और चेहरे की पहचान (Face Recognition) शामिल होगी। यह प्रक्रिया परीक्षा शुरू होने से पहले पूरी की जाएगी। यदि किसी उम्मीदवार का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन तकनीकी या अन्य कारणों से पूरा नहीं हो पाता है, तब भी उसे परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र पर एक लिखित अंडरटेकिंग (घोषणा-पत्र) भरना होगा। पेपर लीक के चलते 12 मई को रद्द हुई थी एग्जाम NEET-UG परीक्षा 3 मई 2026 को हुई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को NTA ने इसे रद्द कर दिया। मामले की जांच CBI कर रही है और अब 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा होगी। NEET UG 2026 परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम को 5:15 बजे तक होगी। लेकिन एग्जाम सेंटर पर चेकिंग सुबह 11 बजे से शुरू हो जाएगी और 1:30 बजे के बाद एंट्री नहीं दी जाएगी। ऐसे में उम्मीदवारों को समय से पहले एग्जाम सेंटर पर पहुंचने की सलाह दी जाती है। एग्जाम प्रोसेस पर 5 लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मी, 6 हजार से ज्यादा सुपरवाइजर और 674 सिटी कोऑर्डिनेटर नजर रखेंगे। लोक परीक्षा अधिनियम 2024 के तहत पेपर लीक और नकल के मामलों में 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपए के जुर्माने का भी प्रावधान है। NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में एडमिशन के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी। इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में एडमिशन मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। ————— ये खबर भी पढ़ें… NEET के बाद, UPSC सिविल सर्विस भर्ती पर भी विवाद: प्रीलिम्स का पैटर्न बदलने का आरोप, पिछले साल से कम कैंडिडेट्स ने क्वालिफाई किया एग्जाम एजेंसी NTA के बाद अब UPSC को भी छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। 24 मई 2026 को UPSC सिविल सर्विस प्रीलिम्स का एग्जाम हुआ। उम्मीदवारों ने इस साल के पेपर को यूपीएससी का अब तक का सबसे टफ पेपर बताया है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
UK to Ban Social Media for Children Under 16, New Rules Expected by 2027
10 मिनट पहले कॉपी लिंक ब्रिटेन में 16 साल से छोटे बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर बैन लगेगा। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोमवार को इसकी घोषणा की। संबंधित नियम इस साल दिसंबर तक बन जाएंगे और 2027 मार्च- अप्रैल तक लागू होने की उम्मीद है। सरकार का तर्क है कि एल्गोरिदम आधारित प्लेटफॉर्म बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, पढ़ाई और सामाजिक विकास पर नकारात्मक असर डाल रहे हैं। प्रस्ताव के तहत सोशल मीडिया के उपयोग से पहले उम्र सत्यापन सख्ती से लागू होगा और नियम पालन कराने की जिम्मेदारी कंपनियों पर होगी। बैन एप में स्नैपचैट, टिकटॉक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म शामिल होंगे। वॉट्सएप और सिग्नल जैसी मैसेजिंग सेवाएं फिलहाल प्रतिबंध में शामिल नहीं होंगी। ब्रिटिश सरकार के एक सर्वे में 10 में से 9 अभिभावकों ने इस प्रतिबंध का स्वागत किया है। ब्रिटेन की रॉयल सोसाइटी फॉर पब्लिक हेल्थ द्वारा 14-24 वर्ष के युवाओं के बीच किए सर्वे के मुताबिक स्नैपचैट, फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम से डिप्रेशन, चिंता, अपने शरीर को लेकर हीन भावना और अकेलेपन में बढ़ोतरी होती है। अमेरिकी सर्जन जर्नल के मुताबिक रोज 3 घंटे से ज्यादा सोशल मीडिया पर बिताने वाले किशोरों में मानसिक समस्याओं का खतरा दोगुना होता है। अमेरिका में एक परीक्षण में पाया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बंद करने से युवाओं में खुशी, जीवन से संतुष्टि बढ़ी, डिप्रेशन-एंग्जाइटी में सुधार हुआ। 25 से ज्यादा देश किशोरों-बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने की पहल कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में साल भर पहले प्रतिबंध लागू किया गया था। मलेशिया, इंडोनेशिया और ब्राजील में भी इस साल की शुरुआत से प्रतिबंध लागू हो चुके हैं। नॉर्वे, फ्रांस, अमेरिका, चीन जैसे कई देशों में बच्चों के लिए सोशल मीडिया से जुड़े नियम सख्त किए जा रहे हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
