पिट्टू प्रतियोगिता में छाईं पौड़ी की लड़कियां, रुद्रप्रयाग के लड़के:रोमांचक मुकाबलों के साथ हुआ समापन; फाइनल मुकाबले में पौड़ी की बालिकाओं ने रुद्रप्रयाग को हराया

राजधानी के जीआरडी गर्ल्स डिग्री कॉलेज (प्रेमनगर) में चल रही ‘प्रथम राज्य स्तरीय जूनियर बालक-बालिका पिट्टू प्रतियोगिता’ का रविवार को समापन हुआ। देहरादून पिट्टू एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में पौड़ी की लड़कियों और रुद्रप्रयाग के लड़कों ने अपना दबदबा कायम करते हुए चैंपियन का ताज पहना। वहीं, बालिका वर्ग में उत्तरकाशी और बालक वर्ग में मेजबान देहरादून ने तीसरा स्थान हासिल किया। रविवार को खेले गए सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों में खिलाड़ियों ने जमकर पसीना बहाया और दर्शकों को कई रोमांचक मैच देखने को मिले। बालिका वर्ग के फाइनल में पौड़ी ने रुद्रप्रयाग को 99-63 से हराया बालिका वर्ग में पौड़ी का एकतरफा दबदबा रहा और खिताबी सफर में टीम ने बेहतरीन खेल दिखाया। दिन के पहले सेमीफाइनल में रुद्रप्रयाग ने संघर्षपूर्ण मुकाबले में उत्तरकाशी को 49-44 से हराया। वहीं, दूसरे सेमीफाइनल में पौड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देहरादून को 133-39 के बड़े अंतर से एकतरफा शिकस्त दी। तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबले में उत्तरकाशी ने देहरादून को 56-40 से हराकर बाजी मारी। जबकि खिताबी मुकाबले में पौड़ी की बालिकाओं का दबदबा कायम रहा और उन्होंने रुद्रप्रयाग को 99-63 से हराकर राज्य स्तरीय ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। बालक वर्ग में भी टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली पहले सेमीफाइनल में रुद्रप्रयाग ने उत्तरकाशी को 80-67 से हराया, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में पौड़ी ने देहरादून को 127-48 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया। मेजबान देहरादून ने तीसरे मुकाबले में उत्तरकाशी को 58-42 से हराकर तीसरा स्थान सुनिश्चित किया। जबकि खिताबी मुकाबले में रुद्रप्रयाग के खिलाड़ियों ने रणनीति के तहत खेलते हुए पौड़ी को 75-67 से मात दी और चैंपियन बन गए। विजेताओं को किया गया सम्मानित प्रतियोगिता के समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के प्रतिनिधि राय सिंह नेगी, उत्तराखंड पिट्टू एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद पांडे और सचिव अश्वनी भट्ट ने विजेता और उपविजेता टीमों को पुरस्कार वितरित कर उनका हौसला बढ़ाया। इस मौके पर जीआरडी कॉलेज के निदेशक सिद्धांत चमोली, प्राचार्या प्रियंका सिंह, सुशील चमोली, देहरादून पिट्टू एसोसिएशन के सचिव विनोद पंवार, शशांक उनियाल, ओम प्रकाश, जितेंद्र लिंगवाल, मुकेश और संध्या थापा समेत कई खेल प्रेमी व गणमान्य लोग मौजूद रहे।
Sweety Boora & Deepak Hooda Divorce

हिसारकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक दीपक हुड्डा और स्वीटी बूरा की 2022 में धूमधाम से शादी हुई थी। दोनों का रिश्ता करीब चार साल ही चल सका। हरियाणा के हिसार की रहने वाली वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर स्वीटी बूरा और उनके पति व इंडियन कबड्डी टीम के पूर्व कैप्टन दीपक हुड्डा के बीच तलाक हो गया है। हिसार कोर्ट में दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला लिया। तलाक का केस लड़ के एडवोकेट सुनील तिवारी ने पुष्टि की। बताया कि तलाक पर फैसला सुनाते समय दोनों कोर्ट में ही मौजूद थे। स्वीटी ने कोर्ट में कहा कि अब उनका दीपक हुड्डा के साथ रहना संभव नहीं है। वहीं, दीपक ने भी मामले में कोई टिप्पणी करने से इनकार किया। हालांकि, तलाक से पहले स्वीटी ने भरण-पोषण के लिए 50 लाख रुपए गुजारा भत्ता और 1.50 लाख रुपए मासिक खर्च की मांग भी रखी थी। मगर, दोनों के बीच बिना किसी लेनदेन के आपसी सहमति से यह तलाक हुआ। बता दें कि दोनों की शादी वर्ष 2022 में हुई थी, लेकिन फरवरी 2025 में रिश्तों में खटास आ गई थी। दोनों के बीच गंभीर आरोप-प्रत्यारोप लगे थे। स्वीटी बूरा ने दीपक हुड्डा पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट, पासपोर्ट छीनने और मानसिक उत्पीड़न जैसे आरोप लगाए थे। उन्होंने जान से मारने की कोशिश तक का आरोप लगाया था। विवाद इतना बढ़ गया था कि दोनों के बीच महिला थाने में हाथापाई भी हो गई थी। इन आरोपों के आधार पर हिसार के महिला थाने में केस दर्ज किया गया था। मगर, अब तलाक फैसले के साथ ही लंबे समय से चल रहा विवाद भी खत्म हो गया है। जानिए क्या था दीपक और स्वीटी के बीच पूरा विवाद… 1. स्वीटी ने पति दीपक हुड्डा पर FIR कराई फरवरी 2025 में बॉक्सर स्वीटी बूरा ने हिसार में पति दीपक हुड्डा पर दहेज उत्पीड़न की FIR कराई थी, जिसमें स्वीटी ने कहा कि पति हुड्डा ने उसके साथ मारपीट की। शादी में एक करोड़ और फॉर्च्यूनर देने के बावजूद उसे कम दहेज के लिए प्रताड़ित किया। शादी के बाद जब मैं ससुराल पहुंची, तो दीपक की बहन ने ताना दिया कि तेरे पिता ने हमारी हैसियत के मुताबिक दहेज नहीं दिया। शादी के बाद उस पर बॉक्सिंग छोड़ने का दबाव बनाया जाने लगा। उसे कहा गया कि वह घर के काम करे। शादी के बाद उसने देखा कि दीपक 5-6 दिन के बाद घर आता है। जब कभी वह उससे पूछती हैं कि वह इतने दिन कहां थे, तो वह गुस्से में आ जाता। 