Khabar Hatke- China AI Son | UP Youth Hookah

चीन में एक बूढ़ी मां के लिए उसके मृतक बेटे का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वर्जन तैयार किया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश में एक युवक का जलती चिता से हुक्का सुलगाने का वीडियो वायरल हो रहा है। उधर, वियतनाम में गोबर का सूप लोगों का फेवरेट बन गया है। . आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
Ludhiana Devotee Loses Wife, Son; 9 Family Members Dead

वृंदावन में यमुना नदी में डूबते श्रद्धालु और रोते उनके परिजन। “मैं खुद अपने परिवार को डूबते हुए देखता रहा और कुछ नहीं कर सका। हादसे में मैंने अपना बेटा, पत्नी समेत परिवार के 9 सदस्य खो दिए। कुछ ही मिनटों में खुशियों से भरी यात्रा मातम में बदल गई। हमारी दुनिया उजड़ गई।” . यह कहते हुए वृंदावन में नाव हादसे में अपनों को खो चुके और खुद उसी नाव में सवार विजय कुमार रो पड़ते हैं। 10 अप्रैल को को यह हादसा हुआ। इसमें 12 लोगों की मौत हुई, 4 की तलाश जारी है। विजय ने हादसे के आखिरी 7 मिनट का मंजर बताया। विजय ने कहा कि नाव में कीर्तन के कारण काफी लोग आ गए थे। विजय ने कहा कि जब हमारी नाव नए निर्माणाधीन पुल के नजदीक पहुंची तो वहां लगे लोहे के डैम को क्रेन ने खींच लिया। इतने में तेज हवा आई और नाव पिलर की तरफ गई। इसी दौरान रस्सी फंसने से पिलर से टकराकर नाव पलट गई। विजय ने कहा कि जैसे ही सभी लोग पानी में गिरे तो चिल्लाने लगे। मैं, बेटा और कुछ अन्य लोग जो तैरना जानते थे, वह पानी में छटपटाते रहे। बेटा मधुर अपनी मां को बचाने के लिए लड़ता रहा, लेकिन उसे बचाते-बचाते खुद ही डूब गया। हम उसे बाहर तो निकाल लाए, लेकिन उसे बचा नहीं सके। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… विजय कुमार ने कहा कि मैं खुद नाव में सवार था। मेरे सामने ही पत्नी और बेटा डूब गए। आखिरी 7 मिनट की कहानी विजय की जुबानी… नाव में परिवार के सदस्य सवार थे: विजय कुमार ने बताया कि उनका बेटा लवी और उसका दोस्त यशु हर साल यात्रा लेकर जाते हैं। इस बार भी गए। कुछ लोग आराम करने रुक गए। कुछ मंदिरों में दर्शन करने गए। जबकि वो और उनके रिश्तेदार नाव में सवार होकर संकीर्तन कर रहे थे। यमुना में एक चक्कर लगाया और दूसरा चक्कर लगा रहे थे। नाव में से 5-7 लोग उतार दिए थे: उन्होंने बताया कि नाव में संकीर्तन के कारण काफी लोग आ गए थे। वेट ज्यादा होने पर 5-6 लोगों को दूसरी नाव में शिफ्ट कर दिया था। नाव के पलटने से पहले सभी संकीर्तन कर रहे थे। उन्हें नहीं पता था कि ये उनका आखिरी पल है। रस्सी नाव में फंसी, पिलर से टकराई: विजय कुमार ने बताया कि जब वो नए निर्माणाधीन पुल के नजदीक पहुंचे तो वहां लगे लोहे के डैम को क्रेन ने खींचना शुरू किया। सभी ने कहा कि नाव निकलने दो। इतने में तेज हवा आई। नाव पिलर की तरफ गई। डैम पर बांधी रस्सी नाव के पंखे में फंस गई। रस्सी फंसने से नाव पिलर से टकरा गई। नाव का बैलेंस बिगड़ा और पलट गई: विजय कुमार ने बताया कि नाव हिलने लगी तो सभी चिल्लाने लगे। इस बीच, एकाएक नाव पलट गई। नाव में बैठे लोग पानी में गिर गए। पानी गहरा था, देखते-देखते सभी डूबने लगे: विजय ने कहा कि पानी बहुत गहरा था। वो खुद, उनके दोनों बेटे मधुर-लाडी समेत कुछ लोग तैरना जानते थे। वो पानी में हाथ पैर मारते रहे। लोग चिल्ला रहे थे और देखते-देखते सभी पानी में डूबने लगे। दूसरी बोट वालों ने रस्सी फेंकी, कई लोगों की बची जान: विजय कुमार ने बताया कि कुछ लोगों ने रस्सी पकड़ ली। उसके सहारे बाहर निकले। जबकि तीन-चार लोगों को उन्होंने मिलकर बाहर निकाला। कुछ लोगों को बोट वालों ने निकाला। दूसरी बोट वालों ने रस्सी फेंकी और उसके सहारे कुछ लोग पानी में से बाहर निकले। बचाने वाले थक चुके थे, फिर रस्सी के सहारे निकले: विजय कुमार ने बताया कि लड़कों ने बहुत मेहनत की। जब पानी में डूबते लोगों को बचाने के लिए तैरते-तैरते थक गए। फिर वो