Tamil Nadu Election 2026 Polling Booth; Gyanesh Kumar

Hindi News National Tamil Nadu Election 2026 Polling Booth; Gyanesh Kumar | TN SIR Voters Count चेन्नईकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चेन्नई में शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। चीफ इलेक्शन कमिश्नर(CEC) ज्ञानेश कुमार ने चुनावी प्रक्रिया को तमिलनाडु की शान बताया। उन्होंने शुक्रवार को चेन्नई में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। CEC ने राज्य के सभी वोटरों से आने वाले विधानसभा चुनावों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि हाल ही में राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(SIR) कराया गया है। इसके बाद वर्तमान में यहां 5 करोड़ 67 लाख वोटर हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में लगभग 75,000 पोलिंग स्टेशन होंगे, जिनमें से 44,000 ग्रामीण इलाकों में होंगे। ट्रांसपेरेंसी पक्का करने के लिए हर पोलिंग बूथ पर 100% वेबकास्टिंग होगी। ज्ञानेश कुमार ने और क्या बताया… हाल ही में चुनाव आयोग ने एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया। इसमें 72 देशों के चीफ इलेक्शन कमिश्नर, इलेक्शन कमिश्नर और चुनावी स्टाफ ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में तमिलनाडु के 10वीं सदी के “कुडावोलाई सिस्टम” के बारे में जानकारी दी गई। आयोग पिछले कुछ दिनों से तमिलनाडु में है। जिला कलेक्टर, SP, DIG, IG, 24 प्रवर्तन एजेंसियों, राज्य सरकार, चीफ सेक्रेटरी और DGP के साथ तैयारियों की समीक्षा की गई। 27 अक्टूबर 2025 से 23 फरवरी 2026 तक SIR किया गया। उद्देश्य था कि कोई भी योग्य मतदाता छूटे नहीं और कोई अयोग्य व्यक्ति शामिल न हो। राज्य में कुल 5 करोड़ 67 लाख मतदाता हैं। हर पोलिंग स्टेशन पर औसतन 756 मतदाता होंगे। 258 बूथ पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित होंगे। 47 बूथ दिव्यांगों द्वारा संचालित होंगे। 265 मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। चुनाव आयोग ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने का भरोसा दिया। सभी प्रवर्तन एजेंसियों को सख्ती से काम करने और वोटरों को लालच देने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया। 23 फरवरी: तमिलनाडु में SIR की फाइनल लिस्ट पब्लिश हुई, 74 लाख नाम कटे चुनाव आयोग (ECI) ने सोमवार को स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) 2026 के तहत तमिलनाडु की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश कर दी है। इसके मुताबिक राज्य में अब कुल 5.67 करोड़ वोटर के नाम हैं। इस प्रोसेस में करीब 74 लाख लोगों के नाम काटे गए हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को SIR प्रक्रिया शुरू होने के दौरान राज्य में कुल 6,41,14,587 वोटर थे। करीब चार महीने चली SIR में 74,07,207 लोगों के नाम हटाए गए हैं जिसके बाद राज्य में 5,67,07,380 मतदाता पंजीकृत हैं। राज्य में इसी साल चुनाव होने हैं। चेन्नई की हार्बर विधानसभा में सबसे कम वोटर सबसे ज्यादा 5,36,991 वोटर चेंगलपट्टू जिले की विधानसभा नंंबर 27 शोझांगनल्लूर में हैं। वहीं सबसे कम 1,16,896 वोटर चेन्नई जिले की विधानसभा नंबर 18 हार्बर में दर्ज हुए हैं। ————- ये खबर भी पढ़ें… AIADMK से निष्कासित पूर्व CM पन्नीरसेल्वम DMK में शामिल:मुख्यमंत्री स्टालिन ने सदस्यता दिलाई, तीन बार तमिलनाडु के CM रह चुके तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व AIADMK नेता ओ पन्नीरसेल्वम (ओपीएस) ने शुक्रवार को DMK का दामन थाम लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की मौजूदगी में पार्टी जॉइन की। यह कदम अप्रैल-मई में होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले उठाया गया है। तीन बार सीएम रहे पन्नीरसेल्वम जे जयललिता के करीबी ओ.पन्नीरसेल्वम पहली बार 2001 में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने थे। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Tamil nadu SIR final voter list publish 74 lakh voters removed