2. पति ने स्वीटी पर फ्रॉड की FIR कराई इसके बाद दीपक हुड्डा ने भी स्वीटी बूरा पर रोहतक में फ्रॉड की FIR करा दी। जिसमें आरोप लगाया कि मैंने सेक्टर 1-4 हिसार में एक प्लॉट लिया था। इसकी सारी पेमेंट मैंने की। मगर, प्लाट सिर्फ मेरे नाम के बजाय मेरे और स्वीटी के नाम पर रजिस्टर करा दिया गया। उस वक्त स्वीटी बूरा वहां मौजूद तक नहीं थी। स्वीटी के पिता महेंद्र बूरा ने ब्याज पर देने के बहाने मुझसे लाखों रुपए ठगे। स्वीटी के भाई ने मेरे घर पर रखे 12 लाख रुपए भी ले लिए। स्वीटी की बहन सीवी बूरा ने भी चैंपियनशिप के बहाने करीब 9 लाख रुपए ट्रांसफर कराकर ठग लिए क्योंकि वह ऐसे किसी कंपीटिशन में गई ही नहीं। महिला थाने में स्वीटी बूरा का मारपीट करते का वीडियो वायरल हुआ था। 3. हिसार पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया, मारपीट का खुलासा 15 मार्च को हिसार पुलिस ने स्वीटी की शिकायत पर दीपक हुड्डा को पूछताछ के लिए महिला थाने बुलाया। यहां दोनों को आमने-सामने बिठाया गया। इसके बाद अचानक स्वीटी बूरा और उनके पिता व मामा पर दीपक हुड्डा से मारपीट की FIR दर्ज कर ली गई। करीब 6 दिन पहले पुलिस ने इस मामले में स्वीटी बूरा को थाने बुलाया। वहां इस केस में उन्हें बैठाकर रखा गया। जमानत होने के बाद ही पुलिस ने छोड़ा। जिसके बाद खुलासा हुआ कि स्वीटी ने दीपक से मारपीट की थी। 4. पुलिस थाने में मारपीट का वीडियो सामने आया स्वीटी के इनकार के बाद 4 दिन पहले हिसार के महिला थाने में स्वीटी बूरा के दीपक हुड्डा पर हमले का डेढ़ मिनट का वीडियो सामने आया। इसमें दिखा कि दोनों आमने-सामने कुर्सी पर बैठे हैं। इस दौरान उनमें कोई बातचीत होती है और स्वीटी कुर्सी से उठकर दीपक हुड्डा पर हमला कर देती है। वह दीपक हुड्डा का गला दबाती है और पकड़कर झिंझोड़ती है। वहां मौजूद महिला पुलिस अधिकारी और रिश्तेदार स्वीटी को शांत कराने की कोशिश करते हैं। स्वीटी बूरा ने दीपक हुड्डा पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाए थे। 5. स्वीटी बोलीं- दीपक को लड़कों में इंटरेस्ट मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद स्वीटी सोशल मीडिया पर लाइव हुईं। इस पर स्वीटी ने कहा कि दीपक ने उसे उकसाया था। वीडियो का शुरू और आखिरी का हिस्सा गायब कर दिया गया। छेड़छाड़ कर इसे जारी किया गया है। स्वीटी ने कहा था कि दीपक को लड़कों में इंटरेस्ट था, उसे शादी के बाद पता चला। स्वीटी ने दीपक के तसले में नहाने की बात भी कही थी। फिलहाल मामले पर दीपक हुड्डा अभी तक मीडिया के सामने नहीं आए हैं। दोनों ने एकदूसरे पर कई गंभीर आरेाप लगाए थे… ————————– स्वीटी बूरा-दीपक हुड्डा से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बॉक्सर की मां बोली-पति मुंह में तकिया रख मारता था:दम घुटने लगता तो ही छोड़ता; स्वीटी बूरा की हिसार SP ऑफिस की फोटो सामने आई हिसार की वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर स्वीटी बूरा की मां सुरेश देवी ने कहा कि पति दीपक हुड्डा से हुए विवाद के बाद उनकी बेटी सदमे में है। उन्होंने कहा कि दीपक हुड्डा स्वीटी को कमरे के अंदर बंद कर मुंह पर तकिया रख सिर पर मुक्के मारता था। जब स्वीटी का दम घुटने लगता तो उसे छोड़ देता। उसके बाद फिर मारपीट करता। (पूरी खबर पढ़ें) दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
CD Gopinath Passes Away | First Test Cricket Winning Team Player

Hindi News Career CD Gopinath Passes Away | First Test Cricket Winning Team Player | April 11 Current Affairs 31 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. इलाहाबाद HC के जस्टिस यशवंत वर्मा ने इस्तीफा दिया 10 अप्रैल को इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजा। जस्टिस यशवंत के घर से 14 मार्च 2025 को 500-500 के नोटों के बंडल जले हुए मिले थे। इस विवाद के बाद उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर किया गया था। 5 अप्रैल 2025 को जस्टिस यशवंत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में शपथ ली थी। हालांकि, उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई थी। कैश घटना के बाद जस्टिस वर्मा के खिलाफ लोकसभा में महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था। उन्होंने अपने खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव को चुनौती दी थी। जस्टिस वर्मा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ किया। अगस्त 1992 में जस्टिस वर्मा ने एडवोकेट के तौर पर अपना रजिस्ट्रेशन किया था। जस्टिस वर्मा 2006 से प्रोमोशन तक इलाहाबाद हाईकोर्ट के स्पेशल काउंसिल रहे। 2012 से अगस्त 2013 तक उत्तर प्रदेश राज्य के चीफ स्टैंडिंग काउंसल रहे। जस्टिस वर्मा इसके बाद सीनियर एडवोकेट नॉमिनेट हुए। 2014 में जस्टिस यशवंत वर्मा इलाहबाद हाईकोर्ट के एडिशनल जज अपॉइंट हुए। 