भी रस्सी के सहारे बाहर निकल आए। नाव पलटने के बाद का वीडियो सामने आया, जिसमें लोग बचने के लिए नदी में छटपटाते दिखे। नाक मुंह में भर गया था पानी: विजय कुमार ने बताया कि वो खुद और अन्य लड़के काफी देर पानी के अंदर और लोगों को ढूंढते रहे। इससे उनके नाक मुंह में भी पानी चला गया था। बाहर आकर लोगों ने उनके पेट का पानी निकाला। मधुर मां को बाहर खींचते-खींचते डूब गया: विजय कुमार ने कहा कि मधुर अपनी मां और अन्य लोगों को खींचने के चक्कर में डूब गया। उसकी भी मौत हो गई। दूसरे बेटे लवी ने मधुर को बाहर निकला। नाक-मुंह में पानी भरने की वजह से वे बेसुध हो गए थे। जब मधुर को बाहर लाए तो उसके मुंह से पानी निकालने की कोशिश की। लेकिन अफसोस बचा नहीं सके। बेटा-पत्नी समेत 9 रिश्तेदारों को खोया: विजय कुमार ने बताया कि हादसे में उन्होंने अपना एक बेटा मधुर, पत्नी कविता, भाई चरणजीत बहल, भाई की पत्नी पिंकी, दो बहन अंजू गुलाटी (लुधियाना), आशा (भिवानी), बहनोई राकेश गुलाटी (अंजू का पति), साली सपना हंस (मोगा) और साली के बेटे मानिक टंडन (अबोहर) को खोया है। इसके अलावा जो भी लोग मरे हैं, वो सब उनके अपने ही थे, क्योंकि कई सालों से वो सभी मिलकर यात्रा पर जा रहे थे। प्रशासन ने लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया: विजय कुमार ने कहा कि जैसे ही हादसा हुआ, उसके तुरंत बाद प्रशासन की टीमें वहां आ गईं। उन्होंने जिन लोगों को बाहर निकाला उनको अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस तुरंत आ गई थीं। उन्हें भी अस्पताल पहुंचा दिया गया था। यात्रा के ऑर्गेनाइजर यशु बजाज जानकारी देते हुए। यात्रा ले जाने वाले यशु बोले- वहां लाइफ जैकेट देते ही नहीं… हमने दो वोट की थीं: यात्रा के ऑर्गेनाइजर यशु बजाज ने कहा कि जब यमुना में गए तो सभी ने मिलकर दो वोट कीं। नाव वाला आया उसने कहा कि एक ही नाव में आ जाएंगे। सभी एक पर बैठ गए। सबको बैठने के लिए जगह थी। हादसे से पहले 5 सवारियां शिफ्ट कीं: यशु ने कहा कि सभी ने नाव पर एक चक्कर लगा दिया था, इसके बाद दूसरा चक्कर लगा रहे थे। हादसे से पहले 5 सवारियां दूसरी कश्ती में शिफ्ट कर दी थीं। डैम खींचने वाले को रोकते रहे: यशु बजाज ने कहा कि क्रेन वाला डैम को खींच रहा था।
Mathura Steamer Accident: 9 Dead

यमुना नदी से निकालकर बाहर रखे श्रद्धालुओं के शव। उत्तर प्रदेश में मथुरा के वृंदावन में यमुना में नाव पलटने से 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इसमें एक ही परिवार के 7 सदस्य शामिल हैं। ये सभी शुक्रवार सुबह ही लुधियाना के जगराओं से वृंदावन पहुंचे थे। . जानकारी के मुताबिक गुरुवार (9 अप्रैल) को जगराओं के श्री बांके बिहारी क्लब की तरफ से 2 बसों में 130 श्रद्धालुओं को ले जाया गया था। जिसमें से 90 जगराओं से और बाकी अन्य शहरों से थे। वृंदावन की 4 दिन की यात्रा थी। शुक्रवार को श्री बांके बिहारी के दर्शन के बाद श्रद्धालु यमुना पार कर मंदिरों के दर्शन के लिए जा रहे थे। जो नाव पलटी, उसमें जगराओं के रहने वाले 30 श्रद्धालु सवार थे। जगराओं में श्रद्धालुओं के परिचितों के मुताबिक यमुना में पीपों का पुल बनाया गया था। जलस्तर बढ़ने के बाद इन्हें खोल दिया गया। इसके बाद यह यमुना में बहने लगे। इनसे टकराकर ही नाव पलटी। हादसे से पहले का वीडियो सामने आया है। किसी ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। श्रद्धालु राधे-राधे जप करते हुए यमुना विहार कर रहे थे। हालांकि किसी ने इस वीडियो की औपचारिक पुष्टि नहीं की है। ये हादसे से पहले का फुटेज है। किसी ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। राधे-राधे जप रहे थे। एक ही परिवार के 7 सदस्यों की मौत हादसे में एक ही परिवार के 7 सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में मधुर बहल, उसकी माता कविता बहल, चाचा चरणजीत, चरणजीत की पत्नी पिंकी बहल, मधुर की बुआ आशा रानी, दूसरी बुआ अंजू गुलाटी और फूफा राकेश