Sunday, 08 Nov 2026 | 02:29 PM

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UK to Ban Social Media for Children Under 16, New Rules Expected by 2027

UK to Ban Social Media for Children Under 16, New Rules Expected by 2027

30 मिनट पहले कॉपी लिंक ब्रिटेन में 16 साल से छोटे बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर बैन लगेगा। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोमवार को इसकी घोषणा की। संबंधित नियम इस साल दिसंबर तक बन जाएंगे और 2027 मार्च- अप्रैल तक लागू होने की उम्मीद है। सरकार का तर्क है कि एल्गोरिदम आधारित प्लेटफॉर्म बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, पढ़ाई और सामाजिक विकास पर नकारात्मक असर डाल रहे हैं। प्रस्ताव के तहत सोशल मीडिया के उपयोग से पहले उम्र सत्यापन सख्ती से लागू होगा और नियम पालन कराने की जिम्मेदारी कंपनियों पर होगी। बैन एप में स्नैपचैट, टिकटॉक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म शामिल होंगे। वॉट्सएप और सिग्नल जैसी मैसेजिंग सेवाएं फिलहाल प्रतिबंध में शामिल नहीं होंगी। ब्रिटिश सरकार के एक सर्वे में 10 में से 9 अभिभावकों ने इस प्रतिबंध का स्वागत किया है। ब्रिटेन की रॉयल सोसाइटी फॉर पब्लिक हेल्थ द्वारा 14-24 वर्ष के युवाओं के बीच किए सर्वे के मुताबिक स्नैपचैट, फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम से डिप्रेशन, चिंता, अपने शरीर को लेकर हीन भावना और अकेलेपन में बढ़ोतरी होती है। अमेरिकी सर्जन जर्नल के मुताबिक रोज 3 घंटे से ज्यादा सोशल मीडिया पर बिताने वाले किशोरों में मानसिक समस्याओं का खतरा दोगुना होता है। अमेरिका में एक परीक्षण में पाया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बंद करने से युवाओं में खुशी, जीवन से संतुष्टि बढ़ी, डिप्रेशन-एंग्जाइटी में सुधार हुआ। 25 से ज्यादा देश किशोरों-बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने की पहल कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में साल भर पहले प्रतिबंध लागू किया गया था। मलेशिया, इंडोनेशिया और ब्राजील में भी इस साल की शुरुआत से प्रतिबंध लागू हो चुके हैं। नॉर्वे, फ्रांस, अमेरिका, चीन जैसे कई देशों में बच्चों के लिए सोशल मीडिया से जुड़े नियम सख्त किए जा रहे हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Bihar CM Coaching Rules | No Classes During School-College Hours

Bihar CM Coaching Rules | No Classes During School-College Hours

Hindi News Career Bihar CM Coaching Rules | No Classes During School College Hours 10 मिनट पहले कॉपी लिंक बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को अधिक अनुशासित बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) के जरिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग को कोचिंग संस्थानों के संचालन के संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं। स्कूल, कॉलेज की पढ़ाई छोड़कर कोचिंग न जाएं नए नियमों के अनुसार, अब राज्य का कोई भी कोचिंग संस्थान स्कूल और कॉलेज के तय समय के दौरान अपनी कक्षाएं नहीं चला सकेगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र अपनी मुख्य स्कूली या कॉलेज की पढ़ाई छोड़कर कोचिंग न जाएं। दरअसल, पटना में दो बड़े कोचिंग संस्थानों को चलाने वालों (खान सर और रौशन आनंद) के बीच विवाद के चलते सरकार को इस बारे में फैसला लेना पड़ा। राज्य में विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कोचिंग संचालन को लेकर शिक्षा विभाग को निम्न महत्वपूर्ण निर्देश दिये गये हैं।• सभी कोचिंग संस्थानों को अपने यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों का विवरण संबंधित जिला प्रशासन को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।• स्कूलों एवं…— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) June 9, 2026 क्यों लिया जा रहा कोचिंग के लिए ये फैसला ? 27 मई को बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद बिहार की कई कोचिंग ने अपने – अपने छात्रों की सफलता का दावा किया। खान सर द्वारा जारी खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रोशन आनंद ने बड़ी संख्या में परीक्षा में सफल छात्रों के लिए प्रचार अभियान शुरू किया। दोनों कोचिंग सेंटर ने सफल उम्मीदवारों के लिए सम्मान समारोह आयोजित किए। शहर में पोस्टर, होर्डिंग और बैनर लगाए गए। इसी दौरान आरोप लगा कि खान ग्लोबल स्टडीज के कुछ कर्मचारियों ने ज्ञान बिंदु कोचिंग के बोर्ड के ऊपर अपना प्रचार बैनर लगा दिया। यह तनाव धीरे-धीरे बढ़ा। जिसके चलते तोड़फोड़, पथराव और फायरिंग की घटनाएं सामाने आईं। क्या है डमी स्कूल : ये ऐसे स्कूल हैं जहां छात्रों के लिए नियमित रूप से जाना जरूरी नहीं है। इसके लिए कोचिंग संस्थान छात्रों पर स्कूल के लोड को कम करने के लिए रेग्यूलर स्कूलों के साथ गठजोड़ करते हैं। इस तरह उन्हें अपनी एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी पर ध्यान देने के लिए अधिक समय मिलता है। डमी स्कूलों में एडमिशन जेईई और नीट के लिए सबसे ज्यादा है। ये खबर भी पढ़ें UP पुलिस कॉन्स्टेबल पेपर लीक की अफवाह:बोर्ड ने टेलीग्राम चैनल पर FIR की; 10 जून तक 28 लाख कैंडिडेट्स देंगे एग्जाम उत्तर प्रदेश पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा 2026 आज से शुरू हुई है। एग्जाम शुरू होने से 2 दिन पहले उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड (यूपीपीआरपीबी) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चल रही फर्जी पेपर लीक की खबरों के खिलाफ उम्मीदवारों को चेतावनी दी है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

