PSG ने लगातार दूसरी बार चैंपियंस लीग खिताब जीता:सेलिब्रेशन में तोड़फोड़ और आगजनी, 416 लोग गिरफ्तार; 7 सुरक्षाकर्मी घायल

चैंपियंस लीग में पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) की जीत के सेलिब्रेशन ने भगदड़ का रूप ले लिया। रविवार तड़के फ्रांस के अलग-अलग शहरों में तोड़फोड़, आगजनी और हिंसा की कई घटनाएं हुईं। पुलिस ने 416 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। गृह मंत्रालय के अनुसार सबसे ज्यादा तनाव पेरिस में रहा, जहां 280 लोगों को हिरासत में लिया गया। झड़प में 7 पुलिसकर्मी घायल हुए। आंतरिक मामलों के मंत्री लॉरेंट नुनेज ने हिंसा की निंदा करते हुए स्थिति को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है। बुडापेस्ट में खेले गए UEFA चैंपियंस लीग फाइनल में PSG ने आर्सेनल को पेनाल्टी शूटआउट में 4-3 से हराया। उसने लगातार दूसरी बार खिताब जीता। PSG ने पिछले साल म्यूनिख में इंटर मिलान को 5-0 से हराया था। अब 1993 के बाद अपने टाइटल को डिफेंड करने वाला दुनिया का दूसरा क्लब बना। टूर्नामेंट के इतिहास में PSG लगातार दो बार खिताब जीतने वाला 10वां क्लब बना। रियल मैड्रिड के बाद पहली बार किसी टीम ने ऐसा किया, इतिहास में 10वां क्लब चैंपियंस लीग के मॉर्डन एरा में रियल मैड्रिड ही अपना टाइटल डिफेंड करने में सफल रहा था। रियल मैड्रिड ने 2016 से 2018 के बीच तीन बार ट्रॉफी जीती थी। अब इस लिस्ट में PSG का नाम भी जुड़ गया है। खिताब जीतने के बाद PSG के मैनेजर लुइस एनरिक भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, ‘मेरे अंदर अभी मिक्स फीलिंग्स हैं। उत्साह भी है और थकान भी, सब कुछ एक साथ है। लेकिन यह इस पूरे सीजन का सबसे शानदार पल है। हम अभी भी चैंपियंस हैं, वो भी लगातार दो बार। यह वाकई अद्भुत और अविश्वसनीय है। पिछले फाइनल की टीम में सिर्फ एक खिलाड़ी बदला PSG की सफलता के पीछे टीम की बॉन्डिंग बड़ी वजह रही। आर्सेनल के खिलाफ फाइनल में 10 आउटफील्ड खिलाड़ी वही थे, जिन्होंने पिछले साल इंटर मिलान के खिलाफ खेला था। टीम में सिर्फ गोलकीपर बदला था। जियानलुइगी डोनाइरुमा समर ट्रांसफर में मैनचेस्टर सिटी गए थे, उनकी जगह मटवे सफोनोव ने जिम्मेदारी संभाली थी। पिछले 2 साल में लुइस एनरिक की टीम का दबदबा रहा। पिछले सीजन से अब तक PSG ने 10 में से 8 ट्रॉफियां जीतीं। वे सिर्फ क्लब वर्ल्ड कप और इस सीजन के फ्रेंच कप से चूके। अगर PSG का प्रदर्शन जारी रहा, तो वे लगातार तीन बार चैंपियंस लीग जीतने वाली पांचवीं टीम बन सकते हैं। हालांकि, रियल मैड्रिड के 1956-1960 के 5 खिताब के रिकॉर्ड से वे अभी दूर हैं। 45 गोल दागे, मार्शले को पछाड़कर फ्रांस का नंबर-1 क्लब बना PSG इस सीजन में हर मामले में बेस्ट रही। टीम ने चैंपियंस लीग में 45 गोल दागे और औसत बॉल पजेशन 60.5% रहा। यह उसका तीसरा फाइनल था। 2019-20 में पहले फाइनल में बायर्न म्यूनिख से 1-0 से हारी थी। अब दो खिताब जीतकर PSG फ्रांस का सबसे सफल क्लब बना और ‘मार्शले’ को पीछे छोड़ा, जिसके नाम एक खिताब है। ——————————————— फुटबॉल से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… वर्ल्ड कप के लिए अर्जेंटीना की टीम का ऐलान, मेसी कप्तानी करेंगे फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए अर्जेंटीना की 26 सदस्यीय टीम घोषित कर दी गई। अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन ने गुरुवार को स्क्वॉड का ऐलान किया। 39 साल के होने जा रहे लियोनेल मेसी टीम की कप्तानी करेंगे। यह उनका छठा वर्ल्ड कप होगा। इससे पहले वे 2006, 2010, 2014, 2018 और 2022 वर्ल्ड कप खेल चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर
सात्विक-चिराग सिंगापुर ओपन बैडमिंटन के फाइनल में पहुंचे:दुनिया की नंबर-1 जोड़ी को हराया; कोरिया के वर्ल्ड चैंपियंस को 21-19, 21-18 से हराया

भारत की मेंस डबल्स जोड़ी सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने सिंगापुर ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है। चौथी वरीयता वाली भारतीय जोड़ी ने शनिवार को खेले गए सेमीफाइनल में दुनिया की नंबर-1 साउथ कोरियाई जोड़ी किम वोन हो और सियो सेउंग जे को 21-19 और 21-18 से हरा दिया। 