Saturday, 06 Jun 2026 | 06:31 AM

Trending :

EXCLUSIVE

क्या AC बना रहा आपको कमजोर? सेहत पर कैसे डाल रहा असर, जानें एक्सपर्ट्स से

authorimg

Last Updated:April 01, 2026, 14:51 IST Side effects of AC: गर्मी से राहत पाने के लिए एसी का इस्तेमाल आम बात है, लेकिन घंटों एसी की हवा में रहने से आंखों की सेहत को गंभीर नुकसान हो सकता है. ड्राईनेस, जलन और इन्फेक्शन जैसी समस्याएं आम हो गई हैं. अलीगढ़: जैसे-जैसे गर्मियां अपने चरम की ओर बढ़ रही हैं, वैसे-वैसे घरों में एसी का उपयोग तेजी से बढ़ता जा रहा है. लोग अपने आराम और ठंडक के लिए एयर कंडीशनर का सहारा लेते हैं, लेकिन इसके लगातार इस्तेमाल से न सिर्फ पर्यावरण बल्कि स्वास्थ्य पर भी कई तरह के प्रभाव पड़ते हैं. आइए जानते हैं एसी के नुकसान. एएमयू के जोग्राफी विभाग की प्रोफेसर सालेहा जमाल ने बताया कि एसी का आपके शरीर पर कैसा असर पड़ता है इसके बारे में बात करें तो एसी बंद कमरे की हवा को बार-बार सर्कुलेट करता है. इस प्रक्रिया में हवा में मौजूद धूल के कण (डस्ट पार्टिकल्स) और परागकण (पोलन) भी लगातार घूमते रहते हैं. ऐसे में जिन लोगों को सांस से जुड़ी समस्याएं हैं, जैसे अस्थमा या अन्य क्रॉनिक पल्मोनरी डिजीज, उनके लिए यह स्थिति परेशानी बढ़ाने वाली हो सकती है. उन्होंने कहा कि इसके अलावा एसी हवा को ठंडा करने के साथ-साथ कमरे की नमी (मॉइस्चर) भी कम कर देता है. नमी की कमी के कारण आंखों में सूखापन, गले में खराश और सांस की नलियों में ड्रायनेस की समस्या हो सकती है. इससे बचने के लिए कमरे में पानी से भरा खुला बर्तन रखने से नमी को कुछ हद तक बनाए रखा जा सकता है. एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि लगातार ठंडे वातावरण में रहने से शरीर उस तापमान का आदी हो जाता है. ऐसे में जब व्यक्ति अचानक तेज गर्मी में बाहर निकलता है, तो शरीर पर इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है. इसलिए एसी का तापमान बहुत कम 16-18 डिग्री रखने के बजाय 24-26 डिग्री के बीच रखना अधिक उचित माना जाता है. उन्होंने बताया कि एसी की नियमित सफाई और सर्विसिंग भी बेहद जरूरी है. यदि समय-समय पर इसकी देखभाल नहीं की जाए, तो इसमें बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं. अगर पर्यावरण पर इसके प्रभाव की बात करें, तो एसी से निकलने वाली गैसें जैसे क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs) और हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFCs) ओजोन परत को नुकसान पहुंचाती हैं और ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ावा देती हैं. इसके अलावा एसी की बाहरी यूनिट गर्म हवा छोड़ती है, जिससे आसपास का तापमान और अधिक बढ़ जाता है. हालांकि, अब नई तकनीकों के माध्यम से इन प्रभावों को कम करने की कोशिश की जा रही है. इन्वर्टर एसी और इको-फ्रेंडली रेफ्रिजरेंट्स वाले एसी का उपयोग करके ऊर्जा की खपत और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है. इस प्रकार, एसी का उपयोग जहां एक ओर आराम देता है, वहीं इसके सही इस्तेमाल और रखरखाव पर ध्यान देना भी उतना ही जरूरी है, ताकि स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को सुरक्षित रखा जा सके. About the Author काव्‍या मिश्रा Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें Location : Aligarh,Uttar Pradesh First Published : April 01, 2026, 14:51 IST

ये मिर्च के पत्ते हैं सेहत के लिए वरदान, कई बीमारियों का करें काल, जोड़ों का दर्द और त्वचा की समस्याओं में राहत