ICC Proposes Big Cricket Rules Change: T20 Inning Break, Test Pink Ball

ICC Proposes Big Cricket Rules Change: T20 Inning Break, Test Pink Ball

Hindi News Sports ICC Proposes Big Cricket Rules Change: T20 Inning Break, Test Pink Ball | Ahmedabad दुबई15 मिनट पहले कॉपी लिंक ICC क्रिकेट के तीनो फॉर्मेट में बदलाव पर विचार कर रहा है। ICC क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। सबसे अहम प्रस्ताव टेस्ट क्रिकेट में मैच के दौरान लाल गेंद की जगह गुलाबी गेंद इस्तेमाल करने को लेकर है। हालांकि गेंद बदलने से पहले दोनों टीमों से सहमति ली जाएगी। वहीं T20 में 20 मिनट के इनिंग ब्रेक को 15 मिनट करने का प्रस्ताव दिया गया है। 30 मई को अहमदाबाद में होने वाली ICC बोर्ड बैठक में इन बदलावों पर चर्चा होगी। मंजूरी मिलने के बाद नए नियम 1 अक्टूबर से लागू किए जा सकते हैं। बैड लाइट की वजह से कई बार दिन के 90 ओवर का खेल नहीं हो पाता। बारिश या खराब रोशनी में गुलाबी गेंद से खेल ICC के प्रस्ताव के मुताबिक अगर टेस्ट मैच के दौरान बारिश या खराब रोशनी की वजह से खेल प्रभावित होता है, तो दोनों टीम की सहमति से लाल की जगह गुलाबी गेंद इस्तेमाल की जा सकेगी। इसका मकसद डे-नाइट कंडीशन में मैच को बिना रुकावट के जारी रखना है। हालांकि, मैच के बीच गेंद बदलने की प्रक्रिया अभी साफ नहीं है। फिलहाल दिन के टेस्ट मैच लाल गेंद से और डे-नाइट टेस्ट गुलाबी गेंद से खेले जाते हैं। अंपायर के पास लाइट मीटर होता है, जिससे वे देखते हैं कि कंडीशन खेलने लायक है या नहीं। ड्रिंक्स ब्रेक में मैदान पर जा सकेंगे हेड कोच वनडे क्रिकेट में भी बदलाव के लिए प्रस्ताव दिए गए हैं। वनडे में हर पारी में दो ड्रिंक्स ब्रेक होते हैं। अभी ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान सिर्फ सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी ही मैदान पर जा सकते हैं। इसमें भी ड्रिंक्स लेकर जाने वाले खिलाड़ी क्रिकेट ड्रेस में होने अनिवार्य हैं। नए नियम में हेड कोच को भी खिलाड़ियों से बात करने के लिए मैदान पर आने की परमिशन मिलेगी। टी20 इंटरनेशनल में कोच को पहले से ही इसकी इजाजत दी जा चुकी है। वनडे में अभी सिर्फ सब्सिट्यूट खिलाड़ी ही ड्रिंक्स ब्रेक्स के दौरान मैदान पर जा सकते हैं। टी20 में ब्रेक 20 से घटकर 15 मिनट करने पर विचार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में दोनों पारी के बीच का ब्रेक 20 मिनट से घटाकर 15 मिनट करने का प्रस्ताव है। इससे मैच जल्दी खत्म होंगे और ब्रॉडकास्ट शेड्यूल भी आसान होगा। अवैध गेंदबाजी एक्शन पर हॉकआई नजर ICC ऑन-फील्ड अंपायरों को हॉकआई तकनीक उपलब्ध कराने पर भी विचार कर रहा है। इससे मैच के दौरान ही संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन पर नजर रखी जा सकेगी। आईसीसी अवैध एक्शन वाले गेंदबाजों पर सख्ती बढ़ाना चाहता है। T20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक के बॉलिंग एक्शन पर काफी चर्चा हुई थी। ये सभी प्रस्ताव गुरुवार को ICC चीफ एग्जीक्यूटिव कमिटी (CEC) की वर्चुअल बैठक में चर्चा में आए। ICC क्रिकेट कमिटी के प्रमुख सौरव गांगुली भी बैठक में शामिल रहे। ————————————————————- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… विमेंस टीम इंडिया टी-20 वर्ल्ड कप खेलने इंग्लैंड रवाना:तिलक लगाकर विदाई दी गई; पिछले साल वनडे वर्ल्डकप जीता था भारतीय महिला क्रिकेट टीम शनिवार को टी-20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए मुंबई से इंग्लैंड रवाना हो गई। फैंस ने ढोल-नगाड़ों के बीच प्लेयर्स को तिलक लगाकर खिलाड़ियों को विदाई दी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