52 मिनट तक चले मुकाबले में सात्विक और चिराग ने 21-19, 21-18 से जीत दर्ज की। यह भारतीय जोड़ी की किम और सियो के खिलाफ पहली जीत भी है। पहले गेम में पिछड़ने के बाद वापसी की मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों जोड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। पहले गेम के मिड-गेम ब्रेक तक कोरियाई जोड़ी 13-11 से आगे थी। हालांकि, सात्विक और चिराग ने दबाव में शानदार खेल दिखाया। उन्होंने लगातार अंक जुटाए और वापसी करते हुए पहला गेम 21-19 से अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में भी सात्विक और चिराग 11-14 से पीछे चल रहे थे। फिर वापसी करते हुए दूसरा गेम 21-18 से जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। रविवार को दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से मुकाबला अब भारतीय जोड़ी दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से रविवार को भिड़ेगी। दूसरा सेमीफाइनल इंडोनेशिया की फजार अल्फियान-मुहम्मद शोहिबुल फिकरी जोड़ी और चीन की लियांग वेई कांग-चांग वांग के बीच होगा। मिश्रित युगल में भारत को निराशा मिश्रित युगल वर्ग में भारत को निराशा हाथ लगी है। ध्रुव कपिला और तनिषा क्रास्टो की जोड़ी सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गई। भारतीय जोड़ी को जापान के युइची शिमोगामी और सयाका होबारा के खिलाफ 16-21, 21-17, 13-21 से हार का सामना करना पड़ा। तीन गेम तक चले इस मुकाबले में ध्रुव और तनिषा ने दूसरे गेम में वापसी की, लेकिन आखिरी गेम में जापानी जोड़ी ने बाजी मार ली। ——————————– स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… विनेश फोगाट को हराने वाली मीनाक्षी गोयत की कहानी:मां के कैंसर से टूटीं, खुद के पैर में चोट, डॉक्टरों ने कहा था- चल नहीं पाएगी “पहले मां को कैंसर हुआ। फिर खुद के पैर में चोट लगी। डॉक्टरों ने कहा था कि सामान्य रूप से चलना भी मुश्किल हो सकता है, तब लगा था कि सब खत्म हो गया, लेकिन हार नहीं मानी।” हरियाणा के जींद जिले की 25 साल की पहलवान मीनाक्षी गोयत की यह कहानी संघर्ष, जज्बे और मेहनत की मिसाल है। पूरी खबर पढ़ें…
कौन है मिनाक्षी, जिसने विनेश को हराया:रिश्तेदारों ने मारे ताने, जॉन सीना से प्रेरित होकर 10 साल की उम्र से खेल रही कुश्ती

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल खेल स्टेडियम में चल रहे एशियन गेम्स 2026 के सिलेक्शन ट्रायल्स में शनिवार को कुश्ती जगत का सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला। अदालती जंग जीतकर 53 किलोग्राम भारवर्ग के मैट पर उतरीं दिग्गज ओलंपियन विनेश फोगाट को हरियाणा के जींद की रहने वाली युवा पहलवान मीनाक्षी ने सेमीफाइनल मुकाबले में 6-4 से करारी शिकस्त दे दी। विनेश जैसी धाकड़ पहलवान को हराकर मीनाक्षी ने न केवल सबको हैरान कर दिया, बल्कि विनेश का एशियन गेम्स खेलने का सपना भी तोड़ दिया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद अचानक सुर्खियों में आईं मीनाक्षी की सफलता के पीछे कड़े संघर्ष, रिश्तेदारों के तानों और माता-पिता के बेजोड़ त्याग की एक बेहद प्रेरणादायक कहानी छिपी है। सेमीफाइनल में दिखाया आक्रामक और रक्षात्मक खेल का बेजोड़ संतुलन ट्रायल्स में लगातार दो बाउट जीतकर आत्मविश्वास से लबरेज विनेश फोगाट के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में मीनाक्षी ने शुरुआत से ही आक्रामक और रक्षात्मक (डिफेंसिव) रणनीति का बेजोड़ संतुलन दिखाया। विनेश जैसी अनुभवी और अंतरराष्ट्रीय स्तर की दिग्गज पहलवान के सामने मीनाक्षी ने जरा भी दबाव महसूस नहीं किया। पूरे मैच के दौरान दोनों के बीच एक-एक अंक बटोरने की कड़ी जंग चली। लेकिन मीनाक्षी ने अपनी फुर्ती और बेहतरीन दांव-पेंच के दम पर विनेश को बैकफुट पर धकेल दिया और यह हाई-वोल्टेज मुकाबला 6-4 से जीतकर इतिहास रच दिया। अब यहां पढ़िए, मीनाक्षी के करियर की कहानी… WWE के ‘जॉन सीना’ हैं फेवरेट, 10 साल की उम्र से शुरू की कुश्ती अपनी इस कामयाबी पर मीनाक्षी बताती हैं कि कुश्ती के प्रति उनका जुनून बचपन से ही था। उन्होंने कहा, “WWE के मशहूर रेसलर जॉन सीना मेरे सबसे पसंदीदा खिलाड़ी हैं। टीवी पर उन्हें देखकर ही मुझे प्रेरणा मिली और मैंने महज 10 साल की उम्र से ही कुश्ती की बारीकियां सीखनी और ट्रेनिंग शुरू कर दी थी।” मीनाक्षी ने शुरुआत में जींद जिले के अपने पैतृक गांव नडानी के स्थानीय कुश्ती सेंटर से प्रैक्टिस शुरू की थी। रिश्तेदार कहते थे- लड़की को बाहर भेजना सही नहीं मीनाक्षी के लिए इस मुकाम तक पहुंचना आसान नहीं था। समाज और रिश्तेदारों की रूढ़िवादी सोच उनके रास्ते का सबसे बड़ा रोड़ा बनी। मीनाक्षी ने बताया, जब मेरे माता-पिता ने मुझे बेहतर ट्रेनिंग दिलाने के लिए घर से दूर हॉस्टल भेजने का फैसला किया, तो रिश्तेदारों ने इसका कड़ा विरोध किया। वे मेरे पैरंट्स को ताने मारते थे कि लड़की को कुश्ती सिखाना और घर से बाहर भेजना ठीक नहीं है। लेकिन मीनाक्षी ने हार नहीं मानी। जब दंगल में जीतने लगी पैसे, तो रिश्तेदारों के बदले सुर जल्द ही उन्होंने कैडेट वर्ग में मेडल जीता, जिसके बाद हरियाणा सरकार की ओर से उन्हें कैश अवॉर्ड (नकद पुरस्कार) मिलने लगे। मीनाक्षी जब दंगल में जाकर पैसे जीतने लगीं, तो रिश्तेदारों ने फिर सुर बदल