Friday, 15 May 2026 | 04:31 PM

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फरहाना भट्ट ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में दिखेंगी:बोलीं- असली लड़ाई कंटेस्टेंट्स से नहीं, अपने डर से होती है

फरहाना भट्ट ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में दिखेंगी:बोलीं- असली लड़ाई कंटेस्टेंट्स से नहीं, अपने डर से होती है

बिग बॉस 19 की फर्स्ट रनर-अप रहीं फरहाना भट्ट जल्द टीवी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में नजर आएंगी। इस बार शो की थीम ‘डर का नया दौर’ रखी गई है, जिसमें पुराने कंटेस्टेंट्स और नए चेहरों का जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में फरहाना ने अपने डर, संघर्ष और लोगों के तानों पर बात की। फरहाना ने यह भी कहा कि ‘खतरों के खिलाड़ी’ में असली मुकाबला दूसरे कंटेस्टेंट्स से नहीं, बल्कि अपने डर से होता है। सवाल: ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ का हिस्सा बनने पर कैसा महसूस हो रहा है? जवाब: बहुत अलग फीलिंग है। एक्साइटमेंट भी है और डर भी। यह लाइफटाइम एक्सपीरियंस है, क्योंकि असल जिंदगी में आप ऐसे स्टंट नहीं कर सकते। रोहित शेट्टी जैसे लीजेंड के साथ और पूरी सेफ्टी के बीच यह सब करना बहुत बड़ी बात है। मैं इस शो के जरिए अपनी पर्सनैलिटी का एक नया हिस्सा एक्सप्लोर करना चाहती हूं। सवाल: क्या बिग बॉस के दौरान ही आपने इस शो के लिए खुद को मानसिक तौर पर तैयार करना शुरू कर दिया था? जवाब: सच कहूं तो हां, लेकिन बिग बॉस से बाहर आने के बाद जिंदगी में बहुत कुछ चल रहा था। काफी समय तक मैंने शो के बारे में सोचा ही नहीं, लेकिन जब इस सीजन के बारे में पता चला कि पुराने कंटेस्टेंट्स भी लौट रहे हैं और नए लोग भी होंगे, तब मुझे लगा कि यह बहुत दिलचस्प सीजन होने वाला है। इसलिए मैंने हां कह दिया। सवाल: असल जिंदगी में आपका सबसे बड़ा डर क्या रहा है? जवाब: मैं आज भी बहुत सारी चीजों से डरती हूं। फर्क सिर्फ इतना है कि अब शायद मुझे उन डरों को करीब से देखने का मौका मिलेगा। जिंदगी इतनी तेज भागती है कि इंसान अपने डर के सामने रुककर खड़ा ही नहीं हो पाता, लेकिन अब शायद वो मौका मिलेगा कि डर को इतना करीब से देखूं कि डर खत्म हो जाए। सवाल: क्या आपको हाइट, पानी और कीड़े-मकोड़ों वाले डर लगते हैं? जवाब: हर इंसान का अपना एक फियर पॉइंट होता है। मैंने जिंदगी में बहुत कुछ देखा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मुझे डर नहीं लगता। मुझे पानी से डर लगता है, ऊंचाई से डर लगता है। कीड़े-मकोड़ों और रेप्टाइल्स के बीच मैं कभी रही नहीं हूं, इसलिए पता नहीं वहां क्या हालत होगी, लेकिन मुझे लगता है कि यह पूरी जर्नी बहुत मजेदार होगी। सवाल: बिग बॉस में आपने मेंटल गेम, प्लानिंग और स्ट्रैटजी देखी। क्या उससे यहां मदद मिलेगी? जवाब: मुझे लगता है कि फिजिकल प्रिपरेशन से ज्यादा मुश्किल मेंटल प्रिपरेशन होती है