गुलाटी शामिल हैं। श्रद्धालुओं ने क्या कहा… 120 से ज्यादा लोगों का ग्रुप पंजाब से आया था: एक महिला ने बताया- 120 से ज्यादा लोगों का ग्रुप पंजाब से आया था। नाव पलट गई। कई लोग डूब गए हैं। कुछ लोगों को निकाला गया है। नाविक को नाव रोकने के लिए कहा था: जिस नाव के साथ हादसा हुआ, उसमें लुधियाना जिले के जगराओं के तनिष जैन भी सवार थे। उन्होंने बताया दो बसों से करीब 130 लोग वृंदावन घूमने आए थे। सभी वृंदावन में फोगला आश्रम के पास रुके हैं। तीसरी बार में टक्कर, गोताखोर ने बचाया: उन्होंने कहा कि हमारी नाव जब पीपा पुल के पास पहुंची तो हम लोगों ने नाविक से कहा कि पुल आने वाला है, रोक लीजिए। लेकिन उसने नहीं रोका। 2 बार नाव टकराने से बची। तीसरी बार में टक्कर हो गई। पास में कुछ गोताखोर थे, जिन्होंने हमें बचाया है। मीनू बंसल, जिसकी वृंदावन में यमुना नदी में नाव पलटने से मौत हो गई। यमुना किनारे लोगों की भीड़ जुट गई। लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। घटना के बाद मौके पर जुटी लोगों की भीड़। यमुना में डूबते श्रद्धालुओं का वीडियो सामने आया, लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी वृंदावन नाव हादसे में भिवानी की महिला की भी मौत: मायके वालों संग प्लान बनाया हादसे के पल-पल अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
summer pregnancy care tips I कन्नौज समाचार

Last Updated:April 09, 2026, 19:15 IST गर्मियों में गर्भवती महिलाओं के लिए डिहाइड्रेशन गंभीर खतरा बन सकता है. तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण शरीर में पानी की कमी से चक्कर, कमजोरी और प्री-मैच्योर डिलीवरी का जोखिम बढ़ जाता है. डॉक्टरों का कहना है कि नियमित रूप से पानी, नारियल पानी, छाछ और पानी से भरपूर फलों का सेवन मां और शिशु दोनों की सेहत के लिए जरूरी है. कन्नौज. गर्मियों का मौसम गर्भवती महिलाओं के लिए कई चुनौतियां लेकर आता है, जिनमें सबसे आम समस्या है शरीर में पानी की कमी, यानी डिहाइड्रेशन. तेज धूप, पसीना और बढ़ता तापमान शरीर से पानी तेजी से कम कर देता है, ऐसे में गर्भवती महिलाओं के लिए यह स्थिति और भी संवेदनशील हो जाती है, क्योंकि इसका सीधा असर मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों की सेहत पर पड़ सकता है. गर्भावस्था के दौरान शरीर को सामान्य से अधिक पानी की जरूरत होती है. पर्याप्त पानी पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है, पोषक तत्वों का सही संचार होता है और शिशु के विकास में भी मदद मिलती है. अगर शरीर में पानी की कमी हो जाए, तो चक्कर आना, थकान, सिरदर्द और यहां तक कि प्री-मैच्योर डिलीवरी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. इन चीजों का करें नियमित सेवनगर्मी के मौसम में सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि कुछ प्राकृतिक पेय और फल भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं. नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ जैसे पेय पदार्थ शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ जरूरी मिनरल्स भी प्रदान करते हैं. इसके अलावा तरबूज, खीरा और मौसमी जैसे फल शरीर में पानी की कमी को दूर करने में बेहद मददगार साबित होते हैं. ये चीजें शरीर को तरोताजा बनाए रखने के साथ ऊर्जा भी देती हैं. दिनभर पानी पीने की बनाएं आदतडॉ. शक्ति बसु बताते हैं गर्भवती महिलाओं को दिनभर में थोड़ा-थोड़ा करके पानी पीते रहना चाहिए. एक साथ ज्यादा पानी पीने के बजाय नियमित अंतराल पर पानी लेना ज्यादा फायदेमंद होता है. हमेशा अपने साथ पानी की बोतल रखें और बाहर जाते समय भी पानी पीना न भूलें. यह आदत शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने में काफी मदद करती है. क्या बोले डॉक्टर जिला अस्पताल सीएमएस डॉक्टर शक्ति बसु बताते हैं कि डिहाइड्रेशन के कुछ सामान्य लक्षण होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, जैसे मुंह सूखना, पेशाब का गहरा रंग, कमजोरी महसूस होना, चक्कर आना और दिल की धड़कन तेज होना, अगर ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत पानी या तरल पदार्थ का सेवन बढ़ा दें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें. हर गर्भवती महिला की स्थिति अलग होती है, इसलिए किसी भी डाइट या हाइड्रेशन प्लान को अपनाने से पहले अपने नज़दीकी डॉक्टर की सलाह जरूर लें. सही मार्गदर्शन और संतुलित खानपान के जरिए गर्मियों में भी खुद को और अपने बच्चे को स्वस्थ रखा जा सकता है. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Kannauj,Uttar Pradesh First Published : April 09, 2026, 19:15 IST
UP Election Results 2026 LIVE

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को जान से मारने की धमकी मिली है। उन्हें भेजे गए ऑडियो मैसेज में कहा गया कि जैसे अतीक अहमद को मारा गया था, वैसे ही उन्हें भी मार दिया जाएगा। इन ऑडियो में 33 बार गालियां भी दी गई हैं और कहा गया है कि उनकी यात्रा के दौरान हमला क . 1 अप्रैल को ज्योतिष्पीठ के आधिकारिक नंबर पर पहले एक धमकी भरा मैसेज आया था, जिसे बाद में ब्लॉक कर दिया गया। इसके बाद 6 अप्रैल की रात 9:55 और 9:56 बजे दो वॉइस मैसेज भेजे गए। ज्योतिष्पीठ ने बुधवार को ये दोनों ऑडियो जारी करके मामले की जांच की मांग की है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद “गोमाता-राष्ट्रमाता” अभियान चला रहे हैं। इसी के तहत 3 मई से उत्तर प्रदेश में उनकी “गविष्ठी यात्रा” शुरू होने वाली है, जिसमें वे लोगों को गायों की सुरक्षा और उनके लिए आश्रय (गोधाम) बनाने के बारे में जागरूक करेंगे। पढ़िए, ऑडियो मैसेज में क्या कहा गया… शंकराचार्य का टाइम नजदीक आ गया है। कितना भी बचे, वह बच ही नहीं पाएगा। जैसे अतीक अहमद को मारा, वैसे ही उसको भी मारना है। बाद में सारी कहानी खत्म…। यह रेपिस्ट है। रेपिस्ट को बोलो थोड़ा शांत रहे, वरना उससे बात कराओ। बात कराओ उस रेपिस्ट से। इस दुनिया से उसका टाइम आ गया है। अब ज्यादा दिन जिंदा नहीं रह सकता। जहां वो यात्रा कर रहा है, वहीं बीच में खत्म हो जाएगा। कोई भी मार देगा उसको। मेरे जैसे लाखों लोग हैं, उसको मारने के लिए। बचेगा नहीं। उसको खत्म करना है। अविमुक्तेश्वरानंद को कोई सपोर्ट नहीं करेगा, पूरे हिंदुस्तान में कोई नहीं करेगा। उसका अंत बहुत बुरा है। उसको बताओ, कुछ समय बचा है उसका टाइम। उसका बहुत जल्द टिकट कटने वाला है। पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां शंकराचार्य को इससे पहले भी कई बार धमकियां मिल चुकी हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि गोरक्षा अभियान के कारण कुछ लोग नाराज हैं। इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। शंकराचार्य की “गविष्ठी यात्रा” को देखते हुए यह मामला और गंभीर हो गया है। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शंकराचार्य के वकील को भी मिल चुकी है धमकी शंकराचार्य के वकील और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य श्रीनाथ त्रिपाठी को भी एक महीने पहले जान से मारने की धमकी मिली थी। यह धमकी उनके मोबाइल पर भेजे गए SMS से दी गई थी। इसमें वाराणसी कचहरी को भी बम से उड़ाने की धमकी भी दी गई थी। आशुतोष महाराज ने कहा- वैचारिक मतभेद अलग, धमकी स्वीकार नहीं शंकराचार्य पर पूर्व में बटुकों के यौन शोषण का केस दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने भी इस मामले में प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, यह घटना बेहद चिंताजनक है और इससे समाज में भय का माहौल बन सकता है। जिस जिले और राज्य से धमकी दी गई है, वहां की पुलिस को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। धमकी देने वाले व्यक्ति या संबंधित मोबाइल नंबर के खिलाफ कानून सम्मत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जल्द गिरफ्तारी