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UP के मुस्लिम परिवार ने उत्तराखंड में अपनाया हिंदू धर्म:गंगा में डुबकी लगाई-जनेऊ पहना, घाट किनारे खड़े संत के पैर चूमे

UP के मुस्लिम परिवार ने उत्तराखंड में अपनाया हिंदू धर्म:गंगा में डुबकी लगाई-जनेऊ पहना, घाट किनारे खड़े संत के पैर चूमे

उत्तर प्रदेश के एक मुस्लिम परिवार ने आज हरिद्वार में हिंदू धर्म अपना लिया। नमामि गंगे घाट पर कई संतों की मौजूदगी में परिवार के पांचों सदस्यों का शुद्धिकरण किया गया, गंगा में डुबकी लगवाई गई और फिर मंत्रो उच्चारण के बीच हवन में उन्हें जनेऊ पहनाया गया। हिंदू धर्म में शामिल कराने बाद उन सभी के नाम भी बदल दिए गए, परिवार के मुखिया मोहम्मद शहजाद अब ‘शंकर’ बन गए हैं और उनकी पत्नी रजिया से ‘सावित्री’ बन गई है। इसी दौरान का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें शहजाद घाट किनारे खड़े अपने गुरू अरुण किशन महाराज के पैर चूमते हुए दिख रहा है। इस पूरे कार्यक्रम में मौजूद संतों ने इसे घर वापसी बताया है। स्वामी प्रबोधानंद महाराज ने दावा किया है कि भारत का हर मुस्लिम पहले हिंदू ही था और सभी को हिंदू धर्म में आकर घर वापसी करनी चाहिए। वहीं शहजाद से शंकर बने युवक ने कहा कि वह बचपन से ही सनातन धर्म में विश्वास रखता था। हालांकि उसने कहा- मुझे अब उन लोगों से खतरा है जो पहले मेरे अपने थे, हालांकि अब मुझे उन लोगों से कोई मतलब नहीं है। सहारनपुर का परिवार, गुरु के संपर्क में था; बच्चों के नाम भी बदले ये पूरा परिवार उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में रहता है। चंडीघाट पर हुए इस पूरे कार्यक्रम में मौजूद अरुण किशन महाराज ने बताया कि शहजाद लंबे समय से उनके संपर्क में था और लगातार सनातन धर्म अपनाने की इच्छा जता रहा था। उनके अनुसार, पूरा परिवार जब सहमत हुआ तो फिर आज सभी को हिंदू धर्म में शामिल कर लिया गया। रजिया और शहजाद की दो बेटियों और एक बेटे का भी नाम बदल दिया गया है। बेटे का नाम रूद्र’ और बेटियों के नाम ‘रुक्मिणी’ व ‘दिशा’ रखे गए हैं। ‘नमाज नहीं पढ़ता था, वो गलत रास्ता लगा’ शहजाद ने कहा कि वह रोज नियमित रूप से नमाज नहीं पढ़ता था और समय के साथ उसे महसूस हुआ कि यह रास्ता उसके लिए सही नहीं है। इसी वजह से उसने इसे छोड़कर सनातन धर्म अपनाने का फैसला लिया। उसने यह भी बताया कि बचपन से ही उसका झुकाव सनातन धर्म की ओर था और वह पहले से पूजा-पाठ करता था, इसलिए उसने परिवार के साथ मिलकर यह कदम उठाया। प्रोबोधानंद बोले- बिना दबाव का फैसला, यह घर वापसी है कार्यक्रम में मौजूद स्वामी प्रबोधानंद महाराज ने कहा कि यह निर्णय किसी दबाव या प्रलोभन में नहीं लिया गया, बल्कि परिवार की व्यक्तिगत आस्था से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आगे कहा, हम आह्वान करते हैं कि भारत में रहने वाला हर मुसलमान हिंदू है और उसे पुन: हिंदू धर्म में वापस आना चाहिए। जब वे हज के लिए जाते हैं तो वहां उन्हें हीन दृष्टि से देखा जाता है, उन्हें पूरी तरह मुसलमान तक नहीं माना जाता, इसलिए उन्हें घर वापसी करनी चाहिए। स्वामी प्रबोधानंद ने यह भी स्पष्ट किया कि यह किसी प्रकार का धर्म परिवर्तन नहीं, बल्कि अपने मूल धर्म में लौटने की प्रक्रिया है। उनके अनुसार, “हम किसी ईसाई या मुस्लिम को हिंदू नहीं बना रहे हैं, बल्कि उन लोगों की घर वापसी करवा रहे हैं जो किसी कारणवश पहले अपने मूल धर्म से अलग हो गए थे।” ‘इनकी जान को खतरा, सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी’ स्वामी राम विशाल दास भी इस पूरे धर्म परिवर्तन कार्यक्रम में मौजूद थे। उन्होंने कहा- “शहजाद जानता था कि इस्लाम अत्याचार, दुराचार, अनाचार के दम पर फैला हुआ मजहब है और उनके पूर्वजों पर बहुत अत्याचार हुए। उसकी जिज्ञासा थी कि ऐसा क्यों हुआ। बहुत दिन से वह हमारे संपर्क में था। ये पूरा कार्यक्रम हमने पहले गोपनीय रखा था, लेकिन आज पूरे विधि-विधान से हमने उसके परिवार की घर वापसी करवाई है। अच्छी बात ये है कि हमने उन्हें ब्रह्म कुंड में आस्था की डुबकी लगवाई है। पूरे वैदिक विधि-विधान से ये पूरा कार्यक्रम हुआ है। हरिद्वार शुद्धि आंदोलन का बहुत बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। कई माताएं, बहनें, बेटियां और परिवार हमारे संपर्क में हैं जो हिंदू धर्म अपनाना चाहते हैं। बहुत जल्द अगला शुद्धि कार्यक्रम होगा।” पहले भी ब्रह्मकुंड पर पहुंची थी ‘एक्स मुस्लिम यात्रा’ इससे पहले हरिद्वार के हर की पौड़ी स्थित ब्रह्मकुंड पर कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश के बिजनौर से पैदल निकली ‘एक्स मुस्लिम पदयात्रा’ भी पहुंची थी, जिसमें संत राम विशाल दास समेत अन्य संत शामिल रहे थे। इस दौरान संत राम विशाल दास ने कहा था कि यात्रा का उद्देश्य उन लोगों के भीतर का डर खत्म करना है, जो इस्लाम छोड़ चुके हैं लेकिन भय और दबाव के कारण खुलकर सामने नहीं आ पा रहे। उन्होंने बताया था कि ऐसे लोगों को यह संदेश देना जरूरी है कि वे अपनी इच्छा के अनुसार जीवन जी सकते हैं और उन्हें सुरक्षा व स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। —————- ये खबर भी पढ़ें… हरिद्वार में ‘एक्स मुस्लिम यात्रा’ पर FIR करेगी गंगा सभा:कहा- मुस्लिम टोपी पहनकर हरकी पैड़ी में आए, ये सनातन का अपमान, बख्शेंगे नहीं उत्तरप्रदेश के बिजनौर से निकल रविवार को हरिद्वार में खत्म हुई ‘एक्स मुस्लिम यात्रा’ पर गंगा सभा FIR करने की तैयारी में है। गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने इस पूरी यात्रा में शामिल लोगों पर धार्मिक आस्थाओं के अपमान का आरोप लगाते इसे प्रोपेगेंडा बताया है। (पढ़ें पूरी खबर)