ask search icon

Last Updated:April 01, 2026, 12:55 IST मिर्च के पत्ते और फल सिर्फ खाने में स्वाद ही नहीं बढ़ाते, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद हैं. ये पत्ते जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने, त्वचा को स्वस्थ रखने और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. जानिए मिर्च के पत्तों के अद्भुत लाभ और इसे अपने आहार में शामिल करने के आसान तरीके. मिर्च के पत्ते स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. इनमें विटामिन A, C, एंटीऑक्सीडेंट और सूजनरोधी गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो जोड़ों के दर्द, गठिया, सूजन और त्वचा की समस्याओं में राहत दिला सकते हैं. इसके अलावा, ये पाचन सुधारने, प्रतिरक्षा बढ़ाने और शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में भी मददगार हैं. डॉक्टर रवि आर्य ने बताया कि मिर्च के पत्ते पाचन और स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. इनमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन C और विटामिन A पाए जाते हैं. ये पत्ते पेट की सूजन कम करने, भूख बढ़ाने और पाचन क्रिया को दुरुस्त करने में मददगार होते हैं और पारंपरिक चिकित्सा में भी इन्हें उपयोग में लाया जाता है. मिर्च के पत्ते पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, विशेषकर विटामिन A, C और एंटीऑक्सीडेंट. ये पत्ते प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने, कोशिकाओं को नुकसान से बचाने और सूजन कम करने में बेहद फायदेमंद हैं. वास्तव में, मिर्च के पत्ते स्वास्थ्यवर्धक एंटीऑक्सीडेंट का पावरहाउस हैं, जो शरीर की तंत्रिकाओं, रक्त वाहिकाओं और कोशिकाओं को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google मिर्च के पत्ते इम्यूनिटी और त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद हैं. ये एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन A, C, E से भरपूर होते हैं, जो शरीर को हानिकारक फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं. मिर्च के पत्ते त्वचा में कसाव लाने, कील-मुंहासे कम करने और सूजन घटाने में मदद करते हैं, साथ ही प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत बनाते हैं. मिर्च के पत्ते और फल, खासकर लाल मिर्च, अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजनरोधी) गुणों के कारण दर्द और चोट में राहत देने में बेहद फायदेमंद होते हैं. इनमें मौजूद कैप्साइसिन नामक तत्व नसों को शांत कर दर्द को कम करता है, जिससे गठिया, जोड़ों के दर्द और मांसपेशियों की ऐंठन में आराम मिलता है. मिर्च के पत्ते पोषण का पावरहाउस हैं. ये एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन C, विटामिन A, आयरन और कैल्शियम से भरपूर होते हैं. मिर्च के पत्ते रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, सूजन कम करने, आंखों की रोशनी सुधारने और पाचन में मदद करने में कारगर हैं. इन्हें सलाद, सूप या सब्जी में पकाकर खाया जा सकता है. मिर्च के पत्ते और फल, खासकर हरी मिर्च, में मौजूद कैप्साइसिन नामक यौगिक त्वचा और नसों को आराम देने में फायदेमंद है. इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण नसों के दर्द के संकेतों को कम करते हैं और सूजन घटाते हैं. वहीं, पत्तों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को स्वस्थ बनाए रखते हैं. इसका उपयोग दर्द निवारक मलहम में भी किया जाता है. First Published : April 01, 2026, 12:55 IST

चार राज्यों के चुनाव के बीच मायावती का बड़ा बयान, यूपी चुनाव में होगी वापसी? 14 अप्रैल को प्रथम शंखनाद

चार राज्यों के चुनाव के बीच मायावती का बड़ा बयान, यूपी चुनाव में होगी वापसी? 14 अप्रैल को प्रथम शंखनाद