की जाए। आशुतोष ने कहा, वैचारिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। लोकतंत्र में संविधान और कानून सर्वोपरि हैं, और हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। शासन-प्रशासन से मांग की कि मामले में त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही संबंधित व्यक्ति को सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि समाज में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे। शंकराचार्य माघ मेले से विवादों में आए प्रयागराज माघ मेले में 18 जनवरी, 2025 को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ था। इसके 8 दिन बाद 24 जनवरी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी। इसमें माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों से यौन शोषण के आरोप लगाए थे। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। 13 फरवरी को 2 बच्चों को कोर्ट में पेश किया था। 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज हुए थे। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई थी। 18 जनवरी, 2025 को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ था। यह उसी दिन की तस्वीर है। FIR में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात आरोपी बनाए गए थे। 24 फरवरी को शंकराचार्य ने प्रयागराज एडिशनल कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया था। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। 26 फरवरी को शंकराचार्य के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में बच्चों की मेडिकल रिपोर्ट आई थी। पुलिस सूत्रों का दावा है कि बच्चों के साथ कुकर्म की पुष्टि हुई है। इधर, एक पीड़ित बटुक पहली बार मीडिया के सामने आया था। एक चैनल को दिए इंटरव्यू में उसने दावा किया था- मैं अध्ययन के लिए गया था, तभी मेरा शोषण किया गया। हालांकि, शंकराचार्य के खिलाफ बटुकों से यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए 25 मार्च को उनकी अग्रिम जमानत मंजूर कर ली थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- चार्जशीट दाखिल होने तक शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी नहीं होगी। कोर्ट ने शंकरचार्य के अलावा आशुतोष महाराज को भी मीडिया इंटरव्यू या बयानबाजी से रोक दिया था है। उधर, हाईकोर्ट से शंकराचार्य को मिली अग्रिम जमानत के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। उन्होंने उनकी गिरफ्तारी की मांग करते हुए एक याचिका दायर की थी। प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल में अतीक-अशरफ की हत्या हुई थी ये उस दौरान की तस्वीर है, जब माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को करीब से गोली मारी गई थी। 15 अप्रैल, 2023 की रात 10:30 बजे प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यूपी एटीएस अतीक और अशरफ को रुटीन मेडिकल चेकअप के लिए कॉल्विन अस्पताल लेकर पहुंची थी। लेकिन अस्पताल के बाहर मीडिया ने उन्हें घेर लिया था। पत्रकार उससे बेटे असद के जनाजे पर न पहुंचने को लेकर सवाल पूछने लगे थे। इसी बीच
एसिडिटी से राहत का देसी उपाय I Sultanpur news

Last Updated:April 07, 2026, 10:47 IST गलत खान-पान और तनाव की वजह से बढ़ रही एसिडिटी अब आम समस्या बन चुकी है. आयुर्वेद के अनुसार मुलेठी का सेवन पाचन तंत्र को मजबूत कर पित्त दोष को शांत करने में मदद करता है और बार-बार होने वाली जलन से राहत दे सकता है. सुल्तानपुर. आज के समय में गलत दिनचर्या और गलत खान-पान की वजह से हमारा स्वास्थ्य कई तरह की बीमारियों का शिकार होता चला जा रहा है. उसी में एक आम समस्या पित्त अम्ल दोष की भी लोगों को ज्यादा हो रही है. पीत अम्ल दोष जिसे आम बोलचाल की भाषा में एसिडिटी भी कहा जाता है. यह समस्या आज के लोगों में ज्यादा हो रही है और एसिडिटी की वजह से कई बार लोगों को ज्यादा तेज पीड़ा भी