लिए और ताना मारा कि पैरंट्स अपनी लड़की को सिर्फ पैसे कमाने के लिए कुश्ती में भेजते हैं। हालांकि, मीनाक्षी और उनके माता-पिता ने इन नकारात्मक बातों को हमेशा नजरअंदाज किया। बेटी के सपनों के लिए पिता ने बदली जगह, सोनीपत में चलाते हैं डेयरी मीनाक्षी तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। अपनी होनहार बेटी की कुश्ती में गहरी रुचि और प्रतिभा को देखकर उनके परिवार ने एक बड़ा फैसला लिया। मीनाक्षी को देश के सबसे बेहतरीन रेसलिंग हब (सोनीपत) में ट्रेनिंग मिल सके, इसके लिए पूरा परिवार जींद छोड़कर सोनीपत शिफ्ट हो गया। मीनाक्षी के घर का पूरा खर्च और उनकी डाइट का जिम्मा उनके पिता उठाते हैं, जो सोनीपत में ही एक डेयरी चलाते हैं। मीनाक्षी ने खेलों के साथ-साथ अपनी पढ़ाई को भी प्रभावित नहीं होने दिया, उन्होंने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से बीए (BA) की डिग्री हासिल की है।
विनेश फोगाट की ट्रायल प्रक्रिया आज:दिल्ली के स्टेडियम पहुंचीं; मैट से VIDEO आई सामने, छावनी में तब्दील किया क्षेत्र

देश की दिग्गज पहलवान विनेश फोगाट आज शनिवार को एशियन गेम्स 2026 के लिए आयोजित हो रहे महत्वपूर्ण सिलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लेने स्टेडियम पहुंच चुकी हैं। यह बड़ा घटनाक्रम सुप्रीम कोर्ट द्वारा शुक्रवार को दी गई उस ऐतिहासिक राहत के बाद सामने आया है, जिसमें शीर्ष अदालत ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की तमाम आपत्तियों को दरकिनार करते हुए विनेश को इस चयन प्रक्रिया में उतरने की विशेष अनुमति दी थी। स्टेडियम पहुंचीं विनेश, चेहरे पर दिखा पूरा फोकस आयोजन स्थल यानी इंदिरा गांधी स्टेडियम से विनेश फोगाट की जो तस्वीरें और विजुअल्स सामने आ रहे हैं, उनमें वे मैट पर उतरने से पहले अपने कोच और सपोर्ट स्टाफ के साथ रणनीति बनाती और वॉर्म-अप करती हुई दिखाई दे रही हैं। उनके चेहरे पर इस बड़े मुकाबले को लेकर बेहद गंभीरता और पूरा फोकस साफ नजर आ रहा है। कुश्ती महासंघ के साथ चल रहे हालिया विवादों और इस हाई-प्रोफाइल मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे स्टेडियम और ट्रायल एरिया के आसपास दिल्ली पुलिस द्वारा सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि बिना किसी बाधा के पारदर्शी तरीके से ट्रायल्स संपन्न कराए जा सकें। सुप्रीम कोर्ट का संदेश- कंट्री फर्स्ट’, विनेश के करियर के लिए आज का दिन बेहद निर्णायक शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विनेश फोगाट की खेल उपलब्धियों और देश के प्रति उनके योगदान का सम्मान करते हुए उन्हें ट्रायल्स में शामिल होने की इजाजत दी थी। हालांकि, शीर्ष अदालत ने इस दौरान ‘कंट्री फर्स्ट’ (देश सबसे पहले) का एक कड़ा और स्पष्ट संदेश भी दिया था। अदालत ने कहा था कि विनेश ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है, इसलिए उन्हें यह मौका मिलना चाहिए, लेकिन हमेशा देश का हित सर्वोपरि होना चाहिए। आज होने वाले ये ट्रायल्स विनेश के करियर के लिए बेहद निर्णायक साबित होंगे, क्योंकि यहाँ जीत दर्ज करते ही वे आगामी एशियन गेम्स 2026 में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए अपनी दावेदारी पक्की कर लेंगी। हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी चिंता विनेश फोगाट को इस चयन प्रक्रिया में शामिल होने की विशेष छूट देने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने खेल महासंघों के तकनीकी और आंतरिक चयन मामलों में अदालतों के बढ़ते दखल पर गहरी चिंता भी जताई थी। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट लहजे में कहा था कि खेल के मामले किसी मेडिकल कॉलेज के एडमिशन की तरह नहीं हैं, बल्कि ये राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल स्पर्धाएं हैं, जिनमें महासंघों की चयन प्रक्रिया का एक तय शेड्यूल होता है। कोर्ट ने यह टिप्पणी इसलिए की ताकि भविष्य में अदालती फैसलों की वजह से खेल के तय नियम और चयन प्रक्रियाएं बाधित न हों, लेकिन विनेश की साख और देश के लिए उनके पदकों को देखते हुए उन्हें इस बार ट्रायल्स में उतरने की अनुमति प्रदान की गई।
NZ Wins Test vs Ireland