2021 में जस्टिस यशवंत वर्मा दिल्ली हाई कोर्ट में अपॉइंट हुए। दिल्ली हाईकोर्ट में जज के साथ-साथ वे एडमिनिस्ट्रेटिव एंड जनरल सुपरविजन कमेटी, कमेटी फॉर फाइनेंस एंड बजटिंग जैसी 11 कमेटीज के मेंबर रहे। इसके अलावा वे दिल्ली हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमिटी और कमिटी ऑफ द दिल्ली इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर के चेयरमेन भी रहे। इलाहाबाद हाईकोर्ट में शुरुआती काम करते हुए उन्होंने ज्यादातर सिविल मैटर्स पर काम किया। 2. ISRO ने गगनयान इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट पूरा किया 9 अप्रैल को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO ने गगनयान मिशन के लिए दूसरा इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-02) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट एक डमी क्रू मॉड्यूल का स्पेस से धरती पर लौटने का टेस्ट है। ये टेस्ट श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर में हुआ। इसमें पैराशूट सिस्टम का सही समय पर खुलना जरूरी होता है। जब कोई अंतिरिक्ष यान स्पेस से पृथ्वी की ओर लौटता है तो उसकी स्पीड बहुत तेज होती है, तब पैराशूट ही उसकी स्पीड को कंट्रोल करता है। पैराशूट की वजह से ही सुरक्षित लैंडिंग संभव हो पाती है और ISRO ने इस लैंडिंग में सफलता हासिल की है। गगनयान मिशन गगनयान मिशन भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन है। इसे 2027 में लॉन्च किया जाना है। इस मिशन के तहत 3 भारतीय एस्ट्रोनॉट को लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में 3 दिनों के लिए भेजा जाएगा। LEO की दूरी 400 किमी होगी। इस मिशन में 3 दिन तक अंतरिक्ष यात्री स्पेस में रहेंगे। भारत ये ट्रेनिंग रूस के साथ मिलकर कर रहा है। यदि भारत गगनयान में सफल हो जाता है, तो USA, रूस और चीन के बाद मानव अंतरिक्ष मिशन लॉन्च करने वाला चौथा देश होगा। गगनयान के पहले तीन मानवरहित (अनक्रूड) G1, G2, G3 मिशन भेजे जाएंगे। गगनयाण का कुल बजट 10 हजार करोड़ है। ISRO के अध्यक्ष वी. नारायणन हैं। गगनयान के फाइनल मिशन से पहले 8 हजार से ज्यादा ग्राउंड टेस्टिंग की जाएंगी। निधन (DEATH) 3. पूर्व क्रिकेटर सी डी गोपीनाथ का निधन 9 अप्रैल को पूर्व क्रिकेटर सी डी गोपीनाथ का निधन हो गया। वे 96 साल के थे। गोपीनाथ 1952 में पहला टेस्ट क्रिकेट जीतने वाली टीम के आखिरी जीवित प्लेयर थे। गोपीनाथ भारत के सबसे उम्रदराज जीवित टेस्ट क्रिकेटर भी थे और ऑस्ट्रेलिया के नील हार्वे के बाद दुनिया के दूसरे सबसे उम्रदराज क्रिकेटर थे। गोपीनाथ 1 मार्च 1930 को मद्रास (अब चेन्नई) में जन्मे थे। उनका पूरा नाम चिंगलपुट दुरईकन्नु गोपीनाथ था। गोपीनाथ ने 1951 में इंग्लैंड के खिलाफ ब्रेबोर्न स्टेडियम में पहला टेस्ट क्रिकेट खेला था। गोपीनाथ ने नंबर 8 पर बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में नाबाद 50 रन बनाए थे। भारत ने उसी मैच के दौरान चेन्नई के एम. ए. चिदम्बरम स्टेडियम में इंग्लैंड को आठ रन से हराकर पहला टेस्ट मैच जीता था। गोपीनाथ ने भारत और मद्रास का प्रतिनिधित्व करते हुए 8 टेस्ट और 83 फर्स्ट कैटेगरी मैच खेले। सी डी गोपीनाथ ने 17 साल की उम्र से खेलना शुरू किया था। स्पोर्ट्स (SPORTS) 4. रवि शास्त्री के नाम पर वानखेड़े स्टेडियम में स्टैंड का अनावरण हुआ 10 अप्रैल को भारत के पूर्व ऑलराउंडर रवि शास्त्री के नाम पर वानखेड़े स्टेडियम में स्टैंड का अनावरण हुआ। स्टेडियम में भारत के पूर्व क्रिकेटर दिलिप सरदेसाई, एकनाथ सोलकर और डायना एडल्जी के नाम पर दरवाजों के नाम भी रखे गए हैं। एडल्जी ने 1978 और 1993 के विमेंस वनडे वर्ल्ड कप में भारत की कप्तानी की थी। 1985 में रवि शास्त्री ने वानखेड़े स्टेडियम में एक ओवर में 6 छक्के जड़े थे और ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय बल्लेबाज थे। 1985 में रवि शास्त्री को वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ क्रिकेट में उन्हें ‘चैंपियन ऑफ चैंपियंस’ चुना गया था। रवि शास्त्री 2017 से 2021 तक भारतीय क्रिकेट टीम के कोच रहे। 2019 में इंडियन टीम वर्ल्ड के फाइनल में पहुंची थी। 1994 में क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने के बाद 1995 में मुंबई में वर्ल्ड मास्टर्स टूर्नामेंट से एक टीवी कमेंटेटर के तौर पर शुरुआत की थी। कमेंट्री की दुनिया में उनकी आवाज बहुत प्रभावी मानी जाती है। मिसलीनियस (MISCELLANEOUS) 5. 28वीं ASEAN की भारत ने सह-अध्यक्षता की 9 अप्रैल को भारत ने 28वीं आसियान के सीनियर अधिकारियों की बैठक की। इसकी सह-अध्यक्षता विदेश मंत्रालय के पूर्व सेक्रेटरी पी कुमारन और फिलीपींस के विदेश मामलों के पॉलिसी अवर सेक्रेटरी लियो एम हेरेरा-लिम ने की। इस बैठक में पिछले साल अक्टूबर में आयोजित आसियान-भारत शिखर सम्मेलन के फैसलों पर कितना काम हुआ है और उनकी क्या प्रोग्रेस है इसकी समीक्षा की। 2026 को आसियान-भारत ‘समुद्री सहयोग वर्ष’ के तौर पर मनाने और आपनी पार्टनरशिप को मजबूत करने पर बात की। आसियान-भारत का उद्देश्य समुद्री गतिविधियों में सहयोग बढ़ाना है, जिसमें जहाजरानी, समुद्र में सुरक्षा और समुद्री संसाधनों का संरक्षण शामिल है। आसियान-भारत की इस बैठक में 2026 में होने वाले 48वें असियन
IPL 2026 New Rule | 16 Players On Field, Movement Restricted

