Murena Forest Guard Murder | Tractor Attack; Supreme Court Takes Suo Motu Cognizance

वन रक्षक हरकेश गुर्जर की हत्या करने वाला ट्रैक्टर ड्राइवर विनोद कोरी अभी भी फरार है। मुरैना के अंबाह गेम रेंज में रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने की कोशिश कर रहे वन रक्षक हरकेश गुर्जर (33) की बुधवार सुबह कुचलकर हत्या कर दी गई। चंबल अभयारण्य में अवैध रेत खनन रोकने गई वन विभाग की टीम पर हुए इस हमले पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान . मृतक के साले गौरव गुर्जर ने बताया कि मेरी आंखों के सामने जीजा के सिर के चीथड़े उड़ गए। उन्होंने तड़प-तड़पकर दम तोड़ा। मैं कुछ नहीं कर सका। मेरी बहन मेरी आंखों के सामने विधवा हो गई। छोटे भांजे-भांजी के सिर से पिता का साया उठ गया। वहीं हरकेश गुर्जर के सहकर्मी और वारदात के प्रत्यक्षदर्शी संदीप गुर्जर ने बताया कि हम रोज की तरह पेट्रोलिंग पर थे। रानपुर तिराहे से ट्रैक्टर आता दिखा तो रेंज ऑफिसर ने उसे रुकवाने को कहा। हरकेश टीम में सबसे फुर्तीला था। वह तेजी से गाड़ी से उतरा और डंडा दिखाते हुए ट्रैक्टर को रोकना चाहा। हम सब गाड़ी से उतर पाते, इसके पहले ही ट्रैक्टर ड्राइवर विनोद कोरी ने हरकेश को टक्कर मार दी। हरकेश के सड़क पर गिरते ही ‘ये ले’ कहते हुए सिर से पहिया निकाल दिया। वारदात को रेंज ऑफिसर वीर कुमार तिर्की, वन रक्षक शत्रुघ्न सिंह, अवधेश कुशवाह, विनोद माहौर और हरकेश के साले गौरव के सामने अंजाम दिया गया। आंखों के सामने अपने दोस्त, सहकर्मी को तड़पकर दम तोड़ते देखकर सब दहशत में आ गए। आरोपी विनोद कोरी की तस्वीरें पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं। यहां रेत खाली करने के बाद वह भाग निकला। आरोपी ट्रैक्टर ड्राइवर अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर वन रक्षक की हत्या करने के बाद आरोपी विनोद कोरी वारदात स्थल से एक किमी दूर शिवबैकुंठ पेट्रोल पंप पहुंचा। यहां कपड़े बदले और कर्मचारियों से कहा- पुलिस पीछे लगी है। इसके बाद ट्रॉली से रेत खाली कर 4 किमी दूर दिमनी थाने के सामने से निकल गया। फिर माता बसैया इलाके में ट्रैक्टर छोड़कर फरार हो गया। डीएसपी विजय भदौरिया ने बताया कि रात में भी कई ठिकानों पर दबिश दी गई, पर आरोपी गिरफ्त में नहीं आया है। वन रक्षक हरकेश गुर्जर को जिस ट्रैक्टर से कुचला गया, उसके मालिकों में दो लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें से एक का नाम पवन तोमर है, जो बीजेपी का दिमनी मंडल उपाध्यक्ष हैं। दूसरे का नाम सोनू चौहान है, जो बीजेपी युवा मोर्चा में मंडल का मंत्री है। सहकर्मी बोला- सरकार ने डंडा देकर मौत के सामने भेज दिया संदीप ने कहा- सरकार ने हमारे हथियार भी छीन लिए हैं। हमको डंडा देकर मौत के सामने भेज दिया है। सिर्फ डंडे से हत्यारे माफिया का सामना क्या कोई कर सकता है? कार्रवाई करो तो मरो, नहीं करो तो सरकार का ऊपर से डंडा पड़ता है। कल अगर हथियार होता तो मजाल थी कि वह हरकेश पर ट्रैक्टर चढ़ा जाता। वहीं, उसे मार गिराते। अपनी सुरक्षा करने का तो सभी को अधिकार है। हम 5 साल से निहत्थे हैं। डंडा लेकर ड्यूटी कर रहे हैं। हमारी रेंज में 18 घाट हैं, जो दिमनी से भिंड तक हैं। हमारी 12 बोर की 5 राइफल नगरा थाने में जमा हैं। साले ने कहा- मेरी आंखों