होने लगती है. ऐसे में आयुर्वेद में एसिडिटी और पित्त को साफ करने के लिए मुलेठी के सेवन को बताया गया है. चिकित्सकों के मुताबिक मुलेठी का सेवन एसिडिटी के लिए रामबाण इलाज है. तीन चीज़ें हैं महत्वपूर्ण सुल्तानपुर मेडिकल कॉलेज में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर संतोष कुमार श्रीवास्तव लोकल 18 से बताते हैं कि इसके लिए हरी करी और बरी यह तीन चीज काफी इंपोर्टेंट होती हैं. इन्हीं तीनों की वजह से लोगों को एसिडिटी की समस्या होती है. जिसमें हरी का मतलब होता है जल्दी-जल्दी खाना खाना क्योंकि जब हम जल्दी-जल्दी खाना खाते हैं तो इससे हमारा पाचन तंत्र खाने को पचाने में अधिक समय लेता है और सही से पचा भी नहीं पाता. वहीं करी का मतलब है मिर्च, मसाला और तली-भुनी हुई चीज का अधिक सेवन करना, ये भी एसिडिटी का कारण बनता है और बरी का मतलब अधिक चिंता करना यानी कि आप अधिक चिंता करते हैं तो भी आपको एसिडिटी हो सकती है. करें यह उपायअगर आपको भी बार-बार एसिडिटी की समस्या आती है तो इसके लिए आप आयुर्वेद के देसी उपाय में मुलेठी का सेवन कर सकते हैं. अगर आप मुलेठी के स्वरस का प्रयोग करते हैं तो यह एसिडिटी के लिए और अधिक फायदेमंद होता है अन्यथा आप मुलेठी के टुकड़े को भी मुंह में रखकर एसिडिटी से छुटकारा पा सकते हैं या फिर आप इसका चूर्ण बनाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं. अन्य में भी है फायदेमंद मुलेठी का सेवन करने से हमारे शरीर का पाचन तंत्र मजबूत होता है इसके साथ ही एसिडिटी की भी समस्या दूर होती है लेकिन इन सबके अलावा मुलेठी का सेवन हमारे लिए उन चीजों में भी फायदेमंद है जिन लोगों को खांसी आदि की समस्या है. वह लोग भी मुलेठी का सेवन कर सकते हैं और खांसी की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें Location : Sultanpur,Uttar Pradesh First Published : April 07, 2026, 10:47 IST
वृंदावन में मोहन भागवत ने संत के पैर छुए:संत मलूक दास के जयंती उत्सव में शामिल हुए, रामदेव ने समाधि के दर्शन किए

संत मलूक दास की आज 452वीं जयंती है। वृंदावन के मलूक पीठ में उनका जन्मोत्सव कार्यक्रम मनाया जा रहा है। इसमें RSS प्रमुख मोहन भागवत पहुंचे हैं। मंच पर संत रसिक माधव दास ने मोहन भागवत को शाल ओढ़ाकर स्वागत किया। भागवत ने हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार किया और पैर छूकर आशीर्वाद लिया। योग गुरु बाबा रामदेव भी संत मलूक दास की जयंती में पहुंचे। उन्होंने संत की समाधि के दर्शन-पूजन किए। सीएम योगी दोपहर ढाई बजे पहुंचेंगे। हालांकि, उनकी मोहन भागवत से मुलाकात नहीं होगी, क्योंकि तब तक संघ प्रमुख कार्यक्रम से जा चुके होंगे। कृष्ण भक्त संत मलूक दास का जन्म कौशांबी में खत्री परिवार में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपनी साधना स्थली वृंदावन को बनाया। यहां उन्होंने यमुना किनारे वंशीवट पर अपनी कुटिया बनाई, जिसे मलूक पीठ के नाम से जाना जाता है। संत का गोलोक गमन (मृत्यु) वृंदावन में हुआ, जहां उनकी समाधि बनी हुई है। संत मलूक दास का अजगर करे न चाकरी, पंछी करे न काम, दास मलूका कह गए, सबके दाता राम दोहा सबसे मशहूर हुआ। इसका अर्थ है कि अजगर किसी की नौकरी नहीं करता, पक्षी काम नहीं करता, लेकिन भगवान पर विश्वास हो तो राम जी सबका भला करते हैं। तस्वीरें देखिए- संत मलूक दास की जयंती पर कार्यक्रम से जुड़े अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
Khabar Hatke Rajasthan Temple Tractor Climb; UP Farmer ₹14 Cr Notice; China Septic Tanker Baraat

राजस्थान में मंदिर तक पहुंचने वाली 800 सीढ़ियों पर उल्टा ट्रैक्टर चढ़ाया गया। वहीं, यूपी के एक गरीब किसान को ₹14 करोड़ का टैक्स नोटिस भेज दिया गया। उधर, चीन में सेप्टिक टैंकरों में दूल्हे की बारात निकाली गई। . आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
UPPSC ROARO 2023 Final Result Declared