Summer Tips: गर्मियों में रामबाण है आंवला मुरब्बा! कब्ज-एसिडिटी से दिलाए राहत, ऐसे करें सेवन

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Last Updated:April 21, 2026, 13:01 IST गर्मियों की तपती धूप में शरीर को ठंडक और सेहत दोनों चाहिए और इसका देसी जवाब है आंवला का मुरब्बा. खट्टा-मीठा स्वाद वाला यह पारंपरिक फूड सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि कई बीमारियों से बचाव का भी आसान उपाय है. तराई क्षेत्रों में मिलने वाला आंवला, जब मुरब्बे के रूप में इस्तेमाल होता है, तो यह इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर पेट की समस्याओं तक में राहत देने वाला प्राकृतिक टॉनिक बन जाता है. लखीमपुर खीरी. गर्मियों का मौसम शुरू होते ही लोग अपने खान-पान को लेकर ज्यादा सजग हो जाते हैं. इस समय ऐसी चीजों की तलाश रहती है जो शरीर को ठंडक पहुंचाए और साथ ही सेहत के लिए भी फायदेमंद हो. यही कारण है कि पारंपरिक देसी खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है, जिनमें मुरब्बा एक खास स्थान रखता है. गर्मियों के मौसम में मुरब्बा की डिमांड अधिक रहती है क्योंकि मुरब्बा हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद पाया जाता है. खीरी जिले के तराई इलाके में आंवला के पौधे अधिक पाए जाते हैं, ऐसे में सर्दियों के मौसम में आंवला आपको बाजारों में मिल जाएगा. वहीं गर्मियों के मौसम में आंवला का मुरब्बा किसी देसी औषधि से कम नहीं है. आंवला में विटामिन सी और एंटी आक्सीडेंट से भरपूर होता है ऐसे में पाचन से लेकर कई बीमारियों के लिए रामबाण माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google लोकल 18 से बातचीत करते हुए राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की डॉक्टर ऋचा श्रीवास्तव ने बताया कि गर्मियों के मौसम में सुबह खाली पेट मुरब्बा का सेवन करने से कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं से आपको राहत मिल जाएगी. पेट साफ ना हो पाने के कारण मुंह में छाले हो जाते हैं, ऐसे में मुरब्बा का सेवन करने से पेट की गर्मी शांत होती है. आंवला का मुरब्बा इम्यूनिटी बूस्टर होता है, जोकि हमारे शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है. बदलते मौसम के कारण खांसी, जुकाम जैसी समस्याओं से भी राहत दिलाता है, सुबह खाली पेट मुरब्बा खाने से त्वचा में निखार आता हैं. आप आसानी से घर पर मुरब्बा बना सकते हैं इसके लिए सबसे पहले आपको आंवला लेना होगा, उसके बाद आंवला को साफ़ पानी से धो लें. फिर आंवला में छेद कर गर्म पानी में उबाल लें. फिर 1 किलो चीनी की चाशनी तैयार कर ले, चाशनी की सफाई के लिए 1 चम्मच दूध डालें और ऊपर आने वाले जांघ को हटा दें. चिपचिपा होने तक उबालें, इसमें आप इलायची पाउडर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. फिर उसके बाद उबले हुए आंवला को चाशनी में डूबा दे. 4 से 5 दिन के लिए आप मुरब्बा को एक सुरक्षित स्थान पर रख दें, इसके बाद आप इसका सेवन कर सकते हैं. First Published : April 21, 2026, 13:01 IST

Rinku Singh Varanasi Visit | Priya Saroj Welcomes Cricketer; Kashi Vishwanath Darshan

Rinku Singh Varanasi Visit | Priya Saroj Welcomes Cricketer; Kashi Vishwanath Darshan