US H-1B & Green Card Rules Tightened

US H-1B & Green Card Rules Tightened

3 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका ने H-1B वीजा और ग्रीन कार्ड से जुड़े नियमों को और सख्त कर दिया है। इसका सबसे ज्यादा असर अमेरिका में काम कर रहे भारतीय IT इंजीनियरों, टेक कर्मचारियों और प्रोफेशनल्स पर पड़ सकता है। नई नीति के तहत अब अमेरिका में रहकर ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया पूरी करना पहले जितना आसान नहीं रहेगा। अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी USCIS ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सिर्फ बहुत खास परिस्थितियों में ही अमेरिका के अंदर से ग्रीन कार्ड आवेदन मंजूर करें। अब ज्यादातर लोगों को अपने देश लौटकर अमेरिकी दूतावास या कॉन्सुलेट के जरिए प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस प्रक्रिया को कांसुलर प्रोसेसिंग कहा जाता है। अमेरिका में H-1B वीजा पाने वालों में सबसे बड़ी संख्या भारतीयों की है। रिपोर्ट के मुताबिक, मंजूर किए गए कुल H-1B आवेदनों में करीब 71% भारतीय हैं। ऐसे में नए नियमों का सीधा असर भारतीय प्रोफेशनल्स पर पड़ेगा। कई भारतीय पिछले 10 से 15 साल से ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। अब अंतिम चरण में नियम बदलने से उनकी परेशानी बढ़ सकती है। कई लोग अमेरिका में घर खरीद चुके हैं और उनके बच्चों की पढ़ाई भी वहीं चल रही है। ऐसे में भारत लौटकर वीजा प्रक्रिया पूरी करने की शर्त उनके लिए नई चिंता लेकर आई है। H-1B अमेरिका का एक स्पेशल वर्क वीजा है, जिसके जरिए विदेशी प्रोफेशनल्स अमेरिका में नौकरी कर सकते हैं। इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल भारतीय IT और टेक सेक्टर के कर्मचारी करते हैं। बाद में इनमें से कई लोग ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करते हैं ताकि वे अमेरिका में स्थायी रूप से रह सकें। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… बांग्लादेश के दो पोर्ट अमेरिका इस्तेमाल करेगा, इनमें से एक अंडमान से सिर्फ 1100km दूर बांग्लादेश ने अमेरिका को दो महत्वपूर्ण बंदरगाहों के इस्तेमाल की इजाजत देने का फैसला किया है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच सीक्रेट जानकारी शेयर करने को लेकर भी समझौता हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और बांग्लादेश के बीच कुल तीन बड़े समझौते हुए हैं। इन समझौतों के बाद बंगाल के खाड़ी रीजन में अमेरिका की मौजूदगी और प्रभाव काफी बढ़ सकता है। अमेरिका को बांग्लादेश के चिटगांव और मतारबाड़ी बंदरगाहों तक पहुंच मिलेगी। इन बंदरगाहों का इस्तेमाल अमेरिकी नौसेना और सैन्य जहाज कर सकेंगे। इससे अमेरिका को हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य और रणनीतिक ताकत बढ़ाने में मदद मिलेगी। चिटगांव बंदरगाह भारत के अंडमान-निकोबार क्षेत्र से सिर्फ 1100 किमी दूर है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

US H-1B & Green Card Rules Tightened

US H-1B & Green Card Rules Tightened

18 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका ने H-1B वीजा और ग्रीन कार्ड से जुड़े नियमों को और सख्त कर दिया है। इसका सबसे ज्यादा असर अमेरिका में काम कर रहे भारतीय IT इंजीनियरों, टेक कर्मचारियों और प्रोफेशनल्स पर पड़ सकता है। नई नीति के तहत अब अमेरिका में रहकर ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया पूरी करना पहले जितना आसान नहीं रहेगा। अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी USCIS ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सिर्फ बहुत खास परिस्थितियों में ही अमेरिका के अंदर से ग्रीन कार्ड आवेदन मंजूर करें। अब ज्यादातर लोगों को अपने देश लौटकर अमेरिकी दूतावास या कॉन्सुलेट के जरिए प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस प्रक्रिया को कांसुलर प्रोसेसिंग कहा जाता है। अमेरिका में H-1B वीजा पाने वालों में सबसे बड़ी संख्या भारतीयों की है। रिपोर्ट के मुताबिक, मंजूर किए गए कुल H-1B आवेदनों में करीब 71% भारतीय हैं। ऐसे में नए नियमों का सीधा असर भारतीय प्रोफेशनल्स पर पड़ेगा। कई भारतीय पिछले 10 से 15 साल से ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। अब अंतिम चरण में नियम बदलने से उनकी परेशानी बढ़ सकती है। कई लोग अमेरिका में घर खरीद चुके हैं और उनके बच्चों की पढ़ाई भी वहीं चल रही है। ऐसे में भारत लौटकर वीजा प्रक्रिया पूरी करने की शर्त उनके लिए नई चिंता लेकर आई है। H-1B अमेरिका का एक स्पेशल वर्क वीजा है, जिसके जरिए विदेशी प्रोफेशनल्स अमेरिका में नौकरी कर सकते हैं। इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल भारतीय IT और टेक सेक्टर के कर्मचारी करते हैं। बाद में इनमें से कई लोग ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करते हैं ताकि वे अमेरिका में स्थायी रूप से रह सकें। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… बांग्लादेश के दो पोर्ट अमेरिका इस्तेमाल करेगा, इनमें से एक अंडमान से सिर्फ 1100km दूर बांग्लादेश ने अमेरिका को दो महत्वपूर्ण बंदरगाहों के इस्तेमाल की इजाजत देने का फैसला किया है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच सीक्रेट जानकारी शेयर करने को लेकर भी समझौता हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और बांग्लादेश के बीच कुल तीन बड़े समझौते हुए हैं। इन समझौतों के बाद बंगाल के खाड़ी रीजन में अमेरिका की मौजूदगी और प्रभाव काफी बढ़ सकता है। अमेरिका को बांग्लादेश के चिटगांव और मतारबाड़ी बंदरगाहों तक पहुंच मिलेगी। इन बंदरगाहों का इस्तेमाल अमेरिकी नौसेना और सैन्य जहाज कर सकेंगे। इससे अमेरिका को हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य और रणनीतिक ताकत बढ़ाने में मदद मिलेगी। चिटगांव बंदरगाह भारत के अंडमान-निकोबार क्षेत्र से सिर्फ 1100 किमी दूर है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

