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Angkrish Raghuvanshi; LSG vs KKR IPL 2026 LIVE Score Update

Angkrish Raghuvanshi; LSG vs KKR IPL 2026 LIVE Score Update

Hindi News Sports Cricket Angkrish Raghuvanshi; LSG Vs KKR IPL 2026 LIVE Score Update | Shami Rishabh Pant Ajinkya Rahane स्पोर्ट्स डेस्क1 घंटे पहले कॉपी लिंक IPL में आज कोलकाता नाइट राइडर्स का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स से होगा। मैच KKR के होम ग्राउंड ईडन गार्डन्स स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। मैच का टॉस शाम 7:00 बजे होगा। आज कोलकाता में बारिश की 90% आशंका है। यहां पिछला मैच भी बारिश के कारण रदद रहा थी। KKR का इस सीजन यह चौथा मैच होगा। टीम ने अब तक खेले 3 मैचों में से 2 में जीत दर्ज की है, जबकि पिछला मुकाबला पंजाब किंग्स के खिलाफ बारिश के कारण रद्द हो गया था। वहीं, LSG को अपने पिछले दो मैचों में एक में जीत और एक में हार का सामना करना पड़ा है। कोलकाता के खिलाफ लखनऊ ने 4 मैच जीते KKR और LSG के बीच अब तक 6 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें लखनऊ ने 4 मैच जीते हैं, जबकि कोलकाता को 2 में जीत मिली है। पिछले सीजन दोनों टीमों की एक बार भिड़ंत हुई थी, जिसमें लखनऊ ने बाजी मारी थी। कोलकाता में खेले गए 3 मैचों में भी लखनऊ का पलड़ा भारी रहा है, उसे 2 जीत मिली हैं, जबकि कोलकाता सिर्फ 1 मैच जीत सकी है। अंगकृष रघुवंशी के नाम दो अर्धशतक इस सीजन में कोलकाता के टॉप परफॉर्मर्स में अंगकृष रघुवंशी और ब्लेसिंग मुजरबानी शामिल हैं। अंगकृष ने 3 मैचों में 110 रन बनाए हैं, जिसमें 2 अर्धशतक शामिल हैं और उनका स्ट्राइक रेट 169.23 का रहा है। वहीं, मुजरबानी ने 2 मैचों में 4 विकेट लिए हैं, उनका बेस्ट प्रदर्शन 4/41 रहा है, हालांकि उनकी इकॉनमी 10.71 की रही है। ऋषभ पंत LSG के टॉप स्कोरर IPL 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के टॉप परफॉर्मर्स में कप्तान ऋषभ पंत, ऐडन मार्करम, अब्दुल समद और मिचेल मार्श शामिल हैं, जिन्होंने शानदार बल्लेबाजी की है। बॉलिंग में प्रिंस यादव टॉप पर हैं। सीजन के दोनों मैच में 200+ स्कोर बने ईडन गार्डन्स की पिच 9 अप्रैल को आमतौर पर बैटिंग के लिए अनुकूल रहने की उम्मीद है। यहां की सतह फ्लैट होती है, जिससे गेंद अच्छे से बल्ले पर आती है और बड़े स्कोर देखने को मिलते हैं। हालांकि, शुरुआत में नई गेंद से तेज गेंदबाजों को हल्की मदद मिल सकती है। मिडिल ओवर्स में स्पिनर्स को भी कुछ टर्न मिल सकता है, खासकर अगर पिच थोड़ी सूखी हुई तो। लेकिन ओवरऑल यह एक हाई-स्कोरिंग ग्राउंड माना जाता है। अगर मैच के दौरान बारिश होती है या पिच में नमी रहती है, तो पेसर्स को अतिरिक्त स्विंग और सीम मूवमेंट मिल सकता है, जिससे शुरुआत के ओवर्स और अहम हो जाएंगे। यहां में इस सीजन अब तक खेले गए दोनों मैचों में 200+ स्कोर बने हैं। बारिश डाल सकती है खलल कोलकाता में आज होने वाले मैच में बारिश खलल डाल सकती है। यहां करीब 90% बारिश की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही मौसम गर्म और उमस भरा रहने की उम्मीद है। दिन के समय तापमान लगभग 33 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि रात में यह 26–28 डिग्री तक गिर सकता है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-12 कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), फिन एलन, कैमरन ग्रीन, अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), रिंकू सिंह, रमनदीप सिंह, अनूकुल रॉय, सुनील नारायण, वैभव अरोड़ा, ब्लेसिंग मुजरबानी, कार्तिक त्यागी, वरुण चक्रवर्ती। लखनऊ सुपर जायंट्स: ऐडन मार्करम, मिचेल मार्श, ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), आयुष बडोनी, निकोलस पूरन, अब्दुल समद, मुकुल चौधरी, आवेश खान, दिग्वेश राठी, प्रिंस यादव, मोहम्मद शमी, मणिमरण सिद्धार्थ। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Axar Patel; DC vs GT IPL 2026 LIVE Score Update

Axar Patel; DC vs GT IPL 2026 LIVE Score Update

स्पोर्ट्स डेस्क21 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL 2026 के 14वें मैच में आज दिल्ली कैपिटल्स का सामना गुजरात टाइटंस से होगा। मुकाबला अरुण जेटली स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। टॉस शाम 7:00 बजे होगा। DC और GT का इस सीजन पहला मैच होगा। दोनों टीमों का इस सीजन तीसरा मैच होगा। दिल्ली दोनों मैच जीतकर 4 पॉइंट्स के साथ पॉइंट्स टेबल में चौथे नंबर पर है। गुजरात अपने दोनों शुरुआती मुकाबले हारकर 9वें नंबर पर है। हेड टु हेड में एक मैच का अंतर IPL इतिहास में दोनों टीमों के बीच 7 मुकाबले हुए हैं। DC ने 3 और GT ने 4 मैच जीते हैं। IPL 2025 में दोनों के बीच 2 मुकाबले हुए थे, जिन्हें GT ने जीता था। समीर रिजवी सीजन के टॉप स्कोरर समीर रिजवी टीम और सीजन दोनों के टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने दोनों मैचों में अर्धशतक लगाए। रिजवी ने 2 मैचों में 160 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 163.26 रहा है। गेंदबाजी में टी नटराजन ने 2 मैचों में 4 विकेट लिए हैं। गिल पिछला मैच नहीं खेले थे गुजरात के कप्तान शुभमन गिल पिछला मैच नहीं खेल पाए थे। उनकी गैरमौजूदगी में राशिद खान ने कमान संभाली थी। DC के खिलाफ गिल की वापसी तय मानी जा रही है। उनसे बड़ी पारी की उम्मीद है। साई सुदर्शन इस सीजन टीम के टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने 2 मैचों में 86 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 156.36 रहा है। गेंदबाजी में प्रसिद्ध कृष्णा ने 2 मैचों में 4 विकेट लिए हैं। पिच रिपोर्ट अरुण जेटली पिच बल्लेबाजों के लिए बेहतरीन होगी। पेसर्स को शुरुआती ओवर्स में नई गेंद से थोड़ी मदद मिल सकती है। IPL में यहां 98 मैच खेले गए हैं। पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 47 और दूसरी ने 50 मैच जीते हैं। एक मुकाबला बेनतीजा रहा। सबसे बड़ा टीम स्कोर 278/3 है, जो सनराइजर्स हैदराबाद ने 2025 में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ बनाया था। वेदर रिपोर्ट दोपहर में दिल्ली के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जगह धूप रहेगी। मौसम में हल्का बदलाव रहेगा और कहीं-कहीं बादल छाए रह सकते हैं। बारिश की 57% आशंका है। 8 अप्रैल को तापमान 17 से 28 डिग्री सेल्सियस रहेगा। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-12 दिल्ली कैपिटल्स: केएल राहुल (विकेटकीपर), पाथुम निसांका, नीतीश राणा, ट्रिस्टन स्टब्स, अक्षर पटेल (कप्तान), डेविड मिलर, विपराज निगम, कुलदीप यादव, लुंगी एनगिडी, मुकेश कुमार, टी नटराजन, समीर रिजवी। गुजरात टाइटंस: साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, ग्लेन फिलिप्स, शाहरुख खान, राहुल तेवतिया, राशिद खान, कगीसो रबाडा, अशोक शर्मा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Axar Patel; DC vs GT IPL 2026 LIVE Score Update

