भास्कर अपडेट्स: कोलकाता एयरपोर्ट पर एक कार इंडिगो विमान से टकराया, एयरक्राफ्ट को नुकसान

नई दिल्ली5 घंटे पहले कॉपी लिंक कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक कार इंडिगो के विमान से टकरा गया। यह घटना एयरपोर्ट के पार्किंग बे नंबर-51 में हुई, जहां विमान खड़ा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैटरिंग की गाड़ी अचानक आगे बढ़ी और विमान के इंजन से टकरा गई, जिससे विमान को मामूली नुकसान हुआ। घटना के बाद विमान को जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया है। उसका मेंटेनेंस किया जा रहा है। यह फ्लाइट कोलकाता से गुवाहाटी जाने वाली थी। यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से भेजा गया है। इंडिगो ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है। एयरलाइन जांच में पूरी तरह सहयोग कर रही है। आज की अन्य बड़ी खबरें… सुप्रीम कोर्ट बोला- दिव्यांगों की जनरल सीट सभी वर्गों के लिए खुली सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दिव्यांगों के लिए जो जनरल सीट होती है, वह किसी एक वर्ग के लिए नहीं बल्कि सभी के लिए खुली होती है। इन सीटों पर चयन सिर्फ मेरिट यानी ज्यादा अंक के आधार पर होगा, न कि सामाजिक श्रेणी के आधार पर। जस्टिस संजय करोल और एन. कोटिस्वर सिंह की बेंच ने कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला पलट दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि कोई एससी, एसटी या ओबीसी वर्ग का दिव्यांग उम्मीदवार ज्यादा अंक लाता है, तो उसे सिर्फ इसलिए रोका नहीं जा सकता कि वह जनरल कैटेगरी का नहीं है। मामला प.बंगाल की एक सरकारी कंपनी की भर्ती से जुड़ा था, जहां ज्यादा अंक पाने वाले ओबीसी उम्मीदवार की जगह कम अंक वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि जनरल सीट एक खुला मौका है, जहां सभी योग्य उम्मीदवार बराबरी से प्रतिस्पर्धा करते हैं। एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) सिर्फ नौकरी छोड़ने की प्रक्रिया नहीं है, यह कर्मचारी का अधिकार है। यदि कर्मचारी तय नियमों के अनुसार नोटिस देता है और समय सीमा पूरी हो जाती है, तो वीआरएस अपने आप लागू मानी जाएगी। जस्टिस जेके महेश्वरी और विजय बिश्नोई की बेंच ने बैंककर्मी के मामले में यह फैसला दिया। अब टोल प्लाजा पर कैश बंद, यूपीआई भी 1.25 गुना महंगा सड़क परिवहन मंत्रालय ने 10 अप्रैल से राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह खत्म करने का फैसला किया है। अब फास्टैग ही टोल भुगतान का मुख्य माध्यम रहेगा। बिना वैध फास्टैग वाले वाहन चालक यूपीआई से भुगतान कर सकेंगे, लेकिन उन्हें निर्धारित टोल का 1.25 गुना शुल्क देना होगा। इस कदम का उद्देश्य टोल प्लाजा पर लंबी कतारें कम करना है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Poplar Leaves Benefits: मुंहासे से लेकर जोड़ों के दर्द तक…. पॉपुलर के पत्तों के चौंकाने वाले फायदे, ऐसे करें इस्तेमाल

Last Updated:April 07, 2026, 16:36 IST पॉपुलर के पत्ते न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि इनके औषधीय गुण भी अद्भुत हैं. इसमें पाए जाने वाले एंटी-बैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण मुंहासे, खुजली, घाव और दाग-धब्बों को कम करने में मदद करते हैं, जिससे यह एक प्राकृतिक और रामबाण घरेलू उपचार बन जाता है. पॉपुलर के पत्ते मुख्य रूप से अपनी लकड़ी (प्लाईवुड, माचिस) के लिए प्रसिद्ध हैं, लेकिन इसके औषधीय गुण भी कम नहीं हैं. पत्तों और छाल में सूजनरोधी और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं, जिन्हें पारंपरिक रूप से त्वचा रोगों या दर्द निवारक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. यह पेड़ मुख्य रूप से व्यावसायिक उद्देश्य से उगाया जाता