7 मिनट पहले कॉपी लिंक न्यूजीलैंड ने बेलफास्ट टेस्ट में आयरलैंड को पारी और 79 रन से हरा दिया। शुक्रवार को फॉलोऑन खेलने उतरी आयरलैंड की टीम दूसरी पारी में 232 रन पर सिमट गई। तेज गेंदबाज ब्लेयर टिकनर ने टेस्ट क्रिकेट में पहली बार 5 विकेट लिए। कीवियों ने तीसरे दिन की शुरुआत 65/2 से की और 232 रन पर ऑलआउट हो गई। पहली पारी में उसने 179 रन बनाए थे। न्यूजीलैंड ने पहली पारी में 490 रन का स्कोर खड़ा किया। टॉम ब्लेंडल और रचिन रवींद्र ने शतकीय पारियां खेलीं। ब्लेंडल को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। टिकनर के बाउंसरों के आगे आयरलैंड ने सरेंडर किया मैच के तीसरे दिन आयरलैंड 246 रन पीछे थी। पहली पारी में 6 विकेट लेने वाले नाथन स्मिथ ने सुबह के पहले 5 ओवर में नाइटवॉचर थॉमस मेस को स्लिप में कैच आउट कराकर आयरलैंड को पहला झटका दिया। ब्लेयर टिकनर की तेज बाउंसर हैरी टेक्टर के बल्ले के हैंडल पर लगी और वे स्लिप में कैच दे बैठे। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए कर्टिस कैंपर टिकनर की उठती गेंद को संभाल नहीं पाए और गेंद उनके बाएं हाथ पर लगी। कैंपर दर्द से कराह उठे और 4 रन पर रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर चले गए। उन्हें तुरंत स्कैन के लिए अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद सलामी बल्लेबाज स्टीफन डोहेनी टिकनर की शॉर्ट डिलीवरी पर गल्ली में कैच दे बैठे। आउट होने से पहले डोहेनी ने 51 रन बनाए। लंच तक आयरलैंड ने 131 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे। लॉर्कन टकर की फिफ्टी, अडायर की पारी भी काम नहीं आई लंच के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज लॉर्कन टकर ने काउंटर अटैक शुरू किया और 69 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। हालांकि, फिफ्टी पूरी करते ही वे अगली गेंद पर टिकनर का शिकार बन गए। टकर ने बाउंसर पर पुल शॉट खेलने की कोशिश में विकेटकीपर के ऊपर हवा में शॉट खेला, जिसे स्लिप से भागकर आए डेरिल मिचेल ने लपक लिया। टकर 51 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद नंबर 9 पर आए मार्क एडेयर ने कीवी गेंदबाजों के बाउंसरों का जवाब आक्रामक बल्लेबाजी से दिया। वे लेग स्टंप की तरफ हटकर लगातार क्रॉस-बैट शॉट्स खेलते रहे। एडेयर ने 47 गेंदों में नाबाद 44 रन की तेज पारी खेली, जिसमें उन्होंने मिडविकेट बाउंड्री के ऊपर से बड़े शॉट्स लगाए। टिकनर का पहला फाइव-विकेट हॉल आयरलैंड की पारी का अंत तब हुआ जब रूबेन विल्सन बाहर जाती गेंद पर बल्ला अड़ा बैठे और विकेटकीपर टॉम ब्लंडेल को कैच दे बैठे। विल्सन का विकेट गिरते ही ब्लेयर टिकनर ने टेस्ट करियर में पहली बार 5 विकेट पूरे किए। कैंपर के चोटिल होने के कारण आयरलैंड एक बल्लेबाज कम के साथ 232 रन पर ऑलआउट हो गई। न्यूजीलैंड टीम लंदन के लिए रवाना, अब इंग्लैंड से भिड़ेगी इस जीत के बाद न्यूजीलैंड की टीम लंदन रवाना होगी, जहां उसे इंग्लैंड के खिलाफ 3 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। दूसरी तरफ, आयरलैंड की टीम जून के आखिरी हफ्ते में भारत के खिलाफ होने वाली टी20 इंटरनेशनल सीरीज की तैयारियों में जुटेगी। —————————————- बेलफास्ट टेस्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… न्यूजीलैंड ने बेलफास्ट में चल रहे इकलौते टेस्ट में आयरलैंड पर शिकंजा कस लिया। उसने गुरुवार को पहली पारी 490/8 के स्कोर पर घोषित की। इतना ही नहीं, आयरिश टीम को पहली पारी में 179 पर ऑलआउट करके फॉलोऑन खेलने पर मजबूर किया। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
NZ Wins Test vs Ireland

23 मिनट पहले कॉपी लिंक न्यूजीलैंड ने बेलफास्ट टेस्ट में आयरलैंड को पारी और 79 रन से हरा दिया। शुक्रवार को फॉलोऑन खेलने उतरी आयरलैंड की टीम दूसरी पारी में 232 रन पर सिमट गई। तेज गेंदबाज ब्लेयर टिकनर ने टेस्ट क्रिकेट में पहली बार 5 विकेट लिए। कीवियों ने तीसरे दिन की शुरुआत 65/2 से की और 232 रन पर ऑलआउट हो गई। पहली पारी में उसने 179 रन बनाए थे। न्यूजीलैंड ने पहली पारी में 490 रन का स्कोर खड़ा किया। टॉम ब्लेंडल और रचिन रवींद्र ने शतकीय पारियां खेलीं। ब्लेंडल को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। टिकनर के बाउंसरों के आगे आयरलैंड ने सरेंडर किया मैच के तीसरे दिन आयरलैंड 246 रन पीछे थी। पहली पारी में 6 विकेट लेने वाले नाथन स्मिथ ने सुबह के पहले 5 ओवर में नाइटवॉचर थॉमस मेस को स्लिप में कैच आउट कराकर आयरलैंड को पहला झटका दिया। ब्लेयर टिकनर की तेज बाउंसर हैरी टेक्टर के बल्ले के हैंडल पर लगी और वे स्लिप में कैच दे बैठे। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए कर्टिस कैंपर टिकनर की उठती गेंद को संभाल नहीं पाए और गेंद उनके बाएं हाथ पर लगी। कैंपर दर्द से कराह उठे और 4 रन पर रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर चले गए। उन्हें तुरंत स्कैन के लिए अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद सलामी बल्लेबाज स्टीफन डोहेनी टिकनर की शॉर्ट डिलीवरी पर गल्ली में कैच दे बैठे। आउट होने से पहले डोहेनी ने 51 रन बनाए। लंच तक आयरलैंड ने 131 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे। लॉर्कन टकर की फिफ्टी, अडायर की पारी भी काम नहीं आई लंच के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज लॉर्कन टकर ने काउंटर अटैक शुरू किया और 69 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। हालांकि, फिफ्टी पूरी करते ही वे अगली गेंद पर टिकनर का शिकार बन गए। टकर ने बाउंसर पर पुल शॉट खेलने की कोशिश में विकेटकीपर के ऊपर हवा में शॉट खेला, जिसे स्लिप से भागकर आए डेरिल मिचेल ने लपक लिया। टकर 51 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद नंबर 9 पर आए मार्क एडेयर ने कीवी गेंदबाजों के बाउंसरों का जवाब आक्रामक बल्लेबाजी से दिया। वे लेग स्टंप की तरफ हटकर लगातार क्रॉस-बैट शॉट्स खेलते रहे। एडेयर ने 47 गेंदों में नाबाद 44 रन की तेज पारी खेली, जिसमें उन्होंने मिडविकेट बाउंड्री के ऊपर से बड़े शॉट्स लगाए। टिकनर का पहला फाइव-विकेट हॉल आयरलैंड की पारी का अंत तब हुआ जब रूबेन विल्सन बाहर जाती गेंद पर बल्ला अड़ा बैठे और विकेटकीपर टॉम ब्लंडेल को कैच दे बैठे। विल्सन का विकेट गिरते ही ब्लेयर टिकनर ने टेस्ट करियर में पहली बार 5 विकेट पूरे किए। कैंपर के चोटिल होने के कारण आयरलैंड एक बल्लेबाज कम के साथ 232 रन पर ऑलआउट हो गई। न्यूजीलैंड टीम लंदन के लिए रवाना, अब इंग्लैंड से भिड़ेगी इस जीत के बाद न्यूजीलैंड की टीम लंदन रवाना होगी, जहां उसे इंग्लैंड के खिलाफ 3 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। दूसरी तरफ, आयरलैंड की टीम जून के आखिरी हफ्ते में भारत के खिलाफ होने वाली टी20 इंटरनेशनल सीरीज की तैयारियों में जुटेगी। —————————————- बेलफास्ट टेस्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… न्यूजीलैंड ने बेलफास्ट में चल रहे इकलौते टेस्ट में आयरलैंड पर शिकंजा कस लिया। उसने गुरुवार को पहली पारी 490/8 के स्कोर पर घोषित की। इतना ही नहीं, आयरिश टीम को पहली पारी में 179 पर ऑलआउट करके फॉलोऑन खेलने पर मजबूर किया। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Commonwealth Games 2030: Yogasan to be Included

Hindi News Career Commonwealth Games 2030: Yogasan To Be Included | Randhir Singh Dies 9 मिनट पहले कॉपी लिंक 1. भारत में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम शुरू 26 मई को भारत में देश का पहला ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) शुरू किया। इस बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की कुल कैपिसिटी 3.37 गीगावाट/घंटे है। ये रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने गुजरात में कच्छ सीमा पर खवड़ा में शुरू की है। BESS सिस्टम के बाद बैटरियों में सौर या पवन ऊर्जा से बनी बिजली को स्टोर की जरूरत पड़ने पर किसी भी शहर को सप्लाई दी जा सकती है। ये BESS सिस्टम 10 महीने में शुरू किया गया है। इस सिस्टम से पूरे एक शहर जैसे गोवा, इंदौर,चंडीगढ़ में बिजली दी जा सकती है। BESS सिस्टम स्टोरेज 1.2 करोड़ एलईडी बल्ब 10 घंटे तक लगातार जलाकर रख सकता है। भारत इतने बड़े रिन्यूएबल एनर्जी स्टोरेज में चीन के बाद दुनिया का दूसरा देश होगा। चीन ने इनर मंगोलिया और शिनजियांग प्रांतों में दुनिया के सबसे बड़े बैटरी प्रोजेक्ट्स लगाए हैं। चीन के छगन हाडा प्रोजेक्ट की क्षमता 4 हजार मेगा वॉट घंटा है। ये बैटरियां माइनस 35 डिग्री सेल्सियस में भी बिना रुके काम करती हैं। बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS); BESS ऐसी टेक्नोलॉजी है, जिसमें बिजली को रिचार्जेबल बैटरियों में स्टोरेज किया जाता है, ताकि जरूरत पड़ने पर उसका उपयोग किया जा सके। यूटिलिटी लेवल की BESS परियोजनाओं में मुख्य रूप से लिथियम-आयन बैटरियों, पावर कन्वर्जन सिस्टम और ऊर्जा प्रबंधन तकनीकों का उपयोग किया जाता है। चीन को छोड़कर पूरी दुनिया में एक ही जगह पर बना ये सबसे बड़ा बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट है। 2. सरकार कोल इंडिया में अपनी 2% हिस्सेदारी बेचेगी 27 मई को केंद्र सरकार ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए कोल इंडिया में अपनी 2% तक हिस्सेदारी बेचेगी। OFS के जरिए ये हिस्सेदारी 412 रुपए प्रति शेयर के न्यूनतम मूल्य पर बेची जाएगी। कोल इंडिया 2% हिस्सेदारी यानी लगभग 12.32 करोड़ शेयर 412 रुपए प्रति शेयर के भाव पर बेचने से लगभग 5,000 करोड़ रुपए सरकार को मिलेंगे। OFS में ‘ग्रीन शू’ ऑप्शन भी रखा गया है, पहले सरकार 1% शेयर बेचेगी, फिर और 1% शेयर की बिक्री की जाएगी। कोल इंडिया में इंवेस्टर्स 27 मई से बोली लगाना शुरू कर चुके हैं, नॉन रिटेल इंवेस्टर्स के लिए ये 29 मई को खुलेगी। सरकार का ऑफर फॉर सेल के जरिए कोल इंडिया के शेयर बेचने का उद्देश्य शेयर से आने वाले फंड से विनिवेश के लक्ष्य पूरे करना है। सरकार हर साल अपने बजट में विनिवेश के जरिए कमाई का एक