Khabar Hatke | UP: Presidents Spectacles Saved by Langur Cutout; Farmer Farms as Bear

उत्तर प्रदेश में एक महिला गैस सिलेंडर की कमी से ससुराल छोड़ मायके चली गई। वहीं UP के ही संभल में किसान भालू बनकर खेती कर रहे हैं। उधर मथुरा-वृंदावन में राष्ट्रपति के चश्मे को बचाने के लिए लंगूर के कटआउट लगाए जा रहे हैं। . आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
UP Egg Expiry Date Rule From April 2026

यूपी सरकार ने लोगों की सेहत से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है। 1 अप्रैल, 2026 से प्रदेश में अंडे पर एक्सपायरी डेट लिखना होगा। इस नियम के लागू होने के बाद दुकानदार अब ताजा अंडा कहकर पुराने या खराब अंडे बेच नहीं पाएंगे। ग्राहक खुद तारीख देखकर फैसला ले पाएंग . क्यों लाया गया यह नियम? पशुपालन विभाग और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की जांच में सामने आया कि कई जगहों पर पुराने या खराब अंडे ‘फ्रेश’ बताकर बेचे जा रहे थे, जिससे लोगों की सेहत को खतरा हो सकता था। नियमों का पालन नहीं हो रहा था। FSDA के जॉइंट कमिश्नर हरिशंकर सिंह ने बताया, दो साल से इसकी कवायद चल रही थी। पहले बैच नंबर लिखने का निर्णय हुआ, लेकिन ये प्रैक्टिकली संभव नहीं था। क्योंकि अंडे अलग-अलग जगह आते हैं, ऐसे में बैच नंबर लिखना संभव नहीं था। इसलिए ये निर्णय लिया गया है कि अंडे पर डेट लिखा जाए। इसके लिए अंडों पर लेइंग और एक्सपायरी डेट को मुहर से अंकित किया जाएगा। भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं… पशुपालन और डेयरी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने कहा, सरकार ने उपभोक्ताओं की सेहत की सुरक्षा के लिए ये कदम उठाया है। यह कदम खाद्य पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। 18 मार्च को अंडा वितरकों की बैठक हरिशंकर सिंह ने बताया, 18 मार्च को प्रदेश के प्रमुख अंडा डिस्ट्रीब्यूटर्स की एक बैठक बुलाई है। इसमें शासनादेश को समझने और लागू करने के लिए उनसे चर्चा होगी। 1 अप्रैल से ये लागू होना है, हम समझना चाहते हैं कि इसे कैसे लागू किया जाए और कैसे इसकी निगरानी की जाएगी। अगर अंडे को लगभग 30 डिग्री सेल्सियस के सामान्य तापमान पर रखा जाए, तो वह लेइंग डेट से दो हफ्तों के अंदर खाने के लिए सुरक्षित रहता है। अंडे पर क्या-क्या छपा होगा? लेइंग डेट: मुर्गी ने अंडा कब दिया यानी उत्पादन तारीख। एक्सपायरी डेट: अंडा कब तक सुरक्षित रहेगा यानी खराब होने की तारीख। अभी क्या था नियम: अंडे की ट्रे पर उत्पादन तिथि लिखी जाती है, लेकिन हर अंडे पर व्यक्तिगत स्टैंपिंग नहीं। नियम तोड़ने पर सजा क्या? अगर कोई उत्पादक, किसान, पोल्ट्री फार्म या दुकानदार इस नियम का पालन नहीं करता, तो सख्त कार्रवाई होगी। उनके अंडों को जब्त कर नष्ट किया जाएगा या उन पर ‘मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त’ की मुहर लगा दी जाएगी। ऐसे अंडे बाजार में नहीं बिक सकेंगे। नियम मानने के लिए सभी को मजबूर किया जाएगा। अंडे कितने दिन तक सुरक्षित रहते हैं? हरिशंकर सिंह के मुताबिक– सामान्य कमरे के तापमान (लगभग 25 से 35 डिग्री सेल्सियस) पर अंडा 2 हफ्ते तक सुरक्षित रहता है। अगर 8-12 डिग्री सेल्सियस के कंट्रोल्ड तापमान पर रखा जाए, तो लगभग 5 हफ्ते तक सुरक्षित रहेगा। बाजार में बिकने वाले खराब अंडे से लोगों की सेहत पर खराब असर पड़ता है। पेट में सूजन, डिहाइड्रेशन हो सकता है। अलग स्टोरेज क्यों जरूरी? फूड सेफ्टी नियमों के मुताबिक, अंडों को सब्जियों या अन्य खाद्य पदार्थों के साथ एक ही कोल्ड स्टोरेज में नहीं रखा जा सकता। दोनों को अलग-अलग तापमान और परिस्थितियों की जरूरत होती है। सही स्टोरेज से अंडों की ताजगी लंबे समय तक बनी रहती है। यूपी में कोल्ड स्टोरेज की हालत फिलहाल, राज्य में अंडों के लिए सिर्फ दो विशेष कोल्ड स्टोरेज हैं। एक आगरा में और दूसरा झांसी में। पूरे राज्य के लिए यह संख्या बहुत कम है। स्टोरेज की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है। सरकार को भविष्य में और कोल्ड स्टोरेज बनाने की जरूरत होगी ताकि नए नियम आसानी से लागू हो सकें। पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि व्यापारियों और मुर्गी पालन करने वालों को अनिवार्य तौर पर इस नियम का पालन करना होगा। यूपी में प्रतिदिन 2.5 करोड़ अंडे की खपत प्रदेश में प्रतिदिन 2.50 करोड़ अंडों की खपत होती है। अभी प्रदेश में अंडा उत्पादन करीब 1.60 करोड़ है। 