UK to Ban Social Media for Children Under 16, New Rules Expected by 2027
30 मिनट पहले कॉपी लिंक ब्रिटेन में 16 साल से छोटे बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर बैन लगेगा। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोमवार को इसकी घोषणा की। संबंधित नियम इस साल दिसंबर तक बन जाएंगे और 2027 मार्च- अप्रैल तक लागू होने की उम्मीद है। सरकार का तर्क है कि एल्गोरिदम आधारित प्लेटफॉर्म बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, पढ़ाई और सामाजिक विकास पर नकारात्मक असर डाल रहे हैं। प्रस्ताव के तहत सोशल मीडिया के उपयोग से पहले उम्र सत्यापन सख्ती से लागू होगा और नियम पालन कराने की जिम्मेदारी कंपनियों पर होगी। बैन एप में स्नैपचैट, टिकटॉक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म शामिल होंगे। वॉट्सएप और सिग्नल जैसी मैसेजिंग सेवाएं फिलहाल प्रतिबंध में शामिल नहीं होंगी। ब्रिटिश सरकार के एक सर्वे में 10 में से 9 अभिभावकों ने इस प्रतिबंध का स्वागत किया है। ब्रिटेन की रॉयल सोसाइटी फॉर पब्लिक हेल्थ द्वारा 14-24 वर्ष के युवाओं के बीच किए सर्वे के मुताबिक स्नैपचैट, फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम से डिप्रेशन, चिंता, अपने शरीर को लेकर हीन भावना और अकेलेपन में बढ़ोतरी होती है। अमेरिकी सर्जन जर्नल के मुताबिक रोज 3 घंटे से ज्यादा सोशल मीडिया पर बिताने वाले किशोरों में मानसिक समस्याओं का खतरा दोगुना होता है। अमेरिका में एक परीक्षण में पाया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बंद करने से युवाओं में खुशी, जीवन से संतुष्टि बढ़ी, डिप्रेशन-एंग्जाइटी में सुधार हुआ। 25 से ज्यादा देश किशोरों-बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने की पहल कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में साल भर पहले प्रतिबंध लागू किया गया था। मलेशिया, इंडोनेशिया और ब्राजील में भी इस साल की शुरुआत से प्रतिबंध लागू हो चुके हैं। नॉर्वे, फ्रांस, अमेरिका, चीन जैसे कई देशों में बच्चों के लिए सोशल मीडिया से जुड़े नियम सख्त किए जा रहे हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Bihar CM Coaching Rules | No Classes During School-College Hours

Hindi News Career Bihar CM Coaching Rules | No Classes During School College Hours 10 मिनट पहले कॉपी लिंक बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को अधिक अनुशासित बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) के जरिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग को कोचिंग संस्थानों के संचालन के संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं। स्कूल, कॉलेज की पढ़ाई छोड़कर कोचिंग न जाएं नए नियमों के अनुसार, अब राज्य का कोई भी कोचिंग संस्थान स्कूल और कॉलेज के तय समय के दौरान अपनी कक्षाएं नहीं चला सकेगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र अपनी मुख्य स्कूली या कॉलेज की पढ़ाई छोड़कर कोचिंग न जाएं। दरअसल, पटना में दो बड़े कोचिंग संस्थानों को चलाने वालों (खान सर और रौशन आनंद) के बीच विवाद के चलते सरकार को इस बारे में फैसला लेना पड़ा। राज्य में विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कोचिंग संचालन को लेकर शिक्षा विभाग को निम्न महत्वपूर्ण निर्देश दिये गये हैं।• सभी कोचिंग संस्थानों को अपने यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों का विवरण संबंधित जिला प्रशासन को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।• स्कूलों एवं…— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) June 9, 2026 क्यों लिया जा रहा कोचिंग के लिए ये फैसला ? 