क्रिकेटर रिंकू सिंह सोमवार को वाराणसी पहुंचे। बाबतपुर एयरपोर्ट पर मंगेतर प्रिया सरोज रिंकू को रिसीव किया। रिंकू ब्लैक कलर की टीशर्ट और ट्राउजर पहने थे जबकि प्रिया सरोज ने पिंक लखनऊ चिकन कुर्ता और ब्लू जींस में दिखीं। . दोनों कल यानी मंगलवार को बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे। एयरपोर्ट पर रिंकू सिंह को देखकर फैंस सेल्फी और आटोग्राफ लेने लगे। यहां से रिंकू सिंह सीधे ताज होटल निकल गए। हालांकि करीबियों का कहना है कि पहले रिंकू सिंह अपनी मंगेतर के परिवार वालों से मिलेंगे। 2 तस्वीरें देखिए… IPL में KKR की ओर से खेल रहे रिंकू सिंह कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की ओर से खेलते हुए IPL 2026 में रविवार के मैच में उन्होंने जीत दिलाई। कोलकाता-राजस्थान के मैच में 34 बॉल पर नाबाद 53 रन बनाए। साथ ही टीम को 4 विकेट से जीत दिलाई। रिंकू की प्रिया सरोज से 2025 में हुई थी सगाई, IPL के बाद शादी होनी है यह तस्वीर 6 अगस्त 2025 की है। इस दिन रिंकू सिंह और प्रिया सरोज की सगाई हुई थी। रिंकू के माता-पिता के साथ सपा चीफ अखिलेश यादव भी मौजूद थे। रिंकू और सपा सांसद प्रिया सरोज की सगाई हो चुकी है। दोनों इसी साल जून, 2026 में 7 फेरे लेने वाले हैं। पिछले साल लखनऊ में रिंकू और प्रिया की रिंग सेरेमनी हुई थी। सूत्रों का कहना है कि पिता के निधन के बाद रिंकू की शादी की तारीख पर परिवार फिर से विचार कर सकता है। इससे पहले दो बार रिंकू-प्रिया की शादी की तारीख आगे बढ़ी थी। 18 नवंबर, 2025 को पहली तारीख तय हुई, लेकिन क्रिकेट सीरीज के कारण टल गई। ​फरवरी, 2026 को दूसरी तारीख निकली, लेकिन वर्ल्ड कप के चलते कैंसिल करनी पड़ी। रिंकू के बड़े भाई सोनू सिंह ने बताया था कि जब रिंकू IPL से फ्री होंगे, तभी शहनाई बजेगी। शादी काशी में होगी। रिसेप्शन अलीगढ़ में रखा जाएगा। अब पढ़िए रिंकू सिंह के संघर्ष की कहानी पापा को मेहनत करते देख, परेशान हो जाते थे रिंकू ​ रिंकू सिंह की सफलता के पीछे उनके पिता का कड़ा संघर्ष छिपा था। खानचंद अलीगढ़ में एक गैस एजेंसी पर हॉकर का काम करते थे। अपने 5 बेटों और बेटी की अच्छी परवरिश के लिए उन्होंने कई साल घर-घर सिलेंडर पहुंचाए। पहले वह साइकिल पर डिलीवरी करते थे, फिर लोगों के घरों में टेंपो से सिलेंडर पहुंचाने लगे। रिंकू बचपन में पिता को इस तरह मेहनत को देखकर परेशान हो जाते थे। उन्होंने वादा किया था कि पापा…एक दिन मैं आपका सहारा बनूंगा और आपको इस कड़ी मेहनत से निजात दिलाऊंगा। क्रिकेट में कामयाब होते ही रिंकू ने पापा से किया अपना वादा भी पूरा किया। उनकी मां वीना देवी घर की जिम्मेदारियां संभालती हैं। रिंकू 5 भाई और एक बहन में चौथे नंबर पर हैं। बड़े भाई सोनू, मुकुल और शीलू हैं। जबकि बहन नेहा और भाई जीतू, रिंकू से छोटे हैं। उनका परिवार एक समय बुलंदशहर के दानगढ़ में रहता था। जो बाद में अलीगढ़ में शिफ्ट हो गया। रिंकू के पिता आखिरी इंटरव्यू में बोले- बेटा तो स्टार है… टी-20 वर्ल्ड कप में 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के मैच के दिन रिंकू सिंह के पिता ने खानचंद ने दैनिक भास्कर से बात की थी। उन्होंने कहा था कि मैच अच्छा रहा। मेरी तबीयत थोड़ी खराब थी। लेकिन जैसे ही चौका लगा, मैं बिल्कुल ठीक महसूस करने लगा। उन्होंने कहा था- मैंने ये पूरा मैच देखा। रिंकू स्टार है। उसे और बॉल मिलती तो और रन बनते। रिंकू ने 4 बॉल पर 11 रन बनाए थे। एक चौका और एक छक्का जड़ा था। बड़े मैच में छोटे स्कोर भी बहुत मददगार होते हैं, ये बहुत खुशी की बात है। परिवार के सदस्यों ने बताया था कि खानचंद जब अपने घर की टीवी स्क्रीन पर मैच देख रहे थे। रिंकू को खेलता देखकर वह भावुक हो गए। इसके बाद वह रिंकू के शुरुआती दिनों को याद कर परेशान हो गए थे। तब उन्होंने कहा था कि बेटे ने यहां तक पहुंचने के लिए बहुत मेहनत की। मगर अब सब ठीक है। —————— ये खबर भी पढ़ें विराट और अनुष्का संत प्रेमानंद से मिलने पहुंचे:अक्षय तृतीया पर्व पर गुरु के साथ सत्संग किया; दोनों की बाबा से यह पांचवीं मुलाकात क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी पत्नी अभिनेत्री अनुष्का शर्मा ने सोमवार को अक्षय तृतीया पर अपने गुरु संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद लिया। दोनों ने प्रेमानंद महाराज का सत्संग भी सुना। यह उनकी 5वीं मुलाकात थी। पढ़िए पूरी खबर