स्पोर्ट्स डेस्क1 घंटे पहले कॉपी लिंक IPL 2026 में अब टीमों को 16 से ज्यादा प्लेयर्स को मैदान में लाने की अनुमति नहीं होगी। IPL 2026 के दौरान BCCI ने नया नियम लागू किया है। इसके मुताबिक बेंच पर बैठे खिलाड़ी मैच के दौरान मैदान में नहीं घूम सकेंगे। टीम शीट में शामिल 16 खिलाड़ियों के अलावा किसी को मैदान में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। ड्रिंक्स, बैट या मैसेज देने के लिए सिर्फ वही खिलाड़ी मैदान में जा सकेंगे जो इन 16 में शामिल हैं। हाल ही में यह निर्देश टीम मैनेजमेंट को दिए गए हैं। वजह अभी स्पष्ट नहीं है। एक समय में सिर्फ पांच खिलाड़ी बाउंड्री लाइन के पास घूम सकते हैं। एक टीम में करीब 25 प्लेयर्स होते हैं आमतौर पर IPL टीमों में करीब 25 खिलाड़ी होते हैं। हर मैच के लिए सिर्फ 16 खिलाड़ियों को टीम शीट में नाम दिया जाता है। नए नियम के मुताबिक बाकी खिलाड़ी डगआउट में रहेंगे। उन्हें बाउंड्री लाइन और LED बोर्ड के बीच आने-जाने की अनुमति नहीं होगी। टीम सूत्रों के मुताबिक, हमें हाल ही में निर्देश मिले हैं कि सभी सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी मैच के दौरान मैदान में नहीं घूम सकते। उन्हें ड्रिंक्स ले जाने की अनुमति नहीं है। दिल्ली कैपिटल्स ने IPL 2026 के लिए टीम में 25 खिलाड़ी शामिल किए हैं। सब्स्टीट्यूट प्लेयर जर्सी पहनने वालों की संख्या 5 से ज्यादा नहीं यह तय किया गया है कि बिब्स (सब्स्टीट्यूट प्लेयर जर्सी) पहनकर मैदान के किनारे घूमने वाले खिलाड़ियों की संख्या पांच से ज्यादा नहीं होगी। ये खिलाड़ी ड्रिंक्स ले जाने या बाउंड्री से गेंद लौटाने का काम करते हैं। यह नया नियम मैच प्लेइंग कंडीशंस (MPC) के क्लॉज 11.5.2 और 24.1.4 को सख्त करता है। क्लॉज 11.5.2 के अनुसार खिलाड़ियों को ड्रिंक्स देने की अनुमति सीमित समय और शर्तों के साथ होती है। क्लॉज 24.1.4 में कहा गया है कि जो खिलाड़ी मैच में नहीं खेल रहे हैं और सब्स्टीट्यूट फील्डर नहीं हैं, उन्हें मैदान के आसपास रहते समय टीम का ट्रेनिंग बिब पहनना जरूरी है। IPL में बिब्स (सब्स्टीट्यूट प्लेयर जर्सी) पहनकर 5 ही प्लेयर्स मैदान पर जा सकेंगे। 13 मैच खेले जा चुके अब तक IPL 2026 के 74 में से 13 मैच खेले जा चुके हैं। 14वां मैच आज दिल्ली में दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात टाइटंस के बीच खेला जा रहा है। यह जानकारी क्रिकबज की रिपोर्ट में सामने आई है। नया नियम क्यों लाया गया BCCI ने आधिकारिक वजह साफ नहीं की। टीम मैनेजमेंट और एक्सपर्ट्स इसे तीन कारणों से जोड़ रहे हैं- 1. मैच की स्पीड बढ़ाना: बार-बार ड्रिंक्स/मैसेज देने से खेल धीमा हो रहा था। 2. अनफेयर एडवांटेज रोकना: बाहर बैठे खिलाड़ी लगातार कोचिंग/रणनीति पहुंचा रहे थे। 3. सिक्योरिटी और कंट्रोल: बाउंड्री लाइन के पास भीड़ कम कर बेहतर मॉनिटरिंग। IPL में पहले भी हुए ऐसे बदलाव IPL में पहले भी ऐसे बदलाव हुए हैं। छोटे नियम बदलाव बड़े असर डाल चुके हैं। इसमें 2023 में लाया गया इम्पैक्ट प्लेयर रूल, कप्तानों पर स्लो ओवर पेनल्टी, नो-बॉल और वाइड पर DRS शामिल हैं। ——————— IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… DC Vs GT मैच- गुजरात ने पहला विकेट गंवाया IPL 2026 का 14वां मैच में दिल्ली कैपिटल्स ओर गुजरात टाइटंस के बीच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जा रहा है। दिल्ली ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
उत्तराखंड की बेटी ने जापान में जीता ब्रॉन्ज मेडल:फटे जूतों की कहानी सुन क्रिकेटर स्नेह राणा ने दिए नए स्पाइक्स, बोलीं- हमेशा साथ निभाऊंगी

रुड़की के एक छोटे से गांव की रहने वाली एथलीट सोनिया ने जापान के फुकुओका में हुई 18वीं एशियन क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। बेहद साधारण परिवार से आने वाली सोनिया का यह सफर संघर्षों से भरा रहा, जहां संसाधनों की कमी हर कदम पर चुनौती बनकर सामने आई। बीते दिन इस संघर्ष और उपलब्धि की कहानी जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ऑलराउंडर स्नेह राणा तक पहुंची, तो उन्होंने सोनिया को देहरादून स्थित अपने स्पोर्ट्स स्ट्राइव टर्फ पर बुलाया। यहां उन्होंने सोनिया को प्रोफेशनल स्पोर्ट्स शूज और बेहतर न्यूट्रिशन सपोर्ट देकर न सिर्फ मदद की, बल्कि ताउम्र साथ निभाने का भरोसा भी दिया। सोनिया के लिए यह पल भावुक कर देने वाला था। फटे जूतों में दौड़कर मेडल जीतने वाली यह एथलीट जब नए स्पाइक्स हाथ में लिए खड़ी थी, तो उसकी आंखों में सिर्फ आंसू ही नहीं, बल्कि आगे बढ़ने का नया आत्मविश्वास भी साफ दिखाई दे रहा था। टर्फ पर मिला साथ, भावुक हो गई सोनिया देहरादून के सिनोला स्थित टर्फ पर जब सोनिया पहुंचीं, तो उन्हें शायद अंदाजा भी नहीं था कि उनके लिए क्या इंतजार कर रहा है। स्नेह राणा ने उन्हें गले लगाया, हालचाल पूछा और फिर उन्हें प्रोफेशनल स्पोर्ट्स शूज और न्यूट्रिशन सपोर्ट सौंपा। यह वही चीजें थीं, जिनकी कमी सोनिया को सालों से महसूस होती रही थी। जैसे ही उन्होंने नए जूते हाथ में लिए, उनकी आंखें भर आईं। बातचीत के दौरान वह खुद को संभाल नहीं पाईं। परिवार की हालत कमजोर, बहनों ने निभाया