क्योंकि आपको नहीं पता वहां क्या होने वाला है। आपको सिर्फ इतना पता है कि पानी होगा, हाइट होगी, इलेक्ट्रिक शॉक होंगे या कीड़े होंगे। लेकिन किस तरह से होगा, कितना डरावना होगा, यह कोई नहीं जानता। इसलिए यह बहुत मिक्स फीलिंग है। सवाल: इस सीजन में कई मजबूत फीमेल कंटेस्टेंट्स हैं। किसके साथ बॉन्डिंग और किसके साथ मुकाबला देखने का मन है? जवाब: जब तक मैं सबके साथ वक्त नहीं बिताऊंगी, तब तक कुछ नहीं कह सकती। मैं जिंदगी में कभी फेक नहीं हो सकती। अगर किसी के साथ दोस्ती होगी तो दिल से होगी, लेकिन अगर गेम के हिसाब से टीम बनानी पड़े या किसी के खिलाफ जाना पड़े, तो वो सिचुएशन पर निर्भर करेगा। सवाल: बिग बॉस के आपके साथी गौरव भी शो में होंगे, उनके साथ बॉन्ड कैसा है? जवाब: बिग बॉस में हमारा बहुत अच्छा बॉन्ड था। फिर कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन अब हम बहुत अच्छे दोस्त हैं। हम एक-दूसरे की पर्सनैलिटी को अच्छी तरह जानते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि इस शो में दूसरा कंटेस्टेंट आपका असली कॉम्पिटिशन नहीं होता। आपका सबसे बड़ा कॉम्पिटिशन आपका खुद का डर होता है। सवाल: कश्मीर जैसी जगह से आकर इंडस्ट्री में पहचान बनाना कितना बड़ा चैलेंज था? जवाब: लोग कहते थे कि तुम बहुत इमोशनल हो, कोई भी तुम्हारा फायदा उठा लेगा। मैं ऐसे परिवार से आती हूं जहां कोई मेल बैकअप नहीं था। मेरी मां भी कई बार हार मानने लगी थीं, क्योंकि मैं बहुत स्ट्रगल कर रही थी। लेकिन मुझे खुद पर भरोसा था कि एक दिन कुछ अच्छा जरूर होगा। सवाल: आपके अंदर इतना कॉन्फिडेंस और स्ट्रॉन्ग ओपिनियन कहां से आया? जवाब: शायद मेरे अंदर बहुत स्ट्रॉन्ग माइंड है। अगर कोई मुझसे कहता था कि ‘तुम नहीं कर पाओगी’, तो मेरा ईगो मुझे और ज्यादा मोटिवेट करता था। मैं सोचती थी कि तुम कौन होते हो यह तय करने वाले कि मैं क्या कर सकती हूं और क्या नहीं। सवाल: क्या स्ट्रॉन्ग और ओपिनियन रखने वाली लड़कियों को ज्यादा जज किया जाता है? जवाब: बिल्कुल। जब लोगों को लगता है कि वो आपको कंट्रोल या मैनिपुलेट नहीं कर सकते, तब आप उनके दुश्मन बन जाते हैं। हर इंसान चाहता है कि सामने वाला उसकी बात माने, लेकिन हर किसी की अपनी सोच और अपनी जिंदगी होती है। अब मैं उस फेज में पहुंच चुकी हूं जहां इन बातों से फर्क नहीं पड़ता। सवाल: आज की फरहाना अपने पुराने स्ट्रगल वाले दौर की फरहाना से क्या कहना चाहेंगी? जवाब: मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि हार न मानने के लिए खुद का शुक्रिया। दुनिया ने तुम्हें नीचे गिराने, हिम्मत तोड़ने और खुद पर शक कराने की बहुत कोशिश की, लेकिन अच्छा हुआ कि तुमने उनकी बातों पर भरोसा नहीं किया। सवाल: सलमान खान के बाद अब रोहित शेट्टी के साथ काम करने को लेकर कितनी एक्साइटमेंट है? जवाब: मैं रोहित सर को लेकर बहुत एक्साइटेड हूं। बिग बॉस में भी उन्होंने मुझे बहुत पॉजिटिव तरीके से गाइड किया था। मैंने