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। समाजवादी यादव के बाद अब समाजवादी सुप्रीमो ने भी मोर्चा संभाल लिया है। बसपा के ताजा बयान में साफ कर दिया गया है कि आने वाले चुनाव से पहले स्कॉटलैंड जंग और घोषित होने वाली है। अब बिजनेसमैन नजर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जवाब पर तंज कसा है. समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने 14 अप्रैल के बाद बहुजन समाज पार्टी में गिरावट के स्पष्ट संकेत दिए हैं। गठबंधन में सरकार को घेरा, उन्हें साफ है कि बीएसपी अब आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतरने जा रही है। बैठक में आशुतोष ने कहा कि जब भी बहुजन समाज की सरकार सत्ता में होगी, तब तक बैस्ट, बैस्ट और बैचलर्स के लिए नीट का सही लाभ मिल सकता है। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा, “बहुजन समाज की सरकार के शून्य शून्य को सही नियत और नीति के साथ लागू करना असंभव है।” उन्होंने केंद्र और राज्य साजो-सामान पर आरोप लगाया कि वे अशांत व्यवस्था को “कमज़ोर और निष्क्रिय” बना रहे हैं। उन्होंने रोजगार और गरीबी के मुद्दे पर भी सरकार की घेराबंदी की. उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में लोगों की रोजी-रोटी की स्थिति लगातार खराब हो रही है। उन्होंने कहा, “इसकी विशेषता यह है कि वैज्ञानिक भूख, गरीबी और बेरोजगारी जैसी समस्याओं को हल करने की कोशिशें की जा रही हैं।” लखनऊ में 14 को बीएसपी का शक्ति प्रदर्शनसुप्रीमो बैस्ट ने साफ किया है कि आने वाले के चयन के लिए सभी कलाकारों के प्रतिनिधियों को ध्यान में रखा जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जयंती पर बड़ी संख्या में नासिक पहुंचे और स्मारक स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बसपा का शक्ति प्रदर्शन इसी तरह से देखा जा रहा है। बीएसपी के कौन से टिकट वैध हैं? ब्राह्मण विद्रोहगी के बीच, बौद्ध धर्म का बड़ा हस्ताक्षर, रेस्तरां का आगमन पूरी तरह से बंदउत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले टिकट लेने वाली मोटरसाइकिल तेज हो गई है। ईसाई समुदाय के प्रमुखों ने साफ कर दिया है कि इस बार समूह के चयन में विज्ञापन नहीं दिया जाएगा। बसपा ने कहा, “उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पार्टी ने कई विधानसभा सीटों पर चयन की घोषणा कर दी है और बाकी सीटों पर चयन जारी है, जिसमें राष्ट्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद घोषणा की जाएगी।” उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि लालची के नाम से पहले उनकी पूरी जांच की जाए। “बसपा विधान सभा चुनाव में आपराधिक गुटों को टिकटें से लेकर हस्ताक्षर तक।” यानी साफ है—इस बार टिकट्स जीरो को प्रोफाइल इमेज साफ है। प्रदेश में ब्राह्मण वर्ग की नाराज़गी की चर्चा के बीच समाजवादी ने ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ लाइन को फिर से आगे बढ़ाया है। बसपा ने कहा, “बीएसपी अन्य राजनीतिक सिद्धांतों से अलग है, इसके शब्द और कार्य ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत से संचालित होते हैं और विचारधारा के चयन में समाज के सभी सिद्धांतों को और समान प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।” इसका मतलब यह है कि दलित, ओबीसी, ब्राह्मण और मुस्लिम सभी को आरक्षण देने की रणनीति पर काम हो रहा है। पिछले कुछ चुनावों में बसपा का प्रदर्शन कमजोर हो रहा है, लेकिन बसपा का यह आक्रामक रुख संकेत देता है कि अपनी पार्टी खोई जमीन पाने की कोशिश में है। पूर्वोत्तर, सामाजिक न्याय, स्थिरता और बेरोज़गारी जैसे मुद्दे सीधे तौर पर बड़े वोट बैंक को प्रभावित करते हैं। ऐसे में बीएसपी इन मैनेजमेंट को केंद्र में स्टॉक एक्सचेंज रणनीति तैयार करने का काम जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना ​​है कि अगर बीएसपी जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत बनाता है, तो वह आने वाले चुनाव में फिर से अहम भूमिका निभा सकता है।

इम्यूनिटी बढ़ानी है? खीरे के पत्तों का ये आसान तरीका कर सकता है कमाल, ऐसे करें इस्तेमाल

ask search icon

Last Updated:March 30, 2026, 14:37 IST अक्सर लोग खीरे के पत्तों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ये पत्ते भी किसी औषधि से कम नहीं हैं. पोषक तत्वों और औषधीय गुणों से भरपूर खीरे के पत्ते शरीर को डिटॉक्स करने से लेकर पाचन सुधारने, इम्यूनिटी बढ़ाने और त्वचा को स्वस्थ रखने तक कई तरह से फायदेमंद साबित हो सकते हैं. खीरे के पत्ते पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं. ये शरीर को डिटॉक्स करने के साथ मूत्रवर्धक के रूप में काम करते हैं और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं. गले की खराश और पित्त को शांत करने के लिए इनका उपयोग काढ़े या रस के रूप में किया जा सकता है. एक्सपर्ट डॉ विनीता शर्मा ने बताया कि खीरे के पत्ते और फल पाचन और कब्ज में राहत देते हैं क्योंकि इनमें 95-96% पानी और प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है. ये पेट की गर्मी को कम करते हैं, मल को नरम बनाते हैं और पेट फूलना, एसिडिटी व कब्ज से राहत दिलाते हैं. इसे सलाद या जूस के रूप में सेवन किया जा सकता है. खीरे के पत्ते गले के रोगों के लिए उपयोगी होते हैं. इसके लिए पत्तों का काढ़ा (10-20 मिली) बनाकर उसमें आधा ग्राम जीरा चूर्ण मिलाकर सेवन करने से गले के संक्रमण, सूजन और खराश में लाभ मिलता है. ये शरीर को हाइड्रेट रखते हैं, सूजन कम करते हैं और एंटीऑक्सीडेंट का काम करते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google खीरे के पत्ते में ट्राइटरपेनोइड्स और कुकुरबिटासिन जैसे महत्वपूर्ण यौगिक होते हैं, जो इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में काम कर सकते हैं. ये यौगिक सूजन को कम करने और शरीर की रक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं, जिससे पुरानी बीमारियों से बचाव में मदद मिलती है. खीरे के पत्ते और फल दोनों ही प्राकृतिक मूत्रवर्धक होते हैं, जो शरीर से अतिरिक्त पानी और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं. ये किडनी को यूरिक एसिड निकालने के लिए उत्तेजित करते हैं, मूत्र में जलन या रुकावट को कम करते हैं और किडनी के स्वास्थ्य में सुधार करते हैं. खीरे के पत्तों में एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजनरोधी) गुण होते हैं, जो त्वचा की सूजन, लालिमा और जलन को कम करने में मदद करते हैं. ये पत्ते कुकुरबिटासिन और फेनोलिक्स से भरपूर होते हैं, जो सूजन पैदा करने वाली कोशिकाओं को रोकते हैं. इन्हें पीसकर पेस्ट बनाकर या अर्क के रूप में त्वचा पर लगाने से शीतलता मिलती है. खीरे के पत्ते और फल पेट की सूजन, एसिडिटी और गैस में राहत के लिए फायदेमंद होते हैं, क्योंकि इनमें सूजन-रोधी गुण और उच्च पानी की मात्रा होती है. ये शरीर को हाइड्रेट कर पेट की जलन कम करते हैं और पाचन में सुधार करते हैं. इन्हें जूस, सलाद या पानी के साथ सेवन किया जा सकता है. First Published : March 30, 2026, 14:37 IST