Axar Patel; DC vs GT IPL 2026 LIVE Score Update

स्पोर्ट्स डेस्क55 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL 2026 के 14वें मैच में आज दिल्ली कैपिटल्स का सामना गुजरात टाइटंस से होगा। मुकाबला अरुण जेटली स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। टॉस शाम 7:00 बजे होगा। DC और GT का इस सीजन पहला मैच होगा। दोनों टीमों का इस सीजन तीसरा मैच होगा। दिल्ली दोनों मैच जीतकर 4 पॉइंट्स के साथ पॉइंट्स टेबल में चौथे नंबर पर है। गुजरात अपने दोनों शुरुआती मुकाबले हारकर 9वें नंबर पर है। हेड टु हेड में एक मैच का अंतर IPL इतिहास में दोनों टीमों के बीच 7 मुकाबले हुए हैं। DC ने 3 और GT ने 4 मैच जीते हैं। IPL 2025 में दोनों के बीच 2 मुकाबले हुए थे, जिन्हें GT ने जीता था। समीर रिजवी सीजन के टॉप स्कोरर समीर रिजवी टीम और सीजन दोनों के टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने दोनों मैचों में अर्धशतक लगाए। रिजवी ने 2 मैचों में 160 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 163.26 रहा है। गेंदबाजी में टी नटराजन ने 2 मैचों में 4 विकेट लिए हैं। गिल पिछला मैच नहीं खेले थे गुजरात के कप्तान शुभमन गिल पिछला मैच नहीं खेल पाए थे। उनकी गैरमौजूदगी में राशिद खान ने कमान संभाली थी। DC के खिलाफ गिल की वापसी तय मानी जा रही है। उनसे बड़ी पारी की उम्मीद है। साई सुदर्शन इस सीजन टीम के टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने 2 मैचों में 86 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 156.36 रहा है। गेंदबाजी में प्रसिद्ध कृष्णा ने 2 मैचों में 4 विकेट लिए हैं। पिच रिपोर्ट अरुण जेटली पिच बल्लेबाजों के लिए बेहतरीन होगी। पेसर्स को शुरुआती ओवर्स में नई गेंद से थोड़ी मदद मिल सकती है। IPL में यहां 98 मैच खेले गए हैं। पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 47 और दूसरी ने 50 मैच जीते हैं। एक मुकाबला बेनतीजा रहा। सबसे बड़ा टीम स्कोर 278/3 है, जो सनराइजर्स हैदराबाद ने 2025 में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ बनाया था। वेदर रिपोर्ट दोपहर में दिल्ली के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जगह धूप रहेगी। मौसम में हल्का बदलाव रहेगा और कहीं-कहीं बादल छाए रह सकते हैं। बारिश की 57% आशंका है। 8 अप्रैल को तापमान 17 से 28 डिग्री सेल्सियस रहेगा। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-12 दिल्ली कैपिटल्स: केएल राहुल (विकेटकीपर), पाथुम निसांका, नीतीश राणा, ट्रिस्टन स्टब्स, अक्षर पटेल (कप्तान), डेविड मिलर, विपराज निगम, कुलदीप यादव, लुंगी एनगिडी, मुकेश कुमार, टी नटराजन, समीर रिजवी। गुजरात टाइटंस: साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, ग्लेन फिलिप्स, शाहरुख खान, राहुल तेवतिया, राशिद खान, कगीसो रबाडा, अशोक शर्मा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Supreme Court Hearing Update; Sabarimala Women Entry