पिछले सीजन्स में देखा है कि जब कोई कंटेस्टेंट हार मानने लगता है तो वह खुद आकर मोटिवेट करते हैं। मुझे लगता है कि अगर मैं किसी स्टंट में डर गई, तो रोहित सर मुझे उस डर से बाहर निकालेंगे। सवाल: आखिर में फैंस के लिए क्या कहना चाहेंगी? जवाब: अगर मैं आज यहां हूं तो सिर्फ अपने फैंस की वजह से हूं। उन्होंने ही मुझे दोबारा टीवी पर देखने की इच्छा जताई। मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि मैं अपना 100% दूंगी और कोशिश

फरहाना भट्ट ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में दिखेंगी:बोलीं- असली लड़ाई कंटेस्टेंट्स से नहीं, अपने डर से होती है

फरहाना भट्ट ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में दिखेंगी:बोलीं- असली लड़ाई कंटेस्टेंट्स से नहीं, अपने डर से होती है

बिग बॉस 19 की फर्स्ट रनर-अप रहीं फरहाना भट्ट जल्द टीवी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में नजर आएंगी। इस बार शो की थीम ‘डर का नया दौर’ रखी गई है, जिसमें पुराने कंटेस्टेंट्स और नए चेहरों का जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में फरहाना ने अपने डर, संघर्ष और लोगों के तानों पर बात की। फरहाना ने यह भी कहा कि ‘खतरों के खिलाड़ी’ में असली मुकाबला दूसरे कंटेस्टेंट्स से नहीं, बल्कि अपने डर से होता है। सवाल: ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ का हिस्सा बनने पर कैसा महसूस हो रहा है? जवाब: बहुत अलग फीलिंग है। एक्साइटमेंट भी है और डर भी। यह लाइफटाइम एक्सपीरियंस है, क्योंकि असल जिंदगी में आप ऐसे स्टंट नहीं कर सकते। रोहित शेट्टी जैसे लीजेंड के साथ और पूरी सेफ्टी के बीच यह सब करना बहुत बड़ी बात है। मैं इस शो के जरिए अपनी पर्सनैलिटी का एक नया हिस्सा एक्सप्लोर करना चाहती हूं। सवाल: क्या बिग बॉस के दौरान ही आपने इस शो के लिए खुद को मानसिक तौर पर तैयार करना शुरू कर दिया था? जवाब: सच कहूं तो हां, लेकिन बिग बॉस से बाहर आने के बाद जिंदगी में बहुत कुछ चल रहा था। काफी समय तक मैंने शो के बारे में सोचा ही नहीं, लेकिन जब इस सीजन के बारे में पता चला कि पुराने कंटेस्टेंट्स भी लौट रहे हैं और नए लोग भी होंगे, तब मुझे लगा कि यह बहुत दिलचस्प सीजन होने वाला है। इसलिए मैंने हां कह दिया। सवाल: असल जिंदगी में आपका सबसे बड़ा डर क्या रहा है? जवाब: मैं आज भी बहुत सारी चीजों से डरती हूं। फर्क सिर्फ इतना है कि अब शायद मुझे उन डरों को करीब से देखने का मौका मिलेगा। जिंदगी इतनी तेज भागती है कि इंसान अपने डर के सामने रुककर खड़ा ही नहीं हो पाता, लेकिन अब शायद वो मौका मिलेगा कि डर को इतना करीब से देखूं कि डर खत्म हो जाए। सवाल: क्या आपको हाइट, पानी और कीड़े-मकोड़ों वाले डर लगते हैं? जवाब: हर इंसान का अपना एक फियर पॉइंट होता है। मैंने जिंदगी में बहुत कुछ देखा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मुझे डर नहीं लगता। मुझे पानी से डर लगता