लक्ष्य तय करती है। भारत सरकार के पास कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) में 63.13% हिस्सेदारी है। कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Lt.) भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के पूर्ण स्वामित्व वाली एक प्रमुख ‘महारत्न’ क्षेत्र कंपनी है, जिसका हेडक्वाटर कोलकाता, पश्चिम बंगाल है। ये दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वामित्व वाली कोयला उत्पादक कंपनी है और भारत के कुल कोयला उत्पादन में इसका लगभग 82% योगदान है। निधन 3. शूटर रणधीर सिंह का निधन 27 मई को भारत को एशियाई खेलों में शूटिंग में पहला गोल्ड दिलाने वाले रणधीर सिंह का निधन हो गया। वे 79 साल के थे। रणधीर 1968 से 1984 तक पांच बार के ओलंपियन रहे। 1978 में रणधीर ने एशियाई खेलों में ट्रैप शूटिंग में गोल्ड मेडल जीता था। 1979 में रणधीर को शूटिंग में एक्सिलेंस के लिए अर्जुन अवॉर्ड दिया गया था। रणधीर 1987 से 2012 तक भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) के जनरल सेक्रेटरी रहे। रणधीर 1991 से 2015 तक ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के अध्यक्ष रहे। 2004 में रणधीर को उनकी सेवाओं के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया। रणधीर 2024 में ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के प्रेसिडेंट बनने वाले पहले भारतीय बने। रणधीर 2001 से 2014 तक इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी के मेंबर रहे। 4. एक्टर रमाकांत दायमा का निधन 26 मई को टीवी और फिल्म एक्टर रमाकांत दायमा का निधन हो गया। वे 69 साल के थे। रमाकांत ने साल 2006 में संजय दत्त स्टारर फिल्म तथास्तु से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। बतौर एक्टर रमाकांत दायमा को सबसे ज्यादा लोकप्रियता प्रतीक गांधी स्टारर वेब सीरीज स्कैम 1992 से मिली थी। फिल्मों और टीवी में रहा लंबा सफर रमाकांत दायमा ने अपने करियर में कई यादगार किरदार निभाए। इसके अलावा वे अक्षय कुमार की फिल्म ‘राम सेतु’, सिद्धार्थ मल्होत्रा की ‘ब्रदर्स’ में भी नजर आए थे। रमाकांत दायमा ने शाहरुख खान अभिनीत सुपरहिट फिल्म ‘चक दे इंडिया’ में काम किया था। स्पोर्ट्स 5. कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 में ‘योगासन’ को शामिल किया जाएगा 27 मई को केंद्रीय खेल मंत्रालय के मुताबिक कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 में ‘योगासन’ को शामिल किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने वर्ल्ड योगासन चैम्पियनशिप 2026 के शुभारंभ के दौरान अहमदाबाद में योगासन को शामिल करने की बात कही है। ये चैंपियनशिप कई सारी कैटेगरी में खेली जाएंगी, जिसमें ट्रेडिशनल योग, आर्टिस्टिक (कलात्मक) योग, परफॉर्मेंस योगा और टीम कॉम्पिटिशन शामिल हैं। इसके साथ ही भारत कुछ और स्वदेशी खेलों कबडडी, खो खो, मलखंब को भी कॉमनवेल्थ में शामिल करने पर भी विचार कर रहा है। इसके साथ ही पहली वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप 4 से 8 जून तक अहमदाबाद में आयोजित की जाएगी, जिसमें 75 से ज्यादा देशों और 500 से ज्यादा एथलीट हिस्सा लेंगे। जिसमें एथलीट इंटरनेशनल लेवल पर नियमों के साथ जूनियर, युवा और स्पेशल कैटेगरी में हिस्सा लेंगे। भारत कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करेगा। 6. एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में दो भारतीयों ने गोल्ड जीते 26 मई को वियतनाम में चल रही एशियाई अंडर-23 कुश्ती चैंपियनशिप में दो फ्रीस्टाइल रेसलर कुमार, मोहित और चंद्रमोहन ने गोल्ड मेडल जीते। भारत ने कई सारी अलग-अलग कैटेगरी में मेडल जीतकर फ्रीस्टाइल में अब तक 6 मेडल जीत लिए हैं। कुमार मोहित ने 65 किलोग्राम कैटेगरी में और चंद्रमोहन ने 79 किलोग्राम कैटेगरी में में गोल्ड जीते। मोहित ने किर्गिस्तान के ओस्कोनबाई ए. अब्दिसमातोव को 12-4 से हराया अयर चंद्रमोहन ने कजाकिस्तान के येरखान अबिल को हराया। अंडर-23 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2026 वियतनाम के दा नांग (Da Nang) शहर में 23 मई 2026 से शुरू हुई है और 31 मई 2026 तक चलेगी।
पैरा जैवलिन थ्रोअर सुमित अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा:74.82 मीटर का भाला फेंका; दो बार पैरालंपिक में गोल्ड जीत चुके