90 लाख से अधिक अंडे तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश आदि राज्यों से मंगाए जाते हैं। इंड में अंडे की खपत 20 से 25 प्रतिशत बढ़ जाती है। देश में प्रति व्यक्ति अंडे की सालाना खपत 106 है। हालांकि यूपी में प्रति व्यक्ति सालाना खपत 30 अंडे की है। यदि राष्ट्रीय औसत 106 अंडे प्रतिवर्ष की तरह यूपी में भी खपत बढ़ जाए तो यहां प्रतिदिन 7 करोड़ अंडे चाहिए होगा। खराब अंडे खाने से किस तरह का नुकसान FSDA के मुताबिक, खराब अंडे खाने से सबसे बड़ा खतरा फूड पॉइजनिंग का होता है। खासकर अंडे में पनपने वाले साल्मोनेला बैक्टीरिया के संक्रमण से ये होता है। खराब अंडे में अन्य बैक्टीरिया जैसे ई–कोलाई भी बढ़ सकते हैं, जो गंभीर बीमारी पैदा कर सकते हैं। इसकी वजह से पेट में तेज दर्द, ऐंठन, उल्टी, मतली, बुखार, सिर दर्द, थकान, पेट में सूजन, डिहाइड्रेशन हो सकता है। कई बार तो खून वाले दस्त भी हो सकते हैं। बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और डायबिटीज या कैंसर पेशेंट के लिए यह जानलेवा भी हो सकता है। अब अंडे के हेल्थ बेनिफिट्स जानिए… —————— यह खबर भी पढ़िए:- काशी में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी, VIDEO:चिकन बिरयानी परोसी, हिंदू संगठन बोले- हडि्डयां नदी में फेंकीं; 14 गिरफ्तार काशी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी की गई। सोमवार को हुई इस पार्टी में आयोजकों ने रोजेदारों को फल और मेवे के साथ चिकन बिरयानी भी परोसी। साथ ही इफ्तार पार्टी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। जल्द ही वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर होने लगा। पढ़ें पूरी खबर…
हर दिन मखाना खाते हैं? ज्यादा सेवन से पेट और किडनी को हो सकता है नुकसान, जानिए जरूरी बातें

Last Updated:March 14, 2026, 13:47 IST मखाना या फॉक्स नट्स एक पौष्टिक और हेल्दी स्नैक है, जो प्रोटीन, फाइबर और कैल्शियम से भरपूर होता है. यह सामान्यत: गर्भावस्था में भी सुरक्षित माना जाता है. हालांकि, अधिक मात्रा में सेवन करने से पाचन समस्याएं, एलर्जी और किडनी स्टोन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं, इसलिए सेवन करते समय सावधानी बरतना जरूरी है. मखाने हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होने के साथ-साथ कुछ हद तक नुकसानदायक भी हो सकते हैं. इनके अधिक सेवन से पेट में कब्ज, ब्लोटिंग और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कैल्शियम और फाइबर की अधिकता के कारण यह किडनी स्टोन वाले लोगों के लिए हानिकारक हो सकते हैं. इसके अलावा, अत्यधिक पोटैशियम किडनी रोगियों के लिए जोखिम बढ़ा सकता है, और बहुत ज्यादा मात्रा में सेवन से कुछ लोगों को एलर्जी या पाचन संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं. मखाने वैसे तो एक बहुत हेल्दी स्नैक हैं, लेकिन ज्यादा मात्रा में (30–60 ग्राम से अधिक) खाने से पेट फूलना, गैस, कब्ज और बदहजमी जैसी पाचन समस्याएं हो सकती हैं. मखानों में उच्च फाइबर होता है और पानी की मात्रा कम होती है, जो अधिक सेवन करने पर पाचन तंत्र पर दबाव डालता है. डॉक्टर गीतिका शर्मा के अनुसार, मखाने में उच्च फाइबर और प्रोटीन पाए जाते हैं. इनका अत्यधिक सेवन करने से पेट फूलना, गैस, कब्ज और अपच जैसी पाचन समस्याएं हो सकती हैं. मखाने पचने में समय लेते हैं और अधिक मात्रा में खाने से दस्त भी बढ़ सकते हैं. साथ ही, खाली पेट मखाने खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पेट दर्द हो सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google मखानों में ज्यादा नमक, मसाले या घी का इस्तेमाल हाई बीपी और हार्ट संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकता है. इसलिए मखानों का सेवन सीमित मात्रा में करें और कम नमक वाले विकल्प चुनें. अपने आहार में संतुलन बनाए रखें और हार्ट हेल्थ का ध्यान रखें. साथ ही, डॉक्टर की सलाह लेना भी उचित रहेगा. मखाना कुछ लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है, विशेषकर उन लोगों के लिए जिन्हें नट्स या बीजों से एलर्जी होती है. इसमें मौजूद उच्च स्टार्च और प्रोटीन की वजह से उन्हें खुजली, सूजन, सांस लेने में तकलीफ या पाचन संबंधी समस्याएं जैसे पेट दर्द और दस्त हो सकते हैं. मखानों में पोटैशियम और फास्फोरस पाया जाता है, जो किडनी की बीमारी वाले मरीजों के लिए हानिकारक हो सकता है. इसलिए किडनी की समस्या वाले लोगों को मखानों का सेवन सीमित करना चाहिए या डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और सही आहार चुनें. मखाने आमतौर पर गर्भावस्था में सुरक्षित और पौष्टिक माने जाते हैं. यह कैल्शियम, प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत हैं. लेकिन बहुत अधिक मात्रा में सेवन करने पर ये नुकसानदायक हो सकते हैं, जिससे कब्ज, ब्लोटिंग (पेट फूलना), किडनी स्टोन में वृद्धि और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. First Published : March 14, 2026, 13:47 IST