है, ऊंचाई से डर लगता है। कीड़े-मकोड़ों और रेप्टाइल्स के बीच मैं कभी रही नहीं हूं, इसलिए पता नहीं वहां क्या हालत होगी, लेकिन मुझे लगता है कि यह पूरी जर्नी बहुत मजेदार होगी। सवाल: बिग बॉस में आपने मेंटल गेम, प्लानिंग और स्ट्रैटजी देखी। क्या उससे यहां मदद मिलेगी? जवाब: मुझे लगता है कि फिजिकल प्रिपरेशन से ज्यादा मुश्किल मेंटल प्रिपरेशन होती है क्योंकि आपको नहीं पता वहां क्या होने वाला है। आपको सिर्फ इतना पता है कि पानी होगा, हाइट होगी, इलेक्ट्रिक शॉक होंगे या कीड़े होंगे। लेकिन किस तरह से होगा, कितना डरावना होगा, यह कोई नहीं जानता। इसलिए यह बहुत मिक्स फीलिंग है। सवाल: इस सीजन में कई मजबूत फीमेल कंटेस्टेंट्स हैं। किसके साथ बॉन्डिंग और किसके साथ मुकाबला देखने का मन है? जवाब: जब तक मैं सबके साथ वक्त नहीं बिताऊंगी, तब तक कुछ नहीं कह सकती। मैं जिंदगी में कभी फेक नहीं हो सकती। अगर किसी के साथ दोस्ती होगी तो दिल से होगी, लेकिन अगर गेम के हिसाब से टीम बनानी पड़े या किसी के खिलाफ जाना पड़े, तो वो सिचुएशन पर निर्भर करेगा। सवाल: बिग बॉस के आपके साथी गौरव भी शो में होंगे, उनके साथ बॉन्ड कैसा है? जवाब: बिग बॉस में हमारा बहुत अच्छा बॉन्ड था। फिर कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन अब हम बहुत अच्छे दोस्त हैं। हम एक-दूसरे की पर्सनैलिटी को अच्छी तरह जानते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि इस शो में दूसरा कंटेस्टेंट आपका असली कॉम्पिटिशन नहीं होता। आपका सबसे बड़ा कॉम्पिटिशन आपका खुद का डर होता है। सवाल: कश्मीर जैसी जगह से आकर इंडस्ट्री में पहचान बनाना कितना बड़ा चैलेंज था? जवाब: लोग कहते थे कि तुम बहुत इमोशनल हो, कोई भी तुम्हारा फायदा उठा लेगा। मैं ऐसे परिवार से आती हूं जहां कोई मेल बैकअप नहीं था। मेरी मां भी कई बार हार मानने लगी थीं, क्योंकि मैं बहुत स्ट्रगल कर रही थी। लेकिन मुझे खुद पर भरोसा था कि एक दिन कुछ अच्छा जरूर होगा। सवाल: आपके अंदर इतना कॉन्फिडेंस और स्ट्रॉन्ग ओपिनियन कहां से आया? जवाब: शायद मेरे अंदर बहुत स्ट्रॉन्ग माइंड है। अगर कोई मुझसे कहता था कि ‘तुम नहीं कर पाओगी’, तो मेरा ईगो मुझे और ज्यादा मोटिवेट करता था। मैं सोचती थी कि तुम कौन होते हो यह तय करने वाले कि मैं क्या कर सकती हूं और क्या नहीं। सवाल: क्या स्ट्रॉन्ग और ओपिनियन रखने वाली लड़कियों को ज्यादा जज किया जाता है? जवाब: बिल्कुल। जब लोगों को लगता है कि वो आपको कंट्रोल या मैनिपुलेट नहीं कर सकते, तब आप उनके दुश्मन बन जाते हैं। हर इंसान चाहता है कि सामने वाला उसकी बात माने, लेकिन हर किसी की अपनी सोच और अपनी जिंदगी होती है। अब मैं उस फेज में पहुंच चुकी हूं जहां इन बातों से फर्क नहीं पड़ता। सवाल: आज की फरहाना अपने पुराने स्ट्रगल वाले दौर की फरहाना से क्या कहना चाहेंगी? जवाब: मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि हार न मानने के लिए खुद का शुक्रिया। दुनिया