मटका या मॉडर्न बोतल? जानें 200-1000 रुपए के इन ऑप्शन्स का सच, सेहत भी रहेगी फिट और घर भी दिखेगा मॉडर्न

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Last Updated:April 20, 2026, 12:13 IST गर्मियों में ठंडा पानी पीने के लिए लोग अब फिर से मिट्टी के बर्तनों की ओर रुख कर रहे हैं. मटके का पानी जहां प्राकृतिक रूप से ठंडा और स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है, वहीं अब ये बर्तन आधुनिक डिजाइन में भी उपलब्ध हैं. मिट्टी की बोतल, मटका और अन्य बर्तन न सिर्फ उपयोगी हैं, बल्कि घर की खूबसूरती भी बढ़ाते हैं. बदलते दौर में एक बार फिर से लोगों का मिट्टी के बर्तनों के प्रति काफी आकर्षण देखने को मिल रहा है. खास तौर पर गर्मियों की अगर बात की जाए तो जिस तरह से लोगों में ठंडा पानी पीने के प्रति जिज्ञासा रहती है. ऐसे में फ्रिज का पानी पीना उनके सेहत के लिए कई बार नुकसानदायक हो जाता है. इसलिए वह सभी लोग मिट्टी के बर्तनों का पानी पीना काफी उचित समझते हैं. इन्हीं बातों को देखते हुए प्रजापति समाज की ओर से भी आधुनिकता के साथ कदमताल करनी शुरू कर दी है. जिसका नजारा आपको मेरठ मेडिकल स्थित स्ट्रीट मार्केट में भी देखने को मिलेगा. यहां प्रजापति समाज से संबंधित मिट्टी के बर्तनों की दुकान पर एक से बढ़कर एक मिट्टी के बर्तन मौजूद हैं, जो गर्मी के मौसम के लिए काफी लाभदायक हैं. मिट्टी के बर्तन बनाने वाले दीपक प्रजापति की ओर से बताया गया कि पहले साधारण मटके ही बाजार में उपलब्ध रहते थे, जिन्हें काफी लोग खरीद कर ले जाते थे. Add News18 as Preferred Source on Google लेकिन कुछ ऐसे भी लोग होते थे, जिन्हें यह मटके देखने में अच्छे नहीं लगते थे. इसलिए इन सभी मटकों को खूबसूरत बनाने के लिए आकर्षक पेंटिंग बनाई गई है. इसके साथ ही अब मिट्टी के मटकों को रखने के लिए विभिन्न प्रकार के स्टैंड भी आपको मार्केट में मिल जाएंगे. जिनका ठंडा पानी पीकर आप अपनी प्यास भी बुझा सकते हैं. साथ ही मटके इतने डिजाइनदार बने हुए हैं कि अगर आप घर के किसी कोने में स्टैंड के रूप में इन्हें रखते हैं, तो ये घर की सजावट और शोभा भी बढ़ाते हैं. इसी तरह दीपक प्रजापति ने बताया कि अक्सर गर्मी में लोग मिल्टन की बोतल खरीदकर ले जाते हैं. ऐसे में यहां पर विभिन्न प्रकार की मिट्टी की पानी की बोतल भी मौजूद है, जिनमें लगभग 14 घंटे तक पानी ठंडा रहता है. ऐसे में इन बोतलों की भी डिमांड काफी रहती है, क्योंकि जो भी लोग यहां आते हैं, वे इन्हें खरीदकर ले जाते हैं. उन्होंने बताया कि इन बोतलों को बिल्कुल मिल्टन की बोतलों की तरह ही तैयार किया गया है. उन्होंने बताया कि मार्केट में आपको मिट्टी की बोतलों के साथ ही विभिन्न प्रकार के मटके, तवा, हॉट केस, गिलास, कप एवं अन्य मिट्टी से जुड़े बर्तन भी मिल जाएंगे, जो गर्मी के मौसम के लिए काफी लाभदायक रहते हैं. बताते चलें कि इन सभी की अगर कीमत की बात की जाए तो जहां मिट्टी की बोतल की कीमत 200 से लेकर 800 रुपए तक की देखने को मिलती है, वहीं मटके की कीमत 250 से लेकर 1000 रुपए तक है. इसके अलावा अगर आप तवा, कढ़ाई, हॉट केस या अन्य प्रकार के बर्तन खरीदना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको 100 से लेकर 1000 रुपए तक खर्च करने पड़ सकते हैं. First Published : April 20, 2026, 12:13 IST

अभिनेता आशीष विद्यार्थी बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंचे:सड़क पर खड़े होकर टमाटर चाट खाई…वीडियो बनाया, बोले- जीवंत शहर है काशी

अभिनेता आशीष विद्यार्थी बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंचे:सड़क पर खड़े होकर टमाटर चाट खाई...वीडियो बनाया, बोले- जीवंत शहर है काशी