नई दिल्ली5 घंटे पहले कॉपी लिंक चुनाव आयोग (ECI) ने सोमवार को स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) 2026 के तहत तमिलनाडु की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश कर दी है। इसके मुताबिक राज्य में अब कुल 5.67 करोड़ वोटर के नाम हैं। इस प्रोसेस में करीब 74 लाख लोगों के नाम काटे गए हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को SIR प्रक्रिया शुरू होने के दौरान राज्य में कुल 6,41,14,587 वोटर थे। करीब चार महीने चली SIR में 74,07,207 लोगों के नाम हटाए गए हैं जिसके बाद राज्य में 5,67,07,380 मतदाता पंजीकृत हैं। राज्य में इसी साल चुनाव होने हैं। अब तक कुल 8 राज्यों-UT की फाइनल लिस्ट आ चुकी है। एमपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और केरल की लिस्ट 21 फरवरी, लक्षद्वीप, पुडुचेरी की अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी और गुजरात की 17 फरवरी को जारी हुई थी। पश्चिम बंगाल में 28 फरवरी को लिस्ट आ सकती है। गोवा और अंडमान-निकोबार की लिस्ट भी इसी महीने आने की संभावना है। यूपी में 10 अप्रैल को फाइनल लिस्ट आएगी। चेन्नई की हार्बर विधानसभा में सबसे कम वोटर सबसे ज्यादा 5,36,991 वोटर चेंगलपट्टू जिले की विधानसभा नंंबर 27 शोझांगनल्लूर में हैं। वहीं सबसे कम 1,16,896 वोटर चेन्नई जिले की विधानसभा नंबर 18 हार्बर में दर्ज हुए हैं। पहले 7 राज्यों की लिस्ट आई 21 फरवरी- मध्य प्रदेश में कुल 5,39,81,065 वोटर के नाम दर्ज हैं। इस प्रक्रिया में राज्य में 34,25,078 वोटर के नाम कट चुके हैं। पूरी खबर पढ़ें… राजस्थान में 5,15,19,929 वोटर के नाम हैं। राज्य में 31,36,286 वोटर के नाम कट गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… छत्तीसगढ़ में कुल 1,87,30,914 वोटर दर्ज हैं। ड्राफ्ट लिस्ट के मुकाबले फाइनल लिस्ट में 2,34,994 नए वोटर बढ़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… केरल में कुल 2,69,53,644 वोटर्स हैं, जबकि पिछले साल अक्टूबर में SIR शुरू होने से पहले 2,78,50,855 वोटर्स थे। 17 फरवरी- गुजरात की फाइनल वोटर लिस्ट के बाद राज्य में कुल 4,40,30,725 वोटर दर्ज हैं। 14 फरवरी- केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 9,44,211 मतदाता और लक्षद्वीप में कुल 57,607 मतदाता रजिस्टर्ड हैं। 10 फरवरी: असम में फाइनल लिस्ट पब्लिश EC ने असम में हुए स्पेशल रिवीजन (SR) 2026 के तहत फाइनल वोटर लिस्ट जारी की थी। EC के मुताबिक, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की तुलना में 2.43 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए हैं। अब राज्य में कुल 2,49,58,139 वोटर्स रजिस्टर्ड हैं। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मतदाताओं की संख्या 2,52,01,624 थी। स्पेशल रिवीजन प्रक्रिया के बाद लिस्ट में 2,43,485 नाम हटाए गए हैं। अब फाइनल लिस्ट में 1,24,82,213 पुरुष, 1,24,75,583 महिलाएं और 343 थर्ड-जेंडर शामिल हैं। नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी नाम शामिल करने के लिए फॉर्म-6, नाम हटाने के लिए फॉर्म-7, सुधार के लिए फॉर्म-8 भरना होगा। आवेदन ऑनलाइन, संबंधित कार्यालय में ऑफलाइन, BLO के माध्यम से या वोटर हेल्पलाइन ऐप के जरिए किया जा सकता है। 18-19 वर्ष के नए मतदाताओं और सुधार के लिए आवेदन करने वालों को EPIC स्पीड पोस्ट से भेजे जाएंगे। कंटीन्यूअस अपडेशन प्रक्रिया 23 फरवरी से शुरू हो गई है। 1 जनवरी 2026 को 18 साल पूरे करने वाले पात्र नागरिक आवेदन कर सकते हैं। SIR के बारे में जानें… यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। इसमें 18 साल से ज्यादा के नए वोटर्स को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है। जो शिफ्ट हो चुके हैं उनके नाम हटाए जाते हैं। वोटर लिस्ट में नाम, पते में हुई गलतियों को भी ठीक किया जाता है। BLO घर-घर जाकर खुद फॉर्म भरवाते हैं। 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो। पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। ———————————– ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली-कर्नाटक समेत 22 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की घोषणा, अप्रैल से प्रक्रिया शुरू होगी चुनाव आयोग ने देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग के सचिव पवन दीवान ने 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को लेटर लिखकर SIR से जुड़ी तैयारी का काम जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कहा है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Lashkar Terror Module in india | Bangladeshi Terrorists arrest in India | LeT Sleeper Cells active in West Bengal and tamil nadu | क्या लश्कर-ए-तैयबा का गढ़ बनता जा रहा है पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु? हैरान कर देंगे यह आंकड़े