Sambhal DM-SP Get High Court Warning Over Masjid Namaz

सनी गुप्ता | संभल11 घंटे पहले कॉपी लिंक संभल डीएम राजेंद्र पेंसिया (काले कोट में) और एसपी केके विश्नोई ने हाल ही में एक साथ शहर में फ्लैग मार्च किया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित करने पर संभल DM और SP को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा- प्रशासन मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित नहीं कर सकता। अगर डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी केके विश्नोई को लगता है कि वे कानून व्यवस्था नहीं संभाल पा रहे, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। या फिर ट्रांसफर करवा लेना चाहिए। हर परिस्थिति में कानून व्यवस्था बनाए रखना उनका काम है। जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने कहा- यह राज्य का कर्तव्य है कि वह सुनिश्चित करे कि हर समुदाय निर्धारित पूजा स्थल पर शांतिपूर्वक पूजा कर सके। अगर वह निजी संपत्ति है, तो राज्य से किसी इजाजत की जरूरत नहीं। कोर्ट पहले ही साफ कर चुका है कि राज्य का दखल सिर्फ वहीं जरूरी है, जहां प्रार्थना या धार्मिक काम सार्वजनिक भूमि पर आयोजित किए जाने हों। याचिकाकर्ता मुनाजिर खान के मुताबिक, पिछले साल फरवरी महीने में हयातनगर थाने से पुलिसवाले आए। उन्होंने कहा कि सिर्फ 20 लोग ही मस्जिद में नमाज पढ़ सकते हैं। एक बार में 5-6 लोग ही नमाज अदा करें। इसके बाद मुनाजिर ने 18 जनवरी, 2026 को हाईकोर्ट में याचिका दायर की। 27 फरवरी को पहली सुनवाई हुई। आज (शनिवार) आदेश हाईकोर्ट की साइट पर अपलोड हुआ। अब 16 मार्च को इस मामले की अगली सुनवाई होगी। यह याचिकाकर्ता मुनाजिर खान हैं, जिनका कहना है कि मस्जिद में नमाज अदा करने से रोका जा रहा। सरकारी वकील बोले- कानून व्यवस्था न बिगड़े, इसलिए प्रशासन ने रोका याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया- रमजान के दौरान मस्जिद में नमाज अदा करने से रोका जा रहा। रमजान चल रहा है। ऐसे में परिसर के भीतर नमाज अदा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग आ सकते हैं। वहीं, सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने नमाजियों की संख्या सीमित करने का आदेश दिया था। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने सरकार के वकील के तर्क को खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा- आपने अब तक मस्जिद या नमाज की जगह की कोई तस्वीर कोर्ट में दाखिल नहीं की है। इस पर याचिकाकर्ता ने समय मांगा। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें नमाज की जगह की तस्वीरें और राजस्व रिकॉर्ड दाखिल करने के लिए अनुमति दे दी। अब वह इसे 16 मार्च से पहले सब्मिट करेंगे। 450 वर्गफीट में मस्जिद, मालिकाना हक दूसरे के नाम पर हयातनगर गांव में 2700 से ज्यादा लोग रहते हैं। यहां 450 वर्गफीट में घोसिया नाम की मस्जिद है। प्रशासन के मुताबिक, जमीन का गाटा नंबर- 291 है। डॉक्यूमेंट्स में यह जमीन मोहन सिंह और भूराज सिंह पुत्र सुखी सिंह के नाम पर है। याचिकाकर्ता का कहना है कि रमजान में बड़ी संख्या में नमाजी मस्जिद में आते हैं। ऐसे में नमाजियों का संख्या सीमित करने का फैसला ठीक नहीं है। अब संभल डीएम और एसपी के बारे में जानिए बरेली के डीएम-एसएसपी हाईकोर्ट में तलब किए गए थे इससे पहले हाईकोर्ट ने घर में नमाज अदा करने से रोकने के मामले में बरेली के जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को 23 मार्च को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया। कोर्ट ने साफ किया था कि अगर वे हाजिर नहीं होते तो गैर-जमानती वारंट जारी किया जाएगा। साथ ही कोर्ट ने याची को 24 घंटे सशस्त्र सुरक्षा प्रदान करने का भी निर्देश दिया। यह आदेश भी जस्टिस अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने दिया था। कोर्ट ने मामले में पिछली सुनवाई पर बरेली के डीएम और एसएसपी को एक पुराने आदेश की अवहेलना करने के आरोप में अवमानना नोटिस जारी किया था। बरेली निवासी तारिक खान ने याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि गत 16 जनवरी को स्थानीय अधिकारियों ने उन्हें उनके घर के अंदर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी थी। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के उस पूर्व आदेश का उल्लंघन है, जिसमें साफ किया गया था कि निजी परिसर में प्रार्थना के लिए प्रशासन की अनुमति जरूरी नहीं है। ———————— ये खबर भी पढ़िए- ओवैसी बोले- सुनो संभल DSP मुल्क आपके बाप का नहीं, इजराइली प्रधानमंत्री की भाषा बोल रहे संभल में CO कुलदीप कुमार का ‘जहाज में बैठकर ईरान चले जाओ’ वाला बयान तूल पकड़ता जा रहा है। AIMIM नेता सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार करते हुए कहा- ये मुल्क आपके बाप का नहीं। तुम इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की जुबान बोल रहे हो। पूरी खबर पढ़िए दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
UP, Bihar Police Security Cylinder Distribution; MP Agency Queues Amid LPG Crisis

Hindi News Business UP, Bihar Police Security Cylinder Distribution; MP Agency Queues Amid LPG Crisis नई दिल्ली21 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत हो रही है। गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों पर लम्बी लाइनें लगी हैं। दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक से होटलों और रेस्टोरेंट्स में खाना नहीं बन पा रहा है। मध्य प्रदेश: कैटरर्स बोले- ये इमरजेंसी जैसी स्थिति कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप होने से सबसे ज्यादा संकट होटल-रेस्टॉरेंट पर है। वहीं घरेलू रसोई गैस लेने के लिए गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लगी है। जिन घरों में शादी है, वे टेंशन में हैं। अकेले भोपाल में ही 20 दिन में एक हजार से ज्यादा शादियां हैं। कैटरर्स का कहना है कि ये इमरजेंसी जैसी स्थिति है। पूरी खबर पढ़ें उत्तर प्रदेश: पुलिस सुरक्षा में बंट रहे सिलेंडर उत्तर प्रदेश में बुकिंग के 4 से 5 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। गैस एजेंसियों के बाहर लाइनें लगने लगी हैं। गोरखपुर- सिद्धार्थनगर में पुलिस सुरक्षा में सिलेंडर बांटे जा रहे हैं। एजेंसियों पर तड़के 3 बजे से ही लोग लाइन लगाने पहुंच रहे हैं। घंटों इंतजार कर रहे, लेकिन सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। वजह- सिलेंडर कम हैं और लेने वालों की संख्या ज्यादा। पूरी खबर पढ़ें बिहार: लोग सुबह से ही गैस एजेंसी पहुंच रहे यहां भी 2 दिन से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की बुकिंग बंद है। इस वजह से होटल,रेस्टॉरेंट पर असर पड़ा है। घरेलू गैस को लेकर भी राज्य के कई जिलों में लोगों की लंबी कतार दिखी। गोपालगंज, खगड़िया, औरंगाबाद, पटना समेत कई जिलों में लोग सुबह से ही गैस एजेंसी पहुंचने लगे। कई एजेंसियों में ताला लटका है। कोई कर्मचारी भी यहां मौजूद नहीं हैं। पूरी खबर पढ़ें राजस्थान: 1900 रुपए का सिलेंडर 2500 रुपए में बेचा जा रहा कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बिल्कुल बंद हो गई है। ऐसे में अलग-अलग एजेंसी तय दाम से ज्यादा में सिलेंडर की कालाबाजारी कर रही है। भास्कर स्टिंग में खुलासा हुआ कि जयपुर में 1911 रुपए में मिलने वाला सिलेंडर 2500 रुपए तक में बेचा जा रहा है। भास्कर ने जयपुर के एक होटल में आए गैस सप्लायर (इंडेन) का स्टिंग किया। अलवर में एक गैस एजेंसी पर जमकर हंगामा हुआ। यहां ग्राहकों ने एजेंसी पर कालाबाजारी के आरोप लगाए। पंजाब: घरेलू सिलेंडरों की भी बुकिंग बंद लुधियाना और फरीदकोट में सर्वर डाउन होने के कारण घरेलू सिलेंडरों की बुकिंग भी नहीं हो पा रही है। इसके अलावा फरीदकोट, होशियारपुर और पटियाला समेत कई जिलों में सोमवार से कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई बंद है। संकट से निपटने सरकार ने 5 जरूरी कदम उठाए 1. हाई-लेवल कमेटी बनाई: संकट को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने तीन तेल कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है, जो सप्लाई की समीक्षा करेगी। 