के सामने जीजा ने दम तोड़ा हरकेश के साले गौरव गुर्जर इस गश्त में उनके साथ थे। गौरव ने बताया कि वारदात के एक दिन पहले मंगलवार को जीजा हरकेश से मिलने अंबाह गेम रेंज कार्यालय पहुंचा था। रात में वहीं रुक गया। बुधवार सुबह जीजा ने बताया कि अवैध रेत पर कार्रवाई करने जाना है। मैंने कहा कि मैं भी मुरैना निकल जाऊंगा। मैं अपनी गाड़ी से जांच दल के पीछे ही चल रहा था। रानपुर तिराहे के पास वीरपुर कुठियाना तरफ से ट्रैक्टर-ट्रॉली आती दिखाई दी। रोकने के निर्देश मिले तो जीजा हरकेश गाड़ी से उतरे और ड्र्र्राइवर को ट्रैक्टर रोकने का इशारा किया। वह नहीं रुका तो उन्होंने अपने पास का डंडा ड्राइवर को दिखाया। ड्राइवर ने गाड़ी पहले धीमी की, फिर तेजी से जीजा को टक्कर मार दी। जनकपुर गांव में परिजन और रिश्तेदारों ने वन रक्षक हरकेश गुर्जर का अंतिम संस्कार किया। ऐसी घटनाओं पर हलफनामा दाखिल करने के निर्देश अवैध रेत परिवहन को रोकने की कोशिश के दौरान वन रक्षक की हत्या के इस मामले का सुप्रीम कोर्ट में तात्कालिक उल्लेख (अर्जेंट मेंशनिंग) किया गया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने स्वत: संज्ञान लिया। यह मामला उस सुओ मोटू याचिका से जुड़ा है, जो क्षेत्र में अवैध रेत खनन पर लगी है, जिसमें एमिकस क्यूरी (न्यायालय मित्र) द्वारा आवेदन दायर किया गया था। सुनवाई के दौरान गुरुवार को न्यायमूर्ति मेहता ने कहा कि इस क्षेत्र में कुछ “अत्यंत गंभीर” घटनाएं सामने आई हैं। पीठ ने मामले का उल्लेख करने वाली अधिवक्ता एओआर रूपाली सैमुअल (जो एमिकस में से एक हैं), से कहा कि वे अन्य घटनाओं का विवरण रिकॉर्ड पर लाने के लिए हलफनामा दाखिल करें और मध्य प्रदेश की ओर से पेश होने वाले वकील को अग्रिम सूचना दें। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, एसपी समीर सौरभ और डीएफओ हरिश्चंद्र बघेल हरकेश के गांव पहुंचे। यहां उनके पिता कलेक्टर से लिपटकर रो पड़े। 2016 में लगी थी नौकरी, 2025 में मुरैना ट्रांसफर हुआ हरकेश के दोस्त प्रताप गुर्जर ने कहा- वह अच्छा एथलीट था। लोकल से लेकर नेशनल तक 800 और 1500 मीटर दौड़ में बढ़िया प्रदर्शन किया था। नेशनल चैंपियन रहा है। कई अवॉर्ड भी जीते। साल 2016 में वन रक्षक के पद पर सिलेक्ट हुआ था। 26 जून 2016 को पन्ना टाइगर रिजर्व में उसे ज्वाइनिंग मिली थी। 7 अगस्त 2025 को उसका ट्रांसफर मुरैना वन विभाग के गेम रेंज सबलगढ़ के घाट वरोठा में हो गया था। बाद में इसमें संशोधन हुआ और उसे गेम रेंज अंबाह के घाट सांकरी भेज दिया गया। हरकेश के परिवार में पिता रामनिवास गुर्जर, पत्नी लवली, 4 साल की बेटी तन्वी और 2 साल का बेटा तन्मय हैं। बड़ा भाई ऋषिकेश गुर्जर दतिया की इंदरगढ़ तहसील में रीडर है। हरकेश गुर्जर की कुछ महीने पहले ही मुरैना के अंबाह में पोस्टिंग हुई थी। 2021 में रायफलें जमा कराईं, तब
Indigo New CEO William Walsh Takes Charge August 3