पैरा जैवलिन थ्रोअर सुमित अंतिल ने अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया। बुधवार को बेंगलुरु में उन्होंने 74.82 मीटर का भाला फेंका। सुमित ने यह कारनामा 8वीं इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुषों की जैवलिन थ्रो F64 स्पर्धा में किया।उन्होंने पांचवें प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की। एशियन पैरा गेम्स में 73.29 मीटर का थ्रो किया था सुमित ने अपना ही पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा। इससे पहले उन्होंने 2023 में चीन के हांगझोउ में हुए एशियन पैरा गेम्स में 73.29 मीटर का थ्रो किया था। इस बार उन्होंने अपने पिछले बेस्ट प्रदर्शन से 1.53 मीटर ज्यादा दूरी हासिल की। एशियन गेम्स में भी इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे- सुमित रिकॉर्ड बनाने के बाद सुमित ने कहा, सोच रहा था कि वर्ल्ड रिकॉर्ड क्यों नहीं तोड़ पा रहा हूं। काफी समय हो गया था, लेकिन आज मैं यहां सिर्फ अपना पर्सनल बेस्ट करने आया था। उन्होंने आगे कहा, मुझे खुशी है कि मैंने अपना रिकॉर्ड 1.5 मीटर बेहतर किया। उम्मीद है कि मैं और मेरी टीम आने वाले पैरा एशियन गेम्स में भी इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे। 7 बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ चुके सुमित अब तक सात बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। उन्होंने जून 2019 में इटली में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स में 60.45 मीटर का भाला फेंककर पहला वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। उस मुकाबले में उन्होंने सिल्वर मेडल भी जीता था। इसके बाद नवंबर 2019 में दुबई में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 62.88 मीटर का थ्रो किया। मार्च 2021 में बेंगलुरु में हुई नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सुमित ने 66.90 मीटर का थ्रो कर फिर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। अगस्त 2021 में टोक्यो पैरालंपिक के फाइनल में सुमित ने एक ही मुकाबले में तीन बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने 66.95 मीटर, 68.08 मीटर और आखिर में 68.55 मीटर का थ्रो किया। इसी प्रदर्शन के साथ उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद जुलाई 2023 में पेरिस में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सुमित ने पहली बार 70 मीटर का आंकड़ा पार किया। उन्होंने 70.83 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। फिर 2023 में ही चीन के हांगझोउ में एशियन पैरा गेम्स में सुमित ने 73.29 मीटर का थ्रो किया। नीरज चोपड़ा से प्रेरणा मिली- सुमित सुमित को 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और 2022 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। सुमित हरियाणा के सोनीपत से हैं और ओलिंपिक मेडलिस्ट पहलवान योगेश्वर दत्त को अपना आदर्श मानते हैं। वहीं, जैवलिन स्टार नीरज चोपड़ा से भी उन्हें काफी प्रेरणा मिली है। पैरा जैवलिन क्या है? पैरा जैवलिन दिव्यांग एथलीटों की भाला फेंक स्पर्धा है। इसमें खिलाड़ी दौड़कर भाले को ज्यादा से ज्यादा दूरी तक फेंकते हैं। F64 पैरा एथलेटिक्स में वे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिनका पैर घुटने के नीचे से कटा होता है। इस वर्ग के खिलाड़ी कार्बन-फाइबर से बने कृत्रिम पैर का उपयोग करते हैं। इसी की मदद से वे दौड़ते और थ्रो करते हैं।
पैरा जैवलिन थ्रोअर सुमित ने अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा:74.82 मीटर दूर भाला फेंका; दो बार पैरालंपिक में गोल्ड जीत चुके

पैरा जैवलिन थ्रोअर सुमित अंतिल ने अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया। बुधवार को बेंगलुरु में उन्होंने 74.82 मीटर का भाला फेंका। सुमित ने यह कारनामा 8वीं इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुषों की जैवलिन थ्रो F64 स्पर्धा में किया।उन्होंने पांचवें प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की। एशियन पैरा गेम्स में 73.29 मीटर का थ्रो किया था सुमित ने अपना ही पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा। इससे पहले उन्होंने 2023 में चीन के हांगझोउ में हुए एशियन पैरा गेम्स में 73.29 मीटर का थ्रो किया था। इस बार उन्होंने अपने पिछले बेस्ट प्रदर्शन से 1.53 मीटर ज्यादा दूरी हासिल की। एशियन गेम्स में भी इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे- सुमित रिकॉर्ड बनाने के बाद सुमित ने कहा, सोच रहा था कि वर्ल्ड रिकॉर्ड क्यों नहीं तोड़ पा रहा हूं। काफी समय हो गया था, लेकिन आज मैं यहां सिर्फ अपना पर्सनल बेस्ट करने आया था। उन्होंने आगे कहा, मुझे खुशी है कि मैंने अपना रिकॉर्ड 1.5 मीटर बेहतर किया। उम्मीद है कि मैं और मेरी टीम आने वाले पैरा एशियन गेम्स में भी इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे। 