मां का रोल सोनिया का संघर्ष सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं था। उनका पूरा बचपन आर्थिक तंगी में बीता। परिवार में चार बहनें और एक भाई हैं। पिता मजदूरी करके घर चलाते हैं और मां का निधन हो चुका है। ऐसे हालात में खेल को करियर बनाना आसान नहीं था। सोनिया बताती हैं कि कई बार ऐसा वक्त आया जब ट्रेनिंग छोड़ने का मन हुआ, लेकिन उनकी बहनों ने उन्हें कभी टूटने नहीं दिया। उन्होंने मां की कमी पूरी की, हिम्मत दी और हर मुश्किल में साथ खड़ी रहीं। यही वजह रही कि सोनिया ने हालातों के आगे घुटने नहीं टेके और अपने सपनों को जिंदा रखा। गांव के ताने, लेकिन इरादे रहे मजबूत सोनिया के सफर में सिर्फ आर्थिक परेशानियां ही नहीं, बल्कि सामाजिक दबाव भी बड़ी चुनौती रहा। गांव के लोग अक्सर ताने मारते थे और परिवार से कहते थे कि लड़की को वापस बुला लो। लेकिन सोनिया ने इन बातों को कभी अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। वह कहती हैं कि उन्होंने हमेशा खुद को अंदर से मजबूत रखा और लोगों को जवाब देने के बजाय अपनी मेहनत से साबित करने का रास्ता चुना।। फटे जूतों में जीता नेशनल मेडल सोनिया की असली पहचान 2025 में हुए राष्ट्रीय खेल 2025 के दौरान बनी। 10,000 मीटर की दौड़ में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता, लेकिन इस जीत की सबसे बड़ी बात यह थी कि उनके पास दौड़ने के लिए सही स्पाइक्स तक नहीं थे। वह फटे जूतों में ट्रैक पर उतरीं और 35 मिनट 45.19 सेकंड का समय निकालकर पदक अपने नाम किया। यह सिर्फ एक जीत नहीं थी, बल्कि उनके संघर्ष और जज्बे की सबसे बड़ी मिसाल थी। इसी दौरान उन्होंने बताया था कि एक एथलीट के लिए सही डाइट लेना कितना मुश्किल होता है। महंगे सप्लीमेंट्स तो दूर, वह सस्ते मल्टी-विटामिन के सहारे ही अपनी तैयारी कर रही थीं। न्यूट्रिशन की कमी, लेकिन हिम्मत नहीं टूटी सोनिया ने कभी भी प्रोफेशनल लेवल का न्यूट्रिशन नहीं लिया। वह बताती हैं कि उन्होंने आज तक कोई महंगा सप्लीमेंट नहीं खरीदा। ऑनलाइन सस्ते मल्टी-विटामिन खरीदकर ही उन्होंने अपनी ट्रेनिंग जारी रखी। कई बार शरीर साथ नहीं देता था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अब स्नेह राणा के सपोर्ट के बाद उन्हें उम्मीद है कि वह अपनी ट्रेनिंग को और बेहतर बना पाएंगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अच्छे प्रदर्शन कर सकेंगी। स्नेह राणा बोलीं- मैं भी इसी रास्ते से आई हूं स्नेह राणा ने सोनिया से मुलाकात के दौरान अपने संघर्ष भी साझा किए। उन्होंने बताया कि वह भी एक छोटे गांव से आई हैं, जहां महिला क्रिकेट को लेकर जागरूकता नहीं थी। लोगों के ताने, संसाधनों की कमी और सामाजिक सोच- इन सभी का सामना उन्होंने भी किया है। उन्होंने कहा कि जब लोग कहते थे कि तुम यह नहीं कर सकती, तो वह और ज्यादा जिद्दी हो जाती थीं। यही जिद उन्हें यहां तक लेकर आई। अब एशियन गेम्स पर नजर जापान में ब्रॉन्ज जीतने के बाद सोनिया का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है। अब उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई करना है। स्नेह राणा के सपोर्ट से उन्हें नई ऊर्जा मिली है। बेहतर जूते, सही न्यूट्रिशन और मानसिक सहयोग- ये तीनों चीजें अब उनके पास हैं, जो किसी भी एथलीट के लिए बेहद जरूरी होती हैं। सोनिया की कहानी आज उन हजारों लड़कियों के लिए प्रेरणा है, जो संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों को अधूरा छोड़ देती हैं।
IOC Bans Transgender Women, Only Biological Females Can Compete

Hindi News Sports LA 2028 Olympics: IOC Bans Transgender Women, Only Biological Females Can Compete ज्यूरिख42 मिनट पहले कॉपी लिंक पेरिस ओलिंपिक 2024 के दौरान दो महिला बॉक्सरों की भागीदारी को लेकर विवाद सामने आया था। 66 किलोग्राम वर्ग में अल्जीरिया की इमान खलीफ और 57 किलोग्राम वर्ग में ताइवान की लिन यू टिंग के जेंडर पर सवाल उठे थे। इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (IOC) ने कहा है कि 2028 के लॉस एंजिल्स ओलिंपिक से ट्रांसजेंडर महिलाएं को अब महिला कैटेगरी के इवेंट्स में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नई नीति के मुताबिक अब सिर्फ बायोलॉजिकल फीमेल्स यानी वे महिलाएं जो जन्म से ही महिला हैं, उन्हें ही वुमन कैटेगरी में खेलने की अनुमति होगी। इसके लिए एक बार जीन टेस्ट (SRY जीन स्क्रीनिंग) कराना जरूरी होगा, जिससे लिंग की पुष्टि की जाएगी। यह टेस्ट थूक, गाल के स्वैब या ब्लड सैंपल से किया जा सकता है। वहीं, जो एथलीट जन्म के समय महिला थे, लेकिन अब खुद को ट्रांसजेंडर पुरुष (Trans Men) मानते हैं, वे महिला स्पर्धाओं में खेलना जारी रख सकते हैं। 