Last Updated:February 23, 2026, 13:51 IST दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लश्कर-ए-तैयबा के एक बड़े स्लीपर सेल नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है. बांग्लादेश से संचालित इस मॉड्यूल के 8 सदस्यों को दिल्ली, कोलकाता और तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया है. दिल्ली पुलिस द्वारा पकड़े गए लश्कर मॉड्यूल ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है. पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु से हुई इन गिरफ्तारियों ने सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या ये दोनों राज्य आतंकियों के नए ठिकाने बन रहे हैं? जानिए पिछले एक साल का पूरा डेटा और सक्रिय आतंकी संगठनों की इनसाइड स्टोरी. क्या पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु आतंकियों का छिपने का नया ठिकाना बन रहा है? नई दिल्ली. क्या पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु आतंकियों का नया ठिकाना बन रहा है? क्यों इन दोनों राज्यों से लगातार बांग्लादेशी मॉड्यूल का भंडाफोड़ हो रहा है. देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर पिछले कुछ महीनों में जो रिपोर्ट्स और गिरफ्तारियां सामने आई हैं, उन्होंने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों की सुरक्षा स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हाल ही में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा ‘लश्कर-ए-तैयबा’ के एक अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया, जिसके तार कोलकाता और तमिलनाडु के तिरुपुर से जुड़े थे. यह पहली बार नहीं है जब इन राज्यों से हाई-प्रोफाइल आतंकियों की गिरफ्तारी हुई हो. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भौगोलिक स्थिति और जनसांख्यिकीय कारकों के साथ-साथ राजनीतिक हालात भी इन राज्यों में स्लीपर सेल्स के लिए सुरक्षित ठिकाने के रूप में उभार रहा है. केंद्रीय गृह मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2025-26 के दौरान एनआईए ने देशभर में जो छापेमारी की, उनमें से लगभग 30% कार्रवाई पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में केंद्रित थी. अकेले बंगाल से 4 बड़े मॉड्यूल ध्वस्त किए गए, जबकि तमिलनाडु में आईएसआईएस के तीन स्लीपर सेल्स को निष्क्रिय किया गया. रविवार को ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े काउंटर-टेरर ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा के एक खतरनाक बांग्लादेशी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने दिल्ली, कोलकाता और तमिलनाडु में एक साथ छापेमारी कर कुल 8 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है. ये सभी आतंकी बांग्लादेशी मूल के हैं और भारत में अवैध रूप से घुसपैठ कर फर्जी भारतीय पहचान पत्रों के सहारे रह रहे थे. क्या तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल आतंकियों का नया ठिकाना? पश्चिम बंगाल की लंबी और छिद्रपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सीमा बांग्लादेश के साथ लगती है, जो इसे घुसपैठ के लिए आसान रास्ता बनाती है. पिछले एक साल में एनआईए और एसटीएफ ने बंगाल के मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर 24 परगना से कम से कम 15-18 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. वहीं, तमिलनाडु कभी अपनी शांति के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यहां कट्टरपंथी विचारधारा का प्रसार सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बन गया है. कोयंबटूर कार ब्लास्ट के बाद से तमिलनाडु में सक्रियता बढ़ी है. पिछले 12 महीनों में तमिलनाडु के कोयंबटूर, तिरुपुर और चेन्नई से लगभग 10-12 आतंकियों और उनके समर्थकों को हिरासत में लिया गया है. #WATCH | Delhi | Six suspects who were arrested from Tamil Nadu for planning a major terrorist plot with the support of Pakistan’s intelligence agency, ISI, and Bangladeshi terrorist organisations brought to Delhi by the Delhi Police pic.twitter.com/QshJeFtlyY