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने समीक्षा अधिकारी (RO) और सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) परीक्षा-2023 का अंतिम चयन परिणाम रविवार देर रात को जारी कर दिया है। आयोग द्वारा कुल 419 रिक्तियों के सापेक्ष 419 अभ्यर्थियों को सशर्त रूप से सफल घोषित किया गया . इसमें अनिल पांडेय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जबकि आदित्य प्रताप सिंह दूसरे और लक्ष्मी वर्मा तीसरे स्थान पर रही हैं। जबकि अमेठी के शिवांशु शर्मा ने 6वीं और शिवम शुक्ला ने 10वीं रैंक हासिल की। सफल 419 अभ्यर्थियों में से 338 समीक्षा अधिकारी के पदों पर और 81 सहायक समीक्षा अधिकारी के पदों पर चयनित हुए हैं। जिसमें कुल 5,930 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इसके बाद सहायक समीक्षा अधिकारी पद के लिए हिंदी टंकण (टाइपिंग) परीक्षा 16 से 19 फरवरी 2026 के बीच संपन्न हुई थी। यह तस्वीर 8 महीने पहले हुई समीक्षा अधिकारी–सहायक समीक्षा अधिकारी (RO-ARO) की प्रारंभिक परीक्षा के दौरान की है। मूल प्रमाण पत्रों का होगा वेरिफिकेशन आयोग के सचिव अशोक कुमार ने बताया है कि यह परिणाम पूरी तरह से औपबन्धिक (Conditional/Provisional) है। सभी सफल अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बाद ही उनकी अंतिम संस्तुति भेजी जाएगी। प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए अलग से सूचना जारी की जाएगी। परीक्षा में कुल आवेदन 10,76,004 कुल प्राप्त हुए थे। जिसके प्रारंभिक परीक्षा 4,54,589 परीक्षा में अभ्यर्थी उपस्थित थे। यह परीक्षा 11 फरवरी 2024 को पहली बार आयोजित हुई थी। जिसके प्रारंभिक परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो गया था। बाद में 27 जुलाई 2025 को प्री का एग्जाम कराया गया। वहीं मुख्य परीक्षा 02 और 03 फरवरी, 2026 को आयोजित की गई थी। पहले यह 31 जनवरी और 1 फरवरी को प्रस्तावित थी, लेकिन अन्य परीक्षाओं के टकराव के कारण तिथि बदली गई। जिसमें 7,509 प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले अभ्यार्थियों ने पेपर दिया था। नौ अक्टूबर 2023 को शुरू हुई इस परीक्षा का अंतिम रिजल्ट ढाई साल बाद आया है। पहले पदों की संख्या 411 थी जो बाद में बढ़कर 419 हो गया। कहां देखें रिजल्ट अभ्यर्थी अपना परिणाम आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://uppsc.up.nic.in पर देख सकते हैं। अभ्यर्थियों के प्राप्तांक और श्रेणीवार कट-ऑफ अंक भी जल्द ही वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे। अमेठी के शिवांशु शर्मा और शिवम शुक्ला ने टॉप टेन में बनाई जगह अमेठी के शिवांशु शर्मा ने RO/ARO परीक्षा 2023 में 6वीं रैंक हासिल की। RO/ARO परीक्षा 2023 के रिजल्ट में अमेठी के 2 युवकों ने टॉप टेन में जगह बनाई। भेटुआ ब्लॉक की ग्राम पंचायत शिवगढ़ जलालपुर के संड़िला गांव निवासी शिवांशु शर्मा ने 6वीं रैंक प्राप्त की है। उनके पिता राम सजीवन शर्मा आवास विकास के रिटायर्ड ड्राइंग इंजीनियर हैं, जबकि माता सावित्री शर्मा गृहणी हैं। शिवांशु ने वर्ष 2020 से परीक्षा की तैयारी शुरू की थी। उन्होंने लखनऊ स्थित अपने घर पर रहकर ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई की। इससे पहले, उनका चयन भारतीय स्टेट बैंक में क्लर्क और रेलवे में स्टेशन मास्टर के पद पर भी हो चुका है। उनका लक्ष्य आगे चलकर आईपीएस अधिकारी बनना है। अमेठी के शिवम शुक्ला ने 10वीं रैंक हासिल की। ग्राम पंचायत टिकरी के श्री का पुरवा गांव निवासी शिवम शुक्ला ने 10वीं रैंक हासिल की है। उनके पिता विनोद शुक्ला रणछोर इंटर कॉलेज के प्रबंधक हैं और माता वृजलेश शुक्ला गृहणी हैं। शिवम ने इलाहाबाद में रहकर कोचिंग के माध्यम से तैयारी की और यह सफलता प्राप्त की। उनकी इस उपलब्धि से गांव में उत्सव जैसा माहौल है। विकास शुक्ला, धीरेंद्र शुक्ला, प्रमोद शुक्ला और अंकित तिवारी सहित कई