IPL REEL Video Ban Rules 2026 Update; BCCI

IPL REEL Video Ban Rules 2026 Update; BCCI

10 मिनट पहले कॉपी लिंक खिलाड़ी, उनके परिवार के सदस्य और ब्रॉडकास्टर के लिए काम कर रहे पूर्व क्रिकेटर IPL मैच के दौरान रील नहीं बना सकेंगे और न ही सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पाएंगे। नियम तोड़ने पर BCCI जुर्माना और कानूनी कार्रवाई कर सकता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने IPL में एंटी-करप्शन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खिलाड़ियों, कमेंटेटर्स, उनके परिवार और ब्रॉडकास्टर्स के लिए सोशल मीडिया कंटेंट पर सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। बोर्ड ने कहा है कि संवेदनशील इलाकों में रील या वीडियो बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगां। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) ने इस सीजन में नियम उल्लंघन के कई मामले पकड़े हैं। इनमें खिलाड़ी और ब्रॉडकास्टर के तौर पर काम कर रहे पूर्व क्रिकेटर भी शामिल हैं। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल नहीं मानने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है। अर्शदीप सिंह IPL के रील बनाकर सोशल मीडिया पर अक्सर पोस्ट करते हैं। डगआउट में वीडियो बना रहे पूर्व क्रिकेटर को फटकार रिपोर्ट के मुताबिक, इस सीजन में कुछ कमेंटेटर्स ने नियम तोड़े हैं। एक पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर मैच के अहम पलों में डगआउट के पास फोन से वीडियो बनाते पाए गए। BCCI टीम ने तुरंत रिकॉर्डिंग रुकवाई। बोर्ड अब एक पूर्व क्रिकेटर को कानूनी नोटिस भेजने की तैयारी में है, जो मैदान पर अपने यूट्यूब चैनल के लिए वीडियो शूट कर रहा था। नियम के मुताबिक, IPL की आधिकारिक ड्रेस पहनकर मैदान पर निजी कंटेंट की शूटिंग नहीं की जा सकती। खिलाड़ियों की ‘रील संस्कृति’ पर बोर्ड की नजर BCCI को चिंता है कि नई पीढ़ी के क्रिकेटर सोशल मीडिया पर कंटेंट पोस्ट करने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। एक भारतीय खिलाड़ी को टीम की यात्रा और ठहरने की जानकारी साझा करने से रोका गया है। बोर्ड ने पाया कि कुछ खिलाड़ी मैच से पहले या खत्म होते ही वीडियो पोस्ट कर देते हैं। इससे टीम की प्राइवेसी और सुरक्षा को खतरा हो सकता है। कई बार रील के जरिए प्लेइंग-11 का संकेत भी मिल जाता हैं। परिवार के सदस्यों और इन्फ्लुएंसर्स पर भी पाबंदी बोर्ड ने खिलाड़ियों के परिवार के सदस्यों को IPL के दौरान फोटो और वीडियो पोस्ट करने से बचने को कहा है। पहले एक भारतीय तेज गेंदबाज को पत्नी के बनाए टीम होटल के वीडियो को प्रमोट करने पर चेतावनी दी गई थी। बोर्ड ने उन सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर भी नाराजगी जताई है, जिन्हें फ्रेंचाइजी ने टीम के साथ अनफिल्टर्ड एक्सेस दे रखा है। बोर्ड का मानना है कि इससे एंटी-करप्शन प्रोटोकॉल का उल्लंघन होता है। टीम बस में बाहरी लोगों की एंट्री बैन एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) ने आपत्ति जताई है कि कुछ वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी परिवार या दोस्तों को टीम बस में सफर करने दे रहे हैं। BCCI ने कहा कि टीम बस और होटल के प्रतिबंधित क्षेत्रों में केवल अधिकृत लोगों को ही अनुमति होगी। बोर्ड ने कहा कि यही नियम राज्यों की टी-20 लीगों में भी लागू होंगे, क्योंकि वहां भी IPL के कई खिलाड़ी खेलते हैं और युवाओं के लिए गलत उदाहरण पेश करते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