बॉलीवुड एक्टर आशीष विद्यार्थी शनिवार सुबह काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे और बाबा के दर्शन किए। वह यहां किसी सेलिब्रिटी की तरह नहीं, बल्कि एक सामान्य श्रद्धालु के रूप में पहुंचे। इसके बाद मंदिर परिसर में घूमे। अचानक अपने बीच अभिनेता को देखकर मौजूद भक्तों ने उनके साथ सेल्फी और फोटो खिंचवाई। उन्होंने मंदिर की भव्यता और दिव्यता की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा-काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्विकास बेहद आकर्षक है और यहां की व्यवस्थाएं भी अत्यंत सुव्यवस्थित हैं। इसके बाद काशी के गलियों में घूमे। इस दौरान मशहूर दीना चाट भंडार पहुंचे। जहां उन्होंने बनारसी चाट का स्वाद चखा और वीडियो भी बनाई। पहले देखें 2 तस्वीर काशी एक जीवंत शहर है आशीष विद्यार्थी कहा- जब रक्तांचल -2 की शूटिंग चल रही थी तब हम रामनगर में लस्सी पीने के लिए गए थे। इस दौरान हमने वाराणसी की खूबसूरती को देखा था। उन्होंने कहा कि यह शहर काफी जीवंत है। उन्होंने कहा- आने के बाद मन को काफी सुकून मिल रहा है। इस शहर में आध्यात्मिक लोगों की कमी नहीं हर किसी से सीखने को मिलता है। अब जानिए कैसा रहा आशीष विद्यार्थी का सफर आशीष विद्यार्थी हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता हैं, जिन्होंने 11 भाषाओं हिंदी, तमिल, कन्नड़, मलयालम, तेलुगू, बंगाली, अंग्रेजी, ओड़िया और मराठी में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत फिल्म सरदार से की, जबकि उनकी पहली रिलीज़ द्रोहकाल रही, जिसके लिए उन्हें 1995 में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता) से सम्मानित किया गया। इसके अलावा 1942: ए लव स्टोरी और इस रात की सुबह नहीं जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को भी काफी सराहा गया। टेलीविजन पर भी उन्होंने ‘हम पंछी एक चाल के’ में काम किया है। दूसरी शादी की और अब एक यूट्यूब चैनल भी चला रहे आशीष विद्यार्थी की पहली शादी पीलू राजोशी से हुई थी, जिससे उनका एक बेटा है। साल 2022 में दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद 2023 में उन्होंने रूपाली बरुआ से दूसरी शादी की। अभिनय के अलावा वे ‘AVID Miner Conversations’ के सह-संस्थापक और क्यूरेटर भी हैं, जो संगठनों के लिए इंटरैक्टिव लर्निंग मॉड्यूल तैयार करता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी वे काफी सक्रिय हैं। उनका एक यूट्यूब चैनल है, जहां वे अक्सर भोजन और यात्रा से जुड़े वीडियो साझा करते हैं और अपनी खास अंदाज में खाने को लेकर उत्साह व्यक्त करते हैं। ——————— ये खबर भी पढ़ें…

Sambhal Bulldozer Action LIVE Video Update; Imambara Eidgah

Sambhal Bulldozer Action LIVE Video Update; Imambara Eidgah

संभल8 मिनट पहले कॉपी लिंक संभल में ईदगाह और इमामबाड़े पर गुरुवार सुबह 8 बजे से बुलडोजर की कार्रवाई चल रही है। संभल में ईदगाह और इमामबाड़े पर गुरुवार सुबह 8 बजे से बुलडोजर की कार्रवाई चल रही है। इमामबाड़ा गिरा दिया गया है। अब ईदगाह को चार बुलडोजरों से तोड़ा जा रहा है। मौके पर 5 थानों की पुलिस फोर्स और एक कंपनी PAC तैनात की गई है। इसी बीच, गांव के लोग मौके पर जुट गए। विरोध की आशंका को देखते हुए अफसरों ने उन्हें वहां से हटा दिया। प्रशासन के मुताबिक, करीब 7 बीघा चारागाह की जमीन पर ईदगाह और खाद गड्ढे की भूमि पर इमामबाड़ा बनाया गया था। गांव वालों की शिकायत के बाद लेखपाल स्पर्श गुप्ता ने 18 जनवरी को तहसीलदार कोर्ट में अपील दायर की थी। 31 जनवरी को कोर्ट के आदेश पर नोटिस अखबार में छपवाया गया। कहा गया कि जो भी कब्जेदार हैं, वे सामने आएं। हालांकि, कोई भी सामने नहीं आया। गुरुवार सुबह करीब 7.30 बजे एसडीएम निधि पटेल और नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां कुछ लोग छीनी-हथौड़ी से इमामबाड़े को तोड़ रहे थे। हालांकि, प्रशासन ने उन्हें हटा दिया। मामला कोतवाली संभल क्षेत्र के बिछोली गांव का है। बुलडोजर एक्शन की तस्वीरें देखिए… बुलडोजर कार्रवाई के दौरान मौके पर गांव के लोग जुट गए, लेकिन अफसरों ने उन्हें हटा दिया। इमामबाड़ा गिरा दिया गया है। अब मलबा उठाने का काम चल रहा है। बिछोली गांव में बुलडोजर कार्रवाई वाली जगह पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिसवाले आसपास के घरों की छत से निगरानी कर रहे हैं। मौके पर SDM और नायब तहसीलदार मौजूद रहे। 5 थानों की पुलिस फोर्स और एक कंपनी PAC तैनात है। बुलडोजर एक्शन से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 19 मिनट पहले कॉपी लिंक डीएम और एसपी पहुंचे, ध्वस्तीकरण अभियान की रिपोर्ट ली दोपहर 12 बजे डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस-प्रशासन की टीमों से ध्वस्तीकरण अभियान की रिपोर्ट ली और जरूरी दिशा-निर्देश दिए। 20 मिनट पहले कॉपी लिंक संभल में इमामबाड़े की दीवार जेसीबी पर गिरी, चालक घायल नगर पालिका परिषद संभल के जेसीबी ऑपरेटर सौरभ सिरसवाल के दाहिने हाथ में चोट आई है। इमामबाड़े की दीवार को तोड़ते समय दीवार अचानक से जेसीबी के ऊपर गिर गई। जेसीबी का शीशा टूट गया। मशीन को भी नुकसान हुआ। घटना के बाद मशीन खराब हो गई। उसे वापस भेज दिया गया है। 05:59 AM16 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक संभल में बुलडोजर एक्शन के 3 VIDEO देखिए 05:58 AM16 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक एसडीएम बोलीं- पशुचर और गढ्‌ढे की जमीन पर हुआ था अतिक्रमण एसडीएम निधि पटेल ने बताया- पशुचर और गढ्‌ढे की जमीन पर अतिक्रमण करके निर्माण कराए गए थे। आज तहसीलदार कोर्ट के आदेश पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। 04:18 AM16 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक संभल में बुलडोजर एक्शन पर अपडेट दे रहे हैं भास्कर रिपोर्टर प्रशासन के पहुंचने से पहले लोग खुद ही छीनी-हथौड़ी से इमामबाड़ा तोड़ने लगे। लेकिन, प्रशासन ने उन्हें वहां से हटा दिया। 04:14 AM16 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक अफसरों ने मौके पर जुटी भीड़ को हटाया, देखिए VIDEO बुलडोजर कार्रवाई के दौरान मौके गांव वालों की भीड़ जुटने लगी। पुलिस ने तत्काल उन्हें हटाया और वापस भेजा। 04:13 AM16 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक 5 थानों की फोर्स, SDM और नायब तहसीलदार मौके पर मौजूद जिस गांव में बुलडोजर चल रहा है, वहां 5 थानों की पुलिस फोर्स और एक कंपनी PAC तैनात की गई है। SDM निधि पटेल और नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल टीम के साथ मौके पर मौजूद हैं। 03:51 AM16 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक संभल में ईदगाह, इमामबाड़ा को तोड़ने पहुंचा बुलडोजर थोड़ी देर में कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके लिए प्रशासन चार बुलडोजरों के साथ मौके पर पहुंच गया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