Hindi News Business Indigo New CEO William Walsh Takes Charge August 3 | International Market Focus नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के नए चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) विलियम वॉल्श होंगे। वॉल्श फिलहाल इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) में डायरेक्टर जनरल के रूप में काम कर रहे हैं। उनका कार्यकाल 31 जुलाई को समाप्त होगा। इसके बाद वे 3 अगस्त 2026 तक इंडिगो में अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। उनकी नियुक्ति के लिए अभी रेगुलेटरी अप्रूवल मिलना बाकी है। इंडिगो के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने कहा कि, ‘विलियम वॉल्श ने कई एयरलाइंस को लीड किया है। बड़े पैमाने पर एयरलाइन ऑपरेशंस को मैनेज करने और जटिल मार्केट डायनेमिक्स को समझने का उनका अनुभव इंडिगो को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करेगा। यह इंडिगो की यात्रा में नया अध्याय साबित होगा।’ विलियम को एविएशन सेक्टर में 40 साल का एक्सपीरियंस एविएशन इंडस्ट्री में ‘विली’ नाम से फेमस विलियम वॉल्श के पास विमानन क्षेत्र में 40 साल का एक्सपीरियंस है। ब्रिटिश एयरवेज और इंटरनेशनल एयरलाइंस ग्रुप (IAG) के CEO रह चुके हैं। IAG वही ग्रुप है जिसके पास आयरिश एयरलाइन एयर लिंगस, ब्रिटिश एयरवेज, इबेरिया, लेवल और वुएलिंग जैसे बड़े ब्रांड्स का स्वामित्व है। वर्तमान में वे दुनियाभर की एयरलाइंस की संस्था IATA का नेतृत्व कर रहे हैं। क्या होगी वॉल्श की मुख्य जिम्मेदारी? इंडिगो में अपनी नई जिम्मेदारी संभालते हुए विलियम वॉल्श पूरी एयरलाइन के कामकाज और आगे की प्लानिंग पर नजर रखेंगे। उनका सबसे ज्यादा ध्यान 4 बातों पर होगा। ऑपरेशनल परफॉर्मेंस: फ्लाइट ऑपरेशंस को और बेहतर बनाना। नेटवर्क विस्तार: घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूटों का दायरा बढ़ाना। कमर्शियल स्ट्रैटेजी: कंपनी के रेवेन्यू और बिजनेस मॉडल को मजबूत करना। कस्टमर एक्सपीरियंस: पैसेंजर्स के एक्सपीरियंस को और सुखद बनाना। इंडिगो के CEO पीटर एलबर्स का इस्तीफा कंपनी ने 10 मार्च को बताया था कि पीटर एलबर्स ने CEO के पद से इस्तीफा दे दिया है। तब से कंपनी के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया अंतरिम तौर पर एयरलाइन के कामकाज की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। राहुल भाटिया को लिखे अपने इस्तीफे में पीटर एलबर्स ने पद छोड़ने के पीछे निजी कारणों का हवाला दिया है। उन्होंने कंपनी से अपना नोटिस पीरियड खत्म करने की भी अपील की ताकि वे तत्काल प्रभाव से पद मुक्त हो सकें। फ्लाइट ऑपरेशन में गड़बड़ी के कारण ₹22 करोड़ जुर्माना लगा था दिसंबर-2026 में इंडिगो को भारी फ्लाइट ऑपरेशंस संकट का सामना करना पड़ा था। उस दौरान करीब 3 लाख यात्री फंसे रह गए थे, जिसके बाद एविएशन रेगुलेटर DGCA ने जांच में पाया गया कि एयरलाइन ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरती। इसके बाद इंडिगो पर ₹22.20 करोड़ की पेनल्टी लगाई गई थी। इस घटना के बाद से ही बोर्ड और CEO के बीच तालमेल में कमी आने लगी थी। दिसंबर से ही दबाव में थे पीटर एलबर्स पीटर एलबर्स ने सितंबर 2022 में इंडिगो की कमान संभाली थी। पिछले साल दिसंबर में एयरलाइन को अपने इतिहास के सबसे खराब ऑपरेशनल संकट का सामना करना पड़ा था। सैकड़ों उड़ानें रद्द होने और देरी की वजह से एयरलाइन की साख पर बुरा असर पड़ा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संकट की वजह से कंपनी को करीब ₹2,000 करोड़ का नुकसान भी हुआ था। तभी से एलबर्स पर इस्तीफे का दबाव था। 3 ग्राफिक्स में जानें इंडिगो संकट की वजह, एयरलाइन का जबाव और सरकार का एक्शन राहुल भाटिया के पास कमान, नए CEO की तलाश शुरू इंडिगो के को-फाउंडर और वर्तमान MD राहुल भाटिया अब अस्थायी रूप से ऑपरेशंस की कमान संभालेंगे। एयरलाइन अब नए पूर्णकालिक CEO की तलाश शुरू करेगी। मार्केट लीडर होने के नाते इंडिगो के लिए यह बदलाव काफी अहम है, क्योंकि कंपनी अपनी अंतरराष्ट्रीय विस्तार योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