IPL REEL Video Ban Rules 2026 Update; BCCI

IPL REEL Video Ban Rules 2026 Update; BCCI

49 मिनट पहले कॉपी लिंक खिलाड़ी, उनके परिवार के सदस्य और ब्रॉडकास्टर के लिए काम कर रहे पूर्व क्रिकेटर IPL मैच के दौरान रील नहीं बना सकेंगे और न ही सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पाएंगे। नियम तोड़ने पर BCCI जुर्माना और कानूनी कार्रवाई कर सकता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने IPL में एंटी-करप्शन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खिलाड़ियों, कमेंटेटर्स, उनके परिवार और ब्रॉडकास्टर्स के लिए सोशल मीडिया कंटेंट पर सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। बोर्ड ने कहा है कि संवेदनशील इलाकों में रील या वीडियो बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगां। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) ने इस सीजन में नियम उल्लंघन के कई मामले पकड़े हैं। इनमें खिलाड़ी और ब्रॉडकास्टर के तौर पर काम कर रहे पूर्व क्रिकेटर भी शामिल हैं। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल नहीं मानने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है। अर्शदीप सिंह IPL के रील बनाकर सोशल मीडिया पर अक्सर पोस्ट करते हैं। डगआउट में वीडियो बना रहे पूर्व क्रिकेटर को फटकार रिपोर्ट के मुताबिक, इस सीजन में कुछ कमेंटेटर्स ने नियम तोड़े हैं। एक पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर मैच के अहम पलों में डगआउट के पास फोन से वीडियो बनाते पाए गए। BCCI टीम ने तुरंत रिकॉर्डिंग रुकवाई। बोर्ड अब एक पूर्व क्रिकेटर को कानूनी नोटिस भेजने की तैयारी में है, जो मैदान पर अपने यूट्यूब चैनल के लिए वीडियो शूट कर रहा था। नियम के मुताबिक, IPL की आधिकारिक ड्रेस पहनकर मैदान पर निजी कंटेंट की शूटिंग नहीं की जा सकती। खिलाड़ियों की ‘रील संस्कृति’ पर बोर्ड की नजर BCCI को चिंता है कि नई पीढ़ी के क्रिकेटर सोशल मीडिया पर कंटेंट पोस्ट करने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। एक भारतीय खिलाड़ी को टीम की यात्रा और ठहरने की जानकारी साझा करने से रोका गया है। बोर्ड ने पाया कि कुछ खिलाड़ी मैच से पहले या खत्म होते ही वीडियो पोस्ट कर देते हैं। इससे टीम की प्राइवेसी और सुरक्षा को खतरा हो सकता है। कई बार रील के जरिए प्लेइंग-11 का संकेत भी मिल जाता हैं। परिवार के सदस्यों और इन्फ्लुएंसर्स पर भी पाबंदी बोर्ड ने खिलाड़ियों के परिवार के सदस्यों को IPL के दौरान फोटो और वीडियो पोस्ट करने से बचने को कहा है। पहले एक भारतीय तेज गेंदबाज को पत्नी के बनाए टीम होटल के वीडियो को प्रमोट करने पर चेतावनी दी गई थी। बोर्ड ने उन सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर भी नाराजगी जताई है, जिन्हें फ्रेंचाइजी ने टीम के साथ अनफिल्टर्ड एक्सेस दे रखा है। बोर्ड का मानना है कि इससे एंटी-करप्शन प्रोटोकॉल का उल्लंघन होता है। टीम बस में बाहरी लोगों की एंट्री बैन एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) ने आपत्ति जताई है कि कुछ वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी परिवार या दोस्तों को टीम बस में सफर करने दे रहे हैं। BCCI ने कहा कि टीम बस और होटल के प्रतिबंधित क्षेत्रों में केवल अधिकृत लोगों को ही अनुमति होगी। बोर्ड ने कहा कि यही नियम राज्यों की टी-20 लीगों में भी लागू होंगे, क्योंकि वहां भी IPL के कई खिलाड़ी खेलते हैं और युवाओं के लिए गलत उदाहरण पेश करते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Punjab Chandigarh Top News; Mohali IT Raid | CM Bhagwant Mann | Canada Visa rules

Punjab Chandigarh Top News; Mohali IT Raid | CM Bhagwant Mann | Canada Visa rules