है और 5-7 साल में उपयोग के लिए तैयार हो जाता है. डॉक्टर विनीत शर्मा के अनुसार पॉपुलर (चिनार) के पत्ते और विशेषकर उसकी चिपचिपी कलियां औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं. ये श्वसन संबंधी समस्याओं जैसे खांसी और ब्रोंकाइटिस, दर्द निवारण, सूजन कम करने और त्वचा के घाव ठीक करने में सहायक हैं. इनमें सैलिसिन जैसे यौगिक पाए जाते हैं, जो जोड़ों के दर्द और गठिया में राहत देते हैं. इसके अर्क का उपयोग त्वचा की जलन और बवासीर के उपचार में भी किया जाता है. पॉपुलर के पत्ते और कलियाँ त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद होती हैं. ये मुख्य रूप से सूजन, खुजली, मुंहासे और घावों को ठीक करने में मदद करती हैं. इनमें सैलिसिन, फ्लेवोनोइड्स और फिनोलिक एसिड जैसे सूजन-रोधी और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा की बीमारियों और सनबर्न में राहत प्रदान करते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google पॉपुलर के पत्ते और पेड़ मुख्य रूप से कृषि-वानिकी के लिए फायदेमंद हैं, न कि सीधे तौर पर घरेलू उपचार के लिए. यह एक तेजी से बढ़ने वाला पेड़ है, जो 5-7 साल में अच्छी कमाई देता है. हालांकि, इसके पत्तों का उपयोग मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने (खाद के रूप में) और अन्य कृषि संबंधी लाभों के लिए किया जा सकता है. पॉपुलर के पेड़ के पत्ते और छाल का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा में खांसी, जुकाम और श्वसन नली की समस्याओं को कम करने के लिए किया जाता है. यह पेट में सूजन, घाव और कुछ मामलों में जोड़ों के दर्द में भी राहत देने में सहायक माना जाता है. इसके अर्क में सूजन-रोधी गुण होते हैं, जो सांस लेने में आसानी प्रदान करते हैं. पॉपुलर के पेड़ के पत्ते, छाल और कलियों में दर्द और सूजन कम करने वाले गुण पाए जाते हैं, जो मुख्य रूप से सैलिसिन के कारण होते हैं. यह प्राकृतिक दर्द निवारक के रूप में काम करता है और गठिया, मांसपेशियों के दर्द और जोड़ों की सूजन में राहत प्रदान करने के लिए उपयोग किया जा सकता है. पॉपुलर के पत्तों में एंटी-बैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो मुंहासे, खुजली और घाव जैसी त्वचा समस्याओं में बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इनके पत्तों का पेस्ट या रस दाग-धब्बे कम करने, त्वचा को गहराई से साफ करने और प्राकृतिक निखार लाने में मदद करता है. यह त्वचा के रोगों में एक रामबाण घरेलू उपचार माना जाता है. First Published : April 07, 2026, 15:13 IST
किचन में रखी इस दाल में छुपा है हेल्थ सीक्रेट! दिल से पाचन तक करेगी कमाल, ऐसे करें इस्तेमाल

Last Updated:April 06, 2026, 14:02 IST भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाली उड़द की दाल सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत का खजाना भी है. इसमें मौजूद प्रोटीन, आयरन, फाइबर और कई जरूरी खनिज शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. यह पाचन सुधारने से लेकर दिल को स्वस्थ रखने और त्वचा-बालों को निखारने तक कई तरह से फायदेमंद मानी जाती है. उड़द की दाल (ब्लैक ग्राम) के पत्ते और दाल दोनों ही स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इनमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन और अन्य खनिज भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो पाचन सुधारने, हड्डियों को मजबूत बनाने, ऊर्जा बढ़ाने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद करते हैं. यह पेट के लिए भी काफी पौष्टिक मानी जाती है. डॉक्टर विनीत शर्मा ने बताया कि उड़द की दाल का सेवन, विशेषकर इसके पत्ते (पौधे का भाग) और दाल, फाइबर और खनिजों से भरपूर होने के कारण पाचन में सुधार, कब्ज से राहत और पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देने में बेहद फायदेमंद है. यह वात दोष को भी कम करती है. हालांकि, पचने में भारी (गुरु) होने के कारण इसे अदरक या लहसुन के साथ पकाना बेहतर माना जाता है. उड़द की दाल में पोटेशियम, मैग्नीशियम और फाइबर की उच्च मात्रा पाई जाती है, जो खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद करती है. इससे हृदय स्वास्थ्य बेहतर रहता है. यह दाल रक्त परिसंचरण में सुधार करती है और धमनियों में प्लाक जमने से रोककर दिल को मजबूत बनाए रखने में सहायक होती है. Add News18 as Preferred Source on Google उड़द की दाल आयरन, प्रोटीन, मैग्नीशियम और पोटैशियम का बेहतरीन स्रोत है, जो शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाकर एनीमिया की समस्या को कम करने में मदद करती है और ऊर्जा स्तर को प्राकृतिक रूप से बढ़ाती है. यह थकान कम करने, मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने और पाचन तंत्र को सुधारने में भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. उड़द की दाल त्वचा और बालों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है, क्योंकि यह आयरन, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है. यह रूखी त्वचा को नमी प्रदान करती है, मुंहासों को कम करने में मदद करती है और स्कैल्प को पोषण देकर बालों को घना व मजबूत बनाती है, जिससे झड़ने की समस्या भी कम होती है. उड़द की दाल का पेस्ट त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल गुण मुंहासे, दाग-धब्बे और झुर्रियों को कम करने में मदद करते हैं. यह प्राकृतिक रूप से त्वचा को साफ कर डेड स्किन हटाता है, जिससे चेहरा चमकदार और मुलायम बनता है. इसे रातभर भिगोकर पीसकर इस्तेमाल किया जा सकता है. उड़द की दाल और इसके पौधे के विभिन्न हिस्से पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने और आंतों की सफाई में बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इसमें भरपूर मात्रा में डाइटरी फाइबर होता है, जो कब्ज, गैस और ब्लोटिंग जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है और मल त्याग को आसान बनाता है. First Published : April 06, 2026, 14:02 IST
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Hindi News National Breaking News LIVE Updates: Rajasthan, Delhi, MP, UP, Maharashtra, Mumbai 18 मिनट पहले कॉपी लिंक ओडिशा के ढेंकनाल जिले में एक व्यक्ति पर अपनी ही 21 साल की दिव्यांग (स्पेशली एबल्ड) बेटी से रेप करने का आरोप लगा है। पीड़ित के प्रेग्नेंट होने और अस्पताल में बच्ची को जन्म देने के बाद यह मामला सामने आया। पुलिस के अनुसार, पीड़ित के शरीर में बदलाव के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने एक बच्ची को जन्म दिया। शिकायत में आरोप है कि आरोपी पिता ने उसकी कमजोरी का फायदा उठाते हुए लंबे समय तक उसका शोषण किया। पुलिस ने मामले में आरोपी रहाश सेठी (59) को गिरफ्तार कर लिया है और केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया है और लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। आज की अन्य बड़ी खबरें… मुंबई के मलाड में दो गुटों के बीच झड़प, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात मुंबई के मलाड ईस्ट इलाके में रविवार रात दो गुटों के बीच झड़प हो गई। यह घटना संतोष नगर मार्केट क्षेत्र में हुई, जो दिंडोशी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। मुंबई पुलिस के अनुसार, स्थिति को नियंत्रण में किया गया और इलाके में एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल झड़प के कारणों की जांच की जा रही है और अधिक जानकारी का इंतजार है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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Hindi