7 बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ चुके सुमित अब तक सात बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। उन्होंने जून 2019 में इटली में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स में 60.45 मीटर का भाला फेंककर पहला वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। उस मुकाबले में उन्होंने सिल्वर मेडल भी जीता था। इसके बाद नवंबर 2019 में दुबई में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 62.88 मीटर का थ्रो किया। मार्च 2021 में बेंगलुरु में हुई नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सुमित ने 66.90 मीटर का थ्रो कर फिर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। अगस्त 2021 में टोक्यो पैरालंपिक के फाइनल में सुमित ने एक ही मुकाबले में तीन बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने 66.95 मीटर, 68.08 मीटर और आखिर में 68.55 मीटर का थ्रो किया। इसी प्रदर्शन के साथ उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद जुलाई 2023 में पेरिस में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सुमित ने पहली बार 70 मीटर का आंकड़ा पार किया। उन्होंने 70.83 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। फिर 2023 में ही चीन के हांगझोउ में एशियन पैरा गेम्स में सुमित ने 73.29 मीटर का थ्रो किया। नीरज चोपड़ा से प्रेरणा मिली- सुमित सुमित को 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और 2022 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। सुमित हरियाणा के सोनीपत से हैं और ओलिंपिक मेडलिस्ट पहलवान योगेश्वर दत्त को अपना आदर्श मानते हैं। वहीं, जैवलिन स्टार नीरज चोपड़ा से भी उन्हें काफी प्रेरणा मिली है। पैरा जैवलिन क्या है? पैरा जैवलिन दिव्यांग एथलीटों की भाला फेंक स्पर्धा है। इसमें खिलाड़ी दौड़कर भाले को ज्यादा से ज्यादा दूरी तक फेंकते हैं। F64 पैरा एथलेटिक्स में वे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिनका पैर घुटने के नीचे से कटा होता है। इस वर्ग के खिलाड़ी कार्बन-फाइबर से बने कृत्रिम पैर का उपयोग करते हैं। इसी की मदद से वे दौड़ते और थ्रो करते हैं।
Randhir Singh Asian Games Gold Medallist & OCA President Passes Away

Hindi News Sports Randhir Singh Asian Games Gold Medallist & OCA President Passes Away स्पोर्ट्स डेस्क6 मिनट पहले कॉपी लिंक एशियन गेम्स में भारत को शूटिंग का पहला गोल्ड दिलाने वाले शूटर रणधीर सिंह का बुधवार को निधन हो गया। वे 79 साल के थे और लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। उन्होंने हाल ही में स्वास्थ्य कारणों से ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। उन्हें 2024 में 4 साल के कार्यकाल के लिए चुना गया था। रणधीर ने 1978 बैंकॉक एशियन गेम्स के ट्रैप शूटिंग इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था। उन्होंने भारत में आयोजित 1982 एशियाड में ब्रॉन्ज और 1986 में सिल्वर भी जीता था। रणधीर ने 5 ओलिंपिक गेम्स और 1978 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की ओर से हिस्सा लिया। उन्हें 1979 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। रणधीर सिंह ने भारत को एशियन गेम्स में शूटिंग का पहला गोल्ड दिलाया। परिवार में कई इंटरनेशनल प्लेयर्स रणधीर के परिवार से कई सदस्यों ने भारत को रिप्रेजेंट किया है। उनके चाचा महाराजा यादविंद्र सिंह ने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला। वे IOC के सदस्य थे। रणधीर के पिता भलिंद्र सिंह भी फर्स्ट क्लास क्रिकेटर और 1947 से 1992 तक IOC सदस्य थे। खेल प्रशासन में लंबा अनुभव रहा नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के सचिव राजीव भाटिया ने उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि रणधीर सिंह खेल प्रशासन के सबसे सम्मानित व्यक्तियों में शामिल थे। उन्होंने शूटिंग खेल और ओलिंपिक आंदोलन के विकास में अहम योगदान दिया। वे इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) के महासचिव रहे। इतना ही नहीं, वे इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (IOC) के सदस्य भी थे। ——————————————————- स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… फ्रेंच ओपन- कार एक्सीडेंट के बावजूद जीतीं कोको गॉफ फ्रेंच ओपन में खिताब बचाने उतरीं अमेरिकी टेनिस स्टार कोको गॉफ मंगलवार को एक छोटे कार हादसे का शिकार हो गईं। हालांकि, उन्हें चोट नहीं आई और वे मैच जीतकर दूसरे दौर में पहुंच गईं। 22 साल की गॉफ ने बताया कि रोलां गैरों पहुंचने के दौरान उनकी कार पोल से टकरा गई और क्षतिग्रस्त हो गई। उन्हें टैक्सी से स्टेडियम पहुंचना पड़ा। गाफ ने अपने ही देश की टेलर टाउनसेंड को 6-4, 6-0 से हराया। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