2. एसेंशियल कमोडिटी एक्ट लागू: गैस की सप्लाई को कंट्रोल करने के लिए केंद्र सरकार ने देशभर में ‘एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955’ लागू कर दिया है। 3. 25 दिन बाद होगी LPG बुकिंग: घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। उपभोक्ता एक सिलेंडर डिलीवर होने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक होगा। 4. OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य: गैस की जमाखोरी रोकने के लिए डिलीवरी एजेंट OTP या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का सख्ती से इस्तेमाल कर रहे हैं। 5. LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश: सरकार ने सभी ऑयल रिफाइनरीज को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया था। सूत्रों का कहना है कि अब उत्पादन 10% बढ़ गया है। तेल कंपनियां रेस्टोरेंट एसोसिएशनों से बात करेंगी सूत्रों के मुताबिक सरकार ने रेस्टोरेंट एसोसिएशनों की शिकायतें सुनने के लिए 3 सदस्यों की एक कमेटी बनाई है। इसमें IOC, HPCL और BPCL के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर शामिल हैं। यह कमेटी एसोसिएशन की कॉमर्शियल गैस सप्लाई से जुड़ी जायज जरूरतों को पूरा करेगी। जरूरत के हिसाब से सप्लाई की प्राथमिकता भी भी फिर से तय करेगी। सप्लाई संकट की 2 वजह 1. ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का लगभग बंद होना भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का बंद होना है। ये करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। ईरान खुद इसी रूट से एक्सपोर्ट करता है। 2. प्लांट पर ड्रोन हमले से LNG का प्रोडक्शन रुका पिछले हफ्ते अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर स्ट्राइक की थी। इसके जवाब में ईरान ने UAE, कतर, कुवैत और सऊदी जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान के ड्रोन हमले के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाले सबसे बड़े देश कतर ने अपने LNG प्लांट का प्रोडक्शन रोक दिया है। इससे भारत में गैस की सप्लाई घट गई है। भारत अपनी जरूरत की 40% LNG (करीब 2.7 करोड़ टन सालाना) कतर से ही आयात करता है। कब तक सुधरेंगे हालात? इंडियन ऑयल के मुख्य महाप्रबंधक (LPG) के.एम. ठाकुर का कहना है कि ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है और पैनिक बुकिंग न करें। सरकार अब अमेरिका जैसे देशों से वैकल्पिक कार्गो मंगाने पर विचार कर रही है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर G7 देश अपने इमरजेंसी तेल भंडार से सप्लाई जारी करने पर चर्चा कर रहे हैं, ताकि ग्लोबल मार्केट में ऊर्जा संकट को कम किया जा सके। रूस और अल्जीरिया से भी अतिरिक्त कच्चा तेल आने की उम्मीद है। सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर के दाम ₹60 बढ़ाए सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा कर दिया है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम की LPG गैस अब 913 रुपए की मिल रही है। पहले यह 853 रुपए की थी। बढ़ी हुई कीमतें 7 मार्च से लागू हो गई हैं। वहीं 19 किग्रा वाले कॉमर्शियल सिलेंडर
PM Kisan 22nd Installment: ₹2000 for 9 Cr Farmers

नई दिल्ली45 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के लिए अगली किस्त फरवरी के आखिरी हफ्ते से लेकर मार्च 2026 के बीच खाते में ट्रांसफर की जा सकती है। हालांकि, सरकार ने अभी तक इसकी आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की है। इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को 2-2 हजार रुपए की तीन किस्तें साल में (कुल 6000 रुपए) दी जाती हैं। यह राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा कर दी जाती है। eKYC नहीं कराया तो अटक सकता है पैसा पोर्टल के मुताबिक, सभी पंजीकृत किसानों के लिए eKYC कराना अनिवार्य है। अगर आपकी eKYC पेंडिंग है, तो किस्त रुक सकती है। किसान खुद PM किसान पोर्टल पर जाकर OTP के जरिए eKYC कर सकते हैं या पास के कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर बायोमेट्रिक तरीके से इसे पूरा करवा सकते हैं। नवंबर में आई थी 21वीं किस्त, अब अगली का इंतजार PM किसान योजना की 21वीं किस्त नवंबर 2025 में जारी की गई थी। नियम के मुताबिक, हर चार महीने के अंतराल पर ₹2,000 की किस्त दी जाती है। इस हिसाब से अगली किस्त का समय फरवरी-मार्च 2026 बैठ रहा है। PM-किसान योजना 