News National Breaking News LIVE Updates: Rajasthan, Delhi, MP, UP, Maharashtra, Mumbai 48 मिनट पहले कॉपी लिंक ओडिशा के ढेंकनाल जिले में एक व्यक्ति पर अपनी ही 21 साल की दिव्यांग (स्पेशली एबल्ड) बेटी से रेप करने का आरोप लगा है। पीड़ित के प्रेग्नेंट होने और अस्पताल में बच्ची को जन्म देने के बाद यह मामला सामने आया। पुलिस के अनुसार, पीड़ित के शरीर में बदलाव के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने एक बच्ची को जन्म दिया। शिकायत में आरोप है कि आरोपी पिता ने उसकी कमजोरी का फायदा उठाते हुए लंबे समय तक उसका शोषण किया। पुलिस ने मामले में आरोपी रहाश सेठी (59) को गिरफ्तार कर लिया है और केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया है और लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। आज की अन्य बड़ी खबरें… मुंबई के मलाड में दो गुटों के बीच झड़प, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात मुंबई के मलाड ईस्ट इलाके में रविवार रात दो गुटों के बीच झड़प हो गई। यह घटना संतोष नगर मार्केट क्षेत्र में हुई, जो दिंडोशी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। मुंबई पुलिस के अनुसार, स्थिति को नियंत्रण में किया गया और इलाके में एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल झड़प के कारणों की जांच की जा रही है और अधिक जानकारी का इंतजार है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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Hindi News National Breaking News LIVE Updates: Rajasthan, Delhi, MP, UP, Maharashtra, Mumbai 5 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु के कुन्नूर में एक मिनीबस 100 फीट गहरी खाई में गिर गई, जिससे 12 से ज्यादा लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि बस नामक्कल से आ रही थी। इसमें सवार सभी लोग पर्यटक थे। आज की अन्य बड़ी खबरें… दिल्ली के एक फ्लैट में दो भाइयों के शव मिले, शरीर पर चोट या गला घोंटने के कोई निशान नहीं दिल्ली के द्वारका इलाके में शनिवार देर रात एक बिल्डिंग के अंदर दो लोगों के शव मिले। मरने वालों की पहचान देवेंद्र कुमार और अमित के रुप में की गई है। वे दोनों भाई हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दोनों की उम्र 40-45 साल के बीच है। शुरुआती जांच में शवों पर चोट या गला घोंटने के कोई निशान नहीं मिले। मामले की जांच की जा रही है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
सुबह की चाय से लेकर शाम के नाश्ते तक, अगर आप हर समय खा रहे हैं ब्रेड, तो सावधान! इन बीमारियों का खतरा

Last Updated:April 04, 2026, 16:12 IST Health News: अक्सर आपने देखा होगा कि बच्चों को सुबह चाय के साथ या फिर लंच बॉक्स में ब्रेड दिया जाता है, जो अब उनकी दिनचर्या बन गई है. लेकिन एक्सपर्ट के अनुसार, ब्रेड सेहत को काफी नुकसान पहुंचाता है. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि ब्रेड से सेहत पर क्या प्रभाव पड़ता है. चंदौली: आज के आधुनिक जीवन में लोगों की खानपान की आदतों में तेजी से बदलाव आया है. व्यस्त दिनचर्या और समय की कमी के कारण लोग ऐसे खाद्य पदार्थों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिन्हें बनाने में कम समय लगे. इसी वजह से ब्रेड का उपयोग बेहद आम हो गया है. सुबह की चाय के साथ ब्रेड-बटर, बच्चों के टिफिन में ब्रेड, जिम के बाद स्नैक के रूप में ब्रेड हर उम्र के लोग इसे अपनी डाइट का हिस्सा बना चुके हैं. हालांकि, हाल ही में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ब्रेड के अत्यधिक सेवन को लेकर चिंता जताई है. डॉक्टर रिद्धि पांडे ने इस विषय पर बातचीत करते हुए लोकल 18 से बताया कि ब्रेड मूलरूप से