ने तुम्हें नीचे गिराने, हिम्मत तोड़ने और खुद पर शक कराने की बहुत कोशिश की, लेकिन अच्छा हुआ कि तुमने उनकी बातों पर भरोसा नहीं किया। सवाल: सलमान खान के बाद अब रोहित शेट्टी के साथ काम करने को लेकर कितनी एक्साइटमेंट है? जवाब: मैं रोहित सर को लेकर बहुत एक्साइटेड हूं। बिग बॉस में भी उन्होंने मुझे बहुत पॉजिटिव तरीके से गाइड किया था। मैंने पिछले सीजन्स में देखा है कि जब कोई कंटेस्टेंट हार मानने लगता है तो वह खुद आकर मोटिवेट करते हैं। मुझे लगता है कि अगर मैं किसी स्टंट में डर गई, तो रोहित सर मुझे उस डर से बाहर निकालेंगे। सवाल: आखिर में फैंस के लिए क्या कहना चाहेंगी? जवाब: अगर मैं आज यहां हूं तो सिर्फ अपने फैंस की वजह से हूं। उन्होंने ही मुझे दोबारा टीवी पर देखने की इच्छा जताई। मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि मैं अपना 100% दूंगी और कोशिश

Avika Gaur Back on TV for Khatron Ke Khiladi

Avika Gaur Back on TV for Khatron Ke Khiladi

13 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘बालिका वधू’ बनकर घर-घर में अपनी पहचान बनाने वाली अविका गौर एक बार फिर छोटे पर्दे पर वापसी कर रही हैं। वह रोहित शेट्टी के स्टंट बेस्ड रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ में अपने डर का सामना करती नजर आएंगी। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अविका ने अपनी जिंदगी के सबसे बड़े खौफ, टीनेज के दौरान आए मानसिक बदलाव और खुद को संभालने की अपनी अनोखी तकनीक पर खुलकर बात की। अविका ने स्वीकार किया कि एक दौर ऐसा था जब वह खुद को नापसंद करने लगी थीं और आईना देखने से भी कतराती थीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी ‘रियल इमेज’ को लेकर भी दिलचस्प खुलासे किए। अविका गौर 7 साल की उम्र से काम करना शुरू कर दिया था। सवाल: आप एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आने वाली हैं, क्या अब आप पूरी तरह ‘फियरलेस’ हो गई हैं? जवाब: सच कहूं तो मुझे इस ‘फियरलेस’ टैग से ही डर लगता है। मुझे बहुत सारी चीजों से डर लगता है। यह एक ऐसा शो है जहां आपको हाइट, पानी, कीड़े-मकोड़े हर तरह के डर का सामना करना पड़ता है। मैं बस यह उम्मीद कर रही हूं कि इस बार इन सबका सामना अच्छे से कर पाऊं। सवाल: आप पहले भी इस शो का हिस्सा रही हैं, क्या उस अनुभव से पुराने डर खत्म हुए? जवाब: कुछ भी खत्म नहीं हुआ, बल्कि मेरे डर और बढ़ गए हैं। सीजन-9 में जब मैं गई थी, तब मुझे लगता था कि मैं किसी चीज से नहीं डरती। वहां जाकर पता चला कि मुझे हाइट और पानी से बहुत डर लगता है। मैं बहुत ज्यादा ओवरकॉन्फिडेंस में थी और शायद इसीलिए पहली ही एलिमिनेशन में बाहर हो गई थी। सवाल: इस बार आपकी क्या तैयारी है? जवाब: इस बार मैं खुद को ज्यादा मैच्योर महसूस कर रही हूं। मेरी स्ट्रैटेजी बस इतनी है कि मैं ईमानदार रहूंगी। मैं यह सोचकर नहीं जाऊंगी कि सब कुछ आसान है। अगर मुझे