27 मई को बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद बिहार की कई कोचिंग ने अपने – अपने छात्रों की सफलता का दावा किया। खान सर द्वारा जारी खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रोशन आनंद ने बड़ी संख्या में परीक्षा में सफल छात्रों के लिए प्रचार अभियान शुरू किया। दोनों कोचिंग सेंटर ने सफल उम्मीदवारों के लिए सम्मान समारोह आयोजित किए। शहर में पोस्टर, होर्डिंग और बैनर लगाए गए। इसी दौरान आरोप लगा कि खान ग्लोबल स्टडीज के कुछ कर्मचारियों ने ज्ञान बिंदु कोचिंग के बोर्ड के ऊपर अपना प्रचार बैनर लगा दिया। यह तनाव धीरे-धीरे बढ़ा। जिसके चलते तोड़फोड़, पथराव और फायरिंग की घटनाएं सामाने आईं। क्या है डमी स्कूल : ये ऐसे स्कूल हैं जहां छात्रों के लिए नियमित रूप से जाना जरूरी नहीं है। इसके लिए कोचिंग संस्थान छात्रों पर स्कूल के लोड को कम करने के लिए रेग्यूलर स्कूलों के साथ गठजोड़ करते हैं। इस तरह उन्हें अपनी एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी पर ध्यान देने के लिए अधिक समय मिलता है। डमी स्कूलों में एडमिशन जेईई और नीट के लिए सबसे ज्यादा है। ये खबर भी पढ़ें UP पुलिस कॉन्स्टेबल पेपर लीक की अफवाह:बोर्ड ने टेलीग्राम चैनल पर FIR की; 10 जून तक 28 लाख कैंडिडेट्स देंगे एग्जाम उत्तर प्रदेश पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा 2026 आज से शुरू हुई है। एग्जाम शुरू होने से 2 दिन पहले उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड (यूपीपीआरपीबी) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चल रही फर्जी पेपर लीक की खबरों के खिलाफ उम्मीदवारों को चेतावनी दी है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
ICC Proposes Big Cricket Rules Change: T20 Inning Break, Test Pink Ball

Hindi News Sports ICC Proposes Big Cricket Rules Change: T20 Inning Break, Test Pink Ball | Ahmedabad दुबई15 मिनट पहले कॉपी लिंक ICC क्रिकेट के तीनो फॉर्मेट में बदलाव पर विचार कर रहा है। ICC क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। सबसे अहम प्रस्ताव टेस्ट क्रिकेट में मैच के दौरान लाल गेंद की जगह गुलाबी गेंद इस्तेमाल करने को लेकर है। हालांकि गेंद बदलने से पहले दोनों टीमों से सहमति ली जाएगी। वहीं T20 में 20 मिनट के इनिंग ब्रेक को 15 मिनट करने का प्रस्ताव दिया गया है। 30 मई को अहमदाबाद में होने वाली ICC बोर्ड बैठक में इन बदलावों पर चर्चा होगी। मंजूरी मिलने के बाद नए नियम 1 अक्टूबर से लागू किए जा सकते हैं। बैड लाइट की वजह से कई बार दिन के 90 ओवर का खेल नहीं हो पाता। बारिश या खराब रोशनी में गुलाबी गेंद से खेल ICC के प्रस्ताव के मुताबिक अगर टेस्ट मैच के दौरान बारिश या खराब रोशनी की वजह से खेल प्रभावित होता है, तो दोनों टीम की सहमति से लाल की जगह गुलाबी गेंद इस्तेमाल की जा सकेगी। इसका मकसद डे-नाइट कंडीशन में मैच को बिना रुकावट के जारी रखना है। हालांकि, मैच के बीच गेंद बदलने की प्रक्रिया अभी साफ नहीं है। फिलहाल दिन के टेस्ट मैच लाल गेंद से और डे-नाइट टेस्ट गुलाबी गेंद से खेले जाते हैं। अंपायर के पास लाइट मीटर होता है, जिससे वे देखते हैं कि कंडीशन खेलने लायक है या नहीं। ड्रिंक्स ब्रेक में मैदान पर जा सकेंगे हेड कोच वनडे क्रिकेट में भी बदलाव के लिए प्रस्ताव दिए गए हैं। वनडे में हर पारी में दो ड्रिंक्स ब्रेक होते हैं। अभी ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान सिर्फ सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी ही मैदान पर जा सकते हैं। इसमें भी ड्रिंक्स लेकर जाने वाले खिलाड़ी क्रिकेट ड्रेस में होने अनिवार्य हैं। नए नियम में हेड कोच को भी खिलाड़ियों से बात करने के लिए मैदान पर आने की परमिशन मिलेगी। टी20 इंटरनेशनल में कोच को पहले से ही इसकी इजाजत दी जा चुकी है। वनडे में अभी सिर्फ सब्सिट्यूट खिलाड़ी ही ड्रिंक्स ब्रेक्स के दौरान मैदान पर जा सकते हैं। टी20 में ब्रेक 20 से घटकर 15 मिनट करने पर विचार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में दोनों पारी के बीच का ब्रेक 20 मिनट से घटाकर 15 मिनट करने का प्रस्ताव है। इससे मैच जल्दी खत्म होंगे और ब्रॉडकास्ट शेड्यूल भी आसान