सुविधा के लिए बनाया गया खाद्य पदार्थ है, न कि स्वास्थ्य के लिए है. उन्होंने कहा कि लोग रोटी बनाने में लगने वाले समय और मेहनत से बचने के लिए ब्रेड का विकल्प चुनते हैं, लेकिन यह आदत लंबे समय में नुकसानदायक साबित हो सकती है. बीमारियों का बन सकता है कारण डॉक्टर पांडे ने बताया कि ब्रेड में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है. यदि इसे रोजाना और अधिक मात्रा में खाया जाए, तो यह शरीर में अतिरिक्त कैलोरी के रूप में जमा होने लगता है. खासकर जब लोग ब्रेड को बटर, घी या पीनट बटर के साथ खाते हैं, तो शरीर में फैट का स्तर तेजी से बढ़ता है. यह जमा हुआ फैट आगे चलकर मोटापा, उच्च कोलेस्ट्रॉल और हृदय संबंधी बीमारियों का कारण बन सकता है. शरीर में बढ़ाता है कोलेस्ट्रॉल कई लोग यह सोचकर ब्राउन ब्रेड का सेवन करने लगते हैं कि यह ज्यादा हेल्दी है. हालांकि डॉक्टर पांडे ने बताया कि ब्राउन ब्रेड में सफेद ब्रेड की तुलना में थोड़ा कम कार्बोहाइड्रेट हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसे रोजाना बिना सोचे-समझे खाया जाए. यदि ब्राउन ब्रेड का सेवन भी नियमित रूप से बटर या अन्य फैट के साथ किया जाए, तो यह भी शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने का काम करता है. पौष्टिक विकल्पों को दें प्राथमिकता इसके अलावा, ब्रेड को फ्राई करके खाना या बार-बार सेवन करना पाचन तंत्र पर भी असर डाल सकता है. लंबे समय तक ऐसी आदतें अपनाने से शरीर में ऊर्जा असंतुलन और वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है. डॉक्टर ने बताया कि लोग अक्सर सुविधा के लिए ब्रेड को अपनी दिनचर्या का स्थायी हिस्सा बना लेते हैं, जो सही नहीं है. उन्होंने सलाह दी कि ब्रेड का सेवन पूरी तरह से बंद करना जरूरी नहीं है, लेकिन इसे सीमित मात्रा में और कभी-कभार ही खाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसके बजाय, पारंपरिक और ताजा बने खाद्य पदार्थ जैसे रोटी, दलिया या अन्य पौष्टिक विकल्पों को प्राथमिकता देनी चाहिए. बता दें कि यह समझना जरूरी है कि हर आसान विकल्प स्वास्थ्य के लिए सही नहीं होता है. ब्रेड भले ही समय बचाने में मदद करे, लेकिन इसे रोजमर्रा की आदत बना लेना शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है. संतुलित आहार और सही जीवनशैली ही अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. Location : Chandauli,Uttar Pradesh First Published : April 04, 2026, 14:41 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
Health Tips: अगर खाते हैं बैंगन की सब्जी तो हो जाएं सावधान, हो सकता है नुकसान

Last Updated:April 03, 2026, 16:48 IST Health Tips: कई बार होता है कि हम अनजाने में ऐसा खाना खा रहे होते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए सही नहीं होता है. हमें लगता है कि ये हेल्दी सब्जी है, पर असलियत कुछ और ही होती है. अब डॉक्टर की माने तो बैंगन भी ऐसी सब्जी है, जिसे खाने से आपकी सेहत पर गलत असर पड़ सकता है. आइए जानते हैं कैसे… सुल्तानपुर: वैसे तो ज्यादातर सब्जियां सेहत के लिए फायदेमंद बताई जाती हैं. मगर, इन्हीं सब्जियों में कुछ ऐसी सब्जियां भी होती हैं जिनको खाने का नुकसान भी होता है. डॉक्टर भी उनसे परहेज करने के लिए कहते हैं. उन्हीं सब्जियों में से एक है बैंगन. आज हम जानेंगे कि बैगन की सब्जी खाने के क्या नुकसान है और किन लोगों को बैंगन की सब्जी खाने से परहेज करना चाहिए. गर्भावस्था में हो सकता है नुकसान सुल्तानपुर के नगर पालिका स्थित अब्दुल हमीद चिकित्सालय में कार्यरत जनरल फिजिशियन डॉक्टर एसबी सिंह ने लोकल 18 से बात की. उन्होंने कहा कि सबसे पहले बात करें बैंगन की तो वो तासीर में गरम और गैस पैदा करने वाला होता है. यही वजह है कि यह पाचन तंत्र पर दबाव डालता है. जिन