2019 में शुरू हुई थी PM-Kisan योजना फरवरी 2019 में शुरू हुई थी। इसके तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है, जो तीन किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाती है। अभी देशभर में 9 करोड़ से ज्यादा किसान इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। किसानों की कम आय को बढ़ाना योजना का मुख्य मकसद इस योजना की शुरुआत छोटे किसानों की आय को बढ़ाने के लिए की गई है। इससे वे खेती में बेहतर निवेश कर सकें, बीज, खाद और मशीनें खरीद सकें, और परिवार की जरूरतें पूरी कर सकें। यह पूरी तरह से केंद्र सरकार की योजना है, जिसमें सारा पैसा सरकार देती है। किसे मिलती है यह मदद? योजना कहती है कि सभी भूमि धारक किसान परिवारों को यह लाभ मिल सकता है। यहां ‘परिवार’ का मतलब है पति, पत्नी और उनके नाबालिग बच्चे। लेकिन कुछ लोग बाहर रहते हैं, ताकि मदद सही हाथों में पहुंचे। जैसे: अगर कोई संस्था या कंपनी के नाम पर जमीन है, तो नहीं। पूर्व या मौजूदा मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर या जिला पंचायत अध्यक्ष जैसे बड़े पद वाले लोग बाहर। सरकारी अधिकारी या कर्मचारी नहीं ले सकते। जिनकी पेंशन 10,000 रुपये से ज्यादा है, वे भी बाहर। आयकर भरने वाले, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील जैसे पेशेवर लोग नहीं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
यूपी का एपस्टीन! पत्नी लाती थी बच्चे, JE पति करता कुकर्म, फिर डार्क वेब पर बिकती थीं चीखें, अब सजा ए मौत

चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के सूखे, शांत और आधे-अधूरे सपनों से भरे बुंदेलखंड में बसे शहर बांदा, चित्रकूट और हमीरपुर ने बहुत कुछ देखा है. गरीबी, पलायन, सूखा और संघर्ष… लेकिन जो सच साल 2020 के बाद धीरे-धीरे सामने आया, उसने इन शहरों की आत्मा तक को झकझोर दिया. यह कहानी सिर्फ एक अपराध की नहीं, बल्कि उस अंधेरे की है, जो इंसान के भीतर पलता है और मौका मिलते ही राक्षस बनकर बाहर आ जाता है. यह कहानी है सिंचाई विभाग के एक निलंबित जूनियर इंजीनियर रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती की, एक ऐसा दंपती जिसने भरोसे को हथियार बनाया, मासूमियत को जाल में फंसाया और इंसानियत को शर्मसार कर दिया. यह है मामला हम बात कर रहे हैं चित्रकूट में सिंचाई विभाग के निलंबित जूनियर इंजीनियर (जेई) रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती की. इस दंपति ने सबसे भयानक मिसाल पेश की है. 50 से ज्यादा मासूम बच्चों का यौन शोषण कर उनके वीडियो डार्क वेब और विदेशी पोर्न साइट्स पर बेचने वाले इस दरिंदे दंपती को आखिरकार अदालत ने फांसी की सजा सुना दी है. सीबीआई की जांच में सामने आया यह मामला सिर्फ बाल यौन शोषण का नहीं था, बल्कि मासूमों की आड़ में चल रहे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम का भी पर्दाफाश था. आइए जानते हैं सबकुछ. एक दम शांत दिखने वाला खूंखार शख्स रामभवन बाहर से बिल्कुल साधारण आदमी लगता था. सरकारी नौकरी, पढ़ा-लिखा चेहरा, कम बोलने वाला स्वभाव. उसने कभी विभागीय आवास की मांग नहीं की. हमेशा किराए के मकान में रहा. मोहल्ले वाले कहते थे- अलग-थलग रहता है, ज्यादा मेलजोल नहीं. वहीं, उसकी पत्नी दुर्गावती भी चुपचाप रहने वाली महिला के रूप में जानी जाती थी. शादी को कई साल बीत चुके थे, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी. बाहर से देखने पर वे एक सामान्य, निःसंतान दंपती लगते थे, जो अपनी दुनिया में सिमटा हुआ था. मगर, इस चुप्पी के पीछे एक खौफनाक योजना धीरे-धीरे आकार ले रही थी. बच्चों के सामने बिछाया लालसा का जालदुर्गावती ने अपने आसपास के गरीब परिवारों के बच्चों को निशाना बनाना शुरू किया. 5 से 16 साल उम्र के बच्चों को महंगा मोबाइल, घड़ी या चॉकलेट का लालच देती. बेचारे बच्चे समझते कितनी अच्छी आंटी हैं. उनके लिए ये सामान किसी खजाने से कम नहीं था. वह बच्चों से अपनापन जताती. कभी मिठाई देती, कभी पेन, कभी कपड़े. धीरे-धीरे बच्चे उसके घर आने लगे. पड़ोसियों को यह सब कुछ सामान्य लगता था. मगर, हर बार जब घर का दरवाजा बंद होता, तो एक बच्चे की मासूमियत छीन ली जाती थी. हवस से बड़ा था लालचरामभवन का मकसद केवल हवस को मिटाना नहीं था. बल्कि वह पैसे का भूखा था. उसने अपराध को कारोबार बना दिया था. घर के अंदर बच्चों की अश्लील तस्वीरें और वीडियो बनाए जाते. फिर वे फाइलें इंटरनेट के उस