कानपुर-कौशांबी में हाईवे पर पेट्रोल की लूट मची:ड्रम-बाल्टी लेकर पहुंचे लोग; टैंकरों की हुई थी भिड़ंत

कानपुर-कौशांबी में हाईवे पर पेट्रोल की लूट मची:ड्रम-बाल्टी लेकर पहुंचे लोग; टैंकरों की हुई थी भिड़ंत

यूपी में पेट्रोल पंपों पर तीन दिन बाद शनिवार को भीड़ कम है। कहीं-कहीं लाइनें दिख रही हैं। कौशांबी में शनिवार सुबह हाईवे पर डीजल टैंकर और डीसीएम की टक्कर हो गई। टैंकर से डीजल सड़क पर फैल गया। इसकी जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से लोग पहुंच गए और बाल्टियों में डीजल भरकर ले जाने लगे। इसी तरह की घटना कानपुर में भी सामने आई। यहां शुक्रवार शाम हाईवे पर पेट्रोल टैंकर खराब हो गया। उसी दौरान पीछे से आ रही एक गाड़ी ने उसमें टक्कर मार दी। टक्कर के बाद टैंकर से पेट्रोल रिसने लगा। यह देखते ही लोग ड्रम और बाल्टियों के साथ पेट्रोल भरने में जुट गए। चालक की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को खदेड़ा। इसी बीच, तेल कंपनियों के यूपी कोआर्डिनेटर संजय भंडारी ने कहा- प्रदेश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है। सभी मांगों को पूरा किया जा रहा है। अफवाहों पर ध्यान न दें। जरूरत के हिसाब से ही ईंधन खरीदें। हमेशा की तरह सात दिन का बैकअप स्टॉक मौजूद है। सरकार के मुताबिक, पेट्रोल-डीजल खत्म होने की अफवाह के चलते तीन दिनों में पूर्वी यूपी के कई जिलों में पेट्रोल की बिक्री 222% और डीजल की बिक्री 230% तक बढ़ गई थी। इसके चलते पंपों पर लंबी लाइनें लगने लगी थीं। यूपी में पेट्रोल-डीजल को लेकर पंपों पर क्या हालात हैं, जानने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

सड़क किनारे खड़ा यह पेड़ क्यों है इतना खास? महिलाओं और पाचन के लिए रामबाण, जानिए इसके पत्तों के फायदे

ask search icon

Last Updated:March 24, 2026, 15:25 IST अशोक का पेड़ सिर्फ धार्मिक और वास्तु महत्व ही नहीं रखता, बल्कि इसके पत्ते आयुर्वेद में औषधि के रूप में भी उपयोग किए जाते हैं. महिलाओं के स्वास्थ्य से लेकर पाचन, त्वचा और मधुमेह तक कई समस्याओं में इसके फायदे बताए जाते हैं, हालांकि इसके उपयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है. अशोक के वृक्ष के पत्ते औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं, जो मुख्य रूप से महिलाओं में मासिक धर्म की समस्याओं, स्त्री रोगों, रक्तस्राव को रोकने, सूजन कम करने और पेट के कीड़ों के इलाज में फायदेमंद हैं. इनके एंटीऑक्सीडेंट और एंटीमाइक्रोबियल गुण त्वचा संबंधी विकारों, किडनी की पथरी, मधुमेह और तनाव को दूर करने में भी मदद करते हैं. डॉक्टर रवि आर्य ने बताया कि अशोक के पेड़ के पत्ते और छाल पेट के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. यह पाचन क्रिया को सुधारने, कब्ज, पेट फूलने और पेट में मरोड़ या दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं. इसके अलावा, इसके पत्ते पेट के कीड़ों को नष्ट करने में भी सहायक होते हैं. अशोक के पेड़ (सरका असोका) के पत्ते एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होते हैं. ये त्वचा की समस्याओं जैसे पिंपल्स, मुंहासे, संक्रमण और खुजली को ठीक करने में फायदेमंद हैं. इनके उपयोग से त्वचा में निखार आता है और दाग-धब्बों को कम करने के साथ सूजन को शांत करने में भी सहायक होते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google अशोक के वृक्ष के पत्ते दर्द, सूजन और त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए फायदेमंद होते हैं. इनमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण शरीर के दर्द, जोड़ों के दर्द, फोड़े-फुंसी और घावों को ठीक करने में मदद करते हैं. इसका उपयोग काढ़े या लेप के रूप में किया जाता है. अशोक के पत्तों में हाइपोग्लाइसेमिक गुण होते हैं, जो रक्त शर्करा को कम करने में मदद कर सकते हैं. आप अशोक की पत्तियों का काढ़ा या पाउडर का सेवन कर सकते हैं. इसके अलावा, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ इसका उपयोग मधुमेह प्रबंधन में सहायक हो सकता है. डॉक्टर से परामर्श जरूर लें. अशोक के वृक्ष के पत्ते औषधीय और वास्तु दोनों दृष्टियों से फायदेमंद माने जाते हैं. ये स्त्री रोगों (अनियमित पीरियड्स, ल्यूकोरिया), पेट की समस्याओं (कब्ज, सूजन), बवासीर, मधुमेह, त्वचा संक्रमण और बुखार के इलाज में उपयोगी हैं. साथ ही, इसके पत्तों का इस्तेमाल घर में नकारात्मकता दूर करने और धन वृद्धि के लिए भी किया जाता है. अशोक के वृक्ष के पत्ते औषधीय रूप से सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं, लेकिन इसका सेवन करने से पहले चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है. बिना चिकित्सक की सलाह के इनका सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि गलत उपयोग से यह सेहत के लिए नुकसानदायक भी हो सकते हैं. First Published : March 24, 2026, 15:25 IST