लोगों को एसिडिटी, गैस और पेट फूलने की समस्या रहती है, उनके लिए बैंगन का सेवन नुकसानदायक हो सकता है. खासकर गर्भवती महिलाओं को बैंगन खाने से परहेज करने की सलाह दी जाती है. बैंगन में मौजूद फाइटोहॉर्मोन गर्भाशय को उत्तेजित कर सकता है, जिससे गर्भपात और अन्य समस्याएं हो सकती हैं. खासकर शुरुआती महीनों में बैंगन खाने से बचना चाहिए. जोड़ों के दर्द में नुकसानदायक जिन लोगों को आर्थराइटिस या जोड़ों के दर्द की समस्या है उनके लिए भी बैंगन सही नहीं माना जाता है. क्योंकि इसमें सोलानेन नाम का एक तत्व पाया जाता है, जो जोड़ों में सूजन और दर्द को बढ़ा सकता है. इसी वजह से गठिया के मरीजों को बैंगन खाने से परहेज करना चाहिए. बढ़ाता है स्टोनइसके साथ ही बैंगन में ऑक्सलेट्स पाए जाते हैं, जो किडनी स्टोन की समस्या बढ़ा सकते हैं. जिन लोगों को पहले से पथरी की शिकायत है, उन्हें बैंगन का सेवन कम या बिल्कुल नहीं करना चाहिए. ऐसे में जो लोग ज्यादा मात्रा में बैगन कहते हैं उन्हें सावधान होने की जरूरत है क्योंकि उनको किडनी की समस्या हो सकती है और इससे किडनी में बढ़ते हुए स्टोन से काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. About the Author काव्या मिश्रा Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें Location : Sultanpur,Uttar Pradesh First Published : April 03, 2026, 16:48 IST
घर के पास का ये पेड़ है औषधि का खजाना, इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर घाव भरने तक, जानिए पीपल और गूलर के फायदे

Last Updated:April 03, 2026, 15:13 IST भारत में पीपल और गूलर के पेड़ सिर्फ धार्मिक ही नहीं, बल्कि औषधीय दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं. आयुर्वेद में इनके फल, छाल, पत्ते और दूध का उपयोग कई बीमारियों के उपचार में किया जाता है. ये पाचन सुधारने, मधुमेह नियंत्रित करने, त्वचा रोगों में राहत देने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार होते हैं. पीपल और गुड़हल दोनों ही स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं. गुड़हल के फूल और पत्ते एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो बालों को मजबूत बनाने, त्वचा को चमकदार रखने, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं. वहीं, पीपल के कोमल पत्ते पेट की समस्याओं जैसे गैस और मरोड़ में राहत देने के लिए फायदेमंद हैं. एक्सपर्ट डॉ. विनीता शर्मा के अनुसार, पीपल के पेड़ पर अक्सर गूलर पाया जाता है, जो आयुर्वेद में एक शक्तिशाली औषधि माना जाता है. इसके फल, छाल और दूध में फाइबर, विटामिन A, C, एंटीऑक्सीडेंट और आयरन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. यह मधुमेह को नियंत्रित करने, पाचन सुधारने, कब्ज से राहत दिलाने, सूजन कम करने और घाव भरने में फायदेमंद माना जाता है. पीपल का पेड़, विशेषकर इसकी कोपलें, छाल और फल, पाचन सुधारने और कब्ज से राहत पाने का पारंपरिक आयुर्वेदिक उपाय है. इसमें मौजूद फाइबर और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पेट की सूजन, एसिडिटी, गैस और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं, जिससे पाचन क्रिया सुचारू रहती है. Add News18 as Preferred Source on Google गूलर और पीपल के औषधीय गुण, विशेषकर गूलर के फल और छाल, मधुमेह को नियंत्रित करने में सहायक माने जाते हैं. इसमें मौजूद फाइबर और एंटी-डायबिटिक गुण ब्लड शुगर को कम करने में मदद करते हैं. पीपल के गूलर, छाल, पत्ते और दूध सूजन और घाव के उपचार में प्रभावी माने जाते हैं. इसकी तासीर ठंडी होने के कारण यह घाव को जल्दी भरने, दर्द कम करने और संक्रमण को रोकने में मदद करता है. पीपल के पेड़ पर पाए जाने वाले गूलर के फल, छाल और दूध आयुर्वेद में उच्च औषधीय गुणों और इम्यूनिटी बढ़ाने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं. इसमें एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन C और सूजनरोधी गुण होते हैं, जो पाचन, बवासीर, त्वचा रोगों और मधुमेह को नियंत्रित करने में सहायक हैं. पीपल और गूलर दोनों ही त्वचा रोगों के लिए अत्यंत औषधीय माने जाते हैं. पीपल की कोपलें और छाल दाद, खुजली और एलर्जी में लाभकारी हैं, जबकि गूलर का दूध, छाल और फल फोड़े-फुंसी, नासूर, चर्म रोग और घाव भरने में प्रभावी माने जाते हैं. First Published : April 03, 2026, 15:13 IST