अंधेरे हिस्से में पहुंचाई जातीं, जहां पहचान छुपाकर गुनाह खरीदे-बेचे जाते हैं. वह डार्क वेब और विदेशी पोर्न साइट्स के जरिए इन वीडियो को बेचता था. ईमेल की जांच की गई तो सामने आया कि वह देश-विदेश के कई गिरोहों के संपर्क में था. यह कोई अकेला अपराध नहीं था- यह एक अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क से जुड़ा संगठित अपराध था. अगर कोई बच्चा किसी तरह का विरोध करता तो उसे उन्हीं तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल किया जाता. साथ ही परिवारों को भी धमकी दी जाती. इस पर गरीब परिवार, जिनके पास इज्जत ही सबसे बड़ी पूंजी थी, खामोश हो जाते और इसी खामोशी में कई साल बीत गए. इंटरपोल से आया पहला संकेत 17 अक्टूबर 2020 को भारत की प्रमुख जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को एक चौंकाने वाली सूचना मिली. यह सूचना अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन इंटरपोल से आई थी. एक पेन ड्राइव में 34 बच्चों से जुड़े वीडियो और 679 तस्वीरें थीं. डिजिटल ट्रैकिंग से पता चला कि इनका स्रोत बुंदेलखंड का एक सरकारी इंजीनियर है. 31 अक्टूबर 2020 को नई दिल्ली में केस दर्ज हुआ. जांच की कमान डीएसपी अमित कुमार को सौंपी गई. अब तक जो अंधेरा घर की चारदीवारी में छुपा था, वह जांच की रोशनी में आने लगा. इस दिन हुआ था गिरफ्तार16 नवंबर 2020 को इस पूरे मामले से परदा हट गया. चित्रकूट की एसडीएम कॉलोनी को सीबीआई की 10 सदस्यीय टीम ने चुपचाप घेर लिया. दरवाजा खुला तो अंदर जो मिला, उसने जांच अधिकारियों तक को हिला दिया. 8 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड, सेक्स टॉयज, 8 लाख रुपये नकद और डिजिटल फोल्डरों में छुपी 66 वीडियो और 600 से ज्यादा तस्वीरें. कुछ ही दिनों बाद दुर्गावती भी गिरफ्तार कर ली गई. गवाही ऐसी कि कांप गई रूहअब यह मामला केवल स्थानीय पुलिस का नहीं रहा था. यह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अपराध का केस बन चुका था. जांच के दौरान कई बच्चों को मेडिकल जांच के लिए एम्स दिल्ली भेजा गया. डॉक्टरों की टीम ने जो देखा, उसने उन्हें अंदर तक हिला दिया. कोर्ट में जब उन्होंने गवाही दी, तो शब्द कांप रहे थे. कुछ बच्चों की आंखों में स्थायी डर था. कुछ शारीरिक रूप से गंभीर रूप से आहत थे. मगर, सबसे गहरा घाव उनके मन पर था. कई बच्चे अब भी अंधेरे कमरे से डरते थे. किसी अजनबी की मुस्कान उन्हें सिहरन दे जाती थी. कोर्ट में पेश हुए 25 पीड़ित बच्चों ने जब बयान दिए, तो पूरा माहौल भारी हो गया. यह केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं थी, यह मासूमियत की चीख थी. 24 फरवरी 2021 को बांदा कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई. 2023 में आरोप तय हुए. रामभवन और दुर्गावती ने खुद को निर्दोष बताया. 5 जून 2023 से विशेष पॉक्सो कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई. 74 गवाह पेश हुए. बच्चे, डॉक्टर, शिक्षक, डिजिटल विशेषज्ञ सब शामिल थे. हर गवाही के साथ अपराध का एक नया पहलू सामने आता. हर डिजिटल सबूत अदालत के सामने एक और दरवाजा खोलता, जिसके पीछे घिनौनी सच्चाई छुपी थी. अब मिला न्याय20 फरवरी 2026 का सबसे ज्यादा दिन अहम था. इसी दिन इन मासूमों को न्याय मिला. बांदा की विशेष पॉक्सो अदालत में 163 पन्नों का फैसला पढ़ा गया. जज प्रदीप कुमार मिश्रा ने कहा कि यह अपराध विरल से विरलतम की श्रेणी में आता है. कोर्ट ने दोनों दोषियों को मौत
Gorakhpur International Cricket Stadium Planned

जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. भारत इंडियन ओशियन नेवल सिंपोजियम का अध्यक्ष बना 20 फरवरी को हिंद महासागर नौसेना सिम्पोजियम यानी IONS के नौसेना प्रमुखों का 9वां सम्मेलन विशाखापत्तनम में हुआ। नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल तरुण सोबती ने बताया कि भारत ने सम्मेलन के दौरान IONS की अध्यक्षता ग्रहण की है। IONS एक पहल है जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र के तटीय राज्यों की नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग बढ़ाना है। यह अंतर्राष्ट्रीय आयोजन इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू और मिलान 2026 के साथ हो रहा है। भारत 2026-2028 फोरम के लिए इस मंच को लीड करेगा। IONS की शुरुआत नई दिल्ली में 2008 में हुई थी। तब से यह दूसरी बार है जब भारत अध्यक्ष बनकर नेतृत्व कर रहा है। इस समय IONS में 25 सदस्य नौसेनाएं और 9 ऑब्जर्वर देश शामिल हैं। 