Supreme Court Hearing Update; Sabarimala Women Entry

Hindi News National Supreme Court Hearing Update; Sabarimala Women Entry | Parsi Women Rights, Dawoodi Bohra Khatna नई दिल्ली11 मिनट पहले कॉपी लिंक धार्मिक स्थलों में महिलाओं के साथ भेदभाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की बेंच आज लगातार दूसरे दिन सुनवाई करेगी। मंगलवार को पहले दिन 5 घंटे की सुनवाई में केंद्र ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगाने का समर्थन किया। सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- मंदिर में महिलाओं को न जाने देना उनका अपमान करना नहीं है। भारत में उन्हें पूजा जाता है। हमें इस बात पर ऐतराज है कि मंदिर की परंपरा को ‘अस्पृश्यता’ (छुआछूत या अनुच्छेद 17) कहा गया। छुआछूत जाति के आधार पर होती थी, यह मामला उससे अलग है। उन्होंने आगे कहा- जैसे हम मस्जिद, मजार या गुरुद्वारे में जाते समय सिर ढंकते हैं, वैसे ही सबरीमाला की भी एक अलग परंपरा है और इसका सम्मान होना चाहिए। ये धार्मिक आस्था और संप्रदाय की स्वायत्तता का मुद्दा है, जो कोर्ट के दायरे से बाहर है। इस पर बेंच की एकमात्र महिला जज जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि अगर किसी महिला को उसके मासिक धर्म की वजह से मंदिर में घुसने से रोका जाता है, तो क्या वह ‘छुआछूत’ नहीं है? संविधान में छुआछूत को पूरी तरह खत्म किया गया है। SC बोला- भेदभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता सरकार: महिलाओं की मंदिर में एंट्री पर 2018 का फैसला गलत तरीके से लिया गया। सभी धर्मों की परंपराओं का सम्मान जरूरी है। सिर ढकने जैसे नियम अधिकारों का हनन नहीं हैं। जस्टिस नागरत्ना: सामाजिक बुराई और धार्मिक प्रथा में फर्क हो सकता है। संविधान का नियम हर दिन के लिए एक समान होना चाहिए। सरकार: सबरीमाला की परंपरा को ‘अस्पृश्यता’ (अनुच्छेद 17) कहना गलत है। छुआछूत जाति आधारित थी, यह मामला उससे अलग है। जस्टिस नागरत्ना: क्या मासिक धर्म के आधार पर प्रवेश रोकना क्या ‘छुआछूत’ नहीं है? संविधान ने छुआछूत को पूरी तरह समाप्त किया है। सरकार: कोर्ट को धार्मिक प्रथाओं की आधुनिकता या वैज्ञानिकता तय नहीं करनी चाहिए। केवल वही प्रथाएं रद्द हों जो सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता या स्वास्थ्य के खिलाफ हों। जस्टिस नागरत्ना: सामाजिक बुराई और धार्मिक प्रथा में फर्क हो सकता है, लेकिन भेदभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट में 50 से ज्यादा रिव्यू पिटीशन धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभाव का मामला बीते 26 सालों से देश की अदालतों में हैं। 2018 में, 5 जजों की बेंच ने 4:1 के बहुमत से मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक हटा दी थी। इसके बाद कई पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गईं। सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की संविधान बेंच 7 अप्रैल से 22 अप्रैल तक 50 से ज्यादा याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। कोर्ट में रिव्यू पिटीशनरों और उन्हें सपोर्ट करने वाले 7 अप्रैल से 9 अप्रैल तक, जबकि विरोध करने वाले 14 अप्रैल से 16 अप्रैल तक दलीलें दे सकेंगे। सबरीमाला सहित 5 मामले, जिनपर SC फैसला करेगा सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का प्रवेश: सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में जाने का अधिकार दिया था। अब बड़ी पीठ तय करेगी कि यह फैसला सही था या नहीं। दाऊदी बोहरा समुदाय में महिलाओं का खतना: एडवोकेट सुनीता तिवारी ने 2017 में इसके खिलाफ याचिका दायर की और कहा कि यह प्रथा महिलाओं के साथ भेदभाव करती है और यह नाबालिग बच्चियों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। कोर्ट यह तय करेगा कि क्या यह प्रथा मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है? मस्जिदों में महिलाओं का प्रवेश: यास्मीन जुबैर अहमद पीरजादा नाम की महिला ने 2016 में मुस्लिम महिलाओं के मस्जिद में प्रवेश के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट तय करेगा कि क्या मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोका जा सकता है। पारसी महिलाओं का अग्निमंदिर में प्रवेश: 2012 में पारसी महिला गुलरुख एम गुप्ता ने हिंदू व्यक्ति से शादी के बाद अग्नि मंदिर में प्रवेश से रोके जाने के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या गैर-पारसी से शादी करने पर पारसी महिला को मंदिर में प्रवेश से रोका जा सकता है। मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़े लैंगिक भेदभाव के प्रश्न: सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या धार्मिक गतिविधियों में जेंडर के आधार पर भेदभाव को क्या मौलिक अधिकार का हनन माना जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने 7 संवैधानिक सवाल तय किए, जिन पर बहस होगी- अनुच्छेद 25 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता की सीमा और दायरा क्या है? अनुच्छेद 25 (व्यक्तिगत धार्मिक अधिकार) और अनुच्छेद 26 (धार्मिक संप्रदाय के अधिकार) के बीच संतुलन कैसे तय होगा? क्या अनुच्छेद 26 के तहत मिलने वाले अधिकार अन्य मौलिक अधिकारों से ऊपर हैं या उनके अधीन आते हैं? ‘नैतिकता’ और ‘संवैधानिक नैतिकता’ की परिभाषा क्या है और इनमें क्या अंतर है? धार्मिक प्रथाओं में कोर्ट के हस्तक्षेप या न्यायिक समीक्षा की सीमा कहां तक होनी चाहिए? अनुच्छेद 25(2)(b) में ‘हिंदुओं के वर्ग’ (class of Hindus) का अर्थ किस रूप में समझा जाए? क्या कोई व्यक्ति, जो उस धर्म का अनुयायी नहीं है, जनहित याचिका (PIL) के जरिए किसी धार्मिक परंपरा को चुनौती दे सकता है? सबरीमाला में 10 से 50 साल की महिलाओं को एंट्री नहीं, पूरा मामला 5 पॉइंट्स में सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं की एंट्री पहले बैन थी। वजह पीरियड्स और भगवान अयप्पा के ब्रह्मचर्य व्रत को माना गया। इसी नियम को लेकर विवाद शुरू हुआ। 1990 में मामला उठा, बाद में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 2006 में कोर्ट ने नोटिस जारी किया। 2008 में केस 3 जजों की बेंच को गया। 2016 में सुनवाई शुरू हुई। 2017 में मामला 5 जजों की संविधान पीठ को भेजा गया। 2018 में 4-1 बहुमत से सभी उम्र की महिलाओं को एंट्री की अनुमति मिली। कोर्ट ने प्रतिबंध को असंवैधानिक बताया। विरोध के बीच बिंदु कनकदुर्गा और बिंदु अम्मिनी ने मंदिर में प्रवेश किया। 2019 में मामला 9 जजों की बड़ी बेंच को भेज दिया गया। बाद में दूसरे धर्मों से जुड़े महिला प्रवेश मामलों को भी इसमें जोड़ा गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 2 जनवरी 2019 को बिंदु कनकदुर्गा (45) और बिंदु अम्मिनी