डर लगेगा, तो मैं खुलकर बोलूंगी कि मुझसे नहीं हो रहा। मैं अपने डर का सामना एक ओपन माइंडसेट के साथ करना चाहती हूं। सवाल: आपने महज 7 साल की उम्र से काम करना शुरू कर दिया था, इतनी छोटी उम्र में कामयाबी के साथ क्या कोई खौफ भी आया? जवाब: शुरुआत से मेरे मन में बस एक ही डर था, मेरी जिंदगी में जो हो रहा है, वह सही है या गलत? 10 साल की उम्र में ‘बालिका वधू’ के बाद सब कुछ बदल गया। मैं हमेशा इस डर में रहती थी कि क्या मैं सच में एक्टिंग करना चाहती हूं या यह सब बस हो रहा है। सालों बाद मुझे समझ आया कि यही मेरा पैशन है। सवाल: आपने अपनी टीनेज के मुश्किल दौर का जिक्र किया था, वह क्या था? जवाब: हां, एक वक्त ऐसा था जब मैं खुद को बिल्कुल पसंद नहीं करती थी। मैं उस फेज से गुजर रही थी जहां मुझे आईने में खुद को देखना भी अच्छा नहीं लगता था। वह ‘सेल्फ-हेट’ का दौर था। लेकिन जैसे-जैसे मैं बड़ी हुई, मुझे समझ आया कि वह सिर्फ एक फेज था। मैंने खुद का ध्यान रखना शुरू किया और धीरे-धीरे मैं खुद को पसंद आने लगी। सवाल: आप खुद को मेंटली और इमोशनली कैसे बैलेंस रखती हैं? जवाब: मैंने एक बहुत अच्छी तकनीक अपनाई है। मैं दिन में 5 मिनट का एक टाइमर लगाती हूं। उस 5 मिनट में मुझे जिस चीज के बारे में शिकायत करनी होती है, रोना होता है या दुखी होना होता है, मैं कर लेती हूं। जैसे ही टाइमर बजता है, दुख वहीं खत्म। मैं फिर से नॉर्मल होकर काम पर लग जाती हूं। सवाल: क्या इतनी कम उम्र से पब्लिक आई में रहना किसी तरह का नुकसान भी पहुंचाता है? जवाब: बेशक, लोग आपको शुरुआत से देख रहे हैं तो आपकी हर चीज की स्क्रूटनी होती है। लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं। खासकर शो ‘पति पत्नी और पंगा’ के बाद, जहां मेरी लाइफ की पर्सनल चीजें भी सामने आ गईं। मुझे लगा कि अब जब सबको सब पता ही है, तो फिल्टर लगाने का क्या फायदा? अब मैं इंटरव्यू में भी वैसी ही रहती हूं जैसी असल जिंदगी में हूं। सवाल: इस बार जब आपने दोबारा शो पर जाने का फैसला लिया, तो घर वालों और आपके पार्टनर का क्या रिएक्शन था? जवाब: मेरे पापा को लगा कि मैं पागल हो गई हूं। वो सोच रहे थे कि पिछली बार जब चोट लगी थी, जिसके स्कार्स आज भी मेरे पैर पर हैं, तो मैं वापस वहां क्यों जाना चाहती हूं? लेकिन मेरे पार्टनर (मिलिंद) को मुझ पर मुझसे ज्यादा भरोसा था। उन्होंने मुझसे कहा कि तू कितना भी ड्रामा कर ले कि तुझे नहीं जाना, लेकिन तू जाएगी जरूर। और बिल्कुल वैसा ही हुआ। सवाल: इस सीजन में पुराने और नए खिलाड़ियों का कॉम्बिनेशन है, आप किसे लेकर ज्यादा एक्साइटेड हैं? जवाब: मैं पुराने लोगों को तो जानती हूं, जैसे विशाल, रुबीना, करण वाही ये सब बहुत अच्छा खेलते हैं। लेकिन मैं उन लोगों को जानने के लिए ज्यादा एक्साइटेड हूं जिन्हें मैं नहीं जानती, जैसे ओरी, हर्ष या रूहानिका। नए दोस्त बनाना और उनका माइंडसेट समझना मेरे लिए दिलचस्प होगा। सवाल: अक्सर लड़कियों को शारीरिक