2021 में न्यूजीलैंड की वेटलिफ्टर लॉरेल हबर्ड ओलिंपिक में भाग लेने वाली पहली ट्रांसजेंडर महिला बनी थीं। अब तक नियम क्या था अब तक IOC ट्रांसजेंडर महिलाओं को टेस्टोस्टेरोन लेवल कम होने की शर्त पर खेलने की अनुमति देता था या फैसला व्यक्तिगत खेल संघों पर छोड़ दिया जाता था। नया नियम केवल प्रोफेशनल खेलों पर लागू IOC अब सभी खेलों के लिए एक एकसमान नीति चाहता है, ताकि खेल संगठन अलग-अलग नियम न बनाएं। कई खेल संगठनों ने पहले ही ट्रांसजेंडर एथलीट्स पर पाबंदी लगा रखी है। यह बदलाव खेलों में निष्पक्षता यानी फेयर कॉम्पिटिशन सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले साल फरवरी में एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पास किया था। इसमें लॉस एंजिल्स ओलिंपिक में ट्रांसजेंडर महिलाओं को वीजा न देने की बात कही गई थी। यह नियम केवल प्रोफेशनल खेलों पर लागू होगा, जमीनी स्तर (ग्रासरूट) के खेलों पर इसका असर नहीं पड़ेगा। IOC प्रेसिडेंट बोलीं- जीत-हार में बहुत कम अंतर होता है IOC की प्रेसिडेंट कर्स्टी कोवेंट्री ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि ओलिंपिक जैसे बड़े मंच पर जीत और हार के बीच बहुत मामूली अंतर होता है। उन्होंने कहा, ‘ओलिंपिक खेलों में बेहद छोटा फासला भी जीत और हार तय कर सकता है। ऐसे में बायोलॉजिकल पुरुषों का महिला कैटेगरी में मुकाबला करना सही नहीं होगा।’ ‘जन्म से पुरुष होने पर मिलता है फिजिकल एडवांटेज’ IOC ने अपनी इस नीति के पीछे वैज्ञानिक रिसर्च का भी हवाला दिया है। रिसर्च के अनुसार, जन्म से पुरुष होने के कारण एथलीट को स्ट्रेंथ (ताकत), एंड्योरेंस (सहनशक्ति) और पावर आधारित खेलों में शारीरिक रूप से बढ़त यानी एडवांटेज मिलता है। संस्था का मानना है कि हार्मोनल बदलावों के बावजूद यह शारीरिक अंतर पूरी तरह खत्म नहीं होता। पेरिस ओलिंपिक में दो महिला बॉक्सरों के खेलने पर उठे थे सवाल पेरिस ओलिंपिक 2024 के दौरान दो महिला बॉक्सरों की भागीदारी को लेकर विवाद सामने आया था। 66 किलोग्राम वर्ग में अल्जीरिया की इमान खलीफ और 57 किलोग्राम वर्ग में ताइवान की लिन यू टिंग के खेलने पर अन्य खिलाड़ियों ने आपत्ति जताई थी। ताइवानी बॉक्सर लिन यू-टिंग को 2023 में इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (IBA) द्वारा किए गए जेंडर संबंधी जांच में असफल घोषित किया गया था। इसके बावजूद IOC ने उन्हें पेरिस ओलिंपिक में महिला 57 किलोग्राम वर्ग में भाग लेने की अनुमति दी, जहां उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। उनकी पात्रता को लेकर कुछ खिलाड़ियों और IBA ने सवाल उठाए थे, हालांकि IOC ने इन प्रक्रियाओं को विश्वसनीय नहीं माना। इसी तरह, इमान खलीफ को भी 2023 में IBA द्वारा जेंडर संबंधी जांच में अयोग्य घोषित किया गया था। IBA ने उन्हें 2023 में दिल्ली में आयोजित महिला विश्व चैंपियनशिप के गोल्ड मेडल मुकाबले में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी थी। पेरिस ओलिंपिक में 66 किलो वेट में इटली की एंजेला कैरिनी ने अल्जीरिया की इमान खलीफ (लाल ड्रेस में) के जेंडर को लेकर सवाल उठाया था। अल्जीरिया की इमान खलीफ ने 2024 के पेरिस ओलिंपिक में महिलाओं की 66 किलोग्राम बॉक्सिंग स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। 2024 पेरिस ओलिंपिक में ताइवान की बॉक्सर लिन यू-टिंग भी विवादों में रही थीं।लिन ने 57kg वर्ग में गोल्ड जीता था। जेंडर टेस्ट सबसे पहले वर्ल्ड एथलेटिक्स काउंसिल ने अनिवार्य किया था जेंडर टेस्ट को वर्ल्ड वर्ल्ड एथलेटिक्स काउंसिल ने अनिवार्य किया था। इसको लेकर SRY जीन टेस्ट लागू किया था। ये नियम 1 सितंबर 2025 से लागू हो गया। वहीं, पिछले साल सितंबर में हुई वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में टेस्ट पास करने वाली महिला खिलाड़ियों को ही भाग लेने दिया गया था। एथलेटिक्स में दो महिला एथलीटों के जेंडर को लेकर उठा था विवाद IOC के नए नियम से DSD एथलीटों पर भी पड़ेगा असर यह नियम केवल ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन खिलाड़ियों पर भी लागू होगा, जिनके शरीर में ‘डिफरेंस ऑफ सेक्स डेवलपमेंट’ (DSD) की स्थिति है। यानी वे एथलीट जिनके पास सामान्य महिला XX क्रोमोसोम नहीं हैं। दक्षिण अफ्रीका की दिग्गज रनर कास्टर सेमेन्या जैसे एथलीट इससे प्रभावित होंगी। सेमेन्या ने इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे ‘बहिष्कार का नया नाम’ और ‘पीछे खींचने वाला कदम’ बताया। सेमेन्या 2012 लंदन ओलिंपिक और 2016 रियो ओलिंपिक में महिलाओं की 800 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल जीता था। नियम के विरोध की आशंका यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब पूरी दुनिया में महिलाओं के खेलों में ट्रांसजेंडर एथलीटों की भागीदारी को लेकर बहस चल रही है। हालांकि, IOC का कहना है कि यह निष्पक्षता के लिए जरूरी है, लेकिन मानवाधिकार समूहों और एक्टिविस्ट्स की ओर से इस फैसले की आलोचना होने की भी पूरी संभावना है। —————————– स्पोर्ट्स से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… इस बार कौन सी टीम जीत सकती है IPL:CSK स्पिनर्स की इकोनॉमी 7.50 से कम, पंजाब खिताब की दावेदार; टीमों का एनालिसिस, पार्ट-1 IPL का 19वां सीजन 28 मार्च से शुरू होगा। 10 टीमों के बीच 74 मैच के बाद विजेता का फैसला होगा। 7 टीमें टाइटल जीत चुकी हैं, वहीं दिल्ली, पंजाब और लखनऊ को पहले खिताब का इंतजार है। पूरी खबर दैनिक
बुमराह को पत्नी संजना ने किया रोस्ट:धुरंधर 2 का वायरल मीम सोशल मीडिया पर शेयर किया; पूछा- घर की याद नहीं आई तुझे जस्सी?