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Hindi News National Supreme Court Hearing Update; Sabarimala Women Entry | Parsi Women Rights, Dawoodi Bohra Khatna नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक धार्मिक स्थलों में महिलाओं के साथ भेदभाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की बेंच आज लगातार दूसरे दिन सुनवाई करेगी। मंगलवार को पहले दिन 5 घंटे की सुनवाई में केंद्र ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगाने का समर्थन किया। सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- मंदिर में महिलाओं को न जाने देना उनका अपमान करना नहीं है। भारत में उन्हें पूजा जाता है। हमें इस बात पर ऐतराज है कि मंदिर की परंपरा को ‘अस्पृश्यता’ (छुआछूत या अनुच्छेद 17) कहा गया। छुआछूत जाति के आधार पर होती थी, यह मामला उससे अलग है। उन्होंने आगे कहा- जैसे हम मस्जिद, मजार या गुरुद्वारे में जाते समय सिर ढंकते हैं, वैसे ही सबरीमाला की भी एक अलग परंपरा है और इसका सम्मान होना चाहिए। ये धार्मिक आस्था और संप्रदाय की स्वायत्तता का मुद्दा है, जो कोर्ट के दायरे से बाहर है। इस पर बेंच की एकमात्र महिला जज जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि अगर किसी महिला को उसके मासिक धर्म की वजह से मंदिर में घुसने से रोका जाता है, तो क्या वह ‘छुआछूत’ नहीं है? संविधान में छुआछूत को पूरी तरह खत्म किया गया है। SC बोला- भेदभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता सरकार: महिलाओं की मंदिर में एंट्री पर 2018 का फैसला गलत तरीके से लिया गया। सभी धर्मों की परंपराओं का सम्मान जरूरी है। सिर ढकने जैसे नियम अधिकारों का हनन नहीं हैं। जस्टिस नागरत्ना: सामाजिक बुराई और धार्मिक प्रथा में फर्क हो सकता है। संविधान का नियम हर दिन के लिए एक समान होना चाहिए। सरकार: सबरीमाला की परंपरा को ‘अस्पृश्यता’ (अनुच्छेद 17) कहना गलत है। छुआछूत जाति आधारित थी, यह मामला उससे अलग है। जस्टिस नागरत्ना: क्या मासिक धर्म के आधार पर प्रवेश रोकना क्या ‘छुआछूत’ नहीं है? संविधान ने छुआछूत को पूरी तरह समाप्त किया है। सरकार: कोर्ट को धार्मिक प्रथाओं की आधुनिकता या वैज्ञानिकता तय नहीं करनी चाहिए। केवल वही प्रथाएं रद्द हों जो सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता या स्वास्थ्य के खिलाफ हों। जस्टिस नागरत्ना: सामाजिक बुराई और धार्मिक प्रथा में फर्क हो सकता है, लेकिन भेदभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट में 50 से ज्यादा रिव्यू पिटीशन धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभाव का मामला बीते 26 सालों से देश की अदालतों में हैं। 2018 में, 5 जजों की बेंच ने 4:1 के बहुमत से मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक हटा दी थी। इसके बाद कई पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गईं। सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की संविधान बेंच 7 अप्रैल से 22 अप्रैल तक 50 से ज्यादा याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। कोर्ट में रिव्यू पिटीशनरों और उन्हें सपोर्ट करने वाले 7 अप्रैल से 9 अप्रैल तक, जबकि विरोध करने वाले 14 अप्रैल से 16 अप्रैल तक दलीलें दे सकेंगे। सबरीमाला सहित 5 मामले, जिनपर SC फैसला करेगा सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का प्रवेश: सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में जाने का अधिकार दिया था। अब बड़ी पीठ तय करेगी कि यह फैसला सही था या नहीं। दाऊदी बोहरा समुदाय में महिलाओं का खतना: एडवोकेट सुनीता तिवारी ने 2017 में इसके खिलाफ याचिका दायर की और कहा कि यह प्रथा महिलाओं के साथ भेदभाव करती है और यह नाबालिग बच्चियों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। कोर्ट यह तय करेगा कि क्या यह प्रथा मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है? मस्जिदों में महिलाओं का प्रवेश: यास्मीन जुबैर अहमद पीरजादा नाम की महिला ने 2016 में मुस्लिम महिलाओं के मस्जिद में प्रवेश के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट तय करेगा कि क्या मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोका जा सकता है। पारसी महिलाओं का अग्निमंदिर में प्रवेश: 2012 में पारसी महिला गुलरुख एम गुप्ता ने हिंदू व्यक्ति से शादी के बाद अग्नि मंदिर में प्रवेश से रोके जाने के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या गैर-पारसी से शादी करने पर पारसी महिला को मंदिर में प्रवेश से रोका जा सकता है। मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़े लैंगिक भेदभाव के प्रश्न: सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या धार्मिक गतिविधियों में जेंडर के आधार पर भेदभाव को क्या मौलिक अधिकार का हनन माना जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने 7 संवैधानिक सवाल तय किए, जिन पर बहस होगी- अनुच्छेद 25 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता की सीमा और दायरा क्या है? अनुच्छेद 25 (व्यक्तिगत धार्मिक अधिकार) और अनुच्छेद 26 (धार्मिक संप्रदाय के अधिकार) के बीच संतुलन कैसे तय होगा? क्या अनुच्छेद 26 के तहत मिलने वाले अधिकार अन्य मौलिक अधिकारों से ऊपर हैं या उनके अधीन आते हैं? ‘नैतिकता’ और ‘संवैधानिक नैतिकता’ की परिभाषा क्या है और इनमें क्या अंतर है? धार्मिक प्रथाओं में कोर्ट के हस्तक्षेप या न्यायिक समीक्षा की सीमा कहां तक होनी चाहिए? अनुच्छेद 25(2)(b) में ‘हिंदुओं के वर्ग’ (class of Hindus) का अर्थ किस रूप में समझा जाए? क्या कोई व्यक्ति, जो उस धर्म का अनुयायी नहीं है, जनहित याचिका (PIL) के जरिए किसी धार्मिक परंपरा को चुनौती दे सकता है? सबरीमाला में 10 से 50 साल की महिलाओं को एंट्री नहीं, पूरा मामला 5 पॉइंट्स में सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं की एंट्री पहले बैन थी। वजह पीरियड्स और भगवान अयप्पा के ब्रह्मचर्य व्रत को माना गया। इसी नियम को लेकर विवाद शुरू हुआ। 1990 में मामला उठा, बाद में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 2006 में कोर्ट ने नोटिस जारी किया। 2008 में केस 3 जजों की बेंच को गया। 2016 में सुनवाई शुरू हुई। 2017 में मामला 5 जजों की संविधान पीठ को भेजा गया। 2018 में 4-1 बहुमत से सभी उम्र की महिलाओं को एंट्री की अनुमति मिली। कोर्ट ने प्रतिबंध को असंवैधानिक बताया। विरोध के बीच बिंदु कनकदुर्गा और बिंदु अम्मिनी ने मंदिर में प्रवेश किया। 2019 में मामला 9 जजों की बड़ी बेंच को भेज दिया गया। बाद में दूसरे धर्मों से जुड़े महिला प्रवेश मामलों को भी इसमें जोड़ा गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 2 जनवरी 2019 को बिंदु कनकदुर्गा (45) और बिंदु अम्मिनी