सेम के पत्तों का कमाल! त्वचा रोग, पाचन और इम्यूनिटी के लिए हैं जबरदस्त, जानिए इसके फायदे

Last Updated:April 02, 2026, 16:12 IST सेम के पत्ते सिर्फ एक सामान्य सब्जी नहीं, बल्कि औषधीय गुणों का खजाना हैं. ये पाचन सुधारने, त्वचा को स्वस्थ रखने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. आइए जानते हैं सेम के पत्तों के ऐसे फायदे, जो आपको हैरान कर देंगे. सेम के पत्ते पोषक तत्वों और औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं, जो पाचन, त्वचा रोगों और सूजन को कम करने में बेहद फायदेमंद हैं. इनमें प्रोटीन, विटामिन A, आयरन और फाइबर भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और कब्ज जैसी पेट की समस्याओं को दूर करने में सहायक होते हैं. डॉक्टर रवि आर्य ने बताया कि सेम के पत्ते चेहरे की चमक और त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. इसके पत्तों में मौजूद औषधीय गुण चेहरे के काले धब्बे, दाद (रिंगवर्म) और ललौसी जैसे त्वचा रोगों को ठीक करने में मदद कर सकते हैं. इसका रस त्वचा को साफ़ और स्वस्थ बनाने में सहायक माना जाता है. सेम के पत्ते पाचन सुधारने के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. इनमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो कब्ज, पेट की सूजन, अपच और पेट के हानिकारक बैक्टीरिया को कम कर पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है. इसके सेवन से पेट दर्द, दस्त और त्वचा की समस्याओं में भी राहत मिलती है. यह सूजन कम करने और पेट के स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने में कारगर हैं. Add News18 as Preferred Source on Google सेम के पत्ते पेट दर्द, मरोड़, उल्टी और दस्त में राहत देने के लिए बेहद फायदेमंद हैं. इनके औषधीय गुण पाचन में सुधार, सूजन कम करने और पेट के हानिकारक बैक्टीरिया को संतुलित करने में मदद करते हैं. इनका उपयोग सब्जी, काढ़ा या पत्तियों के रस के रूप में किया जा सकता है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं. एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर सेम के पत्ते दाद-खाज-खुजली (त्वचा रोग), पाचन सुधार, पेट दर्द, सूजन कम करने और ब्लड शुगर नियंत्रित करने में बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इनके सेवन या लेप से शरीर में जमा विषैले पदार्थ (टॉक्सिन्स) बाहर निकलने में मदद मिलती है और यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं. सेम के पत्ते गले की खराश और दर्द के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. इनमें सूजन-रोधी और औषधीय गुण होते हैं, जो गले में खराश, सर्दी और खांसी जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करते हैं. सेम के पत्ते त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं, खासकर दाद, खाज, खुजली और सूजन जैसी समस्याओं में. इनके पत्तों का रस या पेस्ट लगाने से ललौसी, चेहरे के काले धब्बे और फंगल इन्फेक्शन कम होने में मदद मिलती है. इनमें मौजूद प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी और औषधीय गुण त्वचा को स्वस्थ और साफ बनाए रखने में सहायक होते हैं. First Published : April 02, 2026, 16:12 IST