भारतीय क्रिकेटर जसप्रीत बुमराह की पत्नी संजना गणेशन ने धुरंधर 2 का वायरल मीम पोस्ट कर उन्हें रोस्ट किया है। संजना ने बुमराह के बॉयज नाइट’ के प्लान पर ताना मारते हुए सोशल मीडिया पोस्ट की। उन्होंने इंस्टाग्राम पर ‘धुरंधर 2’ का एक फेमस मीम शेयर किया। इसमें फिल्म के किरदार ‘पिंडा’ (उदयबीर संधू) की फोटो के साथ कैप्शन लिखा था “जब भी जसप्रीत बुमराह ‘बॉयज नाइट’ (दोस्तों के साथ बाहर जाने) का प्लान बनाने के बारे में सोचते हैं।” इसके साथ ही उन्होंने फिल्म का वायरल डायलॉग “घर की याद नहीं आई तुझे, जस्सी?” भी पोस्ट किया। संजना की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा मीम रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2’ सिर्फ सिनेमाघरों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके डायलॉग्स अब रोजमर्रा की बातचीत और जोक्स का हिस्सा बन गए हैं। संजना ने जिस “घर की याद नहीं आई…” डायलॉग का इस्तेमाल किया है, वह फिल्म के सबसे चर्चित सीन्स में से एक है। संजना ने इस डायलॉग के जरिए हल्के-फुल्के अंदाज में यह जताने की कोशिश की कि बुमराह को दोस्तों के साथ बाहर जाने से ज्यादा घर की याद नहीं आती। बॉक्स ऑफिस पर 900 करोड़ का आंकड़ा पार विवादों और मीम्स के बीच ‘धुरंधर 2’ बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड बना रही है। फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 145 करोड़ की रिकॉर्ड ओपनिंग की थी। महज कुछ ही दिनों में फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 900 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रणवीर सिंह के अलावा अर्जुन रामपाल, आर. माधवन, संजय दत्त, राकेश बेदी और सारा अर्जुन जैसे दिग्गज कलाकार हैं। फिल्म में रणवीर सिंह और अर्जुन रामपाल के बीच का एक्शन फेस-ऑफ चर्चा का विषय बना हुआ है।
साउथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को 19 रन से हराया:चौथे टी-20 में एस्टरहुइजन की फिफ्टी, कूट्जी ने 3 विकेट लिए; सीरीज 2-2 से बराबर

वेलिंगटन में खेले गए चौथे टी-20 में साउथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को 19 रन से हराकर सीरीज 2-2 से बराबर कर ली। पांचवां मैच हेग्ले ओवल में 25 मार्च को खेला जाएगा। रविवार को पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम ने 20 ओवर में 164/5 का स्कोर बनाया। जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 18.5 ओवर में 145 रन पर ऑलआउट हो गई। एस्टरहुइजन के 57 रन साउथ अफ्रीका के लिए कॉनर एस्टरहुइजन ने 36 गेंद में 57 रन की पारी खेली। उनके अलावा रुबिन हरमन ने नाबाद 28 रन जोड़े। अंत में जॉर्ज लिंडे ने तेज 14 रन बनाकर टीम को 160 के पार पहुंचाया। न्यूजीलैंड की ओर से काइल जैमीसन ने शुरुआत में विकेट मेडेन डालकर दबाव बनाया। बाद में बेन सीयर्स ने भी कसी हुई गेंदबाजी की और आखिरी ओवर में सिर्फ 2 रन दिए। न्यूजीलैंड की तेज शुरुआत लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड को टिम रॉबिन्सन और डेब्यू कर रहे कैटेन क्लार्क ने तेज शुरुआत दिलाई। पावरप्ले में टीम ने 63/2 का स्कोर बना लिया था। रॉबिन्सन ने 32 रन बनाए, जबकि डेन क्लेवर ने भी कुछ अच्छे शॉट लगाए। साउथ अफ्रीका ने लगातार 3 विकेट लिए मध्य ओवर में साउथ अफ्रीका ने मैच पर पकड़ बना ली। टीम ने लगातार विकेट लेकर न्यूजीलैंड को 96/5 पर रोक दिया। प्रेनेलन सुब्रायन ने क्लेवर और बेवन जैकब्स को आउट किया, जबकि ओटनील बार्टमैन और केशव महाराज ने भी अहम विकेट लिए। आखिरी ओवरों में न्यूजीलैंड की कोशिशें जारी रहीं, लेकिन टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। जेराल्ड कूट्जी ने 3 विकेट लेकर जीत पक्की की और 19वें ओवर में आखिरी विकेट लेकर मैच खत्म किया। ——————————— क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें कोहली ने लंदन के लिए चार्टर्डफ्लाइट वाली खबर को नकारा RCB से ऐसी कोई डिमांड नहीं की; इंस्टाग्राम पर हंसने वाली इमोजी लगाई IPL 2026 से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बल्लेबाज विराट कोहली ने लंदन आने-जाने के लिए चार्टर्ड फ्लाइट मांगने की खबरों को खारिज कर दिया है। उन्होंने इन रिपोर्ट्स को अफवाह बताते हुए इंस्टाग्राम पर हंसने वाले इमोजी के साथ प्रतिक्रिया दी। पढ़ें पूरी खबर…
IPL की प्रैक्टिस छोड़, वैभव सूर्यवंशी ने थामा कैमरा:हेलमेट उतारकर कहा-अपने हीरो को देख लो, थोड़ी देर शूटिंग की, फिर बोले- क्रिकेट ही ठीक है

IPL 2026 की तैयारियों को लेकर राजस्थान रॉयल्स टीम की ट्रेनिंग चल रही है। ट्रेनिंग सेशल के दौरान का वैभव सूर्यवंशी ने एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो में वैभव बल्ला छोड़ कैमरे पर हाथ आजमाते नजर आ रहे हैं। हाथ में कैमरा लिए वैभव कहते हैं, “कुछ तो काम करो, टाइम पास करने से अच्छा है।” इसके बाद अलग-अलग एंगल से ग्राउंड का शॉट बनाने लगते हैं। कुछ देर कैमरे पर हाथ आजमाने के बाद वैभव कैमरे को लॉक करने की कोशिश करते हैं, लेकिन उनसे लॉक नहीं होता। तब वैभव कहते हैं, “बहुत मुश्किल है ये।” इसके बाद वे अपना हेलमेट उतार देते हैं। हेलमेट उतारने के बाद वैभव ने कहा, “हेलमेट निकाल लेता हूं तभी तो देखोगे हीरो को।’ इसके बाद फिर वह कैमरे से वीडियो बनाने लगते हैं। थोड़ी देर संघर्ष करने के बाद वैभव हार मान लेते हैं और कहते हैं, ‘मेरे से ये सब नहीं होगा। मेरे लिए क्रिकेट ही ठीक है।” कैमरा थामे वैभव की 4 तस्वीरें देखिए… कोशिश है कि अपनी टीम के लिए ट्रॉफी जीतूं- वैभव अब एक बार फिर से राजस्थान को वैभव से काफी उम्मीदें हैं। सोशल मीडिया X पर राजस्थान रॉयल्स ने वैभव का एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वैभव IPL में 2 से 3 हजार बनाने की बात कह रहे हैं। दरअसल रिपोर्टर ने वैभव से पूछा- IPL 2026 में आपका लक्ष्य क्या है, आप कितने रन बनाना चाहते हैं और क्या ऑरेंज कैप जीतना चाहते हैं? इस पर वैभव ने हंसते हुए कहा, “ऐसे सवाल पूछेंगे तो मैं दो-तीन हजार रन बोल दूंगा।” उनका जवाब सुनकर वहां मौजूद लोग ठहाके लगाने लगे। इसके बाद वैभव ने कहा, “मैंने कोई खास लक्ष्य तय नहीं किया है। प्रक्रिया का पालन कर रहा हूं और टीम के लिए ट्रॉफी जीतना चाहता हूं। मेरा कोई निजी लक्ष्य नहीं है। हम बस इस सीजन में बेहतर प्रदर्शन करने के इरादे से आगे बढ़ रहे हैं।” इससे पहले BCCI ने नमन अवॉर्ड्स में वैभव ने अपने गोल के बारे में भी बताते हुए कहा, ‘यही कोशिश है कि अपनी टीम के लिए ट्रॉफी जीतूं। अगर मैं टीम के लिए ट्रॉफी जीतूंगा तो मेरी फ्रेंचाइजी को फायदा होगा और मेरा भी परफॉर्मेंस निखरेगा।’ जब संजू ने वैभव की मिमिक्री की BCCI नमन अवॉर्ड्स 2026 में खिलाड़ियों ने मंच पर कई दिलचस्प किस्से साझा किए। इस दौरान संजू सैमसन ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की मिमिक्री करते हुए उनके IPL डेब्यू से पहले का मजेदार किस्सा सुनाया। संजू ने कहा- मैदान पर वैभव का खेल देखकर ऐसा लगा मानो वे कोई वीडियो गेम खेल रहे हों। वहीं पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने मौजूदा भारतीय टीम की तारीफ करते हुए कहा कि अब भारत का असली दम नजर आने लगा है। समारोह में स्टेज पर हार्दिक पंड्या, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी मौजूद थे। बातचीत के दौरान सैमसन ने बताया कि राजस्थान रॉयल्स के लिए डेब्यू से पहले हेड कोच राहुल द्रविड़ ने वैभव से उनके गेम प्लान के बारे में पूछा था। सैमसन ने बताया कि द्रविड ने वैभव से पूछा, तुम्हारा गेम प्लान क्या है? इस पर वैभव ने कहा, ऐसा कुछ नहीं है सर, हम तो खेलेंगे। जब द्रविड़ ने दोबारा पूछा तो वैभव बोले, अगर हमें पहली बॉल मिली तो हम उसे उड़ा देंगे। सैमसन ने कहा कि वैभव ने मैदान पर भी लगभग वैसा ही खेल दिखाया और उन्हें देखकर लगा कि वह कोई अलग ही वीडियो गेम खेल रहे हैं। सूर्यवंशी की नजर गेल के रिकॉर्ड पर BCCI नमन अवॉर्ड्स 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने अपने क्रिकेट सपनों के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि वे टी-20 क्रिकेट में क्रिस गेल के 175 रन के रिकॉर्ड को तोड़ना चाहते हैं। वैभव ने बताया कि उन्होंने 2017 में पुणे सुपर जायंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच मैच स्टेडियम में देखा था। उन्होंने अपनी पसंदीदा फिल्म का नाम धुरंधर भी बताया। वैभव सूर्यवंशी की फेवरेट मूवी है धुरंधर वैभव ने अपने फेवरेट मूवी के बारे में भी बताया है। उन्होंने कहा कि उन्हें ‘धुरंधर’ फिल्म काफी पसंद है। वहीं, एंकर हर्षा भोगले ने वैभव सूर्यवंशी से जब उनके फर्स्ट वीडियो गेम के बारे में पूछा तो उन्होंने जो जवाब दिया कि, वह वीडियो गेम खेलते ही नहीं है। इस पर हर्षा भोगले ने बोला, ‘आपका तो क्रिकेट ही वीडियो गेम की तरह है।’ जब हर्षा भोगले ने वैभव से उनकी पहली गाड़ी के बारे में पूछा। इसके जवाब में वैभव ने हंसते हुए कहा, ‘मैंने सर अभी तक गाड़ी नहीं ली है।’ IPL में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले खिलाड़ी हैं वैभव वैभव पिछले साल ही राजस्थान टीम के साथ जुड़े थे और उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। वे पिछले सीजन में दूसरे सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ी बने थे। इसके साथ ही वे सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले खिलाड़ी भी बने थे।
Rwandas Fani Becomes First Woman Player To Score T20 Debut Century

35 मिनट पहले कॉपी लिंक फैनी ने न सिर्फ डेब्यू पर शतक का रिकॉर्ड बनाया, बल्कि वे महिला टी-20 इंटरनेशनल में शतक लगाने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी भी बन गई हैं। रवांडा की 15 साल की फैनी उतागुशिमानिंदे ने टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू मैच में शतक लगाने वाली पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। उन्होंने नाइजीरिया इनविटेशनल महिला टी-20 टूर्नामेंट में घाना के खिलाफ 65 गेंद में नाबाद 111 रन बनाए। सबसे कम उम्र में शतक का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया फैनी ने न सिर्फ डेब्यू पर शतक का रिकॉर्ड बनाया, बल्कि वे महिला टी-20 इंटरनेशनल में शतक लगाने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी भी बन गई हैं। शतक पूरा करते समय उनकी उम्र 15 साल 223 दिन थी। इससे पहले यह रिकॉर्ड युगांडा की प्रोस्कोविया अलाको के नाम था, जिन्होंने 2019 में माली के खिलाफ 16 साल 233 दिन की उम्र में 116 रन बनाए थे। टी-20 डेब्यू मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने का 19 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ा फैनी ने महिला टी-20 डेब्यू में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। उन्होंने 19 साल पहले बने इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया है। 2005 में ऑस्ट्रेलिया की कैरेन रोलटन ने इंग्लैंड के खिलाफ अपने पहले मैच में नाबाद 96 रन बनाए थे। रवांडा ने 122 रनों से जीता मुकाबला फैनी की शतकीय पारी की बदौलत रवांडा ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 3 विकेट खोकर 210 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। फैनी के बाद टीम के लिए मरवेइल उवासे ने 19 गेंदों में 32 रन बनाए। खास बात यह रही कि घाना की टीम ने 25 वाइड समेत कुल 28 रन एक्स्ट्रा के रूप में दिए। जवाब में घाना की टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 88 रन ही बना सकी और रवांडा ने यह मैच 122 रनों के बड़े अंतर से जीत लिया। पुरुष क्रिकेट में भी किसी फुल मेंबर देश के खिलाड़ी ने नहीं किया ऐसा डेब्यू मैच में शतक लगाने का कारनामा पुरुष टी-20 इंटरनेशनल में अब तक चार बल्लेबाजों ने किया है, लेकिन इनमें से कोई भी भारत, ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड जैसे ‘फुल मेंबर’ देशों से नहीं है। पुरुषों में डेब्यू पर सबसे बड़ा स्कोर कनाडा के मैथ्यू स्पूर्स (108* रन) के नाम है। वहीं, सबसे युवा पुरुष सेंचुरी मेकर फ्रांस के गुस्ताव मैककॉन (18 साल 280 दिन) हैं। फैनी ने इन सभी को उम्र के मामले में पीछे छोड़ दिया है। —————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… आकाश दीप IPL 2026 से बाहर हुए:KKR के पेसर इंजरी के कारण नहीं खेलेंगे; मेगा ऑक्शन में एक करोड़ में खरीदा था कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को IPL 2026 से पहले एक और झटका लगा है। टीम के तेज गेंदबाज आकाश दीप पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं। शनिवार को क्रिकेट वेबसाइट क्रिकबज को फ्रेंचाइजी के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