MP Pension Offices Closing; SBI Takes Over Payment Process From April 2026

मध्य प्रदेश सरकार राज्य के लगभग साढ़े चार लाख पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए पेंशन भुगतान की व्यवस्था में बदलाव करने वाली है। नई व्यवस्था के तहत, अब किसी भी बैंक में खाता रखने वाले सरकारी कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद सीधे अपने उसी खाते में पेंशन . राज्य शासन ने इस प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के मकसद से भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को एकमात्र ‘एग्रीगेटर बैंक’ के रूप में नियुक्त किया है। यह महत्वपूर्ण बदलाव 1 अप्रैल, 2026 से पूरे प्रदेश में प्रभावी होगा। बता दें कि एमपी में पेंशन की मौजूदा व्यवस्था में कई समस्याएं हैं इसकी वजह से पेंशन भुगतान की प्रक्रिया में अक्सर देरी होती है। साथ ही तकनीकी बाधाओं की वजह से भी पेंशन मिलने में दिक्कत होती है। सरकार ने जिला पेंशन कार्यालयों को भी बंद करने का फैसला किया है। आखिर क्या है नईे व्यवस्था? इसका कितना फायदा होगा और दूसरे बैंकों की भूमिका क्या रहेगी। पढ़िए रिपोर्ट मौजूदा व्यवस्था की 4 प्रमुख समस्याएं मौजूदा पेंशन प्रणाली कई जटिलताएं और चुनौतियां हैं। इसकी वजह से पेंशनर्स को अक्सर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रमुख रूप से 4 समस्याएं हैं… बैंक बदलने की मजबूरी: कई मामलों में, पेंशनभोगियों को पेंशन लेने के लिए उन्हीं बैंकों में अकाउंट बनाए रखना पड़ता था, जहां उनका सैलरी अकाउंट था। तकनीकी असमानता: महंगाई भत्ते (DA) में वृद्धि या वेतनमान में संशोधन जैसी स्थितियों में पेंशन राशि को अपडेट करने की प्रक्रिया जटिल है। यह कार्य सेंट्रलाइज्ड पेंशन प्रोसेसिंग सेल (CPPC) के माध्यम से किया जाता है, और यह सुविधा केवल 4 प्रमुख बैंकों में ही उपलब्ध है। जिन बैंकों में यह सिस्टम नहीं है, वहां पेंशन अपडेट होने में काफी समय लगता है, जिससे पेंशनर्स को एरियर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। PPO हस्तांतरण में देरी: सेवानिवृत्ति से पहले कर्मचारी का पेंशन अदायगी आदेश (PPO) संबंधित बैंक को भेजा जाता है। इस प्रक्रिया में काफी समय लगता है और समन्वय की कमी के कारण अक्सर सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद पेंशन शुरू होने में देरी होती है। वेतनमान फिक्सेशन की त्रुटियां: कर्मचारियों के वेतनमान फिक्सेशन (Pay Fixation) में फिट-मेंट फैक्टर, मूल वेतन या महंगाई भत्ते की गणना में हुई मामूली गलती भी पेंशन प्रक्रिया को रोक देती है, जिसे सुधारने में महीनों लग जाते है। पेंशनर्स का आरोप- कर्मचारी रिश्वत लेते हैं पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गणेशदत्त जोशी इन समस्याओं के अलावा एक और मुद्दे पर ध्यान दिलाते हैं। उनके मुताबिक अभी पेंशन