2. ‘मेरी परंपरा-मेरी विरासत’ सब्जेक्ट पर एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित 19 फरवरी को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में “मेरी परंपरा-मेरी विरासत” विषय पर एक दिवसीय सेशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पंचायती राज मंत्रालय ने इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर द आर्ट्स, संस्कृति मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जनजातीय विरासत के संरक्षण के लिए किया गया। यह कार्यक्रम दो विषयों पर केंद्रित था- छत्तीसगढ़ के अनुसूचित क्षेत्रों में जनजातीय सांस्कृतिक विरासत का डॉक्यूमेंटेशन और डिजिटल प्रिजर्वेशन और परियोजना के क्रियान्वयन के लिए बनाए गए फ्रेमवर्क को अंतिम रूप देना। सबसे पहले मेरी परंपरा- मेरी विरासत की पहल पंचायती राज मंत्रालय द्वारा की गई थी। यह अभियान झारखंड सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा 26 जनवरी 2025 को ‘हमारी परंपरा हमारी विरासत’ विषय के अंतर्गत शुरू किया था। छत्तीसगढ़ इस पहल को अपनाने वाला दूसरा राज्य है। छत्तीसगढ़ में 42 मान्यता प्राप्त अनुसूचित जनजातियां हैं, जिनके संरक्षण के लिए इस सत्र का आयोजन किया गया। निधन (Death) 3. अमेरिकन अभिनेता एरिक डेन का निधन 19 फरवरी को अमेरिकन अभिनेता एरिक डेन का निधन हो गया। एरिक मेडिकल ड्रामा ‘ग्रेज एनाटॉमी और यूफोरिया में अपने किरदार के लिए जाने जाते थे। डेन ने पिछले साल यह बताया था कि उन्हें एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस बीमारी है। एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस एक न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी है जो दिमाग और रीढ़ की हड्डी में मांसपेशियों को नियंत्रित करने वाली मोटर न्यूरॉन्स को नष्ट कर देती है। डेन ने अमेरिकन एक्ट्रेस रेबेका गेहार्ट से 2004 में शादी की थी। डेन और गेहार्ट की दो बेटियां बिली और जॉर्जिया हैं। डेन की नेटवर्थ 7 मिलियन डॉलर थी। उन्होंने फिल्मों के अलावा टीवी शोज के जरिये भी अपनी खास पहचान बनाई थी। मिसलीनियस (MISCELLANEOUS) 4. NASA ने आर्टेमिस 2 लूनार लॉन्च की सफल रिहर्सल की 19 फरवरी को NASA ने आर्टेमिस 2 लूनर लॉन्च की सफल रिहर्सल की। आर्टेमिस 2 मिशन के लिए की जाने वाली इस प्रोसेस को wet dress rehearsal नाम दिया गया। इसे फ्लोरिडा के केप कनावेरल में किया गया। इस रिहर्सल में ईंधन भरने की प्रक्रिया, उलटी गिनती और प्रक्षेपण रद्द होने की स्थितियों की जांच की गई, लेकिन उड़ान नहीं भरी गई। इस प्रैक्टिस को रियल कंडिशन के तहत फुल रॉकेट टैंक्स और टेक्निकल चेकिंग के साथ पूरा किया गया। इससे पहले 2 फरवरी को NASA ने 50 साल बाद चंद्रमा पर मानवयुक्त मिशन आर्टेमिस-II के लिए दो दिवसीय प्रैक्टिस काउंटडाउन शुरू किया था। ये तकनीकी खराबी के कारण विफल हो गया था। रिहर्सल के आधार पर यह तय होगा कि अंतरिक्ष यात्री चांद की परिक्रमा के लिए कब रवाना होंगे। 5. गोरखपुर में बनेगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम 20 फरवरी को गोरखपुर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए यूपी सरकार और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच एक समझौते यानी MoU पर साइन हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में इस समझौते पर साइन किए गए। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए इंडियन ऑयल 60 करोड़ रुपए देगा। MoU के अनुसार, दिसंबर 2027 तक क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण पूरा किया जाएगा। इस स्टेडियम में 30,000 दर्शकों के बैठने की कैपेसिटी होगी। स्टेडियम के निर्माण की अनुमानित लागत 392.94 करोड़ रुपए है। स्टेडियम में आधुनिक पिच, अभ्यास सुविधाएं, फ्लडलाइट, ड्रेसिंग रूम, मीडिया सेंटर होंगे जिससे यहां बड़े अंतरराष्ट्रीय मैच आयोजित किए जा सकेंगे। आज का इतिहास 21 फरवरी : 1707 – औरंगजेब की मौत अहमदनगर में हुई। 1959 – प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया की नई दिल्ली में स्थापना। 1974 – युगोस्लाविया ने संविधान स्वीकार किया। ऐसी ही और खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बिहार के आखिरी नक्सली सुरेश कोड़ा ने हथियार डाले:एपस्टीन से नाम जुड़ने के चलते AI समिट से हटे बिल गेट्स; 20 फरवरी करेंट अफेयर्स