बदलता दौर या कुछ और.. सुनामी की तरह देश में क्यों फैल रही हैं ये 2 खतरनाक बीमारी? डॉक्टर ने बताए कारण

authorimg

आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में डायबिटीज और ब्लड प्रेसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. चिकित्सक ने बताया कि यह एक चिंता का विषय है कि दोनों ही बीमारी भारत में तेजी से फैल रही है. डायबिटीज और बीपी अब कम उम्र और बच्चों में भी देखने को मिल रही है. चिकित्सक ने बताया कि बदलते समय के साथ बदलती जीवनशैली और अनहेल्दी फूड इन सब बीमारियों का मुख्य कारण है. चिकित्सक ने कहा कि पहले लोग पैदल और शारीरिक मेहनत करते थे, लेकिन अब हर किसी के पास बाइक, कार और अन्य वाहन है, कोई भी पैदल नहीं चलना चाहता है. मेहनत की जगह अब कई तरह के इलेक्ट्रॉनिक आइटम आ गए हैं, जिससे लोग आलसी होते जा रहे हैं. बाजार का खाना, जंग फूड, पैकट फूड लोगों को बीमार कर रहा है. जंक फूड से बनाएं दूरीउन्होंने कहा कि यही सभी कारण है कि लोग ब्लड प्रेसर, डायबिटीज और मोटापे के शिकार हो रहे हैं. चिकित्सक ने कहा कि इससे बचने के लिए सबसे अच्छा और बेहतर उपाय शारीरिक मेहनत, सुबह के समय वॉक, हेल्दी फूड और जंग फूड से दूरी बनाना है. उन्होंने कहा कि घर का बना शुद्ध खाना ही खाना चाहिए. मोमोज, चाउमीन, बर्गर और अन्य सभी इस तरह के फूड से बचना चाहिए. सुनामी की तरह फैल रही है ये बीमारीआगरा के वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि डायबिटीज और बीपी की बीमारी सुनामी की तरह फैलती जा रही है. उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य ने अपनी लाइफस्टाइल नहीं बदली, तो यह बीमारी आम हो जाएगी और हर व्यक्ति इसकी चपेट में आ सकता है. इससे बचना बेहद जरूरी है और उसके लिए सही खान-पान और शारीरिक मेहनत करना जरूरी है. चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि डायबिटीज (शुगर) और हार्ड ब्लड प्रेशर से बचने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना सबसे जरूरी है. उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 30 मिनट का व्यायाम, कम नमक और चीनी वाला संतुलित आहार, पर्याप्त नींद (कम से कम 7 से 8 घंटे) लेनी चाहिए. डॉ. ने कहा कि स्वस्थ्य रहने के लिए धुम्रपान, शराब और पान मसाले से दूरी बनाकर रखनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने वजन को नियंत्रण में रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि साल में कम से कम 6-6 महीने के अंतराल में अपना शारीरिक जांच कराते रहना चाहिए. अनहेल्दी फूड से करें बचावआगरा के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि बीमारियों से बचने के लिए अनहेल्दी फ़ूड से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि जंक फूड, फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड में चीनी, नमक, खराब फैट और कैलोरी बहुत ज्यादा होती है, जो शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचाने का कार्य करती है. अनहेल्दी फ़ूड से पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा उन्होंने कहा कि इस अनहेल्दी फ़ूड के कारण मोटापा, टाइप 2 डायबिटीज, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, फैटी लीवर और पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि हेल्दी फ़ूड हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद होता है. हेल्दी प्रोटीन युक्त भोजन मांसपेशियों को मजबूत बनाता है. इसके सेवन से वजन नियंत्रित रहता है. डॉ. आशीष मित्तल ने बताया कि हेल्दी फ़ूड खाने से यह त्वचा, बाल और नाखूनों के स्वास्थ्य को सुधारने के साथ-साथ हड्डियों को मजबूत और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का भी कार्य करता है, जिससे आसानी से व्यक्ति बीमार नहीं पड़ता है. Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