प्रकरणों का काम जिला और संभागीय पेंशन दफ्तरों के पास है। जैसे ही कोई कर्मचारी रिटायर होता है और उसका प्रकरण जब पेंशन कार्यालय में जाता है तो वहां मौजूद कर्मचारी एक ही प्रकार की कई आपत्तियां लगाते हैं। इन आपत्तियों को वो बार बार लगाकर कर्मचारी के संबंधित कार्यालय को भेजते हैं। जोशी के मुताबिक वो ऐसा इसलिए करते हैं ताकि रिटायर्ड कर्मचारी उनकी सेवा करें( रिश्वत) और इसके बदले वो उनका पीपीओ जारी करें। मौजूदा व्यवस्था में क्या बदलाव होगा पूरी प्रोसेस को सेंट्रलाइज्ड किया जा रहा है। राज्य सरकार पेंशन की पूरी राशि केवल भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को हस्तांतरित करेगी, जिसमें राज्य सरकार का मुख्य खाता है। SBI एक नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करते हुए, प्रदेश के सभी पेंशनभोगियों के बैंक खातों में पेंशन की राशि वितरित करेगा, चाहे उनका खाता किसी भी बैंक में क्यों न हो। अब तक जो क्लेम और कमीशन 11 अलग-अलग बैंकों को मिलता था, वह अब केवल SBI को मिलेगा, क्योंकि पेंशन वितरण का पूरा प्रबंधन और क्लेम भेजने की जिम्मेदारी सिर्फ SBI की होगी। प्रशासनिक स्तर पर बदलाव: बंद होंगे जिला पेंशन कार्यालय इस सुधार प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के सभी जिलों में स्थित पेंशन कार्यालयों को बंद किया जाएगा। हालांकि, संभागीय मुख्यालयों में स्थित कार्यालय पहले की तरह काम करते रहेंगे। पेंशन निर्धारण की पूरी प्रक्रिया अब भोपाल स्थित मुख्यालय से केंद्रीकृत रूप से संचालित होगी। इस प्रणाली की सबसे खास बात इसकी पारदर्शिता और सीक्रेसी है। अब किसी भी कर्मचारी को यह पता नहीं चलेगा कि उसकी पेंशन का निर्धारण कौन-सा अधिकारी कर रहा है। उदाहरण के लिए, भिंड में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी की पेंशन फाइल का निर्धारण जबलपुर में बैठा कोई भी डिप्टी डायरेक्टर कर सकता है। सरकार का मानना है कि इस कदम से स्थानीय स्तर पर होने वाले भ्रष्टाचार और अनावश्यक दबाव पर पूरी तरह से रोक लगेगी। SBI ने शुरू की तैयारी, 2 लाख PPO होंगे ट्रांसफर इस नई व्यवस्था को धरातल पर उतारने के लिए SBI ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। वर्तमान में लगभग 4 लाख 46 हजार पेंशनर्स हैं, और इस साल 22 हजार और कर्मचारी सेवानिवृत्त होंगे। SBI ने अन्य 10 बैंकों से 2 लाख से अधिक PPO वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बड़े पैमाने के कार्य को पूरा होने में 3 से 4 महीने लगने का अनुमान है। ये खबर भी पढ़ें…. MP के 22 लाख पेंशनर्स को झटका:केंद्र का सहायता राशि बढ़ाने से इनकार, नीति आयोग की सिफारिश के बावजूद वृद्धि नहीं मध्य प्रदेश के करीब 22.5 लाख बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग पेंशनर्स के लिए दिल्ली से निराशाजनक खबर है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राज्यसभा में स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत दी जाने वाली पेंशन राशि में बढ़ोतरी करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। केंद्र सरकार के इस फैसले का सीधा असर उन लाखों लोगों पर पड़ेगा, जो महंगाई के इस दौर में आर्थिक मदद बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठे थे। पूरी खबर पढ़ें….