Supreme Court Hearing Update; Sabarimala Women Entry

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Hindi News National Supreme Court Hearing Update; Sabarimala Women Entry | Dawoodi Bohra Khatna, Parsi Women Rights नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभाव का मामला बीते 26 सालों से देश की अदालतों में हैं। सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान पीठ आज से 22 अप्रैल तक 50 से ज्यादा पेंडिंग याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई करेगी। जिन मुद्दों पर सुनवाई होगी उनमें केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक अहम है। इसके अलावा मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश पर रोक, दाऊदी बोहरा मुस्लिम समुदाय में महिला खतना और गैर-पारसी पुरुषों से शादी करने पर पारसी महिलाओं को धार्मिक स्थल पर प्रवेश से रोकने के मामले भी सुने जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि 7 अप्रैल की सुबह 10.30 बजे सबरीमाला रिव्यू केस की सुनवाई शुरू होगी। रिव्यू पिटीशनरों और उन्हें सपोर्ट करने वालों की सुनवाई 7 अप्रैल से 9 अप्रैल तक होगी। रिव्यू का विरोध करने वालों को 14 अप्रैल से 16 अप्रैल तक सुना जाएगा। सबरीमाला में 10 से 50 साल की फीमेल को एंट्री नहीं, पूरा मामला 5 पॉइंट्स में सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की फीमेल की एंट्री बैन है। इसकी वजह मासिक धर्म है, क्योंकि पीरियड के दौरान महिलाओं को अशुद्ध माना जाता है। उन्हें धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने से रोका जाता है।सबरीमाला मंदिर की पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान अयप्पा एक ब्रह्मचारी हैं, जिन्होंने ब्रह्मचर्य का व्रत लिया है, और इसी कारण एक निश्चित आयु वर्ग की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती थी। इसी पर विवाद है। 1990 में मंदिर में महिला की एंट्री को लेकर विवाद उठा। समय के साथ स्थानीय कोर्ट में मामला चला बाद में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 2006 में सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए थे। केस 2008 में 3 जजों की बेंच को सौंपा गया। 7 साल बाद 2016 में सुनवाई हुई। इसके बाद 2017 में तत्कालीन सीजेआई की 3 जजों की बेंच ने केस 5 जजों की संविधान पीठ को सौंपा। 2018 में संविधान पीठ ने 4-1 के बहुमत से फैसला सुनाया कि सबरीमाला में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश दिया जाए। प्रतिबंध असंवैधानिक है। इसके बाद बड़े विरोध के बीच 2 महिला बिंदु कनकदुर्गा और बिंदु अम्मिनी ने मंदिर में प्रवेश किया। इसके बाद 2019 में 7 जजों की बेंच ने यह मुद्दा 9 जजों की बड़ी बेंच को भेजा दिया था। तब अन्य धर्मों की महिलाओं से जुड़े मामले में भी इसमें जोड़ दिए गए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 2 जनवरी 2019 को बिंदु कनकदुर्गा (45) और बिंदु अम्मिनी (46) ने पुलिस सुरक्षा में सबरीमाला मंदिर में प्रवेश किया। वे ऐसा करने वालीं पहली महिलाएं थीं। दोनों ने मंदिर में जाने के लिए पारंपरिक काले कपड़े पहने। 9 जजों की बेंच 5 मुद्दों पर सुनवाई करेगी 1. सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का प्रवेश: क्या सभी आयु की महिलाओं को प्रवेश का अधिकार है? बेंच यह तय करेगी कि साल 2018 में इंडियन यंग लायर एसोसिएशन Vs स्टेट ऑफ केरल मामले में हाईकोर्ट का फैसला सही था या नहीं। 2. मस्जिदों में महिलाओं का प्रवेश: क्या मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोका जा सकता है। 2016 में यास्मीन जुबैर अहमद पीरजादा नाम की महिला ने मुस्लिम महिलाओं का मस्जिद में प्रवेश का मुद्दा उठाया और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। 3. दाऊदी बोहरा समुदाय में महिलाओं का खतना: क्या यह प्रथा मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है? 2012 में पारसी महिला गूलरुख एम गुप्ता ने हिंदु व्यक्ति से शादी की। उन्हें पारसी धर्मस्थलों में प्रवेश से रोका जाने लगा। उन्होंने इसके खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में पारसी महिलाओं के धार्मिक अधिकार को लेकर याचिका लगाई। बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 4. पारसी महिलाओं का अग्निमंदिर में प्रवेश: क्या गैर-पारसी से शादी करने वाली पारसी महिला को अग्नि मंदिर में प्रवेश से रोका जा सकता है? 2017 में एड. सुनीता तिवारी ने दाऊदी बोहरा समुदाय में महिला खतना का मुद्दा उठाया और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। 5. मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़े लैंगिक भेदभाव के प्रश्न: क्या व्यक्तिगत कानून मौलिक अधिकारों की कसौटी पर परखे जा सकते हैं? सुप्रीम कोर्ट ने 7 सवाल तय किए 13 जनवरी 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि वह सीधे पुनर्विचार याचिकाओं पर नहीं, बल्कि आर्टिकल 25 (धार्मिक स्वतंत्रता) और आर्टिकल 14 (समानता) के बीच संतुलन तथा आवश्यक धार्मिक प्रथाएं जैसे सिद्धांतों पर विचार करेगा। 14 से 23 जनवरी के बीच चली सुनवाई में याचिकाकर्ताओं ने महिलाओं के बहिष्कार को असंवैधानिक बताया, जबकि धार्मिक पक्ष ने आस्था और आर्टिकल 26 के तहत स्वतंत्रता का हवाला देते हुए न्यायिक हस्तक्षेप सीमित रखने की मांग की। इसी दौरान कोर्ट ने आवश्यक धार्मिक प्रथाएं और ज्यूडिशिअल रिव्यू की सीमाओं पर सवाल उठाए। 3 से 7 फरवरी के दौरान भी बहस जारी रही, जहां समानता बनाम धार्मिक स्वतंत्रता और न्यायिक सीमा के मुद्दों पर चर्चा हुई। लेकिन कोविड-19 के कारण सुनवाई रोक दी गई। सुप्रीम कोर्ट अपने ही फैसले को बरकरार रखती तो क्या बदलेगा अगर सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की बेंच केरल हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की संविधान पीठ के फैसले को बरकरार रखती है तो भविष्य में धार्मिक मामलों में कोर्ट के दखल की सीमा तय हो सकती है। केंद्र सरकार का स्टैंड, सबरीमाला मामले पर किसने क्या कहा केंद्र ने रूख बदला: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के 2018-2019 के फैसले का समर्थन किया था। कहा था कि मंदिर में महिलाओं के प्रवेश होना चाहिए, लैंगिक समानता के खिलाफ कोई भी प्रथा नहीं होनी चाहिए। हालांकि बाद में रिव्यू स्टेज 2019–2020 के दौरान में केंद्र ने थोड़ा संतुलित रुख अपनाते हुए कहा कि मामला व्यापक संवैधानिक प्रश्नों (धर्म बनाम समानता) से जुड़ा है और इसे संविधान पीठ तय करे। अखिल भारतीय संत समिति: 2019 की याचिका में समिति ने कहा है कि अदालतें धार्मिक मामलों में तभी हस्तक्षेप करें जब वे सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता या स्वास्थ्य के खिलाफ हों। अनुच्छेद 14 का उपयोग अनुच्छेद 25 के अधिकार को खत्म करने के लिए न हो। केरल सरकार: पुरानी धार्मिक परंपराओं में बदलाव से पहले धर्म