टाटा मोटर्स की 10लाखवीं गाड़ी को सीएम ने दिखाई झंडी:उसी ई-बस में बैठे, लखनऊ में 5 साल में 20 लाख गाड़ियां बनेंगी

टाटा मोटर्स की 10लाखवीं गाड़ी को सीएम ने दिखाई झंडी:उसी ई-बस में बैठे, लखनऊ में 5 साल में 20 लाख गाड़ियां बनेंगी

लखनऊ के चिनहट स्थित देवा रोड पर टाटा मोटर्स प्लांट में 10 लाखवीं गाड़ी (ई-बस) का बुधवार को फ्लैग ऑफ हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरी झंडी दिखाई। उसे सवार होकर उसकी खासियत जानी। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी के साथ प्लांट का विजिट किया। टाटा मोटर्स के CEO और MD गिरीश वाघ ने कहा- आज हम सब यहां पर 10 लाखवें वाहन के विटनेस बने हैं। यहां पर कॉमर्शियल व्हीकल का उत्पादन करते हैं। सप्लायर, पार्टनर और कम्युनिटी का इको सिस्टम है। हम अगले 5 साल में 20 लाख व्हीकल बनाएंगे। समारोह में टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन भी मौजूद हैं। 10 लाखवीं गाड़ी एक जीरो-एमिशन इलेक्ट्रिक बस है, जो राज्य और कंपनी की ग्रीन मोबिलिटी के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश की नेट-जीरो 2070 की परिकल्पना और कंपनी के 2045 के लक्ष्य के अनुरूप है। यह प्रदेश की स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का है, जिसमें औद्योगिक निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में यह उपलब्धि प्रदेश के औद्योगिक आत्मविश्वास को और मजबूत करेगी। निवेशकों के लिए सकारात्मक संदेश देगी। करीब तीन दशकों से अधिक समय से संचालित यह प्लांट प्रदेश में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और कौशल विकास का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। 1992 में स्थापित लखनऊ प्लांट आज प्रदेश में 8 हजार से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है। कौशल विकास के लिए ‘कौशल्या’, ‘लक्ष्य’ और ‘सक्षम’ जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित करता है। साथ ही, यह 100% नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित और जल-सकारात्मक सुविधा के रूप में पर्यावरण संरक्षण का भी उदाहरण प्रस्तुत करता है। देखिए 5तस्वीरें… पल-पल के अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

खबर हटके- 20 साल तक पेट में रहा थर्मामीटर:घसीटाराम-खोजाराम जैसे नाम बदल सकेंगे बच्चे; दुल्हन ने चेहरा दिखाने के लिए मांगे ₹90 लाख

खबर हटके- 20 साल तक पेट में रहा थर्मामीटर:घसीटाराम-खोजाराम जैसे नाम बदल सकेंगे बच्चे; दुल्हन ने चेहरा दिखाने के लिए मांगे ₹90 लाख

चीन में एक व्यक्ति के पेट में 20 साल तक थर्मामीटर पड़ा रहा। वहीं, राजस्थान के स्कूलों में अब बच्चे घसीटाराम-खोजाराम जैसे अजीबोगरीब नाम बदल सकेंगे। उधर, उत्तर प्रदेश में एक दुल्हन ने चेहरा दिखाने के लिए ₹90 लाख की डिमांड कर दी। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

यूपी में आगजनी के 26 मामलों की आतंकी जांच होगी:NIA ने तीन आतंकियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया

यूपी में आगजनी के 26 मामलों की आतंकी जांच होगी:NIA ने तीन आतंकियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया

एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉड (ATS) यूपी में हुई आगजनी की करीब 26 घटनाओं की आतंकी एंगल से जांच करेगी। ऐसा पिछले दिनों लखनऊ में पकड़े गए 4 आतंकियों के इनपुट के आधार पर किया जा रहा है। यूपी के अलग-अलग जिलों में गाड़ियों में आग लगने की इन घटनाओं को हादसा बताकर केस बंद कर दिया गया था। अब इनकी गहराई से तफ्तीश की जाएगी। नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) भी मामले में तफ्तीश करेगी। दरअसल, 3 अप्रैल को पकड़े गए आतंकियों ने पूछताछ में बताया था कि वे आगजनी की छोटी-छोटी घटनाओं को अंजाम देकर वीडियो बनाते थे। उन्हें पाकिस्तान में हैंडलर्स को भेज देते थे। इसके बदले उन्हें QR कोड के जरिए पाकिस्तान से पैसे भेजे जाते थे। इनका मकसद देश में डर और सांप्रदायिक तनाव पैदा करना था। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पूरी कहानी शुरुआत से समझते हैं… यूपी में बड़ी घटना की तैयारी थी, इससे पहले 4 आतंकी धरे गए यूपी ATS ने 2 अप्रैल को लखनऊ से 4 आतंकियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि ये आगजनी की छोटी-छोटी घटनाओं को अंजाम देकर उसका वीडियो बनाते थे। फिर उसे पाकिस्तानी हैंडलर अबू बकर को भेजते थे। वीडियो के जरिए वे अपने काम का सबूत देते थे। बदले में अबू बकर उन्हें पैसे भेजता था। जांच एजेंसियों को शक है कि इन लोगों ने पहले छोटे स्तर की आगजनी की घटनाओं को अंजाम देकर अपने हैंडलर्स को ‘ट्रायल’ दिखाया था। चारों आतंकी यूपी में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे, लेकिन इससे पहले ही पकड़े गए। आतंकियों की पहचान साकिब उर्फ डेविल, विकास गहलावत उर्फ रौनक, लोकेश उर्फ बाबू, उर्फ पपला पंडित और अरबाब के रूप में हुई थी। साकिब गैंग का सरगना है। इन आतंकियों के मोबाइल से कई अहम सबूत मिले थे, जिनके आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। फोन में आगजनी के VIDEO, लोकेशन और टाइमिंग पता की जा रही एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश बताते हैं- आमतौर पर आग की घटनाओं को हादसा मान कर रिपोर्ट लगा दी जाती है। लेकिन, गाड़ियों में आगजनी के बदले पैसे मिलने की बात सामने आने पर उन मामलों में नए सिरे से जांच की जा रही है। इसके लिए जांच टीम ने 6 महीने में हुए 26 मामलों की पहचान की है। इनमें अलीगढ़, गाजियाबाद, बुलंदशहर, कानपुर, बरेली और प्रयागराज जिले में हुई घटनाएं शामिल हैं। छानबीन में सामने आया कि लखनऊ में पकड़े गए आतंकियों ने 4 मार्च को एक पिकअप में आग लगाकर उसके वीडियो बनाए थे। आगजनी किरतपुर इलाके में हुई थी। इनके पास मिले 7 मोबाइलों में ऐसे और भी वीडियो हैं। ये वीडियो कब और कहां के हैं, इसकी जांच की जा रही है। जली हुई गाड़ियों की जांच नहीं होती, इसका फायदा उठाया अमिताभ यश कहते हैं- वेस्ट यूपी के बुलंदशहर, बिजनौर, मेरठ, बागपत, हापुड़ जिलों में पिछले 6 महीने में गाड़ियों, दुकानों और छोटे प्रतिष्ठानों में हुई आगजनी की घटनाओं के रिकॉर्ड देखे जा रहे हैं। जिससे पता लग सके कि आतंकियों का इन घटनाओं से क्या कनेक्शन है? हालांकि, सूत्रों का कहना है कि ये तफ्तीश ATS के लिए आसान नहीं होगी, क्योंकि घटनाएं पुरानी हो चुकी हैं। जांच एजेंसी को फोरेंसिक सबूत और CCTV फुटेज निकालने में खासी दिक्कत आएगी। ऐसे में आसपास के लोगों से पूछताछ और उनके बयान ही अहम होंगे। संदिग्ध लेन-देन मिलने के बाद शुरू की जांच जांच के दौरान पता चला था कि आगजनी के बदले इन आतंकियों को पैसे दिए जाते थे। गिरफ्तार आतंकियों के बैंकखातों की जांच में कुछ संदिग्ध लेन-देन मिले हैं। अब ट्रांजेक्शन की तारीख को आगजनी की तारीख से मैच किया जा रहा है। जिससे पता किया जा सके कि किस घटना के बाद कौन-सा पैसा आया? केंद्रीय एजेंसियों को भेजी गई जानकारी सूत्रों का कहना है कि तफ्तीश के दौरान यूपी एटीएस को दूसरे राज्यों के कुछ संदिग्ध नंबर मिले हैं। इसके बाद पूरी जानकारी एनआईए से भी साझा की गई है। इसमें महाराष्ट्र के कुछ नंबर अहम बताए जा रहे हैं। इस बारे में एडीजी अमिताभ यश बताते हैं कि इनके पास मिले वीडियो में कुछ अन्य आतंकी हथियार के साथ नजर आ रहे थे। उनकी पहचान आकिब, महजुल, आजाद और उबैद मलिक के रूप में हुई है। इनके खिलाफ सेंट्रल एजेंसी के जरिए बिजनौर में मुकदमा दर्ज हुआ है। ये मामला NIA के साथ भी साझा किया गया। जिसके बाद दक्षिण अफ्रीका में रह रहे महजुल, सऊदी अरब में रह रहे आकिब और आजाद के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। दो तरह से पाकिस्तानी हैंडलर से करते थे संपर्क अमिताभ यश ने बताया- जांच के दौरान यह भी सामने आया कि ये लोग पाकिस्तान के अबु बकर को 2 तरह से संपर्क करते थे। 1. कॉलिंग के लिए सिंग्नल ऐप का इस्तेमाल करते थे। 2. डॉक्यूमेंट, वीडियो फाइल भेजने के लिए इंस्टाग्राम का इस्तेमाल करते थे। पकड़े न जाएं, इसलिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का इस्तेमाल करते थे। यही वजह है कि IP एड्रेस ट्रेस करने पर ज्यादा नंबर अफगानिस्तान की लोकेशन के दिख रहे हैं। लखनऊ रेलवे स्टेशन पर धमाका करने की थी प्लानिंग एटीएस के मुताबिक, गिरोह ने लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास सिग्नल बॉक्स और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई थी। उनका मकसद 2 अप्रैल को बड़ा विस्फोट और बड़ी जनहानि करना था, जिससे दहशत फैल सके। हालांकि, एटीएस को पहले ही इसकी सूचना मिल गई थी। टीम ने समय रहते आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। यूट्यूब की सर्च हिस्ट्री में लिखा मिला- केमिकल बम कैसे बनाते हैं शाकिब और अरबाब के मोबाइल के यूट्यूब की सर्च में मिला है- टाइम बम कैसे बनाया जाता है? कैमिकल बम कैसे बनाया जाता है? सटीक निशाना लगाने की टेक्निक क्या हैं? इन्होंने कई वीडियो देखे भी हैं। कुछ लिंक और वीडियो अबु बकर ने उन्हें भेजे हैं। ये लोग कितना कुछ सीख सके थे, अब ये 5 दिन की रिमांड के बाद ही क्लियर हो सकेगा। ———————— ये खबर भी पढ़ें… सबसे ज्यादा वोटर भाजपा की सीटों पर घटे, योगी की सीट पर 33 हजार, नेता विपक्ष की सीट पर 41 हजार नाम कटे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद जारी