IndiGo Hit With 22Cr Fine; Founder Rahul Bhatia Takes Charge as CEO Resigns

Hindi News Business IndiGo Hit With 22Cr Fine; Founder Rahul Bhatia Takes Charge As CEO Resigns नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) पीटर एलबर्स ने पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने मंगलवार 10 मार्च को रेगुलेटरी फाइलिंग में इसकी जानकारी दी। एलबर्स के जाने के बाद अब कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया अंतरिम तौर पर एयरलाइन के कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगे। 3 महीने पहले इंडिगो को भारी फ्लाइट ऑपरेशंस संकट का सामना करना पड़ा था। उस दौरान करीब 3 लाख यात्री फंसे रह गए थे, जिसके बाद एविएशन रेगुलेटर DGCA ने एयरलाइन पर ₹22.20 करोड़ का भारी जुर्माना भी लगाया था। आज ही जिम्मेदारी से मुक्त हुए एलबर्स इंडिगो ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की आज यानी 10 मार्च, 2026 को हुई मीटिंग में CEO पीटर एलबर्स के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया है। उन्हें आज बिजनेस ऑवर्स खत्म होने के बाद जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। उनकी जगह राहुल भाटिया कंपनी के मामलों का प्रबंधन देखेंगे। दिसंबर से ही दबाव में थे पीटर एलबर्स पीटर एलबर्स ने सितंबर 2022 में इंडिगो की कमान संभाली थी। पिछले साल दिसंबर में एयरलाइन को अपने इतिहास के सबसे खराब ऑपरेशनल संकट का सामना करना पड़ा था। सैकड़ों उड़ानें रद्द होने और देरी की वजह से एयरलाइन की साख पर बुरा असर पड़ा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संकट की वजह से कंपनी को करीब ₹2,000 करोड़ का नुकसान भी हुआ था। तभी से एलबर्स पर इस्तीफे का दबाव था। इस्तीफे की वजह निजी कारण बताई राहुल भाटिया को लिखे अपने इस्तीफे में पीटर एलबर्स ने पद छोड़ने के पीछे निजी कारणों का हवाला दिया है। उन्होंने कंपनी से अपना नोटिस पीरियड खत्म करने की भी अपील की ताकि वे तत्काल प्रभाव से पद मुक्त हो सकें। एलबर्स ने लिखा, पिछले कुछ सालों में इंडिगो के CEO के रूप में काम करना मेरे लिए सम्मान और सौभाग्य की बात रही। इंडिगो परिवार और इसकी ग्रोथ स्टोरी का हिस्सा बनना सुखद अनुभव था। DGCA की सख्त कार्रवाई और भारी जुर्माना दिसंबर में हुए फ्लाइट व्यवधान के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो के खिलाफ सख्त रुख अपनाया था। जांच में पाया गया कि एयरलाइन ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरती। इसके बाद इंडिगो पर ₹22.20 करोड़ की पेनल्टी लगाई गई थी। जानकारों का मानना है कि इस घटना के बाद से ही बोर्ड और CEO के बीच तालमेल में कमी आने लगी थी। 3 ग्राफिक्स में जानें इंडिगो संकट की वजह, एयरलाइन का जबाव और सरकार का एक्शन दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
IndiGo Hit With 22Cr Fine; Founder Rahul Bhatia Takes Charge as CEO Resigns