होगा। अवैध गेंदबाजी एक्शन पर हॉकआई नजर ICC ऑन-फील्ड अंपायरों को हॉकआई तकनीक उपलब्ध कराने पर भी विचार कर रहा है। इससे मैच के दौरान ही संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन पर नजर रखी जा सकेगी। आईसीसी अवैध एक्शन वाले गेंदबाजों पर सख्ती बढ़ाना चाहता है। T20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक के बॉलिंग एक्शन पर काफी चर्चा हुई थी। ये सभी प्रस्ताव गुरुवार को ICC चीफ एग्जीक्यूटिव कमिटी (CEC) की वर्चुअल बैठक में चर्चा में आए। ICC क्रिकेट कमिटी के प्रमुख सौरव गांगुली भी बैठक में शामिल रहे। ————————————————————- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… विमेंस टीम इंडिया टी-20 वर्ल्ड कप खेलने इंग्लैंड रवाना:तिलक लगाकर विदाई दी गई; पिछले साल वनडे वर्ल्डकप जीता था भारतीय महिला क्रिकेट टीम शनिवार को टी-20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए मुंबई से इंग्लैंड रवाना हो गई। फैंस ने ढोल-नगाड़ों के बीच प्लेयर्स को तिलक लगाकर खिलाड़ियों को विदाई दी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
US H-1B & Green Card Rules Tightened

3 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका ने H-1B वीजा और ग्रीन कार्ड से जुड़े नियमों को और सख्त कर दिया है। इसका सबसे ज्यादा असर अमेरिका में काम कर रहे भारतीय IT इंजीनियरों, टेक कर्मचारियों और प्रोफेशनल्स पर पड़ सकता है। नई नीति के तहत अब अमेरिका में रहकर ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया पूरी करना पहले जितना आसान नहीं रहेगा। अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी USCIS ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सिर्फ बहुत खास परिस्थितियों में ही अमेरिका के अंदर से ग्रीन कार्ड आवेदन मंजूर करें। अब ज्यादातर लोगों को अपने देश लौटकर अमेरिकी दूतावास या कॉन्सुलेट के जरिए प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस प्रक्रिया को कांसुलर प्रोसेसिंग कहा जाता है। अमेरिका में H-1B वीजा पाने वालों में सबसे बड़ी संख्या भारतीयों की है। रिपोर्ट के मुताबिक, मंजूर किए गए कुल H-1B आवेदनों में करीब 71% भारतीय हैं। ऐसे में नए नियमों का सीधा असर भारतीय प्रोफेशनल्स पर पड़ेगा। कई भारतीय पिछले 10 से 15 साल से ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। अब अंतिम चरण में नियम बदलने से उनकी परेशानी बढ़ सकती है। कई लोग अमेरिका में घर खरीद चुके हैं और उनके बच्चों की पढ़ाई भी वहीं चल रही है। ऐसे में भारत लौटकर वीजा प्रक्रिया पूरी करने की शर्त उनके लिए नई चिंता लेकर आई है। H-1B अमेरिका का एक स्पेशल वर्क वीजा है, जिसके जरिए विदेशी प्रोफेशनल्स अमेरिका में नौकरी कर सकते हैं। इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल भारतीय IT और टेक सेक्टर के कर्मचारी करते हैं। बाद में इनमें से कई लोग ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करते हैं ताकि वे अमेरिका में स्थायी रूप से रह सकें। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… बांग्लादेश के दो पोर्ट अमेरिका इस्तेमाल करेगा, इनमें से एक अंडमान से सिर्फ 1100km दूर बांग्लादेश ने अमेरिका को दो महत्वपूर्ण बंदरगाहों के इस्तेमाल की इजाजत देने का फैसला किया है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच सीक्रेट जानकारी शेयर करने को लेकर भी समझौता हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और बांग्लादेश के बीच कुल तीन बड़े समझौते हुए हैं। इन समझौतों के बाद बंगाल के खाड़ी रीजन में अमेरिका की मौजूदगी और प्रभाव काफी बढ़ सकता है। अमेरिका को बांग्लादेश के चिटगांव और मतारबाड़ी बंदरगाहों तक पहुंच मिलेगी। इन बंदरगाहों का इस्तेमाल अमेरिकी नौसेना और सैन्य जहाज कर सकेंगे। इससे अमेरिका को हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य और रणनीतिक ताकत बढ़ाने में मदद मिलेगी। चिटगांव बंदरगाह भारत के अंडमान-निकोबार क्षेत्र से सिर्फ 1100 किमी दूर है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…