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Hindi News National Supreme Court Hearing Update; Sabarimala Women Entry | Dawoodi Bohra Khatna, Parsi Women Rights नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभाव का मामला बीते 26 सालों से देश की अदालतों में हैं। सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान पीठ आज से 22 अप्रैल तक 50 से ज्यादा पेंडिंग याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई करेगी। जिन मुद्दों पर सुनवाई होगी उनमें केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक अहम है। इसके अलावा मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश पर रोक, दाऊदी बोहरा मुस्लिम समुदाय में महिला खतना और गैर-पारसी पुरुषों से शादी करने पर पारसी महिलाओं को धार्मिक स्थल पर प्रवेश से रोकने के मामले भी सुने जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि 7 अप्रैल की सुबह 10.30 बजे सबरीमाला रिव्यू केस की सुनवाई शुरू होगी। रिव्यू पिटीशनरों और उन्हें सपोर्ट करने वालों की सुनवाई 7 अप्रैल से 9 अप्रैल तक होगी। रिव्यू का विरोध करने वालों को 14 अप्रैल से 16 अप्रैल तक सुना जाएगा। सबरीमाला में 10 से 50 साल की फीमेल को एंट्री नहीं, पूरा मामला 5 पॉइंट्स में सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की फीमेल की एंट्री बैन है। इसकी वजह मासिक धर्म है, क्योंकि पीरियड के दौरान महिलाओं को अशुद्ध माना जाता है। उन्हें धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने से रोका जाता है।सबरीमाला मंदिर की पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान अयप्पा एक ब्रह्मचारी हैं, जिन्होंने ब्रह्मचर्य का व्रत लिया है, और इसी कारण एक निश्चित आयु वर्ग की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती थी। इसी पर विवाद है। 1990 में मंदिर में महिला की एंट्री को लेकर विवाद उठा। समय के साथ स्थानीय कोर्ट में मामला चला बाद में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 2006 में सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए थे। केस 2008 में 3 जजों की बेंच को सौंपा गया। 7 साल बाद 2016 में सुनवाई हुई। इसके बाद 2017 में तत्कालीन सीजेआई की 3 जजों की बेंच ने केस 5 जजों की संविधान पीठ को सौंपा। 2018 में संविधान पीठ ने 4-1 के बहुमत से फैसला सुनाया कि सबरीमाला में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश दिया जाए। प्रतिबंध असंवैधानिक है। इसके बाद बड़े विरोध के बीच 2 महिला बिंदु कनकदुर्गा और बिंदु अम्मिनी ने मंदिर में प्रवेश किया। इसके बाद 2019 में 7 जजों की बेंच ने यह मुद्दा 9 जजों की बड़ी बेंच को भेजा दिया था। तब अन्य धर्मों की महिलाओं से जुड़े मामले में भी इसमें जोड़ दिए गए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 2 जनवरी 2019 को बिंदु कनकदुर्गा (45) और बिंदु अम्मिनी (46) ने पुलिस सुरक्षा में सबरीमाला मंदिर में प्रवेश किया। वे ऐसा करने वालीं पहली महिलाएं थीं। दोनों ने मंदिर में जाने के लिए पारंपरिक काले कपड़े पहने। 9 जजों की बेंच 5 मुद्दों पर सुनवाई करेगी 1. सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का प्रवेश: क्या सभी आयु की महिलाओं को प्रवेश का अधिकार है? बेंच यह तय करेगी कि साल 2018 में इंडियन यंग लायर एसोसिएशन Vs स्टेट ऑफ केरल मामले में हाईकोर्ट का फैसला सही था या नहीं। 2. मस्जिदों में महिलाओं का प्रवेश: क्या मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोका जा सकता है। 2016 में यास्मीन जुबैर अहमद पीरजादा नाम की महिला ने मुस्लिम महिलाओं का मस्जिद में प्रवेश का मुद्दा उठाया और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। 3. दाऊदी बोहरा समुदाय में महिलाओं का खतना: क्या यह प्रथा मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है? 2012 में पारसी महिला गूलरुख एम गुप्ता ने हिंदु व्यक्ति से शादी की। उन्हें पारसी धर्मस्थलों में प्रवेश से रोका जाने लगा। उन्होंने इसके खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में पारसी महिलाओं के धार्मिक अधिकार को लेकर याचिका लगाई। बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 4. पारसी महिलाओं का अग्निमंदिर में प्रवेश: क्या गैर-पारसी से शादी करने वाली पारसी महिला को अग्नि मंदिर में प्रवेश से रोका जा सकता है? 2017 में एड. सुनीता तिवारी ने दाऊदी बोहरा समुदाय में महिला खतना का मुद्दा उठाया और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। 5. मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़े लैंगिक भेदभाव के प्रश्न: क्या व्यक्तिगत कानून मौलिक अधिकारों की कसौटी पर परखे जा सकते हैं? सुप्रीम कोर्ट ने 7 सवाल तय किए 13 जनवरी 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि वह सीधे पुनर्विचार याचिकाओं पर नहीं, बल्कि आर्टिकल 25 (धार्मिक स्वतंत्रता) और आर्टिकल 14 (समानता) के बीच संतुलन तथा आवश्यक धार्मिक प्रथाएं जैसे सिद्धांतों पर विचार करेगा। 14 से 23 जनवरी के बीच चली सुनवाई में याचिकाकर्ताओं ने महिलाओं के बहिष्कार को असंवैधानिक बताया, जबकि धार्मिक पक्ष ने आस्था और आर्टिकल 26 के तहत स्वतंत्रता का हवाला देते हुए न्यायिक हस्तक्षेप सीमित रखने की मांग की। इसी दौरान कोर्ट ने आवश्यक धार्मिक प्रथाएं और ज्यूडिशिअल रिव्यू की सीमाओं पर सवाल उठाए। 3 से 7 फरवरी के दौरान भी बहस जारी रही, जहां समानता बनाम धार्मिक स्वतंत्रता और न्यायिक सीमा के मुद्दों पर चर्चा हुई। लेकिन कोविड-19 के कारण सुनवाई रोक दी गई। सुप्रीम कोर्ट अपने ही फैसले को बरकरार रखती तो क्या बदलेगा अगर सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की बेंच केरल हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की संविधान पीठ के फैसले को बरकरार रखती है तो भविष्य में धार्मिक मामलों में कोर्ट के दखल की सीमा तय हो सकती है। केंद्र सरकार का स्टैंड, सबरीमाला मामले पर किसने क्या कहा केंद्र ने रूख बदला: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के 2018-2019 के फैसले का समर्थन किया था। कहा था कि मंदिर में महिलाओं के प्रवेश होना चाहिए, लैंगिक समानता के खिलाफ कोई भी प्रथा नहीं होनी चाहिए। हालांकि बाद में रिव्यू स्टेज 2019–2020 के दौरान में केंद्र ने थोड़ा संतुलित रुख अपनाते हुए कहा कि मामला व्यापक संवैधानिक प्रश्नों (धर्म बनाम समानता) से जुड़ा है और इसे संविधान पीठ तय करे। अखिल भारतीय संत समिति: 2019 की याचिका में समिति ने कहा है कि अदालतें धार्मिक मामलों में तभी हस्तक्षेप करें जब वे सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता या स्वास्थ्य के खिलाफ हों। अनुच्छेद 14 का उपयोग अनुच्छेद 25 के अधिकार को खत्म करने के लिए न हो। केरल सरकार: पुरानी धार्मिक परंपराओं में बदलाव से पहले धर्म