आंवला मुरब्बा के फायदे I lakhimpur kheri news

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Last Updated:April 13, 2026, 15:43 IST गर्मियों की शुरुआत के साथ आंवला मुरब्बा की मांग बढ़ जाती है, क्योंकि यह शरीर को ठंडक देने के साथ पाचन सुधारने में मदद करता है. विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आंवला मुरब्बा सुबह खाली पेट खाने से कब्ज, एसिडिटी और पेट की गर्मी से राहत मिलती है. यह इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ खांसी-जुकाम में भी फायदेमंद माना जाता है और त्वचा में निखार लाने में सहायक है. लखीमपुर खीरी. गर्मियों का मौसम शुरू होते ही लोग अपने खान-पान को लेकर ज्यादा सजग हो जाते हैं. इस समय ऐसी चीजों की तलाश रहती है जो शरीर को ठंडक पहुंचाए और साथ ही सेहत के लिए भी फायदेमंद हो. यही कारण है कि पारंपरिक देसी खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है, जिनमें मुरब्बा एक खास स्थान रखता है. गर्मियों के मौसम में मुरब्बा की डिमांड अधिक रहती है क्योंकि मुरब्बा हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद पाया जाता है. खीरी जिले के तराई इलाके में आंवला के पौधे अधिक पाए जाते हैं, ऐसे में सर्दियों के मौसम में आंवला आपको बाजारों में मिल जाएगा. वहीं गर्मियों के मौसम में आंवला का मुरब्बा किसी देसी औषधि से कम नहीं है. आंवला में विटामिन सी और एंटी आक्सीडेंट से भरपूर होता है ऐसे में पाचन से लेकर कई बीमारियों के लिए रामबाण माना जाता है. लोकल 18 से बातचीत करते हुए राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की डॉक्टर ऋचा श्रीवास्तव ने बताया कि गर्मियों के मौसम में सुबह खाली पेट मुरब्बा का सेवन करने से कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं से आपको राहत मिल जाएगी. पेट साफ ना हो पाने के कारण मुंह में छाले हो जाते हैं, ऐसे में मुरब्बा का सेवन करने से पेट की गर्मी शांत होती है. आंवला का मुरब्बा इम्यूनिटी बूस्टर होता है, जोकि हमारे शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है. बदलते मौसम के कारण खांसी, जुकाम जैसी समस्याओं से भी राहत दिलाता है, सुबह खाली पेट मुरब्बा खाने से त्वचा में निखार आता हैं. मुरब्बा बनाने की रेसिपीआप आसानी से घर पर मुरब्बा बना सकते हैं इसके लिए सबसे पहले आपको आंवला लेना होगा, उसके बाद आंवला को साफ़ पानी से धो लें. फिर आंवला में छेद कर गर्म पानी में उबाल लें. फिर 1 किलो चीनी की चाशनी तैयार कर ले, चाशनी की सफाई के लिए 1 चम्मच दूध डालें और ऊपर आने वाले जांघ को हटा दें. चिपचिपा होने तक उबालें, इसमें आप इलायची पाउडर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. फिर उसके बाद उबले हुए आंवला को चाशनी में डूबा दे. 4 से 5 दिन के लिए आप मुरब्बा को एक सुरक्षित स्थान पर रख दें, इसके बाद आप इसका सेवन कर सकते हैं. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Lakhimpur,Kheri,Uttar Pradesh First Published : April 13, 2026, 15:43 IST