पाचन से लेकर जोड़ों तक… हल्दी के पत्तों का असर जानकर आप दंग रह जाएंगे! आप भी जरूर ट्राई करें

ask search icon

Last Updated:March 20, 2026, 11:36 IST हल्दी के पत्ते सिर्फ मसाले के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी वरदान हैं. ये पाचन, जोड़ों, त्वचा और इम्यूनिटी को मजबूत करने के साथ ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने में मदद करते हैं. आइए जानते है इसके फायदे… हल्दी के पत्ते सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं. इनमें सूजनरोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं. ये पाचन सुधारने, जोड़ों के दर्द कम करने, त्वचा संबंधी समस्याओं को ठीक करने और प्रतिरक्षा बढ़ाने में मदद करते हैं. हल्दी में मौजूद करक्यूमिन शरीर को डिटॉक्स करने और गंभीर बीमारियों से लड़ने में भी सहायक होता है. एक्सपर्ट डॉ. विनीता शर्मा के अनुसार, हल्दी के पत्ते पाचन सुधारने के लिए एक उत्कृष्ट प्राकृतिक उपाय हैं. इनके सूजनरोधी गुण पेट की गैस, एसिडिटी और कब्ज को कम करने में मदद करते हैं. हल्दी में मौजूद करक्यूमिन पाचन एंजाइमों को सक्रिय करता है और पित्त के उत्पादन को बढ़ाकर भोजन के पाचन को आसान बनाता है. हल्दी के पत्तों और हल्दी में मौजूद करक्यूमिन नामक सक्रिय तत्व में शक्तिशाली सूजनरोधी और दर्द निवारक गुण होते हैं. ये जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों की जकड़न और शरीर की सूजन को कम करने में मदद करते हैं. इनके नियमित सेवन या लेप के उपयोग से प्राकृतिक रूप से राहत मिलती है. Add News18 as Preferred Source on Google हल्दी के पत्ते एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और सूजनरोधी गुणों से भरपूर होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूती से बढ़ाते हैं. इनमें मौजूद करक्यूमिन और अन्य यौगिक संक्रमण, सर्दी-खांसी और मौसमी बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं और बाहरी संक्रमणों से सुरक्षा प्रदान करते हैं. हल्दी के पत्तों में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो मुंहासे कम करने, त्वचा की सूजन और लालिमा को शांत करने और प्राकृतिक चमक बढ़ाने में मदद करते हैं. ये त्वचा को नमी प्रदान कर दाग-धब्बे और झुर्रियां कम करने में भी कारगर हैं. हल्दी के पत्तों में मौजूद सक्रिय घटक करक्यूमिन अपने सूजन-रोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है. यह इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाकर शुगर स्तर को संतुलित करता है और सीरम लिपिड स्तर सुधारकर कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायक होता है. हल्दी के पत्ते श्वसन संबंधी समस्याओं, जैसे सर्दी-जुकाम, खांसी, अस्थमा और श्वसन नली की सूजन में अत्यंत फायदेमंद होते हैं. इनमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण फेफड़ों की कार्यक्षमता को सुधारने में मदद करते हैं. First Published : March 20, 2026, 11:36 IST