Shreyas Iyer; KKR vs PBKS IPL 2026 LIVE Score Update

Shreyas Iyer; KKR vs PBKS IPL 2026 LIVE Score Update

Hindi News Sports Cricket Shreyas Iyer; KKR Vs PBKS IPL 2026 LIVE Score Update | Arshdeep Singh Rinku Singh Marco Jansen स्पोर्ट्स डेस्क34 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL का 12वां मुकाबला आज कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स के बीच खेला जाएगा। मैच KKR के होम ग्राउंड कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। जबकि टॉस 7:00 बजे से शुरू होगा दोनों टीमों का इस सीजन यह तीसरा मैच होगा। जहां कोलकाता को दोनों मैचों में हार मिली। वहीं, पंजाब ने अपने दोनों शुरुआती मुकाबले जीते। टीम ने पहले मैच में गुजरात और दूसरे में चेन्नई को हराया। KKR का PBKS के खिलाफ रिकॉर्ड शानदार कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्‍स के बीच अब तक 35 बार टक्‍कर हो चुकी है। इस दौरान कोलकाता ने 21 और पंजाब ने 13 मुकाबलों में जीत दर्ज की है। 1 मैच बेनतीजा भी रहा है। ईडन गार्डन्स में दोनों टीमें 14 बार भिड़ चुकी हैं। अपने होम ग्राउंड पर कोलकाता ने 9 और पंजाब ने 4 मैच जीते। 1 मैच का रिजल्ट नहीं निकला। अंगकृष ने दोनों मैच में अर्धशतक लगाए कोलकाता के लिए इस सीजन में कुछ खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। अंगकृष रघुवंशी ने अब तक 2 मैचों में 103 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 177.58 का रहा है और उन्होंने 2 अर्धशतक भी लगाए हैं, जो उनकी शानदार फॉर्म को दिखाता है। वहीं गेंदबाजी में ब्लेसिंग मुजरबानी ने 2 मैचों में 4 विकेट हासिल किए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2/27 रहा है, हालांकि उनकी इकॉनमी 10.71 की है। कोलकाता में सीजन का दूसरा मैच ईडन गार्डन्स की पिच बल्लेबाजी के लिए बहुत अच्छी है। शुरुआत में तेज गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिल सकती है। कोलकाता में IPL के अब तक 101 मैच खेले गए हैं। इसमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 43 मैच जीते हैं, जबकि चेज करने वाली टीम को 57 मुकाबले में जीत मिली है। वहीं एक मैच बेनतीजा रहा है। यहां का हाईएस्ट टीम स्कोर 262/2 है, जो पंजाब किंग्स ने 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ बनाया था। कोलकाता में इस सीजन एक मैच खेला गया है। उस मैच में हैदराबाद ने पहले बैटिंग करते हुए 226 रन बनाए थे। जवाब में कोलकाता 16 ओवर में 161 पर ऑलआउट हो गई थी। आज कोलकाता में 57% बारिश की आशंका सोमवार को कोलकाता में सुबह के समय हल्की धुंध के साथ धूप निकल सकती है, जिससे आसमान थोड़ा धुंधला नजर आएगा। दिन बढ़ने के साथ गर्माहट महसूस होगी, लेकिन दोपहर के बाद मौसम अचानक करवट ले सकता है और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। एक्यूवेदर के मुताबिक, बारिश की 57% आशंका है। तापमान 24 डिग्री से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-12 कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), कैमरन ग्रीन, अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), रिंकू सिंह, रमनदीप सिंह, अनुकूल रॉय, सुनील नरेन, वरुण चक्रवर्ती, वैभव अरोड़ा, कार्तिक त्यागी, ब्लेसिंग मुजरबानी, फिन एलन। पंजाब किंग्स: प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कूपर कॉनोली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), नेहल वढेरा, शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, मार्को यानसेन, जेवियर बार्टलेट, विजयकुमार वैशाक, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल, प्रियांश आर्य। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Shreyas Iyer; KKR vs PBKS IPL 2026 LIVE Score Update

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Hindi News Sports Cricket Shreyas Iyer; KKR Vs PBKS IPL 2026 LIVE Score Update | Arshdeep Singh Rinku Singh Marco Jansen स्पोर्ट्स डेस्क1 घंटे पहले कॉपी लिंक IPL का 12वां मुकाबला आज कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स के बीच खेला जाएगा। मैच KKR के होम ग्राउंड कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। जबकि टॉस 7:00 बजे से शुरू होगा दोनों टीमों का इस सीजन यह तीसरा मैच होगा। जहां कोलकाता को दोनों मैचों में हार मिली। वहीं, पंजाब ने अपने दोनों शुरुआती मुकाबले जीते। टीम ने पहले मैच में गुजरात और दूसरे में चेन्नई को हराया। KKR का PBKS के खिलाफ रिकॉर्ड शानदार कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्‍स के बीच अब तक 35 बार टक्‍कर हो चुकी है। इस दौरान कोलकाता ने 21 और पंजाब ने 13 मुकाबलों में जीत दर्ज की है। 1 मैच बेनतीजा भी रहा है। ईडन गार्डन्स में दोनों टीमें 14 बार भिड़ चुकी हैं। अपने होम ग्राउंड पर कोलकाता ने 9 और पंजाब ने 4 मैच जीते। 1 मैच का रिजल्ट नहीं निकला। अंगकृष ने दोनों मैच में अर्धशतक लगाए कोलकाता के लिए इस सीजन में कुछ खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। अंगकृष रघुवंशी ने अब तक 2 मैचों में 103 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 177.58 का रहा है और उन्होंने 2 अर्धशतक भी लगाए हैं, जो उनकी शानदार फॉर्म को दिखाता है। वहीं गेंदबाजी में ब्लेसिंग मुजरबानी ने 2 मैचों में 4 विकेट हासिल किए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2/27 रहा है, हालांकि उनकी इकॉनमी 10.71 की है। कोलकाता में सीजन का दूसरा मैच ईडन गार्डन्स की पिच बल्लेबाजी के लिए बहुत अच्छी है। शुरुआत में तेज गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिल सकती है। कोलकाता में IPL के अब तक 101 मैच खेले गए हैं। इसमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 43 मैच जीते हैं, जबकि चेज करने वाली टीम को 57 मुकाबले में जीत मिली है। वहीं एक मैच बेनतीजा रहा है। यहां का हाईएस्ट टीम स्कोर 262/2 है, जो पंजाब किंग्स ने 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ बनाया था। कोलकाता में इस सीजन एक मैच खेला गया है। उस मैच में हैदराबाद ने पहले बैटिंग करते हुए 226 रन बनाए थे। जवाब में कोलकाता 16 ओवर में 161 पर ऑलआउट हो गई थी। आज कोलकाता में 57% बारिश की आशंका सोमवार को कोलकाता में सुबह के समय हल्की धुंध के साथ धूप निकल सकती है, जिससे आसमान थोड़ा धुंधला नजर आएगा। दिन बढ़ने के साथ गर्माहट महसूस होगी, लेकिन दोपहर के बाद मौसम अचानक करवट ले सकता है और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। एक्यूवेदर के मुताबिक, बारिश की 57% आशंका है। तापमान 24 डिग्री से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-12 कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), कैमरन ग्रीन, अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), रिंकू सिंह, रमनदीप सिंह, अनुकूल रॉय, सुनील नरेन, वरुण चक्रवर्ती, वैभव अरोड़ा, कार्तिक त्यागी, ब्लेसिंग मुजरबानी, फिन एलन। पंजाब किंग्स: प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कूपर कॉनोली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), नेहल वढेरा, शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, मार्को यानसेन, जेवियर बार्टलेट, विजयकुमार वैशाक, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल, प्रियांश आर्य। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Virat Kohli MS Dhoni; RCB vs CSK IPL 2026 LIVE Score Update