रूप से कमजोर माना जाता है, आप इस परसेप्शन को कैसे तोड़ेंगी? जवाब: पिछले सीजन्स में तेजू (तेजस्वी प्रकाश), निया शर्मा और जन्नत जुबैर ने साबित किया है कि लड़कियां किसी से कम नहीं हैं। उन्हें देखकर मुझे बहुत इंस्पिरेशन मिलता है। मैं इस बार जीत-हार के बारे में नहीं सोच रही, बस इतना चाहती हूं कि स्टंट के दौरान कॉकरोच मेरे सामने न आएं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Avika Gaur Back on TV for Khatron Ke Khiladi

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40 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘बालिका वधू’ बनकर घर-घर में अपनी पहचान बनाने वाली अविका गौर एक बार फिर छोटे पर्दे पर वापसी कर रही हैं। वह रोहित शेट्टी के स्टंट बेस्ड रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ में अपने डर का सामना करती नजर आएंगी। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अविका ने अपनी जिंदगी के सबसे बड़े खौफ, टीनेज के दौरान आए मानसिक बदलाव और खुद को संभालने की अपनी अनोखी तकनीक पर खुलकर बात की। अविका ने स्वीकार किया कि एक दौर ऐसा था जब वह खुद को नापसंद करने लगी थीं और आईना देखने से भी कतराती थीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी ‘रियल इमेज’ को लेकर भी दिलचस्प खुलासे किए। अविका गौर 7 साल की उम्र से काम करना शुरू कर दिया था। सवाल: आप एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आने वाली हैं, क्या अब आप पूरी तरह ‘फियरलेस’ हो गई हैं? जवाब: सच कहूं तो मुझे इस ‘फियरलेस’ टैग से ही डर लगता है। मुझे बहुत सारी चीजों से डर लगता है। यह एक ऐसा शो है जहां आपको हाइट, पानी, कीड़े-मकोड़े हर तरह के डर का सामना करना पड़ता है। मैं बस यह उम्मीद कर रही हूं कि इस बार इन सबका सामना अच्छे से कर पाऊं। सवाल: आप पहले भी इस शो का हिस्सा रही हैं, क्या उस अनुभव से पुराने डर खत्म हुए? जवाब: कुछ भी खत्म नहीं हुआ, बल्कि मेरे डर और बढ़ गए हैं। सीजन-9 में जब मैं गई थी, तब मुझे लगता था कि मैं किसी चीज से नहीं डरती। वहां जाकर पता चला कि मुझे हाइट और पानी से बहुत डर लगता है। मैं बहुत ज्यादा ओवरकॉन्फिडेंस में थी और शायद इसीलिए पहली ही एलिमिनेशन में बाहर हो गई थी। सवाल: इस बार आपकी क्या तैयारी है? जवाब: इस बार मैं खुद को ज्यादा मैच्योर महसूस कर रही हूं। मेरी स्ट्रैटेजी बस इतनी है कि मैं ईमानदार रहूंगी। मैं यह सोचकर नहीं जाऊंगी कि सब कुछ आसान है। अगर मुझे डर लगेगा, तो मैं खुलकर बोलूंगी कि मुझसे नहीं हो रहा। मैं अपने डर का सामना एक ओपन माइंडसेट के साथ करना चाहती हूं। सवाल: आपने महज 7 साल की उम्र से काम करना शुरू कर दिया था, इतनी छोटी उम्र में कामयाबी के साथ क्या कोई खौफ भी आया? जवाब: शुरुआत से मेरे मन में बस एक ही डर था, मेरी जिंदगी में जो हो रहा है, वह सही है या गलत? 10 साल की उम्र में ‘बालिका वधू’ के बाद सब कुछ बदल गया। मैं हमेशा