Hindi News Business IndiGo Hit With 22Cr Fine; Founder Rahul Bhatia Takes Charge As CEO Resigns नई दिल्ली9 मिनट पहले कॉपी लिंक पीटर एलबर्स ने 2022 में इंडिगो में CEO का पद संभाला था। भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) पीटर एलबर्स ने पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने आज 10 मार्च को रेगुलेटरी फाइलिंग में इसकी जानकारी दी। एलबर्स के जाने के बाद अब कंपनी के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया अंतरिम तौर पर एयरलाइन के कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगे। 3 महीने पहले इंडिगो को भारी फ्लाइट ऑपरेशंस संकट का सामना करना पड़ा था। उस दौरान करीब 3 लाख यात्री फंसे रह गए थे, जिसके बाद एविएशन रेगुलेटर DGCA ने एयरलाइन पर ₹22.20 करोड़ का भारी जुर्माना भी लगाया था। आज ही जिम्मेदारी से मुक्त हुए एलबर्स इंडिगो ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की आज हुई मीटिंग में CEO पीटर एलबर्स के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया है। उन्हें आज बिजनेस ऑवर्स खत्म होने के बाद जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। उनकी जगह राहुल भाटिया कंपनी के मामलों का मैनेजमेंट देखेंगे। इस्तीफे की वजह निजी कारण बताई राहुल भाटिया को लिखे अपने इस्तीफे में पीटर एलबर्स ने पद छोड़ने के पीछे निजी कारणों का हवाला दिया है। उन्होंने कंपनी से अपना नोटिस पीरियड खत्म करने की भी अपील की ताकि वे तत्काल प्रभाव से पद मुक्त हो सकें। दिसंबर से ही दबाव में थे पीटर एलबर्स पीटर एलबर्स ने सितंबर 2022 में इंडिगो की कमान संभाली थी। पिछले साल दिसंबर में एयरलाइन को अपने इतिहास के सबसे खराब ऑपरेशनल संकट का सामना करना पड़ा था। सैकड़ों उड़ानें रद्द होने और देरी की वजह से एयरलाइन की साख पर बुरा असर पड़ा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संकट की वजह से कंपनी को करीब ₹2,000 करोड़ का नुकसान भी हुआ था। तभी से एलबर्स पर इस्तीफे का दबाव था। DGCA की सख्त कार्रवाई और भारी जुर्माना दिसंबर में हुए फ्लाइट व्यवधान के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो के खिलाफ सख्त रुख अपनाया था। जांच में पाया गया कि एयरलाइन ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरती। इसके बाद इंडिगो पर ₹22.20 करोड़ की पेनल्टी लगाई गई थी। जानकारों का मानना है कि इस घटना के बाद से ही बोर्ड और CEO के बीच तालमेल में कमी आने लगी थी। 3 ग्राफिक्स में जानें इंडिगो संकट की वजह, एयरलाइन का जबाव और सरकार का एक्शन राहुल भाटिया के पास कमान, नए CEO की तलाश शुरू इंडिगो के को-फाउंडर और वर्तमान MD राहुल भाटिया अब अस्थायी रूप से ऑपरेशंस की कमान संभालेंगे। एयरलाइन अब नए पूर्णकालिक CEO की तलाश शुरू करेगी। मार्केट लीडर होने के नाते इंडिगो के लिए यह बदलाव काफी अहम है, क्योंकि कंपनी अपनी अंतरराष्ट्रीय विस्तार योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। ———————— ये खबर भी पढ़ें… 15 लाख से शुरू किया बिजनेस: आज 73 हजार करोड़ रुपए की नेट वर्थ, राहुल भाटिया ने इंडिगो को बनाया देश की नंबर 1 एयरलाइंस 4 दिन में देश की सबसे बड़ी एयरलाइंस इंडिगो की 1200 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हो चुकी हैं। इससे एयरपोर्ट्स पर अफरा-तफरी जैसा माहौल नजर आ रहा है और देशभर में लोगों को ट्रैवल करने में परेशानी हो रही है। एयरलाइंस के घरेलू मार्केट पर इंडिगो का ही कब्जा है। इस बीच राहुल भाटिया चर्चा में है। राहुल भाटिया इंडिगो यानी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर, प्रमोटर और को-फाउंडर हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