Virat Kohli MS Dhoni; RCB vs CSK IPL 2026 LIVE Score Update

Hindi News Sports Cricket Virat Kohli MS Dhoni; RCB Vs CSK IPL 2026 LIVE Score Update | Sanju Samson Ruturaj Gaikwad Devdutt Padikkal स्पोर्ट्स डेस्क13 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL में आज लगातार दूसरे दिन डबल हेडर खेला जाएगा। दिन का दूसरा और सीजन का 11वां मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच होगा। मैच बेंगलुरु के होम ग्राउंड एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। टॉस 7:00 बजे होगा। इस सीजन बेंगलुरु ने हैदराबाद को हराकर जीत से शुरुआत की थी। वहीं, चेन्नई की टीम दोनों मुकाबले हार चुकी है। पॉइंट्स टेबल में RCB तीसरे स्थान पर है, जबकि CSK 10वें नंबर पर है। दिन का पहला मैच सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच हैदराबाद में दोपहर 3:30 बजे से खेला जाएगा। दूसरे मैच का प्रीव्यू… CSK ने RCB के खिलाफ 61% मुकाबले जीते बेंगलुरु और चेन्नई के बीच अब तक कुल 36 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें चेन्नई ने 22 मैच जीते हैं, जबकि बेंगलुरु को 13 मुकाबलों में जीत मिली है। दोनों टीमों के बीच एक मैच बेनतीजा भी रहा है। ऐसे में CSK ने RCB के खिलाफ 61% मैच जीते हैं। एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में दोनों टीमों का 12 बार सामना हुआ है। इसमें बेंगलुरु ने 6 और चेन्नई को 5 मैचों में जीत मिली। एक मैच का रिजल्ट नहीं निकल सका। दोनों ही टीमों के बीच पिछले सीजन दो मुकाबले हुए थे। दोनों ही बेंगलुरु ने अपने नाम किए थे। चेन्नई सुपर किंग्स की बॉलिंग कमजोर चेन्नई के बल्लेबाजों ने पिछले मैच में शानदार प्रदर्शन किया। आयुष म्हात्रे ने पंजाब के खिलाफ अर्धशतक जमाते हुए 43 गेंदों में 6 चौकों और 5 छक्कों की मदद से 73 रन बनाए। कप्तान ऋतुराज गायकवाड ने 28 रन का योगदान दिया, जबकि सरफराज खान ने सिर्फ 12 गेंदों में तेज 32 रन बनाए। शिवम दुबे ने नाबाद रहते हुए 27 गेंदों में 45 रन की पारी खेली। हालांकि, टीम के गेंदबाज उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके और 210 रन का बड़ा टारगेट भी डिफेंड नहीं कर पाए। कोहली की पहले मैच में फिफ्टी RCB के लिए विराट कोहली ने सीजन के पहले ही मुकाबले में फिफ्टी लगा दी थी। हैदराबाद के खिलाफ खेलते हुए कोहली ने 69 रन की पारी खेली। उनकी फिफ्टी की बदौलत टीम ने 201 का टारगेट 15.4 ओवर में चेज कर लिया था। बॉलिंग डिपार्टमेंट में जैकब डफी ने 3 विकेट लिए थे। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था। RCB ने 202 रन का टारगेट 16वें ओवर में चेज किया एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। सीजन के पहले मैच में बेंगलुरु और हैदराबाद आमने-सामने थे, जहां हैदराबाद ने 202 रन का टारगेट दिया था। बेंगलुरु ने इस टारगेट को सिर्फ 16वें ओवर में 4 विकेट खोकर आसानी से हासिल कर लिया था। इस मैदान पर अब तक कुल 101 IPL मैच खेले जा चुके हैं। इनमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 43 और पहले गेंदबाजी करने वाली टीम ने 54 मैच जीते हैं, जबकि 4 मुकाबले बेनतीजा रहे हैं। इस ग्राउंड का सबसे बड़ा टीम स्कोर 287/3 है, जो सनराइजर्स हैदराबाद ने पिछले साल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ बनाया था। बेंगलुरु में 25% बारिश के आसार रविवार को होने वाले मैच में बारिश की संभावना है, मौसम विभाग के अनुसार बारिश के 25% आसार हैं। सुबह के समय धूप के साथ बादल छाए रहेंगे। आज बेंगलुरु का तापमान 21 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। वहीं, हवा की रफ्तार करीब 13 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-12 रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: विराट कोहली, फिल सॉल्ट, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, अभिनंदन सिंह, जैकब डफी, सुयश शर्मा, देवदत्त पडिक्कल, जैकब बेथेल। चेन्नई सुपर किंग्स: संजू सैमसन (विकेटकीपर), ऋतुराज गायकवाड (कप्तान), आयुष म्हात्रे, सरफराज खान, शिवम दुबे, कार्तिक शर्मा, प्रशांत वीर, नूर अहमद, अंशुल कंबोज, मैट हेनरी और खलील अहमद, जैमी ओवरटन। मैच कहां देख सकते हैं? IPL मैचों का लाइव टेलीकास्ट स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा। वहीं, जियो हॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध होगी। इसके अलावा, मैच के स्कोर और सभी अपडेट्स दैनिक भास्कर ऐप पर भी देखे जा सकते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…