Aligarh Chief Mufti Fatwa Against Nora Fatehi Over KD: The Devil

Aligarh Chief Mufti Fatwa Against Nora Fatehi Over KD: The Devil

अलीगढ़ के शाही चीफ मुफ्ती मौलाना इफराहीन हुसैन ने नोरा फतेही के खिलाफ फतवा जारी किया। कन्नड़ फिल्म ‘केडी: द डेविल’ के विवादित गाने “सरके चुनर तेरी सरके” को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। गाने पर डांस करने वाली एक्ट्रेस नोरा फतेही के खिलाफ यूपी के अलीगढ़ से फतवा जारी हुआ है। . मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता के शाही चीफ मुफ्ती मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने गाने और दृश्यों को अश्लील बताया है। उन्होंने कहा- समाज में बेहयाई फैलाना न केवल अनैतिक है, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी दंडनीय है। नोरा फतेही ने मुस्लिम होने के बावजूद ऐसे अश्लील गाने में हिस्सा लिया। उन्होंने गुनाह-ए-कबीरा यानी बड़ा पाप किया है। उन्हें दर्दनाक दंड मिलेगा। इससे पहले राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने एक्ट्रेस नोरा फतेही और एक्टर संजय दत्त को नोटिस भेजा है। साथ ही गाने के गीतकार रकीब आलम, वेंकट के. नारायण (प्रोड्यूसर, KVN ग्रुप) और किरण कुमार (डायरेक्टर) समेत अन्य संबंधित लोगों को भी नोटिस जारी किया गया है। सभी को 24 मार्च को आयोग के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। आयोग ने चेतावनी दी है कि तय तारीख पर उपस्थित न होने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। आयोग ने इस गाने के कथित अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर खुद संज्ञान लिया है। आयोग के मुताबिक, गाने के बोल पहली नजर में आपत्तिजनक और यौन संकेतों वाले लगते हैं, जो कानून का उल्लंघन कर सकते हैं। वहीं, गाने को लेकर मंगलवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने शिकायत मिलने पर सेंसर बोर्ड, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और गूगल इंडिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। बता दें कि गाने को मंगलवार को यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है। एक्ट्रेस नोरा फतेही ने विवादित गाने पर अपनी सफाई दी थी। फिल्म में संजय दत्त मुख्य भूमिका में हैं। अब बात फतवे की… मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता से सवाल पूछा गया था आजकल फिल्म The Devil के एक गाने में आपत्तिजनक व अश्लील दृश्य होने की खबरें सामने आई हैं, जिस पर आम जनता में विरोध हो रहा है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी नोटिस जारी किया है। लोग यह जानना चाहते हैं कि इस तरह के गानों, डांस और अश्लील कंटेंट के बारे में इस्लाम का क्या हुक्म है? जवाब दिया- कुरान में ऐसे लोगों के लिए दर्दनाक अज़ाब शाही चीफ मुफ्ती मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने कहा, इस्लाम एक पाक दीन है, जो हया (लज्जा), इफ्फत (पवित्रता) और अच्छे अखलाक की तालीम देता है। अश्लील गाने, नृत्य और आपत्तिजनक दृश्यों में भाग लेना या उन्हें बढ़ावा देना इस्लाम में हराम और गुनाह-ए-कबीरा (बड़ा पाप) है। मुफ्ती ने कुरान शरीफ की सूरह नूर (24:19) का जिक्र करते हुए कहा, जो लोग समाज में बेहयाई फैलाते हैं, उनके लिए दुनिया और आखिरत में दर्दनाक अजाब (कठोर दंड) की चेतावनी दी गई है। इसलिए समाज में अश्लीलता परोसने से बचना चाहिए। मुफ्ती ने कहा, नोरा फतेही एक मुस्लिम पृष्ठभूमि से आती हैं, ऐसे में उनका इस तरह के कंटेंट का हिस्सा बनना इस्लामी शिक्षाओं के पूरी तरह खिलाफ है। मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता के शाही चीफ मुफ्ती मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने एक सवाल के जवाब में फतवा जारी किया है। वूमेंस डे के संदेश का अपमान ​मौलाना इफराहीम हुसैन ने कहा, एक तरफ देश ने अभी महिला दिवस मनाया, जहां महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और हया (मर्यादा) की बात की गई। वहीं दूसरी ओर ऐसी फिल्में समाज के सामने परोसी जा रही हैं। अगर यही स्थिति रही, तो आने वाली नस्लें और नौजवानों की सामाजिक मर्यादा ही खत्म हो जाएगा। भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं… ​सरकार उठाए सख्त कदम ​मुफ्ती ने कहा, कलाकार केवल वही कंटेंट पेश करें जो मर्यादित और समाजहित में हो। उन्होंने 3 अपील की- अश्लीलता पर नियंत्रण पाने के लिए प्रशासन और सरकार सख्त कदम उठाने चाहिए। फिल्म इंडस्ट्री और कलाकारों को चाहिए कि वे मर्यादित, सभ्य और समाजहित में कटेंट प्रस्तुत करें। आम जनता ऐसे कंटेंट का बहिष्कार करें और अपने परिवार व नई पीढ़ी को इससे सुरक्षित रखें। शाही चीफ मुफ्ती ने नोरा फतेही के खिलाफ यह फतवा जारी किया है। संसद में भी उठा गाने का मुद्दा संसद में भी समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने बुधवार को गाने के अश्लील लिरिक्स का मुद्दा उठाया था। इस पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था, ‘अध्यक्ष जी, जिस गाने के बारे में सांसद जी ने कहा है, उस गाने पर पहले ही बैन लग चुका है। मैं साफ तौर पर आपके माध्यम से पूरे सदन को कहना चाहूंगा कि हमें फ्रीडम ऑफ स्पीच पर भारत के संविधान निर्माताओं ने जो रीजनेबल रिस्ट्रिक्शन लगाए हैं, उसी के हिसाब से चलना चाहिए।’ आगे उन्होंने कहा था, ‘आने वाले समय में डिजिटल के माध्यम से जिस तरह से तेजी से चीजें फैलती हैं, उसमें हमें समाज के प्रोटेक्शन खासकर बच्चों के प्रोटेक्शन, महिलाओं के प्रोटेक्शन और पिछड़े वर्ग के प्रोटेक्शन के लिए जो भी कड़े एक्शन लेने पड़ें, वो लेने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।’ आनंद भदौरिया लखीमपुर खीरी के धौरहरा से सांसद हैं। गाने पर नोरा ने दी सफाई गाने को लेकर विवादों में आईं नोरा फतेही ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि उन्हें कन्नड़ में गलत ट्रांसलेशन बताकर पूरा गाना शूट करवाया गया और फिर बिना उनकी अनुमति गाने को हिंदी में बना दिया गया। नोरा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा था, मैं इस गाने से जुड़ी कंट्रोवर्सी पर डिस्कस करना चाहती हूं। इस वक्त में अपने करीबी की मौत के सदमे में हूं। मैं नेटवर्क में नहीं थी, जिससे मुझे पता नहीं चला कि क्या चल रहा है। आज मैं नेटवर्क में आई तो मुझे इसकी जानकारी मिली। मैं कुछ चीजें साफ करना चाहती हूं। उन्होंने कहा, मैंने ये गाना तीन साल पहले कन्नड़ में शूट किया था। जो एक अलग इंडस्ट्री का हिस्सा है, जिसे सैंडलवुड कहा जाता है। जब मैंने 3 साल पहले ये गाना शूट किया तो मैंने इसके लिए हां इसलिए कहा क्योंकि ये बड़ी फिल्म का हिस्सा था, जिसमें बड़े आइकन संजय दत्त थे। कौन उनके साथ काम