. पंजाब में आज की सबसे बड़ी खबर मोहाली में IT कारोबारी पर ED रेड की रही। टीम को आत देख 9वीं मंजिल से कैश से भरे बैग नीचे फेंक दिए, जिससे 500-500 के नोट हवा में उड़ गए। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि कि ये रुपए CM मान के OSD के हैं। वहीं, CM ने कहा कि रेड से हमारा कोई संबंध नहीं हैं। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. IT कारोबारी पर ED रेड, 9वीं मंजिल से कैश भरे बैग फेंके मोहाली की सोसाइटी में आज (7 मई) ED की टीम ने आईटी सेक्टर में काम करने वाले एक कारोबारी के घर पर दबिश दी। ED टीम को आता देख पकड़े जाने के डर से रिहायशी टावर की नौवीं मंजिल से कैश से भरे बैग नीचे फेंक दिए गए। नीचे उनका ड्राइवर खड़ा था। ऊपर से 2 बैग फेंके गए, जिनमें 500-500 रुपए के नोटों के बंडल भरे हुए थे। इनमें से एक बैग नीचे गिरते ही फट गया, जिससे कुछ नोट हवा में उड़ते हुए वहीं बिखर गए। एक बैग को वहां खड़ा ड्राइवर गाड़ी में डालकर भाग निकला। ED की टीम ने उसका पीछा किया लेकिन उसे पकड़ नहीं पाई। फटा बैग ED टीम ने जब्त कर लिया। उसमें से 21 लाख रुपए मिले। इस बैग की डबल पैकिंग की गई थी। जिसमें लाल रंग के बैग को सफेद रंग के बैग में पैक किया गया था। ED टीम की रेड होते ही पंजाब की पॉलिटिक्स गर्मा गई। विरोधी दलों ने आरोप लगाया कि जिस कारोबारी नितिन गोहिल के घर रेड हुई, वह CM भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन का करीबी है। यह रुपए भी OSD के ही थे। यही है इनकी कट्‌टर ईमानदारी। हालांकि शुकराना यात्रा पर निकले CM भगवंत मान ने अमृतसर में इन आरोपों को नकार दिया। (पढ़ें पूरी खबर) 2. लोड से ज्यादा बिजली खर्च करने पर जुर्माना- FIR होगी पंजाब में बढ़ती पावर डिमांड के बीच पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने लोड से ज्यादा बिजली खर्च करने वाले कंज्यूमर्स पर सख्ती करने के आदेश जारी किए हैं। कंज्यूमर्स ने अगर तय लोड से 10% ज्यादा बिजली खर्च की तो 7 दिन के भीतर नोटिस मिल जाएगा। कंज्यूमर्स उसके बाद भी लगातार तय लोड से 10 प्रतिशत ज्यादा बिजली का इस्तेमाल करते रहे तो उनसे जुर्माना व अन्य खर्चे वसूले जाएंगे। तीसरी बार में PSPCL कंज्यूमर्स के खिलाफ बिजली चोरी का केस बनाकर FIR दर्ज करवा देगा। PSPCL मैनेजेंट ने अफसरों को सख्त हिदायतें दी हैं कि अगर लगातार लोड से 10 प्रतिशत ज्यादा बिजली खर्च करने वाले कंज्यूमर्स पर कार्रवाई नहीं की तो उनके खिलाफ ही एक्शन लिया जाएगा। पंजाब में बिजली सप्लाई सिस्टम को पटरी पर लाने और रेवेन्यू के नुकसान को बचाने के लिए PSPCL ने सप्लाई कोड-2024 में संशोधन किया है। PSPCL मैनेजमेंट ने सभी चीफ इंजीनियर्स को आदेश जारी किए हैं कि नए संसोधनों को लागू करवाएं।(पढ़ें पूरी खबर) 3. BJP ने CM को मानहानि नोटिस भेजा अमृतसर में आर्मी कैंप और जालंधर में BSF के पंजाब हेडक्वार्टर के बाहर बम ब्लास्ट को लेकर पंजाब की राजनीति गर्माई हुई है। भाजपा ने CM भगवंत मान को मानहानि का नोटिस भेजा है। सीएम भगवंत मान ने कल (6 अप्रैल) कहा था कि यह धमाके BJP ने कराए हैं। इसको लेकर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने यह नोटिस भेजा। उन्होंने सारे प्लेटफॉर्म से बयान हटा 7 दिन में माफी मांगने को कहा है। तरुण चुघ ने कहा- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का कल का बयान बेहद अनुचित, बेतुका और आपराधिक मानसिकता से भरा था। अपराधियों को पकड़ने के बजाय, पंजाब के मुख्यमंत्री ने इस घटना के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। CM मान ने कहा था कि अमृतसर-जालंधर में छोटे-मोटे ब्लास्ट हुए हैं। चुनाव से पहले BJP हर स्टेट में ऐसे ब्लास्ट-दंगे कराती है। जालंधर में गुरूवार को CM मान ने फिर कहा कि जालंधर अमृतसर में जो छोटे-मोटे ब्लास्ट हुए हैं वो बीजेपी की एंट्री के संकेत हैं। ये जहां भी जाते हैं वहां लड़ाई करवाते हैं। ये हिंदू सिख को लड़ाना चाहते हैं लेकिन हम नहीं लड़ते। इसी बीच जालंधर में करीब 6 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। जिसके बाद पहले APJ स्कूल को खाली करा दिया गया। BSF स्कूल के भी प्री प्राइमरी सेक्शन में 1 घंटा पहले छुट्टी कर दी गई। (पढ़ें पूरी खबर) 4. प्रॉपर्टी डीलर का सुसाइड, 20 दिन पहले ही मां का निधन हुआ धियाना में प्रॉपर्टी डीलर ने सुसाइड कर लिया। उन्होंने रात को सल्फास खाई। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें पास के प्राइवेट अस्पताल लेकर गए। यहां पर हालत सही न होने कारण परिवार उन्हें DMC अस्पताल ले गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रॉपर्टी डीलर की पत्नी ने कहा कि पति ने मरने से पहले एक वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने महिला समेत 11 लोगों के नाम लिए। इन लोगों से करोड़ों रुपए लेने थे। पैसे न देने से पति परेशान थे। वीडियो में प्रॉपर्टी डीलर ने कहा कि लेन-देन और आरोपियों की पूरी डिटेल कार में रखी है। उन्होंने रिश्तेदार को कहा कि बेटे-बेटी और पत्नी का ध्यान रखना। मृतक की पहचान परविंदर उर्फ रिंपी अनेजा के रूप में हुई है। वह 52 साल के थे और शहीद भगत सिंह नगर में उनकी कोठी थी। 20 दिन पहले ही उनकी मां का निधन हुआ था। रिंपी का बेटा कनाडा में रहता है। सिविल अस्पताल में गुरुवार को उनका पोस्टमॉर्टम किया गया। (पढ़ें पूरी खबर) 5. सांसद अमृतपाल की मां CM तक पहुंची, हाथ पकड़ा अमृतसर में खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की मां ने सीएम भगवंत मान की शुकराना यात्रा के दौरान उनसे मुलाकात की। उन्होंने सीएम का हाथ पकड़कर कहा- आप भी किसी मां के बेटे हो, मेरे बेटे को पंजाब क्यों नहीं लाया जा रहा। इसी बीच उन्होंने भगवंत मान मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। हालांकि सीएम अपने निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार आगे