लोगों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ——————– ये खबर भी पढ़ें… पंक्चर बनाने वाले की बेटी बनी नायब तहसीलदार:यूपी PCS पास किया तो मंदिर में फूट-फूटकर रोया, ननद डिप्टी एसपी, भाभी CTO बनीं यूपी पीसीएस 2024 में दिल्ली की नेहा पंचाल ने टॉप किया है। रायबरेली की अनन्या त्रिवेदी दूसरे और अभय प्रताप सिंह तीसरे नंबर पर हैं। टॉप 10 में 6 लड़कियां हैं। बुलंदशहर की गायत्री वर्मा नायब तहसीलदार बनी हैं। इस कैटेगरी में उनकी 210वीं रैंक आई है। गायत्री के पिता राजकुमार पंक्चर की दुकान चलाते हैं। उसी में उनकी चाय की दुकान भी है। पढ़िए पूरी खबर
Benefits of aloevers I त्वचा, बाल और पाचन के लिए प्राकृतिक उपाय

Last Updated:March 30, 2026, 14:26 IST आजकल लोग प्राकृतिक उपचार की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं और ऐसे में एलोवेरा एक बेहतरीन घरेलू उपाय बनकर उभरा है. यह त्वचा, बाल और पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद होने के साथ इम्युनिटी बढ़ाने में भी मदद करता है. हालांकि इसके उपयोग में सही मात्रा और सावधानी रखना जरूरी है, तभी इसके पूरे लाभ मिल सकते हैं. आज के समय में लोग अपनी सेहत को लेकर काफी जागरूक हो गए हैं. कई लोग दवाइयों की जगह प्राकृतिक और घरेलू उपायों को अपनाना पसंद करते हैं. ऐसे में एलोवेरा एक ऐसा पौधा है, जिसे “प्राकृतिक इलाज का खजाना” कहा जाता है. यह पौधा न सिर्फ आसानी से घर में उगाया जा सकता है, बल्कि इसके उपयोग से कई बीमारियों में राहत भी मिलती है. एलोवेरा का सबसे ज्यादा उपयोग त्वचा की देखभाल के लिए किया जाता है. इसके जेल को सीधे चेहरे पर लगाने से त्वचा मुलायम और चमकदार बनती है. यह पिंपल्स को कम करने में भी मदद करता है. जिन लोगों की त्वचा सूखी रहती है, उनके लिए एलोवेरा एक प्राकृतिक मॉइस्चराइजर का काम करता है. अगर किसी को सनबर्न या जलन की समस्या हो जाए, तो एलोवेरा जेल लगाने से तुरंत ठंडक मिलती है और त्वचा जल्दी ठीक होती है. एलोवेरा बालों के लिए भी बहुत फायदेमंद है, इसे बालों में लगाने से बाल मजबूत होते हैं और टूटना कम होता है. यह डैंड्रफ को खत्म करने में भी मदद करता है. एलोवेरा जेल को नारियल तेल के साथ मिलाकर बालों में लगाने से बाल घने और चमकदार बनते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google एलोवेरा का जूस पीने से पाचन तंत्र बेहतर होता है. यह कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं में राहत देता है. रोजाना सुबह खाली पेट थोड़ी मात्रा में एलोवेरा जूस पीने से पेट साफ रहता है और शरीर हल्का महसूस होता है. हालांकि, एलोवेरा जूस का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, क्योंकि ज्यादा सेवन करने से नुकसान भी हो सकता है. एलोवेरा में कई तरह के विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को बढ़ाते हैं. इसका नियमित सेवन करने से शरीर बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनता है. अगर कहीं कट, छिलन या जलन हो जाए, तो एलोवेरा जेल लगाने से घाव जल्दी भरता है. इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो संक्रमण को रोकते हैं और दर्द को कम करते हैं. वैद्य जमुना प्रसाद यादव बताते हैं कि एलोवेरा का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है. इसके ताजे पत्ते से जेल निकालकर सीधे त्वचा या बालों में लगाया जा सकता है. इसके अलावा बाजार में एलोवेरा जूस और जेल भी उपलब्ध होते हैं. अगर आप घर में एलोवेरा उगाना चाहते हैं, तो यह बहुत आसान है. इसे गमले में लगाकर धूप वाली जगह पर रखें और ज्यादा पानी न दें. यह कम देखभाल में भी अच्छी तरह बढ़ता है. वैद्य जमुना प्रसाद यादव बताते हैं कि एलोवेरा जितना फायदेमंद है, उतनी ही सावधानी भी जरूरी है. इसका सेवन अधिक मात्रा में करने से पेट खराब हो सकता है. गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. First Published : March 30, 2026, 14:26 IST