Barabanki-Bahraich 4-Lane Highway Worth ₹6969 Cr Approved

Barabanki-Bahraich 4-Lane Highway Worth ₹6969 Cr Approved

Hindi News National UP Highway Project: Barabanki Bahraich 4 Lane Highway Worth ₹6969 Cr Approved नई दिल्ली23 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। केंद्र सरकार ने बुधवार को कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए। सरकार ने औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘BHAVYA’ (भारत औद्योगिक विकास योजना) को मंजूरी दी है। 33,660 करोड़ रुपए लागत वाली इस योजना के तहत देशभर में 100 इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि योजना के तहत बनने वाले इंडस्ट्रियल पार्क में उद्योगों के लिए जमीन, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहले से उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का मानना है कि इस योजना से देश में निवेश बढ़ेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से बहराइच के बीच 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे-927 के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर करीब 6,969 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बाराबंकी से बहराइच के बीच बनने वाले NH का रूट दिखाया। ₹2,585 करोड़ की स्मॉल हाइड्रो पावर स्कीम को मंजूरी केंद्र सरकार ने देश में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 2,585 करोड़ रुपए की स्मॉल हाइड्रो पावर डेवलपमेंट स्कीम को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस योजना के तहत 1,500 मेगावाट क्षमता की छोटी जल विद्युत परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। यह योजना अगले पांच सालों में 2030-31 तक लागू की जाएगी। इसके तहत परियोजनाएं रन-ऑफ-द-रिवर मॉडल पर विकसित होंगी, जिससे बड़े बांध बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और लोगों के विस्थापन से बचा जा सकेगा। सरकार के अनुसार देश में 7,133 स्थानों पर छोटे हाइड्रो प्रोजेक्ट्स की संभावना है, जिनकी कुल क्षमता करीब 21,000 मेगावाट है। फिलहाल 1,196 स्थानों पर 5,100 मेगावाट क्षमता के प्रोजेक्ट संचालित हो रहे हैं। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से करीब 15,000 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित होगा और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। कपास किसानों को राहत, सरकार खरीदेगी पूरी उपज केंद्र सरकार ने कपास किसानों को राहत देने के लिए कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) को 1,718.56 करोड़ रुपए की फंडिंग मंजूर की है। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने लिया। यह राशि कपास की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद के लिए दी जाएगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा। CCI को कपास खरीद के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। जब बाजार में कीमत MSP से नीचे जाती है, तब CCI किसानों से फेयर एवरेज क्वालिटी (FAQ) कपास बिना किसी मात्रा सीमा के खरीदती है। सरकार के अनुसार कपास देश की प्रमुख नकदी फसल है, जिससे करीब 60 लाख किसान जुड़े हैं। इसके अलावा प्रोसेसिंग, व्यापार और टेक्सटाइल सेक्टर में 4 से 5 करोड़ लोगों की आजीविका इससे जुड़ी है। ————————– केंद्र के फैसलों से जुड़ी यह खबरें भी पढ़ें… राज्यों को 10% एक्स्ट्रा LPG कोटा मिलेगा:सरकार ने माना- LPG किल्लत जारी; मोदी और पेट्रोलियम मंत्री के बीच 2 घंटे चली बैठक ईरान-इजराइल जंग के बीच भारत में LPG सिलेंडर की किल्लत बनी हुई है। इसी बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि राज्यों को 10% ज्यादा LPG कोटा देने का ऑफर दिया गया है। साथ ही राज्यों से धीरे-धीरे LPG की जगह PNG अपनाने में मदद करने को कहा गया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…