Govt Citizenship Rules 2026 | Online OCI Application

Govt Citizenship Rules 2026 | Online OCI Application

नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को सिटिजनशिप (संशोधन) नियम, 2026 लागू कर दिए हैं। नए नियमों के तहत अब ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन करना होगा। साथ ही फिजिकल कार्ड के साथ e-OCI दस्तावेज की भी सुविधा दी गई है, जिससे प्रक्रिया ज्यादा सरल और डिजिटल हो जाएगी। नए नियमों में साफ किया गया है कि कोई नाबालिग एक साथ भारतीय और विदेशी पासपोर्ट नहीं रख सकता। यह प्रावधान दोहरी नागरिकता से जुड़े मामलों में स्पष्टता लाने के लिए जोड़ा गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि OCI स्टेटस एक विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं। यदि कोई धारक भारतीय कानूनों का उल्लंघन करता है, तो उसका OCI रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है। OCI से मिलती हैं ये सुविधाएं OCI कार्ड धारकों को भारत में आजीवन मल्टीपल एंट्री वीजा, आर्थिक और शैक्षणिक सुविधाएं मिलती हैं। हालांकि सरकार ने दोहराया है कि OCI धारकों को वोटिंग या संवैधानिक पदों जैसे राजनीतिक अधिकार नहीं मिलते। सख्त किए गए हैं रद्द करने के नियम सरकार ने पहले ही नियम सख्त करते हुए कहा था कि यदि किसी OCI धारक को 2 साल या उससे अधिक की सजा होती है या 7 साल या उससे ज्यादा सजा वाले अपराध में चार्जशीट होती है, तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है। 2005 में शुरू हुई थी OCI योजना OCI योजना 2005 में नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन के जरिए शुरू की गई थी। इसके तहत भारतीय मूल के लोगों को OCI के रूप में रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी जाती है। हालांकि पाकिस्तान या बांग्लादेश से जुड़े लोगों को इसमें शामिल नहीं किया जाता। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

New Online Gaming Rules Come into Effect Today; Gaming Certificates to Remain Valid for Up to 10 Years; Non-Money Games Now Exempt from Registration

New Online Gaming Rules Come into Effect Today; Gaming Certificates to Remain Valid for Up to 10 Years; Non-Money Games Now Exempt from Registration