इस डर में रहती थी कि क्या मैं सच में एक्टिंग करना चाहती हूं या यह सब बस हो रहा है। सालों बाद मुझे समझ आया कि यही मेरा पैशन है। सवाल: आपने अपनी टीनेज के मुश्किल दौर का जिक्र किया था, वह क्या था? जवाब: हां, एक वक्त ऐसा था जब मैं खुद को बिल्कुल पसंद नहीं करती थी। मैं उस फेज से गुजर रही थी जहां मुझे आईने में खुद को देखना भी अच्छा नहीं लगता था। वह ‘सेल्फ-हेट’ का दौर था। लेकिन जैसे-जैसे मैं बड़ी हुई, मुझे समझ आया कि वह सिर्फ एक फेज था। मैंने खुद का ध्यान रखना शुरू किया और धीरे-धीरे मैं खुद को पसंद आने लगी। सवाल: आप खुद को मेंटली और इमोशनली कैसे बैलेंस रखती हैं? जवाब: मैंने एक बहुत अच्छी तकनीक अपनाई है। मैं दिन में 5 मिनट का एक टाइमर लगाती हूं। उस 5 मिनट में मुझे जिस चीज के बारे में शिकायत करनी होती है, रोना होता है या दुखी होना होता है, मैं कर लेती हूं। जैसे ही टाइमर बजता है, दुख वहीं खत्म। मैं फिर से नॉर्मल होकर काम पर लग जाती हूं। सवाल: क्या इतनी कम उम्र से पब्लिक आई में रहना किसी तरह का नुकसान भी पहुंचाता है? जवाब: बेशक, लोग आपको शुरुआत से देख रहे हैं तो आपकी हर चीज की स्क्रूटनी होती है। लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं। खासकर शो ‘पति पत्नी और पंगा’ के बाद, जहां मेरी लाइफ की पर्सनल चीजें भी सामने आ गईं। मुझे लगा कि अब जब सबको सब पता ही है, तो फिल्टर लगाने का क्या फायदा? अब मैं इंटरव्यू में भी वैसी ही रहती हूं जैसी असल जिंदगी में हूं। सवाल: इस बार जब आपने दोबारा शो पर जाने का फैसला लिया, तो घर वालों और आपके पार्टनर का क्या रिएक्शन था? जवाब: मेरे पापा को लगा कि मैं पागल हो गई हूं। वो सोच रहे थे कि पिछली बार जब चोट लगी थी, जिसके स्कार्स आज भी मेरे पैर पर हैं, तो मैं वापस वहां क्यों जाना चाहती हूं? लेकिन मेरे पार्टनर (मिलिंद) को मुझ पर मुझसे ज्यादा भरोसा था। उन्होंने मुझसे कहा कि तू कितना भी ड्रामा कर ले कि तुझे नहीं जाना, लेकिन तू जाएगी जरूर। और बिल्कुल वैसा ही हुआ। सवाल: इस सीजन में पुराने और नए खिलाड़ियों का कॉम्बिनेशन है, आप किसे लेकर ज्यादा एक्साइटेड हैं? जवाब: मैं पुराने लोगों को तो जानती हूं, जैसे विशाल, रुबीना, करण वाही ये सब बहुत अच्छा खेलते हैं। लेकिन मैं उन लोगों को जानने के लिए ज्यादा एक्साइटेड हूं जिन्हें मैं नहीं जानती, जैसे ओरी, हर्ष या रूहानिका। नए दोस्त बनाना और उनका माइंडसेट समझना मेरे लिए दिलचस्प होगा। सवाल: अक्सर लड़कियों को शारीरिक रूप से कमजोर माना जाता है, आप इस परसेप्शन को कैसे तोड़ेंगी? जवाब: पिछले सीजन्स में तेजू (तेजस्वी प्रकाश), निया शर्मा और जन्नत जुबैर ने साबित किया है कि लड़कियां किसी से कम नहीं हैं। उन्हें देखकर मुझे बहुत इंस्पिरेशन मिलता है। मैं इस बार जीत-हार के बारे में नहीं सोच रही, बस इतना चाहती हूं कि स्टंट के दौरान कॉकरोच मेरे सामने न आएं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