Hindi News Business New Online Gaming Rules Come Into Effect Today; Gaming Certificates To Remain Valid For Up To 10 Years; Non Money Games Now Exempt From Registration नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक देश में ऑनलाइन गेमिंग की इंडस्ट्री में आज से एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार ने प्रोमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026 शुक्रवार, 1 मई 2026 से लागू कर दिए हैं। इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन मनी गेमिंग से होने वाले वित्तीय और सामाजिक नुकसान को रोकना और भारत को ग्लोबल गेमिंग हब बनाना है। ऑनलाइन मनी गेम्स पर पूरी तरह बैन, विज्ञापन भी नहीं कर पाएंगे नए नियमों के तहत सभी प्रकार के ऑनलाइन मनी गेम्स पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है। इसमें किस्मत पर आधारित (चांस) और कौशल पर आधारित (स्किल) दोनों तरह के गेम्स शामिल हैं, जिनमें पैसे का दांव लगाया जाता है। अब इन गेम्स का विज्ञापन या प्रमोशन करना भी गैरकानूनी होगा। बैंकों और पेमेंट गेटवे को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे प्लेटफॉर्म्स के ट्रांजैक्शन प्रोसेस न करें। नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना और 5 साल तक की जेल सरकार ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया है। ऑनलाइन मनी गेम ऑफर करने पर 3 साल तक की जेल या 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। दोबारा अपराध करने पर जेल की अवधि 5 साल तक बढ़ सकती है और जुर्माना 2 करोड़ रुपए तक लग सकता है। इन गेम्स का विज्ञापन करने पर भी 2 साल की जेल या 50 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। 45 करोड़ लोग प्रभावित, 20 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान भारत में ऑनलाइन गेमिंग का बाजार तेजी से बढ़ा है और 2024 में यह 232 अरब रुपए यानी 23,200 करोड़ रुपए का था। डेटा के मुताबिक, देश के लगभग 45 करोड़ लोग मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स से प्रभावित हुए हैं, जिसमें लोगों को 20,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। इसी को देखते हुए सरकार ने ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स (मनोरंजन वाले खेल) को बढ़ावा देने और मनी गेम्स को खत्म करने का फैसला लिया है। अब ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया रखेगी नजर नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) का गठन किया गया है। डिजिटल ऑफिस: ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया का ऑफिस दिल्ली में होगा, यह एक डिजिटल-फर्स्ट रेगुलेटर है। डिसिजन मेकिंग प्रोसेस: यह अथॉरिटी 90 दिनों के भीतर तय करेगी कि कोई गेम ‘मनी गेम’ की कैटेगरी में है या वह ‘ई-स्पोर्ट्स’ के रूप में सुरक्षित है। रजिस्ट्रेशन: ई-स्पोर्ट्स के लिए अब 10 साल तक का डिजिटल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिया जाएगा। पहले सर्टिफिकेट की वैलिडिटी 5 साल रहती थी। शिकायत निवारण: यूजर्स की शिकायतों के लिए दो-स्तरीय सिस्टम होगा। अगर कंपनी समाधान नहीं करती, तो यूजर अथॉरिटी के पास अपील कर सकेंगे। युवाओं की सुरक्षा के लिए एज गेटिंग और पेरेंटल कंट्रोल डिजिटल माहौल को सुरक्षित बनाने के लिए कंपनियों को अब कई सेफ्टी फीचर्स देने होंगे। इनमें उम्र का वेरिफिकेशन, समय की पाबंदी और माता-पिता के लिए कंट्रोल टूल्स (पेरेंटल कंट्रोल) शामिल हैं। इससे युवाओं को लत और मानसिक तनाव से बचाने में मदद मिलेगी। गेम्स का क्लासिफिकेशन तीन तरीके से होगा गेम्स को किस कैटेगरी में रखा जाए, इसके लिए अथॉरिटी ने तीन रास्ते तय किए हैं… सुओ मोटो: अथॉरिटी खुद किसी गेम का रिव्यू कर उसे क्लासिफाई कर सकती है। ई-स्पोर्ट्स बॉडीज: ई-स्पोर्ट्स से जुड़ी इंस्टीट्यूशंस खुद आवेदन कर सकती हैं। केंद्र सरकार: सरकार स्पेसिफिक सोशल गेम्स को नोटिफाई कर सकती है। किसी भी गेम के क्लासिफिकेशन की प्रोसेस को पूरा करने के लिए 90 दिनों की समय सीमा तय की गई है। अब हर गेम के लिए मैंडेटरी डिटरमिनेशन की जरूरत नहीं होगी। यूजर सेफ्टी के लिए टू-टियर सिस्टम सरकार ने गेम खेलने वालों की सुरक्षा और उनकी शिकायतों के निपटारे के लिए टू-टियर ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को डेटा रिटेंशन (डेटा संभाल कर रखना) और समय-समय पर कंप्लायंस रिपोर्ट जमा करनी होगी। गृह मंत्रालय को भी इस अथॉरिटी का हिस्सा बनाया गया है, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वाले गेम्स को ब्लॉक करने जैसी कार्रवाई की जा सके। प्रमोशन और रिफंड के नियमों में बदलाव नई गाइडलाइंस से गेम प्रमोशन से जुड़े प्रावधान हटा दिए गए हैं। अब अलग-अलग मंत्रालय अपनी योजनाओं के हिसाब से प्रमोशन स्कीम डिजाइन कर सकेंगे। मटेरियल चेंज के कॉन्सेप्ट को भी हटा दिया है, ताकि कंपनियों और सरकार के बीच विवाद की स्थिति न बने। रिफंड से जुड़े नियमों को भी हटाया गया है, क्योंकि सरकार का मानना है कि इस समस्या का समाधान पहले ही हो चुका है। भविष्य की राह, डिजिटल इकोनॉमी और नए रोजगार सरकार का मानना है कि इन नियमों से भारत की क्रिएटिव इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी। ई-स्पोर्ट्स और सुरक्षित सोशल गेम्स के बढ़ने से डिजाइन, टेक्नोलॉजी और कंटेंट क्रिएशन के सेक्टर में नए निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। 2027 तक इस सेक्टर के 316 अरब रुपए यानी 31,600 करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। 2,500 स्टेकहोल्डर्स से ली गई राय इन नियमों को अंतिम रूप देने से पहले सरकार ने इंडस्ट्री बॉडीज, कानून की जानकारी रखने वाली फर्म्स और एकेडमिक एक्सपर्ट्स सहित करीब 2,500 लोगों से सुझाव लिए थे। स्टेकहोल्डर्स ने गेमिंग की परिभाषा को स्पष्ट करने और अथॉरिटी के स्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की सलाह दी थी, जिन्हें नए नोटिफिकेशन में शामिल किया गया है। क्या है ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया? ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) एक छह सदस्यीय टीम होगी। इसमें आईटी मंत्रालय के अलावा गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसका मुख्य काम भारत में चल रहे गेम्स की निगरानी करना, उनके क्लासिफिकेशन को तय करना और यूजर्स की प्राइवेसी व सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ई-स्पोर्ट्स क्या है? यह एक कॉम्पिटिटिव डिजिटल स्पोर्ट्स है जिसमें टीम वर्क और स्किल की जरूरत होती है। इसे अब नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट के तहत पहचान मिल सकती है। क्या करें अगर कोई प्लेटफॉर्म पैसा मांगे? ऐसे प्लेटफॉर्म्स की शिकायत तुरंत ‘ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी’ या साइबर सेल में करें, क्योंकि